मेहंदी बीएफ

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सेक्सी बीएफ नंगी सेक्सी: मेहंदी बीएफ, अगले दिन नज़र बचा कर मैं घर से निकल गया कि कहीं कल वाली बात न पूछ ले.

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मैंने अब‌ अपनी‌ गर्दन हिलाकर उनको इस बात का अहसास करवाया, जिससे सुलेखा भाभी ने एक बार तो मेरे सिर को‌ तो छोड़ दिया मगर अगले ही पल उन्होंने मेरे सिर के बालों‌ को‌ पकड़कर मुझे फिर से अपने ऊपर खींच लिया. आदिवासी रंडी की चुदाईये जानते ही मैंने उनको अपनी तरफ घुमा लिया और उनके पैर को ऊपर करके अपनी कमर पर रख लिया.

थोड़ी देर बाद मुझे लगा कि पूजा के सारे बदन में कम्पकपी सी होने लगी है. बफ हिंदी में चुदाईमुझे वो बहुत पसंद थीं, पर वो किसी से बात नहीं करती थीं और मैं भी शर्मीला था.

मैंने उनके पास जाकर जाना तो मालूम हुआ कि उनकी कोई पैसे की दिक्कत थी.मेहंदी बीएफ: इस पर मयूरी भाभी ने कहा कि रहने दो यार, मुझे थोड़ी शर्म भी आ रही है, फिर कभी ऐसा कुछ तूफानी करेंगे.

आज पुनः मैं आपके सामने एक नई सच्ची कहानी लेकर हाजिर हुआ हूँ, जोकि हाल ही में मेरे साथ घटित हुई.आज तुम्हारी चूत इतनी चुदेगी कि कल सुबह तुम ठीक से चल नहीं पाओगी और तब तुम्हें देखकर सारे के सारे लोग समझ जाएंगे कि तुम्हारी चूत में कोई लम्बा और मोटा लंड खूब पेला गया है.

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उनकी चूत भी फूल गई थी और उसका आकार मुझको उसकी पेंटी के ऊपर से नज़र आ रहा था.हालांकि वो चुदी हुई थी इसलिए वह दर्द को बर्दाश्त भी कर रही थी, उसे ज्यादा दर्द हो भी नहीं रहा था.

जैसे जैसे वो मेरी योनि से खेल रही थी, वैसे वैसे मेरी वासना की ज्वाला तेज़ होती जा रही थी. मेहंदी बीएफ तब सतीश बोला- सॉरी यार अभी तो कुछ नहीं हो सकता … हम दोनों की नौकरी चली जाएगी … प्लीज अभी मत दबाव बनाओ … हम तेरी इस कमी को पूरी करा देंगे.

लेकिन पता नहीं क्या हुआ कि बीस तारीख को मेरे बॉस ने मुझे उनके ऑफिस में बुलाया और कहा कि मैं बंगलोर नहीं जा सकता क्योंकि मेरी कुछ निजी दिक्कतें हैं, तो तेरे को मेम के साथ जाना होगा.

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मैं- धर्मेन्द्र जी! क्या मैं आपके लंड को छू सकती हूँ?उसने हाँ में सिर हिलाया. ’ कहकर पूजा मुझसे लिपट पड़ी और अपनी चूत से लंड को भींच लिया और फिर से मेरे लंड पर धीरे धीरे अपनी चूत को ऊपर नीचे करने लगी. फिर प्रशान्त भी घबरा गया था और लंड को बाहर निकाल लिया था और फिर हमें तब से कोई मौका नहीं मिल रहा था।इसके बाद मैंने उसे घोड़ी बना दिया.

एक दिन दिन नीता की कमर में बहुत दर्द था तो मैंने उसे उसके घर तक छोड़ा तो उसकी माँ से भी मिला. ये सब मेरे लिए भाभी ने भी देर रात तक पढ़ाई की बात कह कर आसान बना दिया. सच बता …क्या तेरा मन हो रहा है सेक्स का?सविता बोली- हां यार, हो तो रहा है! मन तो करता है! मेरा एक ब्वॉयफ्रेंड भी है पर वह बुद्धू है, मैंने कई बार इशारा भी किया लेकिन उसकी डर के मारे फटती है.

सामान्यतया मैं ऐसे ही किसी की तारीफ नहीं करता; पर फोटो देख कर मेरी उंगलियाँ अपने आप ही उनकी तारीफ़ में शब्द ढूँढने लगी और जो समझ में आया, टाइप करने लगी. उसके घर में वो और उसकी बड़ी बहन, जो उससे 5 साल बड़ी है और एक भाई भी रहता है, जो उससे 4 साल छोटा है दरअसल, मैं उससे नहीं, उसकी बड़ी बहन को प्यार करता था क्योंकि हम पड़ोसी थे जिसके कारण हमारा (मेरा और उसकी बड़ी बहन) का बचपन साथ में ही बीता. रेवती भागते हुए अपनी मां को हां बोलकर अपनी गाड़ी की तरफ ऐसे भागी, जैसे ये पल निकल गया तो शायद हमें दुबारा साथ अकेले जाने का अवसर नहीं मिलेगा.

जितनी आग मेरी जवानी में मेरी फुद्दी में थी, उतनी ही आग मेरे आशिक मन्नू में थी. लेकिन मैं डर गया था, मेरी तो गांड फट गयी थी कि अब क्या होगा, अब सबको ये बात पता चल जाएगी.

और फिर बहन ने अपना सीना आगे कर दिया जिससे दोनों उसकी चूचियों से खेल सकें.

भाई कभी घर में एक मिनट के लिए भी नहीं आता है, तो अभी घर में मैं और मम्मी ही रहते हैं.

नीरू तुरंत बोली- जीजी … है ना मेरी सहेली पायल … वह मुझसे स्कूल जाते वक्त सेक्सी बातें करती रहती है. अपना कैरियर बनाने के लिए वो ऑस्ट्रेलिया चला गया, पर जो आग मेरी जवानी में मन्नू लगा गया था, वो मुझे परेशान करने लगी. मैं भी ये बात समझ गयी थी और मेरी चचेरी दीदी के भी पति जो कि मेरे जीजू थे.

मैं अन्दर नहीं आऊंगा और वैसे भी अगर आ गया तो मुझे अंधेरे में कुछ दिखेगा ही नहीं. मैंने उसकी चूचियां मसलते हुए कहा- ऐसा क्या हो गया जानेमन?उसने कुछ नहीं कहा. रोज की तरह मैं ऑफिस से घर पहुंचा, रास्ते से दो बियर लीं, खाना पैक करवाया और घर पहुंच गया.

मेरी सासू माँ के गीले गीले मुँह से मेरा लंड और भी गरम हो रहा था और बढ़ता ही जा रहा था.

दीमा संग हम दोनों के मुंह से एक सिसकारी सी निकली और नताशा ने अपना मुंह चौड़ा खोलते हुए दोनों टोपों को मुंह के अन्दर लेकर अपनी गुलाबी जीभ से चाटने लगी. फिर धीरे धीरे पूरे पेट पर टॉप उठा कर और फिर मेरी जांघों पर रख कर खाना खाया. जब तक पायल अपने मुंह से नहीं बोलेगी कि मेरी चूत में लंड ठोक दो, तब तक मैं आपका लंड इसकी चूत में जाने नहीं दूंगी, इसने आपको तड़पाया है अब इसको भी तो तड़प होनी चाहिए आपके लंड लेने से पहले!नीरू ने मुझे इशारा किया कि इसको प्यार तो करो!तो मैंने उसके चेहरे को हाथ में लेकर होठों पर चुम्बन किया और उसके गालों पर किस करना शुरू कर दिया.

नजरों से ही मेरे बदन को खा जाओगे क्या?रेवती के मुँह से बेबाकी से ऐसे शब्द सुनकर मैं झेंप गया और कार की खिड़की से बाहर देखने लगा. मैं एक दिन उनके घर गया और उनसे कुछ बातें हुईं, फ़िर मैं अपना काम करने लगा. हिमांशु बहुत खुला लड़का था, उसने सीधे मुझे लिटा कर मेरी टांग फैला दीं और अपने जीभ मेरी चूत के फांकों के बीच रख कर चाटने लगा और नाक से सूंघने लगा.

उसकी बड़ी सी गांड को दबाने में बहुत मज़ा आ रहा था।अब मैंने धीरे-धीरे उसके पजामे को थोड़ा नीचे कर दिया और उसकी छोटी सी चड्डी में से उसकी गांड बाहर झाँक रही थी। उसकी चड्डी की इलास्टिक में मैंने हाथ डाल दिया और उसकी चिकनी गांड को सहलाने लगा।मासूम सी लड़की आज मेरे हाथ में थी.

इस सेक्स स्टोरी में अब तक आपने जाना कि मैं पूजा को तीसरी बार कुतिया बना कर चोदने में लगा हुआ था. मेरी सारी सहेलियों के भी कई ब्वॉयफ्रेंड थे, इसलिए मैंने भी दो ब्वॉयफ्रेंड बना लिए.

मेहंदी बीएफ लन्ड अपनी कठोरता को प्राप्त करते हुए चूत के भीतर की दीवारों पर अपना कसाव बढ़ाते जा रहा था और मीता की चूत ढेर सारा काम रस बहता हुआ मेरी लन्ड के कसाव को सुगम बनाता जा रहा था और तभी मीता अचानक अत्यंत मादक सिसकारी भर उठी क्योंकि मेरा लन्ड एकदम से कठोर होकर एकदम भीतर जाकर मीता की बच्चेदानी को चूमने लगा था. जब वो थोड़ी नार्मल हुई तो मैंने उससे कहा- सब यहीं करना है या बिस्तर पर चलें?वो मुस्कराई और बोली- अब क्या करना है … मेरा तो हो गया.

मेहंदी बीएफ कुछ देर तो नेहा की चूची नमकीन स्वाद देती रही, मगर जब उसका सारा पसीना साफ हो गया तो धीरे धीरे‌ उसकी चूची की चिकनाहट अब मेरे मुँह में घुलना शुरू हो गयी. खप खप … खच खच … पक पक … चट चट … खपाक खप्प … खपाक खप्प … फक्क फक्क …” की मधुरिम आवाज के साथ अंकल के मुँह से लकड़ी काटते लकड़हारे जैसी आवाजें आने लगी थीं.

कुछ देर उसकी चूची को मसलने के बाद मैं अपना हाथ उसके पेट पर ले आया और प्यार से उसके मखमली पेट को सहलाते हुए धीरे से अपना हाथ उसके लोवर में घुसा दिया.

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मुझे मेरे बॉस ने बोला कि देख जय तेरे को परसों जाना है … तू कल हाफ डे लेकर पैकिंग कर ले और प्रेजेंटेशन अच्छे से देना. फिर मैं अपने हाथ को भाभी की पीठ पर दोबारा से ले गया और फिर से उनके होंठ चूसते हुए पीछे से उनकी ब्रा भी खोल दी, जो ढीली होकर भाभी के बाजुओं में झूल गई. तभी राज अंकल बोले- अभी से शादी का मत सोचो, अभी तो सोनू के खाने खेलने के, मजे करने के दिन हैं.

मुनीर लगातार लिंग चूसती रही और कुछ मिनट में माइक का लिंग तन कर फनफनाने लगा. हम दोनों लोग सेक्स करते करते अब चरम पर आ गए थे और हम दोनों का पानी निकलने को होने लगा था. मैंने नीचे को होकर अपने होंठ उनकी बुर पर रखा … तो दोस्तों की सारी बातें याद आने लगीं.

चाची मेरे लंड को अपनी हाथों से चूत पर दबाने लगीं और मैं जोर जोर से चूत की फांक में अपना लंड रगड़ने लगा.

फिर तुम अपनी चूत की खुजली कैसे बुझाती हो?पूजा बोली- हां, मेरा पति एक गांडू इंसान हैं और उसे गांड मरवाने का व मारने का बहुत शौक है. अरे … मम्मी ठीक‌ क्यों नहीं होगा? कल से ही मैं और नेहा दीदी इसे दवाई दे रहे हैं. दूसरे दिन क्लास में उसने मेरे को उसका घर का पता बता दिया और बोली- ठीक 6 बजे आ जाना.

मुझे श्यामा ने बताया कि अब हर शुक्रवार को ऐसे ही कार्यक्रम चलेगा और रविवार का तो तुमको पता ही है. मेरा लण्ड ज़ोर-ज़ोर से हिचकोले ले रहा था और बाहर आने के लिए बेकरार था. उसकी पकड़ मुझ पर ढीली होते ही मैंने उसे धक्का देकर खुद से अलग होने का निर्देश दिया.

हमारी सांसें स्थिर हो चली थी … प्यार के गुजरे मादक और अविस्मरणीय पलों की महक और उन पलों को कहीं अंदर ही रेकार्ड कर लेने की कोशिश करते हुए हम दोनों की एक दूसरे के शरीर को पुनः अहसासों से भरता हुआ महसूस करने लगे. मगर साथ ही अपने मुँह को भी हल्का सा खोल दिया, जिससे मेरे लंड का सुपारा उसके मुँह में थोड़ा सा घुस गया.

जब वो थोड़ी नार्मल हुई तो मैंने उससे कहा- सब यहीं करना है या बिस्तर पर चलें?वो मुस्कराई और बोली- अब क्या करना है … मेरा तो हो गया. जैसे ही मेरी जीभ पूजा की चूत के छेद को छुई तो पूजा मानो पगला गयी और जोर जोर से मेरे मुँह पर अपनी चूत रगड़ने लगी. तो वो बोलने लगी- तुम तो आज ऐसे चोद रहे थे, जैसे तुम मुझे पहली बार चोद रहे हो.

कोई देर नहीं लगनी चाहिए वरना तुम सबको पता है ना कि क्या होगा तुम सब के साथ?एक पल रुक कर उसने सभी की तरफ घूर और फिर से बोलने लगी- सब लड़कियां एक एक करके आगे आओ और अपने दोनों मम्मों को खोल कर दिखाओ.

मैं तुरंत उसके संग चल पड़ी मगर वो मुझे प्रिन्सिपल के कमरे के बजाए उस क्लास में ले गई, जहां पर कोई क्लास तो नहीं थी, मगर कुछ और लड़कियों को भी इकठ्ठा किया हुआ था, वो सब मेरी तरह ही आज ही पहली बार कॉलेज में आई थीं. उसने अपनी शर्ट के आगे से तीन बटन खोल रखे थे एवं ब्रा भी नहीं पहनी थी. फिर मैं रूक गया और स्तन चूसने लगा।उसने इससे पहले प्रशान्त के साथ सेक्स जरूर किया था लेकिन उसकी सील नहीं टूटी थी जो आज मैंने तोड़ दी थी। फिर कुछ देर बाद जब वो सामान्य हुई तो मैंने धीरे-धीरे धक्के लगाने शुरू किये और नीचे से वो भी मेरा साथ देने लगी। उसका दर्द अब कम हो गया था और उसे मजा आने लगा था.

इसलिए उनकी चुत गहरे काले घने और घुंघराले बालों से भरी हुई थी जो उनकी योनि को छुपाने की नाकामयाब कोशिश कर रहे थे. उस वीडियो में एक मर्द, एक औरत और एक आधा मर्द और औरत संभोग कर रहे थे.

वे मर्द सोच रहे थे कि तेरी चोली के पीछे क्या है, उन पायल के ऊपर तेरी जाँघों के बीच में क्या है. जब मैं गांड मटका कर चलती हूं, तो मुझे देख कर मर्दों के मुख से आहें निकल जाती हैं. उसे इस तरह लंड चूसते देख मैंने कहा- यार एकदमपोर्नस्टारकी तरह चूस रही हो.

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और मैं चाची को किस करके जाने लगा तो उन्होंने कहा- ओये मादरचोद … रुक भोसडी के … चूत चाट के मर्द बन रहा है? अभी तो मैं दर्द में थी.

बेहद ही तीखी और मादक महक थी उनकी चूत की! वैसे तो हर किसी की चुत से ही महक आती है, लेकिन यह खुशबू अलग ही थी … एकदम पकी पकी सी. ये लोग इतना क्यों हंस रहे हैं?तो उसने भी हंस कर कहा- आज आपके बायोलॉजी का टर्न है ना!मैंने कहा- तो इसमें हंसने की क्या बात है. अब जैसे ही सुलेखा भाभी ने अपनी चूचियों‌ को ब्रा की कैद से आजाद किया, उनकी बड़ी बड़ी और सुडौल भरी‌ हुई चूचियां ऐसे फड़फड़ा कर बाहर आ गईं … जैसे कि वर्षों की कैद के बाद कोई पंछी आजाद हुआ हो.

और यह क्या … लन्ड मीता की पेंटी को किनारे से चीरता हुआ चूत के छल्ले में जा फंसा. मैं- रोने की जरूरत नहीं है सच सच बता दो नहीं तो सोच लो फिर क्या होगा।शीतल- हम लोग किस कर रहे थे, प्लीज हमें माफ़ कर दो।मैं- किस नहीं, तुम लोग चुदाई कर रहे थे।प्रशान्त- नहीं भैया, हमने ऐसा कुछ भी नहीं किया, प्लीज हमें छोड़ दो।किस करना तो अच्छी बात है. एचडी सेक्सी बीएफ दिखाइएमुनीर ने मेरी टांगों को ऊपर उठाया और अपने कंधे पे टिका कर दोनों हाथों से मेरी योनि को फैला कर दोनों तरफ की पंखुड़ियों को खोल दिया.

और खुद पर गर्व महसूस कर रहा था कि आज एकदम मस्त जवान भाभी को चोदने का मौका मिल रहा है. सोनाली को अब दर्द हो रहा था, वो मेरे पीठ पे नाखून गड़ा रही थी, नोंच रही थी.

वो जोर जोर से गालियां बकने लगी- मादरचोद … मेरे हाथ खोल दे … आहहहह आहहह … क्या कर रहा है … प्रकाश … आहहह!मैंने उसके हाथ खोल दिए. और यही बिस्तर आज इस घर में माँ-बेटों की चुदाई का भी प्रत्यक्ष गवाह बनने वाला था. अब नीरू ने मुझको उसके पीछे आने का इशारा किया और नीरू खुद भी उसके पीछे की तरफ पहुंच गई.

शायद उनके पति ने कभी उनकी चूत नहीं चूसी थी, इसलिए वो ऐसा बोल रही थीं. करीब 20 मिनट तक हिमिका की गांड मारने के बाद मैं उसकी गांड में ही झड़ गया और हम लोग आराम करने लगे. मयूरी भाभी की गांड में मेरा लंड कुछ मुश्किल से गया था, पर फिर मेरा सपना पूरा हो रहा था.

वो कुछ कहती, इससे पहले मैंने उससे कहा- माफ कर दीजिये सोनल जी, गलती से मुँह से निकल गया.

चूँकि मैंने अन्दर पैंटी नहीं पहनी थी, तो वे मेरी टांगें चौड़ी करके मेरी जांघों को चाटने लगे. पूजा कभी कभी मेरे सुपारे को अपने आंखों से लगाती या फिर उसे अपने मुँह से निकालकर अपने गालों पर रगड़ती.

मुझे थोड़ी घबराहट लग रही थी, पर इस समय मेरा बहुत ज्यादा मन था, इसलिए निडर होकर उनके साथ आ गई थी. अगर मैंने भाभी से ये पूछ लिया कि वो क्या खाती है, तो क्या बुरा किया जो इतना डांट रही हो मुझे?मॉम और भाभी शांत रह गईं, उन्होंने समझ लिया था कि मेरी बहन अभी कुछ नहीं जानती है. फिर से मैंने उसी पोजीशन में 5 मिनट तक फिर से सेक्स किया और फिर से एक बार मेरा लौड़ा झड़ गया.

उसकी आह तो निकलना ही थी, क्योंकि अभी तक मैंने जितनी भी लड़कियों या भाभियों को चोदा है, उन सबको मेरा लंड बहुत रास आया. तभी मेरे दिल में प्रिया का ख्याल आ गया, रंग के मामले में तो दोनों बहनें समान ही थीं मगर नेहा की चूचियां प्रिया से काफी बड़ी, भरी हुई और मस्त थीं‌. माइक तुरंत संभोग की स्थिति में आ गया और तारा ने फट से माइक का लिंग मेरी योनि से भिड़ा दिया.

मेहंदी बीएफ अमीश की माँ परिणीता बहुत ही सेक्सी थीं, जिनकी उम्र कुछ 37 साल की होगी. जब सुसु ख़त्म हुई तो आँखें खोली तो सामने एक कुंवारी कमसिन कली जो वहीं सुसु कर रही थी, मुझे देख जल्दी से उठी और अपने कपड़े ठीक करने लगी। उसकी पैंटी घुटनों तक उतरी हुई थी.

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मैंने देखा बारिश की हल्की हल्की बूँदें उनके चेहरे पे पड़ रही थीं और उनके बालों पे ओस की बूँद जैसी लग रही थीं. गोरा चिट्टा बदन 18 साल की उम्र बूब्स आधे भरे हुए गोल गोल … मैं बयां नहीं कर सकता कि देखकर कितना मजा आ रहा था. मैं भी कहां रुकने वाला था, मैं भी बात करते करते भाभी कि चूचियों को अपनी कोहनी से दबा दिया करता था.

मैंने धीरे से उसके अंडरवियर के कट के अंदर से हाथ डालना शुरू कर दिया और उसके लंड को टटोलना शुरू कर दिया. अगर कोई भी जवान या बूढ़ा लंड मुझे देखेगा तो मुझे देखकर ही झड़ जाएगा. डब्ल्यू डब्ल्यू सनी लियोनथोड़ी देर मैं एकदम शांत पड़ा रहा, जब आंटी की तरफ से कोई हलचल नहीं हुई तो थोड़ी देर बाद मैंने फिर से अपना काम शुरू कर दिया.

मुझे इतना तो पता लग गया था कि हिना भाभी अपने पति से ख़ुश नहीं हैं, पर ख़ुश होने का नाटक करती हैं.

हम लोग मिल के भी नहीं मिल सके इसका अफ़सोस तो हमेशा रहेगा मुझे!” मैंने अत्यंत भावुक होकर कहा. मैं अपने जीवन में पहली बार किसी लड़की के दूध दबा रहा था सो मुझे होश ही नहीं रहा कि इसमें दर्द भी हो सकता है, मैं बहुत तेज दबाने लगा तो मौसी दर्द से कराहने लगीं.

मुझे इतना तो पता लग गया था कि हिना भाभी अपने पति से ख़ुश नहीं हैं, पर ख़ुश होने का नाटक करती हैं. तभी वो चीख उठीं- आहह … शशि बेटा धीरे डाल!आंटी की चीख सुनकर मैं और भी पागल हो गया. उसे बहुत मजा आ रहा था, वो अपनी छाती ऊपर को उभार कर अपनी चूची चुसवा रही थी.

उससे बोल चाल बंद होने का नतीजा कुछ इस तरह से सामने आया कि पूरे घर में इसका असर दिखने लगा.

थोड़ी देर बाद मैंने उसकी चुत पे लंड लगाया और धीरे धीरे अन्दर डालने लगा. मैंने कहा- चाय चढ़ा दो, नहाने जा रही हूं,मैं नहाते वक्त अपनी फुद्दी पर हाथ फेर बोली- मेरी लाडो … आज तेरी प्यास बुझने वाली है. उन्होंने बोला- बेटा तेरा बहुत अहसान है हम पे … और कोई नहीं है जो इतना कर सके.

हिंदी ब्लू फिल्म नंगी चुदाईलेकिन आखिर इस खेल का भी अंत होना था, और हुआ भी!हम्म्म आआआ आआह …!” एक गहरी और जोर से मादक सीत्कार हम दोनों के होंठों से निकली और एक साथ हम दोनों झड़ने लगे. आप सोच रहे होंगे कि ये ढाई बार कैसे होता है?मैं बताता हूँ … 2 बार तो मेरा पानी निकला पर तीसरी बार जल्दी निकल ही नहीं रहा था और पूर्वी काफ़ी थक चुकी थी.

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अशोक- मयूरी… लो खा लो केक… अब तुम्हें सबके लंड और अपनी माँ की चूत पर लगे केक को खाकर ख़त्म करना है बेटा…मयूरी- जी पापा… जरूर…मयूरी ने सबसे पहले अपने प्यारे पापा के लंड पर लगा केक खाना शुरू किया. मैं कभी मोटा लंड चूत में घुसता है, कभी लंबा, कभी छोटा कभी लंबा और मोटा टेड़ा सा लंड चूत में मजा देता है. अब मैंने उसे सीधा लिटाकर उसके नीचे तकिया लगा दिया और अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ने लगा.

वो बोली- हां तेरी बात तो सही है, पर यार … सच में रोज नया लंड लेने बड़ा मजा आता है. मैं कई बार कुछ ना कुछ काम की वजह से उसके केबिन में चला जाता और वो हमेशा चेयर पर झुक कर बैठकर मुझे काम बताती थी. मैं सोच रहा था कि क्यों न रेखा की ही चूत मार लूँ लेकिन उस वक्त वह अपने पति के साथ थी.

अगली कहानी में बताऊंगी कि कैसे टूर्नामेंट खेलने गई और वहां कैसे मैंने बेशर्मों की तरह और लंड खाए. अंत में जब मेरी टांगों पे ज्यादा अकड़न होने लगी तो मैंने खुद ही कह दिया- इतने में ही कर लो. उम्मीद करती हूँ कि यह कहानी पढ़कर लौड़ों और चूतों से पानी निकल जाएगा.

कुछ देर में उसने दीमा के लंड को भी अपने मुंह की ओर लाना शुरू कर दिया और फिर चाटना!दीमा इतना उत्तेजित हो गया था कि उसका लंड रह-रह कर झटके मार रहा था. वो बोली- अपने आप पर तुमको इतना कॉन्फिडेंस है? तो चल मेरे साथ चलेगा?मैंने पूछा- कहाँ?वो बोली- यहीं कहीं घूमेंगे या पास में कोई होटल देख लेंगे.

साथ ही मैं पाठकों से यह भी जानना चाहता हूँ कि आपको मेरी यह पहली कहानी कैसी लगी.

सब अपनी अपनी बुक निकालो और बताओ कि आज कौन सा चैप्टर पढ़ना है?मनीषा मेरे पास तीसरा चैप्टर ले कर आ गई और बोली- पंकज, आज आपको ये पढ़ाना है. ससुर ने.बहु.की.चुत.मारी.चुदाईतो उसने भी उत्सुकतापूर्वक पूछा- क्यों नहीं बनाना है?तो मैंने कहा- आज मैंने डिनर बाहर से ऑर्डर कर दिया है, चल जब तक खाना नहीं आता, कुछ पढ़ लेते हैं. जानवर के बीएफ वीडियोअशोक अपनी बात जारी रखता है- तो अब जो मैं बात बोलने जा रहा हूँ… उस से इस घर की किस्मत बदलने वाली है… और इसके बाद सब कुछ हमेशा के लिए बदल जायेगा… जिसे चाहकर भी कभी वापिस नहीं लाया जा सकेगा. हम खाना खाके सो गये।आधी रात को मेरी नीन्द खुली, मानसी पास में सो रही थी, उसके साइड में सुशीला!सुशीला नींद में थी, उसकी चूचियाँ सांस के साथ ऊपर नीचे हो रही थी.

कुछ देर बाद अँधेरे में ही भाभी की आवाज आई- मनीष ये क्या कर रहे हो?तब मनीष ने कहा- सॉरी भाभी, गलती से हाथ वहां पहुंच गया था.

रात को खाना खाते समय सुलेखा भाभी ने फिर से मेरी तबीयत के बारे में पूछ लिया. रजत- हाँ दीदी… आज हम दोनों भाई तुम्हें इतना चोदेंगे कि तुम्हें अपनी जवानी की प्यास बुझाने के लिए किसी और का चेहरा और लंड देखने की जरूरत नहीं पड़ेगी. उफ्फ् … समझा कर ना, नेहा और प्रिया यहीं पर हैं, अगर गलती से कोई बाहर आ गयी तोओ …” सुलेखा भाभी ने अपनी अनियंत्रित साँसों को इकठ्ठा करते हुए कहा.

फिर एक पल रुकने के बाद मैंने उसके पैर को अपने कंधे पर रखा और उसकी गांड में नीचे तकिया रख कर एक ही झटके में अपना पूरा का पूरा लंड अन्दर डाल दिया और ज़ोर ज़ोर से धक्के देने शुरू कर दिए. मैं साफ देख सकती थी कि तारा की योनि के किनारों पे सफेद गोल झाग गोलाकार बन गया था. फिर इतराते हुए बोलीं- किसी ने देख लिया तो?मैंने कहा- आंटी अंकल तो रात से पहले आते नहीं है.

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उधर मुनीर ने मेरी जांघें फैला कर योनि पे हाथ फेरा, तो मेरे बदन में करंट सा दौड़ गया. मैंने हाथों से उसके दोनों चुचे पकड़ लिए तो कविता घबरा कर खड़ी हो गई और बोली- पागल हो क्या … खुद पिला कर दिखाओ. फिर धीरे धीरे उसे सहलाने शुरू हुआ, तो मेरी पत्नी ने बिस्तर की चादर को कचोटना शुरू कर दिया.

उस टाइम उसने बोल दिया- जब मैं आई तो वो टीवी देखते हुए अपने पेशाब करने की जगह को उछाल रहा था और मैंने पूछा तो उसने मुझसे कहा कि मुझे खुजली हो रही है.

इतने में दूसरा जो था, उसने मेरी कमर को पकड़ कर बोला- यू आर फकिंग गर्ल.

कुछ देर बाद मैंने उनकी टांगें उठा आकर अपनी गर्दन में फंसा लीं और जोरों से उन्हें चोदने लगा. वह पूरा डर में बदल गया, मेरे साथ यह पहली बार ऐसी स्थिति बनी मुझे कुछ समझ नहीं आया. रोमांटिक बातें कैसे करनी चाहिएअब तो वो चीखने लगी थीं- आह्ह्ह अह्ह … मुझे दर्द हो रहा है नहीं नहीं अह्ह्ह … धीरे करोऊओ … नहीं अह्हह्ह आआअहह … शशि धीरे प्लीज़ मेरी जान!मगर मैं नहीं रुका.

मैं लेटा हुआ लंड चुसाई करवाता हुआ सोनाली और ख़ुशी का लेस्बियन सेक्स देख रहा था. मेरी उंगलियां उसकी छोटी सी मुनिया तक पहुंच गयी थी, जो कि कामरस से भीगी हुई थी. बाद में बहन बोली कि जब फिल्म देख रहे थे तो मुझे नीचे कुछ खुजली हो रही थी … जो अभी भी हो रही है.

तभी मैंने एक उंगली उनकी गांड में डाल दी, जिससे उन्हें थोड़ा दर्द हुआ, पर मैं उन्हें किस करता रहा और वो मज़े लेने लगीं. मैंने कहा- मैं क्यों?उसने कहा- क्योंकि मैं आपसे मोहब्बत करता हूँ ना.

मुझे ऐसा आभास हो रहा था, जैसे कोई रुई का लिंग मेरी योनि से मैथुन कर रहा हो.

ये बात भाभी भी देख लेती थीं कि मेरा लंड फूल रहा है, तब शायना भाभी देखकर मुस्कुरा देती थीं, पर कुछ बोलती नहीं थीं. बहुत ही कठोर स्तन थे।आज मेरे लिए घर का माल था और मैं धीरे-धीरे उसके संतरे दबाने लगा। सारे लोग सो गए थे, सिर्फ़ मैं ही जाग रहा था। अब मैंने उसकी टीशर्ट को उपर कर दिया. मैंने आपको पिछली कहानी में बताया था कि मेरी मौसी की बेटी की शादी थी, जिसमें मुझे पन्द्रह दिन के लिए शामिल होना था.

পিকচার চুদাই आजकल तुम मुझसे बात क्यों नहीं कर रही हो?मैं जीजू से कुछ नहीं बोल रही थी और बस उनके सामने बैठ गई थी. मेरी बात सुनकर पूजा ने मेरे लंड को अपने हाथों से पकड़ अपनी चूत के छेद से लगा दिया और बोली- लो मेरी चूत के राजा, अभी तुम जो भी बोलोगे मुझे सब मंजूर है, बस जल्दी से मेरी चूत में अपना लंड पेलकर मुझे रगड़ रगड़कर चोदो.

नीरू तुरंत बोली- जीजी … है ना मेरी सहेली पायल … वह मुझसे स्कूल जाते वक्त सेक्सी बातें करती रहती है. कुछ देर के बाद वो आया और बोला- मैं कुछ टेस्ट लिख देता हूँ, करा देना और रिपोर्ट कल लाकर मुझे दिखाना।मैं- ठीक है दीपक।दीपक- तुम जरा रुकना … कुछ बात करनी है तुमसे … आप दोनों बाहर जाओ।मैं कुछ समझ नहीं पाया और रुक गया। सुशीला और उसकी बेटी मानसी बाहर चले गई।मैं अंदर रहा …दीपक- तुम इन्हें जानते हो?मैं- ऐसे ही गाँव के पुजारी की बीवी और लड़की है. आज क्यों डर रहे हो?मैं सुनता रह गया, मैंने मन में सोचा कि साली लौंडिया खुद मजे ले रही थी.

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वो बोली- मेरे पास ब्रा की दुकान नहीं है … जो मैं बदल बदल कर पहन लूँगी … अब तुम्हें ही बाजार जाकर मेरे लिए ब्रा लानी होगी. अब तो वे खुले-खुले शब्द ही अट्रैक्टिव लगते हैं। मर्यादा तो टूट ही चुकी. जब भाभी का दर्द थोड़ा कम हुआ और उन्होंने भी नीचे से अपनी गांड उछालना शुरू किया, तब मैंने भी अपनी स्पीड बढ़ा दी.

वो किस मेरी जिंदगी का पहला किस था, वो भी उसके साथ, जिसे मैं अन्दर ही अन्दर प्यार करने लगा था. मुझे आपके जवाब का इंतजार रहेगा कि आपने मेरे उपाय को करके कैसा अनुभव प्राप्त किया.

ऐसा करने से किरण जी को बहुत मजा आने लगा और वो ‘सीइइ … उउउम्म अहहह …’ करने लगीं.

करीब 10-15 मिनट की चुदाई के बाद उसका पानी निकल गया और मेरा भी काम हो गया. दूसरे दिन मैं कॉलेज से आया तो वो मेरे घर पर मेरी माँ से बात कर रही थीं. रात भर मैं जग के बारे में सोचती रही कि कैसा लड़का है, कुछ मिलने की उम्मीद नहीं है, फिर भी मेरी कितनी फ़िक्र करता है, मेरा कितना ख्याल रखता है और उसका साथ मुझे भी तो कितना अच्छा लगता है.

बीवी ने दोनों हाथों से स्टीव के टनटनाते लंड को पकड़ा और सीधे अपने मुँह में ले लिया था. वो फिर से चुदाई के लिए तैयार थी, वो बोली- चलो अब असली खेल शुरू करो. फिर अब भला मैं कहाँ पीछे रहने वाला था, ‘इसस्स … आआह …’ सिसकारी भरते हुए मैंने भी मीता की नाभि में उंगली से चुदाई शुरू कर दी और दूसरी उंगली से चूत को अंदर बाहर करते हुए दोतरफा बाहरी चुदाई शुरू कर दी.

मैंने उसकी गांड मारने का बोला … क्योंकि उसकी गांड देख कर मेरा मन उसकी गांड का दीवाना हो गया था.

मेहंदी बीएफ: बस बेचैनी और इन्तजार इस बात का था कि कैसे भी जगह का जुगाड़ हो जाये तो मेरा लंड भी इस कामिनी की कुंवारी चूत का भोग लगा के तृप्त हो ले और मैं भी इसकी चूत के रस का पान करके धन्य हो जाऊं. गिलास भर कर वो उठी और मेरे पास आ कर बैठ गयी और बोली- तुम चिन्ता मत करो.

अब घबराया हुआ दीमा बड़े शांत और जेंटल तरीके से बहुत ही धीमे धक्के लगाता हुआ नताशा की मुंह चुदाई करने लगा था जबकि पीछे से मैं अपनी बिल्लो की फटी हुई गांड में बड़े करारे धक्के लगाता जा रहा था. फिर थोड़ी देर बाद उसने अपना लंड मेरी चूत पर लगाया और एक जोरदार से धक्के से अपना पूरा लंड मेरी चूत में घुसा दिया. रिया भाभी की सहेली एकता भाभी का कद ऊंचा था, करीब पांच फुट सात इंच जितना था.

अब दोनों सुस्ताने लगे और मुनीर दोनों को सहला रही थी और मुस्कुरा भी रही थी.

आज मैं आप लोगों के सामने अपनी नई कहानी ले कर आ रहा हूँ, ये बात तब की है, जब मैं अपने एम बी बी एस के दूसरे साल में था. अगले ही पल मेरी पिचकारी इतनी जोर की निकली, शायद सीधे उसके पेट में गयी चली होगी. मेरी पिछली कहानी थीचूची चूस चूस कर दोस्त की गर्लफ्रेंड को चोदायह नयी कहानी करीब तीन साल पहले की बात है, मैं काम के सिलसिले में हैदराबाद गया था.