मौसी भांजे की बीएफ

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क्शकशकश com: मौसी भांजे की बीएफ, मेरे पूछने पर उसने बताया कि जल्दी में कार्यक्रम बन गया और मुझे मम्मी-पापा के साथ निकलना पड़ा.

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मेरी बहन एकदम नंगी खड़ी थी, मैं उसे देखता ही रह गया!क्या माल थी मेरी बहन!उसके शरीर पर पानी की बूँदें मोती सी लग रही थी. अरे सेक्सी दिखा दे सेक्सीदेवर ने एक बार फ़िर मेरी चूत पर अपना लण्ड सटाया और मेरी चूची को मुँह में भर कर जोर से दांत गड़ा दिये… मैं दर्द के मारे उचक गई… और चूत ढीली पड़ते ही सटट्टाक से लण्ड एक ही बार में पूरा अन्दर घुस गया.

पहले कभी नहीं चुदी थी… रानी भी थक कर बेहाल हो चुकी थी पर मेरा विरोध नहीं कर सकती थी. सासु मां की सेक्सी कहानीमैंने मालिक को आवाज़ लगाई तो परदे के पीछे कुछ हड़बड़ाने जैसी आवाजें आई और थोड़ी ही देर में दुकानदार लुंगी पहने आया.

और जब मैंने लौड़ा बाहर निकाला तो बोली- ऐसा क्यों कर रहे हो मेरे साथ? मैं कौन सा मना कर रही हूँ? पर आप आराम से कीजिये!मैंने कहा- मैं तुझे एक रंडी की तरह चोदना चाहता हूँ, मेरी रांड बहन!और मैंने फिर उसे अच्छी तरह से लौड़ा चुसवाया और फिर उसकी मुलायम चूत चाटी.मौसी भांजे की बीएफ: फिर वो पेड़ का सहारा लेकर घोड़ी बन गई और मैंने अपना लंड पीछे से उसकी चूत में डाल दिया.

”मैं अब दोनों भतीजों को पाकर अपने भाग्य पर इठलाने लगी थी…और अब भी इन दोनों पर मुझे पूरा नाज है, बहू। अब तू जो चाहे मुझे कह ले.?उसने मेरी जीभ चूसना छोड़ कर प्यार से कहा तो मैंने उतने ही प्यार से उसके मम्मे सहलाना शुरू कर दिया.

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हम दोनों एक दूसरी की हमराज़ हैं मुझे सब पता रहता है कि आजकल उसका कितने लड़कों से चक्कर है किस किस से चुदवाती है और उसको मेरा सब कुछ पता रहता है.उसकी आँखों से आँसू निकल आये, मैंने उसके आँसू पी लिए और अपने होंठ उसके होंठों से मिला दिए.

मैं अन्तर्वासना का दैनिक पाठक हूँ, यह एक ऐसी जगह है जहाँ लोग अपने दिलों की अनकही इच्छाएँ व बातें लिख सकते हैं।मैं 25 साल का जवान युवक हूँ, मेरी लम्बाई 5. मौसी भांजे की बीएफ तभी मुझे उसके हाथ पर एक काला दाग दिखा, मैंने उसका झट से हाथ पकड़ कर पूछा- यह दाग कैसा है?वो उसके बारे में बताने लगी और मैंने उसका हाथ पकड़े रखा, और मैं हल्का हल्का मसल रहा था, बातों-बातों में मैं उसके करीब जा रहा था धीरे धीरे.

ईईईईईईईईईई !”उसने 4-5 धक्के ज़ोर ज़ोर से लगाए और फिर मेरी गाण्ड के अंदर ही उसकी पिचकारियाँ फूटने लगी.

मौसी भांजे की बीएफ?

अमिता की चूत चाटने के कारण उसकी चूत का दाना खड़ा हो गया और उसकी चूत पानी छोड़ने लगी. मामी, ऐसे ही चूत से दबाओ मेरे लंड को! मैं भी निकलने वाला हूँ…मामी ऽऽऽ! ”और मैं और मामी एक साथ झड़ने लगे. मक्खन लगा होने से अब ऊँगली आराम से अन्दर बाहर हो रही थी। मैंने फ़िर दो ऊँगली अन्दर डाली.

नयन, अगर तुमको तकलीफ ना हो तो थोड़ा इसे भी चाटो ना!”मैंने अपनी जीभ गांड के छेद पर रखी और धीरे धीरे अपनी जीभ का जोर बढ़ाया. वैसे तो भाभी की उम्र 26 साल थी लेकिन कामकाजी महिला होने के कारण उन्होंने अपने आपको काफी अच्छा संवार कर रखा था. मैं वैसे तो एक साधारण लड़का बनकर ही रहता हूँ पर कभी कभी जब मैं अकेला होता हूँ तो मुझे लगता है कि मैं एक लड़की हूँ.

पापा और मम्मी भी साथ थे, इसलिए उन्होंने मेरे सर को चूमा और फिर जल्दी आने को बोल कर चलेगये।मगर मैं पूरा दिन और पूरी रात बिस्तर पर ही अपनी चूत और गाण्ड को पलोसती रही. दीपू मेरे होठों को चूसते हुए मेरी छातियों से खेलने लगा और उधर राजू ने मेरी पेंटी निकाल कर चूत का रास्ता ढूँढ लिया. और उससे अपने प्यार का इजहार किया…” वेदांत, एक बात कहूँ…?”फिर से करने का इरादा है क्या…?”नहीं वो… मतलब हाँ.

sandeep13जिन लोगो ने मुझे पहले जोड़ा था, कृपया वो फिर से जोड़ लें, पुराना अकाऊँट फेसबुक ने बंद कर दिया है।. आज रात सेक्स का प्रोग्राम था फ्लैट में !मैं ड्राईवर सीट पर काले रंग की मिनी स्कर्ट पहने गाड़ी चला रही थी और वो मेरी गोरी गोरी जांघों को सहला रहा था। उसकी ऊँगली मेरी पैंटी के अन्दर घुस चुकी थी…रात भर चुदवाने का मन था.

जैसे मैंने ऊपर लिखा कि किस तरह अपनी सहेली के साथ मैं लेस्बियन सेक्स का मजा ले लेती थी पर मुझे लड़कों से चक्कर चलाने से संकोच सा था इसलिए जब दाना कूदने लगता तो मैं वाशरूम में जाकर सलवार का नाड़ा खोल इंग्लिश सीट पर टांगें चौड़ी करके बैठती और उंगली गीली कर करके दाने को रगड़ खुद को शांत कर लेती.

पाँच मिनट बाद माया वहाँ से निकल गई, पिंकी ने मुझे आवाज दी- मनुजी…!!मैं- हह…हाँ?पिंकी- बाहर आइए!मैं चुपचाप बाहर निकल आया.

जब तेरी क्लास होगी तो तू मेरा कवर उतारकर नीचे कर देना और मेरी होगी तो मैं तेरा कवर उतार कर नीचे कर दूंगी इस तरह कक्षा में दोनों का कार्य भी होता रहेगा. इतने में मोबाइल की घंटी बजती है, मैंने मोबाइल की स्क्रीन देखी पर नंबर की जगह केवल ********** आ रहे हैं. मेरा नाम राजेश है, मैं अन्तर्वासना का बहुत बड़ा प्रशंसक हूँ और सभी कहानियाँ पढ़ चुका हूँ। मैं अपनी कहानी कई दिनों से आपसे कहने की कोशिश कर रहा था सो आज लिख रहा हूँ।मैं एक अच्छे घर-परिवार से हूँ। मेरी उम्र 25 साल, कद 6 फीट, मेरे लिंग की लम्बाई 6.

आज कल तेरे जिज्जाजी मुझे बस हफ़्ते एक या दो बार ही चोदते हैं वो भी जल्दी जल्दी से, मेरी नाइटी उठा कर अपना लंड मेरी चूत में डाल कर बस 10 मिनट में ही लंड का माल चूत में झाड़ देते हैं. जब मैंने बुआ की एक लड़की शालू को अपने मन की बात बताई कि मैं अमिता को प्यार करने लगा हूँ, तो शालू ने तभी अपने प्यार की बात बताई कि वो मन ही मन मुझे प्यार करने लगी थी और मुझे चूम लिया. सोमा ने मुझे देखते हुए कहा।कमल ने बिना देरी किये अपना सात इंच का मूसल मेरी चूत में रखा और मेरे दाने को रगड़ने लगा।मैंने आँखे बंद कर ली………फिर कमल ने अपना सुपारा मेरी चूत में घुसाया तो मैं मचल गई …….

उसने उस आदमी को कुछ पैसे दिए और बीयर लेकर आने को कहा और साथ में कुछ खाने के लिए भी!उसने मुझे बाँहों में भर लिया, मैं भी लिपट गई.

सुनील- अच्छा बाबा, जैसे तुम ठीक समझो … कम से कम मेरे फ्लॅट में जाने में तो तुमको कोई दिक्कत नहीं है … या वहाँ के लिए भी कोई बहाना सोच कर रखा हुआ है?सोनिया- तुम्हारा फ्लॅट!सुनील- हाँ मेरा फ्लॅट, अब ज्यादा आना-कानी मत करो … चुपचाप चलो अगर नहीं डरती इन चीज़ों से तो ! और अगर डरती हो तो तुम यहीं रहो … पर काम के सिलसिले में जिंदगी में किसी भी तरह की आगे कोई मेरे से मदद की उम्मीद मत करना. फिर हम दोनों एक-दूसरे के ऊपर लेट गए, हम काफी देर तक वैसे ही लेटे रहे और हम एक दूसरे को चूमते रहे जिससे दीदी फिर से गर्म हो गई और मेरा लंड भी फिर खड़ा हो गया. आंटी बोली- रुको मुझे मूतना है !तो मूतिये आंटी जी ! यह तो मेरे लिए प्रसाद है, चूतामृत यानि बुर का अमृत !”आंटी खड़ी हो कर मूतने लगी, मैं झुक कर उनका मूत पीने लगा। मूत से मेरा चेहरा भीग गया था। उसके बाद आंटी की आज्ञा से मैंने उनकी योनि का स्वाद चखा। उनकी चिकनी चूत को पहले चाटने लगा और फिर जीभ से अंदर का नमकीन पानी पीने लगा.

मुझे लगा कि अगर सोनू को थोड़ा और उकसाया जाये तो वो खुल सकती है, शायद चुदने को भी राजी हो जाये. मैंने जब भाभी से पूछा कि उस रात कौन था तो भाभी और उनके बॉस ने बताया कि उस रात भी भाभी और उनका बॉस ही थे. मेरी तो यही कामना है कि ऊपरवाला सब की प्यास ऐसे ही बुझाये।आप अपनी राय इस कहानी के बारे में जरुर लिखे ताकि मैं आगे भी आपको मस्त कहानियाँ भेजता रहूँ …….

जैसे तैसे मैं सिपाहियो के सहारे खड़ी हुई।हवा में कामरस की खुशबू मुझे और चुदने को मजबूर कर रही थी.

वो उठा और बोला- ये लो नेहा जी, जैसी आपकी मर्ज़ी !और इतना कहते ही उसने अपना काला मोटा 8 इंच का लौड़ा मेरी चूत में घुसेड़ दिया। मेरी चूत चरमरा उठी…। मैं कराह उठी. शालू- बहनचोद… अ आ आह और चाट साले! तेरी माँ की चूत!मैंने मुँह हटा कर उसकी चूत में उंगली डाल दी और मैं भी गाली देने लगा.

मौसी भांजे की बीएफ कुछ देर बाद आंटी कह रही थी- और जोर से सागर! और जोर से!मैं भी पूरे जोर से आंटी को चोद रहा था. भैया के जाते ही मैं रक्षिता से लिपट गया…और उसे बहुत लम्बा किस दिया… और गांड पकड़ कर उसे अपने हाथों से उठा लिया…थोड़ी देर बाद मैंने उसे बिस्तर पर लिटा दिया.

मौसी भांजे की बीएफ मनोज बोला- नहीं भाभी, आज नहीं! आज तो तुम्हारे साथ!और बस उसने मेरे योनि पर हाथ रखा, तब तक मैं गीली हो चुकी थी. मेरा पूरा मुँह उसके माल से भर गया… मुँह में माल लेने का मेरा यह पहला अनुभव था, बहुत गर्म था उसका माल ! उस्का स्वाद भी बहुत अच्छा था। उसने मुझे पूरा नहलाया और उठा कर बिस्तर में लिटा दिया….

अनिल ने उठकर ज्योति को पकड़ लिया मगर ज्योति ने उसे झटक दिया, शायद ज्योति मेरी वजह से शरमा रही थी.

मकई का पेड़

तभी गोमती वहाँ आ गई- बस करो भैया जी, भाभी मना कर रही है ना, ये लो चादर ओढ़ लो!’गोमती को देखते ही उसका नशा उतरने लगा. उसकी ब्रा को नीचे किया तो उसके उरोजों को गुलाबी रंग के चूचुक काफी सुंदर लग रहे थे. किचन में मक्खन लगा कर, डायनिंग टेबल पर टमेटो केचअप लगा कर, गैराज में कार के बोनट पर ग्रीस लगा कर, शावर के नीचे और टब बाथ में तेल लगा कर, छत पर रात को चान्दनी के नीचे थूक लगा कर, लैदर के सोफे पर जूतों की पालिश लगा कर, घास पर झाड़ियों के पीछे क्रीम से और ना जाने कहाँ कहाँ भौंसड़ी की रीटा चुदती रहती थी.

इतना प्यार आया कि मैं अपनी अंगुली को आगे-पीछे हिलाते-हिलाते खड़ा हो गया… और उसके रसीले होंठों को चूसने लगा…. चुदवाने के ख्याल से दिल बल्लियों उछल रहा था, मन में हल्का सा डर भी था लेकिन डर पर चाहत भारी थी. मेरा मन खराब हो गया गया… मैं देवर के साथ जबरदस्ती वाले अन्दाज में अपने आप को छुड़ाते हुये चिल्ला चिल्ला कर चुदवाना चाहती थी.

तेज और तेज कहते कहते उसने मेरा सर अपने मोमों पर जोर से दबा दिया और अपनी टाँगें मेरी कमर पर कस ली और नीचे से उछल उछल कर धक्के लगाने लगी.

जैसे जैसे मैं लंड रगड़ रहा था, उसकी आग बढती जा रही थी…जब उससे रहा नहीं गया तो वो बोली- जान, अगर हमारे बीच में सेक्स हो गया तो किसी को पता नहीं चलेगा?मैंने कहा- तुम बताओगी या मैं !शादी के बाद मेरे पति को पता चल गया तो ?”मैंने कहा- पागल हो क्या ? अगर ऐसा होता तो शादी के पहले कोई किसी से प्यार नहीं करता…ना जाने क्या क्या ! खैर उन सब बातों का यहाँ कोई मतलब नहीं …. सुनने के लिए मैं दरवाजे के बिल्कुल पास आ गया तो यह कोई और नहीं बल्कि स्वाति दीदी थी. मैं उसके ऊपर चढ़कर उसके चुचे दबाने लगा और अपना लण्ड फिर से उसके मुंह में डाल दिया, तान्या बिल्कुल एक रण्डी की तरह मेरा लण्ड चूसे जा रही थी.

कई बार अलग अलग …मुझे मेल करके जरुर बताएँ कि आप लोगों को मेरी कहानी कैसी लगी ! मैं इन्तज़ार करुँगा …[emailprotected]. मुझ से रहा नहीं गया तो मैंने हाथ लगा ही लिया- अरे वाह मनोज! तुम्हारा तो बहुत बड़ा है! मैंने कहा. पहले कभी नहीं चुदी थी… रानी भी थक कर बेहाल हो चुकी थी पर मेरा विरोध नहीं कर सकती थी.

५ इन्च मोटा लन्ड तुम्हारी चूत में फ़िट हो गया। फ़िर मैंने तुम्हारे मुंह से हाथ हटाया और तुम्हारे होंटों को चूमने लगा। वाह ! इट वाज ग्रेट ! मज़ा आ रहा था। मैंने कुछ देर बाद तुम्हारी चूत में भी मूत दिया। फ़िर मैंने और जोर जोर से तुम्हारी चूत मारी। अब तुम्हारी चूत फ़ूलने लगी थी (मेरी हाई स्पीड लन्ड स्टराईक्स से) फ़िर मैने अपना होट व्हाईट लिक्विड तुम्हारी चूत में स्प्रे कर दिया. उसके मुँह से हल्की-हल्की आह आह निकाल रही थी।झांटें बनाने के बाद चूत एकदम से चमक गई तो मुझसे रहा नहीं गया और मैंने अपना मुँह उसकी चूत पर रख दिया और उसकी चूत का चूमने और चूसने लगा।उसको मज़ा आने लगा और वो आहें भरने लगी तो उसकी आहें सुनकर मेरा जोश बढ़ने लगा तो मैं उसे और जोर जोर से उसकी चूत को चूसने लगा और मैंने अपनी जीभ उसकी चूत मैं डाल दी तो उसकी हालत ख़राब होने लगी.

!शब्बो- कुछ मत बोलो, चलो, कमरे ले लेते हैं।हमने एक साधारण सा कमरा ले लिया, उसमें एक पलंग और मेज और पंखा और लाईट थी।कमरे में जाते ही……. मामी, मैं निकलता हूँ! आपने आज मेरा सपना पूरा कर दिया! अब मैं आप से दोबारा कुछ नहीं मांगूंगा!”नयन भले ही तुम मुझे दोबारा कुछ नहीं मांगो, लेकिन तुमने आज जो ख़ुशी मुझे दी है, अब मैं तुमसे रोज तुम्हारा लंड मांगूंगी! तो फिर नयन कल दोपहर को आओगे ना? मैं तुम्हारा इंतजार करुँगी. चलो शुरू हो जाओ !ठीक है !मैं भी सोफे पर बैठी मुट्ठ ही मार रही थी !तुम मेरे पास चली आओ ना ?ऐसे तो बड़े मिट्ठू बनाते हो मैना के ?तुम मधु से इतना जलती क्यों हो ?वो साली चीज ही ऐसी है ! हाय क्या मस्त चूतड़ हैं ! इसीलिए तो कहती हूँ उसे तो उल्टा पटक कर ही ठोकना चाहिए।ठीक है, क्या तुम भी गांड मरवाती हो ?हाँ कभी कभी पर मेरे पति का तो बहुत छोटा है ?कितना बड़ा है ?कोई ३ या ४ इंच का होगा !बस ?हाँ.

यह सभी कुछ हम बारिश में गीली छत पर ही कर रहे थे और मुझे लगा काम को आखिरी अंजाम देने के लिए हमे बेड पर जाना ही पड़ेगा.

अब मेरी बहन के चुदने का वक्त हो गया था, मैंने उससे कहा- मेरी बहना, तैयार हो जा!तो बोली- किस लिए?मैंने कहा- चुदने के लिए!अब मैं उसका लोअर उतारने लगा तो उसने मुझे रोका. ’‘अभी मत होना… सोनू… मैं भी आया… अरे हाय… ओह्ह्ह्ह’हम दोनों के ही जिस्म तड़प उठे और जोर से खींच कर एक दूसरे को कस लिया. मुझे भी कभी कभी लगता था कि रोहित मुझे अपनी बाँहों लेकर चूम ले… रोहित ही आज की कहानी का नायक है.

हाय राम! इतना मोटा! इतना लम्बा… मैंने उसे पकड़ कर उसका जायजा लिया और झटके से छोड़ दिया. तो उसने पूछा- मैं तेरी मदद कैसे कर सकता हूँ?तो मैंने कहा- शनिवार को तेरे घर कोई नहीं होता.

फ़िर मैंने कहा- तो फ़िर मैं तुम्हें क्यूँ दूँ अपनी चूत ! तुम्हारे बॉस को ना दूँ…?फ़िर उसने कहा- ठीक है उसे भी देना, मगर मैंने कितना कुछ किया तुम्हारे लिए. मेरी मेल आईडी है :[emailprotected]मेरे दोस्त राज को भी आपके मेल का इन्तजार रहेगा…उनकी आईडी तो पता है ना आपको…[emailprotected]. मैंने अनजान बनते हुए अपने गले की तरफ़ देखा और हँसते हुए कहा- कहाँ यार… मैंने ब्लाउज पहना ही कहाँ है ये तो ब्रा में रखा हुआ है.

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कभी-कभी मैं उसके चूतड़ों पर भी हाथ फिरा रही थी और उसकी गांड में अंगुली भी कर रही थी.

मेरे लंड में अब तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया था… मैं अपना लावा उसके मुँह के अन्दर ही निकाल दूंगा, ऐसा महसूस हुआ. मैं तुम को अच्छी नहीं लगती क्या…?तो वो बोला- नहीं भाभी, आप तो बहुत अच्छी हैं…मैंने कहा- तो फिर तुम मुझसे हमेशा भागते क्यों रहते हो…?वो बोला- भाभी, मैं कहाँ आपसे भागता हूँ?मैंने कहा- फिर अभी क्यों मेरे कमरे से भाग आये थे, शायद मैं तुम को अच्छी नहीं लगती, तभी तो तुम मुझसे ठीक तरह से बात भी नहीं करते।‘नहीं भाभी, अभी तो मैं बस यूँ ही अपने कमरे में आ गया था. ‘आह भाभी… प्यार से सहलाओ!’उन्होंने कहा- अरे, मैंने तो सुना था कि मर्द को दर्द नहीं होता…? तुम्हारा बहुत लम्बा और मोटा है… तुम आज मुझे बर्बाद करके छोड़ोगे…मैंने कुछ नहीं कहा और उनके गोरे पेट को सहलाते हुए जीभ से गीला करने लगा.

मेरा लंड बहुत शरारती था और बार बार भड़क रहा था … यह देख कर दीदी भी मुस्कुराने लगी…. मैंने उसके टोपे की चमड़ी को नीचे किया तो उसका गुलाबी सुपारा ऐसे चमकने लगा जैसे कोई मशरूम हो !मैंने झट से उसका सुपारा अपने मुँह में भर लिया, मैं उकड़ू बैठ गई और ज़ोर ज़ोर से उसके लण्ड को चूसने लगी।वो तो आ. लड़की की फुल सेक्सीइस बात पर मैंने हंसते हुए बारिश का कुछ पानी उनके मुँह पर फैंका तो उन्होंने भी बदला लेने के लिए ऐसा ही किया.

मैं फिर उन दोनों की बातों में शामिल हो गया, बातों ही बातों में पता चला कि वो लड़का तो ज्योति का बॉयफ़्रेंड है. यह सभी कुछ हम बारिश में गीली छत पर ही कर रहे थे और मुझे लगा काम को आखिरी अंजाम देने के लिए हमे बेड पर जाना ही पड़ेगा.

लेकिन रागिनी के खड़े स्तनाग्र मानो मेरा सीना भेद कर छेद कर देंगे। ऐसा महसूस हो रहा था कि दो गरम नरम कबूतर मेरे और उसके सीने के बीच में दबे हुए है. आखिर प्रकाश अंकल को आपने पटा ही लिया, मस्त अंकल है ना!” गौरी ने शरारत भरी हंसी से कहा. हाँ भाभी, भैया का छोटा है, मुझे पता है!तुमको कैसे पता?अरे भाभी, तुमको भैया ने नहीं बताया क्या? जब कभी हम दोनों साथ होते थे तो ऐसे ही एक दूसरे का हाथ में लेकर हिला कर मन को शांत करते थे! और आज भी जब भी मौका मिलता है तो हम ऐसा ही करते हैं! मजा आता है!तो आज भी ऐसा ही करोगे क्या? मैंने कहा.

ए (म्यूजिक) कर रही हूँ, कॉलेज के कार्यक्रमों में मेरी प्रस्तुति होती ही होती है पर मैं एक बहुत गरीब घर की लड़की थी, पिता का साया नहीं था, जब मैं आठ साल की थी, तब वो काम के लिए आबूधाबी गए लेकिन वापस नहीं आये। शुरु के दस महीनों के बाद ना कोई फ़ोन आता, ना चिट्ठी, ना पैसा।हम तीन बहनें थी, हमारा भाई नहीं है, मेरा नंबर दूसरा है, बड़ी दीदी ने बी. कोमल ने मेरी वासना को और बाहर निकाला- पापा… मम्मी से दूर रहते हुए कितना समय हो गया…?बेटी, यही करीब 16-17 साल हो चुके हैं!”क्या?? इतना समय… साथ भी नहीं सोये…??”साथ सोये? हाथ भी नहीं लगाया…!”तभी…!”क्या तभी…?” मैंने आश्चर्य से पूछा. मैंने उसके गालों पर फ़िर से चूमते हुए उसके कान में कहा- रागिनी मैं तुम्हें प्यार करता हूँ.

उन्होंने भी अपना कड़कता लण्ड बाहर निकाल लिया और एक दो बार मुठ मार कर अपना वीर्य पिचकारी के रूप में बाहर छोड़ दिया.

पूछने पर पता चला कि मनीषा और बुआ आज हमारे घर आ रहे थे क्योंकि मनीषा को लड़के वाले देखने आने वाले थे इसलिए भाभी ने छुट्टी ले ली थी. पर मैंने अपनी बात कहनी जारी रखी : तरकीब यह है कि हम दोनों एक ही कॉपी पर दो कवर चढ़ाएंगे एक पर तेरा नाम होगा और दूसरे पर मेरा.

ऐसी आवाजें और तेज़ साँस निकल रही थी…मैं थोड़ा उठा तो उसने अपने पैर मेरी गर्दन से लपेट दिए. नेहा बाहर आई… थोड़ी दूर जाकर उसने इशारा किया… मैंने पूरे फेफड़े भरकर गोता लगाया… जैसे ही एक जोड़ी गदराई टांगों के पास पहुंचा…उसने अपनी अंडरवीयर नीचे सरका दी… क्लीन शेव्ड चिकने. मैं अपनी पैंटी और ब्रा भी हटाई, मेरी फुद्दी और कांख के बाल देख वो नाराज़ हो गया !उसने तुरंत अपने बार्बर से शेव करवाया … और दो लोग अच्छे से मुझे मालिश कर रहे थे ….

जिससे मेरी चूत को ही नहीं गाण्ड को भी दर्द हो रहा था… जैसे चूत के साथ साथ गाण्ड भी फट रही हो…मेरा पानी फिर से निकल गया… तभी उसका भी ज्वालामुखी फ़ूट गया और मेरी चूत में गर्म बीज की बौछार होने लगी… उसका लण्ड मेरी चूत के अन्दर तक घुसा हुआ था इसलिए आज लण्ड के पानी का कुछ और ही मजा आ रहा था…हम दोनों वैसे ही जमीन पर गिर गये। मैं नीचे और वो मेरे ऊपर…उसका लण्ड धीरे धीरे सुकड़ कर बाहर आ रहा था. लाऊड स्पीकर की तेज आवाज, भीड़ भाड़ में, महमानो के बीच में मैं अपने दोस्त करण को ढूंढ रहा था. मैंने कहा- अब मुझे भी खिलाओ…तो उसने भी ऊँगली से मुझे आईसक्रीम खिलानी शुरू कर दी…मैं हर बार उससे कोई ना कोई शरारत कर रही थी और वो और घबरा रहा था.

मौसी भांजे की बीएफ हम जिस किराये के मकान में रहते थे उसमें दो हिस्से थे, एक में हम और दूसरे में एक अन्य परिवार रहता था, जिसमें एक पति-पत्नी और उनके दो बच्चे रहते थे. मैं प्रश्न पूरा कर पाता उससे पहले भाभी नीचे जाने वाली सीढ़ियों की ओर जा चुकी थीं।वह सीढ़ियाँ उतरते-उतरते बोलीं- स्त्रियाँ अपने विफल प्यार के किस्से नहीं सुनाया करतीं।मैं अवाक खड़ा रह गया था।बाजे की आवाज अब पास आती जा रही थी.

भाभी की सेक्स कहानी

रीटा की बन्द चूत अब नये नये फूल की तरह थोड़ा सा खिल कर छोटी भौंसड़ी बन गई, चूत की बाहरी फाकें खुल सी गई थीं और बीच में से गुलाबी पंखुड़ियाँ अब दिखाई देने लगी थी. कमरे में पहुँच कर मुझे अपने ऊपर अफ़सोस हो रहा था क्योंकि भाभी की हाँ के बावजूद मैं उन्हें चोद नहीं पाया. मेरे घर से साथ वाले घर में एक सिख परिवार रहता था, उस परिवार में अंकल आंटी और उनका बेटा सनी रहता था, अंकल कनाडा में रहते थे, कभी कभी ही भारत आते थे.

’ हरामज़ादी रीटा ने चाबी निकालने के बहाने बहादुर की पैंट की पाकीट में हाथ डाल कर बहादुर का अधअकड़ा लण्ड का आकार भांपा तो सिहर उठी. सचमुच की रांडों जैसी हो गई थी कि तभी पहलवान छूटने लगा और दोनों हाथों से मेरे चूचों पर जो माल गिरा था उसे मेरे चूचों पर मसलने लगा…महामंत्री खड़े खड़े तमाशा देख रहा था. लग्न सेक्सी व्हिडीओलेकिन मुझे पता नहीं था कि मेरे द्वारा दी जाने वाली आज़ादी का जीजू गलत मतलब निकल रहे हैं और वो अब मुझे चोदने की योजना भी बना चुके हैं.

मुझे ज़बरदस्ती उसका मुंह हटाना पड़ा तो वो बोला ‘मेरी जान पहले तुम भी अपने सारे कपड़े निकालो!’‘क्यूँ नहीं जानू मैं भी निकालती हूँ तभी तो असली मज़ा आएगा.

वो इतनी प्यारी फीलिंग थी कि मुझसे रहा नहीं गया, मैंने थोड़ा सा दरवाजा खोल कर देखा तो पूरा बाथरूम खाली था. ‘क्या बात है… रास्ता तो साफ़ है… पहले भी चक्कू के वार झेले हैं क्या?’‘आपकी कसम जीजू, पहली बार किसी मर्द का लिया है… अब रास्ता तो पता नहीं!’जीजू मेरे लबों पर अंगुली रख दी.

प्रेषक : अजय कुमारदोस्तो, मेरा नाम अजय है मैं 29 वर्ष का हूँ, मैं भी आपकी तरह इस साईट का दीवाना हूँ और जब भी मुझे मौका मिलता है तो यहाँ कहानियाँ पढ़ता हूँ. मुझे कोई शौक नहीं ऐसा गन्दा शो करने का!खान सर- कौन से मेरे शिष्य तुम्हारी इज्ज़त उतार रहे हैं? और तुम्हारे अंकल से ही पूछ कर हम तुम्हारे साथ ऐसा कर रहे हैं! यकीन नहीं है तो पूछ लो!. मैं भी भाभी को घुमाने के लिए मेट्रो वाक मॉल ले गया लेकिन भाभी के दिल की बात जानने के लिए मैंने कार जापानी पार्क की तरफ ले ली.

थोड़ा दर्द हुआ मीठा-मीठा… फिर थोड़ा सा और अन्दर गया… और दर्द भी बढ़ने लगा…वो मजदूर बहुत धीरे धीरे लण्ड को चूत में घुसा रहा था, इसलिए मैं दर्द सह पा रही थी.

मेरा उठता हुआ लण्ड उसके चूतड़ों की दरार में सेट हो गया और उसके पेटिकोट के ऊपर से ही चूतड़ों के बीच में रगड़ मारने लगा. तभी राहुल अंकल ने कहा- क्या मस्त चूत और गांड है तेरी! एकदम चिकनी! एक भी बाल नहीं है! पेलने में बड़ा मजा आएगा!राहुल अंकल ने बाजी की गांड को फैला कर अंदर देखा तो बोले- एकदम कसी गांड है! राम कसम, आज तो इस लौंडिया की गांड फाड़ने में बड़ा मजा आएगा!राहुल अंकल ने बाजी की गांड पर तीन चार चपत लगाई. मैं हाथ पैर मारने लगी……तो कमल ने वहीं कबाड़ से एक पुरानी साड़ी उठा कर मेरे दोनों हाथ पीछे करके बाँध दिए….

सेक्सी वीडियो चुदाई गुजरातीइतना सुनते ही मामा ने साथ लाया पैकेट फाड़ा और 10 जोड़ी साड़ी का सेट दिखाया। अब तो सबने अपने कपड़े बदले और नई साड़ी पहनी। नई साड़ी की बात ही कुछ और होती है, यह तो मुझे नई साड़ी पहन कर ही पता चली।इसके बाद मैंने चाची का लिंग पकड़ लिया। उनका लिंग तो 7 इंच का था. ‘हिच, मां की लौड़ी, तेरी चूत मारूँ… चिकनी है भाभी…!’ अब उसकी गालियाँ मुझे बहकाने लगी थी.

शिल्पा शेट्टी का सेक्सी फोटो

भाभी अंदर आकर बोली- दूसरा बाथरूम खाली है, वहाँ नहा लो!मुझे भाभी के ऊपर बहुत गुस्सा आया मगर मैं कुछ कर भी नहीं सकता था. कहते हैं ना लालच बुरी बला है… मन किया कि बस एक बार और और उसे देख लूँ…मैंने एक बार फिर उसे चुपके से देखा. थोड़ा दर्द हुआ मीठा-मीठा… फिर थोड़ा सा और अन्दर गया… और दर्द भी बढ़ने लगा…वो मजदूर बहुत धीरे धीरे लण्ड को चूत में घुसा रहा था, इसलिए मैं दर्द सह पा रही थी.

‘क्या बात है… रास्ता तो साफ़ है… पहले भी चक्कू के वार झेले हैं क्या?’‘आपकी कसम जीजू, पहली बार किसी मर्द का लिया है… अब रास्ता तो पता नहीं!’जीजू मेरे लबों पर अंगुली रख दी. बाथरूम में गया। रागिनी ने ड्रेसिंग टेबल पर मेरी बीवी के मेकअप के समान से अपना हुलिया ठीक किया. कोमल को देख कर मुझे लगता था कि काश यह मुझे मिल जाती और मैं उसे खूब चोदता… पर फिर मुझे लगता कि यह पाप है… पर क्या करता… पुरुष मन था… और स्त्री के नाम पर कोमल ही थी जो कि मेरे पास थी.

मैंने एक ही बार उसकी तरफ देखा और फिर दूसरी बार उसकी तरफ देख नहीं पाया, नहीं तो मेरी आँखों में भी आँसू आ जाते. पूरे लंड को उसने चाटा, फ़िर से मखन लगाया।मैंने उसे खड़ा किया और बेड पकड़ कर झुकाया।इस तरह खड़े होने से उसके चौड़े और उभरे हुए चूतड़ बहुत ही सेक्सी दिख रहे थे। गांड का छेद और चूत दोनों उभर आए थे। मैंने पहले उसके चूत और गांड दोनों पर लंड को बहुत अच्छे से रगड़ा और पहले मैंने उसकी चूत के ऊपर मेरा लंड टिकाया और उसकी पतली कमर को जोर से पकड़ कर दबाया. बहादुर रीटा के सामने बैठा तो शरारती रीटा ने अपना अपने नन्हे नन्हे सुडौल और सुन्दर पैर बहादुर की गोदी में रख दिये.

जब मेरी ऊँगली से टकरा कर टिकेट और अन्दर घुस गया तो मैंने मुस्कुराते हुए उससे कहा- सॉरी. आंटी कहने लगी- चल हट हैरी! जरा अब मेरी चूत चाट!मैंने कहा- नहीं मैं नहीं चाटूँगा!आंटी ने कहा- चाट ना! चटवाने का बहुत दिल कर रहा है!मैंने कहा- नहीं, ये बाल मेरे मुंह में जायेंगे, मुझे उल्टी हो जायेगी.

मेरा पजामा उतार दो ना और ये टॉप… खीच दो ऊपर… मुझे नंगी करके चोद दो… हाय…”कहानी का दूसरा भाग :समझदार बहू-2.

नाज़ुक-नाज़ुक नर्म हाथ और पांव, छातियाँ खूबसूरत और जवानी से सरशार जैसे मौसम-ए-बाहर में कोई ताज़ा कली अपना सिर उठाए तन कर ठंडी हवा में झूमती है ऐसे ही मेरी नाज़ुक और हसीन छातियाँ ज़रा सी जिस्मी तहरीक पर जाग उठती और तन कर यूँ खड़ी हो जाती जैसे कह रही हों कि. सेक्सी ड्राइंगऔर शायद सुन भी नहीं रहा था…मैंने उसका ध्यान बटाने की एक बार फिर कोशिश की…मैं : देखो वेदांत खड़े होकर ! बहुत मज़ा आ रहा है… तुम भी झूलो ना आकर … वेदान्त…. सरिता भाभी की सेक्सी फिल्मनज़रें जैसे जमीन में गड़े जा रहीं हो…!!!मैं : मुझे पता है तेरा स्कूल जाने का मन नहीं है. मुकेश ने अब लौड़ा चूत के मुँह पर टिकाया और जोर से थाप मारी, लौड़ा आधे के करीब मेरी तंग सी फ़ुद्दी में घुस गया पर दर्द के मारे मेरी जान निकाल गई, मैं चीख उठी- अरे मादरचोद, मुफ़्त में चूत मिल रही है तो उसको बेदर्दी से चोद रहा है भेण के लौड़े? धीरे धीरे कर!पर मुकेश पर तो जैसे जूनून सवार हो गया हो, उसने तो तीन धक्के और जोर से मारे और पूरा दस इंच का लौड़ा मेरी चूत में घुसा दिया.

‘मस्त लम्बा है साला!’ कहते हुए उन्होंने मेरे लण्ड को ऊपर से नीचे तक हाथों से मल दिया.

थोडी देर बाद वो सामान्य हो कर बोली- अब बड़ा मजा आ रहा है।फिर मैं अपनी मस्त चाल में उसे चोदता रहा …करीब पच्चीस मिनट की चुदाई में हमने बहुत मजे किये. फिर मैं उसको पकड़े-पकड़े ही पीछे की तरफ चलने लगा और धम्म्म्म से सोफे पर बैठ गया और वो मेरी गोद में आ गिरी. पहले तो मैंने उन्हें डांटा लेकिन फिर हँसते हुए मैंने भी उनके साथ जल्दी से एक बड़ा सा पैग लगा लिया.

मैं तड़प रही थी, उस का लौड़ा पूरी तरह से कस चुका था, उस को भी दर्द हो रही थी लेकिन उसने निकाल कर फिर से डाल दिया. ‘बाबूजी … बहुत दुःख रहा हैं … थोड़ा धीरे दबाओ ना!’ रीना ने कहा।मैंने अपना एक हाथ उसकी कमीज के अन्दर डाल दिया और उसके चुचूक का दाना पकड़ कर मसल दिया. बहादुर ने एक मोटी और खुरदरी उंगली रीटा की गीली चूत में पिरो दी तो रीटा की छोटी छोटी मुट्ठियाँ चादर पर कस गई- सीऽऽऽऽ आहऽऽऽ! ये क्या कर रहे हो बहादुर सीऽऽऽऽ आहऽऽऽ!बहादुर रीटा की चूत में उंगली घुमाता और छोकरी की चूत का जायजा लेता बोला- बेबी, लगता है तुम काफी खेली खाई हो.

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उधर राज अंकल बाजी की बड़ी बड़ी चूचियों को जोर जोर से मसल रहे थे और बाजी जोर जोर से सिसक रही थी- ऊह्ह्ह,आह्ह्ह्ह,ओऊ बहुत मजा आ रहा है! और जोर जोर से मसल के पूरा दूध पी जा!राज पागलों की तरह बाजी की चूची को मसलने लगा और चूची को मुँह में लेकर पीने लगा. हो सकता है तुम्हें छोटा मोटा फिल्म में रोल मिल जाये और हमारी किस्मत चमक जाये?मैं- लेकिन अंकल …. जैसे ही मैंने बाथरूम के दरवाजे को धकेला तो मैं अंदर का नजारा देखता ही रह गया, अंदर मनीषा नहा रही थी और उसने उस वक्त कुछ भी नहीं पहना हुआ था.

”सोमा ने मुझे बहुत पीटा। मुझे यह समझ नहीं आ रहा था कि साले कुत्ते के बच्चे ने मुझे किताब दिखाई होती तो रंडवे को मुठ मारने की जरुरत नहीं पड़ती….

यहाँ कोई देख लेगा तो लोग बातें बनाएँगे,उसने कहा- फिर आप बताओ कि कहाँ जाना है, मुझे तो कुछ पता ही नहीं है ऐसी जगह के बारे में.

कोमल… हाय निकल गया मेरा माल तो…”पापा… निकाल दो प्लीज… पूरा निकाल दो…फिर से जमेंगे… निकाल दो…” कोमल ने मुझे प्यार से सहारा दिया. मानो कह रहे हो- आओ मेरा रस चूस लो!इस पहली मुलाकात में ही रागिनी ने मेरे लंड को मानो चोदने की दावत दे दी थी। यह सोच मुझे परेशान करने लगी कि इसे कैसे चोदा जाए! एक तरफ़ मैं सोच रहा था कि ये मेरी बीवी की ख़ास सहेली है. बीपी सेक्सी महिला‘और छबीली, तेरी चूत में से ये खून…?’‘वो तो पहली बार चुदी लगाई है ना…जाणे झिल्ली फ़ट गई है.

मेरी चीख निकलने वाली थी कि उसने मेरे मुँह पर हाथ रख दिया… मेरे मुँह से आह्ह्ह्ह अह्ह्हह्ह की आवाजें निकल रही थी…पूरा लण्ड अन्दर धकेलने के बाद वो कुछ देर शांत रहा और फिर लण्ड अंदर-बाहर करने लगा. मैंने पूछा- मजा आया?तो वो बोली- हाँ!अब तो रोज की चुदाई पक्की थी पर मेरा शिकार तो और कोई थी. उसका मूसल जैसा लौड़ा मेरी दोनों जांघों के बीच फंसा हुआ था और चूत में घुसने को बेताब था.

लेखिका : श्रेया अहूजामैं आपकी चहेती लेखिका इस बार एक लड़की की आपबीती लेकर आपके सामने आई हूँ ! आजकल मैं एक ऍन. जैसे ही मैंने माँ के बदन को देखा, मेरे होश उड़ गये, गोरा बदन, सेक्सी फिगर, गोरे गोरे कसे हुए स्तन और खड़े चुचूक!माँ की शादी को भले ही बीस साल हो गये थे पर उन बीस सालों में वो बहुत कम चुदी थी, इस वजह से उन का फिगर कुंवारी लड़की से कम नहीं था.

मैं भी उसकी उत्तेजना देखकर पागल हो गया और अपनी पैंट और अंडरवियर उतार फेंकी, तान्या मेरा लण्ड चूसे जा रही थी.

हाय क्या नज़ारा था!पीले रंग की साड़ी और उस पर अधखुला ब्लाऊज! उस ब्लाऊज से निकला हुआ पिंकी का कोमल दूधिया स्तन!माया ने दोनों हाथ से उसके स्तन को थाम रखा था और अपने पतले होठों से निप्पल चूस रही थी. लगभग शाम के 4 बजे तक हम लोग जयपुर पहुँच गए, मैं प्रिय भाभी को बिल्कुल भूल चुका था और मेरे दिमाग में सिर्फ और सिर्फ सोनम का वो मासूम सा चेहरे घूम रहा था. चुदती चूत ने ठेर सारा पानी उगल दिया, तो लण्ड बिना तकलीफ अंदर बाहर घचर पचर की मीठी मीठी आवाज के साथ चूत में अन्दर बाहर फिसलने लगा.

सेक्सी फटो मैंने मालिक को आवाज़ लगाई तो परदे के पीछे कुछ हड़बड़ाने जैसी आवाजें आई और थोड़ी ही देर में दुकानदार लुंगी पहने आया. कहते हैं ना लालच बुरी बला है… मन किया कि बस एक बार और और उसे देख लूँ…मैंने एक बार फिर उसे चुपके से देखा.

सुबह सवेरे अगर लौड़ा मिल जाये तो काम देव की आराधना भी हो जाती है, और फिर पूरा दिन मस्ती से गुजरता है. और मोना की घाटी के पास अब एक बेलगाम सा नाग नज़र आ रहा था।तभी अब्बास ने मोना के अधरों को आज़ाद किया और चेहरा उठाकर मोना की शक्ल को देखा- क्यूँ डार्लिंग…. थोड़ी देर में जब वो कुछ सामान्य हुई तो मैंने धीरे धक्के लगाने शुरू किये …कुछ ही देर में उसको भी मज़ा आने लगा ….

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वो कहते कहते रुक गई …मैंने पूछा और क्या …?”तो बोली- और तुझे यह भी बताना है कि मैं यह सब अंकित के साथ क्यों नहीं कर रही हूँ. बातों ही बातों में उसने बताया कि उसका नाम रिया शर्मा है जो मैं पहले ही उसके कंपनी आईडी कार्ड में देख चुका था. गाँव की औरतें : रंडी को सबके सामने चोदो… गंदगी फैला रखी है बाप-बेटी नेमुखिया : हाँ यही होगा ! बांध दो भुवा को और बुलाओ उस रांड को …लोगों ने पापा को पेड़ से बांध दिया पर उनकी आँख खोले रखा ताकि वो मेरी इज्ज़त लुटते हुए देख सकेंमुखिया जी ने धीरे धीरे मेरे सारे कपड़े उतार दिए … मेरी जांघे कंपकंपा रही थी, वो उन्हें छू रहा था ….

ऽऽऽ करके रह गई पर अगले धक्के में लण्ड ने चूत की जड़ को छू लिया।मौसी की दबी सी चीख निकल गई- अ आ आ…वो धनुष बन गई। दोनों टांगें मेरे सीने के पीछे से ले जाकर वो मुझे लपेटे थी, उनकी आँखें वासना के ज्वर से बंद हो गईं थी, उनकी नाजुक कमर मेरी मजबूत बाजुओं में जकड़ी हुई थी। वो अपनी गाण्ड उठा-उठा कर लण्ड अन्दर लेने की कोशिश कर रही थी।पूरा लण्ड बाहर तक खींच कर मैंने एक जोर का धक्का मारा और मौसी आआ. बहादुर की भयंकर चुदाई ने कमरे की दीवारों की फचाफच फचाफच कर के माँ चोद कर रख दी थी.

फिर मेरे हाथ धीरे धीरे उसके पिछवाड़े की तरफ बढ़ने लगे और वो भी ऐसे ही कर रही थी जो मैं कर रहा था.

आप ब्रा के अन्दर हाथ डाल कर निकाल लो न प्लीज़ !!’मेरी बात सुनते ही उसके होंसले बुलंद हो गए और उसने अपना पूरा हाथ मेरी ब्रा के अन्दर घुसा दिया. रुक जाओ संजय!’उसने मुझे रोकने का एक असफल प्रयत्न किया और उठ कर खड़ी होने लगी।‘रागिनी, अब बहुत देर हो चुकी है. वहाँ मैंने जींस और टीशर्ट पहनी ब्रा और पेंटी के ऊपर ही, और तुरन्त बाहर निकल कर घर के लिए बस पकड़ ली.

ये सारी हरकतें करते हुए मैं ये इंतज़ार कर रही थी की वो ख़ुद मेरे लेफ्ट बोब्बे मैं रखे हुए टिकेट को देख ले और हुआ भी ऐसा ही उसने मेरे बूब्स की और इशारा करते हुए कहा- मैडम लगता है आपने टिकट अपने ब्लाउज में रख लिया है. फिर मैं मीनाक्षी को चूमने लगा और भाभी मेरा लंड मुँह में लेने लगी … मैंने मीनाक्षी के पूरे कपड़े उतार दिए। अब हम तीनों नंगे थे, मैं मीनाक्षी की चूत चाट रहा था, मीनाक्षी भाभी की चूत चाट रही थी और भाभी के मुँह में मेरा लंड था …बड़ा मजा आ रहा था इस तरह करने में !फिर हमने जगह बदल ली ! मैं भाभी की चूत चाटने लगा ! भाभी मीनाक्षी की चूत और … मीनाक्षी ने मेरा लौड़ा मुँह में ले लिया. उस दिन चुदाई में जितना मजा आया उतना फिर कभी नहीं आया … हमने कई बार साथ चुदाई की ….

इसीलिए समझे मेरे प्यारे अन्नू !मैंने कहा- ठीक है ! मैं तुम्हारा इंतज़ार करूँगा !फिर हम दोनों ने एक दूसरे से लव यू ! लव यू ! कहा, फोन पर एक दूसरे को चूमा भी, और फोन रख दिया !फोन रखने के बाद मेरे दिमाग में दूसरे दिन के लिये कुछ शरारतें घूमने लगी.

मौसी भांजे की बीएफ: मैं भी रीना भाभी को दीवाल के सहारे खड़ा करके एक हाथ उनकी चूची और एक हाथ से उनकी गांड पूरी ताकत से दबाने लगा और मेरा लौड़ा उनकी चूत और पेट पर टक्कर मारने लगा तो उनके मुँह से आह. वो बोला- जानेमन, अभी तो पूरा अन्दर भी नहीं गया…और तुम अभी से…?मैंने कहा- नहीं और नहीं… मेरी चूत फट जाएगी…उसने कहा- ठीक है, इतना ही सही…और फिर वो मेरे होंठों को चूमने लगा…मैं भी उसका साथ देने लगी…फिर वो आधे लण्ड को ही अन्दर-बाहर करने लगा, मेरा दर्द कम होता जा रहा था.

पापा… शर्म छोड़ो… और अपने मन की प्यास बुझा लो… और मेरी खुजली भी मिटा दो!” उसकी विनती मुझे वासना में बहा ले जा रही थी. मैं तान्या के बारे में ज्यादा नहीं जानता था मगर उसकी हरकतों को देखकर लग रहा था कि उसे पहले भी यह सब करने का अनुभव था. वो मुझे नंगी ही कोरिडोर के तरफ खींचने लगा … अगर इस तरह बाहर जाती तो न जाने कितने लोग चोद देते.

मुझे उतना काफी था, जीजू ने वहीं बैठे बैठे ही मुझे उठा लिया बाँहों में और आलीशान बेडरूम में ले गए.

15 से लेकर सुबह के तीन बजे तक चुदाई की और चादर धोकर सोने चले गये।सुबह दीदी ने हमे 8. लेकिन अचानक दीपू ने मेरे मुंह में धक्कों की स्पीड बढ़ा दी और मेरा सर पकड़ कर अपना पूरा लंड मेरे मुंह में अन्दर बाहर करते हुए ज़ोर से चिल्लाने लगा ‘आ…ह…. बहादुर ने रीटा को कस कर आपने आगोश में ले लिया और अपना तीर सा लण्ड अब रीटा की चूत में आखिर तक घुसेड़ दिया तो रीटा का बदन तले पापड़ सा अकड़ कर तड़क गया.