जानवरों वाली बीएफ मूवी

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कुत्तिया का संभोग

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मैं धक्के लगा रहा था और वो- जोर से करो, हाँ, और करो’ की सीत्कारों से मुझे और उत्साहित करती जा रही थी और मैं उसे जोर-जोर से चोदे जा रहा था.मैंने देखा सलोनी बिना पलक झपकाए उसको देख रही है जो ऐसा लग रहा था कि बिल्कुल हमारे सामने बैठा हो…वो खिड़की के कोने में जाली से चिपका था… और कमबख्त की नजर पूरी तरह सलोनी की चूत पर ही थी…उसने उसकी चूत में मेरे लण्ड को घुसते हुए पूरा साफ़ देखा होगा…पर मेरी नजर तो सलोनी पर थी.

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लेकिन आशीष ने ऐसा करने नहीं दिया। नीचे मेरी चूत में आग लगी हुई थी और मेरी आँखें वासना की वजह से बार-बार बंद हो जा रही थीं। आखिर में मुझे अपने मुँह के ही अन्दर वो लिसलिसा नमकीन सा रस पीना पड़ा। आशीष ने अपना लण्ड बाहर नहीं निकाला मेरा मुँह दर्द हो रहा था.

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हर वक़्त डराते ही रहते हो।” प्रिया ने जोर से मेरे कंधे पे चिकोटी काट ली।वैसे आप कुछ अच्छी खबर देने वाली थीं. !उसको देख कर मेरे लंड में हलचल मच गई।रेखा बोली- यहीं खड़े देखते रहोगे या अन्दर भी आओगे?मैं अन्दर चला गया और उसने दरवाजा बंद कर मुझे बैठने को कहा।मैं पर बैठ गया, वो अन्दर चली गई और कुछ देर बाद मिल्कशेक का गिलास लेकर बाहर आई और मुझे गिलास पकड़ा कर मेरे पास बैठ गई।रेखा- मैं तुम्हें आज कैसी लग रही हूँ?मैं- बहुत ही सुंदर. !कह कर बाहर गया, पति भी उसके साथ दूसरे कमरे में चले गए। मैं अच्छे से नहा धोकर फ्रेश होने लगी और पहली बार कपड़े उतार अपने नंगे बदन को देखने लगी, मैंने अपनी चूत सहला दी, चूत पर हल्के-हल्के रोयें थे। मैंने सोचा कि आज चूत को चिकनी कर दूँ… आज दिल खोल कर चुदूँगी.

!आंटी बोलीं- अरे हम तो बहुत दिन से खाना बनाते हैं पर इसको बनाने के बारे में हमें कुछ पता नहीं है, तुम मोनी को दे देना वो बना देगी. !मैंने भी जोर देकर पूछा- बताओ तो… शायद मैं आपकी मदद कर दूँ।फिर भाभी मेरा एक हाथ थाम कर अंकल के बारे मैं बताने लगीं- ये शराब पीते हैं, रोज देर से आते हैं खाना खाकर सो जाते हैं। मैं उनसे बात करने को तड़प जाती हूँ।उनकी बात बीच में काट कर मैंने कहा- यह तड़फ सिर्फ़ बात करने की है या. मेरे एक चोदू ने मुझे बताया था जब मुझे ऑर्गनस्म आ रहा था तब उसने चूत के अंदर उठने वाली संकुचन को महसूस किया था, उसने कहा था कि उसे ऐसा लग रहा था जैसे उसका लंड चूत में फंस गया था और फिर एक तेज़ बहाव आया, जिसे पानी छोड़ना कहते हैं.

इमरानसलोनी- मैंने मना किया न… मैं केवल ब्रा चेक करुँगी… बस… पैंटी घर जाकर चेक करके बता दूँगी… यहाँ नहीं. ! क्या आप जानना नहीं चाहते कि आगे क्या हुआ ?तो पढ़ते रहिए और आनन्द लेते रहिए…मुझे आप अपने विचार यहाँ मेल करें।[emailprotected]. रोज़ी के उठाने से पहले ही मैंने उसको उठा लिया…मेरा हाथ में कच्छी का चूत वाले हिस्से का कपड़ा आया जो काफी गीला और चिपचिपा सा था…यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !ओह तो रोज़ी ने बाथरूम में आकर अपनी कच्छी निकाली थी… ना कि मूत किया था…इसका मतलब उस समय यह भी पूरी गीली हो गई थी.

उसकी जाँघें मेरे लण्ड से टकरा रही थी और मेरा लंड पूरा खड़ा हो चुका था, वो मेरे लण्ड को महसूस कर रही थी. रोज़ एक बार तो पक्का और अंदाज़न हफ़्ते में तीन दफे दो बार और एक आध बारी तीन दफे भी !’‘हाय…मेरे चोदू राजा… कितना चुदक्कड़ है तू… तो उसके मेंसेस में क्या करता है?.

मैं- बस जय, अब मुझे जाने दो, बहुत देर हो गई है, घर पर पापा इंतज़ार कर रहे होंगे, रात को समराला से बस लेनी है जालंधर के लिए!जय- नहीं यार, रात भर आज रुक जाओ, कोई बहाना बना दो.

वो कोई छोटा-मोटा आदमी नहीं है बड़ी-बड़ी हिट फ़िल्में बनाई हैं और रही उसकी हरकत की बात, तो मैंने पहले ही कहा था इस लाइन में ये सब आम बात है। वो तुमको आजमा रहा था, अगर तुम कुछ बोलतीं, तो वो मना कर देता ! समझी?आरोही- आजमा रहा था.

दोनों हाथों में दो स्तन, पीछे से आकर पकड़ रखेउड़ने को आतुर पंछी को, शिकारी ने जैसे जकड़ रखेकंधे चूमे, गर्दन चूमी, कानों को दांतों से खींच लियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. ये कहानी मेरे उस अहसास के बारे में जो किसी लड़के को तभी होता है, जब वो एक कुंवारी लड़की को पहली बार लड़की होने के बजाये एक गरम कामुक औरत होने का अहसास दिलाता है. वहाँ से जवाब आया, आपने तो आइना देख लिया पर अब मैं भी देखना चाहती हूँ, सब कुछ भूल कर बस अपने होने का एहसास करना चाहती हूँ, मैं एक सफ़र पे जाना चाहती हूँ जहाँ बस आप हो, और मैं हूँ और कुछ भी नहीं ! अपना नाम और उम्र मुझे भेजें ताकि मैं अपने सफ़र की टिकट करवा सकूँ.

!फिर हम दोनों नंगे एक-दूसरे की बांहों में सो गए।उस दिन हमने कई बार चुदाई की। उसके बाद मेरा जब भी मन करता, मैं उनके पास चला जाता और हम मन भर चुदाई करते।दोस्तों खासकर मेरी प्यारी आंटियों आपको मेरी कहानी कैसी लगी, मुझे जरूर ई-मेल करें मुझे आपके प्यार का इंतज़ार रहेगा।[emailprotected]. हाँ अभी करता हूँ !’‘क्या?’‘वो… ओह… अरे मेरा मतलब था कि मैं समझा देता हूँ।’‘तो समझाइए ना?’ वो में इस हालत पर मंद-मंद मुस्कुरा रही थी।‘पहले मैं तुम्हें आयल मसाज़ सिखाता हूँ, फिर जल थेरेपी के बारे में बताऊँगा !’‘हम्म…’‘पर उसके लिए तुम्हें यह टॉप उतारना होगा !’‘वो क्यों?’‘ओह. ! मैंने उसे उल्टा किया वो समझ गई कि मैं क्या करने वाला हूँ।वो मना करने लगी और कहने लगी, अब मैं तेरी ही हूँ.

”मैं उठी कपड़े और बाल ठीक किए और चमेली के साथ चाय लेकर जीजाजी के कमरे में आ गई, जीजाजी गहरी नींद में सो रहे थे।चाय साइड की टेबल पर रखकर चमेली ने धीरे से चादर खींची, जीजाजी नंगे ही सो रहे थे, उनका लौड़ा भी सो रहा था।चमेली धीरे से बोली- दीदी देखो ना कैसा सुस्त-सुस्त सा पड़ा है.

मैंने भाभी से पूछा- ये क्या है?भाभी ने कहा- मादरचोद, गांडू… चाट इसको!मैंने रस को चाटा तो काफी गरम और टेस्टी था. !मैंने उसे उसके दोनों हाथ को साइड में रखी टेबल पर जमा दिए और बोला- अब थोड़ा झुक जाओ।फिर मैंने उन्हें डॉगी-स्टाइल में खड़ा कर दिया और पीछे से उनके दोनों स्तन को पकड़कर मसल डाला और अपना लंड उनकी दोनों जाँघों के बीच में डालकर अपने लंड को उनकी चूत पर थोड़ा रगड़ा और उसे गर्म किया।फिर मैंने अपना पूरा लंड एक ही झटके में अन्दर डाल दिया और मेरे हाथ उनके स्तन को मसल रहे थे, निप्पलों को पकड़ कर खींच रहा था. मैंने अपने कपड़े उतार कर 8 इंच का लंड उसके मुँह में दे दिया। वो उसे मजे से चूस रही थी… अब डॉक्टर ने अपने कपड़े उतार कर उसकी चूत में लंड डाल दिया।अब उसे और मजा आने लगा- …चोदो मुझे… जोर से… और जोर… से.

उसकी स्लैक्स कच्छी के साथ ही उतर गई थी इसलिए चूत पूरी तरह नंगी थी…क्या मस्त चूत थी यार !! बिल्कुल फूली हुई… चूत पर बहुत मुलायम रेशमी बाल थे… मेरे हाथों की उँगलियों ने उसके बालों को सहलाते हुए चूत के होंठों को सहलाया. इस धक्के से दीदी तड़प सी उठीं और मैंने दोनों हाथों से दीदी के स्तन मसलना शुरू कर दिए और धीरे-धीरे धक्का लगाना शुरू कर दिया. इसलिए रिश्तों की परवाह किए बिना उसे चोद दो।मैंने आज उनके बताए रास्ते पे चलते हुए एक कुँवारी चूत मारी थी। इसके बाद की कहानी और भी उत्तेजक है। अगर कहानी पढ़ कर आप सभी दोस्तों की चुदाई की प्यास ना जागे तो मुझे बताइए। मेरी ईमेल आईडी तो आप सबके पास ही होगी मगर फिर भी एक बार फिर से आपको दे रहा हूँ।कहानी जारी रहेगी।[emailprotected].

वह रात चाँदनी रही सखी, साजन निद्रा में लीन रहाआँखों में मेरी पर नींद नहीं, मैंने तो देखा स्वप्न नयाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

उसके बाद वहाँ से निकल गए।यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !उधर अनुजा भी अपनी सहेली के यहाँ से घर आ गई तो उसने देखा कि विकास सोया हुआ था।दीपाली की चुदाई के बाद उसको अच्छी नींद आई।अनुजा- अरे क्या बात है मेरे सरताज. मैं तो मानो की सातवें आसमान में सैर कर रहा था, उस अहसास का बयान मैं नहीं कर सकता कि मैं कैसा महसूस कर रहा था.

जानवरों वाली बीएफ मूवी अभी क्या तुम चाहो तो शादी के बाद भी माँ नहीं बनोगी…!और वो खुश हो गई…और बोली- अब छोड़ो नहीं तो अभी मम्मी आवाज़ देने लगेंगी. बाहर ही माल गिराना।मैंने अपना लण्ड बाहर निकाल लिया और उसके ऊपर पूरा अपना माल गिरा दिया और फिर हम ऐसे ही सो गए।आप को यह कहानी कैसी लगी। मुझे ज़रूर बताइए।ch[emailprotected].

जानवरों वाली बीएफ मूवी क्या पता ये पीछे आ जाएं।दीपाली ने रिक्शा अपने घर की ओर ले लिया और घर के पहले मोड़ पर उतर गई।मैडी भी उसका पीछा करता हुआ आ गया।दीपाली ने उनको नज़रअंदाज किया और घर की तरफ चल दी।मैडी- दीपाली एक मिनट रूको तो प्लीज़…दीपाली- अरे तुम यहाँ क्या कर रहे हो. लेकिन आशीष ने ऐसा करने नहीं दिया। नीचे मेरी चूत में आग लगी हुई थी और मेरी आँखें वासना की वजह से बार-बार बंद हो जा रही थीं। आखिर में मुझे अपने मुँह के ही अन्दर वो लिसलिसा नमकीन सा रस पीना पड़ा। आशीष ने अपना लण्ड बाहर नहीं निकाला मेरा मुँह दर्द हो रहा था.

लण्ड-चूत की कुश्ती जारी थी। मुझे रम ने हिला दिया था, साली रम मेरी खोपड़ी पर सवार हो चली थी, थकान-वकान तो कुछ थी ही नहीं सो नीचे से शब्बो की चूत में वो टापें पड़ रही थीं कि शब्बो की चूत ने रोना शुरू कर दिया था उसका बदन ऐंठने लगा था, ऊ ओ.

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जय- लेकिन तुम्हारी माँ तो बीमार है ना?मैं समझ गई कि इस चेन्नई वासी को मुझ पर शक हो रहा है, ज्यादा लालच बुरी बला है, इसलिए अगले सुबह एक लाख उसका फ़ोन और लैपटॉप ले कर रफूचक्कर हो गई. संता नौकरी के लिए इंटरव्यू देने गया।मैनेजर- आपको कितने सालों का तजुर्बा है।संता- माफ कीजिएगा सर, सालों का तो नहीं लेकिन तीन सालियों का तजुर्बा जरूर है।. !बाद में पापा ने मुझे जूनागढ़ पढ़ाई करने भेज दिया। मुझे आज भी लगता है कि प्रिया मेरे साथ ही है।लव यू प्रिया.

रानी यह देखो… यह बटन दबाते ही इस घर के सारे कैमरे ऑन हो जाएँगे और सब कुछ रिकॉर्ड हो जाएगा…!जूही एकदम नशे में थी, उसको कुछ समझ ही नहीं आ रहा था कि रेहान के इरादे क्या हैं।जूही- वाउ. तो मेरा लंड उसकी जवानी को सलामी देने लगता था।मैं हमेशा सोते वक्त उसको चोदने के सपने देख कर मुठ मारा करता था।यह सोच कर कि कभी तो मालिक मेरे प्यासे लंड के बारे में भी सोचेगा. ! मैं तुमको ऐसा लगता हूँ यार… तुमको हीरोइन बनाने के लिए मैंने कितनी मेहनत की है, और रही बात सेक्स की तो तुम जानती हो, इसमें मेरी ग़लती नहीं है, हम दोनों ही गर्म हो गए थे। वैसे भी फिल्म लाइन में जब तुम आ ही रही हो तो कभी ना कभी कोई डायरेक्टर या हीरो के साथ तो चुदोगी ही, यहाँ सब चलता है, अगर मैंने तुम्हारी चूत की ओपनिंग कर दी, तो क्या गलत हो गया…!आरोही- ओके रेहान जी.

!”उसने अपना लंड निकाला और मुझसे चुसवाया, लेकिन मैंने कहा- देख कमरे में आ जाना।वापिसी में प्रसाद मुझे रूम तक छोड़ कर आगे निकल गया और थोड़ी देर बाद मेरा आशिक आ गया और मुझे ठोक डाला।हाय.

साजन ने अपनी आँखों से, देखे मेरे सब स्पंदनउसने देखा रस में डूबे, अंगों का गतिमय आलिंगनउसने नितम्ब पर थाप दिया, मैंने स्पंदन पुरजोर कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. !वो कुछ बोलता इसके पहले जूही अन्दर आ जाती है। लेकिन साहिल ने डोर खोलने के पहले वीडियो बन्द कर दिया था।जूही- मुझे आप से जरूरी बात करनी है, प्लीज़ डोर बन्द कर दो।साहिल डोर बन्द कर देता है और चुपचाप जूही को देखने लगता है।जूही- साहिल मेरी बात ध्यान से सुनना और प्लीज़ पूरी सुनना। उसके बाद जो तुम्हारा मन हो से वो करना।साहिल- तुम यहाँ कैसे आ गईं. !और मैं ‘आआहह’ की आवाज़ के साथ झड़ गया। और हाँफने लगा, थोड़ी देर तक हम दोनों ऐसे ही पड़े रहे।वो कहने लगी, राहुल मुझे आज तक ऐसा मज़ा मेरे पति ने नहीं दिया.

लेकिन धीरे-धीरे करना।मैंने ‘ठीक है’ कहकर लिंग के अग्र भाग को उसकी मुनिया के रेशमी बालों पर घुमाने लगा, जिससे वह उत्तेजित हो गई और कहने लगी- जान जल्दी कुछ करो. तो वो चिल्लाई- दर्द हो रहा है !मैंने कुछ नहीं सुना और ज़ोर-ज़ोर से उसके स्तनों को मसलता रहा और उसे चूमता रहा. बस आंटी अब ज़रा इस अपनी इस मस्त गाण्ड को पीछे को उभार दो और जितना हो सके वॉशबेसिन पर झुक जाओ ऊऊऊ अन्न्न्नान्न्न.

कुछ देर बाद, मैंने फिर से उनके मम्मे चूसना शुरू किए वो फिर से गरम हो गईं और मेरा भी लंड फिर से तन गया. ।शबनम ने अपनी टाँगें रण्डियों के जैसे फैला दीं, मैंने अपना लौड़ा उसकी लपलपाती चूत में एक ही झटके में ठूँस दिया, फिर जरा बाहर खींचा और दुबारा जोर से उसकी बुर में ठांस दिया। अबके झटके में पूरा 6 इंच लंड अन्दर घुस गया था।शबनम की हालत खराब थी, उसका सारा नशा फट गया था और वो लगातार चीख रही थी, साले बाहर निकाल ले मादरचोद, मेरी चूत फट जाएगी कुत्ते, मुझसे गलती हो गई। मुझे क्षमा कर दो ….

मगर मैंने अंकित और संजू के साथ मिलकर दूसरा प्लान बनाया था। तुम तो थे ही नहीं वहाँ पर…!राहुल- हाँ जानता हूँ तुमने प्लान बनाया था मगर मुझे डर था कहीं तुम किसी मुसीबत में ना फँस जाओ. !उसने अपना लण्ड हाथों में पकड़ा और अपने लंड का मुँह मेरी चूत में सटा दिया और अब परीक्षा की घड़ी आ गई थी।राहुल ने धीरे से अपना लंड हल्का सा झटका लेकर मेरी चूत में डालने की कोशिश की. गोरा-चिट्टा चिकना सा लड़का देख कर सन्ता का लंड खड़ा हो गया और उसने लड़के की गान्ड मार लीइरफान भी दारू के नशे में फुल टल्ली था, उसे कुछ महसूस नहीं हुआ.

मेरा नाम आर्यन है। मैं कानपुर में रहता हूँ। यह मेरी काम-कथा है जो 2007 में घटित हुई, जब मैं अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहा था।मैं एक रूम किराये पर लेकर रहता था। वहाँ पर और भी कई परिवार रहते थे लेकिन मैं मोनी नाम की एक लड़की को देख कर अपना कण्ट्रोल खो बैठता था।वो बहुत मस्त माल थी, लेकिन जब वो मुझे ‘भैया’ बोलती थी तो मुझे उस पर बहुत गुस्सा आता था, पर कर भी क्या सकता था.

ओह शायद एक रह गया… कोई बात नहीं अगले पार्ट में बता दूँगी। वैसे मैंने स्टोरी को दोबारा सैट किया है क्योंकिमार-काट यहाँ नहीं लिख सकती हूँ इसलिए प्यार से काम निपटा दिया ओके… अब ज़्यादा बात नहीं करूँगी, जल्दी से मेरी आईडी[emailprotected]पर बताओ आज का पार्ट कैसा लगा।. मैंने कहा- भाभी, यह गलत बात है, आपने मेरे कपड़े उतार दिए और आप आपने अभी तक पहने हुए हो !भाभी बोलीं- मैंने तेरे उतारे हैं, अब तुम भी मेरे उतार दो !तो मैंने भाभी के कपड़े उतार दिए, अब भाभी मेरे सामने काली ब्रा और पेंटी में थीं, वो बहुत खूबसूरत लग रही थीं. साजन ने सखी मुझे खींच लिया, अपने सीने से लगा लियाफिर कानों में बोला मुझसे, मैंने तुझसे बहुत है प्यार कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

! मस्त गोरा बदन, उस पर वो लेज़र स्टाइल के बाल, स्तन तो जैसे उसके एकदम गोल और छोटे थे। कूल्हे थोड़े बाहर की ओर उठे हुए, जो किसी का भी मन मोह लें। मुझे जैसे एक बार देख कर ही प्यार हो गया।मैंने अपने दोस्त से पूछा- इसका नाम क्या है?जवाब में वो बोला- इस पर तो पूरा स्कूल फिदा है तू क्या कर लेगा? भूल जा उसे. तो वो बोला- तुमने तो कहा था कि तुम नयी हो तो यह सब क्या है? सब कुछ अन्दर घुस गया।तो रंडी बोली- साहब, मेरा नाम नयी है, पर चूत वही 25 साल पुरानी है, मैंने आपको पहले ही बोल दिया था कि मुझमें समा के खो जाओगे।.

मैं आपको बता दूँ कि मेरी चाची बहुत ही मस्त मिज़ाज़ की औरत है और मुझे बहुत पसन्द करती है जबसे मैं छोटा था. !तो बहुत पूछने पर बोले- वो आदमी, जिसने मुझे बुलाया है, वह ‘फ्रेंडशिप-क्लब’ चलाता है, वो मुझसे बोला है कि एक महीने में तुमको बहुत पैसा पैदा करवा देगा, वो बोला था कि आप अपनी वाइफ को ले कर आओ. !”यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !बाद में मुझसे कुछ ना कहना !” कहकर जीजाजी ने अपना लण्ड मेरी बुर के अन्दर कर दिया, इस तरह बुर में लण्ड लेकर धीरे-धीरे आगे-पीछे होते हुए हम दोनों पिक्चर का मज़ा लेने लगे।स्क्रीन पर आदमी कभी ऊपर तो कभी नीचे आकर चुदाई कर रहा था और दूसरी लड़की कभी अपनी चूची चुसवाती तो कभी बुर.

लड़की हस्तमैथुन

जोश के मारे मैं उसके चूतड़ हाथ से दबाने लगी, मैं उसे अपने से चिपका कर थोड़ी देर के लिए उसके होंट चूसने लगी, साथ ही मैंने अपनी एक उंगली उसकी गांड के छेद में घुसा दी.

अभी सही हो जाएगा।मैंने कहा- ठीक है अभी लाता हूँ।मैं मेडिकल से दवा ले कर पांच मिनट में आया और सेठानी को दवा दे दी।उन्होंने कहा- मेरे पैर दुःख रहे हैं, जरा दबा दे. बात यूँ शुरू हुई!एक दिन मैं सुबह सुबह जॉगिंग कर रहा था कि तब अचानक एक लड़की को मैंने देखा, उसने टाईट टॉप और जींस पहनी है और वो भी जोगिंग के लिये आई है. ! यह मैं आपको फिर कभी बताऊँगा।यह मेरी ज़िंदगी की एक अनसुनी कहानी या तो मैं जानता हूँ या गिरिजा जानती है या फिर अब आप लोग जान चुके हैं।मेरी स्टोरी कैसी है प्लीज़ अपनी राय ज़रूर देना।[emailprotected].

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गर्भावस्था में संचित अतिरिक्त वसा (fat) दूध उत्पादन में काम आती है और स्तन-पान कराने से इस वसा का सदुपयोग होता है और माँ का गर्भावस्था में बढ़ा वज़न घटाने मैं मदद मिलती है।8. मैंने कहा- बुआ मैं हेल्प करूँ क्या?तो वो चुपचाप मेरे पास आ गईं और बोलीं- ये सब तेरे और मेरे बीच ही रहेगा. यह नहीं जा सकते तो इनके बगल में सो जाऊँगी। जैसे रोज़ रात को इनके साथ लेटती हूँ।”बोले- कभी-कभी जगह बदल लेनी चाहिए, चेंज बहुत ज़रूरी है।वैसे आप कितने अकेले से हो.

हम दोनों बड़ी जोर जोर से हंसने लगे पर मेरी हंसी बनावटी थी क्योंकि मुझे तो उनकी गांड और चूत को सुजाना था. मेरे दिमाग में एक झनका सा हुआ… अरे मनोज वो तो कहीं वही तो नहीं…मुझे याद आया सलोनी ने एक दो बार बताया था. खा जा इसे !उधर सोनल अपने कपड़े उतार कर रश्मि के मम्मे सहलाने लगी।कहानी जारी रहेगी।मुझे मेल करें ![emailprotected].

सन्ता की शादी हो रही थी, फेरों पर बैठने के लिए जब प्रीतो आई तो उसने पंडित से पूछा- पंडित जी, मैं इनकी दाईं तरफ बैठूं या बायीं तरफ?इससे पहले कि पंडित कुछ बोले, सन्ता का एक दोस्त बोला- अरे कहीं भी बैठ जाओ अभी तो… शादी के बाद तो तुम सन्ता के सर पर ही बैठोगी.

मैंने देखा था…मधु ने तो जैसे पूरा मोर्चा संभाल लिया था… उसको लगा आज सलोनी कि डांट पड़वा कर ही रहेगी…सलोनी- ओह… नहीं जान. मेरा नाम अक्षय है और अभी मैं सर्विस करता हूँ। ये तब की बात है जब मैं 19 साल का था और पढ़ाई कर रहा था था। हमारे पड़ोस में एक भैया रहते थे, जिन्हें मेरे पापा ने नौकरी पर लगाया था.

मेरे अंग के सब क्रिया कलाप, अब साजन की नज़रों में थेअंग को अंग से सख्ती से जकड़, चहुँ ओर से नितम्ब हिलोर दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. ठीक है, तब तक जो मेरे बगल मे लड़का नीचे था।वो बोला- भाई साहब आप आ जाओ… मैं ऊपर आ जाता हूँ।वो लड़का ऊपर आ गया। मैंने एक चादर बिछा ली और आराम से बैठी थी। रात के 9 बज चुके थे। एकाएक उस लड़के ने मेरी चूत को सहला दिया।मैं फुसफुसाई- कोई देख लेगा. !और मेरे पास आया और पति से बोला- आकाश थोड़ा उधर घूम जाओ… मुझे चैक करना पड़ेगा ताकि सेठ नाराज़ ना हो जाए।मेरे पति घूम गए, सुनील ने तुरंत मुझे बाँहों में ले कर चुम्बन करने लगा और एक हाथ मेरी पैन्टी में डाल कर चूत पर रखा और चौंक कर बोला- वाह… नाइस एंड स्मूद चूत… आज सेठ तो गया काम से…!मैं तनिक शरमाई तो सुनील मुझसे बोला- तू सेठ को खुश कर देना.

तक पढ़ाई की है, मुझे पहले से ही पढ़ाई में रूचि नहीं थी इसलिए मैंने 12वीं में फेल होने के बाद पुलिस फोर्स ज्वाइन कर ली।मुझे यह कहानी अंजलि ने खुद बताई है। उसने मुझे बताया कि उसके साथ क्या हुआ था।उसकी यह दर्द भरी मजबूरी को आपके सामने लिख रही हूँ। मैं यह तो नहीं कह सकती कि इस दास्तान को पढ़ कर आनन्द उठायें. हँसी ठिठोली बहनों की, मुझको बिल्कुल न भाई सखीसिरदर्द के बहाने मैंने तो, बहनों से किनारा काट लियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. !यह क्या होता है?”तुम मेरे निचले होंठ को चूमो और मैं तुम्हारे होंठ को चूमूँगा।”नीति ने उत्साहपूर्वक चुम्मा लिया।अब फ्रेंच-किस दो.

जानवरों वाली बीएफ मूवी ?सलोनी- नहीं यार… ऐसा कुछ नहीं हुआ… बस जैसे तूने देखा… ऐसे ही किसी न किसी देखा होगा… बस… और तो कुछ नहीं हुआ…नज़ाकत- अच्छा और तुम्हारे देवर, वो कहाँ तक पहुँचे. पता नहीं फिर भी मुझे डर लगने लगा था।आनन्द ने मुझे पास बुला कर लंड चूसने को कहा।कुछ देर चूसने के बाद हम दोनों 69 की अवस्था में आ गए।अब आनन्द मेरी चूत चाट रहा था.

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खेलत-खेलत मैं थकी सखी, साजन के बदन पर लोट गईसाजन ने कहा सौ नहीं हुए, और प्रतिस्पंदन कई बार कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. उसने बोला- आज पहली बार ऐसा कुछ हो रहा है मेरे साथ और मुझे ये सब बहुत अच्छा लग रहा है।मैं भी बोला- हाँ, आज पहली बार मैं किसी लड़की के इतना नजदीक हूँ, मुझे बड़ा आनन्द आ रहा है. लंड खड़ा था वो एक अच्छी रांड की तरह मेरे लंड को अपने मुँह में ले कर जीभ से चूसने लगी। मुझको मज़ा आने लगा।दस मिनट के बाद मेरा वीर्य निकला, वो पी गई, पर मैं अब भी नहीं जगा।रेनू- दीदी जीजू नहीं जागे.

मैंने कस कर उसकी चूत को मसल दिया तो ऋज़ू- अह्ह्हा…आआआ… मेरी चूत भी तेरे लौड़े को पूरा खा जाएगी।उसकी भाषा हर तरह की लगाम छोड़ती दिख रही थी. बातों बातों में मैंने उसे बताया कि मैं तो आगरा का ही रहने वाला हूँ और बतौर टूरिस्ट गाइड काम करता हूँ. सनी लियोन वीडियो सेक्समैंने उसके जी भरकर कस से कम 5 मिनट तक होंठ चूसे, जी भरकर रसपान किया। नीचे मेरा लिंग उसकी योनि पर रगड़ खा रहा था।मुझसे रहा नहीं जा रहा था, मैंने जोर-जोर से रगड़ा मारना शुरू किया, उसे भी नशा आने लगा।उसने होंठ छुड़ाए और मेरी आँखों में देखने लगी और इस बार उसने खुद मेरे होंठों को अपनी गिरफ्त में ले लिया और चूसा।मैंने कहा- अपने कपड़े पूरी तरह उतारो, तुमने ब्रा पैन्टी तो पहनी नहीं है.

मम्मी ने कहा- ठीक है तुम चले जाओ, पर तुम्हारे पास ट्रेन का रिजर्वेशन भी नहीं है और तुम मन्जू को कैसे ले जाओगे? उसको यहीं रहने दो, वैसे भी घर का खाना आदि का काम भी कैसे हो पायेगा?वह मान गया और मन्जू को छोड़ कर चला गया.

आप खाना कहाँ खाते हो?सुधीर- अरे सारी बात यहीं करोगी क्या? चलो अन्दर आ जाओ वहाँ आराम से बात करेंगे।दोनों अन्दर चले जाते हैं. !आरोही बोलते-बोलते चुप हो जाती है।रेहान- क्या उसने मुझे…! जान पूरी बात बताओ शरमाओ मत, मेरा जानना जरूरी है।आरोही पूरी बात बता देती है कि कैसे राहुल ने गेम खेलने के बहाने उसके मम्मों को दबाया और जूही के बारे में भी सब कुछ बता दिया ब्रा-पैन्टी में राहुल के सामने गई.

तभी दरवाजा खुला और मदन लाल कॉफ़ी लेकर अंदर आ गया।साधारण सी पैंट शर्ट पहने, अधपके बाल और शेव बढ़ी हुई… दिखने में बहुत साधारण मगर हर समय उसका मुँह और आँखें चलती रहती हैं. मेरा मन बल्लियों उछल रहा था, जिसको याद कर के हस्त-मैथुन करता था वो आज मेरी बाँहों में थी और मुझसे बच्चा मांग रही है। मुझे और मेरे लौड़े को बस एक ही ठुमरी का वो अंश याद या रहा था-आजा गिलौरी, खिलाय दूँ किमामी,लाली पे लाली तनिक हुई जाए. हमारी फैमिली में हम 5 लोग हैं पापा, मैं और छोटा भाई, हमारी फ़ूफ़ी विधवा थीं उनकी एक बेटी किशोरावस्था में थी तब.

तो मुझे कुछ ग़लतफहमी हो गई थी।मैं बाहर के दरवाजे के पास आया ही था कि वो पीछे से आई और मेरा हाथ पकड़ कर बोली- इधर आओ।और फिर वो मुझे पीछे दूसरे कमरे में ले गई। यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं।अन्दर जाते ही उसने दरवाजा बंद कर दिया और उसके चेहरे पर मुस्कान आ गई।मैं हैरान हो गया और उसकी तरफ बेचैन निगाहों से देखने लगा।फिर वो बोली- तुमको कोई ग़लतफहमी नहीं हुई थी।मैंने कहा- सच.

मज़ा करो, पर उससे कोई सवाल मत करना। मैंने उसका माइंड ऐसे बना दिया है कि अब वो खुलकर तुम्हारे साथ मस्ती करेगी, पर तुम उसको अहसास मत होने देना कि तुम्हें पता है और रात को हम दोनों मिलकर उसको चोदेंगे… वादा याद है ना…!राहुल- हाँ यार मुझे याद है. !मैंने कहा- कुछ नहीं मामी जी।मामी ने कहा- कभी उस हालत में लड़की को नहीं देखा क्या?मैंने कहा- नहीं मामी जी. आप मम्मी से फोन पर बात कर लें।उसने झट अपने घर फोन मिला कर मम्मी को पकड़ा दिया।मेरी मम्मी कुछ देर उसकी मम्मी की आवाज़ सुनती रहीं फिर बोलीं- ऐसी बात है, तो चमेली को कल रात रुकने के लिए भेज दूँगी.

ब्लू पिक्चर चोदने की!वो हॅंसने लगी।मैंने एक हाथ से उसके सपाट पेट पर हाथ सहलाना शुरू किया और वही हाथ चूची पर ले गया और दबाने लगा। उसकी योनि चाटना शुरू किया।उसकी योनि से खूब गीला और चिकना पानी रिसने लगा।वो जोर-जोर से आवाजें करने लगी, आंह ऊँह आह मत करो ये. मैं यही सोच रहा था कि रात को एक बार कोशिश तो जरूर करूँगा… यह अच्छा ही था कि सलोनी बैडरूम में रहेगी और मैं आसानी से मधु की बन्द चूत खोल पाऊँगा।मगर फिर एक डर भी सता रहा था कि अगर वो ज़ोर से चिल्ला दी तो क्या होगा !बहुत से विचार मेरे दिल में आ जा रहे थे… मैं बहुत सारी बातें सोच रहा था… कि मधु को ऐसे करके चोदूंगा, वैसे चोदूंगा.

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और मधु बाथरूम से अपने शरीर को साफ़ करके फिर मेरे पास आ चिपक कर लेट गई…उसने अपनी समीज भी नहीं पहनी और ना उसको सलोनी का डर था. ! तेरी तरह नहीं कि पूरे दिन टॉयलेट में मुठ मारती हूँ…!लेकिन मैं अभी भी प्यासा था। मेरा उससे मन नहीं भर रहा था. मेरे अंग पर सीना रखकर, वह प्रफुल्लित होकर लेट गयामैंने अपनी एड़ियों को, उसके नितम्बों पर सखी फेर दियाशांति की अनंत चांदनी में, हमने परस्पर लिपट विश्राम कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

राजा आज डबल धमाका हो गया। पहले अंकल ने चोदा वो भी आज पागलपन वाले मूड में थे और अब तुम भी वैसे मूड में मिल गए।”वो जिसके साथ ढाबे में बैठा था, लगता है नया आशिक मिल गया. रोज़ी के उठाने से पहले ही मैंने उसको उठा लिया…मेरा हाथ में कच्छी का चूत वाले हिस्से का कपड़ा आया जो काफी गीला और चिपचिपा सा था…यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !ओह तो रोज़ी ने बाथरूम में आकर अपनी कच्छी निकाली थी… ना कि मूत किया था…इसका मतलब उस समय यह भी पूरी गीली हो गई थी. जय- मैं तुमसे प्यार करता हूँ जो बोलोगी करूँगा!मैं- आज तक किसी ने मुझे ऐसे नहीं देखा, मेरे घर पर पता चला तो वो मुझे मार ही डालेंगे.

!यह कहानी आप लोग अन्तर्वासना पर पढ़ रहे हैं, यह मेरी सच्ची कहानी है।मैंने उससे हिम्मत करके कहा- अगर तुम्हारी इच्छा हो, तो तुम भी माँ बन सकती हो। तुम्हारी बदनामी भी नहीं होगी।उसने बड़ी उत्सुकता से पूछा- कैसे. यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं।…आह ह ह ह… मर गई माँ… उईईइ माँ…!!”और फिर उसने ताबड़तोड़ चुदाई शुरू कर दी।…फ़च फ़च… आ. मैंने कहा- क्या?तो वो मेरी नियत समझ गई, पर वापस बोली- मुझे भी एक गिलास पानी दे दो। मैंने उसके लिए पानी का गिलास भरा और उसको दिया, जैसे ही उसने पानी का गिलास हाथ में लिया तौलिया उसी पल नीचे गिर गया और मेरी नजरें उसके मम्मों पर ठहर गईं।वो भी एकदम से घबरा गई और तौलिया उठाने नीचे झुकी।तो मैंने कहा- अब जो छुपा हुआ था वो तो दिख ही गया है.

मुझे ऐसा लगा जैसे यह मेरे लिए न्यौता हो चाची की तरफ से !इस वक़्त चाची कमर बिल्कुल मेरे मुँह के ऊपर थी. ‘अब बस करो… छोड़ दो ना यार… ऐसा मत करो… शाहनवाज… हट जाओ ना…’पर उसका लंड मेरी गाण्ड के छेद पर आ चुका था, उसके लण्ड का स्पर्श चूतड़ों में बड़ा आनन्द दे रहा था.

रात को डिनर पर मिलते हैं और जूही कहाँ है?राहुल- अरे मैं बताना ही भूल गया, वो अपनी सहेली के यहाँ है, कल पिकनिक का प्रोग्राम है, तो उनको सुबह जल्दी जाना है, इसलिए आज वहीं रुक गई है, आ जाएगी कल शाम तक… तुम आराम करो.

तभी तो लोगों को पता चलेगा कि ये कुँवारी कली है…अच्छे से रिकॉर्ड करना तुम…!रेहान ने लौड़े पर दबाव बनाया और एक इंच लौड़ा अन्दर घुसा दिया, चूत बहुत टाइट थी अगर तेल ना होता तो लौड़ा छिल जाता या चूत छिल जाती, चूत इतनी टाइट हो रही थी कि लौड़ा घुसते ही उसका दर्द के मारे जूही का बदन अकड़ने लगा नशा उतरने लगा था।जूही- उई रोनू उफ़फ्फ़ रूको अई बहुत दर्द हो रहा है, अई आह उ प्लीज़ रूको आ धीरे से आ आ. एक्स एक्स एचडी मेंअब दूसरे निप्पल की बारी थी… उस पर भी वैसा हीकिया… पर अब निप्पल में जलन होने लगी।तभी फ़्रिज से बर्फ निकाल कर एक एक टुकड़ा निप्पल पर रख कर नीचे लेट गया… थोड़ी देर बाद अच्छा लगा…अब मैंने नीचे देखा तो नीचे की पोलीथीन की थैली मेरे सफ़ेद गाढ़े पानी से भर गई थी. सेक्सी बीपी ना वीडियोमैडी तो बस बोल रहा था उसने तो एक निप्पल मुँह में लेकर चूसना भी शुरू कर दिया था।दीपक- अबे सालों आराम से मज़ा लो. मैं अन्तर्वासना का एक साल से पाठक हूँ और अब सारी कहानियाँ पढ़ता हूँ और सोचा कि मैं भी अपनी कहानी आप सब लोगों से शेयर करूँ.

मेरे कैबिन में एक तरफ़ा दिखने वाले शीशे लगे हैं जिनसे मैं स्टाफ पर नजर रखता हूँ… वैसे तो उन पर परदे पड़े रहते हैं पर नीलू को चोदते समय मैं ये परदे हटा देता हूँ.

जब भी वे आते हैं तो अपने काम में ही बिजी रहते हैं। जब मैं कुछ कहती हूँ, तो मुझसे झगड़ पड़ते हैं। आजकल तो फोन भी नहीं करते हैं।इतना कहकर वो रोने लगीं।मैं उनके करीब गया और उनके कंधे पर अपना हाथ रखकर उन्हें चुप करने लगा और उनके आंसुओं को पोंछने लगा। कुछ देर बाद वो चुप हो गईं और अपने कमरे में चली गईं।अगले दिन जब मैं उनके कमरे में गया, तब वे टी. मैं- अहह अह अह्ह्ह अह! जय, ये गलत है ये गन्दा काम कहाँ से सीखा?जय- मैं जानता हूँ ओरल सेक्स लड़कियों को पसंद आता है, तुम्हें भी आता है, बोलो?मैं- अह, मत करो! मैं खुद को नहीं रोक पाऊँगी! और कुछ गलत हो जायेगा हमारे बीच!जय भी यही चाहता था और शायद मैं भी! जय ने मेरी टाँगें फैलाई और अपने लंड को अंदर डालने की कोशिश करने लगा. उनका बेटा हैप्पी और एक सेक्सी बेटी गुरविन्दर थे।गुरविन्दर बहुत सेक्सी थी।उसके मादक जिस्म का कटाव 36-24-36 वाला किसी सांचे में ढला हुआ था।उसका रंग किसी अंग्रेजन की तरह एकदम गोरा.

तो छोटा सा है। वो इतनी देर में तो दो बार झड़ जाता है।वो मेरे शरीर को चूमती रही और वो दो बार झड़ गई। अब मैंने उसे कुतिया बना लिया और पीछे से लण्ड डाला। मैंने उसके दोनों दूध पकड़ कर ज़ोर-ज़ोर से धक्के देना चालू कर दिए।वो चिल्ला रही थी- चोद मुझे. सलमा ने हैरानी से पूछा- दो? यह तो एक ही होता है?पप्पू बोला- मेरे पाप्पा के पास दो हैं, एक छोटा सा है जिससे से वो पेशाब करते हैं, दूसरा काफी बड़ा है उससे मम्मी के दांतों को साफ़ करते हैं. जो हर समय चुदवाने के लिए बेचैन रहती है…! बुर को फाड़ कर अपने मदन-रस से इसे सींच दोओ…ओह माआअ ओह मेरे राजा बहुत अच्छा लग रहा है …चोदो…चोदो…चोदो …और चोद, राजा साथ-साथ गिरना…ओह हाईईईईईई आ जाओ … मेरे चोदू सनम…हाय अब नहीं रुक पाऊँगी ई ओह मैं … मैं…गइईईईईई.

संभोग करने से क्या होता है

! कामिनी के यहाँ नहीं चलना है क्या?जीजू बोले- जब अपने पास साफ-सुथरा लैंडिंग प्लेटफॉर्म है, तो जंगल में एयरोप्लेन उतारने की क्या ज़रूरत है. !आरोही- भाई आपने बताया नहीं कि कौन सा खेल खेलेंगे?तभी जूही भी कमरे में आ गई।जूही- हाँ भाई मैं भी आ गई हूँ, अब बताओ क्या खेलें?राहुल- हम कुश्ती करेंगे. सो लम्बा सुट्टा मारा और ऊपर की तरफ मुँह करके हवा में धुआँ छोड़ दिया।नीचे से शबनम ने अपनी कमर उचका कर मेरे लौड़े को टुनयाया, अबे चोदू मुझे देना सिगरेट.

तो उसे तेरे साथ सोने दे। उसे घर में घुटन लगती है।मैं मान गया। इतना कह कर नानी चली गईं।मैंने कहा- मनु क्या हुआ?तो मनु उठी और छत का दरवाजा बंद कर मेरे पास आई। उसने वक्त ना गवांते हुए मेरे होठों को चूमने लगी। उसके नाजुक पतले गरम होठ गुलाब के पंखुरियों की तरह लगे।मनु की आँखें नशीली हो रही थीं तो मैं भी जोरों से उसके होंठों का रस चूसने लगा।वो बोली- रुक जाओ.

सखी मैं साजन से रूठी थी, और साजन मुझे मनाता थामैं और दूर हट जाती थी, वह जितने कदम बढ़ाता थासाजन के हाथों को मैंने, अपने बदन से परे हटाय दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

वो मेरी पीठ पर निढाल हो कर गिर गया… मैंने नीचे से अपनी गाण्ड हिला कर उसका ढीला हुआ लण्ड बाहर कर दिया. और मत तड़पाओ…दीदी की गाण्ड अपने आप ऊपर की तरफ उठ कर लंड को अंदर लेने की कोशिश कर रही थी मगर उस पुलिस वाले को दीदी को तड़पाने में मज़ा आ रहा था. ब्लू पिक्चर हिंदी में सेक्स वालीमैंने कहा- भाभी क्या कर रही हो !तो उन्होंने कहा- कुछ नहीं !और मैं फिर से लेट गया और अपनी आँखें बंद कर लीं.

फिर धीरे-धीरे मैं भाभी के पास आता गया और मैंने भाभी की चूचियों पर अपना हाथ रख दिया तो भाभी सोने का नाटक करने लगीं. ***कुछ सवालों के मज़ेदार जवाब पप्पू के मुख से:छिपकली क्या होती है?पप्पू- छिपकली गरीब मगरमच्छ की औलाद होती है जिसे बचपन में बोर्नविटा वाल दूध नहीं मिला पीने के लिए…पिज्जा क्या होता है?पप्पू- पिज़्ज़ा वो परांठा है जो अपनी पढ़ाई के लिए विदेश चला गया था…***पप्पू भागते भागते घर आया और अपनी मम्मी प्रीतो से बोला- मम्मी मम्मी, अभी थोड़ी देर में आपको बहुत मज़ा मिलने वाला है. रोज़ एक बार तो पक्का और अंदाज़न हफ़्ते में तीन दफे दो बार और एक आध बारी तीन दफे भी !’‘हाय…मेरे चोदू राजा… कितना चुदक्कड़ है तू… तो उसके मेंसेस में क्या करता है?.

बुआ ने घर के बाहर बने बरामदे में सोने के लिए मेरा बिस्तर लगा दिया था और वो भी मंदिर में सोने चली गई जो घर के सबसे अंत में था. मैं हिम्मत करके बोला- क्यों चेंज कर दिया? मूवी अच्छी तो थी!फ़ूफ़ी थोड़ा सा मुस्कुराईं और वही चैनल वापस लगा दिया.

!आपको मेरी कहानी का पहला भाग कैसा लगा, मुझे[emailprotected]पर जरुर बताएं।कहानी अगले अंक में समाप्य है।.

गोरा-चिट्टा चिकना सा लड़का देख कर सन्ता का लंड खड़ा हो गया और उसने लड़के की गान्ड मार लीइरफान भी दारू के नशे में फुल टल्ली था, उसे कुछ महसूस नहीं हुआ. !मैं बोला- जल्दी करो कोई आ जाएगा।मोना ने अपने सारे कपड़े उतार दिए और बोली- मेरी आज प्यास बुझा दो बंटी।तभी वो मेरा लंड अपने मुँह में डाल कर बोली- मुझे चोदो जल्दी. दोनों जंघाएँ पकड़ सखी, अंग को अन्दर का लक्ष्य दियानितम्बों से ठोकर दे देकर, मुझे चरम-सुख की तरफ धकिय़ाय दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

हिंदी क्सक्सक्स हद वीडियो ओह जैसे आवाजे निकलने लगी… और साथ ही अपने चूतड़ भी हिलाने लगी।मैंने उसकी सलवार का नाड़ा खोल कर उसे भी उसके शरीर से अलग कर दिया।एकाएक उसने मुझे पकड़ा और अपने ऊपर खींच लिया और मेरे होठों को फिर से चूसने लगी और बोली- सारे मजे खुद ही लोगे क्या? मुझे मजे नहीं करने दोगे?मैं हँसा और बोला- जो करना है कर लो, मैं तुम्हारा ही तो हूँ. हाथ लगते ही चाची के मुँह एक कसक भरी आह निकली।आआआहह… मानो मेरे हाथ लगाने से चाची के अंदर तूफान उमड़ पड़ा हो.

!रीना झड़ गई और नंगी ही सो गई।सुबह सात बजे राधा ने उसको उठाया और कहा- तेरे स्कूल की फ्रेंड को मैंने तेरी तीन दिन की छुट्टी की अर्जी दे दी है, अब चल जल्दी से रेडी हो जा, वहाँ जाना भी है, देर मत कर !रीना नहाने बाथरूम चली गई और बॉडी पर हेयर-रिमूवर क्रीम लगा लिया ताकि एकदम चिकनी हो जाए. यहाँ तक कि मैंने दो तीन चिकनी क्रीम भी ढूंढ कर पास रख ली थीं… मेरे शैतानी लण्ड ने आज एक क़त्ल का पूरा इंतजाम कर लिया था और वो हर हाल में इस काण्ड को करने के लिए तैयार था…कहानी जारी रहेगी।[emailprotected]. घर जाने के लिए लोकल बस पकड़ी तो बस चलाने के लिए कण्डक्टर ने ‘टिंग – टिंग’ किया तो बस चल पड़ी साथ ही इरफ़ान का भी खड़ा हो गया.

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पता नहीं फिर भी मुझे डर लगने लगा था।आनन्द ने मुझे पास बुला कर लंड चूसने को कहा।कुछ देर चूसने के बाद हम दोनों 69 की अवस्था में आ गए।अब आनन्द मेरी चूत चाट रहा था. जब मैं कीर्ति दीदी को घोड़ी बना कर चोदता तो उनके कसे चूतड़ों को हथेली से पकड़-पकड़ कर फैलाकर कर देखता और जोर से चूत चोदता. कोई ऐसी बात मत बोल देना कि बना बनाया काम बिगड़ जाए।आरोही कुछ बोलती इसके पहले ही अन्ना अन्दर आया, उसको देख कर दोनों खड़े हो गए।अन्ना- तुम बैठो जी, और सुनाओ क्या लोगे ठंडा या गर्म.

!जीजाजी काफ़ी थक गए थे और कामिनी की चूचियों के बीच सर रख कर लेट गए। थोड़ी देर बाद कामिनी के ऊपर से उठे और मेरे बगल में लेट गए। उनका लौड़ा सुस्त पड़ा था।मैंने उसे हिला कर कहा- आज इस बेचारे को बड़ी मेहनत करनी पड़ी, ओ. ”जब वो लण्ड को अन्दर-बाहर करती तो मेरे हाथ अपने आप उसका सर दबाने लगते और मैं लण्ड उसके मुँह में पेलने लगता।लण्ड चुसवाते हुए मैंने कविता को घुटनों के बल खड़ा किया और उसकी पैन्टी नीचे सरका दी और चूत और चूतड़ पर हाथ फिराने लगा और चूत में ऊँगली करने लगा, जिससे कविता ने लण्ड चूसना और तेज कर दिया।पूरे कमरे मे ‘पुच.

जिससे माया एक आनन्दमयी सिसकारी स्स्स्स्स्शह” के साथ कसमसा उठती।मैं उसकी गर्दन और गालों पर चुम्बन भी कर रहा था, जिसे माया भी एन्जॉय करने लगी थी।फिर मैं थोड़ा नीचे की ओर बढ़ा और उसके चूचों को मुँह में भर कर बारी-बारी से चूसने लगा.

!मुझे पता चल गया कि अब यह दुबारा झड़ने वाली है, तो मैंने भी अपना पूरा दम लगा कर जोर-जोर से चोदना जारी रखा और मुमताज ने मुझे कस कर जकड़ लिया और लण्ड उसकी चूत में गहराई तक उतर गया।मैं भी अपने आप को झड़ने से नहीं रोक पा रहा था। मैंने कहा- मेरा निकलने वाला है, कहाँ निकालूँ?वो बोली- अन्दर ही निकलने दो. !मैं उसकी बातों से और गरम हो रहा था। कुछ देर बाद उसकी चूत को मजा आने लगा।वो बोली- अब लेट के कर लेकिन मैं ऊपर रहूंगी. प्लीज़ आ उई आईए आह…!अंकित लौड़े को सिमरन के होंठों पर घुमाने लगता है, वो सिमरन का मुँह खोल कर लौड़ा अन्दर डाल देता है। वो चूस नहीं रही थी, अंकित बस मुँह में आगे-पीछे करने लगता है।संजू- वाउ क्या टेस्टी चूत है यार.

उसने मेरी तरफ नजर उठा कर देखा और कहा- भैया जी वो बात ऐसी है कि… और उसने अपनी नजरें नीचे झुका लीं और अपनी साड़ी के छोर को अपनी उँगलियों में गोल-गोल घुमाने लगी. परन्तु यदि कोई पुरुष कामुक और सुन्दर औरत की चूत से निकला कामरस का नित्य सेवन करे और अपने लंड की दिन में दो बार मालिश करे तो लंड बहुत ही मजबूत होता है और कामशक्ति एक हजार गुना बढ़ जाती है. जरा अलमारी से तौलिया ला दीजिए।मैं तौलिया निकालने गया।इसी बीच भाभी ने अपनी साड़ी उतार दी थी, ब्लाउज भी खोल दिया, अब वो अपनी ब्रा खोलने की कोशिश कर रही थी लेकिन वो हुक खुल नहीं रहा था।मैंने उनको तौलिया पकड़ा दिया। उन्होंने उसे हाथ में लेकर हेंगर पर टांगा और अपने ब्रा के हुक को खोलने की कोशिश करने लगी।मैंने बाहर से कहा- मैं हेल्प करूँ.

जांघों के सहारे उठे नितम्ब, अब स्पंदन का सुख भोग रहेस्पंदन की झकझोर से फिर, स्तन दोलन से डोल रहेसीत्कार, सिसकी, उई, आह, ओह, सब वातावरण में घोल दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

जानवरों वाली बीएफ मूवी: उसकी स्लैक्स कच्छी के साथ ही उतर गई थी इसलिए चूत पूरी तरह नंगी थी…क्या मस्त चूत थी यार !! बिल्कुल फूली हुई… चूत पर बहुत मुलायम रेशमी बाल थे… मेरे हाथों की उँगलियों ने उसके बालों को सहलाते हुए चूत के होंठों को सहलाया. वो एक सुन्दर औरत थी, 28 साल उम्र होगी, वो ज्यादा गोरी नहीं थी और उसके दूध भी बड़े नहीं थे लेकिन मुझे वो बहुत पसंद आई क्योंकि उसके छोटे दूध एकदम नुकीले खड़े थे जो मुझे हर लड़की में आकर्षित करते थे.

आराम से डालो न…मैं नम्रता को चुम्बन करने लगा, उसका दर्द अब मज़े में बदलने लगा, वो ज़ोर-ज़ोर से सिसकारी भरने लगी।मैं उसे बुरी तरह चोद रहा था, उसके दोनों पैर मेरे कंधों पर थे और मेरा लण्ड उसकी चूत में शंटिंग कर रहा था। मुझे तो जन्नत का मज़ा आ रहा था।पूरा कमरा हमारी सिसकारियों से गूँज रहा था, आहह. !अब आपको पता चल जाएगा कि पिंकी किसी की कहानी की नकल नहीं करती। कुछ दोस्तों ने कहा कि ऐसी बहुत कहानियाँ पढ़ चुके हैं, जिनमें बहन को मॉडल बनाने के बहाने चोदना आदि हो, लेकिन दोस्तो, मैंने शुरूआत वैसे की जरूर है, पर आगे कहानी में कई मोड़ आएँगे, आप बस पढ़ते जाइए और अंत में बताना कि ऐसी कोई कहानी पहले कहीं पढ़ी है क्या. ओह शायद एक रह गया… कोई बात नहीं अगले पार्ट में बता दूँगी। वैसे मैंने स्टोरी को दोबारा सैट किया है क्योंकिमार-काट यहाँ नहीं लिख सकती हूँ इसलिए प्यार से काम निपटा दिया ओके… अब ज़्यादा बात नहीं करूँगी, जल्दी से मेरी आईडी[emailprotected]पर बताओ आज का पार्ट कैसा लगा।.

मैंने उनकी तरफ देखा तो भाभी बोलीं- कल ही बनाई थी !भाभी की चूत में से रस निकल रहा था और भाभी जोश में अपनी टाँगें एक-दूसरे से चिपका रही थीं.

”क्या आपको अब भी छोटी छोटी लड़कियाँ अच्छी लगती हैं?”पर तुम ऐसा क्यों पूछ रही हो?”ऐसे ही।”फिर भी?”क्या आप उसे बहुत प्रेम करते थे?”हाँ … पलक … पर तुम भी तो मेरी मिक्की जैसी ही हो !”पर मैं मिक्की की तरह बच्ची तो नहीं हूँ !”मैं जानता हूँ मेरी दादी अम्मा, अब तुम बच्ची नहीं बड़ी हो गई हो !” कहते हुए मैंने उसके गालों पर हलकी सी चिकोटी काट ली। भला इतना सुन्दर मौका मैं हाथ से कैसे जाने देता।ऊईई आईईईईई…. और रात होने का इंतज़ार करने लगा, जब रात में वो मेरे रूम में स्टडी करने आई और कुछ देर बाद जब घर में सब लोग सो गए तो मैंने अपनी स्टडी स्टॉप की और उसे चूमना शुरू कर दिया. !जीजाजी काफ़ी थक गए थे और कामिनी की चूचियों के बीच सर रख कर लेट गए। थोड़ी देर बाद कामिनी के ऊपर से उठे और मेरे बगल में लेट गए। उनका लौड़ा सुस्त पड़ा था।मैंने उसे हिला कर कहा- आज इस बेचारे को बड़ी मेहनत करनी पड़ी, ओ.