मां की चुदाई सेक्सी बीएफ

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यह सेक्स स्टोरी 2 साल पुरानी है। मेरी फैमिली दिल्ली में रहती है। मैं अपनी अपनी कब से अपना एग्जाम देकर अपनी फैमिली के पास दिल्ली आया था। उस टाइम मैं जवान हो चुका था। दिल्ली आने के बाद मुझे कुछ अच्छा नहीं लग रहा था क्योंकि माहौल अलग सा हो गया था। मेरा इधर मन नहीं लग रहा था. सेक्सी मूवी ब्लू फिल्म वीडियो मेंमैं थोड़ा थक गया था, मैंने स्पीड धीमी कर दी, धीरे धीरे अब मैं अपना लंड उसके चूत में पेल रहा था.

”नमकीन शहद? वो क्या होता है?”मुझे मालूम है कि आपके पास है और यदि आप मुझे रोके ना, तो मैं निकाल लूँगा. सुहागरात का वीडियो बीएफखैर वो दिन ऐसे ही निकल गया, लेकिन ना चाहते हुए भी दिल में हलचल सी होने लगी.

पर यह बता दो कि तुम्हें मजा आया कि नहीं?तो मैं बोली- तुम दोनों को थैंक्स तुम दोनों की वजह से मुझे बहुत मजा मिला.मां की चुदाई सेक्सी बीएफ: वो एक ही समय में मेरे मम्मों को भी निचोड़ रहा था और मेरे होंठों को चूस रहा था.

इस तरह मैंने रात भर उनकी चार बार चुत चुदाई की और सुबह अपने कमरे में आकर थकान से चूर होकर सो गया.दोस्तो, किसी भी औरत को सेक्स से ज्यादा किसी अच्छे साथ की जरूरत होती है.

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वो अपने लंड पर कंडोम लगाया था और उसका खड़ा लंड कंडोम की वजह से एकदम चमक रहा था.कुछ ही देर में आंटी ने अपना हाथ मेरे लंड पर रख दिया, जो अब तक पूरा खड़ा हो चुका था.

उसके लंड को देख कर मुझे थोड़ा अजीब सा लगा और मैंने लंड से हाथ हटा लिया. मां की चुदाई सेक्सी बीएफ मैं- मतलब?निक्की- मतलब यह देखना चाहती है कि हम कितने मज़े लेते हैं.

मैंने भी मुस्कान को और कसके अपनी बांहों में दबा लिया और उसकी पीठ पर हाथ से सहलाने लगा.

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मैंने इसका कारण पूछा तो आंटी ने कहा- मैं यह पार्टी सिर्फ तुम्हारे साथ मनाना चाहती थी इसलिए!मैं मन ही मन खुश हो रहा था मेरा जादू चल गया था फिर केक काटा गया और सभी ने खाया फिर हमने साथ में खाना खाया. उसने बापू के गले को चूमते हुए एक लम्बा किस किया और अपनी चूचियों को बापू की छाती पर दबाते हुए चिपक गयी. अभी मुझे रूम पे वापस आये तीन चार मिनट ही हुए थे, तभी पीछे से भैया आये.

मैं चाचा की शर्ट के बटन खोलने लगी और कुछ ही पलों में शर्ट उतार दी, फिर उनकी बनियान भी उतार दी. सर ने मेरे दोनों हाथ अपनी कांख में दबा लिए, जिससे मैं कुछ कर ना पाऊं. होटल वालों ने हमें सोने के लिए जो कंबल दिया था वह काफी हल्का था, उसमें काफी ठंड लग रही थी.

वो बोली- अंदर ही निकाल दे बहनचोद, मैं भी बस आई।और एक मिनट बाद मैं उसकी चूत में झड़ गया और वो भी साथ झड़ गई।और हमारी हालत अब खराब थी, मैंने उसे उठाया तो देखा नीचे तकिया खून में लाल पड़ा है वो डर गई मैंने उसे समझाया कि अब तू फ्री हो गई है सील टूटी है तेरी!हम भाई बहन एक दूसरे को कामुक नजरों से देख रहे थे।मैं उसे बाथरूम में ले गया, पेशाब कराया, उसे दर्द बहुत हो रहा था. मनोरमा ने गीता को समझा कर कहा कि अपने घर पर फोन कर दो कि मैं एक सप्ताह के लिए कम्पनी के काम से बाहर जा रही हूँ. बापू पूरे जिस्म को ढीला करते हुए लेट गया और ज़ोर से चुदासी आवाजें निकालने लगा- आहहहह.

फिर मैंने अपना लुंड आंटी के हाथ में दिया, वो अब तक पूरी तरह अपना रूप ले चुका था, साढ़े छह इंच लम्बा और काफी मोटा है. गीता ने उससे कहा कि मुझे माहवारी हुई है या नहीं, मैं नहीं कह सकती क्योंकि खून तो आया था मगर बहुत कम.

दोगे न?मैंने सुनसान देख कर उसको अपनी बांहों में भर लिया और पूछा- उस आदमी से मजा नहीं आया था क्या?अरे उसने तो पेला ही था कि तुमने अपने लंड पर बिठा लिया था.

वो मेरे ऊपर आकर मेरी तरफ मुँह करके अपनी टांगें सीट पर फैला कर अपनी भारी गांड को मेरे लंड रख कर बैठने को हो गईं.

पिंकी मेल देख कर घबरा गई और बोली- दीदी मुझे नहीं पता कि किसने आपको फॉर्वर्ड की है. अब हम कॉलेज पहुंच गए और मुस्कान का काम होने के बाद मुस्कान बोली- चलो अब घर. आह मनोहर अपना पूरा लौड़ा अन्दर मेरी चूत में घुसा दे और घुसा आहहहह वोहहहह मनोहर मुझे बिल्कुल तेरे जैसे लंड की जरूरत थी, तुम तीनों बहुत मस्त हो.

फिर मैंने अपनी पेन ड्राईव टीवी में लगा दी और उसमें फीड एक ब्लू फिल्म चालू कर दी. मैं 40 साल की हूँ, मेरा फिगर 38सी 36 40 है और मैं दिखने में बहुत ही हॉट और सेक्सी हूँ. कुछ देर बाद उसके किस करने से मेरा रोना बंद हो चुका था और मैं भी कुछ गर्म सी हो गई थी.

वर्ना तुम्हारी मम्मी को बता दूँगी कि तुम उनके पीछे से घर पर क्या क्या करते हो.

मधु- अब तो बता दो मेरे बारे में ख्याल था तुम्हारे मन में?मैंने उसकी ओर देखा, वो भी मुझे ही देख रही थी. कभी वो मेरा लंड चूसतीं, तो कभी मैं आंटी की गांड, कभी उनकी बुर की फांकों को अपने मुँह से भर कर चाटता. उसका स्कर्ट और ऊपर उठता गया… और ऊपर और थोड़ा सा ऊपर… पद्मिनी अपने बापू को खुश करने के लिए स्कर्ट उठाती गयी और बापू ज़ोरों से अपना हाथ अपने लंड पर लुंगी के नीचे मारते गया… जैसे ही पद्मिनी की सफ़ेद पेंटी थोड़ा सा नज़र आयी, बापू ने अपना मुँह जल्दी से उस मुलायम पेंटी पर रख दिया और चाटने लगा.

दोगे न?मैंने सुनसान देख कर उसको अपनी बांहों में भर लिया और पूछा- उस आदमी से मजा नहीं आया था क्या?अरे उसने तो पेला ही था कि तुमने अपने लंड पर बिठा लिया था. मुझे देख कर उसने एक हल्की-सी स्माइल देकर हैलो कहा और अपनी सीट पर अपनी बेटी को चढ़ा कर खुद भी चढ़ गई. लेकिन मैंने लंड नहीं डाला बल्कि उसकी चूत की फांकों में लंड रख कर रगड़ देता और हटा लेता.

उसकी सहेली काजल का कल एग्जाम है, तो वो अपनी नींद पूरी करना चाहती है.

फिर मैं मेट्रो स्टेशन पर आ गया और मैं टोकन लेकर फ्लेटफॉर्म पर मेट्रो का इन्तजार करने लगा. दरअसल जब भी उसके ऑफिस का इंजीनियर बाहर वेटिंग में बैठा होता था, और ऑफिस बॉय वहीं होता था, तो वो मुझसे अंग्रेजी में बात करती थी.

मां की चुदाई सेक्सी बीएफ मैंने झटके से उसकी पैन्टी उतारी और अपना लंड, जो पूरी तरह से तैयार था उसकी चुत में पेल दिया. जैसे ही रूम में पहुंचे, मैंने दरवाजा किया बन्द किया और मुस्कान को गोद में उठा कर दीवार से लगा दिया.

मां की चुदाई सेक्सी बीएफ इसी बीच उसने मेरी टांगें उठाईं और अपना लंड मेरी फटी हुई चूत में डाल दिया. मैंने खाला को कहा- नूरी खाला आप मुझे बिल्कुल मुमताज लगती हैं!तो वे बोली- मेरे शाहजहां, मैं आपकी मुमताज ही हूँ! आप आगे से मुझे मुमताज ही कहें!अब मैंने उसका मांग टीका हटा दिया, उनकी नशीली आंखें मुझे नशे में कर रही थी। फिर मैंने उनकी दोनों नशीली आँखों पर एक चुम्मा दिया.

उन्होंने इसी प्यार के दौरान धीरे से मेरे सीने पर मेरी घुंडी को काट लिया.

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फिर उसने मेरे सब कपड़े उतार दिए और मेरा लंड के ऊपर चुंबन लेकर लंड चूसने लगी. उसने मेरे पास आ के कहा- तुम पहले क्यों नहीं मिले?ये कह कर वो मेरे गले लग गयी. और सही में थोड़ी देर बाद मम्मी बुरी तरह मामा को किस करते हुए बोली- और करो दोनों, मेरी चुत का सारा रस निकाल दो!मामा और उस आदमी ने अब मम्मी को कस कस के चोदना शुरू कर दिया था, गोदी में बैठा के!कुछ देर के बाद शायद मम्मी का गिरने लगा और उन दोनों का भी … मम्मी तड़पने लगी और कस के मामा को जकड़ लिया.

हालाँकि सारे लड़के अपने काम में या कॉलेज गए हुए थे, होस्टल में कोई नहीं था, पर किस्मत खराब हो तो कोई कुछ भी कर सकता है।उसकी चूत चुदाई करते करते वो झड़ गयी तो मैं उसे घोड़ी बना कर ठोकने लगा. बाद में हम किस को तोड़ते हुए एक दूसरे की आंखों में डालकर हंसने लगे क्योंकि हम दोनों ने लास्ट नाइट को ही छत पे सब प्लानिंग कर रखी थी. धीरे से मैंने उनकी चुत के पास अपने होंठ लगाए, नाइटी का कपड़ा बिल्कुल महीन था, बड़ा प्यारा एहसास हुआ.

तभी सुरेश जी जाग गए और मुझे देख कर कहने लगे- क्या हुआ?मैंने कहा- मुझे डर लग रहा है.

वो बोली- मैं तो डरती थी कि आप नींद में हैं और ग़लती से यह हो रहा है. दस मिनट की चुसाई के बाद मैं झड़ने वाला था, मैंने कहा- रस निकालूँ?तो उसने कहा- हां मेरे होंठों पर निकाल दो. मैंने अपने लिए और अपने बुआ के बेटे के लिए चाय बनाई और अपने बुआ के बेटे से पूछने लगी कि मम्मी और बुआ कब तक आएंगी, कुछ मालूम है?बुआ का बेटा बोला कि वो लोग तो देर रात तक ही आएंगी.

उसका सर सोफे में टिका के मैं सोफे पे चढ़ गया, उसका सर अपनी टाँगों के बीच रख कर अपनी बहन का मुँह चोदने लगा. इसी तरह हम बातें कर रहे थे, साथ में सामने टीवी पर कोई मूवी चल रही थी. हमने पानी पिया, फिर उसने मोबाईल पर लाईट म्यूजिक लगा दिया और हम बातें करने लगे.

लेकिन कोई भी भारतीय लड़की अपनी लाज शर्म के चलते अपने दिल की बात किसी लड़के से नहीं कह पाती है. मैंने भाभी की तरफ देख कर लंड को हिलाया तो भाभी नीचे बैठ कर मेरे लंड को सहलाते हुए अपने मुँह में लेकर एक किस के साथ थोड़ा सा चूस कर बोलीं- चलो अब खेल शुरू करो.

मैंने कई बार अपनी कहानी लिख कर भेजने का सोचा है लेकिन समय न मिल पाने के कारण कोई कहानी नहीं भेज सका. एक ओर उनके रस भरे यौवन को चखने के लिए मन व्याकुल था, वहीं दूसरी ओर रिश्तों की मर्यादा का भी ख्याल था. फिर मैंने उन्हें पूछा- आपका रांची में घर है?तो उन्होंने कहा- हां!फिर मैंने पूछा- आप फिर कहां जा रही हो?तो उन्होंने कहा- पटना में मेरे कुछ रिलेटिव हैं, इमरजेंसी कुछ काम आ गया तो उसी सिलसिले में मैं वहां जा रही हूं इसीलिए टिकट भी कंफर्म नहीं ले पाई.

” मैं लड़खड़ाते हुए बोली, मुझे जल्द से जल्द उन्हें मुझसे दूर करना होगा।खीरा काट कर दूँ मौसा जी?” मैंने पूछा.

ससुर जी ने मम्मी की हाफ पैंट को उतार दिया, अब मम्मी के जिस्म पर सिर्फ एक शर्ट था वो भी सामने खुला हुआ। ससुर जी में मम्मी अपने ऊपर बैठा रखा था, एक हाथ से उनकी चूत को सहला रहे थे।ससुर जी मम्मी से बोले- रंजीता, तुमने कितने लोगों से चुदवाया है?मम्मी बोली- अपने पति के अलावा अपने ननदोई जी से!मम्मी की यह बात सुन कर मेरी हालत खराब हो गयी कि फूफा जी मम्मी को चोदते थे. मैं- तो क्या तुम्हें भी चाहिए मज़ा तो खुल के बोलो न?निक्की- अब चाय पिलाओ, यह गर्म हो गया है. मैंने उसकी संगमरमर जैसी जंघाएं उठाकर उसकी चिकनी चुत पे लंड रख दिया और एक करार धक्का लगा दिया.

मेरी नज़र बार बार उनके चुचियों पर जा रही थी, उनकी मैक्सी का ऊपर का बटन खुला हुआ था जिससे उनकी दूध घाटी बड़ी मस्त कामुकता बिखेर रही थी. साथ के साथ तमाम स्त्री पुरूष भी उन कहानियों में खुद को उसका नायक नायिका समझ कर आपने आप को सन्तुष्ट कर लेते हैं.

मैं तुरंत इधर-उधर कपड़े देखने लगी, घबराहट में कुछ भी समझ नहीं आ रहा था, न कपड़े मिल रहे थे. भाभी कमरे में जाने के लिए खड़ी हुईं और मैंने महसूस किया कि मेरा लंड अब कुछ ज्यादा ही अकड़ गया था. उस दिन मैंने साड़ी पहने हुई थी, जो कि साड़ी मैंने नाभि के नीचे से बांधी थी और गहरे गले का ब्लाउज पहना था, जिससे मेरे बूब्स थोड़े बाहर दिखाई दे रहे थे.

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जब सीमा की सांस फूली और वह स्खलित होने की तरफ बढ़ी, तब मैं भी एक बार फिर उसकी चूत में ही स्खलित हो गया।सीमा ने बेहद प्यार से मुझे गले लगाया और अपने ऊपर लेटा लिया दो बार की घमासान चुदाई के बाद हम बेहद थक चुके थे।यह दृश्य थोड़ी देर बाद यहीं से शुरू होगा किंतु बीच में मैं आपको रीना और श्लोक के बहनचोद बनने का किस्सा सुनाता हूं जैसा कि मुझे श्लोक ने कुछ दिनों बाद में बताया था.

मैंने कहा- देखो किसी को तो डेट पर आने पर कितना प्यार मिल रहा था है. फ़िर दोनों ने अपने पैर ऊपर उठाए और कहा- चलो लंड वाले महाराज… अब ताला भी देख लो. चुदाई के दौरान वो एक बार झड़ गयी पर मेरा हुआ नहीं था तो मैं करता रहा और 7 मिनट की चुदाई में वो मेरे साथ दूसरी बार झड़ गयी और हम दोनों थक कर वैसे ही लेट गए।मेरा लन्ड जूही की चूत में सिकुड़ गया और हम दोनों ऐसे ही सो गए.

फिर मैं धीरे धीरे उंगलियों को दोनों तरफ घुमाना शुरू कर दिया, साथ ही साथ अन्दर बाहर भी कर रहा था, जिसके कारण गांड में थोड़ी सी जगह बन गई. फिर मेरी शक्ल देख के भाभी बोलीं- अच्छा मेरे साथ चलो मुझे मार्केट जाना है, कुछ सामान खरीदना है. गर्लफ्रेंड केमैंने झटके से उसकी पैन्टी उतारी और अपना लंड, जो पूरी तरह से तैयार था उसकी चुत में पेल दिया.

लेकिन उसे पता नहीं क्या हुआ… उसने खुद मेरा हाथ ढूंढना शुरू कर दिया. जब परेड खत्म हुई लगभग 7:00 बजे तो हम भाई बहन उसी गाड़ी से वापस आने लगे तो उस गाड़ी वाले ने उस गाड़ी में कुछ ज्यादा ही पैसेंजर बैठा लिए, उस गाड़ी में बहुत भीड़ हो गई थी.

मुझे लग रहा था कि जैसे मैंने किसी गरम भट्टी में अपना लंड डाल दिया हो. मैंने कहा- मैं अब तुम्हारा कहना मानती रहूंगी मगर तुम भी मुझे मजबूर ना किया करो. बात आज से 10 साल पहले की है जब मैं 12वीं में पढ़ता था। मेरे घर के पास ही में 2 घर छोड़ के मेरे से एक साल छोटी मेरी जूनियर रहती थी जिसका नाम नैना था। पहले मेरी उसमें कोई रूचि नहीं थी, मेरा ध्यान सिर्फ फुटबॉल खेलने में रहता था.

फिर कुछ देर बाद मैंने उसके एक पैर अपने कंधे पर रखा और दूसरे पैर को मैंने अपने पैरों के बीच में फंसा लिया. कुछ देर बाद जैसे ही मेरी आँख खुली, मेरी नज़र दरवाज़े पर गयी, जहाँ पापा खड़े मुझे फटी फटी आँखों से देख रहे थे। मेरे दोनों हाथ अभी भी मेरे बालों में फंसे हुए थे।मैं पापा को इस तरह घूरते देख कर बहुत डर गयी- सॉरी पापा… मेरे बाथरूम में लाईट नहीं जल रही है, इसलिए मैंने आपका बाथरूम यूज कर रही हूँ. एक तो ब्लू फिल्म की खुमारी, ऊपर से आज भाभी की साड़ी वाला दृश्य, मुझसे कंट्रोल करना मुश्किल था तो मैंने बाथरूम में ही मोबाइल में ब्लू फिल्म चालू कर दी और सेक्स टॉय को भाभी की चूत समझ कर उसमें अपना लंड डाला और झटके पे झटके लगाने लगा.

वह लड़की इतनी सुंदर, गोरी और सेक्सी थी कि मेरा उसी के ऊपर दिल आ गया था और सोचने लगा कि यह लड़की चोदने के लिए मिल जाए तो मजा आ जाएगा.

इस वक्त मुझे काफी मजा आ रहा था, ऐसा लग रहा था जैसे मानो मैं कहीं आसमान में उड़ रही हूँ. ”ओह्ह… तो ये बात है… मतलब आप का भी मन करने लगा है अब लंड से मजे लेने का?”हट पागल… अब इस उम्र में लंड लेकर मैं क्या करुँगी.

इधर ये सब जान जाने के बाद अब मुझे भी गीता में कोई इंटरेस्ट नहीं रह गया था. उसने अपना माल मेरे मुँह में छोड़ दिया और निढाल हो गयी, लेकिन मेरा नहीं हुआ था. अगले दिन वो फिर ऊपर आ गईं, उन्होंने मुझसे कुछ देर बात की और वो गद्दे पर पसर कर सो गईं.

उसको मैंने समझाया कि तुम उसको मेल करो कि जब दीदी घर पर नहीं होतीं तब तुम यहाँ आ करो मुझे चोदो. उसकी 42 साईज की चूचियां ब्रा के बंधन से आजाद होने के लिए तड़प रही थीं. अब तक की इस चुदाई की कहानी में आपने पढ़ा था कि मेरी चुत पीयूष चाट रहा था और मैं लाल जी का लंड चूस रही थी, तभी दरवाजे पर दस्तक हुई.

मां की चुदाई सेक्सी बीएफ यही तो वो पल था जिसे देखने को मैं पागल हो रहा था… अपनी बीवी को किसी और लन्ड से स्खलित होते हुए देखना!आहहहह… आहहह… उफ. आप लैपटॉप अपने रूम पे लेती जाओ और आराम से जितने वीडियो हैं, आप देखो और जो पसंद आए उसे अपने मोबाइल में ले लेना.

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भाभी बड़ी वाली चुसक्कड़ थीं, वे मेरे लंड के पूरे पानी को अपने मुँह में भरकर गटक गईं. अब हम ऐसे छोटे से मैदान में आ गए थे, जो चारों ओर से घास और घने पेड़ से घिरा था. सुबह करीब 8 बजे आँख खुली, फ्रेश होने के बाद मैं मौसी के पास गया, चाय मांगी पर वो मुझसे नजरें नहीं मिला रही थी.

दोस्तो, आपको मेरी मम्मी की चूत चुदाई की सेक्सी स्टोरी कैसी लगी? मुझे ईमेल करके जरूर बतायें! आपको अगर अच्छी लगी तो आगे की कहानी भी जरूर लिखूंगा!मेरी ईमेल है –[emailprotected]. ‘अभी उंगली जाने में तो खंजर भुकने जैसा लगा था, वह बैंगन कितना दर्द देगा. सेक्सी ब्लू सेक्सी हिंदी मेंकुछ ही देर में मुझे लंड चूसना अच्छा लगने लगा और मैं उसके लंड को बेशर्मों की तरह बहुत देर तक चूसती रही.

हमें पता ही नहीं लगा कि उनकी बेटी जो मेरे से थोड़ी छोटी थी, आकर गेट पे खड़ी हो गयी और चिल्लायी ‘मम्मी, ये क्या कर रहे हो?’ हमने फटाफट कपड़े पहने और उससे बात करने लगे.

दोस्तो, मैं उम्मीद करता हूँ कि मेरी पहली चुदाई की कहानी आपको पसंद आई होगी. मैंने उसकी गर्दन पर फिर से चूम लिया और बोला- राज को बुला दूँ क्या?मंजू सिसकारियाँ लेती हुई बोली- हाँ बुला लो!मैंने उसके दोनों हाथों को पीछे खींचते हुए कसकर पकड़ लिया.

उसी दिन रात में उसने मुझे कॉल किया, उस वक़्त हमारी जनरल बात हो रही थी. अपने को फिट रखने को जिम जाता हूं, डाइट कन्ट्रोल रखता हूं, बन ठन कर रहता हूं। सब किया है. तो उन्होंने कहा कि तुम ऊपर वाले बेडरूम में टीवी देखना तब तक मैं बेटे को लेकर आती हूँ.

सिर्फ सुबह शाम का मुश्किल से एक एक घंटे का काम था।एक शाम बाबा का नाती आया था, सुमेर उसे पीछे का कमरा साफ कराने ले गया.

अब दिव्या अपनी चूत ऊपर उठाने लगी, मैंने ज्यादा देर न करते हुए अपने लन्ड पर थोड़ा थूक लगा कर चिकना किया और दिव्या के होंठों को अपने होंठों में दबाकर लन्ड उसकी चूत के छेद पर टिका दिया।अब हल्के हल्के लन्ड का दबाब डालने लगा, लेकिन लन्ड अंदर नहीं जा रहा था, मैंने फिर से थोड़ा थूक लगाया, फिर से छेद पर टिका दिया, मैंने हल्का सा जोर लगाने की सोची, वरना मैं वहीं स्खलित हो जाता. वो मुझे जोर देने लगा- चलिए ना मैडम … आप प्लीज चलिए, समोसे खायेंगे!तो मैं मान गयी और मैं और मेरी सहेलियां हम सब लोग समोसे खाने के लिए दुकान में चले गए. [emailprotected]कहानी का अगला भाग:मेरी अंतरंग डायरी: मेरी सेक्सी बहन की वासना-1.

देसी सेक्सी राजस्थानी वीडियोथोड़ी देर इस तरह से बीवी की चूत चोदने के बाद मैंने अपने पैर बदल दिए. पूरे दस मिनट तक लंड चूसने के बाद उसने मेरे लंड से माल निकलवा दिया और उसने सारा लंड चाट कर साफ कर दिया.

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वो कहने लगी- मैं लाइट चालू करूँगी, तुम दोनों यह क्या कर रहे हो, मुझे भी देखना है. सुबह सुबह वो लड़का उसको चोद चाद कर चला गया और तब तबस्सुम मेरे पास आ कर अपने बॉस के लिए बोली- वो तुम्हारी पूरी मदद करेगा, जिनसे तुमको बदला लेना है. मैंने महसूस किया कि उसने भी अपनी गांड मेरे लंड पर उठा कर पूरी सैट कर कर दी.

मैंने आपको अपनी पिछली कहानी में मेरी गर्लफ्रेंड सपना (नाम बदला हुआ) का जिक्र किया था. मेरी चुदाई की कहानी वासना से सराबोर कर देने वाली है, आप अपने मेल मुझे भेज सकते हैं. हरीश कहने लगा- मेरी मां तो बहुत ही घूमती रहती हैं, जब जो मन करता है, वह उस तरीके से रहती हैं.

हम तीनों ने एक और पेग बनाया, यह रितु का तीसरा और हमारा चौथा पेग था. मैंने चुनरी के एक पल्लू को लहंगे और एक कंधे से हटाया और वो एक तरफ गिर गया, अब चुनरी एक कंधे पर थी साथ ही चुनरी का दूसरा हिस्सा जो लहंगे में घुसा हुआ था होता है, वे मेरे सामने लहंगे और चोली में थी और चुनरी आधे बदन पर थी क्या क़यामत का नज़ारा था. मैंने कहा- आज तक तुमसे मैंने कुछ नहीं छुपाया और तुमको अपनी छोटी बहन मान कर ही सब कुछ बात की है.

इसमें मैं नीचे लेटा और सीमा अपनी चूत मेरे लण्ड पर रखते हुए लंड निगलती हुई बैठ गई और मेरी ऊपर झुक गयी. और उसी क्रम में अपने शरीर के उन अंगों से स्पर्श कराओ, जिस क्रम में उस फूल से कराती थीं.

अब मैंने उसे चित लिटा कर उसकी टांगें फैला दीं और अपना लंड उसकी चूत के ऊपर रगड़ने लगा.

उसकी चूचियाँ ऐसी लग रही थी जैसे दो पर्वत खड़े होकर खुद पे इतरा रहे हों! जब वो सांस लेती तो उसके वो पर्वत ऊपर नीचे हो रहे थे जिन्हें देखकर मेरा शैतानी दिमाग खुद ब खुद काम पे लग गया।अपनी बहन के पास जाकर मैं उसे हल्की रोशनी में फिर से उसे ऊपर से लेकर नीचे तक निहारने लगा. एक्स एक्स एक्स फुल एचडी बीएफजैसे ही मैंने अपने रूम का डोर ओपन किया, वहाँ रानी शुक्ला को लेटी पाया. ब्लू पिक्चर सेक्सी न्यू वीडियोड्रेस भी ऐसी पहनी कि जैसे ही वो मेरा टॉप खोले तो मम्मे बाहर निकल कर उसके मुँह पर जा लगें. उनकी ये बात सुन कर मेरे कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि ये हो क्या रहा है.

अब हम दोनों ने एक दूसरे को कसकर चिपका लिया था, उनकी चुत ने मेरे लंड को ज़ोर से जकड़ना चालू किया.

एक और बार चुदाई के दौर से गुजरने के बाद तीनों भाई बहन नहाने के लिए बाथरूम में गए और एक साथ ही नहाने लगे. साबुन की चिकनाई कि वजह से मेरी गांड में उनका लंड फचक फचक की आवाज से तेजी से अन्दर बाहर हो रहा था. फिर मैंने अपनी बड़ी बहन प्रीति का कमीज उसके चूतड़ों से ऊपर उठा दिया और उसके चूतड़ों पर उसकी सलवार के ऊपर से अपना लिंग रख दिया और मैं एक हाथ उसके पेट पर रख कर अपने लिंग को आगे पीछे करने लगा जिससे मुझको बहुत ही मजा आ रहा था.

सुबह जैसे ही काम खत्म करके मैं घर जाने को रेडी हुआ, बॉस का कॉल आ गया. दोस्तो, मेरा नाम नितिन है और मैं अपनी वकालत की पढ़ाई के लास्ट ईयर में हूँ. और कुछ देर के बाद मैं मामी की चूत की तरफ बढ़ा, मैं मामी डबल रोटी जैसी चूत को चूसने लगा, अपनी जीभ से चाटने लगा.

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फिर मैंने उनका ब्लाउज और ब्रा भी उतार दिये और उनके खरबूजों का रस पीने लगा. मैंने फोन पकड़ लिया जैसे ही फोन पकड़ा कि उधर नीचे पीयूष जोर से मेरी चूत में अपनी जीभ डाल दी और मेरे मुँह से आह की आवाज निकल गई. राहुल ने एक ही झटके से अपना 6 इंच का मोटा लंड मेरी चूत में पेल दिया.

मेरी सेक्स कहानी के पिछले भागमेरा नौकर राजू और मैं-2में आपने पढ़ा कि कैसे मैंने कामवासना के वशीभूत होकर अपने नौकर को अपने कमरे में बुलाया और मैं उसके जिस्म से चिपक गई, उसके लंड को पकड़ लिया.

अब मैंने उसको बिस्तर पे लेटा कर उसकी ब्रा और पैंटी को आजाद कर दिया.

मुझे सेक्स में गालियां देना और सुनना, नंगेपन की हद तक जाना बेहद पसंद है. उसके बाद कुछ लम्हों के बाद बापू ने प्यार से पद्मिनी के चेहरे को अपने हाथों में लिया और उसकी आँखों में अपनी में देखते हुए बोला- तू बापू से बहुत प्यार करती है ना?पद्मिनी ने बहुत ही नर्म धीमी आवाज़ में जवाब दिया- इसमें कोई शक है क्या बापू, दुनिया में सबसे ज़्यादा आपसे ही तो प्यार करती हूं. ஷகிலா ஆன்ட்டி வீடியோउसने मेरा लौड़ा अपने हाथ से पकड़ कर अपने छेद पर फिट किया तो मैंने एक झटका लगाया और मेरा आधा लंड उसकी गांड में चला गया.

मैंने भी उसके दोनों पैरों को अपने दोनों हाथों से पूरी तरह से जकड़ लिए. थोड़ी देर बाद मम्मी ने अपनी नाइटी उतारी और उसके बाद तो मैं अपना आपा खो बैठा, एकदम बर्दाश्त के बाहर हो चुका था … मैं अपनी मम्मी को सिर्फ ब्रा और पेंटी में देख रहा था!एकदम गोरा चमकता हुआ जिस्म, बूब्स तो लग रहे थे कि ब्रा फाड़ के बाहर आ जायेंगे!मम्मी ने फिर अपनी ब्रा और पैंटी उतारी, ओह … वो गोरी गोरी गांड देख कर मेरा दिमाग ही घूम गया, एकदम बड़े बड़े बूब्स … उन पर मोटे मोटे निप्पल, मॉम की चूत एकदम साफ़ थी. उसने अपने रूमाल से मेरी चूत को और बाकी हिस्से को साफ किया, मेरा सारा पसीना पोंछ लिया.

उस कागज को उसने पूरा खोला तो उसपर नियम लिखे थे, जो कुछ इस प्रकार थे. खैर मैं उसे लेकर पास के कमरे में गया तो वो उसके मम्मी पापा का बैडरूम था.

फिर उसने मेरे पैर पर मूव लगाई और पैर सहलाए, जिससे मेरा दर्द कुछ कम हुआ.

मैं धीरे धीरे उसकी नाभि को किस करते हुए उसकी जांघों तक पहुँचा और उस पर किस करने लगा लगा. मैं घुटनों पर बैठ कर उसका एक स्तन चूस रहा था, वो मेरा सर अपने मम्मे पर दबा रही थी. किसी कैदी को जैसे जेल से बाहर आने पर होता है, शायद वैसा ही हाल मेरा लंड को हुआ होगा.

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वो कभी मेरा पूरा लंड मुँह में अन्दर तक लेकर बाहर करती, कभी अंडों पर जीभ फिराती, फिर अंडों को मुँह में लेकर चूसने लगती. उसने कहा कि मैं अपने हाथ से निकाल कर नहीं डाल सकती, तुम खुद ही निकाल लो न. कुछ ही देर बाद मुझे भी बहुत मज़ा आने लगा था और मैं भी अपनी गांड साथ में हिलाए जा रही थी.

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भाभी ने बताया- मैं तो सुबह ही तुम्हारे साथ चुदाई करने के लिए गयी थी, पर तुम पहले ही किसी के साथ नंगे पड़े थे. अभिलाषा हंस कर कहने लगी- आज आप जूली के साथ वक्त बिताएं, बाकी कल देखेंगे. परंतु मैं उन्हें मजे से चूस रहा था तो वह मुझे ‘रमनजीत आई लव यू… रमनदीप आई लव यू…’ बोल रही थी.

यह सच्ची कहानी आज उसी की जुबानी बताई हुई थी, जो मैं उसकी तरफ से लिख रहा हूँ. अपना लंड बीवी के चुत में वैसे ही रखकर मैं अपनी प्यारी बीवी की पीठ पर सो गया.

तुम लोगों को ऐसी यादें दूँगी कि ज़िंदगी भर संजो के रखोगे!कीकु ने झुक के रूबी का मुँह चूम लिया, फिर उसके गालों को चूमा, कभी उसकी गर्दन को चूमता.

मैंने बुआ जी को ये भी बताया कि मैं अनु दीदी से शादी नहीं करूँगा और अनु दीदी भी एकदम क्लियर है, हमारा रिश्ता सिर्फ़ अनु दीदी की शादी तक का है और मैं आज ही नौकरी छोड़ कर चला जाता हूँ. मैं थोड़ा थक गया था, मैंने स्पीड धीमी कर दी, धीरे धीरे अब मैं अपना लंड उसके चूत में पेल रहा था. यह सुनकर वे अलमारी से दो गिलास ले आईं और पैग बना कर मुझे भी शराब पिला दी.

लेकिन रेखा की बात से और उसकी आँखों से यह साफ़ लग रहा था कि वो चुदने के लिए ज़्यादा इंतज़ार नहीं करना चाहती. लंड को चूत में डालने पर कोई परेशानी नहीं हुई क्योंकि कोमल की चूत पहले ही पानी पानी हो रही थी. उसकी चिकनी मक्खन जैसी बुर देख कर मैं समझ गया कि उसने आज ही अपनी बुर के बाल साफ़ किए थे.

उसकी नंगी पीठ, उस पर बिखरे हुए बाल, बड़ी सी परफेक्ट शेप वाली उठी हुई गांड.

मां की चुदाई सेक्सी बीएफ: हाय… ऐसा रस मैंने अभी तक किसी की चूत का नहीं देखा था, यहाँ तक कि मेरी बेटी का भी नहीं था!फिर वह भी मेरी चूत को ऐसे खाये जा रही थी जैसे कि खाना खा रही हो! सच बताऊँ तो उसकी चूत बहुत मस्त थी. ! ओके बोलो क्या शर्त है?मैंने कहा- हम दोनों ही बाथरूम में अन्दर जाएंगे ओके?थोड़ा सोचने के बाद मुस्कान बोली- ओके ठीक है.

गले लगते वक़्त मैंने हल्के से उनकी पीठ पर हाथ फेर दिया और उन्होंने भी मेरे गालों पे हल्का सा किस किया. विजय और रीना एक दूसरे को किस करते हुए एक दूसरे के गुप्तांगों को छूने लगे. अन्दर आते ही लालजी बोला- वन्द्या बता क्या हुआ तेरे साथ सच सच बता?मैं बोली कि तुम दोनों बेवकूफों की बेवकूफी के कारण आज मुझे बहुत बहुत मजा आया, आज पहली बार मैंने अपने सारे अरमान जो अन्दर आ रहे थे, वह अरमान पूरे कर लिए.

यह सुनकर मेरी तो किस्मत खुल गई कि आज इस मक्खन बदन को छू सकूँगा, जिसके मैं सपने देखता था.

उसने मेरी बात मान ली और कपड़े को मुँह में उतना ठूंस लिया, जितना बन सकता था. ये क्या कह रहे हैं आप?बाबा- सत्य यही है और इसीलिए मैं तुम्हें ये उपाय नहीं बताना चाह रहा था. वो कुछ नहीं बोली तो मैंने उसे गले से लगाया और धीरे धीरे उसकी पीठ पर हाथ घुमाने लगा.