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फिर मैंने अपना लौड़ा उसकी गांड में डाल दिया और दस मिनट तक मैंने उसको चोदा. हिंदी ब्लू फिल्म फुल मूवीएक दिन शनिवार को शाम को उसने फ़ोन कर मुझसे कहा कि उसके रूम में कोई नहीं है.

कुछ देर के बाद ट्रेन दादर पहुँची और उधर से दो महिलायें एक छोटी बच्ची के साथ आईं और मेरे सामने वाली सीट पर बैठ गईं. सेक्सी फिल्म जानफिर एक दिन अरुण ने उसे मैसेज किया- आप मुझे शाम को रोज गार्डन में मिल सकती हैं?जवाब आया- हाँ.

इसके बाद मैंने अपना लंड आंटी की बुर के मुहाने पे रख दिया और बोला- जानू धीरे धीरे चढूं कि एकदम से पेल दूँ?वो बोलीं- अरे मेरे राजा जैसे चढ़ना है चढ़ जाओ.बीएफ फिल्में दिखाओ: बाबा वल्लिका के पास गए और बोले- तुम्हारा आँखें बंद कर लेना स्वाभाविक है.

उसने विक्रम के लंड के कड़ापन को महसूस किया… वो बहुत ही ज्यादा सख्त था… काफी लम्बा भी था.मैंने कहा- बुआ जी, मानता हूँ कि मुझे और अनु को ज़्यादा नहीं करना चाहिए था, लेकिन सच ये है कि उसने आदमी को एक बार फील कर लिया था.

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मेरी मामी की बड़ी बड़ी चूचियां हैं और गोल सुडौल मोटे से भरे हुए चूतड़ हैं.लेकिन मैं उसको चूमते समय भी अपने लंड को उसकी चुत में घुसा रहने देता.

उन्होंने इसी प्यार के दौरान धीरे से मेरे सीने पर मेरी घुंडी को काट लिया. बीएफ फिल्में दिखाओ बाद में कार में अनु दीदी रोने लगीं, मुझे लगा शायद मेरी एक हरकत पे गुस्सा हैं.

उन्हें इस समय कुछ भी याद नहीं था कि वे घर में हैं, वे सगे भाई-बहिन हैं, उनके बीच खून का रिश्ता है.

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मेरा नाम लकी (बदला हुआ नाम) है, मैं राजस्थान का रहने वाला हूँ लेकिन पापा की नौकरी की वजह से गुजरात में रहता हूँ. अगर सब कुछ सही रहा तो कल तुम्हें मैसेज करके बताता हूँ कि माँ का क्या साइज है।कहानी जारी रहेगी. वो मेरी बगल में आकर बैठ गया और मेरी तारीफ करने लगा- तू मुझे बहुत सुन्दर लगती है.

ललिता मैडम ने बॉस का लौड़ा अपने मुँह में ले रखा था और बॉस चेयर पर पेंट उतारे पड़े थे. मुझे हल्का सा दर्द हुआ लेकिन कुछ देर बाद मैं भी अपनी गांड को नीचे से उछाल कर उसका लंड अपनी चूत में लेने लगी थी. चूत में लंड इतना टाइट चल रहा था मानों रेल के इंजिन में पिस्टन चल रहा हो.

फिर भी मैंने हार न मानते हुए टोपे से लेकर उसका लौड़े पर इस तरह इस तरह मुँह का झटका मारा कि लौड़ा मेरे हलक तक चला गया। मुठ्ठियां एक और बार भींची और फिर एक बार पूरा निकाला और हलक तक ले गयी. अब उसका मुंह मेरी तरफ था और मेरी गांड उसके मुंह की तरफ मुझे नींद नहीं आ रही थी और ना ही प्रीति सो रही थी. मैंने उससे बात शुरू की, तो वो मेरी फ़ोटो मांगने लगा लेकिन मैंने नहीं दी.

अर्थात चूत के अन्दर दो बार और लंड को जोर लगा कर डालना पड़ा और काफी अन्दर जाकर कहीं फंस गया था. अब मैं उनके बड़े बड़े स्तनों को बारी बारी से अपने मुँह में लेकर चूसने लगा.

वो बोल रही थी कि कब से इसका इंतजार ही तो कर रही थी, तुम कितने अच्छे हो.

तो अंकित बोला- क्या हुआ?मैं बिल्कुल पागल हो गई थी, मुझे कुछ होश नहीं था.

फिर उसने जोरदार धक्कों से लंड को अन्दर बाहर करते हुये मेरी चुदाई करना शुरू कर दिया. चूंकि मैंने अपनी सीट ऑन लाइन बुक कर दी थी इसलिए मैं बस में अपनी रिजर्व सीट देखने लगा. आह कितना मज़ा आयेगा इसे भोगने में… देखने से कम उमर की और कुंवारी सी दिखती है … हो सकता है अभी तक सील पैक हो इसकी चूत … या चुद चुकी होगी गाँव में … हावभाव से तो प्यासी सी लगती है, चुद भी चुकी होगी तो ज्यादा से ज्यादा पच्चीस तीस बार चुद ली होगी … इतने से चूत का कुछ बिगड़ता थोड़े ही है.

किसी को क्या पता चलेगा कि यहां क्या हो रहा था?मेरी बात सुनकर आंटी ने नाड़ा छोड़ दिया और मैंने झटका देकर खोल दिया. मैं इसका मज़ा उठाने लगा। तभी उन्होंने मेरे मुँह का सारा थूक अपने मुँह में ले लिया और मेरी जीभ को चूसने लगीं।ऐसे ही हम दोनों कुछ मिनट तक किस करते रहे। तब धीरे-धीरे उनका हाथ मेरे लंड पर आ गया और उन्होंने मेरी पेंट उतार दी। मैंने अंडरवियर नहीं पहन रखी थी. कमरे में आने के बाद मैं सोफे पर बैठ गया और उसको मैंने कहा- नीचे कालीन पर बैठकर मेरे लंड को चूसो.

मैंने भी उसके दोनों पैरों को अपने दोनों हाथों से पूरी तरह से जकड़ लिए.

थोड़ी देर मैं उसकी गान्ड मारते अपनी दो उंगलियाँ उसकी भभकती चूत में घुसा दी. मुझे ताज्जुब हो रहा था कि निशा किसी आदमी की गोद में कैसे बैठ सकती थी. उसका बच्चा मोटे होंठों वाला है, वो कहती है कि ये तुम्हारा ही बच्चा है.

दीदी आहें भर रही थीं और आंखें बंद किए बस मज़ा ले रही थीं- नहीं सतीश, प्लीज़ कुछ मत करो ना, मेरी बात मान जाओ ना, फिर कभी कर लेना, आज रहने दो, देखो कोई आ जाएगा, बहुत बदनामी होगी. ये इसलिए करते थे ताकि हम दोनों मिल सकें वर्ना ऐसे तो मेट्रो में उसको खोजना ही मुश्किल होता था. अब सुरेश जी ने मुझे बाथरूम के फर्श पर पेट के बल लेटा दिया और मेरे ऊपर आकर मेरी गांड में लंड डाल के मेरी गांड मारने लगे.

मैंने अपने कपड़े उतारे, मैं केवल अंडरवियर में था, मैंने उससे कहा- तुम भी कपड़े उतार लो।उसने मुझे देखा, मुस्कुराया-अच्छा सर!उसने अपने पैन्ट शर्ट हेंगर पर टांग दिए.

मैंने उसका हाथ अपने अंडरवियर के ऊपर लंड पर रख दिया, वह सहलाने लगा, फिर धीरे धीरे मेरे अंडरवियर की इलास्टिक से खेलने लगा और अपना हाथ अंदर घुसा दिया. अब मैंने खाला के कपड़े उतारने शुरू किये तो खाला बहुत उत्तेजित थी, कि आज वह पहली बार किसी मर्द के सामने बिना कपड़ों के होने वाली थी.

बीएफ फिल्में दिखाओ अंकित का लंड अंडरवियर के अन्दर ही इतना बड़ा लग रहा है, जब ये बाहर आएगा, तो क्या होगा. मैं तुझे इतनी देर से अपनी चुदाई का खुला आमंत्रण दे रही हूँ और तू मुझे तड़पा रहा है.

बीएफ फिल्में दिखाओ मैंने कहा- कब करोगी? और भी कुछ चाहिए क्या?उसने कहा- अभी तो तुम बस मेरी फ्रेंड के रूम पर चलो, फिर बात करती हूँ. मैंने खाला को कहा- नूरी खाला आप मुझे बिल्कुल मुमताज लगती हैं!तो वे बोली- मेरे शाहजहां, मैं आपकी मुमताज ही हूँ! आप आगे से मुझे मुमताज ही कहें!अब मैंने उसका मांग टीका हटा दिया, उनकी नशीली आंखें मुझे नशे में कर रही थी। फिर मैंने उनकी दोनों नशीली आँखों पर एक चुम्मा दिया.

अब तक इस सेक्स स्टोरी में आपने पढ़ा कि मेरी कामवाली मुझे अपनी पहली चुदाई की कहानी सुना रही थी और उसके ममेरे भाई नेउसकी सील तोड़ दीथी चुकी थी और अब वो उसे दुबारा चुदने के लिए कह रहा था.

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मैं उनके मम्मों को दबाता दबाता, नीचे हाथ ले जाकर उनकी चूत को सहलाने लगा. रात में कुछ पेग पीने के बाद खाना खाकर हम तीनों एक ही रूम में कुछ देर बात करने लगे. पानी की बूँदें ऐसे हालात में बहुत ही रिलैक्स फील करवा रही थीं, लेकिन अचानक मेरी नजर बाथरूम के शीशे में गई.

उसने बोला- पहले उसकी फोटो तो दिखा तो लालजी बोला- आकर ही नंगी करके देख लेना. बाबा ने दुबारा लंड पे थूक लगाया और वल्लिका की चूत पे सैट करके एक जोरदार धक्का लगाया. पहले तो हम दोनों ही मिलने के लिए बहुत एक्साइटेड थे, लेकिन जब रियल में मुलाकात हुई तो किसी के पास कोई शब्द ही नहीं थे.

मैंने भी मौका देख कर सोचा, इस छोटी सी मुलाकात को आगे बढ़ाया जाए- मैडम, आप जब चाहो मुझे बुला सकती हो.

और तो और अपने उंगलियों पे थूक कर अपनी दो उंगलियां मेरी गांड के छेद में घुसा दीं और आगे पीछे करने लगे. मुझे पूरी रात नंगी रहने की वजह से और मेरी टांगों के बीच मुँह मारता रहता था, जिससे मैं पूरी गर्म हो जाती थी. मयूरी की चूत बड़ी ही टाइट थी और उसका एहसास रजत को भी हो रहा था पर वो इस समय बस चुदाई में लगा रहना चाहता था.

एक दिन मुझे रवि के घर किसी काम से जाना पड़ा तो स्वाति ने कहा कि वो तो घर पर नहीं है. अगले ही पल मैंने मुस्कान के होंठों पर अपने होंठों को रख कर उसके कोमल मीठे होंठों के रस को चूसने लगा. उसने मेरी तरफ देखा तो मैंने उसका लंड पकड़ कर अपनी चुत पर टिका लिया और उसे धक्का देने का इशारा किया.

मेरे हाथ लगते ही उसकी सांसें तेज होने लगी और जोर से आहों की आवाज़ आने लगी. दोस्त बोला- ठीक है ये ले एक लड़की का नम्बर इसका नाम पायल (बदला हुआ नाम) है, इसको पटा.

चाचा बोले- अब तुम लोगों ने तो सब देख ही लिया है, तो तुमसे क्या छुपाना. करीब पौने ग्यारह बजे मैं होटल जा पहुंचा और लॉबी में बैठ कर रेखा का इंतज़ार करने लगा. इसलिए उसके चेहरे पर कुछ शान्ति थी कि रात के सफ़र में कोई दिक्कत नहीं होगी.

सुमेर उठा तो मुस्करा रहा था, बोला भी- यार, तुमने मजा बांध दिया… रगड़ के फेंक दी, क्या लंड है तुम्हारा! क्या चुदाई क्या झटके… तुममें बहुत दम है।और देवेश का एक जोरदार चुम्बन ले लिया।मैंने मसाज बॉय दिनेश का परिचय तहसील के और सारे अफसरों से करवा दिया, वह उनकी भी मालिश करने लगा, उसे काम मिला उसका परिचय बढ़ा उसके जमीन मकान के बहुत सारे मामले अफसरों से परिचय के कारण बिना दलालों के निपट गए.

दरवाजे में झिरी से बन गई, अन्दर झाँकने के बाद मैंने जो नजारा देखा, उससे मेरा लंड आन्दोलन करने पर उतारू हो गया और पेंट फाड़ कर बाहर आने को मचलने लगा. वो मुझे बिठा कर बोलीं- मैं चाय बना कर लाती हूँ।मैंने मना कर दिया तो वो बोलीं- अरे इतना भी मत शरमाओ. अब मंजू पेट के बल ही पड़ी थी और उसके कमर से नीचे के हिस्से में दोनों टांगों के बीच राज खड़ा था और साथ में खड़ा था राज का लन्ड जो अब किसी भी पल अपनी फुहार मंजू के ऊपर छोड़ देना चाहता था!राज ने मंजू की दोनों जांघों से उसे पकड़ कर उठा दिया और फिर को अपने लंड को मंजू की चुत से सटाकर एक बार फिर जोरदार वार किया.

चाचा बोले- वन्द्या, इसी आनन्द के बेपनाह मजे के लिए तो लड़की चुदाई करवाती है और मर्द इसी पागलपन के लिए चोदते हैं. मैंने अभिलाषा से पूछा- आपने उससे क्या सेवाएं देने के लिए बोला है?तो अभिलाषा ने बताया कि वह इशारा समझ गई थी.

मुझे पता था कि भाभी मेरे साथ चुदाई का खेल जरूर खेलेंगी, पर मैं अपनी तरफ से पहल न करते हुए उन्हें तड़पाना चाहता था. एकदम मस्त खुशबू आ रही थी, शायद बुआ जी ने अपनी चूत में कोई सैंट लगाया हुआ था. तभी वो मेरे से बोली कि बाहर का गेट बंद कर दो, आज घर पर कोई नहीं है.

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जैसे ही मैंने उसकी चुत की फांकों पर लंड रखा, तो उसने कहा कि पहली बार अन्दर ले रही हूँ.

फिर मुन्नी जब नार्मल हुई तब फिर चोदना शुरु किया, मैं जोर जोर से आंटी की गांड मारने लगा, मुझे बड़ा मजा आ रहा था. सुबह मैंने 10 बजे सलमा को फ़ोन लगाया तो उसने कहा- आप आधा घंटे में आ जाओ. मैंने सर नीचे करके कोमल का एक निप्पल अपने मुँह में ले लिया और दूसरे निप्पल को उंगली से दबाने लगा.

फिर मैंने मनोज के सिर पकड़ कर अपनी चूत पर दबा दिया ताकि वो हिल ना पाए. मैं यह तो नहीं कहूँगी कि मुझे मज़ा नहीं आता था मगर पहले कुछ दिनों तक मुझे यह सब खुले में करने में बहुत शरम आती थी. एचडी बीएफ पोर्नअचानक उसने चूत पर हाथ फेरा, मैं हिली तो वो हंसा और बोला- बहुत खेली खाई हो.

उसके बाद मैंने पेटिकोट का नाड़ा खींच कर खोल दिया और उसे नीचे खिसका दिया, इस दौरान मेरे हाथ उसकी जांघों से टकराये तो लगा कि शायद उसकी मां ने उसके पूरे शरीर की वैक्सिंग कर दी थी. भाभी का 34-26-36 का फिगर वास्तव में इतना कसा हुआ था कि वो किसी भी लंड को एक बार में ही खड़ा कर दें.

मैंने झट से हां कर दी और इसके बाद हम दोनों यहां वहां की बातें करने लग गए. पर फिर जब हम संचालन कर रहे थे और किसी की स्पीच की बारी आई, तब वो मेरे बाजू में खड़ी हो गई थी. अभी ऐसा लग रहा है जैसे मेरे बदन की पूरी गर्मी उतर गई, मेरे जिस्म की हर ख्वाहिश पूरी हो गई, मैं बहुत ही कम उम्र की लड़की हूं.

अब फिर से उन्होंने अपने हाथ धीरे धीरे मेरे सीने पे चलाना शुरू किए और कुछ ही पल बाद वो उठ कर मेरे सीने पे बैठ गईं और मेरे निप्पल को किस करने लगीं. मैं तो अपने होश खो बैठी थी, मुझे तो यह भी याद ना रहा कि मैं कहां हूँ. उधर ऊपर मेरे चूचों को अपने हाथों से लाल जी जोर से दबाने लगा, नीचे पीयूष मेरी चूत चाट रहा था.

मैं पहली बार कहानी लिख रहा हूँ और वो भी मोबाईल से, तो कुछ शब्द सही से नहीं लिख पाया हूँ.

हाय क्या मजा आता है जब किसिंग करते हुए कोई आपके पूरे शरीर पर हाथ फेरे तो मानो ऐसा लगता है, जैसे कि आसमान में उड़ रहे हों. हम दोनों ही मिलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे और वो दिन आ ही गया.

घर पर नीचे पार्किंग में पहुँच कर राहुल ने मुझसे कहा कि अन्नू मुझको तुम्हारे बर्थडे वाले दिन तुम पर बहुत गुस्सा आ रहा था क्योंकि तुमने पूरी रात मेरा फोन नहीं उठाया था. कुछ देर ऐसे ही पड़े रहने के बाद उसने पलटी मारी और मुझे अपने नीचे ले लिया. दरअसल जब भी उसके ऑफिस का इंजीनियर बाहर वेटिंग में बैठा होता था, और ऑफिस बॉय वहीं होता था, तो वो मुझसे अंग्रेजी में बात करती थी.

मैंने उस दिन के बाद 8-9 बार भाभी को चोदा, फिर मुझे अपना रूम चेंज करना पड़ा. नितिन। उसके शामिल होने पे आप सवाल उठा सकती हैं लेकिन एक मज़बूरी है। मेरे पास कोई सुरक्षित जगह नहीं. अब मैं उसकी दोनों टांगों के बीच आया और अपने लंड को उसकी चूत के मुँह पर रख कर सहलाया.

बीएफ फिल्में दिखाओ अब वो पागल होने लगी, बोलने लगी- अब बर्दाश्त नहीं होता, प्लीज जल्दी से अंदर डाल दो न!मैं उठा और जूही को खींच के अपने लन्ड तक ले आया और उसके ऊपर लेट कर उसे किस करने लगा और लन्ड को उसकी चूत पर रगड़ने लगा। मेरे लन्ड अंदर न डालने के कारण वो अपनी गांड से ऊपर की तरफ झटका मारने लगी और लन्ड अंदर लेने की कोशिश करने लगी. मैंने उसको बताया कि जब वो गाड़ी धोकर अपने रूम में चले जाएं, तब तुम किसी भी तरह गाड़ी की चाभी लेकर उसकी टंकी को खोल कर उसमें आधा लीटर पानी डाल देना.

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तेरा लौड़ा बहुत मस्त है, लगता है बस तू मुझे चोदता ही रहे उंहहह ऊंहहह उंहहह दिनेश आहहहह. अब मुझे एक काम करना था, वो था पिंकी को पूरी तरह से किसी के साथ सेटल करवाना. यह दृश्य मुझे बहुत उत्तेजित कर रहा था तथा आज मुझे लंबी देर तक स्खलित ना होने वाली वह चरम सुख पर ना पहुंचने वाली बीमारी ऊपर वाले का आशीर्वाद लगने लगी।रीना दीदी के हाथों ने मेरी कमर पर लाकर मुझे रोकने की कोशिश की.

कुछ साल अच्छे से बीते, सोनू और शिवानी का जन्म हुआ और फिर एक रोज़ मेरे पति का एक एक्सीडेंट के वजह से देहांत हो गया करीब 4 साल पहले!मैं पूरी तरह टूट चुकी थी लेकिन ससुराल के लोगों ने बहुत मदद की और मैंने एक दुकान खोल ली जिससे हमारा गुजारा अच्छे से चलने लगा. डॉक्टर की 3 बार चोदने की सलाह पर वो तो गीता को दिन में 5-5 चोदने लगा. আদিবাসী এক্স ভিডিওउसे दिन के समय ऐसे नंगी दिखना शर्मनाक लग रहा था पर मुझे ज्यादा उत्तेजक कर रही थी जिससे मुझे चुदाई करने में ज्यादा मज़ा आ रहा था।मैं उसे चोदते चोदते उसके ऊपर चढ़ कर कर कुत्ते की स्टाइल में कमर हिला हिला कर चोदने लगा। फिर हम दोनों एक साथ झड़ कर साथ में चिपक कर लेट गए और मैं उसकी बॉडी पर किस करने लगा.

अब हमारी परीक्षाएं नजदीक आ गई थीं और हम पढ़ाई भी साथ साथ करने लगे थे.

उसने सफेद रंग की ब्रा पहनी हुई थी, जो उसके मम्मों को आधे से ज्यादा खुला करके दिखा रही थी. ये सब करते हुए उसकी सहेली काजल भी हम दोनों को देख रही थी और मुझे लगा कि उसको भी थोड़ा थोड़ा मन हो रहा होगा.

दोस्तो, मेरी कहानी अच्छी लग रही है या नहीं, जवाब जरूर दें!मेरा मेल आईडी[emailprotected]है। आपके मेल्स का इंतजार रहेगा।कहानी का अगला भाग:अनजानी दुनिया में अपने-2. उसने जवाब दिया- देखो अगर भावुक हो कर कुछ भी करोगी तो जिंदगी में सफल नहीं हो पाओगी. उनके बेल बजाते ही मैंने दरवाजा खोला तो मुझे ऐसी अवस्था में देख हंसने लगे और बोले- तुम तो पहले से ही तैयार हो.

ये सब इसलिए लिख रहा हूँ ताकि ये बता सकूँ कि हम लोगों को किसी को लाने में कोई तकलीफ नहीं होती थी.

जैसे मैंने दोनों हाठों सर उसके बूब्स दबाये तो क्या बताऊँ दोस्तो … इतने मुलायम उसके बूब्स थे कि क्या कहना!और वो तुरंत आहें भरने लगी, उम्म उम्म की आवाज़ करने लगी. इसके बाद भी बहुत चूतों का स्वाद लिया, वो सब अगली कहानियों में आप सबके साथ शेयर करूँगा. फिर मैं वहां उसको एक राउंड और चोदा और निकलने लगा तो उसने मुझे कुछ पैसे दिए और फिर अपनी बात दोहराई कि किसी को पता न चले.

ब्लू पिक्चर डब्लू डब्लूउसकी दोनों टांगें मेरी टांगों के बाहर थी और उसकी गांड और चुत के बीच में मेरा लंड टिका हुआ था. अब हमें जब भी मौका मिलता है, मैं उसकी हेल्प करके उसको किसी न किसी बहाने बुला लेता हूं और हचक कर उसकी बुर को पेलता हूं.

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मैंने कहा- कहां जा रही हो?तो उसने बताया कि वो एक स्कूल में पढ़ाती है और टेम्पू का इंतज़ार कर रही है. मैंने लंड के सुपारे को भाभी की चूत पे लगाया और उनको बैठने का इशारा किया. मैंने उसकी जांघों, चूत और चूतड़ों के बीच लंड को लगाया, मेरा लंड उसके नीचे से होता हुआ पीछे उसके चूतड़ों से बाहर आगया.

उसका लौड़ा बहुत ही तगड़ा औजार था, साला मेरी मुठ्ठी में समा ही नहीं रहा था. कुछ दिन पहले ग्रेटर कैलाश मार्केट में मेरा बचपन का दोस्त सतीश मिला, बिल्कुल बदला हुआ, चश्मा लगा कर, मस्त मोटरसाइकल पर सवार, पूरा छह फुट का कद, पहलवानी, कसरती बदन. अभी भी उसके लंड में इतना दम था कि 2 मिनट तक वो मुझे बेरहमी से चोदता रहा.

”निशा ने मेरे लंड को पकड़ कर हिलाया और कहा- अब तो ठीक से लूँगी इसको अपने अन्दर. तो मामी जी ने अपने दोनों हाथ पीछे किए और अपने नितम्बों को पकड़ कर उन्हें चौड़ा कर दिया, इससे गांड का छेद भी और खुल गया. इससे मेरी गांड की खुजली और बढ़ जाती, तो मैं उस पेन्सिल को गांड में से निकाल कर चाटता और चूसता.

कुछ देर तक लंड चूसने के बाद भाभी चित लेट गईं और अपनी चूत की तरफ इशारा करने लगीं, भाभी अपनी आंखें बंद करके चूत पर हाथ फिराने लगीं. एक दिन रात को मैं हाल में लैपटॉप पे गाना लगाके ऑख बंद करके गाने सुन रहा था.

मैंने जैसे ही उसकी मम्मी को देखा तो पाया कि उनकी नजरें मेरी तरफ ही देख रही थीं.

नमस्ते दोस्तो, मैं रोहन हूँ मेरी उम्र 20 साल है, मैं होशंगाबाद (मध्यप्रदेश) का रहने वाला हूँ. ब्लू सेक्सी फिल्म हिंदी मूवीमैं बोली- यह ठीक नहीं है चाचा, आप मुझसे बहुत बड़े हैं, मुझे छोड़ दीजिए, भगवान के लिए मेरे साथ ऐसा मत करिए. वीडियो बीएफ दिखाओलड़ाई के काफी दिन हो जाने के बाद मेरे व्हाट्सैप नम्बर पर किसी अनजान नम्बर से मैसेज आया. लौड़े को बाहर निकालकर विकी मेरे पास बैठ गया और फिर हमारे होंठ एक दूसरे से मिल गए.

मैं हैरान था कि यह लड़की कैसे मेरे पेशाब वाली जगह को अपने मुंह में लेकर चूस रही है, मैंने उससे अपना लिंग छुड़वाने की कोशिश की लेकिन उसने नहीं छोड़ा.

मैं उसके सर की तरफ़ पैर को रख कर लेट गया और मैं उसकी गांड की तरफ़ मुँह घुमा कर सो गया. [emailprotected]कहानी का अगला भाग:किरायेदार ने दोस्तों से मिल कर मुझे चोद डाला-2. कुछ देर के बाद मैंने अपने दोस्त की बीवी को अपने ऊपर ले लिया और लंड पर बिठा कर उछलने को कहा.

वो भी अचानक एक बार मेले में और दूसरी बार अभी थोड़े दिन पहले ही घाट पर. कुछ दिन बाद मेरी माँ अपने गाँव जा रही हैं, फिर हम दोनों मेरे घर पर ही मिल लेंगे. फ़िर मैंने अपना लंड उसके मुँह में दे दिया और मैं उसके मुँह में झड़ गया.

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जिसको देख कर अंकिता ने कहा कि वाह क्या बात है, ये तो सोने का नाम ही नहीं ले रहा. उनकी नाइटी में से ब्रा पेंटी साफ़ दिख रही थी, शायद उन्होंने सब कुछ जानबूझ कर ही इस ड्रेस को पहना था. सुंदरी वीर्य पीने के बाद बोली- और मेरा रस कैसा है?मैं बोला- कल्पना करो कि राख तुम्हारे मुँह में चली गयी हो, वैसा ही टेस्ट है.

उसके बाद कुछ लम्हों के बाद बापू ने प्यार से पद्मिनी के चेहरे को अपने हाथों में लिया और उसकी आँखों में अपनी में देखते हुए बोला- तू बापू से बहुत प्यार करती है ना?पद्मिनी ने बहुत ही नर्म धीमी आवाज़ में जवाब दिया- इसमें कोई शक है क्या बापू, दुनिया में सबसे ज़्यादा आपसे ही तो प्यार करती हूं.

फिर मैंने उसे औंधा होने पेट के बल होने का इशारा किया और उसके ऊपर चढ़ बैठा.

कुछ देर में ही वो अपनी कमर उठा कर मेरा साथ देने लगी और कहने लगी- साले पहले क्यों नहीं मिला रे. ऐसा करने में मयूरी ने उसकी पूरी मदद की और अपनी एक टांग उठा कर उसने विक्रम के कंधे पर रख दिया. नंगा नंगी लड़कीमैं जूली की टांगों के बीच आकर बैठ गया और जूली से पूछा- अन्दर करूँ?जूली पेग की मस्ती में आ चुकी थी, बोली- यू वांट टू फ़क मी, ओके, फ़क मी डिअर.

लेकिन शायद किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।जब रात को हम दोनों एक ही बिस्तर पर लेटे और वो बिल्कुल मेरे पास लेटी. मुझे पता था कि हम दोनों का पहली बार है तो इसलिए मैं उसके मुंह को अपने मुंह में लेकर चूमने लगा और अचानक ऐसे ही उसे चूमते हुए एक जोर का धक्का लगाया, मेरा लन्ड उसकी चूत को चीरता हुआ अंदर चला गया. मेरी मामी की बड़ी बड़ी चूचियां हैं और गोल सुडौल मोटे से भरे हुए चूतड़ हैं.

जब वो बाहर आईं तो मैं कुर्सी पर बैठ कर अख़बार पढ़ने का नाटक कर रहा था. फिर आधा घंटे बाद वो मेरे मुँह में झड़ गए और मैं उनका पूरा गाढ़ा, गरम रस गटक गया.

अब हम कॉलेज पहुंच गए और मुस्कान का काम होने के बाद मुस्कान बोली- चलो अब घर.

मैंने उससे पूछा कि आज का क्या प्रोग्राम है?क्योंकि उस दिन रविवार था. अब वो हल्का हल्का मुझे छोड़ने सी लगी, तो मैंने और कसके उसको अपने पास दबा लिया. की आवाजें निकाल रही थी।करीब 15-20 मिनट की जबरदस्त चुदाई के बाद हम दोनों झड़ गए। वह बेड पर पेट के बल पसर गई.

हिंदी सेक्सी वीडियो एचडी बीएफ मगर मेरा दिन नहीं मान रहा था कि इसको किसी कसाई के आगे बकरी की तरह कटने के लिए दे दूं. नंगा गर्म लंड देख कर मैं सोचने लगी कि इतना बड़ा और मोटा … मेरी तो फट जायेगी.

लेकिन मैं उसको चूमते समय भी अपने लंड को उसकी चुत में घुसा रहने देता. नूरी खाला शर्मा कर बांहों से अपनी छाती छुपाने लगी और मुझसे लिपट गयी. एक दिन टीचर्स डे के दिन जब कॉलेज में कार्यक्रम था, तब पूरा संचालन मुझे ही करना था.

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मैं ये बात समझ रहा था कि मेरे माता पिता जी जाने वाले नहीं हैं, लेकिन ना जाने उनको आज क्या हो गया और वे मान गए. फिर भी दिनेश और ताकत लगा रहा था कि उसका पूरा लौड़ा मेरी गांड में घुस जाता. और ये कहते हुए वो अपनी चूचियों को विक्रम के एकदम चेहरे के भाई एक इंच की दूरी पर ले गयी.

चूत पर हाथ का स्पर्श पाते ही मानो मुझे करंट सा लग गया हो, मैं आंख बंद करके बैठी रही. एक पल के लिए तो में बुरी तरह डर गया कि कहीं मेरा प्लान फेल तो नहीं हो गया.

मैंने उसको पेट पर से पकड़ रखा था वह भी बहुत खुश थी पर शायद वह यह सब नहीं चाहती थी और मैं चाहता था.

मैंने भी उन्हें कहा- क्या वाकयी में आप शराब पीती हैं?उन्होंने कहा- हां. फिर वो मुझसे अपनी टिकट दिखाते हुए पूछने लगी कि ज़रा देखो मेरा रिज़र्वेशन पक्का है कि नहीं?मैंने देखा उसका टिकट अभी कन्फर्म नहीं हुआ था. मैंने सीधे होकर अपने लंड को उनकी चूत में डाल दिया और उन्हें कसकर पकड़ लिया.

थोड़ी देर बाद आंटी फिर से गर्म हो गयी, चूत चुदाई के लिए तैयार हो गयी और मुझे कहने लगी- विकी, अब जल्दी अपने लंड को मेरी चूत में डाल दो!पर मैं भी कमीना हूँ, मैंने उनको और तड़पाया. जिप खुलते ही मैंने अपना हाथ अन्दर डाल दिया और उसकी टी-शर्ट को भी ऊपर कर दिया. बता चलेगी मेरे साथ, जहां मैं बोलूंगा, ऐसे ऐसे लंड से चुदवाऊंगा कि तेरी लाइफ में कभी सोच नहीं सकती, वो सभी फौलादी मर्द होंगे.

तभी उन्होंने मेरा सिर सख्ती से पकड़ा और मेरा चेहरे को अपने लंड पर रगड़ने लगे.

बीएफ फिल्में दिखाओ: आंटी मेरे बारे में पूछने लगीं कि कौन हूं, कहां से आया हूं, वगैरह वगैरह. अब वो मुझे खूब प्यार से किस पर किस किये जा रहा था और मेरे चूचे भी दबाए जा रहा था.

खा ले मेरे हरामी भतीजे… खा ले भोसड़ी के इन्हें… तेरा नामर्द चाचा तो इन्हें देखता भी नहीं…”वे जोर जोर से सिस्कारियां लेकर मेरे बालों को नोंच रही थीं. उसके बाद मैं वहीं बाहर उसका वेट करने लगा और वो जैसे ही आयी, तो उसका बच्चा मुझे देख कर हैलो बोला और मम्मी को रुकने के लिए बोलने लगा. आपने मेरी पहली कहानीप्यासी ननद और भाभी की जयपुर के रास्ते में चूत चुदाईपढ़ी.

आते समय मेरे पूछने पे बताया कि उन्हें कमर में दर्द है सो वो दवा लेने आई थीं.

मैं उसकी चूत को चाटता रहा और वह आह… आह… उम्म्ह… अहह… हय… याह… आह… आह… उई… उई… या…. शाम को अरुण अपने घर पर पहुंचा, डोर बेल को बजायी, कुछ देर बाद उसकी पत्नी नीलम ने दरवाजा खोला. काफी देर तक किस करने के बाद मैंने उससे बोला कि क्या आज मैं तुम्हारे साथ सेक्स कर सकता हूँ?तो उसने थोड़ा टाइम लेकर जबाब दिया कि हां कर सकते हो अगर मुझे कोई प्रॉब्लम हुई तो वहीं पर रोकना पड़ेगा.