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हाईवे पर तेज मोटर गाडिय़ों के डर से वहां हम किसी काम का बहाना करके ही जा सकते थे. बीएफ व्हिडिओ फुल एचडीमैंने उसको और करीब खींच लिया और काफी देर तक सिर्फ एक दूसरे के बदन की खुशबू में खोये रहे, एक दूसरे की धड़कनों को सुनते रहे.

मेरा लंड इस टाइम बेकाबू हो रहा था, लेकिन मुझसे ज्यादा तो आंटी की हालत रही थी. जंगल में के बीएफ सेक्सीहम दोनों ही संजय की बात नहीं समझ रहे थे, वो लोग सरप्राइज कैसे हो सकते थे.

फिर मैंने उसके बारे में पूछा तो उसने अपने बारे में बताया कि वो दमोह की रहने वाली है और यहां पढ़ाई करने के लिए आई हुई है.देसी मारवाड़ी सेक्सी बीएफ: फेरी के एक केबिन में मैं अपनी बहन चित्र को अपना लंड चुसवा रहा था और मेरे सामने जीजा जी अपनी बहन आलिया से अपने लंड को चुसवाने का मजा ले रहे थे.

उनको देख कर हम सहेलियां आपस में बात करती थीं कि देखो ये लड़की कैसे बिगड़ गई है.रवि ने एक सिप लेकर कहा कि अगर रवीना बुरा न माने तो क्या रवि अपने लिए पेग बना ले.

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अगर ब्रा काले रंग की थी तो वसुंधरा की पैंटी भी यकीनन काले ही रंग की होगी.इस बीच विडियो कॉल, फोन कॉल आदि बहुत हो गए थे, पर मज़े की बात यह थी कि ‘आई लव यू’ किसी ने भी एक दूसरे को नहीं बोला था.

”साले जब बलiत्कार कर रहा था तब बर्बादी नहीं दिख रही थी?”वो तो … वो तो … अब कैसे कहूँ … बचा लो मुझे मैं कुछ भी करूँगा. देसी मारवाड़ी सेक्सी बीएफ सबको गांड ही चाहिए साला … मेरी इतनी बड़ी गांड हो गई है कि मैं जीन्स नहीं पहन पाती हूँ.

5 इंच मोटा और 8 इंच लम्बा लौड़ा बाहर निकाला और सीधा मेरे मुंह में घुसेड़ दिया.

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अंधेरे सिनेमा हॉल में लड़की की चूचियों को पीने का अलग ही मजा आ रहा था. मैंने उसकीगांड मारने की इच्छाजतायी तो वह बोली- आज तुमने पहले ही मेरी चूत को चोद चोद कर मेरी हालत खराब कर दी है. ऐसे ही रात के 12 बज चुके थे … मगर मेरी आंखों में न जाने क्यों नींद का नामों-निशां नहीं था.

मैं तो बस नीरज से उनका रिव्यू ले रहा था कि तुम्हारे साथ सेक्स करके कैसा लगा. जीभ से सुपारे को चाटते हुए उसका टोपा मैंने मुँह में भर लिया। उसका टोपा काफी बड़ा था, मुश्किल से मुंह में आ पा रहा था। मैं उसके टोपे को मुँह में लेकर चूसने लगी। साथ में नीचे ही नीचे उसके लन्ड को मुठिया भी रही थी। अब मुझे भी मस्ती छा रही थी. मैं चिल्लाई तो उसने मेरे मुंह पर हाथ रख लिया और मेरी चीख को अंदर ही दबा लिया.

वो काफी मोटा और लम्बा था। उसका लंड मेरी मुट्ठी में पूरा आ भी नहीं रहा था. लंड महाशय चूत के हर फैलाव के साथ थोड़ा दर्द भी साथ में देते जा रहे थे. मेरी बात पर रोहण ने कहा- ठीक है तुम भी जा सकती हो, मुझे कोई परेशानी नहीं है.

पर थोड़े देर के बाद ही पैरों से बिना आवाज निकाले ऊपर छत पर चली जाती और वहीं पर बड़ी मेहनत से बनाए एक सुराख से आप दोनों की रासलीला देखती. वो आंख दबाते हुए बोलीं- अभी आराम से खाना खा ले … फिर देख लेना, जितना देखना है.

उत्तेजना के वशीभूत होकर उसकी कमर को पकड़ कर मैं जोरदार धक्के पर धक्के मारने लगा.

मैंने जाकर गेट खोला, सुहास मुझे और रूम को देख कर एकदम शॉक हो गया क्योंकि कमरा पूरी तरह से सुहागरात के हिसाब से सजा हुआ था.

मैं- कोई देख लेगा … छोड़ो मुझे!वो- कोई नहीं देखेगा, मैंने केबिन लॉक कर दिया है. फिर दीदी ने हम चारों के लिए पैग बनाए और हम चारों चियर्स करके पैग मारने लगे. उसका सुपारा ही इतना मोटा और बड़ा दिख रहा था कि मैंने मन में सोचा … बाप रे ये क्या है … कोई लंड इतना बड़ा भी होता है.

उसका दर्द कम हो रहा था और अब पूरा लण्ड अंदर डालने पर वो मज़े में आआई उम्म्ह… अहह… हय… याह… ईईई आआ ह्ह चिल्ला रही थी।15 मिनट बाद मैं झड़ने लगा तो मैंने लण्ड बाहर निकाल लिया क्योंकि उस वक़्त मैंने कंडोम नहीं पहना था. जैसे ही मैं गया उसके चेहरे पर एक हसीन मुस्कान आ गयी, वो मुझसे हँसकर बात करने लगी. यह मेरा सौभाग्य होगा।मैंने एक कोचिंग करने के लिए अजमेर में एक सेंटर पर ज्वॉइन किया। मेरा यहां पहला दिन था और मुझे पता नही था कि कहां पर मुझे बैठना है।मैं सबसे आगे वाली लाइन में जाकर बैठ गया तब तक क्लास में कोई आया नहीं था।तो मैं अपना मोबाईल चेक कर रहा था, इतने में ही इस कहानी को नायिका क्लास में दाखिल हुई.

मुझे पता नहीं क्या हुआ कि मेरे मुंह से विरोध की जगह कामुक सिसकारियां निकलने लगीं- आह्ह …अम्म … ओह्ह … भैया … ये क्या कर रहो हो, ओह्ह … ऐसे मत करो.

मैं एक दूध पर अपना मुँह लगाकर उसे चूसने लगा और दूसरे दूध को एक हाथ से मसलने लगा, दूसरे हाथ से मैंने उसे चिपका लिया।रोजी मेरे सर के बाल नोचने लगी और अपनी गांड तेजी से हिलाकर चुदने लगी. मैं- दीदी मैं आपकी ननद को नहीं, अपनी होने वाली गर्लफ्रेंड को तंग कर रहा हूं. अविनाश- तो बताएं महारानी हमारे लिए क्या हुक्म है?चित्रा- तो लड़कियों बताओ … पहले कौन सा टास्क देना है.

गर्दन चूमते चूमते उसके कान की लौ को जैसे ही चूमा, वो मुझसे इतनी कसकर लिपट गई जैसे मुझमें घुस जायेगी. मैं सोच रहा था कि एक दुल्हन, जो दो दिन बाद किसी और की बांहों में होती, आज मेरी बांहों में थी. हमने साथ बैठकर खाना खाया फिर हम दोनों बेडरूम में चले गए सोने के लिए।मैं बेडरूम के एक कोने पर जाकर बैठ गई और वह भी मेरे साथ आकर बैठ गया.

नीरज- कैसा कोइंसीडेंट?आकाश- हमने अपनी बीवी की चुत का सील तोड़ी, लेकिन उसकी गांड सबसे पहले उसके भाई ने मारी.

मैं अंदर छात्रों को पढ़ा रही थी और मेरे दिमाग में एक डर लगा हुआ था कि कहीं उन दोनों ने किसी को बोल ना दिया हो. ये कहकर नीरज अपनी बहन के पीछे आ गया और अपने दोनों हाथों से उसके मम्मों को नाईटी के ऊपर से ही मसलने लगा.

देसी मारवाड़ी सेक्सी बीएफ मैंने हंसते हुए अपना मोटा लंड उसकी चूत में घुसाने लगा पर उसकी चूत सूख गई थी. कभी कभी सुनील उसे बची हुई व्हिस्की भी दे देता था तो इस लालच में राम सिंह ने हाँ कह दी.

देसी मारवाड़ी सेक्सी बीएफ मैंने उसे धीरे धीरे प्यार करते हुए उसके ब्लाउज के बटन भी खोल दिए उसने अंदर एक पिंक वाली नेट की ब्रा पहनी हुई थी. उसने एक ही झटके में ममता के ऊपर की चादर खींची तो मद्धम रोशनी में ममता निपट नंगी लेटी थी और मुस्कुरा रही थी.

उसने आगे बताया- मेरा ससुर घर में रहता नहीं और बाहर काम करने मुंबई चला जाता है.

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मेरे द्वारा कारण बताने पर वो मुझे एक केबिन की तरफ इशारा करते हुए बोला- सर, इस समय वो केबिन खाली है, अगर आप लोग चाहें तो उसमें बैठ जायें।मुझे भी यही चाहिये था कि मुझे और सायरा को कोई डिस्टर्ब नहीं करे. ”यह तो गलत बात है मेरी बेटी की … हर एक लड़की को अपने मर्द को तो हर तरह से मज़े देने चाहियें. मेरे से रहा नहीं गया, उत्तेज़ना में मैंने उसको नीचे लिटा कर उसकी ब्रा और शर्ट को उतार कर एक तरफ फेंक दिया.

मैं पूरी तरह से गर्म हो चुकी सीमा के पीछे गया और अपना लौड़ा उसकी गांड में ठोक दिया। मेरा लौड़ा अपनी गांड में महसूस करके सीमा ने जोर से सिसकी निकाली- आऊ आई उफ़!उसकी सिसकी सुन कर पास बैठी प्रियंका बोली- अब अपनी बार पता चला? मेरी बारी तो बहुत जोक मारती थी. होटल के सामने पहुंच कर मैंने उसको कॉल किया और कहा कि मैं आ गया हूँ. मैं अपनी सीट पर जा कर बैठा, चूंकि ठंड बहुत थी तो मैं कम्बल ओढ़ कर आंखें बंद करके सो गया.

बहुत देर के बाद विमला आयी और उसी जगह जगह खड़ी होकर इधर उधर देखने लगी.

फिर मैंने बुद्धा गार्डन जाने का रास्ता पता किया। हमने तय किया कि मैं थोड़ा पहले निकल कर बस से हॉस्पिटल के अगले स्टॉप पर उतर जाऊँगा और वो अपनी स्कूटी से वहीं पर मिल जायेगी. भाई बोला- मेरा लंड भी मेरी पैंट को फाड़ कर बाहर आने के लिए तड़प रहा है. मैंने आंटी को अपनी बांहों में उठाया और किस करता हुआ उन्हें उनके रूम में ले गया.

2 मिनट तक मैं उसके लन्ड को घूरती रही फिर उसे मुख में लेकर चूसना शुरू कर दिया. गांड को चीरता हुआ हसन का लंड अन्दर तक जा बैठा और उन्हें देखकर मेरे मन में भी उत्तेजना की लहरें हिलोरें मारने लगीं. मैं- अगर तुम जीतना चाहती हो, तो जीत सकती हो … लेकिन इसके लिए तुम्हें मुझे कुछ देना पड़ेगा.

अपनी दीदी के साथ या मेरी बहन के साथ?मैं- शुरुआत तो अपनी दीदी के साथ करूंगा. अभी 5-7 मिनट ही बीता होगा और मैं रोटी बनाने में लगी हुई थी, इतने में किसी ने पीछे से आकर मुझे अपनी बांहों में भर लिया और मेरी गर्दन को चूमते हुए आवाज आने लगी- ओह श्वेता … मेरी जान … मुझे पता था कि तुम भी मेरे बगैर नहीं रह सकती … जितना मैं यहां तड़प रहा था, उतना तुम भी तड़प रही होगी वहां! इसलिए तुम वापस आ गयी ना?इतना बोल कर उन्होंने ने मुझे अपनी तरफ घुमा दिया.

मेरा लंड पहले से ही उसकी गांड में था तो इसलिए सीमा ने अपना बैलंस बनाते हुए अपनी टांगों को थोड़ा चौड़ा किया और सतीश ने हल्का सा झटका लगया और सतीश का लौड़ा सीमा की चूत को चीरता हुआ उसे अंदर चला गया. उन्होंने साईट पर चौकीदार रामसिंह से किसी मेड के लिए कहा तो वो बोला- साब अपनी घरवाली को बोल देता हूँ, वो सुबह-शाम आकर बना दिया करेगी. ये खेल जल्द समाप्त हुआ क्योंकि आगे की हरकतों के लिए सब्र रखना किसी के लिए भी संभव नहीं था.

मतलब इस घटना के 5-6 दिन पहले से घर में सिर्फ मैं और मेरे जेठजी ही थे.

चाची मेरे सामने अपनी गांड हिलाते हुए जब निकलती थीं, तो मेरे लंड में आग सी लग जाती थी. तब करीब रात के 12 बज चुके थे।हमने थोड़ी बहुत मस्ती की और फिर से हम दोनों तैयार हो गए।अब हम दोनों का एक ही टारगेट था चुदाई!तो हम एक दूजे को किस करने लगे और मैं किस करते करते उनके बालों में हाथ डाल रहा था तो कभी पीठ पर फिरा रहा था. और बहुत से लड़के जो शायद पेपर ही देने जा रहे थे मेरे पीछे आकर खड़े हो गए जिसकी वजह से मुझे बस में आगे की तरफ बढ़ना पड़ा।जब मैं आगे की तरफ बढ़ा तो मेरी नज़रें अचानक से रुक सी गयीं, मैंने देखा कि कोई एक कातिलाना फ़िगर की कोई मालकिन आंटी कहें या भाभी खड़ी थी.

संजू कराह उठी और वो मेरा लंड को मुँह से निकाल कर चीख पड़ी ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’मैंने कहा- थोड़ा सब्र करो. वो मेरी मादक कराहें सुनकर और जोर जोर से मेरी चुत को चूसे जा रहा था.

”हरामज़ादी, साफ साफ बोल अपने मुंह से क्या करवाने आयी है?”जी मैं मरवाने आयी हूँ. फिर मैंने उसकी नाक की नथ को उतार दिया और मैं उसके मुंह में अपनी जीभ डाल कर चूसने लगा. तो उन्होंने मुझे एकदम से डांटा और कहा- भोसड़ी के, अभी तो मुझे आंटी मत बोल … आज मुझे पायल के नाम से पुकार.

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ब्लोवर के आगे उसके कपड़े सूख गए थे, उसने अपने को सही किया, अपने कागज़ इकट्ठे किये और रवि को उठाया.

मेरी पहली कहानी थीकिस्मत से मिली दीदी की चुदाईदोस्तो माफ़ करना, बहुत दिनों के बाद सेक्स कहानी लिख पा रहा हूं. लेकिन दूसरे दिन ऐसा हुआ कि मेरी पत्नी को उसकी बहन के यहां उसकी डिलीवरी में जाना पड़ गया. वह होंठों को चूसते हुए अपना हाथ उसके एक चुचियों पर रख कर मसलने लगा.

चलो मैं तो कामयाब नहीं हो सका, लेकिन उन तीनों में से कोई तो जरूर कामयाब हुआ होगा. मैं अभी जिया को धीमे धीमे चोद रहा था और नीरज हमें देखकर लंड को सहला रहा था. सेक्सी बीएफ भेजिए हिंदीनमस्कार दोस्तो, मैं विशाल राव आपका धन्यवाद करता हूं कि आपने मेरी पिछली कहानियों को सराहा.

खुले आसमान के नीचे हम दोनों दोस्त नंगी होकर नदी किनारे ऐसे चुद रही थी कि जैसे कोई ब्लू फिल्म चल रही हो. उसने बड़ी अदा से कुणाल को कह दिया कि सर ये सूट आज कि रात आपके लिए बुक है.

अब मीना जैसी जवां, सेक्सी और सलीकेदार लड़की अगर किसी से छाती भिड़ा दे तो लल्लू का भी खड़ा हो जाएगा … यहाँ तो रवि था जिसके लंड को एक महीने से दाना पानी नहीं मिला था. आप बताओ कहां जाना है?तब मैंने एक मॉल का नाम बताया और उसके साथ ही शॉपिंग पर चली गई. मेरी पिछली कहानी थीमेरी कामवाली की चिकनी हॉट चूतयह बात कुछ समय पहले की है, जब मैं पढ़ाई के लिए दिल्ली आया था.

बीस रूपये का नोट निकाल कर जलेबी वाले की तरफ बढ़ाते हुए उसने मेरी तरफ देखा. मैंने जंगली बनते हुए एकदम से उसकी पिंक सेक्सी सी नाइटी फाड़ दी।उसने मुझे रोका और सोफे पर बैठने को बोला और पानी पिलाया और कहा- जब बुलाऊं, तब बेडरूम में आ जाना।मैं वहीं बैठकर उसका इन्तजार करने लगा।15 मिनट बाद उसने आवाज दी।मैंने देखा कि वो लाल साड़ी में खड़ी है और एकदम दुल्हन की तरह सजी हुई है। उसके हाथ में दूध का ग्लास था. उसने कुणाल के सर को नीचे की ओर धक्का दिया मानो कह रही हो कि अब तो बस चोद दो.

हम दोनों की ऐसी ज़ोरदार चुदाई के दृश्य से ऐसा कौन है जो भयंकर उत्तेजना से ना भर जायगा.

चाची ने खुद सहयोग करते हुए अपने पैरों से चड्डी निकाल कर दूर फेंक दी. मैं 2 मिनट के लिए रुक गया उसके बाद पहले धीरे धीरे फिर स्पीड से धक्के लगाने लगा.

आप मेरी सेक्स स्टोरी पर अपना फीडबैक देने के लिए मुझे नीचे दिये गये ई-मेल आईडी पर मैसेज करें. उसके गोल तंदुरुस्त शरीर को देख कर खुद से तुलना करना और भी बुरा लगता था. वो तोप की तरह टाइट था।वैसे तो मुझे लंड चूसना पसंद नहीं था लेकिन उसके मदमस्त लन्ड को देख मेरे मुँह में पानी आ गया। हालांकि उसने दोबारा नहीं पूछा। वो झुका और उसने अपने नीचे गिरी लोअर से कंडोम का पैकेट निकाल लिया.

उन्होंने मेरे चेहरे को ऊपर उठाया और कहा- तुम बहुत सुन्दर हो मल्लिका. उसने वीर्य चाटा और चटखारा लेते हुए सिगरेट को अपने होंठों से लगा लिया. ये वन पीस फुल लेंथ गाउन था … जो कि उसकी कमर से एक डोरी से बना हुआ था.

देसी मारवाड़ी सेक्सी बीएफ अब मैं अपनी दोस्त के यहाँ आ गई हूँ, आप बिल्कुल चिंता मत कीजिये।और फ़ोन काट दिया।इतने में वो मेरी भावना को समझ गए और मेरा बैग लेकर चल दिये. इतना सुनते ही मैंने कंडोम का पैकेट वहीं डाल दिया और आंटी जी की दोनों टाँगें पकड़ कर अपने और पास खींच लिया। मैं अपना लण्ड आंटी की चूत पे रखकर हल्का सा रगड़ने लगा.

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जैसे ही मैंने खाना पैक करने की सोचा, उनकी आवाज आई कि मल्लिका सुनो … मेरा और अपना खाना यहीं ले आओ … साथ में ही खाते हैं. सर ने दोबारा अपना लण्ड मेरी चूत के मुंह रखकर मुझे अपनी ओर खींचा लेकिन उनका लण्ड मेरी चूत में तब भी नहीं गया. वो बोला- आंह … क्या माल हो साली … आज तो तेरी चुदाई में मजा आ जाएगा.

आह आह उफ्फ्फ्फ़ ओह्ह सं दी दी दी प प आई लव यू!सिल्क हर शॉट में नीचे से अपने चूतड़ उछाल देती. प्रियंका थोड़ा आगे बढ़ कर ध्यान से देख रही थी जैसे वो भी ऐसा करने की तमन्ना रखती हो. चूत बीएफ चूतमैंने मोबाइल लेकर वीडियो डिलीट करने लगी, तभी वो मेरे चूचे दबाने लगा.

उसने मेरा एक पैर आईने के पास जो स्टूल था, उस पर रख दिया और पीछे से मेरी चुत पर अपना लंड रगड़ने लगा.

तभी दीदी भी नीचे उतर गईं और मैं अपना फोन निकालकर वीडियो रिकॉर्ड करने लगा. उसने मुझे बताया कि वह शुरू से ही लड़की बनना चाहती थी बचपन से ही उसे लड़कियों की बातें लड़कियों में लड़कियों जैसे रहना अच्छा लगता था जिससे उसने बाद में परिवार की इजाजत से लड़की बनने के लिए ऑपरेशन मुम्बई में करवाया.

जैसे ही मैं बेबी रानी को धक्का ठोकता वैसे ही मेरे पंजों की गिरफ्त में उसके चूचों को भी ज़ोर का धक्का लगाता और मेरी उंगलियां उन मुलायम दूधों में घुस जातीं. मैं भी उठकर संजू के पास आ गया और संजू के मुँह के पास अपना खड़ा लंड दे दिया. तभी उनकी नज़र शीशे पर पड़ी जिसमें मेरे चेहरा थोड़ा सा दिखाई दे रहा था.

मैंने आंटी को अपनी बांहों में उठाया और किस करता हुआ उन्हें उनके रूम में ले गया.

फिर परमीत ने कहा- साफ-साफ बताओ … तुम कहना क्या चाहते हो?तब संजय ने कहा- यार परमीत तुम हर बार चुदाई के समय कहती हो ना … काश तुम्हारे तीनों छेदों को शानदार लंड मिले … तो लो आज मैंने तुम्हारी इच्छा पूरी कर दी. मेरी सेक्स कहानी के पहले भागमकान मालिक ने चुत की प्यास बुझाई-1में अब तक आपने पढ़ा कि मेरे मकान मालिक ने मुझसे कुछ कहने के लिए कहा और मैं उनकी बात सुनने के लिए उनकी तरफ देखने लगी. दीदी बिना देर किए मेरे होंठों पर किस करने लगीं और मैंने उनकी जांघ पर हाथ रखकर दीदी को अपने ऊपर गोद में बैठा लिया.

बीएफ सेक्सी बताइएचूत पर हाथ फेरते फेरते उन्होंने अपनी ऊंगली मेरी चूत में डाल दी, दो चार बार उंगली अन्दर बाहर करने के बाद सर ने अपना लण्ड मेरी चूत के मुंह पर टिका दिया और मेरी कमर को मजबूती से पकड़ लिया. उसने हम दोनों को एक बेहतरीन होटल में छोड़ दिया।वहां होटल में उन्होंने अपना नाम बताया और मुझे अपनी पत्नी बताया और हम दोनों को एक रूम मिल गया।दोस्तो, इसके आगे की कहानी आप अगले भाग में जरूर पढ़ें.

कुत्ता और कुत्ते की बीएफ

इधर प्रीति के पेपर भी कुछ दिनों में ही चालू होने वाले थे तो प्रीति की मम्मी पापा ने तय किया कि 10 दिनों की बात है, हम जल्दी से वापस आ जाएंगे. मुझे मेरी फ्रेंड्स सेक्स के फायदे बताती थीं कि पहली बार चुदाई से दर्द तो बहुत होता है, पर मज़ा भी बहुत आता है. अब मैं प्रियंका की चूत में अपना लंड डालने लगा, परंतु लंड इतनी आसानी से नहीं जा रहा था.

ऐसा ही बेबी रानी को करना है … तुम दो दो रंडियों के होते हुए मैं अलग से गिलास क्यों लूँ? फिर तुम्हारे मुंह का जूस भी तो मिक्स हो जायगा शैम्पेन में? ले एक सिप और जो बताया वैसा कर … तू भी रंडी बेबी. हमारे पैरों की तरफ़ प्रियंका और मोनू भी आपस में किस करते हुए सुस्ताने लगे. मैंने भी हंसते हुए उसे समझाया कि जान जब इस छेद से दो-ढाई किलो का बच्चा निकल सकता है तो नौ इंच के लंड से डरने की क्या जरूरत है.

जैसे ही हमारी बियर खत्म हुई, सागर ने मुझे अपनी तरफ खींच लिया और किस करने लगा. एक बार तो मैंने सोचा कि नजर फेर लूं लेकिन फिर भी बेशर्मों की तरह मैं उसकी तरफ देखता रहा. मैंने उससे पूछा- तन्वी की चुदाई पूरी हो गयी क्या?तो उसने बोला- अभी नहीं, अभी उसका झड़ना बाकी है। उसे डेविड चोद लेगा अब।मैंने कहा- ठीक है.

अचानक से उसने अपना मुंह छुड़ाया और बोली- तुम्हारे उंगली डालने से मुझे दर्द महसूस हो रहा है. मेरी हल्की सी हंसी छूट गयी, वसुंधरा ने खीझ कर मुंह बिचकाया और फ़िर शरमा कर अपनी आँखें दोबारा बंद कर ली.

वो मेरे पास आकर बोलीं- मेरे राजा … कैसी लग रही हूँ?मुझसे रहा नहीं गया और मैं उनको अपनी बाहों में भर कर बोला- जानलेवा लग रही हो.

उसने एक ही झटके में ममता के ऊपर की चादर खींची तो मद्धम रोशनी में ममता निपट नंगी लेटी थी और मुस्कुरा रही थी. कार्टून का बीएफ2 मिनट बाद उसने लेटे लेटे मेरी चूत सहलानी शुरू कर दी जिससे मेरी वासना फिर बढ़ गयी. सेक्सी बीएफ देसी भाभी काइसके बाद मैं आपको अपनी कहानी में बताऊंगा कि कैसे उसकी मैंने गांड मार कर मजा लिया है. मेरे मुँह से अचानक निकल गया- किस बारे में?वो मुस्कुरा के बोली- आपके बारे में.

हालांकि इसी बीच 1 बार रात को हम चारों घूम रहे थे तो मैंने नीलू को पकड़कर अकेले में ले गया क्योंकि मुझे नीलू के साथ अकेले घूमना था.

हम सब, मतलब मेरे पति, जेठजी, जेठानी जी, देवर और देवरानी और मैं, जब सब घर में साथ में होते, तब हम सबके बीच मस्ती मज़ाक, एडल्ट जोक्स वगैरह सब चलता रहता है. परमीत के उभार कपड़ों से झांक रहे थे और कपड़े इतने चिपके से थे कि ऊपर से भी उनके नाप का अंदाजा हो सकता था. उसने अपना लंड निकाल कर मेरे मुँह में डाल दिया और उसके बाद सुहास ने मेरे मुँह में ही धक्के देने शुरू कर दिए.

वो एकदम गर्म हो गई और धीरे स्वर में ‘आह आह … यू आर सो गुड … डू इट मोर. हालांकि मुझे अंकल वगैरह में इंटरेस्ट नहीं था फिर भी मैं किसी जवान लौड़े की तलाश में खड़ा रहा. फिर वो दोनों चली गयी और हम भी वापस दिल्ली आ गए।मैंने अपनी यह चुदाई पूरे विस्तार से अपनी बहन फेहमिना को बतायी तो वो बहुत खुश हुई मेरी चुदाई की कहानी सुन कर.

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मेरा लंड अभी भी पूरा फुंफकार मार रहा था, तभी मेरे नजर प्रियंका पर गई. ! क्या करते उसके साथ रह कर?‌मैं- वही, जो आज शादी की रात को होने वाला है. परमीत ने दूसरे तरीके से बात रखी- अच्छा तो ये बताओ कि मेरा बर्थडे गिफ्ट कहां है?इस बार फिर संजय ने कहा- यही तो हैं तुम्हारा बर्थ डे गिफ्ट!इससे हम दोनों का दिमाग खराब हो चुका था.

मैं कल सुबह चला जाऊँगा।मैं मुस्कुराते हुए बोली- अगर किसी को पता चल गया तो?वो भी मुस्कान के साथ बोले- यहाँ कौन हैं जो हम दोनों को पहचानता है। बोलो क्या हम दोनों कुछ पल साथ बिता सकते हैं?मैंने कुछ नहीं कहा, बल्कि अपना फ़ोन निकाल कर अपने पति को फोन किया और बोली- मेरी ट्रेन छूट गई है.

(वैसे दंगल से मुझे याद आया आपने मेरी पिछली कहानीहोली में चुदाई का दंगलपढ़ी होगी.

भैया- तो क्या वो उन दोनों से चुदती है?दीदी हंसने लगी और बोली- तेरी ही बहन है ना … रंडी तो होगी ही. आज तो आप के बायीं ओर ही बैठूंगी और आज के बाद तो ऐसा मौका मिलेगा नहीं. चुदाई बीएफ इंग्लिश मेंजिगोलो और रंडीबाजी का एक फायदा यह भी होता है कि औरत के साथ काम-क्रीड़ा का सुख हर प्रकार से भोगने के लिए मिल जाता है.

इस बीच में रवि और रवीना ने एक दिन शाम को ही रवि के होटल में फटाफट सेक्स किया. एक मिनट बाद आशा दो गिलास पानी लायी, तो नीतू आशा से मजाक करते हुए कहा- आशा, आज तो तू बड़ी खिली खिली लग रही है. अगर इसमें कोई भूल हो जाये तो क्षमा करिएगा।सबसे पहले में अपने बारे में बता देता हूं.

उसके बाद जैसे ही वो मेरे पीछे बाईक पर बैठी, उसने अपना सीना मेरी पीठ से रगड़ा और बैठ कर मेरे कंधे पर अपना सर रख लिया. उसके लगभग 34″ के चूचे, उठी हुई गाण्ड, मैं तो देखकर ही मदहोश सा हो गया।काश इस औरत को चखने का मौका मिल जाए तो जिंदगी सफल हो जाए।खैर भीड़ की वजह से अब मैं उस आंटी से बिल्कुल चिपक कर ही खड़ा था.

जिस मोहल्ले में मैंने किराये का मकान लिया था, वो करीब 20-25 मकानों का मुहल्ला था.

पर पहले तो उसने मना कर दिया था लेकिन बाद में उसने कहा था कि बाद में देखूँगी. उसकी पीठ पे एक तिल भी था जो उसकी पीठ को और भी खूबरसूरत बना रहा था।उसके बाद मैंने उसकी ब्रा को उतार दिया जिससे उसके 32″ के चुचे फुदक के बाहर आ गए। उसके निप्पल भूरे रंग के थे. डैड- राजीव का फोन था वो पांच दिन बाद तुम्हारे रिश्ते की बात करने आ रहे हैं.

बिहार के बीएफ वीडियो में मैं अपने घर के लिए उनकी ऊंची नाक थी, इसलिए मुझे रोकना टोकना अपनी इन्हीं कक्षाओं से ही शुरू हो गया था. अब तो बस मेरा मन, अपने लंड को स्वीटी आंटी की चुत में घुसाने को कर रहा था.

तो दोस्तो, कैसी लगी वासनामयी और सस्पेंस से भरी यह कहानी?लिखियेगा मुझे[emailprotected]पर. वो खूब ज़ोर से हंसी … बोली- नो प्रॉब्लम चूतनिवास जी … चुदाई चाहेगी तो चुद ले मुझे क्या प्रॉब्लम है … सहेली है अगर अगर उसको चुदास की गर्मी चढ़ जाये तो चुदाई करे … चुदने का दिल हो तो क्यों न चुदे?फिर मैंने पूछा- आपको किस नाम से पुकारूँ क्यूंकि आपका असली नाम तो लेना नहीं है. मैंने पहले कुर्ता निकाला तो उसने खुद ही अपने हाथ ऊपर करके मुझे सहयोग किया.

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उसके मुँह से नीरज के वीर्य चाटने की वजह से कुछ अजीब सा टेस्ट आ रहा था, परंतु मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ा. अब मुझे चुदाई का मन कर रहा था लेकिन आलिया सो रही थी, इसलिए मैंने आलिया को उठाया. मेरी वासना मेरे सर में चढ़ कर घूम रही थी तो मैंने खुद ही अपना ब्लाउज उतार दिया.

दीदी- लेकिन राज!दीदी आगे कुछ बोलें, उससे पहले मैं उनके होंठों को चूमने लगा, जिससे वो कुछ नहीं बोल पाईं. चाची के सांवली होने की वजह से चाचा गोरी लड़कियों और औरतों के चक्कर में अक्सर ही घर के बाहर रहते हैं.

दोस्तो, मैं जैस्मिन साहू आप लोगों के लिए अपनी पिछली कहानी को आगे बढ़ा रही हूं.

तो नीलू ने बताया कि उसने कभी गांड में लंड नहीं लिया है, जबकि सरीना अक्सर गांड मरवाती है।यह सुनकर अक्षय ने सरीना को घोड़ी बनाकर उसकी गांड में लन्ड डाल दिया और मज़े से उसे चोदने लगा. मस्ती से सराबोर सोनम लंड मुँह में लेकर आगे पीछे करते हुए चूसने लगी. जैसे ही मैंने खाना पैक करने की सोचा, उनकी आवाज आई कि मल्लिका सुनो … मेरा और अपना खाना यहीं ले आओ … साथ में ही खाते हैं.

चपत की वजह से दीदी की गांड लाल हो गई थी और ऐसा ही हाल आलिया का भी हो गया था. मगर लंड को पकड़ने की ललक लगातार आगे बढ़ने के लिए भी अंदर से उकसा रही थी. ममता की तो जान ही निकल गयी, अगर ये रात को आ जाता तो?खैर वो प्रकाश को लेकर अंदर आने लगी और जान बूझकर गेट बंद नहीं किया.

कोई खाली स्लीपर मिल सकता हैं क्या?चूंकि आधा सफर हो चुका था तो कुछ सवारी रास्ते में उतर चुकी थी.

देसी मारवाड़ी सेक्सी बीएफ: जिससे उनके मजेदार चुचे, सेक्सी पेट और कमर मुझ पर महसूस होने शुरू हो गए. और घोड़ी बन के अलमारी के दरवाजे में लगे शीशे की ओर मुंह कर लिया और कहा- ये लीजिये एंडर्सन, पेश है गर्म गर्म इंडियन चूत।एंडर्सन ने आव देखा ना ताव और घुटनों के बल बेड पे आ के मेरी चुत में अपना लंड रख दिया और मेरी पतली कमर को अपने बड़े बड़े हाथों से पकड़ के एक झटके में घुसा दिया।मेरी ज़ोर से ‘आउच …’ निकली और मेरा सिर ऊपर को उठ गया.

मैंने एक बार परमीत की ओर देखा, तो संजय परमीत आपस में लिपट कर चुंबन कर रहे थे. इसके बाद इरफ़ान ने मेरे मुँह का स्वाद ठीक करने के लिए मेरी तरफ सिगरेट बढ़ा दी. इससे अच्छा मेरा बचपन का साथी, जो मुझे इतना प्यार करता है, वही मुझे पहली बार भोगे.

उस चांदनी की हल्की रोशनी में वो मेरे हथियार को हाथ में लेकर घूरते हुये सहलाने लगीं.

कुछ देर तक यूं ही लेटे रहने के बाद मैंने अपनी चुत में से सुहास का लंड बाहर निकाल दिया और मैं उसके ऊपर से उतर गई. पर हिम्मत से उसका जो मुकाबला करते हैं, उनकी ज़िंदगी में खुशियाँ दोबारा लौट आती हैं. भैया- तो क्या वो उन दोनों से चुदती है?दीदी हंसने लगी और बोली- तेरी ही बहन है ना … रंडी तो होगी ही.