मां बेटे की चुदाई की बीएफ

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!तैयार खाने में आवश्यक सब्जियों को चमेली नीचे से गरम कर लाई और तब तक मैं और कामिनी ने मिल कर टेबल लगा दी। अब खाना प्लेट में निकालना भर बाकी था।तभी जीजाजी की आवाज़ आई, अरे कामिनी. सेक्सी वीडियो हिंदी ब्लू?’ चाची ने मुझसे कहा।मेरे हलक से आवाज़ नहीं निकली, मैं जड़ हो चुका था।फिर चाची ने अपने हाथों से मुझको अपने करीब खींचा, उनके भी हाथ काँप रहे थे, ‘साहिल मुझसे नाराज़ तो नहीं है ना.

पर बताऊँगा ज़रूर।तो शायद अब आप लोग पूरी तरीके से समझ गये होंगे। तो अब मैं उस दिन की बात बताने जा रहा हूँ जिसके लिए आपने इतना सारा पढ़ा और मुझे शायद गाली भी दी होगी। तो मेरे बेसब्र दोस्तो, सब्र रखो क्योंकि सब्र का फल मीठा होता है। तो मैं शुरु करता हूँ।उस दिन रविवार था, जब मैं उसके घर गया। मैंने कॉल-बेल दबाई. सेक्सी चुड़ै वीडियोअगर मैंने तुमको टच भी किया तो वो मेरी लाइफ बर्बाद कर देगा जी।जूही- मन तो करता है, तुझे अभी जान से मार दूँ, पर तेरे जैसे गंदे आदमी के खून से मेरे हाथ ही गंदे होंगे। अब बाहर जाकर तेरे जो मन में आए वो झूट बोल और यहाँ से निकल जा.

जिसकी वजह से रूचि और अंकिता की दोस्ती टूट गई।आइये आगे पढ़ते हैं।रूचि आगे बताना चालू करती है कि अंकिता हरामजादी मुझे गालियाँ पे गालियाँ सुनाए जा रही थी और मैं नंगी घुटनों के बल नीचे बैठे हुए उसकी गालियाँ और बीच-बीच में चांटे भी खा रही थी।पता नहीं.मां बेटे की चुदाई की बीएफ: !”अब जीजा जी का ध्यान कामिनी की तरफ गया। चमेली की गाण्ड से लण्ड निकाल कर वे कामिनी के पीछे आए।कामिनी समझ गई अब उसके गाण्ड की खैर नहीं पर बचाने के लिए बोली- जीजाजी मैंने कभी गाण्ड नहीं मराई है, अभी रहने दीजिए, जब एक लौड़े का इंतजाम और हो जाएगा तो दोहरे मज़े के लिए गाण्ड भी मरवा लेंगे.

चुम्बनों से मैं थी दहक गई, जल-क्रीड़ा से बहकी मैं सखीबरबस झुककर स्व मुख से मैंने साजन के अंग को दुलार कियाउस रात की बात न पूछ सखी जब साजन ने खोली मोरी अंगिया!.उसने प्यार से मेरी पीठ सहलाई और कहा- बुलबुल! मैं तो समझा था कि तुम मुझसे नहीं चुदवाओगी… पर तुम तो खूब चुदी हो… मजा ले ले कर चुदी हो!मैंने एकदम कहा- मजा आ रहा था… लेकिन तू फिसड्डी निकला रे! और चोद ना… हाय रे…लेकिन वो तो झड़ चुका था, मेरी सन्तुष्टि नहीं हुई थी.

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मुझे उसके पतली कमर के साथ डोलते हुए चूतड़ बहुत विचलित करते थे, मैं सोचता था कि उसे नंगी करने के बाद उसके गोरे गदराये चूतड़ कितने प्यारे लगेंगे.लण्ड चूसते-चूसते कभी कभी सोनू मेरे दोनों अंडकोष को भी मुँह में ले लेती जिससे मेरे मुँह से ‘आह’ निकल जाती.

!मैंने उसके दिल में चिंगारी लगा दी थी, उसने मुझे लगभग नंगा देख लिया था, नाज़ुक बदन देख लिया था, शायद वो भी रात को मुठ मारता ही मारता।ढाबे पर गए, खाना खाया था कि वहाँ मेरा पहला आशिक मिल गया।जालंधर जाने के बाद सबसे पहला आशिक।बोला- सनी, तुझसे बहुत ज़रूरी बात करनी थी, यहाँ ही मिल गया वैसे मैं थोड़ी देर तक तेरे पास आता, एक मिनट सुनना।मैंने प्रसाद से कहा- अभी आया यार. मां बेटे की चुदाई की बीएफ ! शिट साली… साहिल का ले लिया मुँह में उफ्फ मज़ा आ रहा था…!सचिन से बर्दाश्त नहीं हुआ, तो वो नीचे लेट गया और लौड़ा चूत में डाल दिया। अब जूही उकडूँ बैठी चुद भी रही थी और लौड़े चूस भी रही थी।जूही- आह आआआ.

और फिर मैं उसे किस करने लगा और कुछ देर के बाद एक जोरदार धक्का लगाया और मेरा लण्ड आधा उसकी चूत में चला गया और उसकी चूत से खून निकलने लगा.

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!‘प्लीज़ साहस रखो… मैं हूँ ना…!” फिर चुटीले अंदाज में बोले- क्या मस्त तैयार हुई हो… क्या तुम भी चुदाना चाहती हो. !!! आआ आआअहह… आअहह… फक फक फक… !!!’‘ओह गॉड यू आर टू सेक्सी… आआअहह आआहह… यू वाँट मोर…??? आआहह… आहह… !!!’ मेरे मुंह से निकलने लगा. बाँहों में उठाकर उसने मुझे, खाने की मेज पे लिटा दियामैंने भी अपने अंग से सखी, सारे पहरों को हटा दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

अपने सारे कपड़े उतार कर गाउन पहन लिया लेकिन तब मन में आया कि बर्फ़ के पानी से गाउन गीला क्यों करूँ, गाउन भी उतार कर पूर्णनग्नावस्था में होकर दीवान पर एक पैर रखा एक नीचे जमीन पर, योनि को कपड़े से साफ किया, पैर फैला दिए और बायें हाथ में आइस क्यूब पकड़ कर दायें हाथ से योनि को फ़ैलाया और पूरी ज़ोर से आइसक्यूब अंदर दबा दिया. !रेहान ऊपर से नीचे आरोही को निहार रहा था और आरोही भी उसकी नज़र को देख रही थी।तभी राहुल ने कहा- यार हम लोग शॉपिंग के लिए आए हैं। तुम इतने समय बाद मिले हो तो साथ में लंच करेंगे. पिंकी सेनमाँ के जाने के बाद रीना ने नेट पर सेक्सी स्टोरी साइट खोली और ऐसे ही किसी बाबा की स्टोरी सर्च करके पढ़ने लगी। उसको पढ़ते-पढ़ते ही उसने अपने कपड़े निकाल दिए और चूचे दबाने लगी, उसको बहुत मज़ा आ रहा था।रीना- उफ्फ आ.

हह…!रेहान बहुत शातिर था, एक-एक इन्च करके लौड़ा आगे बढ़ा रहा था।वैसे तो अभी कुछ देर पहले उसने अपने 9″ के लौड़े से चूत को पूरा खोल दिया था और बेहोशी का फायदा उठाकर खूब झटके मारे थे पर अब वो आराम-आराम से डाल रहा था, क्योंकि आरोही की चूत बहुत सूजी हुई थी और उसको काफ़ी दर्द भी था।अभी तो वो उत्तेजना के करीब थी, तो दर्द का अहसास नहीं हो रहा था।आरोही- आ. स्पंदन क्रमशः तेज हुए, मैंने भी नितम्ब उठाय दिएमैं लेती गई वह देता गया, अब सीत्कार उल्लास हुआउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. !मैं- क्या रे… तुझे तो मेरी फिकर ही नहीं है, तू तो देती नहीं।निशा- आपको तो मेरी कंडीशन पता है ना?मैं- अरे, किसी से दोस्ती तो करा दे।निशा- एक दोस्त है, मस्त लड़की है.

!ये सब देख कर तो राहुल का तो हाल खराब हो गया, उसका लौड़ा एकदम टाइट हो गया था, जब उसकी नज़र रेहान के खड़े लौड़े पर गई तो।राहुल- वाउ यार तेरा हथियार तो बहुत भारी है, तभी मेरी दोनों बहनें तेरे गुण गा रही हैं।रेहान- हा हा हा चल अब मुझसे भी बर्दाश्त नहीं होता, ये बियर की बोतल साथ ले आज तुझे नये तरीके से बियर पिलाता हूँ।राहुल- कौन सा तरीका यार…!रेहान- अबे साले बहनचोद तेरी जो दो रंडी बहनें है ना. !”हय… उसके मुँह से ‘हनी’ सुना तो कलेजे में ठंडक पड़ गई। जीवन में पहली बार किसी लड़के ने प्यार से ‘हनी’ बोला था।घर जाकर बिस्तर पर औंधी हो कर लेट गई.

मैंने माल गले के नीचे नहीं किया और सारा माल मुँह में रखा और पूरे मुँह में घुमाने लगी और फिर तैयार हो गई और बाहर आ गई.

मैंने कहा- रुक जा मेरी चूत की रानी, तुझे चोदन का मज़ा मैं दिलाता हूँ !फिर मैंने लंड पूरे जोर से उसकी हसीन चूत में धकेल दिया…पूरा लंड खा गई रण्डी साली की चूत !फिर मैंने उसे धक्के देने चालू कर दिए.

वो फ़ोन लेकर अपनी मॉम के पास गई, मैं भी पीछे गया, तो पूजा की मॉम सजधज कर कहीं जा रही थी, फ़ोन उठा कर बोली- बस आ रही हूँ!और फ़ोन बन्द कर दिया. मैं- हा हा! ऐसे शरमाओगे तो कैसे सेक्स कर पाओगे मेरे साथ? तुम चाहते हो कि मैं किसी और से सेक्स करूँ?यह सुनकर जय ने फड़ाक से अपना लंड बाहर निकाला और कैमरे के सामने मसलने लगा. ! इस तरह बस वो आरोही को छू कर मज़ा ले रहा था।आरोही को थोड़ा अजीब तो लग रहा था, पर वो सब बातों को अनदेखा कर रही थी।रेहान- गुड शॉट.

मैंने अपने लौड़े को और जोर से खुजाते हुए कहा- अरे मुझसे कैसा डर? मैंने कोई गैर हूँ क्या?वो एकटक मेरे लौड़े की देखने लगी. और लबलबा रही थी… मानो चीख चीख कर लंड माँग रही हो।चूत का मुँह बार बार अपने आप खुल रहा था और बंद हो रहा था…उधर वो पुलिस वाला दीदी पर चढ़ कर उनके होंठ को चूसने लगा, इधर उसका हैवानी लंड दीदी की चूत पर आकर रगड़ने लगा।दीदी की साँस अब बहुत तेज़ चलने लगी थी-. कान के साथ लण्ड भी खड़ा हो गया था…मधु- भैया… भाभी अंदर कमरे में हैं… यहाँ उनका कोई दोस्त ही बड़ा सर है… वो क्या बताया था… हाँ मनोज नाम है उनका…मैंने दिमाग पर ज़ोर डाला… उसने बताया था कि कॉलेज में उसके विनोद और मनोज बहुत अच्छे दोस्त थे, दोनों हमारी शादी में भी आये थे।मैंने मधु को कमरे में देखने को बोला.

हाँ ! मैंने तुम्हें समझाया था ना कि पहले तेल मालिश और फिर कुछ कसरत फिर वो जल थेरेपी तुम्हें समझाऊँगा।उसे तो कुछ समझ ही नहीं आया उसने असमंजस में मेरी ओर ताका।‘ओह.

की ध्वनि निकलने लगी। मैं उस ध्वनि को रोकने के लिए अपने पर काबू पाने की कोशिश कर ही रही थी कि मेरा जिस्म अकड़ गया तथा मेरी योनि के अन्दर से एक तेज़ लहर निकली जिस के कारण मेरे मुँह से आईईईईई…. ’ की आवाज आती।कविता ने लण्ड मुँह से निकाला और मुझे खड़ा होने को कहा, मैं खड़ा होकर तेजी से उसके मुँह में लण्ड पेलने लगा, अचानक मेरे दिमाग में एक आईडिया आया और मैंने कविता के मुँह से लण्ड निकाल लिया।कविता- निकालो नहीं आह. वो लड़की तो उछल उछल कर बोलने लगी-मैं तो परी बन गई !मैं तो परी बन गई !!वहीं खड़ा एक लड़का इरफान यह सब तमाशा देख रहा था.

!रेहान- अन्ना बुरा ना मानो तो आरोही को ले लो ये फिल्म में।बस दोस्तो, आज के लिए इतना काफ़ी है। अब आप जल्दी से मेल करके बताओ कि मज़ा आ रहा है या नहीं?क्या आप जानना नहीं चाहते कि आगे क्या हुआ. मैं तो बिस्तर पर ऐसे ही पड़ी रही और मजे लेने लगी।करीब 10 मिनट की चुदाई के बाद ननदोई जी का सारा माल मेरी चूत में आ गया और वो मेरे ऊपर पसर गए. सभी अन्तर्वासना के पाठकों को मेरा नमस्कार!मेरा नाम गौरव है, दिल्ली में रहता हूँ, मेरी उम्र 22 साल है। अन्तर्वासना पर अपनी पहली कहानी लिखने जा रहा हूँ। यह कहानी पिछले महीने की ही है जब मैंने पहली बार सेक्स किया!मैं चार साल बाद बी.

!मैंने भी उसकी चूत के होंठ खोल कर अपना मुँह उसकी गुलाबी चूत से लगा दिया और तेजी के साथ चाटने लगा।जैसे ही मैं उसकी चूत चाटने लगा। वो अपनी गाण्ड उठा-उठा कर अपनी चूत को मेरे मुँह से सटाने लगी और कहने लगी, ‘ह्हह्हा ययययई ह्हह्ह्हहीईईई.

! ओ माई गॉड पर आप तो वहाँ थे ही नहीं फिर ये सब कैसे और कब हुआ? प्लीज़ बताओ ना भाई?यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !राहुल- बहना याद है… जब उस रात तुम गुस्से में तोड़-फोड़ कर रही थीं. ये सब नेचुरल हैIशिशिर बहुत खुश था। उसने मुझे हर तरह से रगड़ा था, मैं भी खुश थी कि मेरे तीनों छेद खूब भरे थी.

मां बेटे की चुदाई की बीएफ अब आ जाओ ऊपर !” मैंने कहा।नहीं पहले तुम इसका नाम लो।”वैसे तो औरतों के लिये लंड का नाम और वो भी किसी पराये मर्द के सामने लेना बड़ा मुश्किल होता है लेकिन मेरे लिये कोई बड़ी बात नहीं थी। फिर भी मैं शरमाने का नाटक करते हुए झिझकते हुए धीरे से फ़ुसफ़ुसाई, लंड !”क्या. पप्पू- आपकी शादी और मेरी पैदा होने की तारीख में सिर्फ़ 5 महीने का फ़र्क है!जो समझ गये तो ठोको ताली, बाकी बच्चे पोगो देखो!***इरफ़ान को गैस की बीमारी थी। वो बहुत परेशान था, ना कहीं आता था ना कहीं जाता था।एक बार किसी वजह से उसे अपने बहन के घर जाना पड़ा। बहन के घर जाते समय रास्ते मे सोचने लगा कि एक 5 साल का भांजा पप्पू है उसके लिए क्या लेकर जाऊँ?फिर एक दुकान से क्रीम वाला बिस्किट का पैकेट ले लिया.

मां बेटे की चुदाई की बीएफ फिर भाभी ने मेरा लण्ड मुँह में लिया और प्यार से चूसने लगीं, चारों तरफ अपना हाथ लण्ड पर फिराने लगीं और आधा लण्ड 4 इंच मुँह में ले लिया. उसने नीचे कुछ भी नहीं पहना था, अब वह बिल्कुल नंगी मेरी बाहों में थी, शर्माती हुई धीरे से बोली- अपने कपड़े भी उतारो.

मेरा काम होने ही वाला था मगर एकदम से मन खिन्न सा हो गया !तभी एक और आदमी अंदर आया, वो जो बाहर उस लड़की को चोद रहा था, उसका लण्ड बता रहा था कि वो पूरा चोदने के बाद सीधा यहीं आ रहा था.

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!” नीति ने मुस्कराते हुए कहा।अब मैं देख सकता था कि उसकी साड़ी का पल्लू गिर गया था और पाँव तरफ से साड़ी भी घुटनों तक आ रही थी। नीति ने मुझको भी तीन-चार बार गहरा चुम्बन कर लिया था।यकायक नीति मुझ से टिक गई।मैंने उसको चूमा और कहा- इंग्लिश चुम्मी दो न. चिढ़ा रहा हो ! मैंने मोमबत्ती बुझा दी, बाहर आ गई।रात में अपने दोस्त को सब बता दिया मैंने, वो भी नाराज़ हो गये, बोले- इतना भी नही कर पाई? बातें इतनी बड़ी?उन्होंने मुझसे आगे बात नहीं की, बस यही कहा- कल कुछ और सोचेंगे…उधर श्रेया भी ज़िद करने लगी- आंटी एक कारनामा मेरे सामने कर के दिखाना. उसका फोन भी आया था शायद… मनोज उसके स्कूल के समय से दोस्त था…पर हो सकता है कि कोई और हो…तभी मधु की आवाज आई- भैया.

!राहुल झटके से उठा और आरोही भी स्पीड से उठकर घुटनों पर आ गई।राहुल ने धप्प से लौड़ा चूत में पेल दिया।आरोही- आ सस्स ससस्स फक मी आह फक हार्ड अई आ गो डीप. वो मूत कर उठी तो उसकी गांड मेरी ओर थी, मैं पीछे से जाकर चिपट गया और बोला- मुझे भी साफ़ कर दो!फिर उसने मेरा लंड धोया और मैंने उसकी चूत!इस सब पर मेरा लंड खड़ा हो गया तो मैं कुछ और भी चाहता था, इसलिए पूछा- कैसा लगा?तो बोली- अब से रोज चुदने आऊँगी तुमसे!पर मैंने कहा- मैं नहीं चोदूँगा क्योंकि मुझे लंड चुसाना पसंद है जो तुम नहीं करती!इतना कहने की देर थी, मेरा लंड उसके मुँह में था और मस्त चूस रही थी. !सचिन दूसरी स्क्रीन लगा देता है।साहिल- अबे ये देख, यह साला बहनचोद तो अपनी बहन को घोड़ी बना कर चोदेगा, हा हा हा… लगता है.

इसलिए पूछा कुछ सीन तुमको बिकनी के देना होगा जी और एक सीन में तुम नहाना जी और कोई तुमको मरने की कोशिश करना.

!दीदी आप चूमने को कहती हैं, कहिए तो मुँह में लेकर झड़ा दूँ?”हम सब फिर हँस पड़े।चमेली और मैंने दरबार के नियम के अनुसार कामिनी की तरह लण्ड को चूम कर अभिवादन किया, फिर जीजाजी ने कामिनी की चूचियों को चूमा।मैंने कहा- फाउल. दीदी की एकदम लाल जीभ और उस पर चमकता राल, और वो उसे अपने होंठों में भर भर कर चूस रहा था मानो जैसे आज दीदी की जीभ तो पूरी खा ही लेगा. ना जाने कहाँ कहाँ मुत्ती करते हैं… मेरे कपड़े तक गीले कर देते हैं…मैंने मधु के हाथ को लण्ड से हटाने की कोई जल्दी नहीं की… लेकिन कुछ प्रतिवाद का दिखावा तो करना ही था इसलिए.

फिर साजन ने सिर पीछे से, होंठों को मेरे चूम लियाकुछ और आगे बढ़ स्तन पर, चुम्बन की झड़ी लगाय दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. अपनी देख वहाँ भी कितनी गीली है…शायद सलोनी जैसी समझदार पत्नी बहुत कम लोगों को मिलती है… मेरा दिल कर रहा था कि जमाने भर की खुशियाँ लाकर उसके कदमों में डाल दूँ…मेरे लण्ड और मधु की चूत के गीलेपन की बात से ही वो समझ गई कि हम दोनों अब क्या चाहते हैं… उसने बिना कुछ जाहिर करे मधु को एक झटके से अपने ऊपर से पलटकर मेरी ओर कर दिया और खुद मधु की जगह पर खिसक गई।फिर बड़े ही रहस्यमयी आवाज में बोली-. सलोनी- अहाआआ… आआआ… इइइइइ…सलोनी ने कसकर उसका हाथ पकड़ लिया…लड़का- अर्रर… मैडमजी, इसको चमका रहा हूँ…सलोनी- बस्स्स्स… अब रहने दो… मैं ब्रा पहन कर बताती हूँ कि सही है या नहीं…लड़का ने जबरदस्ती अपना हाथ छुड़ाते हुए… अपने बाएं हाथ से सलोनी का हाथ पकड़कर अपना सीधा हाथ आगे से उसकी कैप्री में डालने का प्रयास करने लगा.

भाई आपका तो बहुत बड़ा है…!राहुल बेड पर चढ़ गया और आरोही के मम्मों को दबाने लगा।राहुल- बहना डरो मत बड़ा है, तो क्या हुआ. !रेहान अन्दर जाता है, तो आरोही उससे लिपट जाती है।रेहान- जान वो कॉंट्रेक्ट पेपर लेने गया है, मान गया तुमको.

सुबह से न जाने कितनों के सामने मुझे नंगी दिखा दिया… और तीन अनजाने मर्दों ने मेरे अंगों को भी छू लिया…पारस- क्या… किस किस ने क्या क्या छुआ…झूठ मत बोलो भाभी…सलोनी- अच्छा बच्चू… मैं कभी झूठ नहीं बोलती…सुबह उस कूरियर वाले ने मेरी चूची को नहीं सहलाया. ह…ह… की जोर से आवाज निकली और मैं अपनी योनि से ढेर सारा पानी छोड़ते हुए शाँत हो गई।कुछ देर बाद महेश जी भी चरम पर पहुँच गये उन्होंने मेरे शरीर को कश कर पकड़ लिया और अआह. इससे अच्छा होता कि मैं ज़हर खा लूँ या फिर पुलिस के पास! हाँ, यही सही होगा, मैं पुलिस के पास जाके सब सच सच बता दूँ कि तुमने मेरे साथ क्या किया.

।दरवाज़ा खुला मैंने ध्यान देकर भी ध्यान नहीं दिया था, शायद वो देख कर मुड़ गया था। वैसे भी उसका सर फट रहा होगा।नहा कर निकल मैंने अपने होने वाले पति के लिए नींबू पानी बनाया- यह लीजिए.

!!***दोस्ती को बड़े प्यार से निभाएँगे,कोशिश रहेगी तुझे नहीं सतायेंगे,कभी पसंद न आये मेरा साथ तो बता देना…गिन भी न पाओगेइतने ‘थप्पड़’ लगायेंगे!***देख कर लोगों को,सोचा, इश्क हम भी कर लें!फिर बेवफाओं को देख कर सोचा,थोड़ा सब्र कर लें. पिंकी सेनहैलो फ्रेन्ड्स, लो आप मुझे याद कर रहे थे और मैं आ गई। लीजिए आपकी खिदमत में पेश है आज का गरमागरम भाग…अब तक आपने पढ़ा…रेहान और राहुल जूही के बारे में बात कर रहे थे। रेहान बोलता है कि जूही कुँवारी है या नहीं आज चैक करेंगे…अब आगे…राहुल बड़ी बेचैनी से बोला- ओके ओके. बहनचोदों एक भी छेद मत छोड़ना… सब जगह डाल दोऊऊऊओ… फाड़ डाल मेरी गांड… वर… और जोर से … अन्दर तक डाल अपना हथियार… यार… आर आर अअअ आ आ आ….

सलमा बोली- जी दरअसल एक मुंह मेरे इस्तेमाल के लिए है और दूसरा मेरे बॉस के इस्तेमाल के लिए है।सन्ता- सही जवाब ! तुम कल से नौकरी पर आ सकती हो !***सन्ता बॉस अपने लिए सेक्रेटरी रखने के लिए इंटरव्यू ले रहा था. !आरोही ने रेहान को लिटा दिया और उसकी पैन्ट खोलने लगी।साथ-साथ वो अपनी जीभ से रेहान के पेट पर चाट भी रही थी। बड़ी ही अदा के साथ उसने रेहान की पैन्ट निकाली और अंडरवियर के ऊपर से ही लंड को दाँतों से हल्का काटने लगी।रेहान- आ.

इमरानअंकल- अरे नहीं बेटा… तू कहे तो मैं तुझको बिना पेटीकोट के ही साड़ी बांधना सिखा दूँ… पर आजकल साड़ी इतनी पारदर्शी हो गई हैं कि सब कुछ दिखेगा…सलोनी- हाँ हाँ आप तो रहने ही दो… चलो मैं ये दोनों कपड़े पहन कर आती हूँ ! फिर आप साड़ी बांधकर दिखा देना…उसने पेटीकोट और ब्लाउज हाथ में लिये. अब उसकी कमर उन लोगों को दिखाई दे रही थी और उसकी मदमस्त गाण्ड भी उनके सामने थी। सोनू ने तो लंड को पकड़ कर हिलाना शुरू कर दिया था।अब दीपाली ने पैन्टी को नीचे सरकाया और होश उड़ा देने वाला नजारा सामने था। मैडी के लौड़े की टोपी पर कुछ बूंदें आ गई थीं।सोनू के लौड़े ने तो पहले ही लार टपकाना शुरू कर दिया था और रहा दीपक. वाओ यार… और तेरी ये लो वेस्ट जीन्स… कितनी नीची है यार…गजब्ब्ब यार ! तूने तो कच्छी भी नहीं पहनी… क्या बात है यार ???? सच में सेक्स की देवी लग रही है…सलोनी- ओह क्या कर रहे हो… नहीं ना बटन मत खोलो ओह… अह्ह्ह् ह्ह्ह्हाआ आआआ…यह रब भी कितनी जल्दी अपना बदला पूरा कर लेता है.

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फिर साजन ने सिर पीछे से, होंठों को मेरे चूम लियाकुछ और आगे बढ़ स्तन पर, चुम्बन की झड़ी लगाय दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

इतने में उसकी कसरत ख़त्म हो गई, वो नीचे जाने के लिये सीढ़ी की ओर आने लगी और मैं छत पर जाने लगा और मैं जानबूझ कर उससे टकरा गया और वो मेरे ऊपर गिर गई. हम चुद गईं…आह मैं आ रही हूँ… मादरचोद बार-बार चूत बदलते हैं।श्वेता का पानी निकलना शुरू हो गया था, साथ ही मेरी बीवी ने भी अपनी चूत से पानी निकालना शुरू किया और अब पूरे कमरे मैं हमारी चारों की आवाज़ें ही थीं, आआअ ह्हह्हह्ह… ह्ह. एक दिन वो मेरे पास आई और उसने कहा- मेरे कंप्यूटर में कुछ खराबी आ गई है और मैंने एक जरूरी इमेल करनी है.

उसका फोन भी आया था शायद… मनोज उसके स्कूल के समय से दोस्त था…पर हो सकता है कि कोई और हो…तभी मधु की आवाज आई- भैया. रात को पत्नी से बोला- मैं इनको लंड पर चढ़ा कर, बत्ती बंद कर के तुम्हारे मुंह में डालूँगा, तुम्हें बिना बत्ती जलाये इसका फ्लेवर बताना है।पति बोली- ठीक है, तुम चढ़ाओ, मैं बताती हूँ।थोड़ी देर बाद पति बत्ती बंद करता है औरपत्नी मुँह में लेकर बोली- डार्लिंग, यह तो लंड का ही फ्लेवर है।पति- उल्लू की पट्ठी, अभी कंडोम चढ़ाया ही कहाँ है?***. सेक्सी एमएमएस!यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !और उसने मदन के लौड़े को अपने मुँह में ले लिया। मदन ने सिगरेट खत्म होने तक लौड़ा चुसवाने का मज़ा लिया, फिर उसे लिटा कर उसके ऊपर चढ़ गए और अपना लौड़ा उसकी चूत में पेल दिया।पहले तो चमेली तिलमिलाई फिर हर धक्के का मज़ा लेने लगी- जीजाजी आप आदमी नहीं सांड हैं.

हम खाना लेकर आ जाते हैं।तीनों नंगे ही कमरे में खाना खाने लगे।खाने के बाद वो तीनों टीवी देखने लगे।अनुजा- ले दीपाली. कभी-कभी तो नंगी घोड़ी को कुर्सी पर या खटिया पर 2-3 दुप्पट्टे से बाँध कर खूब तबियत से थप्पड़ मारते हुए चोदने में बहुत मजा आता था.

बोली- थैंक्स…उसे भी इस खेल में बहुत मज़ा आया था।अब भी थोड़ी जलन है मेरे चुचूक सा में !अब जब मैं इस घटना को कहानी का रूप दे रही हूँ तो बीच भीच में श्रेया मुझे पुकार रही है अपने पास बुलाने के लिये- मधुरेखा ! ओ मधु !आगे क्या हुआ? जानने के लिए पढ़ते रहिये अन्तर्वासना पर मेरी सच्ची कहानियाँ ![emailprotected]. छू कर, पर ध्यान रखना कोई गड़बड़ ना हो जाए।रेहान- कुछ नहीं होगा, अब मुझे जाना है आरोही का फ़ोन भी बन्द है उसे बताना था कि 4 बजे तक आ जाए, पर न जाने कहाँ बिज़ी है वो. वहाँ मिलासा ने गीता को पकड़ लिया और उसके बदन से खेलने लगा ! थोड़ी चूमाचाटी के बाद गीता बोली- चलो बीच पर चलते हैं !मीलासा बोला- मेरा दोस्त विक्रम आने वाला है फिर चलते हैं.

मैं भाभी को बांहों में लेकर चूमने लगा और पूछा- क्या तुम्हारा देवर चुदाई के लायक है?भाभी ने भी मुझे अपने बाहुपाश में जकड़ लिया- हाँ जी है !यह मेरा और भाभी का मस्त चुदाई वाल प्रकरण था जो आपके सामने रख दिया अब आप ही इसका ‘आलू-चना’ (आलोचना) करो और प्लीज़ मुझे जरूर लिखना ![emailprotected]. ऐसे ही करती है न ?”मुझे समझ आ गया था कि यह रितिका भाभी की ही चाल थी। वो मुझे बैठा कर रचना को बुलाने ही गई थीं।बस फिर क्या था मैंने भी रितिका को अपनी बांहों में भर लिया और रचना के सामने ही भाभी की चूचियों को मसक दिया, भाभी चुम्मी तो छोड़िये मैं तो उसके संतरे भी दबाता हूँ देखो ऐसे. संता नौकरी के लिए इंटरव्यू देने गया।मैनेजर- आपको कितने सालों का तजुर्बा है।संता- माफ कीजिएगा सर, सालों का तो नहीं लेकिन तीन सालियों का तजुर्बा जरूर है।.

प्रेषक : सतेंद्र भाटीअन्तर्वासना पढ़ने वाले सभी चूत और लण्ड को मेरा सलाम। यह मेरा पहला सेक्स अनुभव है। मैं आप सबको अपना परिचय देता हूँ। मैं सतेंद्र भाटी हूँ। मेरा लण्ड 6.

प्रेषक : वीर सिंहइस कहानी के पांचवें भाग में आपने पढ़ा : बबिता आँटी मेरी पूरी मलाई चाट के वो उठी, कुर्सी के हत्थों से आराम से पैर निकाले और मटक-मटक कर बाथरूम की तरफ जाने लगी, मैंने तुरंत आवाज़ लगाई- ओह्ह्ह. !तो वो हँसने लगी।तभी परी बोली- तुम्हें हमारी चूत फाड़ने के बाद ही यहाँ से जाने का मौका मिलेगा।परी एक नंबर की रंडी थी.

!तो रीना ने मुझसे पूछा- क्या तुमने कभी किसी के साथ किया है?तो मैंने ना बोल दिया, क्योंकि मैंने इससे पहले कभी किसी के साथ चुदाई नहीं की थी।मुझे तो पता ही था कि आज मुझे कुँवारी चूत मिलने वाली है।वो मुझसे पूछती- क्या तुमने ऐसी मूवी पहले कभी देखी है?तो मैंने बता दिया- देखी है तीन चार-बार. !आंटी, यह बच्चा हमारे प्यार की निशानी है।”तुम समझ नहीं रहे अमन, मैं किसी को मुँह दिखाने लायक नहीं रहूँगी।”क्यूँ आंटी? आपका भी तो मन था कि आप माँ बनती।”मगर यह बच्चा नाजायज़ है, मैं किसी से क्या कहूँगी. फंस जाता तो फंस जाता। जो होना है होगा पर इस समय चुदाई में ध्यान लगाओ मेरी रानी…! आज चुदाई ना होने से मन बड़ा बेचैन था, उससे ज़्यादा तुम्हारा राज जानना चाहता था …! अब चोदने का मज़ा लेने दो.

उसने मुझे आवाज दी- देविन सुनो जरा!हाँ भाभी जी, बोलो क्या हुआ?”यह गोलू कुछ भी काम नहीं करने दे रहा, तुम इसे अपने घर ले जाओ. !मैं- ओके, मैं रिया से बोल देता हूँ कि तुम दूद्दू नहीं पीने दे रही हो।तभी रिया आई तो मैं बोला- रिया, देखो ना ये मुझे दूद्दू नहीं पिला रही है।रिया- ओए, मेरे जीजू को दूध क्यों नहीं दे रही? कोई बात नहीं विकास मैं देती हूँ रुको. मुझे पूरा यकीन था कि यह चोर वाली बात सब झूठ है, मामला तो वही है जो मैं और आप सभी समझ रहे हैं।खैर मैं तो एक बजने का इंतजार कर रहा था लेकिन समय बीत ही नहीं रहा था, मैंने सोचा कि क्यूँ ना थोड़ा पहले ही जाकर देखा जाए.

मां बेटे की चुदाई की बीएफ उसने पचास दफा मुझे फ़ोन ट्राई किया था, मैंने सोचा कि ऐसा मौका बार बार नहीं मिलता, क्यूँ न इस बेवकूफ से कुछ और पैसा बनाये जाये! फिर यह मुझे कभी ट्रेस भी नहीं कर पायेगा. हां !तभी लोरिया की चूत में से पानी की धारें बहने लगी और लोरिया के पानी ने मेरी जांघें तक भिगो दी, लोरिया की चूत से निकल रहे गर्म रस से मुझे मज़ा भी आ रहा था।करीना लगातार लोरिया की जीभ को चूस रही थी और उसके मम्मों को दबा रही थी। मैं भी दोनों राण्डों को गालियाँ देता हुआ चोद रहा था- चु.

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मेरी आँखों में तो आँसू थे, साजन ने आँखें चूम लईआँखों से गिरी हीरों की कनी, होंठों की तुला में तोल दईहर हीरे की कनी का साजन ने, चुम्बन का अद्भुत मोल दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. जय- मैं तुमसे प्यार करता हूँ जो बोलोगी करूँगा!मैं- आज तक किसी ने मुझे ऐसे नहीं देखा, मेरे घर पर पता चला तो वो मुझे मार ही डालेंगे. बस इसी सोच में उसकी आँख लग गई और वो भी सो गया।दोपहर दो बजे नौकरानी ने राहुल को जगाया कि लंच तैयार है, आप कर लेना।दोस्तो, मैंने आपको बताया था न.

किसने रोका है…!रेहान- ऐसे नहीं, मैं आरोही को अपने साथ ले जाना चाहता हूँ दो दिन उसको मेरे पास रहना होगा। मैं आराम से करना चाहता हूँ !राहुल- क्या. !मैंने कहा- जानू ये तो बस अब तुम्हारा ही है खूब प्यार करो और चूसो।भाभी बड़े प्यार से लंड को प्यार करने लगीं चूमने लगीं। भाभी अब दिल ओ जान से तैयार थीं।भाभी गर्म हो उठी थीं और चुदना चाह रही थीं।उन्होंने अपनी टांग उठा कर लंड को चूत के नजदीक ले जा कर चूत में लेना चाहा, पर मैं उनके मुँह से सुनना चाहता था कि आओ शिशिर मुझे चोदो. বৌদির গুদ মারাवैसे ही मेरी चूत में से दोनों की मिक्स मलाई बाहर आकर मेरी टाँगों पर बहने लगी और आनन्द ने लंड निकाल कर सीधे मेरे मुँह में चूसने को दे दिया।आनन्द के लंड पर भी दोनों की मिक्स मलाई लगी थी.

अब हम चलते हैं।फिर हम लोग अन्दर गए और लिफ्ट से फ़ूड कोर्ट वाली फ्लोर पर पहुँच गए। वहाँ पर हम लोगों ने एक कपल सीट ली.

रेहान जी अब बताओ क्या करना होगा।रेहान- सबसे पहले तो मेरी बात गौर से सुनो राहुल को इन सबके बारे में कुछ मत बताना। बस कोई साधारण सी बात बता देना। शायद उसको अच्छा ना लगे ये सब. आह’ कर रही थी।फिर मैं उसकी गर्दन को चूमने लगा, वो गर्म होती जा रही थी। मैंने धीरे से उसकी ब्रा निकाल दी और मैंने उसकी पैंटी में हाथ डाल दिया, उसकी चूत पूरी गीली हो चुकी थी।फिर मैंने उसे बेड पर लिटाया और उसकी चूत चाटने लगा।क्या चूत थी.

तभी मैं बड़े ही गंभीर और प्यार वाले लहजे में बोला- ज़्यादा ज़ोर से तो नहीं लगा था ना?चाची भी अब एक प्यार में खोई औरत की तरह बाते कर रही थी- नहीं, बस थोड़ा सा. थोड़ी देर के बाद कासिम, मेरे शौहर आए और बेड पर आ कर बैठ गए और मैंने घूँघट लिया था, पर उन्होंने घूँघट नहीं उठाया और मेरे लहंगे को ऊपर किया और मेरी चूत में उंगली करने लगे. सब झूठ बोलती थीं।इतना सुनकर वो मेरे पास आई और मेरे होंठों में अपने होंठों को रख कर मेरा मुँह बंद करके… मुझे अपने आगोश में ले लिया.

फ़र्क इत्ना था कि गौहर ने जानबूझ कर स्कर्ट का वो हाल किया थ और अपने चूतड़ छिपाने का नाटक किया था पर यहाँ मधु की स्कर्ट अपने आप फ़टी थी पर वो खुद मुझे अपने चूतड़ दिखा रही थी.

क्या मैं तेरा लैपटॉप प्रयोग कर सकती हूँ?मैंने कहा- हाँ हाँ! क्यों नहीं!मैंने कहा- दीदी, आप बैठिये, मैं लैपटॉप देता हूँ!मैंने ऐसे ही लैपटॉप पकड़ा दिया. !” चमेली ने अपनी भूमिका में जान डालते हुए बड़े नाटकीय ढंग से इस बात को कहा।कामिनी ने दरबार से फरियाद की, रहम… रहम हो सरकार … कनीज अब यह ग़लती नहीं करेगी”ठीक है, इसकी सज़ा माफ़ की जाती है पर अब यह ग़लती बार-बार कर हमारा मनोरंजन करती रहेगी, मैं इसकी अदाओं से खुश हुआ. जो कोई भी आये और देख ले…यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !उउउउइइइइ री रे रे बाप रे याआआआअरर्र… ये तो बहुत बड़ा और कितना गरम है… अह्ह्ह्ह्हाआआ… आआओह ! लगता है मनोज ने अपना लण्ड बाहर निकाल लिया था।मनोज- अह्ह्ह… ऐसे ही जान.

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पर बताऊँगा ज़रूर।तो शायद अब आप लोग पूरी तरीके से समझ गये होंगे। तो अब मैं उस दिन की बात बताने जा रहा हूँ जिसके लिए आपने इतना सारा पढ़ा और मुझे शायद गाली भी दी होगी। तो मेरे बेसब्र दोस्तो, सब्र रखो क्योंकि सब्र का फल मीठा होता है। तो मैं शुरु करता हूँ।उस दिन रविवार था, जब मैं उसके घर गया। मैंने कॉल-बेल दबाई. मैं नहीं मानता एक ही दिन में तूने उसे पटा भी लिया और चोद भी लिया नामुमकिन…दीपक- तुझे मेरी बात पर भरोसा नहीं ना. सलमा थोड़ी देर बाद- सुनो जी जेल खुली है और कैदी बाहर है!इरफ़ान फिर चढ़ जाता है और दबा के सलमा की चुदाई करता है और पास में लेट जाता है.

‘आह मेरी… रानी… मैं गया… मैं गया… हाऽऽऽ स्स निकला आ आ आह म्म्म हय रए…’मेरी गाण्ड में उसका गर्म गर्म लावा भरने लगा. फिर कुछ देर बाद मैंने उसको धक्के लगाने को कहा तो उसने धक्के मारना शुरू कर दिए और मेरे मुँह से आह… आह… की आवाजें आने लगीं. ए शैलेश भैया बहुत दर्द हो रहा है… आह्ह्ह…शैलेश भैया ने एक ठाप और मारा… उनका आधा लंड मेरी गाण्ड में समा गया।बहुत दर्द हो रहा था…अब दर्द सहा नहीं जा रहा था… ऽ आह्ह्ह… निकाल लीजिए अपना लंड.

मैंने जैसे ही चादर हटाई, मैंने देखा चाचू ने नीचे कुछ भी नहीं पहना है और उनका लण्ड सोया हुआ था, मैंने धीरे से अपना हाथ लण्ड तक किया और उसे पकड़ लिया और धीरे से झुक कर लण्ड मुँह में ले लिया और चूसने लगी. वो कोई छोटा-मोटा आदमी नहीं है बड़ी-बड़ी हिट फ़िल्में बनाई हैं और रही उसकी हरकत की बात, तो मैंने पहले ही कहा था इस लाइन में ये सब आम बात है। वो तुमको आजमा रहा था, अगर तुम कुछ बोलतीं, तो वो मना कर देता ! समझी?आरोही- आजमा रहा था. मैंने भी अपनी टांगों से, विजयी (V) मुद्रा अब बना लईमेरे अंग में उसके अंग ने, अब छेड़ दई एक तान नईगहरी सांसें, सिसकी, हुन्कन, सब आह-ओह में मिला दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

संता नौकरी के लिए इंटरव्यू देने गया।मैनेजर- आपको कितने सालों का तजुर्बा है।संता- माफ कीजिएगा सर, सालों का तो नहीं लेकिन तीन सालियों का तजुर्बा जरूर है।. यहाँ बैठो, मैं अभी दिखाती हूँ आपको !आरोही बैग से अपने कपड़े लेकर बाथरूम में चली गई और कपड़े पहन कर बाहर आई।आरोही- यह देखो, कैसी लग रही हूँ भाई, मैं?राहुल- अच्छी लग रही हो, अब दूसरा ड्रेस भी पहन कर दिखाओ।आरोही- भाई मैंने एक ही ड्रेस लिया है, दूसरा जूही का है.

!”रुक्कको मेरी चुदासी राआनी मैं भीईए आआआआअ रहा हूँ…!” जीजाजी ने दस-बारह धक्के लगा कर मेरी बुर को अपने गरम लावा से भर दिया। मेरी बुर उनके वीर्य के एक-एक कतरे को चूस कर तृप्त हो गई।मेरे चूचियों के बीच सर रख कर मेरे ऊपर थोड़ी देर पड़े रह कर अपने सांसों को संयत करने के बाद मेरे बगल में आकर लेट गए और मेरी वीर्य से सनी बुर पर हाथ फेरते हुए बोले- हाँ.

मैं दीदी के मुँह से ‘चोदना’ सुन कर चौंक गया और समझ गया कि आज यह लंगड़ी शाम को घोड़ी बन कर भी नहीं चल पाएगी. xxx video देहातीतब तक ऐसा कुछ भी नहीं करूँगा, जिससे तुम्हें तकलीफ हो।पर माया का ‘नानुकुर’ बंद नहीं हुई, तो मैं उठ गया और उससे रुठते हुए बोला- देख लिया तुम्हारा प्यार. सेक्सी में सेक्सहम सेक्स करते हैं और ‘ग्रुप-सेक्स’ भी करते हैं।तो दोस्तो, कैसी लगी, आपको मेरी यह पहली कहानी। आशा करता हूँ कि आपको अच्छी लगी होगी। मुझको मेल करके जरूर बताना।[emailprotected]. पहले गाण्ड पे काट लिया हमनेफिर फुद्दी को चाट लिया हमनेफिर दिया होंठों पे नमकीन बोसाबड़ी देर तलक मम्मों को चूसाउन्गली कर के पानी दिया निकालबोली वो तड़प के जल्दी से डालजोश-ऐ-सहवास में लौड़े को रखा चूत पेदोनों हाथ जमा दिए उसके दूध पेसब्र का बंधन अचानक टूट गयाचुदाई से पहले बाहर ही छुट गया !.

फिर मैंने कहा-ठीक है दूर ही रहो फिर मुझसे,कि अब पास कभी न आना,मर जाऊँगा तुमसे दूर जा केतब मेरे ज़नाज़े से शरमाना…मैंने इतना कहा ही था कि वो मुझसे कस के लिपट गई, उसके आंसुओं की बूंदें मुझे मेरे गाल पर महसूस हो रही थी.

आज तो पैरिस जलकर राख हो जायेगा !” उन्होंने मुस्कुराते हुए मेरी तारीफ़ की।आप भी बस मेरी खिंचाई करते रहते हो !” मैं शर्म से लाल हो गई थी। उन्होंने अपने हाथ सामने की ओर फैला दिये तो मैं मुस्कुराते हुए उनके पास आ खड़ी हुई।कहानी जारी रहेगी।. उफ़ जान मेरा माल आ रहा है उफ़फ्फ़ हू हू हू अई चूसो आ पूरा मुँह में लो आह…!रेहान के लंड से एक बहुत तेज़ पिचकारी निकली जो सीधे आरोही के गले में गई और उसके बाद खूब सारा रस उसके मुँह में भर गया। मुँह में लौड़ा लगा होने के कारण आरोही पूरा पानी गटक गई। तब रेहान ने लौड़ा बाहर निकाला।रेहान- क्यों रानी कैसा लगा टेस्ट…!आरोही- अजीब सा था. लेखक : राहुल शर्मामिलासा ने मेरी गाण्ड में माल निकाला और अपने कपड़े ठीक करके हम दोनों हाल में आ गए जहाँ गीता बैठी थी.

पूरा दिन मुझे वो सुबह का सीन ही दिख रहा था। आज सोच लिया था कि अगर उसने रात को हाथ-हूथ फेरा तो मैं भी सोते-सोते उसकी तरफ खिसकता जाऊँगा।कहानी जारी रहेगी।मुझे आप अपने विचार यहाँ मेल करें।[emailprotected]. बात करते-करते मैंने पूछा- क्यों, कल रात जैसा आज भी कुछ खेलें?‘क्या? आज तो सिर्फ हम दोनों ही हैं?’ वो बोली. !फिर मैं ऊपर और वो नीचे थी, मैं उनकी बालों वाली चूत को जीभ डालकर चाटने लगा तो वो स्वर्ग में उड़ने लगी और मस्ती में मेरा लंड मुँह में जितना ले सकती थी, उतना लेकर चूस रही थी। उसको अब खूब मज़ा आ रहा था।करीब 15 मिनट बाद वो बोलीं- शिशिर मैं झड़ने वाली हूँ… जोर-जोर से मेरी चूत को चूसो, खा जाओ मेरी चूत को आआह्ह्ह… आज तक कभी मेरे पति ने इस तरह मेरी चूत नहीं चाटी आअम्म्म्म.

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थोड़ा बहुत तो मैंने बताया है परंतु बाकी का तुझे ही समझाना होगा।’ चंदा रानी की आवाज़ आई।वह बच्चे को बहला रही थी, बच्चा दूध पिये हुए था और अब खेल रहा था, अभी उसका कोई सोने का मूड दिखाई नहीं पड़ रहा था।मैं बोला- ठीक है !और नन्दा रानी को चूम के बोला- नन्दा रानी… अभी जो मैंने तेरे साथ किया वह चुम्बन कहलाता है। इसे बहुत देर देर तक किया जाता है…. उससे पूछा- क्या बात है मन्जू? तुम मुझसे खुल कर कहो तुमको क्या दिक्कत है?उसकी आँखों से आँसू निकलने लगे. संता: बड़ी शर्मनाक बात है यार, उसने हमें उल्टे हाथ से भी हरा दिया…बंता: अबे, वो हमें बेवकूफ़ बना गया…संता: कैसे?बंता: वो लेफ़्टी ही होगा !.

जुबैदा ने उसे हाथ में लिया और उसे सहलाने लगी, जैसे उसे चुदाई की जल्दी हो !बिरजू ने फिर उसके घाघरे का इजारबन्द खींच दिया दी और उसे पूरी नंगी किया !जुबैदा को नंगी देख कर, गोरी गोरी जांघें, मांसल शरीर देख कर मेरा तो अंग अंग मचल उठा… मेरा सिर गर्म हो गया… चड्डी में लंड फड़फड़ाने लगा !बिरजू का हाथ जुबैदा की जान्घों में फिरने लगा.

पूरे 10 मिनट मैंने खूब चुदाई की, बाद में बोला- भाभी मैं आ रहा हूँ!भाभी बोलीं- हाँ अन्दर ही आओ!और मैं वीर्य की पिचकारियाँ चूत में छोड़ने लगा, गरम-गरम पिचकारियाँ मारीं, भाभी तो आनन्द के मारे बेहोश सी हो गईं, वो भी साथ में झड़ी थीं और उनका पूरा बदन झटके खाने लगा.

!करीब दस मिनट तक उसको उत्तेजित करता रहा। फिर नीचे की तरफ़ बढ़ा तो उसकी नाभि पर चुम्बन किया।गिरिजा- उउउआआ…!फिर उसे मैंने खड़ा किया और उसकी साड़ी उतारी। अन्दर उसने लाल रंग का पेटीकोट पहन रखा था। मैंने उसे फिर लिटा दिया चूमते हुए फिर उसके पेटीकोट के अन्दर चूमता हुआ घुस गया।गिरिजा- क्या कर रहे हो बाबा. !संजू- नहीं यार काम की चीज है, बेचारी की चूत और गाण्ड फट गई है, कहाँ चल पाएगी? इसलिए इसको बाइक पर छोड़ कर आता हूँ। तू घर को लॉक कर देना ओके. टाइट बुर की चुदाईमतलब कि दीपक झड़ने लगा उसने अपना सारा माल मेरी चूत में डाल दिया पर मैं तो अभी तक झड़ी ही नहीं थी और उसका लंड छोटा होकर मेरी चूत से बाहर निकल गया.

कुछ तो गोली का असर और कुछ दीपाली के यौवन का असर बेचारे दो-धारी तलवार से हलाल हो रहे थे।दीपाली ने टॉप उतार कर उनकी तरफ़ फेंक दिया. नीलू भी यही चाह रही थी और वो मेरे लिंग को मुँह में लेकर चूसने लगी और मैंने उसके मुँह में ही अपना वीर्य गिरा दिया और मुझे अचरज हुआ देख कर कि उसने वीर्य को इतने कायदे से पिया कि एक बूँद बाहर नहीं आई और मेरे लिंग को निचोड़ कर सारा वीर्य पी गई और फिर मुझे छोड़ दिया, बोली- जाओ, आराम कर लो. भाई आपका तो बहुत बड़ा है…!राहुल बेड पर चढ़ गया और आरोही के मम्मों को दबाने लगा।राहुल- बहना डरो मत बड़ा है, तो क्या हुआ.

वो बहुत टल्ली था उसे कहाँ कुछ याद रहता है। चाचा उसको मार रहे थे तब भी पता नहीं किस का नाम ले रहा था कि तुझे देख लूँगा।दीपाली- ओह. आशीष मेरी चूत जोर-जोर से चोदने में लगा था और अंकिता मेरी गाण्ड खोद रही थी।कुछ देर बाद मेरी सिसकारियाँ निकलनी चालू हो गईं.

आह… आ…!उसने फ़िर उनगली बाहर निकाली जो मेरे योनिरस से पूरी गीली हो गई थी, मैं मजे ले रही थी।उसने कहा- क्यूँ.

साजन ने समझी दशा मेरी, मुझको नीचे फिर किया सखीमैंने अपनी दोई टांगों को, उसके कन्धों पर ढलकाय दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. !’मैंने उंगली निकाल ली, फिर वो सीधी लेट गई और अपनी टाँगें मोड़ कर फैला लीं।अब वो अधेड़ चूत चुदने को बेताब थी और मैं अपनी पहली चुदाई का अनुभव एक तजुर्बेकार औरत के साथ लेने जा रहा था।‘साहिल थोड़ी देर सीधे-सीधे करो. शाहनवाज भी मेरी जवानी के जलवों से बच नहीं पाया, वो मुझसे बार बार बातें करने के बहाने आ जाता, मेरी सेक्सी हरकतों से उसका मन डोल गया.

भाई बहन की सेक्सी ब्लू वीडियो आज जल्दी आने की कहानी तो बतलाओ जरा?’***इरफ़ान का लौड़ा ठीक से खड़ा नहीं होता था तो वो किसी फकीर के पास गया और अपनी समस्या बताई. दरवाज़े खुले फिर बंद हुए, कुण्डी उन पर सरकाई गईमैं जान-बूझकर सुन री सखी, निद्रा-मुद्रा में लेट गईसाजन की सुगंध को मैंने तो, हर साँस में था महसूस कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

वो अपने हाथों से अपने उरोजों को छुपाने लगी। छुपाते वक़्त उन कोमल हिस्सों के कुछ भाग जो छिप नहीं पाए थे वो उस दृश्य को और भी कामुक बना रहे थे।मैं उसके पास गया और उसे चूमने लगा जितने भाग वो छुपा न सकी थी. मैंने उठ कर उसके कंधे पर हाथ रखा और उसको दुलारते हुए पूछा- क्या हुआ मन्जू तुम रो क्यों रही हो?वो सुबकने लगी. !तभी भाभी ने मुझे मेरे बिस्तर पर धक्का दिया और मेरे पेट पर बैठ गईं। मैं ऊपर से बिल्कुल नंगा था और भाभी भी मुझे चोदने को तैयार थीं।मैंने उनके निप्प्ल को पकड़ा और जोर से मसल दिया तो भाभी चिल्लाई- आआउच.

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साजन ने अपने अंग को सखी, मेरे स्तन पर फेर दियारगड़ा दोनों चुचूकों पर बारी-बारी, तो आग लगाय दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. वो तो मैंने कभी विनोद से कुछ नहीं कहा… वरना तुम्हारी दोस्ती तो ही गई थी… हे हे…मनोज- अच्छा तो यह तुम्हारा अहसान था?सलोनी- और नहीं तो क्या…मनोज- तो थोड़ा सा अहसान और नहीं कर सकती थीं…पता नहीं था क्या कि मैं कितना परेशान रहता था…सलोनी- वैसे सच बोलूं… तुमने कभी हिम्मत नहीं की… तुम्हारे पास तो कई बार मौके थे… और शायद मैं मना भी नहीं करती…मनोज- अच्छा इसका मतलब. लेकिन एक दिन ऐसी घटना हुई कि मैं उसे पाने के लिए बैचैन हो गया।दरअसल एक दिन दोपहर को मैं उसके कमरे में गया.

मुझे जी भर कर प्यार करो और प्लीज़ मुझे भी हिरोइन बनना है…!रेहान बुदबुदाता हुआ- हाँ जान आता हूँ… कैमरा तो चैक कर लूँ सालों ने बराबर लगाए हैं या नहीं. !जूही रोए जा रही थी और बोल रही थी। आरोही को होश नहीं था, पर वो अन्दर से रो रही थी। राहुल भी बाहर आ गया और साहिल के पैर पकड़ लिए।राहुल- प्लीज़ जूही की बात मान लो, माफ़ कर दो हमको, नादानी समझो या सेक्स की भूख हमसे ग़लती हुई है, प्लीज़ माफ़ कर दो…!साहिल- भाई एक बात कहूँ जो हुआ गलत हुआ अब हम जो कर रहे हैं.

उसको बिस्तर पर लिटा कर कमरे से बाहर निकल गई।दीपाली- उसके बाद तेरे मन में दीपक का ख्याल आया।प्रिया- नहीं यार उसके बाद मैं अपने कमरे में आ कर सोचने लगी.

!वो उठी और मेरा लंड अपनी चूत में डाला, फिर धक्के लगाने लगा। धकापेल चुदाई के बाद वो मेरा लौड़ा चूसने लगी।फिर हम दोनों कमरे में गए और एक-दूसरे से चिपक कर सो गए।सुबह उठ कर क्या हुआ. ‘हाय! मजा आ रहा है… लगा… जोर से लगा… ओई उ उईई…’‘हाँ…मेरी रानी… ये ले… येस… येस… पूरा ले ले… सी…सी…’‘शाहनवाज… मेरे शाहनवाज… हाय… फाड़ दे… मेरी चूत को… चोद दे…चोद. मेरी पिछली कहानियाँ आप सभी पाठकों द्वारा काफी सराही गई, उसके लिए आप सभी को धन्यवाद !यह कहानी शुरु होती है जब मेरी कहानी सच्चे प्यार की तलाश प्रकाशित हुई थी। मैं अपने मेल पर आप सभी पाठकों के मेल का जवाब दे रहा था, तभी मेरी नज़र एक मेल पर पड़ी, मेल था: IASpreyashi….

ये सब देख कर संजीव के दोस्तों से नहीं रहा गया तो उसका एक दोस्त मेरे पास आकर मेरे स्तनों को मसलने लगा और फिर उसके दूसरे दोस्त ने अपना लंड मेरे मुंह में डाल दिया और मैं उसके लंड को चुदते हुए चूसने लगी. !! बहुत मज़ा आ रहा है!!‘जान मैं तो कब से इस पल का इंतज़ार कर रहा था, आज मैंने तुम्हें अपना बना लिया है और आज के बाद मैं तुम्हें रोज़ इसी तरह प्यार करना चाहता हूँ।’मेरे लंड और उसके चूत की अनगिनत बार टकराने की ठप ठप. ! सच बताओ माजरा क्या है…!आरोही- ओह्ह कहा है तो हम कल से रेहान रेहान कर रहे हैं इसलिए गलती से उनका नाम ज़बान पर आ गया यार ! और रेहान कैसे सील तोड़ेगा हा मेरे बॉय-फ्रेंड के बाद आपने मुझे चोदा और आपके कहने पर मैंने रेहान के लिए ‘हाँ’ की उसका नम्बर तो बहुत बाद में आया था, लेकिन मज़ा बहुत दिया रेहान ने, यह मैं जरूर बोलूँगी…!राहुल- हाँ ये तो है.

एम्म ! मत करो मुझ पर रहम !लेकिन आपको तो बस मेरी चूत और गाण्ड से ही प्यार है, दिन रात सिर्फ़ चाटते रहते हो ! सिर्फ़ चाटते रहते हो.

मां बेटे की चुदाई की बीएफ: मैं तो पागलों की तरह उस मस्त लंगड़ी घोड़ी की गांड देख रहा था, अचानक मेरे मुख से लार की धार ठीक उनकी नंगी गांड पर गिरी. ’ कर रही थी और बोल रही थी- हाय नरेन क्या मस्त चोद रहे हो… और ज़ोर-ज़ोर से चोदो मुझे, बहुत दिनों के बाद आज मेरी कायदे से चुद रही है… हाय क्या मस्त लौड़ा है तुम्हारा… मेरी चूत… लग रही है आज फट ही जाएगी… तुम रुकना मत.

पहली बार लौड़े को ऐसे देख रही थी और सेक्सी कहानी क कारण मेरी चूत एकदम गीली हो रही थी।मैंने उसके लौड़े को सहलाना शुरू किया कुछ ही देर में वो अपने असली आकार में आने लगा।दीपक तो बेसुध सा पड़ा हुआ. !मैंने फ़ोन काट कर दिया। थोड़ी देर बाद मेरे मन में भी हलचल होने लगी।दोस्तो, बता दूँ कि मेरी मीनू भाभी कमाल की दिखती हैं। रंग गोरा, शरीर भरा-भरा. ठीक है, तब तक जो मेरे बगल मे लड़का नीचे था।वो बोला- भाई साहब आप आ जाओ… मैं ऊपर आ जाता हूँ।वो लड़का ऊपर आ गया। मैंने एक चादर बिछा ली और आराम से बैठी थी। रात के 9 बज चुके थे। एकाएक उस लड़के ने मेरी चूत को सहला दिया।मैं फुसफुसाई- कोई देख लेगा.

मेरी चूत से लगातार रस टपक रहा था और अब बर्दास्त के बाहर था। मैंने नाईटी निकाली जो में रात को पहनती हूँ.

आगे से सलोनी की स्कर्ट अभी भी उसकी बेशकीमती चूत को ढके थी पर इस समय शायद उसकी चूत पर उस मोटे के हाथ थे जो पता नहीं कैसे उसको छेड़ रहे होंगे…अब या तो मैं यहाँ रूककर सलोनी की मस्ती देखता या फिर इस नई बालों वाली चूत का मजे लेता…यह तो पक्का था कि वो चुदाई के लिए पूरी तरह तैयार थी और मेर लण्ड को बिना किसी शर्म के कभी सहला रही थी तो कभी कसके पकड़ लेती तो कभी मरोड़ देती. ।रूपा- मेरी चूत में जाएगा या नहीं…! सुना है बहुत दर्द होता है?मैं- दर्द में ही तो मजा है… क्यों दर्द बर्दाश्त नहीं कर सकती हो?रूपा- जान तुम्हारे लिए तो मैं कुछ भी सह सकती हूँ।मैं- अपने नीचे वाली में ऊँगली करो न. !राहुल के लंड से पिचकारी निकलने लगी और आरोही उसे पी गई।राहुल पानी निकालने के बाद बेहाल सा होकर साइड में लेट गया।आरोही- आ.