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पुलकित ने अपने जूते उतारे, और फिर अपने कपड़े भी उतारने लगा और मन ही मन सोच रहा था कि ‘बस अब सब्र नहीं होता, पहले एक शॉट लगा लूँ, फिर सोचूँगा कि बाद में क्या करना है. हिन्दी सेक्सी पिचरअब मेरे चूचे बहुत दब रहे थे और मुझे ऐसा लग रहा था कि इतने में ही वो टाइट हो रहे हैं, बड़े होते जा रहे हैं.

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अगली सीडी में दीदी एक पहलवान नुमा हब्शी जैसे गुलाम की पीठ पर सवारी कर रही थीं.आपने मेरी पिछली कहानी तो पढ़ी ही होगी कि कैसे रवि और विवेक ने मेरी खूब चुदाई की.

भाभी ने उनसे कहा कि समीर ने दिन भर बहुत मदद की है, इसकी आज पढ़ाई भी ठीक से नहीं हो पाई होगी. सेक्सी बीएफ हिंदी राजस्थानी उस मेल में लिखने वाले/वाली ने मुझे चैलेंज के साथ हूल दी कि मैंने अपनी जिंदगी में घटी एक सच्ची घटना को मिर्च-मसाला लगा के पाठकों को पेश कर दिया.

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फ़िर शनिवार को शाम में वो अपने समय से जल्दी ही आ गई और अपना काम करने लगी. मैं बोला- जब मैं वहां पे रहूँगा तो सब कुछ कैसे होगा?छाया ब़ोली- उसके जाने के बाद. तभी खुद सोनी ने भाई से कहा- मुझे बीच में बैठने दे क्योंकि मैं लड़की हूँ, पीछे बैठने में मुझे डर लगता है कि कहीं गिर ना जाऊं.

सो उससे नहीं खुली। फिर मैंने अपने हाथों से वो भी खोल दी।मेरी ब्रा के खुलते ही. एक बोतल व्हिस्की की लेकर मैं उन लोगों से मिलने चला गया। बातों ही बातों में पता चला कि वो लोग मेरे ही ऑफिस में इंटर्न बेसिस पर जॉब करते हैं। सबकी उम्र लगभग 22-23 साल होगी। सबसे बात तो मैं कर रहा था. उनकी वो पावरोटी सी फूली गुलाबी चुत थी, उसे देखकर मेरे मुँह में पानी आ गया.

उसके निप्पल को सहलाने लगा, मेरा खड़ा लंड उसकी चूत को हल्के से छू रहा था. जैसे उसने अपना लंड मेरी गांड से निकाला, मैं अपने आप जमीन पे लुढ़क गयी. चलो फिलहाल इस बार मैंने अमित को मना कर दिया और कह दिया कि जब ऐसा होने की सम्भावना होगी तो बता दूंगी.

मैं उसे पकड़ कर चुम्बन कर रहा थातो मेरा हाथ उसकी चुची पर गया तो मेरी गांड फटने लगी वो बड़ी बड़ी चुची कविता की नहीं थी, वो रीना के चूचे थे. एक रात वर्षा मुझे बोली- दीदी, अब कब उस मजदूर से चुदवायेंगे? आठ दिन कब के हो गये हैं?मैं बोली- वर्षा, क्या तेरी चूत पहले की तरह अंदर से जल रही है?वो बोली- दीदी वैसे तो नहीं जल रही, पर जलने से पहले चुदवा लें तो ठीक रहेगा ना?मैं बोली- नहीं वर्षा, ऐसे बार बार नहीं चुदाते, और मेरा और किशोर का भी अब झगड़ा हो गया है.

मैं कामुकता में इतनी मदहोश हो चुकी थी कि संजय की हर बात को माने जा रही थी.

वहां घर के बाहर पहुँचते ही मेरी नजर एक लड़की पर पड़ी जो बुआ की छत पर खड़ी थी, उसका रंग एकदम दूध जैसा और उसकी गांड मानो जींस को फाड़ ही रही थी, और उसके छोटे छोटे चुचे एकदम तने हुए दिख रहे थे, मेरा मन कर रहा था कि साली को अभी पकड़ कर चोद दूँ.

उसका रंग एकदम दूध सा गोरा, काले लंबे बाल, गुलाबी होंठ, बड़ी बड़ी कजरारी आँखें, उसे देख कर बस ऐसा लग रहा था, जैसे धरती पर कोई स्वर्ग की अप्सरा उतर आई हो. जब घर के अन्दर पंहुचा तो पता चला कि बुआ की जिठानी की बहन की लड़की है वो भी शादी में आई है. करीब 15 मिनट की किसिंग के बाद मैंने उसका ब्लेजर उतरा और उसकी टी शर्ट हटा दी.

भाबी ने कहा- सत्या, मुझे जोर से भूख लग रही है, चलो चल कर कहीं खाना खाते हैं. अब मैं धीरे धीरे एक हाथ नीचे ले जाकर उनकी चुत को पेन्टी के ऊपर से ही सहलाने लगा. मैंने थोड़ी हिम्मत की और हाथ उनकी गर्दन से थोड़ा नीचे की ओर सरका कर उनकी चुचियों को छूने की कोशिश करने लगा.

”मैंने भी ज्यादा परेशान नहीं किया और चूमते हुए धक्के तेज कर दिए और मधु की चूत को पेलने लगा। कुछ देर बाद फिर मधु ने मुझे कसकर पकड़ लिया और निढाल पड़ गई। उसकी बरसों की प्यास शान्त होने से खुशी से उसकी आँखों से आँसू निकल आए।मैं समझ गया कि वो झड़ गई है। थोड़ी देर बाद मधु बोली- प्लीज जल्दी करो.

अन्तर्वासना की कामवासना से भरी सेक्सी सेक्सी फ्री चुदाई स्टोरीज पढ़ने वाले मेरे प्यारे दोस्तो, मैं आज आपके सामने अपनी रियल सेक्स स्टोरी लेकर आया हूँ, मुझे पूरी उम्मीद है कि मेरी कामुकता से भरी चुदाई की कहानी आपको पसंद आएगीमैं रमनदीप, हिसार हरियाणा का रहने वाला हूँ। मेरी उम्र 19 साल है, कद 5 फुट 7 इंच, मेरे लण्ड का साइज 6. बहूरानी ने अब अपनी कमर हिलानी शुरू कर दी थी, मैं समझ गया कि अब उसकी चूत का बांध टूटने ही वाला है. लेकिन अनन्या को उसके पति के बड़े भाई ने पीछे से पकड़ लिया और उसके गाल पर चुम्बन करने लगे और बोलने लगे- अनन्या, मैं तुमको बहुत पसंद करता हूँ.

मेरी इंडियन सेक्स कहानी के पिछले भागबीवी को उसके बॉस के कमरे में छोड़ा चुदाई के लिएकामिनी धीरे से विवेक से बोली- दरवाजा भी बंद करोगे या. तभी निर्मला जी ने बोला कि उन्हें वाशरूम जाना है, फिर बोलीं आपके घर से फ्रेश होकर घर के लिए ऑटो ले लूंगी. वो बोली- अब फिर करोगे? इतनी सुबह सुबह?मैंने उसे अपने लंड की ओर इशारा करके दिखाया- इसे देखो, ये जिद कर रहा है!तो वो हंसती हुई बोली- बच्चों की सारी जिदें पूरी नहीं करते… नहीं तो बच्चे जिद्दी हो जाते हैं.

मेरे हाथों को ऊपर उठा कर उसमें डाल दिया और नीचे खींच कर मेरी चुचियों के पास रोक दिया.

उसने अंकित के कलेक्शन में से एक क्सक्सक्स पोर्न मूवी चला ली और अंकित का इंतज़ार करने लगी. उसने कहा कि इसे ऐसे पहनते हैं और उसे लाकर मेरे मम्मों पर करके सही करने लगी.

सेक्सी बीएफ हिंदी राजस्थानी क्या मस्त फूली चूत है और बाल भी नहीं बनाये नीचे के… पर सबसे मस्त तो गांड है. फिर एक दिन जब मैं घर में था और उनका बच्चा स्कूल गया हुया था, मैं उनके कमरे में गया.

सेक्सी बीएफ हिंदी राजस्थानी अब मैंने दीदी की तरफ देखा तो वे मुस्कुरा रही थीं और अपनी कमर पर हाथ रखे हुए मुझे अपनी चूचियां दिखा रही थीं. भाभी के मुँह से हल्की सी चीख निकली तो मैंने पूछा- क्या हुआ, अगर ज़्यादा दर्द कर रहा है तो लंड निकाल लूँ.

!भाभी- हां मेरे राजा, आज के बाद तू ही मुझे चोदेगा और मेरी प्यास बुझाएगा.

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फिर हम आपस में बात करते रहे और उनकी कम्पनी को देखने गए, जहां एक प्रोजेक्ट चल रहा था. कुछ देर उसने अपनी उंगलियों से मेरी चुदाई की तो मेरा संयम ख़त्म हुआ और मैं भरभरा कर झड़ गयी. नीरव अन्धकार में संभोगरत दो जिस्म आपस में कम्युनिकेट कर रहे थे जहां शब्दों की आवश्यकता ही नहीं थी.

फिर मैंने तौलिया को थोड़ा और ऊपर सरकाया और जैसे ही वहां पर हाथ रखा चाची ने आँख बंद कर लीं और मुझसे बोलीं कि तुम मालिश बहुत अच्छी तरह करते हो. एक बार मैंने उसके साथ सेक्स करने की कोशिश भी की, तो साली गुस्सा हो गई और मुझसे बोली कि तुम तो मुझसे प्यार ही नहीं करते, तुम तो बस मेरे साथ सेक्स करना चाहते हो. मैंने उसकी चूत पर लौड़ा रखा और अपने लण्ड पर ढेर सारा थूक लगा लिया। एक हाथ से उसके मम्मे दबा रहा था.

दो बजे छुट्टी के बाद मैं निकल रहा था कि निर्मला जी ने आवाज दी- अतुल रुको, मुझे कमला मार्केट जाना है कुछ सामान लेना है, मैं स्कूटी नहीं लाई हूँ, तुम अपनी गाड़ी से ले चलो.

उसका टॉप मुझे भी अच्छा लग लगा तो मैंने उसे भी ले लिया और अपनी पसंद की एक ड्रेस जीन्स टॉप ले लिया. कार 70 की स्पीड पर जा रही थी तो मुझे भी अपनी बाइक उसी रफ्तार से दौड़ानी पड़ी. ”मेरे सीने मैं धक धक हो रही थी कि अगर वो चिल्लाएगी तो मेरे इज्जत का तो फालूदा निकल जायेगा.

वो कुछ बोले, उससे पहले मेरे भाई ने कहा- हां हां चलो, मुझे तो झूला झूलना है. मेरे हाथ अब उनके चूचों को गेहूँ के आटे की तरह गूंध रहे थे और चाची भी मेरा पूरा सहयोग कर रही थीं. मैं एकदम नंगी हो गई।वो मुझसे हाइट में काफ़ी छोटा था इसलिए मैं नीचे बैठ गई। उसने मुझे जफ्फी डाल ली.

कमल ने मेरी दोनों टांगों को पकड़ कर फैला दिया और अपना लंड मेरी चूत में घचाक से पेल दिया. मैं- क्या शर्त है?बॉस- ये लेने के लिए तुमको मेरे लंड को अन्दर से खुशी देनी होगी.

फिर दीदी ने मुझे लेटने को कहा और खुद अपनी गांड के छेद को मेरे लंड पर रख कर अपनी गांड मरवाई. अब मैं भी सिर्फ अंडरवियर में था, चाची ने मेरा लंड हाथ में लेकर दबाना शुरू कर दिया. ” शुरू हुई वो उत्तेजना को बर्दाश्त करने के लिए खुद ही अपनी चूचियाँ दबाने लगीं, मम्मी की आँखें बंद थीं, अब वासना उन पर हावी हो चुकी थी, अचानक मम्मी के मुँह से घुटी घुटी सी चीख निकली- आअहहुउऊउ आआओ.

आज मैं किचन में देखने भी नहीं गया कि वो क्या कर रही है, वो भी कुछ पूछने नहीं आई कि क्या बनाना है.

मैंने चाची को डॉगी स्टाइल में होने को कहा, तो वो झट से गांड उठा कर कुतिया बन गईं. मैं कभी उनकी चुचियों को दबाता कभी मुँह में लेकर चूसता तो कभी उसके दाने को दाँतों से काटता. बहूरानी के मुंह से घुटी घुटी सी चीख और दर्द की कराहें निकलने लगीं- मर गयी रे, फट गयी मेरी तो… मार डाला आपने आज तो” बहूरानी ने आर्तनाद किया और मुझे परे धकेलने का प्रयास किया.

मैंने किशोर को देर तक लंड हिलाने नहीं दिया और किशोर को लंड डालकर पड़े रहने को बोला. फिर भाभी ने मेरा तेल से सना काला लंड पकड़ा और अपनी कोमल सी चुत की फांकों में फंसा कर रख लिया.

तभी मैंने वहाँ किसी से पूछा कि ये लेडी कौन है?उसने बोला- ये लड़की दूल्हे की मौसी है, पर तुम क्यों पूछ रहे हो?मैंने कहा- मुझे वो परेशान सी दिखीं तो पूछा. कुछ पलों तक हम दोनों यूं ही लिपटे हुए एक दूजे के दिलों की धकधक सुनते रहे. धीरे धीरे जैसे जैसे शादी की रस्में होने लगी, हम दोनों में बातें हुई, दोस्ती हो गई और दोस्ती कब प्यार में बदल गई, पता ही नहीं चला.

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तुमने पापा से भी मस्त चुदाई करवाई है, अब मैं भी तुम्हारे पापा जैसा हूं, मुझसे भी अपनी गांड को वैसे ही चुदवाओ.

पर मुझे यह नहीं पता था कि वो चाचा जिनसे मैं बातें करती हूँ, वो मुझे एक दिन चोद देंगे. मैं एक बार में ही अपना सुपारा डालना चाहता था और ये जानता था कि इससे इसे बहुत दर्द होगा. मैं कामुकता में इतनी मदहोश हो चुकी थी कि संजय की हर बात को माने जा रही थी.

मेरी छोटी बहन वर्षा की चुदाई करवाने के बाद मुझे उस पे बहुत तरस आया, मैंने सोचा अब से मैं उसको कभी नहीं तड़पाउंगी, मुझे उस बेचारी पर बहुत तरस आता और वो भी अब मुझसे प्यार करती थी. मैंने गेट खटखटाया तो एक मैसेज आया कि टेबल पर खाना रखा है, पहले वो खा लो, फिर ही गेट खुलेगा. सेक्सी वीडियो चोदने वाला राजस्थानीमैंने अपनी गर्ल फ्रेंड को फोन किया, तो उसने कहा कि बस 15 मिनट रुक कर आना, घर वाले बस निकल ही रहे हैं.

रोशनी की गांड का ढक्कन खुल बंद हो रहा, जैसे वो एक जल बिन मछली की तरफ उछल उछल के सारे जूस को बाहर फेंक रहा हो. मैं ज़िद करने लगा तो वो मान गईं, फिर बोलीं- ओन्ली टच करने की बात हुई है.

उसे भी बहुत मजा आ रहा था, लेकिन टयूशन का टाइम होने की वजह से मैंने अपनी कामवासना को दबा कर उसको अपने से दूर किया. उन्हीं मेल में से एक मेल आरती नाम की एक महिला की भी आई, जिसमें उसने मेरी कहानी की तारीफ करते हुए मुझे लिखा कि आपकी कहानी बहुत अच्छी है. तो बात करीब दो साल पहले की है, तब मेरी उम्र 19 साल थी और मई का महीना था, मेरे पेपर को टाइम था तो मैंने सोचा घर जाना चाहिये तो कपड़े पैक किये चल पड़ा रेलवे स्टेशन और वहां बैठा ट्रेन की राह देख रहा था.

इधर सिराज के धक्के कम गहरे और छोटे हुए और कुछ ही सेकंड में उसने अपना पूरा पानी मेरी गांड में छोड़ दिया।जैसे उसने मुझे छोड़ा तो मैं अपने आप फिसल कर बोनेट से नीचे जमीं पे लुढ़क गयी. कहानी का पहला भाग :मुझे किस किस ने चोदा-1मेरी सेक्स स्टोरी हिंदी के पिछले भागमुझे किस किस ने चोदा-4में अब तक आपने पढ़ा किउसी समय भाभी के पापा बोले- समधी साहब, आप दोनों के बीच में हम लोगों की भी कोई जगह है कि हम लोगों को भूल गए?पापा बोले- आप नहीं होते तो मैं आरती को कैसे मिलता. हमें डर था कि कहीं कोई आ न जाए तो मैंने उसकी जीन्स पूरी नहीं उतारी.

मैंने मौका देखा और दीदी के हाथ को अपनी चेस्ट पर रखा और अपने हाथ से पकड़ कर अपनी चेस्ट पर घुमाने लगा.

हैलो दोस्तो, अन्तर्वासना सेक्स कहानी के आप सभी पाठकों को मेरा प्यार, नमस्कार!जैसा कि मैंने आपको पहले की कहानीरात को आ जाना. मैं उम्म्ह… अहह… हय… याह… करने लगी।‌‌कुछ देर उन्होंने मुझे किस किया और मेरी गर्दन पर अपने होंठों को मसलने लगे। मैं कामवासना से बेचैन हो गयी। समधी जी ने अपने एक हाथ को मेरे साड़ी के अंदर कर दिया जो मेरी चूत पर रुका, वे मेरी गर्म चूत को सहलाने लगे।मैं कामुकता वश सीत्कारें भरने लगी.

महेश- इससे पहले सब लोग आ जाएं, तुम्हें अपना वादा याद है ना?मुझे अच्छी तरह याद था लेकिन मैंने थोड़ा नाटक किया तो वो घुटनों के बल बैठ गया और मुझसे कुछ माँगा, जो मैं चाह कर भी ना नहीं कर पाई. मैं उसकी आँखों में देखते हुए उसकी गुलाब की तरह लाल लाल होंठों को अपने होंठों में लेकर चूसने लगा. मैं वैसे बहुत मजाक करती हूँ अपने ऑफिस में और सब लोग मुझे पसंद भी करते हैं.

गाड़ी जब पुणे से बाहर निकली तो ठंडी तेज होने लगी और सपना का सिर मेरे कंधों पर आ गया. [emailprotected]कहानी का अगला भाग :बीवी की चुत चुदाई मेरे दोस्त से-3. मैंने अपना पानी खत्म करके कहा- अगर इतना ही सर में दर्द हो रहा है तो आप दवाई क्यों नहीं ले लेतीं?वो बोलीं- दवा से मुझे एलर्जी हो जाती है और दवा घर में है भी नहीं.

सेक्सी बीएफ हिंदी राजस्थानी क्योंकि उस वक्त मेरी एक गर्लफ्रेंड थी और मैं उसी के साथ काफी व्यस्त रहता था. उसने मेरे कपड़े निकालने शुरू कर दिये और थोड़ी ही देर में हम दोनों नंगे हो गए.

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और एक बार दे दी तो फिर तो जब चाहो तब उसकी चूत और मेरा लंड खेल सकेंगे. सोमवार तो उसका व्रत हमेशा ही रहता है इसके अलावा एकादशी, प्रदोष और साल में एक बार आने वाले व्रत जैसे जन्माष्टमी, शिवरात्रि, नवदुर्गा इत्यादि न जाने कितने; सब पूरे विधि विधान से ही करती, निभाती है. अभी तक मेरी सेक्सी स्टोरी में आपने पढ़ा कि विक्रांत ने अकीरा से वादा किया था कि वो अपनी नई सेक्रेट्री को अपना लंड दिखाएगा.

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मैंने अपना लंड उसकी बुर से निकाला तो देखा कि उसकी बुर से थोड़ा सा खून निकला था, जो मेरे लंड पर भी लग गया था. तुरंत सुरेश अंकल लेट गये, मैं उनके लंड पर दोनों टांगों को फैला कर बैठी और सुरेश अंकल का लंड अपनी चूत में सेट किया, जैसे उनका लंड चूत में छू गया, मेरे आग लग गई पर इतना मोटा और लम्बा था कि मेरे चूत के होल में फिट ही नहीं हो रहा था. मैं बोली- अभी राजेंद्र अंकल बहुत चोदे मेरी गांड को… और उनका लंडरस भी अभी मेरी गांड में भरा है, इसलिए इतनी चिकनी मिल गई, नहीं ताकत लगती अंदर घुसाने में!तब भाभी के पापा बोले- बहुत मस्त गांड है तुम्हारी!भाभी के पापा मुझे उल्टा करके बहुत चोद रहे थे, मेरी गांड में अपना पूरा लौड़ा दिया और बोले- आरती तुम्हें आज बहुत चोदूंगा.

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अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज के सब पाठकों को मेरा नमस्कार, मैं करण फिर से एक घटना लेकर आपके सामने प्रस्तुत हुआ हूं. इस वजह से उसकी चूत में चिकनाई बढ़ गई और सुरेश का बड़ा लंड आराम से अन्दर बाहर आने-जाने लगा. अब उन्होंने साफ मना कर दिया और कहा- चूत मार लो लेकिन गांड में मत डालो.

तभी जोर जोर से तीन चार धक्के मार कर दीपक भैया रीना दीदी की गांड में तुनक तुनक कर झड़ कर हट गए. इधर मेरा भी वही हाल था जैसे मैं सर्दी में आग के पास खड़ा हो गया होऊं. अदिति बेटा!”हां जी पापा जी?”दस बजने वाले हैं सवेरे छह बजे हम दिल्ली पहुंच जायेंगे.

अब तो मेरे मन से पूरा डर निकल गया था, मुझे विश्वास हो गया था कि चाची मना नहीं करेंगी. खास फ्रेंड ने अपना लौड़ा पदमा की पहले से अन्दर तक गोल लाल दिखती गांड के खुले हुए छेद में घुसेड़ डाला और उसके दूसरे दोस्त ने चूत में पेल दिया. दोनों धीरे से खड़े हुए, उसके दबे हुए पुठ्ठे मेरी जाँघों पर आकर और भी दबने लगे.

मैं धीरे धीरे लंड को अन्दर बाहर करता रहा, कुछ देर बाद चाची से मैंने पूछा- अब कैसा लग रहा है. क्या मुझसे कुछ काम था?उन्होंने कहा- तुम्हारी भाबी को कुछ शौपिंग करनी थी और चिंटू की तबियत थोड़ी खराब है.

अब जवानी के बादल रीना पर मंडराने लगे और अबकी बार इतना अधिक बरसे कि जैसे रीना की चुत से बरसाती नाला निकल रहा हो.

मैं धन्यवाद करता हूँ, इस अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज वेबसाइट का, जो हमें हमारे अनुभव, विचार और वासना को व्यक्त करने का मौका देता है. इंडियन सेक्सी वीडियो बताएंक्या आपको भी मज़ा आया दीदी?दीदी- हाँ, मुझे भी मज़ा आया सन्नी, लेकिन तूने जान निकाल दी मेरी, कोई इतनी ज़बरदस्त चुदाई करता है क्या… अगर मैं मर जाती तो?मैं- इतनी जल्दी नहीं मरने देता दीदी आपको, अभी तो और भी चुदाई करनी है आपके साथ, अभी तो चूत मारी है, गान्ड का नंबर लगाना बाकी है. 18 साल की कुंवारी लड़की की सेक्सीजब मैं कुछ नहीं बोला तो वो मेरे बेडरूम में आई और मेरे हाथ में लंड को देखकर. अन्दर आने के बाद मैंने उसके हँसने का कारण पूछा तो कहने लगी कि वो तो ऐसे ही हँस रही थी.

हाय राम… क्या निप्पल थे यार… तनु, छोटी और फिर उसकी माँ सबके निप्पल और घेराव एक जैसे, हल्के भूरे रंग का घेराव और गुलाबी आभा लिए हुए चूचुक… वाह… क्या बात थी आंटी में!मेरी एडल्ट कहानी जारी रहेगी.

मेरा मन कर रहा था कि उनको नंगा देखूं लेकिन संकोचवश कह नहीं पा रहा था. वो इस बार बहुत तीखी आवाज में चीखी और बिस्तर पर कुछ देर ऐसे पड़ी रही, जैसे कोई आलसी सो रहा हो. मैं उनसे जब भी मिलता तो उन्हें कहीं भी पकड़ कर किस कर लिया करता और उनकी गांड में हाथ फेर देता.

मेरा कभी झूठी कहानियाँ लिखने का मन करता मग़र अनुभव न होने के कारण लिख नहीं पाता था. बहरहाल वो 15 मिनट ऐसे लग रहे थे जैसे 15 घंटे हों, साला टाइम ही नहीं कट रहा था. मैंने भी अपनी स्पीड बढ़ा दी और मैंने भी दो मिनट बाद उनकी चूत में ही अपना सारा माल भर दिया.

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फिर मुझे मजा आया तो चूत पर पूरा मुँह लगा दिया और चूत को अपने मुँह में भर के चूसने लगा. उस दिन के बाद हम लोगों की बातचीत होती रहती थी औऱ हम एक दूसरे के घर आना जाना शुरू हो गया था. एक तो प्रिया अभिसार में मुझ से अधिक से अधिक काम-सुख लेने के लिए, मुझ से मेरी पत्नी की तरह अधिकारपूर्वक व्यवहार कर रही थी, दूसरे… चूंकि आज घर में कोई नहीं था इसलिए अभिसार के दौरान प्रिया के मुंह से निकलने वाली सिसकियों और सीत्कारों को किसी द्वारा सुन लेने का भय ना होने की वज़ह से प्रिया का आज बिस्तर में व्यवहार बहुत ही बिंदास था.

उस्मान फटाफट वहां से निकल गया और माया भी इस वक्त एमडी से नहीं मिलना चाहती थी, इसलिए वो भी अपनी गाड़ी में बैठ कर अपने घर की तरफ निकल पड़ी.

तभी एक कार मेरे पास आकर रुकी और एक आवाज़ आई- कहाँ जाना है आपको?मैंने कार की तरफ देखा तो कार में एक हट्टा कट्टा आदमी बैठा था, उसकी उम्र लगभग 30 से 35 साल रही होगी.

हमने दस मिनट तक चूमा चाटी की होगी, मैंने उनकी जीभ को अपने मुख में लेकर चूसा और उन्हें भी अपनी जीभ चुसवाई. फिर वो धीरे धीरे मोना के पेट को सहलाने लगा और मोना भी हल्की हल्की आहें भरने लगी. पंजाब की लड़कियों की सेक्सी वीडियोमैंने भी झट से उनके आँसू पोंछते हुए कहा- आज तो खुशी का दिन है… आज के दिन इन आँसुओं के लिए कोई जगह नहीं है.

अपनी प्रियतमा से ऐसे पशुवत व्यवहार की कल्पना भी अपराध है!!! थू… थू… थू!!!’मैं थोड़ा सयंत हुआ और कार के शीशे चढ़ा कर मैंने कार मंथर गति से आगे बढ़ाई।क़स्बे की हद से निकलते ही मैंने हिम्मत कर के अपना बायाँ हाथ गियर रॉड से उठा कर प्रिया के दायें हाथ पर रखा दिया। तत्काल एक लहर सी प्रिया के रोम रोम से गुज़र गयी जिसे मैंने स्पष्ट महसूस किया. उसने अन्दर कच्छा तो पहना भी नहीं था, शायद वो सीधे संभोग के लिए ही तैयार था. उसका टॉप मुझे भी अच्छा लग लगा तो मैंने उसे भी ले लिया और अपनी पसंद की एक ड्रेस जीन्स टॉप ले लिया.

जब कॉलेज ऑफ हुआ तो मैं घर जाने को कॉलेज के गेट के बाहर निकल रहा था तो वो मुझे गेट पर खड़ी मिली. मगर मैं रुका नहीं, मैं उनके दोनों पैरों के बीच बैठ गया और थोड़ा सा ऊपर हो कर उनकी नंगी चूचियों को चूमने चाटने लगा, ममता जी की चूचियों को चूमते हुए मैं अपने शरीर का भार डाल कर धीरे धीरे उन्हें बिस्तर पर भी धकेल रहा था.

मैं उससे गले मिला और बोला- जो मेरे साथ किया, वो किसी और के साथ ना करना.

मेरी कामुक सिसकारियां निकल रही थीं मगर उस सुकुमारी भौजी की गांड अभी भी घुसक घुसक करके मुझे चैलेंज दे रही थी, मानो मैं कुछ कर नहीं सकता. बहन ने पेंटी नहीं पहनी थी, तो मैंने बहन से कहा- बहन क्या तुम पेंटी नहीं पहनती हो?तो वो बोलीं- अरे बुद्धू तुम आने वाले हो, ये बात मुझे मालूम थी ना, इसलिए तुम्हारे स्वागत के लिए निकाल रखी है. संजय ने अपने धक्के और तेज कर दिए, जिससे मैं समझ गई कि वो भी अब झड़ने वाला है.

सनी लियोन की सेक्सी मूवीस वीडियो वो इन सबको आपस में चुदाई करते हुए देख कर थोड़ा आश्चर्यचकित जरूर था, पर उसे कुछ बुरा नहीं लग रहा था. वह भी देखने में मोना से कहीं से भी कम नहीं थी, वैसे भी उनकी बिरादरी में लड़कियां होती ही ज्यादा सुन्दर हैं.

वो मुझे देख कर हंसने लगी तो मैं भी हंस दिया। मैंने उससे पूछा- तू उस दिन खेत में क्यों नहीं आई थी?तो वो बोली- मैं मायके चली गयी थी!उसके बाद मैं उसके पास बैठ गया और उसके चुचे दबाने लगा, तभी उसके मुंह से अजीब अजीब आवाजें निकलने लगी ‘आह आह श श आह…’दस मिनट तक मैं उसके चुचे दबाने और चूसने में लगा रहा, उसके चूचों से दूध आ रहा था. फिर मेरे शांत होने पर ऊपर की ओर इतने जोर से झटका मारा कि मेरी जान ही निकल गई. आकर खा लीजिये।”मधु ने फिर मेरी तरफ देखा और बोली- तुम माँ जी को खिला दो। हम बाद में खाएंगे.

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अब बॉस का एक हाथ मेरे पीछे मेरे गांड को सहला रहा था और बॉस का दूसरा हाथ मेरी नंगी चूत सहला रहा था. यदि आपको मेरे बारे में अधिक जानना है, तो मेरी पुरानी कहानी पढ़ सकते हैंचुदने चुदाने की लालसाये कहानी लिखते हुए मेरी आँखों में उस शाम का मंज़र घूम जाता है. मैं ज़ायरा भाभी को अपने साथ वापस एसएमएस हॉस्पिटल के सामने वाली धर्मशाला में ले गया और वहां कमरा लेकर कमरे में चला गया.

उसके बाद भाभी ने जीभ निकाल कर लंड की टिप पर छुआई और फिर मुंह खोल कर लंड अंदर लेकर चूसने लगी. विक्की ने अपना लंबा ककड़ी जैसा लंड पिंकी की चूत पे रगड़ा तो वह फिसलता हुआ चूत में घुस गया.

और फिर मैंने ये भी सोचा कि यही सही मौका है, अगर चौका नहीं मारा तो ज्यादा से ज्यादा क्या होगा? वो मना ही तो कर देंगी, भगा देंगी और क्या होगा? अगर कुछ नहीं किया तो ज्यादा से ज्यादा हाथ में ही तो कुछ नहीं आएगा.

हाय दोस्तो, मेरा नाम निक्की है, मैं अपने जीजू के साथ घूमने गयी, जहां जीजू ने मुझे गर्म किया और मैं चुत चुदाने के लिए बिल्कुल तैयार थी तो मैं उनका पूरा पूरा साथ दे रही थी. मैं आशा करता हूँ कि मेरी भाभी की चुदाई कहानी पढ़ कर लड़के मुठ जरूर मारेंगे और लड़कियां चूत में उंगली करने लग जाएंगी. यह हिंदी पोर्न स्टोरी तब की है जब मैं अपने इंजीनियरिंग के तीसरे साल में था.

हाय राम… क्या निप्पल थे यार… तनु, छोटी और फिर उसकी माँ सबके निप्पल और घेराव एक जैसे, हल्के भूरे रंग का घेराव और गुलाबी आभा लिए हुए चूचुक… वाह… क्या बात थी आंटी में!मेरी एडल्ट कहानी जारी रहेगी. ममता बोली- आग मुझे नहीं बल्कि आपके वहां पर लगी है, तब मैं क्यों आपको बिना पूछे बोलती कि मैंने क्या सोचा. मेरे लंड का टोपा कुछ ज़्यादा ही मोटा था, जिससे वो भाभी की चुत में अन्दर नहीं जा रहा था.

जैसे ही हम बेडरूम में पहुँचे, उन्होंने मेरा लंड छोड़ कर मुझे बेड पर पटक दिया और मुझे किस करने लगीं.

सेक्सी बीएफ हिंदी राजस्थानी: कुछ देर में मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया और उसके बाद मैंने उसे जमीन पर लेटा दिया और उसकी टाँगें खोल दी और देखा तो उसकी चुत एक रंडी जैसी नहीं थी. लगभग 1 मिनट तक मेरा वीर्य निकलता रहा और ऐसा लगा जैसे आज बहुत सारा वीर्य निकला हो, शायद पप्पू महराज़ भी उस दिन निहाल हो गए थे.

उन्होंने कहा- देखो मैं तुम्हें पसंद करती हूँ और तुमसे चुदना चाहती हूँ. भाभी के मुँह से हल्की सी चीख निकली तो मैंने पूछा- क्या हुआ, अगर ज़्यादा दर्द कर रहा है तो लंड निकाल लूँ. तब वो ज़िद करने लगीं कि मैंने अपने हाथों से तुम्हारे लिए खाना बनाया है, तुमको खाना ही पड़ेगा.

अब वो और भी ज्यादा उत्तेजित होने लगी और पागलों की तरह तड़पने लगी, बोली- आह.

अदिति बेटा!”हां जी पापा जी?”दस बजने वाले हैं सवेरे छह बजे हम दिल्ली पहुंच जायेंगे. अब आगे क्या करेगी मेरी छन्नो रानी?इसी तरह बातें होती रहीं और दिन भी बीतने लगे. शाकिर- भाई साहब, आपने मेरी गांड में एकदम से पेल दिया था, उस वक्त मुझे लगा था कि मेरी गांड फट गई.