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तब अंकित अन्दर आया और आके बोला- क्या है?मैं बोली- यार मुझे बहुत तकलीफ हो रही है और मुझसे चलते नहीं बन रहा है, मेरी इस हालत से किसी को कुछ पता ना चल जाए. बीपी मराठी सेक्सी बीपीमेरा लंड मेरी पैंट में तन कर खड़ा हो गया था और आंटी की साड़ी के ऊपर से ही आंटी के बदन में छेद करने के लिए तड़पता हुआ अपना सिर आंटी की जांघों पर पटक रहा था.

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अपनी सहेली की सहायता से मैं अपने बॉयफ्रेंड से आज भी होटल में चुदवाती हूँ और अपने बॉयफ्रेंड के दोस्त से अपनी सहेली की सैटिंग भी करवा दी है.सेक्सी बीएफ दिखाइए चुदाई: उसके बाद मैंने अपनी चुदाई तेज कर दी और जोर जोर से उसकी चूत को चोदने लगा.

इतने में सामने बैठा वो विदेशी आदमी पापा से बोला- क्या हुआ … ओल्डमैन … इतने में ही थक गए? मैं तो 3 बार चुदाई करने के बाद ही शांत बैठ पाता हूँ.इधर अपने बेडरूम में मेरी बीवी किराएदार प्रशांत के मूसल लंड से चुदने की जबरदस्त तैयारी कर चुकी थी.

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भाभी मेरे बाथरूम में नहाती और मेरे रूम में ही कपड़े पहनकर निकल जाती.हालाँकि बीच में कुछ और फालतू फोन भी आये जिन्होंने मेरा नंबर उसी टैग से लिया था लेकिन वे मेरे परिचय वाले न साबित हुए तो मैंने बात बढ़ानी ठीक न समझी। क्या पता कौन हो कैसा हो.

प्रिया का दूध से ज्यादा सफेद, चिकनी बगलें, साफ़ बेदाग़ बदन देख कर मेरा तो भेजा ही आउट हो गया. सेक्सी बीएफ दिखाइए चुदाई उसकी मोटी सी टांगों की वजह से आंटी की संकरी चूत में मेरे मोटे लंड को अन्दर जाने में मुश्किल हो रही थी.

मैं कराहते सिसकते छटपटाने लगी, पर उसने भी कोई रहम नहीं दिखाया, मेरे पूरी तरह झड़ के शांत होने के बाद भी वो उंगली भीतर बाहर करता ही रहा.

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रात के 1 बजे का समय हो गया था, मैं अपने कपड़े पहन कर लता भाभी के ड्राइंग रूम वाले दरवाजे से निकल कर चुपचाप अपने कमरे में चला गया. वो मेरे सर पर अपना दूसरा हाथ रख कर मुझे अपने से दबाते हुए कह रही थी- आह … अभिलाष आज मेरी प्यास बुझा दो. थोड़ी देर बाद वो वापस मुझे किस करने लगी और मेरे लंड के साथ खेलने लगी.

उसकी चूत जो कि कामरस से भीगी हुई थी, जिसकी खुशबू मेरी नाक में आ रही थी। उस खुशबू ने मुझे बहुत ही उतेजित कर दिया और मैं जोर से चाटने लगा और वह भी उत्तेजित हो गयी और अपनी चूत में मेरा सिर छुपा लिया और अपना हाथ मेरे सिर पर रख दिया. जब मैं 18 साल की हुई थी, तब मम्मी ने मुझसे सेक्स के बारे में बात की. उसके बदन की महक से मानो वक़्त जैसे ठहर गया, हवाओं में ठंडक सी महसूस होने लगी.

अब मैं धीरे धीरे उसे मैसेज करने लगा, धार्मिक सद्विचार और गुड मॉर्निंग के संदेश भेजता, तो वो भी मुझे रिप्लाई देती. वह बोली- और बताओ, क्या कर रहे हो?मैंने कहा- कुछ नहीं, बस ऐसे ही बैठा हुआ था. मैंने एकता को इशारा किया, तो एकता ने इशारा समझ कर मेरे मुँह में ऊपर आजू बाजू अपनी टाँगें फैला कर चुत मुँह पे रख दी.

अब्दुल- यार कौन सी जल्दी है … आज पूरी रात रुकना है … इसको पूरी रात के लिए बुक किया है. आंटी मेरी तरफ घूम गई तो मैंने उनके होंठों को चूसना भी शुरू कर दिया.

पर सच तो यह था कि अपना हाल मैं किससे कहूं कि मुझे गैर मर्द की खुशबू लेनी है, मुझे उसका लौड़ा चूसना है.

मैं बोला- ऐसा क्या? तो उसको भी अपने पास बुला लो न … आप दोनों का टाइम पास हो जाएगा.

करीब तीन चार मिनट तक ऐसे ही करने के बाद मुझे छोड़ा और मुझे दीवार से सटा कर खड़ी करके खुद मेरे सामने आ गए और मुझे दीवार से अच्छे से चिपका कर फिर मेरी सलवार का नाड़ा खोलने लगे. इसके कुछ देर बाद आंटी ने मेरी पेंट निकाल दी और मेरे लंड को पकड़ कर हिलाने लगी. गुड़गांव (अब गुरूग्राम) के हुड्डा सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन पर उतर कर मैंने उसे फोन किया.

पूरे दिन बस सोचती रहती थी कि ये ना जाने जग मुझे कौन सी बंदिश में बाँध गया था, जिससे मैं निकल ही नहीं पा रही थी. इस दौरान मैंने महसूस किया कि ज़रीना भी अपनी कमर आगे पीछे कर मेरा सहयोग कर रही थी और पूरे मजे ले रही थी. मेरी दो बहनें हैं जिनमें से एक की उम्र 20 साल है और दूसरी की उम्र 22 साल है.

तभी उसने मेरा लंड पकड़ा और अपनी बुर की तरफ़ ले जाने की कोशिश करने लगी.

मैं बोला- आप कुछ दिनों की छुट्टी के ले फैमिली के संग कहीं वेकेशन पे जाएं, आप और बाकी सब अच्छा महसूस करेंगे. मैंने टांगें खोलीं तो अगले ही लम्हे में मेरा पूरा जिस्म मज़े से कंपकंपा उठा. अब देरी मत कर, जल्दी से बंध्या की तड़प मिटा दे … डाल दे इसकी चुत में अपना लौड़ा.

मैं मस्ती से इतनी भर गई कि झड़ते हुए मैंने उसके अंडों को कस के दबाए रखा और लिंग पर दांत गड़ाए रखे. महेश भी सामने से आ गया और मेरे सीने के ऊपर चढ़कर उसने अपनी टांगें मेरे दोनों फैलाकर मेरे दूधों को पकड़ लिया. ”क्या बात कर रही हो? तुम इससे पहले कभी नहीं झड़ी थी, तब तो और मजे की बात है … आज मैं तेरी सारी भूख मिटा दूँगा मेरी जान.

मैं सर से लेकर पांव तक काँप गई।देवर जी अब अपनी जीभ मेरी चूत पर घुमाने लगे.

मैंने आंटी के घर की बेल बजाई और आंटी ने दरवाज़ा खोला तो मैं हैरान रह गया. सबसे पहले एक होटल में एक रूम बुक किया, फिर उसके लिए कुछ गिफ्ट ख़रीदे और उसको तय जगह पर रिसीव करने चल दिया.

सेक्सी बीएफ दिखाइए चुदाई मैंने शारदा से कहा- तो फिर मैं आज अपनी इस सुहागरात को इतनी यादगार बना दूंगा कि आप इसे कभी नहीं भूल पाओगी. वह बोला- तो फिर ये भी बता दीजिये क्या अच्छा लगा आपको मेरे अंदर?मैंने कहा- आपके बात करने का अंदाज मुझे बहुत पसंद आया.

सेक्सी बीएफ दिखाइए चुदाई ऊपर से पार्लर वाली ने मालिश करके और मेरी चूत साफ करके मुझे और भी गर्म कर दिया साथ ही बियर का नशा भी मुझे मदमस्त किये जा रहा था. अब करीब रात 10:30 बज रहे थे मैंने वियाग्रा की एक गोली खा लीं और कौशल्या के घर चला गया.

शिल्पा को पता नहीं था कि मैं पेटीकोट के साथ उसकी पेंटी भी खींच लूँगा.

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भाभी की चूत चुदाई कहानी के पिछले भागपड़ोसन भाभी के साथ सेक्स एंड लव-2में आपने पढ़ा था कि मैंने नैना को एक बार चोद दिया था और वो मेरे बाजू में लेटी हुई थी. मेरी कल्पना से आप ज्यादा सुन्दर और मोटे तगड़े हो, नाइस टू मीट यू सर. मेरे दिमाग में भी बहुत कुछ चल रहा था, जैसे कि कल्पना कैसी दिखती होंगीं? क्या क्या करना पड़ेगा आज? कैसे खुश करूँगा उन्हें? और खुश कर भी पाऊंगा या नहीं!यही सब सवाल मन में लिए मैं अपनी तैयारी में लग गया.

जब प्रमिला पूरी तरह मजा लेने लगी, तो मैं धीरे धीरे पूरा लंड अन्दर बाहर करने लगा. मेरी आंखें खुल बंद हो रही थीं … क्योंकि मेरे पति ने मुझे कभी न तो मसला था और ना ही मेरी चूत को अपने हाथ या मुँह से छुआ था. मैंने उस ऐप पर प्रोफाइल में अपने लंड की पिक्चर लगा रखी थी, तो काफी लड़कियों ने मुझसे रिक्वेस्ट भेजी थी कि मैं उनको मेरा लंड दिखाऊं, उनमें से काफी सारी तो गुजरात से बाहर कहीं दूर की थीं, पर दो रिक्वेस्ट हमारे गुजरात की ही थीं.

और मुझसे घर वापस जाने और उसके आने का इंतजार करने को कहा।मैं निराश हो गया और घर वापस आया.

मैं उसके मम्मे ज़ोर ज़ोर से दबाए जा रहा था और छोटे बच्चे की तरह चूस रहा था. फिर दो मिनट बाद हम दोनों लोग सेक्स करते करते झड़ गए और हम दोनों लोग का पानी निकल गया. मुझे और मत तड़पाओ राहुल … प्लीज अपना लंड मेरी चूत में डालो!अब राहुल ने अपने हाथ में थोड़ा थूक लगा कर अपने लंड के सुपारे में लगाया और मेरी चूत पर रख कर थोड़ा रगड़ा। मैं सिहर गई। फ़िर राहुल मेरी दोनों टांगों को पकड़कर ऊपर उठाने लगे और उन्होंने मेरी दोनों टांगों को मेरे सिर के इधर-उधर गद्दे से लगा दिया.

उसके जाने के बाद मैं और वाणी बैठ कर उस शाम के बारे में बात करने लगे. पानी पीने के बाद मैंने उनको पीछे से कसकर पकड़ लिया और कहा- मामी अब नींद नहीं आ रही है. अब आगे: मैं बेड पर लेटा हुआ था लेकिन मुझे नींद नहीं आ रही थी और सोचने लगा कि कैसे शुरुआत की जाए.

वे बोले- चल अब मैं तुम्हें पकड़ने आ रहा हूँ, तू जल्दी से भाग कर बचना. भाभी ने मेरे लोअर में खड़े लंड को सहलाना शुरु कर दिया और मेरी टी-शर्ट निकालने लगी.

गीता भी मान गयी और मैं वाणी को अपने ऊपर लेकर लेट गया और गीता को बोला- चल शुरू हो जा. सुबह पांच बजे मेरी आँख खुली तो नूरी खाला मुझसे से चिपट कर सो रही थीं. लेकिन एक बार में उसकी गांड में पूरी तरह से लंड नहीं घुस सका था और वो भी उंगली की जगह कड़क लंड की मोटाई को न झेल सकी.

फिर थोड़ी देर चूमने के बाद उसने मेरे कपड़े निकाल दिए और मैं अब सिर्फ अंडरवियर में था.

मेरे मुँह से गालियां निकलने लगीं- ले साली रांड … बहुत दिनों से इसी दिन का इंतज़ार था मुझे. कल से रेगुलर कमलेश सर से ट्यूशन अच्छे से पढ़ना और मैं उस लड़के से बात करूंगी. जब वो शांत हुईं, तो मैंने उन्हें डॉगी पोज़िशन में होने को कहा और वो झट से हो भी गईं.

मैं महीने के बाद ही आ सकता हूँ … बताओ?भाभी- ठीक है, जैसी तुम्हारी मर्जी वैसे जब तुमने पैसे दे ही दिए हैं, तो तुम रूम तो कभी भी छोड़ सकते हो न … भले महीना पूरा हो या ना हो?मैं- अच्छा देखता हूँ यार. फिर रात हुई, फिर से हितेश के इंतजार में काफी देर तक बैठी रही, पर आज भी हितेश नहीं आए और पता नहीं कब मुझे नहीं आ गयी.

उसका पूरा सात इंच का लंड मेरे मेरे मुँह में जा रहा था और उसका पूरा लंड मैंने चूस कर गीला कर दिया था. हम दोनों को समझ नहीं आ रहा था कि अब इस नए रिश्ते में क्या बात करें! फिर वो चाय बनाने लगी मैं भी उसके पास गया और थैंक्स बोला बात करने के लिए. जब कभी मौका मिलता, तो चूत के दाने को रगड़ कर या जितना उंगली जाती, वहीं तक अन्दर बाहर करके मज़ा ले लेती.

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मैंने दोबारा उठकर देखा तो मेरे पापा नीचे लेटे हुए थे और मेरी मम्मी उनके ऊपर लेटी हुई थी और मम्मी की चूत में पापा का लंड आ जा रहा था.

चुच्ची मसलते हुए मैंने उससे कहा- मुझे चोदना बहुत अच्छे से नहीं आता है, अब तक सिर्फ एक बार ही चुदाई का मजा लिया है. इस सेक्स स्टोरी के पिछले भागदीदी को चोद कर बीवी बनाया-1में आपने पढ़ा था कि मैं किचन में दीदी के पीछे खड़े हो कर उसके मम्मों को टच कर रहा था, जिसका वो कोई विरोध नहीं कर रही थी. मैंने उसकी चूत की फांकों में लंड पिरोया और उसकी चूत पर लंड घिसने लगा.

भाभी ने मस्ती में कहा- पहले तू अपना गुस्सा खत्म करता है या मैं तेरा गुस्सा खत्म करूँ?मैं उनकी बात पर ध्यान न देते हुए अपने बैग से कपड़े निकलने लगा. उसका अंदरूनी हिस्सा बहुत गर्म लग रहा था और गांड का छेद मेरे लंड को कसकर पकड़ रहा था. ससुर और बहू की फुल सेक्सी वीडियोइसके बाद तीनों ने अपने अपने कपड़े पहने और औरत ने गीले कपड़े से मेरी बीवी के शरीर पर उनके लंड के पानी के निशान मिटाने शुरू कर दिए.

उस पर उनकी उछलती हुई चूचियां और बिना बालों के उनके हाथ और चौड़े कंधे और उत्तेजना बढ़ा रहे थे. एक तरफ मैं पद्मा की चूत की चुदाई अपनी जीभ से कर रहा था, वहीं शीला अपने मुँह को मेरे लंड से लगातार जोर जोर से चुदवा रही थी.

पर जिस तरह से वो मेरी योनि चाट रहा था, मैं जल्द ही दोबारा झड़ने की ओर अग्रसर थी. अभी 3 दिनों तक घर पर कोई आने वाला नहीं है तो कल मेरे एग्जाम देकर आने से पहले तुम तैयार रहना. घर पर आकर मैंने कपड़े बदले और हॉल में सोफे पर आकर बैठ गया तो मेरी नज़रों के सामने राधिका आंटी की दिनभर की हरकतें आने लगीं और मैं उत्तेजित होने लगा.

हमने अपनी जगह बदली और फिर से घमासान शुरू हो गया, एक चूत और दो लंड के बीच में. मैंने गेट खोलकर बाहर से बंद किया और अपने नये बन रहे घर की तरफ गांड मटकाती हुई चल पड़ी. आपको मेरी यह कहानी कैसी लगी, इसके बारे में आप कहानी पर कमेंट जरूर करें.

कौशल्या कौशल्या आई लव यू मेरी रानी, तुम कमाल की हो … काश मेरे जीवन में तुम पहले आती, तुम्हें जिंदगी की हर ख़ुशी देता … ओह आह्ह मेरी जानू उम्ह्ह्ह उम्ह्ह्ह …”आई लव यू टू मेरे स्वामी … मेरे राजा आह्ह ह्ह्ह मास्टर ओ मास्टर आमार दुस्टो रोजा एक्टू धीरे धीरे ओरे बाबा मोरे जेबो आह्ह उम्ह्ह …”की होलो कौशल्या आमार मिष्टी दोही, भालो लगछे हम्म …”मैंने चुदाई जारी रखी.

हां बेटा, सब तैयार है, बस तुम अन्दर तो चलो … थोड़ा चाय पानी वगैरह पी लो. एक दिन मैंने न्यूज़ पेपर में देखा कि एक कंपनी में लेडीज एकाउंटेंट की नौकरी खाली है.

उसके बाद मैं भाभी को घर पर छोड़कर अपने दोस्तों के साथ कहीं चला गया. अंकल के दोनों बेटों की शादी हो चुकी थी लेकिन उनकी बेटी अभी कुंवारी थी. मगर उस दिन के बाद मैं हमेशा ध्यान देती कि जग मुझे घूरता रहता था, ख़ास कर के जब मैं घर की साफ़ सफाई के लिए झाडू पौंछा करती या कपड़े धोती थी.

मैंने पास में पड़ी वैसलीन की शीशी उठाई और अपने लंड के टोपे पर क्रीम लगा ली. क्योंकि देविका और मेरे सम्बन्धों के बारे में सिर्फ शंकर जानता था, साले ने जरूर इसे बता दिया होगा. यह सुनकर मुझे कोई फर्क नहीं पड़ा क्योंकि मैं उन्हें कम पसन्द करती थी.

सेक्सी बीएफ दिखाइए चुदाई एक दिन रात 11 बजे के करीब मम्मी के कमरे से अजीब सी आवाजें आ रही थीं. मेरे मुंह से ऐसा सुनकर वो उठी और तुरन्त मेरे मुख से अपनी योनि को लगा दिया और मैं भी अपने पति की बहन की चूत को चूसने लग गई.

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तभी आशीष बोला- तुम तो पसीना पसीना हो रही हो क्या हुआ?मैं बोली- कुछ नहीं … बस ऐसे ही फ्रैश होने बाहर गई थी, इसीलिए पसीना आ रहा होगा. मैंने उसकी जांघों में सर घुसा कर चाटने लगा और धीरे धीरे ऊपर उनकी चुत पे जीभ फिराने लगा. पढ़ाई सही ढंग से करने के चक्कर में मैं सबसे चार सालों से नहीं मिला था.

आसमान ने शोर करना बंद कर दिया और बारिश की तेज़ मधुर आवाज़ आने लगी थी. मुझे आज भी याद है उसने उस वक्त जो बोला था- उफ्फ रीना … क्या हुस्न है तुम्हारा!पराये मर्द से फ़्लर्ट होना मुझे भी आनंद देने लगा था. 𝒔𝒆𝒙 𝒗𝒊𝒅𝒐𝒆𝒔आपको मेरी यह कहानी पसंद आई तो आपके लिए मैं अपने साथ हुई और भी घटनाएँ साझा करना चाहूँगा.

मुझमें क्या कांटे लगे हैं?मैंने कहा- तुम चलो तो सही, मैं तुम दोनों के लिये कपड़े निकाल कर आता हूँ.

कौशल्या दर्द से चीख उठी- आह्ह्ह!उसने मुझे जोर से पकड़ लिया- थोड़ा धीरे डालिये ना मेरे सोना … अब कौन सा में कहीं जाने वाली हूँ. मुझे दर्द हुआ तो मैं अपनी आदत के मुताबिक़ चिल्लाई चीखी, पर दूसरे झटके में ही राज अंकल ने पूरा लंड घुसा दिया और पीछे से मेरे दूधों को पकड़ कर दबाने भी लगे.

मैं एक अदद लंड को बुरी तरह तरस रही थी।उन्होंने इसी मंच से मेरे लिये हेल्प मांगी थी और जो लोग दिये थे, उनमें भी ज्यादातर बेसब्रे और डरपोक किस्म के ही निकले। वह एक सीधा सिंपल लॉजिक नहीं समझ पाते कि मैं एक शादीशुदा औरत हूँ और कुछ भी हो, मैं अपने विवाहेत्तर सम्बंधों के चलते अपनी निजी जिंदगी और तबाह तो करूँगी नहीं, जो पहले ही ठीक नहीं ही है. सभी मेरे क्लोज रिलेटिव्स और आस पास के जो भी मुझे देखता, तो वो भूखी नजरों से मुझे घूरता रहता. जब आकर मैंने उसको मोबाइल में डाल कर देखा तो पूरी ब्लू फिल्म निकली उसमें से जिसकी हिरोईन आरती थी और हीरो उसका पड़ोसी प्रसंग … जब मैंने यह सब देख लिया तो मेरी चूत में भी कीड़े दौड़ने लगे क्योंकि उस समय धीरज घर पर आ चुका था इसलिए मैं अगले दिन का इंतज़ार करने लगी.

जब भी भाभी हमारे यहां आतीं, मैं बस उनके मम्मे और गांड ही देखता रहता.

मैं और मेरा बॉयफ्रेंड हम दोनों सेक्स करने के बाद एक दूसरे को देख कर मुस्कुरा रहे थे. अन्तर्वासना की सेक्स कहानी पढ़ते रहिए और लंड और चूत का ध्यान रखते रहिए … बस यही कहना चाहूंगा कि अपना हाथ जगन्नाथ ही आड़े वक्त में काम आता है. मुझे गाड़ी चलाने का बहुत अधिक तजुर्बा तो नहीं था, लेकिन मैं कोई सी भी गाड़ी चला सकता था.

సెక్స్ బి ఎఫ్ బి ఎఫ్फिर मैं उसे बेडरूम में ले गया और उस पर किसी कुत्ते की तरह टूट पड़ा. दोनों लंड सुजाता के गले तक जा रहे थे और सुजाता के मुँह से पानी निकल रहा था.

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अब मैं उससे शादी नहीं करना चाहती, पर अम्मी के दबाव में हलाला के लिए राजी हो गयी हूँ. उधर अविका भागते हुए बाथरूम में घुस गयी और उसने बाथरूम का दरवाजा अन्दर से बंद कर लिया. इस कहानी के बारे में अपने विचार आप मुझे नीचे दिये गए मेल पर बता सकते हैं.

मैंने उसे गाली देना शुरू कर दिया और कहा- आह … मादरचोद मत तड़पा … ऐसे तो सारी जिंदगी तड़पी हूँ … अब नहीं तड़फा …. हम वहां खड़े होंगे, फिर आपको चेंजिंग रूम में नहीं बगल से आराम करने कि लिए छोटा सा रेस्ट रूम है, वहां ले चलेंगे. पूनम- अगर ऐसा ही था तो मुझे अपना लंड क्यों दिखाया था? उसे देखने के बाद मैं जब भी राहुल से चुदवाती थी, तो तुम्हें सोच कर.

हालांकि मुझे ऋतु की गांड का उद्धाटन करने का मन था, पर ये सोच कर रह गया कि चलो किसी तरह ऋतु की गांड का छेद चालू तो हो जाए. तो मैंने तुरंत उसके कपड़े उतार दिए और साथ ही अपने भी कपड़े निकाल फेंके. एकाध जो बचे थे, उनके लिए पहले से ही गेस्टहाउस में सारी व्यवस्था कर दी गयी थी.

दोस्तो, यह मेरी कहानी का पहला भाग है आगे मैं मेरी भाभी को विभिन्न आसनों में चोदने की पूरी कहानी बताऊंगा. बहुत दिनों बाद मैं अपने ससुराल गया था, फोन से मुझे पहले ही मालूम हो गया था कि सलहज इंदु और साले की बीच रोज़ मार पीट होती है.

शाम के करीब 7 बजे का वक्त था जब मैं अपने कमरे में अंदर था और दरवाजा बस ढाल दिया था मैंने.

और मैंने पूरी बेरहमी से अपने लौड़े को उसकी गांड के छोटे से सुराख में ज़ोरदार धक्कों के साथ पूरा घुसेड़ दिया. ப்ளூ பிலிம் செஸ் படம்फिर उसने मुझे अपने पास खींचते हुए कहा- तो फिर इतनी दूर क्यों बैठे हो? मेरे पास आओ, मैंने तुम्हें यहां टीवी देखने के लिए नहीं बुलाया है. मियां खलीफा सेक्सी वीडियो सॉन्गमेरे लपलपाते लंड के सामने कुंवारी चुत चुदने को रेडी थी, जिसकी सील टूटने का पल आ गया था. अब उससे रुका नहीं जा रहा था, वो बोली- मेरा तो बस होने वाला है, मैं गई, मैं गई.

मेरे हाथ बंधे होने के कारण मैं कुछ नहीं कर पाई, बस कसमसा कर एवं तड़प कर रह गई.

मैं भी निहारिका को उसके बदन पर कभी यहाँ तो कभी वहाँ छू-छूकर गर्म करने की कोशिश करने लगा। वो अब बहुत गर्म हो चुकी थी. मेरे बॉयफ्रेंड ने मेरे सारे कपड़े निकाल दिए और मैं उसके सामने ब्रा और पेंटी में हो गयी. उसने मुस्कुरा कर कहा- ज़्यादा ना खो जाओ, वरना निकलना मुश्किल हो जाएगा.

मैं उनकी बातों को सुनकर बस मुस्कुरा देती और बोलती कि ऐसा कुछ नहीं है. उसने झट से एक्सर्साइज़ करवाना शुरू कर दिया और 3 महीने में ही ऋतु का फिगर देखने लायक हो गया था. तभी मंजू रोटियां लेकर आ गयी और मुझे लौड़ा सहलाते देख अचरज में पड़ गई.

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वे मेरे सीने से लिपटी हुई सोते हुए बड़ी प्यारी और मासूम लग रही थीं, उनको देखते ही मेरा संयम टूट गया. मैंने मामी से पूछा- आप मिनी स्कर्ट भी पहनती हो?तो वो बोली- बस एक बार पहनी थी उसके बाद नहीं पहनी।मामी की उम्र कुछ ज्यादा नहीं थी. उसका 36-28-34 का सेक्सी फिगर स्किन फिट सिल्क गाउन में साफ़ दिख रहा था.

फिर मैंने पोजीशन बनाई और अपने खड़े लंड को भाभी की गर्म चूत पर लगा दिया.

तभी सोनम के वह जो मामा थे, उन्होंने अपने हाथों से मेरी एक टांग को थोड़ा सा चौड़ा किया और फिर मुझसे बोले कि हल्का सा कमर को नीचे कर बंध्या.

मुझे नहीं आता कुछ भी इसमें से …”काफ़ी देर तक जब उसने कोई जवाब नहीं दिया तो मैंने अपनी नज़रें तिरछी करके उसको देखा. इस तरह से कुछ देर तक नाटक करने के बाद उस के लंड को चूत में घुसवा लिया और दर्द का ड्रामा करके कराहने लगी ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’जब लंड चूत में पूरी तरह से घुस गया तो उसने अपना कमाल देखाना शुरू कर दिया. सेक्सी हिंदी चूत की चुदाईबाथरूम से आते वक्त उसने बेडरूम में जाते जाते मुझसे कहा- चलो तुम भी शॉवर ले लेना … और आते वक्त बाहर की लाईट बंद करके कुंडी लगा के आना.

लड़कियों को जब स्मूच करो तो स्मूच करते हुए उसकी जीभ को अपनी जीभ से गोल-गोल टच करने में बड़ा मज़ा आता है, मैं तो ऐसा ही कर रहा था. थोड़ी देर बाद भाभी ने कुछ देर सोचा और ससुर जी को मार्किट कुछ काम से भेज दिया. लेकिन मैंने कहा- अब मेरा तो खड़ा हो चुका है, इसे तो छुटवाना ही नहीं है.

इधर उसने भी मुझे फोन पर यही बताया कि वो भी डर रही थी कि मम्मी ने मुझे क्यों बुलाया है।मैंने सोचा कि कोई बात नहीं, अब पकड़े गए तो जाना तो पड़ेगा ही. उसके हाथ मेरी ज़ुल्फों से होते हुए मेरे मुखड़े को सहलाते हुए होंठों तक पहुंच चुके थे.

अब मैं भी चलता हूं … इस रंडी को कभी मेरे को अकेले में देना … साली को दिल से खुश करूँगा.

मैंने उससे पूछा- कौन चाहिए … क्या काम है?उसने थोड़ी अलग ही भाषा में टूटी फूटी हिंदी में बोला- मुझे नामित ने बुलाया है. मैंने अपनी नाक से उसकी चूत की दरार को रगड़ा और इसके बाद अपने दोनों होंठों से उसकी चूत के मुकुट यानि दाने को पकड़ कर खींचते हुए चूसने लगा. मेरी एक पिचकारी के बदले सरदारजी ने 3 पिचकारी मार दीं और हांफते हुए ढीले पड़ने लगे.

गांव की खेत की सेक्सी मैंने भाभी के टॉप में हाथ डाला और उनकी गुदाज कमर पर हाथ से मालिश करने लगा. वो मेरे कामुकता के लबरेज अहसास में खो सी गई थी … और मादक सिसकारियां ले रही थी.

वो बिल्कुल मेरे से चिपक गई।उसने भी कुछ नहीं बोला और हम आगे बढ़ते रहे।तब तक मेरे मन में उसके प्रति ग़लत भावना नहीं थी। जब वो मुझे चिपक कर बैठी तो उसकी छाती बिल्कुल मेरे पीठ को छू रही थी। ऐसे ही हम हॉस्पिटल पहुँचे. आह्ह … उम्म … करते हुए मैं आंटी के चूचों को मसलते हुए उनके होंठों को चूसता जा रहा था. मैं एकता की पीठ पर चुम्मा चाटी करने लगा और दोनों आपस में किस करने लगीं.

सुहागरात के बारे में जानकारी

साथ ही मैं अपने हाथों से उनके तने हुए मम्मों को दबाकर जोर मसल रहा था. सुनील जी ने आगे लिखा था कि मैं अपना पूरा लंड तेरे मुँह में डाल चुसवाना चाहता हूं. शायद वो मेरे साथ थ्रीसम भी कर लेती, लेकिन उन्हीं दिनों मेरे दोस्त ने पूनम से शादी करने का फैसला कर लिया.

लेकिन मैं आपको यह भी कहना चाहूँगी कि पिछली स्टोरी की तरह आप आपने अमूल्य ईमेल भेजें लेकिन किसी भी प्रकार से सैक्स की मांग न करें क्योंकि मैं अपने शादीशुदा जीवन में आग नहीं लगाना चाहती, ना ही रंडी बनना चाहती हूँ।तो अब पिछली कहानी के आगे की कहानी का मजा लें!मैं अपनी ननद प्रीति जैन के साथ रोज लेस्बियन सेक्स का मजा लेती थी. देरी के लिए माफ़ी चाहता हूँ … कुछ वजह से आगे की कहानी पूरी नहीं लिख सका था, लीजिये पेश है आगे की कहानी.

उसके बाद उसने मेरी बीवी के दोनों चूचुक अपने दांतों से काटने शुरू कर दिए.

मैं राहुल के सिर को अपनी चूत पर दबाते हुए अपना पानी छोड़ने लगी और अपनी चूत को झटकों के साथ राहुल के मुँह पर रगड़ना शुरू कर दिया।मैंने सिसकारते हुए अपना सारा पानी राहुल के मुंह में छोड़ दिया. मेरा स्टेमिना तो बहुत ज्यादा था लेकिन उसकी गंदी चुदाई करते-करते मैं भी काफी थकान महसूस करने लगा था. उनका आगे का टोपा एकदम सुर्ख लाल था। राहुल मेरे बालों को पकड़कर अपने लण्ड के बेदर्दी भरे झटके मेरे मुँह में मारने लगे.

साथ ही बॉस मेरी बीवी की चूत लगातार चोद रहा था और हर शॉट के साथ मेरी बीवी की दोनों मदमस्त चूचियां हिल रही थीं. अब तो मेरी कुछ समझ में ही नहीं आ रहा था कि अब आगे क्या बोलूं? जब इन लोगों को सब पता था … तो उससे मेरी शादी क्यों करायी. वो मेरे इस कदम से एकदम से शॉक्ड हो गई और कहने लगी- ये क्या कर रहे हो?मैंने कहा- यार मेरे होते हुए तुझे सीढ़ियां चढ़ने की क्या ज़रूरत है, मैं हूँ ना तुम्हारे लिए.

सोनू सामने वाले घर में रहती है और वह तुम्हारा और लता का चक्कर समझ गई है.

सेक्सी बीएफ दिखाइए चुदाई: यह कहानी जो मैं आपको आज बताने जा रहा हूँ, आज से लगभग दो या तीन साल पहले की है. वाणी एक बार को थोड़ी ऊंची हुई, लेकिन उसे जल्द अन्दाज़ा हो गया कि अगर और ऊंची हुई, तो उसकी चुची के दर्शन सामने वाले को हो जाएंगे.

इतने में रमीज ने मेरे दूधों को चूसने के लिए मेरे दूध को पकड़कर जोर से दबाया और फिर पहले निप्पल पर अपनी जीभ चलाने लगा, जिससे मुझे थोड़ी राहत मिली और अच्छा लगा. लगभग दस मिनट की लंड चुसाई के बाद मैंने अपना माल भाभी के मुँह में ही निकाल दिया और वो एक प्यासी औरत की तरह सारा का सारा माल एक ही घूंट में पी गईं. मैं उसके ऊपर लेट कर बोला- आज तो बहुत मजा आया!सीमा ने मेरी बात का कोई जवाब नहीं दिया.

उसका पानी इतना ज्यादा निकला था कि मेरी चूत से निकल कर मेरी जांघ और मेरी गांड पर बह निकला.

साथ ही उनकी नाइट कंधे से उतार कर नीचे कर दी और उनकी चुचियों को दबाने लगा. वो मुझे बहुत अच्छे से चोद रहा रहा था और जोर लगा कर मेरी चूत में अपना पूरा लंड डाल कर मेरी चूत को चोद रहा था. आशीष मेरे ऊपर चढ़कर उस गीली पेंटी के ऊपर से ही ठीक चुत के स्थान पर अपना लंड पहली बार टांगें फैलाकर बिना पैंटी उतारे, वहीं पर रख दिया और मेरे ऊपर चढ़ गया.