ढोंगी बाबा का बीएफ

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रिया लंड चूसने में बड़ी माहिर है, उसने मेरे सामने ही एक बार ग्रुप सेक्स में दो के लंड एक साथ चूसे थे. खेत वाली सेक्स वीडियोउठ कर मैं उसके मुंह की तरफ अपनी गांड को ले गया और खुद नीचे उसकी चूत की तरफ आ गया.

उसने मुझसे फ्लैट की चाबी मांगी लेकिन मैंने उसको चाबी देने से मना कर दिया. सेक्सी रागिनीबात आई गई होती रही, फिर बात एक दिन ऐसी बनी कि मामी की कमर बहुत ही दर्द कर रही थी, तो उस दिन मामी ने मेरी बीवी को पूछा- तुम्हारी कमर दर्द करती है, तो तुम क्या करती हो?तो मेरी बीवी ने बताया कि मेरी कभी भी कमर दर्द होती है, तो मैं आपके भांजे अजय को बोल देती हूँ, तो वो मालिश करके दर्द को दूर कर देते हैं.

मैं जब भी उसके मम्मों को जोर दबा देता तो उसकी ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ की आवाज निकल जाती.ढोंगी बाबा का बीएफ: फिर मैंने उसको घोड़ी बनने को कहा और चुपके से लंड को उसकी गांड में डाल दिया.

पहले माले पर पहुंचकर हम एक लम्बी सी गैलरी में दाखिल हुए जो लगभग 50 मीटर लम्बी तो होगी ही.मैं पूरा जोर लगा कर धक्का मारते हुए चिल्लाया- हाय सीईईई … क्या कसी है मामी तुम्हारी गांड … मजा आ गया …मामी जी- अह्ह्ह फाड़ डालो.

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मैं तो अपने पति से भी बोलकर आई हूँ कि मैं अपने जीजू से मिलने जा रही हूँ.हम दोनों ने उस रात में पूरे 5 राउंड लिए थे और चुदाई का पूरा मजा लिया था.

कुछ पल बाद चूत के रस से चिकना होकर लंड का आधा भाग में चूत में जा घुसा और उसके बाद एक झटके में पूरा लंड अपनी चूत में उतरवा लिया हमारी ऊषा रानी ने. ढोंगी बाबा का बीएफ पर मेरी चुत बहुत ही छोटी थी, चाचा का लंड नीचे फिसल गया।इस बात पर उन्हें बहुत गुस्सा आया और चुत की फांकें खोलकर लंड को लगाकर एक इतनी जोर से झटका मारा कि आधा लंड मेरी चूत की सील को तोड़ते हुए अंदर घुस गया। मुझे ऐसा लगा जैसे किसी ने चुत में गर्म लोहे का डंडा डाल दिया है, मेरी आंखों के सामने अंधेरा छा गया, मैं लगभग बेहोश ही हो गयी.

पर इन सबमें मैंने ये पाया कि सुखबीर की अभिलाषाएं और अधिक हैं, पर प्रीति उसे पूरा करने में असमर्थ थी.

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साड़ी निकालने के बाद मैंने उसकी ब्लाउज़ के डोरे खोल दिये और उसे निकाल दिया. मम्मी कहने लगी आज तो मेरा भी बहुत दिल कर रहा है, वैसे भी तीन-चार दिन हो गए हैं और बच्चे भी सो गए हैं. अति उत्तेजना के चलते उसका सपाट पेट कभी बाहर तो कभी अन्दर हो रहा था.

मैंने धीरे से साक्षी की टांगें चौड़ी कीं और अपना फनफनाता लंड उसकी चूत में ठेल दिया. मैं अपने हाथों से अपने दूध दबाने लगी, मेरे मुँह से निकलने लगा- याल्ला … रहम कर! ऐसी चूत चुसाई तो मेरे अब्बू ने भी नहीं करी कभी!मेरी हालत देखकर अम्मी और भाभी भी उत्तेजित होने लगी और अब्बू भाई को ज्यादा परेशान करने लगे. मैं आशीष से बोली- मार ही डालोगे क्या? मुझे और मत तड़पाओ … कुछ कर दे.

उफ क्या कयामत लग रही थी, उसके मोटे मोटे उठे हुए चूचे, पैंटी से दिखते हुए उसके पाव रोटी की तरह प्यारी बालों वाली चुत … क्या नजारा था मैं बता नहीं सकता. हाथों में दबाचकर उन्होंने दीदी के चूचों के बीच में अपने लंड को फंसा दिया और वहीं पर मैथुन करने लगे. मैं थोड़ा सा घबरा गया लेकिन मैंने भी ठरकी बनते हुए धीरे से उनके मम्मों पर हाथ रख दिया.

मैं आशीष से बोली- आशीष मैं अब सिर्फ तुम्हारी हूं … तुम मुझे जो भी कहोगे मैं करूंगी … आई लव यू. उसके बाद उसकी विडियो दुबारा देख मैंने अपनी बिटिया के नाम से मुठ मारी.

मेरी बीवियाँ जन्नत की हूरें हैं और मैंने उन्हें और उन्होंने मुझे जन्नत की सैर करवाई.

मैं अपने लंड को बाहर खींचता और जब सिर्फ़ सुपारा अन्दर रहता, तो एक ही धक्के में अपना लंड उनकी गांड में पेल देता.

उस दिन के बाद मेरी और मोनिका की बात लेट रात को जब होती थीं, जब उसकी बातें अपने पति से खत्म हो जाती थीं. वो मजे से अपनी गांड उठा कर मुझसे अपनी गरम चूत चुसवा रही थी और उधर मेरे लंड को अपने गले तक लेकर कुल्फी जैसा निचोड़ रही थी. मम्मी जी- बेटा, दो दिन बाद हम सूरत जा रहे है, तुझे साथ में नहीं ले जाऊँगी, बोल तो किसी को बुक करूँ तेरे लिए या तो तू खुद किसी को ढूंढ लेगी?मैं- मैं किसे ढूंढूंगी मम्मी जी यहां, यहां तो कोई पहचान का है भी नहीं, आप ही देख लो क्या करना है आपको.

मैंने कल बताया था न!फिर वो आशीष से बोली- भैया, यह मेरी फ्रेंड बंध्या है, हम दोनों साथ रहते हैं एक ही क्लास में पढ़ते हैं. मैं उधर से अपने साथ में पक्का रंग और पानी सब लेकर आया था … ताकि घर जाते ही भाभी को रंग लगा सकूं. आज मेरे दिल में उम्मीद की एक किरण जगी और मैंने भी कार से उतरने से मना कर दिया और खेत पर ही जाकर सोने की इच्छा जताई.

दोस्तो, आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद जो आपने मेरी कहानी के पहले भागसीनियर मैडम की बड़े लंड से चुदाई-1को इतना प्यार दिया.

मैंने सुना था कि शादीशुदा औरतें, चुदाई में लड़कियों से भी ज्यादा मजा देती हैं. बात कुछ ऐसे शुरू हुई कि एक दिन मैं सो कर उठा और जॉगिंग के लिए तैयार होने लगा कि अचानक मेरे पैर में दर्द सा होने लगा, तो मैं चाची के रूम के बाहर सोफे पर बैठ गया. मैं- सच कह तो मम्मी जी, मुझे अभी भी भरोसा नहीं हो रहा है कि हितेश गे है … इसलिए मैं.

मेरे साइज को जानकर आप भी अंदाजा लगा सकते हैं कि मेरे चूचे कितने बड़े होंगे. नमस्कार दोस्तो, यह मेरी पहली कहानी है; यह एक सच्ची‍ घटना पर आधारित है किन्तु गोपनीयता के लिये नाम परिवर्तित किये गए हैं. अब मैं उसकी चिल्लपों से कतई नहीं डर रहा था और न ही उसके बोलने की आवाज़ आ रही थी.

और पापा धीरे धीरे अपना लण्ड मेरी चुत में डालने लगे, मेरी चुत पहली बार किसी लण्ड के सामने खुल रही थी इस कारण पापा का लंड कभी ऊपर कभी नीचे फिसल जा रहा था।मैंने उनके लौड़े को अपने हाथ से अपनी चूत के गेट पे रखकर उनको जोर लगाने को बोला.

मैंने तो कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि अनुष्का वर्मा की चूत को देख पाऊंगा. खैर … स्वाभाविक सी बात थी कि 2 सालों से रवि मामा कोई बिना किसी को चोदे तो रहे नहीं होंगे, उन्होंने भी चूत का जुगाड़ कर ही लिया होगा.

ढोंगी बाबा का बीएफ मैं आपके लिए आगे भी इस तरह की सेक्सी कहानीयाँ लिखता रहूंगा, मुझे आप सब के मेल का इंतज़ार रहेगा. इधर कमरे में नाश्ता ले कर अम्मी की जगह भाभी आ गयी और चीखते हुए अम्मी को आवाज़ लगा के बोली- अम्मी, देखो बानो घर में क्या कर रही है.

ढोंगी बाबा का बीएफ उतावलेपन और उत्तेजना में मैंने ‘सर’ का सिर पकड़ा और अपनी तरफ खींच कर अपनी चूचियों में दबा लिया. मैंने धीरे से अपने होंठों से उसके नीचे वाले होंठ को अपने दोनों होंठों के बीच लिया और उसे चूसने लगा.

एहसास तो उनको भी मेरी इस हरकत का हो गया था, पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं थी, तो मैंने भी मौके का फायदा उठाकर अपना एक हाथ उनके उभरे वक्ष पर रख दिया.

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उसके होंठ मेरे लंड की जड़ पर जा सटे, उसके गले तक मेरा लौड़ा पहुंच गया था. जहाँ आरती मेरे मम्मों को कुछ इस तरह से दबा रही थी जैसे कि उसकी कोई दुश्मनी हो उनके साथ. वो फिर से मेरा लंड चूसने लगी और कुछ ही पलों में फिर से मेरा लंड तन गया.

अजय के लंड को चूत जब अन्दर ले रही थी मैं आनंद के मारे अजय को दुआएं देने लगी. शॉवर में चोदते वक्त मैंने दीदी से पूछा- दीदी बता ना … तेरी सासू माँ क्या बोली थी और तुम दोनों हंस पड़े थे?दीदी ने कहा- उसने मुझे चाबी दी और जड़ी बूटी वाला पावडर हाथ में थमाकर कहा था कि इस बार दो चम्मच ज्यादा डालना … आज रात तुम्हारी असली सुहागरात है … पलंगतोड़ कबड्डी होनी चाहिये … मैं देखने आऊंगी. … सच में बहुत मजा आ रहा है … हां…ऐसे ही … ओह्ह्ह सैयां जी … मैं आज से आपकी पत्नी बन गयी.

तो बहुत देखे होंगे मगर आज मैं आपको पूरी पिक्चर दिखाने की कोशिश करूंगा.

अंकल का हाथ मेरे कंधे पर इस तरह रखा था कि उनका अंगूठा मेरे स्तनों के ऊपरी हिस्से को स्पर्श कर रहा था. घर में चुत मिल जाए तो क्या कहने, पकड़े जाने का डर नहीं होता और जब चाहो तब अपनी हवस मिटा लो. इससे उसको भी जोश चढ़ना शुरू हो गया और फिर नीचे से लंड को मेरी चूत में घुसाने की कोशिश करने लगा.

दीदी की पीठ मेरी तरफ थी … मतलब कि मैंने अभी तक उसके बूब्स देखे नहीं थे, सिर्फ फील किये थे. मैं खुशी से झूम उठा, मैंने रूम बुक किया और मूवी को बीच में से ही छोड़ कर हम ओयो में चले गए. उसने वो सब पहने तो इसी सबके लिए थे क्योंकि हम दोनों पहले से ही यही सब सोच कर सेक्स करने आए थे.

मैंने अब उनकी गर्दन को बांहों में भर लिया और अब मैं भी गर्म होने लगी. मैं बेख़ौफ़ चाचा जी के लंड को सुपारे तक अपनी चूत से बाहर निकालती और फिर एक ही बार में पूरा लंड चुत में ले लेती.

बैडमैन मेरे कपड़े उतारने लगा, मैं भी उसके शर्ट की बटन खोल के उसके कपड़े उतारने लगी. जब मैंने उसकी गर्लफ्रेंड को देखा तो वह पानी में भीगकर बिल्कुल गीली हो चुकी थी. यह कहकर मैंने उसे बैड पर बिठा दिया और उससे कहा कि मेरे लंड को हाथ से हिला कर, अपनी चूचियों पर लगा कर, इसका रस अपने ऊपर डाले.

ये सब देखकर मेरा शरीर काँपने लगा और कुंवारी नाजुक बुर में कुछ होने लगा.

वह शायद पानी लाने के लिए किचन की ओर गई हुई थी। उसको देख कर मेरा दिमाग कहीं खो सा गया था. मैं उसके चूचों को घूर रहा था तो उसने मुझे एक शरारत भरी स्माइल दी और मेरे सामने ही बैठ गई. एक दिन मैं शाम को ऑफिस से घर जा रहा था, तब मुझे भाभी बस स्टॉप पर दिख गईं.

कुछ दिन बाद मेरी मम्मी ने कुछ कपड़े सरोज भाभी को देने के लिए कहा, तो मैं कपड़े ले कर उनके यहां गया. अब मैंने हिम्मत को एकजुट किया और अपने दिल से कहा कि मौका है और दस्तूर भी.

मेरी नाइटी मेरी बहुत छोटी थी, केवल मेरे चूतड़ों तक ही आ रही थी और पारदर्शी थी, इस वजह से मेरे अधिकांश भाग के साथ सधे हुए पैंटी ब्रा ही दिख रहे थे. ये सारी चीजें प्रीति में थीं, केवल उन्हें निखारे जाने की आवश्यकता थी. मेरे पति का तो तेरे लंड से आधा ही है और वो तो कुछ कर भी नहीं पाता है.

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मैंने उससे कह रखा था कि मैं उसी लंड से चुदूँगी जिससे तुम चुदवा चुकी हो.

मैंने पूछा- मैंने क्या कर दिया?तो बोली- सच में तुम्हार लंड बहुत बड़ा है. कुछ देर उसे मैंने अपनी सुंदरता का रसपान लेने दिया और फिर कड़े शब्दों में कहा- देखते ही रहोगे या कुछ करोगे भी?वो किसी दास की भाँति घबराते हुए बोला- सारिका जी, आप कमाल लग रही हो, मानो देसी गठरी में विदेशी सामान. मानो वो इसी इंतज़ार में ही हों कि कोई उनके लंड को छुए, उससे खेले और उनको मज़ा दे.

इस बार उनके शरीर ने पहले से भी ज़ोरदार झटका लिया, और उनके गले से ऐसी आवाज़ निकली, जैसे उनकी साँस फँस गई हो. इतना सुनते ही मैंने कंप्यूटर पर ‘तुम मिले …’ फ़िल्म के रोमांटिक गाने लगा दिए. मराठी कॉलेज सेक्सीअंतत: शाम में उन्होंने मामी को बोल ही दिया- कब तक सुधा नाराज रहेगी मामी? जब वो मिलेगी तब न सारी बात बता पाऊंगा कि हुआ क्या था! मामी बोली- इंतजार करिये, रात में उसको खींच कर तुम्हारे पास ही ले आऊंगी.

हम थोड़ी देर हॉल में ही बैठे रहे, फिर दादाजी अपने रूम में चले गए और हम दोनों मेरे बेडरूम में आ गए. चलो यह काम तो मैंने ठीक कर दिया।मैं- ठीक है घोष बाबू, आशा करता हूँ आज आपकी रात अच्छे से गुजरे! और एक बात … सेक्स की कोई गोली खा लीजियेगा, क्या पता जरूरत पड़ जाए… हे हे हे।घोष बाबू- अरे जरूर सर, थंक्स फॉर दी सजेशन, आपको जरूर बताऊंगा कि रात कैसी गुजरी।फिर हम दोनों ने एक दूसरे को अपना नंबर दिया और थोड़े नशे की हालत में हम दोनों अपनी आइटम के पास आ गए.

तब निकुंज फिर से करीब आया और बोला- आज तो तेरी गांड को चीर ही दूंगा. … सच में बहुत मजा आ रहा है … हां…ऐसे ही … ओह्ह्ह सैयां जी … मैं आज से आपकी पत्नी बन गयी. और मैं अपनी मामी की चूत में झड़ गया और उनके नंगे बदन के ऊपर लेट गया.

क्या बात है?मैंने डर के मारे कुछ नहीं बोला और उसके बाद अनुष्का ने मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़ लिया. कभी कभी उनको कुछ काम पड़ जाता तो मुझे कह देते थे बाकी स्टूडेंटस को बताने पढ़ाने को … और स्टूडेंट्स को भी बोल देते कि मुझसे पूछ लें. उन्होंने मेरी जांघों को फैला दिया और मेरी छोटी सी चुत को अपने मुँह में लेकर चूसने लगे.

मैंने फिर से एक धक्का दिया और दूसरे धक्के में पूरा लंड उसकी चूत में उतर गया.

तब अजय आगे आकर बोला- कोई बात नहीं, मेरा लन्ड डलवा दो न?तभी मैं चिल्लाई- दीदी प्लीज मुझसे रहा नहीं जा रहा, लन्ड दिलवा दो मुझे …तब दीदी ने अजय को छूट दे दी. और हाथ से उन्होंने मेरे तम्बू को टच कर लिया और अंदर चली गयी।मैं भी दरवाजा बंद कर के भाभीजी के पीछे-पीछे अंदर आ गया।पीछे से जाकर भाभी से चिपक गया और कहा- भाभी प्लीज आज तो मेरी मन्नत पूरी कर दो … मुझे अपने दूध पिला दो।भाभी- आपका लंड मेरे चूतड़ों में घुसा जा रहा है.

मैं आपकी इस चूत का मूत पीना चाहता हूं। भाभी मुझे अपना गुलाम बना लो, मैं आपकी रोज सेवा करूंगा. उसे लगा, सचमुच आज उसे ऐसी चुदक्कड़ लैंड लेडी मिली है, जिसके घर में ही नहीं, बल्कि शानदार चूत में भी रहने की जगह हासिल हो गई. चुदाई के इस खेल में अब तक पत्थर की तरह कड़क हो चुकी नीना की चुचियां प्रशांत की मुट्ठियों में कैद थीं और प्रशांत का लंड नीना रानी की गहरी सुरंग में स्पीडी बोरिंग करने में जुटा हुआ था.

यह मेल पढ़कर मैंने रितिका को मैसेज किया- हेल्लो!और उसके भेजे मेल का स्क्रीनशॉट लेकर भेज दिया. पहली बार मैंने उन्हें बांहों में जकड़ा और पकड़ा या यूं कहिये कि किसी भी मर्द को पहली बार मैंने बांहों में लिया. इस सब में मुझे बहुत ही मजा आ रहा था।थोड़ी देर में वो थक कर परेशान हो गयी और नीचे उतर गयी तो मैंने उसको लेटा दिया और फिर से लेटा कर चोदने लगा। अब वो मेरा पूरा साथ दे रही थी। वो अब झड़ने वाली थी और कहने लगी- जानू जोर से चोदो …अपनी प्यारी बहन को मैं और जोर से चोदने लगा.

ढोंगी बाबा का बीएफ नमस्कार दोस्तो, कैसे हो आप सब? आप सब ने अन्तर्वासना पर बहुत ही गर्म कहानियाँ पढ़ी होंगी. मैंने कहा- तो आप ही बता दो कि क्या बात है?भाभी बोली- आप मुझे पसंद करते हो न?मैं भाभी की इस पहल पर थोड़ा घबरा सा गया मगर फिर सोचा कि इससे अच्छा मौका फिर दोबारा नहीं मिलेगा अपने दिल की बात कहने का.

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और तुझे कैसा लगा?तो वो बोला- ये तो मेरा हमेश का काम है, तेरा पहली बार है ना, इसलिय पूछा. फिर कुछ दिन बाद मैंने उसे परपोज़ किया और उसने भी हाँ कर दी और एक स्माइल देकर चली गयी. वो अब भी पीछे ही मुड़ी हुई थीं, उसी स्थिति में मामी ने मेरे सर पे हाथ रखा और मेरा सर अपने कन्धे पर दबा कर कहा- सच?अनायास ही मेरे हाथ उनकी कमर पर बंध गए.

मैंने पूछा- तो फिर रात को आप मेरे साथ ही सोए हुए थे, मगर आपने तो मुझे छुआ भी नहीं. भाभी के मुँह से निकल रहा था- उईईईई … शीईई … धीरू मेरी जान … धीरे मसलो न … आह … ये कैसी होली खेल रहे हो तुम मेरे साथ … आहहहह ऊऊऊउ. रेशमी देसाईतभी अचानक आहना का बच्चा रोने लगा, तो आहना ने कहा- लगता है, उसे भूख लग आयी.

उस समय मेरी बीवी पेट से थी, तो मैंने कई दिनों से सेक्स नहीं किया था.

इसके अलावा एक झुमकों का सेट भी लिया।मैंने हॉस्टल में आकर उसे ट्राई किया अच्छे से, तन्वी ने देखा तो बोली- क्या बात है यार … तू इसमें बहुत खूबसूरत लग रही है, शादी में जाने से पहले अपने बाल स्टाइल करा के जाइयो यहीं से। मैंने कहा- ठीक है, चलेंगे।अब शादी को सिर्फ 3 दिन ही बचे थे तो मैं तन्वी के साथ पार्लर चली गयी. तीस मिनट की चुदाई के बाद अनुष्का मैडम की गांड को मैंने चोद-चोद कर उसकी ठुकाई कर डाली.

मैं उसके गोल सुडौल मम्मे चूसने दबाने लगा, तो वो खुद ब खुद मेरे लंड पर ऊपर नीचे होने लगी. मगर उसका लंड तो अभी मस्ती में था, उसने मुझे साँस लेने का भी मौक़ा नहीं दिया और धक्के पर धक्के मारता रहा जब तक कि उसका पानी ना निकल गया. उसके हाँ करते ही मैं और मेरा दोस्त आर्यन दोनों ही जाने के लिए तैयार होने लगे.

मेरी पिछली कहानी थीऔरतों की गांड मारने की ललकमेरे जीवन में कुछ अजीब घटनाएँ घटीं, जिनके बारे में मैंने कभी सुना या देखा नहीं था.

मैं खिड़की से अन्दर झांकने लगी।मैंने देखा कि अनन्त जीजू मेरी दीदी की दोनों टांगें उठाकर अपने कन्धों पर रखे हुए थे और दीदी का सर पकड़े हुए होंठों को चूस रहे थे. फिर आंटी ने मुझे अपने ऊपर से हटा दिया और अपने कपड़े सही करके बाथरूम में चली गईं. मैं धीरे धीरे समझने लगी थी कि उसके मन में क्या है और इसलिए अब चाहती थी कि किसी तरह प्रीति के साथ इसके संबंध अच्छे हो जाएं.

गर्ल्स डॉग सेक्सी वीडियोतभी उसने एक झटके में मुझे पलट दिया और कमर के नीचे तकिया लगा कर मेरे ऊपर छा गया. परंतु आज जब मेरे साथ कुछ कामुक घटनाएं हुई हैं तो मैंने उसे अंतर्वासना पर लिखने के जहमत उठाई है.

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मेरी सैलरी जितनी मिलती है, उसमें मेरा खर्चा नहीं चल पाता, जो भी मिलता है, वह सारा घर पर चला जाता है. अनुष्का वर्मा की गांड फिल्मों में ज्यादा बड़ी दिखाई नहीं देती मगर वह मेरे मोटे लंड को आराम से खा गई. मैंने उसकी गांड की दरार को अपने हाथ से चौड़ी किया और अपना लंड उसकी गांड में धकेल दिया.

अब मेरे पति तो बहुत साल पहले गुजर चुके थे, सिर्फ एक बेटी है तो अब मैंने सोचा कि अब मुझे ही दामाद जी से खुल कर बात करनी पड़ेगी और इस समस्या का समाधान निकालना पड़ेगा. इस तरह मेरी बीवी उस रंग से सराबोर होकर मस्त मदहोशी में प्रशांत के सीने से लिपट गई, क्योंकि चूत में प्रशांत के गरम सफेद पानी के बौछार की गर्मी ने उसे भी झाड़ दिया. इधर दूर दूर तक कोई नज़र नहीं आ रहा था … ना कोई लाइट थी … एकदम सुनसान इलाका था, तो चिल्लाने का भी कोई मतलब नहीं निकलना था.

उस समय मेरी उम्र अपेक्षाकृत काफी बड़ी हो गई थी, इसलिए सभी लड़कियां मुझसे बहुत छोटी होती थीं. मैंने पूछा- मैं ही क्यों? आप तो किसी से कुछ भी करवा सकती थीं?वो हँसने और बोली- जिस दिन से तुम कम्पनी में आए थे, मैं उसी दिन से तुम्हें नोटिस कर रही थी. फिर प्रसंग अपने खड़े लंड को हाथ में लेकर मेरी चूत पर रख कर बोला चल- बेटा, आज मस्त कर इसको!और यह कहते हुए उसने एक ही वार में पूरे का पूरा लंड मेरी चूत में घुसा दिया.

नीचे की तरफ विनय जीजू ने दीदी की चूत में अपनी जीभ डाल दी और चूत में उसको अंदर बाहर करने लगे. इस सब में मुझे बहुत ही मजा आ रहा था।थोड़ी देर में वो थक कर परेशान हो गयी और नीचे उतर गयी तो मैंने उसको लेटा दिया और फिर से लेटा कर चोदने लगा। अब वो मेरा पूरा साथ दे रही थी। वो अब झड़ने वाली थी और कहने लगी- जानू जोर से चोदो …अपनी प्यारी बहन को मैं और जोर से चोदने लगा.

उतावलेपन और उत्तेजना में मैंने ‘सर’ का सिर पकड़ा और अपनी तरफ खींच कर अपनी चूचियों में दबा लिया.

चूत के ऊपर दो मोटी पुत्तियां थी और अंदर दो सुंदर छोटे-छोटे चूत के दो होंठ थे. सनी लियोन का फोटो वीडियोमैं यूनिवर्सिटी जाने के लिए तैयार हो ही रहा था कि मेरे दरवाजे पर दस्तखत हुई. यक्षिणी की कहानीअब तू ही बता ममता कि कमोड भी भला क्या चुदाई की जगह होती है?ममता बोली- हाउ स्वीट! मामा जी तो बहुत ही रसीले हैं. एक दिन ऐसा संयोग बना कि ममता और सुधा दोनों ही अपने पति के साथ मायके आई हुई थीं.

मैंने सोचा कि इतनी सुंदर और सभी को आकर्षित करने वाली महिला के साथ आखिर क्या वजह हो सकती है कि रिश्ते अच्छे नहीं हैं.

अब भैया भाभी के पेटीकोट को भी ऊपर करके उनकी जांघों पर भी रंग ले ले कर मलने लगे. हम जब भी अकेले में मिलते, तो मैं उसे किस करता, उसके होंठों को छूता, जिसकी वजह से वो नशे में आ जाती और मुझे भी जोर जोर से किस करती. मेरे पूरे शरीर में बिजली दौड़ गई, मेरे स्तनों को हुआ पहला आदमी का स्पर्श.

मेरे पास यही मौका था ‘लकी पति’ बनने का … मैंने भी तुरंत ही हां बोला- हां मैं तैयार हूँ अपने दीदी को अपनी पत्नी बनाने के लिए. वहां एक 34 की ब्रा भी टंगी थी, उसको ऐसे दबा रहा था, जैसे भाभी के दूध दबा रहा होऊं. अगले हफ्ते उसका बर्थडे आने वाला था, तो उसने मुझसे बोला कि इस बार बर्थडे पे वो नाइट आउट करना चाहती है.

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सड़क किनारे एक पम्प, टूटे घड़े में पानी, कैंची, सोलुशन की ट्यूब और कुछ पुरानी रबड़ की ट्यूबें लेकर बैठ जाता था. दीपक- तुम कुछ भी कहो विचित्र, लेकिन सच तो यह है कि मेरी भाभी का कोई जवाब नहीं … वह लाजवाब है. सबसे सेक्सी तेरी आंखें हैं … इन तेरे गुलाबी होंठों का तो क्या कहना.

इससे मेरे शरीर में करंट सा दौड़ गया, जिससे मैंने उसके मुँह में अपना लौड़ा ठेल दिया और वो मेरे लौड़े को चूसने लगी.

वह भी पागलों की भाँति उंगली से रेलम पेल करते हुए लगातार मेरे निप्पल को चूस रहे थे.

मैंने दीदी की पीठ को सहलाना चालू किया और उसके चेहरे की खूबसूरती को निहारा. फिर मैंने अपना एक हाथ उसकी मैक्सी के अन्दर से ले जाकर उसके चूचों को दबाना शुरू कर दिया. सेक्सी फिल्म वेस्टइंडीजचूत कुछ टाइट थी तो उसकी हल्की सी चीख निकल गई ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’मगर चूत के अंदर लंड तो जा चुका था इसलिए अब मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा था.

मगर उम्र के हिसाब से हम घर गृहस्थी और बच्चों पर ज्यादा ध्यान देते हैं. फिर एक दिन मेरा दोस्त मेरी आंटी यानि कि अपनी माँ को नानी के घर पर लेकर गया हुआ था. वह आकर मेरे ऊपर लेट गया और उसने हम दोनों जिस्मों को कंबल के नीचे ढक लिया.

उस समय मुझे रवि मामा और सभी लोग छोटा ही समझते थे, इसीलिये मेरी बातों को गम्भीरता से नहीं लेते थे. मेरी चूत पहले से ही गीली हो चुकी थी इसलिए लिंग आराम से अंदर चला गया.

तभी एक लड़के का फोन बजा, तो फोन उठा कर बोला- हम तो उस मंदिर वाली रोड से 10 किलोमीटर आगे हैं, यहां एक लड़की पकड़ ली थी, बस उसे ही चोद रहे थे.

मैंने उसी वक्त उसकी कच्छी को निकाल दिया और उसकी चूत को नंगी कर दिया. मैंने अब दीदी को चूमा और उसके ब्लॉउज में हाथ डाल कर उसका ब्लॉउज लगभग फाड़ कर खोल दिया. लिहाजा वह अपने पुराने पोज में आ गई और साथ ही प्रशांत ने पीछे से चूत में समूचा लंड उतार दिया.

मोनिका का हिंदी अर्थ एक बात कहूँ!वो बोले- हां बोल ना?लेकिन फिर भी मैं चुप ही रहा तो उन्होंने मुझे हिम्मत दिलाते हुए कहा- अरे बोल पागल… बोल दे. उसने बाद में बताया कि उसका पति चुदाई में इतना लंबा नहीं टिक पाता है उसे कभी बीवी के झड़ने की परवाह नहीं रहती.

मैंने भाभी की टांगों को अपने कंधों पर रखा और उनको थोड़ा मोड़ते हुए चुदाई चालू रखी. तो आंटी ने मुझे उसी नीचे वाली सीट पर ही बैठने को कह दिया ताकि हम दोनों आराम से बैठ सकें. मैंने भी मौके की नजाकत को समझते हुए मीना के स्तनों को चूसना चालू कर दिया.

𝓼𝓮𝔁 𝓿𝓲𝓭𝓮𝓸𝓼 𝓽𝓮𝓵𝓾𝓰𝓾

दोस्तो! हेमा भाभी के बात करने के तरीके और उनकी नशीली आंखों से मुझे लग रहा था कि यह लेडी इस प्रोफेसर के मतलब की नहीं है और यह ज़रूर पट जाएगी. इतना सुनते ही मैं बहुत खुश हो गई और इस उम्मीद पर आ गई कि मेरी शादी आशीष से हो सकती है. फिर हमारी बातें शुरू हुईं, लेकिन वो अपने बारे में ज्यादा बताती नहीं थी.

रात को सोने से पहले मैंने ब्रा पैंटी सब निकाल के एक सामने से खुलने वाली नाइटी पहन ली, ताकि जल्दी से निकाली और पहनी जा सके. वो कराहने लगी ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ मुझे ऊपर से धकेलने की कोशिश करने लगी.

आज वो ब्लू जींस और एकदम टाईट व्हाईट शॉर्ट टॉप पहन कर आयी थी, जिसमें वो गजब दिख रही थी.

फिर मैं भी घर से कॉलज के नाम पर निकला और साक्षी के घर पर पहुँच गया. मुस्कुराते हुए बड़े प्यार से बोली- क्या दीदी, शक करने चल दी अपने पति पर? मैं तो उनको प्यार से खाना खिला रही थी. उसने पूछा- क्या हुआ?मैंने कहा- मैं तुम्हें घोड़ी की पोजीशन में चोदना चाहता हूँ.

उसको अपने कमरे में बैठा कर मैं उसके लिए पानी लाया और कंप्यूटर पर ट्रिपल एक्स मूवी चला दी. एक दिन मेरी छुट्टी थी, तो मैं सुबह ही भाभी के घर गया, दोनों ने खूब बातें की, हँसी मज़ाक़ किया, फिर मैं चला आया. मामी भानजा की यह चुदाई बीस मिनट तक चलती रही होगी।फिर उसके दस मिनट के बाद मैंने उनसे कहा- मामी जी, मैं भी झड़ने वाला हूं.

उसके बाद मैंने और उसने 2 बार और चुदाई की और फिर हम साथ मिल के नहाये.

ढोंगी बाबा का बीएफ: अगर आप कहें तो सुनाऊँ वह कहानी?”विपिन जी के मन में तो कहानी सुनने के लिए हाँ थी मगर होंठों से कुछ बोल नहीं पा रहे थे. मैं कहना तो ये चाहता था कि तुम्हारी गांड देख कर किसी का खड़ा हो गया, तो प्राब्लम हो जाएगी.

अगर आप कहें तो सुनाऊँ वह कहानी?”विपिन जी के मन में तो कहानी सुनने के लिए हाँ थी मगर होंठों से कुछ बोल नहीं पा रहे थे. जब वो थोड़ी नार्मल हुई, तो मैंने उससे पूछा- क्या तुम अगले धक्के के लिए तैयार हो?तो उसने हां में सर हिलाया तो मैंने देर न करते हुए अपनी पूरी ताकत से एक और धक्का लगा दिया. कल्पना- अच्छा, कौन थी तीनों?मैं- एक तो मेरी गर्लफ्रैंड थी, बाकी 2 मेरी क्लाइंट थीं.

मेरी ही तरह जया और सीमा भी अंकल पर फिदा हैं, अंकल की पर्सनालिटी ही ऐसी है.

उसने मुझे अपनी गोद में उठा कर बेड पर लेटा दिया और फिर से मुझे पूरा नंगा करके मेरे पूरे बदन को चूमना चालू कर दिया. फिर उसने मेरी नाइट पेंट को मेरे घुटनों तक उतार कर मेरी चूत में अपनी जीभ डाल कर मेरी चूत का सारा पानी निकाल दिया. कहने लगी- ओह्ह … चोदो … और तेज … करते रहो … रुको मत … आह्ह … मैं झड़ने वाली हूं.