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दोनों रानियों के लिए खीरा टमाटर मशरूम सैंडविच, फ़्रेश लाइम सोडा नमक वाला और मैंने मेरे लिए चिकन सैंडविच और बियर का रूम सर्विस में फोन करके आर्डर दे दिया.मीरा ने पहले सामने रखी आइसक्रीम की कटोरी उठाई और अपने मुँह में थोड़ी सी आइसक्रीम भर ली और अपने होंठ रितेश के होंठों से लगा दिए.

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मैं मीरा रोड का रहने वाला हूँ तो मैं मीरा रोड उतर गया … पर दीपाली अभी तक उतरी नहीं थी.

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सोच कर मैंने लंड को आधा ही बाहर निकाला था कि चाची ने मुझे फिर से अपने ऊपर खींच लिया और मेरे लंड से वीर्य छूट पड़ा. अचानक नम्रता को ध्यान आया और बोली- यार हम लोग छत पर हैं, आओ नीचे चलें, दिन होने वाला है. उसके बाद हम दोनों ने एक दूसरे को अच्छे से नहलाया और एक दूसरे के जिस्म को साफ किया.

” कहते हुए वह उठ खड़ी हुई और मुझे भी बाजू से पकड़कर वाशबेसिन की ओर ले आई।हे लिंगदेव! मेरा तो पूरा बदन ही जैसे गनगना उठा था। गला सूखने लगा और कानों में सीटियाँ सी बजने लगी थी. फिर मैंने बोला- मीता बोलो न … क्या तुमने उसका लंड देखा है? या उसने तुम्हारी चूचियों को दबाया है?मीता फिर भी चुप रही. यह सब तो एक दूसरे की सहमति और सहयोग से ही यह सब अच्छा रहता है।”हम्म!”मुझे लगा नताशा कुछ सोचने लगी है। शायद वह इस क्रिया को भी एक बार आजमा लेने पर विचार करने लगी है। काश! अगर एक बार वह हाँ कर दे तो फिर तो मैं उसे इस प्रकार अपने झांसे में फंसा लूंगा कि बाद में तो वह कितना भी मना कर चिल्लाये मेरे लंड को अपनी गांड से नहीं निकाल पायेगी।प्रेम! मैंने कभी इस प्रकार के संबंधों के बारे में सोचा ही नहीं था.

उधर राधिका और दिशा दोनों एक-दूसरे से अलग हो गईं और मैं भी अपना लंड हाथ लेकर खड़ा हो गया. चांदनी भाभी वैसे देखने में इतनी सुंदर नहीं है मगर मैंने कभी किसी की चूत की चुदाई नहीं की थी इसलिए मुझे तो चांदनी भाभी भी सुंदर लगती थी. मैं थॉमस से अपनी चुत को कुछ मिनट तक चटवाने के बाद अब बस झड़ने वाली थी.

अब रिया भी गांड में लंड के दिये दर्द से निकल कर आनंद की चौखट को चूम रही थी. मैं फिर उसकी पिंडलियों को चूमता हुआ उसके चूतड़ों पे पैंटी के ऊपर से ही चूमने लगा.

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वो आज बहुत ही ज्यादा गर्म थी और मेरे लंड का सारा पानी अपनी चूचियों पर डलवा कर मम्मों को खूब मसला.

इसके लिए अल्ट्रा साउंड, एक आर आई और कैट स्कैन करवाना पड़ेगा जो दिल्ली में होता है. कोई दस मिनट किस करने के बाद थॉमस ने मेरी नाइटी के बटन खोलना शुरू किए और मेरी नाइटी उतार कर फर्श पर फेंक दी. मैंने अपना अंडरवियर भी उतार दिया और अपना गर्म लौड़ा उसके हाथ में दे दिया.

फिर जब उसने कोई हरकत नहीं की, तो मैंने अपने लंड को फिर से गर्म किया. मैंने आज जानबूझ कर मीता से बात कहते हुए सेक्स शब्द का इस्तेमाल किया था. मेरे हाथ पर मौसी का हाथ होने की वजह से मेरे हाथ का दबाव उनके चुचे पर पड़ रहा था.

हालांकि आपको जानकर आश्चर्य होगा कि मैं आज भी लंड चूत चुदाई जैसी बातों से अनजान हूँ.

बस तुरन्त ही नम्रता बोली- जान माल गांड में मत गिराना, मेरे मुँह में गिराओ. अमेरिका में काफी व्यस्त जिन्दगी हो जाती है मेरी इसलिए काफी समय के बाद मैं ये अपनी नयी और रीयल सेक्स स्टोरी लिख रहा हूं. मैंने उसकी एक टांग को उठाया और साइड में लेटे लेटे लंड को चूत के अंदर घुसा कर उसे अपनी जफ्फी में ले लिया.

मैं- हाय कैसी हो?दीपाली- मैं ठीक … और तुम?मैं- मैं भी एकदम मस्त हूँ. थोड़ी देर ज़ोर ज़ोर से धक्का देते देते उसने अपना वीर्य चूत के अन्दर छोड़ दिया. क्योंकि हमारा घर यहां दिल्ली में है तो वो महीने में एक बार ही घर आ पाते हैं।मेरे ससुर जी सेना से सेवामुक्त हैं और अधिकतर घर पर ही रहते हैं।मेरी ननद सुमीना अभी बी ए तृतीय वर्ष की छात्रा है और देवर एक प्राईवेट कम्पनी में काम करता है।मैं शादी के बाद छः महीने तो अपने पति के साथ ही रही.

लण्ड को वो बमुश्किल आधा इंच ही अंदर बाहर कर रहा था।धीरे धीरे उसने अपनी रफ्तार बढ़ानी शुरू की। उसे अपने लण्ड पर गाँड का कसाव मूंग के हलवे की तरह लग रहा था। लण्ड का अहसास रिया को भी बहुत आनन्ददायक लग रहा था।गाँड के अंदर जो नर्व एन्डिंग्स होती हैं वहां पर रिया को लंड का घर्षण बहुत मजा दे रहा था.

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हिंदी बीएफ डाउनलोडिंग एचडी सब कुछ सैट कर के हम एक दिन छोड़ कर मिलने के लिये अपने घरों से सुबह निकले. वो बोली- कैसे?मैंने कहा- जो उसको चुदाई के समय बोलना चाहती थी, पर डर से बोल नहीं पाती थी, वो सब आज बोलना.

हिंदी बीएफ डाउनलोडिंग एचडी उसकी इस बात से मैंने उसका मन समझ लिया और मैंने उसे गाल पर एक किस करके कहा- ठीक है … तू मेरा इंट्रो किसी से भी मम्मी बता कर नहीं करना. उसी वजह से दीपाली तड़प उठी और उसकी चीख निकल गई- आआह … अम्म्म्म्माआआ … मर ग्ग्गईइ रेए.

वह मेरे होंठों के रस को ऐसे चूसने लगा जैसे एक भंवरा शहद को चूसता है.

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नीता- साली कमीनी … डोरे मैंने डाले और खेत तूने चुग लिया … कुतिया मुझे भी एक बार स्वाद चखवा दे ना प्लीज!पिंकी हंसने लगी. साली इधर आ ऐ मेरे पास!कहते हुए उसने मुस्कान को पकड़ कर अपने पास खींच लिया और उसकी गाल पर एक चुम्मी लेकर बोली- तुझे शर्म आती है क्या हमारे जैसे बातें करने में?तभी सतीश बोला- अरे ये शर्माती है यार!मोनू बोला- इसे एक हफ्ते के लिए मेरे पास भेज दो. पानी को एक किनारे रखकर वो चटाई बिछाकर उस पर लेट गयी और मैं कॉटन उठाकर उसकी चूत से रिमूवर साफ करने लगा.

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आज मैं अपनी कार सेक्स पोर्न स्टोरी वहीं से शुरू करती हूँ जहां मैंने अपनी पिछली सेक्स कहानी ख़त्म की थी.

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मैं कभी-कभी रात को भी भैया के घर जाती हूँ घूमने के लिए, तो उनकी पत्नी मुझे खाना खिलाये बगैर मुझे घर से आने नहीं देती है. उनके स्पर्श में मर्दानगी थी, पर उस वक्त मुझे तकलीफ ना हो, उसका भी ख्याल वे रख रहे थे.

उन्होंने मुझे किस करते करते मेरी सलवार और सूट को निकाल दिया और मैं ब्रा और पेंटी में रह गयी. मैंने दीपिका के लेटे लेटे गिलास उसके मुँह से लगाया तो उसने सारा एक ही बार में खाली कर दिया और बोली- चोदो जोर जोर से … फाड़ दो मेरी चूत को. उसके बाद उन्होंने मेरे होंठों पर अपने होंठ रखे तो मेरे ही कामरस की गंध मेरी नाक में जाने लगी.

मुझे जब लगातार बहुत बार चुदाई करनी होती है, तभी मैं इसका सेवन करता हूँ.

खांसी की वजह से संजना ने अपना मुँह मेरे लौड़े से हटा लिया और उसी वक्त शीना ने लपक कर मेरा लंड अपने मुँह में घुसा दिया. मुझे सिर से पैर तक घूरते हुए उसने कहा- वाह! क्या चीज हो यार तुम सोनल. इसी आनंद का लुत्फ उठाते हुए मैं उसकी योनि में ही झड़ने लगा और सारा वीर्य उसकी योनि में छोड़ने के बाद उसके ऊपर लेट गया।दो मिनट तक लेटे रहने के बाद हम दोनों उठे और एक-दूसरे को किस किया। काफी देर हो गई थी और खेत में किसी के आने का भी डर था.

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मैं उन गोल-गोल चूतड़ों पर अपनी उंगलियां चलाने लगा और बीच-बीच में अपनी उंगलियों को बारी-बारी से दरार के अन्दर भी चला देता.

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लेकिन जैसे ही मैंने प्रतिभा की नाईटी खोलनी चाही, उसने मेरा हाथ पकड़ कर रोक दिया. न किसी ने बताई, न किसी चुदाई वाली कहानी में पढ़ी और न ही किसी ब्लू फिल्म में देखी. हिंदी इंग्लिश सेक्सी पिक्चरउनका मेरे अंगों को छेड़ने से चुत पर से मेरा कंट्रोल छूट रहा था, मुझे तो डर रहा कि कहीं सुसु पैंटी में ही ना निकल जाये.

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मैंने चूत में आठ दस चांटे प्यार से मारे और अपना दाना जल्दी जल्दी रगड़ने लगी. उंगली करते हुए पति देव बोले- नम्रता वहां पर दूसरों को अपनी बीवी के साथ एन्जॉय करते देख कर मुझे तुम्हारी याद बहुत आ रही थी. अंकल जी वहीं पेड़ की ओट में खड़े मेरा इंतज़ार करते मिले; मैं उनके पास जाकर सिर झुका कर खड़ी हो गयी.

फिर नाईटी को ऊपर कर कर मेरी जांघों को चूमने लगे और नाईटी के अन्दर हाथ डालकर मेरी बुर में उंगली डाल कर साथ ही दूसरी उंगली से मेरी गांड कुरेदने में लग गए. रास्ते में मैंने उससे पूछा- कहां जाना है?तो वह बोली कि तुम जहां ले चलो. एक दो मिनट तक उसके चूचों को अपने मुंह में भर कर उनका आनंद रस लेता रहा.

आप भी काफी सावधानी से ऐसा करके किसी के साथ इस प्रकार का सेक्स कर सकते हैं.

मौसी मेरे बाल पकड़ कर मुझे हटाते हुए कहने लगीं- सोनू, इतना टाइम नहीं है, ये सब फिर कभी करना … अभी अपना काम खत्म करो और निकलो यहां से. और उसने अपने पैर मेरी कमर में लपेट दिए साथ ही अपनी भुजाओं में मुझे कस लिया.

” सुहाना तो बस मुस्कुराती ही रही।शायद वो मुंह में रखी च्युइंगम चबा रही थी। एक मीठी सी महक मेरे स्नायु तंत्र को जैसे शीतल सी करती चली गई। सुहाना सोफे पर बैठ गई और हाल में इधर उधर देखने लगी।चलो ठीक है … आज का नाश्ता तो हम दोनों साथ ही करते हैं।”सर. मुझे औरतों का आत्म सम्मान कुचल कर उन्हें चोदने में बहुत मजा आता है. एक तो रिया की गांड में नैचुरल मक्खन जैसा टेक्सचर था और अब खीर उसमें क़यामत ढहा रही थी।वो बोला- पता है तुम्हारी गांड लाखों में एक है.

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वह सोफे पर लेटी हुई थी और मैं जमीन पर अपने घुटने के बल बैठ के उसे किस कर रहा था. साथ ही उससे ये भी कह देना कि उस रईस की बीवी यानि कि मेरी बीवी भी तुम्हारे नीचे चुदने के लिए तैयार है. उसका दर्द गायब हो गया। इतनी लंबी चुदाई के बाद बेड पर जाते ही हम सो गए.

वो भी मेरे सर को पकड़ कर दबाने लगी कि मैं और जोर से उसकी चूची को काट लूं.

आई लव यू प्रतोष!मैंने भी कहा- सेम टू यू डार्लिंग।तो दोस्तो कैसी लगी मेरी यह कहानी आप सब अन्तर्वासना पाठकों को?मुझे आपके जवाब का इंतजार रहेगा।आप सबका दोस्त प्रतोष सिंह फिर अगली बार हाज़िर होऊंगा एक भाभी की चुदाई के साथ! और आशा करता हूं कि आप सब मुझे आप अपना प्यार[emailprotected]पर जरूर भेजेंगे।तब तक के आप सब अपना ध्यान रखिए और पढ़ते रहिये कामुक और मजेदार कहानियां![emailprotected]. करीब 5-7 मिनट की मेहनत के बाद मौसी ने एकाएक मेरा हाथ अपनी चूत पर दबा कर पकड़ लिया और एक धीमी आह के साथ उनकी चूत बह गयी. अब आगे:वो मादक आवाज इतने दिनों के बाद भी आज भी मेरे कानों में गूंज रही हैं और वह सेक्सी सीन तो हमेशा मेरी आंखों के सामने चलता ही रहता है.

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मित्रो, मेरी पिछली कहानीपापा ने नंगी बेटी देख कर मुठ मारीबहुत हिट रही है, आप लोगों का अच्छा रिस्पोंस मिला. मैं फिर उसकी पिंडलियों को चूमता हुआ उसके चूतड़ों पे पैंटी के ऊपर से ही चूमने लगा. गोलू को गये हुए 18-20 दिन हुए थे, दिन के ग्यारह बजे थे और मैं ऑफिस जाने के मूड में नहीं था.

इधर नम्रता को भी जब मेरी गर्म पेशाब का अहसास अपनी चूत में हुआ, तो वो आह-ओह, आह-ओह करने लगी. चुदाई ख़त्म करके मैंने उसको गाड़ी की रिपेयर करने को कहा तो वो बोला- गाड़ी तो ठीक है. इधर जीजू मेरे पर लाइन मार रहे थे और उधर मेरे पति ना जाने दीदी के साथ क्या कर रहे थे.

‘तेरे वाले का अच्छा है या मेरा? बता तूने तो दोनों टेस्ट कर लिए हैं?’ये कहकर भैया मुस्कुरा कर मुझ पर फिर से टूट पड़े और हम दोनों लिपट कर उसी हालत में सो गए. अब तक हम दोनों ही समझ चुके थे कि मैं उसको सेक्स की मौज मस्ती के लिए अपना घर उसको दे रहा हूं.

उन्होंने मेरे सारे कपड़े निकाल दिये और मेरे पूरे बदन को निहारने लगे.

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फिर भी मैंने उसकी पेंटी में हाथ डाल कर देखा, तो उसकी चड्डी पूरी गीली और चिपचिपी थी. मैंने अपना हाथ थोड़ा और आगे दोनों नितंबों के बीच की दरार की ओर बढ़ाया और पाया कि वसुन्धरा की चुनरी दोनों नितम्बों के बीच में कहीं नीचे वसुन्धरा की पेंटी में अटकी हुई है. … सहन नहीं हो रहा … आप जोर से करो … और जोर से चोदो मेरी चुत को, चोद चोद कर पूरी हेकड़ी उतार दो साली की.

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तभी भार्गव ने कहा- यार आशना अगर तुम चाहो … तो बस एक बार मेरा लंड देख लो. उसके कहने के बाद हम दोनों ने अपनी पोजिशन बदल ली और मैंने अपने अकड़े हुए लंड पर जोर लगाया ताकि मैं मूत सकूँ … लेकिन धार निकलने का नाम नहीं ले रही थी, जबकि नम्रता मुँह खोले पानी का इंतजार कर रही थी. मैं उसके मम्मे दबाने के साथ ही उसके कानों पर होंठों पर अपने दांत गड़ा देता था.

मेरा मन भी तुमसे मिलने का था, पर उस साले ने पी नहीं रखी थी, दिक्कत ये थी.

मेरा काम है कि जो क्लेम आते हैं, उन्हें जाचूं और सही होने पर उसका क्लेम अपने ग्राहक को दिलाऊं.

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मैंने कहा- अगर आप सभी को ठीक लगे तो इस राउंड में सभी लड़कियों की गांड में लंड डाले जाएँ?मुस्कान बोली- नहीं यार, दर्द होगा और मज़ा भी नहीं आयेगा. मुझे पापा की मजबूरी भी समझ आती थी; चपरासी की नौकरी में उन्हें तनख्वाह मिलती ही कितनी सी थी, ऊपर से पांच छः लोगों का परिवार, उन्हें खुद दारू पीने की लत थी और मेरी बड़ीबहन की शादी का कर्जा भी अभी चुकाया नहीं गया था.

ये देखकर मैं बैठी सी हुई और अपने दोनों मम्मों से उसके लंड को मसलने लगी.

वह चुदाई क्या और कैसे हुई और इन रानियों की तीसरी वाली सहेली कैसे चुदी उसका वर्णन मैं अगली कहानी में करूँगा. कुछ देर में बॉस आये, आते ही मुझे देख कर उनके चेहरे पे एक मुस्कान आ गई, वो बोले- तुम गई नहीं, मतलब तुम तैयार हो?मैं उनकी तरफ देख कर बोली- हां! पर आपको पहले मेरी नौकरी पक्की करनी होगी. मेरा नम्बर कहां लगेगा?भाभी बोलीं- रात को तुम उन्हें ज्यादा दारू पिला देना और मैं तुम्हें नींद की गोली दूंगी, तो वो तुम उनकी दारू में मिला कर उन्हें पिला देना.

अंग्रेजी सेक्सी फुल मूवी उसके एकदम दूध से सफ़ेद मम्मों के ऊपर ब्राउन रंग के निप्पल सच में क़यामत को भी मात कर रहे थे. उसके जाने के बाद सर ने कहा- तो कहिये सोनल जी, क्या सोचा है आपने? आपका तबादला आपको अपने घर के बगल वाले स्कूल में चाहिए या फिर इस स्कूल से भी 10 किलोमीटर आगे किसी और स्कूल में चाहिए है?मैंने कहा- सर अगर किसी को पता चल गया तो?वो बोले- उसकी चिंता आप क्यों करती हैं, मैं विश्वास दिलाता हूं कि किसी को हमारे बीच की बात का पता नहीं चलेगा.

माँ मेरी बात सुनते ही घबरा सी गयी और वो अपने पेटीकोट को नीचे करके बोलीं- क्या? तूने सच में मेरी चुत को चाटा था?मैंने कहा- हां माँ … मैंने आपको जगाने की कोशिश भी की थी, मगर आप जागी नहीं, तो मैंने भी पिताजी की तरह आपकी चुत को चाटा और मेरा लंड भी मैंने इसमें डाला था. तो मैं पापा को शिमला घुमाने ले गयी और वहीं एक रात को बारिश की वजह से ठंड अधिक बढ़ गयी तो पापा और मैं कब एक दूसरे से चिपक गये पता ही नहीं चला. फिर सुबह एक कप चाय और प्यारी सी मुस्कान के साथ रेखा ने मुझे जगाया और फिर हम दोनों साथ-साथ चाय पी.

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मैंने खूब जोरों से माँ की चुत का रसपान किया और इसके बाद लंड पेल कर माँ को चोद दिया. मुझे नहीं पता दीदी ने उनको कहां से ढूंढा था लेकिन उनको देख कर मुझे ऐसा लगने लगता था कि काश मैं भी इनके जितना ही चार्मिंग होता. अपना लंड चुत के जड़ तक घुसाकर अंकल एक के बाद एक वीर्य की पिचकारी मेरी चुत में छोड़ने लगे.

उसके घर में फ्रेश होने के बाद तुषार मुझे अपने बाइक पर बिठाकर उधर ले आया, जहां मैंने एक्टिवा रख दी थी. मैं समझ गया कि इतनी देर तक टाइट रहा था और जींस की वजह से दबा हुआ था, उसी वजह से ये दर्द है.

अब टास्क देने की बारी राधिका की थी- राज, मैं चाहती हूँ कि तुम दिशा की चुत और उसके सुंदर चूतड़ों पर किस करो.

जैसे घनघोर बारिश के बाद सारी प्रकृति निखरी-निखरी सी दिखती है वैसे ही अब वसुन्धरा निखरी-निखरी सी दिख रही थी. मेरा बेटा डर के उठा और बोला- क्या हुआ मम्मी?मैं अपने शरीर को छिपाने का असफल प्रयास करते हुए बोली- छिपकली है वहां वंश. वो बोली- अर्पित मुझे बारिश देखना बहुत अच्छा लगता है, देखो आज बादल भी धरती पे ऐसे बरस रहा है, जैसे ये दोनों एक दूसरे से मिलने के लिए जन्मों के प्यासे हों, जैसे हम तुम.

उसने मेरे बाल पकड़े और खींच कर मेरा मुंह चूत से लगा दिया- ले भोसड़ी के … ज़ोर से अमृत छोड़ना है … पी कुत्ते पी …तुरंत ही धक्कों में ब्रेक लग गया. कभी कभी पास बैठकर एक दूसरे के गले में हाथ डालकर बातें करते हुए बैठते हैं. मैं बंद आंखों से उसे देख रहा था और वो शर्मा कर अपनी आंखें बंद करके मेरे सामने खड़ी थी.

वो अंदर आये और मेरे कपड़ों को देखा, फिर फाइल देखने लगे और फाइल लेकर चले गए.

हिंदी बीएफ डाउनलोडिंग एचडी: मैं जब भी भैया के घर जाती हूँ तो उनकी पत्नी से बात करती हूँ और उनकी पत्नी भी बहुत अच्छी है और वो भी मेरे घर आती है. फिर मैंने उनका लंड चूसना शुरू किया और इस बार सहेली के पापा मुझे उल्टा कर दिया और मेरे ऊपर चढ़ गए.

एक दूसरे को किस करने के बाद बांहों में बांहें डाल कर सो से गए और आराम करने लगे. मैं एक बार फिर घुटने के बल होकर उसकी जांघों के बीच आ गया और उसकी जांघों पर अपने हाथ का दबाव देकर मैंने कहा- जान जब मैं तुम्हारी जांघ को दबाऊं, तो तुम मूतना रोक देना … और ढीला करूँ तो फिर शुरू हो जाना. कुछ देर के बाद जब मैंने लंड को बाहर निकाला तो पता चला भाभी इस बीच में तीन बार झड़ चुकी थी.

एक पल संतोष जी के लंड को देख कर मैंने भी बोल दिया- हां चोद लेना … पर अभी नहीं … कल आ जाना!संतोष जी बोले- अच्छा ठीक है … आज कम से कम लंड तो चूस कर जा.

माँ सेक्स की इस कहानी में पढ़ें कि मेरे एक दोस्त, जो थोड़ा मंदबुद्धि है, ने कैसे अपनी माँ को चोदा. कुछ देर के बाद जब मैं थक गया तो मैंने उसको पकड़ कर स्लैब पर बिठा दिया. मोनी ने अपना मुँह दूसरी तरफ किया हुआ था और उसने अपनी जांघों को भी जोरों से भींचा हुआ था इसलिये मैं अपने लंड को अब और ज्यादा अन्दर तो कर नहीं सकता था क्योंकि मोनी के नितम्ब अब मेरी जांघों से लग गये थे। मैंने उसकी जांघों को खोलने की भी कोशिश की, मगर वो शायद उन्हें खोलने को तैयार नहीं थी इसलिये मैंने भी ज्यादा जबरदस्ती‌ नहीं की और वैसे ही मेरा जितना लंड मोनी‌ की चूत में घुसा हुआ था.