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मैं बहुत थक गई थी… हम सभी ने एक एक पैग और लगाया। मेरी गाण्ड अभी भी दर्द कर रही थी… मगर पैग के बाद मुझे फिर से सरूर होने लगा था. सेक्सी पिक्चर काजल राघवानीयह प्रैक्टिस तो सिर्फ़ इसलिए कि तू शो में खुलकर एक्टिंग कर सके… अब चलो दो दिन तक मन लगा कर खान अंकल से एक्टिंग सीखो … बायखान सर- चलो अब तुम सुमित इसे ज़मीन में गिराकर एक ज़ोरदार किस करो!सुमित मुझे जमीन पर लिटा कर मेरे गालों को चूमता है …खान सर- साले किस मतलब जानता है…? होंठों पर दे चुम्बन … ठहर, मैं दिखाता हूँ.

मुकेश मेरे फ़ूले गालों पर थपकियाँ देता रहा और कहने लगा- तेरी चिकनी जांघों पर मेरी कब से नजर थी बहन की लौड़ी! मैं तो कब से सोच रहा था कि तेरी चूत देखने को मिलेगी, कब अपना लंड उसमें घुसाने का मौका मिलेगा, मेरी छप्पन-छूरी! आज तो तेरी चूत, तेरी गांड, तेरे बोबों के इतने मज़े लूँगा और दूंगा कि तू तो क्या, तेरी अम्मा भी मुकेश को याद करेगी.बीएफ सेक्सी फिल्म बताओ: मैं उसकी गांड को दबाते हुए उसके होंठो पर झुका और उससे कहा- रागिनी मेरा होने वाला है.

मैं भी उसकी उत्तेजना देखकर पागल हो गया और अपनी पैंट और अंडरवियर उतार फेंकी, तान्या मेरा लण्ड चूसे जा रही थी.उसकी चूत मोटी और कसी थी और वो पूरे जोश में थी- सेक्स के चरम पर।मैंने ऊँगली करना जारी रखा, वो जोर जोर से उचक रही थी और धीरे धीरे बोल रही थी- फक मी फक मी …इतने में मुझे अहसास हुआ कि कुछ गीला गीला.

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सोमा ने भी अपनी चूत मेरे मुँह की तरफ कर दी और बोली- चाट इसको रंडी…मैं तो मस्ती में आ गई थी….वो भीग कर और भी सेक्सी हो गई थी, उसके कपड़े शरीर से चिपक कर उसको और भी सेक्सी बना रहे थे.

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यहाँ बाहर मेरी हालत ऐसी हो रही थी जैसे मैं तेज़ धूप में खडा हूँ, मैं पसीने पसीने हो गया था और मेरे लंड की तो बात ही मत करो एक दम खड़ा होकर सलामी दे रहा था.

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‘छैला, बस ये मस्त मुस्टण्डा मन्ने एक दाण… बस एक बार…’मैं कुछ कहता उसके पहले वो उछल कर मेरे ऊपर चढ़ गई. फिर शराब का सहारा किस लिए ? वैसे भी डॉक्टरों का मानना है कि शराब लिंग के लिए उत्तेजक नहीं बल्कि एक अवरोधक का काम करता है। शराब के बाद पुरुष सेक्स के बारे में बातें तो बहुत कर सकता है पर उसकी पौरुष शक्ति कमज़ोर हो जाती है और कई बार वह सम्भोग में विफल भी हो सकता है।हाँ, एक और बात…. कोमल… कोमल… इधर…आ…” मैंने कोमल के बाल पकड़ कर जल्दी से उसके मुँह को मेरे लण्ड पर रख दिया.

दीदी ने मुझसे हंसते हुए पूछा- यह कौन सा आसन हो रहा हैं ?गलती से मेरे मुँह से निकल गया- यह रामदेव बाबा चोदासन कर रहे हैं………. उसे ऐसे देख कर मैं हैरान रह गया क्योंकि उस साड़ी वो एक युवती की बजाय बिल्कुल औरत लग रही थी और मेरा तो दिल कर रहा था कि अभी उसके साथ सुहागरात मना लूँ. उसने मुझे जोर से दबोच लिया और बोली- वाह, तुमने मुझे जन्नत में भेज दिया, अब यह रूपाली सदा के लिये तेरी हो गई, जब जी चाहे बुला लेना, मैंने ऐसा मजा आज तक नहीं लिया.

इस कहानी का पहला भाग: सब्र का फ़ल-1तभी बॉबी ने मुझे गोदी में उठा कर बिस्तर पर पटक दिया. तभी चित्रा ने योगी के होंठों पर अपने होंठ रख दिए और थेंक-यू कहा और फिर हम दोनों वापिस घर आ गए. अब मेरा लंड भी खड़ा हो गया लेकिन मैं फिर भी आराम से लेटा रहा क्योंकि यह मेरा पहला मौका था इसलिए मेरी गांड फट रही थी.

वो बेचैन हो उठी।मैंने दो उंगलियाँ गांड में घुमा कर निकाली और लंड को गांड के मध्य में रख कर राधा से बाहर को जोर लगाने को कहा।जैसे ही उसने गांड में बाहर को जोर लगाया मैंने कस कर धक्का मारा !वो चीख पड़ी !लंड का अगला हिस्सा गांड के अन्दर चला गया था।हाय मार डाला. तौलिया हटते ही उनका लंड मुझे दिख गया, अमित का लंड देखते ही मेरी तो गांड ही फट गई और चुदवाने का नशा हिरण होने लगा.

प्रेषिका : कामिनी सक्सेनासहयोगी : रीता शर्मामेरी सहेली-1रीता के पति राहुल अभी तक घर नहीं आए थे। रीता ने अपना सामान रसोई में रखा और खाना बनाने की तैयारी करने लगी। उसे रह रह कर साहिल से चुदाई की याद आ रही थी। लगभग ७ बजे राहुल आया। काम भी पूरा हो चुका था.

मोना- क्या तुम अब भी मुझसे प्यार करते हो?मैं- हाँ मैं तुमसे हमेशा ही प्यार करता हूँ!मोना- एक आखिरी बार मेरी बात मानोगे?मैं -क्यों नहीं.

??वेदांत : नहीं आंटी, ट्यूशन तो नहीं है, 3-4 दिन पहले ही दाखिला लिया है अमिटी में. अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा सलाम !यह मेरी पहली कहानी है। मेरा नाम अवनीश यादव है, मैं कम्पयूटर साइंस तृतीय वर्ष का छात्र हूँ। बात उन दिनों की है जब मैंने अपनी बारहवीं की परीक्षा पास करके बी. ‘विनोद, देखो…बोबे दबा कर चोदना… तुम्हें खूब मजा आयेगा!’ सोनू ने वासना भरी आवाज में कहा.

फिर मैंने चित्रा को अपनी बाहों में समेटा और उसे बिस्तर पर लिटा दिया और जीभ से उसकी चूत चाटने लगा वो तो जैसे पागल हो उठी. अच्छी हैतुम्हे एक और सेक्सी मेल चाहिए था न ओकेमैंने तुम्हे फ़िर उसी कमरे में बुलाया. नये सेशन में जुलाई से उसने एडमिशन ले लिया… फिर चला एक खालीपन का दौर… सुमन कॉलेज जाती और आकर बस बच्चे में खो जाती.

उसने ज़ल्दी से कूपे का दरवाजा अन्दर से लॉक कर लिया और मेरी तरफ़ मुड कर बोला ‘ चिंता मत करो मैडम ये लोग भी अपने दोस्त हैं, अभी तुम्हारी इच्छा चूत में कुछ डलवाने की हो रही थी ना इसलिए इन लोगों को बुलवाया है.

कभी कभी सब घर वालों और राजू के साथ टेलीवीज़न पर पिक्चर देखते तो रीटा राजू की गोद में टैडीबियर लेकर बैठ जाती और टैडीबियर के नीचे रीटा के हाथ राजू के लण्ड को खूब सहलाती और राजू रीटा की चूत रगड़ता रहता. वो चीखती रही पर ये एक शाश्वत सत्य है कि लड़कियाँ पहली बार लंड अन्दर करने के समय जितना रोती-मचलती हैं, और अगर ढंग से पहली चुदाई का मजा दिया जाये तो वो बड़ी चुदासी हो जाती हैं और आगे जीवन में खुल कर चुदाई का मजा लेती और देती हैं. इससे भाभी भी जोश में आ गई और उन्होंने मेरा एक हाथ पकड़ कर अपने चूचों पर रख दिया और हम दूसरे को पकड़ कर चूमते रहे.

!”भरजाई जी ! तुस्सी चिंता ना करो जी… मैं पता नहीं कितने दिनों से तुम्हारे इस गदराए बदन और मटकती गाण्ड को देख कर मुट्ठ मार रहा था। आज इस नाज़ुक छेद में अपना लण्ड डाल कर तुम्हें भी धन्य कर दूँगा मेरी बिल्लो रानी !”अब उसने मेरी कमर पकड़ ली और एक धक्का लगाया। मशरूम जैसे आकार का सुपारा एक ही घस्से में अंदर चला गया, मेरी चीख निकल गई।अबे… साले…! मादर चोद. भाभी के तबादले से पढ़ाई में मेरी मदद करने वाला भी कोई नहीं बचा था इसलिए मैं पढ़ाई में ज्यादा ध्यान देने लगा. नेहा ने अपने चूतड़ों के इस तरह आगे-पीछे हिलाना शुरू कर दिया मानो वो मेरी अंगुली नहीं मेरा लंड हो…मैंने सर उठाकर उसके मासूम चेहरे और उत्तेजना से बंद हुई आँखों को देखा….

साथ देखने की हिम्मत अभी तक नहीं थी…उसी दौरान उसकी दादी का देहांत हो गया वो तीन दिन तक स्कूल नहीं आया…सभी मुझसे पूछते थे.

मैंने भी स्वाति दीदी की पेंटी निकाल दी और उनको बाहों में लेकर उन्हें चूमने लगा जिससे उन्हें भी जोश आ गया और वो भी मेरा पूरा साथ देने लगी. मैंने काफी देर तक उसे अपनी चुन्चिया देखने दी…मुझे अब विश्वास हो गया कि वो गरम हो चुका है.

बीएफ सेक्सी फिल्म बताओ चूत मरवाने के कारण आयशा को काफी दर्द हो रहा था इसलिए आयशा रात को जल्दी से 9 बजे ही सो गई और मैं ज्योति के आने का इन्तजार करने लगा. क्या मजा था उसमें! एकदम चिकनी और गोरी टाँगें थी उनकी! मैंने उनकी स्कर्ट इतनी ऊपर कर दी कि मुझे उनकी पेंटी दिखने लगी.

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मैंने अपनी कहानी इसलिए लिखी है कि शायद अनु इसे पढ़े और मुझसे सम्पर्क करे। उसकी पैंटी अभी भी मेरे पास है।दोस्तो, आपको मेरी कहानी कैसी लगी?[emailprotected]. कहानी का पहला भाग:बेटा और देवर-1अब आगे-देवर ने मेरी चूत के दाने (भग्नासा) को मुँह में लेकर कुल्फ़ी की तरह चूसा…स्सीईईईई हाआआ देवर जी स्सीईईई ईईईई बस करो स्स्सीईईई देवर जी ब्ब्ब्स्स करो!” मैं बुदबुदाई. सिपाही कमरे में घुसा और कमरा तलाशने लगा, मेरे पास आया और सर झुका कर कहने लगा- क्षमा कीजिए महारानी जी ! यहाँ कोई नहीं है.

मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं ऐसा कभी करुँगी… मैं सच कह रही हूँ।’‘लेकिन अच्छा लगा ना?’‘हाँ, बहुत अच्छा. मैं भी उसकी उत्तेजना देखकर पागल हो गया और अपनी पैंट और अंडरवियर उतार फेंकी, तान्या मेरा लण्ड चूसे जा रही थी. प्रेषक : राज कार्तिकसोनिया अब मस्त गांड उठा उठा कर मेरा लण्ड ले रही थी अपनी चूत में।करीब दस मिनट के बाद सोनिया का शरीर अकड़ने लगा और वो चिल्ला उठी- मैं तो गईईई.

मेरा जिस्म जलता रहता कितना ही ठंडा पानी क्यों ना हो, मेरा जिस्म आग बरसाता रहता और आख़िर पानी भी हार मान लेता और मैं जलती-सुलगती अपना टूटता हुआ जिस्म लपेटे बाहर आ जाती, दुनिया-जहाँ की हसरतें मचल रही होतीं मेरे सीने में, लेकिन क्या कर सकती थी.

कहानी का शीर्षक हैयह कहानी कुछ लम्बी होने साथ साथ, मनुष्य के द्वंद्व, भावनाओ, कर्मों और निर्णयों को आज़माती है. हेलो दोस्तो, आपको श्रेया का नमस्कार… फिर से आपके सामने पेश है एक लण्ड कठोरी फ़ुद्दी पिपासु कहानी!यह कथा है मेरी सहेली जूली की …. मम्मी ने अंकल से कहा- डार्लिंग, जल्दी से इसे मेरे हवाले कर दो!और अंकल मम्मी की टांगों को फैला कर उनके ऊपर चढ़ गए.

‘ओये होये, क्या बात है भाभी… मजा आ गया इस बात पर… तुसी फिकर ही ना करो जी… यह देवर भाभी के बीच के बात है…’मैंने गिलास को मुँह से लगाया तो बहुत कड़वी सी और अजीब सी लगी. मैंने अपना लण्ड चाची की चूत पर टिकाया और एक जोरदार धक्का लगा कर आधा से ज्यादा लण्ड चाची की पनियाई हुई चूत पर जड़ दिया। चाची मस्ती और दर्द के मिले जुले आनन्द के साथ चीख पड़ी- फाड़ दी रे बहन चोद तूने तो मेरीईईई… धीरे धीरे कर राजा… तेरा लण्ड बहुत मोटा है रे. मैंने उसे मस्ती दिलाई।अब देर मत करो… प्लीज़ जल्दी डाल दो… चाट चाट कर गांड में खुजली कर दी है तुमने … प्लीज़ डालो ना.

आंटी जोर से बोली- सागर, निकालो इसको! दर्द हो रहा है!मैंने कहा- अब मजा भी आएगा!और मैं जोर-जोर से लंड को उसकी गांड में ठोके जा रहा था. मैंने अपने रहे सहे कपड़े भी उतार दिए और पूरा नंगा होकर उनके सामने खड़ा हो गया और अपने हाथ उनके टॉप में डाल कर स्तनों पर रख दिए.

एक बात और… शादीशुदा औरतें लाली, लिपस्टिक, मेंहदी, बिंदी, सिन्दूर लगाकर और पहन-ओढ़ कर और मस्त चोदने का आइटम बन जाती हैं। शादीशुदा औरत को चोदने में एक आनंद और है…. साथ देखने की हिम्मत अभी तक नहीं थी…उसी दौरान उसकी दादी का देहांत हो गया वो तीन दिन तक स्कूल नहीं आया…सभी मुझसे पूछते थे. बस आँखें बंद किये मैं इन्तज़ार कर रही थी कि कब उसका प्यारा लण्ड मेरी गाण्ड का उद्धार कर दे.

ऐ… यो काई करो… मन्ने तो गुदगुदी होवै!” वो शरमा कर उठ गई और अपना मुख हाथों से ढांप लिया.

धूर्त बहादुर अपने खड़े लौड़े की टोटनी को अंगूठे और उंगली में रगड़ता हाथ को रीटा की नमकीन व चांदी सी चपडगंजी चूत को मुट्ठी में जोर से भींचता बोला- बेबी अब कुछ आराम आया?रीटा अब बोलने वाली हालत में नहीं थी- ओर जोर से बहादुर सीऽऽऽ ऊईऽऽऽ सीऽऽऽऽ. समय बीतता गया और धीरे धीरे अब मैं सेक्सी किताबें और ब्ल्यू फिल्म की सीडी और कैसेट घर पर ही लाने लगा और जब भी मौका मिलता, छुप छुप कर पढ़ता और फिल्म देखता था. ‘हाय हाय! मार डाला रे भैया ने… भैया चोद दो ना, अरे नहीं छोड़ दो ना!’तभी मुझे गोमती की मस्ती भरी चीख सुनाई दी.

फ़िर कुछ देर बाद मैंने सोनम की पेंटी उतार दी और उसकी चूत के दाने पर अपनी जीभ फिराने लगा. ०० बजे :हेल्लो !हाय मैं बोल रही हूँ !हेल्लो मधु ?बिल्ली को तो ख़्वाबों में भी बस छिछडे ही नज़र आते हैं ?क… कौन ??ओह लोल… भूल गए क्या ? मैं तुम्हारी नई मैना बोल रही हूँ !ओह.

अगली बार इस से भी खतरनाक चुदाई के लिए तैयार रहें और अपने अपने चूत और लंड की मालिश करते रहें. सी और चाटो मेरी गांड और अन्दर तक प्लीज़ और फाड़कर चाटो ! वो बोली।मैं जितनी जबान गांड में डाल सकता था, डाल कर गांड का रस चाटने लगा।वो खूब चूतड़ उठाने लगी है, यह देख कर मैंने डिब्बे से अंगुली भर ग्रीस निकाली और उसकी गांड में भर दी।हाय राजा लंड डाल दिया क्या …? वो बोली।अभी कहाँ मेरी रानी ! अभी तो गांड को चिकनी और ढीली कर रहा हूँ. उस दिन पापा ने मुझसे कहा कि वो दिन में मम्मी के साथ शोपिंग पर जायेंगे और अभिषेक भी देर से आएगा इसलिए घर पर 2-3 घंटे मुझे अकेले रहना पड़ेगा.

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‘अरे ये तो नचुरल है, मर्द और औरत का तो मेल है… फिर तुम क्या करती हो?’‘अरे चुप रहो ना!’ वो शरमाती जा रही थी.

उसके पूछने पर मैंने भी बताया कि मेरे पति सेक्स के मामले में हर तरह से सक्षम हैं… पूरी तरह सन्तुष्ट करते हैं लेकिन देवर की तरह चूत चाट कर, घोड़ी बनाकर अलग अलग तरह से नहीं करते हैं. फिर मैंने उसे सीढ़ी पर बैठने को कहा, वो बैठ गई, मैंने उसका पैर फैला दिए और थोड़ा सा नीचे होकर मैं उसकी टांगों के बीच में घुस गया और उसकी चूत चाटने लग गया और एक हाथ से उसके स्तन मसल रहा था. उसने मेरी तरफ़ ऊपर देखा और मुस्कुराते हुए उसने सुपारे पर चूम लिया और जीभ निकाल कर सुपारे का स्वाद लेते हुए अपना मुँह खोल कर उसे मुँह के अन्दर लेने का प्रयास करने लगी…लेकिन यह उसके बस की बात नहीं थी.

?हाँ डार्लिंग !फिर आगे बढ़ कर सपना के होठ चूसने लगा, वो भी ऐसा ही कर रही थी।फिर मैंने अपनी जीभ उसकी चूत में लगाई तो वो तड़प उठी- सर, प्लीज छोड़ दो , अह्ह्ह्ह्……. मैं अपनी और सहेलियों को उसका लौड़ा खिलाने की व्यवस्था करूँगी और वो भी मेरे लिए उस जैसे नए लौड़े का इंतजाम करेगा. मस्त मस्त सेक्सी चुदाईमगर मुझे टीचर की नौकरी पसंद नहीं आ रही थी इसलिए मैंने स्वाति दीदी से सिफारिश लगाने के लिए कहा, तो दीदी ने कुछ दिनों तक इन्तजार करने के लिए कहा.

साले सब के सब हवस खोर होते हैं। यहाँ एक अच्छा है कि जिसे भी इच्छा होती है चला आता है, पैसे देकर चोद कर चला जाता है। कोई नौटंकी नहीं। थोड़ी देर तू अकेली इस कमरे में बैठ कर देख कैसे कैसे लोग आते हैं. हम दोनों एक-दूसरे को चूमने लगे और चुम्बन प्रगाढ़ होता चला गया। वो मेरी गोद में ही बैठी रही और हम दोनों एक-दूसरे को करीब दस मिनट तक लगातार चूमते-चाटते रहे.

‘अरे ये क्या कर रहे हो… इसकी इजाज़त नहीं है… ‘‘प्लीज़ मैम… ‘ दोनों ने मेरी और देखा. वो आ…ह कर उठी और बोली- चू…स खा…ली कर दे! काट! सेब क्या इतने आराम से काटते हैं?यह सुन कर मुझे भी जोश चढ़ गया और मैं जोर जोर से उसके मोमों को चूसने और काटने लगा. वो टिकेट उसकी ऊँगली से टकरा कर बिल्कुल मेरे निप्पल के ऊपर आ गया जिसे अब ब्रा में हाथ डाल कर ही निकाला जा सकता था.

तभी राज अंकल ने अपना मुँह चूची से हटा कर बाजी के मुँह पर लगा दिया जिससे उसके मुँह का दूध बाजी के मुँह में चला गया और बाजी उसके मुँह को अपने मुँह में लेकर जोर जोर से चूसने लगी. अब मेरी बहन के चुदने का वक्त हो गया था, मैंने उससे कहा- मेरी बहना, तैयार हो जा!तो बोली- किस लिए?मैंने कहा- चुदने के लिए!अब मैं उसका लोअर उतारने लगा तो उसने मुझे रोका. अब वो फिर मेरी चूत में उँगलियाँ करने लगा… और मुझे अपना लण्ड चूसने पर मजबूर करने लगा…विश्वास रख.

इसी मस्ती के दौरान चाची ने एक बार मेरे कसे हुये चूतड़ों को सहला भी दिया था और बोली थी- तेरे चूतड़ तो बहुत कसे हुये और सख्त हैं!तब मैंने जल्दी से चाची के चूतड़ दबा दिये कहा- हाय चाची, आपके तो बहुत नरम हैं!धत्त, बड़ा शरारती है रे तू तो! और वो छिटक कर दूर हो गई.

फिर मैं अपने पैरों को धीरे धीरे ऊपर करने लगा, उसके पजामे के ऊपर से ही मैंने अपने पैरों से उसके घुटने सहलाने लगा. उस रात तो अँधेरे में कुछ देख नहीं पाया, आज जी भर के देखूंगा भी और चोदूंगा भी!वो शरमा कर पीछे घूम गई.

मेरी जान !”मामा, अपनी भांजी को ‘जान’ कह रहे हो ! इरादे तो नेक हैं ना तुम्हारे ?”मामा थोड़ा झेंप गया।अरी नहीं…. राजा का फरमान”कई भागों में समाप्त …[emailprotected]इन्स्टाग्राम : Vrinda_venusकहानी का अगला भाग:राजा का फ़रमान-3. उन्होंने मुझे कहा- तुझे जाना चाहिए! वो नाराज़ हो जाएगा! हम यहाँ देख लेंगी, कोई बात हुई तो संभाल लेंगी.

पापा मम्मी भी गए हैं ! तुम चिंता मत करो ! तुम बस मेरी चूत को चीर दो !मैंने कहा- नहीं दीदी ! यह तो गलत है, तुम तो मेरी बहन जैसी हो !उसने कहा- क्या भाई क्या बहिन ? यह ज़िन्दगी का असली आनन्द ……. हाआआआ देवर र र र र र जी ईईईईई ईईईई!” मज़े में मेरे चूतड़ भी हिलने लगे और फ़क फ़का कर मैं दुबारा झड़ गई. मैंने योगी के घर पहुँच कर घण्टी बजाई तो आयशा ने घर का दरवाजा खोला और मैं घर के अंदर आ गया.

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की आवाज़ निकली। मैं उसकी गर्दन और कंधे मसल रहा था। वो थोड़ा सा कसमसाई।अब मैंने उसकी साड़ी को उसके वक्ष से पूरी तरह हटा दिया। वो हल्का विरोध कर रही थी. ‘अरे दीदी अपनी जगह है, साली अपनी जगह, फिर तुम आधी घर वाली तो हो ही, तो चुदवाने का हक तो तुम्हें है ही… चल अब मस्त हो जा… चुदवा ले!’ जीजू ने लण्ड घुसेड़ते हुये कहा. अब हम लोग अपने पर कण्ट्रोल नहीं कर पा रहे तो मैंने अपने लंड का टॉप उसकी फुद्दी के मुँह पर लगाया और थोड़ा सा जोर लगाया तो मेरा लंड ऊँसकी चूत में आधा घुस गया और उसके मुँह से एक हल्की सी चीख निकली.

इसलिए मेरा लंड उछल कर एकदम से बाहर निकाल आया और सीधा रागिनी के मुँह के सामने डोलने लगा।रागिनी को इस रूप में देख कर मेरा लंड फटा जा रहा था. गरम और गाढ़ी मलाई से मेरे नितम्ब लिपट ही गए।मैं उठ कर बैठ गई और फिर उसके गले से लिपट गई। मैंने उसके गालों पर एक चुम्मा लिया। उसने भी मुझे बाहों में कस लिया और मुझे चूम लिया। थैंक्यू मेरी जान …. सेक्सी फिल्म वीडियो हिंदी मूवीफ़िर जिन्दगी में ये अवसर कभी नहीं आयेगा भाभी, मैं दस मिनट तुम्हारे साथ इसी बिस्तर पर लेटना चाहता हूं… इन्कार मत करना भाभी…मैं भी एक बार और मजा लूटना चाहती थी लेकिन वक्त बहुत हो गया था… बबलू के उठने का डर भी था सो मैंने देवर से कहा- अगर मुझ पर इतना ही प्यार आ रहा है तो फ़िर कल दिन तक एक बार और मज़े लेकर शाम तक निकल जाना.

5 इंच मोटा है, कसरती बदन है, रंग साफ और इंजीनियरिंग का छात्र हूँ।मैं आज आपके सामने अपनी पहली कहानी पेश करने जा रहा हूँ।बात उस समय की है जब मेरे बड़े भाई की नई-नई शादी हुई थी। जब मैंने भाभी को पहली बार देखा तो देखता ही रह गया। मेरी भाभी का फिगर 34-30-36 है। वो बहुत अधिक सेक्सी लगती हैं। मगर कभी कुछ करने की हिम्मत नहीं हुई.

?” करेन ने मेरे कंधों पर घुमाकर अपने हाथ रख दिये।और जब आज रात इतना सब हो चुका, फ़िर भी तुम यहाँ पर तौलिया लपेटे बैठे हो ?”करेन की इस बात से मैं सहमत था। मैं खड़ा हुआ, तौलिया नीचे गिर जाने दिया और वापस बैठ गया। मेरा लिंग पूरी तरह से उत्तेजित नजर आ रहा था।अब ठीक है?” मैंने कहा।हाँ नग्न ही रहना है तो ऐसे बेहतर है. मैंने अपना लण्ड चाची की चूत पर टिकाया और एक जोरदार धक्का लगा कर आधा से ज्यादा लण्ड चाची की पनियाई हुई चूत पर जड़ दिया। चाची मस्ती और दर्द के मिले जुले आनन्द के साथ चीख पड़ी- फाड़ दी रे बहन चोद तूने तो मेरीईईई… धीरे धीरे कर राजा… तेरा लण्ड बहुत मोटा है रे.

उसने अन्दर कुछ नहीं पहना हुआ था, जैसे ही उसने अपना टॉप उतारा, मैं झट से उस पर टूट पड़ा और वो मेरे सर को पीछे से धक्का दे रही थी जैसे वो मेरे सर को अपने छाती के अंदर घुसा लेगी. तभी भाभी बोली- बहनचोद, अपनी बहन की चूत का भोंसड़ा बना दिया! अब मेरी का भी बनाएगा क्या?फिर भी मैंने कोई रहम नहीं किया और अपने झटके तेज कर दिए. प्रेषक : राजेश अय्यरमेरे प्यारे दोस्तो और देवियो व भाभियो, आपने पहला भाग पढ़ा तो शायद उसमे कुछ झूठ नहीं लगा होगा क्योंकि यह मेरे घर की ही सच्चाई है। अब चाची बिगड़ी हुई है तो बेटियां भी बिगड़ी ही होंगी न ….

पर मैं समझ सकता था कि सबके सेक्स करने का तरीका अलग अलग होता है इसलिए मैंने ज्यादा जोर नहीं दिया.

”रंजू कहते हैं ! है ना?”हाँ ! आपने सही अंदाजा लगाया।” कहते हुए वह मुस्कुराई।उदास चेहरे पर क्षणिक मुस्कान भी अच्छी लगी। मैंने उस मुस्कान में मिठास घोलते हुए पूछा,”क्या मैं आपको रंजू कह सकता हूँ?”ओ श्योर. मैंने उसे कहा- प्रिंसिपल ने मुझे कहा है शिकायत करने को! मैं उसे दबा सकता हूँ पर मेरी शर्त है. मेरी पत्नी रुचि वैसे तो अपनी बहन से बहुत प्यार करती है पर जब भी मैं उसके पास अकेले रहने की कोशिश करता तो मेरी पत्नी उसे कोई बहाना कर अपने साथ ले जाती, शायद वो मेरी नीयत पहचान गई थी.

बफ सेक्सी जबरदस्ती‘तो छबीली… अब चार पांच दिन आराम करो… दोनों के दरवाजे तो खुल गये है, फिर जोरदार चुदाई करेंगे. मैंने चुपचाप अपने कदम लड़कियों वाले बाथरूम की तरफ बढ़ाये, बाथरूम में से हमारे स्कूल की एक मैडम की आवाज आई.

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यह कह कर मैं वहाँ से चल दिया, दीदी भी मेरे पीछे आने लगी, शायद श्यामलाल ने दीदी की छुट्टी कर दी थी. इसे प्यार से चोदो”तो मैंने अपनी रफ्तार थोडी धीमी कर दी और उसको और गरम करने के लिए उसके चूचियों को जोर जोर से दबाने लगा और उसके लबों को चूसने लगा. !!!”हम दोनों ही यौवन की काम क्रीड़ाओं में सारे संसार को भूल चुके थे…मैं धीरे धीरे उसका लण्ड सहलाने लगी… और अब वो जोर जोर से मेरी अमरुद जैसी चूचियों को अपने हथेलियों के भीतर कुचल रहा था… साथ ही साथ उसके होंठ मेरी सीत्कारों को बंद करने के लिए मेरे होंठो को बार बार चूमते, उसकी जुबान मेरी जुबान से टकराती और फिर दौर शुरू हो जाता एक लम्बे चुम्बन का….

वो आ…ह कर उठी और बोली- चू…स खा…ली कर दे! काट! सेब क्या इतने आराम से काटते हैं?यह सुन कर मुझे भी जोश चढ़ गया और मैं जोर जोर से उसके मोमों को चूसने और काटने लगा. अगले दिन यानि 16 जनवरी, 2010 को मैं भाभी के घर गया। वहाँ पहले से उनकी दो सहेलियाँ बैठी थी जो मेरा ही इंतजार कर रही थी …. अगले दिन मुकेश ने मुझसे निगाहे नहीं मिलाई लेकिन मैंने देख लिया था की वो पीछे देखने वाले शीशे से बार बार मुझे घूर रहा है.

वो मेरे पड़ोस में रहने वाली 18 साल की लड़की है जो कक्षा 11 या 12 में पढ़ती है और शाम में कॉलोनी के बाकी बच्चों के साथ छुपा छुपी खेलते समय अक्सर मेरे घर में या आस-पास आकर छुप जाती है. मैं नहीं जानता था कि ऐसा मजा भी होता है! मैं तो बस उड़ रहा था और यह शायद उसे भी समझ आ रहा था इसलिये वो बस आराम से बैठी थी. ‘विपिन, चुप हो जा, बड़ा आया गुड मॉर्निंग करने वाला!’‘इतनी प्यारी और सलोनी गाण्ड का उदघाटन तो करना ही पड़ेगा, भाभी, कर दूँ उदघाटन?’मैं शरमा उठी.

फिर उसका कांपता हुआ हाथ मेरे मम्मे की तरफ बढ़ा और एक ऊँगली से उसने आईसक्रीम उठाई और फिर मेरे मुँह में डाल दी। मैंने उसकी ऊँगली अपने दांतों के नीचे दबा ली और अपनी जुबान से चाटने लगी।उसने खींच कर अपनी ऊँगली बाहर निकल ली तो मैंने कहा- क्यों देवर जी दर्द तो नहीं हुआ. जब भी मन किया मुझे जहाँ मर्ज़ी वहा पटक कर मेरी चूत में अपना लंड डाल देते थे और मेरी जमकर धुनाई करते थे.

हमारे कॉलेज ने किसी कारण से पहले फेयरवेल पार्टी नहीं दी थी मगर उन्होंने हमारे कहने पर एक पार्टी का आयोजन कर दिया और पूरे कॉलेज को उसमें बुलाया.

उसने मुझे जन्नत का मज़ा दिलवा दिया…थोड़ी देर बाद वो मेरे मुँह में ही झड़ गयी… और मैंने उसका पानी हाथ से साफ़ कर दिया और फिर चूत चाटनी शुरू कर दी. राजस्थानी हिंदी में सेक्सी वीडियोभाभी बोली- आज तुझे हम तीनों को चोदना है…मैं बोला- फिर तो आज बहुत मजा आएगा !श्रुति बोली- यार विशाखा ! रोहित तो बहुत मस्त है ! लगता है कि बहुत मजा आने वाला है …मैं बोला- क्यों नहीं जानेमन ! बहुत मजा आएगा. सेक्स सेक्सी व्हिडिओ सेक्सी!मैंने जोर से धक्के लगाये तो दीदी बोलती ही रही- फाड़ दे इसे ! आज मौका है ! तूने मुझे खुश कर दिया तो कल तुझे निशा की चूत भी मारने दूंगी ! निशा और मैं दोनों रात में एक दूसरे की चूत रगड़ती हैं ! चल बना दे इस चूत का भोसड़ा, जैसा मेरी मम्मी का है…मैंने पूछा- तुमने देखा है मम्मी का भोसड़ा ?तो बोली- अरे दिन भर में कई बार दिख जाता है. उनकी बुर को मेरा लौड़ा चूमने को तैयार होने होने लगा…उनकी गुलाबी होंठ ने मेरे होंठो को चूमा…राजू मुझसे कोई प्यार नहीं करता… मुझे कभी प्यार नहीं मिला??मेरे तो परखचे उड़ गए…मेम…राजू मुझे प्यार करो ना… लव मी.

मैंने पूछा- तुमने पहले भी देखा है क्या?तो उसने कहा- हाँ, मेरे स्कूल में मेरा एक बॉयफ़्रेंड है, उसी का देखा है….

अब वो फिर मेरी चूत में उँगलियाँ करने लगा… और मुझे अपना लण्ड चूसने पर मजबूर करने लगा…विश्वास रख. अमित करीब पचास साल के 5 फुट 10 इंच लम्बे हृष्ट-पुष्ट व्यक्ति थे, बालों से भरा उनका सीना उनसे लिपट जाने की दावत दे रहा था. छोड़ दे मुझे… लण्ड को निकाल ले अब…’ पर उसने अनसुनी कर दी और धक्के बढ़ते गए…’मेरे हाथ में अब कुछ नहीं था। मैंने अब अपने को रोहित के हवाले कर दिया.

मैं जीजू से बोली- जीजू, मजा आ गया!जीजू बोले- मजा तो तब आएगा जब तू रंडी की तरह गालियाँ देने लगे!मैंने कहा- मुझे तो गालियाँ आती नहीं हैं. वैसे उसको पहनने का कोई फायदा नहीं था क्योंकि उसमे से सब कुछ साफ़ नज़र आ रहा था और उससे ज्यादा मज़ेदार बात ये थी कि अन्दर पहनी हुई ब्रा और पेंटी भी जालीदार थी. वेदांत : जी मैं और पापा दादी के साथ रहते हैं…!!बातों का रुख मुड़ते देख उसने कहा : अब मैं चलता हूँ देर हो रही है…मम्मी : ओह, ठीक है बेटा, आना ! हैं…?उसके जाते ही… मैंने खीजते हुए कहा : क्या मम्मी.

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दोस्तो, अब ये बताने की ज़रूरत तो शायद नहीं है की मेरे बड़े बड़े बूब्स किसी को भी अपना दीवाना बना सकते हैं. आख़िर ये सारी चीज़ें भी तो हमारी ज़िंदगी में बहुत काम की हैं!सोनिया- अपनी बकवास बंद रखो … मैं कोई घबराती नहीं हूँ बल्कि इन सब चक्करों से दूर रहना चाहती हूँ ताकि अपने काम पर ध्यान दे सकूँ!सुनील- यह भी तो काम ही है आख़िर … इसके बिना जीवन, संसार एकदम बेकार है सोनिया … तो मेरी बात पर अमल करो और मुझे कुछ करने दो … नहीं तो ज़िंदगी भर पुलिसवाली ही बनी रह जाओगी और एक औरत कभी भी नहीं बन पाओगी. मैं चिहुंक उठी…‘ये क्या करते हो जीजू… दर्द होता है…! ‘ मैंने नखरे दिखाते हुये कहा.

दोनों में आसानी से बुला सकता हूँ !!” (फिर नाटकीय ढंग से उसका नाम एक बार प्यार से और एक बार गुस्से से लेकर दिखाओ। वह ज़रूर हँस पड़ेगी)तुम हँसती हुई ज्यादा अच्छी लगती हो ….

उन लोगों ने बताया कि पापा की शूगर थोड़ी बढ़ी हुई है इसलिए हमें थोड़े दिन रुकना पड़ेगा, उसके बाद ही उनकी सर्जरी की जायेगी.

!!!मैं कमरे के भीतर से- नहीं यहाँ कोई नहीं आया, तुम जाओ हम कुछ देर विश्राम करना चाहते हैं. वो भी धीरे धीरे गर्म हो गई, मैंने मौके का फ़ायदा उठाया और उसके चूचे अंदर हाथ डालकर पकड़ लिए और प्यार से हाथ फिराने लगा. हिंदी सेक्सी वीडियो एचडी ब्लूऔर जोर से करो…मैं अपनी स्पीड बढ़ाने लगा और वो आह अह्ह चिल्लाने लगी।और फिर उसने दोनों हाथ मेरी पीठ पर लगा दिए और अपने नाखून मेरी पीठ पर चुभा दिए…मुझे पता चल गया वो झड़ गई है.

उन्होंने पूछा- क्यों?‘आओ तो!’वो नीचे हुई, मेरा लंड उनके मुँह के सामने था… वो तो तड़प रही थी फ़िर भी वो बैठी रही, मैंने लंड को उनके गालों पर रगड़ा… फ़िर होंटों पर रख कर कहा- इसकी चुम्मी लो!वो मेरी तरफ देखने लगी… मैंने उनके सिर को पकड़ा और लंड को होटों पर रगड़ा. चित्रा को थोड़ी चढ़ने लगी जिसके कारण वो अंगड़ाई लेने लगी जिससे चित्रा के चूचों की गोलाई साफ-साफ दिखने लगी जिसे देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया. मैंने मुकेश से कहा- जल्दी करो, आज घर पर कोई नहीं है और मुझे 2-3 घंटे घर पर अकेले रहना है, मुझे जल्दी से घर भिजवाने की व्यवस्था करो.

एक रात शालू को चोदते समय मैंने शालू से कहा- मुझे अमिता की चूत मारनी है!तो वो नाराज हो गई और बोली- उस रण्डी की चूत क्या मेरी से ज्यादा अच्छी है?मैंने कहा- नहीं यार! चल उसे नंगी तो दिखवा दे!तो वो बोली- नहीं!मैं बोला- मैं तेरा पति नहीं हूँ, न ही हो सकता हूँ, यह तू भी जानती है. मैं उठने लगी तो मुकेश ने कहा- कहाँ जा रही हो?मैंने बहाना बनाया कि मुझे जोर से पेशाब लगी है.

कि तभी दो सिपाही आए और मेरे जिस्म से मेरे हाथों को अलग कर अलग अलग दिशा में थाम लिया।मैं नंगी खड़ी जमीन में गड़े जा रही थी!सब मंत्री खड़े होकर मुझ पर थूकने लगे और ठहाके लगा कर हंसने लगे.

छोड़ दे मुझे… लण्ड को निकाल ले अब…’ पर उसने अनसुनी कर दी और धक्के बढ़ते गए…’मेरे हाथ में अब कुछ नहीं था। मैंने अब अपने को रोहित के हवाले कर दिया. मैंने सोचा इससे पहले कि गांड का बाजा बज जाये, मुझे जीजू का लौड़ा चूत में डलवा लेना चाहिए, फटेगी तो फट जायेगी! कम से कम गांड तो सही-सलामत रह जायेगी. जैसे कोई आरी से काट रहा हो… मुझे लगा शायद पेट ख़राब है और टांगों में ज्यादा चलने-भागने की थकान से हो रहा होगा.

भारतीय ओपन सेक्सी वीडियो ’वो अंदर आ गई, मुझे ऊपर से नीचे घूर रही थी, उसकी नज़र मेरे लण्ड पर जा रही थी बार बार. थोड़ी देर वहीं खड़े रहने के बाद नेहा अपने कमरे में चली गई और उसके कमरे का दरवाजा बंद हो गया, जिसकी आवाज़ मुझे अपने कमरे तक सुनाई दी.

वो मेरी गाण्ड चोदता रहा और फिर उसने अपना लण्ड बाहर निकाल कर अपना सारा वीर्य मेरे गाण्ड के गोलों पर निकाल दिया. और जैसे ही मैंने उसके पैरों को फैला कर मेरी जीभ चूत की गुलाबी फांक के अन्दर डाली।‘आह. उसकी ब्रा को नीचे किया तो उसके उरोजों को गुलाबी रंग के चूचुक काफी सुंदर लग रहे थे.

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!?मैं : आपको कैसे पता कि मेरे वहाँ बाल हैं…???मम्मी : मेरे भी हैं… सभी के होते हैं…!!!मैं : पर आप तो वहाँ कंघी नहीं करती…???मम्मी : तू कंघी करती है क्या. ” बॉस परेशानी की हालत में बोल रहे थे- अब अगर हमारा माल रिजेक्ट कर दिया तो बड़ा नुकसान होगा कम्पनी को!हाँ। लेकिन ऑफिसर को पटा क्यों नहीं लेते हैं सर! आप तो उन लोगों को पटाने में माहिर भी हैं!” मैंने हँसते हुए कहा।नहीं सानिया, ये ऑफिसर बड़ा रंगीन मिज़ाज़ है। और लोगों को तो बाज़ार की रेडीमेड चीज़ों से पटा लेता हूँ। लेकिन ये ऑफिसर … मालूम नहीं … क्यों घरेलू चीज़ें ही पसंद करता है. तभी उसने अपनी अंगुली मेरी चूत में घुसा दी और मेरे पास आकर मेरे स्तन उघाड़ कर चूसने लगा.

उस दिन चुदाई में जितना मजा आया उतना फिर कभी नहीं आया … हमने कई बार साथ चुदाई की …. उस वक्त उनको देख कर मेरा लण्ड फिर से खड़ा हो गया और जब चाची बाल सुखा कर आई वो भी मेरे लण्ड को देख कर मेरे पास आकर मेरे गले लग गई और बड़े प्यार से बोली- बताओ ना ? क्या करूँ मैं तुम्हारे लिए ?मैंने कहा- ठीक है, बताता हूँ !चाची से मैंने कहा- जाओ जाकर पहले काले रंग की ब्रा और पैंटी पहन कर आ जाओ और अच्छा वाला परफ्यूम भी लगा लो.

मुझे याद आया… ‘पुष्पा का पुष्प’।मैंने दाएँ स्तन पर से हाथ हटाकर नीचे टटोला। उसकी पैंटी गीली हो रही थी। उंगलियों पर उसकी गर्म चिपचिपाहट महसूस हुई।उत्सुकतावश ही उंगली को नाक के पास लाया। एक अजीब सी गंध… न अच्छी … न बुरी … बस एक बुलावे से भरी, कोई पुरानी याद दिलाती-सी…।मैं उसकी ओर किसी जानवर सा खिंचने लगा। पेट पर चुंबन अंकित करता, पेड़ू की ओर बढ़ता.

4 दिन जयपुर में बिताने के बाद हमें दिल्ली के लिए निकलना था मगर मेरे घरवालों ने मुझसे भाभी की खैर लेने के लिए कहा था इसलिए मैं जयपुर में रुक गया और योगी और बाकी सभी दोस्त दिल्ली निकल गए. मगर भाई! तुम ही बताओ कि ऐसा कभी संभव है?क्या 18 साल की लौंडिया चोदने को मिले और कोई छोड़ देगा, भरपूर चुदाई किये बिना ही?नहीं ना?फिर नीना की चूत को अगले तीन साल तक विनोद अगरबत्ती दिखाता रहा?हाँ, नीना ने ईमानदारी के साथ एक बात जरूर बताई क़ि विनोद का लण्ड देखकर वह डर गई थी. मुझे दर्द हुआ मगर मैंने फिर भी उसका पूरा लौड़ा अपनी चूत में घुसा लिया।मैं ऊपर-नीचे होकर उसके लौड़े से चुदाई करवा रही थी, सुनील मेरे मम्मों को अपने हाथों से मसल रहा था।अनिल भी नीचे से जोर जोर से मेरी चूत में अपना लौड़ा घुसेड़ रहा था। इसी दौरान मैं फ़िर झड़ गई और अनिल के ऊपर से उठ गई मगर अनिल अभी नहीं झड़ा था तो उसने मुझे घोड़ी बना लिया और अपना लौड़ा मेरी गाण्ड में ठूंस दिया.

मैं तो देख कर ही पागल हो गया, मैंने अमिता के होंठों को चूम लिया और उनका रस पीने लगा. पहले तो मैं नीचे दबी हुई इसका आनन्द उठाने लगी फिर खूब दब चुकी तो देखा कि उसका वीर्य निकल चुका था. पर यदि इसे ठीक ढंग से गर्म किया जाये तो यह 8-10 लड़कियों का मज़ा एक ही बार में दे सकती है… इसलिए मैं इसकी चूत, गाण्ड सिलने का आदेश वापिस लेता हूँ और लड़की पर छोड़ता हूँ कि वो मेरी सबसे प्यारी रखैल बनना चाहती है या गली मोहल्ले में नंगी घूमने वाली रंडी? या फिर किसी टुच्चे की रखैल बन कर अपनी जवानी बर्बाद करना चाहती है और नौकरानी बने रहना चाहती है सारी ज़िन्दगी.

शायद पहली बार किसी मर्द का इतना निकट स्पर्श मिला था उसे… वो बोली- माही, प्यार तो मुझे भी हो गया है तुमसे पहली ही नज़र में ! पर यह अभी गलत है.

बीएफ सेक्सी फिल्म बताओ: मैं काफी देर तक सोनम को ऐसे ही देखता रहा, सोनम वैसे तो उस वक्त बुरके में ही थी मगर उसके चेहरे पर से नकाब हटा हुआ था. दीदी के बॉस बहुत ज्यादा घबराए हुए थे शायद उन्हे यह नहीं पता था कि यह चुदाई का कार्यक्रम मैं और स्वाति पहले ही खेल चुके हैं.

) जान क्या रेडी हो ? अब डाल दूं?वो : पूछो मत अब फाड़ दो इसे पर धीरे से करना शुरू में… फकक्क्क मीईईईई प्लज़्ज़्ज़शशांक : लो जान अब ले लो……. मैंने हिम्मत करके अपने सीने पर ब्लाऊज का ऊपर का बटन खोल दिया था, ताकि उसे अपना हुस्न दिखा सकूं. मैंने धीरे से ज्योति के कमरे का दरवाजा खोल दिया, अंदर का नजारा देख कर मेरे अन्तर्वासना जागृत हो गई क्योंकि ज्योति अपने बिस्तर पर सिर्फ ब्रा-पेंटी में सो रही थी जिसे देख कर मेरा लण्ड खड़ा हो गया मगर मैंने अपने ऊपर काबू करते हुए वहाँ से चल दिया और योगी के कमरे में आकर सो गया.

मर गई…आज मेरी भी जन्मों की प्यास बुझ रही थी, मैं भी अऽऽ आय… आआऽऽ आआअ ऊऊऊऊउ… कर रहा था और कह रहा था- साली अब तुझे नहीं जाने दूंगा, तू कितने दिनों से मेरे लंड को भड़का रही थी… साली आज में तेरी माँ-बहन एक कर दूंगा…वो अभी भी चीख रही थी- माय… उ.

आज जब एक बार फिर से मैं अन्तर्वासना की साईट पर गया तो फ़ैसला किया कि एक बार तो अपना अनुभव मैं भी लिखूँ. और यह जलाने को बेक़रार और इस मुक़ाबले में चूत हार जाती है, ठंडी पड़ जाती है मर्द की मनी से भीग कर उसकी प्यास यूँ बुझ जाती है जैसे रेगिस्तान की प्यासी ज़मीन पर बारिश के क़तरे पड़ते हैं… लेकिन मर्द भी कहाँ यह दावा कर सकता है कि वो जीत गया. फिर मैंने ढेर सारा तेल अपने लंड पर लगाया और उसकी चूत में उंगली से अन्दर तक लगाया और फिर से कोशिश की ….