देसी औरत के बीएफ

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बिहारी सेक्सी लड़की का: देसी औरत के बीएफ, शांत होने के बाद चाची बोली- वाह रे कमीने! तू तो बड़ा खिलाड़ी है … कल तुझे अपनी बहन से मिलवाऊंगी।अगले दिन चाची ने अपनी बहन को बुला लिया और हमारा परिचय करवाया। चाची की बहन का नाम पूनम (बदला हुआ) था.

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इसकी हाइट लगभग साढ़े पांच फीट की थी, वो थोड़ी मोटी पर बहुत हॉट लेडी थी. सेक्स सेक्स हिंदी बीएफबस माल मिलने की उम्मीद में मेरे पैंट में तंबू बनना शुरू हो गया, लेकिन मैं कोई भी पहल करने से डर रहा था.

उसने ब्लाउस के सभी 4 बटन खोल दिये और मेरे दोनों कन्धों से उसे उतार दिया. बीएफ फुल फॉर्मकहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा कि मेरी बड़ी दीदी हेतल ने मेरी छोटी बहन मानसी के सामने मेरी जवानी करतूतों की सारी पोथी खोल कर रख दी थी.

रिया पीछे मुड़ते हुए बड़बड़ायी- आह्हह डैडी, बहुत मजा आ रहा है … आह्ह चोदते रहो डैडी, मेरे प्यारे डैडी, मेरी गांड को दिन रात चोदते रहो.देसी औरत के बीएफ: एक काम करो नम्रता, तुम भी अपनी चूत का मुँह मेरे मुँह के पास कर दो, ताकि मैं भी मजा ले सकूं.

मैं तो उसकी बातों को सुनकर एकदम हैरान हो गयी थी कि कोई इंसान इतना बेशर्म कैसे हो सकता है.मेरा मन भी तुमसे मिलने का था, पर उस साले ने पी नहीं रखी थी, दिक्कत ये थी.

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मैंने पढ़ाते समय मैंने कई बार इस बात को महसूस भी किया था कि कोई कोई लड़की इतनी अधिक चुदैल किस्म की आ जाती थी कि उसके करीब से गुजरने पर वो अपने टॉप या कुरते से दूध दिखाते हुए मुझे रिझाने की कोशिश करती.फिर अपने हाथ को उसकी चूत से हटाते हुए कहा- अभी तुम अपनी पेशाब रोक लो.

’ की आवाजें निकल रही थीं- आआह थॉमस फक मी बेबी … हां आह आह्ह चोदो … मुझे चोदो मुझे … आह थॉमस फक मी. देसी औरत के बीएफ लंड पर मीना की जीभ का अहसास पाते ही मैं अपने आपको हवा में उड़ता हुआ पाने लगा.

अब पूरा कमरा, मीना की आनन्दमयी सीत्कारें और मेरे शॉट की आवाजों से गूँज़ रहा था.

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मैंने दीपिका को उल्टा घुमाया और अपना खड़ा लण्ड उसके चूतड़ों में फिट करके सामने से उसके दोंनों मम्मों को पकड़ लिया और जोर जोर से मसलने लगा. मैंने उस लड़की को कैसे चोदा, ये आप इस सेक्स कहानी को पढ़ कर जान जाएंगे. उसे बहुत दर्द हो रहा था, पर पैसों के लालच में पट्ठी अपनी बुर फड़वा ही चुकी थी.

नवरात्रि की रात को गरबा खेलने के बाद जब रुमित, भार्गव, तुषार और मैं जब घर आने के लिए निकले. ” कह कर वसुन्धरा ने अपने दोनों हाथों से मेरा सर नीचे कर के मेरा चेहरा चुंबनों से भर दिया. डॉक्टर- क्या सेक्स करने के बाद तुम बैठकर पढ़ती हो, तो क्या तुम्हारा ध्यान भटकता है? दोबारा सेक्स की तरफ जाता है?मैं- जी डॉक्टर, मैं सेक्स करने के बाद तो खूब दिल लगा कर पढ़ती हूँ और मेरा ध्यान इधर उधर नहीं भटकता है.

उसने 5 मिनट तक मेरे संतरे जैसे होंठों को चूसा और सारी लिपस्टिक व लिप लाइनर छुड़ा डाली. मैंने बिन्दू से कहा- तुम भी कोई बॉयफ्रेंड बना लो?बिन्दू कुछ देर सोचती रही और बोली- आप बनोगे मेरे बॉयफ्रेंड?मैं तो यही चाहता था, मैंने बिन्दू की तरफ देखा और उससे कहा- चलो मैं सोचकर बताता हूँ. जबकि मैं टैक्सी के पैसे चुकाकर इधर-उधर देखते हुए रात के अंधेरे में खाली रोड पर टहलने लगा, जैसा कि मेरे उसके बीच में तय हुआ था.

जब ग्यारह बज गये तो मैंने सोचा कि अब तक जीजू और हेतल दोनों सो चुके होंगे. मेरे पति बने बेटे वंश का लंड पूरा टाइट था, जैसे कोई लोहे का सरिया हो.

कोई 5 मिनट तक उसने मेरी चुत को चूसा और मुझे भलभलाने पर मजबूर कर दिया.

मैं- हम्म …मैं समझ गया कि लड़की चुदना चाहती है, पर इसे लड़के पर विश्वास नहीं है और इसे डर भी लग रहा है.

मेरी इंस्टाग्राम की आईडी है charliejoseph390मेल आईडी है[emailprotected]. मुझे सिर्फ उल्टी होनी बाकी थी, पर अंकल ने मेरे सिर को कस कर पकड़ा हुआ था. पिताजी- अच्छा है हर्षद … खूब दिल लगा कर काम करना … किसी को शिकायत का मौका मत देना.

उस वक्त सुमन किसी रंडी की तरह चुदवा रही थी।इस बार ना तो मेरा … और ना ही हरकेश का निकल रहा था क्योंकि हम दोनों पहले ही एक बार झड़ चुके थे. तब उन्होंने मुझे एक धक्का दिया और साइड करके बोला- अभी नहीं … रात में. वह बहुत हैरान हो गई थी, उसे उम्मीद नहीं थी कि मैं उसके चेहरे पर अपना वीर्य छोड़ दूंगा.

मैंने कपड़े पहनने के बाद भाभी को गोद में उठाया और उसको गाड़ी में बैठा दिया.

मैंने कहा- किस समय फ्री रहते हो?उसने कहा- कल ऑफ है, लेकिन आपके लिए दुकान खोलूंगा. जब दिन इतना उत्तेजक था, तो रात कितनी कामुक होगी … यही सोच कर मेरा लंड उफान मार रहा था. आप समझ सकते हो कि एक जवान होती लौंडिया की छोटी छोटी उभरती चूचियां हर किसी को अपनी तरफ आकर्षित करती हैं.

उसकी आवाज़ काफी ऊंचे स्वर में निकल रही थी, लेकिन आस पास किसी के होने का कोई डर नहीं था. अपने रूम की दुर्दशा और अपनी बेटी को अपने बेड पर नंगी पा कर तो वे मुझे मार ही डालेंगे. नम्रता अपने दोनों पैरों को थोड़ा फैलाते हुए साड़ी को उठाकर कमर पर ले आयी.

तुषार की बात सुनकर मैंने कहा- ठीक है … मैं भी देखती हूँ कि तुममें भी कितना पावर है.

दीपिका कहने लगी- वैसे तो मेरी चूत दुःख रही है परंतु आपका साथ मुझे अच्छा लगा. इस फोरप्ले से नितिन का लंड अकड़ने लगा और सीमा की चूत पानी पानी हो गई.

देसी औरत के बीएफ मैं भी चूतड़ उठाते हुए लंड पेलने की कोशिश करता हुआ बोल रहा था- आह मेरी संगीता डार्लिंग … मेरा ये लंड भी पहली बार किसी की बुर में गया है. फिर उसने अपना लंड चूत से बाहर निकाल दिया … और मेरे पास आकर सीट पर ही मुझे लेकर लेट गया.

देसी औरत के बीएफ पूरे हाथों में मम्मे और चुटकियों के बीच निप्पलों की मसलाई शुरू हो गयी. मैंने नोयडा में रह रहे अपने एक मित्र से बात की, संयोग से उसे भी एक फ्रेशर की जरूरत थी और इस तरह गोलू नोयडा चला गया.

पूरा वीर्य मेरी चुत में निचोड़कर अंकल थक कर मेरे ऊपर लेट गए, मैं भी सेक्स की वजह से चूर हो गयी थी.

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मैंने एक हाथ से अनिल भैया को हटने को कहा और दूसरे हाथ से बेडशीट को कसकर पकड़ लिया. सुधा अपने कपड़े ठीक करके बोली- रात को फिर से मिलेंगे, आज प्लीज़ तुम यहीं पर आ जाना. किस करते समय मैंने उसके चुचे दबाना शुरू कर दिया, इससे वो बहुत गर्म हो गयी.

उसको ऊपर उठाते हुए मैंने उसकी ब्रा को खोल दिया और उसके बोबों को आजाद कर दिया। कुछ देर तक उसके चूचों को मसलते हुए बारी-बारी से चूसा और फ़िर मैंने उसकी पैन्टी उतार दी. मैं बिल्कुल निढाल होकर बिस्तर पर फैल गया और अपनी उखड़ी हुई सांसों को काबू पाने की चेष्टा करने लगा. मुझे बताएं कि आपको मेरी नंगी कहानी कैसी लगी?आपका रमनअगर आप में से कोई महिला या पति मुझसे बात करना चाहता है तो मुझे हैंगआउट पर भी मैसेज भेज सकता है.

उसने मेरा लंड चूत में डालने से पहले पूछा- सर कंडोम लगाना है क्या?मैंने उसकी नशीली आंखों में देखकर कहा- मुझे तो बिना किसी रूकावट के तुम्हें पाना है, तुम अगर मुझे बुरका (कंडोम) पहनाना चाहो, तो मेरे बैग में रखा है.

कैसा पति है मेरा! आज हमारी सुहागरात है और इधर-उधर की बात कर रहा है. वो कभी कभी अपना लंड पूरा बाहर निकाल कर मेरी चूत को चाट लेता था और उसके तुरंत बाद अपना लंड मेरी चूत में डाल कर मेरी चूत को चोदने लगता था. इसका अंदाजा मुझे तब हुआ जब मैं उससे चिपकने के बाद हल्का सा कसमसाई और सरक कर आगे की तरफ हो गई.

उसने साड़ी ब्लाउज पहन रखा था और उसके ऊपर काले रंग की चादर ओढ़ रखी थी. वसुन्धरा जी! आपने मेरे सवाल का जवाब नहीं दिया?”इतनी अच्छी शाम, इतना अच्छा साथ … आप कोई और बात कीजिये न प्लीज़! ” वसुन्धरा का मन नहीं था उस टॉपिक पर बात करने को और ऐसी बातों में ज़ोर-ज़बरदस्ती नहीं चलती. मैंने भी उसके होंठों को अपने होंठों में ले लिया और उसकी जीभ पर अपनी जीभ रख कर उसे अपनी बांहों में लिपेट कर उसकी चूत से निकल रहे रस को महसूस करने लगा.

दो मिनट मैं उसके ऊपर ऐसे ही लेटा रहा, गर्दन, आँखों, कानों पर चुंबन लेने लगा. मेरे मुँह से मीठी दबी हुई आवाजें निकल रही थीं क्योंकि मेरे मुँह में लंड घुसा हुआ था.

उसकी चूत की गर्माहट से मेरे लौड़े का तापमान भी बढ़ गया था और वो भी पिघलने के नज़दीक ही था. मेरी कामुक कहानी का अगला भाग जल्द ही आपकी निगाहों से चुदने के लिए तैयार रहेगा. उसके चूचे बहुत ही मुलायम और बड़े बड़े थे, जिसे मैं अपने पूरी हथेली में भर के सहला रहा था.

कहते हुए उसने मेरे गाल को खूब जोर जोर से खींचा। मैं भी मौके का फायदा उठाते हुए तुरन्त ही उसकी जांघों के बीच में आ गया और अपनी उंगली उसकी चूत की फांकों के बीच चलाने लगा और उसकी पुतिया से खेलने लगा।पुतिया से खेलते-खेलते मैं शुभ्रा की तरफ देख रहा था, अब शुभ्रा सिसकार रही थी, अपने होंठों को चबाये जा रही थी, चूची को दबाने लगी थी, जांघें उसकी फैल चुकी थीं.

मेरे लंड से वीर्य की पिचकारियाँ छूट छूट कर साली जी की चूत में भरने लगीं. दस-एक मिनट बाद वसुन्धरा ट्रे में भाप उड़ाती कॉफ़ी के दो मग ले कर अंदर आयी. सेक्सी साली की जवानी की चुदाई स्टोरी में पढ़ें कि कैसे मैंने अपनी कुंवारी साली की सील तोड़ कर उसे कलि सी फूल बनाया.

पर लखनऊ जैसे शहर में होटल में जाना रिस्क का काम था … कोई भी देख सकता था, जैसे मैंने देख लिया था. मैं अंशु, मेरी पिछली कहानीमुँह बोली साली को पटाकर चोदाआपने कुछ दिन पहले पढ़ी होगी.

मेरी नौकरानी को इस बात का पता भी नहीं चलता था कि मैं अपने बॉयफ्रेंड को अपने घर बुलाकर चुदवाती हूँ. वाह! क्या अहसास था वह … वो काफी देर तक मेरे लंड को मजे लेकर चूसती रही और मुझे भी मजे देती रही. मेरे उंगली चलाने से शलाका सिसयाने लगी और अपना हाथ मेरी पैंट की जिप के पास लाकर जिप को खोलने लगी.

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इतना कह कर मैंने उसके मम्मी की नाइटी पहन ली और उसके पापा के बेडरूम में चली गई.

मैंने अपने मोटे लंड वाले जीजा के साथ कुल मिलाकर 4 बार सेक्स किया था. मैं काफी देर तक उसकी चूत को घूरता रहा और सोचने लगा कि मेरी बेटी की इतनी मस्त चूत … मेरे सामने नंगी!मैं तो जैसे पागल सा हो गया … मेरा लंड कड़क हो गया था. राधिका- धन्यवाद मेरी ननद रानी, चल राज, अब तुम्हारी बारी घोड़ी बनने की है.

वो मुझे और गर्म कर रहा था ताकि मैं उसकी किसी भी बात के लिए उसे रोक ही न सकूँ। और इसी तरह मुझे गुदगुदाते हुये, तड़पाते हुये उसने अपना हाथ मेरे मम्मे से उठा कर सीधा मेरे दोनों जांघों के बीच में फंसा दिया. और रही निचोड़ डालने वाली बात, तो प्रतिभा जबसे तुम्हें देखा है … बस एक ही ख्वाब देखा है कि कब मौका मिले और मैं तुम्हें अपने प्रेम रंग में नहलाकर सराबोर कर दूं. बिहारी के बीएफअनिल भैया- बस इतना ही दम था … या अभी कुछ और बची है … अबे शेर का बच्चा है तू … कुछ भी नहीं हुआ.

मेरा नाम जिग्नेश है और में गुजरात के एक शहर में अपने पापा के साथ रहता हूं. उफ्फ्फ 8 इंच का लंबा काला लंड देख कर मेरी आंखें तो फटी की फटी रह गईं.

फिर मैंने भाभी की चूत में ही अपना पानी निकाल दिया और कस के भाभी से चिपक गया. भाभी बगल में चारपाई पर लेट गईं, जिससे भैया बाहर जाकर और लोगों के साथ सो गए. मैंने अपना बायां हाथ वसुन्धरा के सर के नीचे लगाया और झुक कर अपना दायां हाथ वसुन्धरा के दोनों घुटनों के पीछे से घुमा कर उसको अपनी गोद में उठा लिया.

अपने रूम की दुर्दशा और अपनी बेटी को अपने बेड पर नंगी पा कर तो वे मुझे मार ही डालेंगे. दीपिका कहने लगी- वैसे तो मेरी चूत दुःख रही है परंतु आपका साथ मुझे अच्छा लगा. वैभव ने खुशी से ये वादा भी किया कि वो एक बारे संदीप से नार्मल मीटिंग कराएगा.

फिर अपना तना हुआ लौड़ा उसके छेद पर लगाया और उसके चूतड़ों को अपनी तरफ खींचते हुए अपना लंड उसकी गांड में घुसा दिया.

ये कहानी बस दो साल पहले की है, जब मैं कॉलेज के लिए रोजाना मुज़फ़्फ़रपुर से सीतामढ़ी ट्रेन से आना जाना करता था. मैंने बोला- पिताजी आप क्यों रो रहे हैं?पिताजी बोले- नहीं हर्षद, ये ख़ुशी के आंसू हैं.

मेरे आम इतने सेक्सी और कामुक थे कि चोदने से पहले ही कोई मर्द झड़ जाये. बॉस मुझे बहुत वासना भारी निगाह से देख रहे थे और मैं सर झुका के खड़ी थी. विशाल के शब्द:मुझे ज्यादा कुछ बनाना नहीं आता, लेकिन मैं कुछ डिशेस बना लेता हूँ जैसे कि ऑमलेट एंड कॉफी.

उसके मुँह में पेंटी डाली होने के कारण गूं गूं की ही आवाज बाहर आ रही थी. सरोज कभी साड़ी पहनती, कभी सलवार कमीज़, तो कभी स्कर्ट टॉप पहने रहती थी. मेरी चूत में गजब की सुरसुरी मच रही थी मुझे लग रहा था कि मैं बस अब आई कि अब आई.

देसी औरत के बीएफ तभी तुषार बोला- अरे भार्गव … तुम आशना का मोबाइल चार्ज कर रहे हो या आशना को चार्ज कर रहे हो … अच्छा बच्चू … अकेले अकेले मज़े लिए जा रहे हैं!उन दोनों के आ जाने पर मुझे बहुत शरम आने लगी. वह भी झड़ चुकी थी और उसके 1 मिनट के बाद ही मैंने भी अपना माल उसकी गांड में उड़ेल दिया।1 घंटे तक चली इस चुदाई में हम तीनों ही पस्त हो चुके थे और तीनों बिस्तर पर गिर गए.

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फिर 6 महीने बाद मुझे वापस अपने घर आना पड़ा और पूनम से फिर कभी मिलना नहीं हुआ. इस आधे-पौने घंटे ने वसुन्धरा के व्यक्तित्व में आमूल-चूल परिवर्तन कर दिया था, एक स्त्री को स्त्री वाला अंतर्मन दे दिया था. बस ठीक उसी समय एक बार फिर नम्रता का फोन बजा और साथ ही मेरा फोन बजा.

मैंने पूछा- क्या है?नम्रता बोली- आज मैं अपने आपको आजाद पंछी पा रही हूं. मैंने भी उनकी आंखों में प्यार से झांकते हुए कहा- चाहिए तो बहुत कुछ है लेकिन अभी सिर्फ चाय ले आइए. बीएफ सेक्सी एचडी गुजरातीथोड़ा सा गाण्ड में भी कर देते तो मज़ा आ जाता।रमेश- तेरी चूत से कौन सी कोल्ड ड्रिंक बाहर आई है साली कुतिया? वो भी गर्म ही थी और तेरी गाण्ड में सूसू करने वाली इच्छा भी दोबारा मैं पूरी कर दूँगा।वो बोली- डैड आपकी पूरी जाँघें और पेट सूसू से सन गया है.

उसकी बुर तो बहुत ज्यादा टाइट थी, लंड को उसकी बुर के अन्दर जाने में बहुत मेहनत करनी पड़ रही थी.

मुझे तो उसकी चूत की आदत पड़ गयी थी, इसलिए उसकी शादी के बाद उसके बिना मुझसे रहा नहीं गया. भैया घर में अकेले थे तो मैं वापस अपने घर आने लगी तो भैया मुझसे बोले कि तुम अकेले में मुझसे बात नहीं करोगी क्या?उनकी यह बात सुनकर मैं भैया के घर रुक गयी और हम दोनों बात करने लगे.

उसके चेहरे पे बहुत मासूमियत थी और हवा से उड़ उड़ के बाल बार बार उसके फेस पे आ रहे थे. अमेरिका में काफी व्यस्त जिन्दगी हो जाती है मेरी इसलिए काफी समय के बाद मैं ये अपनी नयी और रीयल सेक्स स्टोरी लिख रहा हूं. फिर तो जैसे मुझे इसकी आदत ही लग लग गई और जब भी मुझे कोई सेक्स कहानी ज्यादा अच्छी लगती, तो उसकी लिंक मैं सुमन और खुशी को भी सेंड कर देती थी.

तब जाकर हमने सांस ली और 5 मिनट के बाद हम दोनों एक दूसरे से अलग हो गए.

सोच कर मैंने लंड को आधा ही बाहर निकाला था कि चाची ने मुझे फिर से अपने ऊपर खींच लिया और मेरे लंड से वीर्य छूट पड़ा. जब वो मेरे बदन के साथ चिपक कर लगी हुई थी तो मेरे अंदर की हवस और ज्यादा जागने लगी थी. और इस बात से आप अपने पापा से नाराज़ हो कर उनसे बात नहीं करती, अलग रहती हैं, शादी ना करने की ज़िद पर अड़ी हैं.

विदेशी बीएफ चोदा चोदीफिर जब मैं बाथरूम से बाहर आई, तो वंश मुझे देखता ही रह गया मुझे!उसके बाद हम दोनों बातें करने लगे. अचानक बाली रानी ने जीभ की नोक सुपारी के छेद में घुसाने की कोशिश की.

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पापा ने मुझे पार्सल, जो वाचमैन ने दिया था, को लेकर एयरपोर्ट आने को कहा. फिर मैंने कपड़ा बोला तो उसने चूतड़ टिका कर गांड ऊपर उठा दी और मैंने लंड पूरा निकाल कर उसकी चूत में पूरी ताकत से मार दिया. हम दोनों एक दूसरे को लिप किस कर रहे थे, साथ ही मेरे हाथ मीना के बदन पर जगह जगह फिसल रहे थे.

फिर कुछ देर तक वो मेरी पीठ और बालो को सहलाते रहे और मैं उनकी पीठ और चूतड़ को सहलाती रही. मैंने लुंगी में हाथ डालकर जांघिया को नीचे कर दिया … और लंड को आजाद कर दिया. कुछ ही पल के बाद रंजना निढाल होकर लेट गई।अभी मेरा पानी नहीं निकला था.

धड़ाम … धड़ाम!!!! इतनी ज़ोर की आवाज़ आयी कि जैसे बिजली सामने सड़क पर ही गिरी हो. उसने पिंकी पर दया करते हुए उसकी चूत पर लंड टिकाया और फिर किसी प्रकार का रहम किए बिना एक बार में ही आधा लंड अन्दर कर दिया. उसकी चीख निकलने ही वाली थी कि मैंने अपने एक हाथ से शलाका का मुंह बंद कर दिया और एक हाथ से उसकी दोनों चूचियों को बारी-बारी से मसलने लगा.

मुझे लगा शायद मौसी पेशाब करने गयी होंगी और मैं उनके आने का इंतजार करने लगा. मैं अनजान बनते हुए बोली- कब और क्यों?दीदी बोली- इसलिए तो पूछ रही हूं ना कि तुम दोनों का सेक्स रिलेशन कैसा है.

अचानक चाची ज़ोर से मेरे लंड को दबाती हुई बोलीं- राहुल और तेज़ कर …मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी.

मैंने नम्रता को कपड़े पहनने से मना किया और थोड़ा सा दूर खड़े होने के लिए कहा. बीएफ देवर भाभी की चुदाईमैंने देखा कि हम दोनों के इस हमले से सुमन का पूरा बदन लाल हो चुका था. बीएफ हिंदी चालूनम्रता- देखो डायनिंग टेबल पर … मैं पहले से ही मेरी झांटों को तुमसे शेव कराने के लिये सामान रख चुकी हूं और साथ में तुम्हारी लायी हुई बियर भी है, अब तुम जो पहले करना चाहो. इस बात पर उसने एक कातिल स्माइल दी और मैं जान गया कि काम जल्दी ही बन जायेगा.

बिन्दू- लेकिन आप प्लीज ये दोनों ही बातें मेरी मम्मी को नहीं बताना वर्ना वो मेरी जान निकाल देगी.

फिर उसने मुझे खुद ही धक्का देकर नीचे गिरा लिया और मेरे खड़े हुए लंड पर बैठ कर उछलने लगी. उसने कहा- तुम्हें नहीं पता, तुम्हारी हर चीज़ मेरे लिए कितनी कीमती है. मैंने झट से अपना हथियार निशाने पे लगाया और धीरे से एक झटका लगा दिया.

नम्रता ने बिना कोई हड़बड़ी दिखाये, मेरे लंड को चाटकर साफ किया और फिर शीशे के सामने खड़े होकर चेहरे पर लगी मेरी मलाई को उंगली से लेकर चाट चाट कर अपना चेहरा साफ कर लिया. दस-एक मिनट बाद वसुन्धरा ट्रे में भाप उड़ाती कॉफ़ी के दो मग ले कर अंदर आयी. उन्होंने इतनी जल्दी मेरे सारे कपड़े उतार दिए कि मुझे कुछ पता ही ना चला.

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वो पहले तो वो जोर से चीखी- आइइइ इइइइइ … इइउइइ इइइ … आह हहह हहह … आहआहहहह हहह!उसे मेरी इस हरकत से काफी दर्द हुआ जिससे मुझे सुकून मिल रहा था. फिर हम तीनों ने एक साथ शावर लिया और मैंने शावर में ही जूली को किस करना शुरू कर दिया. मैं मूवी का बोल रहा था, जबकि वो कह रही थी कि होटल में रूम ले लेते हैं.

बहुत मज़ा आता है किसी हसीन, सेक्सी लड़की को लौड़ा चूसते हुए के नज़ारे से.

फिर भार्गव कपड़े उठाकर बाहर निकला और अंधेरे में कपड़े पहनने के बाद रुमित के साथ आगे चला गया.

मेरा खाना पीना कैसे होगा, इसको लेकर अम्मी के लिए ये काफी चिंता का विषय बन गया था. मैंने अपनी कहानी के पिछले भागों में बताया कि कैसे मैंने अपने बेटे को पटाया और उसके साथ अय्याशी की. एचडी बीएफ सेक्सी मेंरिया की गांड में एक मस्त मीठा मसाला तैयार हो रहा था। रमेश ने उसकी पैंटी निकालकर अपने गले में डाल ली.

वो गर्म मूत पूरा मेरी गांड के अन्दर नहीं जा रहा था, कुछ बूंदें ही मेरी गांड के कोमल हिस्से पर लग रही थीं. रीना जो विक्रम की भाभी थी, वो राजवीर से पहले विक्रम की गर्लफ्रेंड रह चुकी थी. फिर उसने मेरी तरफ गर्दन घुमाई और फिर एकदम जोर से ठहाका मारकर हंस पड़ी.

इसलिए अब तो जो माल मिले उसको उसके हिसाब से चोद सकता हूँ।मैं काफ़ी समय से अंतर्वासना का लेखक रहा हूँ. आधा घंटे बीतने के बाद मैंने उसके शरीर पर चुटकी से काटा और उसके पेट पर हाथ रखकर चैक किया कि वह मेरा हाथ हटाती भी है या नहीं.

मैंने अपनी नाक उसकी नाक पर धीरे से लगाना शुरू किया और अपने दोनों हाथ उसे उसकी कमर को पकड़ लिया.

मन करता कि उसको पटक-पटक चोद दूं लेकिन मैं नीचे लेटा हुआ था और जूली को अपने मन की हसरत पूरी करने का पूरा मौका दे रहा था. एक दिन हम दोनों घर में अकेले थे और एक दूसरे से बातें करते करते हम दोनों लोग सेक्स वाली बातें करने लगे. अभी तक आपने पढ़ा कि लखनऊ के होटल के कमरे में पहली बार चुदने वाली डॉली उसके बाद मेरे घर पर और फिर अपने घर पर चुदाई का आनन्द ले चुकी थी.

सेक्सी बीएफ की वंश को दूल्हे के रूप में देख के लग रहा था कि इससे एक बार अभी ही चुद जाऊं, उसके बाद शादी करूं, पर वंश ने मेरी भावनाओं को समझते हुए मुझे रोक लिया. उनकी चूत एकदम गीली हो चुकी थी और चूत के पानी की वजह से झांटें भी भीग चुकी थीं.

तो दोस्तो, मेरी सेक्स कहानी कैसी लगी, आप सभी के मेल के इंतजार में आपका अपना शरद सक्सेना. मैंने उनका गाउन उतार दिया और भाभी मेरे सामने ब्रा और पैंटी में आ गई थीं. एकदम से एक तेज़ गर्म लहर मेरी रीढ़ से आर पार गुज़री, मेरे मुंह से एक ज़ोर की सीत्कार निकली और मैं झड़ा.

डॉटर्स डे

वो भी चुदाई की प्यासी थी और मैं उसकी गुलाबी चूत को चोदने के लिए बेसब्र था. बस फिर क्या था, लंड महराज ने नम्रता की गांड की घिसाई करना शुरू कर दिया. उम्मीद है कि हमारी यह सत्य घटना आप लोगों को पसंद आई होगी।[emailprotected].

कोई कमी नहीं रहने दूंगा। अपनी रंडी की हर ख्वाइश पूरी करेंगे। तेरी गाँड ने पहले से ही लण्ड को जकड़ रखा है, जैसे उसे अंदर खींच रही है. उसने भी अपने दूसरे हाथ का पाना नीचे गिरा दिया और मेरे हिप्स पर अपने दोनों हाथ ले आया और जोर जोर से घुमाने लगा, उसकी उंगलियां मेरी गांड की दरार में, कभी-कभी मेरी गांड के छेद को छेड़ रही थी.

कुछ देर लंड चलाने के बाद उन्होंने खुद को मेरे नीचे लिटाया और खुद मुझे लंड पर हिलने को कहा.

ऊऊऊऊं … मम्मय्मम … की आवाजें निकाल रही थी।दस-बारह जोरदार चपत लगाने के बाद मैंने लिफ्ट चालू कर दी और उसे लिफ्ट की दीवार में चिपका कर उसकी पीठ पर किस करने लगा. ये हॉट सेक्स स्टोरी इन हिंदी एकदम सच्ची है, जो अभी थोड़े महीने पहले ही मेरे साथ घटित हुई थी. इधर मेरा माल निकलने वाला था, मैं भी अपने आवाज को रोककर चिल्ला रहा था.

वैसे मैंने उसे अभी तक एक बार भी नहीं चोदा था पर मुझे उम्मीद थी कि मौक़ा मिला तो वो मुझसे चुद जायेगी. मुझे पहले लड़कों से बात करने में डर लगता था, लेकिन मेरी सहेलियां अपने बॉयफ्रेंड लोग से ठीक से बात करती हैं, तो मैं भी लड़कों से ठीक से बात करने लगी. दीपाली और वो दूसरी लड़की ल़ेडीज कम्पार्टमेंट में चढ़ गए और मैं जेंट्स मैं.

उनका वो लंबा काला लंड फन निकालकर खड़ा था, उनके लंड के इर्द गिर्द भी घने घुंघराले बाल थे.

देसी औरत के बीएफ: अब आगे:राधिका ने अपना गिलास खाली करते हुए कहा- सोनल, अब तुम अपने भाई का लंड चूसो. जैसे ही मैं सीधा खड़ा हुआ तो मैंने पाया कि वसुन्धरा ने अपनी आँखें कस के बंद कर रखी हैं और उसकी साँसों की गति अस्त-व्यस्त है.

आज मैं अपनी कार सेक्स पोर्न स्टोरी वहीं से शुरू करती हूँ जहां मैंने अपनी पिछली सेक्स कहानी ख़त्म की थी. तो मैंने झटपट पहले उसका मोबाइल नंबर अपने मोबाइल में सेव करके उसे मेसेज किया- हाय!उसने रिप्लाई किया- कौन है?तो मैंने थोड़ा चांस मारते हुए कहा- तुम्हारा दोस्त!फिर उसने सवाल किया- ये कौन सा दोस्त है जिसे मैं जानती नहीं और पहचानती नहीं हूं।मैंने झट से रिप्लाई किया- पहचान बना लेते हैं, इसमें हर्ज ही क्या है. कहते हुए उसके चूचों पर मैंने अपने हाथ रख दिये और दबाने लगा।कमरे में खामोशी सी छा गयी थी और हम दोनों के होंठ आपस में मिल गये थे। थोड़ी देर तक हम दोनों एक-दूसरे के होंठों को चूसते रहे.

जब भी वह उठती तो उसकी तनी हुई चूचियां देख कर मेरे लंड में वासना की एक लहर सी उठ पड़ती.

वो मुझे पकड़ कर बोली- आह … बहुत मजा आ रहा है यार … और तेज करो … फक मी फास्ट. मेरे चेहरे का रोष देखकर शुभ्रा ने मेरा हाथ पकड़ लिया और बोली- मैं तुम्हें प्यार में मायूस नहीं करना चाहती. अब ये सब तुम्हारे दोस्त पर निर्भर है कि वो तुम्हारे साथ कैसे सेक्स करता है.