अपना बीएफ

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देसी चुदाई बीएफ चुदाई: अपना बीएफ, अब चौंकने की बारी मेरी थी, मैं वहीं बिस्तर पर बैठ गया और बोला- ठीक है.

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वैसे भी मैं अपने कॉलेज का हीरो था, पर मैंने अब तक कभी किसी लड़की को भाव नहीं दिया. सेक्सी मूवी २०२२चूमने के कारण उन्हें गुदगुदी होने लगी, तो वो अपनी कमर ऊपर नीचे करने लगीं.

दोस्तो, मैं हर्षद एक बार पुन: अपने दोस्त और उसकी बीवी के साथ वाली इस सेक्स कहानी में आपका स्वागत करता हूँ. सेक्सी एक्स एक्स एक्स वीडियो चुदाईउस रात फिर मैंने अपनी रूबी दीदी को 2 बार और चोदा और उसके बाद घर पर भी जब हमें मौका मिलता, मैं उसको जोरदार तरीके से चोद देता.

मेरी इस कहानी में चार लोग है, निखिल उम्र 20 साल, मीरा उम्र 38 साल, रितेश उम्र 40 साल और रीमा उम्र 21 साल.अपना बीएफ: प्रिया- हां भैया … दिखाओ मत, पूरा डाल दीजिए इसे … और खूब प्यार रगड़ दीजिए मुझे!मैंने प्रिया की दोनों टांगें खोलीं और उसकी चूत की फांकों में लंड सुपारा फंसा कर धक्का दे दिया.

मेरा घर तीसरी मंजिल पर था, तो वो मुझे सहारा देकर मेरे रूम तक ले आए.फिर मैंने एक और झटका मारा और अपना पूरा लंड उसकी चूत में अन्दर तक डाल दिया.

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वो मुझसे पूछने लगी- वो क्या सरप्राइज है?मैंने कहा- तुमको पता लग जाएगा, बस इतना जान लो कि एक नहीं, दो सरप्राइज हैं.अल्लाह! क्या उजला शरीर था जूली का … उम्म्ह … अह्ह … हाय … याह …! मैं टकटकी लगा कर उसके रोशन बदन को देखता ही रह गया! क्या चूचियाँ थीं! चूचियों पर पर काले रंग की छोटी सी निप्पल थीं।मैंने उसे प्यार से उठाया और साड़ी उठा कर ओढ़ा दी.

ऐसे ही प्यार से … हां, ऐसे ही! ओह … खा जाओ मेरी बुर को, चूस लो इसका सारा रस!उसके मुख से लगातार सीत्कारें निकल रही थीं, मुझे भी उसकी सीत्कारों को सुन कर बहुत ही मजा आ रहा था और साथ ही डर भी लग रहा था कि कहीं कोई आ न जाये, पर ये दोनों लगे हुये थे अपनी कामवासना की सैर करने में. अपना बीएफ आनन्द के मारे अपने आप ही आंखें बंद हो गईं और मुँह से आनन्दमयी सीत्कारें फूट पड़ीं.

मैंने भाभी से पूछा, तो भाभी बोलीं- जानू मेरा पानी शुरू से ही बहुत ज्यादा छूटता है … और आज तो मैं जीवन में पहली बार लगातार दो बार झड़ी हूँ.

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मैंने बहुत देर तक तो कुछ नहीं किया फिर मुझे लगा कि बहन गहरी नींद में सो रही है तो मैं धीरे-धीरे अपने हाथ को ऊपर की तरफ ले गया और धीरे से उसकी बायीं चूची पर रख दिया और थोड़ी देर तक बिल्कुल हिलाया नहीं।जब मुझे यकीन हो गया कि वो गहरी नींद में सो रही तो मैं धीरे-धीरे उसकी चूचियों को दबाने लग गया. मेरी बीवी मुझसे सुबह चुदवा लेती है क्योंकि मेरी बीवी को मेरा जल्दी सुबह खड़ा हुआ लंड बहुत पसंद है. मैंने उसकी बुर में अपनी उंगली डाल दी तो वह जोर से चीख पड़ी ‘आआआह हहहह.

मेरी जवानी की कहानी के दूसरे भाग में आपने पढ़ा कि मेरी चूत में उंगली करने के बाद सर ने मुझे पेपर करने की परमिशन दे दी थी. मैंने पूछा- आप कौन?तो भाभी ने अपना बताया- देवर जी मैं आपकी पड़ोस वाली भाभी बोल रही हूँ. इसके बाद मैं बेमन से बिस्तर से उठी, जबकि मेरा अभी भी चुदवाने का बहुत मन कर रहा था.

क्या पता कितनों से चुद कर आई हो। मैंने उसके बालों को पकड़ कर अपना लंड उसके मुंह में ठूंस दिया और उसके मुंह को जोर जोर से चोदने लगा. फिर मैंने भी खुद को ढीला छोड़ पैर ऊपर उठा दिए मैं भी उल्टा घूमने लगा. उसने झट से दुबारा से मुझे अपने पास खींच कर मेरा एक हिप्स अपनी जांघ पर रखवा लिया अब मैं आधी उसकी गोद में बैठी थी.

मेरा लिंग वसुन्धरा की योनि में करीब डेढ़ इंच प्रवेश कर चुका था कि वहीं अटक गया. मैंने कहा- चूस कर प्यार नहीं करोगी भाभी!भाभी तो जैसे लंड चूसने को मरी जा रही थीं.

ज़रुर वसुंधरा ने साइडों से अपना लहँगा ढीले हाथों से पकड़ रखा होगा, नाड़ा कटते ही लहँगा वसुंधरा के पैरों में ऐसे गिरा जैसे किसी मूर्ति के अनावरण समारोह में मूर्ति का पर्दा नीचे गिरता है.

जैसे ही मेरे होंठ उनकी चूत के पास पहुंचे, मैंने अपने होंठों से उनकी चूत के नीचे के होंठों को चूम लिया.

फिर बातें करते-करते दोनों नीचे चली गईं और मुझे (बाथरूम में कमोड पर बैठे हुए) वहाँ से मुक्ति मिल गई. मैंने उसे काफी बार वीडियोकॉल पर देखा था पर आज तो वो अलग ही रूप में थी. आप अपने दोनों पैर उठा कर लंहगे के बीच में रख दीजिये और खड़ी हो जाएँ और मैं लहंगा ज़मीन से उठा कर आपकी कमर तक लाकर एडजस्ट कर के नाड़ा बाँध देता हूँ … ठीक है?”वसुंधरा ने सर नीचा किये-किये ‘हाँ’ में सर हिलाया, अपने पैरों से बैली उतारी और जाकर कुर्सी पर बैठ गयी.

उसने मुस्कुरा कर मेरी छाती में दोनों हाथ से हल्के हल्के मुक्के मारे. मैं रोज उसके घर जाता और हम बात करते लेकिन कोई भी मौका नहीं मिला। फिर एक दिन चाचा-चाची कहीं शादी में गए थे और दूसरे दिन आने वाले थे और मुझे घर सोने के लिए बोल दिया. सस्स्स … क्यों तड़पा रहे हो?” मैं सेक्सी आवाज में बोली- चोदो न मुझे!डार्लिंग … करेंगे ना आने के बाद … तुम चाहती हो, तो शेविंग के बाद चुत को अच्छे से चूस देता हूं … तुम भी खुश और मुझे भी थकान नहीं होगी.

मैंने बोला- कोई बात नहीं, यह कितने बजे उठती है, उस टाइम मैं चाय बना कर ला दूंगा.

बाद में मैं जब उठी, तो देखा कि मेरी सहेली का भाई मेरी चूत को चाट रहा था. मुझसे क्यों शरमा रहे हो? अभी तो हम दोनों के अलावा यहाँ पर कोई भी नहीं है. मैं- चलिये तो फिर आप मुझे अपनी इच्छा बता दो, हो सकता है कि आपकी इच्छा पूरी करने में मैं आपका साथ दे दूँ.

उम्म्ह… अहह… हय… याह… वो दर्द के मारे रोने लग गयी, उसकी आंखों में आंसू और मुँह से झलकती पीड़ा से साफ पता लग रहा था कि बहुत डर रही है. कुछ तो करो मालकिन, मेरा मन शांत नहीं हो रहा है, वर्ना मैं छत पर से कूद जाऊंगी!मैंने उसे झिड़कते हुए कहा- शांत हो जा पगली. रितेश ने उसको पेट के बल लेटने को कहा और बोला कि मैं चादर के अन्दर से ही हाथ डाल कर ये क्रीम लगा देता हूँ.

मैंने उसकी चूत के दाने को जैसे ही सहलाना शुरू किया, वैसे ही निशा की सांसें तेज होने लगीं.

जब पापा के लंड का टोपा मेरी चूत की गहराई में जाकर लगता था तो मैं पापा को अपने ऊपर खींच लेती थी. अमीषी भी पूरी मस्ती में अपने पैर मेरी कमर पर लेकर ‘अअअह अअअह अअअओह … आप पहले क्यों नहीं मिले … इतना मजा मुझको पहली बार मिला … अअअअअ ईईई ओईई … डालते रहो डालते रहो … फ़क मी फ़क मी.

अपना बीएफ वो अब और घबरा गई और अब उसे अहसास हुआ कि मैं उसके सामने नंगा खड़ा था और उसके हाथ में मेरा लौड़ा था. देखता हूँ तुम जैसी लड़कियाँ कैसे पास होती हैं फिर!” सर ने गुर्राते हुए धमकी दी और मेरी कमीज़ के अंदर हाथ डाल कर मेरी चूचियों को मसलने लगे.

अपना बीएफ मुझे देख कर उन्हें थोड़ा शॉक लगा और हड़बड़ाते हुए उन्होंने मुझसे कहा- अरे सोनू, तुम कब आए?मैं- अभी 5 मिनट पहले ही आया, कोई दिखा नहीं, तो यही रुक कर इंतजार करने लगा. अन्तर्वासना पर यह मेरी पहली सच्ची कहानी है जो मैं आपको बताने जा रहा हूँ.

मैंने आवाज बदल कर मम्मी से पूछा- क्या मैं आपको अच्छे से चोद रहा हूँ?मां बोलीं- यस मेरे राजा.

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तभी साली बोली- जीजू नहाने जा रहे हैं क्या?मैंने कहा- हां, तेरी दीदी का वेट कर रहा था. हां यार, जब अंकल जी मुझमें झड़े तो पता नहीं क्यों एक बार फिर से मुझे मस्त मजा आया और मैं फिर से झड़ गयी थी. मैं सोचता था कि यदि मुझे ऐसी मशीन मिल गई तो मैं सबसे पहले अपने भूतकाल में जाकर अपनी मम्मा को पटाऊंगा और उन्हें बहुत मजे से चोदूंगा.

मैंने उससे कहा- आपके पापा को बोलो कि अगर आप मेरे पास कार्ड देने आते हो, तो मैं आपकी शादी में आऊंगा. अब तो उसको इस बात की चिन्ता भी नहीं रहती कि नम्रता को मजा आया कि नहीं. अब रितेश ने अपने हाथ से क्रीम के ट्यूब से क्रीम ली और मीरा की कमर में पर लगाना शुरू कर दी.

तीन महीना बीतने को हो रहा था और हम लोग एक-दूसरे से ज्यादा घुल मिल चुके थे.

एक रात मैंने सपना देखा कि मैं निक के रूम पे बिल्कुल नंगी हूँ और उसका बड़ा लंड चूस रही हूँ. मैं अपने पति का चूत रस से लिपटा हुआ लंड पूरा अपने मुँह में लेकर चूसने लगी थी. कुछ देर बाद जब वह नॉर्मल हो गई तो उसके बाद मैंने लंड को बाहर निकाला.

इधर हमें ये सब करते काफी समय हो चुका था, पर वक़्त की परवाह किसे थी. इतने में मम्मी एक बार तेज ‘आह … उह गई गई …’ की आवाज के साथ पानी छोड़ने लगीं. मैंने सोनम को थैंक्स कहा और उस पल से इतनी खुश हो गई कि मेरी रात करवट बदलते सपनों में खोए हुए गुजर गईं.

फिर जीजू ने धीरे धीरे अपने लंड को मेरी चूत में भीतर बाहर करना शुरू कर दिया और धीरे-धीरे अपनी प्यारी साली को चोदने लगे. मैं मायरा के रूम में गया तो मायरा ने बायोलॉजी की बुक निकाली और बोली- भैया, मुझे ये समझना है कि बच्चा कैसे बनता है.

विलियम लगातार अपने कड़क लण्ड को मेरी रसीली गीली चूत पर रब कर रहा था और अपना लौड़े का टोपा मेरी चूत की फांकों के अंदर डालकर उसको अंदर से भी रब करने लग गया. कमेंट और मेल में अपने विचार बताएं, अच्छा रिस्पॉन्स आने पर मैं आपको अपनी जिंदगी में आई और लड़कियों की कहानियां भी बताऊंगा. फिर उन्होंने मुझसे मेरी पिक मांगी और मेरी नंगी गांड देखने की इच्छा जाहिर की.

मैंने अपने घर की बालकनी से देखा कि परी के घर में उनके बाथरूम की लाइट ऑन थी.

प्रिय मित्रो, आपने मेरी पिछली कहानीमम्मी को दीदी के ससुर ने चोदापढ़ी और पसंद की. हालांकि वह मुझे छोड़ चुका है इसलिए मैं अब किसी और से कोई दोस्ती नहीं करन चाहती हूँ, दिल टूट जाता है. मेरे पापा का लंड दीपक के लंड की तुलना में मोटा भी अधिक था जो मेरे मुंह में भी ठीक ढंग से नहीं आ पा रहा था.

मैंने अपनी जीभ को होंठों पर फेरा और उसकी तरफ देखते हुए कहा- मजा आ गया. एक पेग पीने के बाद मैंने उनसे कहा कि वो बैठकर इंजॉय करें और मैं तब तक तैयार होकर आ जाती हूं.

”जान एक काम करो ना … तुम पूरे कपड़े उतार क्यों नहीं देती … और फिर मुझे याद करके चालू हो जाओ … हा हा हा …”तुम्हें मस्ती सूझ रही है … खुद तो एसी में बैठे हो … और मुझे नंगी बैठने को बोल रहे हो … और क्या करूँ नंगी हो कर? तुम आओगे क्या अभी?”काश आ पाता … पर वर्क लोड बहुत है न … तुम अपनी उंगलियों को ही मेरा लंड समझ कर मिला दो न अपनी मुनिया से. कहानी के पिछले भागचलती बस में अंग्रेज टूरिस्ट के साथ मजामें आपने पढ़ा कि मैं अपने मायके से लौटते हुए एक टूरिस्ट बस में थी. मेरी सेक्स कहानी में अब तक आपने पढ़ा कि मेरा यार मेरी चूत की बजाये मेरी गांड मारने की कोशिश करने में लग गया.

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उसके बाद मैंने सुषी की पीठ के पीछे से अपने हाथ ले जाकर उसकी ब्रा के हुक को टटोलना शुरू कर दिया.

मेरी सहेली भी बहुत खुश लग रही थी और उसको देखकर ही लग रहा था कि उसके ब्वॉयफ्रेंड ने उसको बहुत अच्छे से चोदा है. मेरा दिमाग उन्हें रोकने को कह रहा था, पर मेरा शरीर दिमाग की बात नहीं सुन रहा था. इस मदहोश आवाज को अमर ने समझ लिया और नारी सुलभ लज्जा को मसलते हुए वो ब्लाउज के ऊपर से ही पिंकी की चूचियां दबाने लगा.

मैं अपने आपको सम्भालकर रूम के अन्दर गया तो देखा मम्मी बिल्कुल नंगी थीं. मैं भी मदहोश होता जा रहा था और उस हॉट डॉक्टर की चुत रगड़ता जा रहा था. ऑनलाइन सेक्सी फोटोमैंने रवि से कहा कि मैं सुषी को अपने घर ले जाता हूँ नहीं तो ये दोनों फिर से लड़ाई शुरू कर देंगी.

मैंने अपने टिफिन से कटोरा निकाल कर पकड़ाते हुए बोला- वाशरूम में जाओ और इसमें दूध निकाल लो और मेरे नाम से अपनी चूत में उंगली कर लीजिए और अपनी पैंटी में मलाई दे दीजिए. अगले दिन जब सोने की बारी आई तो सब रात को 1:30 बजे तक बातें करते रहे.

सोनू नीचे जमीन पर बैठ गई और अपने दोनों हाथों को उसने मेरे पटों पर रखा और मेरे लंड को चूसने लगी. चार पांच झटके के बाद मैंने अपना पूरा माल उसके मुंह में छोड़ दिया जिसे वो पी गयी. उसे भी मजा आ रहा था पर थोड़ी देर में भाभी की बाहर आने की आहट हुई, तो हम दोनों अलग हो गए.

मैंने अपना हाथ उसकी सलवार के अन्दर डाला, उसकी सलवार पूरी गीली हो चुकी थी और उसकी पैंटी से रस टपकने लगा था. मैंने पीछे से ही उसके बूब्स को अपने हाथों में पकड़ लिया और उनको दबाना शुरू कर दिया. फिर मैंने बातों ही बातों में सुषी से पूछा तो उसने बताया कि जिस लड़के से उसकी शादी होने वाली है वह उसको पसंद नहीं है.

मैं अपनी बहन की कमसिन चुत को सहलाने लगा और अपना लंड बाहर निकाल लिया.

मैंने खड़ा होना चाहा, लेकिन मस्कुलर पेन के कारण मेरी सब कोशिशें नाकाम हो गई थीं. तभी राधिका आगे बोली- अब हम चारों को पता ही चल गया है कि आगे क्या होने वाला है, तो क्यों ना हम डायरेक्टर फ़ाइनल टास्क वाला गेम खेलते हैं.

अमर पूरी तरह से पिंकी के ऊपर चढ़ गया और अपने लंड को अपने हाथ से पकड़ कर उसने पिंकी की चुत में सैट कर दिया. उस दिन उसके पापा दिन में सो गए और मैं उसको अपने साथ मेरे ऑफिस में ले गया. एकदम से हुए दर्द से पूजा चीखी और बोली- आह … मर गई … थोड़ा धीरे धीरे चोदो ना यार ….

हर बार मेरा लिंग जैसे ही वसुन्धरा की योनि के दीर्घतम छोर को जाकर छूता, वसुन्धरा का मुंह भी इसी अनुपात में खुल जाता. मेरा लंड तो मेरी पैंट को फाड़ कर बाहर आने के लिए मुझे ही गालियाँ देने लगा था. मैंने नफीस चाचा से पूछा- तो कब आऊं?नफीस चाचा- बोले तीन दिन बाद, आजकल काम बहुत है.

अपना बीएफ मैं मन ही मन खुश होने लगा कि आज तो बहन की चुदाई करने को मिलेगी और मेरी बहन शादी में नहीं गयी. मैं- सही कहा आपने … तो क्या आप फिर से तैयार है मज़ा लेने के लिए?सहमति में कल्पना ने सर हिलाया.

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मेरा लंड तो उनकी चूत का प्यासा था, वो तुरंत उठकर खड़ा हो गया और अब मैं लंड को धीरे धीरे चाची की गांड पर रगड़ने लगा. मैंने भी अपनी सलवार की गांठ खोल कर उसको ढीला ला कर दिया और विलियम ने उसको अपने हाथों से खींच कर नीचे उतार दिया. हालांकि मैं फील कर सकता था कि अपनी मम्मा सौम्या का मन मेरे साथ सेक्स करने का था लेकिन मैं रुक गया.

उसने ‘धत्त’ कहते हुए फोन लिए और हेलो करते हुए एक कोने में जा कर बात करने लगी. [emailprotected]हॉट भाभी सेक्सी चुदाई कहानी का अगला भाग:दीवाली पर भाभी की अतृप्त चुत चुदाई हुई- 2. मराठी सेक्सी व्हिडिओ ओपन व्हिडिओअपने हाथ में मेरे लिंग का साइज़ अनुभव करते हुए उसका मुंह और आँखें यूं खुली हुई थी जैसे कोई न-काबिल-ए-यक़ीन चीज़ से दो-चार हो रही हो.

रात की चुदाई के बाद लंड में हल्की सी सूजन थी और बाकी दिनों की अपेक्षा थोड़ा मोटा भी लग रहा था.

करीब एक घंटा मैं उसके चूचों को मसलता रहा और जब मैंने उनको छोड़कर उसके होंठों को किस किया तो उसने मुझे धक्का दिया और उकडू बैठकर मेरा लंड मुंह में ले लिया. उसने मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़ा और अपनी चूत पर सेट करके उस पर बैठती चली गई.

फिर मैंने मौसी की लड़की भावना के होंठों को जोर से चूसना शुरू कर दिया. ‘ऊउईइ माँ … मर गई …’ उसकी आह निकली और मेरी बहन की चूत से खून रिसने लगा. मुझे अपने आप से ऐसा लगने लगा था कि मुझे आशीष अपने बांहों में लेकर मेरे जिस्म से चिपका रहे और वैसे ही मेरे होंठों को चूमता रहे.

माँ ने मुझसे घर की देखभाल करने के लिए कह दिया और माँ बाहर बाजार में चली गयी.

क्या गुलाबी बुर थी यार … एकदम साफ … एक भी बाल नहीं, जैसे आज ही मेरे लिए बुर को शेव किया हो. पहले एक उंगली पेली, फिर दो डाल दीं, इसके बाद तीन उंगलियां पेल दीं, जिससे उनके अन्दर की आग भड़क गई, वो बोलने लगीं- अब बस कर और मत तड़पा … जल्दी से डाल दे अपना ये मूसल मेरी प्यासी चूत में. हम लोगों को ऐसे अँधेरे में एकांत झाड़ियों में लेट्रीन करने नहीं आना चाहिए.

वीडियो सेक्सी वीडियो फुल एचडीअगर हां तो बोलना कि तुम्हें यहाँ पर देखने में कोई मुश्किल आ सकती है तुम इसे अपने घर पर ले जाओ और रात को आराम से देखना, फिर कल वापिस कर देना. फिर कुछ देर में मैं अपने लंड को हिलाने लगा और ट्रेन की तरह अपनी स्पीड को बढ़ाने लगा.

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मैंने ऐसे ही रगड़ रगड़ कर अपना माल उसके पेट पर और चुचियों पर गिरा दिया. मेरा ध्यान अब भी उसकी चूचियों पे था और वो इस बात को भली भांति समझ रही थी, पर बोल कुछ नहीं रही थी. झड़ने के बाद मैंने देखा कि भाभी के चूतड़ों के नीचे पूरा पानी पानी हो रखा था.

इसके बाद जब तक शीतल भाभी के पति अपनी बिजनेस ट्रिप से वापस लौट कर नहीं आ गए, मैं शीतल भाभी को रोज़ चोदता रहा. थोड़ी ही देर में मौसी की एक लंबी आह निकली तो मैं समझ गया कि मौसी की चूत ने पानी छोड़ दिया. ऊपर जाने के लिए सीढ़ियों पर गेट लगा था, जिसको अमीषी ने अन्दर से कुंडी लगाई थी.

मैंने अपना लंड दांये हाथ में पकड़कर बीवी की गांड के छेद पर लगाकर पूरा सुपाड़ा गांड में डाल दिया. कल्पना- ह्म्म्म, बाकी का तो पता नहीं, पर तुमने मुझे पूरी तरह से खुश कर दिया. दीदी ने भी अन्दर से आवाज देकर पूछा- कौन आया है?मैंने बताया और कुछ देर बाद वो भी नहा कर बाहर आ गयी.

जब मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ तो मैंने किचन में जाकर पीछे से भाभी को पकड़ लिया. वो भी एक कदम आगे निकली, बोली तो ठीक है, मैं तुम्हारी चड्डी पहन लेती हूं, अगली मुलाकात में मैं तुम्हें लौटा दूंगी.

अच्छा तो ये तुम्हारी और डीओ की मिली-जुली खुशबू है, बहुत ही मादक है ”अंकल ने मेरी दोनों कांखों पर किस किया और दोनों जगह पर जीभ भी घुमाई.

बार बार मुझे उनके शब्द याद आ रहे थे कि नाभि के नीचे का बाकी रह गया है. सेक्सी बफ फुल हड वीडियोमुझे मालूम था कि इसका मन बहलाने के लिए ऐसा करना जरूरी है वर्ना ये चूत नहीं चुदवाएगी. सादरी सेक्सी वीडियोमैंने लगभग 1 बजे रात को हल्की लाइट में देखा, तो मामा अपना लंड हिला रहे थे. निशा की मादक आवाजें मेरे सुरूर को बढ़ा रही थीं- ऊओह ह्ह ऊओ ह्हह आअह्ह आःह्ह्ह आःह आआहह!फिर निशा बोली- यश डाल दो ना!मैं दुबारा से उसकी टांगों के बीच आ गया और उसके चूत के दाने को चाटने लगा.

वो पूरा मेरे ऊपर झुक गया था, एक हाथ मेरी कमर में डाल के मुझे सम्हाला हुआ था.

थोड़ी देर बाद उन्होंने मुझे घोड़ी बना दिया और पीछे से मेरी चूत को चीर कर मेरी चीख निकलवा दी. फिर उसने मुझसे पूछा- क्या आप हॉस्पिटल में एडमिट हैं?मैंने कहा- नहीं. उसके लिये टिफिन बनाना था, तो मेरी प्यारी बीवी ने मुझे चुत से लंड निकालने के लिये कहा.

मैंने मन में सोचा कि भाभी आप जैसी पटाखा मजा लेने के लिए मिल जाए, तो मन फुलझड़ी सा खिल जाए. अन्तर्वासना पर कहानी पढ़ने वाले सभी मित्रों और भाभियों को कुमार का नमस्कार. क्योंकि धीरज मेरी चूत में ही अपने लंड का पानी निकाला करता था और कहता था कि पूरा मज़ा चुदाई का लेना है तो चुदाई के समय कोई सावधानी ना करो.

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अब मैं तो कभी सात बजे के पहले उठने वाली हूं नहीं … तो फिर से एक तकिया अपने सीने से चिपटाया और फिर से सोने की कोशिश करने लगी पर नींद फिर आई ही नहीं. थोड़ी देर बाद जीजू ने मुझे फर्श पर नीचे बैठा दिया और अपने लंड को मेरे होठों पर रख दिया और मुझसे कहा- इसे चूमो!तो मैं उनके लंड को अपने हाथों में पकड़ कर चूमने लगी. रिया उल्टी लेटी होने के कारण मुझको बोली कि सुनो … तुम टी-शर्ट ऊपर कर दो ना.

प्रिय दोस्तो, मैं यश अग्रवाल हूँ, अन्तर्वासना पर यह मेरी पहली चुदाई की कहानी है.

प्रोग्राम खत्म होने के बाद मैंने उससे बोला- चलो थोड़ा नाश्ता कर लेते हैं.

मुझे राशि पर गर्व होता था कि वह खुले दिल से अपनी मन की इच्छाओं को पूरी करती है. मैंने उसी पल चुत चाटना छोड़कर उसे खड़ा कर दिया और अपनी बांहों में भरकर उसे चूमने लगा. फोटो सेक्सी फुल एचडीउसमें इतनी प्यास दिखी कि न जाने किस बात ने मुझे मजबूर कर दिया कि उसके लाल होते काले गालों में चुंबन ले लिया और धीरे से बोला- तुम में बहुत कशिश है, एक आकर्षण है जो मुझे तुम्हारे पास आने को मजबूर कर रहा है।सलोनी सिहर सी गई, उसकी आँखें बंद सी हो गईं, उसके हाथ ने भी मुझे जोर से पकड़ लिया, उसकी खामोशी मुझे सता सी गई, मैंने भी उसको छोड़ दिया और बोला मुझे माफ़ कर दो.

एक दिन मैंने खुद ने सोचा कि वो अपनी जगह सही हैं, उनकी भी इच्छा होना लाजिमी है क्योंकि वो भी एक औरत हैं … और सामाजिक डर के कारण घुट घुट कर जीने को मजबूर हैं. मैं कपड़े प्रेस नहीं करती हूँ, क्योंकि मेरे हाथ से एक बार मेरी साड़ी जल गई थी. पति के लंड के गरम लावे का मजा लेते हुए मैंने भी कुछ पल यूं ही रुक कर उनके लंड की सारी गर्मी खींच ली.

उन दोनों ने थोड़ा सोचा मगर सोचने के बाद बोली हमारे दिमाग में कोई गेम नहीं आ रहा है आप ही बता दो. अमर ने भी पिंकी भाभी की साड़ी उतार कर उसके जिस्म से अलग कर दी और पिंकी के ब्लाउज के ऊपर से साफ़ नुमाया ही रही उसकी चुचियों को ऊपर से ही चूसने लगा.

जैसे ही उसको अपने लंड पे मीरा के हाथ के होने का अहसास हुआ, तो उसने मीरा की ओर देखा.

मैंने कहा- आंटी कहिए ना, मैं आपके लिए क्या कर सकता हूँ?आंटी ने कहा- बेटा तेरा दोस्त आजकल बहुत उदास रहता है और हमें कुछ बताता भी नहीं है. वो अब और घबरा गई और अब उसे अहसास हुआ कि मैं उसके सामने नंगा खड़ा था और उसके हाथ में मेरा लौड़ा था. NRI भाभी X हिंदी स्टोरी में पढ़ें कि कैसे सऊदी में रहने वाली एक इंडियन भाभी ने अन्तर्वासना पर मेरी कहानी पढ़ कर मुझे मेल किया तो हमारी दोस्ती हो गयी.

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फिर उसने मुझे बहुत आराम से चारपाई में लिटा दिया और मेरे बगल से लेटने लगा. मेरे पापा का लंड दीपक के लंड की तुलना में मोटा भी अधिक था जो मेरे मुंह में भी ठीक ढंग से नहीं आ पा रहा था. मैंने उसे नीचे उतारा और कहा- क्या तुम ठीक हो … और सॉरी तुम्हें मैं गिरने से नहीं बचा पाया.

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पहले थोड़ी देर तक मैंने उनका सपाट पेट सहलाया, फिर अपना हाथ नीचे की ओर लेकर जाने लगा. मगर विपिन जी का लंड तो मेरी उम्मीद से कहीं ज्यादा दमदार भयंकर साबित हो रहा था. इससे पहले मैं अन्तर्वासना की कहानियाँ पढ़कर मुट्ठ मार लेता था मगर आज तो साक्षात चूत मुझे अपने पास बुलाने का न्यौता दे रही थी.

इसलिए इस वक्त मेरे पास संगीता की बात मानने के अलावा कोई और रास्ता नहीं था. अब मैं जैसे ही फ्रेश होकर उठा, तो मेरे पैर पर नस के ऊपर नस चढ़ गयी और मैं एकदम से तेज दर्द के कारण बाथरूम में ही गिर गया.

मायरा बोली- नहीं भैया, आप हमारे साथ ही सो जाइएगा, कोई प्रॉब्लम नहीं होगी.

आज मैंने पहली बार किसी लड़की को पूरा नंगी देखा था और वो तो एकदम जन्नत की हूर लग रही थी, उसके गोल-गोल छोटे-छोटे मम्मे क्या मस्त लग रहे थे. पर मैं अब तक उसके बारे में अपने दिमाग़ में कभी कोई ग़लत ख्याल नहीं लाया था, क्योंकि वो मेरी भाभी ही थी ना. पहले तो थोड़ी देर मैंने उनके चूतड़ों को हाथ से मसला, फिर अपने मुँह से उनके चूतड़ों को चूमने लगा.

ये कुछ और नहीं मीना के पैर थे जो मेरे लंड (चूत का वैद्य) को खोज रहे थे मानो (महारानी) चूत ने (सेनापति) टांग को आदेश दिया हो कि जाओ उस लंड वैद्य को ढूंढ कर लाओ जो महारानी चूत की बेचैनी का इलाज कर सके!कुछ ही क्षण बाद मीना ने मुझे अपने ऊपर खींच लिया और मेरे कानों में कहने लगी- कितना तड़पाओगे राज? अब नहीं रहा जाता. इसलिए मैंने तुमको उस दिन बुलाया था ताकि मसाज के बहाने तुमसे मिल सकूँ और तुम्हारे बारे में जान सकूँ. मैंने प्रत्यक्षतः पूछा- सच में आप कर दोगी?उन्होंने कहा कि हां … तुम खाना खा लो, मैं जब तक तेल गर्म करके लाती हूँ.

”शारदा चाची- हां-हां मुझे सब पता है कि तुम लोग क्या कर रहे हो!और एक शरारती मुस्कान आ गयी उनके चेहरे पर यह बात कहते-कहते।मैं- नहीं नहीं चाची, हम लोग तो बारात के स्वागत की बात कर रहे थे क्योंकि जो दूल्हा है वो भी हमारे ही दोस्तों में से है.

अपना बीएफ: मैंने उसे एक राउंड और करने को कहा तो उसनेचूत में दर्दका बोलकर मना कर दिया. उसने बात खत्म करते ही जोर से धक्का मारा और लिंग मेरी योनि की दीवार फैलता हुआ भीतर चला गया.

कहानी में और भी पात्र हैं, उनका परिचय उनके आगमन के साथ ही मिल जायेगा।शारदा चाची का घर मेरे ही नगर में कुछ ही दूरी पर है. उसने कहा- किस बात पर ध्यान लगा रहे थे … और क्या बात है, आजकल तुम मुझसे बात ही नहीं कर रहे हो. मेरा ममेरा भाई चुदाई मेरी कर रहा था और गुणगान मेरी सहेली आरती की चूत का कर रहा था.

सोनिया अपनी मम्मी को बोल रही थी- मम्मी मनदीप आया है, वो अन्दर सो रहा है.

मैंने रोहित को कुछ नहीं कहा और न ही उसे यह पता लगने दिया कि मैं जाग रही हूँ. भाभी बोली- अकेले कॉफ़ी पीने का मन नहीं था, इसलिए मैं अपनी भी यहीं ले आयी. उसने देखा और शरमाकर अपनी नजरें नीचे कर लीं और वह वहाँ से चली गयी और रसोई में खाना बनाने लग गयी.