ब्लू फिल्म बीएफ चोदने वाली

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तो उन्होंने तुरंत अपनी साड़ी से मुझको बाहर निकाला और अपनी नजरें झुका लीं।मैंने उनकी तरफ देखा और उनके गाल पर किस करते हुए उनको थैंक्स बोलकर तुरंत बाथरूम में गया और उनके नाम की मुठ मार कर अपने कमरे में जाकर सो गया।अगले दिन मैं उनके कमरे में गया और कहा- भाभी जरा थोड़ा सा दूध मिलेगा?भाभी- दूध क्या.ब्लू फिल्म बीएफ चोदने वाली: पर गाउन के अन्दर से मेरा नंगा बदन देखकर वो खड़ा होने लगा और मैं उसे देखकर मुस्कुराने लगी।पर उसकी नज़र तो मेरे नंगे बदन पर थी.

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और रसपान करने लग गया।धीरे-धीरे उनकी गोलाइयों को मसलना शुरू कर दिया, भाभी ने भी पजामे के ऊपर से ही मेरा लिंग पकड़ लिया।मैंने भाभी को उठाया और कमरे में ले गया और भाभी के सारे कपड़े उतार दिए।भाभी ने खड़े होकर मेरे भी सारे कपड़े उतार दिए, फिर मैं और भाभी एक-दूसरे में समाने की कोशिश करने लग गए, कमरे में सांसों का तूफान सा आ गया था।भाभी ने कहा- देवर जी इतना प्यार करते हो.? तुमने अभी तक सेक्स नहीं किया है? तो चल आज मैं तुझे इतना मजा दूँगी कि तू जिंदगी भर इस पल को कभी भूल नहीं पाएगा।यह कहकर वो मुझसे चिपक गई।वॉव.

क्योंकि अब खेतों में कोई काम नहीं बचा था, फसल कट चुकी थी और किसी-किसी की कटने वाली थी. ब्लू फिल्म बीएफ चोदने वाली मेरी तरफ क्या देख रहे हो।मैं आपी की बात सुन कर एक बार फिर हँसा और कहा- अच्छा मेरी तरफ देखो तो सही ना.

तो मैं एक दिन सुबह दफ्तर जाने से पहले आंटी को किराया देने गया।मैंने जैसे ही दरवाजे की घंटी बजाई सिमरन ने दरवाजा खोला.

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जहाँ सब डांस कर रहे थे।मैं भी ताल मिलाने लगा।लेकिन सब लोग कपल में ही थे. पर फरहान नहीं हटा और वो चूत को चूसता रहा।कुछ देर हनी की चूत को चूसने के बाद फरहान ने अपनी ज़ुबान हनी की चूत के अन्दर की. तभी वो नीचे से गाण्ड उठाकर लण्ड को अपनी चूत में लेने की कोशिश करने लगी। इतने में मैंने एक ज़ोरदार झटका दिया और मेरा मोटा आधा लण्ड उसकी चूत में चला गया।वो ज़ोर से बोली- निकालो इसे.

’ की आवाज़ से मेरी चूत पूजा कर रहा था।मुझे अब बहुत मज़ा आने लगा।‘उठ गई जग्गो. ‘अब क्या है?’‘आपी कल रात हम दोनों के लिए ख़ास होने वाली हो सकती है क्या?’‘कैसी ख़ास?’‘क्या आप कल मेरे लिए दुल्हन का लिबास पहन सकती हो?’आपी ने मेरी सोच को समझते हुए कहा- मेरे राजा मैं तो तुम्हारी हूँ इसलिए जो कहोगे वैसा करूँगी. कुछ सुनीता की नौकरी के कारण और फिर मन भी तो होना चाहिए।उसने यह भी बताया कि जब पहले होता था तो उसको बहुत दर्द होता था।इतनी बात करते करते हम कब एक-दूसरे के आगोश में आ गए.

कभी भी मेरा लावा फूट सकता था, दोनों ही एक-दूसरे में समां जाने को आतुर थे, कमरे में सिसकारियों का. उससे आपी को भी मज़ा आ रहा था और उन्होंने देखा कि हमारे लण्ड झटके ले रहे हैं तो उन्होंने अपनी ऊँगली को अपने निप्पल के टॉप पर रखा और उससे दबा कर रखते हुए अपना दूसरा हाथ उठाया और अपनी टाँगों के दरमियान ले जाकर रगड़ने लगीं।क़रीब 2 मिनट ये करने के बाद आपी ने अपने हाथों को रोक लिया और बोलीं- चलो बच्चों. लेकिन उसके हाथ में पानी की बोतल और कुछ सामान होने की वजह से उसे चढ़ने में दिक्कत हो रही थी।मैं भी उसके साथ दौड़ रहा था कि वो ट्रेन में चढ़ जाए तो मैं भी अन्दर आ जाऊँ। ट्रेन धीरे-धीरे अपने स्पीड को बढ़ा रही थी.

’मैं यह कह कर आगे बढ़ा और आपी को अपनी बाँहों में ले लिया।आपी ने एक झटका मारा और मुझे धक्का दे कर मेरी बाँहों के हलक़े से निकल गईं और शदीद रोते हुए कहा- सगीर मैंने मना किया था ना तुम्हें. में लगे रहते हो।अब मैंने सोचा कि पहले खा लेता हूँ फिर आराम से ट्रिपल एक्स किताब देखूँगा।मगर खाने में भी मन नहीं लग रहा था।उसके बाद मम्मी मार्केट चली गईं और भाई टीवी में कार्टून देख रहा था।इतने में आयशा आ गई और कहने लगी- चल कुछ खेलते हैं।मैंने कहा- तुम लोग खेलो.

जैसे पहले चूस रहा था!मैंने जल्दी-जल्दी मुंह चलाना शुरु किया और 2 मिनट के अंदर ही वो मेरे मुंह में झड़ गया.

फिर वो भी मजे लेने लगीं।मैं उनको चोद कर खूब मज़े दे रहा था, वो मेरा पूरा साथ दे रही थीं।अंत में मैं उनको पेलते हुए झड़ गया।मैं उनको काफी देर तक पेलता रहा था, भाभी इस चुदाई के दौरान 3 बार झड़ चुकी थीं, वो मुझसे बहुत खुश हुईं.

कभी जीभ फिराते।अब तो मैंने भी अपना एक पैग बनाया और उठ कर दूर जाकर पीने लगी. अब इसी तरह पूरे दो महीने मुझे चोदते रहना। मैं तुमसे ही चुदने के लिए यहाँ आई हूँ. मैं एक रूरल एरिया से हूँ और मैंने जितनी बार भी सेक्स किया है मेरी दोस्त जो इंग्लेंड रहती है.

तुम्हारे इधर ही आऊँगी।दोस्तो, अभी इतना ही कल फिर मिलते हैं।मुझे आपके ईमेल जरूर मिलते रहना चाहिए. जब हम आगरा में रहते थे।यह कहानी उन सभी कुंवारे लण्ड और चूत को समर्पित है. पता ही नहीं चला।फ़िर रात को हमने खाना खा लिया और पूरी बच्चा पार्टी छत पर टहलने चली गई।मैं और आईशा भी साथ-साथ टहल रहे थे। वो भले ही मुझसे तीन साल बड़ी थी.

वो मैंने बोला।फ़िर उसने वो चॉकलेट खाने को बोला।मैंने बोला- तुम अपने हाथ से खिलाओ तो ही खाऊँगा।बोली- पागल हो तुम.

फिर निहारिका ने मेरे लंड पर अपना हाथ रख दिया और ऊपर से सहलाने लगी।हम दोनों के मुँह से सीत्कारें निकलती रहीं।काफी तक यह सब चलता रहा और फिर मैं निहारिका के कपड़े उतारने लगा।वो बोली- रूको रूको. रात को खाना खाने के बाद मैं जल्दी सोने के लिए चला गया क्योंकि रास्ते का सफ़र तय करने से मुझे थकावट के कारण जल्दी नींद आ गई. मेरा पैर हटाया और लेट गईं।मैं डर गया कि कहीं मामी जागी हुई तो नहीं थी। फिर सोचने लगा जागी हुई भी होगीं.

मैं आती हूँ।फिर थोड़ी देर बाद उसको आते हुए देखा। वो मेरे करीब आई और अपनी गीली पैन्टी मेरे हाथ में देती हुई बोली- संभाल के रखना इसे. मेरा मुँह खुला का खुला ही रह गया।लम्बा और मोटा दानवी आकार का लौड़ा मेरे सामने खड़ा था।मैंने बिना सोचे और पूछे उसे अपने मुँह में ले लिया. मैं जीभ से चाट गया।अंकल ने अब मेरा सर पीछे से पकड़ लिया और एक हाथ से अपना लण्ड पकड़ कर मेरे होंठों पर जोर-जोर से रगड़ने लगे।मेरा लण्ड फुल टाइट हो रहा था.

ताकि वो मेरे बगल में सो सके।मैंने करीना को इशारे से मेरे साथ सो जाने का इशारा किया.

उसने कहा- कांच का टूटना शुभ होता है।मैंने कहा- ऐसा कैसे शुभ हो सकता है?पूनम ने जवाब दिया- अरे होता है।मैंने जल्दी से अपने होंठों से उसके होंठों को चूमते हुए कहा- ऐसे?उसने शर्मा कर आँखें नीचे झुका लीं और कुछ नहीं कहा।मेरा हौंसला और बढ़ गया, मैं उससे सट कर बैठ गया. सोचा साले मरे जा रहे मेरा नंगा जिस्म टटोलने को।यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !फिर मैंने उनका पैग बना कर दिया.

ब्लू फिल्म बीएफ चोदने वाली वहाँ से मुझे नोंचना शुरू कर दिया था और अपने तेज नाख़ुनों से मुझ पर खरोंचें डालती जा रही थीं।मैंने आपी को अपने ऊपर से हटाने की कोशिश नहीं की. मुझे सुबह जल्दी उठकर मम्मी-पापा के लिए खाना भी बनाना है।मैंने मना कर दिया।भाभी ने कहा- तो ठीक है.

ब्लू फिल्म बीएफ चोदने वाली लेकिन ज़बरदस्ती नहीं।उनको पता था कि मैं अक्सर उनसे मज़ाक किया करता हूँ और उन्हें आँख भी मारा करता हूँ।वो मुझे हमेशा बोला करती थीं कि ‘क्या आप पागल हो गए हैं. मुझे आग लग गई और मैं पूरी मचल गई, मेरे बदन में अजीब सा करेंट लगा।फिर उसने मेरी चूत चूसी और धीरे-धीरे उंगली डाल कर चूसने लगा।चूत में उंगली जाते ही मेरी चीख निकल गई।फिर उसने मुझसे पूछा- पहले चुदी है?मैंने मना कर दिया.

पर फिर भी वो सोने का नाटक कर रही थीं।मैंने अपना हाथ उनके पेटीकोट में डाल कर सीधे ऊपर सरकते हुए चूत के पास पहुँचा। उनकी चूत पूरी तरह घनी झांटों से भरी हुई थी।मैं अपना हाथ उनकी चूत के छेद पर लगा कर सहलाने लगा.

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चूतड़ को दबा रहा था।पायल की सांसों की गर्मी मुझको पागल कर रही थी, मैं उसके हाथों का कसाव अपने शरीर पर महसूस करने लगा था।मैं- पायल. मतलब आपी प्रेग्नेंट हो गईं या ऐसी कोई और बात हो गई तो फिर?मैंने एक नज़र फरहान को देखा और झुंझला कर कहा- चुतियापे की बात ना कर यार. तो उसने मुझसे मेरा नंबर लिया और चली गई।तभी से मैं तो उसके फोन की राह देखने लगा.

कुछ सेकंड के बाद का जोरदार धक्का उसकी बुर की झिल्ली को फाड़ता हुआ मेरा लण्ड उसकी बुर में आधा समां गया।पायल की घुटी हुई चीख उसके मुँह में ही रह गई ‘ओऊह्ह्ह. जो माहौल को और रोमाँटिक बना रही थी।पायल की मदहोशी के आलम में मादक आवाजें निकल रही थीं।अचानक पायल ने अपने नाख़ून मेरी पीठ में गड़ा दिए और पैरों को कस कर बांध लिया और अपने ऊपर खींच कर मेरे होंठों को अपने मुँह में भर कर दांतों को होंठों पर दबा दिया।वो मछली की तरह छटपटाई. बड़ा अजीब सा लग रहा है।वह मुझे अपनी तरफ़ खींचने लगी।मैंने भी देर ना करते हुए उसका टॉप उतार दिया और उसके बोबे चूसने लगा, साथ ही साथ उसकी जीन्स में हाथ डाल दिया।उसकी योनि से रसधार बह रही थी।मुझसे भी अब संयम नहीं हो रहा था.

पर वो कुछ ज्यादा ही उत्तेजित हो चुका था, जैसे ही उसने लण्ड को चूत से बाहर निकाला.

अब मुझे मामी के प्यार के रस की सुगंध आने लगी और मैं और जोश में आ गया. तो वो उठ गई, बोली- आपके वापस जाने के बाद मुझे माइग्रेन (सर दर्द की बीमारी) उठा था. आ जरा बैठ तो सही।मैंने उसका हाथ पकड़ कर उसे पलंग पर बैठा दिया। फिर मैंने वैशाली को आवाज़ लगाई और वो कमरे में बड़ी अदा से चलते हुए आई।वैशाली को गिफ्ट पेपर में लिपटी हुई देख कर वो बोला- वाउ.

लेकिन मेरा दिल उनको छोड़ने को मान नहीं रहा था।उनका घर ज़्यादा बड़ा नहीं था. मैं अपने आप ही उस गाण्ड के पीछे खिंचा चला गया।उसने पूछा- इतनी रात में क्या कर रहे हो?मैंने बताया- पढ़ाई।‘हम्म. आपको ऐसा करते देखकर मुझे कुछ-कुछ हो रहा है।आंटी मेरी इतनी बात सुनकर अपने कमरे से बाहर निकल आईं और मैं आंटी के कमरे में तब तक बैठा रहा.

जो बहुत पुराना था और मेरे भैया का था।मैं कन्डोम देख ही रहा था कि उसी वक़्त कमरे में भाभी आ गईं. सुबह कॉलेज भी तो जाना है।मैं वहाँ से निकल गया।मैं घर पहुँचा और तो देखा कि उसका मैसेज मेरे फोन पर आया हुआ था- आई लव यू.

तो मुझे आलोक की बांहों में बहुत अच्छा लग रहा था।आलोक ने लाकर मुझे बाथरूम में खड़ा कर दिया और फिर वो मेरे मम्मों से खेलने लगा।इतने में ही बाहर से डोरबेल की आवाज़ आई और हम दोनों डरकर एक-दूसरे से अलग हो गए।मैंने आलोक को कमरे में जाने के लिए बोला और फिर मैं भी बाथरूम से बाहर आकर अपने कमरे में आ गई। वहाँ मैंने घड़ी की तरफ देखा. तकरीबन 3-4 मिनट के बाद लगा जैसे मैं स्वर्ग में उड़ रहा होऊँ।कुछ पलों के बाद लगा कि अब मेरा निकलने वाला है. मैं तुम्हें चूत चाटना सिखाती हूँ।उन्होंने सविता चाची को सोफे पर लिटा दिया और दोनों जांघें फैला कर अपनी जीभ को घुमाते हुए चूत के अन्दर-बाहर करके चाटना चालू कर दिया।यह सब देख कर मेरा तो पूरा खड़ा हो चुका था। ये सब नफ़ीसा आंटी कुर्सी पर बैठ के देख रही थीं।रचना आंटी आईं और मुझसे बोलीं- हम सब लेज़्बीयन हैं लेकिन आज एक छोकरा हमारा गैंग-बैंग करेगा। ये भी हमारा पहला एक्सपीरियेन्स होगा.

जो आम ज़िन्दगी में किसी के सामने ऐसी बात करने में शर्माते हैं।मैं- अच्छा तो अर्श.

वो मैं साफ कर दूँगी।मैंने आपी की बात सुन कर सोचा यार बहन हो तो ऐसी कि हर बात का ख़याल रहता है आपी को. तो वो अपनी जगह बैठी हुई थी और तनु सो रही थी।मैंने राहत की सांस ली कि अब तक तो कुछ नहीं हुआ. फिर देखती हूँ।उनको घर छोड़ कर मैं अपने घर चला गया।अगले दिन जब मैं यूनिवर्सिटी में था, भाभी का फोन आया- कहाँ हो?मैं- यूनिवर्सिटी.

मुझे देर हो रही है।मैंने जल्दी से भाभी को नीचे घुटने के बल बैठा दिया और लण्ड को नेहा को चूसने को कहा. जिससे फरहान और हनी हमारी तरफ देखने लगे।फरहान ने मुझे देखा तो वो भी उठ कर चूत पर आ गया और हनी को कहने लगा- अब तुझे मज़ा आएगा।यह कह कर उसने अपना मुँह हनी की चूत पर रख दिया और ज़ुबान फेरने लगा।हनी ने अपनी चूत पर ज़ुबान का एहसास महसूस करते ही अपने जिस्म को अकड़ाना शुरू कर दिया और टाँगें सिकोड़ लीं.

नहा रहा हूँ थोड़ा टाइम तो लगेगा ही ना।मैंने फरहान की बात का कोई जवाब नहीं दिया और नीचे कामन बाथरूम के लिए चल दिया।मैं बाथरूम के पास पहुँचा ही था कि आपी के कमरे का दरवाज़ा थोड़ा खुला देखकर रुक गया और अन्दर देखा तो आपी चादर. वो साली अपने कपड़े पहनने में लगी हुई थी।मैंने कहा- ये कोई बात नहीं हुई. ये मैं आपके लिए ही लाया हूँ।आपी ने वो चीजें ले लीं और मुझे ‘थैंक्स’ कह कर दरवाज़ा बंद कर लिया।मैं भी अपने रूम में चला गया और बेडशीट ठीक करके पूरे बिस्तर पर फूलों की पत्तियां बिखेर दीं.

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चूत एकदम गुलाबी रंग की थी।इतनी खूबसूरत चूत मैंने अपनी ज़िंदगी में कभी नहीं देखी थी.

तो मैंने उसे अपनी कसम दे दी कि आज वो मुझे अपनी चूत में लंड घुसाने दे।पहले तो वो बोली- दर्द होगा. उससे दोस्ती बढ़ाई और एक दिन अपना विज़िटिंग कार्ड देते हुए उसको कॉल करने के लिए कहा।बाद में उसने कॉल किया. इसलिए भैया शायद मुझे भाभी समझ रहे थे।भैया के कमरे में भी बिल्कुल अँधेरा था।मैंने उन्हें बिस्तर पर सुला दिया और अपने कमरे में जाने के लिए मुड़ी तो भैया ने मेरा हाथ पकड़ कर झटके से खींच लिया और फिर से भाभी का नाम लेकर कहा- कहाँ जा रही हो रानी.

अभी दिखाऊँ क्या?आपी ने मेरा खुला बैग एक झटके से बंद किया- अभी छोड़ो. सो दो कमरों में सामान रखे हुए थे।खाना खाने के बाद मैं मोनिका के कमरे में ही पढ़ने लगा तब 10 बज रहे होंगे।मैंने लॅपटॉप ऑन किया और स्काईप पर दीदी से चैट करने लगा। मैं आप लोगों को बता दूँ कि मैं कहीं भी जाता हूँ. सेक्सी नंगी ब्लू फिल्म दिखाओवो भी एकदम माल लगती थीं। कोई उनको देख कर यह नहीं कह सकता कि उनकी एक 19 साल की बेटी भी है। मुझे छत पर आता देख आंटी ने मुझसे बात करने लगीं।आंटी- अरे बेटे तुम छत पर क्या कर रहे हो?मैं- आंटी मैं तो रोज छत पर टहलने आता हूँ.

मेरे बालों को नोंचने लगी, मेरे हाथ उसकी चूची को मसलने लगे।उसके मुँह से ‘आह्ह्ह. गजब के थन थे।मैंने उससे पूछ ही लिया- तुम 40 की उम्र में इतना मेंटेन कैसे कर लेती हो?साली साहिबा ने कहा- मैं पिछले दस साल से रोज आंवला और एलोवेरा का जूस पीती हूँ। मैंने उसे उठा कर अपनी जाँघों पर बैठा लिया और कुछ कहता.

और कभी किसी दूसरे बहाने से उससे बात करना शुरू किया।वो मुझ पर ध्यान तो देती थी. तुम्हारे ख्याल में ये सब सही है?’आपी की बात सुन कर मेरे चेहरे पर भी संजीदगी आ गई थी, मैंने भी आपी के बालों में हाथ फेरते-फेरते ही जवाब दिया- आपी क्या सही है. ऐसी चुदाई तो आज तक मेरे पति ने भी कभी नहीं की मेरे साथ।उसने मुझे बताया कि आज पहली बार वो इतनी देर तक चुदी है और पहली बार ही उसकी चूत ने इतना पानी छोड़ा है।उस दिन मैंने उसे 3 बार और चोदा।मुझे ईमेल करें।[emailprotected].

’ की आवाज़ गूंज रही थी, पायल के कंठ से मदहोशी के आलम में मादक आवाजें निकल रही थीं।पर जब भी वो अपने चरम पर आती. मैंने कहा- चलिए आगे किसी और होटल में चलते हैं।तो भाभी बोली- कोई बात नहीं. और मुझे कुछ-कुछ सा होने लगा है।’मेरी इसी बात पर वो हँस दीं। मैं समझ गया कि लाइन क्लियर है।कुछ ही समय में उनके उतरने का स्थान आ गया। मैंने देखा कि वो भी वहीं रहती थीं.

अब ऐसा नहीं होगा।भाभी ने कहा- अगर आपको आरती अच्छी लगती है तो इसमें कुछ गलत नहीं है.

चलिए अब हम सीधे काम पर आते हैं। जैसे कि शीर्षक का नाम है ‘अमेरिकन लण्ड’ तो आपको तो पता होगा ही कि अंग्रेजों के लण्ड का रंग हमारे चेहरे के रंग से भी गोरा होता है। अब मैं आपको बताती हूँ कि किस तरह दो अमेरिकन लौड़े मेरे दोस्त बने और किस तरह हमने अमेरिकन स्टाइल में चुदाई का लुत्फ़ उठाया।मेरा ब्वॉयफ्रेंड था अशफ़ाक. निकालो न अपना भी माल जल्दी से।मैं भी जोर-जोर से धक्के लगाता हुआ भाभी की इच्छानुसार जल्दी स्खलित होने की कोशिश करने लगा। जैसे ही उनके चूचुक को मुँह में लिया.

मैंने एक नज़र कार्पेट को देखा, गहरे रंग का होने की वजह से बहुत गौर से देखने पर मुझे वहाँ खून के चंद धब्बे नज़र आए। मैंने किसी कपड़े की तलाश में आस-पास नज़र दौड़ाई तो कोई कपड़ा ऐसा ना नज़र आया कि जिससे मैं ये साफ कर सकूँ।मैं बाहर निकला. जो कि अभी हाल में ही हुई है।जैसा कि आप सबने पिछली चुदाई में जाना था कि मैंने अपना नम्बर उस शेरा को दे दिया था. बाकी मुझ पर छोड़ो।मैंने घर पर मम्मी-पापा से बात की और कहा- मुझे दोस्त के पास नैनीताल जाना पड़ेगा.

भाभी से बात करने के बाद उन्होंने मुझसे अपने घर चलने को कहा।मैं भी बिना कुछ पूछे उनके घर गया फिर हम दोनों बात करने लगे।पूजा- और बताओ मजा आया टूर में. सो हम दोनों ऐसे ही निढाल लेटे रहे।करीब 30 मिनट बाद हम दोनों उठे और फिर दुबारा से मैंने नेहा भाभी की एक बार और पूरी ताकत से चोदा।अब वो और मैं दोनों ही खड़े होने के लायक ही नहीं रहे थे।मैंने नेहा भाभी को उस रात 2 बार चोदा. मानो लग रहा था जैसे मैं किसी सपने को देख रहा हूँ।अचानक उसके शब्दों ने मेरा सपना तोड़ा- कुछ काम है क्या आपको?मैं- हाँ.

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मैं एकदम से आगे आ गया और उसकी टी-शर्ट को ऊपर उठा दिया जिससे उसकी चूचियाँ बाहर आ गईं. अपने अंडर में रख लिया है।अब सुनीता के तो मज़े हो गए, उसे अब साढ़े दस पर आना और 5. मैंने नीचे बैठ कर उसकी चूत पर मुँह टिका दिया और उसकी चूत का स्वाद लेने लगा।वो चूत चूसने से घबरा गई.

आपी की साँसें बहुत तेज हो गई थीं और जिस्म मुकम्मल तौर पर अकड़ गया था। आपी मेरे लण्ड को भी अपनी तरफ खींचने लगी थीं।मुझे भी ऐसा महसूस हो रहा था कि शायद मैं अब कंट्रोल नहीं कर पाऊँगा. आपको मेरे साथ हुए अपने अनुभव को आपको कैसा लगा बताना मुझे।मेरी प्यारे भाई लोगों को सलाम और मस्त चूतों को चुम्मा!धन्यवाद।आप मुझे मेल कर सकते हैं।[emailprotected]मेरी Facebook आईडी है Facebook. हिंदी मूवी सेक्सी वीडियो चुदाईसमझ में नहीं आता था कि मैं क्या करूँ।मैं हर रोज मुठ मारकर अपनी प्यास मिटाता था। जब मैं दिल्ली के पास नोएडा में एक कमरा किराये पर लेकर रहने लगा.

तो मुझे आलोक की बांहों में बहुत अच्छा लग रहा था।आलोक ने लाकर मुझे बाथरूम में खड़ा कर दिया और फिर वो मेरे मम्मों से खेलने लगा।इतने में ही बाहर से डोरबेल की आवाज़ आई और हम दोनों डरकर एक-दूसरे से अलग हो गए।मैंने आलोक को कमरे में जाने के लिए बोला और फिर मैं भी बाथरूम से बाहर आकर अपने कमरे में आ गई। वहाँ मैंने घड़ी की तरफ देखा.

’ करने लगी, उसकी आँखों के किनारों से आंसू बह रहे थे।मैंने कहा- बाहर निकाल लूँ. कई दिनों से कुछ कामों में उलझी हुई थी। अच्छा सुन, मोनू का मुंबई में कल पीएमटी का टेस्ट है। आज वो यहाँ से निकल रहा है, शाम तक तेरे पास पहुँच जाएगा। वो पहली बार मुंबई जा रहा है.

रोहन टीवी देखने लगा।तभी मेरे दिमाग में एक ख्याल आया कि क्यों ना मंजू के साथ शराब पीने का प्लान बनाया जाए।मैंने मंजू से कहा- आप मेरे साथ शराब पीना पसंद करेंगी।मंजू ने कहा- वैसे तो मैं शराब नहीं पीती हूँ. इसलिए मैं अपने कमरे में आकर ऐसे ही लेट गई।बाहर बारिश तो नहीं हो रही थी. मैं तुम्हें चोदने के लिए कब से तड़प रहा था। जब से तुम्हें पहली बार देखा तब से दिल में कुछ-कुछ हो रहा था। मैं तुमसे बहुत प्यार करने लगा हूँ आईशा।आईशा- हाँ मुझे पता है। तुम जिस तरह से मुझे पहली बार देख रहे थे.

उनके लंड उनकी पैंट में ही कस जाते हैं।बात कुछ ही दिन पहले की है। मेरा भतीजा आलोक.

बेटा होने के बाद एक ही बार हम दोनों के बीच कुछ हुआ है।मैंने उनसे बस इतना ही कहा- सब ठीक हो जाएगा. पर मैंने नहीं छोड़ा और उन्हें अपनी ओर खींच लिया।वो अचानक से मेरे ऊपर गिर गईं और मैंने उन्हें संभालने के चक्कर में अपना हाथ उनकी गाण्ड पर रख दिया।उनकी ‘आह. ’ की आवाज सुनाई दी।मुझे समझते देर नहीं लगी कि यह आवाज किसकी है और कहाँ से आ रही है।अपने आप ही मेरे कदम भैया-भाभी के कमरे की तरफ उठने लगे।उनके कमरे का दरवाजा अन्दर से बन्द था और लाईट जल रही थी। मैं जल्दी से कोई ऐसी जगह देखने लगी.

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तो अब्बू और अम्मी टीवी लाऊँज में ही थे।अम्मी ने मुझे खाना दिया और खाने के दौरान ही शॉप के बारे में अब्बू से बातें भी होती रहीं।कमरे में आया तो आज खिलाफे तवक़ा. नमकीन और कोल्ड ड्रिंक्स लिया और ट्रेन के सिग्नल ग्रीन होने का वेट करने लगा।कुछ देर में ट्रेन चल पड़ी।मैं चढ़ने के लिए ट्रेन के गेट पर पहुँचा तो देखा वो लड़की ट्रेन पर चढ़ने की कोशिश कर रही है. जिससे मुझे बहुत मजा आ रहा था।मैं काफ़ी देर तक ऐसे ही लगातार करता रहा.

बस मुझे एकटक देख रही थीं।एक बात हमेशा मेरे मन में रहती है कि तुम जिससे सेक्स करो तो मर्ज़ी से करो. !’ उन्होंने हैरतजदा सी आवाज़ में दोहराया और मेरी तरफ घूम गईं।मैंने अपनी पोजीशन चेंज करने की कोशिश नहीं की और उसी तरह पड़ा रहा। फिर कुछ देर खामोश खड़ी. मेरा बदन लड़कियों की तरह नर्म और मुलायम है… मेरी छाती कुछ कुछ लड़कियों जैसी है और मेरे बूब्स भी उभरे हुए हैं.

मेरे होंठों और चूची की चुसाई ने उसकी दर्द को काफी हद तक गायब कर दिया था।मैंने भी धीरे-धीरे अन्दर-बाहर करना शुरू किया, मैं पूरा लण्ड नहीं निकाल रहा था मुझे डर था कि कहीं वो मना ही ना कर दे।हर धक्के पर उसकी ‘आह’ निकलती ‘आआ आह्ह्ह हहह. मैंने संदीप से भी बात की थी वो भी इस बात को लेकर बहुत परेशान है।’भाभी चुप रही।‘प्लीज भाभी… कुछ तो बोलो… अगर संदीप में कोई प्रॉब्लम है तो हम उसका इलाज करवा सकते हैं।’भाभी फिर भी चुप रही, बस उसकी आँखों से आँसू जरूर बहने लगे थे।‘प्लीज भाभी कुछ तो बोलो. वो मदमस्त होकर ‘आहें’ भर रही थी।कुछ देर चूची चूसने के बाद यही मैंने उसकी दूसरी चूची के साथ किया.

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मगर धीरे-धीरे सब कुछ सामान्य हो गया।मैं खाना खाकर सुबह दस साढ़े बजे कॉलेज चली जाती और शाम को चार बजे तक घर लौटती थी.

तो मामी ने बताया- मैं तुम्हारे मामा के साथ खुश नहीं हूँ। वो रोज शराब पीकर आते हैं और बुरा भला कहते हैं।इतना कह कर वो रोने लगीं।मैंने कहा- चुप हो जाओ मामी. माधव सिंह की सेक्सीमेरा बायाँ गाल आपी के सीने के दोनों उभारों के दरमियान में था।आपी ने अपनी टाँगों को अभी भी उसी तरह मेरी कमर पर क्रॉस कर रखा था. हिन्दी पिक्चर सेक्सी ब्लूतो उसके गीले बाल और भीगा-भीगा जिस्म बहुत ही ज्यादा सेक्सी लग रहा था।अपने ख्यालात कहानी के अंत में अवश्य लिखें।कहानी चलती रहेगी।[emailprotected]. ’एक और कोशिश में पूरा लण्ड समां गया था।जिससे उसकी फिर से भयानक चीख निकली.

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कहाँ जा रहा है?मैंने कहा- मौसी बाजार जा रहा हूँ।तो उन्होंने कहा- एक काम करना. पर दो मिनट में बारिश ने बहुत खतरनाक रूप ले लिया।वो गहरी नींद में थी.

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बच्चा कभी भी जाग सकता है। फटाफट ऐसे ही मेरी मैक्सी ऊपर उठाकर मेरी चूत मार लो। अब जल्दी करो राज। डालो इसे मेरी चूत के अन्दर।यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !मैंने अपने सारे कपड़े उतारे और मैक्सी को ऊपर उठाकर उनकी चूत चाटनी चाही।भाभी- नहीं राज चूत आज नहीं चाटनी. फिर मैंने उसकी टाँगें फैलाईं और अपना लम्बा लंड उसकी चूत में तीन धक्कों में घुसा दिया।वो चीखने-चिल्लाने लगी और कहने लगी- ओह. जैसे कि वो दोनों कूल्हों को बीच से चीर देना चाहता हो और इसके साथ-साथ ही उसने गर्दन से नीचे आकर आपी के एक उभार को अपने मुँह में भरा और अपने दाँत आपी के उभार में गड़ा दिए।आपी के चेहरे पर शदीद तक़लीफ़ के आसार नज़र आए और उनके मुँह से एक कराह निकली- आऐईयईई… ईईईईई.

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