बीएफ डबल सेक्स

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चौकी सेक्सी: बीएफ डबल सेक्स, 30 बज रहा था इसलिए ज्यादा विस्तार में पूछे बिना हमने कपड़े पहने और अपने अपने बिस्तर पर लेट गए.

भोजपुरी २०२१

विक्रम- इनको चूचियां बोलते है, समझी? सब पता है मुझे…मयूरी- अच्छा…? बहुत पता है तुम्हें? कभी किसी की चूचियाँ देखी हैं?विक्रम शरारती मुस्कान के साथ- देख तो रहा हूँ… तुम्हारी!मयूरी- अरे ये तो बंद हैं ब्रा में… पूरी खुली देखी हैं कभी?विक्रम- हाँ… सपना की… पर उसकी छोटी थी… इतनी बड़ी नहीं थी जितनी तुम्हारी हैं. बिहार की सेक्सी भाभीतभी उन्होंने मुझे कहा- और भी डर लग रहा है क्या?तो मैंने हां कह दिया.

चाचा ने झटके से वह पेटीकोट मेरे बदन से मेरे हाथ से खींच दिया, मैं पूरी नंगी उन दोनों के सामने हो गई. इंग्लिश बीएफ दिखाएंकरती हुई मंजू कभी अपना मुंह पकड़ती, कभी होंठ!हाय… मेरी बीवी स्खलित हो रही थी! उसने मेरे लन्ड को कस कर पकड़ लिया और हिलाने लगी मानो अपने साथ साथ मुझे भी स्खलित करना चाहती हो.

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उसके लम्बे बालों वाली चोटी क्रम से इस नितम्ब से उस नितम्ब पर उछल उछल कर दस्तक देती हुई लहरा रही थी.मेरे शरीर से पसीना बह रहा था, तो मम्मी बोलीं इतना पसीना- पसीना क्यों हो रही हो?मैं बोली- लाइट गुल हो गई थी मम्मी, गर्मी लग रही थी.

भैया को आने दो, तुम्हें जेल में ना करवाया तो कहना, तुम्हें ज़रा भी शर्म नहीं आई, अपनी छोटी बहन से गंदा काम करते हुए?मैं बहुत डर गया था कि आज तो सब खत्म हो गया है, बस किसी तरह से जान बच जाए और मैं यहाँ से भागूं. बीएफ डबल सेक्स जब भी उसके हाथ मेरी टी-शर्ट के अन्दर जाने की कोशिश करते, मैं उसके हाथों को हटाती जा रही थी.

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उसको लगा शायद मैं सो गया हूँ, तो वह धीरे धीरे हाथ और ऊपर लाई और मेरे लन्ड को टच करने लगी। अचानक वो तेल छोड़कर चड्डी के ऊपर से लन्ड सहलाने लगी। मैं सोने का नाटक करने लगा, मेरा लन्ड खड़ा हो गया, उसने जरा सा ऊपर होकर यह चेक किया कि मैं सो गया या जग रहा हूँ. मैं उनके मम्मों को दबाता दबाता, नीचे हाथ ले जाकर उनकी चूत को सहलाने लगा. दूसरे दिन शाम को मैं अपने घर आने को निकला, तो उसने मुझे 3000 रूपये दिये.

कुछ देर तो वे नहीं माने, फिर जब उन पर नींद सवार होने लगी तो उन्होंने मेरा ऑफर एक्सेप्ट कर लिया फिर वह लेट गई एक तरफ और मैं दूसरी तरफ लेट गया. मैं अपने दोस्तों और सेक्सी भाभी और सभी जवान हॉट लड़कियों को धन्यवाद करता हूं कि वो सब मेरी स्टोरी पढ़ कर मेल करते हैं. मेरी मामी की बड़ी बड़ी चूचियां हैं और गोल सुडौल मोटे से भरे हुए चूतड़ हैं.

तभी उस मूवी में गाना चलने लगा, जिसमें हीरो हीरोईन को किस कर रहा था. मगर उसने कहा- एक बार और करवा लो अगर नहीं आया तो मैं बीच में ही छोड़ दूँगा. मैं लेटे लेटे कल वाली बात याद करके सोच रहा था कि मेरी तरकीब बेकार चली गई.

इस बार मुझे बहुत तेज दर्द हुआ और मेरे मुँह से उम्म्ह… अहह… हय… याह… निकल पड़ी. मैंने झट से हां कर दी और इसके बाद हम दोनों यहां वहां की बातें करने लग गए.

थोड़ी देर बाद मामा अपना लौड़ा चुसवाने लगे मम्मी से … और वो दूसरा आदमी मम्मी के बूब्स चूस रहा था!मामा ने फिर कुछ कहा मम्मी के कान में, और मामा बेड पे लेट गए, उनके लेटते ही मम्मी उसके लौड़े पे अपनी चुत लेकर बैठ गयी धीरे धीरे और लौड़ा पूरा अंदर लेने के बाद मम्मी मामा के ऊपर लेट गयी और दोनों एक दूसरे को किस करने लगे!फिर वो आदमी भी बेड पे चढ़ गया और मम्मी की गांड में पीछे से लौड़ा पेल दिया.

क्या हम यह सब ग़लत तो नहीं कर रहे हैं?मैं- मैडम, मुझे भी पता नहीं यह सही है या ग़लत, पर यह सच है कि मैंने आप अब तक जैसी महिला नहीं देखी और आपके साथ के लिए मैं तड़प रहा हूँ.

मयूरी को अपने अंदर विक्रम का गरमागर्म वीर्य महसूस हुआ… वो इस आनन्द का अनुभव अपनी आँखें बंद करके करने लगी और उसका बड़ा भाई अपनी बेहेन के नंगे बदन पर ही एक कटे हुए वृक्ष की तरह गिर गया. करीब 15 मिनट चूत चुसाई के बाद मैंने अपना 7 इंच का लंड बाहर निकाला और उसके हाथ में दे दिया. मैंने उनको गोद में उठाया और कहा- बेडरूम में चलें?उन्होंने यस का इशारा किया और मैं बेडरूम में अन्दर आ गया.

मैं तो उसे ही देख रहा था, इतने में मुस्कान ने पूछा- बुक्स किस तरफ मिल रही हैं?मैंने मुस्कान को उंगली के इशारे से बताया कि बुक्स वहां मिल रही हैं, पर उससे बात करते टाइम मैंने उसके हाथ में एक रिसीप्ट थी, जिससे बुक्स लेते हैं. मैं सोच रहा था कि ये वही लड़की है जिसकी गांड में दो मिनट पहले मेरा लंड फंसा हुआ था. बापू ने पद्मिनी को वैसे ही पीछे से जकड़े हुए कहा- तू अचानक से कितनी लम्बी हो गयी है.

कुछ देर तक यूं ही लंड चुत का प्यार चलता रहा और फिर दोनों ने रोना शुरू कर दिया.

जब ऐसा लगा कि वो सहज हो गयी है, तो मैंने उसको धीरे धीरे चोदना शुरू किया. फिर हम दोनों यूं ही मस्ती करने लगे और ऐसे ही 10 मिनट के बाद हम दोनों गर्म होने लगे और फिर 69 में आ गए. बापू उस वक़्त जब वो पेंट से अपना लंड निकाल रहा था, तब ऊपर पद्मिनी को चूमते और चाटते जा रहा था.

मैंने उनके हाथ को हटाया और धीरे से उनकी सलवार को निकाल दिया, गजब की जांघें थीं उनकी, केले के तने की तरह चिकनी, उस पर जरा सी पेंटी गजब ढा रही थी. रूबी अब अपनी गर्दन घुमा के मेरे होंठों को चूमे जा रही थी, उसके होंठ और चेहरा गरम हुए जा रहे थे. वल्लिका के मुँह से निकली इस बात ने बाबा का जोश बढ़ा दिया और वो धकाधक वल्लिका की चूत में अपना लंड पेलने लगा.

हम दोनों लोग चुदाई करते करते झड़ने वाले थे, इसलिए वो मुझे जोर जोर से चोदने लगा.

हाय दोस्तो, मैं कुमार, मेरी पहली कहानीबीवी की चुत की दिलखुश चुदाईआपने पढ़ी होगी. यह सब करने के बाद बोला कि लगता तो नहीं है कि कोई बच्चा है, मगर जब तक तुम्हारा महीना शुरू ना हो जाए तब तक इतनी जल्दी से कुछ नहीं कहा जा सकता.

बीएफ डबल सेक्स सुधा भाभी- तुम नहीं सुधरोगे, अच्छा बताओ फिर हैदराबाद में कोई दोस्त बनाए या नहीं?मैं- मैडम, अभी तक घूमने का टाइम ही नहीं मिला. मैं फिर से उसके होंठ चूसने लगा और उसे बिस्तर पर लिटा दिया और फिर उसकी गर्दन पर किस करने लगा.

बीएफ डबल सेक्स मेरे लंड का सुपारा किसी कुत्ते की जीभ जैसी पानी की बूँदें छोड़ रहा था. उनके बालों में हाथ डाल के मैंने उनका सिर पीछे को कर दिया और अपने होंठ उनकी गर्दन पे रख दिया.

उनके होंठों पर हल्की सी मुस्कान भी थी, मुझे तो यह शक हो रहा था कि उन्होंने मुझे खीरे को मेरी मुनिया में घुसाते हुए देख लिया है.

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चलते भी नहीं बन रहा था, ऐसे ही तेज़ दर्द गांड में हुआ तो मैं बोली कि कुत्तों ने कैसे चोदा कि उस समय बहुत मजा आया और अब दर्द हो रहा है. मधू सिस्कारती हुई बोली- अमन यार … आअह्ह्ह्ह उउउह्ह क्या अकेले अकेले मजे लेने का इरादा है?मैं उसका मतलब समझ गया और मैंने 69 में होकर उसको अपना लंड दे दिया. इससे ऐसा सुख और संतोष प्राप्त होगा, जिससे किसी दूसरी औरत की तरफ देखने का भी मन नहीं होगा.

जब मुझे लगा मैं पानी छोड़ दूँगा तो मैं रुका, उसका सर पकड़ कर पूरा लंड ज़ोर से उसके गले तक घुसा दिया. मंजू पर भी शराब का असर पूरा था, उसने लड़खड़ाई आवाज में कहा- जान चोदो न मुझे!मैंने उसे उठा कर बिस्तर में पटक दिया और उसे नंगी करने लगा. अंकित जी आप को देखते ही आप से चुदाई के सपने देखने लगेंगे और फिर तो आगे आप सब हैंडल कर ही लोगी.

अब वो मेरे सामने कोई अप्सरा जैसी लग रही थी केवल लाल पेंटी में… उसके खड़े 34″ के चूचे मुझे सलामी दी रहे थे, मेरे लन्ड का तो बुरा हाल था, मैंने खुद अपना लोअर उतार कर खड़ा हो गया और अंडरवियर में कैद मेरा लन्ड मेरी नंगी बहन को देखने की कोशिश कर रहा था.

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सर अपना लंड लेकर मेरे मुँह के सामने होंठों पर टच कराने लगे और तभी मेरे दोनों बूब्स जोर से दबा दिए. अब मैं पागल हो रही हूं चाचा, क्या बताऊं कैसे बताऊं कैसा फील हो रहा है अब, आज के पहले कभी ऐसा महसूस नहीं हुआ, पहली बार ऐसा महसूस हो रहा है कि मैं बहुत चिल्ला कर गंदी बातें गंदी गालियां दूं और मुझे अब कुछ लिहाज नहीं है, तुम तीनों बुरा नहीं मानना. मैंने भी उनकी मर्दानी छाती के निप्पल चूसे और फिर हम बॉडी प्ले करने लगे.

मैंने भाभी की तरफ देख कर लंड को हिलाया तो भाभी नीचे बैठ कर मेरे लंड को सहलाते हुए अपने मुँह में लेकर एक किस के साथ थोड़ा सा चूस कर बोलीं- चलो अब खेल शुरू करो. मैंने ओके कहा तो उसने मुझसे बोला कि जब तुम ये अन्दर डालो, तो मेरा मुँह बंद कर देना.

विक्रम अभी होश में नहीं था… वो अपनी बेहेन की धुआंधार चुदाई में पूरी तरह व्यस्त था. ऐसे ही मैंने भाभी की पूरी बॉडी पर किस किया और भाभी की चुत के आस पास जीभ फेरी, लेकिन मैंने अभी तक भाभी की चुत पर किस नहीं किया. मैंने उसके हाथों पे किस कर दिया, वो थोड़ा सोच में पड़ गयी कि ये सब क्या हो रहा है.

और मैं हल्के हल्के से अपनी बुआ की बेटी के स्तनों के साथ खेलने लगा।मैं और वो थोड़ा दूर थे इसलिए थोड़ी परेशानी हो रही थी, मैंने हाथ हटा लिया तो वो तड़प उठी और उठकर बैठ गई क्योंकि कमरे में सब थे इसलिए कुछ बोली नहीं, बस उठकर बाहर चली गई.

मैं भी अपनी गर्दन पीछे करके उनके गोरे गोरे मस्त चिकने गालों पर किस करने लगा. वो मेरी बगल में आकर बैठ गया और मेरी तारीफ करने लगा- तू मुझे बहुत सुन्दर लगती है. मैंने उसको समझाया कि हम बड़े प्यार से सेक्स करेंगे, इससे तुम्हें कोई नुकसान नहीं होगा.

उन्होंने मुझे घूरते हुए कहा- तो बरखुरदार किसी के इंतजार में पुराने गाने सुन रहे हैं. एक दिन की बात है, मैं अपनी शॉप पर जा रहा था तो देखा कि सलमा टेम्पू स्टैंड पर खड़ी थी.

मैंने मम्मी को फ़ोन किया तो वो बोलीं कि उन लोगों को आने में रात हो जाएगी इसलिए वो लोग कल सुबह आएंगी. उसके बाद मुझे बहुत सारे इमेल्स आए और उसे कहानी को सराहने के लिए आप सभी का शुक्रिया. तब मैंने उनको अचानक बोल दिया कि मैं क्या करूँ, आप मुझे ज़्यादा पसंद हो.

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मैंने अचम्भित होते हुए कहा- क्या पागल हो गई है क्या तू?सोनम ने कहा- करोगे या नहीं?मैंने कहा- मैं नहीं करूँगा.

फिर मैं उनके मम्मे को जोर जोर से दबाने लगा और उनकी निप्पल को मेरे दांतों से काट रहा था और चूस रहा था. [emailprotected]कहानी का अगला भाग:मेरी अंतरंग डायरी: मेरी सेक्सी बहन की वासना-1. इतना मज़ा आ रहा था कि क्या बताऊँ यारो … वो बस ‘उम्म उम्म आह …’ की आवाज़ करने लगी.

किसी की मौत होने पर गाँवों में कितना रोना धोना होता है, आपको पता ही हैं. मैं उसका पूरा लंड मुँह में लेने की कोशिश करने लगी, लेकिन लंड मोटा और लम्बा होने के कारण सिर्फ़ आधे से थोड़ा ज़्यादा ही ले पायी. एचडी बीएफ वीडियो ओपनउस दिन हम दोनों ने इतना पी ली थी कि मैं अपने घर तक नहीं जा पा रहा था.

मयूरी- हाँ… फिर हमें रात को चुपके-चुपके चुदाई करने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी. मैंने किसी से कोई सेक्स नहीं किया लेकिन मुझे मालूम है कि मेरी कौमार्य झिल्ली टूट चुकी है.

मैं उसके सर की तरफ़ पैर को रख कर लेट गया और मैं उसकी गांड की तरफ़ मुँह घुमा कर सो गया. मैं डर गया और उन्हें रोकने की कोशिश करने लगा, पर उनका मर्दों जैसा भारी शरीर मुझ पर ही भारी पड़ रहा था. अब तो हमने एक दूसरे के नंबर भी एक्सचेंज कर लिए थे और रात रात भर कॉल पर बात करने लगे थे.

आँटी मेरे कपड़े उतारने लगी, उन्होंने बड़े प्यार से मुझे नंगा किया और ललचाई नजर से मेरे जिस्म को निहारने लगी. मैंने उसके पासवर्ड को अपने मोबाइल से लीक कर लिया और फिर मैंने अपने ऑफिस में ही उसकी सारी मेल्स जो जाती थी और उसको मिलती थीं, पढ़ लीं. मैं अब पूरे जोश में आ गया था, मेरी आँखें बंद हो चुकी थीं, मुझे अब कुछ नहीं दिख रहा था.

उसके बाद मैंने उनसे पूछा कि उन्होंने मेरे जैसे किसी अनजान लड़के को मिलने घर क्यों बुलाया?उन्होंने कहा कि तुम्हारे बात करने के तरीके से तुम मुझे बहुत अच्छे लगे और मेरे साथ मेरे बेड पे सो रहे हो तो तुम अनजान कैसे?इस बात पर हम दोनों हंसने लगे.

इस सब को जानने के लिए अन्तर्वासना से जुड़े रहिए और इस चुदाई की कहानी के लिए मुझे ईमेल जरूर कीजिएगा. मुझे ऐसा महसूस हो रहा था जैसे मेरी योनि की मांसपेशियों ने उसे जकड़ लिया हो।जबकि अहाना ने उसे फंसा छोड़ मेरी योनि के ऊपरी सिरे पर मौजूद मांस के उभार को ढेर सी लार से गीला करके रगड़ना शुरु कर दिया था।मजा दर्द पर हावी होने लगा।मैं जो गर्दन उठा कर उसे देखने लगी थी फिर गर्दन डाल कर पड़ गयी और वह एक हाथ ऊपर ला कर मेरे एक दूध को दबाने लगी.

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प्रभु भी उठ बैठा, उसकी बड़े बड़े तने बूब्स को दोनों हाथों से दबा के अपना लौड़ा उनके के बीच घुसा दिया. दीदी, आपकी गर्दन कितनी प्यारी है और आपके कानों की लौ तो और भी मस्त है. अब मैंने दोनों हाथों से कोमल के हिप्स पकड़ लिए और जोर जोर से लंड पेलने लगा.

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आपको डरने की बजाए ऐसा कोई देखना चाहिए, जिस पर आपको विश्वास हो कि उसके साथ सब ठीक रहेगा. उसकी आंखें, गला, नाक, होंठ, गाल एक भी जगह ऐसी नहीं बची थी कि जहां पर मेरे होंठ ना लगे हों. मैंने भी ज्यादा देर ना करते हुए अपना लंड सोनम की चुत पर ले जाकर रगड़ने लगा.

मैं- अच्छा तभी रीना दीदी को आजकल घूर घूर कर देख कर तुम उनके इस क्रियाओं के बारे अंदाजा लगाते हो?श्लोक- नहीं, मैंने कहां देखा घूर कर?श्लोक की जुबान लड़खड़ाने लगी. मैं यहां से बाहर चला जाऊं क्या?चाचा मेरे कान में धीरे से बोले- क्यों वन्द्या डार्लिंग इसको भी बुला लें, बाहर जाके कुछ गड़बड़ ना करे. बीएफ वीडियो हिंदी भाषाउसकी सहेली काजल का कल एग्जाम है, तो वो अपनी नींद पूरी करना चाहती है.

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आज ही सुबह सुजाता के मम्मी पापा किसी रिश्तेदार की शादी में गए हुए थे. मैंने आश्चर्य से पूछा- क्या तुम सच कह रहे हो?वो बोला- हां सच कह रहा हूँ वन्द्या कि हम दोनों दोस्त वीडियो सेक्सी देखकर सिर्फ तुम्हें चोदने की बात करते हैं. उनके पति एक कंपनी में जॉब करते थे और पूरे दिन भर घर में वो अकेली रहती थीं.

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रात हो गई थी, खेतों में आठ बजे के बाद ही ऐसा महसूस होने लगता, जैसे शहरों में रात ग्यारह बजे के बाद लगता है. थोड़ी देर तक यूं ही मजे लेनें के बाद मैंने एक झटके में अपना लिंग उनकी योनि में डाल दिया, अन्दर डालते ही उनके मुँह से जोर से उम्म्ह… अहह… हय… याह… की आवाज निकली. वैसे तो मुझे चुदाई का कोई अनुभव नहीं था, ना ही उसको… लेकिन मुझे सब पता है क्योंकि मैं लगभग हर दिन अन्तर्वासना की कहानियां पढ़ता हूँ और सेक्स की वीडियो देखता हूं।फिर मैंने अपनी बहन की पैंटी पकड़ कर नीचे सरकाई और निकाल कर उसकी चूत को सूंघने लगा.

” मैंने बेटी शब्द का प्रयोग इसलिये किया क्योंकि अभी तक वो मुझे पापा बोलती आयी थी, मुझे लगा कि उसे बेटी बोलने से उसे अच्छा लगेगा और वो ग़ुस्सा नहीं करेगी।ओके पापा… वो कहते हुए मेरे ऊपर झुकी और मेरे होंठों को चूम लिया।फिर एकदम से वो खड़ी हो गयी और कमरे से बाहर निकल गयी।कहानी जारी रहेगी. जैसे जैसे उनका लंड मेरी गांड में जा रहा था, वैसे वैसे मुझे दर्द होने लगा.

मैं उसकी बुर को चाटने लगा, कभी उसकी बुर में जीभ घुसा देता तो कभी बुर के दाने को दांतों से काट लेता.

मैं भी झड़ने के करीब था तो मैंने पूछा कि कहाँ लेगी?तभी निक्की ने कहा- मेरी चुत में लगा दे लंड. ವಿಡಿಯೋ ಸೆಕ್ಸ್ ಪಿಕ್ಚರ್रास्ते में मेरा शरीर उसके शरीर से रगड़ खा रहा था, जिससे मुझे बड़ी चुदास भड़क रही थी. पति पत्नी वाला सेक्समैं मस्त हवा में उड़े जा रही थी मेरी चूत और गांड के दोनों छेद लंड से चुदाई कर रहे थे. उससे कहना कि वो तो सारा दिन ऑफिस रहती हैं, इसलिए पूरे दिन में जब भी उसे मौका मिले तो वो आए.

वह तेज तेज बोलने लगी- चोद दो मुझे … जोर से चोदो, फाड़ दो मेरी चूत और गांड!अब हम दोनों ने अपनी साइड बदलने की सोची और हमने रितु कीसाइड बदल दी.

वो अपने ऩाम के उलट बड़ी सख्त मिजाज थीं और दिखने में कामदेवी लगती थीं. कोमल भाभी की आह निकल गई- आह रॉबी…भाभी मेरा सर अपनी चूत पर दबा कर पैर सोफे पर रखकर अपनी चूत मेरे मुँह पर दबाने लगीं. मैं अपनी वर्जिनिटी ऐसे ही वेस्ट नहीं करना चाहता था, पर मैं भी महाबकचोद था, सो बोल उठा- मुझे चाहिए.

मेरी सहेलियां भी जॉब पर गई थीं, तो मेरी कोई सहेली भी उस वक्त अपने घर पर नहीं थी. चाचा ने होंठ के बाद सीधे मेरे मम्मों को पकड़ कर तेजी से दबाया और बोले- वन्द्या, ये तो बहुत कड़क हैं, पर क्या गजब के हैं. अब पद्मिनी ने सारी बातें कह डालीं, तो बापू ने उसको चूमते हुए कहा- बस यही हुआ है.

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फ़िर भी मुझे सामने चूत दिख रही थी तो कब तक मेरे जैसा जवान खुद को रोक सकता था. फिर कुछ देर बाद बोला- तुम भी मेरे लंड को चूसो और जैसे ही खड़ा हो जाए. उस दिन हम दोनों में बस इतना ही हुआ मैंने देखा कि आंटी के चेहरे पर एक अजीब सी चमक थी.

मैंने उसकी कमर को पकड़ कर उसकी नाभि में जीभ डाल कर उसे किस करना शुरू किया और अपनी लार से उसके नाभि और पेट को गीला करने लगा.

रात को बुलाने का मतलब था कि उसके लंड की सेवा करना और मैं इसके लिए तैयार ही थी.

मैंने उसको अन्दर चलने को कहा, तो उसने कहा कि मैं कपड़े चेंज करके आता हूँ, तब तक आप भी कपड़े चेंज कर लो. मैं बोला- अगर आप गांड चुदवाना चाहती हो तो अभी आ जाओ, मैं तैयार हूँ. गुजराती xxxxबात आज से 10 साल पहले की है जब मैं 12वीं में पढ़ता था। मेरे घर के पास ही में 2 घर छोड़ के मेरे से एक साल छोटी मेरी जूनियर रहती थी जिसका नाम नैना था। पहले मेरी उसमें कोई रूचि नहीं थी, मेरा ध्यान सिर्फ फुटबॉल खेलने में रहता था.

उनकी इस अदा से कहने से यूं लगा जैसे वो कह रही हों कि चलो अब चुदाई का मजा लेने के लिए कमरे में चलते हैं. उस रात तब तक भाभी मेरे लंड को ही चूस पायी थी कि अचानक उसके पति रवि के आवाज लगाने के कारण वह वहां से चली गई और मैं सो गया. ?तो मैंने अपनी सास को अपनी तरफ खींचते हुए कहा कि अब भी तुम्हें मुझसे किसी काम में शर्म आएगी क्या?फिर वो मना करने लगीं, तो मैं ज़िद करने लगा.

लंड फंसते ही मैंने उसे अपनी ओर खींच लिया, जिससे एक ही झटके में मेरा पूरा लंड उसकी बुर में समा गया. मैंने जवाब दिया कि भैया वो बहुत अच्छा लड़का है, मगर मैं नहीं जानती कि वो मुझे पसंद करता हैं या नहीं.

तब मैं समझा कि ये सूखने डाले हुए कपड़ों को उतारने की बात कर रही हैं.

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लाल जी का लंड बहुत बड़ा था जिसे देख कर मैंने उससे पूछा कि तेरा लंड इतना बड़ा कैसे हो गया? क्या कोई दवा लेता है?अब आगे.

बीएफ डबल सेक्स: चोद दो मेरी चूत को मेरे भाई… आह…विक्रम- हाँ मेरी बेहेना… आज से मैं तेरा भैया और सैयां दोनों हो गया… अब तेरी चूत को मैं खुद चोदूँगा. इतनी देर में मयूरी 5-6 बार झड़ चुकी थी और विक्रम ने उसके चुत से निकला हुआ पूरा का पूरा माल अपने मुँह से चूस-चूस कर गटक लिया था.

मुझे बहुत ही अजीब लगा, मजा सा भी आया, मैं सर से बोली- प्लीज कमलेश सर क्या कर रहे हैं, मुझे गुदगुदी हो रही है…टीचर जी अपनी जीभ निकाल कर मेरी चूत को चाटने लगे. मैंने कहा- क्या तुमने मेरा सब कुछ देखा था?वो बोला- आप सब समझती हैं. मैं उसके मम्मे चूसते दबाते हुए थोड़ा नीचे आया और उसके पेट पर पर किस करने लगा.

बहुत देर तक उनका लंड चूसने के बाद मैंने उनके लंड के सुपारे को अपने मुँह में रखा और एक हाथ से मुठ मारने लगा.

पद्मिनी को यह भी बिल्कुल पता हो चला था कि उस टीचर से रिश्ते वाली बात को लेकर उसके बापू ने उसको इस नज़रों से देखा है. होटल वालों ने हमें सोने के लिए जो कंबल दिया था वह काफी हल्का था, उसमें काफी ठंड लग रही थी. शाज़िया का बदन गोरा है तो चाचा ने आराम से दोनों हाथ के अंगूठों से उसकी चूत को खोला और चूत के अंदर का गुलाबी भाग दिखने लगा।चाचा ने आहिस्ता से अपनी जीभ गुलाबी चूत में घुसा दी। शाज़िया ने कस कर चाचा का सर अपनी चूत पर दबा दिया.