बीएफ सेक्सी पंजाब वाली

छवि स्रोत,पेशाब करते हुए सेक्स

तस्वीर का शीर्षक ,

स्कूल गर्ल बीएफ मूवी: बीएफ सेक्सी पंजाब वाली, वैसे अगर आप उन्हें देखो तो छूने का मन करेगा और आप निश्चित तौर पर मुठ मारना चाहेंगे क्योंकि वे जैसी दीखती हैं वह शब्द में नहीं बयान कर सकता.

সেক্সি ব্লু ফিল্ম হিন্দি

मैं थक गई थी और झड़ गई, पर मैंने अंकित से कहा- तुम चूत के अन्दर मत झड़ना. इंडियन सेक्स ट्रिपल एक्सएक तो ब्लू फिल्म की खुमारी, ऊपर से आज भाभी की साड़ी वाला दृश्य, मुझसे कंट्रोल करना मुश्किल था तो मैंने बाथरूम में ही मोबाइल में ब्लू फिल्म चालू कर दी और सेक्स टॉय को भाभी की चूत समझ कर उसमें अपना लंड डाला और झटके पे झटके लगाने लगा.

दस मिनट की चुसाई के बाद मैं झड़ने वाला था, मैंने कहा- रस निकालूँ?तो उसने कहा- हां मेरे होंठों पर निकाल दो. सेक्सी पिक्चर वीडियो ब्लू पिक्चरशर्ट के बटन खोलकर मैंने उसे उठाया और पीछे से ब्रा का हुक खोला, तो हाय.

उंगली चोदन से करीब 10 मिनट में उन्होंने पानी छोड़ दिया और मुझे जोर से किस किया.बीएफ सेक्सी पंजाब वाली: उन्होंने मेरा नाम पूछा, तो मैंने अपना नाम बताया कि मेरा नाम विकी है.

!”इसमें अब क्या शर्त? बोलो क्या शर्त है?”तुम्हें भी मेरे जैसा होना पड़ेगा.एक बार जब चूत में अपना लंड घुसाता है, तो निकालने का तो मानो भूल ही जाता है.

मराठी ट्रिपल एक्स सेक्स व्हिडिओ - बीएफ सेक्सी पंजाब वाली

तो मैंने उन्हें इतना कसकर पकड़ लिया कि वह हिल भी नहीं पा रही थीं और उनकी सांसें भी नहीं निकल रही थीं.कुछ ही दिनों बाद बरसात के मौसम में हम फिर नदी के किनारे घूम रहे थे, तभी मैं उससे कहा- हर्षा, मौसम कितना रोमांटिक है ना?उसने हां कहा.

डॉक्टर का लंड पूरा 8 इंच लंबा था, वो लंड दिखाते हुए बोला- इससे अब तुम्हारा इलाज़ होगा. बीएफ सेक्सी पंजाब वाली चूंकि उसने लैगीज और टॉप पहना हुआ था तो मुझे हाथ डालने में कोई दिक्कत नहीं हुई.

जब वो अपने दोनों हाथों को ऊपर किए हुए थीं, उस समय आंटी की भरी हुई चुचियां एकदम सामने से दिख रही थीं.

बीएफ सेक्सी पंजाब वाली?

कुछ कसमसाहट के पश्चात उसने लंड को चूत में एडजस्ट किया और मजे से चुदने लगी। वह आह…. बॉस की सिगरेट खत्म हो गई थी, तो उसने मुझे नीचे जाकर गाड़ी से सिगरेट उठा कर लाने को कहा. उसने विक्रम की जबान को चूसना शुरू किया और दोनों एक-दूसरे को करीब पांच मिनट तक चूसते रहे.

लॉन में जाकर पहले तो दो कप चाय पी और फिर बाहर निकल के एक रिक्शा पकड़ा. साली ये चुत तेरे लंड की दीवानी हो गयी है… बस सारी रात मेरी चुदाई करते रहो. ऐसे ही हमारी बातें दिन प्रतिदिन ज्यादा होती गयी, हम अपनी बातें एक दूसरे को बताने लगे और दोनों बहुत खुश थे और मुझे लगा कि उसको भी मुझसे प्यार है.

तो दोस्तो, यह थी मेरी पहली सेक्स कहानी… आशा करता हूँ कि आपको पसंद आई होगी. कुछ ही देर बाद कुछ ऐसा हुआ कि सामने वाली बर्थ जिनकी थी, वे आ गए और मैंने उसको नजरों से अपने बगल में आने का इशारा किया. दोस्तो इतने दिनों से मैंने अपनी कोई स्टोरी नहीं लिखी, थोड़ा बिजी था और काफी ज्यादा टाइम भी हो गया है.

मैं- समझ सब रही हो लेकिन कहना नहीं चाहती!मुस्कान- छी … कितने गंदे हो तुम!मैं फिर गुस्सा हो गया. उनको मेर बात पसंद आ गई, फिर उन्होंने मेरा नंबर मांगा और अपना नंबर भी मुझे दिया.

वे मेरे गले पर अपने नाज़ुक होंठों से चूसते हुए ज़ोरदार किस करने लगीं.

चूंकि वो मेरे बहुत करीब था इसलिए मैंने भी कुछ इस तरह से रिएक्ट किया कि जैसे ही मम्मे बाहर निकलें, वो उसके मुँह पर जा लगें.

इतना मजा आ रहा था कि मेरा दिल तो हो रहा था कि अपना लंड कोमल की चूत में डाल दूँ. (हाँ हाँ… हे भगवान्… जोर से जोर से!)मेरा जोश भी बढ़ता जा रहा था, मैं दनादन अपनी बहन की चूत चुदाई करने लगा. भाभी के पैरों में सैंडल और हाथों में कंगन यूं लग रहा था, जैसे खुदा ने किसी अप्सरा को जमीन पे उतार दिया हो.

वो मेरे निप्पलों को चूस रही थी, दांतों से काट रही थी और उसके हाथ मेरी ट्रैक पैन्ट को नीचे कर रहे थे. मुस्कान ने इस वक्त एक फुल फिटिंग की जीन्स, जो काले रंग की थी और सफेद रंग का टॉप पहना हुआ था. मैं बोली- यह ठीक नहीं है चाचा, आप मुझसे बहुत बड़े हैं, मुझे छोड़ दीजिए, भगवान के लिए मेरे साथ ऐसा मत करिए.

मेरा जोश और बढ़ रहा था मैंने मनोहर को अपनी बांहों में कस के पकड़ लिया और बोली- हां मेरे राजा, चलूंगी तेरे साथ, जहां तू बोलेगा, तू मुझे अपनी बीवी आज से अभी से मान लें, तू बहुत हरामी है मादरचोद मनोहर क्या मस्त चोदता है.

मैंने सलमा को रात को 10 बजे फ़ोन लगाया तो उसने कहा कि आप कल आना, आज तो रात बहुत हो चुकी. अब मैंने धक्के तेज कर दिए धचच फच्च ध्च्च फच्च मैं पूरे जोर से लगा था, मेरी सांस जोर से चलने लगी. वहाँ पर पहले से ही रात की चुदाई का प्रोग्राम सैट था इसलिए कोई बात ना किसी से कह पाई और ना ही सोच पाई.

इस पर बापू ने कहा- अरी पगली, इतनी खूबसूरत जाँघें हैं तेरी, तेरी माँ से भी ज़्यादा खूबसूरत और सेक्सी हैं, देखने दे न… मुझको तो इनको खा जाने को मन करता है. वह पढ़ाई के साथ-साथ ऑनलाइन पार्ट टाइम जॉब भी करता है, तो उसने मुझे बताया कि तुम भी मेरी कम्पनी में जॉइन हो सकती हो तो किसी से पैसे मांगने की जरूरत नहीं पड़ेगी. बारिश की वजह से घर भी नहीं जा सकती थी और स्कूल का टॉयलेट मैं इस्तेमाल नहीं करती थी.

मैं सोच रहा था कि ये वही लड़की है जिसकी गांड में दो मिनट पहले मेरा लंड फंसा हुआ था.

फिर मुझे पता चला कि वो भाभी जी सुबह जिम और योगा वगैरह के लिए जाती हैं, तभी उसका फिगर इतना मेंटेन और कातिल था. फिर मैं आंटी को टच करने और चोदने के बहाने के बारे में सोचने लगा था.

बीएफ सेक्सी पंजाब वाली वो बोला- अंकित, तू यहां मेरी मौसी के यहां कल या परसों में आ सकता है क्या?उसने पूछा- क्या काम है?लालजी बोला- बहुत मस्त माल दिलवाऊंगा. मैं 2-3 मिनट तो चाची के ऊपर ही पड़ा रहा, फिर चाची ने मुझे उनके ऊपर से उठने को कहा.

बीएफ सेक्सी पंजाब वाली मैंने अपना कुर्ता उतार दिया और खाला को अपनी छाती से लगा कर अपनी बाँहों में जकड़ लिया, उनके नर्म मुलायम बूब्स का मेरी छाती से दबने लगे. [emailprotected]कहानी का अगला भाग:मेरी अंतरंग डायरी: मेरी सेक्सी बहन की वासना-1.

वो मेरी शॉप पर भी आने लगी थी और हम साथ में शॉपिंग और फिल्म देखने भी जाने लगे थे.

अंग्रेजी में बीएफ सेक्सी

मयूरी- हाँ… फिर हमें रात को चुपके-चुपके चुदाई करने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी. मैंने कहा- ठीक है अगर तुमने मेरा साथ दिया तो अभिलाषा इसी होटल में तुम्हारी नौकरी पक्की कर देगी. ज्यूँ ज्यूँ स्कर्ट उठता गया, त्यों त्यों बापू की आँखों को पद्मिनी की गोरी जाँघें और भी गोरी दिखाई देने लगीं.

मयूरी के लिए यह पहली बार था जब वो किसी का लंड अपने हाथ में ले रही थी. रीना दीदी जोर-जोर से चिल्लाने लगी- फक मी फक मी हार्ड… उम्म्ह… अहह… हय… याह… बहनचोद सिस्टर फकर!मैंने कभी नहीं सोचा था कि रीना दीदी का एक ऐसा भी रूप होगा, इतने जोरदार धक्कों के बावजूद भी वे इतनी बेचैनी से चिल्ला रही थी, उन्हें पूर्णतया वाइल्ड सेक्स चाहिए था और मैंने उनके मंसूबों को पूरा किया. थोड़ी देर में जब मयूरी बाथरूम से वापिस आयी तो विक्रम भी पेशाब करने और अपने लंड को साफ़ करने बाथरूम गया और थोड़ी देर में नग्न ही वापिस भी आ गया.

हम जिस मकान में रहते थे, वहाँ मकान मालिक नहीं रहता था, लेकिन उधर दो कमरे और भी थे, जो किराए पे लगे हुए थे.

चुदाई करते समय दूसरे को चुदाई करते देखना भी हम चारों को एक अलग सी उत्तेजना दे रहा था. उसने विक्रम के लंड के कड़ापन को महसूस किया… वो बहुत ही ज्यादा सख्त था… काफी लम्बा भी था. हम दोनों का ही मन लड़की बाजी में बहुत ज्यादा लगता था, हम दोनों बस यही सपने देखते थे कब कौन सी माल पटा लें और उसे चोद डालें।मेरे और मेरे मित्र हम दोनों की नजरें हर एक माल हर एक लड़की और आस पड़ोस की मोहल्ले की हर एक आंटी पर होती थी.

ऐसा कुछ समय तक चलने के बाद उसने मुझे सोफे पे बैठा दिया और खुद खड़े होकर उसने अपनी शर्ट ओर बनियान उतार दी. वैसे भी क्या पता, अगर उनके लंड की प्यास मेरे चूसने से और मेरी गांड मारने से उनकी प्यास बुझ जाए और साथ ही मेरी आग भी बुझ जाएगी. उनको यहाँ-वहाँ छूकर अपने मन की बात का अहसास भी कराओ और उनके मन को भी पढ़ने की कोशिश करो.

मैंने भी उसके चूचों को अगले ही पल आज़ाद कर दिया और उन्हें ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगा. आज पहली बार आपसे अपने कुछ अनुभव साझा करूँगा, अगर आपको पसंद आए तो आगे भी अपने और दोस्तों की लाइफ के अनुभव आपको हाजिर करूँगा.

ऐसे ही मैंने सोचा कि यार गलत टाइम पर शुरू हो गया औऱ शायद मैंने जल्दी कर दी. तभी उसके पति नलिन कमरे में आये, आते ही अपनी दुल्हन से बोले- हाय जान! क्या कर रही हो फोन में? आज हमारी पहली रात है, सुहाग रात है. उसका दुपट्टा काफी उभरा उभरा सा दिखता था जिससे अंदाज होता था दुपट्टे के नीचे कुर्ती और ब्रा में कैद उसके मम्में जरूर एक एक किलो के तो होंगे ही.

जब भाभी मुझे कमरे में ले जा रही थीं तब मैंने उनकी हसीन जवानी से चिपकने का भरपूर सुख लिया.

खाला बोली- आमिर, क्या ये मेरे अंदर जा पायेगा? ये मेरी चूत फाड़ तो नहीं देगा?मैं बोला- नहीं मेरी रानी, ये तो तुम्हारा आशिक़ है और हमारे प्यार और आनंद का औज़ार है, इसी से तो हम दोनों को प्यार के मजे मिलेंगे. एक दिन मेरी शॉप पर कोई नहीं था, मैं किसी कस्टमर का इंतजार कर रहा था, वो नहीं आया, जिस वजह से मैं लेट हो गया. मैं तो उसे ही देख रहा था, इतने में मुस्कान ने पूछा- बुक्स किस तरफ मिल रही हैं?मैंने मुस्कान को उंगली के इशारे से बताया कि बुक्स वहां मिल रही हैं, पर उससे बात करते टाइम मैंने उसके हाथ में एक रिसीप्ट थी, जिससे बुक्स लेते हैं.

कुछ देर तक लंड चूसने के बाद भाभी चित लेट गईं और अपनी चूत की तरफ इशारा करने लगीं, भाभी अपनी आंखें बंद करके चूत पर हाथ फिराने लगीं. राहुल का 6 इंच का मोटा लंड में अच्छे से अपने मुँह में लेकर उसको लंड चुसाई का सुख दे रही थी और राहुल अपनी जीभ और उंगलियो को मेरी चूत में डाल कर मुझे रगड़ सुख दे रहा था.

आख़िर मैंने उनको लेटकर उनके चिकने पेट पर किस करते हुए बड़े बड़े मम्मों को दबाना चालू कर दिया था. फिर मैंने अपने दोनों हाथ बीवी के पीठ पर लाकर बीवी को अपनी बांहों में जकड़ कर सो गया. हम दोनों पति पत्नी को थ्रीसम चुदाई किये बहुत दिन हो गए थे और रितु को नए लंड का मजा नहीं मिला था, मैं भी उसको चुदते हुए देखना चाहता था, उसे मेरे सामने टाँगें उठा कर और जोर जोर से चुदने में और उसे मुझे सताने और जलाने में मजा आता है.

फोन सैक्स

प्रभु ने अपने दोनों हाथों से रूबी की दोनों टाँगों को पकड़ा और अपनी ज़ुबान रूबी की चूत में डाल दी.

लेकिन धीरे-धीरे पता नहीं मुझे उनके प्रति कैसी फीलिंग आने लगी।एक दिन मैं अपने कमरे के दरवाजे पर खड़ा था और वो झाड़ू लगा रही थीं। उस समय मैं घर में अकेला था।उन्होंने मुझसे कहा- अभिषेक दरवाजे पर ऐसे क्यों खड़े हो?मैंने कहा- कुछ नहीं बस यूं ही. या फिर फोन में उलझा रहता था।मेरी उस टाइम तक कोई गर्लफ्रेंड भी नहीं थी।अब मैं नेहा आंटी के बारे में बता दूँ. ”नमकीन शहद? वो क्या होता है?”मुझे मालूम है कि आपके पास है और यदि आप मुझे रोके ना, तो मैं निकाल लूँगा.

आज के जमाने में लड़की को प्राकृतिक रूप से वयस्क हो जाने के बाद और दस बारह वर्ष तक जब तक शादी न हो जाय अपनी चूत की खुजली पर कंट्रोल रखना पड़ता है. वो बेचारी तो रोती रही थी और मुझसे बोलती रही कि मैं तुम्हारी बीवी हूँ. बिलु फिलमजैसे ही मेरा लंड का टोपा सोनम की चुत के अन्दर दाखिल हुआ, सोनम जोर से चीखने लगी ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’फिर मैंने जल्दी से सोनम के मुँह पर हाथ रखा और फिर से मैंने एक बार और तेज धक्का दे मारा.

उसने मुझे कहा एक बार बाहर निकालो, दोबारा डाल लेना, परंतु मैंने ऐसा नहीं किया, मैंने तीन या चार झटकों में अपना 6 इंच का लिंग बहन की चूत में घुसा दिया. पेंटी उतारते से ही उसने अपना मुँह मेरी चूत में लगा दिया और मेरी चूत को चाटने लगा.

और आगे भी वो मेरे साथ या अकेले ही आपके काम आ सकता है, अगर आप चाहेंगी तो।जल्दबाजी नहीं. मैं उसे रोज़ कॉल करके बात करता इस तरह हमारी दोस्ती काफी गहरी हो गयी, उसकी बातों से मुझे लगने लगा कि वो अब मुझे पसंद करने लगी है क्योंकि जब मैं कभी कभी बिजी रहता हूँ तो वो मुझे खुद कॉल करके मुझसे बहुत प्यार से बात करती थी और मैं भी उससे प्यार से बात करने लगा. राहुल नीचे की तरफ़ ताबड़तोड़ धक्के दिए जा रहा था और मैं भी उसका साथ अपनी गांड और कमर उठा उठा कर दे रही थी.

मुझे मालूम हुआ कि सुधा भाभी ने भी बिज़नेस मैनेज्मेंट में पढ़ाई की हुई थी और बिजनेस की अच्छी समझ रखती थीं. वो चाहती थी लो जब उसका छोटा भाई अपनी बेहेन की चूत की ताबड़तोड़ चुदाई करे तो वो एक-एक पल का पूरा आनन्द ले. मेरी चुत चुदाई कहानी के पहले भागप्रीति शर्मा का कैज़ुअल सेक्स-1में आपने पढ़ा कि मैं अपने पति से साथ मूड बना कर डिस्को आई.

तभी कोमल भाभी जोर से चीख पड़ीं और सोनी अपने कामरस से मुझे भिगोने लगी.

फिर आहिस्ते से उनकी चुत पे अपना मुँह रखा तो उस वक्त वो बहुत काँपने लगीं. फिर मैंने कोमल को बेड पर लेटाया और मैं खुद उसकी टांगों के बीच बैठ गया और अपने खड़े लंड से कोमल की चूत को कुरेदने करने लगा.

वो थोड़ा गुस्से से बोलीं- बेटा तेरी मरजी नहीं चलेगी, चुत चाहिए तो चाटनी भी पड़ेगी. मैंने भी मौका देख कर सोचा, इस छोटी सी मुलाकात को आगे बढ़ाया जाए- मैडम, आप जब चाहो मुझे बुला सकती हो. हेलो दोस्तो, मैं अन्तर्वासना का कई सालों से पाठक रहा हूँ मैंने इस सेक्स कहानी साइट की लगभग सभी कहानियाँ पढ़ी हैं तो मैंने भी सभी की तरह सोचा कि मैं भी अपनी चुदाई की कहानी भेजूँ!मेरा नाम सरताज है, कानपुर में रहता हूँ। मैं 19 साल का लंबा गोरा और खूबसूरत लड़का हूँ, मैं दिखने काफी खूबसूरत भी हूँ क्योंकि मेरे चेहरा बिल्कुल साफ है, मेरी लंबाई 5 फुट 9 इंच है जिससे आप मेरे लंड का साइज़ समझ सकते हैं.

बाप निकल गया, तो पद्मिनी को ऐसा लगा, जैसे उसके बाप ने अभी अभी उसको रात को चोदने को प्रपोज़ किया. एकदम साफ और गुलाबी फांकें थीं, उसको देखकर मैं सीधा उसकी चुत पर लपक पड़ा और उसकी चूत को चाटने लगा. रूबी थोड़ा पीछे हट के झुकी, अपना सैन्डल निकालने को… उसकी वक्षरेखा देख के हम सब का लौड़ा तन गया.

बीएफ सेक्सी पंजाब वाली ये बात अभी नवम्बर 2016 पहले की है, जब 500 और 1000 के नोट बंद हुए थे. तब मैंने अपनी मकान मालिक से बात की और उन्हें बात बताई कि वो अकेली हॉस्टल में रह गई है, जिस वजह से वो डर रही है और बुरा फील कर रही है.

घागरे वाली सेक्सी पिक्चर

मैं समझ गयी कि अब इसके अंदर का मर्द जाग चुका है और मुझे खुशी हुई के मैंने अपने भाई को मर्द बना दिया।मेरी चूत गीली थी पर अनाड़ी होने की वजह से वो डाल नहीं पा रहा था और उसका लंड बार बार फिसल रहा था जिससे मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. मैं बहुत खुश था, उस रात को मुझे नींद नहीं आई थी और बस उसी के ख्याल आते रहे थे. अब मैं क्या करूँ…” मैं सोच में पड़ गयी, ‘बिना नहाये स्कूल में कैसे जाऊँगी?’ मैंने अपने आप बड़बड़ाते हुए बोली।क्यूं न मैं पापा के बाथरूम को यूज कर लूं!” मुझे यही ठीक लगा।मैं अपने कपड़े उठा कर पापा के बाथरूम पहुँच गयी और अपने कपड़े उतार कर बाथ लेने लगी.

फिर मैंने शरारत करते हुए लंड को थोड़ा बाहर निकाला और फिर पूरी ताकत से उसकी चुत में घुसा दिया. करीब 15 मिनट की जोरदार बेहेन की चुदाई के बाद अब विक्रम का लंड पानी छोड़ने वाला था… वो जोर से बोला- मयूरी बहना … मैं आने वाला हूँ… क्या करूँ?मयूरी- प्लीज भैया… अपने लंड का पानी आज मेरी चूत में ही छोड़ना… मैं इस चुदाई का पूरा सुख लेना चाहती हूँ… आ… ह…विक्रम- फिर ये लो… आ… आह…और ऐसा कहते हुए हो एक झटके के साथ अपना वीर्य पहली बार अपनी छोटी बेहेन की चूत में छोड़ दिया. एक्स व्हिडिओ मराठीभैया बोले- मज़ा आ रहा है ना, आज तो तुझे ऐसा चोदूँगा कि कुछ दिनों तक ढंग से चल नहीं पाएगा मेरी जान.

इतने में कुछ बाल जैसी चीज मेरे जीभ से टकरायी, मैंने निकाल कर देखा तो सफेद सूत सा कुछ था.

उसने अपना दायां पैर उठाकर बिस्तर पर रखा हुआ था और मेरी तरफ देखकर बड़े ही अश्लील भाव से मुस्कुरा रही थी. फिर मैंने अपने लंड पर धीरे धीरे दबाव बनाते हुए उनकी चुत में डालने लगा.

फिर उसकी चुत की फांकों में लौड़े को सैट करके एक ज़ोरदार धक्का दे मारा. और हम टहलते टहलते थोड़ा दूर एक सुनसान सी जगह पर आ गए। अब न तो डी जे का शोर हमें तंग कर रहा था और ना पंडाल की रोशनी का कोई डर!मैंने सोनू को जोर से आलिंगन में भर लिया और कई देर तक हम यूं ही खड़े रहे। एक दूसरे को अपनी गर्मी से सुकून देते रहे। हमें न ठंड लग रही थी और न काली रात का डर. गीता कुछ देर आराम करने के बाद पिछले दरवाजे से ही बाहर निकली तो देखा कि डॉक्टर किसी से बात कर रहा था.

उसके बाद मैंने उसे एक दिन फिर उसके मौसेरे भाई के साथ पकड़ा और बातें सुना कर हमेशा के लिए छोड़ दिया.

तो मैंने एक बार मोहन को बताया कि इस बार दो तीन दिन कोंकण घूमने जाते हैं. मैं भी तैयार होकर अपने काम से बाहर चला गया।दोपहर बाद आकर अभिलाषा को कैसे चोदा यह अगली कहानी में लिखूंगा. अब फिर उसने मुझसे कहा कि मेरे इस व्हाट्सैप नम्बर पर कभी भी कॉल मत करना.

एक्स एक्स एक्स हिंदी मूवीसजूली ने मेरे लंड को पकड़ कर मस्ती से फिर कहा- लेकिन आपका तो इतना मोटा और बड़ा है, यह अन्दर कैसे जाएगा?मैंने कहा- तुम चिंता मत करो, बिल्कुल जैसे जैसे तुम कहोगी, मैं उतना ही अन्दर डालूँगा. पर ये भी था कि मैंने जिससे भी सेक्स किया, उससे फुल मस्ती की और हर बार मेरे पार्टनर को भी बहुत मजा आया.

बीएफ सेक्सी वीडियो चलाओ

हम तीनों ने एक और पेग बनाया, यह रितु का तीसरा और हमारा चौथा पेग था. शायद सारिका ने मेरी पेन्ट का तम्बू देख लिया था और मुस्कुराते हुए बोली- तुम भी कम नहीं हो. कोमल भी अपनी पूरी गांड चला रही थी और मेरा लंड पूरा कोमल की चूत में अन्दर तक जा रहा था.

फिर भी मैंने चौंकते हुए कहा- मैं?तो वो बोलीं- अरे यार, यहां कोई और भी है क्या. जैसे ही मैंने मना किया टीचर जी सीधे खड़े हो गए और मुझसे लिपटने लगे. मैंने अपनी बैठने की पोजीशन बदलना चाही तो उन्होंने मुझसे कहा कि ऐसे ही बैठी रहो वन्द्या.

विजय और रीना एक दूसरे को किस करते हुए एक दूसरे के गुप्तांगों को छूने लगे. वो मुझसे इतनी तेज से चिपकी हुई थी कि उसकी चूत से मेरे लंड सट गया था. तो फिर वो मनाने के लिये सब खुल के बात करने लगी, बोली- अच्छा तो आप सेक्स के लिए बोल रहे थे!मैं- हाँ.

उसने बताया- मैंने अभी 5 दिन पहले ही अपनी चूत को साफ किया है, इसमें बहुत बाल हो गये थे. मैंने धीरे से दरवाजा खोला और ध्यान से सुना कि बेडरूम से पिंकी के चुदने की आवाजें आ रही थीं- आह.

वो मुस्कुराईं और बोलीं कि इतनी कम उम्र के होकर भी बड़ी प्रोफेशनल फील देते हो.

भाभी बोलीं-मेरी नंगी फुद्दी पर चूमो न!मैं बोला- ऊहह अच्छा सॉरी यार अभी करता हूँ. સેક્સી કોમमैंने हल्के से अपना हाथ आगे करके उसके एक चूचे को दबाने लगा और अगले ही पल उसके होंठों को अपने होंठों में दबा कर जोर जोर से चूसने लगा. गांव की एक्स एक्स एक्सक्योंकि मैं तो पम्मी को भी चोदना चाहता था, जब कि वो सिर्फ़ ओरल सेक्स करना चाहती थी. एक दिन जब वो किसी काम बिजी थी तो मैंने देखा कि उसकी मेल आईडी खुली रह गई थी.

चाची ने मेरे लंड को हाथ से पकड़ा और बोलीं- भोसड़ी के बहुत हरामी हो गए हो… तेरे लंड के लिए कह रही हूँ कि तेरा लंड खड़ा क्यों हो रहा है.

मयूरी आते ही रजत के ऊपर चढ़कर बैठ गयी जो इस वक्त सोफे पर लेटकर मयूरी को अपनी ओर आते हुए देखकर आराम से अपने लंड को सहला रहा था. फिर मैंने अपने पैरों की उंगलियां उनकी पेंटी के ऊपर से ही चूत पे रख दीं. तब तक भाई वहीं बैठ के बाकी बातें बता रहे थे कि कैसे उन्होंने बड़ी बूब वाली के मजे भी मुझे दिलवाये.

मैंने थोड़ी देर उसकी चुत को यू हीं सहलाया और बाद में धीरे से अपनी एक उंगली उसकी चूत में डाल दी. ?”सुमन ने फिर हां में सर हिलाया और कुछ देर की मस्त चुदाई के बाद उसने अपना चुत का रस छोड़ दिया. मैंने कहा- भाभी आज आप बहुत खूबसूरत लग रही हो तो आपकी एक पिक हो जाए.

बीएफ चाहिए चुदाई वाली

वहाँ अंकित ने मेरी ब्रा को उतार दिया, फिर जब वो मेरी पेंटी उतारने के लिए नीचे बैठा और उसने मेरी पेंटी को उतारा, तो वो मेरी चूत देख कर पागल हो गया. डॉक्टर का लंड पूरा 8 इंच लंबा था, वो लंड दिखाते हुए बोला- इससे अब तुम्हारा इलाज़ होगा. क्या मेरे बराबर की हो गई है तू?उसने पद्मिनी को अपने तरफ मोड़ते हुए उसको अपने सीने से लगाकर उसका कद देखना चाहा, तो उस वक़्त पद्मिनी की चूचियां बिल्कुल बाप के पेट से रगड़ खा रही थीं.

मुझे उस समय कुछ ज्यादा समझ नहीं थी, ना ज्यादा ना कुछ जानती थी, पर सब कुछ जानने की इच्छा बहुत होने लगी.

तुम ऐसा करो कि कुछ पुराने नोट ले जाओ और उन्हें बदल के दे देना!मैंने कहा- ठीक है… आप ऐसा करना किसी को कल भेज देना और साथ में उसका पहचान पत्र भी दे देना.

मैंने अपनी अंडरवियर भी निकाल दी और उसके सामने मेरा फ़न फनाता हुआ 8 इंच लंबा लौड़ा सामने तन कर खड़ा हो गया, जिसे देख कर वह डर गई और एकदम बोली- यह मुझसे नहीं होगा. अपनी माशूका का नंगा बदन देख कर मेरे मुँह में पानी आ गया और मैं फिर से उसके स्तन चूसने लग गया. बॉडी मसाज सेंटरजब उसने मुझे अपनी ओर खींचा तो उसका नंगा जिस्म और उसके बड़े गद्दीदार तने हुए स्तन मेरे सीने पर दब गए, मैं एक अजीब सी सिरहन से पागल हो गया, इससे बड़ा सुख मैंने अपने जीवन में कभी नहीं पाया था.

फिर 10-12 मिनट ऐसे ही धकापेल चुदाई के बाद वह उठा और मेरे बगल में लेट गया. वो बोला- अंकित, तू यहां मेरी मौसी के यहां कल या परसों में आ सकता है क्या?उसने पूछा- क्या काम है?लालजी बोला- बहुत मस्त माल दिलवाऊंगा. तब सुनीता ने मुझसे कही कि ठीक है दीदी मैं तुम्हें उनसे चुदवा दूंगी.

धीरे-धीरे मैंने उनसे पूछा कि आपके हस्बैंड महीने में कितने दिन बाहर रहते हैं?तो उन्होंने उदास होते हुए बताया कि लगभग बीस दिन बाहर रहते हैं. फिर अपने जिस्म को उसके पीछे के जिस्म से चिपकाते हुए अपने गालों को पद्मिनी के गालों से सहलाते हुए कहा- तुम बिल्कुल अपनी माँ की तरह दिख रही हो बिटिया.

अब वह मेरा लंड पकड़े था, मैंने उसके गले में हाथ डाल कर उसका एक जोरदार चुम्बन ले लिया, मैं अपना हाथ बढ़ा कर उसके लंड को सहलाने लगा, हम दोनों करवट बदल कर एक दूसरे के आमने सामने थे, एक दूसरे से चिपक गए.

बापू ने उसके हाथों को ज़रा सा हटाते हुए उसकी कुँवारी चूत को देखा और पाया कि पद्मिनी की चूत एकदम साफ़ थी, झांट का एक बाल भी उसकी चूत पर नहीं था. धीरे धीरे मेरी बहन भी मेरी तरह काफी गर्म होने लगी और काफी तेज सिसकारियां लेने लगी और मेरे सिर को पकड़ के अपने चूत पे दबाने लगी. अब उन्होंने ड्रावर अपना कार्ड निकाला और उसके पीछे अपना पर्सनल नम्बर लिख कर मुझे दे दिया.

ब्लू पिक्चर हिंदी सेक्सी दिनेश बोला- अभी तो इसको देखा भी नहीं कैसी है? कभी ध्यान भी नहीं दिया आपके घर आते थे और चले जाते थे जरा इधर घुमाइये, इसे देखें तो कैसी दिखती है यह छोकरी?चाचा मेरी तरफ आए और बोले- वन्द्या तुम बिल्कुल चिंता नहीं करो, ना इनसे शर्माओ. मैं जब मोबाइल में यह सब देखता हूं, तो मुझे बहुत मजा आता है और मेरा लंड खड़ा हो जाता है.

फिर मेरे कहने पर खाला ने अपना हाथ मेरे अंडरवियर पर रखा और खाला ने मेरा कठोर लिंग पकड़ा. मैंने उठ कर लाइट ऑन कर दी!मैंने देखा कि मंजू का नंगा बदन राज के सामने था! राज ने मंजू की गांड को कस रखा था और झटके पर झटका मारते जा रहा था और मंजू हर झटके पे ओहह… ओहह… करते हुऐ कामुक से और कामुक होती जा रही थी. पहले तो उसने मेरा हाथ चूत तक जाने से रोक लिया, पर फिर धीरे धीरे वो भी बेचैन होने लगी.

मराठी एक्स एक्स एक्स सेक्स

सुरेश जी मेरी जाँघों पे आके बैठ गए और मेरी गांड के छेद पर देर सारा थूकने लगे. मौसी सारा कुछ एक साँस में बोल गयी।मैंने उनके होंठ पर किस किया और पूछा- अब क्या चाहती हो आप?बड़े ही प्यार से वो बोली- क्या तुम एक बार फिर से चुदाई कर के चूत को शांत कर सकते हो?मैंने हाँ में सर हिलाया और उनको कुतिया बनने को बोला. दोस्तो, मेरी पिछली कहानियों को आपने इतना प्यार दिया, उसके लिए आप सभी का शुक्रिया!मेरी इस कहानी के पिछले भागमेरी मम्मी रंडी निकली-4में अपने देखा कि कैसे मैंने मेरी बहन शीतल और मेरी बाकी दो बहन जो दूसरे बाप से पैदा हुई अंजलि और शिवानी, हम सबने खूब चोदम-चुदाई की!अब आपको आगे की कहानी बताता हूँ.

देख मैं ऐसे ही बैठा हूँ। तू मेरी तरफ पीठ कर के मेरे लंड पर ठीक वैसे ही बैठ, जैसे हगते में बैठती है और अन्नू. मैं वैसे भी उनके घर का छोटा मोटा काम हमेशा कर दिया करता था, इसलिए अब उनको भी मुझसे कोई झिझक नहीं होती थी और वे मेरे सामने ज्यादा औपचारिकता नहीं दिखाती थीं.

वो थोड़ा बहुत चिल्ला भी रही थी और साथ में हंस भी रही थी, पद्मिनी कह रही थी- बापू बस करो.

उसने अपना माल मेरे मुँह में छोड़ दिया और निढाल हो गयी, लेकिन मेरा नहीं हुआ था. 7 इंच का लंड बाहर निकल आया।नेहा आंटी ‘सो बिग…’ कह कर मेरा लंड जोर-जोर से हिलाने लगीं। अगले ही कुछ पलों में मेरे लंड को आंटी ने अपने मुँह में रख लिया और चूसने लगीं।यह मेरा फर्स्ट टाइम था इसलिए मैं जल्दी ही झड़ गया।उन्होंने कहा- इतनी जल्दी?तब मैंने जवाब दिया- इट्स माय फर्स्ट टाइम. वो ब्रेक में जब क्लास में सभी स्टूडेंट्स बाहर होते, तो मुझको अपने पास बुलाता.

बात उन दिनों की है, जब 5 साल पहले मैं अपनी पढ़ाई पूरी करके हैदराबाद की एक कंपनी मैंने एक ट्रेनी की तरह ज्वाइन किया हुआ था. जितना कि लड़कों में है क्योंकि मैं बाइसेक्सुअल हूँ और कोई भी मुझे गे बुलाये, मुझे अच्छा नहीं लगता है. मैं उसे बांहों में उठाये कमरे में घूमता रहा और बीच-बीच में उसकी चूत में थोड़ी-थोड़ी उंगली करता रहा.

पिता ने उस वक़्त ध्यान से पद्मिनी को देखा तो नोटिस किया कि उसकी चूचियां बड़ी हो गयी हैं, गांड के गोले उभर गए हैं, जिस्म एकदम एक जवान लड़की के जिस्म जैसे मादक हो गया है.

बीएफ सेक्सी पंजाब वाली: मगर पता नहीं जब से उसने तुम्हें देखा है, उसका पूरा ही मन बदल गया है. सुंदरी वीर्य पीने के बाद बोली- और मेरा रस कैसा है?मैं बोला- कल्पना करो कि राख तुम्हारे मुँह में चली गयी हो, वैसा ही टेस्ट है.

ऐसे नंगा चला जाएगा क्या?तो पीयूष ने सामने टंगी एक टॉवल को लपेट लिया और जाकर जैसे ही गेट खोला. करीब 15 मिनट तक लंड चूसने के बाद मैं उसके मुँह में ही झड़ गया और वो मेरा पूरा माल गटक गयी. फिर वो बोली कि तूने मेरे तो सारे कपड़े उतार दिए और खुद क्यों पहन रखे हैं.

वो भी यदि तुमने मेरे बताए नियमों का पालन किया तो!वल्लिका- नियम बताइए प्रभु.

ऐसे जंगलियों की तरह क्यों कर रहे हो?मैं थोड़ा नशे में बोला- चुप कर साली. रात होने लगी तो मैंने सोचा कि आज रात मौसी मुझे अपने पास नहीं लिटायेगी. तुम साले मुझे मम्मी बोलते हो मगर दूध नहीं पियोगे… तो कैसे मैं तेरी मम्मी बनूँगी.