गांव की एक्स एक्स एक्स बीएफ

छवि स्रोत,यूरोप सेक्स

तस्वीर का शीर्षक ,

সেক্সি গেম: गांव की एक्स एक्स एक्स बीएफ, मैं उन चारों के पीछे-पीछे कभी काजल को देख रहा था और कभी आस-पास की दुकानों पर नज़र घुमा कर टाइम पास कर रहा था.

गुजराती लड़कियों की फोटो

फिर दिमाग की बत्ती जली और मैंने पूछ लिया- आपको शॉपिंग करने का शौक नहीं है क्या?यह सवाल एक नारी से वार्तालाप शुरू करने के लिए एकदम सटीक था. ब्लू पिक्चर खेलने वालीहालाँकि इस मजाक में कोई गन्दगी न तो मेरे दिमाग में थी, न उन सबके मन में … पर शायद मोनिका को बुरा लगता था.

उसके बाद उसने एक तेज झटका लगाया और मेरी चूत में अपना पूरा लंड डाल दिया. लड़की की फोटो बताइएमैं रोने लगा, लेकिन उसकी पकड़ बहुत तेज़ थी और वो धक्के पर धक्के मारने लगा.

एक लड़के ने दूसरे से कहा- राजेश तू इसकी चूचियों को नंगी कर दे और मैं तब तक इसकी चूत के दर्शन कर लेता हूँ.गांव की एक्स एक्स एक्स बीएफ: मित्रो, मुझे ई-मेल करके जरूर बताएं कि मेरी मां के साथ सेक्स स्टोरी कैसी लगी?अभी के लिए नमस्कार.

घबरा के मैं झट से निगाह नीचे कर लेता और फिर उनके हाथों को देखने लगता.वह हल्की सी मुस्कान के साथ मेरे गाल पर चुम्बन करते हुए बोली- कोई बात नहीं।तभी आयशा नीचे उतरने लगी तो मैंने पूछा- कहाँ जा रही हो?वो मुस्कराती हुई बोली- टायलेट जा रही हूँ, चलोगे क्या?मैंने भी तुरंत हाँ कर दी।तो आयशा बोली- नहीं, कोई देख लेगा.

सेकसी विडीये - गांव की एक्स एक्स एक्स बीएफ

थोड़ी देर बाद मौसी खुद ही अपनी कमर आगे पीछे करने लगीं और मेरे कमर को भी पकड़ कर आगे पीछे करने लगीं.जब भी सुमन घर पर अकेली होती थी हम दोनों सहेलियां एक दूसरे की चूत में उंगली करके मजा देने लगीं.

और इतना तो पता ही है मुझे!मौसी- अच्छा ठीक है, तू अपना ये प्रवचन बाद में मुझे सुनाना, अभी मैं जा रही हूं. गांव की एक्स एक्स एक्स बीएफ बात आगे बढ़ी तो पता लगा कि उसका पति रेलवे में काम करता है और बाहर ही रहता है.

उसके निरंतर संकोच और शर्म के बावजूद भी मैंने उसकी चूत में अपना लंड घुसा दिया.

गांव की एक्स एक्स एक्स बीएफ?

मगर बच्चों के एग्जाम होने के कारण दीदी को अकेले ही शादी में जाना पड़ा. वो उठ कर अपने रूम की तरफ जाने लगी जहां पर रितेश मानसी की चुदाई कर रहा था. वो काम वासना में गांड उठाते हुए बड़बड़ाने लगी कि आह मन्नी … मजा आ रहा है … तुम करते रहो … रुकना नहीं डियर … मैं इसी दिन का कब से वेट कर रही थी.

भारतीय नारी के सदियों से ओढ़े हुए शर्मो-हया के परदे पहली ही मुलाक़ात में कहाँ उठते हैं?इसी बीच मैंने वसुन्धरा का दूसरा हाथ भी अपनी पकड़ से आज़ाद कर दिया. मैंने पूछा- तुम तो सिर्फ कॉफ़ी लायी हो?यह कहानी अभी अगले भाग में जारी रहेगी। आशा करता हूँ कि कहानी अंतर्वासना के प्यारे पाठकों को पसंद आयी होगी. मैं वहां इसलिए भी जाने लगा था कि मेरे दोस्त के घर के एक हिस्से में बने एक फ्लैट में नए किरायेदार आए थे.

मैं राधिका से बोला- हनी, खाने का क्या प्लान है?राधिका- बाहर से मंगवाया है, अभी आ जाएगा. अगले दिन जब मैं स्वाति से मिली, तो उसने बताया कि शनिवार को शाम में आज साथ में पार्टी करेंगे, फिर तू उन दोनों के साथ मौज करना. मैं थोड़ी संभली मगर उसने मेरी टांगों को ऊपर उठा रखा था इसलिए उसी अवस्था में लेटी रही.

हम लोग पहले साथ में काम कर चुके थे, लेकिन मैं बाद में वहां से काम छोड़कर चला गया था. मेरे लिए ये पोजीशन बहुत ही आरामदायक थी, क्योंकि मौसी अपनी दोनों टांगों को मोड़ कर मेज़ के एकदम किनारे पर बैठी थीं और मैं जमीन के सहारे सीधा खड़ा होकर धक्के लगा रहा था.

फिर उसने मेरा हाथ पकड़ा और मुझे उठाने के इरादे से हाथ को ऊपर खींचने लगी.

लेकिन उसके बाद उसने मेरी चूचियों को दबाना शुरू कर दिया और जल्दी ही मेरी चूत का दर्द कम होना शुरू हो गया.

उसका पूरा जिस्म हिल रहा था और वो ज़ोर से ‘आऽह्ह्ह आऽऽह्ह …’ करती हुई फिर एक बार झड़ गई. जैसे ही मैंने बहन की चुत की दरार से अपना लंड रगड़ा, उसने अपनी चुत को फ़ैला दिया. बोल रंडी, कभी देखा भी है ऐसा लंड?मैं और जोश में उसका साथ देने लगी- हाँ मेरे राजा, फाड़ दो मेरी चूत को … तुम्हारा लंड बहुत मीठा दर्द दे रहा है.

उसने भी मेरी जिप खोल कर मेर लंड पर कब्ज़ा कर लिया और उसे नापने की कोशिश करने लगी. मैंने दरवाजा खोला, तो उसने पूछा- मम्मी पापा कहां गए?मैंने कहा- उनको कुछ काम आ गया था, तो वो बाहर गए हैं और शायद आने में भी देरी भी हो सकती है. मुझे ये भी यकीन नहीं हो रहा था कि उसने अपनी इसी चूत से बच्ची को बाहर निकाला है.

वो अक्सर उसे बेड के नीचे डाल देती थी।मुझे उसकी कांख की मादक भीनी सी खुशबू पागल बना रही थी। मुझे नशा सा चढ़ने लगा था। मैंने क्यूब छोड कर उसके आर्मपिट्स को चाटना चालू कर दिया। वो छटपटाने लगी, तेज तेज सीत्कार करने लगी.

सरला ने पूछा- मंजू, क्या राजेश जी ने तुम्हें तुम्हारी गांड वाले होल में कभी फ़क किया है?मैंने कहा- हां, राजेश ने कई बार मेरी गांड मारी है. फिर मैंने अपनी जीभ को चूत के अन्दर कर दिया और अन्दर से निकलते हुए गीलेपन को चाट चाट कर साफ करने लगा. एक दृश्य में लड़का ठरक से पिज़्ज़ा में बने छेद को देख कर उत्तेजित हो कर उसी छेद में लंड डाल कर पिज़्ज़ा को चोदता है.

दो मिनट में वापिस आईं तो मैंने पूछा- मैडम जी अब चलूँ?मैडम ने एक उंगली उठाकर रुकने का इशारा किया और मेरे बहुत करीब आकर यकायक मुझसे लिपट गयीं. पर अपनी सामाजिक पद प्रतिष्ठा का ख्याल करके मैं कभी भी ऐसा करने की हिम्मत नहीं जुटा पाई. क्योंकि मैंने निक से शादी कर ली थी और उसे निभाने का वचन भी बहुत बार दे चुकी थी.

जब मैं काफी गर्म हो गई तो मैंने उसको चूत चाटने को कहा और वो मेरे किये अनुसार ही अपनी जीभ से मेरी चूत को मजा देने लगी.

अब उसने मुझे घोड़ी बनने के लिए कहा और फिर पीछे से मेरी चूत में अपना लंड डालकर मेरी चूत मारने लगा. एक झटके सुपारा अन्दर हो गया लेकिन वह चिल्ला पड़ा ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’मैंने उसकी कमर को कसकर पकड़ लिया और कहा- बस हो गया यार!यह कहते कहते मैंने धक्के मारना शुरू कर दिया और पूरा लण्ड पेल दिया.

गांव की एक्स एक्स एक्स बीएफ हमने पास ही पड़े तख्त पर आंटी को लेटा दिया और आंटी की टांगों को चौड़ी कर दिया. दूसरी टांग उठाकर रानी के कंधे पर घुटने से मोड़ ली जिससे मेरा पैर रानी की पीठ पर टिक गया.

गांव की एक्स एक्स एक्स बीएफ मैंने बहुत ही ताक़तवर दस बारह धक्के लगाए और हर धक्के में एक मोटा सा लावा का लौंदा चूत में झाड़ दिया. मुझे लंड चूसना आदि कुछ आता नहीं था इसलिए मैं सही से लंड चूस नहीं पा रही थी.

हम दोनों सहेलियां साथ ही अपनी अपनी साइकिल से स्कूल जातीं और साथ ही वापिस लौटतीं.

गॉड सेक्सी

कोफ़्त तो हुई लेकिन क्या किया जा सकता था!अभी नवम्बर के आखिरी दिन चल रहे थे और मैदानों में तो इतनी सर्दी नहीं थी लेकिन शिमला में तो रातें ख़ासी ठंडी हो चली थी. इतना सुनने के बाद मैंने धीरे से उसकी चूत पर लंड रख के एक झटका मारा. बात तब की है जब हम काफी दिनों तक एक ही प्रकार की चुदाई करके बोर हो गए थे। मेरी बहन को कुछ नया करना था। वो मेरे साथ बी.

और मुझे कपड़े पहनने को कह कर उन्होंने अपने भी कपड़े पहने और फिर मुझे अपनी कार से घर छोड़ने चल दिए. अगर किसी दिन मेरी कोई क्लाइंट के 34 साइज़ के मम्मे हों और एकदम टाइट हों, तो समझो उस दिन मेरी चांदी हो जाती है. मैं अपनी जीभ से अपनी नाक पर लगे उसके चूत रस को बड़े स्वाद ले ले कर चाट रहा था और उसे वासना से देखे जा रहा था.

वो इतनी बड़ी चुसक्कड़ निकली कि मेरी चूत से निकले नमकीन शहद की एक एक बूंद चूस रही थी, निगल रही थी.

मौसी भी मस्त आवाज निकाल कर अपनी गांड पीछे करते हुए मेरे लंड से टक्कर ले रही थीं. ऐसे ही तीन दिन निकल गए, चौथे दिन रविवार था और मैं जल्दी उठ गया, लेकिन बुआ पहले ही उठ चुकी थीं. उसने सलवार सूट पहन रखा था जिसमें वो हुस्न की मलिका लग रही थी।मैं आप सभी पाठकों को बताना चाहूंगा कि गांव में लड़कियों को अन्दर कुछ न पहनने की आदत होती है.

लेकिन फिर भी घर के अंदर ही मौका पाकर कभी उसके होंठों को चूस लेता और चूचों को दबा दिया करता था. उसके चेहरे पर संतुष्टि साफ-साफ दिखाई दे रही थी। उसने अपनी महकती बांहों का हार मेरे गले में डाल कर मुझे कस कर गले लगा लिया. इतना अच्छा रिस्पोंस मिलने से मेरा उत्साह काफी बढ़ा और उसी प्यार की वजह से मैं फिर से मेरी अन्य हसीन घटना के साथ हाज़िर हूँ.

अब अर्पित ने मुझसे पूछा- क्यों आशना, तुमको तो लंड पसंद नहीं था ना … मुँह में लेना?मैंने कुछ नहीं कहा और बस लंड को चूसने का मज़ा लेती रही. उसके बाद उन्होंने जल्दी से मेरी सलवार पर हाथ मारते हुए उसके नाड़े को खोल दिया और नीचे से पैंटी समेत मेरी सलवार को नीचे की तरफ खींच दिया.

खाना खाने के बाद मैं बाथरूम में मोबाईल लेकर चला गया और वीडियो देखने लगा. रवि ने मेरे सिर को पकड़ा और पास ले जाकर फिर से मेरे होंठों को कुछ मिनट तक चूसा. नीचे देखा तो भाभी की झांट रहित सफाचट छोटी सी चूत अपना जलवा बिखेर रही थी.

आपसे भी यदि गुजारिश है कि दोस्तों बगुला की तरह एक टांग पर खड़े रहो और मौक़ा तलाशते रहो, कोशिश करते रहो … कभी तो मछली फंसेगी.

हम दोनों एक दूसरे से सब तरह की बातें शेयर करते थे। मैं भाभी के साथ नॉनवेज बात भी कर लेता था।भाभी का फीगर 38-36-38 का था और उनके दो बच्चे भी थे. फिर अंकल जी ने मुझे पानी पिलाया और मैंगो वाली कोल्ड ड्रिंक ला कर दी. मगर थोड़ा शांत होने के बाद मेरे कानों में कुछ आवाज सी आती हुई मालूम पड़ी.

पर अंकल ने मेरी चीख पर ध्यान न देते हुए मेरी चुदाई ज़ोर ज़ोर से शुरू कर दी. मैंने- फिर?वंश- जब तुम फ्लाइट में मुझसे लंड शब्द यूज करते हुए बोलीं, तो मुझे लगा शायद तुम मुझे चैक कर रही हो … इसलिए मैं थोड़ा डर गया था.

दीदी ने जीजा जी से उनकी चुदाई रोकने के लिए कहा लेकिन वह रुक ही नहीं रहे थे. थोड़ी देर बाद जब मेरा दर्द कुछ कम हुआ, तो भाई मेरी चूत में धीरे धीरे से धक्के लगाने लगा. हम अलग अलग तरीके और जगहों पर करते थे, इसलिए हमारी चुदाई में एक नयापन आ गया था.

বিএফ এর ফটো

उन दिनों मैं अपने नाना जी के यहां गया हुआ था। गांव में अधिकतर लोग जल्दी सो जाते हैं क्योंकि उनको सुबह जल्दी उठना पड़ता है.

मैं तुरंत कैंची लेकर आया और चाची के चूत के लम्बे बालों को काटने लगा. लेकिन इतना जरूर था कि जीजा जी के साथ मेरी रंगरेलियों की शुरूआत तो यहाँ से हो ही चुकी थी. उसकी गोरी और चिकनी टांगें मुझे दिखाई दीं जिन पर पानी की बूंदें बहकर फर्श पर गिरते हुए उसके पैरों के निशान बना रही थी.

मैं अपनी गांड को आगे की तरफ धकेलते हुए जैसे आंटी के हाथ को ही चोदने लगा. उसी दिन मुझे यह ज्ञान मिला कि बुर का मोती छेड़ने या चाटने से विशेष मजा आता है और तन मन चुदने को मचल उठता है. लड़की का फोन नंबर दीजिएमैंने पूछा- क्या हुआ?तो वो बोलीं- बस वैसे ही मैसेज किया है … क्योंकि बड़ा बोर हो रही थी.

मेरी तो हालत ऐसी थी कि जाकर उसकी चूत को अभी चोद दूं और उसकी चूत को अपने लंड से फाड़ दूं. लेकिन एक बात थी, जिस दिन प्रिया का फ़ोन आता, उस रात मेरी कामुकता बिस्तर में वो कहर ढाती कि बेचारी सुधा दो-दो दिन ठीक से चल भी नहीं पाती.

नम्रता अभी भी उसी तरह बैठे हुई थी और उसने मेरी मालिश करना चालू रखी थी. उस दिन के बाद मौसी का बर्ताव भी बदल गया … हमने कभी मौसी के घर में, तो कभी मेरे घर में, तो कभी खेत में जम कर चुदाई का मजा किया. एक हाथ उसकी चूची की सेवा कर रहा था, तो दूसरा हाथ उसकी चूत की सेवा कर रहा था.

इधर बिना किसी डर के, काल्पनिक नाम रख कर हम अपनी दिल की बात सभी के साझा कर सकते हैं. तब तक आप भी अपने लंड को चूतों को रगड़-रगड़ कर शांत करने का प्रयास कीजिये. मुझे भी कुछ कुछ अच्छा लगता था, तो मैं भी अपने मम्मे अंकल से दबवा लेती.

वो भी दूध चुसवाते हुए आहें भरने लगी उम्म्ह… अहह… हय… याह…मैं एक हाथ से उसके एक बूब को दबाता रहा और दूसरे को चूसता रहा.

मैंने लण्ड पर क्रीम लगाकर उसकी चूत के लब खोले और ढीला ढाला लण्ड हाथ के सहारे से चूत में डाल दिया और धीरे धीरे अन्दर बाहर करने लगा. अंकल उनकी टांगों के बीच में आए और अपना लंड आंटी की चुत पर रगड़ने लगे.

उस दिन पहली बार मुझे इंस्टिट्यूट में कोई लड़की पसंद आई थी और मेरे मन में कुछ-कुछ होने लगा था. मेरे जैसा ही हाल मेरी अन्य क्लासमेट्स का भी होता था और हम अक्सर सेक्स के विषय पर हंस हंस कर बातें करतीं थीं जैसे किसका पीरियड कब होता है, किसकी ब्रा का नंबर क्या है, कौन कौन अपनी बुर उंगली से सहलाती है, बुर में कहां रगड़ने सहलाने से ज्यादा मज़ा आता है, कौन कौन चुदवा चुकी है इत्यादि. एक तो मुझ पर प्रिया की शादी के कामों की जिम्मेवारी, तिस पर प्रिया के मुझ से सदा के लिए दूर चले जाने का सदमा, ऊपर से इस वाहियात औरत के मुतवातार उलाहनों ने मेरा काफिया तंग कर रखा था.

फिर बातों बातों में मैंने उससे पूछा- हिना जी, आपकी पुसी पर एक भी बाल नहीं है, क्या लगाती हो आप?तो वो बोली- पंकज जी, ये तो ऊपर वाले का उपहार है, जिसकी वजह से मेरी पुसी पर आज तक एक भी बाल नहीं आया … में कुछ लगाती भी नहीं हूँ, बस फेयर एंड लवली क्रीम लगाती हूँ. आगे बहुत बड़ा लॉन था जिसके बगल में गेराज को जाने वाला रास्ता था और घर में प्रवेश के लिए बरामदा भी था. मेरी पड़ोसन की चुदाई स्टोरी के पहले भागपड़ोसन लड़की के चूतड़ों का दीवाना-1में आपने पढ़ा कि कैसे मैंने अपनी पड़ोस में रहने वाली जवान कुंवारी लड़की को पटाया और उसकी चुदाई की.

गांव की एक्स एक्स एक्स बीएफ प्रीति के शब्दों में:पिछले कई घंटे से मेरा भाई मुझे अलग अलग तरीकों से उत्तेजित कर रहा था. मैं जानता हूँ कि इस उम्र में सेक्स करना गलत तो नहीं है लेकिन सुरक्षित सेक्स करना भी बेहद जरूरी है। आपका ब्वॉयफ्रेंड आपसे सेक्स करने की ज़िद कर रहा है तो उसे उसी समय त्याग दीजिये क्योंकि उसे आपसे नहीं अपितु आपके जिस्म से और सेक्स से ही प्यार है.

फर्स्ट टाइम सेक्सी वीडियो हिंदी

अब तक आप लोगों ने पढ़ा था कि कैसे मैंने अपनी बहन को सिनेमा हॉल में नीचे से नंगी कर दिया. तो मैंने उनको कहा- तो आपका कहीं और क्यों नहीं हुआ?तो उन्होंने बताया- सारे लोग सिर्फ़ सेक्स के लिए ही भूखे रहते हैं इसके आगे कुछ भी नहीं।मैंने उनको बोला- सारे लोगों के बारे में आप कैसे जानती हैं?उन्होंने बताया- अभी तुम बच्चे हो, दुनियादारी की तुम्हें समझ नहीं है. कुछ देर तक कुछ ना बोलने के बाद निक ने बोला- भाव!मैंने उसकी तरफ देखा, तो उसने बोला आई लव यू वेरी वेरी मच.

इतनी मस्त कांटा माल थी कि यूं समझो कि उसे देखते ही सभी के लंड पानी छोड़ने लगें. मेरा यह चिकना नाजुक बदन तुम दोनों के सख्त जिस्म से रगड़ रगड़ कर छिल जाएगा. सेक्स करते करतेइस बार मैं लंड पेलने के बाद उसे धीमे धीमे चोद रहा था, जिससे वो मजा ले ले कर सीत्कार करने लगी- आह आह अह ओह भाई चोद आह चोद डाल … अपनी बहन की चुत … आई लव यू भाई!उसकी मीठी कराहें सुनकर मैंने भी अपनी रफ्तार बढ़ा दी और सोनल भी मेरे साथ गांड उठा कर चुदाई का मजा लेने लगी.

उसने मुझसे बात करने के बाद मेरे गाल पर हल्का सा किस किया और अपने घर चला गया.

मैंने हंस कर कहा- मैं तो बहुत धीरे धीरे ही घुसा रहा था, लेकिन इसका छेद भी बहुत तो छोटा सा है. भोली वसुन्धरा! अपना चेहरा तो अपने हाथों से ढक लिया लेकिन उसकी सारी की सारी देह-राशि तो मेरे सामने खुली पड़ी थी.

मौसी नशे में बोलीं- तेरा लंड इतना लम्बा कैसे हो गया?मैंने कहा- अपने आप. मैंने अपने पैर की उंगलियां अपने हाथों से पकड़ लीं … और चौपाया बन गई. जब मैंने अपना लंड उसकी फुद्दी में घुसाया, तो हमारे अन्दर आग सी लग गई.

पिछले दो घंटों से अलग अलग तरीकों से गर्म होने के बाद फाइनली मेरी चुदाई होने जा रही थी.

फिर उन्होंने बुआ को उनके ऊपर आने को कहा तो बुआ मेरे ताऊ जी के खड़े लंड को हाथ में लेकर उनके लंड पर बैठते हुए लंड को चूत के मुंह पर सेट करने लगी. मैं आंखें बंद करके महसूस कर रही थी कि वो अपना लंड लेकर मेरे सामने ही खड़ा है. काजल का कंधा मेरे कंधे से लगा हुआ था और नीचे उसकी जांघ मेरी जांघ को स्पर्श कर रही थी.

भोजपुरी चोदी चोदा वीडियो”सारी बातचीत मैं इसलिये कर रहा था कि मुझसे थोड़ा खुल जाये और साथ साथ मैं उसके शरीर का एक्सरे कर सकूं. तभी दादाजी ने बताया कि इसकी कोई हड्डी शायद गल कर इसकी योनि से बाहर निकल रही है.

सैफ अली खान की सेक्सी वीडियो

फिर उसने नीचे हाथ ले जाकर खुद ही मेरे लंड को पकड़ कर अपनी चूत पर सेट कर लिया और मुझे अपने ऊपर लेटा लिया. दोस्तो, मैं बता दूं कि मैं गाना गाने का शौकीन हूं और ठीक ठाक गा भी लेता हूं. मैं उसकी इस बात पर हैरान हो रहा था कि आज तो खुशी का दिन है और ये रो रही है.

जीजा जी ने मुझे गोद में उठाकर पलंग पर लेटा दिया और मेरे पैरों को ऊपर उठाकर जीभ से मेरी फुद्दी को गीला करने लगे. उनके चूचों के निप्पल को मैंने बहुत काटा, जिससे उनको दर्द होने लगा, पर उनको मजा भी बहुत आ रहा था. आज मेरे ममेरे भाई से मेरी पहली सीलतोड़ चुदाई की कहानी रंग लेने जा रही थी.

जैसा रानी ने आदेश किया था, वैसे मैंने लंड बाहर निकाला तो, कितना खींचना है उसका अंदाज़ा सही न होने के कारण, वो पूरा का पूरा सड़प्प की आवाज़ से रानी की बुर से बाहर हो गया. मैं, वनिता और वनिता के पति व राजेन्द्र जी और एक अन्य मेहमान स्विफ्ट कार से निकल पड़े. हम दोनों एक दूसरे से सब तरह की बातें शेयर करते थे। मैं भाभी के साथ नॉनवेज बात भी कर लेता था।भाभी का फीगर 38-36-38 का था और उनके दो बच्चे भी थे.

फिर उसने आंटी के ब्लाउज के हुक भी खोल दिये और आंटी का ब्लाउज उतरते ही वो पूरी की पूरी हमारे सामने नंगी हो गई. फिर अगले मिनट में चिल्लाते हुए ही उसने मेरी गांड में ही अपना पानी निकाल दिया.

धीरे-धीरे मैं शांत हो गया और दो मिनट तक ऐसे ही उसको मेज पर लेटा कर उसके चूचों से चिपका रहा.

गुप्ताइन लगभग 45 साल की थी लेकिन अच्छी मेन्टेनेंस और सजी संवरी रहने के कारण लगभग 40 साल की लगती थी. टिक टॉक सेक्स वीडियोपांच सौ कम्यूटर्स! अगर मैं सब ख़र्चे निकाल कर पांच सौ रुपये प्रति कम्यूटर के हिसाब से भी अपना प्रॉफिट रखता तो फ़िगर ढाई लाख के पार जाती थी. सेक्सी गाने वीडियो दिखाइएउन्होंने छोड़ने की जगह एक झटका और दे दिया, तो अंकल का आधा लंड मेरी बुर में अन्दर घुस गया. फिर 5-7 मिनट के ताबड़तोड़ धक्कों में ही मौसी का शरीर कांपने लगा, मौसी ने अचानक अपने एक हाथ से मेरी गर्दन को पकड़ कर अपनी तरफ खींच लिया और मेरे होंठों पर अपने होंठ रखकर चूसने लगीं.

चूंकि वही तो सारी योजना के कर्णधार थे और उन्हें सब पता था इसलिए उन्होंने इसरार किया कि रात मैं होटल में न रुक कर उनके घर में ही रुकूँ.

मेरी नज़र पड़ी तो मैं अपने रूम की खिड़की से छुपकर देखने लगा। सायमा अपने कपड़े उतार रही थी. जब सुधा वाली कार नज़रों से ओझल हुई तो मैंने अपनी कार गेट पर लाकर खड़ी की और पोर्च में खड़ी वसुन्धरा को कार में बैठने को कहा और खुद घर में ताले लगाने अंदर चला गया. मगर किस्मत खराब थी कि सायमा बेड से उठने लगी और उसने मुझे अपना लंड हिलाते हुए देख लिया.

वो चुपके से धीमी आवाज में कह गई- पेपर के बाद मुझे एग्जाम रूम के बाहर मिलना. खाने के दौरान मैंने उसको बताया कि मेरा काम नहीं हो पाया है, शाम तक हो गया तो ठीक है वरना रात को रुकना पड़ेगा. छठे लड़के ने पीछे से मेरी गांड पर लंड को सेट किया और धक्का दे दिया.

बस मे सेक्सी व्हिडिओ

ये बोलकर जैसे ही वो मेरी फुद्दी के ऊपर अपना मूसल लिंग लगाने लगे तो इसी बीच में डोरबेल बज गई. उन्होंने जोर से एक धक्का लगाया मगर लंड छिटक के मेरे पेट की तरफ आ गया. आज मैं फिर से अपनी एक नई देवर भाभी सेक्स स्टोरी लेकर हाजिर हुआ हूँ.

उसको पता नहीं मेरी क्या बात पसन्द आ गई थी कि अब वो हर रोज़ मुझसे लिफ्ट मांगने लगी.

राजेन्द्र ने मेरी तरफ देखा तो मैंने बताया कि वनिता का फोन था और वो इधर ही आ रही है.

उसका कारण है … एक तो उनका सेक्स करने का तरीका बड़ा मस्त होता है … वे चूंकि लंड की प्यासी होती हैं, इसलिए खुल कर चुदाई का मजा देती हैं. मैं क्या जवाब देती … मैंने लाज के मारे अपना मुंह हथेलियों में छिपा लिया. मशीन से चुदाईवे मेरे घर आते, तो मैं कभी उनके सामने झुक कर झाड़ू लगाने लगती, कभी पौंछा लगाने लगती.

रवि का लौड़ा प्रत्येक 8-10 सेकंड पर माल की कुछ बूंदे छोड़ रहा था जिनको मैं अपनी जीभ लगाकर चूस लेती थी. अब मैंने बहुत ही जोर जोर के धक्के लगाते हुए भाभी को चोदना शुरू कर दिया. हम लोग उस समय नए नए जवान हो रहे थे, इसलिए सेक्स के प्रति हमारा आकर्षण अपनी ऊंचाईयों पर था.

मन में एक उत्सुकता भी बनी हुई थी कॉन्डोम में भरे अपने रस को देखूं तो सही कि आज मेरे मूसल लंड ने कितना वीर्य निकाला है. दिन के समय दोपहर में मेरी बहन नहाने के बाद मेरा हाफ पैन्ट पहने हुई थी.

याराना के अगले भाग में वह सिलसिला शुरू होने वाला है जिसमें मेरी पत्नी रीना को हम तीनों मिलकर अपने जाल में फंसाएंगे.

मेरे पास आकर वो पूछने लगा- लड़की, तू मुझे सच बता कि तू कहां से आयी है और ये जो आदमी तेरे साथ है वो कौन है? क्या ये तुझे पैसे देकर लाया है? क्योंकि तेरा बाप तो नहीं लग रहा ये. मैं गुलाबो को देख कर दीवाना हो गया था और उसकी एक झलक के लिए बेकरार था. मेरे प्यारे अन्तर्वासना के पाठको, आज कई महीनों बाद आप सब को संबोधित कर रहा हूं.

साजन फुल मूवी अंदर गए तो एक गलियारा था जिसके दोनों तरफ अलग अलग कमरों में प्रवेश करने के द्वार थे. मैंने दोबारा से उसकी चूत पर लंड को सेट किया और अबकी बार धीरे से लंड को चूत में अंदर कर दिया.

दोनों के दोनों एक दूसरे के जिस्म को ऐसे भोग रहे थे जैसे एक-दूसरे का रस निकालने के लिए मरे जा रहे हों. मैंने थोड़ी देर में ही दूसरा झटका मार दिया और पूरा लंड शीतल की चूत में जड़ तक पेल दिया. आप मुझे मेल कीजिए कि आपको मेरी ये चुदाई की कहानी कैसी लगी ताकि मैं और कहानी लिख सकूं.

सेक्सी वीडियो चूत में लंड डाल

हम दोनों एक-दूसरे के सामने खड़े होकर मूतने लगे और उसके बाद आकर बिस्तर पर लेट गए. तब मुझे लगा कि मुझे भी अपनी सच्ची चुदाई की कहानी आप सबको बतानी चाहिए. मैंने उसके चूचों पर तेल की बूंदें डाल दीं और उसके चूचों को मसाज देने लगा.

उसने मुझसे कहा- अब और मत तड़पाओ, जल्दी से चोद दो … वरना मैं मर जाऊँगी. कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा कि रात को सोते समय मेरी वासना ने मुझे मोनी के बदन को छूने के लिये मजबूर कर दिया.

फिर दिशा और सोनल ने बारी-बारी से मेरा लंड चूसा और मैं राधिका को घोड़ी बनाकर उसकी गांड मारने लगा.

मैंने भी अपनी उंगली तेजी से अन्दर बाहर करते हुए बहुत अन्दर तक डालना शुरू कर दिया. लगता था वसुन्धरा के लिए वैक्सिंग तो जैसे अभी ईज़ाद ही नहीं हुई थी … रही-सही कसर बोरीनुमा कपड़े की ड्रैस पहन कर निकलती थी. क्योंकि पहले मैं इधर काम कर चुका था, तो काफी लोगों से पहले से पहचान थी.

तभी पीछे से किसी ने बोला- ये सब क्या हो रहा है?यह सुन कर मैं पीछे पलटा और पूजा उठ कर देखा, तो देखा कि रश्मि खड़ी थी और उसकी आंखें और फ़ेस एकदम लाल हुआ पड़ा था और वो कांप रही थी. मैंने सोचा कि मैं रात को गौशाला जरूर जाऊंगा। आखिर देखूं तो सही कि ये चुड़ैल देखने में कैसी लगती है. ये कहकर वो नीचे की तरफ सरक गयी, क्योंकि उसने पूरी कोशिश की कि मेरी गांड में वो उंगली कर सके, लेकिन लम्बाई कम होने के कारण कर नहीं पा रही थी.

एक ओर मुझे ऐसा लग रहा था कि ये सब ग़लत है और एक तरफ लग रहा था कि अब पूरे मज़े कर ही लूँ.

गांव की एक्स एक्स एक्स बीएफ: बातों ही बातों में मानसी ने हेतल से पूछ लिया- दीदी, तुम्हारे और राज भैया के बीच में क्या चल रहा है?अब मेरी गांड फट गई क्योंकि मैंने मानसी उस रात को झूठ ही कहा था हेतल के बारे में. वसुन्धरा के दोनों वक्षों के निप्पल धीरे-धीरे तनने, सख़्त और सख़्त होने लगे थे.

मैं देखने में बहुत सेक्सी लगती हूँ … मेरे मोहल्ले के लड़के हमेशा मुझे चोदने के चक्कर में रहते थे. कल रात से पहले तो मैं ही उसके पीछे पड़ा हुआ था मगर कल रात तो मोनी ने भी मेरे लंड से चुदाई का मजा लिया इसलिए आज मेरे मन में कुछ डर भी नहीं था. हथेली पर क्रीम लेकर उसकी चूत की मसाज करने लगा, पहले उंगली और फिर अपना अंगूठा उसकी चूत में अन्दर बाहर किया तो सिसकियाँ भरने लगी.

पिछली तीन रात जो मैंने सारा और ज़रीना के साथ गुजारी थी और जो जलवा देखा था उसके बाद सोचने लगा अगर सारा ज़रीना मीठी और सीधी थी तो नमकीन कैसी होगी?फिर सारी बहनें मुझसे मेरी सुहागरात का किस्सा पूछने लगी तो मैं हिचकिचाया.

आशीष से मिली मैं और हम दोनों एक रेस्टोरेंट में खाने के लिए चले गये. एक लड़के ने दूसरे से कहा- राजेश तू इसकी चूचियों को नंगी कर दे और मैं तब तक इसकी चूत के दर्शन कर लेता हूँ. टॉप को हटाने के बाद मैंने अपनी बहन की ब्रा को खोला जो कि काले रंग की थी और उसकी भरी हुई चूचियों पर बड़ी मस्त लग रही थी.