पंजाबी सेक्स बीएफ मूवी

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छोटी सी लड़की की बीएफ: पंजाबी सेक्स बीएफ मूवी, कल से कह रहे थे ना कि छोरियों की चूतें तो बहुत मारी हैं अब कोई नमकीन लौंडा मिले तो उसकी भी गांड फाड़ दें.

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मैं उसको उठाके मैं उसके बेडरूम में गया और स्वाति को बेड पे पटक दिया. पत्नी के साथ सेक्सशुरू में भाभी मुँह फेरने लगीं और वापस छूटने की कोशिश करने लगीं, पर मैंने उन्हें कस के पकड़ रखा था.

अचानक से हट क्यों गए??मेरा लौड़ा स्साला पैन्ट में पड़ा पड़ा बहुत तेज़ दुखने लग गया था. कश्मीर की लड़की की चुदाईमैंने उसके गले को किस किया, जिससे वो अपनी आंखों को बंद करके मेरे गर्म होंठों को अपनी गर्दन को चूमता हुआ महसूस कर रही थी.

हम दोनों लंड चूत लगाने की बात कर रहे थे या सिलेंडर लगाने की बात कर रहे थे ये हम दोनों को समझ में आ रहा था.पंजाबी सेक्स बीएफ मूवी: सुशीला बोली- मैं तुम्हारे हाथ जोड़ती हूँ। उस पर रहम करो … वो अभी छोटी है.

तू तो इसमें बहुत सुन्दर लग रही है पर इसे उतारना तो है ही ना नहीं तो मैं दूध कैसे पियूंगा?”तो अभी तक दूध पीते बच्चे हो आप, क्यों?”हां… और भूख भी लगी है मुझे!”हम्म्म्म तो ये लो पी लो!” कम्मो ने कहा और अपने हाथ पीछे ले जाकर ब्रा का हुक खोल दिया.अचानक मनीषा ने मुझसे पूछा- पंकज तेरी कोई गर्लफ्रेंड है क्या?मैंने मना कर दिया, फिर पूछा- आज ये क्यों पूछा, कोई ख़ास वजह?वो बोली- नहीं.

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इसी तरह चोदते वक्त एक बार तो उसने मेरी चूत में पूरे लंड के साथ साथ एक उंगली भी घुसा दी.इस घटना के बाद मैं थोड़ा डर गया था लेकिन मैंने हिम्मत नहीं हारी और मौसी को चोदने का कोई दूसरा प्लान सोचने लगा.

घर के तीनों मर्द खाने की टेबल पर हाथ मुँह धोकर बैठे और शीतल और मयूरी रसोई में से कुछ खाने का सामन लाने के बहाने इकट्ठी हुई. पंजाबी सेक्स बीएफ मूवी उसने मुझे ऊपर से पूरी नंगी करके मेरे मम्मों को अपने मुँह में लिया और बोला- आज पता नहीं कितने सालों बाद इनको देखना नसीब हुआ है.

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अभागी सुधा (क्या लिखू माँ? जो मुझसे नहीं लिखा जाएगा)अभी मेरे पति को गुज़रे कुछ दिन ही हुए थे कि मेरी चाची एक दिन मुझसे बोली कि सुधा अभी तुम्हारी उम्र ही क्या है. उन्होंने मेरा अंडरवियर उतार दिया और मेरे लम्बे लंड महाराज को हैरानी से देखते हुए मस्त होकर लंड चूसने लगीं. जब मैं वहां आ गई तो मेरी बगलों के बाल, मेरी चूत के बाल, लेग वगैरह सब जगह वॅक्स करके एकदम मुझे चिकनी बंदी बना दिया गया.

दोस्तो, मैं विराट शर्मा भोपाल से, मेरी पिछली कहानीप्यार में पागल कॉलेज गर्ल पहली चूत चुदाईतथाननदोई जी ने कर दी मेरी चूत चुदाई और मैं गर्भवती हो गईको आप सभी ने बहुत पसंद किया. मैंने नोटिस किया कि मनीषा मेरा पूरा लंड देखने के लिए जैसे पागल से हो रही थी. थोड़ी देर ऐसे ही मयूरी के टॉप के ऊपर से ही उसकी चूचियों को मसनले के बाद अशोक उसकी टॉप को थोड़ा ऊपर कर दिया पर उसको निकाला नहीं!चूँकि मयूरी ने बिल्कुल ढीला-ढाला टॉप पहना हुआ था वो भी बिना ब्रा के तो इस हिसाब से उसके टॉप को निकलने की कोई जरूरत भी नहीं थी, थोड़ा सा ऊपर करते ही वो पूरी तरह दिख भी रहा था और पकड़ा भी जा सकता था, लगभग उसके उतार देने जैसी ही बात थी.

अच्छा, और शादी में नहीं जाना क्या? कोई हमें पूछेगा तो क्या होगा?” वो बात को समझते हुए बोली. चाचा, आज आपने तो हम दोनों की किस्मत बना दी, मैं तो कहूंगा कि वन्द्या को आप अपनी परमानेंट अपनी रखैल बना लो, इसकी मम्मी का चक्कर छोड़ो, जो करना है इसी के लिए किया करो. फिर उसने अपनी भावनाओं पर पता नहीं क्यूँ नियंत्रण किया और अपने बेटों को कहा- विक्रम, रजत…रजत- हाँ माँ?विक्रम अभी भी अपनी माँ की चूत चाटने में व्यस्त था और उसकी जबान शीतल के चूत के अंदर था इसलिए वो जवाब भी नहीं दे पाया.

शीतल पता नहीं क्यूँ … पर आज थोड़ा घबरा रही थी मयूरी से ये कहने में कि अपना तौलिया उतार दे. जब से तुझे सुबह से टच किया और तेरी चूत को चाटा था, वही तेरे चूत की महक मेरे जिस्म में समा गई है मैं सुबह से तीन चार बार मुट्ठ मार चुका हूं तुझे सोच सोच कर!और इतना कहते ही अंकित जोर-जोर से अपनी उंगली मेरी चूत में अंदर बाहर करने लगा.

अंकल- इसे सुपारा कहते हैं और थोड़ा सुपारे पर नाक लगा के सुपारे की गंध सूंघ कर देख.

फिर उसने मेरा बैंक नम्बर मांगा और आइएफसी कोड भी मांगा, जो मैंने दे दिया.

मेरे लंड की हरकत के साथ साथ प्रिया ने कराहते हुए मुझसे कहा- आईईई … अआआ … ह्ह्हहह … उऊऊ … ह्ह्हहह …ओय्य्यय … अआआ … ह्ह्हहह … उऊऊ … ह्ह्हहह …”वो दर्द से आवाज कर रही थी लेकिन मैं अब रूका नहीं बल्कि एक हाथ से उसकी चूचियों को भी दबोच लिया और वैसे ही धीरे धीरे को अपने लंड को उसकी चुत में अन्दर बाहर करता रहा. उनके गोल और बड़े आकार के मम्मों को छूकर मैं मन ही मन बहुत खुश हो रहा था. दोस्तो मैं तो एकदम से टूट ही पड़ा और उसे बेड पर लेटा कर बस चूमता ही रहा.

मोटे लंड के एकदम से घुसने के कारण भाभी की आंखें खुल गई थीं और वे दर्द से तड़प रही थीं. दीमा का लंड पहले की भांति ही मेरी धर्मपत्नि की गांड में अन्दर-बाहर हो रहा था. मैंने उसके बारे में थोड़ा बहुत सुन रखा था कि वो चालू टाइप की लड़की है.

मेरा पानी निकलने वाला है, कहाँ निकालूँ?मामी बोलीं कि मेरी गांड में ही अपना पानी निकाल दो.

तभी मयूरी रसोई में पहुँची और पीछे से शीतल की दोनों चूचियों को जोर से दबाते हुए पूछने लगी- और मेरी चुड़क्कड़ माँ… खाना बन गया?शीतल- हाँ मेरी चुड़क्कड़ बेटी… खाना बन गया. उसके लंड चुसाई करने से अब मुझसे भी ज्यादा देर ना रुका गया और अपना लंड बाहर निकाल के उसके चूचों पर सारा माल निकाल दिया. बहुत फच फच की आवाज आने लगी और अंकल गन्दी गालियां भी देने लगे- ओहहह मेरी जान वन्द्या … तेरी गांड को चोदे बिना अब नहीं रह पाऊंगा, तू यहीं रह जा अपने मौसी के यहाँ.

मैंने उससे कुछ नहीं कहा और एक पत्र लिख कर उसे यह कहते हुए दिया कि तुम्हें उसकी कसम है, जिससे भी तुम सबसे ज़्यादा प्यार करते हो, अगर इस को वापिस घर पर पहुँचने से पहले खोला या पढ़ा. जब मनीषा हल्की शांत सी हो गई तो मैंने फिर से उसकी नाइटी को हल्का सा ऊपर उठाना चालू किया. मैं करीब शाम को आठ बजे चाची के घर पहुंचा, चाची खाना बना रही थीं और चाचा हॉल में पड़े बिस्तर पर लेटे कोई किताब पढ़ रहे थे.

अआआआ … उईईईई … मर गईईई … ईई …ई …” उसने फिर से मेरी कमर को कस कर पकड़ लिया.

मैं देखकर चौंक गया कि मैंने काले कलर की ब्रा में फंसे उसके इतने मुलायम मम्मों को बेरहमी से दबाकर रखा हुआ था. मम्मी ‘और जोर से … और जोर से …’ कह रहीं थीं और पापा धक्के ऊपर धक्के लगाए जा रहे थे.

पंजाबी सेक्स बीएफ मूवी फिर उसने जोर जोर से चाटना और हिलाना शुरू कर दिया और मेरा भी पानी निकल गया जिसे उसने मुंह में ही लिया और दो मिनट तक हम दोनों एक दूसरे की बांहों में लेट गये. मैंने मौसी के घर जाने का तय किया और शाम को ही अपना सामान पैक करके चल दिया.

पंजाबी सेक्स बीएफ मूवी मैं उसको उठाके मैं उसके बेडरूम में गया और स्वाति को बेड पे पटक दिया. तुमसे मिलने के बाद लगा कि लंड बड़ी मस्त चीज़ होती है, हर औरत को चाहिए ही होता है.

क्योंकि हमेशा कोई न कोई काम करने वाला या मालिक सामने ही रहते ही थे.

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मुझे मेरे भाई ने खूब मजा दिया, मेरी वासना की पूर्ति का साधन अब मेरा भाई बन गया था. फिर रजत ने मयूरी को उठाया और उसके गुलाबी रसीले होंठों पर अपने होंठ रख दिए. उन्होंने मेरी टॉप को निकाल फेंका और मेरी लेगिंग्स को एक ही झटके में उतार दिया.

मैं पूरे जोश में उसका सर अपनी चूत में दबा रही थी और वो पूरी तन्मयता से मेरी चूत को चाट रहा था. अब कल इस घर में जश्न होने वाला था- पूरे परिवार के बीच सामूहिक चुदाई का जश्न…!!परिवार में चुदाई की कहानी जारी रहेगी. मगर जब मैं घर आया तो वो मेरे पास आ गई और बोली- सॉरी कपिल कल के लिए.

मेरे पूरे बदन में एक कंपकंपी सी होने लगी, मुँह हलक तक सूख गया, कनपटी गर्म हो गईं.

वो अपने फार्म हाउस, जो शिमला के पास है, में रहना पसंद करते हैं और इसलिए बीच-बीच में वहां जाते रहते हैं. फिर वो आगे बोली- रजत, जब तुम मेरी चूचियों को जोर-जोर से उमेठ रहे थे तो सच कह रही हूँ कि मुझे भी बहुत मजा आया… तुम्हारे लंड से निकले हुए पानी के एक-एक बून्द का स्वाद मुझे तृप्त कर रहा था. उसकी आंखों में सन्तुष्टि के भाव मैं साफ‌ देख सकता था साथ ही हल्की सी शर्म भी उसकी आंखों में दिखाई‌ दे रही थी.

उसके पानी की वजह से इतनी जबरदस्त चिकनाहट हो गई थी कि लंड पूरा बाहर निकल जाता था. उन्होंने किसी पहलवान की तरफ मेरा फूल सा कोमल शरीर खींचा और मेरी टांगें फैला कर मेरी चुत पर थूक लगा दिया. मैं पूरा न्यूड होकर मनीषा के ख्यालों में खोकर रज़ाई में सोते सोते मुठ मार रहा था.

कुछ देर बाद वो जब चेंज करके गाउन में आई तो माँ कसम मन कर रहा था कि साली को यहीं पटक कर अभी का भी चोद डालूँ. मैं चाहे रात को देर से घर आऊँ और दिन में किसी से फ़ोन पर बात करूँ, उनको इन सब से ज्यादा मतलब नहीं रहता है.

हम दोनों एक सी विचारधारा की थी तो अपनी पर्सनल बातें भी करने लगी थी. उसके कंठ से हल्की मादक सिसकारियों की आवाज़ बाहर तक आसानी से सुनाई दे रही थी. उस समय करीब रात के 12 बज चुके थे, रास्ते में मैंने उससे कहा कि उसे उसके रूम पर छोड़ देता हूं तो उसने मना कर दिया और बोलने लगी कि इतनी रात को घर का गेट कोई नहीं खोलेगा तो अब वो सुबह ही जा सकती हैं।अब मेरे पास भी कोई जगह नहीं थी उसे ले जाने के लिए तो मैंने उसे रात किसी होटल में गुजरने के लिए बोला और वो फट से मान गयी.

थोड़ी देर ऐसे ही भाभी की चुदाई करने के बाद मैंने उनको घोड़ी बना दिया और गांड पर 3-5 चांटे मारते हुए एक झटके में लंड घुसा दिया.

कुछ देर बाद मैं भी आने ही वाला था तो मैंने बोला- भाभी जी, मैं अपना रस कहां निकालूँ?भाभी- देवर जी, मेरी चूत के अन्दर ही निकाल दो, वैसे भी मैं और तेरे भैया अगले बच्चे की प्लानिंग कर ही रहे हैं, पर हो नहीं रहा है. अब आगे:चाची फुंफकार मारते हुए बोले जा रही थीं- ओह … आह … चोद … चोद मुझे … अपनी छिनाल चाची को चोद मेरे राजा भतीजे … मेरे चूत की आग मिटा मेरे चोदू भतीजे … तेरे लंड ने मेरी चूत की गहराई की आग को और बढ़ा दिया रे … चोद जोर जोर से. सुबह उठकर देखा तो टीम और स्टीव जा चुके थे, साहिल मेरे बराबर में नंगा सोया हुआ था मगर आयेशा वहाँ नहीं थी.

ईश्वर ने मेरी गोद में इसे डाला है अब यह बिन माँ का बच्चा नहीं है, इसकी माँ मैं हूँ. मेरी इस कहानी के पहले भागमामी की गांड चोद कर सुहागरात मनायी-1में आपने पढ़ा कि मेरी मामी की गांड ने मेरे लंड से दोस्ती कर ली थी.

प्रिया बोली- ये दूध पी लो और थोड़े फ्रेश हो जाओ, फिर देखती हूँ तेरे लंड की ताक़त. चाची ने भी अपना पल्लू गिराया और ब्लाउज खोलते हुए बोलीं- इस खेल के लिए तुम्हें बूब्स से खेलना होगा … तो चल शुरू हो जा. पहले उन्होंने मुझे चड्डी पहनाई फिर ब्रा, फिर ब्लाउज और लास्ट में साड़ी पहना दी.

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इस बार मैं उसकी चूत को अच्छे से चाटना चाहता था क्योंकि मुझे चूत चाटने में बहुत मजा आता है.

और मैंने तुमसे बड़ा चूतिया आज तक नहीं देखा जो 5 साल के रिलेशन मैं एक भी बार अपनी जीएफ को नहीं चोद सका. मैंने उसको चूमना चालू कर दिया, वो भी मेरा साथ देने लगी और हम दोनों जमकर एक दूसरे को चूमने लगे. मैंने उसके सूट के अन्दर हाथ डाल कर ब्रा के नीचे से उसकी चूची को दबोच लिया और उसे रगड़ने लगा.

फिर एक दिन जब मैं बाथरूम में गया तो मैंने देखा कि मौसी की ब्रा और पेंटी वहीं पड़ी थी. यह सुनकर रशीद की खोपड़ी भन्ना गई, लेकिन मैंने रशीद को इशारे से समझा दिया कि लौंडिया किधर जाएगी, साली को पूरी रात चोदेंगे. सेक्सी सेकसशाम को उसका फोन आया तो मैंने कहा कि लैटर मेरे पास सुरक्षित हैं, तुम चिन्ता मत करो.

लेकिन मैं मन ही मन शर्मिंदा या गिल्टी कांशस भी फील कर रहा था कि वो बेचारी मेरे बारे में न जाने क्या क्या धारणा बना रही होगी. एक औरत का दूसरी औरत से मिलने में ज्यादा हिचकिचाहट नहीं होती, जैसा कि मर्दों से मिलने में होती है.

फिर उसने सोचा कि अपने भाइयों को टारगेट करती हूँ, पर किस भाई को, छोटे को या बड़े को … यह फिर बहुत मुश्किल सवाल था, बहुत सोचने के बाद उसने फैसला किया कि दोनों पर लाइन मारी जाये, जो पट गया उसी का लंड अपनी चुत में डलवा लूंगी, पर चुदाई तो होकर रहेगी. उसकी चुत पर हल्के-हल्के घुंघराले बाल ऐसे थे, जैसे उन पर कभी ब्लेड नहीं लगाया गया. 5 इंच का ही लंड लिया था इसलिए उसके लंड का साइज़ देखकर मुझे पसीने छूटने लगे.

उस रात हमने चार बार चुदाई का मजा लिया और सुबह तक मैं नंगा ही लेटा रहा. उसने मुझे ऊपर से पूरी नंगी करके मेरे मम्मों को अपने मुँह में लिया और बोला- आज पता नहीं कितने सालों बाद इनको देखना नसीब हुआ है. अशोक ने ऐसा कहते हुए अपना लंड बाहर निकाला और अब मयूरी के सामने उसके पिता का टनटनाते हुआ लंड है जिसको उसने छुप छुप कर कई बार देखा था.

वो भी मस्ती से लंड का अहसास करते हुए आराम से अपनी स्कूटी चला रही थी.

इस तरह सीमा पूर्ण रूप से नंगी अपने पेट के बल अपनी गोरी सेक्सी पीठ तथा कूल्हों का प्रदर्शन करते हुए लेटी हुई थी. अगर आप कहें तो मैं इसे आज ही अपने साथ ले जाऊं, किसी मंदिर में ले जा कर अपने लड़के की शादी करवा दूँ.

जिस जिस्म को देखने हम पिछले एक वीक से तड़प रहे थे, बिना लाइट के उस हुस्न को कैसे देखेंगे. कुछ ही देर में मेरे लंड ने उसकी चूत में जगह बना ली थी और उसका दर्द कम होता चला गया. तभी ना जाने क्या हुआ संमाली अंकल मेरी गर्दन पकड़ कर मुझे जम के चोदने लगे और बोले- वन्द्या, तू आने वाले दो-तीन साल में बहुत बड़ी छिनाल रंडी बनेगी.

मेरी हिन्दी कहानी के पहले भागअनजानी दुनिया में अपने-1में आपने पढ़ा कि कैसे मैं राजस्थान में जंगली इलाके में फंस गया और कैसे एक मां बेटी ने मेरी जान बचायी. प्रिया फोन पर बोली- हैलो!मैं बोला- हां बोलो!प्रिया बोली- आई मिस यू बेबी. चाचा भी नीचे से कमर चलाते हुए चाची की हिलती हुई चुचियों पर नजर टिकाए हुए थे.

पंजाबी सेक्स बीएफ मूवी उसके मम्मे एकदम गोल थे, उनके ऊपर गुलाबी निप्पल जैसे मुझे चूसने के लिए बुला रहे थे कि आओ हमारा रस पी लो. कुछ ही देर में अदिति बहू के अंकल जिनके बेटे की शादी थी आकर मेरे ही नजदीक बैठ गये.

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और माशाल्लाह, तुम तो हूर की परी हो, ऊपर वाले ने इतना बढ़िया हुस्न दिया है कि कोई भी मर-मिटेगा. बहुत परेशानियों का सामना करते हुए घर पहुंची इस संकल्प के साथ कि अब गांडूगिरी नहीं करूंगा. मैं भाभी के दोनों मम्मों को बारी बारी से चूस रहा था और निप्पलों को कभी रगड़ता, कभी काटता.

मैं समझ गई कि इसे भी सब पता लग गया है तो मैंने उसे आँख मार कर चुप रहने का इशारा किया. दोस्तो, मेरा नाम सिद्धार्थ है, मैं महाराष्ट्र के औरंगाबाद में रहता हूं. एक्स एक्स एक्स वीडियो वीडियो वीडियोमैं- अंकल, यह तो बहुत लंबा हो गया … ऐसा क्यों हुआ?अंकल- यह बोल रहा कि मुझको चूसो.

तभी दोनों कचकचाकर एक दूसरे से लिपट गए और इधर मेरा लंड भी एक बार और पिचकारी छोड़ गया.

उन दोनों ने पायल को ले कर गंदे जोक शुरू कर दिए और मैं भी उनकी मस्ती में शामिल हो गया. उसने झट से मुझे सहारा देते हुए उठाया और पूछा- अरे क्या हुआ?मैंने कमजोरी का दिखावा करते हुए कहा- पता नहीं.

बहुत अलग तरह का मजा आ रहा है, बस चोरी से चुपके चुपके कैसे भी मुझे ऐसा ही आप तीनों रोज ऐसे ही मुझे जमकर चोदना, चूमना और चाटना. मयूरी- अच्छा? चलो… फिर इधर आओ और मेरी गांड चाटो… मुझे तुमसे अपनी गांड चटवाने में बड़ा आनद आता है. बाकी सब जैसा चाहो कर लो!फिर मैंने उसकी चूची को खूब दबाया और चूसा, जमकर उसकी चुदाई की.

लेकिन दोस्तो जब मैं उसके साथ पहली बार सेक्स कर रहा था, तभी मैंने उससे पूछा था कि वीर्य अन्दर ही डालूँ य़ा बाहर निकाल दूँ.

करीब पांच मिनट के बाद मयूरी की गांड अब चौड़ी हो चुकी थी और उसका दर्द कम चुका था. उसके होंठों पर जैसे ही अपने होंठों को रखा तो उसके नाजुक होंठ मुलायम मखमल की तरह लगने लगे. मुझे ईमेल के जरिये बहुत संदेश प्राप्त हुए, बहुत से लोगों ने मेरी दूसरी कहानी की नायिका से मिलने की इच्छा जताई।दोस्तो, मैं एक कॉल बॉय हूँ, अपनी किसी दोस्त और अपनी किसी भी ग्राहक के संपर्क सूत्र बता नहीं सकता, यह मेरे उसूल के खिलाफ है।अभी तक मैंने कई लड़कियों और भाभियों की चुदाई की है और उनको भरपूर आनंद भी दिया पर उनकी बिना सहमति कहानी नहीं लिख सकता हूँ.

एक्स एक्स एक्स एम एम एस वीडियोमुझे उस टाइम पर कोई गे सेक्स का आइडिया नहीं था कि ऐसा भी कुछ होता है. मैंने सोचा थोड़ी देर बाद शायद ट्रेन खाली हो जाएगी, तो मैं अपनी जगह पे खड़ी रही.

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कैसे भी बस… अभी मिलना है।मेरा और उसका घर कोई 4-5 किलो मीटर के फासले में होगा, मैं उसके पास गया रात का वक़्त था तो मैंने कार ले जाना ही सही समझा. फिर उसने एक लम्बा सा लिप किस किया हम दोनों यूँ ही नंगे लिपट कर सो गए. जब मामी ने मेरा लंड हाथ में लिया, तो इसकी लंबाई और मोटाई देख कर उनकी आंखें फटी रह गईं.

मैंने लंड को निकाला और स्वाति के पास जाके उसके कान में धीरे से कहा- बेबी शुरुआत में थोड़ा दर्द होगा, संभाल लेना. रात को खाना खाने के बाद मामा अपने रूम में चले गए और मामी भी चली गईं. सच बताओ बहुत बार ऐसा ही होता है ना?हम सिर्फ किसी की याद करके आहें भरेंगे और मुठ मारेंगे, शादीशुदा हो, या गर्लफ्रेंड होगी तो हमें जिसके साथ सेक्स करना है, उसे सोच कर उसके साथ सेक्स कर लो.

मैंने काफ़ी ध्यान से सुपारे को देखा लेकिन मेरे पास इतनी हिम्मत नहीं थी कि मैं सुपारे के पास अपनी नाक ले जाऊं. इधर दूर दूर तक कोई नहीं था, केवल पेड़ों पर बंदर और चिड़ियों की हलचल हो रही थी. इस बात से मेरी उन महिला पाठक को उत्तर मिल गया होगा कि रश्मि को बच्चा क्यों नहीं ठहर सकता था.

इसको पढ़कर जहाँ आपके लंड खड़े हो जायेंगे वहीं आपकी आँखों से आंसू भी बह निकलेंगे. बेचारी के मुँह में और चुत में तीन बार, पीछे से एक बार ठुकाई के बाद जान निकल गयी थी.

फिर मेरे सारे कपड़े निकालकर उन्होंने मेरे शरीर पर कोई दस हजार चुम्बन किये होंगे.

अंदर विक्रम अपनी माँ की चूत में और रजत अपनी माँ की गांड में लंड डालकर जोरदार चुदाई कर रहा था. देवर भाभी के साथ सेक्सफिर वो बाथरूम में जाकर अपने आपको साफ़ किया और आकर मेरे लंड से खून साफ़ करके बोलीं- तुमने तो मेरी चुत भी सुजा दी. चुदाई का सेक्सी वीडियोमैंने रूमाल खोला तो उसमें तरह तरह के नोट बेतरतीब ढंग से उल्टे सीधे मुड़ेतुड़े हुए रखे थे; दस, बीस, पचास, सौ … सब तरह के नोट थे. पर मैंने उसकी बात को अनसुना कर दिया और उसकी कमर को पकड़ कर अपने लंड को धीरे धीरे अन्दर बाहर करता रहा.

वो मेरे लंड की टोपी को पीछे करके सुपारे को चाटने लगी, लंड को होंठों में दबा कर हल्का सा बाईट करने लगी.

मर जाऊंगी मैं!मैंने सोचा अब पीछे हटना सही नहीं है और उसकी चीखों की परवाह किए बिना मैं धक्के पे धक्का लगाने लगा. फिर थोड़ी देर बाद जब उसकी चुत से काफी सारा कामरस निकला तो उसको इतना चैन मिला कि जैसे ऐसा पहले कभी हुआ ही नहीं हो. लेकिन पायल मेरे लंड को चूसती ही रही और मैंने सब पानी उसके मुँह में ही छोड़ दिया.

अब मेरी आँखों में आंसू आ गए, उनको कैसे ढूंढूं!आखिर मैं वापिस जाने की सोचने लगा; लेकिन मेरा दिल नहीं मान रहा था, वो फिर से मुझे रास्ता ढूंढने को मजबूर कर रहा था. अब मैंने अपने भाई से कहा कि मुझे नौकरी मिल रही है तो अभी यहीं रहूंगी और कुछ समय बाद आपके पास आ जाऊंगी. मैं जोर जोर से उसकी चूत को चाटने-चूसने लगा और बीच बीच में अपनी जीभ उसकी चूत के अन्दर तक फिरा देता.

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कमरे में आते ही मैं उन पर टूट पड़ा और उनके सारे कपड़े उतार कर उनको नंगी कर दिया. मैं विद्युत की रफ़्तार से दरवाजे तक गया और सेकंड से भी कम समय में दरवाज़ा खोल दिया।दरवाज़ा खुलते ही मेरे चेहरे से सारी ख़ुशी ग़ायब हो गयी, सामने मेरी नौकरानी खड़ी थी।क्या हुआ साहब… आप ऐसे क्यों आंखें दिखा रहे हो?” नौकरानी ने हैरत से देखते हुए कहा।शीला… आज तुम्हें सफाई करने की जरूरत नहीं है… तुम घर जाओ. ऊपर से उनकी चूत में खम्भे सा गहराई तक गड़ा मेरा घोड़े जैसा लंड उनकी हालत पतली किए हुए था.

मेरा रास्ता सिर्फ 15 मिनट का ही होता था इसलिए मैंने पहले दो मिनट तो भाभी को देख कर उन पर लाइन मारी, जिसमें भाभी ने भी मुझे दो बार देखा। पर मुझे जैसे ही देखती थीं.

हम लोग बहुत घूमे और उसी दौरान हम दोनों ऐसे ही एक दूसरे के करीब आ गए.

अशोक को अपनेबेटी की चूततो नहीं दिख रही थी क्योंकि वो जांघों में नीचे कहीं छुपी हुई थी और वो अपने आँखें फाड़-फाड़ कर अपनी बेटी के सामने ही उसकी चूत में नजर भी नहीं डाल सकता था, पर गांड और उछलती हुई चूचियों पर से वो अपने ध्यान हटा नहीं पा रहा था. खाना तो वास्तव में टेस्टी था, खाने में जीरा राइस, शाही पनीर और नान के साथ रायता और राजमा भी मँगवाया था. सेक्सी वीडियो देसी विलेजजब कुछ प्रतिक्रिया नहीं हुई तो मैंने दो उंगलियां मौसी की चुत में डाल दीं.

पढ़ाई से पहले तुम्हारे दिमाग से सेक्स शांत करना होगा, फिर तुम्हें पढ़ाई की बात समझ आएगी. मुनीर- मैं खुद झड़ गई, पर ये कमाल का था, तुमने मेरे चरम सुख का आनन्द दोगुना कर दिया. फिर हम आगे की योजना बनाने में व्यस्त हो गए, अब शाम हो चली थी, रात का खाना फ्लैट में ही बनाने का प्लान बनाया।दोनों मां बेटी ने मिलकर खाना बनाया, इसी दौरान दिव्या मेरे पास आकर बोली- देखो, मैंने दिल के आकार की रोटी बनाई है!उसकी इस मासूमियत भरी बात पर मेरे चेहरे पर मुस्कान छा गयी.

जब उनका हाथ मेरे बदन पे पड़ा, लाइफ पे पहली बार मुझे लगा कि कोई मर्द का हाथ है. उसके चालूपन का अंदाजा बस इस बात से लगा सकते हैं कि सिर्फ एक दिन लगा मुझे उसकी सलवार का नाड़ा खोलने में.

हालांकि वो चुदी हुई थी, तब भी मुझे लगा कि इसके बताए अनुसार इसके पुराने ठोकू का लंड जल्दी झड़ने के साथ साथ शायद मुझसे छोटा भी हो, तो ये मेरे लंड से चिल्ला न दे.

मैंने भी अपनी चुदाई की स्पीड तेज कर दी और मैंने सारा माल उसकी गांड में ही डाल दिया, जिससे वो भी आगे से झड़ गई. फिर उसने मेरी तरफ देखकर बोला- हां अब बोलो, क्या तुम्हें मेरी चुत की सीटी सुननी है और क्या तुम्हें मेरी चूत से पेशाब निकलते हुए देखना है?मैंने जब हां किया तो पूजा बोली- चलो टॉयलेट के फर्श पर लेट जाओ. लेकिन मोटी होते हुए भी मन को बेचैन कर देने वाली जवानी की दुकान हैं.

भैया भाभी की चुदाई इधर रजत शीतल के सीने पर पड़े पड़े अपने एक हाथ को शीतल के पीछे ले जाकर उसकी गांड को धीरे-धीरे सहलाने लगा. हम मतलब मैं और मेरा भाई दोनो एक रूम में सोते हैं और मम्मी पापा दूसरे रूम में! एक रात क्या हुआ कि रात को मैं पानी पीने के लिए उठी तो मम्मी की तेज आवाज सुनी जो उनके कमरे से आ रही थी, मैंने सोचा इतनी रात को मम्मी ऐसे क्यों चीख रही हैं.

बस मेरी प्रमोशन होने वाली है क्योंकि जितनी भी रिपोर्ट मैंने लिखी है, वो सबकी सब बहुत ही अच्छी मानी गई हैं. पर मैं जानती थी कि वो ज्यादा देर शांत नहीं रुकेगी, जब तक उसके सामने मर्द गिर ना जाए. एक दो बार मैंने उनकी तरफ देखा तो मुझे उनकी आँखों में मेरे लिए वासना दिखी.

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हर झटके के साथ जूही के मुँह से मादक से सीत्कार निकल रही थी। मैं करीब 5 मिनट तक जूही की बुर ऐसे ही चोदते रहा, फिर मैं लेट गया और जूही मेरे ऊपर आ गयी. मैंने अपना लौड़ा जूही की चूत पर रखा और उसकी गांड को पकड़ का नीचे से एक झटका मारा और पूरा लौड़ा जूही की चुत में पेल दिया।मैंने जूही की गांड पकड़ लिया और दोनों हाथों से ऊपर नीचे करने लगा, उसकी बड़ी गांड जब मेरे लौड़े पर ऊपर नीचे हो रही थी, ये देख कर चोदने का मजा बढ़ता जा रहा था. मयूरी ने बड़े जोश में आकर अपने एकदम आदमजात नंगे बाप को जाकर एक जोरदार चुम्बन दिया.

हम सभी सिर्फ शॉर्ट में थे, रशीद तो जानवर जैसा ही दिखने में सांड था. जब मनीषा हल्की शांत सी हो गई तो मैंने फिर से उसकी नाइटी को हल्का सा ऊपर उठाना चालू किया.

बस अगले कुछ ही पलों में मौसी की चूत से गर्म गर्म वीर्य का सैलाब निकल गया और मौसी मेरे ऊपर ढेर होकर लेट गईं.

उस लड़के ने अपना आधा लंड मेरी चूत में डाला ही था कि मेरी चूत में दर्द होने लगा, मैं करीब दो महीने से चुदी नहीं थी तो मेरी चूत काफी कस गयी थी. फिर वो बोली- अपने पड़ोस में आ जा।पूजा भाभी हमेशा चुप्पी साध कर रहने वाली औरत थी, मैंने सोचा कि शायद यह आज रात को ही चुद जाये. माइक ने भी तारा को पकड़ अपनी ओर खींचा और स्तनों को मुँह से चूसना शुरू किया.

अब दीमा संग हमारे लंड और सरलता से रूसी सुन्दरी की गांड में अन्दर-बाहर होने लगे. बस मैं स्वाति को एक गार्डन में ले गया और हम दोनों उस गार्डन में वहां जाकर बैठ गए. मैंने उसका हाथ पकड़ कर अपने खड़े 8 इंची लण्ड पर पैंट के ऊपर से ही हाथ रख दिया.

मेरे मुँह में मुन्ना अंकल ने अपना लंड का रस छोड़ दिया था इसलिए वे ढीले पड़ गए.

पंजाबी सेक्स बीएफ मूवी: मैंने उसकी चिल्ल-पों पर कोई ध्यान नहीं दिया और जोर जोर से उसे चोदने लगा. फिर उसने गले तक जो माल बह गया था, उसको उंगलियों से पौंछा और बड़ी ही कातिलाना मुस्कराहट के साथ मेरी तरफ देखते हुए अदाओं के साथ एक एक करके उंगलियों को चाटने लगी.

तुम्हें पहली चुदाई का परमानन्द को प्राप्त हो रहा है!जैसे जैसे उसका स्खलन नजदीक आता गया, वैसे वैसे उसकी पकड़ मुझ पर मजबूत होती चली गई. ”मैं निश्चिंत हो गयी और पापा से बोली- पापा, मुझे बहुत मजा आया! क्या आप रोज़ मुझे ऐसे ही प्यार करेंगे?हाँ बेटी… जब भी तुम चाहोगी! लेकिन अभी तुमने पूरा मजा नहीं लिया है, पूरा मजा उस दिन आएगा जब मेरा लंड अपने चूत के अंदर लोगी!”पापा तो अपना लंड मेरी चूत में डालो न… मैं पूरा मजा लेना चाहती हूँ. प्रिया के बदन को सहलाते हुए मैं अपने हाथों को उसकी जांघों पर ले आया और उसकी चिकनी जांघों को हल्के हल्के मुट्ठी में भर कर दबाना शुरू कर दिया.

इतनी बेबाक पत्नी को देखकर मैं अवाक् रह गया था लेकिन फिर मैंने स्थिति की नाजुकता को समझते हुए दीमा के लंड के ऊपर से अपनी भार्या के छोटे से छेद को कुरेदना शुरू कर दिया.

मैंने मुस्कान की टांगों की तरफ आते हुए अपना मुँह उसकी चुत पर टिका दिया. अब तो भाभी मुझसे अपनी आहें भरते हुए कहने लगी थीं कि प्लीज़ तुम अब देर ना करो. मुझे भी लंड गले में लेने में मज़ा आ रहा था, उन्होंने मेरा मुँह तब तक चोदा, जब तक की उनका सारा वीर्य मेरे गले में निकल नहीं गया.