बीएफ फिल्म चुदाई वीडियो

छवि स्रोत,एक्स एक्स एक्स हिंदी सेक्सी कहानियां

तस्वीर का शीर्षक ,

मेरा फेवरेट: बीएफ फिल्म चुदाई वीडियो, उसमें पट्टियों का इस्तेमाल नहीं किया गया था बल्कि एक मोटा लंड उसमें सीधा टांगों के मिलने वाले स्थान पर बीच में चिपका दिया गया था.

टिक पॉर्न

ऐसा मुझ में तुमने क्या देख लिया जो इतना निहाल हुई जा रही हो?वो बोली- सच में मेरे साथ असली सेक्स तो आज ही हुआ है. पुण्याला सेक्सी व्हिडिओफिर मैंने भाभी को मैसेज किया तो भाभी ने कहा- आपकी किस्मत कुछ ज्यादा ही अच्छी है.

मैंने उसको जांघों के पास से जोर से पकड़ लिया था और मैंने उसके लंड को अपनी चूत में पूरा अंदर उतार लिया. रात बलम ने ऐसी ऐसी मारीरूम में पहुंचते ही वो लोग मेरे पर फिर से टूट पड़े और हम लोगों ने फिर से थ्री-सम सेक्स किया और पता नहीं कब सो गए.

शीला ने पूछ लिया- क्या देख रहे हैं साब?तो राजेश सकपका के बोला- तुम्हारे तलुवे बहुत गंदे हो रहे हैं.बीएफ फिल्म चुदाई वीडियो: जैसे ही मैंने उसकी पैंटी की डोरी को खोलकर निकालने की कोशिश की उसने अपने नितम्ब उठा दिए.

उसकी चुत की पैंटी पर लगा हुआ चॉकलेट रस अपनी जीभ पर लिया और उसके पैरों से लेकर चुत तक लगा दिया.मुझे खुशी दीदी ने सोई हुई समझ कर भाभी से अपनी सारी सीक्रेट बातें कर डाली थीं.

वीडियो सेक्सी गांव - बीएफ फिल्म चुदाई वीडियो

उसकी बातें सुनकर मुझे जोश आ गया और मैंने उठ कर उसको अपनी बांहों में ले लिया.उसने पूछा- क्यों?मैंने कहा- मेरे मम्मी पापा मुझे रात के नौ बजे के बाद घर से बाहर भी नहीं निकलने देते हैं … तो गरबा के लिए कहां जाने देंगे.

और तुम किसी और वजह की बात कह रही थी?तो खुशी ने कहा- संदीप, मैं तुम्हें अपने करीब पाना चाहती हूँ. बीएफ फिल्म चुदाई वीडियो मैं- घर पर ही कुछ बना लेते है, कल शनिवार है … मेरा ऑफ है, बहुत सारी बातें करेंगे.

अरे निष्ठा, तुम परेशान मत हो, उस नर्स ने दवा दी थी न, मैं अभी कुछ देर में ठीक हो जाऊंगा.

बीएफ फिल्म चुदाई वीडियो?

चौथी बार जब मैंने बुर में लंड को पेला तो उसकी बुर खुद ऊपर उठ कर लंड का स्वागत करने लगी. कोशिश करना कि ना करना पड़े! पीछे से दर्द होता है।सुनील मुस्कुराने लगा और बोला- लगता है सब किया हुआ है?मैंने कहा- हाँ, आज कल की दुनिया में सब ट्राइ करना चाहिए।सुनील ने कहा- ठीक है तो शुरू करें?मैंने कहा- ठीक है. मेरी पढ़ाई छूट जायेगी और मार पड़ेगी, वो अलग।मैं- तुम्हारे लक्षण तो पढ़ाई के कम और चुदाई के ज्यादा लग रहे हैं.

”ओह … क्या तोते दीदी भी साथ आ जायेगी?”ना … मधुर अकेले ही आएगी।”ओल तोते दीदी?”मधुर के ताउजी की तबियत अभी ठीक नहीं हुयी है तो घर के काम के लिए गौरी अभी वहीं रुकेगी।”फिर तो ठीक है।” सानिया ने एक लम्बी राहत भरी साँस ली।पता नहीं गौरी का मधुर के साथ में ना आना उसे क्यों अच्छा लगा था।वह बता रही थी कि गौरी तो अब कभी कभार बस मिलने के लिए ही आएगी. दोनों मेरे लंड से चुदकर इतनी अधिक खुश थीं कि मुझे 20000 रुपये देने लगीं. आप इन पर कॉल करके सुविधा ले सकते हैं।उसने कहा- यहाँ से कहीं भी आना-जाना हो तो आप होटल की गाड़ी का इस्तेमाल कर सकते हैं.

जैसे ही राजीव ने मेरी तप्त चूत पर अपनी जीभ लगाई, मैं तो मानो जैसे उसके वशीभूत हो गयी. अब और आगे नहीं!मैंने भी कहा- अब एक साहित्यकार को छेड़ा है, तो सुनना तो पड़ेगा ही!उसने कहा- साहित्यकार हो … ये जान कर ही तो आपको प्रशंसा के लिए कहा. पर पहली चुदाई की बात ही अलग होती है।आप सबको मेरी और कुंवारी लड़की की चुदाई कहानी कैसी लगी, मुझे जरूर लिखें। आप मुझे[emailprotected]पर ईमेल कर सकते हैं।मुझे आपकी कमैंट्स का इंतज़ार रहेगा।मेरी अगली कहानी तक सभी अपना ख्याल रखें और मुट्ठी मारते रहें, चूत खोजते रहें, लण्ड वालों को तड़पती रहें, चुदाई कराती रहें और मुझे दुआओं में याद रखें।.

”रात को 8 बजे मैं मनजीत के घर पहुंचा, उसने दरवाजा खोला और गले लगकर मेरा स्वागत किया. बीच पर पहुंचते ही मैं उस वन पीस को उतार दिया और अब मैं एक छोटी सी बिकनी में रह गई थी.

जब तू उसके साथ सब कुछ कर चुका है … तो एक बार बिना गर्भ निरोधक गोलियां दिए निशा से सेक्स कर ले.

हम लौंडे यदि कोई चिढ़ाने को कह देते थे कि मेला ग्राउंड चलोगे … तो सामने वाला या तो गालियां देने लगता या चुप होकर मुस्कराने लगता.

फिर आंटी से सेक्स की फेंटेसी मैंने कैसे पूरी की?अन्तर्वासना की इंडियन सेक्स स्टोरीज के सभी पाठकों को को मेरा हैलो!आज मैं आपको अपनी कामुक आंटी के बारे में बताने जा रहा हूं कि कैसे मैंने उनकी गर्म जवानी को सोचकर जोरदार मुठ मारी. मैं अपनी किस्मत पर अचंभित थी कि मेरी फेंटेसी मेरी आंखों के सामने पूरी हो रही थी जैसे कोई सपना सच हो रहा हो. मैंने उसकी बहन का जिक्र सुना, तो उससे पूछा- क्या वो इस अल्कोहल मिक्स वाली लिक्विड जैली को खाती है?पम्मी ने मेरे सर पर हाथ फेरा और चुत पर दबाते हुए बोली- नहीं यार, वो खुद इस अल्कोहल मिक्स वाली लिक्विड जैली को अपनी फुद्दी पर लगाती है.

उसके साथ ही मैंने अपना मुँह हटाकर उसके चेहरे पर देखा और रेशमा से नजर मिलाते हुए कहा- हां, रैपर के साथ माल भी चोखा है. अगर तुमको कोई दिक्कत न हो तो अपने आदमी के आने तक यहीं बाहर वाले कमरे में रह लो. विक्की एक भूखे कुत्ते की तरह बैठ कर मेरे ऊपर नीचे हिलते बूब्स को देख रहा था.

अब भाभी ने अपनी टांगें चौड़ी की और मुझसे बोली- अपनी चूत को मेरी चूत के ऊपर जोर जोर से रगड़ो और मेरे मम्मों को चूसो.

पर उसके ज़ोर से मेरे लण्ड को ही दिशा मिली जिससे वो जरा अंदर को जगह बनाता दिखा।किट्टू समझ गयी कि उसकी सब मेहनत व्यर्थ है और मैं ऐसे नहीं मानने वाला. मैं भाभी की चूत में धीरे धीरे लंड को पेलते हुए चुदाई का मजा लेता रहा. किसी महिला के साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाना मेरा उद्देश्य नहीं लेकिन जब सम्बन्ध हों तो शारीरिक सम्बन्ध बनाना महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि शारीरिक सम्बन्ध प्रेम की पराकाष्ठा होते हैं.

मैं हल्का सा मुस्कुराई और उसकी टाँगों के बीच मुंह लेजाकर उसके लंड को हाथ से ऊपर से नीचे तक सहलाया और धीरे धीरे किस करने लगे।सुनील ने हल्की सी आह … भरी और बोला- पूरा चूसो ना।मैंने अब बिना देर किये ऊपर से उसका लंड अपने मुंह में लिया और हलक तक अंदर लेती चली गयी। मैंने अब ज़ोर ज़ोर से लंड को ऊपर नीचे चूसना शुरू कर दिया. उसकी कामुक सांसें तेज हो रही थीं और वो मस्ती से बड़बड़ा रही थी ‘आह रणदीप चोद दे मुझे … तुम कितने मस्त चोद रहे हो आह … मेरी चुत में कितने अन्दर तक पेल रहे हो … आह … मेरी जान मैं बस जाने वाली हूँ. मैं- कहां … यहां स्कूल में?उदय सर- नहीं यार … अभी तो तुम सील पैक माल हो … खुली होतीं, तो यहां ही चुदाई हो जाती.

कमल ने और तेज धक्के लगाने शुरू कर दिए और इस बीच में मेरा पानी निकल गया।मुझे ऐसे तड़पता और झड़ता देख कर कमल से भी रहा न गया और उसने मेरी चूत में अपना वीर्य छोड़ दिया और झटके मारते हुए मुझ पर गिर गया.

हमने दरवाजा खटखटाया तो चाचा ने दरवाजा खोला, हम भीतर चले गये तो चाचा भी वहीं अन्दर वाले कमरे में आ गये, इधर उधर चाची के न दिखने पर हमने पूछा कि चाची कहाँ है तो चाचा बोले कि दवा लेने गई है, अभी आती होगी. भाभी साथ साथ मेरे पटों और जांघों पर हाथ फिरा फिरा कर मुझे उत्तेजित करने लगी.

बीएफ फिल्म चुदाई वीडियो दूसरा इन्होंने मुझसे करवाई, मेरी कभी नहीं मारी … आपने तो मेरी कई बार मारी है, मगर मैं इनके लिए नया लौंडा हूं … इसलिए आज इनसे मैं करवाऊँगा. मैंने झट से कहा- अच्छा सुनो मेरा एक काम करोगी?उसने कहा- हाँ कहिये ना सर?उसके शब्दों में दृढ़ता तो थी पर चेहरे पर कौतुहल नजर आ रहा था।मैंने कहा- यार तुम्हें तो पता है कि दुल्हन का नाम भी खुशी है.

बीएफ फिल्म चुदाई वीडियो मैंने पूछा- ऐसा क्या है?वो बोला- क्या अकेले आप ही मस्ती लोगे … मुझे भी लेने दो. करीब पन्द्रह मिनट बाद हम दोनों एक दूसरे को साबुन लगा कर शॉवर के नीचे नहाते रहे.

वो उसकी चूचियों पर अपनी जीभ फिराता और कभी कभी उसके मम्मों को अपने होंठों में लेकर चूसता और कभी उसके गोल गोल मम्मों पर जीभ घुमा देता.

नंगा थिएटर

हाई हील्स, गांड से ऊपर तक झूलने वाली टी-शर्ट थी, जिसमें से उसके मम्मे क़यामत बरपा रहे थे. मुझे ऐसा लगा कि स्वरा भी यह आनन्द लेने के लिए खुद को तैयार कर चुकी थी. गुंजन बोली- आप ठीक कह रहे हो शायद।मैंने उसको अपने आगोश में ले लिया और कहा- ठीक है, मैंने अब तुम्हें माफ किया.

मैंने आहिस्ता से उसकी गांड पर कौड़ा फिराया और फिर एकदम से उसकी गांड पर एक जोर का प्रहार कर दिया. शीला ने हिम्मत करके कहा- साब, मेरा मन भी घर पर नहीं लगेगा और मेरा कमरा बिलकुल अलग है. पर राजेश ने उसकी टांगों को ऊपर किया और अपनी पूरी जीभ उसकी चूत में घुसा दी.

यह सत्य है कि मैंने एक बैंक्वेट की सीढ़यों पर बैठ कर बुलबुल रानी के पैरों को सौ बार चूमा था और उससे एक शर्त जीती थी.

कमल ने और तेज धक्के लगाने शुरू कर दिए और इस बीच में मेरा पानी निकल गया।मुझे ऐसे तड़पता और झड़ता देख कर कमल से भी रहा न गया और उसने मेरी चूत में अपना वीर्य छोड़ दिया और झटके मारते हुए मुझ पर गिर गया. मैंने राहत की सांस ली और डरते डरते उनको सारी बात बता दी कि मुकेश की वाइफ निशा के पेट में जो बच्चा है, वो मेरा ही है … और परासिया में कोई बाबा नहीं है. पम्मी ने मुझसे पूछा- राकेश, क्या सच में मैं तुम्हें अच्छी लगती हूं?मेरे मुँह से कुछ ना निकला.

अब एक लास्ट बात और मान लो तो इसका काम तमाम मैं ही कर देता हूं अभी!” मैंने लंड पकड़ कर हिलाते हुए कहा. उसने मेरे पैरों को हाथ में पकड़ रखा था और बड़े ही मजे से चाट रहा था. मेरी बातें सुनकर नैना झल्लाकर बोली- उफ्फो … तुम हमेशा दूसरों के बारे में बातें करते रहते हो.

मैंने अन्दर का नजारा देखा तो लड़की 19-20 साल की बहुत स्लिम बॉडी की थी. मैं उनके फ़्लैट में गया तो क्या हुआ?इसके पश्चात चार दिनों तक रोज़ कई कई बार व्हाट्सएप्प पर बातें होती रहीं दोनों रानियों से.

उसकी लम्बाई पांच फुट पांच इंच के हिसाब से पांव कुछ छोटे थे किन्तु थे सुन्दर और बहुत अच्छी तरह से रखे हुए. हालांकि अभी तक मैं उन दोनों के साथ एक ही बिस्तर पर एक साथ नहीं चुदी थी. डांस में जिसकी जितनी हिम्मत होती वो उतने कम कपड़ों में डांस कर लेती.

नाश्ते के लिए निष्ठा ने आलू के परांठे बनाए थे, साथ में अचार और दही भी था.

फोन उठाकर रिया ने जवाब दिया- हाँ बोलो रत्न?रत्न उधर से कुछ बोला।रिया- क्या संडे? अच्छा परसों … चलो, ठीक है।रत्न ने फिर से कुछ कहा।रिया- क्या? दो पार्टी हैं एक साथ।रत्न ने कुछ बोला।रिया- दोनों बुड्ढे हैं! अम्म … हां, चलो कोई बात नहीं. तुम खुद ही मुझे किसी और के पास जाने को कहोगी तो मुझे बर्दाश्त नहीं होगा. इसकी किस्मत में अगर ज़िन्दगी भर बिना चुदे रहना ही लिखा है तो कोई क्या कर सकता है.

अब एक हाथ मेरा कभी भाभी की चूचियों को नापता, तो कभी उनकी चूत की फांकों को सहलाता. इस दरम्यान जयपुर वाली मेरी महिला ने मुझे एक आलीशान फ्लैट भी दिला दिया.

मैं- न केवल तुम एक शानदार सामाजिक काम करने के शिखर पर हो, बल्कि आज तो इस साड़ी में गजब की खूबसूरत भी लग रही हो. उसकी आँखों से आंसू निकल आये।यह वो मीठा दर्द था जो हर लड़की को सहना ही पड़ता है।अब तक मेरा आधा लंड ही चूत में घुसा था. मैंने अपने नंगे जिस्म को शीशे में देखा और खुद से ही बोली- आज किसी न किसी हैंडसम जवान लड़के को मेरे इस खूबसूरत जिस्म की खुशामद करने का मौका जरूर मिलेगा.

भाभी की चूत मारी

बेबी रानी और एक अन्य सहेली पिंकी से साथ समलैंगिक चुदाई से ही काम चलाया करती थी.

मैं सोचकर हैरान रह गया कि भाभी बिन्दू को अभी तक छोटी ही समझ रही थी. मैंने प्यासी निगाहों से नेहा को देखकर अपनी ओर आने के लिए आमंत्रित किया. लेकिन कोच फुल स्पीड से मेरी गांड में अपना लंड अन्दर बाहर कर रहे थे.

आज सिर्फ एक ही बुड्ढा है।रिया- ओके, कितने बजे पहुंचना है?रत्न- उसी टाइम पर।रिया- ठीक है पहुँच जाऊंगी, उसको तैयार रहने को बोलना।रत्न- अरे उसकी बात सुन कर तैयार तो मैं भी बैठा हूँ. बस पहली बार रात में हम दोनों चुदाई करने वाले थे, तो भाभी डर रही थीं. नेट वाला साड़ीमैं सीधा होकर अपना लंड आधे से ज्यादा बाहर निकालकर जोर से धक्के मारने लगा.

हाँ, एक बात जो सभी मेल में लिखी थी कि मेरी सभीपुरानी कहानियांसभी ने दो-दो, तीन-तीन बार पढ़ी और मूड रिफ्रेश किया. मैं गुरुग्राम में एक बिल्डिंग के टॉप फ्लोर पर रहता था, जहां पर एक कमरा, छोटा सा किचन और टॉयलेट था.

” सानिया ने शरमाकर अपनी मुंडी झुका ली।ओह … कोई बात नहीं तुम एक काम करो मैं तुम्हें मधुर की पेंटी और ब्रा दे देता हूँ उसे पहन लो. अब आगे:पायल ने ड्राइवर को वैभव वाले होटल पर गाड़ी रोकने को कहा और साथ ही उसने किसी को फोन करके गेट पर बुला लिया. रमेश बोला- रंडी, तेरी औक़ात क्या कि तू मेरा लंड सह सके! आज तो मैं तेरी चूत और गांड का भोसड़ा बना दूंगा।रमेश की बात सुन कर रवि खुश हो गया.

मेघा भी मेरे लंड से निकलता माल देख कर हैरान हो गयी और फिर वो खिसखिसाती हंसी के साथ कहने लगी- कहीं तुमने अपनी वीर्य की पिचकारी से स्क्रीन में दरार तो नहीं डाल दी!शांत होने के बाद मैंने उसको थैंक्स कहा और उससे कहा कि अब वो नहाने के लिए जा सकती है. उसकी लम्बाई पांच फुट पांच इंच के हिसाब से पांव कुछ छोटे थे किन्तु थे सुन्दर और बहुत अच्छी तरह से रखे हुए. अब लड़कों का क्या है … पीजी में तो हॉस्टल से भी ज्यादा मस्ती होती है.

मुझे छोड़ दे।रवि- लगता है तू सच में बूढ़ा हो गया है।रमेश- तू चाहे जो समझ, मगर मुझे माफ़ कर।रवि- जैसी तेरी मर्जी।फिर थोड़ी देर बाद उन दोनों ने नाश्ता किया.

भाभी शादी की रस्में पूरी होने के बाद पूल के पास कुर्सी पर बैठे हुए अपने मोबाइल में आधे घंटे से खोयी हुयी थीं. मैंने भाभी से पूछा- भैया के साथ नहीं करती क्या?भाभी कहने लगी- रानी, सच तो यह है कि जब दिल करता है उसी वक्त लण्ड चाहिए, बाद में तो सब ठंडा हो जाता है और वैसे भी तुम्हारे भैया तो अब महीनों महीनों नहीं करते हैं.

जीजू, तुम मेरे जीवन में पहले पुरुष हो, मेरे तन मन पर तुम्हारा अधिकार जीवन भर रहेगा. खैर नाश्ता तो नहीं भी करने से चल जाता है, पर फ्रेश होना और नहाना तो जरूरी ही था, क्योंकि शरीर की थकावट भी दूर करनी थी और गर्मी भी चढ़ने लगी थी. अगले दिन मैंने मॉम को कहते सुना कि किसी ने बीती रात घर के मेन दरवाजे पर चुदाई की हुई है.

क्योंकि दीपक ने भाभी की चूत का सत्यानाश कर रखा था।हम लोग चारों थोड़ी देर सोने की तैयारी कर रहे थे. क्या आपने मेरी टाइट चूत और गांड को देख कर मुठ भी मारी थी?मैं- नहीं, मैंने ऐसा कुछ नहीं किया डिअर. शायद मैं उत्तेजित हो जाऊं, ऐसे करते करते उसकी जीभ मेरी गांड के छेद पर घूमने लगी.

बीएफ फिल्म चुदाई वीडियो जिसका मतलब था कि वो किसी भी समय झड़ने वाली थी।मेरा भी लण्ड ऐसा खिंचाव पहली बार महसूस कर रहा था. थोड़ी देर में भाभी की सिसकारियां और आवाजें बेतहाशा बढ़ गई- आई … आई … आ … आ … ईई … ओ … ईई.

एक्स वीडियो राजस्थान

उसमें लवी खुल कर अपने से चुदाई की बातें कर रही थी।मैं तो पढ़ कर हैरान रह गया के जिसे हम सभी बच्ची समझ रहे थे, वो तो कब की जवान हो चुकी है। कितनी तड़प थी उसको अपने पति से मिलने की!और उस से भी ज़्यादा, उसके साथ सेक्स करने की।लेकिन इस बार कुछ और भी नया दिखा. पर भोसड़ी वाले … अभी तो तू मुझे तो चोद माँ के लौड़े … साले चुत बड़ी चुनचुना रही है. और उसकी कुछ फंतासी भी है जो वो पूरा करना चाहती है।मैं मन ही मन बड़ा खुश हुआ कि सील तोड़ने का मौका मिलेगा।दोस्तो, bur की सील तोड़ने का मौका नसीब वालों को ही मिलता है, यह सुख सबकी किस्मत में नहीं होता।मैं उस दिन का इंतज़ार करने लगा.

नहा कर लौटा तो देखा निष्ठा भी जाग चुकी थी और मेरे बेड की बेडशीट चेंज कर रही थी. वो विनती करने लगा तो मैं पिघल गयी और घोड़ी बने बने हाथ पीछे ले जाकर अपने चूतड़ फैला दिये और उसे मेरी गांड मारने का न्यौता दे दिया. वेलम्मा हिंदी कॉमिक्सलगभग 15- 20 शॉट के बाद मेरे लण्ड ने भाभी की चूत में वीर्य की पिचकारियां मारनी शुरू की.

बस पांच मिनट में।मैंने जल्दी से एक उत्तेजक खुशबू वाला मर्दों का डिओ लगाया और टीशर्ट व जीन्स पहन कर उसके घर पहुंच गया.

लॉकडाउन में सेक्सुअल फीलिंग स्टोरी आपको कैसी लग रही है?[emailprotected]सेक्सुअल फीलिंग की कहानी का अगला भाग:लॉकडाउन में चरमसुख की प्राप्ति- 2. शक होता है तो मुझे कुछ नहीं लेना लेकिन इसकी मेरे सामने मुंह खोलने की हिम्मत नहीं है.

मैंने अपना कामरस उसके मुँह में ही त्याग दिया था, जो सीधे ही उसके हलक से नीचे उतर गया और जो बचा हुआ अमृत उसके चेहरे पर फैला था, उसे उसने हाथों से पौंछ लिया. वैसे तो आपके तजुर्बे ने तो मेरी हालत खराब कर दी थी, पर फिर भी मैं आपकी रंडी नैना आपसे चुदने के लिए तो हमेशा तड़पती रहूंगी. मेरा लंड आजाद होकर खुली हवा में जैसे किसी स्प्रिंग लगे खिलौने की तरह उछला और छत की ओर मुंह उठा कर सीधा तन गया.

अब तक आपने मेरी इस सेक्स कहानी के पिछले भागभाई और आशिक ने की 3 सम चुदाई-1में पढ़ा था कि मेरा भाई और राजीव दोनों ने मुझे छत पर एक साथ चोदने का प्लान बना लिया था.

कविता ने रवीना के मम्मी पकड़ लिए और अपने होंठ रवीना के होंठ से मिला दिए. हम दोनों किस करने में इतने मशगूल हो गए थे कि हम भूल ही गए कि हम कार में हैं. जैसे ही मैं ड्राइंगरूम में दाखिल हुआ सरोज बोली- लो आ गया राज!मैंने उन दोनों को हाथ जोड़कर नमस्कार किया.

कोई सेक्सी मूवी दिखाएंगुड्डी रानी की कुमारी चूत बेहद टाइट थी, जैसी हर बिन चुदी बुर हुआ करती है. फिर एक दिन ऐसी घटना मेरी आंखों के सामने आयी कि उस दिन के बाद से गुंजन के प्रति मेरा नज़रिया ही बदल गया.

फिल्म साजन का घर

इसी बीच कम्पनी ने मुझे 6 महीने और रुकने का आग्रह किया, जिसे मुझे मानना ही पड़ा क्योंकि कंपनी ने मुझे बोला था कि मैं रिजाइन ना करूं. मैंने मदहोशी में अपनी उंगलियों को नेहा के बालों में फंसा लिया और उसे खींचते सहलाते हुए नेहा का भी सपोर्ट करने का प्रयत्न करने लगा. आह … नशीली सुगंध थी … ये चूतनिवास मस्त हो गया और हल्के हल्के हाथों से उन नाज़ुक पांवों को दबाने लगा.

अरे कहा न कोई ख़ास बात नहीं, तू किचन में जा वहां आलमारी में दवाइयां रखी रहती हैं, देख कोई पेन किलर हो तो. और उसकी कुछ फंतासी भी है जो वो पूरा करना चाहती है।मैं मन ही मन बड़ा खुश हुआ कि सील तोड़ने का मौका मिलेगा।दोस्तो, bur की सील तोड़ने का मौका नसीब वालों को ही मिलता है, यह सुख सबकी किस्मत में नहीं होता।मैं उस दिन का इंतज़ार करने लगा. उसके बूब्स में मीठा मीठा सा लग रहा था।उसके बाद उसका पल्लू नीचे की तरफ हटाया उसकी नाभि एकदम छोटी सी गोल सी है.

रास्ते में ही हमारे बीच अच्छी दोस्ती हो गयी … क्योंकि हम दोनों ही इंजीनियर थे. नेहा के मम्में गीत के मम्मों से थोड़ा बड़े हैं और मैंने गीत की एक चूची को अपने होंठों में ले लिया और उसे चूसता हुआ उसके ऊपर अपनी जीभ घुमाने लगा. मैं आंखें बंद करके सोच रहा था कि इन दो दिनों में मां को कैसे कैसे चोदूं.

उसका जब भी दिल करता, वो मुझे छेड़ देता और मैं भी उसका साथ बराबर दे रही थी. मेरे पैरों के पास बैठते ही उसने मेरा लौड़ा अपने कोमल होंठों में ले लिया।काजल रुको … बस एक मिनट … आह्ह!” मेरे मुंह से इतना ही निकला था कि मेरा माल उसके होंठों पर छूट गया.

बेबी रानी फिर बोली- सुन गुड्डी, देखा अपनी चूत फटने का नज़ारा? ले अपनी चूत का लहू का स्वाद चख.

फिर उसी खून से सनी सलवार के साथ घर आती? सोचो, अगर कोई देख लेता तो क्या होता? कितनी बदनामी होती तुम्हारी और तुम्हारे साथ मेरी भी।वो बोली- हां जीजू, आप सही कह रहे हो. सेक्सी blue filmजब वो आयी तो …अन्तर्वासना के सभी पाठकों का एक बार फिर से स्वागत है. भूतों की कहानी दिखाइएहरामज़ादी मैंने कहा था क्या चूत में लंड न ले … साली तेरी खुद की गांड फटती थी … अब अहसान झाड़ रही कमीनी. इस बीच मुकेश की मां अंकिता भाभी को लेकर मेरे यहां आ गईं और मेरे यहां से उनको परासिया जो कि छिंदवाड़ा से मात्र 16 किमी दूर है, वहां जाना था.

चूत एक अज़ब सा शहर है, जहाँ लंड के रस की बहती नहर है!इसी चूत के लिए मैं पिछले तीन साल से तड़प रहा था लेकिन कहते हैं न कि भगवान के घर देर है, अंधेर नहीं। हां, बस आपकी नीयत साफ होनी चाहिए.

फिर मैंने बहाने से अपनी हील्स को एडजस्ट करने का नाटक किया और उसके सामने पूरी झुकते हुए अपनी चूचियां दिखा दीं. जीजा साली सेक्सी स्टोरी में पढ़ें कि मैं अपनी कामुक साली को अपने लंड के नीचे लाना चाहता था. सर ने अपने लंड का पानी मेरे मुँह में ही खाली किया और मुझसे कपड़े पहन कर ऑफिस से जाने का कह दिया.

मैंने हल्का सा धक्का दिया और मेरे लंड का टोपा उसकी चूत में उतर गया. हम दोनों बिना कुछ बोले खड़े रहे और दोनों के शरीर उत्तेजना से कांपने लगे. मैं- ओह शशि … यू आर सो ब्यूटीफ़ुल … कितना मस्त शरीर है तुम्हारा … एक एक अंग मस्त है शशि.

वीडियो हॉट वीडियो

रिया ने अपनी पैंटी को पैरों के नीचे कर दिया और बेड पर लेट कर अपने पैर हवा में उठा लिये और अपनी पैंटी को पैरों से निकालने लगी. शमा बड़े पशोपेश में थी कि क्या करे, क्या न करे!मगर शाही सर ने 200 का एक नोट अपने मुँह में पकड़ा और शमा की कमर पर बंधा उसका दुपट्टा खोलने लगे. मैं कांपते हुए जैसे तैसे बाइक संभाल कर ड्राइव करता हुआ घर पहुँच गया.

लेकिन अगर तुम मुझे नहीं सिर्फ मेरे लिंग को बुलाना चाहती हो तो मैं उसे ही काट कर भेज देता हूँ।खुशी का जवाब भी मजाकिया अंदाज में आया- ठीक है, फिर गोलियों सहित काट कर भेजना।फिर तुरंत एक और मैसेज आया- यार मैं मजाक नहीं कर रही हूँ, मुझे सच में तुम्हारा लिंग चाहिए।मैंने भी जवाब दिया- मैं भी मजाक नहीं कर रहा हूँ, मेरा ये लिंग तुम्हारा ही है.

शालिनी बार बार अपनी चूचियों को सहलाते हुए मेरे लंड की तरफ देख रही थी.

मन में कुछ प्लान करते हुए मैं दबे कदमों से गेस्ट रूम की तरफ चल दिया. अब अखिल भी नीचे आया और मुझे देखकर बोला- क्या लग रही हो आप!मैं बोली- अच्छा अब ज़्यादा तारीफ मत करो और चलो।हम दोनों बाहर आए और मालकिन के गाड़ी से हम लोग पार्टी में आ गये।वहाँ सबकी नज़र मुझ पर ही थी. 12 साल की सेक्सी फोटोअब हमने दोनों लड़कियों को एक साथ लाइन में बिठा दिया और मैं और संजय उनके सामने खड़े हो गये.

उसने मेरे लण्ड को चूमते हुए मुझे पहनाया और जोर से सिसकारते हुए बोली- डालो जल्दी … जल्दी घुसाओ मेरी चूत में इसे।मैंने जल्दी से एक झटके में अपना लण्ड उसकी रसीली चूत में डाल दिया. मैंने उसकी भाषा को समझते हुए मन में सोचा कि अभी लंड और दारू का नशा ज्यादा चढ़कर बोल रहा है. मैं भी उसकी कमीज में हाथ देकर उसकी नंगी पीठ पर उंगलियां फिराने लगा.

बेड पर गिरते ही नेहा की स्कर्ट ऊपर उठ गई और उसकी गोरी गुलाबी चूत … उसकी स्वस्थ और भरी हुई जांघों के बीच पकोड़ा सी बनकर उभर गई थी. वैसे तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड नहीं है क्या?दिया- मुझे कौन पसंद करेगा?मैं- बाजू वाले कमरों के बाकी लड़के तो देखते रहते हैं, कुछ तो बात होगी तुम्हारे अंदर।दिया- अच्छा, तो तू ही बता दे क्या अच्छा लगता है तुझे मुझमें?मैं- किसकी नजर से बताऊं? बॉयफ्रेंड की? फ्रेंड की या राह चलते रोमियो लड़कों की?वो बोली- तीनों की नजर से ही बता दे.

तुम बोलो, किस काम से आई हो?पायल ने आंखें नचाईं और कहा- वाह जी वाह … अब हम बिना काम के … आपके पास आ भी नहीं सकते?मैंने कहा- नहीं … मेरा मतलब ऐसा नहीं था … तुम आज बहुत व्यस्त हो.

बस अब क्या था, मैंने उसको किस करते करते एक हाथ उसकी चूत के ऊपर जैसे ही रखा, एकदम से जैसे उसमें करंट दौड़ गया. आप सबके लिए हम दोनों ने सुबह से लग कर बहुत कुछ लज़ीज़ चीज़ें पकाई हैं. और इस तपिश को मेरा लण्ड जैसे किसी पुरुस्कार की तरह ग्रहण कर रहा था।मेरे लण्ड ने भी किट्टू की चूत के सम्मान में अपना सारा माल उसकी चूत में भर दिया।किट्टू अपार दर्द और थकान से चूर जैसे वहीं पर ढेर सी हो गयी थी.

காலேஜ் கேர்ள்ஸ் செக்ஸ் வீடியோ मैंने सरोज के टॉप को बाहर निकाल दिया और उसकी स्कर्ट के इलास्टिक में उंगलियां देकर नीचे खींच दिया. ”तुम कहो तो मैं ट्राई कर सकता हूँ?” मैंने हँसते हुए पूछा तो सानू जान ने शरमाकर अपनी मुंडी नीची कर ली।यार सानू? एक बात समझ नहीं आई?”क्या?”उसे यहाँ पर तुम्हारे काम करने के बारे में किसने बताया?”मुझे लगता है यह बात उसे भाभी ने ही बताई होगी.

मगर अगर हाथ लगता और वो उठ जाती तो। तो सोचा छूना नहीं है, सिर्फ देखना है। मगर सिर्फ देख कर क्या होगा।तो मैंने अपना लंड बाहर निकाला और लवी के मम्मों को देख कर मुट्ठ मरने लगा।ये भी सोचा कि इसके नंगे मम्मों की मोबाइल पर फोटो ले लूँ. मैंने मदहोशी में अपनी उंगलियों को नेहा के बालों में फंसा लिया और उसे खींचते सहलाते हुए नेहा का भी सपोर्ट करने का प्रयत्न करने लगा. मैंने तुमसे ज्यादा मराई होगी, कई लौंडों से मराई, पर जितनी तरकीबें आप जानते हो.

मीना बाजार सट्टा

मगर जो लड़के किसी लड़की को सैट नहीं कर पाते हैं, उनके लिए रंडियों का इंतजाम किया जाता है. मैंने अब नेहा को दोनों टांगें उठाने को बोला और अपनी जीभ सीधे उसके क्लिट पर रख दी. मैं उठने लगी तो अखिल भी जाग गया और बोला- गुड मॉर्निंग … कैसी हो?मैंने पूछा- कल रात को क्या हुआ था?तब उसने बोला- वही जो तुम चाहती थी.

जब मैं उसके रूम में दाखिल हुआ तो वो सामने झुक कर अपनी सफेद पैंटी उतार रही थी. उसने मेरी कमर ज़ोर से पकड़ ली।मैं उसके होंठ चूस कर बोला- बस थोड़ा सा रह गया है मेरी जान, बस एक बार और!नहीं कपिल नहीं, उसने मेरा चेहरा दोनो हाथों में लेकर होंठ चूम लिये, मत रुलाओ अपनी रितु को, तरस खाओ, सच मैं बहुत दर्द है उफ़्फ़।बस मेरी गुड़िया देख, बस दो इंच लण्ड बचा है.

रुचि भाभी इतनी कामुक लग रही थी कि अगर मैं अपने लंड पर हाथ को जोर से रगड़ देता तो मेरा छूट ही जाता.

मेरी पहले की सारी कहानियां पढ़ पढ़ कर जिसे जो मिला, जिसका मिला वही घुसा लिया. भाभी ने मेरी गर्दन में अपनी बांहें डाली और मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए. उसके होंठों पर मेरी चूत का रस लगा हुआ था और वो उसको अपनी जीभ से चाट कर मजा ले रहा था.

अब तो शांति रोज घर का काम निपटाने के बाद बेडरूम में आ जाती है और तरह तरह के आसनों का प्रयोग करके मुझे मजा देती है. मैं वहीं दरवाजे के पास खड़ा था और भाभी भी मेरे करीब आकर खड़ी हो गयी. अनीता मुझे चूमते हुए नीचे सरक गई और अकड़ कर बेहाल होते मेरे लंड को सहलाने लगी.

तुम्हें कभी शिकायत नहीं होने दूँगा और जैसे मैंने कहा था कि रजत भैया के होने पर मैं ना ही मैसेज करूंगा, ना ही मिलूंगा.

बीएफ फिल्म चुदाई वीडियो: बाहर आते ही उसकी नजर रवि का लंड चूस रही उस लड़की पर पड़ी तो उसके होश उड़ गये. किसी न किसी बहाने मैं लवी के बिस्तर के पास जा खड़ा होता, उसके कभी आधे, कभी पूरे नंगे स्तनों को देखता और मुट्ठ मारता।मगर हर दिन के साथ मेरी हिम्मत बढ़ती जा रही थी.

मैं पूरी ताकत से उसकी चूत में धक्के मारते मारते उसकी चूत के अन्दर ही झड़ गया. नैना खुश होते हुए- देखते हैं जी, अच्छा तो कल शाम 4 बजे मैं आपका इंतज़ार करूंगी. ब्लाउज के नीचे उसने ब्रेजरी नहीं पहिनी थी तो उसके नंगे बूब्स का लुभावना जोड़ा मेरे सामने हो गया जिन्हें मैंने जल्दी से दबोच लिया और सहलाने लगा.

मैंने उसकी टांगों को फैलाकर भाभी की चूत में लंड पेल दिया और 10 मिनट तक उसकी जोरदार ठुकाई की.

दो खूबसूरत चेहरे और उनके नाजुक होंठ जिन पर खास महंगी लिपस्टिक लगी हो, मेरे सामने आकर मुझे लालच दे रहे थे. ऐसे ही उसका दूसरा स्तन भी अपने मुंह में ले लेता और कभी कभी अपनी जीभ को गीत के दोनों मम्मों के बीच में घुमाता. मीता के लंड चूसने का अंदाज इतना निराला था कि लग ही नहीं रहा था कि वो पहली बार लंड चूस रही है.