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फिर दूसरे दिन मैंने उसके फ्लैट पर जाकर दरवाजा खटखटाया।उसने दरवाजा खोला तो मैंने अन्दर जाते ही उसे इस एरिया को छोड़ कर जाने को बोल दिया.नहीं तो मैं तुम्हारे भैया और पापा को बोल दूँगी।भाभी कुछ ज़्यादा ही नखरे कर रही थीं।तभी मैंने कहा- अभी जो आप अपनी चुत में उंगली पेल रही थीं.

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तो मैंने देखा कि मैडम की पोस्ट पर किसी ने कुछ गंदा सा कमेंट किया है। मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उस लड़के को पोस्ट पर ही गरिया दिया।इसके बाद जो कभी सोचा न था.क्योंकि सर आगे बैठे थे।नितिन फिर और आगे बढ़ने लगा, उसने मेरी जांघों पर हाथ रख दिया, मैं उसका हाथ हटाने लगी.

जब तक है शानचाहे खर्च करनी पड़ेपैसे की खदानपर चोदेंगे रांडजब तक है शान,जब तक है शानपर चोदेंगे रांडथैंक यू दोस्तो,आपका रोनितमुझे आप अपने सुझाव या संदेश मेल पर भेज सकते हैं।[emailprotected]. हिंदी बीएफ वीडियो एक्स एक्स फिर अपना लंड मेरी गांड में डालने लगा। जैसे ही थोड़ा सा लंड मेरी गांड में गया.

पर थोड़ी देर तक उनकी जाँघ को सहलाने के बाद मानो मेरे अन्दर थोड़ा डर कम हुआ।अब मुझ में थोड़ा साहस आया, तो मैंने उनका पेटीकोट जाँघ से और ऊपर तक कर दिया। अब उनका पेटीकोट उनकी कमर तक आ गया था, मैंने धीरे धीरे अपना हाथ बढ़ाना शुरू किया।चाची की दोनों जाँघों के जोड़ के अंतिम छोर पर पहुँचने के बाद मुझे कुछ गीला गीला पसीने सा अपने हाथ पर महसूस हुआ, मेरे हाथों में कुछ बाल से भी महसूस हुए।अचानक मुझे झटका लगा.

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कमल अपनी बीवी को अपनी और सरला भाभी की चूत चुदाई की बातें बता रहा था कि कमल सरला भाभी ने निप्पलों को मींजने लगा था।अब आगे. तो ये ऊपर वाला कमरा बंद पड़ा रहता था।हम दोनों वहाँ आ गए और उसने मुझे अन्दर ले जाकर दरवाजा बंद कर लिया। फिर वो थोड़ी जगह साफ करने लगा और मुझे वहीं जमीन पर बैठा दिया और खुद भी मेरे सामने बैठ गया। हम दोनों एक-दूसरे के आमने-सामने बैठ गए।फिर मैंने उससे पूछा- आख़िर खेल कौन सा है?तो उसने बोला- हम फुनिया-फुनिया खेलेंगे।मैंने पूछा- ये क्या होता है?तो उसने बोला- तुझे फुनिया मतलब नहीं मालूम??मैंने कहा- नहीं. मैंने पूछा- कौन?तो दीदी ने कहा- प्रिया, वो मेरी बहुत अच्छी सहेली है, वो यहाँ कुछ काम से आ रही है, कुछ दिन तक हमारे घर में हमारे साथ ही रहेगी।मैंने कहा- ठीक है, उसके यहाँ पर रुकने से मुझे कोई आपत्ति नहीं है।फिर करीब दो घंटे के बाद दरवाजे की घंटी बजी, मैं गेट खोलने गया। जैसे ही मैंने गेट खोला तो देखा कि बाहर गेट पर एक बहुत हॉट लड़की थी, मुझे लगा कि वो ही प्रिया है.

चाची के मुँह से उनकी लिपस्टिक की खुशबू और हम दोनों की गरम साँसें आपस में टकरा रही थीं।धीरे-धीरे हम दोनों ने एक दूसरे को किस करना शुरू कर दिया।मैं चाची को बुरी तरह से किस किए जा रहा था. पर वे कुछ बोली नहीं।थोड़ी देर बात करने के बाद वो बोलीं- क्या तेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है?मैं बोला- पहले थी. अपनी जिन्दगी से घिन आने लगी, मेरी जेठानी ने भी मेरे मोटापे और भद्देपन का खूब मजाक उड़ाया, उसने तो यहाँ तक कह दिया कि मेरे भद्देपन के कारण मर्द मेरे से दूर भागते हैं और अब मुझे सेक्स, आकर्षक या उत्तेजना जैसे शब्दों से चिढ़ हो गई।पर हद तो तब हो गई.

मेरी माँ की मुलायम चूचियां भैया की छाती से मसली जा रही थीं।तभी मैंने देखा भैया ने अपने एक हाथ को मम्मी की कमर पर रख दिया।अब तक मम्मी संभल चुकी थीं लेकिन उनकी साँसें तेज हो गई थीं और उन पर चुदास का सुरूर चढ़ रहा था।एक पल को उन्होंने भैया की तरफ नशीली आँखों से देखा. और वो लंड चुसाई का मजा ले रहा था- उम्म्ह… अहह… हय… याह…थोड़ी देर में उसने मेरी गर्लफ्रेंड का सर ज़ोर से पकड़ लिया और अपना लंड ज़ोर-ज़ोर से उसके मुँह में अन्दर-बाहर करने लगा।मेरी गर्लफ्रेंड को तो होश ही नहीं रह गया था. मैंने उनके एक निप्पल को अपने मुँह में डाल लिया और पागलों की तरह उसे चूसने लगा। इससे मौसी भी बहुत मस्त हो गई.

तो मैं उसे मूतते हुए देखने की इच्छा से उठा। बाथरूम के दरवाजे के नीचे एक इंच की झिरी है. ऐसे तो बिना चुदाई के निकल जायगा मेरे चोदू राजा!यह हिंदी सेक्स स्टोरी आप अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं!उसको अपनी चूत पर लंड की गर्मी और उसका हाथ अपने चूतड़ों पर बहुत अच्छा लग रहा था- एक और काम मैं चाहती हूँ रवि कि तू मुझे रंडी की तरह इस्तेमाल करे। चूतड़ चूची कमर को खूब मसल डाल अपना हाथ जांघों के बीच डाल घुसा दे चूत में उंगलियाँ.

मैंने आपको अंदर खिसका कर आपके ऊपर कम्बल डाला और तकिया आपके सर के नीचे लगा दिया था।’‘कल हम दोनों को बहुत नशा हो गया था… और आपने मुझे चोद दिया…’ रवि बदमाशी से मुस्करा कर नोरा की चूचियों को देख रहा था।नोरा भी बहुत बिंदास और दबंग औरत थी पर जवान रवि की उससे नज़दीकी और उसके गर्म हाथ की उसके चूतड़ों पर मौजूदगी ने उसको शर्माने पर मज़बूर कर दिया।‘ओह सच… मैंने ऐसा किया.

हिना मेरे तने हुए लंड को आँखें फाड़ कर देखने लगी।मैंने पूछा- क्या हुआ जानू?बोली- जान ये तो मेरी चुत के परखच्चे ही उड़ा देगा!मैंने कहा- चिंता मत करो जान.

अब मैं धीरे-धीरे उसके स्तन को चूसते हुए उसकी नाभि पर आया और वहाँ पर अपनी जीभ घुमाने लगा, वो सिसकारियाँ भरने लगी उम्म्ह… अहह… हय… याह… वो कामातुर होकर बोली- अह. मगर शर्म व डर के कारण मुझसे पहल करने की हिम्मत नहीं हो रही थी।फिर भी मैंने करवट बदलकर भाभी की तरफ मुँह कर लिया और इसी बहाने धीरे से एक पैर भी भाभी के पैरों पर रख दिया। पैरों पर तो क्या रखा था बस ऐसे ही छुआ दिया था।शर्म व घबराहट के कारण मेरा दिल जोरों से धड़क रहा था और मेरा शरीर भी हल्का-हल्का काँप रहा था।मेरे करवट बदलते ही भाभी ने भी करवट बदलकर मेरी तरफ मुँह कर लिया और थोड़ा सा मेरे नजदीक भी हो गईं. शायद उसका घर था, ये बहुत बड़ा था।उसने मुझे अन्दर लाकर सोफे पर बिठाया और पूछा- कुछ खाना वगैरह खाओगे?मुझे भूख तो लगी थी.

और ना ही ऐसी चुदाई को कभी भुला पाऊँगी।तो दोस्तो, यह थी मेरी चुदाई की कहानी आपको कैसी लगी, प्लीज़ मेल कीजिएगा।[emailprotected]. मैं भी तो तुझे नंगी करके तेरी इस मस्त गदराई जवानी को निचोड़ना चाहता हूँ।मैंने उसकी साड़ी ऊपर उठा कर उसके चूतड़ों को मसलते हुए चुची पर चूम कर निप्पल को काट कर कहा।‘हाय… सी… हाई… उफ़… काट लिया जालिम. मेरी बीवी अपने चोदू यार डॉक्टर सचिन से ब्रा-पेंटी पहनने के वास्ते मुझको कमरे से बाहर जाने की कह रही थी।अब आगे.

मत करो।मैंने उसे मेरा अंडरवियर उतारने के लिए बोला।पहले वो ‘ना’ करने लगी फिर मैंने उसे थोड़ा फोर्स किया तो वो मान गई। उसने मेरा जैसे ही अंडरवियर उतारा.

’पर मानो मेरे अन्दर अब ब्रेक लेने का माद्दा ही नहीं था। कुछ देर बाद उसे भी मजा आने लगा. समय बिताने के लिए मेरे पास कोई काम नहीं था, तो मैंने समय बिताने का एक तरीका निकाला।मैंने पास वाले नेटकैफ़े वाले भैया से दोस्ती कर ली. उन दोनों की शादी हो चुकी है। उनकी बातों से जानकारी मिली कि उनकी बेटी अपनी ससुराल में है और बेटा मेरे साथ रहता है। उसका बेटा उसे रोज छोड़ने आता है.

फिर तीन उंगलियां डाल दीं। मामी ने अपनी चुत पसार दी। मैं अपने एक हाथ से मामी के मम्मों को दबाने लगा।फिर मैं मामी के ऊपर 69 में लेट गया।अब मैं अपना लंड मामी के मुँह पर मारने लगा। जैसे ही मैंने चुत को चाटना शुरू किया. पर वासना और अन्तर्वासना की कहानियों का असर था, जिस वजह से मैं अपने आपको पहली बार चुत चाटने से रोक नहीं पाया।मामी भी पहली बार अपनी चुत चटवा रही थीं वो अपनी टांग खोले चूतड़ों को मस्ती से हिला रही थीं।फिर मैं आँख उठा कर मामी को देखने लगा और बोला- आज नहीं छोड़ सकता डार्लिंग. अब अच्छे से पढ़ना!मैं कोटा के जवाहर नगर में एक पीजी में कमरा लेकर पढ़ने लगा।यहाँ मैंने महसूस किया कि मेरे पड़ोसी मकान मालकिन.

और बातें तो बाद में भी हो सकती हैं, तो चलो पहले खाना खा लेते हैं।मैं- ठीक है।उसको देख कर तो यह साफ लग रहा था कि वो पूरी तरह से चुदासी है। बस सही वक्त पर सही वार कर दिया.

लेकिन मुझसे रहा नहीं गया और मैंने बाथरूम में जा कर मुठ मार ली।अब वो जब भी मुझे मिलती तो मैं धीरे से उसके मम्मों को दबा देता लेकिन उसे चोदने का मौका नहीं मिल रहा था। हम दोनों अपनी प्यास मोबाइल पर बात करके मिटा लेते।लेकिन कहते है ना ऊपर वाले के घर में देर है. तो मैंने मना कर दिया, पर आंटी ने जबरदस्ती रंग लगा दिया।फिर उन्होंने कहा- तू अपनी शर्ट ऊपर कर!मैंने कहा- देखो चाची जी आप लगा तो रही हैं.

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तो आंटी भी मेरे साथ आ गईं।फिर हम मार्केट की तरफ निकल गए। रास्ते में एक दुकान पर लिंगरीज का सैट बाहर डेमो पर लगा हुआ था, आंटी को पसंद आ गया और आंटी मुझे दुकान के अन्दर ले गईं.

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साथ में जोर से दबाने भी लगा।वो भी अब गर्म होकर निहाल हो रही थी, उसका तपता हुआ लाल शरीर कांप रहा था, वो भी ‘उम्म्म. वो सिर्फ पैसा कमाने में लगे रहते हैं।फिर मैंने पूछा- आप यहाँ किस काम से आई हो?उन्होंने बताया- मैं यहाँ एक कॉलबॉय से बात करने के बाद उससे मिलने आई हूँ।अब मुझे सब कुछ समझ में आ गया था।उन्होंने भी मुझसे खुल कर कहा- क्या आप मेरे साथ सेक्स कर सकते हो?मैंने कहा- आपको कुछ ऐतराज नहीं हो. उसकी टाँगों पर चूमे जा रहा था।यह हिंदी सेक्स स्टोरी आप अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं!फिर बुड्ढे ने मेरी गर्लफ्रेंड के 36डी साइज़ एक मम्मे को अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगा। वो कभी ज़ोर से चूसता.

’ की आवाज निकल रही थी।मुझसे पूरी तरह से सटी हुई वो मेरे लंड को बुरी तरह से मसल रही थीं और मरोड़ रही थीं।उन्होंने अपनी एक टांग को मेरे टांग के ऊपर चढ़ा दिया और मेरे लंड को अपनी जाँघों के बीच ले लिया। मुझे उनकी जाँघों के बीच एक मुलायम रेशमी एहसास हुआ. इसलिए मैंने समझ लिया था कि जैसे अन्तर्वासना की कहानियों में पढ़ा था कि सेक्सी मूवी दिखाने से. उसने भी हाथ ऊपर करते हुए टी-शर्ट उतारने में मेरी मदद की।अगले ही पल वो मेरे सामने सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में थी। मैंने ज़िंदगी में पहली बार किसी लुगाई को ऐसी हालत में देखा था.

मैं उसके सीने पर सर रख कर लेट गई… मैं बहुत खुश थी और वो भी!मैं उसका बदन अपने हाथ से सहला रही थी.

चाची के मुँह से उनकी लिपस्टिक की खुशबू और हम दोनों की गरम साँसें आपस में टकरा रही थीं।धीरे-धीरे हम दोनों ने एक दूसरे को किस करना शुरू कर दिया।मैं चाची को बुरी तरह से किस किए जा रहा था. जाओ वो जब तक है उसी के पास बने रहो और कमरे में मत आना। खुजली होती रहती है बस साले चूतिये को. दोस्तो, मेरा नाम जगत है, मैं आज आपको एक सच्ची कहानी बताने जा रहा हूँ, यह कहानी मेरी बड़ी बहन के बारे में है।मेरे घर में मेरे अलावा तीन बहनें और एक भाई है। मेरे पिताजी का देहांत हो गया है।जब मेरे पिताजी का देहांत हुआ तो उस समय बड़ी दीदी की उम्र 25 साल की थी। उनकी शादी की जिम्मेदारी मेरे मौसाजी ने अपने ऊपर ले ली थी।लेकिन कई मुश्किलों के बाद भी कोई अच्छा लड़का नहीं मिल पाया था, कोई पैसे की डिमांड करता.

कुछ बूँदें छिटक कर किमी के चेहरे पर तक चली गईं। ये सब महज चंद सेकंड में हुआ।फिर किमी ने ‘सॉरी. तो वो उठ कर जाने लगी।मैंने उससे कहा- आप खाना नहीं खाएंगी?तो उसने मुझसे कहा- नहीं यार, मुझे देर हो जाएगी।उसकी बिंदास भाषा सुनकर मैंने उसका हाथ पकड़ खींच कर अपने पास बिठा दिया। मैंने देखा उसकी आँखों से आँसू गिर रहे थे, मैंने उससे अपने हाथ से खाना खिलाया।वो खाना तो खा रही थी, पर लगातार रोए भी जा रही थी। मैंने खाने खिलाने के बाद उससे पूछा- क्यों रो रही हो?उसने कहा- मैं तुम्हें इस तरह नहीं देख सकती. मेरा दिल जोरों से धड़क रहा था।तभी नीचे से माँ ने पूछा- कहाँ गए थे?मैंने कहा- एक फ्रेंड के घर गया था।उसके बाद मैंने और शिल्पा ने कई बार चुदाई अलग-अलग तरीके से भी की.

तो उन्होंने रोशनी को मदद के लिए बुलाया।उस वक्त मैं भी उनके घर गया था। इधर मैं और रोशनी सामान्य तरह से ही मिले। इसके बाद मैं दीदी के घर से वापस अपने घर आ गया।फिर जिन बड़ी दीदी को बच्चा हुआ था. है ना?मामी ने मुझसे मुस्कुराते हुए कहा- आप अभी भी उतने ही शरारती हैं.

मुझ में जोश आ गया, अब लंड का सुपारा उसकी गांड के छेद पर टिकाया और एक ही झटके में पूरा लंड गांड में पेला तो वो सरसराता हुआ अन्दर घुसता चला गया।रवीना जोर से चिल्लाई- आअईई. उसे चॉकलेट देना और उसके साथ गार्डन में खेलना शुरू कर दिया। फिर उसके घर पर उसे कार्टून की किताबें और बच्चों की कहानियों की किताबें आदि देने जाने लगा। इसी बहाने सबकी नजर बचा कर हर्षा भाभी को किस वगैरह भी कर लेता।मैं उसके बेटे अंश के लिए किताबें और खेलना-कूदना सब करता. आप मुझे मेल कीजिए।[emailprotected]भाभी की जवानी की कहानी जारी है।फ्री सेक्स कहानी का अगला भाग :भाभी की मदमस्त जवानी और मेरी ठरक-3.

!मैंने अपनी रफ्तार बढ़ा दी और उसे हचक कर छोड़ते हुए कहने लगा- ले मादरचोद.

भाभी मेरे लंड को मुँह से कुल्फी जैसे चूसते हुए मेरी गोटियों को भी सहला रही थीं।कुछ ही पलों में लंड चूसने से थोड़ा सा प्रीकम भी निकला, जो भाभी ने बड़े स्टाइल से मेरे सुपारे पर से जीभ की नोक से चाट लिया।मुझे सुरसराहट सी हो गई तो भाभी ने मुझे आँख मारते हुए बिस्तर पर आने का इशारा किया।मैं भाभी को बिस्तर पर चित लिटा धीरे-धीरे भाभी की को चूत को चूसने लगा। उनकी चूत फ़ैली. तुम्हारे लिए ही हैं।’थोड़ी देर बाद मैंने उसको खड़ा किया और उसका एक पैर कुर्सी पर रखा और फिर चुत में लौड़े को पेल दिया।‘अअह. और काफ़ी हेल्पिंग नेचर की भी थीं। ऐसे ही कुछ दिनों में हम दोनों घरों में अच्छा मेलजोल हो गया, भाभी अक्सर दोपहर को मम्मी से मिलने आ जाती थीं, साथ ही मेरी भी भाभी से अच्छी जमनी शुरू हो गई।जब भी मम्मी मार्केट या कहीं आउट ऑफ स्टेशन जातीं.

लेकिन मेरे लिए इस वक़्त वो स्वर्ग की एक अप्सरा थीं।उन्होंने बताया- मैं पंजाब से हूँ और मेरा पीहर फरीदाबाद है।उन्होंने मुझे अपने घर आने की दावत दी. !मैं- अच्छा रंडी बनेगी तू मेरी!भाभी- हाँ आज ऐसे चोद कि मैं तेरी गुलाम बन जाऊँ ज़िंदगी भर के लिए!मैं- साली गुलाम बनना है मेरी.

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ऐसे ही धोखे से हाथ छू गया होगा।पूजा कुछ नहीं बोली और यह बात यहीं खत्म हो गई।कुछ देर बाद मैंने अपनी पत्नी को चोदते समय इस बात को फिर से छेड़ दी और उससे पूछा- मेरे दोस्त से चूत की चुदाई करवाओगी?तो वो हंसने लगी।मैंने कहा- चुदना हो चुद लो।वो भी गर्म हो गई और बोली- तुम कहते हो तो ठीक है. मेरी शादी तय हो चुकी है। अगर मुझे बच्चा नहीं हुआ तो मेरे पति मुझे तलाक दे देंगे, कोर्इ रास्ता निकालिए।तब मैंने कहा- देखो गीता पेशाब के रास्ते का आपरेशन को करना पड़ेगा। अगर तुम आपरेशन नहीं करवाती हो. बीएफ नंगी चुदाई वीडियोमैं एक बार और वो 2 बार झड़ चुकी थी।वो उठी तो हम दोनों का पूरा माल नीचे बिस्तर पर था।सुमन ने मुस्कुराते हुए कहा- तुझमें बड़ी गर्मी है विकास.

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रेखा भाभी उससे दुगनी ताकत से मेरे सिर को और अधिक अपनी योनि पर दबाने लगीं।भाभी की योनि रह-रह कर मेरे चेहरे पर पानी उगलने लगी जैसे कि उनकी योनि में कोई सैलाब आ गया हो, योनिरस से मेरा सारा चेहरा भीग गया।रेखा भाभी अब शाँत हो गई थीं मगर फिर भी काफी देर तक वो ऐसे ही मेरे सिर को अपनी जाँघों के बीच दबाए पड़ी रहीं। रेखा भाभी का काम हो गया था. मैं कॉल करके बता दूँगी।मैंने अपना मोबाइल नम्बर मैडम को दे दिया और उन्हें ‘थैंक्यू’ बोला।मैडम ने जाते हुए मुझे एक प्यारी सी स्माइल के साथ ‘ऑल द बेस्ट’ बोला।दोस्तो एक बार तो जान ही निकल गई थी. मजा आ रहा है।वो हँसकर और तेज़ी से चूसने लगी। थोड़ी ही देर में मेरा लंड फड़कने लगा। मैंने भूमि को दूर किया और मेरे लंड ने सारा लावा उसके चेहरे पर उड़ेल दिया।भूमि ने थोड़ा चाटकर भी देखा.

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उधर दूसरी तरफ वंदना के होंठ अब मेरी गर्दन के चारों ओर अपनी प्रेम की छाप छोड़ रहे थे और धीरे-धीरे गर्दन से सरकते हुए मेरे सीने की तरफ बढ़ रहे थे. वो आकर फिर मेरे ऊपर चढ़ गई।मैंने पूछा- रूमाल का क्या करोगी?काव्या तो उसने कहा- जब पहली बार तुमने मेरे चूत की सील तोड़ी.

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छोड़ो मुझे।जब आयशा ने मुझसे ये कहा, तो मैं उसके होंठों पर किस करने लगा। अब वो कुछ नहीं बोल सकती थी क्योंकि मैं आयशा के होंठों को किस कर रहा था। वो भी गर्म होने लगी, मैं उसको किस करता रहा. जवाब दे, उसे डांट दे या चुप मार जाए।सपना चुप मार गई और रवि का नम्बर ब्लॉक कर दिया। रवि ने बहुत ट्राई किया. वो कोई हलचल नहीं करतीं, सिर्फ़ बिस्तर पर पड़ी रहतीं।कुछ ही देर में मेरा लंड चाची के हाथ के करीब आ गया था। मैं चाची को जबरदस्त किस कर रहा था.

हिंदी बीएफ वीडियो एक्स एक्स मेरा उपनाम लकी है। अन्तर्वासना पर कई लोगों की कहानियां पढ़ कर मुझे भी काफी ख़ुशी मिलती है, तो मैंने सोचा कि मैं भी अपनी कहानी आपको बताऊँ ताकि आपको भी कुछ पल ख़ुशी के दे सकूँ।चुदाई का नाम लेते ही पता नहीं मेरे दिल में क्या होने लगता है। मेरे दिल की धड़कनें एकदम से तेज़ होने लगती हैं और भोसड़ी में घुस जाने को जी चाहता है।ऐ बनाने वाले तेरा बहुत-बहुत धन्यवाद है, जो तूने भोसड़ी और लंड बनाया. वरना मजा तो बहुत आ सकता था।अब मैं उनके दूध से खेलने लगा।फिर मैंने घड़ी देखी.

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थूक लगाया और मेरी गांड पर टिका दिया। मेरी गांड में उंगली डाल कर लंड पकड़ कर डालते हुए जोर का धक्का दे दिया। अब सुपाड़ा मेरी गांड के अन्दर था।सर जी मेरे दोनों चूतड़ अपने हाथों से पकड़े हुए थे, शायद वे मेरी गांड में घुसते अपने लंड को प्यार से देख रहे थे। फिर बैठे-बैठे ही उन्होंने दो-तीन धक्के लगाए। जब लंड गांड में घुस गया. इससे वो और ज्यादा पागल हो गईं और नीचे से अपनी गांड उछालने लगीं।भाभी- चोद दे हरामी. मेरे पति को यह पैंटी बहुत पसंद थी।हम दोनों हँसने लगे और अब मैंने अपने भी सारे कपड़े उतार दिए। फिर भाभी की चुत को उंगली से रगड़ने लगा और स्मूच करने लगा। फिर मैंने भाभी को उठाया और अपने कमरे में ले गया।मैं- भाभी आपको किस तरह का सेक्स पसंद है?भाभी- यार पहले तो यह भाभी बोलना बंद कर.

तब एक बार मैंने मेरी दीदी को कपड़े चेंज करते हुए देखा था। उस वक्त वो टॉप लैस थीं और उनके चूचे बड़े-बड़े थे. वापस चले जाओ, वरना बैठे-बैठे तुम्हारा माल निकाल दूंगी।मैं भी ऐसे कैसे वापस जाने वाला था, मैंने भी अपनी पैर उठाया और सीधा उसकी चूत पर रगड़ने लगा।अब वो क्या मेरा लंड सहलाती, वो खुद मज़े लेने लगी।जैसे जैसे मैं उसकी चूत सहलाता जा रहा था, वो अपनी चेयर से सरकती हुई नीचे को आती जा रही थी कि मुझे उसकी चूत सहलाने में दिक्कत न हो. बीएफ सेक्सी दिखाइए वीडियो मेंमैं उसके ऊपर आ गया और लौड़े के टोपे को उसकी चुत की फांकों पर रख दिया।उसकी आँखों में देखा और अपने होंठों को उसके होंठों पर टिका कर जैसे ही मैंने एक धक्का मारा तो लंड फिसल गया। चूंकि उसकी चुत बहुत टाइट थी, तो मैंने लौड़े और चुत पर थोड़ा सा सरसों का तेल लगाया।अब मैंने लौड़े को चुत पर रख कर जैसे ही धक्का मारा.

कुछ ही धक्कों में मुझे लगा कि मैं झड़ जाऊँगा।मैंने देखा कि भाभी भी रस छोड़ने पर आ चुकी थीं, मैंने इशारे से पूछा तो उन्होंने सर हिला दिया।मैं समझ गया.

और मैं उनकी कमर को अपने हाथों से पकड़ कर चोदे जा रहा था। आंटी को चोदते-चोदते मैंने अचानक से अपनी स्पीड बढ़ा दी और उनकी गांड पर चमाट मारने लगा। कम से कम 10 चमाट मैंने लगतार मारे. मैंने अपने होंठ आंटी के होंठों पर रख दिए और चूसने लगा।आंटी भी मेरा साथ देने लगीं, मैं एक हाथ से उनके चूचे दबा रहा था.

शायद आंटी को यही चाहिए था लेकिन उनकी इस हरकत से मैं शर्मा गया।मैं आंटी से बोला- आंटी रहने दो. और बात खत्म करते हैं, मेरी ख्वाहिश पूरी हो जाएगी।उसको चुप देख कर मैं धीरे-धीरे आगे को बढ़ा और उसके होंठ पर होंठ रख कर उसे स्मूच करते हुए रसदार किस करने लगा।उसका कोई विरोध न होते देख मैंने उसकी कमर में हाथ डाल दिया और दरवाजे को बंद कर दिया और उसे किस करने लगा।मैं लगभग 5 से 7 मिनट तक उसके होंठों को चूसता रहा ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ फिर उसके ब्लाउज को खोलने लगा।तब उसने धीरे से कहा- आज नहीं. मुझे भी अच्छा नहीं लगा!पर सैम ने मेरे कान में यह कह कर खुशी दी कि तुम्हारे मम्में और निप्पल रेशमा से कहीं ज्यादा अच्छे हैं.

लेकिन मेरा पानी अभी कहाँ निकला था। मैं अपने लंड को अब भी अन्दर-बाहर कर रहा था। थोड़ी देर बाद, मैंने भी उसकी चूत में अपना पानी छोड़ दिया।फिर हम दोनों ऐसे ही साथ लेटे रहे और फिर हमने एक बार और चुदाई की।वो रात मुझे कभी ना भुलाने वाली रात बन गई.

लेकिन मेरी क़िस्मत न थी और मैं उनका नंबर या एड्रेस न ले सका।यह मुलाक़ात पहली और आखिरी बन कर रह गई।शायद आपको मेरी यह पहली कहानी पसंद न आए. अब उसके लिए मुझे लंबा परिश्रम करना और करवाना था। मैं किमी का खोया हुआ आत्मविश्वास लौटाना चाहता था, उसे हॉट और खूबसूरत बनाना चाहता था, सेक्स के प्रति उसकी रुचि फिर से जागृत करना चाहता था।अंत में उसके साथ कामक्रीड़ा की पराकाष्ठा को पार करना चाहता था. अब तुझे ज़िंदगी भर कोई छुड़ा नहीं पाएगा मेरे से, रोज चोदूँगा ऐसे ही.

बिहारी वीडियो सेक्सी बीएफलगता है काफी दम है!फिर कुछ ही पलों में दोनों ने अपनी चाय खत्म कर ली थी और मग मेज पर रख दिए थे। अब कमल ने सरला भाभी को पकड़ कर अपने सामने खड़ा करके उनकी कमर. कमल ने लंड का टोपा घुसा कर पास से फोटो ले ली और कुछ और फोटो निकाल लीं। जब लंड टोपा सरला भाभी की चूत के दाने को रगड़ कर अन्दर घुस रहा था.

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लेकिन मुझे भी जुनून सवार था।अब मुझे कल सुबह का इंतजार था। अगली सुबह सब प्लान के हिसाब से ही हुआ, मेरा फ्रेंड बाहर खड़ा हो गया और हम दोनों क्लास रूम में अन्दर चले गए।मैंने छवि की तरफ प्यार से देखा भर था. चूंकि मैं रंडियों को चोद चोद कर पक चुका था, उस लड़की के बारे सुनने के बाद मैंने सोचा कि मुझे उससे मिलना चाहिए।अगले दिन उस दोस्त ने मुझे दूर से उस लड़की को दिखाया, उसका नाम सोनिया था, सच में वो एक गदर माल थी. चुत मरवाना उसकी कमजोरी है। उसने मुझे भी जानबूझ कर चूचे दिखा-दिखा कर फंसाया था और वो पहले भी कई लंड अपनी गांड में भी कई बार ले चुकी है। वो सिर्फ ड्रामा कर रही थी ताकि मुझे पता ना चले कि वो चुद चुकी है।उसने बताया कि उसके कॉलेज में ऐसा कोई लड़का नहीं होगा.

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वो एकदम सच है। भले ही आप उसे सत्य मानें या नहीं ये आप पर निर्भर करता है।बात आज से दो साल पहले की है. मैं पिल पड़ा और धकापेल चुदाई शुरू हो गई। कुछ ही मिनट में चुदाई का खेल खत्म हो गया और हम दोनों एक-दूसरे से चिपक कर लेट गए।दोस्तो, उस पूरी रात में मैंने उसे चार बार चोदा.

तो मैं रुक गया और उसके मम्मों को चूसने लगा।एक मिनट बाद उसे मजा आने लगा तो वो बोली- हाँ अब ठीक है अब शुरू करो.

तो मैंने उनसे कहा- सुबह घर पहुँचना ज़रूरी है।इस पर उन्होंने बताया- वो तो ठीक है. बीएफ बहन का चुदाईकुछ मजा आया या नहीं? बस अब और मत चालू हो जाना।पायल भी नेहा भाभी की बात सुन कर हंस पड़ती थी और बोल देती- भाभी, यह कमल तो बदमाश है ही… तू भी कम नहीं है।इस पर भाभी जवाब देती- कम क्यों. राजस्थानी बीएफ सेक्सी पिक्चररितु के मुँह से ‘लंड’ शब्द सुन कर मेरी तो जैसे मन की मुराद ही पूरी हो गई हो।मैंने रितु से कहा- अच्छा. उससे खुद लगाते तो बनता नहीं और थकान की वजह से उसे रोज-रोज खुद से लगाने का मन भी नहीं करता, इसलिए उसने मुझे लगाने को कहा।मैंने तभी कहा- सोच लो मेरे सामने पूरे कपड़े उतारने पड़ेंगे.

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संडे को मिलने का तय हुआ।मैं ठीक 11 बजे Ambiance Mall पहुँच गया, मैं उससे मिलने को बेताब था। करीब दस मिनट बाद वो आई. वो ऐसे बिहेव कर रही थीं मानो अपनी सलवार निकाल कर पूरी नंगी हो कर मालिश करवाना चाहती हों।उनकी नजरों में अब मुझे वासना दिख रही थी। फिर कमरे में भाई आ गया और मैं रूक गया, मुझे आज वो विलेन लग रहा था। फिर मामी भी उठ कर कपड़े बदलने चली गईं।आपको मेरी ये सेक्स स्टोरी कैसी लग रही है, मुझे आप लोग मेल कर सकते हैं। मुझे आपके सुझावों का इन्तजार रहेगा।[emailprotected]कहानी जारी है।. बस तुम हाँ तो करो।’जब जीनत अन्दर आई थी तो उसने दरवाज़ा लॉक कर दिया और बिस्तर पर जाकर बैठ गई।अच्छा खासा, रंग-रूप, सुंदर शरीर, टॉप और शॉर्ट्स में जीनत बड़ी प्यारी लग रही थी।मैं उसके पास जाकर बैठ गया, वो उठ कर खड़ी हो गई, मैंने उसका हाथ पकड़ लिया, मैंने पूछा- जीनत तुमने चुदाई तो पहले ही की होगी?‘हाँ मेरी मम्मी के दो यार हैं, पहले वह मम्मी को चोदते थे.

बड़ी-बड़ी आँखों को ढके हुए उसकी बड़ी बड़ी पलकें, मेरे होंठों के रस से सराबोर उसके थरथराते होंठ, मन को मुँह लेने वाली उसकी सुराहीदार गर्दन और गर्दन से ठीक नीचे सुर्ख गुलाबी रंग के अंगवस्त्र में साँसों के साथ उठती-बैठती मदमस्त चूचियाँ…कुल मिलकर किसी भी मर्द का ईमान बिगाड़ देने वाली उसकी काया मेरे होश उड़ा रही थी और मैं मंत्रमुग्ध होकर उसे निहारे जा रहा था.

सिर्फ़ तुमने किस किया, मैंने तो किया ही नहीं!वो बोली- रोका किसने है?अब मैं उसके ऊपर चढ़ गया और उसकी आँखों से किस करना शुरू किया, दोनों आँखों से होता हुआ गालों पर, गालों से होंठ पर फ्रेंच किस किया। फिर उसके गले पर किस करता हुआ मैं उसकी चूचियों तक पहुँचा।उसके मुँह से कामुक आवाज़ सी तो आ रही थी.

थोड़ा सा ही झटका मारा कि आधा लंड भाभी की रसीली चुत में सरक गया।भाभी- अहह प्लीज़ धीरे डाल. बस उसने आँखें खोल कर मुझे देखा और फिर से आँखें बंद कर लीं।फिर मैंने धीरे उसे अपनी ओर खींचा तो वो मुझसे लिपट गई। अब मैंने उसकी कुर्ती को उठाते हुए अपने मुँह से ब्रा के ऊपर से उसकी चुची चाटने लगा। उससे मजा आया और वो सिहरने लगी। मैंने उसका टॉप ऊपर उठाया और चुची को चूसते हुए उसकी गांड में धीरे से उंगली डालने लगा. हिंदी भाभी क्सक्सक्सऐना बाजी तो मेरा खड़ा लंड देखते ही रह गईं। मैंने ऐना बाजी के बालों की क्लिप को निकाल दिया तो उनके सेक्सी बाल खुले हो गए।अब मैंने ऐना बाजी के पैरों को फैला कर उनकी बुर में अपनी जीभ डाल दी और बुर को चाटने लगा।अहह क्या नमकीन थी उनकी बुर आह्ह.

5 इंच का था, मेरी गर्लफ्रेंड ने अपना हाथ उसके लंड पर रख दिया और हल्के से उसे हिलाने लगी। इस दौरान वो ड्राईवर अपने हाथ की 3 उंगलियां मेरी गर्लफ्रेंड की चूत में अन्दर-बाहर कर रहा था।मेरी गर्लफ्रेंड ने सिर्फ़ दो उंगलियों से उसका लंड पकड़ा हुआ था और वो हिला रही थी। मुझे ऐसा लग रहा था कि वो पेन्सिल को हिला रही हो।ड्राईवर के लंड में से बदबू भी आ रही थी पर उसका लंड बिल्कुल काला था. और आप जो भी हैं, मुझसे मज़ाक़ कर रहे हैं।इतने में सिमी ने मुझसे फोन छीन लिया और अन्नू से बोली- अरे यार, मेरी बुआ का लड़का आया हुआ है. अगर तुम खुद मुझे ऐसे सवाल ना पूछते। मैंने सिर्फ़ ये सोच कर जवाब दिए थे कि शायद हम कभी मिलेंगे ही नहीं।मैंने कहा- फिर अचानक ये मुझसे मिलने का प्रोग्राम कैसे बना और मुझे यहाँ मिलने क्यों बुलाया?उसने कहा- तुमसे मेल पे बातें करते करते पता नहीं मुझे क्या हुआ और तुमसे मिलने की इच्छा हो गई।मैंने पूछा- क्यों?उसने कहा- ये मुझको नहीं पता.

उसे मेरा लंड रोशनी में साफ़ दिखाई दे रहा था और मेरी हरकत भी समझ में आ रही थी।पांच मिनट बाद मैंने फिर कहा- जल्दी करो यार!बिल्लू बोला- कर तो रहा हूँ।अब मेरी बर्दाश्त जवाब दे गई थी, मैं भी ट्राली के नीचे पहुँच गया। मैंने बिल्कुल पास से रजिया को नंगी घास पर लेटा देखा. ऐसा लगा कि उसकी बुर में अन्दर आग लगी हो।मैंने उससे पूछा- ये इतनी गर्म क्यों है?वो बोली- मुझे नहीं मालूम।मैं- एक बात पूछूँ… तुम्हें कैसा लग रहा है?वो बोली- कुछ मत पूछो और ये बताओ कि तुम्हारी उंगली और अन्दर नहीं जा सकती है?मैं उसकी ये बात सुनकर और जोश में आ गया.

तब मैंने दुबारा एक ज़ोर का धक्का मार कर पूरा का पूरा लंड उसकी चूत में घुसा दिया। अब उसकी चूत से खून निकलने लगा था.

लोग उसमें कसरत और सुबह की सैर करने आते थे, वो भाभी भी उधर आती थी। मैं कभी 8 बजे से पहले उठा नहीं था. तो उसने दरवाज़ा खुला रखा था। मैं चुपचाप उसके घर के अन्दर चला गया।वो पीछे से दरवाज़ा बंद करके आ गई। काले रंग के पजामे और पिंक टीशर्ट में वो बहुत सुंदर लग रही थी।उसने मेरे लिए खाना बनाया. हाय सच्ची… यह बता कमल, तुझे मेरी किस बात से सबसे ज्यादा उत्तेज़ना होती है।भाभी ने अपनी कुर्सी मेरे नज़दीक खिसका कर मेरी तरफ प्यार से देख कर पूछा।‘क्या भाभी आप जानती तो हैं… आपकी बदमाशी भरी बातों के साथ आपकी खड़ी मस्त गोल-गोल चिकनी-चिकनी चूची.

बीएफ सेक्सी दिखना चाहिए पर वो अन्दर नहीं आया।मैंने अपना टॉप फ़िर से पहना और पेंटी वापिस रखकर आने लगी तो योगी वापिस अपने सोफे पर चला गया।मैं अपने कमरे तक गई. और हुआ भी यही।अब देखते हैं कि रोमा रानी कब तक मेरे लंड की गर्मी से खुद को बचाती है।आपके मेल के इन्तजार में हूँ।[emailprotected]जवान लड़की के बुर चोदन की कहानी जारी है।.

इससे चाची भी उस वक़्त चौंक सी गई थीं।पापा ने पीछे से चाची की पीठ पर चुंबन करना शुरू कर दिया। इससे चाची को गुदगुदी हुई और वो थोड़ा सीधे होकर लेट गईं. जिसे मेरी भाभी ने पढ़ लिया।जब सब रात का खाना खा रहे थे, तो भाभी ने मुझे अपने कमरे में आने को कहा। भाभी की उम्र अभी करीब 40 साल की होगी। अब वो मुझे उतना समय नहीं दे पाती थीं क्योंकि मेरा पूरा घर बच्चों से भर गया था। साथ ही भाभी का भी सेक्स में इंटरेस्ट कम हो गया था, बस अब वो भैया तक ही सिमट कर रह गई थीं, कभी कभार ही महीनों में मुझे चान्स मिलता. फिर अलग-अलग पोजीशन में मैंने उसे चोदते हुए पूरा निचोड़ लिया। वो झड़ गई.

सिमरन कुमारी

पर ये तो एक शुरुआत थी। अभी तो उसकी एनाल, थ्री-सम, गैंग-बैंग होना बाकी है. ये गेम लाइट आने तक के लिए ही है, फिर मैं चली जाऊँगी।मैंने बोला- ठीक है।मैंने अपनी शर्ट खोली. लेकिन दुबारा गीता ने मजबूती के साथ उसे पकड़ लिया और मसलने लगी।लंड के मसले जाने से वह सांप की तरह फनफनाने लगा। मैंने अपनी पैंट की जिप खोलकर लंड को आजाद कर दिया। जो कि अपनी पूरी लम्बाई का हो गया था। जिसे देखते ही गीता के होश उड़ गए।वो बोली- हाय भगवान इतना बड़ा.

तभी अचानक किसी ने मेरा नाम पुकारा तो मैं डर गया और वहाँ से चला आया।मैंने देखा कि बाहर मेरा दोस्त आया है। तब मुझे याद आया कि मुझे कुछ काम से बाहर जाना था और इसीलिए मुझे लेने मेरा दोस्त आया था। मैंने अपने दोस्त से कुछ देर रुकने को कहा और मैं अन्दर तैयार होने चला गया। मैंने देखा कि गेस्ट रूम की लाइट बंद हो चुकी थी और शायद वहाँ कोई नहीं था।शायद मौसी ने कपड़े बदल लिए थे. पति के दोस्त योगी से मेरी आँख लड़ गई थी और अब उसका लंड लेने के लिए मेरी चुत मचल उठी थी।अब आगे.

तो मामी की चीख निकल गई।मैं उनके होंठ को चूसने लगा। जब वो शान्त हो गईं तो मैंने अबकी बार में पूरा लंड ठेल दिया और इस बार वो भी कसमसा कर अपनी चीख को दबा गईं। अब कमरे में मेरी और उनकी मादक सिसकारियाँ ही निकल रही थीं ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’वो मस्त हो कर मुझसे कह रही थीं- चोदो मेरे रोहित राजा.

आगे क्या करोगे?मैं बस उसकी चूचियों में लगा था।फिर वो घर पहुँच गई तो मैंने कहा- मैं भी अन्दर चलूँ?तो उसने कहा- मेरे पति कभी भी आ सकते हैं यार. अभी रात बहुत हो गई है, तुम घर जाओ।पर मेरा मन कर रहा था कि मैं मामी को अभी ही बिस्तर पर पटक कर चोद दूँ।अब रात के 11. वो नंगी ही लेटी थी, तो फिर एक बार और उसे चोदा।वह बहुत खुश हो गई और अब मेरा जाने का वक्त आ गया।उसने मुझे ‘थैंक्स.

मैंने लेटे-लेटे उसकी हरकतों का मजा ले रहा था।मैंने कहा- तुमने मुझे तो नंगा कर दिया. हाँ उसने बिल्कुल सही कहा था क्योंकि मेरे निप्पल मुलायम थे और सर्कल थोड़ा काला सा था मगर छोटा था।खैर रेशमा ने कहा- भाई अभी तक आप अंडरवियर में हो? इतना कैसे बर्दाश्त कर लिया?तब सैम ने मुस्कुरा के कहा- खुद ही देख लो. जो रोमा पहने थी। इधर मेरा लंड तो नंगा ही था।रोमा कुछ बोल तो नहीं रही थी.

तो दीदी डर गईं और मैंने हैण्ड ब्रेक मार दिया।दीदी ने कहा- मेरे से नहीं होगा।मैंने दीदी से कहा- फिर से कोशिश करो।फिर से दीदी ने वैसे ही किया.

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पूरी वैक्सिंग वगैरा करवा के आना…वाओ यार फिर तो तुम्हारे मजे ही मजे होने वाले हैं आज…हाँ काफी मजे लेने हैं आज… काफी दिन बाद मजा आएगा आज… बहुत दिन बाद बॉयफ्रेंड के साथ डेट पे जा रही हूँ…ओके ओके…तो बढ़िया सा करना……ऐसा करो तुम अपनी स्कर्ट निकाल दो. हाँ अगली बार चॉकलेट वाला करना, जैसा मेघा के साथ संजय ने किया था।मैंने कहा- ठीक है।नेक्स्ट टाइम हम मिले तो मूवी देखने गए। वहां हमने जो किया. पर शिल्पा की खूबसूरती तो लफ्जों में बयां करना मुश्किल है।चूंकि मैंने और शिल्पा ने साथ ही कॉलेज में एडमिशन लिया था, वो बी.

मैं और मेरा एक और सर्विस इंजीनियर उसके ऑफिस में चले गए।फ्रंट डेस्क पर पम्मी बैठी थी, सच में इस वक्त पम्मी एक सेक्सी माल लग रही थी।मैंने उससे निक्की के लिए पूछा तो वो उसे अन्दर से बुला कर लाई।आज तो निक्की भी बड़ी मस्त माल लग रही थी, उसे देखते ही मेरी नियत में खोट आ गई.

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