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मेरे हाथ उनके कन्धों पर थे और वह मुझको अपनी ओर खींच रही थी और उसी बीच मेरे हाथ उनके चोली पर से होते हुए खाला की पीठ कमर पर होते हुए उनके स्तनों पर पहुँच गये. जब वो दारू पी रहा था तो उसने सुना कि कुछ लोग पद्मिनी की बातें कर रहे थे. उस दिन से मैंने राजेश के बारे में सोचना शुरू कर दिया, वैसे मुझे घर मैं बहुत टाइम मिलता था, जब हम दोनों ही घर पर होते लेकिन फिर भी मन में डर रहता था.

अब ऐसा हमेशा होने लगा, जब भी हम मिलते तो किस करते, ऐसे ही किस करते समय मैंने मेरा हाथ उसके सीने पे रखा और दबा दिया. इस कहानी में हो सकता है कि कई जगह ग़लतियां हों, जो हिन्दी में लिखते हुए ना चाहते हुए भी हो जाती हैं. दीदी ने जीजा की गोद में चढ़े हुए ही फ्रिज से बर्फ की बकट निकाली और जीजा को चूम लिया.

मैंने पूछा- क्या यह हो सकता है?वो बोली- क्यों नहीं हो सकता, अगर कोई चूत अपनी पर आ जाए तो क्या नहीं कर सकती. मैंने डॉक्टर को समझाना चाहा।आप निश्चिन्त रहिये…” उन्होंने मेरी ओर देखते हुए कहा- मुझे कुछ नहीं होगा, मेरे लिए यह कोई नयी बात नहीं है, आप दरवाज़ा खोलिये.

जब वो वापस कमरे में आयी तो काफी खूबसूरत लग रही थी, उसने गुलाबी कलर की टॉप और गुलाबी कलर की ही कैपरी पहनी हुई थी.

उसके चूचे पहले से काफी सॉफ्ट हो गए थे और उसने मेरे लिए ब्रा भी नहीं पहनी थी.

मैं सोचने लगा कि काश इनकी जांघ पर बर्फ के टुकड़े को चूसता हुआ जांघ से चुत तक ले जाऊं. साले क्या कर रहा है?मॉम ने नवीन को मुस्कुरा के हल्का सा एक थप्पड़ मारा. दूसरे दिन सुबह मेरे पुलिस ऑफिसर भाई का फोन आया- जब तुम्हारा पासपोर्ट बन जाए तो तुम मुझे बताना, मैं तुम्हारा वीज़ा लगवा दूँगा और तुम्हें उधर नौकरी भी मिल जाएगी.

जिससे भाभी की चुदास की तड़प और बढ़ गई, भाभी नीचे से गांड उठा कर मेरा लंड लीलने की कोशिश करने लगीं. मेरे ऐसे देखने से उसे शर्म आती गयी और उसने अपने हाथों से अपने चेहरे को छुपा लिया. फिर 15 मिनट के बाद हमने एक दूसरे को प्यार से देखा और बस अब हम दोनों में प्यासे मर्द और औरत की वासना दिख रही थी.

आंटी को भी मजा आने लगा और उन्होंने मेरा हाथ छोड़ दिया और वापस मुझसे लिपट गई.

लेकिन मैं उठ कर खड़ा हो गया और अपने सारे कपड़े उतार के फेंक दिये; मेरा लंड आजाद होकर बहू के सामने अपना सिर उठा के तन गया. वो मेरा पूरा माल पी गई और बोली- वाह क्या नमकीन स्वाद है, अब से मैं यही पिया करूंगी, तुम्हारा रस बहुत टेस्टी है. मेरी सेक्स स्टोरी के पहले भागफ़ेसबुक पे पटा कर चंडीगढ़ में चोदा-1में आपने पढ़ा कि फेसबुक पर मेरी दोस्ती एक लड़की से हुई, बात आगे बढ़ी और मिलने तक पहुंची, मिलने के बाद सेक्स तक पहुंची और आखिर हम दोनों पहुँच गए होटल के कमरे में!अब आगे:और फिर आरुषि ने मुझे अपने ऊपर खींचते हुए दोबारा से मेरे होंठ जकड़ लिए अपने होंठों में और आँखों ही आँखों में मेरे ऊपर आने की इच्छा जताई.

” चेतना बोली।नंगा ही नहा रहा था क्या?” रंजू ने पूछा।नहीं यार… नंगा कैसे नहाएगा… पर उसका टॉवल खुल गया और मुझे दिखाउसका… मूसल!” चेतना शर्माते हुए बोली. मैं बोला- क्यों झूठ बोल रहा है यार तू?तो बोला- अरे नहीं… सच में ऐसा होता है! अगर यकीन नहीं तो इस बार कोई मिले तो तू उसकी तरफ देखकर मुस्कुरा देना, फिर देखना क्या होता हैं।मैं बोला- ठीक है, देखता हूँ. जैसे ही कमरे का दरवाजा खोला, सामने वेटर नहीं रमेश खड़ा था और वो कमरे में घुस आया.

रजिया को यकीन नहीं कि ऐसा होता है, इसे करके ही दिखा देते हैं।”ठीक है।”उसने झट से कुर्ता उतारा, ब्रेसरी तो रात में पहनती ही नहीं थी और फिर झुक कर सलवार और पैंटी भी उतार दी।हाय.

पापा जीऽऽस्स्स्स स्स्स्स बस अब घुसेड़ भी दो ना, चोदो जल्दी ई …ऽऽ से मुझे!”हां … ये लो बहू अपने ससुर का लंड अपनी चूत में … संभालो इसे!” मैंने कहा और अपने दांत भींच कर, पूरी ताकत से लंड को उनकी बुर में धकेल दिया. कुछ देर तक ऐसे ही हमारी सामान्य सी बातचीत होने लगी और हम पार्क के एक किनारे पर रखी बेंच पर बैठ गए.

फिल्म हिंदी बीएफ लेकिन मेरा लंड उनकी चुत में नहीं जा रहा था तो मैंने थोड़ी पॉन्ड्स क्रीम ली और थोड़ी क्रीम अपने लंड पर लगा ली. वो बोल रही थी- आई लव यू बेबी!काफ़ी देर तक लंड चुसवाने के बाद मैंने उसे उठा कर लिटा दिया.

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नहा कर क्या मेरा कत्ल करोगी? वैसे ही नियत खराब हो रही है तुमको कच्चा खाने का मन हो रहा है.

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जीजा अब मेरी चूत चाटने भी लगे, जिसकी वजह से अब मुझसे खड़े रह पाना मुश्किल हो गया, मैं बोली- अंकल. प्रदीप कन्स्ट्रुक्शन कॉन्ट्रेक्टर का काम करता है, बहुत लेट आता था कुछ महीनों से मुझे कभी घर पर नहीं मिलता था, मैं इसी बात इंतज़ार करता था, मेरी पूजा से बात हो जाती थी। मैं उसे चोर नज़रों से देखता… जब वह नीचे झुकती तो मैं उसके सुडौल बूब्स को देखता!थोड़े दिन ऐसे ही चलता रहा। पूजा भी समझती थी कि मैं उसे किस नजर से देखता हूँ, वो भी जानबूझ कर मेरे साथ शरारतें करती थी. इस बार उसने नॉर्मल पोज़िशन में ही लंड पर कंडोम चढ़ाया और मुँह में कंडोम के ऊपर से ही लेकर लंड चूसने लगी.

वो एकदम गरम हो चुकी थी… पर मम्मी के वहीं होने के कारण हम दोनों ने इससे आगे कुछ नहीं किया. इधर पीछे पीठ तरफ मेरे सुरेंद्र जीजा मेरी पूरी पीठ को अपनी जीभ से चाटने लगे, किस करने लगे, साथ में कूल्हों पर अपना हाथ भी चला रहे थे. प्रेरणा- आप इतने स्मार्ट हो, पर्सनालिटी भी कमाल की है, आपको मॉडलिंग करनी चाहिए.

मैंने एक एक करके उसके दोनों चूचुकों को चूसा, प्रिया ने अपने दोनों हाथ मेरे पीठ पे रखे हुए थे और आह… आह… की आवाज कर रही थी.

बताओ क्या करना है?सुजाता कहने लगी- दरअसल मुझे आज कुछ पीठ में दर्द है, शायद चनक आ गई है अर्थात झटका लग गया है. आपकी प्यारी कोमल भाबी का सारे प्यारे प्यारे लंड और चुत को प्यार भरा चुंबन. ” चेतना बोली।नंगा ही नहा रहा था क्या?” रंजू ने पूछा।नहीं यार… नंगा कैसे नहाएगा… पर उसका टॉवल खुल गया और मुझे दिखाउसका… मूसल!” चेतना शर्माते हुए बोली.

तुम्हें और क्या अच्छा लगता है?मैंने कहा- तुम सारी की सारी मुझे अच्छी लगती हो. उनकी बात सुनके मैं समझ गया कि वो क्षण आ गया है और मैंने अपनी कैप्री उतार फेंकी. फिर उसने मुझसे सारा का सारा ही झूठ बोला था और मुझे फंसा कर और पैसे वापस मांगने की धमकी दे कर राज़ी किया था.

नताशा दोबारा कराहने लगी और आर्थर उसकी गांड को अपने लंड पर पटकते हुए उसकी गांड में अपना अमेरिकन काऊबॉय के हैट जितना चौड़ा टोपा अन्दर घुसेड़ना शुरू कर दिया. एक दिन मैं और बलवीर एक घर में अकेले बैठे थे, मैं गुनगुनाने लगा- मेरी चू… चू… चू… चूत!वह हँसने लगा.

पहली रात को तो इतना कुछ नहीं हुआ, बस मैंने उनको बाथरूम में नहाते हुए देख लिया था. मैंने उसकी इस बात पर हंस दिया और कहा कि देखा मैंने कहा था न कि तुम मेरे दिल की बात समझ गई हो कि मैं क्यों ये जानना चाहता था कि तुम कुल्फी चूसना किधर से सीखीं. तो उसका बापू धीरे धीरे, बिल्कुल आहिस्ते आहिस्ते पद्मिनी के ऊपर से चादर को हटाता गया.

मैंने नीचे को आकर दीदी की हल्की झांटों वाली चुत पर अपना मुँह लगा दिया.

मैंने कहा- भाई जब आप जैसा किसी का भाई हो तो उसे किसी और की कोई चिंता नहीं होगी. मैंने अपनी दोनों बहनों को कपड़े दिला दिए और अपना जो शादी के लिए जरूरी सामान लेना था, वो भी ले लिया और घर आ गये।और फिर शादी की रात जब मेरे चाचा का बेटाअपनी सुहागरात मना रहा थातभी हम तीनों भाई बहन मिल कर अपनी दूसरी सुहागरात मना रहे थे।अब मैं 19 साल का हूँ और कामिनी की शादी हो चुकी है लेकिन जब भी वो हमारे घर आती है हम दोनों चुदाई जरूर करते हैं और खूब मजा करते हैं. उसकी हिम्मत की देखकर मैंने एक और जोर का धक्का लगाया और पूरा का पूरा लंड जड़ तक उसकी चूत में समा गया.

यह कहते हुए उसकी सलवार का नाड़ा मनोरमा ने खोल दिया और बोली कि इसे नीचे करो और कमीज़ को ऊपर करो. उसके चाचा के लड़के की शादी थी और घर में कोई न होने की वजह से दीदी उसके साथ नहीं जा पाई थी.

उसकी आँखों के इशारे को देखते हुए मैं महसूस कर रहा था कि वो भी वासना की आग में जल रही है और धीरे धीरे मैं ऊपर की तरफ आने लगा. उसका अपने ब्वॉयफ्रेंड से झगड़ा हो गया है और वो किसी लंड से चुदने के लिए मुझसे कह रही थी. फिर मैंने उसके पैर को छोड़कर उसके बड़े से कबूतर पकड़ लिए और दबाते हुए उसे चोदना चालू कर दिया.

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फूफा जी भी इतनी ताबड़तोड़ चुदाई कर के थक चुके थे इस लिए वो भी मेरी बात मानते हुए रुक गये, मैंने उनका लंड अपने हाथ से पकड़ के चूत में से बाहर निकाल दिया और चैन की सांस लेने लगी.

मैं तुम्हारी स्माइल का दीवाना हूं और ये स्माइल बनी रहने के लिए जो हो सके वो करने के लिए तैयार हूं. मैंने कहा- क्या हुआ?वो हंस कर बोली कि दीदी आप का मँगवाया हुआ खिलौना आ गया है, उसी को दरवाजा बंद करके देख रही थी. कभी अपने कानों के बुंदों को कुछ करती, तो कभी बैठ के अपने पैरों के बिछुओं के साथ कुछ घसर पसर करती.

लेकिन वो मेरी सहेली का भाई है इसलिए मैं उसको ज्यादा ध्यान नहीं देती हूँ. पूरी नंगी होने की क्या जरूरत थी?”मैं बताता हूँ। अभी समझ में आ जायेगा।” राशिद ने अपनी लोअर उतारते हुए कहा और खुद भी नंगा हो गया।फिर उसने मेरे पास ही अहाना की दोनों टांगें पकड़ कर तख्त के किनारे खींच लिया और उन्हें फैला कर अपना लिंग उसकी मुनिया पर रगड़ने लगा।मैंने गौर से अहाना की योनि देखते हुए खुद की योनि से उसकी तुलना की. कार्टून के चित्रअब इसकी कोई आशंका नहीं थी क्योंकि रिपेयर करने वाली कंपनी की गारंटी थी कि राइफल की गोली की आवाज भी दीवार के पार नहीं पहुँच सकती थी!ऊऊऊऊऊ… आआआआ… ओओओओ… आआआ…” नताशा के मुंह से निकलने वाली चीखें अब मुझे जरा भी नहीं डरा रही थीं बल्कि मैं और… और ज्यादा उत्तेजित होता जा रहा था.

सुकन्या की चूत से काम रस बह निकला और उसे चाटने को मेरी जीभ लालायित हो उठी … मैं उसकी चौड़ी हुई टांगों के बीच बैठ गया और अपनी जीभ चूत के मुहाने पर रख कर सड़प सड़प सड़प करके चूत चाटने लगा … चूत की मादक गंध ने मेरे अंग अंग को उत्तेजित कर दिया. मेरी नताशा अपने घुटनों के बल चलती हुई आर्थर के नजदीक पहुंची और उसे धक्का देकर सोफे पर गिरा दिया.

मैं आफिस में लैपटॉप लेकर जाता हूँ क्योंकि कुछ काम लैपटॉप में करने पड़ते थे. सारी क्लिप्स मेमोरी कार्ड में हैं।”तुम आखिर चाहते क्या हो?” मैंने बेबसी से उसे देखते हुए कहा।तुम दोनों को चोदना और वह भी फुल इत्मीनान से। कुछ इंतजाम बनाता हूँ कि सुहैल को दिन भर के लिये बालागंज, लखनऊ या बाराबंकी भेज दूं. दो तीन दिनों बाद उस लड़की ने, जिसका नाम मनोरमा था, ने कहा- गीता जी (मेरी सास) आज आप मेरे साथ चलना, आपको दिखाऊंगी कि कैसे मज़े लिए जाते हैं.

मगर जाने से पहले रात उसने मेरी जम कर चुदाई की और उस समय उसका लंड जो 15-20 मिनट में पानी छोड़ देता था, उस दिन 45 मिनट के बाद भी उसका पानी नहीं निकला. उसकी चूत पर उंगली रखी और ऊपर से उसे सहलाया तो वो फिर से चिंहुक उठी. अब तक की मेरी इस चुदाई की कहानी में आपने पढ़ा कि मेरी मौसी का लड़का लाल जी भी मुझसे पट गया था और हम दोनों चूमा चाटी में लग गए थे.

मैंने बस उसे देखा और हंस दिया!इतने में वो बोला- इधर पास आ जा, इतना दूर क्यूँ बैठा है?और उसके यह कहते ही मैं उसके पास जाकर बैठ गया और वो धीरे धीरे मेरे पास आता चला गया!उसने मुझसे कहा- चल आज मैं तुझे सेक्स करना सिखाता हूँ.

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उसने पूछा- कहाँ हो।मैंने पूछा- आप कहाँ हैं?उसने बताया- ओवर ब्रिज के नीचे सफेद कार में हूं!और कार का नंबर बताया।मैं ओवर ब्रिज के नीचे पंहुचा और कार से बाहर निकलने को कहा. स्तन ही औरत की शान होते हैं, यही मर्दों को अपनी और आकर्षित करते हैं. उसने मेरे गालों पर हाथ फेरते हुए मेरे होंठों पे हल्का सा चुम्बन जड़ दिया.

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जवाब में मैं भी कुर्सी से उठ खड़ा हो गया और उसको आलिंगन में भर अपने होंठ उसके होंठों से चिपका दिए. उन दोनों के हाथ मेरे सीने पर थे और ऊपर एक दूसरे के बूब्स दबाना और किस करे जा रही थीं.

प्रदीप कन्स्ट्रुक्शन कॉन्ट्रेक्टर का काम करता है, बहुत लेट आता था कुछ महीनों से मुझे कभी घर पर नहीं मिलता था, मैं इसी बात इंतज़ार करता था, मेरी पूजा से बात हो जाती थी। मैं उसे चोर नज़रों से देखता… जब वह नीचे झुकती तो मैं उसके सुडौल बूब्स को देखता!थोड़े दिन ऐसे ही चलता रहा। पूजा भी समझती थी कि मैं उसे किस नजर से देखता हूँ, वो भी जानबूझ कर मेरे साथ शरारतें करती थी. मैं अपने प्यार की नर्म-स्वादिष्ट जीभ को चूसने लगा और उसने अपने बाएँ हाथ को मेरी शॉर्ट्स के अन्दर डाल दिया, हाथों द्वारा टटोल कर अपना सगा लंड ढूँढा और अपने नर्म हाथ से उसको सहलाने लगी. मैंने उसको अपना लंड चूसने के लिए बोला, पहले तो उसने मना किया, बाद में वो मान गई.

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तो मैंने उसे बोला- शादीशुदा लड़की खूबसूरत नहीं होती है क्या?यह सुनकर उसके चेहरे पर मुस्कान आ गई और बोली- मेरा नाम कविता (काल्पनिक) है और यहाँ शादी में आई हूँ. पर अब उसे इस बात का संशय हो गया की कहीं मैं उसकी कहानी भी तो नहीं लिख दूंगा, तो मैंने उसे इस बात का यकीन दिलाया कि मैं अगर लिखूंगा भी तो कोई यह नहीं समझ पायेगा कि यह कहानी उसकी है।लेकिन वह बाद की बात थी, फिलहाल जैसे तैसे उसे यकीन हो पाया कि मैं उसके राज़ को राज़ ही रखूँगा तब आगे बात करने पर राज़ी हुई।मेरा पिछला सवाल अभी अधूरा है भाभी जान!”कौन सा सवाल?”शादी से पहले सेक्स वाला।”हाँ किया था. जैसे ही मुझे लगा कि उनका खेल हो गया है, मैं घर के बाहर निकल गया और अपने घर से देखने लगा.

सट्टा किंग गली का खबरचाची की इसी अदा से मुझे लगने लगा था कि चाची मुझे मजा लेना चाहती हैं. फिर मैंने निशा को उठा कर तैयार होने को बोला और बेडशीट हटा कर उसे एक पोलोथीन में डाली.

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सच में बहुत टाइट चूत थी, पहले एक ही उंगली थी फिर मैंने अपनी तीनो उंगलियों को चूत-सेवा में समर्पित कर दिया. उस लड़की ने बड़ी बिंदास भाषा में कहा- अरे कुछ नहीं मालूम चलेगा, मैं खुद सप्ताह में दो तीन लंडों को अपनी चूत में घुसवा लेती हूँ और जिंदगी के पूरे मज़े लेती हूँ. एक तो उसके होंठों का स्वाद लाजवाब था और अब तो चाकलेट उसमें चार चांद लगा रहा था।मैंने अपना एक हाथ टॉप के ऊपर से ही उसके वक्ष पे रख दिया और उसे दबाना चालू किया.

पापा भी किसी काम के सिलसिले में घर से बाहर चले गए और घर में मैं और दीदी अकेले रह गए. उसने हल्के से अपनी जीभ को उस नाज़ुक जगह पर फेरा और उस नमकीन लज्ज़त वाले हिस्से को चाटा. वो बोला- वन्द्या तू बहुत सेक्सी माल है, मैंने कभी सोचा नहीं था, पर आज तुझे ऐसा देखकर मैं पहली नजर में पागल हो गया.

मेरे सारे दोस्त उस पर डोरे डालते थे, पर वो सभी के लंड खड़े करवा के किसी को भी घास नहीं डालती थी. मैं भी होश में आते हुए और खड़े होते हुए बोला- भाभी वैसे तो ये आपके भी काम की चीज नहीं है, जब प्राकृतिक संसाधन उपलब्ध हैं, तो कृत्रिम संसाधन की क्या जरूरत. लंड के चूत में जाते ही मधु ‘ओे उम्म्ह… अहह… हय… याह… आइ इइइ…’ करके उससे लिपट गई- ओ राज… कितना गर्म है तुम्हारा लंड!और फिर मेरे सामने ही बेशर्म चुदाई शुरू हो गई.

एकता भी मेरी तरह निरीह भाव से देखने लगी तो डॉली ने कहा- अरे मैं हूँ ना हेल्प के लिए. और थोड़ी देर बाद जब लंड महाराज फिर से टाइट हो गये तो मैंने आरुषि को बेड के सहारे झुका कर खड़ा करके पीछे से लंड उसकी फुद्दी के मुँह पर लगाकर मैं एक बार थोड़ा पीछे को हुआ और एक झटका लगाते हुए लन्ड को फुद्दी में धक्का मारा तो लंड थोड़ा सा उसके अंदर घुस गया.

मेरे दोस्त ने अपनी गर्लफ्रेंड के होंठों पर होंठ रखे और झटके देने लगा.

मैं और पीयूष गुड्डा गुड्डी की शादी का खेल खेल रहे थे, तुम भी आ जाओ, मिलकर खेलते हैं. सट्टा किंग गली की खबर आज कीथोड़ी ही देर में मेरी चूत के अंदर लंड समाने लगा और पूरा का पूरा अंदर घुस चुका था. फ्री विडियो कालिंग अप्प्सअब तक भाभी बहुत ही ज्यादा गर्म हो गई थीं, जो उन्होंने बाद में बताया. उसके पास बैठ कर कुछ इधर उधर की बातें करने के बाद मनोरमा उससे बोली- यह हमारी नई चिड़िया है.

और मैं कभी कभी अपनी सहेलियों के साथ बाहर घूमने के लिए जाती हूँ, वो भी घर वाले मना कर देंगे.

कुछ देर के बाद आपा मुझसे बोलीं- यह अच्छा नहीं हुआ, मैंने नहीं सोचा था कि मेरा भाई ही पहली बार मुझे दुल्हन बनाएगा, मेरी सील तोड़ेगा. तो कोई खास परेशानी हुई भी नहीं।हम फिर फिसलने लगे लेकिन अब अहाना जीत जाती थी सिंगल शरीर के कारण।फिर पीठ के बल हो कर उल्टी फिसलन हुई।इसके बाद उसने एक अजीब खेल किया कि गैलरी के अंतिम सिरे पर मुझे और अहाना को बारी-बारी इस तरह टिका दे कि हमारी दोनों टांगे आखिरी हद तक फैल जायें और उसे हमारी एकदम खुली पुसी दिखती रहे. अब तो बुड्ढा मेरी चिता जलाने को तैयार था, बुड्ढा मैडम के ऊपर चढ़ने को आतुर हो रहा था। बुड्ढे ने मैडम की दोनों जांघों को फैलाया और खुद बीच में आकर बैठ गया, वहाँ उसने अपना लिंग उस कामिनी की योनि में अंदर डाला और इधर जैसे मुझे हर्ट अटैक आ गया हो।बुड्ढा अब ऊपर नीचे हुए जा रहा था, मैडम ने अपनी दोनों जांघें बुड्ढे पर वार दी और अपने दोनों हाथों से बुड्ढे की पीठ को नोच रही थी.

वो अपने हाथों के नाखून मेरे पीठ पे गड़ाने लगीं, जिसके कारण मुझे दर्द भी हो रहा था, लेकिन उस समय उस दर्द का भी अपना मजा था. इतना सुनते ही उसने मुझे धक्का देते हुए लिटा दिया और अपने खड़े हुए लंड को एक ही झटके में मेरी चुत में घुसेड़ दिया. मुझे उन दोनों की हरकतें साफ़ दिख रही थीं, जिससे मेरा लंड तुनकी मार रहा था.

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ब्रेड में मक्खन की जगह उनका वीर्य लगा हुआ था जिसे मैंने बड़ी मुश्किल से खाया।नाश्ता करने के बाद मुझे बेडरूम में ले गए, मुझे नंगी कर डांस करने को कहा. लेने वाले लेते ही हैं और वह कोई पेशाब नहीं होता, पेशाब से अलग एक सब्सटेंस होता है। तुम्हें हो सकता है कि खराब लगे, लेकिन जो बार-बार इसे मुंह में ले रही हैं, उन्हें यह भी टेस्टी लगने लगता है।”खैर. मेरे लगातार उनको चूमने और बूब्स को दबाने और चूसने से भाभी एकदम गर्म हो गई थीं.

फिर उसने हँसते हुए अपने हाथ पीछे ले जाकर अपनी ब्रा के हुक खोल दिये अब मैं आराम से उसके बूबस को दबा सकता था.

भाईजान ने बिना मुँह हटाए सारे रस को पी लिया और फिर मुझे सीट पर लिटा दिया.

थोड़ी देर बाद सोनू ने मेरी स्कर्ट खींच दी और अपनी ही माँ को नंगी कर दिया और खड़े होकर मुझसे लिपट गया. इतने में घंटी बजी तो पूजा बोली- आप टॉवल लपेट कर वेटर से ट्रे ले लो. इंग्लिश सेक्स गर्ल” कहकर रेखा रानी ने अपने कपड़े पहने, बाथरूम में जाकर मुंह हाथ धोये और हल्का सा मेक अप करके तैयार हो गई.

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उन्होंने अब अपनी एक जांघ मेरी जांघों के ऊपर रख दी, वे मेरे से चिपक गए, उनका खड़ा लन्ड मेरी जांघों से टकरा रहा था. थोड़ी देर इधर उधर की बातें हुईं, फिर आखिरी में वो बोलीं- रोहण तुमसे एक बात करनी थी. मैं- आप बेहद खूबसूरत हैं!सुकन्या हँसती हुई- थैंक्यू, आप सबसे पहले लड़की की तारीफ़ ही करते हैं क्या?मैं मुस्कुराते हुए- रोक नहीं पाया खुद को!सुकन्या- वैसे आप भी कुछ कम नहीं हैं.

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थोड़ी देर ऐसा करने के बाद मैंने उसको नीचे लेटा लिया, उसकी टांगों को अपनी कंधों पर रखकर मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रखा तो उसके मेरा लंड पकड़ के अपने चूतड़ों के होल पर यानि गांड पर रखा. इसके साथ ही मेरी बुआ का लड़का भी इन दिनों सर्दियों की छुट्टियों के लिए इधर ही आया हुआ था. मुझे अपने द्वारा लगे जा रहे धक्कों से ज्यादा आर्थर द्वारा उसकी गांड में मारे जा रहे धक्कों का अनुभव हो रहा था, मुझे उसके नताशा की गांड में मारे जा रहे धक्के चूत में स्थित अपने लंड पर भी महसूस हो रहे थे.

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बापू- बेटी, मेरा तो अब फिर खड़ा हो गया है, मैं अभी तो तेरी गांड नहीं मारूँगा क्योंकि तेरी गांड में अभी मुझे बहुत मेहनत करनी होगी, तभी वो आराम से मेरा लंड लेने को तैयार होगी. मामी बोलीं- अरे मेरे राजा, तनिक आराम से, धीरे धीरे… तुम तो यार किसी एक्सप्रेस की तरह भागे जा रहे हो! जरा छोटे स्टेशन्स का व्यू भी लेते जाओ!तो मैंने थोड़ी शांति पकड़ी और अपना एक हाथ उनकी योनि पर ले गया.

इस तरह बोल कर मैंने उसे किसी तरह मनाया और अब उसकी गांड पर लंड सेट किया और धक्के मारने लगा.

बापू सिर्फ अपने अंडरवियर में बिस्तर पर बैठ गया और बगल में उसी बिस्तर पर पद्मिनी गहरी नींद में सोयी हुई थी. मुझे पता है कि वो मेरे जिस्म का दीवाना है क्योंकि मैं जब भी अपनी सहेली के घर जाती हूँ तो वो किसी न किसी बहाने से मेरी सहेली के कमरे में आता है और मुझसे बातें करने की कोशिश करता है. उसके बाद उसने अपना मूसल लंड मेरी चूत में डाल कर मुझे बुरी तरह से चोदा.

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तो बोलीं- खाना मेरे मुँह से खाओगे या हाथ से खाओगे?मेरी समझ में नहीं आया… मैंने बोल दिया- मुँह से खाऊंगा. मेरे पास और कोई रास्ता ही नहीं बचा था, सिवाए खुद को किसी लंड के हवाले कर दूं और वो जो चाहे जैसे मुझे नंगी करके चुदाई करे. कुछ जोरदार झटकों के साथ हमारा दोनों का एक साथ ही निकला और हम ऐसे ही पड़े रहे.