बीएफ फोटोस

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एक्स बीपी एक्स: बीएफ फोटोस, मेरी चाची ने सारे कपड़े उतारे हुए थे और वह मेरे भाई के लिंग से खेल रही थी.

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औरत को एक ही बार में कई ओरगाज़्म आ जाते हैं, जबकि आदमी का जब छूटता है तो उसको एक ही आता है और लंड से वीर्य छूटने के बाद उसे कुछ देर के लिए वक्त लगता है. मोबाइल पर निबंध इंग्लिश मेंवो मेरा लंड अपने मुँह से बाहर निकालने की कोशिश करने लगी, पर मैंने भी जब तक उसने मेरा सारा माल नहीं निगल लिया, उसे छोड़ा नहीं.

वो एकदम उदास हो गयी और बोली- पता नहीं मेरे में क्या कमी है कि वो मेरे पर ध्यान ही नहीं देते. ब्लू फिल्म ब्लू इंग्लिशबहुत दिनों से मैंने भी किसी के मुंह में लंड को नहीं दिया था और हाथ से काम चला रहा था इसलिए मैं उसके मुंह में पूरा जोर लगा कर लंड को अंदर बाहर कर रहा था.

फिर अपने दोनों हाथों में मेरा लंड पकड़कर ऊपर नीचे सहलाकर मलहम लगाने लगी.बीएफ फोटोस: अब अंकल बेड पर चढ़कर मेरे नजदीक बैठ गये- नीतू … अब मुझे तुम्हारी शर्ट को खोलना पड़ेगा.

भाभी बोलीं- ऐसा क्या है मेरे में?मैं- भाभी आपमें क्या नहीं है … आप तो पूरी कयामत हो.बस कुछ मसाला लगाया है ताकि लड़कों का लन खड़ा हो जाए और लड़कियों फुद्दी गीली हो जाए.

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मैंने अपनी जीभ को होंठों पर फेरा और उसकी तरफ देखते हुए कहा- मजा आ गया.सोनू से मैंने कहा- अपनी दोनों टांगें चेयर के आसपास फैला कर मेरे लंड को अपनी चूत में लेकर मेरी गोद में बैठ जाओ.

स्कूल में मैंने अपनी एक सहेली आरती से कहा- आ तुझे एक नई चीज़ दिखाती हूँ. बीएफ फोटोस किस बात का वहम हुआ था मुझे आप सब भी समझ ही गए होंगे!जैसे ही मैं मुड़ कर जाने को हुआ तो मुझे एक चीख जैसी आवाज सुनाई दी.

मेरी चूत में चिकनी हो गयी थी इसलिए उसका लंड मेरी चूत पर से फिसल जा रहा था.

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मैं मम्मी के एकदम पास गया और देखा मम्मी के होंठ हल्के हल्के थिरक रहे थे … वो लंबी लंबी सांसें भी ले रही थीं, एकदम कामुकता के साथ डरी सहमी हुई थीं. मैं- अरे मैंने तेरी नहीं चाटी क्या? तुझे मजा नहीं आया क्या? चल अब नखरे मत कर … आजा ले ले मुँह में इसे. पर मैंने उसको मना कर दिया कि तुमसे कैसे बात करूँ यार … तुम तो मेरे फ्रेंड की बहन हो.

रोज़ी ने उसे बहुत रोका पर वो नहीं माना।वो तो उसे वहीं चोदना चाह रहा था. फिर उसने मेरा लौड़ा चाट चाट कर साफ कर दिया और मेरे लौड़े पर एक चुंबन भी रख दिया. कभी कभी तो मुझे अपनी मम्मा सौम्या की पैंटी दिखने लगती थी इसीलिए मुझे हर रोज मम्मा के नाम की मुठ मारनी पड़ती थी.

वैसे मैं उस हसीन बला के बारे में बताऊं, उसका नाम फ़लक था और वो 32 साल की एक हुस्न की परी थी. धीरे-धीरे मेरी मेहनत रंग लाने लगी और अब जूली अपनी कमर भी उचकाने लगी. फिर उसने मुझे नीचे लेटा दिया और मेरे बदन को चूमती हुई नीचे की तरफ जाने लगी.

मायरा चाय ले आई तो मैंने चाय पी और कहा- वाह बहना क्या अच्छी चाय बनाई है, मजा आ गया. इसीलिए मैंने नीरजा की चूत का भोसड़ा बनाने की नियत से एक बार में ही पूरा लौड़ा पेल दिया था.

लोगों का ध्यान कार्य से हट गया और फ्री रहते हुए वासना पूर्ति के अलावा कुछ ज्यादा सोच ही नहीं पा रहे थे.

मेरा दिमाग चकरा गया कि ये घर क्यों आने को बोल रही हैं, जबकि प्लान तो कुछ और है.

उनके बड़े बड़े लटकते मम्मे, उभरी हुई गांड और चूतड़ देख कर एक बार तो मन किया कि अभी मैं भी बाथरूम में घुस जाऊं और मौसी को पकड़ कर चोद दूं, पर उस टाइम ये सब करने की हिम्मत नहीं हुई. मैं इस बार उसको अपने कमरे में ले जाकर तौलिया से पौंछ कर बुर में महलम लगाकर कर उसे लेटने के लिए कह दिया. मैं अपने होंठों से सरिता की गर्दन पर किस करने लगा और अपने दांतों से हल्का सा काट भी देने लगा था.

पहले तो वो ना-नुकुर करने लगी, परन्तु सारा के कहने पर उसने अपने आपको ढीला छोड़ दिया. मगर पहली बार पूजा की चूत में लंड गया था इसलिए न चाहते हुए ध्यान को यहाँ-वहाँ भटकाने की कोशिश करने लगा ताकि ज्यादा से ज्यादा देर तक उसकी चूत को निचोड़ने का समय मिले. नीता और मेरा अफेयर बहुत सालों तक चला, फिर उसका अपने हस्बैंड के साथ फिर से पैचअप हो गया और हमारी मुलाकातें कम हो गईं.

मेरा पंजा उनकी चुचे और बगल के बीच में था और पैर का घुटना ठीक उनकी चूत के ऊपर था.

लंड हर तरफ से चूत में फंसा हुआ था और चूत के रसभरे दबाब से आनंदमग्न था. मैंने बिना कुछ सोचे उसकी चूचियां दबाना शुरू किया और उसके होंठों को चूमना शुरू किया! नींद खुलते ही राशि मुझ पर चढ़ कर बैठ गयी और अपने बालों को समेटकर, चूत मेरे मुंह पर लगा कर खुद लंड चूसने लगी 69 पोजीशन बना कर. भाभी की नजरें मेरे लंड के उभार पर थोड़ी सी रुक गईं क्योंकि मैंने अंडरवियर नहीं पहना था तो लंड का पूरा आकार साफ़ दिख रहा था.

उन्होंने मुझसे पूछा- तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है?मैंने मना कर दिया, तो वो बोलीं- तभी. थोड़ी ही देर के बाद हम दोनों उठे और मैंने उससे कहा- तुम घोड़ी बन जाओ. यह बात भी मुझे तब पता लगी, जब उसने अपने जन्मदिन पर अपनी सहेली के हाथ मेरे लिए चॉकलेट भिजवाई.

मेरी वासना भरी नजरों को देख कर रूपाली ने अपने हाथों से अपने मम्मों को ढकने का प्रयास किया, वो शर्मा गई थी.

[emailprotected]NRI भाभी X हिंदी स्टोरी का अगला भाग:मेरी सेक्स कहानी से मिली मुझे एक मस्त आइटम- 2. नुकसान होने के बाद बिजनेस बंद हो गया, जिसके कारण मिनी का पति दिमागी रूप से थोड़े परेशान हो गया था.

बीएफ फोटोस कुछ देर पहले तो वह इतनी गर्म हो गई थी और फिर अचानक से उसको क्या हो गया. मैं नहीं चाहता था कि अजय मीना के सामने आये और अजय को देख मीना बिना चुदे ही चली जाए.

बीएफ फोटोस तो मैं उससे चिपकती हुई उसके कान में बोल पड़ी- मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा … मुझे तुम्हारा लण्ड चाहिए अभी!मेरा इतना कहते ही उसने झट से मुझे पकड़कर अपनी गोद में बिठा लिया. मैंने उसकी तरफ देख के कहा- क्या बात है, अभी लन्ड को थोड़ा आराम भी करने दो.

क्योंकि घर में कोई नहीं था तो मैं सोचने लगी अगर इतना करके चुदने से बच सकती हूं तो कोई बुराई नहीं है आखिर इतना तो जीजा साली के बीच में चलता ही है और किसी को पता भी नहीं चलेगा, मैं कुछ मजा भी ले लूंगी.

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मैं- तुमको प्यार करके ही बड़ा हो गया है ये!प्रिया- भैया और कस कसके कीजिए ना … आज एकदम गहरी कर दीजिए. उसके भाई से मेरी बढ़ती नजदीकियों से अनजान मेरी सहेली रिम्पी अपने ब्वॉयफ्रेंड के साथ ही लगी रहती थी. भाभी हंस कर बोलीं- मेरी जैसी क्यों चाहिए?मैंने कहा- आपकी जैसी क्यों चाहिए ये तो आप खुद ही अच्छी तरह से जानती हैं.

मेरी इस घमासान धक्कम-पेल को चलते अभी कुछ ही देर हुई थी कि अचानक से मोनी का पूरा बदन थरथरा सा गया और उसके हाथ-पैर कंपकंपाते हुए मेरे शरीर पर जोरों से आकर लिपट गये। मेरे लंड को अपनी चूत में पूरा निगलकर उसने अब किसी बेल की तरह मेरे शरीर से खुद को लिपटा लिया था. जब मैं टाईट कपड़े पहन कर चलती हूं, तो लड़कों, शादीशुदा मर्दों और बुड्डों के लंड खड़े हो जाते हैं. अभी अमर कुछ समझ पाता कि पिंकी ने अमर के होंठों पर अपने होंठ रख दिए.

भाभी ने मस्त स्माइल देते हुए कहा- कोई बात नहीं, आप परेशान नहीं हों.

मेरा लंड उसके गले तक फंसाने के लिए मैं उसके बालों को पकड़ कर पूरा जोर लगा देता था. मैं भी इनडायरेक्टली उसके तरफ ही इशारा किया करती, जिससे वह कुछ करने के लिये पहल करे. थोड़ी देर में लंड बराबर सेट हो गया और मैं भी नीचे से उसे जोर-जोर से चोदने लगा.

खूब चाटा, चाट चाट के बौरा गया और लौड़ा तो किसी मस्त हिरण की भांति कुलांचें भर भर के बार बार पेट में टक्कर मारने लगा. मैंने गुलाबो के दर्द की परवाह किये बगैर दूसरा झटका दिया और अपना दो इंच लंड चूत में घुसेड़ दिया. वो बीच-बीच में मुझे घुमा कर कभी मेरे चूतड़ चाटती, कभी लंड चूसती और कभी टट्टे.

फिर मैंने भाभी की मस्त चूचियां मसल दीं जिससे भाभी की सीत्कार भरी एक आह निकल गयी. फिर कुछ टाइम बाद हम सोशल मीडिया पर बात करने लगे और हमने अपने नंबर एक्सचेंज कर लिए.

फिर सुषी के लिए एक रिश्ता आया और उसके घर वालों को रिश्ता पसंद आया और उन्होंने एक लड़के के साथ सुषी का रिश्ता पक्का कर दिया।शादी को सिर्फ 45 दिन ही रह गए थे। एक दिन संडे को मेरी ऑफिस की छुट्टी थी तो मैंने और रवि ने घूमने का प्लान बनाया। मैं सुबह दस बजे उसके घर गया तो मैंने देखा कि आंटी और सुषी कुछ बात कर रहे थे. वो भी गुर्राते और हाँफते हुए तेजी से चूत की झांटों पे झटके मारता हुआ एक के बाद एक पिचकारी मारने लगा, उसके लिंग से 4 बार तेज़ वीर्य की पिचकारी मैंने मेरी बच्चेदानी में महसूस की जो कि आग की तरह गर्म थी. मुठ मारते हुए मुझे अपनी बहन की नमकीन जवानी और उसके भरे हुए दूध ही नजर आ रहे थे.

वह सही वक्त पर पार्क में आ गई और उसके पार्क में आते ही मौसम ने भी हमारा बहुत साथ दिया.

फिर आया वो पल … मैंने वसुन्धरा के दोनों होंठों को अपने होंठों में लिया और लगा वसुन्धरा के दोनों होंठ चूसने. ”नीतू … तुम्हारे जैसी सुंदर लड़की इस अवस्था में हो, तो ऋषिमुनि भी सब्र खो दें. हाँ, उसकी चूत मार कर मन को कुछ शांति तो मिल गई थी लेकिन उसके प्रति जो मेरे मन में भावनाएँ जगी थीं उनके कारण मैं उसको अपनी आंखों के सामने नंगी देखना चाहता था.

कुछ देर की कशमकश के बाद मुझसे रहा नहीं गया और मैं उसके पास जाकर बैठ गया. कुछ देर बाद सर ने मम्मी की दोनों टांगों के बीच मे अपने मुँह को लगा दिया.

अभी तक मैंने कई चूत के दर्शन भी किये और अपने लंड को चूत में भ्रमण भी कराया था, पर मुझे आज तक ऐसी चूत कभी नहीं मिली थी. जब इसको चुदने की इतनी प्यास लगी है तो बिना कंडोम के करवाने में क्या दिक्कत है. आप तो जानती हो कि मेरा काम ही है अपने पार्टनर को अच्छे से खुश करना.

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अपना सर मुझसे दूर ले गई और उसने अपनी चुत को मेरे लंड के सामने कर दिया.

मैंने धीरे से उसकी गांड को अपनी हथेलियों में लेकर हाथों में भरने की कोशिश की और धीरे से उसके नर्म चूतड़ों को दबाने लगा. मैंने फोन पर इन्दु से कहा- अच्छा मैडम, थोड़ा काम है, कोई बुला रहा है, जाना पड़ेगा, लव यू. उम्म्ह… अहह… हय… याह… ओ माय गॉड … उफ्फ … अम्म … आह्हा … स्स्श… मैं तो जैसे आनंद में बहने सी लगी.

पहले तो थोड़ी देर मैंने उनके चूतड़ों को हाथ से मसला, फिर अपने मुँह से उनके चूतड़ों को चूमने लगा. रंगे सियार तो मुझे सख्त नापसंद हैं, रंगे सियार से मतलब जो लोग अपने बाल, और दाढ़ी मूंछ को काली डाई से रंग करके जवान दिखने का बेहूदा प्रयास करते हैं न वो; अब सफेदी तो झलक ही जाती है चाहे आप कितना भी जतन कर लो. अनीता की चूत में लंडमीना मचल पड़ी और बोली- अजय देखेगा तो क्या बोलेगा? ऐसा मत करो!मैं मीना की बात को अनसुनी करते हुए उसके चेहरे पर किस पर किस करने लगा!मीना फिर बोली- राज प्लीज़ मुझे बहकाओ मत, छोड़ो मुझे!लेकिन मुझे आभास हो चुका था कि उसकी ‘ना’ बस जज्बाती है, अंदर से तो वो भी तैयार हो गयी है.

मैंने कहा- आपको मेरी गर्लफ्रेंड की बड़ी जानकारी है भाभी … वैसे मैं बता दूँ कि अभी तक कोई लड़की मेरी गर्लफ्रेंड बनी ही नहीं है. आरती मेरे साथ किसी एकन्त कोने में आ गई तो मैंने उसे वो मॅगज़ीन दिखाई और कहा- यह मैंने कल अपने भाई के कमरे से चुराई है.

मैंने उसकी कमर को पकड़ लिया और उस पर अपना दबाव बनाकर तुरंत एक दूसरा झटका दे मारा. निशा ने शिल्पा की तरफ मुँह कर रखा था और अपनी गांड को हल्के से पीछे कर रही थी. उसकी बुर लाल हो चुकी थी।मेरा फिर से मन डोलने लगा और मैंने उसकी बुर को चाटना शुरू कर दिया।फिर से उसकी बुर में उंगली से चोदा।मेरी इन हरकतों से वो फिर जाग गयी.

उसने मेरे लंड को हाथ में लेकर सहलाया तो मेरा लंड कड़क होकर तन गया और उसने धीरे से मेरे लंड पर अपने होंठों को रख दिया. मैं उसके ऊपर 69 की स्थिति में लेट गया और उसकी चुत को चूसना शुरू कर दिया. लेकिन ये बात सिर्फ हमारे दोनों के बीच ही रहेगी और एक बात है, जो तुम्हें करने पड़ेगी.

मैं- थ्री-सम मतलब दो मर्द एक औरत या दो औरत एक मर्द?कल्पना- दो औरत और एक मर्द … मेरी हमेशा से ख्वाहिश रही है कि मैं भी देखूँ कि जब कोई मर्द किसी की चूत चाटे या कोई और भी देखे, जब कोई मेरी चूत चाटे.

फिर उसने मुझसे पूछा- क्या आप हॉस्पिटल में एडमिट हैं?मैंने कहा- नहीं. हम दोनों इतने बेसब्र हो गए थे कि बिना देर किए, फिर से एक दूसरे को चूमने चाटने लगे.

मैंने धीरे से अपनी पैंट की चेन के ऊपर से अपने खड़े लंड को सहला दिया. मैंने उसके बूब्स को दबाये और उसके निपल्स को अपनी जीभ से हिलाने लगा. उसे अपनी गोद में बिठा कर उसके चूचों को दबाने से मैं भी बहुत ज्यादा गर्म हो गया था.

करन समझ गया कि मैं झड़ने के करीब पहुँच चुकी हूँ। उसने अपनी बची हुयी पूरी ताकत से धक्के मारने शुरू कर दिया और कुछ ही पल बाद फच्च्ह की आवाज के साथ आआहह हह हहहह… के साथ झड़ गयी और उसे अपने से दूर धकेल दिया और वहीं नीचे बैठ गयी और तेज़ तेज़ सांस लेने लगी।उसने बोला- बस मुझे और झड़ जाने दो प्लीज!मैंने हम्म कहा और खड़ी हो गयी. जैसा कि मैंने पहले ही बता दिया था कि मैं ऊपर सोता था और दीदी के रूम के पीछे से सीढ़ी चढ़ी हुई थी. उधर मेरी साड़ी भी प्रेस हो रही थी और इधर मेरे चुत की चुदाई भी हो रही थी.

बीएफ फोटोस अपनी हवस को अलग करके मैं प्यार से मिनी के पूरे चेहरे को किस करने लगा. कभी टोपे का साइज नापने लगे तो कभी तोप के नीचे के दो बड़े गोलों को छूकर वापस तोप के ऊपर फिसल जाते.

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मैंने धीरे-धीरे अपने चूतड़ों से अपने लंड पर दबाव दिया, चूत पानी छोड़ चुकी थी और जैल लगाने से चिकनी हो गई थी, अतः लंड का सुपारा जल्दी ही अंदर चला गया. इस तरह की कहानी मैं आपके लिए समय-समय पर लेकर आता रहूँगा और आपका मनोरंजन करता रहूँगा. मैंने फिर हल्के से अपने लिंग को वसुन्धरा की योनि में वापिस आगे उसकी पुरानी जग़ह तक पहुँचाया.

उनकी बुर से निकला पानी भी मुझे अमृत लगा और मैंने एक एक बूंद को चाट कर पी लिया. अब तक मैं भी सब समझ चुका था और मैंने उनकी तरफ देखा तो मायरा ने आंख दबा दी. बीपी पिक्चर साड़ी वालीमैं देख रहा था कि सर भी बीस मिनट देर से आने लगे थे ताकि वो मम्मी के घर आ जाने के बाद घर आ सकें और मम्मी से बातें कर सकें.

विशाल ने मुझे ऑफिस में बुलाया और बताया कि वह पंद्रह दिन के बाद आयेंगे.

फिर जल्दी ही मैंने दो उंगलियां डाल दीं और वो और जोर से ओओ ह्ह्ह करने लगी. बाकी के दिन तुम्हारी मर्ज़ी पर लेकिन आज तो अपनी फीस लेकर ही रहूँगा.

भाभी ने मुस्कुरा कर पूछा- क्या हुआ?मुझे उस समय पता नहीं क्या सूझा, मैंने वहीं बाहर ही सीधा भाभी के दोनों गाल पकड़े और उनके होंठों को बेतहाशा चूसने लगा. उसकी चूत की झिल्ली फट गई थी और खून उसकी जांघों से बहता हुआ नीचे आने लगा. एक दिन की बात है जब वो मेरे घर आयी मगर मेरे मम्मी-पापा कहीं बाहर गये हुए थे.

अब बारी थी मेरे विपिन जी की मुझे मनाने की और अपने दमदार लंड से खुश करने की.

फिर 5 मिनट बाद मैंने भी उसकी चूत के अन्दर ही मेरा सारा माल भर दिया और मैं उसके ऊपर लेट गया. अब मेरा लंड भी मीना की चूत के ऊपर था और कड़क हो चुका था!मैंने अपना अंडरवीयर उतार दिया और अब मैं और मीना एक दूसरे के जिस्म से चिपके हुए सम्भोग से पहले की कामक्रिया का आनंद ले रहे थे. दिलिया को भी मजा आने लगा, उसने अपने टाँगें उठा कर मेरी पीठ पर लपेट ली.

सेकसी विडियमुझे इन बातों में मजा आ रहा था लेकिन मैं नखरे दिखाती हुई बोली- जीजू कुछ तो शर्म करो, बहुत हो गया … प्लीज छोड़ो मुझे!जीजू- शिवांगी, तुम बहुत सेक्सी हो, तुम्हारी चूची कितनी प्यारी है. खैर, हम दोनों में यह सब बातें हुईं और कुछ देर बाद नफीसा भाभी वहाँ से चली गईं.

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चाची- चल, दूसरा राउंड करते हैं!कपिल- ठीक है, लेकिन पहले इसे मुंह में ले कर खड़ा तो करो?चाची ने कपिल का लंड मुंह में लिया और लपालप लॉलीपोप की तरह कपिल के लंड को चूसने लगी. उनकी उम्र का अंदाजा लगा पाना तो मेरे लिए मुश्किल ही था पर वैसे देखने में मुझे अच्छे लगे; उनके बालों में सफेदी आ चुकी थी, चेहरे पर हल्की हल्की दाढ़ी मूंछें थीं जो उन पर भली लग रहीं थीं. दो तीन बार उसने ऐसा किया और फिर मुझसे बोली- अब तुम मुझे अपना माल का टेस्ट दो.

भाभी आंटियां अपनी अपनी चूत में उंगली करते रहें और अगर आपके पास लौड़ा है, तो अपनीचूत की खुदाईउससे कराती रहें. उन तीनों के अंदर आने के बाद मैंने उनसे कहा कि मैं कपड़े बदल कर वापस आती हूँ. अब मैंने अपने मस्तिष्क में टाइम ट्रैवल मशीन बनाने की ठान ली ताकि पास्ट में जाकर मैं अपनी मम्मा सौम्या को चोद सकूं और सौम्या की जिंदगी में खुशियां भर सकूं.

मैं उनकी पीठ पर लगभग लटक ही गयी थी उनके धक्के मुझे बाथरूम के फर्श से हर बार उठाते और फिर धम्म से नीचे पटक देते. मेरी बीवी पहले गांड चोदने नहीं देती थी, वही अब मुझसे हफ्ते में दो बार अपनी गांड चुदवा लेती है. जीजू ने मेरा दर्द कम करने के लिए मेरे बूब्स चूसने शुरू कर दिए जिससे मेरा दर्द कम होने लगा.

कह कर मैं एक पल रुक गया उसकी मनोदशा समझने के लिए, सलोनी के काले गाल पर भी शर्म की लाली नज़र आई, आंखों में एक अपनापन दिखा, लोहा गरम था, मैंने उसको अपनी तरफ खींचा तो वो कटी पतंग की तरह मेरी तरफ खिंची चली आई, मेरे पहलू में बैठ गई. बस एक दूसरे से जोर से लिपट गए और एक दूसरे की धड़कनों को महसूस करने लगे.

बारह-चौदह बार मेरे लिंग वसुन्धरा की योनि के अंदर योनि के हाईमन को बस छू कर वापिस लौट आया.

इतना बोल के रानी सरक के मेरे लंड के पास मुंह ले आयी और अपनी चूत मेरे तरफ कर ली. www xx वीडियोथोड़ी देर ऐसे ही चूसने के बाद हम दोनों एक दूसरे के मुँह में झड़ गए. सेक्स कॉल रिकॉर्डिंगलेडी डॉक्टर हॉट कहानी में पढ़ें कि मैं जांघ में खुजली के इलाज के लिए गया तो लेडी डॉक्टर मिली. हालांकि वसुंधरा की पीठ थी मेरी ओर लेकिन उसे इस बात का बाखूबी अंदाज़ा था कि मेरे ज़ेहन पर क्या गुज़र रही थी.

हैदराबाद पहुंचने पर हमारा जोरदार स्वागत हुआ और सबने नयी नवेली दुल्हनों को ढेरों तोहफे दिए.

सन्जू की चूची का कुछ भाग ही उसके मुंह में आया क्योंकि वो बड़ी-बड़ी थी।अब रोहित चूची को जैसे पीने ही लगा और मैं सन्जू को लगातार किस करते जा रहा था, कभी उसके होंठ, कभी जीभ, कभी गर्दन, कभी कान पर और सन्जू पूरी आहें भर रही थी।रोहित लगभग 5 मिनट तक सन्जू की दोनों चूची को जीजान से चूसता रहा. मैं अपने दोनों हाथ बीवी के चूतड़ों पर रखकर उसकी चुत को आराम से चोदने लगा. उसने चूची को ब्रा के ऊपर से मेरी ओर कर दी, तो मैं उसकी कड़क चूचियों को मसलने लगा.

मैं ज्यादा खुलकर बात नहीं करना चाहता था लेकिन फिर भी सोचा कि जब अब बात चल ही गई है तो क्यों न पूरी बात का ही पता लगा लिया जाए. चाची के घर में केवल तीन ही कमरे थे, जिसमें एक में छोटे चाचा चाची और उनका बेटा यानि मेरा छोटा भाई सोता था और दूसरे में ये दो बहनें सोती थीं. सर ने लंड पर मम्मी के हाथ का टच महसूस किया तो वे भी मम्मी के दूध दबाते हुए बोले- अच्छा वो बात.

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मैंने उन्हें बताया कि अब तक मैं चार लंड अपनी गांड में लिए हैं और आज आप पांचवें मर्द होंगे, जो मेरी गांड मारेंगे. वे दोनों एक दूसरे को किस करने लगीं और मैं उन दोनों के इस गर्म सीन को देख कर सोनल की जांघ को सहलाने लगा, जिससे सोनल को भी मजा आ रहा था. तो वह बोली- क्यों?मैं बोला- मैं आपको एक बार जी भर कर देखना चाहता हूं.

जिस कम्पार्टमेंट में हम दोनों थे, उसमें एक बूढ़े लोगों का बड़ा समूह यात्रा कर रहा था.

मम्मी ने कहा- आआह … अगर तुम मुझे पति की तरह सुख दे सकते हो तो … मुझे सुख दे दो … मुझे चोद दो.

मैं पहले तो बोलने वाला था कि दोनों स्टोर की तरफ गये हैं फिर कुछ सोच कर बोला- नहीं, मुझे तो नहीं पता!रमा- पता नहीं कहां गये दोनों, कल भी तो ऐसे ही गायब हो गये थे. वो बोलीं- क्या हुआ … फौजी नाराज हो गया क्या … मैसेज का जवाब भी नहीं देता. रक्षाबंधन की पिक्चरवो खुद अपने बूब्स मसल रही थीं और अपनी उंगली चूत में डाल के मज़े ले रही थीं.

उधर नीचे रोहित उसकी चूत को बेतहाशा पागलों की तरह चूम और चूस रहा था।मैं अपना लंड चुसवाते हुए सन्जू की चूत की तरफ झुक गया जिसे रोहित चूसे जा रहा था. मेरा पति तो खैर यही समझता है कि हम दोनों सगे भाई बहन की तरह से हैं और जब वो आता है तो उस को उसी तरह से मिलता है जैसे कोई अपने साले से मिलता है. उनकी आंखों से दर्द साफ झलक रहा था परंतु साथ ही संतुष्टि की भाव भी टपक रहा था.

दोस्तो नमस्कार, मैं राज शर्मा, एक बार फिर गरमागरम सेक्स कहानी को लेकर हाजिर हूं. जब मैंने तीसरे पार्टनर के बारे में पूछा तो बोलीं कि वो कोशिश करेगी कि उनकी सास ही मान जाए.

वह ज्यादातर लव रोमांस की बातें ही कर रहा था कि कॉलेज में इसका उसका चक्कर चल रहा है, फलाना किस लड़की के साथ क्या बात करता है.

आज मैं तुमको बोल रही हूं, शायद तुम्हें गलत लगे … परन्तु सच ये कि मुझमें भी कामवासना है. जल्दी ही मेरी झिझक गायब हो गई और लण्ड चूसना मुझे अच्छा लगने लगा और मैं इसे हिला हिला कर चाटने और मुंह से म्मम्म. मेरी कहानी को इतना प्यार और पसंद करने के लिए आप सभी पाठकों का धन्यवाद.

आर्केस्ट्रा ओपन डांस मैं बोला- जब मैं बुर चाट रहा था तो तुम्हें कैसा लग रहा था?वो बोली- आज से पहले इतना मज़ा कभी नहीं आया, न ही कभी इतना पानी निकला. उसके लंड को सहलाते हुआ बाहर निकाला, तो देखा कि रितेश का लंड पहले से एकदम कड़क स्थिति में था.

मैंने उसके बूब्स को दबाये और उसके निपल्स को अपनी जीभ से हिलाने लगा. मैंने भी हां कहकर उनको गोद में उठाकर उनसे पूछते हुए उनके रूम में ले गया और वहां जाकर मैंने उनको बिस्तर पर गिराते हुए झट से उनके ऊपर चढ़ गया. वैसे फ़लक काफी ज्यादा अमीर थी, उसने मुझे अपने बारे में बताया था, पर वो अपने पति से खुश नहीं थी.

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शारदा चाची – मैं गई … गई … गईई राजा … ओह बुर चोदू … देख मेरी बुर … पी मेरे पानी को, हाय पी जा इसे! ओह पी जा मेरी बुर से निकले रस को … सीईईई … भाई मेरे. आदाब दोस्तो! मैं आमिर एक बार फिर से आपके लिए अपनी गर्म कहानी लेकर आया हूं. उसके झुकते ही मुझे मेरे चूतड़ों के बीच कुछ गर्म कठोर चीज महसूस हुआ कि ये उसके सुपारे का स्पर्श था.

उसने अपनी आंखें बंद कर लीं तो मैं मसलना छोड़कर उसके ऊपर झुक गया और मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए. सात से आठ मिनट के जबरदस्त धक्कों के बाद मैं भाभी की चूत में ही झड़ गया और मेरे लंड ने सारा वीर्य भाभी की चूत में उगल दिया.

कभी कभी तो आते ही नहीं थे, वहीं अपने दोस्तों के कमरे पर ही सो जाते थे.

ऊपर जाने के लिए सीढ़ियों पर गेट लगा था, जिसको अमीषी ने अन्दर से कुंडी लगाई थी. ?” अंकल को तो सब पता था, फिर भी अनजान बनने का नाटक कर रहे थे, शायद उनको मेरे ही मुँह से सब बुलवाने में मजा आ रहा था. मैंने सारा को अपनी बाहों में ले लिया और उनकी चूत से बिना लंड को निकाले ऐसे ही लेटा रहा और तीनों चिपट कर सो गये.

फिर उसकी जीभ को चूसने लगता था तो जैसे चूत लण्ड को अंदर खींच कर चूसने लगती थी. कोई 2-3 मिनट बाद मैंने तीसरे झटके में अपना लंड पूरा अन्दर डाल दिया था. तभी रितेश ने मीरा की पैन्टी को थोड़ा नीचे किया और मीरा के चूतड़ों पर भी क्रीम से मालिश करने लगा.

उसने भी अपने दोनों हाथ मेरी पीठ पर ले जाकर मुझे कसकर अपने से गले लगा लिया और हम दोनों एक दूसरे को चूमने लगे.

बीएफ फोटोस: अब तो मेरे पसीने छूटने लगे थे, तभी जोश से भरा सुखबीर उठ बैठा और मुझे चूतड़ से पकड़ लिया. ऊषा के मुंह से मुझे मेरे ही पति की चुदाई की तारीफ सुन कर बड़ा मजा आ रहा था.

कम उम्र की लड़कियों की यही अच्छाई होती है कि वे कोई भी बात बड़े आराम से मान जाती हैं. मेरी योनि इतनी चिकनाई से भर गई थी कि जैसे ही लिंग का सुपारा मेरी योनि की छेद पर पड़ा, मेरे हल्के से कमर दबाते ही उसका पूरा लिंग सरसराता हुआ मेरे भीतर घुस गया. एक क्षण लगा वसुन्धरा को समझने के लिए और उसी क्षण ही वसुन्धरा ने अपने दोनों हाथों से मेरे कंधे पकड़ कर मुझे अपने ऊपर से उठाने की कोशिश की.

उसने कहा- क्या आप मुझसे मिल सकते हैं? आपसे कुछ काम है।ये बात सुन कर मैं घबरा गया.

उन्होंने कहा- देवर जी, अभी इतना मज़ा आया है, तो आगे चुदाई में कितना मजा आएगा. जब सिकाई करने के लिए मैंने उनकी दोनों टांगों को अलग किया तो उनकी बुर की हालत देख कर मुझे दया सी आ गयी … और खुद पर थोड़ा गर्व भी महसूस हुआ. जीजू- शिवांगी, तुम घबराओ मत, आराम से डालूंगा तुम्हारी चूत में … तुम को जरा भी परेशानी नहीं होने दूंगा.