ब्लू पिक्चर बीएफ भेजो

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बुजुर्ग व्यक्ति ने थोड़ी देर तक दोनों को साथ रहने दिया, पर बकरा चोदने को राजी नहीं हो रहा था. सोना पहनने के नुकसानफिर गाड़ी खड़ी करके मेरे पास आई और थोड़े से गुस्से में बोली- आदित्य जी, आपका फोन कल पूरे दिन बंद रहा.

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पहले से ही ट्रेन में बहुत ज्यादा लोग थे और गाजीपुर स्टेशन पर ट्रेन में और ज्यादा लोग भर गये.चौकीदार ने उसके मुंह से लंड को निकाल कर उसके बाद उसने राजश्री की टांगों को उठाकर अपने कंधे पर रख लिया.

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चूंकि ब्लू फिल्म साथ में देख रहे थे, तो मानसिकता तो सेक्स करने की बन ही गई थी.

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शाम 6 बजे मेरी आँख खुली तो पापाजी सो रहे थे और उनका लंड खड़ा हुआ था.

मेरी पिछली कहानीसुहागरात में फटी बीवी की फटी चूत का इलाजको आपने इतना प्यार दिया उसके लिए आप लोगों को बहुत बहुत धन्यवाद.

मैंने धीरे धीरे उसके बालों के बंधे जूड़े को खोला और उसे गर्दन पर चूमते हुए उसके बालों की महक को अपनी सांसों में भरने लगा. इत्तेफाक से तन्वी मैम का क्वार्टर बॉयज होस्टल के पास ही उन्हें मिला था. मैंने शोभा के गालों को अपने लण्ड से मारा और फिर वापस उसके मुख में डाल दिया वो पूरी तरह से पोर्नस्टार लग रही थी।थोड़ी देर लण्ड चुसवाने के बाद मैंने शोभा को सोफे पर ही लिटा दिया और उनकी लोवर उतार फेंकी.

उसने मेरी बीवी को चोदा कैसे?मेरी चालू बीवी की मदमस्त सेक्स कहानी के पिछले भागहनीमून में चालू बीवी के कारनामे-2में आपने पढ़ा था कि मैनेजर ब्रून हम दोनों को ब्रेकफास्ट के लिए बुलाने आया था. जैसे जैसे पापा की रफ्तार बढ़ रही थी, वैसे वैसे बारिश और तेज होती जा रही थी. मेरे अन्दर अलग ही किस्म की खुशी थी और मेरा लंड तो बैठ ही नहीं रहा था.

अगर मुझे तेरी सहेली की चूत नहीं मिली तो तू अच्छी तरह जानती है कि मैं क्या कर सकता हूं.

जब मैंने सिगरेट जलाने के लिए लाइटर निकालना चाहा तो जेब में लाइटर भी नहीं था. सोसाइटी मैं बदनामी के डर से मैं किसी को बोल नहीं सकती और आप मुझे गम्भीर और सेन्सिबल लगे, तो मैंने पहली मुलाकात में ही मन बना लिया था कि आपके साथ सेक्स करूंगी. मैं शुरू से ही सेक्स को बहुत पसंद करती हूँ और लंड देखते ही मुझे सेक्स चढ़ने लगता है.

उस समय मेरा लंड पूरा खड़ा था और मैं सीधा लेटा हुआ था।बुआ- मनीष … उठ बेटा, बहुत देर हो गई है. तो पापाजी की मुँह बोली बहन पापाजी से कहने लगी- भाई आपको तो शादी कर लेनी चाहिए थी तभी जब भाभी ने आपको छोड़ दिया था. वो बोली- लो मैं आ गयी … आगे क्या सोचा है?मैंने बोला- वो कब आ रहा है?उसने बोला- कल ही आ जाएगा.

राजश्री अभी चुदाई के लिए तैयार नहीं थी लेकिन फिर भी वो वॉचमैन का साथ देने की कोशिश कर रही थी.

साड़ी पेटीकोट हटाने के बाद मैंने उनके मम्मे चूसने के लिए उनकी ब्रा भी उतार दी थी. मैंने चाची के ब्लाउज को खोल लिया और उनके चूचे चूसने लगा। चाची आहें भर रही थी- उम्म्ह… अहह… हय… याह… चूसो… और जोर से… पूरा निचोड़ो मेरी चूचियों को.

ब्लू पिक्चर बीएफ भेजो बाबा के रूकने के बाद भी मैंने अपनी योनि को उनके लिंग पर रगड़ना जारी रखा. मैं अभी भी उसको किस कर रहा था, पर अब मेरा लंड ढीला हो चुका था और वो मेरे लंड से खेल रही थी.

ब्लू पिक्चर बीएफ भेजो उन्होंने मेरे ब्लाउज को खोल दिया और मेरी ब्रा में कैद मेरे उरोज अब बाबा की नजरों के सामने थे. तो मैंने क्या किया? मैं उससे कैसे चुदी?हाय फ्रेंड्स, मेरा नाम सविता है.

लेकिन जब मैं घर पहुँचा तो देखा कि शोभा तो घर पर है, वो भी अकेली!और वो बाकी दिनों से अलग लग रही थी.

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तो उसने कहा- भैया, मैं हमेशा आपकी रहूंगी, जब चाहे आप मुझसे प्यार कर सकते हैं।पीहू से मैंने कहा- पीहू, दरवाजा खोलो!तो उसने कहा- क्यों भैया?मैंने कहा- पहले खोलो, फिर बताऊंगा. हालांकि ये अलग बात थी कि मुझे कैसी भी चूत मिल जाये मेरी तरफ से हमेशा स्वागत ही रहता था. जैसे ही मैंने उमेश का नंगा जिस्म देखा, तो मैं तो बस पागल सी हो गयी.

मैंने अपने हाथों से उसके पैरों को ऊपर की तरफ खींचा, उसके हाथों को अपनी पीठ पर रखवा दिए. मैं चाहता था कि आज रात में वो फिर से वैसा करे, जो उसने दोपहर में किया था. इतना कहकर मैंने धीरे धीरे दबाया तो आधा लण्ड अन्दर चला गया लेकिन उसके बाद नहीं जा रहा था.

मोनिया अब भी रो रही थी और बाहर निकालने को कह रही थी तो मैंने कुछ पल रुकने के बाद आगे पीछे धक्का देना चालू कर दिया.

उसने मेरा लंड चूसना चालू कर दिया और जोर जोर से मेरे लंड का रसपान करने लगी. अब मैंने उसकी पेंटी में हाथ डाला और उसकी बुर की फांकों में उंगलियों घुसेड़ कर उसकी दरार में ऊपर नीचे करने लगा. काफी देर तक उसके दूध से सफेद उरोजों को पीने के बाद मैंने परीशा का पेटीकोट भी उतार दिया.

एकदम से पता नहीं मेरे दिल में क्या हुआ लेकिन मेरा दिल कर रहा था कि मैं अपनी चाची को देखता ही रहूं।चाची ने पीले रंग की साड़ी पहन रखी थी जिसमें वह काफी अच्छी लग रही थी. भाभी की गांड मारने के साथ ही मैं उसके मम्मों को भी दबाता जा रहा था. मेरी दर्द से भरी एक तेज चीख निकल गयी, लेकिन यश नहीं रुका और वो अपनी ही मस्ती में मेरी चूत में लंड घुसाता रहा.

अगले दिन शाम तक भाई अस्पताल में भर्ती हो गए और भाभी उनके पास वहीं रुक गईं. हमने शाम को मम्मी के बर्थ-डे पर पार्टी रखी थी, तो शाम को सब मेहमान आने लगे.

मां किसी रण्डी की तरह अभिनव का लंड चूस रही थी और उसने अभिनव का लंड चूस चूस करके दुबारा से खड़ा कर दिया था. वो मुझसे बोली- बस अब … चोद दो मुझे प्रेम … मुझसे अब रहा नहीं जा रहा. आंटी के पास एक ही बेटा था जबकि उनके पति यानि कि अंकल की मृत्यु हो चुकी थी.

लेकिन यह थोड़ी ही देर की तसल्ली थी क्योंकि जवानी की आग इतनी जल्दी ठंडी नहीं होती है.

मगर साथ में अब एक दूसरी चिंता सताने लगी थी कि अगर सब कुछ ठीक रहा और मैं स्पर्म डोनर बन गया तो इतनी बड़ी बात को घर वालों से कैसे छिपाया जायेगा. अगर वो वहां सलेक्ट हो जाएगा तो वो मुम्बई चला जायेगा। तुम अच्छी तरह से तैयारी करके यहाँ एड्मिशन ले लो. जैसे ही उसकी चूत पर मेरे गर्म होंठ लगे तो वो सिसकारते हुए मेरे लंड को पैंट के ऊपर से ही चूमने लगी.

इतना सुनकर मैंने भाभी की चूत पर लंड को रख दिया और उसकी चूत में लंड को एकदम से धकेल दिया तो भाभी के मुंह से चीख निकल गयी ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’भाभी की चूत काफी टाइट थी इसलिए लंड एकदम से उसकी चूत में फंस सा गया था. पूरे ऑफिस रूम में मेरी आह आह आहह की आवाज और लौड़े और चूत की छप छप हो रही थी.

पापा जी ने सोचा नहीं होगा कि उन्हें सुबह सुबह इतना गर्म नजारा देखने को मिलेगा. आएशा- क्या लोगे आप … टी, कॉफ़ी, कोल्डड्रिंक या हॉट ड्रिंक्स?मैं- इन चारों ड्रिंक्स में से मैं कोई भी ड्रिंक्स नहीं लेता. राजश्री भी उसके लंड को मुंह में लेते हुए, गूं … गूं … की आवाज करते हुए भी लंड को पूरा अंदर समा लेने की कोशिश करने लगी.

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एकदम से पता नहीं मेरे दिल में क्या हुआ लेकिन मेरा दिल कर रहा था कि मैं अपनी चाची को देखता ही रहूं।चाची ने पीले रंग की साड़ी पहन रखी थी जिसमें वह काफी अच्छी लग रही थी.

मैं एक मिनट के लिए दूसरी तरफ देखने लगा, पर जब अचानक से मैंने पलट कर देखा तो पाया कि मैनेजर और उसका स्टाफ मेरी पत्नी रानी की देख रहे थे. कुछ देर तक उसकी चूत को चूसने के बाद मैंने उसके चूतड़ों के नीचे तकिया लगा दिया. मैं फिर अब जोश के साथ लण्ड को चूत में आगे पीछे करने लगा। सुमन भी उतने ही जोश में आहें भर रही थी ‘आह … ओह … आहा …’ओह-या … ओ-याह … करते हुये नीचे से गांड उछाल उछाल कर पूरे मजे से लण्ड को अपनी चूत में जाने दे रही थी.

बीस मिनट तक मैंने चाची की चूत को चोदा और फिर उनकी चूत में ही झड़ गया. कॉलेज के हसीन दिन शुरू हो गए, बहुत सारे नए दोस्त भी बन गए थे, पर सीमा से मेरी दोस्ती कभी कम नहीं हुई. मराठी सेक्सी फिल्मेंमुझे लगा कि शायद ये मुझसे कुछ कहने न लगे, तो मैंने अपनी नज़र हटाते हुए एक और सिगरेट जला ली.

फिर मैंने देखा कि नर्स आई और मुझे अपने साथ एक दूसरे रूम में ले गयी. जैसे ही आंटी को मैंने बताया कि कोमल को गर्भ ठहर गया है तो आंटी ने मेरे माथे को चूम लिया.

उसने मेरा लंड चूसना चालू कर दिया और जोर जोर से मेरे लंड का रसपान करने लगी. मैनेजर रानी के जिस्म का पूरा मज़ा ले रहा था और रानी को भी उसकी पकड़ से मज़ा आ रहा था. मैंने कहा- पापाजी, मगर लाइफ अकेले जीना भी तो मुश्किल है?पापाजी बोले- बहू, अब तो थोड़ी ही लाइफ बची है, बस वो तुम्हारे और बेटे के साथ निकाल दूंगा.

अब मैंने उसको कुतिया बनने के लिए कहा … क्योंकि लौंडिया को कुतिया बना कर चोदने में अलग ही आनन्द आता है. ’ सी घुटी हुई ऐसी आवाज आ रही थी, जैसे किसी ने उनका मुँह दबा रखा हो. चेहरे पर ये सोचकर मुस्कान आ जाती है कि मेरे अंश से जन्मे उन बच्चों में से किसी के बाल मेरी तरह के होंगे.

वो कभी मेरे लंड के सुपारे को जीभ से चाट रही थी तो कभी मेरे लंड को पूरा मुंह में ले लेती थी.

उनमें से एक का नाम नीलोफर था, उसकी उम्र 29 साल थी तथा दूसरी का नाम सुल्ताना था. जैसा मैंने आपको पिछली स्टोरी में भी बताया था कि मैंने माँ के फ़ोन में एप्लीकेशन इनस्टॉल कर दिए है जिससे मई उनके कॉल एंड मेसेज पढ़ सकता था।तो सीधा कहानी पर आते हैं उस वक्त की है जब हमारी बिल्डिंग में एक नया युगल रहने के लिए आया और उन्होंने गृह प्रवेश के साथ में जागरण भी रखा.

मामी के चूचे एकदम पाकिस्तान की नाचने वाली आफरीन खान के जैसे! आप कभी यूट्यूब पर देखना उसे. मतलब कि दरवाजे का एक पल्ला ढाल दिया गया था और दूसरा पल्ला खुला हुआ था. मजा लें सेक्स स्टोरी का!दोस्तो, मेरा नाम फरहान अंसारी है मैं लखनऊ का रहने वाला हूँ.

मगर मेरे साथ एक दिक्कत ये थी कि मेरे लंड में गुदगुदी होकर माल निकलने को हो जाता था और फिर से रह जाता था. हो सकता था कि उसको बारिश के शोर में मेरी इस हरकत के बारे में पता न लगा हो. ”मैं भी आ रहा हूँ बेटी … आज तेरे जैसी कमसिन जवानी चखने को मिली है … मैंने सपने में भी यह नहीं सोचा था.

ब्लू पिक्चर बीएफ भेजो वो शायद सहम गयी थी और डर के मारे चीखने ही वाली थी कि मैंने भाभी के मुंह पर हाथ रख दिया. चूत में लंड जाते ही उसके चेहरे के आनंद को देखकर मुझे समझते देर न लगी कि बहुत दिन से यह चुदासी है.

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कुछ ही देर में उसने मेरे पूरे चेहरे पर लगी अपनी चुत की मलाई को चाट कर साफ़ कर दिया था. इस बार कहानी का पात्र मैं नहीं हूं लेकिन फिर भी एक पेशेंट की मदद से मैंने इस कहानी को आप सबके सामने रखा है. हम दोनों के जवान जिस्मों में वासना की आग लग चुकी थी, हमसे रहा ही नहीं जा रहा था.

राजश्री के मुंह से अब सिसकारी निकल गयी और दोनों ही कामुक आवाजें करते हुए चुदाई का मजा लेने लगे. रात को 9 बजे की करीब मुझे एक अनजान नंबर से कॉल आयी और बड़ी मीठी सी आवाज में पूछा कि सचिन बोल रहे हो?मैंने हां कहा, तो उसने कहा- मैं पिंकी बोल रही हूँ. सेक्स फिल्म व्हिडिओयह किस्सा उस वक्त का है जब मैं कंप्यूटर की पढ़ाई पूरी होने के बाद ट्यूशन क्लासिस में नौकरी पर सैट हो गया था.

मॉम बोलीं- पूरे कपड़े निकालने की क्या जरूरत थी?मैं बोला- मुझे अच्छा लगता है.

ये बात आप भी समझ सकते हैं कि इन सब चीजों का काम की जगह पर बहुत असर पड़ता है. मैंने उसको घोड़ी बनाया और जब मैं चुत को थोड़ा चाटने गया, तो देखा कुछ सफेद सा रस उसके चूत से निकल रहा है.

हम दोनों ने पहले तो फेसबुक पर अपना अकाउंट बनाया था लेकिन वो बंद हो गया था. वो चिल्ला चिल्ला कर कराह रही थी- आह आह … मोर एंड मोर … फक मी फ़ास्ट. मैंने उसके बाल पकड़ लिए और घुड़सवारी करते हुए गाली देने लगा- मादरचोद … छिनाल … आह मेरी रंडी बहुत मस्त है.

अब हम दोनों को दारू चढ़ी हुई थी और उसी समय हम दोनों के बीच बात होते होते सेक्स लाइफ को लेकर बातचीत होने लगी.

और ऊपर से बारिश भी हो रही थी।सच पूछिए तो उस वक़्त मेरे मन था कि किसी को भी बुलाकर चुदवा लूं. आज भी वो रात मैं कभी नहीं भूल सकता दोस्तो … उस रात मुझे ऐसा लगा कि मैं जन्नत में दो अप्सराओं की चुदाई करने आया हूँ. मेरे ख़ास दोस्त की बहन की चूत चुदाई की इस कहानी के पहले भागदोस्त की बहन बनी गर्लफ्रेंड-1में आपने पढ़ा कि मैं दीपावली की शुभकामनाएं देने अपने दोस्त के घर गया तो उसकी बहन से मुलाकात हुई.

पुराण सेक्सी वीडियोइसके बाद मैंने उनकी चूत में अपने मुँह को लगा दिया और मेरा औजार उनके मुँह में चला गया था. उसके बाद बस हम दोनों ने एक दूसरे पर चुम्बनों की बारिश सी कर दी और फिर एक दूसरे की बांहों में लेटे हुए तेज़ तेज़ साँसें लेने लगे.

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इससे मेरी हिम्मत और बढ़ गयी और अब मैं उसे गाहे बगाहे कोई न कोई बहाना करके छू लिया करता था. शाम में उसने मुझे मैसेज पर बताया कि उसकी एक और सहेली शालिनी वहां रात ग्यारह बजे आ पाएगी. मुझे आश्चर्य हुआ कि मेरी मॉम ने मुझसे इस आदमी के बारे में कभी नहीं बताया था जबकि हम दोनों एक दूसरे से हर तरह की बात कर लेते थे.

वो मुझसे बोली- तू मुझसे उम्र में इतना छोटा है और मुझे प्रपोज कर रहा है?मैंने कहा- अगर प्यार में छोटा बड़ा देखा जाएगा, तो सब बिना प्यार के ही मर जाएंगे. मगर ननदोई जी ने मुझे पकड़ कर रखा और गिरने नहीं दिया।जब मेरा पानी निकल गया तो ननदोई जी बोले- दुलहनिया, अब ऐसा कर तू मेरा भी पानी गिरवा दे, चूस इसे और खाली कर दे मुझे।मैं नीचे फर्श पर बैठ गई और ननदोई जी का मस्त लंड चूसने लगी. उसने चड्डी को अपने दांतों से पकड़ा और जैसे ही उसने थोड़ी नीचे खींची, मेरे लंड ने उसके मुँह पर थाप मार दी.

इस तरह से मुझे भी औरतों की चूत चुदाई का अच्छा एक्सपीरियंस हो गया था. कुछ देर बाद फिर उसने एक जोरदार धक्का मारा और अपना पूरा लण्ड मेरे गांड में पेल दिया. उनके स्पर्श से मेरी धड़कनें बढ़ने लगी थीं, सांसें तेज चलने लगीं, हाथ थरथराने लगे.

मुझे महसूस हुआ कि बच्चे को दूध पिलाने के बाद इसने अभी अपना ब्लाउज़ नीचे नहीं किया है. अगली सुबह मैं मामी को लेकर अपने घर चला आया … क्योंकि उनको आपने मायके जाना था.

अब मैं उसकी छोटी छोटी चूचियों को दबा रहा था और वो कोई विरोध नहीं कर रही थी.

उसके बाद मेरी बीवी ने अपनी ब्रा निकाल कर अपने हाथों से चूचियों को ढक लिया. औरतों के कपड़ेपर आज इन चूतियों की वजह से मुझे जो अहसास हुआ था, उसके लिए मैं इनका शुक्रगुज़ार था. गेम बिल्ली वाला गेममैं तो पागल थी जो तुम लोगों को डांट रही थी … और जोर से करो … और जोर से!मेरी मां की सेक्सी बातें सुन कर अभिनव पागल हो गया और अपने पूरे शरीर के बदन की ताकत को झोंक दिया. लंच से पहले अनाउंस हुआ और बताया गया कि जिन दो पर्सन पर स्पॉट लाइट आएगी.

बाकी घर के सब लोग खाना खा चुके थे और मामा अपने ऑफिस में गये हुए थे.

रानी की चुत सूज गई थी और उसमें से अभी भी हल्का हल्का ब्लड आ रहा था. जल्दी से मुझे पेलो … अपना लंड मेरी चूत में डालो प्लीज … पेल दे मुझे … नहीं तो मैं मर जाऊंगी. उन्होंने ही यह कहानी मुझे बताई थी और उन्हीं की अनुमति से इसको मैं आप लोगों के सामने प्रस्तुत कर रहा हूं.

मैंने भी अपने मन की होते देख कर धीमे से कहा- ठीक है … अब लाइट ऑफ कर देता हूँ. पढ़ें इसे गांडू चुदाई कहानी में!हैलो, मेरा नाम सन्नी है और मैं मूलत: कानपुर से हूँ लेकिन दिल्ली में रह रहा हूँ. फिर धीरे धीरे वो हमारे पास आ गया और मुझे पूछा- हाय, क्या मैं आपके साथ डांस कर सकता हूँ?मैंने भी मना नहीं किया और उसके साथ डांस करने लगी।धीरे धीरे वो मेरे करीब हो गया और उसने बताया उसका नाम अमरीश है और वो मेरे ही कॉलेज में मास्टर्स कर रहा है।फिर हम कुछ देर डांस करने के बाद वहाँ से निकल गए और अमरीश मुझे मेरे हास्टल तक छोड़ कर चला गया.

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एक दिन ऐसे ही मौके पर मैंने कह दिया- चाची मुझे चारपाई पर नींद नहीं आती, मुझे भी बिस्तर पर सोना है. मैंने उसके हाथ चेहरे से हटा दिए और उसे किस करने लगा और मम्मों को सहलाने लगा. उमेश मेरी प्लेट में सब्ज़ी ले कर आया और बोला कि इस तरह आप भीड़ में ना जाओ … जो चाहिए हो, मुझे बोल दीजिएगा.

मेरी मामी के चुचे आम की तरह बहुत ही रसीले हैं, चूसने में मज़ा आ जाता है.

मैंने सोचा कि शायद भाभी जी उसी बात से शर्मिन्दा हैं … इसलिए मुझे नजरें मिलाते समय शर्मा रही हैं.

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मैं मना करती रह गयी पर उसने मेरी एक न सुनी और मेरी गांड के छेद में अपना लंड टिका कर जैसे ही धक्का दिया, मुझे बहुत तेज दर्द हुआ, मुझे लगा जैसे मेरी गांड फट गयी. मगर वो बीच बीच में मुझे अपने से दूर धकेल कर उकसाने की कोशिश भी कर रही थी.

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मैंने कहा- अभी तक आपको कोई बच्चा क्यों नहीं हुआ है?वो मेरा सवाल सुनकर उदास हो गयी और उसकी आंखें भर आईं. काफी देर तक उस चौकीदार ने मेरी बहन के मुंह में लंड देकर चुसवाने का मजा लिया. मैं जैसे ही घर के अन्दर गया, मामीजान को देखा और सलाम किया तो मामी मुझे देख कर बहुत खुश हुई.

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फिर मैंने उनके चेहरे की तरफ देखा, तो भैया के चेहरे पर एक अजीब सी मुस्कान थी. उसकी चूचियों को जोर से सहलाते हुए उसके निप्पलों को मुंह में लेकर बारी बारी से चूसने लगा. मैंने उसे धीरे से अपनी बांहों में भर लिया और उसके होंठों पर अपने होंठ जमा लिए.

वो बोली- ये आप क्या कर रहे हो!मैंने कहा- देखो कोमल, तुम्हें बच्चा चाहिए कि नहीं?वो बोली- हां चाहिए!मैंने कहा- तो फिर बिना जांच के मुझे पता कैसे चलेगा कि तुम्हारे अंदर क्या कमी है? अभी मुझे टार्च से देखना पड़ेगा कि तुम्हारी योनि में कहीं कोई रुकावट तो नहीं है. मैंने हिमानी को धीरे से उठाया और बोला- मेरी जान, आज तो अपनी चूत का मजा दे ही दो.

मेरे ससुर जिनकी सही उम्र मुझे नहीं पता मगर अंदाज़े से 55 या 56 साल के होंगे.

मै कृति को ऊपरी हिस्से में बेतहाशा चूम रहा था और उसकी आह आह मम्मम अहहम्म की सिसकारियों से पूरा कमरा गूँज रहा था. एक दिन मैं ऊपर की गैलेरी में टहल रहा था, तभी शोभा फोन पर किसी से कह रही थी- मैं भी मम्मी के पास हो आती हूँ. वो भी अपनी गांड को उठा कर मेरे लंड का स्वागत अपनी चूत में करने लगी.

यह तो शुरुआत थी। मेरी स्टोरी कैसी लगी, अगर आप सबको अच्छी लगी तो अगली स्टोरी बताऊंगा कि कैसे मेरी गांड का उद्घाटन हुआ।[emailprotected]. कुछ तो अन्यास लगा था, कुछ मैंने मौके का फायदा उठा कर उसके होंठों को अपने होंठों से दबा लिया. मेरा लंड चिकना हो गया तो मैं उठकर उसकी चूत के पास आ गया और लंड को उसकी चूत पर घिसने लगा.

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चूंकि हम दोनों का घर आगे पीछे ही था मतलब मैं अपनी छत से कूद कर उसकी छत पर जा सकता था. माँ ने उसको बोला- तुम मुझे बहुत अच्छा लगते हो, तेरे लिए मैं बहुत दिनों से इंतजार कर रही थी अब देख, हम तेरे घर में ही तेरे ही बिस्तर में सेक्स करेंगे।विशु बोला- हां आंटी, मैंने आपके लिए ही अंकुर से दोस्ती की थी. जब मैंने रानी की चूत से लंड को बाहर निकाला तो उसकी चूत से मेरे वीर्य और रानी की चूत के वीर्य का मिश्रण बाहर आ रहा था.

तन्वी मैम का बेड सैट करवाते हुए मैम मेरे साइड से बेड का एक कोना पकड़े हुए थीं.

चाची मुस्कुरा दीं और उन्होंने मेरे सर को फिर से अपनी चूत पर दबा दिया. उसने मुझे धक्का दे दिया और मेरा लंड पकड़ कर अपनी चूत पर सटा दिया और गांड उठा कर लंड लेने की कोशिश करने लगी. कुछ देर बाद मैं रसोई से चाय और कुछ नाश्ता लेकर आई और उमेश के सामने झुक कर मेज पर रखने लगी.