तब्बू की बीएफ

छवि स्रोत,नंगा सेक्सी वीडियो ब्लू

तस्वीर का शीर्षक ,

সানি লিওনের ভিডিও বিএফ: तब्बू की बीएफ, कॉम पर पढ़ रहे हैं।उसके बाद मैं उन्हें बेडरूम में ले गया और दोनों ही नँगे हो गये। मैंने उनके सोये हुए बेटे को एक तरफ सरका कर उनकी खूब पेलाई की, उस टाईम तीन बार अलग-अलग तरीके से उनकी बुर मारी। उसके बाद हमे जब भी मौका मिलता, हम एक दूसरे पर हावी हो जाते।तो दोस्तो, कैसी लगी मेरी सच्ची कहानी, मुझे अपने विचार जरूर भेजें !.

छोटे लड़कियों की सेक्सी

चिकनी पारो चुच्चे पटवाती हुई अपनी जांघों में बहादुर के खडे लण्ड को रगड़ती और बहादुर के खम्बे से लम्बे लण्ड को हसरत भरी निगाहों से देख बोली- सीऽऽऽ! तुम्हारा बादशाह तो बहुत शरारती है, जरा जल्दी आना मेरे राजाऽऽऽ! तुम्हारे बादशाह ने तो मेरी बेगम का दिल मोह लिया है. सेक्सी ऐश्वर्या राय कातभी प्रिया बोली- अरे सायरा, तू तो चिकनी चूत होगी न?मनीषा बोली- क्यों प्रिया, सायरा चिकनी चूत क्यों होगी, इसकी चूत पे भी तो बाल आते होंगे बाकी लड़कियों की तरह!उन लोगों ने इस बात की परवाह भी नहीं कि कमरे में दो लड़के भी हैं, उनकी बातें सुनकर मैं शर्म से पानी पानी हुई जा रही थी लेकिन मैं कुछ कर भी तो नहीं सकती थी क्योंकि मैं शर्त हार चुकी थी.

आप अहमदाबाद कब आयेंगे?)‘मैं कल अहमदाबाद पहुँच रहा हूँ !’‘साची? तमे खोटू तो नथी बोलता ने? पक्का आवशो ने?(सच्ची? आप झूठ तो नहीं बोल रहे हो ना? पक्का आओगे ना?)‘हाँ पक्का !’‘खाओ मारा सम’ (खाओ मेरी कसम?)‘ओह. हिंदी गांव की लड़की की सेक्सी!वो मधु के दोनों दूध दबा रहा था। मधु की गोरी गाण्ड और नारायण का काला लंड और काला अंग का मिलन कहर ढा रहा था।करीब 5 मिनट के बाद मधु थक गई और बोली- बस.

मैं समझ गया कि अब पूजा झड़ने वाली है, मैंने भी अपनी गति को बढ़ाया और तेज़ी से धक्के देकर पूजा की चूत को चोदने लगा.तब्बू की बीएफ: !संगीता की पूरी कहानी सुन कर एक बार तो मुझे उस पर दया आई और साथ ही यह विचार भी कि इतना खुल कर संगीता का मुझे सब कुछ बताना कहीं मुझे आमंत्रण तो नहीं।कहानी जारी रहेगी।मुझे आप अपने विचार यहाँ मेल करें।[emailprotected].

!’उसका तना हुआ लण्ड मेरी गांड पर चुभ रहा था। वो मुझे उकसा रहा था। मैं उसकी बाँहों से निकलना चाह रहा था, पर उसकी मजबूत बाँहों से नहीं छूट सका और घूम कर सीधा हो गया। उसने मेरे मम्मे दबाने शुरू कर दिए।‘क्या इरादा है.सम्पादक – इमरानमैंने तुरंत अपनी गर्दन वहाँ मेज पर रखी महंगी व्हिस्की की ओर कर ली और अंकल से पूछा- अंकल, क्या दो घूंट पी लूँ, गला सूख रहा है?अंकल- अरे हाँ बेटा, कैसी बात करते हो… और इसको भी थोड़ी सी पिला दो.

हैदराबाद सेक्सी बीपी - तब्बू की बीएफ

मैंने कोई ‘मिस-कॉल’ नहीं की… आप कौन हैं और आप मेरा नाम कैसे जानते हैं?’ वो हैरान होकर बोली।मैं- स्वीटी अभी भी नहीं पहचाना.इस हालत में तो यह चिकनी चिड़िया की गाण्ड तो दे ही देगी, ये सोच राजू ने रीट की गाण्ड को ऊपर उठा कर चूतड़ों को दाँतों से कौंचने लगा.

मेरी चूत तो उस समय लण्ड की इतनी भूखी थी कि उसका मुँह अपनेआप खुलने लगा और देखते ही देखते उसने पापाजी के महाराज के सुपारे को निगलना शुरू कर दिया. तब्बू की बीएफ घर में बैठे-बैठे मोटी हो गई हूँ।तब उन्होंने कहा- मुझे तुम मोटी नहीं लग रही हो, बल्कि सेक्सी लग रही हो.

बहुत मस्ती करते हो! चलो, अब हम लोग चलें।’हम लोग बाजार के लिए चल दिए और बस में चढ़े।बस में बहुत भीड़ थी, सब एक-दूसरे से सट कर खड़े थे।मेरे आगे मेरे ससुर और पीछे मेरे कोई दूसरा आदमी था, जो बहुत ही मोटा और काला था, मेरी गाण्ड पर ज़ोर लगाए जा रहा था।जब भी बस के ब्रेक लगते, वो मेरे ऊपर चढ़ जाता और मैं ससुर जी के ऊपर हो जाती।‘बहू मज़े लो अपनी ज़िंदगी के.

तब्बू की बीएफ?

? रूबी को पूरी तरह से मस्त होते देख कर मेरा हौसला बढ़ गया।मैंने कहा- रूबी मेरी जान… मज़ा आ रहा है ना?‘हाँ जान. प्रेषिका : सानिया सुलतानसम्पादक : इमरानमेरा नाम सानिया सुलतान है, मैं दिखने में बेहद खूबसूरत और सैक्सी हूँ, मेरा रंग गोरा, बदन भरा हुआ, बाल सुनहरे घने लंबे और आँखें भूरी हैं। मैं अपने रंग-रूप का बेहद ख्याल रखती हूँ और हमेशा सज-संवर कर टिपटॉप रहना पसंद है मुझे। मैंने होम-साइंस में एम. अपनी ऊँगली से काम चलाना पड़ता है।मैं- मेरे होते हुए ऊँगली की क्या जरूरत मेरी रानी।फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत के मुख पर रखा और ज़ोर से झटका मारा, वो चिल्लाने लगी।भाभी- हाए रे.

उसे खोजते हुए मैं छत पर पहुँचा तो मुझे देखते ही वो नीचे जाने लगी।तभी मैंने उसे रोक लिया… मैंने उससे कहा- अभी जो पल हमने बिताये हैं, ये मेरी जिंदगी के सबसे यादगार पल बन गए हैं. मैंने उसको देखा मेरा हथियार तो फिर खड़ा हो गया।मैंने बोला- आप बहुत सुन्दर लग रही हो!पहली बार मैंने उसे ऐसी बात कही थी, मेरी गाण्ड फट रही थी, वो मुस्कुरा दी, मेरी हिम्मत बढ़ी।मैं बोला- आप बाल खुले रखा करो, अच्छे लगते हैं!वो और खुश हुई, पर जैसा मैं सोच रहा था कि मैं लाइन मार रहा हूँ और वो ले रही है, ऐसा कुछ नहीं था।लड़कियों को कोई नहीं जान सकता. !मैं कांप गई और मैं सहम कर उसकी तरफ़ मुँह करके उससे चिपक गई।मैंने उसे कस लिया, उसका शरीर मुझे गजब की गर्माहट दे रही थी। मैं अब गरम होने लगी थी, मेरी योनि में अब मैं हल्की नमी महसूस कर रही थी।अमर ने मुझसे कहा- सारिका.

प्रणाम दोस्तो, मैं हूँ हनी (बदल हुआ नाम) मैं एक पंजाबन हूँ मेरा शहर अमृतसर है, मेरी उम्र है अठाईस साल। मैं एक बच्ची की माँ भी हूँ, मैंने बी. दीदी ने बताया- वो तेरे जीजू के बॉस हैं, एक रात वो घर रुके थे, उन्होंने तुम्हारे जीजू को तरक्की दी थी, सो घर पर पार्टी थी. मैंने कहा- कभी तुम दोनों ने अपनी चूत चटवाई है?अन्नू ने कहा- हाँ!मैंने पूछा- किससे?मोनिका ने कहा- हम दोनों अक्सर ही एक दूसरी की चूत चूसती-चाटती हैं.

रीटा ने राजू के अकड़े लण्ड को जोर से दबा कर छोड़ दिया राजू के लण्ड की सख्ती भांप कर रीटा की सांसें भी तेज़ हो बेतरतीब हो गई. मेरी चूत में अपना मूसल डालो और इस चूत की आग को शान्त करो।मैंने देर न करते हुए अपना लंड उनकी चूत पर रख दिया, पर अन्दर नहीं जा रहा था। जबकि शादी हुए तीन साल हो गए थे और वो एक कच्ची कलीकी तरह थी। मैंने धीरे-धीरे लंड को चूत में पेल रहा था, पर उसकी आखें बंद हो गई थीं।मैंने एक धक्का लगाया तो आधा लंड चूत में चला गया, वो जोर से चिल्लाई ‘आ.

आज वैसे भी मेरा मन नहीं था… पूरा बदन दुख रहा है लगता है बुखार हो गया लेकिन तेरा इस महीने का कुछ करना पड़ेगा। सोच रहा हूँ तुझसे एक बच्चा पैदा कर लूँ ताकि 9 महीने तक इस खून से पीछा छूटे।रानी- कर लो.

देखो क्या बनता है!’‘कैसा रिज़ल्ट?’‘आज एक लड़की मेरी गर्ल-फ्रेंड बनेगी, बस उसके ही जवाब का इंतज़ार है!’‘अगर उसने इन्कार कर दिया तो?’‘नहीं, उसकी आँखें कहती हैं कि जवाब ‘यस’ है!’‘अच्छा, तुमने उसकी आँखें पढ़ लीं?’‘हाँ, बस अब उसके रसीले होंठों से सुनना चाहता हूँ!’मैं शरमा गई।‘बोलो शेवी.

उसको मैं भूल नहीं सकती। अब काम वाले आने वाले हैं तुम तैयार हो जाओ।मैंने जल्दी से नहाया और कपड़े पहन कर निकल आया और अपने रास्ते चला गया। उसके पति ने मेरे खाते में पैसे एडवांस में डाल दिए थे।लेकिन श्री ने मुझे दो हज़ार अलग से दिए और बोली- जैसा मन होगा तो फिर बताऊँगी।मैं अपने घर आ गया।आप सब को मेरी कहानी कैसी लगी अवश्य बताएं, मेरा ईमेल है।[emailprotected]. !फिर वो पीछे बैठी और मेरे पैंट में हाथ डाल कर लण्ड पकड़ लिया, बोली- कितने दिनों से सोच रही थी लण्ड पकड़ने को. उसकी फिर से चीख निकल गई।मैं फिर से उन्हें चूमने लगा।थोड़ी देर बाद वो मस्ती में आ गई और कहने लगी- चोदो मुझे और जोर से चोदो…मैं जोर-जोर से उसे चोदने लगा.

उसकी सफ़ेद, गोरी केले जैसी चिकनी जाँघों, चूत और चूतड़ सभी को अच्छी तरह छूकर, सहलाकर और रगड़कर पेटीकोट पहनाया, फिर उसका नाड़ा बाँधा. तभी रीटा ने अचानक झटके से राजू के लण्ड की टोपी पर अपने लाल लाल रसीले होंट चिपका दिये और राजू की आँखों में आँखें डाल कर चुसड़ चुसड़ कर लॉलीपॉप की तरह चुस्सा मारने लगी. नरम पीठ से होता हुआ मेरा हाथ सीधे ब्रा के हूक पर गया, मैंने उसे जोर से खींचा, वो टूट गया।‘क्या कर रहे हो?’‘आप प्यार से नहीं करने दे रही हैं।’‘क्या नहीं करने दे रही हूँ??’और वो घूम गई, मैंने इस मौक़े पर एकदम उनका चेहरा पास लाया और उनके रसीले लाल होंटों पर अपने होंठ चिपका दिये।पहले तो वो मुँह इधर उधर करने लगी.

सुबह में उसने मुझे गाण्ड मारने को कहा तो मैंने उसकी गांड भी मारी… उसने मेरे को खूब मस्ती करवाई…बाद में उसने अपनी रूममेट को भी मेरे से खूब चुदवाया…उसकी सहेली और आगे की चुदाई की कहानी अगली कहानी में…आप मुझे जरूर बताइएगा कि आपको मेरी कहानी कैसी लगी ![emailprotected].

!’पम्मी खिसक कर पीछे हुई और बिस्तर के बीच में चली गई। मैंने अपने जूते उतारे और बेड पर पम्मी से उलट डायरेक्शन में लेट गया यानी कि मेरा सर उसकी टाँगों में था और उसका सर मेरी टाँगों के पास था।इसी पोज़ मैंने उसे अपने ऊपर लेटा लिया और उसकी चूत मेरे मुँह के ऊपर आ गई और उसने अपना सर मेरे लंड पर टिका लिया जो मेरी पैन्ट में क़ैद हुआ फुँफकार रहा था।खैर. यह सब मैं आप सब को इसलिए बता रहा हूँ ताकि आप लोग अपनी कल्पना को अच्छी तरह उभार कर कहानी का पूरी तरह मजा ले सको. मेरे राजा…’मैं सांड की तरह हुंकार रहा था। मैंने उसके नितम्बों को बुरी तरह मसल दिया था। उसके गुप्तांग के होंठ इस आक्रमण से लाल हो उठे थे.

आई ऍम सो सॉरी… मुझे लगता है आप बहुत परेशान हैं।मैंने मुड़कर उसे गौर से देखा वो काफी खूबसूरत थी। उसके दूध टी-शर्ट से बाहर आने को बेताब थे और चूतड़ तो जींस में फिट बैठ ही नहीं रहे थे। उसका फिगर 36-30-34 का रहा होगा।मैंने उससे बोला- आप क्यों ‘सॉरी’ बोल रही हैं… गलती तो मेरी है, मुझे ही देख कर चलना चाहिए था।उसने बोला- आप काफी परेशान नजर आ रहे हैं। मैं आपको आपके घर तक छोड़ दूँ?मैंने कहा- रहने दीजिए. उसके बाद आमिर ने 2 घंटे तक अपनी खाला की चूत की चुदाई की।अगले ही दिन रूखसाना अपनी बहन आमिना से झूठ बोल कर जरूरी काम का बहाना बना कर आमिर को अपने साथ पुणे लेकर चली गई। वहाँ दोनों ने आज़ादी से एक दूसरे के साथ मज़े किये।. पिंकी सेनशाम के सात बजे बाबा हाथ में कटोरा लिए अन्दर आए उन्हें देख कर रीना ने कपड़े उतार दिए और घुटनों के बल पैर फ़ैला कर घोड़ी बन गई, जिससे उसकी बुर बाबा को साफ दिख रही थी।उसकी बुर का मुँह थोड़ा खुल गया था और उसकी अन्दर की लाली साफ नज़र आ रही थी। बाबा हैरानी से सब देख कर उसके सामने आ गए।बाबा- यह क्या है बेटी, ऐसे क्यों कर रही हो ठीक से लेट जाओ.

’इस यात्रा ने मेरा निश्चय पक्का कर दिया क्योंकि उसके बेइंतहा सौंदर्य ने, उसके साथ की मदहोशी ने, उसके मांसल सीने को.

मैंने इसमें सब लिख दिया जो तूने कहा था।निशा- ठीक है… चल अब जल्दी से अपनी ब्रा और पैन्टी दोनों निकाल दे।मैं- क्या… निकाल दूँ. अरे साले चचा के बच्चे… घुसेड़ ना और अंदर… और चाची माल है तो मेरा ये सैंया इमरान ! क्या कम है… चाची का माल इसे.

तब्बू की बीएफ भाभी- तुम भी ना! एकदम बेशर्म हो, तुम्हें पकड़े जाने का भी कोई डर नहीं है…मैं- अब तुम्हारे सामने भी कैसी शर्म…इतना कहकर मैं सुलेखा भाभी के रस भरे होठों को रगड़ने लगा और उनका रस चूसने लगा. मैं कमरे के अंदर गया तो मैंने देखा कि आंटी बैड की चादर बदल रही थीं, उन्होंने चुन्नी नहीं डाली थी और झुकने से उनकी चूचियाँ साफ-साफ दिख रही थीं, एक दम गोरी-गोरी, मोटी-मोटी और रसीली.

तब्बू की बीएफ मैंने चित लेट कर टांगें फैला दी पेटीकोट और साड़ी ऊपर कर दी, पेंटी नहीं पहनी थी तो मेरी चूत हेमंत के सामने थी. बीच बीच में रूक रूक कर रीटा अपनी कीचड़ हुई चूत में से ऊँगलियाँ निकाल कर चूत का हल्का नमकीन पाईन-एपल जूस किसी भूखी बिल्ली की तरह चुसड़-चुसड़ की आवाज़ से चाट लेती थी.

पढ़े लिखे होने के कारण उनका उठना-बैठना और पहनावा भी शहर वासियों जैसा है, इसलिए मेरे साथ घर में बहुत जल्दी एडजस्ट हो गए हैं.

सेक्सी फूकिंग

अम्बिका बोली- जान, आप हम दोनों को खूब प्यार दो, हमें औरों से क्या मतलब !इतने में रोशनी भी आ गई, वो एकदम नंगी थी। रोशनी रोशनी में मुझे देखकर शरमा गई और पीठ मेरी तरफ़ करके खड़ी हो गई।मैं उठ कर उसके पास गया और उसका चेहरा अपनी तरफ घुमा कर उसके माथे पर चूम लिया और उसे गोद में उठा कर बेड पर ले आया. मैंने नाटक करते हुए बोला- एक शर्त पर तुम दोनों की करतूत नहीं बताऊँगा… अगर इस खेल में मुझे भी शामिल करो तो !यह सुन दीदी बोली- नहीं. पर मजबूत गांड है मेरे इमरान की, चचाजी के लंड को आराम से खा लेगी। इमरान राजा… मजा आ रहा है?”मैं बोला- हाँ रानी.

अमर जब थोड़े नरम हुए तो कहा- तो सुहागरात कैसी लगी?मैंने उनसे कहा- बहुत अच्छा लगा, ये सुहागरात मैं कभी नहीं भूलूँगी, आपने मेरी सील दुबारा तोड़ दी. अब मैं उन सबके सामने केवल चोली में खड़ी थी, मेरी छोटी सी पारदर्शी ब्रा मेरी चूचियाँ भी ठीक से छुपा नहीं पा रहीं थी इसलिए मेरी चूचियाँ भी लगभग नंगी ही हो गई थी, मेरे गुलाबी निप्पल तो नंगे होकर साफ़ साफ़ दिखाई दे रहे थे. लेकिन मुझे तो लगा कि सारी लड़कियाँ अच्छी लग रही थी।जब हम दोनों क्लब के अंदर पहुँची, महक के दो दोस्त लड़के हमरे पास आए और बातें करने लगे.

सुबह बॉस चला गया और मुन्ने के जाने के बाद मैंने और दीदी ने साथ ही नहाना-धोना किया और नंगे ही दोनों बिस्तर पर आ गए.

उफ़्फ़! क्या नजारा था! रीटा की जवान ठोस गोलाइयाँ बगावत पर उतर आई और दोनों शरारती कुंवारे कबूतर शर्ट से दाएं-बाएं बाहर झांक कर गुटर-गूं गुटर-गूं करने लगे. ठरक के मारे रीटा की जवान फ़ुद्दी छोटी पाव रोटी की तरह फूल गई, पनीयाई हुई चूत का चीरा झिलमिला उठा और रीटा का लशलश करता बदमाश किशमिश सा दाना हौले हौले अकड़ता चला गया. मैंने अपनी जांघें आपस में सटा लीं पर मेरा ऐसा करना उसके मन को बदल न सका।उसने मुझसे कहा- बस ये अंतिम बार है और अब मैं चला जाऊँगा।वो मेरी टांगों को अलग करने की कोशिश करने लगा।मैं अपनी बची-खुची सारी ताकत को उसे रोकने में लगा रही थी और विनती कर रही थी ‘छोड़ दे.

जब झाडू लगाने के लिये झुकती थी, तो उसका उसके पपीते जैसे दूध मेरे दिल में एक सुरुर सा पैदा कर देते थे. इसीलिए प्लीज़ मैं पब्लिक प्लेस में जाने से डर रही हूँ।उसका इतना कहना था कि मेरा लंड जबलपुर के दूरदर्शन टॉवर की तरह खड़ा हो गया।बाइक में बैठे हुए अन्दर दर्द सा महसूस होने लगा। मेरा गर्म और तना हुआ लंड जैसे चाह रहा हो कि पैन्ट को फाड़ते हुए बाहर निकल जाए, आजादी की सांस ले और चूत में घुसकर अपना सारा पसीना चूत में बहा दे।मैंने तपाक से कहा- सुनो मेरा एक दोस्त अमित. ई ईई ईईई ! क्या करते हो मुझे मार ही डालोगे क्या?”अरे मेरी जान, तुमने मुझे बहुत तड़फाया है !” और मैंने तड़ातड़ कई चुम्बन उसके गालों पर ले लिए और उसे बाहों में भर कर बिस्तर पर पटक दिया।ओह.

मुझसे भी रहा नहीं गया और मैंने अपनी जीन्स की चैन खोल कर अपना लंड बाहर निकाला तब जाकर मेरे लंड ने चैन की सांस ली अब वो आज़ादी के साथ झटके लगा रहा था. नहीं तो जिंदगी भर कोर्ट और वकील के चक्कर लगाती फिरेगीlमैं चुपचाप कमरे पर आई, अपने ससुर को फोन किया, वो बोले- बेटा, आज की बस तो निकल गई, मैं कल शाम तक आऊँगा.

क्या बला की खूबसूरत लग रही थी मेरी दीदी !दीदी गुलाबी रंग की साड़ी में थी, पेट के काफ़ी नीचे बाँधी हुई थी साड़ी ! ओह ! हल्का भूरा…एकदम पतला सा पेट, मुलायम, उस पर दीदी का कसा हुआ ब्लाऊज, बहुत सेक्सी लग रहा था. मेरी योनि में एक अजीब सा कोलाहल हुआ और फिर मेरा शरीर शांत हो गया।इस दौरान भोंपू ने अपना वज़न मेरे ऊपर से पूरी तरह हटा लिया था। मेरे शांत होने के बाद उसने प्यार से अपना हाथ मेरी पीठ पर कुछ देर तक फिराया। मेरे लिए यह अभूतपूर्व आनन्द का पहला अनुभव था।इसके आगे क्या हुआ कुंवारी भोली–4” में पढ़िए !शगन. मैंने उठ कर कमरे का दरवाजा अन्दर से बंद कर लिया, उसके पास आकर बैठ गया और मैंने उससे कहा- मैं तुम्हें बिना कपड़ों के देखना चाहता हूँ.

!अब क्योंकि बात तो चल रही थी आइसक्रीम की, पर बात के अन्दर की बात यह थी कि मैंने उसकी चूत चाटने की बात कर रहा था, समझ वो भी गई थी कि मैं क्या कह रहा हूँ।मैंने कहा- सच में.

”अब जगन ने जोर जोर से धक्के लगाने शुरू कर दिए। मंगला ने अपने पैरों की कैंची सी बना कर उसकी कमर पर लपेट ली। जैसे ही जगन धक्के लगाने के लिए ऊपर उठता, मंगला के चूतड़ भी उसके साथ ही ऊपर उठ जाते और फिर एक धक्के के साथ उसके नितंब नीचे तकिये से टकराते और धच्च के आवाज निकलती और साथ ही उसके पैरों में पहनी पायल के रुनझुन बज उठती।जगन मेरे सांड…मेरे…राज़ा……अब निकाल दो…. अब मैंने एक और झटका मारा और लंड आधा उसकी चूत में चला गया। अब मैं 2 मिनट रुका, जब उसकी थोड़ा दर्द कम हुआ तो मैंने धीरे धीरे उसे चोदना शुरु किया। अब वो भी धीरे धीरे अपनी कमर हिलाने लगी थी, मैंने अब अपनी गति बढ़ा दी और अब उसे भी चुदाई का असली मजा आने लगा था. जैसा कि भाभी ने कहा था हमारे घर पर एक-दो बंदे रुके थे घर की देखभाल के लिए, पर पूजा के घर के बाहर मैंने ताला लगा हुआ देखा तो सोचा कि सब भाभी की योजना के मुताबिक चल रहा है.

मुझे बैड पर लेटाने के बाद आदिल मेरे बेड पर बैठ गया, आहिस्ता आहिस्ता वो नजदीक आने लगा, मैं पीछे खिसकने लगी. उसके बाद में उसके होंठों को छोड़कर धीरे-धीरे उसकी चूचियों की तरफ़ बढ़ा, मैंने उसकी चूचियों को गौर से देखा वो फ़ूल कर काफ़ी बड़ी हो गई, जिस कारण उसकी चूचियों के भूरे घेरों के एक-एक रोये के साथ-साथ उनकी घुण्डियाँ भी बिल्कुल नुकीली हो गई.

!’पम्मी खिसक कर पीछे हुई और बिस्तर के बीच में चली गई। मैंने अपने जूते उतारे और बेड पर पम्मी से उलट डायरेक्शन में लेट गया यानी कि मेरा सर उसकी टाँगों में था और उसका सर मेरी टाँगों के पास था।इसी पोज़ मैंने उसे अपने ऊपर लेटा लिया और उसकी चूत मेरे मुँह के ऊपर आ गई और उसने अपना सर मेरे लंड पर टिका लिया जो मेरी पैन्ट में क़ैद हुआ फुँफकार रहा था।खैर. मैंने ज्योति को लिबास से बेलिबास कर दिया… वो अब केवल ब्रा पैंटी में थी !मैंने आज तक किसी भी लड़की को ब्रा पैंटी में नहीं देखा था… यह भी नहीं सोचा था कि बीस साल की उम्र में चुदाई का मज़ा मुझे मिल जायेगा… चाचू ने बताया था कि चोदने के लिए उन्होंने 26 साल तक शादी का इंतज़ार किया था…मैं इतना बेसब्र हूँ पता नहीं था. !नारायण ने अपना लवड़ा मधु के चूत में फिर से घुसा दिया और जोर-जोर से ठापें मारने लगा। पूरा कमरा ‘ठप्प-ठप्प’ की आवाज़ से गूँज रहा था।नारायण मधु के लटकते-हिलते दूधों को जोर से पकड़ कर दबा रहा था। बीच-बीच में वो मधु की गाण्ड पर चपत भी लगाता और मधु ‘अया.

हिंदी सेक्सी मूवी क्लिप

ज़ालिम राजू ने आखिरी कमरा हिला देने वाले आटोमिक धक्के रीटा सम्भाल ना पाई और दोनों चूदाई करते करते कारपेट पर ढेर हो गए.

रीटा बहुत ही मासूमियत से मुँह फुला अपने चुच्चों को उचकाती हुई बोली- ओह नो भईया, मैं तो अपने पुराने कपड़े ट्राई कर रही थी. ! इतने नर्म और बड़े कि बस मैं तो पागल सा हो गया। मैंने तो सूट के बाहर से ही दोनों को फुल मस्ती से दबाया।वो बोली- अब निकाल भी ले बाहर. एयाया उफफफफ्फ़…!सचिन भी झड़ गया, पर रेहान तो गाण्ड का भुर्ता बनाने में लगा हुआ था। राहुल एकदम स्पीड बढ़ा देता है और अपना पूरा पानी आरोही की चूत में छोड़ देता है।राहुल- आह उफ़फ्फ़ मज़ा आ गया रेहान सब झड़ गए… अब तू भी पानी निकाल दे यार.

तब पापाजी ने अपनी दो ऊँगलियों मेरी चूत में डाल कर बाहर निकालीं और उसमें लगे चूतशेक को चाटने लगे, फिर बोले- हाँ, तुम ठीक कह रही हो, यह तो मलाई ही है, मेरी और तुम्हारी. मैं उस पर बैठ गई फिर अपने चूतड़ों को थोड़ा ऊपर कर के उसका लंड अपनी चूत के मुँह पर रखा और बोली- धीरे से डालना!यह सुन कर वो खुश हो गया. बस ट्रेन में सेक्सी वीडियो!क्यों क्या हुआ?”रात को क्या किसी को याद किया जाता है?”तो क्या किया जाता है?”ओह…सॉरी…!”क्या हुआ?”कुछ नही !”नहीं आप कुछ बोलना चाहती थी पर….

उन्होंने कहा- सुपारी का रस थूकना नहीं चाहिए बल्कि निगल जाना चाहिए, तुम मेरे मुँह में रस के साथ सुपारी को डाल दो. !मैं तो बस पागल हो गया था और उसकी चूत में अपना लण्ड तेज़ी से अन्दर-बाहर कर रहा था और बार-बार बस यही कहे जा रहा था- ओह पूजा.

इतना लम्बा लण्ड मैं पहली बार देख रही हूँ!उसकी बात सुन कर मैं पागल सा हो गया।उसकी चूचियाँ मेरे चूसने से बिलकुल सुर्ख लाल हो गई थीं। अब मैं उसकी पैन्टी पर मुँह रख कर चूम रहा था, फिर मैंने उसकी पैन्टी भी उतार दी।वाह. !उस वक़्त हमारे अलावा उस रेस्टोरेंट में बहुत कम लोग थे और लगभग सभी के पास खाना था। मुझे यह समझने में देर नहीं लगी कि यह ऑर्डर उसका ही है।मैं खाने की प्लेट लेकर उसके पास गया और बोला- शायद यह आपका ऑर्डर है. !नारायण पर इसका कोई असर नहीं हो रहा था। करीब 5 मिनट के बाद नारायण मधु के ऊपर लुढ़क गया।दोनों पसीने-पसीने हो गए थे और हाँफ़ रहे थे, फिर नारायण का लवड़ा स्वतः ही बुर से बाहर आ गया।मधु ऐसे ही लेटे रही और उसकी बुर से नारायण का माल धीरे-धीरे बाहर आने लगा।मधु ने उसे छूकर बोला- अरे फिर तुमने तो अन्दर ही डाल दिया.

!!!!!! यह मैं क्या सुन रही हूँ… मेरे मॉम-डैड मेरे साथ एक ही बेड पर हैं और मेरी ही उपस्थिति में चुदाई का प्रोग्राम चल रहा है और ये लोग यह सोच रहे हैं कि मैं सो रही हूँ… लेकिन एक बात माननी पड़ेगी मेरे मॉम-डैड की… कि अभी तक बड़े ही शालीन ढंग से काम चल रहा था… कोई गाली-वाली नहीं, कोई चूत लंड जैसा शब्द उनके मुंह से नहीं निकला था। सिर्फ मेरे डैड ने ‘चोद’ शब्द ही बोला था।मॉम- सुनो. यह सोचकर मैं वहाँ से निकल आई।अब अपने घर जा ही रही थी कि मुझे भी एक ख्याल आया कि ये क्या हो रहा है मुझे जानना तो चाहिए।आजकल किसी पर सीधे-सीधे तो भरोसा नहीं कर सकते।मैंने सोचा कि वापिस जाकर चुपके से देखती हूँ कि आख़िर मुझे बाहर निकल कर ये दोनों कर क्या रहे हैं?मैं गीता के घर के अन्दर नहीं गई, क्योंकि मुझे लगा शायद मैं पकड़ी जाऊँ. ? तुम तो काफी स्मार्ट हो।फिर भी तो मैंने भी थोड़ा बोल्ड होते हुए बोल दिया- जब आपके जितनी हॉट और सेक्सी मिलेगी तो ही उसको अपनी गर्लफ्रेंड बनाऊँगा.

”थोड़ी देर चूसने के बाद बोले, हाँ हाँ मेरी रानी बस तुम देखती जाओ जब चोदूंगा तो देखना और भी मज़ा आएगा।”मैंने अपने मन में सोचा ‘मैं तो कब से चुदवाने को मरी जा रही हूँ मर्ज़ी आये उतना चोद लो ’ पर मेरे मुंह से तो बस सीत्कार ही निकल रही थी, आह….

!’‘अगर आप दर्शन नहीं करना चाहती तो कम से कम मुझे तो अपनी चूत के दर्शन एक बार करवा दीजिए। सच भाभी मैंने आज तक किसी की चूत नहीं देखी।’‘चल नालायक. बच्ची है, धीरे-धीरे समझ जाएगी!जीतेंद्र- वो अब अठारह साल की हो गई है, अब तक बच्ची ही है? उसके साथ की लड़कियाँ कहाँ से कहाँ पहुँच गईं… उसने अब तक दसवीं पास नहीं की है!राधा- कर लेगी जी.

ऐसे मेहनत करने से कोई फायदा नहीं!इतना बोल कर रीना सीधी हो गई और बाबा की धोती पकड़ कर निकाल दी।कमाल की बात देखो, आज बाबा का लौड़ा फुंफकार मार रहा था।रीना- ओह वाह. दीदी कैसे बात की आपने?दीदी ने बताया- उसका पति फ़ौज में है और शादी को आठ या नौ महीने हुए हैं। इन महीनों में वो सिर्फ़ दो बार ही घर आया है। जब बातों-बातों में मैंने उससे पूछा कि सेक्स का दिल नहीं करता. प्रेषिका : रत्ना शर्मासम्पादक : जूजाजीमैंने भी लंड की खुराक पाने की चाहत में अपने कपड़े खोल दिए।अब मैं अपने ससुर जी के सामने ब्रा और कच्छी में खड़ी थी।ससुर जी भी पूरे नंगे हो गए थे।मेरे मुँह से निकल गया- बाप रे… बाप.

!मैंने देर नहीं की और फटाक से अपना पूरा लण्ड चूत में पेल दिया और उसकी कमर को कस कर पकड़ लिया और जोर-जोर से चूत चोदने लगा।पहले तो वो तड़प रही थी, पर अब उसको मज़ा आ रहा था और उसके मुँह से ‘उह्ह… अह्ह्ह. वो झड़ गई थी।मैंने तुरंत अपना लंड निकाल लिया और निढाल पड़ी हुई अन्नू के दूध के पास बैठकर अपना लंड उसके मुँह में देना चाहा।वो समझ गई कि इसे फिर से चूसना है, उसने भी बड़ी अच्छी तरह से लंड की पप्पी लेते हुए उसे अपने मुँह में भर लिया और पूरा भर कर चूसने लगी।मैंने उससे कहा- ये जो नीचे गोलियां लटक रहीं हैं. दोस्तो, यह कहानी मेरी साली के साथ अधूरी चुदाई की है, मैंने उसकी चूत में लंड लगा तो दिया पर घुसा नहीं पाया.

तब्बू की बीएफ !” की आवाज के साथ चुदने लगी।मैं उसे जोर से झटके मारने लगा। दस मिनट बाद वो मुझे और जोर से दबाने लगी और फ़िर वो झड़ गई और सारा माल नीचे गिरने लगा। मैं उसे चोदता रहा और दो मिनट बाद मैंने एक जोर का झटका मारा और उसकी चूत में सारा माल भर दिया। फ़िर मैं उसे किस करने लगा।एक मिनट बाद उसकी भाभीजान की आवाज आई और उससे कहने लगी, कितनी देर लगाएगी नहाने में. पर खूब मस्ती हुई। खूब दिल खोल कर नाचे और पैसे लुटाए। थक हार कर फिर खाना खाने लगे। विक्रम फेरे लेने के लिए चला गया और मैं पायल संग खाना खाने चला गया।पायल… तुम्हें चूमने का बहुत दिल कर रहा है… प्लीज एक किस दो ना.

मराठी सेक्सी व्हिडीओ रोमांटिक

इसके बाद मैं उठ के पापाजी के ऊपर आ गई और उनके खड़े लण्ड पर जाकर बैठ गई और उनका लण्ड मेरी चूत की गहराइयों की नर्म और मुलायम जगह आराम करने पहुँच गया था. पूजा शर्म से लाल हुई जा रही थी…मैंने पूजा का चेहरा अपने दोनों हाथों में लेकर कहा- देखो पूजा, तुम मुझे बहुत पसंद हो, मैं तो तुम्हें पहली बार देखते ही तुम पर फ़िदा हो गया था. मेरे चूसने से अमर अब बेकाबू से हो गए थे और मैं तो पहले से काफी गर्म थी, सो मुझे सीधा लिटा दिया और मेरे ऊपर चढ़ गए.

मैं उनके पीछे गया और पूछा- बाथरूम कहाँ है?इसी बहाने अपने आप को संभाला और फ़िर बाहर आकर उनके साथ जूस पिया. !’सुरेश सब कुछ अनसुना करते हुए हेमा को बुरी तरह से धक्के देकर चोद रहा था। हेमा झड़ चुकी थी, पर सुरेश ने उसे ऐसे पकड़ रखा था कि हेमा कहीं जा नहीं सकती थी और उसे जोरों से धक्के देते हुए चोदे जा रहा था।‘बस. सनी लियोन की सेक्सी ब्लू फिल्म वीडियोआगे तो देखो… कितना मजा आने वाला है।अब मुझे उसकी आँखों में वासनामय उत्तेजना दिखने लगी थी।मैं- चलो अब तुम्हारी बारी।मेघा- बारी.

गोल मासूम चेहरे पर रेशमी बाल, खूब उभरी हुई कश्मीरी सेबों सी लाल लाल गालें, मोटी मोटी गीली नशीली और बिल्ली सी हल्की भूरी बिल्लौरी आँखें, रस भरे लाल उचके हुऐ मोटे होंट जैसे लॉलीपोप को चूस्सा मारने को लालयित हों.

फिर मैं डाक्टर के पास गया और दर्द की दवा लेकर अनिता की छोटी बहन को दे दी और उससे कहा- दवा ले जा कर अनिता को दे दो. ? मैं तो तुम्हारे बारे में ही सोच रहा था।‘तुम नहीं आए तो मैं चली आई… सावन, तुम्हारे होंठ बहुत गुलाबी हैं.

फ़िर ऐसे ही कुछ दिन गुजर गये, करीब 15-20 दिन बाद एक रात को मैं अपने कमरे में अकेला था तो मुझे उसकी याद आई तो मैंने वो नम्बर निकाला और फ़ोन मिलाने की सोचने लगा, पर मेरी हिम्मत नहीं हुई, सोचा क्या कह कर मैं उससे बात करुँगा, तो मैंने उसको एक चुटकुला मैसेज से भेजा. !और उस के होंठों पर अपने होंठ रख दिए।वो छूटने की कोशिश करने लगी लेकिन मैंने उसे ढीला नहीं छोड़ा, कुछ देर में वो गर्म होने लगी और उसने छूटने की कोशिश छोड़ दी।तभी मैंने उसके मम्मों पर हाथ रखा और सहलाना शुरु कर दिया।15 मिनट तक ऐसा ही चलता रहा, फिर वो भी मेरा साथ देने लगी।फिर मैंने उसे बेड पर लिटा दिया और उसके मम्मे दबाने लगा और वो सीत्कारने लगी- आआअहह्हा अहहहा. हमने साथ खाना खाया।खाना खाने के बाद मैं पलंग पर जाकर बैठ गया और वो कपड़े बदलने बाथरुम में चली गई।जब वो बाहर आई तो मैं तो उसे देखता ही रह गया।उसने भूरे रंग की और बड़े गले वाली मैक्सी पहनी हुई थी.

क्या फीलिंग थी!’उसके बाद उसने मेरा नीचे वाला होंठ अपने होंठों में ले लिया और धीरे-धीरे चूसने लगा। उसका ऊपर वाला होंठ मैंने अपने होंठों में ले लिया। फिर उसने मेरा होंठ चूसते-चूसते अपनी जीभ मेरे होंठ पर फेरी।बाय गॉड.

वैसे वहाँ और भी सेक्सी लड़कियाँ थी, सभी तकरीबन 19/20 साल की लग रही थी और सबने ही मिनी-स्कर्ट और रिवीलिंग टॉप पहने हुए थे। शायद हम सभी लड़कियाँ क्लब जाने के लिए ऐसी ही ड्रेस पहनती हैं लेकिन एक लड़की वहाँ पर ऐसी थी जिसकी क्लीवेज ज्यादा ही एक्सपोज़्ड थी, उसे देख कर महक ने धीरे से कहा कि वो तो कालगर्ल जैसी दिख रही है. !मैंने पैंटी उतार दी थी। उस पर काली-काली मस्त सी झाँटे थीं। चूत से मदहोश कर देने वाली खुश्बू आ रही थी। कुछ देर तक चटवाने के बाद मैडम ने टांगें खोल दीं।मैंने तुरंत अपना लंड पेल दिया उसमें. मेरा विश्वास करो, मैं बड़े ही प्यार से धीरे-धीरे करूँगा और तुम्हें कोई तकलीफ़ नहीं होने दूँगा।‘लेकिन आपका ये इतना मोटा मेरी इतनी छोटी सी इसमें घुसेगा कैसे.

एक्स वीडियो सेक्सी इंडियामैंने एक फिर उसे रोकने की कोशिश की, पर उसने लगभग जबरन मेरी पेंटी उतार ली, अब मैं भी बगैर चुदे नहीं रह सकती थी, और कोई रास्ता भी नहीं था, बूबे दब चुके थे, पेंटी उतर चुकी थी. भतीजे के लाड़ दुलार चल रहे हैं, उसे मलाई खिलाई जा रही है, चलो अच्छा हुआ, मैं भी कहूँ कि ये कहाँ का न्याय है कि बहू पे इतनी मुहब्बत जता रहे हो और बेचारे भतीजे को सूखा सूखा छोड़ दिया कल रात !’ चाची की आवाज आई।कहानी चलती रहेगी।2873.

सेक्सी पिक्चर दिखाइए वीडियो कॉल

मेरी बहन के साथ के तो रोज देखती हो।मैं डर गई। राहुल ने मेरे वक्ष पकड़ लिए और दबाने लगा, मैं उसे मना ही नहीं कर पाई।फिर राहुल ने मेरी टी-शर्ट उतार दी और मेरे वक्ष दबाने लगा, मैं राहुल से लिपट गई।यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !फिर मैंने कहा- राहुल. तो दीदी और भी तेज़ी से अपना मुँह मेरे लंड पर चलाने लगी, मेरे लंड से पिचकारी निकली और सीधी दीदी के हलक में जाकर लगी. लो भाभी से बात करो।उन दोनों ने कुछ बात की फ़िर भाभी ने कहा- तुम थोड़ा बैठो, मैं ऊपर स्टोर में से कुछ समान और बिस्तर निकाल रही हूँ। अभी और भी थोड़ा काम है, फ़िर चाय बनाती हूँ.

राजू अब थोडा सम्भल चुका था और झट से मौके का फायदा उठाते हुऐ रीटा को उठाते हुए उस की कमर में हाथ डाल कर अपने लण्ड से रीटा की प्यारी की गाण्ड को गुदगुदा दिया. तो उसने अपना हाथ मेरे हाथ पर रख कर दबा दिया।ये सब इतना जल्दी हुआ कि मुझे पता ही नहीं चला।मैं उनसे ‘सॉरी’ कह कर दूर हो गया. पर अब मुझे लग रहा है कि यह तो जिन्दगी का लुत्फ़ उठाने का एक शानदार तरीका है।पिक्चर अभी बाकी है।आपके ख़त का इन्तजार रहेगा।.

ह्ह… सुनील मैं झड़ने वाली हूँ। और यह कहते हुए वह कुछ देर के लिए मछली की तरह तड़पने लगी।अब मैंने उसके पैरों को थोड़ा फैलाया और लण्ड का सुपारा उसकी गर्म गीली चूत पर रख दिया और वह उम्म्म…. अब मैं जैसा कहूँगा तू वैसा करेगी, नहीं तो तू सोच ले!मैंने नजरें झुका लीं और चुपचाप खड़ी रही।ससुर जी- चल अब सीधी खड़ी हो जा… मैं तेरे इस मादक रूप की फोटो तो खींच लूँ!मैंने हाथ हटा लिए, ससुर जी ने कई फोटो लिए।ससुर जी- चल. !हम दोनों बुरी तरह से पसीने में भीग चुके थे। मेरा ब्लाउज गीला हो चुका था और हल्की-हल्की हवा चलने लगी थी। सो, जब मेरे ऊपर से हवा गुजरती थी, मुझे थोड़ा आराम मिल रहा था। मेरी योनि भी इतनी गीली हो चुकी थी कि सुरेश का लिंग ‘फच.

मैं मरी जा रही हूँ!मैंने कहा- भाभी पहले चूस तो लो!मेरा लंड एकदम कड़क हो गया था, वो देख कर कहने लगी- बहुत मोटा है, पूरा मुँह में नहीं जाएगा!मैंने उसके मुँह के आगे अपना टोपा लगाया और वो धीरे-धीरे चूसने लगी।पहली बार किसी लड़की ने मेरा लंड चूसा… बहुत मज़ा आ रहा था। थोड़ी देर चूसने के बाद वो कहने लगी- विक्की, अब मत तड़फाओ चोद दो मेरी चूत. अंतत: वह मान गई।मैंने तुरन्त अपने मित्र के अपार्टमेन्ट की ओर गाड़ी मोड़ दी।अमित के अपार्टमेन्ट के पहले वाले मोड़ पर मैंने अन्नू को उतार दिया और कहा- दो-चार मिनट के बाद उस अपार्टमेन्ट में सेकेंड फ्लोर की तरफ सीढ़ी से चली आना। वहाँ पर मैं तुम्हें मिल जाऊंगा.

यह 28वीं मंज़िल पर था और इसकी बड़ी बड़ी खिड़कियों से पूरी पोवाई लेक दिखाई दे रही थी।जॉय ने लाइट्स दीं कर दी और म्यूज़िक चालू कर दिया.

रो मत, मैं बस यह कहना चाहता हूँ कि मैं तुझे बहुत प्यार करता हूँ और तुझे कोई पेरशानी नहीं होगी यहाँ पर… तू यहाँ खुश रह और अगर तूने मेरी बात नहीं मानी तो तुझे जो मैंने कहा है, मैं वो सब कर दूँगा और अताउल्ला से मैं खुद बात करूँगा और वो तुझे तलाक दे देगा, ना तू कहीं की रहेगी और ना तेरी दोनों कुंवारी बहनें. सेक्सी पिक्चर विदेशी सेक्सी पिक्चर!हम दोनों बुरी तरह से पसीने में भीग चुके थे। मेरा ब्लाउज गीला हो चुका था और हल्की-हल्की हवा चलने लगी थी। सो, जब मेरे ऊपर से हवा गुजरती थी, मुझे थोड़ा आराम मिल रहा था। मेरी योनि भी इतनी गीली हो चुकी थी कि सुरेश का लिंग ‘फच. सेक्सी ब्लू पिक्चर हिंदी सेक्सबेचारी दो साल से भूखी थी…फिर मामी ने मुझे नंगा करना चालू किया, पूरे कपड़े उतारे मेरे… फिर मेरे बदन को चूसने लगी… काट भी रही थी बीच बीच में… मुझे बहुत अच्छा लग रहा था… आख़िर में आ ही गई लंड के पास और बोली- क्या छोटा है रे लंड तेरा… बिल्कुल लोलीपोप…और चूसने लगी…मेरा तो कंट्रोल ही नहीं हो रहा था… मामी लोलीपोप बहुत अच्छे से खा-चाट रही थी…मैं मामी को दो मिनट में ही बोला- मैं झड़ जाने वाला हूँ. मुझे भी ऐसा ही पसंद है, पर मुझे सम्भोग से ज्यादा जिस्म के साथ खेलना पसंद है !‘जिस्म के साथ तब तक खेलो जब तक की तुम्हारा जिस्म खुद सेक्स के लिए न तड़पने लगे, फिर सेक्स का मजा ही कुछ और होता है !’बातों-बातों में हम नदी के किनारे पहुँच गए, पर हम ऐसी जगह की तलाश करने लगे, जहाँ कोई नहीं आता हो और हम नदी में नहा भी सकें।कहानी जारी रहेगी।मुझे आप अपने विचार यहाँ मेल करें।[emailprotected].

आपका स्वागत है।तभी सुनील बोले- आप लोग एन्जॉय करो मैं और आकाश चलते हैं।उन लोगों के जाने के बाद दरवाजा अन्दर से बंद करके मैं राज के पास आ गई।राज जी बोले- नेहा तुम्हारी चर्चा जब से सुनी है.

बस वैसे ही थोड़ा सा उदास सा हो गई थी।मैंने पूछा- अगर आप मुझे अपना दोस्त मानती हो तो मुझे अपनी उदासी का कारण बता सकती हो।तो उन्होंने कहा- हाँ लव. अपनी ऊँगली से काम चलाना पड़ता है।मैं- मेरे होते हुए ऊँगली की क्या जरूरत मेरी रानी।फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत के मुख पर रखा और ज़ोर से झटका मारा, वो चिल्लाने लगी।भाभी- हाए रे. !तो वो बोली- मेरी शादी को 8 साल हो गए हैं और मुझे एक भी बच्चा नहीं हैं। उनको उस सब में कुछ मन ही नहीं है।तो मैंने कहा- मैं तुम्हें औलाद का तोहफा दे सकता हूँ.

मैं जैसे ही बैड के नजदीक गया, भाभी ने मुझे बिस्तर पर लिटा दिया और मेरे ऊपर चढ़ गई, भाभी ने मेरा लंड अपनी चूत से लगाया और झटके से बैठ गई. ? मुझे पता है यह करने से ही औरतों के बच्चा होता है।‘तू हमे चूतिया समझती है ! सरकार से मिलने वाले पैसे के लालच में हम बहुत पहले अपने लण्ड का कनेक्स्सन कटवाये लिय थे. जीजू… बस… ओह… रुको… आह… ईईईईइ…!’अब रुकने का क्या काम था मैंने एक धक्का लगा दिया। इसके साथ ही गच्च की आवाज के साथ आधा लण्ड गाण्ड के अन्दर समां गया। उसके साथ ही माया की चीख निकल गई।‘ऊईईइ…माँ आ अ… हाय.

चूत की सेक्सी हिंदी

जिम मौरीसनयह कहानी मेरी पहली कहानी है और सच्ची है।मेरे घर के बगल में एक लड़की रहती है जिसका नाम सिम्मी है, बहुत ही खूबसूरत है लेकिन घर के एकदम पास होने के कारण मुझे उससे राखी बंधवानी पड़ती थी।लेकिन इसी के कारण मैं उससे बेहिचक मिलता भी था, ना मेरे घर वाले और ना ही उसके घर वाले मुझ पर शक कर सकते थे।उसके स्तन और लड़कियों से काफी बड़े थे, उसके नितम्ब को जब भी मैं देखता. मैं कर लूँगी, चल जल्दी शुरू करते हैं दो दिन में प्रोजेक्ट देना भी है। चल बता क्या करूँ अब?निशा- चल अब एक नोटबुक ले और एक पेन ले और उस पर अपना नाम लिख, आज की तारीख़, जगह का नाम, तूने कौन से कपड़े पहने हैं और उनका रंग क्या है ये सब लिख और हाँ. आंटी ने कहा- चाबी समीर ले गया है वो हमारे ही घर पे सो रहा है, तुम भाभी के साथ जाओ और मोनू को भी ले जाना उसको कल स्कूल भी तो जाना है.

!’मैंने उसकी बुर की दरार में ऊँगली डाली तो बोली- क्या ऊँगली ही डालेंगे आप? इतना कह कर चुप हो गई।मैंने कहा- रुको डार्लिंग.

तो फोन कर देना, मेरी मौसी तुम्हारे मोहल्ले से थोड़ी दूर रहती हैं, मैंने अपने घर पर बता दिया है कि मैं वहाँ जा रही हूँ, मैंने मौसी को भी फोन कर दिया है, तो साथ-साथ चलेंगे!शाम को वो ओर मैं एक साथ बस में बैठे, सीट मिल गई, बहुत दिनों के बाद हम साथ में थे।वो धीरे से बोली- कल सुबह मौसी से ऑफिस में जल्दी बुलाया है यह कह कर जल्दी तुम्हारे पास आ जाउँगी.

5″ है और मुझे सेक्स करने का बहुत मन करता रहता है। यह समझ लो कि शायद ही मेरे लण्ड को शांति मिलती हो। अब मैं अपनी कहानी पर आता हूँ।एक दिन मेरे पास अपने फ़ोन का बिल जमा करने के लिए एक कन्या का फ़ोन आया उसका नाम पलक था व उसकी आवाज बहुत ही मधुर थी, तो बातों ही बातों में मैंने उसको बोल दिया, मैडम आपकी आवाज बहुत ही प्यारी है. सीस्सीसीस्सी !रीना वहीं खड़ी-खड़ी अपनी उंगली मुँह में लेकर गीली करती है और बुर की फाँक खोल कर उसको रगड़ने लगती है।रीना- आ. लम्बा लैंड!मैं यह कैसे एड्जस्ट कर पाऊँगी कि मेरा बदन जो सिर्फ़ मेरे पति की अमानत है, उसे कोई और छुए, कोई और उसका मज़ा ले।खैर.

!आरोही- भाई ये सब रेहान का कमाल है, जादूगर है वो ये देखो…!इतना बोलकर आरोही चादर खींच लेती है और वो दोनों नंगे उनकी आँखों के सामने आ जाते हैं। जूही शरमा जाती है और अपने पैर मोड़ कर चूत छुपा लेती है और हाथों से मम्मों को ढक लेती है।राहुल- वाउ यार. रीटा ने अपनी गोरे बाजू राजू के गले में डाल कर सीऽऽऽ सीऽऽऽ करती जोर जोर से अपना जलता और गीला यौवन रगड़ कर राजू के लण्ड खडा करने लगी|राजू ने धधकती सुलगती जवानी को बाहो में ले कर ताबड़तोड़ पटाक पटाक से चुम्बन रीटा के गुलाबी गालों पर जड़ दिये. सलमा बोली- आप रहने दो जी, मैं देवर जी से करवा लेती हूँ, वो कोई फीस नहीं लेते और ब्रा में हाथ दाल कर चूचियां सेट भी कर देते हैं !.

वो सब तो फिर भी ठीक पर उस सपनों की रानी के गरमागरम कोमल हाथों में अपना लण्ड दे दिया… और फिर उन्ही हाथों में वीर्य विसर्जन…इतना सब देखने के बाद जब मैंने फिर से उनकी इच्छा सलोनी की नंगी चूत के चुम्मे की सुनी… और वो उसकी साड़ी को ऊपर करने लगे. मैं समीर आपके सामने अपनी ज़िन्दगी की एक और घटना सुनाने जा रहा हूँ, आशा है कि आप सबको पसन्द आएगी और आप इसका पूरा मजा लेंगे.

फिर मैं उसकी चूत को अपने होठों में भर-भर कर चूसने लगा और उसके चूत के दाने को धीरे-धीरे अपने दांतों से मसलने लगा.

यह मेरी सच्ची कहानी है इसलिए मैंने कहानी में चाची का नाम नहीं लिखा इससे उनकी जिंदगी बरबाद हो सकती है. हम दोनों कॉफी पीने लगे… क्रू मेम्बर बाहर चले गए और स्टूडियो का दरवाज़ा भी बंद हो गया…मोहित सर ने प्रोजेक्टर पर तीस फोटो दिखाए. मगर मैं था कि शताब्दी-एक्सप्रेस की गति से उसकी टाँगें सहलाते हुए मैंने उंगली उसकी चूत में डाल ही दी।मैं एकदम मंजे हुए चोदू की तरह.

सेक्सी वीडियो फुल एचडी जबरदस्ती वाली बात बचपन से शुरू करते हैं जब मैं बहुत छोटा था तो कानपुर में मेरे मकान मालिक की लड़कियाँ मुझे आपने साथ खिलाने के लिए लेकर जाया करती थी और अकेले कमरे में मेरे सामने सलवार खोल कर बुर दिखाती थी और कहती थी कि इसमे उंगली डालो, टॉफी देंगी. पर मैं तुम्हें बताने से डरता था… पर तुम ये सब क्यों पूछ रही हो?मनीषा- असल में मैं भी तुमसे बहुत प्यार करती हूँ, पर मैं भी तुम्हें बताने से डरती थी। कहीं तुम बुरा न मान जाओ!मैं- अरे उसमें डरने की क्या बात है… चलो जो हुआ सो हुआ, अब तो हम एक हुए ना!मनीषा- हाँ.

शराबी पति-1बगल में मर्द सो रहा था, इस अहसास से चूत में खुजली होने लगी, नींद नहीं आ रही थी, जवानी की आग भड़क रही थी, रमेश ने कई दिनों से मुझे नहीं चोदा था. ’उसके बाद वो मेरी कैपरी की तरफ देखने लगी जो कि मेरे पैरों के बीच में टेंट बन चुका था। वो मुस्कुरा कर चलने लगी और चली गई। उस बात को दस दिन हो चुके थे।एक रात को मेरी मम्मी ने कहा- तुम्हारे पापा बाहर गए हैं और रात को नहीं आने वाले हैं, तो तुम खेत में सोने के लिए चले जाओ. तुम्हारे लिए तो सही समय पर आया हूँ… पर अंकल को देखकर बिल्कुल नहीं लग रहा कि मैं ठीक समय पर आया हूँ … बहुत मायूस दिख रहे हैं बेचारे… उनके चेहरे को देखकर ऐसा ही लग रहा था जैसे बच्चे के हाथ से उसकी चॉकलेट छीन ली हो.

गुजराती सेक्सी सील पैक

जानम समझा करो। शाम 6 बजे घर पर आना। कोई नहीं होगा। मैं आपको चाय पिलाऊँगी। प्लीज़ आ जाना- तुम्हारी ममता।अब तो मेरी खुशी का कोई ठिकाना ही नहीं था। शाम 6 बजे मैं उसके घर गया।उसने नीले रंग का सूट पहना हुआ था मेरी ममता बहुत खूबसूरत थी, गोरा रंग 5. !उसने कम्बल को हटा दिया और मेरे स्तनों के ऊपर टूट पड़ा। वो उन्हें बारी-बारी से दबाने और चूसने लगा और साथ ही धक्के भी लगाने लगा।उसके धक्के अब धीमे पड़ने लगे। उसने मेरी योनि में रुक-रुक कर धक्के लगाने शुरू कर दिए, पर धक्के इतने जोरदार होते कि हर धक्के पर मैं कुहक जाती। मैं समझ गई कि वो थक गया है।मैंने उससे पूछा- अब क्या हुआ. हम दोनों इस पल का आनन्द ले रहे थे और अपने अपने सपनों में खोये हुये थे, हमारे दोनों के सपने तो जब टूटे जब हम दोनों के शरीर अकड़ने शुरू हुये.

मैं समझ गया कि आज प्यार का सागर उमड़ गया है… आज मजा आएगा।फिर वो रुकी और बोली- जब तुमने मुझे सेन्ट्रल पार्क में पहली बार किस किया था तब मुझे नहीं लगा था कि मैं भी कभी सेक्स के लिए इतना उत्तेजित रहूंगी, लेकिन आज सारे बंधन टूटेंगे… मैं खुश हूँ कि तुमने आज तक मेरे साथ कभी जोर जबरदस्ती नहीं की, न ही मेरे खिलाफ गये… इसलिए मैंने सोचा था कि अगर मैं कभी शादी के पहले सेक्स का मजा लूंगी तो वो सिर्फ आपके साथ. !मैंने गति बढ़ा दी, लण्ड गाण्ड की पूरी गहराई तक जा रहा था, भाभी लम्बी लम्बी साँसें ले रही थीं, मैंने अपने होंठ भाभी के होंठों पर गड़ा दिए।करीब 20 मिनट की ताबड़तोड़ चुदाई के बाद मैंने भाभी की गाण्ड को फिर वीर्य से भर दिया। अब शरीर की हालत पतली हो चुकी थी, पता ही नहीं चला कि हमें कब नींद आ गई।जब सुबह मैं उठा तो भाभी मेरे लिए चाय लेकर आईं, कहने लगीं- रात की चुदाई से कमर और गाण्ड में बहुत दर्द है.

अपनी ऊँगली से काम चलाना पड़ता है।मैं- मेरे होते हुए ऊँगली की क्या जरूरत मेरी रानी।फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत के मुख पर रखा और ज़ोर से झटका मारा, वो चिल्लाने लगी।भाभी- हाए रे.

दोस्तो, यह कहानी उन सबकी कहानी है जिन्होंने अपने अपोज़िट सेक्स वालों से स्कूटी चलानी सीखी है या सिखाई है।स्कूटी सीखना कितना मज़े का काम है, यह मैं आप को बताता हूँ।बात उस समय की है जब एक्टिवा का जन्म होने को था और लोग स्कूटी पर मजा लेते थे। उस वक्त मैं बी. चूत के बाहरी होंठ भी अन्दर ठंस जाते।इसी दशा में मैंने लगभग 30 धक्के लगाए। वो बीच में दो बार और तड़प उठी थी।अब सहना मुश्किल हो रहा था. ? अह्ह्हाआआ ओह्ह नहीईइइइ अह्ह्हाआआआ बस्स्स्स्स्स्स अमित बस ना…अमित- सुनो जानेमन, अभी मेरी एक इच्छा रह गई है… उसको अब तुम्हारे ऊपर है… कैसे पूरा करती हो।सलोनी- पागल हो गए तुम… कल से कितनी सारी तुम्हारी इच्छाएँ पूरी की है… तुमको याद भी हैं या नहीं… और फिर से एक और इच्छा.

??मॉम सकपकाते- कुछ नहीं एक चाबी थी, शायद तुम्हारे भैया ले गए।नीचे आकर मैंने देखा कि मॉम सीधी डैड के पास गई और कुछ पूछा।डैड ने ना में सर हिलाते हुए कुछ कहा और दोनों हैरान-परेशान से दिखने लगे।मॉम की कच्छी न मेरे पास… ना डैड के पास, न खुद मॉम के पास तो फिर बचा कौन?मैंने कनखियों से देखा तो चाचा की पैंट की जेब कुछ उभरी थी !. सॉरी आप हैं कौन ?”हाय ! क्या अदा है ? तुम क्यों पहचानोगे तुम्हें तो उस मैना के सिवा कुछ दिखाई ही नहीं देता। पता नहीं ऐसा क्या है उसमें जो उसके मिट्ठू ही बने रहते हो !”ओह… न … नीरू ? … ओह… सॉरी मैंने पहचाना नहीं था… कैसी हो ?”ओह… यह तो नीरू थी। आपको ‘अभी ना जाओ छोड़ कर…. क्योंकि मैंने तय कर लिया था कि जो लड़का सबसे पहले मेरी चूत देखेगा उसी के साथ मैं यह सब करूँगी। चूत में ऊँगली डाल-डाल कर मैं बोर हो गई थी, इसलिए रोज़ जानबूझ कर मूतने ऊपर ही आती थी, कितने किराएदार आए और गए, पर क़िसी को मौका नहीं मिलता।फिर मैंने जानबूझ कर गुसलखाने की कड़ी ही तोड़ दी, पर उसके बाद भी इंतज़ार करना पड़ा तुम्हारा.

तब तक मैं इसके नट बोल्ट खोलता हूँ !हवलदार- अरे छोड़ो साब, इसको गाड़ी पर लेकर चलते हैं… मेरे से तो बिल्कुल नहीं रुका जा रहा.

तब्बू की बीएफ: कॉम पर पढ़ रहे हैं।… आ… अ्ह्ह्ह…पाँच मिनट तक हमारा धक्कमपेल चला… और मैं झड़ गया।मामी बहुत खुश थी, बोली- कल से रोज रात मेरे साथ ही सोना और जब चाहे तब मुझे चोदते रहना!आज भी मैं मेरे मामी को वो सुख देता हूँ और उन्हें खुश रखता हूँ।. राजू का खम्बे सा लम्बा लौड़ा अपनी नन्ही सी गाण्ड में गपक कर रीटा का चूत मरवाने का आत्मविश्वास बुलंद हो गया था.

भाई पागलों की तरह मेरी जाँघों को अपने मुँह से सहला रहा थे और चूम रहा था।फिर हौले से भाई ने मेरी पैंटी खींच दी। ‘हा. मैंने घूँघट को किसी तरह संभाला तो देखा की विनायक मेरे चेहरे की तरफ एकटक देख रहा है, मुझे शर्म आ गई और मैं झटपट उसे पैसे देकर भाग गई।इन्ही छोटी बड़ी बातों में न जाने कब मुझे विनायक से प्यार हो गया. कुछ देर के बाद मैंने पाया कि मेरा लंड पानी से भीग रहा है और मुझे लगा कि वह पानी छोड़ रही है।वो नीचे से कमर उठा-उठा कर चिल्ला रही थी और बड़बड़ा रही थी- हाआआअन और चोदो.

अन्नू ने कहा- आपको अभी तक पता ही नहीं चला था क्या?मैंने अपने लंड को अंडरवियर के ऊपर से कस के दबाते हुए कहा- मुझे तो अंदाजा ही नहीं था कि आपके नीम्बू अब खरबूजे बन गए होंगे.

मेरे पिताजी के बचपन के दोस्त की बेटी की शादी थी। पिताजी को व्यापार के सिलसिले में मुम्बई जाना था तो उन्होंने मुझे शादी में जाने को कहा. कितने बड़े हैं?’‘कैसे बताऊँ?’‘अपने मुँह से ही बता दो?’ मैं अपनी हंसी नहीं रोक पाया।‘मैं 28 नंबर की ब्रा पहनती हूँ पर वो भी ढीली रहती है।’‘ओह… ऐसे नहीं !’‘तो कैसे समझाऊं?’‘संतरे जितने हैं?’‘नहीं !’‘आम जितने?’‘नहीं !’‘तो क्या नीबू जितने हैं?’‘नहीं उससे तो थोड़े बड़े ही लगते हैं. उसकी बड़ी-बड़ी चूचियाँ मेरी आँखों के सामने झूल रही थी, मैंने अपने हाथ आगे बढ़ा कर उसकी दोनों चूचियों को थाम लिया और एक-एक करके चूसने लगा.