बीएफ हिंदी बांग्ला

छवि स्रोत,ब्लू पिक्चर दिखाएं सेक्सी में

तस्वीर का शीर्षक ,

बीएफ दिखाओ वीडियो बीएफ: बीएफ हिंदी बांग्ला, !राहुल- तो अब कौन से बड़े हो गए और क्या फ़र्क पड़ गया है, अब यार तुम तो कहती हो कि मुझे फिल्म में हीरोइन बनना है, ऐसे शरमाओगी तो तुम हीरोइन कैसे बन पाओगी?आरोही- हाँ भाई.

अंग्रेजी बीएफ चोदी चोदा

सन्ता चुदाई करते करते- अबे तुझे कैसे पता?पप्पू- सलमान भी बालकनी में खड़ा है…***सन्ता मास्टर- ‘She is kidding’ इसका हिन्दी में अनुवाद करो !पप्पू- वह बच्चे पैदा कर रही है।सन्ता यह जवाब सुन कर बौखला गया और कहा- यह गलत है।पप्पू तपाक से बोला- मास्टर जी, ‘Kid’ का मतलब क्या होता है?सन्ता- बच्चा !पप्पू- तो ‘She is kidding’ का मतलब यही हुआ ना ‘वह बच्चे पैदा कर रही है।***. गधे वाला सेक्स!वो झट से अपना टॉप और निकर पहन कर उठी और नहाने चली गई।मैं बिस्तर पर ही बैठा था। थोड़ी देर में प्रिया नहा कर, कपड़े पहन कर आ गई, बहुत सुन्दर लग रही थी। उसके हाथ में तौलिया था। उसने मुझे उठाया, अपना तौलिया मेरी कमर पर बांध दिया और मेरा हाथ पकड़ कर बाथरुम लेकर आ गई।फ़िर मेरा तौलिया खोलते हुए बोली- जान तुम नहा लो, मैं अपना काम कर के आती हूँ…मुह्ह्ह.

वह बुरी तरह सिसकार रही थी और अपनी कमर हिलाये जा रही थी।मैं अपने दोनों हाथों की मुट्ठियों में उसके चूतड़ों को पकड़ कस कस कर दबाने लगा तो जरा सी देर में नीलू की हालत बुरी हो गई, वो छोड़ने के लिए मिन्नतें करने लगी…नीलू: नहींईइइइइ… छोड़ दीजिये ना. कॉलेज गर्ल्स एक्स एक्स वीडियोबल्कि वो हैवान जिस तरह मेरी इशरत को चोद रहा था… उसे देख कर ही मेरा लंड फटने को हो रहा था।फ़च… फ़च… की आवाज़ गूँज रही थी पूरे कमरे में !इशरत की दर्द भारी आहें किसी को झाड़ने के लिए काफ़ी थी.

फिर साजन ने, सुन री ओ सखी, फव्वारा जल का खोल दियाभीगे यौवन के अंग-अंग को होंठों की तुला में तौल दियाउस रात की बात न पूछ सखी जब साजन ने खोली मोरी अंगिया!.बीएफ हिंदी बांग्ला: तो छोटा सा है। वो इतनी देर में तो दो बार झड़ जाता है।वो मेरे शरीर को चूमती रही और वो दो बार झड़ गई। अब मैंने उसे कुतिया बना लिया और पीछे से लण्ड डाला। मैंने उसके दोनों दूध पकड़ कर ज़ोर-ज़ोर से धक्के देना चालू कर दिए।वो चिल्ला रही थी- चोद मुझे.

!”जीजा जी उठे और हम दोनों ने बाथरूम में जा साफ-सफाई की और कपड़ा पहनने लगे। तभी नीचे मैं गेट खुलने की आवाज़ आई।मैंने जीजाजी से कहा- अब आप दीदी के कमरे में चलिए, मम्मी आ गई हैं।जीजाजी अपने कमरे में चले गए। मैं तैयार हो कर अपने कमरे से निकली तो देखा चमेली चाय लेकर ऊपर आ रही है।हम दोनों साथ-साथ जीजा जी के कमरे में घुसे देखा जीजाजी तैयार होकर बैठे हैं, चमेली चहकी, वाह.एक हाथ से उसने सुन ओ सखी, स्तन दबाये और भींच लियामैंने गर्दन को ऊपर कर, उसके हाथों को चूम लियादोनों बाँहों से भींच मुझे, साजन ने करीब और खींच लियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

सेक्सी बीएफ एक्स एक्स एक्स एक्स - बीएफ हिंदी बांग्ला

! मैंने उन्हें दस मिनट तक खूब चूसा…!वो मुझे बोली- साले हब्शी, नीचे भी चूसने की जगह है उसे कौन प्यार करेगा.!आरोही खुश होकर रेहान से लिपट गई और उसे चूमने लगी।रेहान भी उसके होंठों को चूसने लगा, दोनों एक-दूसरे को कस कर भींच लिया।करीब 5 मिनट के चूमा-चाटी के बाद रेहान उसको बाँहों में उठा कर बेड पर लिटा दिया और उसके मम्मों को दबाने लगा।आरोही पर मस्ती चढ़ने लगी और वो रेहान के शर्ट के बटन खोलने लगी।रेहान भी उसकी शर्ट के बटन खोलने लगी।अचानक रेहान को कुछ याद आया और वो उठ गया।आरोही- उहह डार्लिंग आओ ना.

!”मैं पागलों की तरह उनका लंड को अपने थूक से भिड़ा कर के उसको चाट रही थी। मौसा जी मेरे इस अंदाज़ से पागल हुए जा रहे थे।अह. बीएफ हिंदी बांग्ला संजनाहैलो दोस्तो, मैं आपकी दोस्त संजना, लुधियाना से एक बार फिर आपके लिए एक और कहानी लेकर आई हूँ। यह कहानी बिल्कुल सच है, पात्रों के नाम बदल दिए गए हैं और थोड़ा बहुत मसाला डाला है, पर कहानी एकदम सच है, किसी ने मुझे बताई और मैं आपको अपने अंदाज़ में बता रही हूँ। तो मजा लीजिए….

मैंने उन्हें हटाते हुए कहा- हो गया ! अब काम कर लूँ या अभी आग ठंडी नहीं हुई है?ननदोई जी हांफ़ते हुए कहने लगे- हो गया… कर लो…मै- अब और नहीं करेंगे… पैकिंग भी करनी है मुझे…ननदोई जी- ठीक है…मैं मैक्सी पहन कर आ गई और घर के काम में लग गई।दिन भर ननदोई जी शांत ही रहे। शाम को हमें निकलना था इसलिए मै पैकिंग में लग गई।शाम को करीब 3 बजे मैंने ननदोई जी से तैयार होने को कहा और खुद भी तैयार होने लगी.

बीएफ हिंदी बांग्ला?

वो हमेशा ऐसी ब्रा पहनती थी कि उसके चूचे मिसाईल की तरह लंड पर वार करते थे।मैं हमेशा से ही उसके चूचों को देखने की ताक में रहता था और जब कभी उसकी ब्रा के थोड़े से भी दर्शन हो जाते. लेकिन फिर अपने लंड पे नाज़ करते हुए मैं मुस्कुरा पड़ा और आगे बढ़ कर उसकी चूत पे अपने होंठों से एक हल्की सी पप्पी ले ली।उह्ह्हह… ऐसे मत करो ना. जब मैं बाथरूम के अन्दर पहुंची तो मैंने वहाँ पर 2-3 मैगजीन देखी उस मैगजीन को देखकर मैं बाथरूम का दरवाजा बंद करना ही भूल गई, मैंने अपने नीचे के कपड़े नीचे किये और एक मैगजीन उठा कर मैं पॉट में पेशाब करते हुए उस मैगजीन को देखने लगी.

मैं भी साजन को छेड़त थी, कभी अंग को पकड़त छोड़त थी,साजन की कमर, नितम्बों पर, कभी च्योंटी काट के दौड़त थी,साजन के उभरे सीने पर, मैंने दंताक्षर री सखी छाप दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. मैं किसी अच्छे डायरेक्टर से बात करूँगा। रही बात फाइनेंस की, वो मैं कर दूँगा, पर स्क्रीन टेस्ट के बाद ही मैं कुछ बता पाऊँगा. उसने देखा कि सलमा ने सबके फोन नम्बर ऐसे सेव कर रखे थे-आँखों का इलाजदिल का इलाजकानों का इलाज़उसे अपना नाम कहीं नही दिखा तो उसने गुस्से में अपना नंबर डायल किया तो नाम सामने आया- लाइलाज***इरफ़ान दफ्तर से घर लौटा।उसे देखते ही सलमा ने कपड़े उतार दिए।सलमा- पता है ना अब क्या करना है?इरफ़ान- बिजली नहीं है, मैं मशीन के बिना कपड़े नहीं धो सकता।***.

वो थोड़ी देर तक मेरा लंड हिलती रही, मैं आअह ओह्ह करता रहा, मुझे लगा कही मेरा निकल ना जाये इसलिए उसको हटाया फिर उसके होंठ चूसने शुरू कर दिए. पर अगले दिन से उसकी फिर से वही हरकतें चालू… तो मैंने बोला- इस सन्डे को हॉस्टल से छुट्टी ले ले, कहीं चलते हैं…तो सन्डे को हम दोनों कॉलेज के बाहर मिले। वो पूरी माल लग रही थी. तुम जो चाहो मेरे साथ कर सकते हो।मेरा लण्ड महाराज खड़ा हो चुका था। मैं सोफे पर बैठ गया और लण्ड खड़ा कर कविता को ऊपर बैठने को कहा। कविता के बिना देरी किए वैसा ही किया और धीरे-धीरे लण्ड अन्दर लेने लगी, आधा लण्ड चूत में जाते ही उसकी चीख निकल गई।कविता- आह उई माँ … आ सी आ.

!जूही बड़े प्यार से आरोही के मम्मे चूस रही थी और आरोही उसकी गाण्ड को दबा रही थी।आरोही- तुम लेट जाओ, मैं तुम्हारी चूत में उंगली डालती हूँ, मज़ा आएगा।जूही- ओके दीदी, वैसे भी चूत में कुछ हो रहा है. कितने प्यारे हो गए हैं तुम्हारे ये मम्मे…सलोनी- अच्छा बस अब छोड़ भी दो ना… पूरा टॉप खराब कर दोगे तुम… मुझे अभी घर भी वापस जाना है…मनोज- अरे यार पिला दो ना… क्यों इतना नखरे कर रही हो… पहले भी तो पीता था…इस पर तो तुमको ऐतराज नहीं होता था… चलो उतार दो अब टॉप.

तीसरे दिन सलमा की जेठानी ने पूछ लिया- सब ठीक ठाक चल रहा है ना?सलमा गुस्से से बोली- ख़ाक ठीक ठाक ! बस एक ही बात बोलता है ‘मुत कर आओ!’तो जेठानी ने बताया- यह इरफ़ान तोतला बोलता है, वो तुमसे कहता है ‘मुस्कुराओ’अब रात हुई, इरफान फिर बोला- जान मुत कर आओ…अब सलमा को जोर की हँसी आ गई…इरफ़ान बोला- अले जानेमन.

अंगन से रगड़त थे अंगन को, सब अंगन पे जीभ फिरात रहेसर्वांग मेरे बेहाल हुए, मुझे मोम की भांति पिघलाय दिया,उस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

मैं भाभी को बांहों में लेकर चूमने लगा और पूछा- क्या तुम्हारा देवर चुदाई के लायक है?भाभी ने भी मुझे अपने बाहुपाश में जकड़ लिया- हाँ जी है !यह मेरा और भाभी का मस्त चुदाई वाल प्रकरण था जो आपके सामने रख दिया अब आप ही इसका ‘आलू-चना’ (आलोचना) करो और प्लीज़ मुझे जरूर लिखना ![emailprotected]. मैंने माल गले के नीचे नहीं किया और सारा माल मुँह में रखा और पूरे मुँह में घुमाने लगी और फिर तैयार हो गई और बाहर आ गई. साजन ने बैठकर बिस्तर पर, मेरे कंधे सहलाए सखीगालों पर गहन चुम्बन लेकर, अंगिया की डोर को खींच दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

!आरोही उसको आगे-पीछे करने लगी, पर वो जानती थी, ऐसे कुछ नहीं होगा तो उसने आँख बन्द करके लौड़ा मुँह में डाल लिया और उसको चूसने लगी।अन्ना तो स्वर्ग की सैर पर चला गया था। आरोही ने होंठ टाइट करके अन्ना को इशारा किया कि अब वो आगे-पीछे करे।अन्ना- आ मज़ा आ रहा है बेबी उफ्फ. चल तैयार हो जा रेलवे से सील तुड़ाई का भत्ता लेने को।नीलू- मतलब ?अबे यार जब ट्रेन में कोई बच्चा पैदा होता है तो रेलवे उस बच्चे को आजीवन यात्रा पास देती है अब तू भी क्लेम कर देना कि तेरी सील ट्रेन में टूटी थी सो रेलवे तुमको भी आजीवन ट्रेन में चुदने का पास से देगी हा हा हा. तब तक ऐसा कुछ भी नहीं करूँगा, जिससे तुम्हें तकलीफ हो।पर माया का ‘नानुकुर’ बंद नहीं हुई, तो मैं उठ गया और उससे रुठते हुए बोला- देख लिया तुम्हारा प्यार.

मज़ा करो, पर उससे कोई सवाल मत करना। मैंने उसका माइंड ऐसे बना दिया है कि अब वो खुलकर तुम्हारे साथ मस्ती करेगी, पर तुम उसको अहसास मत होने देना कि तुम्हें पता है और रात को हम दोनों मिलकर उसको चोदेंगे… वादा याद है ना…!राहुल- हाँ यार मुझे याद है.

चुम्बनों से मैं थी दहक गई, जल-क्रीड़ा से बहकी मैं सखीबरबस झुककर स्व मुख से मैंने साजन के अंग को दुलार कियाउस रात की बात न पूछ सखी जब साजन ने खोली मोरी अंगिया!. घटना को लिपिबद्ध करने में कामुकता पैदा करना आवश्यक हो जाता है और उद्देश्य भी यही होता है कि लड़कों के लंड से रस टपकने लगे और वे सब मुट्ठ मारे बिना न रह पायें तथा सब लड़कियों की चूत रसीली हो जाए और उनके हाथ भी जबरदस्ती उनकी चूत में घुस जाएँ. मैंने उनको उस पत्र का उत्तर दे दिया और उन्होंने मुझे याहू पर जोड़ लिया और फिर हमारी उनसे तीन दिन तक अलग-अलग विषय पर बात हुई, जिससे उनके मन का एक वहम या सही कहूँ डर था, निकल गया.

अगर देख लिया तो मुश्किल हो जाएगी।”तेरी मालकिन अभी बाहर गई है शॉपिंग के लिए, कम से कम 2 घंटे तक नहीं आएगी।”सच्ची. लण्ड चूसते-चूसते कभी कभी सोनू मेरे दोनों अंडकोष को भी मुँह में ले लेती जिससे मेरे मुँह से ‘आह’ निकल जाती. और पीछे से उस आदमी का लंड इशरत की गाण्ड की दरार की बीच से होता होता हुआ चूत में घचागच घुसे जा रहा था.

बात करते-करते मैंने पूछा- क्यों, कल रात जैसा आज भी कुछ खेलें?‘क्या? आज तो सिर्फ हम दोनों ही हैं?’ वो बोली.

आज तेरी खुजली का पक्का इलाज कर दूँगा।दीपाली ने सोचने का नाटक किया और मन ही मन बोलने लगी।दीपाली- बुड्डे. और रात होने का इंतज़ार करने लगा, जब रात में वो मेरे रूम में स्टडी करने आई और कुछ देर बाद जब घर में सब लोग सो गए तो मैंने अपनी स्टडी स्टॉप की और उसे चूमना शुरू कर दिया.

बीएफ हिंदी बांग्ला प्लीज़ दोपहर को मुझे अपनी सहेली के यहाँ जाना है, आज वहाँ लंच के लिए मुझे बुलाया है, बाकी सब सहेलियाँ भी आ रही हैं।राहुल- नो. तुम भी ना… अब जब हर समय साथ है… तो सभी काम ही करेगी ना… और वो तो मेरी पर्सनल सेक्ट्रेरी है… (उसकी चूत को मसलते हुए) तो पर्सनल काम भी… हाहाहा…सलोनी ने मुझे धक्का देते हुए- अच्छा जी… खबरदार… जो मेरा हक़ किसी को दिया तो… वैसे भी वो छम्मक-छल्लो कितना चमक धमक कर आती है…मैं- क्या यार तुम भी ना.

बीएफ हिंदी बांग्ला अब सब ठीक है लौड़ा पूरा अन्दर जा चुका है… अब तुम मज़ा लेने के लिए तैयार हो जाओ… पर एक-दो बार और दर्द होगा. जब मुझे दीपक के लंड से मजा नहीं आया तो मैंने सोचा काश मुझे कोई लम्बा लंड मिल जाये अपनी चूत में डलवाने के लिए.

!”मैंने उसकी चूत फाड़ डाली थी। उसकी चूत से खून निकल आया। उसकी चूत फट चुकी थी। मैंने उसकी सील तोड़ दी। वो दर्द के मारे कराह रही थी और मैंने उसे प्यार से सहला रहा था। वो बेचारी दर्द से बिलबिला रही थी।मैंने अपने लण्ड को हिलाने की कोशिश की तो वो बोली- बाबूजी, अब नहीं अब निकाल दो प्लीज़.

राजस्थानी सेक्स खुला वीडियो

मैं उन्हें देख क़र पूरे जोश से उनकी चूत को काटने लगा,चाची अहाहा हाह सीईईएईईइ अआजह्हा आहा अह्हह ओह्ह्ह हूह्ह ह्म्म्म अह्हह क़र रही थी, उन्हें पूरा आनन्द आ रहा था. हैलो फ्रेंड्स, मैं अन्तर्वासना का बहुत ही बड़ा फैन हूँ और मैं हर रोज इसकी कहानियाँ पढ़ता हूँ और मुठ मारता हूँ. मेरे लौड़े से तो बूँदें टपकने लगीं…!जूही के मुँह में लंड था, उसको हँसी आ गई। उसने और ज़ोर से लौड़े को चूसना शुरू कर दिया।साहिल- आ.

! अच्छा बताओ किसी लड़की या औरत के साथ कभी किया है?मैं- नहीं।वो- खुद को शान्त कैसे करते हो?मैं थोड़ा झेंपते हुए- हिलाकर. ?सलोनी- नहीं यार… ऐसा कुछ नहीं हुआ… बस जैसे तूने देखा… ऐसे ही किसी न किसी देखा होगा… बस… और तो कुछ नहीं हुआ…नज़ाकत- अच्छा और तुम्हारे देवर, वो कहाँ तक पहुँचे. करने लगी। मैंने उसकी ब्रा भी उतार दी और उसको बेड पर लेटा कर उसकी चूचियों को मुँह में लेकर चूसने लगा। सीमा की सिसकारियाँ गूंजने लगी थी। मैं कभी उसकी दायीं चूची को चूसता तो कभी बायीं चूची को।सीमा मस्ती के मारे सिसिया रही थी- चूस लव चूस जोर से चूस मेरी चुचियाँ….

सब मिलकर मुझे चोदो मेरा हाल से बेहाल कर दो ताकि दीदी ने जो किया, उसकी सज़ा के तौर पर मैं अपने आप को खुश समझूँगी कि मैंनेदीदी को बचा लिया।साहिल- नहीं जूही तुम सह नहीं पाओगी। हम 4 हैं.

कर लो, मैं किसी से नहीं कहूँगा।दीदी ने मेरे गाल पर चुम्बन किया और फिर मुझसे कहा- सारे कपड़े निकाल दे. !दो मिनट अच्छे से चूसने के बाद आरोही ने लौड़ा मुँह से निकाल दिया और रेहान को कहा- अब बर्दाश्त नहीं होता. लंगूर के हाथ हूर लग गई… हम क्या मर गए हैं।”मैंने उनके लंड को पकड़ लिया, उनका पजामा उतारा और अंडरवियर खींच दिया।उनका भयंकर सा लटकता लंड देख कर मेरी चूत में आग लग गई, मैंने जल्दी से मुँह में भर लिया और चूसने लगी।हाय.

!दोस्तो, सिर्फ ‘भैया’ ही एक ही वर्ड था, जिसकी वजह से मोनी के मम्मी-पापा मोनी को मेरे पास बिना किसी रोक-टोक के आने देते थे।वो जैसे ही आई, मैं गेट पर ही खड़ा था। मैंने झट से उसे बाँहों में जकड़ लिया और फिर चुम्बन करने लगा। अब मुझे मोनी को चूसने का चस्का जो लग गया था।बहुत ही नमकीन थी वो…! मस्त माल. मैंने सुना तो हैरान हो गया !उसने मेरे लंड को पकड़ के चूत में डालना चाहा… मैंने कहा- ओ मेरी रानी, थोड़ा तड़पने का भी मज़ा ले ले ! फिर तो तुझे चोद के तेरे चूत का भोसड़ा बना दूंगा…मैंने उसके चूत में थूक दिया और हल्का सा धक्का दिया तो थोडा लंड अन्दर गया। उसने बताया कि तेरे भैया ने एक दो बार चोदा है, चूत फट चुकी है लेकिन जरा भी मज़ा नहीं आया था. लंड को गौर से देखा और आश्चर्य से अपना हाथ अपने मुँह पर रखकर बोली- हय राम इत्ता बड़ा मोटा !मैंने कहा- देखो नीति.

बबिता आँटी, प्लीज यह लिपस्टिक साफ़ मत करना। ऐसे ही गन्दी रहने दो अपनी इस मस्त चुदक्कड़ गाण्ड को। काफी मज़ा आया लिपस्टिक के साथ। अभी जब चुटिया वाला खेल खेलेंगे तो मैं चाहता हूँ कि ये गाण्ड ऐसे ही लिपिस्टिक में सनी रहे. क्या बात करनी है?जूही- चलो मेरे साथ रूम में बताती हूँ क्या बात करनी है…!आरोही तब तक बाहर आ चुकी थी और रेहान को घूर रही थी।रेहान- ऐसे क्या देख रही है साली, भागना चाहती है क्या.

मुझे तुमसे बात करनी है।दोनों जल्दी-जल्दी कपड़े पहनती हैं। जल्दबाज़ी में ब्रा-पैन्टी नहीं पहनती, बस टी-शर्ट और शॉर्ट्स पहन कर दरवाजा खोल देती हैं।राहुल- क्या कर रही थीं दोनों. तू डर मत।मैंने अपना लंड उसके हाथ में दिया, वो हाथ में लेकर बड़े प्यार से देख रही थी, मैंने उसे चूसने को बोला तो वो मना करने लगी।तो मैं उठा और अपनी पैन्ट पहनने लगा, वो बोली- क्या हुआ?मैंने कहा- मेरी प्यारी. विजयहैलो दोस्तो, मैं विजय हूँ। अन्तर्वासना की कहानियाँ पढ़ते-पढ़ते मैंने जूजा की लिखी हुई कहानियां पढ़ीं और उनसे फेसबुक पर जुड़ गया.

मैं बोला- ठीक है, चाची बंद क़र देता हूँ!मैंने टीवी बंद क़र दिया पर मुझे नींद नहीं आ रही थी, कमरे में छोटा बल्ब जल रहा था.

!!***दोस्ती को बड़े प्यार से निभाएँगे,कोशिश रहेगी तुझे नहीं सतायेंगे,कभी पसंद न आये मेरा साथ तो बता देना…गिन भी न पाओगेइतने ‘थप्पड़’ लगायेंगे!***देख कर लोगों को,सोचा, इश्क हम भी कर लें!फिर बेवफाओं को देख कर सोचा,थोड़ा सब्र कर लें. तो मैं चुपके से नीचे गई।मॉम-डैड के कमरे से खर्राटों की आवाज़ आ रही थी, वो गहरी नींद में सो रहे थे।उसके बाद मैं ऊपर दीपक के पास गई. आराम से… आज रेहान ने बहुत मसला है इनको… उफ़फ्फ़…!रेहान और राहुल बाहर पीने में मस्त थे और दोनों के ही लौड़े तनाव में आनेलगे थे, उनको लैसबो करते देख कर।आरोही- सस्स आ…हह.

विकास का लौड़ा अब पूरा तन गया था और तीन लौड़ों से चुदती हुई लौन्डिया का ख्याल करके दीपाली और अनुजा दोनों की चूत पानी-पानी हो गई थीं।विकास- चल मेरी रानी. वो इतनी गर्म हो चुकी थी कि उसका पानी जाँघों पर भी आ गया था।तभी नीलम बोली- चाट मेरे राजा!और मैं जैसे चाबी भरे खिलौने की तरह उसकी टांगों के बीच में ठीक चूत के ऊपर पहुँच गया।एक बार को तो मुझे बहुत घिन आई, पर भाभी की चूत की मादक खुशबू ने मुझे पागल कर दिया.

!जीजाजी काफ़ी थक गए थे और कामिनी की चूचियों के बीच सर रख कर लेट गए। थोड़ी देर बाद कामिनी के ऊपर से उठे और मेरे बगल में लेट गए। उनका लौड़ा सुस्त पड़ा था।मैंने उसे हिला कर कहा- आज इस बेचारे को बड़ी मेहनत करनी पड़ी, ओ. मैं पागल हूँ, जो बार-बार भूल जाती हूँ कि आप मुझे सिखा रहे हो।रेहान- ओके, अब बस फील करो कि तुम अपने बॉय-फ्रेंड के साथ मस्ती कर रही हो और यार तुम भी थोड़ा कुछ करो. हेलो दोस्तो, पुणे वाला रोहित फिर से आ गया है ‘मेरी दीदी के कारनामे’ की अगली कड़ी लेकर !दोस्तो, मैं आपको यह बताना चाहता हूँ कि मेरी लिखी हर कहानी सच्ची है। यह जो सिरीज़ आप पढ़ रहे हैं, यह मेरी एक सेक्स मित्र की ज़िंदगी की कहानी है.

मौसी वाला सेक्सी वीडियो

की ध्वनि निकलने लगी। मैं उस ध्वनि को रोकने के लिए अपने पर काबू पाने की कोशिश कर ही रही थी कि मेरा जिस्म अकड़ गया तथा मेरी योनि के अन्दर से एक तेज़ लहर निकली जिस के कारण मेरे मुँह से आईईईईई….

मेरा लौड़ा लोहे जैसा कड़क है ये देखो…!राहुल ने पैन्ट निकाल कर आरोही को लौड़ा दिखाया, वो वाकयी में तना हुआ था।आरोही- वाउ भाई. फिर लड़के ने अपना लण्ड लड़की की चूत पर टिकाया और धक्के देने लगा, लड़की भी उसका खूब सहयोग कर रही थी…सौरभ का लण्ड खड़ा हो चुका था, उसने लैपटॉप अपनी जाँघ पर रखा था, मैंने लैपटॉप सही करने के बहाने अपना हाथ उसकी जांघ पर रख दिया. डी !! मैं तड़पता हुआ अपने लंड को अपने हाथों से सहलाने लगा और उसे सांत्वना देने लगा। बस आज रात की ही तो बात थी, फिर तो कल गावं पहुँच कर अपनी प्रिया रानी की चूत के दर्शन तो होने ही थे। मैंने अपने लंड को यही समझाकर सो गया।कहानी जारी रहेगी…सोनू….

!और मैंने उसकी गांड में थूका और लंड का सुपारा टिका दिया। वो डर रही थी और मैंने जैसे ही थोड़ा सा घुसेड़ा कि मोनी बोली- नहीं आर्यन, बहुत दर्द हो रहा है. हाँ बेटी, ये भी बच्चों से बहुत प्यार करता है!”हाँ, तभी ये भी उसके पास जा कर नहीं रोया… ” और वो अपने बेटे को चूमने लगी. फुल एचडी में सेक्सी बीएफहाँ अगर ऊपर से कोई नीचे आ रहा हो तो वो भी सीढ़ी से तभी किसी के देखने की संभावना थी।इसीलिए भाभी बाहर नंगी आने को तैयार हो गई थीं.

थोड़ी देर बाद ही उसकी मम्मी देखने आई और उनसे कहा- ये गर्म दूध पी लो दिमाग़ फ्रेश हो जाएगा…मम्मी के जाने के काफ़ी देर बाद दीपक खड़ा हुआ और घर का मुआयना करके आया कि सब सो गए या नहीं…प्रिया- क्या हुआ भाई. आह चूसो आह।मैंने उसका स्तन अपने मुँह से निकाला और कहा- हम तो हर पल आपकी सेवा में है मैडम !और मैंने उसकी पैन्ट का बटन खोलकर नीचे सरका दिया।कविता- रूको दीप, वहाँ चलो।सामने पड़े सोफे की तरफ इशारा करते हुए !कहानी जारी रहेगी।.

मैंने मजाक में कहा था ! अब हम भी चलें, मेरा सर घूम रहा है…!राहुल- हाँ चलो बहना… अभी तो सर घूम रहा है, अब देखो मैं क्या-क्या घुमाता हूँ…!रेहान ने जूही को रूम में ले जाकर बेड पर लिटा दिया।जूही- रेहान तुम बहुत अच्छे हो. लण्ड-चूत की कुश्ती जारी थी। मुझे रम ने हिला दिया था, साली रम मेरी खोपड़ी पर सवार हो चली थी, थकान-वकान तो कुछ थी ही नहीं सो नीचे से शब्बो की चूत में वो टापें पड़ रही थीं कि शब्बो की चूत ने रोना शुरू कर दिया था उसका बदन ऐंठने लगा था, ऊ ओ. अब तो भाभी बहुत चुदासी हो गईं और कहती हैं- अभय, अब मेरी चूत चाटो!मैंने भाभी की दोनों टाँगें अपने कन्धे पर रखीं और बीच में मुँह लगाया और चूत की पुत्तियों को खींच कर चूसने लगा, फिर ज़ुबान से सारा रस पीने लगा, अपनी पूरी ज़ुबान चूत में डाल दी.

!तो मैं उसे बहुत तेज-तेज चोदने लगा और फ़िर आखिर में वो इन्तजार की घड़ी आ ही गई, हम दोनों बुरी तरह से एक-दूसरे को जकड़े हुए थे और झड़ रहे थे…!उस रात हमने दो बार चुदाई की क्योंकि उसके बाद हमें पता नहीं था कि दोबारा मिलने का मौका मिले या ना मिले. अगला सवाल था- हमारा देश की तरक्की का सबसे बड़ा तरीका क्या हो सकता है?पप्पू का जवाब- इस बारे में खोजबीन चल रही है।इंटरव्यूर पप्पू के मौलिक उत्तरों से बेहद प्रसन्न हुआ। उसने पप्पू को जाने को कहा साथ में यह भी कहा कि वो बाहर बैठे दूसरे उम्मीदवारों को ये सवाल न बताये क्योंकि यही सवाल सभी से भी पूछे जायेंगे।जब पप्पू बाहर आया तो दूसरे उम्मीदवारों ने उससे पूछे गए सवालों के बारे में पूछा. उस दिन मैंने अपने बॉयफ्रेंड दीपक को अपने घर बुला लिया दीपक भी टाइम पर पहुँच गया फिर हमने खाना खाया साथ में मिलकर.

मैंने जय को धक्का दिया- यह क्या कर रहे थे तुम? तुम जानते भी हो इससे क्या हो सकता है?जय- अब मत रोको, करने दो!मैं- लेकिन तुमने वादा किया था कि सेक्स नहीं करोगे! नहीं मैं सेक्स नहीं कर सकती.

!जूही- नहीं तो, मैं आई तब अंकित चुपचाप मेरी तरफ देख रहा था। आप ने इसको आगे बोलने को कहा और अंकित ने मेरे आने का इशारा कर दिया बस…!रेहान- ओह्ह मैं समझा तुमने स्टोरी सुन ली है, कोई बात नहीं तुम चलो ऊपर, मैं सब समझाता हूँ।जूही को कुछ समझ नहीं आता है, वो रेहान के साथ वापस ऊपर चली जाती है और जाते-जाते रेहान सचिन को इशारा करके जाता है कि इनका ख्याल रखना।अंकित- ओह्ह मा. जिसके कारण मुझे उनके बोबे दिखाई दे रहे थे।उनको देखते ही मेरा लंड खड़ा हो गया।उस समय मैंने लोअर पहन रखा था जिसके कारण वो स्पष्ट दिख रहा था। मैंने बहुत छुपाने की कोशिश की.

और जोर्ररर सेई…… ओह माआ! हाईईईईई मेरी बुररर झड़ने वाली है……मेरी बुर्र्र्र्ररर के चिथड़े उड़ा दोऊऊऊऊ… हाईईईईई मैं गइईईई. तो हाथ भी नहीं लगाने देती उसको… हा…हा… उस सबको सोचकर अभी भी रोमांच आ रहा है…पारस- ओके भाभी… ठीक है… चलो उतरो. !”उन्होंने मुझसे पूछा।मैंने कहा- आंटी, आज आपकी छुट्टी है, क्यों न आज हम कहीं घूमने चलें।उन्होंने मुझसे पूछा- कहाँ जायेंगे…! धनबाद में घूमने की कोई जगह है क्या.

पाँच मिनट के बाद चाची झड़ गई, मैं चाची का सारा रस पी गया, वो उठी और बोली- बस कबीर अब सो जाते हैं सुबह जल्दी उठना है. चाची बोली- बहन के लोड़े, इतनी देर से मेरे मुँह के सामने मुठ मार रहा था और अब तुझे डर मार रहा है?फ़िर चाची हंसने लगी- डर गया? अरे मेरे प्यारे पहलवान, तुझे मैं अपनी देकर धन्य हो जाऊँगी. !रेहान- अरे इतने कैमरे तो लगे हैं फिर ये क्यों…!सचिन- हाँ पता है, पर इसकी चूत पर जो तिल है उसको ज़ूम करके लूँगा तो मज़ा नहीं आएगा इसलिए नज़दीक से लूँगा.

बीएफ हिंदी बांग्ला !”अब बात कुछ दोअर्थी होने लगी थी, जिसे मैं भी समझ रही थी और पीयूष भी समझ रहा था।मैं अपना पेन उठाने उसकी तरफ को झुकी और उसने भी डेस्क के नीचे अपने हाथ ले जाकर मेरे मम्मों को मसक दिया। मेरे मुँह से हल्की सीसिसकारी निकल गई ‘उई’. कुत्ते मेरे गाण्ड में उंगली घुसा साले !क्या क्या नहीं बोल रही थी साली रंडी…करीब 15 मिनट के बाद उसका पानी आ गया तो फच फच की आवाजें आने लगी और मैं भी झड़ने वाला था तो मैंने कहा- कहाँ निकालूँ अपना पानी बोल मेरी रानी !तो उसने कहा- बाहर निकल दे !तो मैंने उसकी चूत के ऊपर अपना मुठ गिरा दिया.

ब्लू फिल्म वीडियो में ब्लू

उफ्फ कैसे बोलती हो तुम? कहाँ से सीखा इतना गन्दा बोलना !” मैं सपने देखने लगा कि काश मेरी लंगड़ी दीदी भी मुझसे ऐसी बातें करें।पर पहले चूत तो अच्छे से चोद लेने दो… उफ्फ्फ… आँटी आज तुम्हारी चूत… बड़ा मज़ा दे रही थी। चोद कर झड़ जाने दो एक बार चूत में फिर गाण्ड मारूँगा। आज तो तुम्हारी गाण्ड ऐसे मारूँगा जैसे कोई मस्त कुत्ता किसी कुतिया को चोदता है। तुम्हारी गाण्ड के सारे टांकें खोल दूँगा आज. ओह नो !!! ये तो शराब भी पीने लगी है!!!”फिर दरवाज़ा पूरा खोला तो सामने एक लड़का पप्पू बैठा दिखाई दिया…ओहो तो ये सब इस लड़के का है, और मैं ख्वामखाह अपनी बेटी पर शक कर रहा था… भगवान तेरा लाख-लाख शुक्र है… !!!”और इरफ़ान दरवाज़ा बंद करके वापिस चला आया!!!***इरफ़ान अपनी साली जीनत के लिए चूड़ियाँ लेकर आया. फिर उसका पेन हाथ से मेरे सामने गिर गया जिसे लेने वो नीचे झुकी तो दोनों चूचियाँ मेरे मुँह के सामने परस गई.

घर जाने के लिए लोकल बस पकड़ी तो बस चलाने के लिए कण्डक्टर ने ‘टिंग – टिंग’ किया तो बस चल पड़ी साथ ही इरफ़ान का भी खड़ा हो गया. जिसे मैं भी कभी नहीं भूलना चाहता।दोस्तो, मुझे आप सब लोगों के जवाब का इंतज़ार रहेगा कि आप सभी को यह कहानी कैसी लगी।ये मेरे खुद के अनुभव हैं जो मैं आप सभी के साथ साझा कर रहा हूँ। मुझे आप सब के जवाब का इंतज़ार रहेगा।. हिंदी ब्लू फिल्म वीडियो बीएफ!आप कहानी के इस भाग का आनन्द लीजिए।अब तक अपने पढ़ा…कि आरोही कुतिया बन जाती है और दोनों पैरों को फैला कर घुटनों के बल ऐसे हो गई कि उसकी गाण्ड पीछे को उभर आई, उसकी फूली हुई चूत भी बाहर आ गई।रेहान तो यह नजारा देख कर ‘आउट ऑफ कंट्रोल’ हो गया। जल्दी से उसके पीछे आया, लौड़े पर थोड़ा थूक लगाया और ठूँस दिया चूत में.

जाने कितनी लड़कियों के साथ उसने गंदा किया होगा…!रेहान- अच्छा उनके जाने के बाद क्या हुआ?जूही- उनके जाने के बाद भी टीना चिल्ला रही थी। मैं जल्दी से अन्दर गई उसको संभाला, वो बहुत डरी हुई थी, मैं नहीं चाहती थी कि उसको पता चले कि उसका बाप ही वो वहशी था।मैंने कहा- तेरे पापा को फ़ोन कर देती हूँ कि यहाँ ऐसा हो गया.

!राहुल भाग कर बाथरूम में चला गया और अपने लण्ड, जो उसकी सगी बहनों के बदन से रगड़ कर खड़ा हुआ था, को निकाल कर मुठ्ठ मारने लगा, एक मिनट में ही उसके लौड़े ने पानी छोड़ दिया।इधर आरोही और जूही खुश थीं कि वो जीत गई हैं और शॉपिंग की बात कर रही थीं कि क्या-क्या लेना है।राहुल बाहर आया तो दोनों की बातें चालू थीं।राहुल- क्या बातें हो रही हैं दोनों में. फ़र्क इत्ना था कि गौहर ने जानबूझ कर स्कर्ट का वो हाल किया थ और अपने चूतड़ छिपाने का नाटक किया था पर यहाँ मधु की स्कर्ट अपने आप फ़टी थी पर वो खुद मुझे अपने चूतड़ दिखा रही थी.

!मैं- जरा रुक जा मेरी रानी… थोड़ा मज़ा तो लेने दे।मैं खड़ा हो गया और उसके मुँह के सामने अपना लंड ले जाकर बोला- ले रानी, थोड़ा लॉलीपॉप चूस ले !वो बोली- नहीं गंदा है।मैं बोला- कुछ नहीं होगा. उसने आँखें खोल ली थीं और प्रिया को दीपाली समझ कर उसकी गाण्ड दबा रहा था।दरअसल प्रिया की पीठ उसकी तरफ थी और वो लौड़ा चूस रही थी। उसका जिस्म भी दीपाली जैसा ही था. मैं आता और देखना मैं कैसे करता तुम डायलोग बोला अच्छा था, पर इस सीन में ज़ुबान नहीं हाथ का इस्तेमाल करो.

आनन्द फिर उसने लंड थोड़ा बाहर निकाला और एक ज़ोर का झटका मारा और 5 इंच तक लंड अन्दर घुसा दिया।मेरी आँखों के सामने अंधेरा छा गया।मैं फफक कर रो पड़ी- आनन्द बाहर निकालो.

बैठो, रुको मैं लाती हूँ।मैं जाकर सोफे पर बैठ गया। भाभी चीनी लेने रसोई में गईं।मैंने सोचा इससे अच्छा मौका नहीं मिलेगा, आज तो इसे चोदना ही है।मैं उसके पीछे चल दिया और उसे पीछे से पकड़ कर उसकी गर्दन को चूमते हुए उसके चूचे दबाने लगा।वो चिल्लाते हुए घूमी और बोली- यह क्या बदतमीजी है??और एक जोरदार थप्पड़ मेरे गाल पर जड़ दिया।मैं डर गया और बोला- सॉरी भाभी मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई. सलमा उस्ताद छोटूमल साब के पास गई, उस्ताद जी ने सलमा का हाथ देख कर बताया कि इस जन्म में तो उसे कोई मर्द नहीं मिलने वाला … लेकिन उसके अगले जन्म में दुनिया के सारे मर्द उसके कदमों में बिछे बिछे जायेंगे !सलमा यह सुन कर बहुत खुश हुई. धड़ का नाप (D) – इंचीटेप से स्तन के नीचे पूरे धड़ का नाप इंच में लें। ध्यान रहे टेप समतल रहे और ना ढीला और ना ही तंग।धड़ का नाप2.

बीएफ सेक्सी कार्टून वालाएक एक चुदाई जिस्म में आग लगा देती है, चूत की प्यास बढ़ने लगती है, दिल करता है जल्दी से सलवार का नाड़ा खोल लूँ और पास पड़ी कोई चीज़ घुसा दूँ या अपनी उंगली ही घुसा दूँ, अपने किसी आशिक को बुला कर रंगरलियाँ मना लूँ!मेरी उम्र बीस साल की है, मैं बी. पर मुझे कुछ सुनाई नहीं दे रहा था मैं पूरी तेज चोद रहा था…चाची को भी धीरे-धीरे मजा आने लगा और वो भी नीचे से दम लगा क़र धक्का मार रही थी.

चूत कैसे चाटते हैं

!पति ने हामी भर दी।वो फिर मेरे पति से बोला- तुमको मेरे साथ चलना होगा, ग्राहक जब मीटिंग करके चला जाएगा तो हम लोग आ जाएँगे।मुझे डर लगा, मैं बोली- आप लोग बाहर ही रहो. ! मैं तो चूत से मन भर लूँगा।रेहान- ये सही रहेगा, सचिन तुम इसके मुँह को चोदो मैं अन्ना के पास जाकर आता हूँ।जूही- ओह रेहान जी आप के बिना मज़ा नहीं आएगा। सब से बड़ा हथियार तो आपके पास है।साहिल- अरे यार जूही अब रेहान क्या तेरे कान में लौड़ा डालेगा? जाने दे ना उसको. कौन किसको संभालता है।” इतना कहते ही मैं उसके ऊपर आ गया और अपना लौड़ा उसकी बुर के ऊपर टिका दिया और धीरे-धीरे अन्दर डालने लगा। लेकिन उसकी बुर टाइट होने के कारण मेरा लण्ड में फंसाव हो रहा था और मेरे लण्ड का पूरा सुपारा बाहर निकल आया था। मैं फिर उसकी बुर के अन्दर अपना लण्ड डालने लगा और धीरे-धीरे डालते हुए एक जोरदार धक्का दे दिया।आह… उई माँ …मार दिया रे.

आज से मैं अब तुम्हारी हुई।मैंने वो पैसे लेने से इंकार कर दिया और मैडम से बोला- मैं ये काम पैसे के लिए नहीं करता बल्कि मुझे चुदाई करने का शौक है. !जूही भाग कर बेड पर चढ़ जाती है और आरोही उसको वही। दबोच लेती है और उसके पेट पर बैठ जाती है।आरोही- अब बोल क्या बोल रही थी तू…!जूही- सॉरी दीदी. !मेरा मन बहुत ही खुश था, पर मुझे नहीं मालूम था कि इतनी जल्दी मौका मिल जाएगा।रात को मामी ने मेरा बिस्तर, एक ही पलंग पर लगा दिया। रात को सोते समय मुझे लगा कि कोई मेरे लौड़े को हिला रहा है, तो मैंने देखा मामी मेरे लौड़े को चूस रही हैं।मेरा लौड़ा सख्त होने लगा लेकिन मैंने सोने का नाटक जारी रखा।वो शायद ये समझ गई थीं, मुझे सताने के लिए मामी भी सोने लगीं।तो मैं बोला- मामी और करो ना.

वो पक्का अभी तक चोद रहा होगा…!दोनों जल्दी से खड़े हुए और बिना अंडरगारमेंट के कपड़े पहन कर रेहान के रूम की तरफ गए।राहुल- अन्दर से तो कोई आवाज़ नहीं आ रही क्या बात है, जूही की सिसकारियाँ तो सुनाई देनी चाहिए ना. रेहान अभी भी नंगा ही बैठा था, उसका लौड़ा सो गया था। उसको तो बस अन्ना का राज जानना था।रेहान- मुझे इतना तो पता है कुछ तो उसने गलत किया, पर आदमी की फ़ितरत ही ऐसी होती है कि उसको पूरी बात जानने की खुजली होती है। अब बता भी दे ना. मैं डर गया- पर भाभी माँ से मत कहना ये सब, नहीं तो पता नहीं क्या सोचेगी मेरे बारे में!नहीं बताऊँगी, पर तुम से जो पूछूँगी सही बताओगे बोलो?”हाँ पूछो भाभी.

!मैंने भी अपने धक्कों की स्पीड बढ़ा दी। इस बीच वो एक बार झड़ गई थी।वो फिर बोली- मैं फिर से होनी वाली हूँ।मैं भी झड़ने वाला था।मैंने पूछा- कहाँ निकालूँ. फिर उसमें से उसने कुछ बैंड दिए जिनको अपने लिंग पर चढ़ा लेना होता है, जिससे उनका आकार भिन्न हो जाता है.

ऊपर से मैं इतना डर भी गई थी कि मुझे कुछ समझ ही नहीं आया।‘फिर क्या हुआ?’ मैंने पूछा।रूचि एक कौर मेरे मुँह में मुस्कराते हुए डालते हुए बोली।रूचि- फिर अंकिता ने मेरे बाल खींचे और मुझे उठा कर अपने करीब लाई और मेरे होंठों को अपने होंठों से सी कर मेरे होंठ काटने लगी.

उसको तो चूत चटवाने का ही चस्का लग गया था, उसने कहा- तुमको दलिया डालने की जरूरत नहीं है, वो डालती जाएगी और मैं उसको साफ़ करूं. पंजाबी बीएफ वीडियो हिंदी! मुझे आनन्द ने कहा- मैं अपना पूरा लंड तभी चूत में घुसेड़ूँगा जब तू मेरी शर्तें मानेगी।मैं जल्दी से बोली- मुझ को तुम्हारी हर शर्त मंज़ूर है. कैटरीना के बीएफ सेक्सीसलोनी मेरे से चिपकी थी और उसकी पीठ खिड़की की ओर थी…अब वो शख्स आसानी से चूत में लण्ड को आता जाता देख सकता था…और मैंने अपनी कमर हिलनी शुरू की. उसकी साँसें गरम हो गई, मैं बता नहीं सकता कि उसके जिस्म से आग निकल रही थी, वो पागलों की तरह मेरे लंड से खेल रही थी और मुझे चुम्मे दे रही थी, एकदम जवान नई दुल्हन की तरह तड़प रही थी.

मैं फ्रेश हो जाता हूँ। वो डायरेक्टर आता ही होगा।आरोही- मुझे भी तो तैयार होना है और मेरी चूत में बहुत दर्द है, मैं ठीक से चल भी नहीं पा रही हूँ.

दोनों बूब्स मेरे हाथों में कैद थे और मैंने जब उनको एकदम जोर से भींचा तो वो सीई ईईईईईईइ सीईईईईइ करने लगी, उसके मुँह से जोरदार आह्ह्ह निकल गई. मुझे और नीलू दोनों को ही सारे स्टाफ को काम करते हुए देखते हुए चुदाई करने में बहुत मजा आता है !कई बार तो कोई न कोई लड़की या लड़का हमारे सामने ही दूसरी तरफ से शीशे में देखते हुए खुद के कपड़े सही करने लगता है तो हमें ऐसा लगता कि वो हमको चुदाई करते हुए घूर रहा है. जय- कितना? मैं दूंगा, तुम बोलो तो!मैं- दो लाख की ज़रूरत है, एक लाख मेरे पास है, अगर तुम?जय- ओके, मैं दूंगा तुम्हें एक लाख पर कहाँ और कैसे?मैं- देखो हम दोनों होटल टैक्सॉन्स जो घंटाघर लुधियाना के पास है, वहाँ मिलते हैं.

हेलो दोस्तो, पुणे वाला रोहित फिर से आ गया है ‘मेरी दीदी के कारनामे’ की अगली कड़ी लेकर !दोस्तो, मैं आपको यह बताना चाहता हूँ कि मेरी लिखी हर कहानी सच्ची है। यह जो सिरीज़ आप पढ़ रहे हैं, यह मेरी एक सेक्स मित्र की ज़िंदगी की कहानी है. पर अगले दिन से उसकी फिर से वही हरकतें चालू… तो मैंने बोला- इस सन्डे को हॉस्टल से छुट्टी ले ले, कहीं चलते हैं…तो सन्डे को हम दोनों कॉलेज के बाहर मिले। वो पूरी माल लग रही थी. हैलो फ्रेंड्स, मैं अन्तर्वासना का बहुत ही बड़ा फैन हूँ और मैं हर रोज इसकी कहानियाँ पढ़ता हूँ और मुठ मारता हूँ.

हिंदी में सेक्सी वीडियो बीपी

कपड़े पहनो नहीं तो आज खैर नहीं हमारी…!सब भाग कर अन्दर चली जाती हैं। अन्ना को दूर से सब दिख जाती हैं।अन्ना- अईयो नीलेश… ये क्या जी ये सब छोकरी पागल होना जी. सम्पादक : इमरानमस्ती भरी रात का पूरा मजा आ रहा था… सलोनी तो मस्ती कर ही रही थी… उसके चेहरे से लग रहा था कि वो हल्के नशे में है और वहाँ का माहौल उसको कुछ ज्यादा ही नशीला बना रहा था…इस तरह खुले में इतने लोगों के बीच सेक्स का मजा करने का यह मेरा तो पहला ही अनुभव था. पता नहीं क्या बात है इस खेल में !आज रात अपने मित्र से पूछ कर फिर कोई कारनामा करने की इच्छा है ![emailprotected].

अति तीव्र गति से सांसों के, तूफ़ान निरंतर बह निकले,अति दीर्घ आह-ओह के संग, बदन कँपकपाए हम बह निकले,अंग के अन्दर बने तरण ताल, मन ने उनमें खूब किलोल कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

वो अपने बदन पर क्रीम लगा रही थी, अपने चूचों को बड़े प्यार से मसल रही थी और सिसकारियाँ भर रही थी- आहह आहह.

बाकी होर कोई ते सोन ई नी देंदा!***सन्ता बेचारा सेक्स से अनजान था, उसकी शादी किस्मत की मारी प्रीतो से हो गई, अपनी सुहाग रात को बिस्तर पर गया, जाकर लेट गया, कुछ करने का पता ही नहीं था।यह देख उसकी नवविवाहिता पत्नी प्रीतो ने खुद ही अपने कपड़े उतारे और सन्ता से पूछा- क्या तुम नहीं जानते कि मुझे क्या चाहिए?इस पर सन्ता ने कहा- नहीं!लड़की ने आपसे लिफ्ट मांगी,रास्ते में उसकी तबीयत ख़राब हो गई।आपको टेंशन!. बाकी होर कोई ते सोन ई नी देंदा!***सन्ता बेचारा सेक्स से अनजान था, उसकी शादी किस्मत की मारी प्रीतो से हो गई, अपनी सुहाग रात को बिस्तर पर गया, जाकर लेट गया, कुछ करने का पता ही नहीं था।यह देख उसकी नवविवाहिता पत्नी प्रीतो ने खुद ही अपने कपड़े उतारे और सन्ता से पूछा- क्या तुम नहीं जानते कि मुझे क्या चाहिए?इस पर सन्ता ने कहा- नहीं!लड़की ने आपसे लिफ्ट मांगी,रास्ते में उसकी तबीयत ख़राब हो गई।आपको टेंशन!. बीएफ सेक्सी लंड वालाक्या मजेदार और चिकनी है… और क्या खुशबू है यार…सलोनी- अच्छा हो गया बस बहुत याराना… चलो अब पीछे हो…मनोज- नहीं यार… ऐसा जुल्म मत करो… ओह नहीं यार… अभी रुको तो… बस एक मिनट… यार अभी कर लेना बंद…सलोनी- क्यों… अब क्या अंदर घुसोगे…मनोज- अरे नहीं यार… इतनी जगह कहाँ है इसमें.

मैं पलटा तो फ़ूफ़ी टीवी देख रही थीं पर थोड़ी-थोड़ी देर में उनकी चूत खुजला रही थी, पता नहीं उन्हें खुजली आ रही थी या कुछ सोच कर वो खुजा रही थीं. मैं राज ! याद आया दोस्तो, मैं आपका शुक्रगुजार हूँ अपने उन दोस्तो का जिन्होंने मेरी कहानी पढ़ी और पसन्द की।अब नील की शादी हो गई थी। जब नील शादी के बाद नील का मेरे पास फ़ोन आया !नील- हेलो ! पहचाना मुझे?मैं- ओ ई सी… हाय नील ! कैसी हो और कहाँ हो?नील- मैं भी यही पूछ रही हूँ कैसे हो और कहाँ हो. मैंने सोचा कि जिंदगी का असली मजा तो सेक्स करने और चुदाई करने में ही है और भाभी मेरा लण्ड अपने मुँह में लेकर आगे-पीछे करने लगीं.

जोकि उनके गोरे बदन के ऊपर और भी खूबसूरत लग रही थी।मैंने उनकी छाती पर हाथ फेरना शुरू किया और उनकी कड़क चूचियों को दबाने लगा. मैं भी झड़ने वाला था, तो मैंने अपना लण्ड बाहर निकाला और उसके पेट पर सारा माल गिरा दिया, वो बहुत खुश दिख रही थी.

‘दीदी क्या मैं एक बार आपको उसी तरह देख सकता हूँ जैसे कुछ देर पहले देखा था?’‘स्कर्ट उठा कर… या कील में फंसा कर?’ दीदी मुस्कुरा कर बोलीं.

हर स्पंदन पर साजन ने, सखी गहरी सी हुँकार भरीमैंने स्पंदन को छोड़ सखी, अब साजन की हुँकार गिनीसाजन ने मारकर शतक सखी, मुझे अवसर पुनः प्रदान कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. वहाँ भी चाय गिरी है।यह कहते हुए मैंने उनके पेटीकोट का नाड़ा खोल दिया। फिर भाभी ने जल्दी से पेटीकोट उतार दिया और फिर पानी डालने में लगीं।मैंने कहा- इधर कहीं जलन तो नहीं हो रही. ?जूही- दीदी मेरी बात का यकीन करो इस घर में जगह-जगह कैमरे लगे हैं। रेहान ने पहली बार तुम्हारे साथ किया, वहाँ भी कैमरा था।आरोही- हाँ याद है रेहान ने कहा था हमारे प्यार को कैमरे में कैद कर रहा हूँ, क्योंकि जब भी याद आएगी मैं देख लूँगा.

सेक्सी व्हिडिओ पिक्चर सेक्स दीपाली जब अनुजा के पीछे गई थी।तभी प्रिया यहाँ आई थी।सारी घटनाएं एक साथ हो रही हैं तो आपको बता दूँ कि दीपाली वहाँ बिज़ी थी।प्रिया यहाँ अब अपनी हीरोइन कहाँ तक पहुँची देख आते हैं, कहीं ऐसा ना हो वो आ जाए और दोनों को इस हाल में देख ले।दीपाली वापस रिक्शा में आ रही थी तभी रास्ते में मैडी और सोनू बाइक पर जा रहे थे. तो माधुरी के साथ हम भेदभाव कैसे कर सकते थे?लिहाज़ा, वो भी वैसे ही चुदी, जैसे कि ज़ेनी की चुदाई हुई थी !हाँ, एक फ़र्क़ यह हुआ कि माधुरी की गांड और बुर को एक साथ चोदते समय ज़ेनी ने अपने चूची से दूध की धारा माधुरी के बुर में जमकर बहाई, जो मेरे और श्याम के लंड को धो धोकर फचाफच अंदर बाहर होने में मदद करती रही.

बात करने के लिए। तुमसे मिलना चाहती थी, पर तुम मिलते ही नहीं थे और उस दिन के बाद चले भी गए।मैंने बोला- क्यों भाभी?उसने कहा- नहीं, बस ऐसे ही दोस्ती करनी थी।मैंने सोचा ‘यह हो क्या रहा है’ और समझते देर ना लगी कि शायद इसकी बुर में खुजली हो रही है। अब मौका मिला है, जाने मत दे।मैंने दरवाजा बंद किया और बोला- हाँ भाभी बिलकुल. !’तो हिमानी इस बात के लिए सहमत हो गई। मैंने जैसे ही उसकी चूत पर हाथ फ़िराया तो वो गीली-गीली सी लगी और हल्का सा पानी उसकी झांटों पर भी लगा हुआ था। पहले तो मैंने अपनी ऊँगली उसकी चूत में अन्दर डाल कर अन्दर-बाहर करनी चालू की, तो वो तेजी के साथ ‘आह आह ऊओह्ह ऊऊई स्सस्ससीईईई. चाची की गांड पर भी बहुत बाल हैं, चाची की गांड में लंड रख क़र धक्का दिया तो चाची बहुत जोर से चिल्लाई, बोली- मैंने आज तक गांड नहीं मरवाई है कबीर!मैं बोला- कोई बात नहीं सेक्सी, अभी थोड़ा तेल लाता हूँ!मैंने तेल लगाया और एक धक्का दिया.

হট সেক্সি ভিডিও

मेरी रोशनी!हम दोनों खूब मज़ा लेते रहे। इस बीच वो तीन बार झड़ चुकी थी। अब तक मुझे 45 मिनट हो चुके थे, उसका पानी एक बार फ़िर निकलने वाला था।वो और ज़ोर से चिल्लाने लगी- फाड़ दे. कभी केले सा होंठस्थ किया, कभी आम सा था रस चूस लियाकभी जिह्वा की अठखेली दी, कभी दाँतों से मृदु दंड दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. मेरी तो जैसे जान ही निकल गई।राज डर गया और मुझे चूमने लगा और बोला- बस थोड़ा और…, उसके बाद फिर मजा आएगा.

और लबलबा रही थी… मानो चीख चीख कर लंड माँग रही हो।चूत का मुँह बार बार अपने आप खुल रहा था और बंद हो रहा था…उधर वो पुलिस वाला दीदी पर चढ़ कर उनके होंठ को चूसने लगा, इधर उसका हैवानी लंड दीदी की चूत पर आकर रगड़ने लगा।दीदी की साँस अब बहुत तेज़ चलने लगी थी-. लेकिन मैं वैसा कुछ नहीं कर पा रही थी। यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !अचानक पैंटी के ऊपर से मेरी चूत पर हाथ फेरा, मुझको आग लगा डाली और जांघें सहलाने लगे, मेरी ब्रा खोल डाली, मेरे सेक्सी सोफ्ट-सोफ्ट बेहद उत्तेजक बड़े-बड़े मम्मे नंगे हो गए। वो दबाने लगे।कई हाथों से दब चुके थे मेरे मम्मे.

हाय दोस्तो ! मैं शरद कुमार, उम्र न पूछें !आज आप सब लोगों को मैं अपनी एक महिला मित्र के साथ सेक्स के बारे में बताऊँगा।वह बहुत ही सेक्सी है। हालाँकि वह एक साँवली रंग की लड़की है, पर है मस्त माल !उसकी बड़ी-बड़ी आँखें और बहुत ही बड़ी चुदक्कड़ !ऐसी-ऐसी मुद्रा में चुदाई करवाती है कि जो भी देखे तो दंग रह जाए।मेरे और उसके साथ घटी एक घटना बता रहा हूँ।बात उन दिनों की है जब हम लोगों के बी.

आपके मेल का बेसब्री से इन्तजार रहेगा मुझे जल्दी से[emailprotected]पर मेल कीजिए न… और बताइए कि आज के भाग के बारे में आपकी क्या राय है?. !’मैं अब अपने लण्ड को अन्दर-बाहर करने लगा था, चाची की चूत से पानी निकलना शुरू हो गया था।‘ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह सायमा मेरी रानी. पापा का फ़ोन आए तो आवाज़ देना…!आरोही- अच्छा ठीक है जाओ…!राहुल बाथरूम चला जाता है और आरोही वहीं बेड पर बैठी सुसताने लगती है।ओके फ्रेंड आज के लिए इतना काफ़ी है। अब अगले पार्ट में बताऊँगी कि क्या हुआ? आज दोबारा जूही की चुदाई में मज़ा आया न…! अब जल्दी से मेरी आईडी[emailprotected]पर मेल करो और बताओ अब तो आप का दिल खुश है ना… ओके बाय…!.

मैं विस्मित सी, सुन री ओ सखी, साजन की बाँहों में सिमटी रहीसाजन ने नख से शिख तक ही होंठों से अति मुझे प्यार कियाउस रात की बात न पूछ सखी जब साजन ने खोली मोरी अंगिया!. फ़क मी’…! नीति आई लव यू लव यू” मैंने नीति के कानो मैं शहद भरा प्यार उड़ेला।अपनी गरमा-गरम लार से उँगलियों को तरबतर कर मैंने नीति के कड़क हो चुके भगनासा अर्थात क्लाइटोरिस को सहलाना शुरू कर दिया था और हमारे लंड और चूत आपस मैं चुम्मियाँ कर रहे थे।धीरे से मैंने नीति की चूचियों को गरम-गरम जीभ से मालिश करना शुरू कर दिया नीति को मानो नशा आ गया हो उसकी आँखें बोझिल हो गई और साँसें चढ़ने-उतरने लगीं।‘सी. !”मेरे बुर का दर्द गायब हो चुका था और मैं चूतड़ हिला कर जीजाजी के मोटे लण्ड को एडजस्ट करने लगी थी, जो धीरे-धीरे अन्दर-बाहर हो रहा था।जीजाजी ने रफ़्तार बढ़ाते हुए पूछा- क्या करूँ?”मैं समझ गई जीजाजी कुछ गंदी बात सुनना चाह रहे हैं। मैं अपनी गांड को उछाल कर बोली- हाय रे साली-चोद.

अब छत से मत देखना… आह्ह्ह… अह्ह्ह… आह… हाह… ह्ह… अह और जोर से करो ना देविन और तेज और तेज… आह्ह्ह आह ह्ह्हा आह्ह्ह्ह आह्ह मर गई तेरे लन्ड पर तेरी भाभी.

बीएफ हिंदी बांग्ला: चूत के मुकुट (क्लाइटॉरिस) को दोनों होंठों में दबा कर चूसने लगा तो भाभी मस्त होकर अपने कूल्हे उठा रही थीं, वो बोलीं- अभय, तुम्हें औरत की चुदाई करना बहुत अच्छी आती है. तभी चाची ने एक फिर ज़ोर से निप्पल दबाया।मेरी हल्की सी चीख सुन कर हंसते हुए फिर तेल लेने के लिए आगे झुकी.

मेरा लंड देख कर वो चौंक गई, कहने लगी- यह इतना बड़ा होता है?मैंने कहा- जानेमन, आज तुझे बहुत मजा आने वाला है. !रेहान- मन तो करता है एक बार और तेरी चूत का स्वाद लूँ, पर ज़्यादा लेट करना ठीक नहीं होगा। जाओ तुम रेडी हो जाओ मैं खुद तुमको छोड़ने जाऊँगा।आरोही- मेरे स्वीटहार्ट… अब मैं आपकी हूँ जब चाहो चोद लेना… लव यू मेरे स्वीटू. ये हम को समझ नहीं आना जी?रेहान- अन्ना सब बता दूँगा, वक्त आने दो। अब सुनो रात को क्या करना है…!रेहान बोलता गया और अन्ना की आँखों में चमक आने लगी, दो मिनट तक रेहान अन्ना को समझाता रहा।अन्ना- गुड जी वेरी गुड.

वहाँ से जवाब आया, आपने तो आइना देख लिया पर अब मैं भी देखना चाहती हूँ, सब कुछ भूल कर बस अपने होने का एहसास करना चाहती हूँ, मैं एक सफ़र पे जाना चाहती हूँ जहाँ बस आप हो, और मैं हूँ और कुछ भी नहीं ! अपना नाम और उम्र मुझे भेजें ताकि मैं अपने सफ़र की टिकट करवा सकूँ.

!”***जीजा- सालीजी, आपके यहाँ की सबसे मशहूर चीज कौन सी है?साली- जीजाजी, जो मशहूर थी उसे तो आप ले गये।. अब वो मेरी बीवी है…सलमान- (‘_’)***इरफ़ान शादीशुदा है, सलमान खान कुंवारा है।कुंवारा सलमान सोचता है कि शादीशुदा अच्छे हैं।शादीशुदा इरफ़ान सोचता है कि कुंवारे अच्छे हैं।फ़र्क सिर्फ़ इतना है कि इरफ़ान दिन में सोचता है और सलमान रात को…***. ?मैंने कहा- देखो मुझे एक साथी की ज़रूरत है और तुम्हें बच्चे की। मेरा अभी शादी करने का मूड नहीं है, तुम मेरा साथ दो, मैं तुम्हारा.