जुदाई वाली बीएफ

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भाई बस भाबी को चुप कराने में लगे हुए थे, लेकिन भाबी चुप होने का नाम ही नहीं ले रही थीं. हर सेक्सी वीडियोदेखो खुद को अभी तक नंगे ही खड़े हो और अपना नंगापन छुपाना भी भूल गए हो.

जब मैं उठी तो रात भर की चुदाई से मेरी टाँगें पूरी तरह से खड़ी नहीं हो पा रही थीं. गाना हिंदी सेक्सीमैंने देखा तो भाभी मेरी छाती पे सिर रखे हुए आँखें बंद करके सो सी चुकी थीं.

मैंने कमर पर जोर देते हुए पूरा लंड भाभी की चुत में डाला तो भाभी ने जोर से चिल्ला दिया.जुदाई वाली बीएफ: क्या एजेंसियां इस बात की जांच करती हैं कि सिर्फ उन पुरूषों को आपका फ़ोन नंबर मिले, जो युवक सुन्दर हैं और अच्छी तरह से बात करने में माहिर हैं? नहीं.

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मैंने उसकी चूचियों को दोनों हाथों से पकड़कर उनके बीच में लंड डाला और आगे पीछे करते हुए चूची चुदाई का मजा लेने लगा.मैं कल सुहागरात मनाती, मगर तुम दोनों मेरी चूत का पानी आज ही कई बार निकलवा चुके हो.

भाभी भी मेरे सर को दबाते हुए मेरे मुँह में अपने मम्मों को दिए जा रही थीं. जुदाई वाली बीएफ लेकिन मैं उसको पटाने के लिए नहीं जाता था क्योंकि मुझे लगता था कि ये कभी मेरी नहीं हो सकती.

फिर उसने धीरे धीरे अपना एक हाथ आगे बढ़ाया और मेरे बालों को सहलाने लगा और धीरे से कहा- अपना ध्यान रखा करो.

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उसने रगड़ रगड़ करअन्दर तक मेरी चुत में उंगलीडाल कर धोया और फिर पता नहीं कौन सा सेंट लगा दिया, जिसकी खुश्बू से सारा रूम महक गया. अब दीदी नहाने लगी थीं और वो भी ‘श्श्शश्स श्श्श…’ की आवाज किए जा रही थीं. मैं नीचे आकर आंखें बंद करके लेटा रहा क्योंकि मुझको मालूम था कि आज संडे होने के कारण दोनों फ्री हैं और वे मस्ती से लेटे ही रहेंगे.

उसके पापा ने मुझे खुश होकर धन्यवाद कहा, तभी उसकी मम्मी ने खुश होकर मुझे खाना खा कर जाने को कहा. मैंने कहा- हाँ मेरीरंडी बहनआज से ये लंड तेरा गुलाम है, जो तू बोलेगी, वही होगा. अभी मैं झड़ता तो 10 मिनट लंड को तैयार होने में फिर से लगते, तो इसलिए मैंने सोचा कि अभी चूत चोदना सही रहेगा.

मैंने हामी भर दी और दीदी ने गिफ्ट देने के लिए मामाजी से 5000 रुपए भी ऐंठ लिए. मैं जिस मकान में रहता था, उस मकान में और भी किरायेदार लोग रहते थे लेकिन मेरी उम्र का कोई नहीं था तो ज़्यादा मैं किसी से बातचीत नहीं करता था. इधर प्रिया मारे उत्तेजना के बिस्तर पर जल बिन मछली की तरह तड़फ रही थी.

मैंने बात स्टार्ट करते हुए पूछा- आप कहाँ जा रही हो?भाभी- मैं पीतमपुरा जा रही हूँ. इधर मेरी गांड फट रही थी कि उसको हिडन कैमरे के बारे में न मालूम चल जाए, पर किस्मत को क्या करता.

अब दोनों तरफ के धक्कों से चुदाई वाली आवाज दोगुनी हो गई थी और उसने मुझे बिल्कुल टाइटली पकड़ लिया.

उसने वैसा ही किया तो उसका सुपारा मेरी चूत में जाकर फँस गया और मेरी चीख निकल गई.

मैं आपको मेरे बारे में बता दूँ, मैं दिखने में काफी हैंडसम हूं, और बॉडी भी अच्छी है. फिर मैंने उसकी ब्रा को खोल दिया, ब्रा खुलते ही उसकी चूचियां खुली हवा में फुदकने लगीं. वह उठी और उसने अपनी चूत पर तेल लगाया और मेरे लंड पर भी तेल लगा दिया.

वो बोली- बहनचोद भड़ुए… असली मर्द जब पिचकारी छोड़ते हैं, तो चूत से बहती रहती है. वो दोनों हाथ पीछे डाल के मेरी गांड के गोले किसी आवारा जानवर की तरह दबाने लगा. उन्होंने मुझे बेड पे लेटा दिया और मेरी टांगों के बीच आ गए और लंड को मेरी चूत पे सैट करके एक ही झटके में मेरी चूत में ठोक दिया.

फिर 8 बजे बुआ जी ने मुझे उठाया और पूछा- क्या हुआ आज ऑफिस नहीं जाना क्या?मैंने कहा- नहीं, आज कहीं और दोस्त के पास जाना है, कुछ ऑफिस का ही काम है.

मैंने चूचा मुँह में लिया और उन्होंने बोटल को मुँह पे लगाया और 2-3 घूंट नीट रम पी गईं. अब तक की इस सेक्स स्टोरी के पिछले भागइंग्लिश की क्लास में चुदाई की पढ़ाई-2में आपने पढ़ा कि मेरे पड़ोस के जवान लड़के लड़की मुझसे इंग्लिश पढ़ने आते थे. एक बार मैं अपने दोस्त के साथ अवंतिका से मिलने गया, तब अवंतिका के साथ उसकी फ्रेंड रीटा भी आई थी.

उसने किसी तो फोन मिलाया और स्पीकर पर रख कर पूछा- अशोक जी कैसे हैं आप?वो बोला- अच्छा हूँ. उसके बाद मैंने एक जोर से झटका मारा और पूरा लंड की उसकी चूत में चला गया. उनके जाने के बाद अकेले बोर होने से बचने के लिए फ़ेसबुक पर आई तो आपसे दोस्ती हो गयी.

चूंकि मैं कहीं भी नहीं जाती हूँ तो मम्मी ने कहा कि तुम अपनी मौसी के घर घूम आओ.

उससे बोलना कि तुम उसी के साथ रहोगी ताकि तुम्हें वो यह ना समझे कि तुम उसको छोड़ कर चली गई हो. अब मौसी ने मुझे ऊपर खींच लिया तो मैंने मौसी के होंठों पर अपने होंठ रख दिए.

जुदाई वाली बीएफ हम एक दूसरे के मुँह में जीभ डालकर घुमाते और होंठों को दांतों से काट लेते. अब मैंने मेडिकल स्टोर से विटामिन की गोलियां लीं और कुछ सिरप भी ले लिए.

जुदाई वाली बीएफ जब फार्म हाउस में कार पहुँची तो वो आदमी जो मेरे साथ बैठा था, निकल कर अन्दर भाग गया और फिर बाहर आकर बोला- चलो अन्दर. इसकी पूरी फिल्म बना ली गई थी और जो आज मेरी आंखें खोल कर चुदाई हुई, उसकी भी रिकार्डिंग थी.

मेरे जूनियर की बीवी अलका रानी आँखें मींचे चुपचाप पड़ी थी और अभी अभी हुई विस्फोटक चोदाई का मज़ा भोग कर सुस्ता रही थी.

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उन अंग्रेजों में एक था विलियम जो मेरी वाइफ को देख रहा था बार बार… मेरी वाइफ भी उसे देख मुस्करा रही थी. कपड़े उतारते समय भाभी बोली कि रुको थोड़ी देर आप एक काम करो, किचन में जाओ और वहां से एक कोल्ड ड्रिंक की बोतल लेकर आओ. रमन जी की खुशी साफ झलक रही थी जैसे कि सब शादीशुदा मर्दों को पता है कि साली साहिबा को देखकर अपने आपको रोक नहीं पाते हैं।रमन- आओ सैम, बैठो। बताओ क्या करना है?मैं- करना क्या है? बस आप मौका दो, बाकी तो आप को सब पता है।अनामिका ने सब के लिए पेग बनाए, उन दोनों बहनों ने एक एक पेग लिया, हम दोनों ने दो दो पेग गटके और चरों बैठ कर हँसी मजाक कर रहे थे.

कुछ समय तक तो मेरी खुशी का ठिकाना नहीं था मगर जैसे ही उसके कपड़े उतार कर नंगी करने का टाइम आया तो मेरा दिल मुझे झकझोरने लग गया और उससे मैंने कहा कि तुम यहां से चली जाओ. मैंने जल्दी जल्दी दो तीन झटके मारे और लंड को चुत में ठीक से सैट कर दिया. तब मैंने कंचन के साथ पहली बार नंगे होकर चूत लंड चूसने के लेकर खंडहरों में चूत चुदाई तक की सारी बातें चाची को विस्तार से बता दीं.

मैंने कहा- ठीक है!मैं फिर मामी के चुचे दबा दबा कर उसकी चूत में उंगली करने लगा.

रात को मेरी आँखों में नींद नहीं थी, बहुत सोचने के बाद मैंने उसी पुलिस अधिकारी से बात करने की सोची, जिसने मुझे अपनी बहन कहा था. मैं- अब दम कहां बची, पर दम लगा रहा हूँ… तुझे भी दम लगाना पड़ेगी बोल?वह भी गांड हिलाते हुए बोला- मैं तो लगा ही रहा हूँ. पिछली कुछ मुलाकातों जहाँ बड़े-बड़े लंड वाले लड़कों ने नताशा की गांड की ठुकाई की थी, को याद कर मेरा रोम-रोम ख़ुशी से सिहर उठा और मुझे लगने लगा कि आज की चुदाई भी उसी दिशा में जा रही थी!हाँआआआ… तुझे इसी की जरूरत है! और ऐसे ही चोदूंगा मैं तुझे! लेकिन चिंता मत कर मेरी जान, तेरी गांड इतनी आसानी से नहीं फटने वाली…” आर्थर कुटिल मुस्कान के साथ बोला.

मॉम अपना मुँह लंड के करीब ले गईं और उसी अवस्था में नवीन के मुरझाये हुए लंड को जीभ निकाल निकल कर चाटने लगीं. थोड़ी देर बाद मैंने एक जोरदार झटका मारा तो साली चीखने लगी, उसने कस कर चादर को पकड़ लिया, बोली- बाहर निकाल इसे मादरचोद हरामी फाड़ दी मेरी चूत मादरचोद… हरामी बाहर निकाल…पर मैं कहाँ सुनने वाला था… मैंने झटके मारने बंद नहीं किये. मैंने कहा- मैडम आपने पहले बताया नहीं… नहीं तो मैं आपके लिए कोई गिफ्ट ले आता.

क्योंकि उसका पति मेरा पापा के पास काम करता था, इसलिए उन्होंने उसकी विधवा को अपने ऑफिस में काम पर रख लिया. वो मुझे गेट तक छोड़ने आईं और बोलीं- दो दिन के बाद मैं घर पर अकेली रहूँगी, तुम कभी आ सकते हो.

वो अपनी बहन से बहुत प्यार करता है, इसलिए वो घर जाने के लिए तैयार हो गया और न चाहते हुए भी उसने मुझे हटा दिया. ”अलका फिर से हंस दी- अच्छा जी… आप बातें खूब बना लेते हैं… कुछ कुछ शरारत भी है आपके मिज़ाज में. यही बात मैंने अलका से भी कही कि सब कहानियां मेरी गर्ल फ्रेंड्स में ही घूम रही हैं.

मैं अभी गुस्सा करके उनका हाथ झटकने ही वाली थी कि तभी मैंने सोचा कि देखती हूँ कि भाईजान आगे करते क्या हैं?करीब 8-10 बार मेरी पूरी चूची पर हाथ फेरने के बाद भाईजान ने दूसरी चूची को सहलाने की कोशिश की, जो कि मेरे करवट से लेटने की वजह से दबी थी और उनकी पकड़ में नहीं आ रही थी.

मैंने बाथरूम में साक्षी की ब्रा और पेंटी देखी, जो थोड़ी सी गीली थी. मेरे ब्वॉयफ्रेंड ने तो जल्दी जल्दी के कारण कभी मजा ही नहीं दिया… कल जितना मजा आया बस मस्त था. [emailprotected]कहानी का अगला भाग:विलेज के मुखिया का बेटा और शहरी छोरी-2.

जब उन्होंने मनोरमा की तरफ देखने की कोशिश की तो वहाँ पर मैं थी और मनोरमा को बाहर जाने के लिए बोला जा चुका था. फिर मैं बहुत इनोसेंट बन कर उसके बगल में बैठ कर बोला कि आई एम सॉरी, अगर मेरी किसी बात का बुरा लगा हो तो!मैंने सोच लिया था कि अगर उसने तमाचा मारा तो चुपचाप माफी मांग लूंगा, कल से नहीं आऊंगा.

मैंने भी लंड पर थूक लगाया, सुपारा उसकी गांड पर रखा ही था, मैंने धक्का दे दिया. कुछ देर और इधर-उधर की बातें करने के पश्चात् हम रेस्तराँ से बाहर आ गए. मैं भाग कर बाथरूम में गया, मैंने अपना लंड बाहर निकाला और मूतने लगा.

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मैंने फिर पूछा- चुदाई में भी मज़ा आया या नहीं?उसने इतराते और शरमाते हुए कहा- ऊं हूँ… क्या पूछे जाते हो… मुझे शर्म लगती है.

अभी तो आप बहुत जवान लगती हैं, कोई नहीं कह सकता कि आप 35 साल से ऊपर की हैं. इस वक्त वो वही पजामी पहने हुए थी, जो वो रात को सोते वक़्त पहनती थी. मैंने दरवाजा खोला तो काम वाली बाई आई थी, इसलिए मैंने उसे अन्दर ले लिया और डोर खुला छोड़कर किचन में आ गई.

मैंने पूछा- क्यों दीदी, मैंने ऐसा क्या कर दिया?दीदी ने कहा- पहली बात डिस्को रात को 9 बजे के बाद खुलता है. उसने मेरा लंड पकड़ कर बोला- ओहो इतना बड़ा… इसे लेने में तो मजा आ जाएगा. ब्रेज़र्सकरीब 20 मिनट तक मैंने उनकी गांड मारी और वाइब्रेटर आगे उनकी चूत के चिथड़े उड़ाता रहा.

मुझे जबरदस्ती पूरा नाश्ता खत्म करवा के जूस पिला कर भाभी वापस जाने लगीं; फ़िर जैसे कुछ भूल गई हों, वैसे पलट कर बोलीं- शाम को 5 बजे भूलना मत…!और बस चली गईं. चूंकि वो दो बार मेरी चुत चोद चुका था, इसलिए उसका पानी जल्दी नहीं निकलने वाला था.

तभी मैंने ज्योति से पूछा- यह सब कब से चल रहा है?क्या भैया?”मैंने कहा- वही जिसके लिए तुम कह रही थीं कि तुम्हारी वो तुमको परेशान करती है. अब आगे:जैसे ही शनिवार आया, छुट्टी थी, तो मैंने अलका को फोन किया और लंच पर आने की दावत दी. यह खेल प्रशांत का ट्रांसफर होने के बाद ही रूका।प्रशांत और नीना चुदाई के बाद की कहानी मैं कभी शेयर करूँगा।इसी तरह जब मैंने नीना के साथ मिलकर थ्रीसम में अपने बचपन के दोस्त अमित का 8” का मस्त लंड शेयर किया तो नीना की बल्ले-बल्ले हो गई.

क्या आपने इससे पहले कभी मसाज नहीं करवाई थी?तो वो बोलीं कि मैंने कई बार मसाज़ कराई है, पर इतना मज़ा और सुकून नहीं मिला था. मेरी चिकनी चुत के चारों तरफ अपनी जुबान फेरने लगा, तक यहाँ तक कि मेरे मम्मों के अंगूरों को भी चूसता रहा. रास्ता थोड़ा खराब था, इसलिए जब भी ट्रक किसी गड्डे में आने से हिलता तो मेरे मम्मों के काले निप्पल तक ब्लाऊज के बाहर निकल आते थे.

मुझे लगा कि बात बन गयी, मैं उस दिन आफिस से जल्दी निकल गया और रात 8 बजे की तैयारी करने लगा, रात 8:30 को बांद्रा में उसके फ्लैट में पहुँच गया।जिया अपने घर में अपनी मेड के साथ अकेली ही रहती थी, उसके पापा पेरिस आते जाते रहते हैं बिजनेस के सिलसिले में तो जिया को पैसे की कोई कमी नहीं थी, वो तो बस मजे के लिए जॉब कर रही थी।मैं उसके फ़्लैट की बिल्डिंग के पास पहुंचा ही थी कि मेरा फोन बज उठा.

करीब दो मिनट तक तो मैं झड़ता ही रहा और वो मेरी पीठ पर प्यार से हाथ फेरती रही. प्रिया को इसका बराबर एहसास था और वो अपनी आँखें बंद कर के इस स्वर्गिक आनन्द के अतिरेक की अभिलाषा में बेसुध सी हो रही थी.

कामिनी की आवाज आ रही थीं ‘आआह्ह… आअह्ह क्या पेल रहे हो… क्या लौड़ा है मेरी जान…’विवेक में चुदाई का जबरदस्त स्टैमिना था. उसके हर धक्के पर मैं कराहते हुए बोलती रही- उम्म्ह… अहह… हय… याह… उई माँ यार धीरे धीरे करो क्या मेरी जान लोगे. हेलो दोस्तो, हम हैं आपकी बबीता भाभी… यह अभी तक की सबसे पहली भोजपुरी सेक्स कहानी है अन्तर्वासना पर…यह उस समय की बात है जब हमारे पारी काफी बीमार हो गए थे.

जब सो के उठा तो समय देखा, 10 बजे थे, रात हो रही थी, ट्रेन चल रही थी. उसके बाद मेरे मुँह की गरमाहट पा तुरंत ही पिचकारी मारते हुये मेरे मुँह को भर दिया, कुछ तो सीधे मेरे कंठ में चला गया तो कुछ मुँह में रह गया. घर पहुँचे तो बाई को आवाज़ दी, बाई ने खाना लगाया, थोड़ा थोड़ा खाना सबने खाया.

जुदाई वाली बीएफ ”ठीक है…”उन दोनों ने मेरे मम्मों को बाहर निकाल लिया और एक एक चूचा चूसने लगे. अब तक आपने पढ़ा था कि मेरे सगे बेटे आशीष के दोस्त चंदर ने मुझे चोदने के बाद आशीष की माँ बिंदु को चोदने का मन बना लिया था और उसने रात को मुझे बिंदु के साथ आशीष से चुदते हुए देखा और बिंदु को धमकाते हुए चुदाई के लिए अपने कमरे में आने को बोला.

पिज़्ज़ा का फोटो

मैंने उससे पूछा- क्या तुम मुझसे प्यार करती हो?उसने सर झुका लिया मैंने उससे फिर पूछा- बताओ?उसने हामी भरते हुए मुझसे अपने प्यार की रजामंदी दे दी. दस बजे उसका कॉल आया, वो बोली- भाई वाशरूम में है, वो 15 मिनट में चला जाएगा. जैसे ही मैंने शावर चालू किया, गर्म पानी मेरे जिस्म पे गिरने लगा, जो मुझे बहुत आराम पहुंचा रहा था.

घूमते तो और भी लेकिन अब तक नताशा के पैर थक चुके थे, और हम अपनी मेश्षान्स्काया स्ट्रीट में मुड़ गए और अपने हाउस नंबर 14 तक पहुँच गए. फिर मैंने महसूस किया कि उसकी फुद्दी काफी फ़ैल सी गई है, तो मैंने उससे पूछा. चुदाईकीकहानीमैंने लंड को उसकी चूत के छेद पर लगाया और धीरे से अन्दर की ओर धक्का दे दिया, जिससे लंड उसकी चूत में घुस गया और वो चिल्लाने लगी- आआऊउ एई… निकाल ले बाहर… वरना मैं मर जाउंगी…वो छटपटाते हुए मेरे बाल नोंचने लगी.

वो सोनल चौहान जो जन्नत मूवी में एक्ट्रेस है, बिल्कुल वैसी लग रही थी.

उम्म्म बहुत अच्छा लग रहा है…”आआआह… मुझे भी…”अब तो हमसे भी नहीं रहा जा रहा है. ”सच अगर कोई आ जाता तो? वैसे भाईजान दरवाज़ा तो बंद है ना?”हां ठीक से बंद है और फिर पूरा केबिन बुक है, सुबह तक कोई नहीं आएगा.

फिर मैं ज्योति को लेकर सीधा उसके घर आ गया और उसके पापा को फोन करके उसके एडमीशन कराने की बात बताई. मेरा दिमाग़ काम नहीं कर रहा था और लंड पेंट में फुंफकार रहा था, लंड खड़ा होकर फुल गया था जिससे पेंट में तंबू बन गया था. दूसरे दिन सुबह दस बजे रवि दूसरे खेत में काम पर गया था और मैं आज छिनाल जैसी नई साड़ी और कट ब्लाउज पहन कर मोहन के खेत की ओर निकल पड़ी.

वो अभी नहा कर ही बाहर निकली थीं, उनके बाल भी गीले थे… उस वजह से ऊपर से उनका सूट भी गीला हो चुका था.

अब बिना टाइम जाया किये नीना ने डॉक्टर के लौड़े पर हाथ रखा और पैंट की जीप नीचे सरका दी. सही बताऊं तो मुझे चक्कर आ रहे थे इसलिए मैं लेट गया और बुआ जी को तबियत खराब होने का बहाना कर दिया. वह मेरे लिए एक व्हिस्की का लार्ज पेग बना कर लाई और उसने म्यूजिक सिस्टम पर ‘जॉनी मेरा नाम’ फ़िल्म का गाना ‘हुस्न के लाखों रंग, का कौन सा रंग देखोगे’ लगाया जिस पर फ़िल्म में पद्मा खन्ना डांस करती है और अपने शरीर से एक एक कपड़ा उतारती है.

काजोल सेक्सीसविता भाबी- आह… आह… आ व्व्व्व्व्… मर गई…भाबी कराह भरी सिसकारियां लेने लगीं. हालांकि इस सबसे मुझे बड़ी उत्तेजना हो रही थी, पर दीदी का रिश्ता सोच कर मैं खुद को मना लेता था कि यूं ही धोखे से हाथ टच हो गया होगा.

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इतना सुनते ही वह भी हवस से भर गया और चलते चलते ही उसने अपना एक हाथ मेरे कंधे पर होते हुए मेरी चुची पर रखा और सेक्सी लुक देते हुए झटके से मेरी एक चुची दबा दी, बोला- आह…! चल चुदक्कड़… तेरा भोसड़ा फाड़ता हूँ!कहते हुए उसने अपने दाँतों को आपस में भींच लिया. मेरी देसी कहानीविलेज के मुखिया का बेटा और शहरी छोरी-1के पहले भाग में आपने पढ़ा कि मैं अपनी सहेली के साथ उसके गाँव गयी थी. मैंने पूरी तेजी से चूत में पूरा लंड घुसा दिया और उसको धकापेल चोदने लगा.

मैं भी अपनी साड़ी ठीक करके घर पहुंचने का इंतजार कर रही थीअब सुबह के 6 बजे थे और ट्रक गांव में आ गया था. वो बके जा रही थी- आआआहह यस्स… प्लीज़ फक मी फक्क मी… और अन्दर तक डालो… चोद चोद कर जान निकाल दो मेरी… भोसड़ा बना दो मेरी इस चूत का… रंडी बना ले मुझे अपनी… हरामी, आज से मैं रखैल हूँ तेरी बहनचोद!उसको चोदते हुए बहुत देर हो गई थी, पर मेरा पानी निकल ही नहीं रहा था. आते ही वो फिर से मेरे से लिपट गई और एड़ियाँ उठाकर मुझे होंठों पे किस करने लगी। उसकी हाइट कम होने के कारण उसे थोड़ा परेशानी हो रही थी, मैंने उसे उठा कर टेबल पर बिठा दिया और हम फिर से किस करने लगे। मैं उस की कमर पर हाथ फिरा रहा था और वो मेरी कमर पे। हम दोनों ही एक दूसरे के भीतर समा जाने को आतुर थे.

वो आहें लेने लगी- उहह यस… आहहह…फिर मैंने आम के इस बड़े पीस को आधा चुत में डाल दिया… और चुत को काटते हुए आम चूसने लगा. अब मैं उनकी गांड की गर्मी और नहीं सह पा रहा था, मैंने 8-10 धक्के और लगाये और मेरा लावा फूट पड़ा. इन एजेंसियों में पैसा लेने का स्वार्थ होता है, फिर चाहे उनको क्रिमिनल लोगों को भी सदस्यता क्यों न देनी पड़े.

मैंने उसको देखा और 2 मिनट में वापिस आ गया उसको देख कर!उसने फ़ोन करके मेरी तारीफ करते हुए कहा- वाह यार, तुम तो मस्त लग रहे थे!मैंने भी उसको थैंक्स बोला. धीरे धीरे मेरा उनमें इंटरेस्ट बढ़ने लगा और मेरे मन में उन्हें प्यार करने की इच्छा जागने लगी.

तभी अन्नू का मेरे पास फोन आया- एकता उठ गई क्या?मैंने बताया कि वो सो रही हैं तो अन्नू बोली- हम दोनों चार बजे तक आ जाएंगी, फिर हम शाम को कहीं चलेंगे.

वो नाराज हो गयी और मेरे से कहने लगी- मुझे ना तुमसे बहुत नफरत हो रही है. नंगी रोमांस वीडियोउन्होंने मेरे लिए एक आया रखी हुई थी, जो सारा दिन हमारे घर पर ही रहती थी. कामसूत्र मूवीगांड मरवाए काफी दिन हो गए थे तो मेरी गांड बहुत टाइट हो गई थी, जिससे उनका लंड मेरी गांड में नहीं जा रहा था, मैंने कहा- अंकल कोई क्रीम या तेल लगा लो. मगर इधर बिंदु की सूजी हुई चुत को देख कर मेरी चुत भी लपलापने लग गई थी कि उसके साथ भी ऐसा ही हो.

कुछ समय तक तो मेरी खुशी का ठिकाना नहीं था मगर जैसे ही उसके कपड़े उतार कर नंगी करने का टाइम आया तो मेरा दिल मुझे झकझोरने लग गया और उससे मैंने कहा कि तुम यहां से चली जाओ.

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मुझे लगा कि पक्का किसी ने हमें किले पर देख तो नहीं लिया और चाचा को बता दिया. मैं जानबूझ कर मोहन के पांव के पास बैठ गई थी और ट्रक के चलने का इंतजार कर रही थी. मैंने प्रिया की कांख को चूमा… तत्काल प्रिया के मुंह से एक आनन्दमयी और लम्बी सीत्कार निकल गयी और मैंने प्रिया की बगल की अंदर वाली रेशम रेशम त्वचा को अपनी जीभ से चाटा.

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मैं अपनी वाइफ को छोड़ कर जब अपनी जॉब वाली जगह पर आया और मैंने गेट खोला तो पाया कि रूम ऑनर के गेट पर ताला लगा हुआ है. वो तो मेरी तरफ आते जाते देखता भी नहीं था, ना किसी और लड़की को लेकर उसकी कोई बात कभी सुनी थी. हम लोगों ने विशाल शीशे की खिड़की के सामने चार कुर्सियों वाली सीट चुनी थी.

मैं तो शराब पीता ही रहता था, लिहाजा मुझे थोड़ी कम चढ़ी हुई थी, मंजू कभी कभी बियर पीती थी तो उसको नशा ज्यादा हो गया, अब मंजू बहकने लगी थी, उसके अंदर का जोश छलकने लगा था.

मैं समझ गई कि ये झूठ बोल रहे हैं, मैंने रास्ते में कई मर्दों का पेशाब करते हुए देखा था पर उनका लन्ड बड़ा है, और आशीष जो मेरा ब्वाय फ्रेंड है उसका लंड बहुत बड़ा है.

जिस दिन पापा के दोस्त अपने लड़के के साथ आए तो पापा और उनके दोस्त यह बोल कर वहाँ से चले गए कि यार इनको बातें करने दो. मैं बोला- पूजा, अब तो एक ही रास्ता है कि हम दोनों ही एक दूसरे की मदद करें… लेकिन अगर अंकुश को पता चला तो?पूजा बोली- अंकुश को कुछ फर्क नहीं पड़ेगा चाहे उसके सामने ही हम कुछ भी करें!मैंने पूजा का मन भी टटोल लिया कि वो भी लंड की भूखी थी. गण्ड की फोटोमुझे वो पहली नज़र में ही भा गया और मुझे लगता था कि उसने भी मुझे पसंद कर लिया था.

कुछ देर बाद मेरा माल निकल गया और सारा माल दीदी की चूचियों पर गिर गया. तब उसको स्क्रीन पर उसके पहले दिन का लिया हुआ सेक्स क्लिप दिखा कर बोला कि यहाँ से चलते बनो वरना यह क्लिप तुम्हें जेल की हवा तो खिलवा ही देगी और जो भी सुनेगा और देखेगा तुमको चप्पलें मारेगा. दीदी का फिगर 34-30-36 का था और उनकी लंबाई 5 फुट 6 इंच और रंग दूध के समान गोरा था.

मैं उदास सा एक बैंच पर बैठा था कम रोशनी थी… कि तभी एक व्यक्ति मेरे करीब से गुजरा, उसने मुझे पहचान लिया. मेरी वाइफ कभी मेरे लंड को मुँह में ही नहीं लेती, इसलिए मैं बाहर लड़कों से चुसवाता रहता हूँ.

वैसे तो मैंने अपने एक्स यार से ओरल मस्ती की हुई है पर बुर की आग ओरल से कहां बुझती है.

अब तक मुझे भी मज़ा मिलने लगा था, इसलिए मैं खुद ही भाईजान से मज़ा लेने को बेकरार हो गई. अब मेरा लंड पूरा तन चुका था, मैंने आंटी की ब्रा उतार दी और आंटी के चूचों को दांतों से काटने लगा और जोर जोर से मसलने लगा. कुछ देर तक एक दूसरे की जीभ का रस पीने के बाद मेरे लंड में आग सी लगने लगी.

सेक्सी हो फिर मैं बाइक लेके उनके पास गया और मैंने पूछा कि क्या मैं आपकी कोई हेल्प कर सकता हूँ. मेरा दोस्त उसके बड़े बड़े दूध मसल रहा था और साथ में उसे दबादब चोद भी रहा था.

मैं रेखा के मुंह के पास लंड ले गया और उसकी बाँहों को आँखों पर से हटा कर बोला- हरामज़ादी रांड, ले इस लौड़े को देख… तेरी शान में मादरचोद तन्नाया हुआ है… जब से तुझे देखा है तब से यह कमीना अकड़ अकड़ के नाक में दम किये हुए है. मगर अबकी बार आंटी होंठों पर किस करने लगीं और मेरा मुँह को दबाकर मेरी जीभ को चूसने लगी, जिससे मुझे भी मस्ती आने लगी. फुचक फुचक की आवाज़ रूम में गूंजने लगी और हम दोनों सेक्स के अधीन एक दूसरे को ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने लगे.

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पर मुझे मजा भी आ रहा था और फिर मैं अपनी उंगली को उनकी चूत में ही घुमाने लगा और फिर अन्दर बाहर करने लगा. यदि आपने किसी ट्रेवल एजेंसी से ट्रेन की कनफर्म्ड टिकट खरीदी और आपका नाम आरक्षित लिस्ट में नहीं है तो तो क्या आप उस एजेंसी वाले को छोड़ देंगे? उसे फ़ोन करेंगे, पैसे वापस मांगेगे और अगर उसने फ़ोन नहीं उठाया तो पुलिस में कंप्लेंट करेंगे. वो जब मेरी तरफ चल रहा था, तो मेरी तरफ ही देख रहा था, मेरा दिल बहुत जोर जोर से धड़कने लगा.

कुछ दिन इसी तरह चलने के बाद मुझसे रहा नहीं जाने लगा और दी भी खुलकर अपने चुचे और चूतड़ दिखने लगी थीं. इस बार चाची ने कई बार मेरे सामने अपने आँचल को ढुलक जाने दिया और मुझे उनकी गोरी चूचियों की शानदार हसीन वादियों को निहारने का अवसर मिला.

साथ ही नवीन के लंड का पानी भी चुत से निकल कर नवीन के लंड पर गिर गया.

और हां भैया, अगर ये बात अगर मम्मी पापा को पता लगी, तो मैं कसम खा कर कह रही हूँ कि मैं सुसाइड कर लूँगी. मैंने मना कर दिया मिलने से… फिर उसने कहा- तुझे तेरी गर्लफ्रैंड की कसम है अगर तुम मेरे से मिल कर नहीं गए तो! अगर तुम अपनी गर्लफ्रैंड से प्यार करते हो तो मुझ से मिलकर जाओगे! मैंने उससे कहा- बोलो कहाँ पर मिलना है. आउटडोर लाइट्स जल रही थीं, जिससे किचन के अन्दर का सारा नज़ारा साफ साफ दिखाई दे रहा था.

तभी कंपाउंडर ने नीना को अगले दिन आने को कहा क्योंकि वह खुद भी जा रहा था. मेरा नाम मयूर है और ये सेक्स कहानी तब की है, जब मैं कॉलेज के दूसरे साल में था. इतना बोल कर वो मुझे अपने पास घसीट कर ले आया और मुझे सीधा लिटा कर मेरी चूत पर अपना मुँह मारने लग गया.

अभी मेरी ट्रेनिंग चल रही है तो मुझे अपने खर्च के लिए रूपये की जरूरत थी.

जुदाई वाली बीएफ: यह सुनते ही मेरे होश उड़ गए और मैं चुपचाप बिस्तर पर बैठ गया, मेरी आँखों से आंसू निकल आए. जब तक उसके लंड ने मेरी चुत में अपना रस नहीं निकाल लिया, तब तक वो धक्के पर धक्का मारता रहा.

सर ने मुझे पैन ड्राइव दी और कहा- इसमें बहुत पोर्न मूवीज़ हैं, इनको ध्यान से देखना, कल ऐसे ही चुदाई करेंगे।मैंने पैन ड्राइव अपनी किट में रख ली. आपको मेरी यह सच्ची कहानी कैसी लगी, माफ़ कीजिएगा अगर कोई ग़लती हुई होगी तो… क्योंकि मैंने पहली बार यहाँ अपनी कहानी को पोस्ट किया है. इस चक्कर में एक जबरदस्त लंड ने मेरी गांड को फाड़ कर रख दिया, हालांकि मजा मुझे भी आया, पर साथ में दर्द भी बहुत हुआ.

फिर मेरा लंड खड़ा होते ही मैंने चाची से पूछा कि कंडोम है?चाची ने कहा- हां अलमारी में है, ले लो.

मेरी चूत पर अभी बाल पूरी तरह से नहीं निकले थे मगर फिर भी बहुत ही मुलायम से निकले हुए थे. मेरी चूत को उसने जितना खोल सकता था खोल लिया और मेरी दोनों टांगें फैला दीं. मैं उनको मना नहीं कर पाया और खाना खा कर अपने घर आकर दिल्ली के लिए तैयारी करने लगा.