ऑंटी कि बीएफ

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मेरा हाथ बस उसी हथियार को ढूँढे जा रहा था जो हथियार आज मेरी प्यास बुझाने वाला था.अब मैंने धीरे से धक्का लगाया, लंड का अगला हिस्सा अन्दर चला गया और मीषा तड़पने लगी.

उसने खुद को समर्पित कर दिया था और मैंने भी उसे अपनी नंगी छाती से चिपका लिया हम दोनों के तन की गर्मी ने एक दूसरे को प्यार का अहसास करना शुरू कर दिया था. ऑंटी कि बीएफ होली का व्यंजन बना कर लगभग 11 बजे मैं सिन्हा भाई साहब के फ्लैट में गई.

मैंने उसको अपना लंड मुँह में लेने को कहा तो उसने कहा- इतना काला है.

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उस रात मुझे कुछ अलग ही सेक्सी सपने आ रहे थे और बहुत में बेचैन हो रहा था. मैंने फिर से हिम्मत की और पहले दिन की तरह हाथ से बढ़ा कर उनके अन्दर डाला, दूध दबाए. उस दिन मैंने वाइट टॉप और नीचे थोड़ी नीचे तक लंबी वाली ब्लैक स्कर्ट पहन रखी थी.

मैंने उससे कहा कि तुम्हारी बहन मायके जा रही है और मैं 2 दिन बाद तुमसे मिलने आऊंगा, जहाँ तुम नौकरी करती हो. इस तरह की बातों के बीच उस दिन हम लोगों ने खूब मस्ती की, खूब बातें की. मेरी एक खासियत ये भी है कि मैंने अब तक जितनी चुतों को अपने लंड का मजा दिया है, उन सभी की गोपनीयता भी बना कर रखी है.

जब उसका नंबर आया और उसने मुझे देखा तो वो थोड़ा शॉक हो गयी- आप यहाँ?मैंने कहा- हाँ!तुम्हें अभी तक जॉब नहीं मिली?”फिर मैंने उसका इंटरव्यू लिया और उसके बारे में बहुत कुछ जान लिया. इसके बाद मैंने उसे सोफ़ा पर लिटा लिया और उसकी टांगें अपने कन्धों पर रख कर कुछ मिनट तक उसे धकापेल चोदा और उसके अन्दर ही झड़ गया. मैंने उनके एक काले अंगूर से कड़क निप्पल को अपने मुँह में लेकर काट दिया तो उनकी मादक सिसकारियां और तेज हो गईं.

फिर उसका एक हाथ नीचे मेरे लोअर के ऊपर से ही मेरे लंड को टटोलने लगा. आआआहह… बहुत दिन बाद किसी ने ऐसे मेरी मस्त चूत चूसी है…”क्यों वो नहीं चूसता था?”वो तो बस लंड अन्दर डाल के चोदना शुरू कर देते थे… जल्दी से सीधे चोद देते थे… ऐसे मस्ती नहीं करते थे…”मेरी बात सुनकर मेरी चुत की और जोर से चुसाई होने लगी.

कयामत तो तब बरपा हुई जब प्रिया ने अपनी बायीं टांग उठा कर मेरे ऊपर रख दी.

फिर मैंने उसको पकड़ा और उसके होंठों को जोर से चूमने लगा और उसके दूध भी तेज से दबा दिए.

तभी भाभी बोलीं- मुझे वाइल्ड सेक्स और गालियों के साथ मज़ा आता है, पर तुम्हारे भैया सीधा करके सो जाते हैं. दोस्तो, अन्तर्वासना साईट पर यह मेरी पहली कहानी है, एक कुवारी दुल्हन की सेक्स कहानी… मुझे विश्वास है कि आप इस कहानी को बेहद पसंद करेंगे।मेरा नाम है चार्ली, मैं कोल्हापुर महाराष्ट्र का रहने वाला हूँ। मेरी हाइट लगभग 6 फुट की है और मेरी बॉडी भी ठीक है… बात करे मेरे लण्ड की तो वो 6. उसके साथ और भी कई मैडम थीं, वो सब एक प्राइवेट गर्ल्स होस्टल में रहती थीं, जो मुझे काफी पसन्द करती थीं.

वो बोली- चुदवा तो नहीं पाऊंगी लेकिन मैं इसे मुँह से चूस ज़रूर सकती हूँ, ऐसे भी मुझे आपके लंड का टेस्ट काफ़ी अच्छा लगा. वहां मैंने बिकनी और न्यू स्टाइल के अंदरूनी वस्त्र लिए और कुछ हॉट और सेक्सी कपड़े भी ले लिए. कुछ देर बाद एक नौकर आकर कर हमें कोल्ड ड्रिंक सर्व कर गया और कुछ काजू बादाम आदि की प्लेट रख गया.

जिसे मैंने चाटा तो मुझे मानो वो नमक वाला पानी लगा… बहुत ही गीला और चिपचिपा… मैंने अब उसकी चुत के ऊपरी हिस्से को धीरे धीरे सहलाना शुरू किया और उसकी चुत के नीचे वाले हिस्से को चाटना और उसको जीभ से चोदना शुरू किया.

इधर मैंने भी उसको समझाया कि पहली बार जब चुत की सील खुली थी, तब दर्द हुआ था कि नहीं. मैंने करवट लेने के अंदाज में पलटते हुए अपने हाथ सीधे मां के ऊपर रख दिया तो भौंचक्का रह गया. उसके बाद उसने मुझे किस किया और मेरे मम्मों को मसलते हुए मेरा चूत चोदन करने लगा.

वे कहने लगीं- देखा न मनन, आज ज़रा सी उम्मीद क्या दिखी, उनसे इतना भी न हो पाया. आ जाओ।मैं उसके कमरे में डाबर हेयर आयल की बोतल लेकर चली गई।मैंने दरवाजा लॉक कर दिया. मगर जैसे ही उसे मैंने देखा तो मेरी शर्म से आँखें झुक गईं, क्योंकि वो मेरी ही कंपनी का एम डी था.

पिंकी तो उंगली के कारण हँस रही थी और रोशनी अपनी आँखें दर्द से बंद कर रही थी.

थोड़ी देर इसी तरह अपनी चुत चोदने के बाद दीदी एकदम पागल सी हो गई थीं और अपनी गांड उठा उठा कर उंगलियां घुसा रही थीं. उसमें भी गांड जब मेरी साली जैसी गोरी चिट्टी और एकदम साफ हो तो बात कुछ और ही होती है.

ऑंटी कि बीएफ तभी पारुल बोली- किसी अच्छे से होटल पर गाड़ी रोकना, चाय वगैरा ले लेते हैं. कमरे में आते ही मैंने दरवाजे की कुंडी लगा दी और उस देसी लड़की कंचन के सारे कपड़े एक एक करके उतार दिए और वो पूरी नंगी हो गई.

ऑंटी कि बीएफ इसके बाद अगले दिन जब पंकज काम पर चला गया तो स्मिता ने मेरी तरफ अनुराग भरी नजरों से देखा. उसी तरह फिर दोपहर में मैंने भैया को अपने मोबाइल से वीडियो कॉल किया वो ऑफिस में थे.

और तुम खुद देख चुकी हो की पायल को चोदने में इतना वक्त लगा जबकि पायल की चूत तो काफी हद तक फटी हुई है, तो सोचो तुम्हें कितना दर्द होगा और टाइम भी ज्यादा लगेगा। इसलिये बेहतर होगा कि कल सुबह 8 बजे तुम्हें अपने घर पर चोदूँ.

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अन्तर्वासना के पटल पर एक और कहानी का समापन।कैसी लगी मेरी प्रेमिका की चुत चुदाई कहानी?आप मुझे मेल कर सकते हैं![emailprotected]. मैंने उसकी चूत की दरार में ऊपर ऊपर ही अपनी उंगली फिराई, फिर मैं उसकी चुत चाटने लगा. जब मैं अपने घर जा रही थी, तभी सर ने मुझे अकेला देख कर मेरा हाथ पकड़ा और बोले- तुम्हारा फिगर बहुत अच्छा है.

उसने मुझे एक हग किया और मैं दरवाजा खोल कर अपने पढ़ाई वाले रूम के पास आ गया. मैंने सामान की पैकिंग तो ही कर ली थी, उसके बाद हम घर से गोवा के लिए चल दिए. पूरी टी-शर्ट ही छोटी लग रही थी और नीचे से उसकी नाभि भी बाहर नजर आ रही थी.

अब तो भाभी मेरी रखैल रंडी बन चुकी हैं, जब भी मौका मिलता है, मैं उनको चोद देता हूँ.

मेरे लंड की साइज़ 5 इंच है और मैं किसी भी लड़की को खुश करने में कभी भी कोई कसर नहीं छोड़ता हूँ. प्रिया का मंगेतर 10 नवंबर को आने वाला था और शादी 19 नवंबर की फ़िक्स थी. फिर वो मेरे मुँह में मुँह डाल कर चूसने लगा और पीछे हाथ ले जाकर मेरी ब्रा का हुक खोल दिया.

काव्या जागी तो खुद को नंगी देख कर वो एकदम से थोड़ा शर्मा सी गयी लेकिन मैंने उसे अपनी बांहों में जकड़ लिया और चूमना चाटना शुरू कर दिया. कई बार मयूर से कहते थे- यार अगर रचना की चूत दिला दो तो तुम्हारा तुरंत ही प्रमोशन कर दूँ. तो नीति ने बताया कि उसका किसी से अफेयर चल रहा है, पर मैं कोशिश करती हूँ.

अच्छा तो ऐसा करते हैं कि ताश खेलते हैं, जो पहले जीतेगा, वो ही करेगा. जैसे ही मैं गाड़ी का गीयर चेंज करता मेरा हाथ पारुल की जांघों पर लगता क्योकि वो पैरों को खोल कर बैठी थी.

मैंने कहा- रुको, मैं कंडोम पहन लेता हूँ, उसके बाद फिर से करूँगा… जिससे मुझे और तुम्हें भी कोई चिंता नहीं रहेगी. जिनेन्द्र ने बताया कि उसके कुछ फ्रेंड्स भी यहीं रहते हैं, तुम्हें मस्ती करनी है तो उन्हें आज बुला लेते हैं. सुबह शाम अब तो बस मैं दीदी की चूत और चुदाई के बारे में ही सोचता रहता.

क्या आपने मेरी वो देख ली है?मैंने खुलते हुए कहा- हां भाभी अभी तो आपकी चुत एक जालीदार पैकेट में देखी थी.

पंखे की हवा का प्रेशर इतना तेज था कि उनकी साड़ी उड़ कर उनके पेट पर पहुंच गई. तब आंटी का पूरा संयम खत्म हो गया और बोलीं- मेरे राजा, आज इस प्यार की प्यासी अपनी आंटी को खूब प्यार करो. वो और भी ज्यादा गर्म हो गईं और मादक आवाजें निकालने लगीं- आआह्ह्ह आअह आकाश क्या कर रहे हो… मुझे कुछ हो रहा है आह्ह ऊओह्ह्ह…मैं- चाची आज जो हो रहा है, हो जाने दो… मैं बहुत दिन से इस दिन का इन्तजार कर रहा था.

अभी 19 की उम्र में है। तब वो 18 साल की थी और उसकी गदर जवानी पर गांव के लड़के जान देते थे। मैं भी उनमें से एक था. पारुल बोली- मेरा एक पैग और बनाओ!लेकिन इस बार मैंने अपना नहीं बनाया क्योंकि मुझे गाड़ी भी ड्राइव करनी थी.

मैं तो भाई साहब के साथ छेड़खानी करने के कारण गरमाई हुई थी ही, सो लंड के कुछ ही प्रहार से स्खलित हो गई. मेरी कहानीपापा की चुदक्कड़ सेक्रेटरी की चालाकीका आगे का भाग मैं आप सभी प्रिय पाठकों की सेवा में भेज रही हूँ. उसके लंड की मोटाई मेरी कलाई जितनी थी और शायद लम्बा भी 7 इंच का होगा.

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तभी एक लड़की जो कि उनकी बुआ थी, उन्हें ढूँढते हुए हमारे पास आई और उन्हें कहने लगी कि बिना बताए कहां चले गए थे.

अब मुझसे भी रहा नहीं गया और मैंने सोफे पे बैठे हुए ही अपना टॉप निकाल कर फेंक दिया. मैंने जानबूझ कर पूछा- मां कहां जा रहीं हो?मां कोई दवा खाते हुए कहने लगीं- स्कूल का जरूरी काम है… मुझे जाना है और कुछ टाइम लग सकता है. वो मेरे कान में बोला कि सच में यार तेरी गांड बहुत टाइट और बड़ी मस्त है.

फिर 20 मिनट बाद मुझे लगा कि अब मैं झड़ने वाला हूँ तो मैंने उससे कहा- मैं छूटने वाला हूँ. अब देखो कब ऐसा मौका मिलता है कि मैं किराएदारन आंटी अपनी मॉम और बहन तीनों को एक साथ एक ही बिस्तर पर कब चोद पाता हूँ. मारवाड़ी भाभी की सेक्सी फोटोफिर एक महीने बाद हमने तीनों का एक टेस्ट लिया, मेरा किंग साइज़ का पलंग होने के कारण वह लोग काफी दूर दूर बैठ कर टेस्ट दे रहे थे.

पर तुम्हारे ब्रेस्ट नहीं निकले हैं, क्या वजह है पिंकी?”रोशनी को मुस्कुराते हुए देख पिंकी ने गुस्से से कहा- रोशनी दीदी की भी चूत में क्लिट वाला दाना नहीं है और मुझे तो दीदी के ब्रेस्ट भी नकली लगते हैं, अन्दर से ब्रा में रुई भरकर रखी होगी. खाना दे कर वो मेरे पास बैठ गई और फरवरी में चल रहे दिनों के बारे में बात करने लगी और अचानक से बोली- आप ने कभी किसी को किस किया है?मैंने चुपचाप ना में गर्दन हिला दी क्योंकि मेरा छोटा भाई वही बैठा था.

मैं उनकी टाँगों के बीच में था और उनके होंठों पर होंठ रख कर ज़ोर से चूसने लगा. आर्थर और एरिक बोले- हम भी झड़ गए!मैं भी दोस्तो…” मैं बोला और अपना लंड नताशा के मुंह से बाहर निकाल लिया. फिर मैंने उसके कन्धों को थोड़ा और उचकाया, और इस बार थोड़ा और नीचे तक दबा दिया.

तो देखा वही भाभी स्कूटी स्टार्ट कर रही हैं लेकिन उनसे स्कूटी स्टार्ट नहीं हो रही थी. विक्की और पिंकी की लड़ाई काफी होती थी और दोनों एक दूसरे से ढंग से बात नहीं करते थे. पहले तो उन्होंने पूछा- क्या इसे मुँह में लेना पड़ेगा?तो मैं बोला- जैसी आपकी इक्षा!तो उन्होंने उसे हाथों से खिलाने की बजाये अपने मुंह में लेकर एक बड़े ही कामुक अंदाज में अपनी जीभ से खिलाया.

अचानक मेरे कानों में प्रिया की आवाज़ सुनाई दी…मैंने आप से एक बात करनी है.

फिर उन्होंने मुझसे बात करना शुरू कर दी और पूछने लगीं कि कौन से कॉलेज में हो. अब उसके लिए कंट्रोल करना काफ़ी मुश्किल हो गया था और वो काफ़ी तेज तेज साँसें लेने लगी थी.

पर उसका शरीर मेरे लंड के हमलों को सह नहीं पा रहा था और वो उसी पोज़ में पलंग पर गिर गई. मैंने पूछा- कुछ परेशान सी लग रही हो आप?तो उन्होंने बुझी सी आवाज में बोला- तुम नहीं समझोगे. फिर मैं आंटी से अलग होकर फ्रिज से आइसक्रीम ले आया और हम सोफे पे बैठ गए.

मेरे दोस्त ने मुझे सब कुछ समझा दिया और बोला- रात 12 बजे तक शायद वो लोग आ जायेंगे तो तू देख लेना!मैं बोला- कोई प्रॉब्लम नहीं, तू मस्त काम निपटा, मैं हूँ इधर!वो भी रुकना चाह रहा था लेकिन रात में कोई पूजा होनी थी तो घर चला गया. उसकी चूत के ऊपर के और साइड के सारे बाल साफ़ करने से उसकी चिकनी मासूम सी कली अच्छे से नजर आने लगी, पर उसकी चूत का छेद नजर नहीं आ रहा था. और उस घर में अकेले होने की वजह से मेरा मन कंप्यूटर में कम और जमीला में ज़्यादा लग रहा था.

ऑंटी कि बीएफ इसके बाद उसने मेरी चुत में अपनी उंगली डाली तो मुझे डबल मजा मिलने लगा. उस दिन के बाद से मैं आए दिन रमेश के घर जाने लगा और उसके घर में एकदम घुल मिल सा गया.

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मेरी मकान मालकिन आंटी 37 साल की मोटी सी कम हाईट की एक शानदार माल है. इससे पहले हम लोग नॉर्मली ही बातें किया करते थे, थोड़ी बहुत मस्ती भी हो जाती थी. तेरे लिए… कुछ भी! जान मांगे तो जान भी!!” कहते-कहते जाने क्यों मेरी आँख भर आयी.

दिन में मैं उस आंटी को सहलाता, उस पर हाथ रखता और रात में अपनी मॉम पर हाथ फेरता. इसका मतलब नीति मैडम ने रात की चुदाई का सारा प्रोग्राम उसे बता दिया था. बेवफा सनम सेक्सीमैंने अपनी जीभ पारुल की चूत के दाने पर रखी तो पारुल ने मेरा सिर पकड़ कर चूत पर दबा दिया, मैं थोड़ी देर चूत को ऊपर से ही जीभ से चाटता रहा.

इधर मेरा दायाँ हाथ प्रिया की पीठ पर पहुँच कर कपड़ों के ऊपर से ही ब्रा का हुक टटोल रहा था.

उसने 4-5 ड्रेस निकाल कर अलग रख दीं, फिर पूछने लगीं- आप पहली बार आई हैं?मैंने कहा- हां, पहली बार आई हूँ. रात में तकरीबन 11 बजे मेम ने कॉल किया और पूछा- ले आए?मैंने कहा- हां मेम.

वो सोच रही थी कि ‘क्या करेगा यह?’ संजाना को पता सब कुछ था लेकिन फिर भी खुद के मन को समझाने के लिए खुद से अनजान बन रही थी. कुछ ही देर में दोनों की कमर म्यूजिक के साथ थिरकने लगी, विशाल सुलेखा की कमर पकड़ कर डांस करने का आनन्द लूट रहा था और बार बार उसके गालों को चूम ले रहा था जिसका विरोध सुलेखा बिल्कुल भी नहीं कर रही थी. मैंने विनय का हाथ पकड़ लिया और बोला- विनय प्लीज, तुम किसी को मत बताना.

बड़ौदा से सूरत कुछ ही घंटों का सफ़र है तो मैं आए दिन अपनी मौसी के घर जाया करता था.

मैं अपनी टांगें क्रॉस करने की बजाय इस तरह से खोल कर बैठ गई कि अगर मेरे सामने से कोई गुजरे तो उसे मेरी पेंटी पूरी तरह से दिख जाए. मेरी साली पीछे घूम गई और प्लेटफार्म पर हाथ रख के गांड पीछे के तरफ से उभार दी. वो अब धीरे से अपने हाथ को मेरी साली के मम्मों पर ले गया और उनको हल्के से दबाने लगा.

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तभी मॉम बिन पानी की मछली की तरह उछल पड़ीं और उन्होंने मेरा लंड निकाल दिया. विनय- क्या हुआ नेहा?मैं- जिनके लंड के ऊपर तिल होता है, वो बहुत सेक्स करते हैं. ऐसा देख कर पहले तो वो थोड़ा नर्वस हुई लेकिन मैंने उसे उठाया और किस करने लगा.

मैं घप घप की आवाज़ के साथ ज़ोरदार चुदाई कर रहा था और आंटी के चेहरे पर साफ झलकती हुई खुशी देख रहा था जिस कारण मुझे भी बहुत खुशी हो रही थी कि आज मेरी वजह से किसी को खुशी मिली. बस का चलने का टाइम हुआ तो 3 सुन्दर सी लड़कियाँ बस में चढ़ीं, उनमें से एक मेरे पास बैठी और बाकी दो 3 सीट वाली पर बैठ गईं. उसने पेंटी भी वो वाली पहन रखी थी, जिसमें पीछे से पूरी गांड खुली होती है, बस आगे से चुत ढकी होती है.

तभी उनका बेटा अपने बिस्तर में सोने चला गया लेकिन चाची को अभी नींद नहीं आ रही थी. मैंने कहा- ये क्या किया अवी तुमने? देखो कितना खून निकल रहा है?अवी ने कहा- मैं खुशनसीब हूँ कि तुम मेरी गर्लफ्रेंड हो और उससे ज्यादा इसलिए कि अब तक तुम्हारी सील नहीं टूटी. मैंने अंजलि को खड़ा किया और उसकी बैक अपने से सटा ली, अब मेरा लन्ड अंजलि की गांड को रगड़ने लगा, अंजलि अपना हाथ पीछे करके मेरा लन्ड पकड़ कर अपनी गांड पर रगड़ने लगी और मैं अपने दोनों हाथों से अंजलि के चुचे पकड़ कर मसलने लगा और अंजलि की गर्दन को किस करने लगा.

मेरी आँखों में पानी आने लगा, मेरी गांड में बहुत दर्द हो रहा था, मैंने बेडशीट कस कर पकड़ ली और दाँतों से तकिया दबा लिया।फिर मैंने अपने दोनों हाथ पीछे ले ज़ाकर गांड को खोला, उसने अपने दोनों पैरों को मेरी टाँगों पर रख दिया, वो पूरा ज़ोर लगा कर लंड को अन्दर करने लगा, उसके पैर मेरे टांगों से एकदम चिपके होने के कारण स्लिप नहीं हो पा रहे थे।तभी मुझे उसके आंड अपनी गांड पर बजते हुए महसूस हुए. जब उसका लंड कुछ देर तक खड़ा नहीं हुआ तो मैंने दोबारा से उसके लंड को मुँह से चूसना शुरू कर दिया.

भाभी बोली- तुम भी पेंट उतार दो!मैंने जल्दी से पैन्ट और चड्डी उतार दी, मेरा 7 इंच का लंड देख कर बोली- मस्त है तुम्हारा हथियार… आज मजा आएगा!फिर हम लोग बेड से नीचे आ गए, कालीन बिछी हुई थी तो कोई प्रॉब्लम नहीं हुई.

मेरी सहेली की चुदाई की पूरी कहानी मेरी सेक्सी आवाज में सुनें और मजा लें!अन्तर्वासना ऑडियो सेक्स स्टोरीज सुनने के लिये सर्वोत्तमब्राउज़र क्रोम Chrome है. घोड़ा और औरत के सेक्सीमैं तुम्हें यहाँ रखना नहीं चाहता और वैसे भी असली मुजरिम तो ऊपर से किसी के दबाव के चलते निकल गया है क्योंकि वो जा चुका है तो मैं आपको किस कसूर में यहाँ रख सकता हूँ. महाराष्ट्र इंग्लिश सेक्सीजिस लड़की को मैं चोदना चाहता था, वो बिना किसी मेहनत के लिए चुदने के लिए तैयार थी. तब मैंने वन्द्या से कहा- एक बात है वन्द्या, जिसका ये कमरा है वो भी अपने साथ रहेगा! वो भी तुमसे करेगा, वह भी आएगा, बोला है मैं भी रहूंगा और करूंगा तुम्हारी गर्लफ्रेंड से! और मैंने हां कर दिया है क्योंकि जब मैंने ना किया तो वह बोला मैं रूम नहीं दूंगा।वन्द्या बोली- मैं उससे नहीं करूंगी.

एक गली में मुझे एक बोर्ड दिखाई दिया, उस पर लिखा था कि रूम भाड़े से देना है और नीचे कॉन्टैक्ट नंबर दिया हुआ था.

तुमने बहुत अच्छी एक्टिंग की है और कपड़े मेरी तरफ से तुम्हें गिफ्ट हैं. मैं बाथरूम जाने बहाना कर दूसरे रूम के दरवाज़े के पीछे छुप दोनों की बातें सुनने लगा, उं दोनों सहेलियों की बातों से पता चल गया कि नाज़ अभी चुदने के मूड में है. क्यों नहीं!लेकिन अंदर ही अंदर मुझे शर्म आ रही थी, मैं हिचकिचा रहा था कि तभी स्वाति बोली- फिर इसे बाहर निकालो और इसे खुले में लाकर मुझे दिखाओ। मैं आपकी पत्नी हूँ आज की रात… आपके लंड पे मेरा पूरा हक़ बनता है.

पहली बार शायद तुम्हें चुदते समय मजा भी न आये!रेहाना को समझा कर चलता किया तभी क्लाइंट्स आना शुरू हो गई।अगले दिन यानी 21 फरवरी, सुबह करीब 8:00 बजे रेहाना मेरे घर पर आ गई. दो मिनट बाद नेहा दीदी बाथरूम में आ गईं और मुझसे बोलीं- क्यों रे बहनचोद. मामी जी जोर से चिल्लाई- अअअ अआआआ आआ… मरी… मेरे… रा…जाआआआ…मैं थोड़ा रुक गया पर मामी बोली- चालू रखो!फिर मैंने धक्के लगाना चालू किया और कुछ धक्के मारने के बाद उनको भी मजा आने लगा और वो भी अपनी गांड उठा उठा कर मज़ा ले रही थी और जोर जोर से सिसकारियां भर रही थी- ऊफ्फ ऊऊ श्श्श्श श्श्श्ह्स म्म्म्म्म् म्म्म्म्म चोदो और चोदो मुझे राहुल, मेरीचूत की प्यासबुझा दो… फाड़ डालो मेरी चूत!यह कहते कहते वो झड़ गई.

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वो बोली कि यार क्यों डरती है, तुम्हें कोई कुछ करने की बात तो छोड़ो, हाथ भी नहीं लगा सकता. बात बात में उन्होंने मुझसे पूछा- रात में कहाँ रुकोगे?तो मैं बोला- जहाँ आप सुलाओगी, वहीं सो जाऊंगा. तेरी मेरी दोस्ती यहीं तक… चल बाय…ये बोल कर दीदी झूट मूठ का खामोश हो गईं.

मैंने स्माइल करते हुए अपने पढ़ाई के कमरे में जाकर सोने की कोशिश की और पता नहीं कब नींद लगी.

आज मैं जो सेक्स स्टोरी आप सबसे शेयर करने जा रही हूँ, उसकी शुरुआत उन दिनों हुई थी जब मैं 11 वीं क्लास के फाइनल एग्जाम दे चुकी थी.

काव्या जागी तो खुद को नंगी देख कर वो एकदम से थोड़ा शर्मा सी गयी लेकिन मैंने उसे अपनी बांहों में जकड़ लिया और चूमना चाटना शुरू कर दिया. फिर मैं उसके दूध पीने लगा और उसके लोअर में हाथ डाल के चुत को मसलने लगा. बिल्कुल सेक्सी नंगी फिल्मशाम को वो दोबारा आई, अब तक मैं ये तो समझ ही चुका था कि उसे भी ये पसन्द है.

मेरी गांड की चुदाई की पिछली कहानी थी-बरसात में मेरी ज़बरदस्त गांड चुदाईआज सुबह जब मैं अन्तर्वासना पर ट्रेन में गांड मरवाई वाली कहानी पढ़ रहा था तो मुझे लगा कि इसने पूरी बोगी के सामने गांड मारवाई होगी लेकिन जब पूरी कहानी पढ़ी तो ऐसा नहीं था. जब मैं एक बार और झड़ी, तब मैंने परीक्षित और चिंटू दोनों से उनके रस को बाहर निकालने के लिए बोली, पर उन्होंने ध्यान नहीं दिया और बिना लंड को मेरी चूत और गांड से बाहर निकाले, मुझे बेड पर ले गए. लेकिन अब मैं अपनी बीवी को किसी और के नीचे चुदते हुए देखना चाहता था.

जैसे ही हम दोनों फव्वारे के नीचे गए, पता नहीं मुझे क्या हुआ मैंने उसको दीवार की तरफ़ मुँह करके खड़ा किया और नीचे उसकी टांगों से लेकर तक पूरी बैक साइड को किस करने लगा. एकाएक मैंने अपने दोनों हाथ उसके मम्मों पर रख दिए और ज़ोर से दबाने लगा.

अब मैंने देखा कि इस साली ने तो पैंटी भी नहीं पहनी हुई थी, उसकी चूत एकदम नंगी मेरे सामने आ गई.

उसने मुझे पीने के लिए एक शरबत दिया और बोली- डियर अब खुल कर सेक्सी वर्ड्स यूज करना सीख लो. मैंने नीचे होई कर उसकी पैन्त्य्य उतार दी और मैं उसकी चूत को चाटने लगा, पहले तो उसने मुझको खुद से दूर करने की बहुत कोशिश करी लेकिन मैं भी कहाँ मानने वाला था, तो मैं उसकी चूत को चाटता रहा और फिर वह 5 मिनट में ही सामान्य हो गई थी, धीरे धीरे सिसकारियाँ भरने लगी थी. जैसे ही उन्होंने लंड को मेरे मुँह में डाला, तुरन्त ही उन्होंने सारा रस मेरे मुँह में ही निकाल दिया.

सेक्सी एक्स एक्स डब्ल्यू अगले दिन जब हम रूम में अकेले थे तो चिंटू ने गेट बंद कर दिए और मुझे अपने बिस्तर पर बुला लिया. अब रोज़ पापा के ऑफिस चले जाने के बाद हमारा दोनों का नंगा नाच शुरू हो जाता था.

वो खुद की मुठ मारने वाली क्लिप देख कर गिड़ागिड़ाने लगा- मेमसाब मेरी शिकायत ना कीजिएगा. थोड़ी देर बाद मेरी साली खुद उसका सर पकड़ कर अपने मम्मों पर दबाने लगी और हल्की आहें भरने लगी. मैं राजवीर सिंह अपनी पहली इंडियन सेक्स स्टोरी लेकर आप सबके सामने आया हूँ.

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जैसे ही सुपारा चुत में घुसा, उसको बहुत दर्द होने लगा, उसके मुख से निकला- उम्म्ह… अहह… हय… याह…हालांकि वो सील पैक माल नहीं थी, वो अपने ब्वॉयफ्रेंड से 3-4 बार चुद चुकी थी, लेकिन उसके ब्वॉयफ्रेंड का लंड मेरे जितना मोटा नहीं था और अब उसे काफी दिनों से लंड मिला भी नहीं था. मनन- चुदाई?रीमा- बोला ना, मैं ऐसी ही हूँ, तुम लड़के कर सकते हो तो हम लड़कियाँ क्यों नहीं?मैं- तब तो तुम्हारा ब्वॉयफ्रेंड भी होगा. उसकी कमर को किस करने के बहाने मैंने अपना लंड उसकी गांड पर टिका दिया और उसे कमर के ऊपर किस करता रहा.

मैं लगातार चुदाई में शॉट लगा रहा था उसकी चूत के पानी छूट जाने से पछ पछ. मेरा पति का अफेयर किसी और के साथ है और वो मुझको ज्यादा टाइम नहीं देता है.

मैंने कस कर माँ के चूतड़ों को पकड़ लिया था और जोर जोर से झटके दे रहा था.

नहीं तो ज्यादातर अमीर लोग तो अपने काम से काम रखते हैं।मैंने कहा- ये सब छोड़ो, ये तो मेरा फ़र्ज़ था. जिससे मुझे यकीन हो गया कि उसका लंड पूरा अन्दर चला गया है।दो मिनट रुकने के बाद. ये मैं आपको रात को बताऊँगी।मैं बोला- ठीक है।मैं उस दिन यही सोचता रहा कि क्या उस बेचारी से इस काम का पैसा लेना ठीक है या नहीं। मेरी कुछ समझ में नहीं आ रहा था। ऐसे ही दिन निकल गया। रात को मधु का फोन आया। मैंने हाल-चाल पूछा।फिर वो बोली- राज, धन्यवाद मेरी बात मानने के लिए।मैं बोला- इसमें धन्यवाद की क्या जरूरत है.

दीदी लिविंग रूम से किचन में आ रही थीं, वो अभी भी फोन पे किसी से बात कर रही थीं और बीच बीच में कहकहे लगा कर हंस रही थीं. फिर कामुकता के आवेश में उसने मेरा अंडरवियर भी उतार दिया और मेरे लंड को और तेज तेज हिलाने लगी. जब वो नॉर्मल हुई तो मैंने फिर से धक्का लगाया और पूरा लंड उसकी चुत में घुसा दिया.

भैया ने शुरूआत तो अच्छी की, लेकिन उनका लंड भाभी की गांड में सैट नहीं हो रहा था.

ऑंटी कि बीएफ: मैंने अपना काम शुरू ही किया था कि लगभग आधे घंटे के बाद उसकी कामवाली बाई भी आ गई थी। दोस्तो, वह एक 19-20 साल की और 32-28-34 के फिगर साइज़ की लड़की थी, और वह दिखने में भी बहुत ही मस्त थी. पर मैं उनको नहीं देख पाती थी।इसलिए जब पापा छुट्टी पर मुंबई से आते तब जब भी मम्मी पापा अंदर होते तो दरवाजे के होल से चुदाई करते देखती थी। मम्मी पापा की चुदाई देख कर मैं खुद को सम्भाल नहीं पाती थी। मैं मम्मी के कमरे में चारपाई के नीचे चुपके से घुस जाया करती थी.

इसी बीच कामिनी का बर्थडे था, वो बोली- मैंने अपना बर्थडे सेलिबरेट करना है!मैंने कहा- जो करना है, करो!मेरी बीवी ने अपने फ्रेंड्स को बुलाया, मेरी सिस्टर भी आई. वो भी शर्माते हुए हां में सर हिला देती है और मैं उसे बांहों में भरके क्लिनिक के पिछले कमरे में ले जाता हूँ और उसे चूमता चाटना शुरू कर देता हूँ. मैंने कहा कि यार जब तुम मुझसे प्यार करती थी तो अब तक बोला क्यों नहीं?परवीन- बस मैं डर रही थी.

वो बोली- तू फिकर मत कर… मैं तुम्हें 50000 रूपए दे दूँगी मगर इनको 2 महीनों में चुका देना.

पिछले दस दिन से ऋषिकेश उत्तराखंड की एक लड़की से मेरी रॉंग नंबर पर बात हो रही थी. वो भी शर्माते हुए हां में सर हिला देती है और मैं उसे बांहों में भरके क्लिनिक के पिछले कमरे में ले जाता हूँ और उसे चूमता चाटना शुरू कर देता हूँ. वो इस तरह ही चिल्लाती रहीं और पूरे कमरे में फ़चफ़च की आवाज़ गूंजने लगीं.