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हम दोनों में से कोई किसी को हाथों से छू नहीं रहा था; बस अपने पैरों से ही एक दूजे को मजे दे रहे थे.कामिनी अब गर्म हो चुकी थी, उसने बिना देर लगाए विवेक की शॉर्ट्स का हुक खोल दिया और खींचने लगी.

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मैंने उसको नजर भर कर देखा तो वो शरमा गई, मैंने भी उसकी ब्रा को निकाल दिया और मम्मों को मुँह में लेकर चूसने लगा. फिर जब वो काम करके वापस जाने लगी तो मेरे पास मेरे कमरे में आई और बोलने लगी कि क्या हुआ है, अब तो आप बात भी नहीं करते?मैं चुप ही रहा तो वो फिर से बोली- देखिए मैं ऐसी औरत नहीं हूँ. और मैं वीजा के लिए देखो कल जाकर आवेदन कर दूंगी, एग्जाम बाद आने की तैयारी कर लेना और वहां तुमको पूरा एक महीने रुकना है.

संजय ने मेरे करीब आते हुए कहा- प्लीज़ भाभीजी मैं देखना चाहता हूँ कि मैंने ये पेंटिंग ठीक बनाई है कि नहीं. वो मुझे देख कर हंसने लगी तो मैं भी हंस दिया। मैंने उससे पूछा- तू उस दिन खेत में क्यों नहीं आई थी?तो वो बोली- मैं मायके चली गयी थी!उसके बाद मैं उसके पास बैठ गया और उसके चुचे दबाने लगा, तभी उसके मुंह से अजीब अजीब आवाजें निकलने लगी ‘आह आह श श आह…’दस मिनट तक मैं उसके चुचे दबाने और चूसने में लगा रहा, उसके चूचों से दूध आ रहा था. मतलब जो मेरी गांड बजा रहा था, वो अब चुत चोद रहा था और जो चुत मार रहा था, वो अब मेरी गांड ठोक रहा था.

मुझे जोश आने लगा, मेरी कामवासना जोर मरने लगी और पैन्ट में अकड़न सी महसूस होने लगी. उनके 5 मिनट बाद ही दूसरा दोस्त भी झड़ गया, उसने अपना माल मेरी बीवी के स्तन पर निकाल कर हाथ से चारों ओर फैला दिया.

मेरा बेटा भी मेरी ओर, मेरी जवानी की ओर आकर्षित था लेकिन ज्यादा आगे नहीं बढ़ रहा था.

अंधेरे का फ़ायदा लेते हुए मेरी बहन उस लड़के के लंड के साथ खेलने लगीं.

अगली सीडी में दीदी एक पहलवान नुमा हब्शी जैसे गुलाम की पीठ पर सवारी कर रही थीं. (गांड नहीं मरवाऊँगी, बहुत दर्द होता है!)तो मैंने उसे समझाया और उसे किस किया और उसे मना कर गांड मरवाने के लिए तैयार किया और अपना लंड उसकी गांड के छेद पे रख दिया और जैसे ही धक्का देने को तैयार हुआ तो तभी बाहर से जोर से आवाज आई- उतौली कर लै, कोई आण लाग रया है. मैं अब भाभी के पीछे से ऊपर चढ़ कर उनके बाल पकड़ कर बुरी तरह से गांड मार रहा था.

फिर एक दिन मैंने इंटरनेट पर सर्च किया तो प्राइवेट योग टीचर का पता मिला. तत्काल प्रिया अपनी उंगलियाँ मेरे लिंग के शिश्नमुंड पर फेरने लगी और मुठी में ले कर अपनी उँगलियों से मेरे लिंग की लम्बाई नापने लगी. मैं दुखी हो कर जाने लगा तो वो बोली- तुम्हें तुम्हारा जवाब तुम्हारे जन्मदिन पर मिल जाएगा.

उनके बड़े बड़े मम्मे, नाजुक कमर और उनकी मस्त फ़िगर देखकर मुझे मेरी बहन की बहुत याद आती थी.

हमारी बातें अभी हो ही रही थी कि उसकी एक फ्रेंड आ गई और वो अपनी सहेली के साथ चली गई. मेनका- आह आह अतुल, इतना मजा मुझे कभी नहीं आया… आइ लव यू अतुल!मैं- आई लव यू टू दीदी!मेनका- नहीं अतुल, अब मैं तेरी दीदी नहीं रही, अबसे हम दोनों प्रेमी प्रेमिका हैं. अब मेरे कंधे पूरे दिख रहे थे और ये सब करके मैं वहीं फूलों पर बैठ गई.

मैंने कहा- तुम्हारा ही तो है, ले लो अपने आप!उसने जल्दी से मेरी पैंट खोली और अंडरवियर भी और मेरा लंड देख कर बोली- इतना बड़ा? आज तो मजा आ जायेगा!और वह मेरा लंड लॉलीपॉप की तरह चूसने लग गई. खुद से घृणा हुई, वो बेचारी मर जाती तो!मेरी किस्मत में किसी को सुधारना तो नहीं लिखा, अब मैं उसे मेरी तरह बिगाड़ूँगी नहीं, नहीं तो सचमुच वो भी मेरी तरह लंड की अधीन हो जायेगी और लंड के लिये तड़पेगी, और कभी ना कभी बेचारी बदनाम हो जायेगी, इसलिये मैं अब मैं उसे किसी भी तरह ने नहीं उकसाती. मैंने एक काजू लिया, उसे अपनी जुबान पर रखा और उसकी तरफ मुँह कर लिया.

फिर भी मैं बोला- निर्मला, आप ऐसे कपड़ों में मेरे घर में मेरे सामने?वो बोली- कैसी लग रही हूँ मैं?मैंने कहा- मैं क्या बताऊँ कि आप कैसी लग रही हैं.

मैं वहां गया तो उन्होंने कहा कि यहां मुझे अच्छा नहीं लग रहा, कहीं कोई अच्छी जगह है, जहां कोई ना हो. मैंने भी अब धीरे धीरे कंधों को दबाना शुरू कर दिया और फिर बांहों की भी मालिश करना शुरू कर दी.

सेक्स एक्स एक्स एक्स बीएफ वो धीरे धीरे कर रही थी… मेरे लम्बे और मोटे लंड के माप को भाम्प कर वो… शायद वो घबरा गयी… उसके हाथ कांपने लगे. उसने भी अच्छी तरह से उंगली में उंगली फंसा कर मुझे पकड़ लिया और साथ में चलने लगा.

सेक्स एक्स एक्स एक्स बीएफ मैंने उससे उसकी नौकरी से सम्बन्धित बातें पूछी, उसने घर परिवार के बारे में पूछा. उसने मुझसे पूछा कि साइज़ कितना है? मुझे थोड़ा अजीब सा फील हुआ, तभी भाबी ने अपना साइज़ 36 बताया.

फिर उसने मेरी गांड मारने के लिए पूछा तो मैं घबरा गई, मैंने एकदम से ना कर दी.

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दीदी के इतने बड़े और गोल मम्मे, कम से कम साइज़ 36 साइज़ के तो होंगे ही. लेकिन उसके बाद वो दोनों बच्चे की देखभाल में लग गई और कभी कभी ही मुझ से चुदती. मैंने अंजलि को इशारा किया ऊपर वाली मंजिल पर आने के लिए और म्मैने मम्मी को कहा कि मैं ऊपर वाले कमरे में जा रहा हूँ.

चाचा जब कभी अपनी वाइफ को चोदते थे तो मुझे बताते थे लेकिन वो बताते थे कि उनको अपनी वाइफ को चोदने में अब मजा नहीं आता है और वो मुझे चोदना चाहते हैं. हम दोनों में से कोई किसी को हाथों से छू नहीं रहा था; बस अपने पैरों से ही एक दूजे को मजे दे रहे थे. भैन के लंड चूत की माँ चोद दी… आह… अपने मोटे लंड से चोद डाल मुझे… माअर ले मेरी गांड… आह चोद ले मेरी चूत… बना ले मुझे अपनी कुतिया… अया आआह… उऊउहह… सस्स्स… भैन के लंड और डाल अन्दर…”फिर मैं और जोर से चुदाई करने लगा.

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मैं बोला- यह आपकी वजह से मुझे लगी है, अगर आपने सोफा न छोड़ा होता तो मुझे यह चोट न लगती. मैं समझ गया कि वो झड़ रही है, मैं और तेज़ चाटने लगा उसकी टांगें कंप गईं और वो जोर से अकड़ते हुए झड़ गई. भैया ने रोशनी को उसके नाजुक पुट्ठों से उठा कर उनकी जाँघों पर रखा और करीब सौ झटके मार कर उसकी चूत में ढेर सारी मलाई की छूट कर दी.

मैं उसे जाते हुए देख रहा था, उसके पुठ्ठे मस्त गोल गोल होकर लचक खा रहे थे. फिर संजय उठा और मेरे ऊपर चढ़ गया और मेरे होंठों को मुँह में लेकर कस के चूसने लगा. ” कहते हुए माया ने अंकित का लंड अपनी चुत पर सैट किया और धीरे धीरे नीचे होने लगी.

फिर हम सभी मिलकर पार्टी की तैयारी करने लगे और तैयारी पूरी होने के बाद सभी फ्रेश होकर पार्टी के लिए तैयार होने लगे थे. जब मैंने उसका ये मेल पढ़ा तो मैंने उनको धन्यवाद बोल कर जवाब दिया और मेल से लॉग आउट हो गया.

अब वो और भी ज्यादा उत्तेजित होने लगी और पागलों की तरह तड़पने लगी, बोली- आह. मैंने चाची को डॉगी स्टाइल में होने को कहा, तो वो झट से गांड उठा कर कुतिया बन गईं. मैं भी दीदी की पीठ पर हाथ को बड़े प्यार से अपनी उंगलियाँ खोल कर सहला रहा था.

किस करते करते धीरे धीरे मैं अपना एक हाथ उसकी पेंटी के ऊपर ले गया और पेंटी के ऊपर से ही उसकी इंडियन चुत को सहलाने लगा.

वो मेरी बांहों में बिन पानी की मछली की तरह तड़प रही थी और मेरे हाथ उसके नंगे जिस्म को सहला रहे थे. मुझे अमित से मिले एक हफ्ता हो गया था तो उसने मुझे एसएमएस किया- मालिश के लिए कब आ रही हो इस हफ्ते में आई नहीं हो?मैं- हाँ समय नहीं मिल पा रहा है. मैंने भी हंस कर धीरे से उसके लंड पर किस किया और लंड मुँह में लेकर चूसने लगा.

वरुण बाहर गद्दी पर ही था, फ्लैट छोटा था, वन रूम और किचन वाला सैट था. अब कभी भाभी अपने दोनों पैर हवा में उठा लेतीं, तो कभी पैर नीचे करके चूतड़ उठा उठा कर लंड को निगल रही थीं.

इस बीच मैंने अपना हाथ ज़ोया की सलवार के अन्दर डाल दिया, उसकी चूत पानी छोड़ रही थी. भाभी बोलीं- आह… क्या कर रहे हो… आह…मैं बोला- मैं नहीं चाहता कि हमारे प्यार की एक बूँद भी वेस्ट हो. ये देख कर अंकित का जोश दुगना हो गया और अंकित नीचे से धक्के लगाने लगा.

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रात को वो मेरे रूम में आया और बोला- मैं यहीं सो जाऊं?मैंने बोला- सो जाओ.

ऐसा बोल कर मैं कंडोम लेता हुए सैंडी के यहां गया, तो वो बोला- मेरा कूलर उनके घर ले जाओ, या नहीं तो हमारे यहां ही चुदाई कर लो, मुझे कोई तकलीफ नहीं है. [emailprotected]भाई बहन सेक्स कहानी का अगला भाग :कंजरी मंजरी की पहली चुदाई-2. मैंने ‘ठीक है…’ कह कर बाम की शीशी को खोला और उंगली में बाम ले कर दोनों हाथों से मीना जी के माथे पर आहिस्ता आहिस्ता रगड़ने लगा.

”ऐसे कैसे मानूं, हाँ अगर तुम ये कहती कि तुम मेरी सेक्स पार्टनर बन गई हो, ऐसा मानो. मैं- ठीक है मैं पूरी तैयार हो कर जाऊँगी लेकिन अपना नाम शालू क्यों बताउंगी?अमित- अरे जो रूपये आए हैं वो केवल शालू को ही मिलेंगे, वो मेरी असिस्टेंट है ना. বাঙালি বৌদি সেক্সउन्होंने खुद अपने हाथों से मेरा बॉक्सर निकाला नहीं, बल्कि मेरे लंड को ऊपर से ही पकड़ कर हिलाने लगीं.

वो बोलीं- अमित मुझे डर लग रहा है, किसी को पता चल गया तो?मैं बोला- दीदी कुछ नहीं होगा, किसी को पता नहीं चलेगा. मैंने उठकर क्रीम की डिब्बी ली और ढेर सारी क्रीम उनकी गांड के छेद पर लगा दी और अपने लंड पर भी लगा ली.

भाभी बोलीं- नहीं अब रात को मेरे पास सोने ही आना, तब जितना रस चाहो निकाल लेना. महेश ने मुझसे कहा कि बर्थ डे उसके साथ मनाऊं और किसी तरह उसके साथ रुक जाऊं, वो उस दिन कुछ खास करना चाहता था. पर मुझे तो तेरे साथ सोना है ना… प्लीज… ना मत कर…” मैं आगे हुआ और उसके हाथ को चूमा और कहा- एक चान्स दे दो प्लीज… तुम्हें नाराज नहीं करूँगा.

दीदी एकदम से उठ गई- सन्नी, ये क्या कर रहे हो?मैं- वही जो करना चाहिए. ऐसे करते करते कोई पांच छः मिनट ही बीते होंगे, मैं अपनी फुल मस्ती में था, कि कोठरी का दरवाजा धीरे से खुला और कोई साया भीतर घुसा और उसने किवाड़ बंद कर के मेरे पास बैठ गया. इधर मेरा भी वही हाल था जैसे मैं सर्दी में आग के पास खड़ा हो गया होऊं.

हम हमारे अधूरे काम को कब पूरा करेंगे?ये पहली बार था जब संजय ने मुझे नाम से पुकारा था.

अन्त में मैंने उन्हें बता दिया कि मैं उसके साथ सेक्स करना चाहता था इसलिए वो मुझसे नाराज हो गई और मुझसे बात करना बन्द कर दिया. इसी लिए तो आपसे ये टिकट करवाई है, अगर वो होते तो…इतना कह कर वो अटक गईं.

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अब उसके हाथ मेरे पूरे बदन को नोच रहे थे, मेरे मम्मों का कचुम्बर बना रहे थे. फिर वो बोला- बेटी, अब मैं किसी को नहीं बोलूंगा, तू तो मेरी बेटी जैसी है, जा बेटी जा!मेरी चूत सूज गई थी, मैं कपड़े पहन जल्दी जल्दी घर जाने लगी. मेरा तो मन कर रहा था कि काश इस समय वो मेरे सामने होती तो अपना पूरा लंड उसकी चूत में उतार देता और सारी रात उसकी चूत की गर्माहट महसूस करता.

सेक्स एक्स एक्स एक्स बीएफ हम दोनों में से कोई किसी को हाथों से छू नहीं रहा था; बस अपने पैरों से ही एक दूजे को मजे दे रहे थे. इससे मैं काफी दु:खी रहने लगा, अब मैं न ज्यादा किसी से बात करता था और न ही ज्यादा बाहर जाता था.

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मैं फिर किसिंग करने वाला था कि उसने कहा- इसके लिए भी कुछ नया तरीका निकालो ना!मैं उठा कुछ सोचते सोचते बाहर गया. सुकुमारी भौजी के ऐसे कर्णभेदी शब्दों ने मेरे लंड को खड़ा करने में पुरजोर समर्थन दिखाया और मैं उठ कर खड़ा हुआ. सुबह पांच बजे ही मैं जग गया और मोबाइल उठा कर रात वाली वीडियो देखने लगा.

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तेरी माँ भी बोल रही थी कि आजकल तू बड़ा चुपचाप रहता है किसी से ठीक से बात नहीं करता, क्या हुआ है? मुझे बता, शायद मैं तेरी कोई मदद कर सकूं. दीदी के हाथ में एक चमड़े का हंटर था, जिसे दीदी उन तीनों की नंगी पीठ पर बरसाते हुए कह रही थीं- रांड की औलाद कुत्तों, तुम्हारी यही जगह है अपनी मालकिन के जूतों में. संजय शर्मा, वो अमृतसर से है, उसका ट्रान्सफर दिल्ली में हुआ है और बेचारे के कोई रिश्तेदार भी यहां नहीं हैं, तो वो मुझसे रहने के लिए कोई ठिकाने लिए पूछ रहा था.

ऐसे ही कॉलेज के चार महीने पूरे हो गए और हम दोनों में कॉलेज में कुछ बात नहीं हुई.

” कह कर चिल्लाने लगी और अपनी दोनों टाँगों को उठा के एड़ी से मेरी पीठ पे दे मारी. कार शहर के बाहर निकल गई और करीब बीस मिनट के बाद एक सुनसान फार्म हाउस के सामने आकर रुकी. हल्के गुलाबी रंग की साड़ी में देख कर मेरा लंड खड़ा होने लगा, पर इस बार भाभी को हाथ लगाने की हिम्मत नहीं हो रही थी.

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दीदी बड़े ध्यान से मेरी बातें सुन रही थी- अच्छा, सच में तू मुझे इतना लाइक करता है?मैं- हाँ दीदी, बहुत लाइक करता हूँ, कब से सोचता था कि कब आपकी चूत मारने के मौक़ा मिलेगा, कब आपके साथ मस्ती कर सकूँगा, और आज मौक़ा मिल गया. फिर जब सुबह हुई तो पता चला कि पापा और मम्मी को गुरुजी के यहाँ जाना था. मैंने किसी तरह अपने जज्बात पर काबू पाते हुए भैया को वादा किया- आप चिंता न करें मैं भाभी को सब कुछ दिखा दूँगा.

फिर हम दोनों स्टेशन जाने के लिए तैयार हुए, जाने से पहले स्वाति ने अपने बैग में से एक गिफ्ट पैक निकाला और मेरी तरफ बढ़ा दिया. कल्याणी- माँ दीदी क्या कर रही हैं?माँ ने ब्लंट्ली बोला- वो अपने कमरे में कुणाल से चुत मरवा रही है. तभी मेरी नज़र दूल्हे पे गई और उसके साथ खड़ी एक लेडी पर मेरी नजर टिक गई.

असल में ये वही सुकुमारी भौजी हैं, जो पिछली 3-4 होली से मेरा पेंट खोल कर रंग डालतीं और गरियाती भी खूब थीं. उनकी फैमिली अमीर घर से है, पति लन्दन में रहते हैं और उनकी हेल्प के लिए मधुरा इंटरव्यू लेती हैं. ”विक्की ने अपने दोनों हाथों से रोशनी के मोटे मोटे चुचों का दबोच लिया और बोला- दीदी, ज्यादा हिली डुलीं तो मैं तेरे काले अंगूर जैसे निप्पल को मसल के लाल रसभरी बना दूंगा.

मैं डर गया, बाहर से आंटी चिल्लाईं- क्या हुआ है बेटी?कल्याणी कराहते हुए बोली- मैं ऊपर से किताब निकालते समय गिर गई, रवि ने सम्भाल लिया है. फिर वो बोलीं- क्या हुआ, तू इतना शर्मा क्यों रहा है?मैं कुछ नहीं बोला, वो भी मुझे देखने लगी.

मेरी इच्छा अधूरी रह गई।पर मैं समझ सकता था कि सबके सेक्स करने का तरीका अलग अलग होता है इसलिए मैंने ज्यादा जोर नहीं दिया। हाँ.

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’ और मैंने अपने चार दोस्तों को अपने साथ मिला लिया और प्यासी जवान औरतों की सेवा शुरु कर दी।इस तरह मैं बॉय से कॉल बॉय बन गया।तो दोस्तो. ”ट्राय करोगी क्या?”ट्राय कर सकती हूँ, पर अच्छा ना लगे तो कंटिन्यू नहीं करूँगी. मैंने देखा कि मम्मी उठ कर जाने लगीं, तो फूफा जी ने उन्हें पीछे से पकड़ लिया और उनकी गर्दन पर किस करने लगे.

उसने अपने रूम में ज़ीरो वॉट का बल्ब जला दिया, कमरे में हीटर उसने पहले से ही चला कर छोड़ा हुआ था तो कमरे में ठंड नहीं थी. चाचा जब भी मेरे घर आते थे, वो मुझसे मजाक करते थे और हम दोनों लोग कभी कभी एक दूसरे के साथ खेलते भी थे लेकिन मैं चाचा के बारे में कुछ गलत नहीं सोचती थी. मैंने कहा- अभी कैसे बुला सकती हूं उसे? वो पापा का मोबाइल दिखा कर बोली- अभी कॉल करके बुलाओ प्लीज दीदी.

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मेरी कनपटियाँ वासना से तप रहीं थीं लंड बहुत देर से खड़ा था जिससे मेरे पेट की निचले हिस्से मेंहल्का हल्का दर्द भी होने लगा था. ओके!मैंने कहा- नहीं रात को तो कर लेंगे, मगर अभी क्या करें, तुम मेरे साथ चलो. फिर रोहण ने मेरी दो बार चूत मारी और दो बार गांड!मेरे बेटे ने अपनी माँ की पूरी वासना शांत कर दी और मेरी चूत और गांड बंदर की तरह लाल कर दी थी.

कुछ देर बाद मेरा जी घबराने लगा, मुझे लगा कि मुझे उल्टी होने वाली है, तभी मैंने कहा- प्लीज़ जल्दी से कार साइड में रोक दीजिए.

मैंने देखा मेरी बहन सो गई और फिर मैंने रज़ाई को अपने सर तक खींच लिया और भाभी को किस करने लगा.

लेकिन वे लोग कसाईयों के हाथ में फंसी बकरी जैसे, कराहते हुए मेरी बीवी को पागलों की तरह उसके दर्द की परवाह किये बगैर चोदते जा रहे थे. महेश ने थोड़ी ज़ोर ज़बरदस्ती की तो मुझे गुस्सा आ गया और मैंने उसको एक थप्पड़ मार दिया. सेक्सी पिक्चर ब्लू टोकाइतने में चाची का हाथ मेरे हाथों की तरफ बढ़ा, मुझे लगा शायद चाची मुझे रोकेंगी, लेकिन ये मेरी सोच से उल्टा हुआ और चाची ने मेरा हाथ पकड़ कर खुद ही अपने दूध पर रख कर एक दूध दबा दिया.

मैंने देखा कि सपना के मुलायम से गोल गोल मम्मों के बीचों बीच मेरा कन्धा फंसा था. मैं भाभी को पीछे से देख कर यही सोच रहा था कि भाभी को ऐसे ही गोद में बिठा कर चोद डालूँ. कॉलेज में अब तक किसी को पता नहीं था कि मेरे बॉयफ्रेंड हैं, इसलिए मेरी क्लास के और 12 वीं के काफी लड़के मुझे लाइन मारा करते थे और परेशान भी थे क्योंकि दिव्या के हिसाब से अपनी क्लास में मैं सबसे खूबसूरत लड़की थी.

वेलेनटाईन डे भी हमने एक साथ मनाया लेकिन तब भी हलकी फुल्की किसिंग के अलावा कुछ नहीं हो सका था. मित्रो, अन्तर्वासना के जिन पाठक पाठिकाओं ने मेरी पूर्व की कहानियाँ नहीं पढ़ी हैं उनके मन ये जिज्ञासा जरूर होगी कि हम ससुर बहू के मध्य यौन सम्बन्ध कैसे स्थापित हो गये?इसके लिए मेरी लिखी सबसे पहली स्टोरीअनोखी चूत चुदाई की वो रातको पढ़ सकते हैंफिर भी अत्यंत संक्षेप में मैं यहाँ पूरा वाकया दोहराता हूँ कि मेरी बहूरानी अदिति और मेरे बीच अनैतिक चुदाई के सम्बन्ध कैसे स्थापित हुए.

वैसे मैं भी इस स्थति में मैं क्या कर सकती थी, वो जैसा जैसा कह रहा था, वैसा वैसा कर रही थी.

अब, मेरी और बहूरानी के अनैतिक सेक्स संबंधों की शुरुआत यहीं से होती है. कुछ देर बाद मैं झड़ने वाला था, मैंने सुकुमारी भौजी के मुँह से अपना हथौड़ा निकालना चाहा मगर उनकी पकड़ के आगे विवश था. वो टॉप भी ऐसा कि उसमें दो पर्त थे, अन्दर वाला कपड़ा इतना हल्का था कि ब्रा पैंटी तो छोड़ो.

सेक्सी पिक्चर 2022 दो पल तक तो उसने बड़े प्यार से मेरे गले पे हाथ फेरा और यकायक उसने मेरा गाला कस के पकड़ कर तेज तेज चोदना चालू किया।जैसे उसके धक्के तेज होते गए वैसे मेरी सांस घुटती गयी, मुखड़ा लाल होने लगा. मैं वहीं बैठ कर भाभी को कुरेदने लगी, मैं उनसे अनजान बन पूछने लगी कि क्या भाभी कोई बाहर से कुंडी लगा कर चला गया और आपको पता भी नहीं चला, किस काम में इतनी व्यस्त थीं.

”पापा जी आज दिन और रात का सब्र कर लो फिर कल की पूरी रात, परसों का पूरा दिन और पूरी रात ट्रेन में अपने ही हैं. उन्होंने बताया कि वो और उनकी पत्नी साथ में ही अन्तर्वासना साइट पर कहानियाँ पढ़ते हैं. अब किशोर धक्के मारने लगा, वर्षा आँखें बंद किए किशोर की पीठ पर प्यार से हाथ फेर रही थी, जैसे कि वो उसे धन्यवाद दे रही हो.

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तभी उस आदमी को किसी ने आवाज़ लगाई, उसने मुझसे बोला- आप इनको लेकर चले जाओ… पार्किंग में देख के आ जाओ… मुझे कोई बुला रहा है. बोलीं- ऐसा मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरे साथ इतना अच्छा सेक्स होगा. यह थी मेरी पहली हिंदी सेक्स स्टोरी… पसंद आई या नहीं, आप मुझे मेल कर सकते हो!धन्यवाद।[emailprotected].

जब सुपारे के पास का हिस्सा बचा, तब तक उसकी शर्म और घृणा जा चुकी थी. तभी उन्होंने मेरे को नीचे करके अपने चूत को मेरे मुँह पे रख दी और बोली- चूस मादरचोद अपनी माँ की चूत को चूस… और चूस और… और चूस खा ले अपनी माँ की चूत को… और और और! और और आह आह और और आहाहा… ऊह… ऊह… आह… ऐसे ही चूस और काट… और काट ले… चूस ले सारा पानी… आह.

मैंने ब्लू फिल्म में लड़की की चुत चाटने का वीडियो देखा था, उसी तरह से ही मैं भाभी की चुत चाटने लगा.

इस बार मेरे लंड का सिर्फ टोपा अन्दर गया था, फ़िर भी वो काफी जोर से चिल्ला उठीं. आपकी फीस क्या है?आनन्द- मेरी फीस ज्यादा है अगर आप दे पाएं, तो ही बात आगे करते हैं. चाची मेरे लंड की तरफ मुँह करके लेट गईं और मेरा सर पकड़ कर अपनी चुत पर लगा दिया.

इतने में पहले वाला फिर से गरम हो गया, वह उठ खड़ा हुआ और बोला कि साली अब तो तेरी गांड मारूंगा. उन्होंने लाल कलर की नाईटी पहनी थी और शायद उन्होंने नाईटी के नीचे ब्रा नहीं पहनी थी. उस टाइम मैंने भी नहीं देखा कि मेरा तौलिया खुल गया है और मैंने नीचे कुछ नहीं पहना है.

इसकी बहुत पतली पतली ट्यूबलाइट जैसी जांघ थीं और दबे हुए पुठ्ठे थे, पर देखो अब कैसे ठुमक ठुमक कर चलती है.

सेक्स एक्स एक्स एक्स बीएफ: तो मैं अगले दिन फिर से उसी समय पर अपने खेत में गया पर वो नहीं आई, उसके बाद मैं खेत में कई दिनों तक गया वो मुझे नजर नहीं आई. मैंने जैसे ही उनकी पेन्टी पर अपना मुँह लगाया, वो सिहर उठीं, उनके मुँह से ‘अह्हा…’ की आवाज निकली.

जैसा अपने मुझे बताया?उन्होंने कहा- फोन पर बात करना चाहते हैं या मिल कर बात करना चाहते हैं?मैंने उन्हें कहा- आप सूरत आ ही रहे हैं तो एक बार हम मिल लेते हैं. मैंने अपने दोस्तों से सुना था कि काम वाली बाई भी दे देती है, यदि उसको सही से पटा लिया जाए. फिर क्या था, मेरे लौड़े का सपना सच होने ही वाला था, मैंने उसे पीठ के बल लिटाया, और चूत के मुख पर लौड़ा रखा तो उसने कहा- पहले मेरी चूत को सॉरी बोलो!मैं समझ गया, मैंने कहा- सॉरी मेरी चुदु रानी, मैंने तुझे 5 साल तक तड़पाया.

फिर बगल में लेट गया और कान में फुसफुसाया- दोस्त ज्यादा लगी तो नहीं? मजा आया?मैंने कहा- बहुत मजा आया.

इधर डर भी लग रहा था कि कहीं कोई गांव का आदमी न आ जाए, वरना होली से पहले ही मेरी खून की होली कर देगा. क्या तुम्हारे काम में हाथ बंटाने में मेरी कोई जरूरत है?आंटी बोलीं- नहीं बेटा. हम दोनों अभी बात कर ही रहे थे कि किचन से वह बला की खूबसूरती से भरी हुई मदमस्त भाभी हाथ में चाय का ट्रे लिए हुए हम लोगों के पास आई और मुस्कुराते हुए मुझे चाय का कप पकड़ाने लगी.