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बीएफ वीडियो चाइनीस: बीएफ हिंदी देहाती सेक्सी वीडियो, अगली दोपहर करीब एक बजे मैं ऑटो में प्रियंका की पसंद का सारा सामान लेकर पहुंच गया.

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वो- मतलब तुम्हारी तारीफ झूठी होती है?मैं- ग़लत, अभी तो खाने की महक से मेरे मुँह में पानी आ रहा है. नौकर और मालकिन की बीएफ वीडियोमेरी बॉडी पर एक भी बाल नहीं था सिवाय मेरे चेहरे, अंडर आर्म्स और मेरे लंड के पास आयी हुई हल्की हल्की झांटों के पास.

मुझे यहीं रुकना पड़ा क्योंकि मैं बहुत दिन बाद आई थी और सास के निधन का मामला था तो सभी के सामने वापस चला जाना भी अव्यवहारिक था. हिंदी में बीएफ चाहिए एचडीवो- तुम ऐसे क्यों हो?मैं- मैं बस ऐसा ही हूँ … पर जैसा भी हूँ, तुम्हारे लिए हूँ.

वो ऐसे लंड चूस रही थी मानो उसे जन्नत की कुल्फी चूसने को मिल गयी हो.बीएफ हिंदी देहाती सेक्सी वीडियो: प्रिया भाभी अपनी सेक्सी सहेली ट्विंकल को लेकर कमरे में आ गईं और दरवाजा अन्दर से लॉक कर दिया.

ऐसे कहते हुए प्रियंका फिर से नीचे आ गई और उसने अनामिका की चूत को दो उंगलियों से चोदना शुरू कर दिया.वो आवाज नहीं कर सकता था क्योंकि उसके मुंह पर मैंने अपनी ब्रा बांधी हुई थी.

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ऐसे ही बड़बड़ाते हुए अनामिका बोलती चली गई- आह साली बोल, क्या मदद करेगी … यहां साला मेरे ब्वॉयफ्रेंड को फुर्सत ही नहीं है कि मेरी प्यास बुझा दे.वैसे तो शायरा किसी को अपने घर नहीं बुलाती थी … लेकिन मेरे लिए अब कोई रोक-टोक नहीं थी.

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फिर कुछ टाइम बाद उसने मना किया, तो मैं मान गया और उसने स्कूटी घर की तरफ मोड़ने के लिए कहा.

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शायरा की भी चीख निकल गयी, पर उसके होंठ मेरे मुँह में थे, इसलिए उसकी दबी हुई चीख मेरे मुँह में ही दबकर रह गयी. मेरे मन में तुरंत ख्याल आया कि मैं अपनी नौकरानी की चुदाई तो नहीं कर पाया लेकिन शनाया के माध्यम से मैं नौकरानी की चुदाई की कल्पना तो कर ही सकता हूं. अगर कमी रह गयी न … तो मुझे तेरा दोस्त जो एक नंबर का कमीना है, बाद में मेरी हालत खराब कर देगा.

फिर उसने भी अपना माल मेरी चूत के मुँह पर छोड़ दिया और हम दोनों कुछ देर तक वैसे ही नंगे लेटे रहे. बिन्नी ने मेरी नजरों में देखा तो मैंने गर्दन के इशारे से उसे चूसने को कहा. इसके साथ जब मैंने उसके मम्मों को दबाना शुरू किया, तो वो सिसकारियां लेने लगी.

फिर मैंने एक हाथ से उसकी चूचियों को दबाना शुरू किया जिनको मैं बहुत पहले से दबाना चाहता था. मैंने एक स्माइल देते हुए उसके लंड पर अपने उचकने की स्पीड को बढ़ा दिया. तभी तो मुझे उससे प्यार हो गया था और इसी प्यार ने मेरी सोच बदल दी थी.

उसके चूचे 34 इंच के एकदम कड़क संतरे के जैसे थे और एकदम सुडौल मम्मे थे. ये सुनकर मैंने उन्हें भरोसा दिया कि आपकी इच्छा पूरी हो जाएगी, आप बेफिक्र रहें.

मैंने उसकी चूची दबा कर कहा- अन्दर बाहर वाली स्टेमिना भी दमदार है मैडम.

न्यासा के 34D के गोल और ठोस चुचे दबाने में ऐसी फीलिंग आ रही थी जैसे मैं सख्त बॉल्स को दबा रहा होऊं.

अब मैं नीचे उसकी चुत में बड़ी तेजी अपनी तीनों उंगलियों को आगे पीछे करने लगा. लंड आधा अंदर घुस गया और उसने मुझे जोर से पीछे धकेलना चाहा मगर मैंने उसकी चूची जोर से भींच दी. फिर मैंने उसके गाल पर जोर से तमाचा मारा और उसको मेरे पीछे आने के लिए कहा.

मैं अभी भी शायरा के ऊपर ही लेटा हुआ था और मेरा लंड अभी भी उसकी चुत की गर्मी ले रहा था. उसके कपड़े इतने टाइट थे कि उसके शरीर पर होने वाली कोई भी हरकत वो आसानी से महसूस कर सकती थी. मगर इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं था कि मैं अपनी इस जवान नौकरानी को छोड़ दूंगा.

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इसके साथ जब मैंने उसके मम्मों को दबाना शुरू किया, तो वो सिसकारियां लेने लगी. मैं यहां बता देना चाहता हूँ कि उस समय मोबाईल फोन तो आ गए थे … मगर बस पैसे वाले लोग ही इस्तेमाल करते थे. अब चाचा जी का लंड भी खड़ा था और उनकी लंगोट उनके लंड को पूरा नहीं संभाल पा रही थी।उनके खड़े लंड को देखकर मुझसे रहा नहीं गया.

इससे मुझे थोड़ा दर्द हुआ लेकिन मेरे अन्दर की औरत जानती थी कि एक मर्द को खुश कैसे किया जाता है. एक रात को करीब एक बजे मेरी नींद खुली, तो मैं पानी पीने रसोई में गया. आज की ये देसी कॉलेज गर्ल सेक्स स्टोरी पूरी तरह से काल्पिनक है और इसका वास्तिवकता से कोई लेना देना नहीं है.

मैं उठ कर बाहर आया तो देखा कि अनु और कमल दोनों बैठ कर पैग जमा रहे थे.

इसके बाद धीरे धीरे करके मैंने थोड़ा बहुत समझने के बहाने हिलना शुरू कर दिया. फिर उसने मुंह खोला तो मैंने धीरे से पूरा लंड उसके मुंह में दे दिया और उसके मुंह को चोदने लगा.

बीएफ हिंदी देहाती सेक्सी वीडियो मौसी बोली- रियल में औरतों को वश में करने की कला तुम्हारे पास ही है चन्दन. अबकी बार मेरा लंड का सुपारा शायरा की चूत की फांकों को चीरता हुआ सीधा अन्दर धंस गया … और एक बार फिर से शायरा के मुँह से घुटी घुटी सी कराह निकल गयी.

बीएफ हिंदी देहाती सेक्सी वीडियो ऊपर के फ्लैट में विक्रम सिंह का बेडरूम, एक गेस्ट-रूम और ड्राइंग-रूम है. मैं उनके दूध चूस रहा था और वो मुझसे जल्दी चोद देने के लिए कह रही थीं.

वो- किसकी, मेरी या अपनी?मैं- उंगली नहीं, अगर खाना टेस्टी हुआ तो तुम्हारे हाथों को ही चूम लूंगा.

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जैसा कि मैंने पिछली सेक्स कहानीबस में प्यासी चुत की चुदाई का मजामें जिक्र किया था कि यह मेरे साथ घटी दूसरी घटना है, जो मेरे और मेरी गर्लफ्रेंड अक्कू के बीच में घटी थी. मैं यहां अकेला बोर हो रहा था तो सोचा आपको भी बुला लूं … तो कुछ बोरियत कम हो जाएगी. मैं- अब तो मैंने पैड भी ला दिए फिर क्या दिक्कत है?वो- ठीक है चलूंगी.

अब मेरे मन में ख्याल आने लगे थे कि चाची अब चाहे न चाहे मगर अब मैं इसको नंगी करके चोद ही दूंगा. वो धीरे धीरे अपने हाथों को आगे पीछे करके मुझे अपने चरम तक पहुंचाने लगी।बीच बीच में वो मेरे लंड को दबा देती थी जिससे मेरे मुँह से आह्ह … निकल जाती थी।इस सब क्रिया के दैरान हम दोनों सिर्फ एक दूसरे की आँखों में ही देख रहे थे। मुझे पहली बार अपने चरमसुख पर पहुंचने में इतना मजा आ रहा था।जैसे ही मैं झड़ने को हुआ तो उसको मेरे बदन की हरकत पता चल गयी और उसने मेरे लंड को छोड़ दिया. वो मैंने कैसे पूरी की?नमस्कार दोस्तो, ये मेरी स्वयं की कहानी है जिसमें मेरी बीवी की रजामंदी भी शामिल है.

लग रहा था कि लंड उसके कच्छे को फाड़कर ही बाहर निकल आयेगा और मेरी जांघ में छेद कर देगा.

इस सफलता के बाद मैंने फ्रेंडशिप ऐप से कुछ और औरतों को पटा लिया था उनका वर्णन मैं अपनी अगली सेक्स कहानी में लिखूंगा. उसने मेरे बैग के पास पड़े मेरे पहने हुए कपड़ों को देखा जो मैंने फर्श पर फेंक रखे थे. उसमें नायलॉन की रस्सी थी, डॉटेड कॉन्डम थे, चिकनाहट की क्रीम, मोमबत्ती और एक छड़ी भी थी.

मैंने भी झटकों की रफ्तार बढ़ा दी।दोनों पसीने से लथपथ हो गये और हर झटके से दोनों की सिसकारियां तेज़ हो रही थी।उसकी टाइट चूत ने पानी छोड़ दिया और फच्च फच्च करके अंदर बाहर लंड को करने लगा।उसने मुझे अपनी बांहों में कस लिया और पीठ पर नाखून गड़ाने लगी. थोड़ी देर बाद मैंने भाभी को उठा कर घुटने के बल आगे की तरफ झुका दिया और पीछे जाकर भाभी की गांड पर अपना लंड रगड़ने लगा. आज जब उसका ये रूप सामने आया तो इतना मज़ा आ रहा था कि एक बार पहले ही झड़ने के बाद भी मेरा अपना लंड दोबारा फटने को तैयार था.

मासी गनगना उठीं और गर्म सिसकारियां भरने लगीं- आह जोर जोर से चूस ले … अह अह अभय … चुत की मां चोद दी तूने. वो मेरे लंड पर ऊपर नीचे होने के लिए अपने दोनों हाथों को मेरे सीने पर रख कर हिचकोले खाने लगीं.

इस पर रवि बोला- नहीं, तुम ही बोल देना और उसको बोल देना कि वो पापा के साथ डिनर ना ले. क्योंकि हम दोनों के बीच एक समझौता था कि जब तक सायरा को अपनी जवानी का मजा चाहिये होगा … तब तक मैं उसे मजा दूंगा, लेकिन बच्चे के बाद मैं उसे नहीं छुऊंगा. मैंने बिन्नी को बेड पर पेट के बल लिटाया और लण्ड को उसके चूतड़ों के बीच फंसा कर उसकी कमर पर लेट गया.

अपनी गर्लफ्रेंड की गांड चुदाई की कहानी भी मैं कभी आपको जरूर बताऊंगा.

लेकिन मैं भी उनकी बात क्यों मानता, मैंने फिर से मां के मुँह में लंड दे दिया और जोर जोर से उनके दूध मसलने लगा. मानवेन्द्र ने मुझे ऊपर खींचते हुए मुझे एक जोरदार किस किया और अपनी गोद में बिठा लिया. फिर मुझे देखकर वो बोला- मिस नंदिनी क्या हुआ?मैं अपनी सांसों को काबू करते हुए बोली- कुछ नहीं डॉक्टर.

उसकी इस बात से मानो केएलपीडी हो गई मतलब ‘खड़े लंड पर धोखा …’ हो गया था. इसके बाद वो मेरी चुदाई रोज करने लगा और मैं भी जितने दिन उधर रही, उसी की बाट जोहती रही.

मैं तुम्हारे लिए जान भी नहीं दे सकता, क्योंकि मैं तुम्हारे साथ जीना चाहता. कल्पना मामी मेरे मुँह से ऐसा सुन कर बोलीं- वाह राहुल, मामी से सीधे कल्पना. दिल्ली में मेरी जिन्दगी की शुरुआत कैसे हुई? मेरी कहानी पढ़ कर जानें.

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शायरा को भी अब मजा आने लगा था इसलिए वो भी अब आंखें बन्द करके मेरे धक्कों को महसूस कर रही थी और अपने दिलो दिमाग़ में इस चुदाई को फिट करने की कोशिश रही थी.

पिछले भागकड़ियल मर्द देखते ही मैं मचलने लगामें अब तक आपने पढ़ा था कि मैं मानवेन्द्र की यादों में खोया हुआ शॉवर के नीचे खड़ा हुआ अपना बदन सहला रहा था, तभी दो बलिष्ठ हाथों ने मुझे मस्त कर दिया. हो सकता है मैं 2-3 दिन बाद रिप्लाइ कर पाऊं … क्योंकि मैं रोज़ मेल चैक कर नहीं पाती. मैं बोला- अब तुम अपने दोनों हाथ मेरे पेट पर रखो और अपनी कमर को धीरे धीरे आगे पीछे करो.

न्यासा ने दरवाजा खोला, तो मेरी और सन्नी का मुँह न्यासा की जवानी देख कर खुला का खुला रह गया. मैं- कितनी ज़ोर से थप्पड़ मारा था तुमने उस दिन, मुझे तो तुम पर बहुत गुस्सा आया था. हिंदी बीएफ फिल्म हिंदी में बीएफ फिल्ममैंने उन तीनों की चूत और गांड की ऐसी चुदाई की कि वो मेरे लंड की दीवानी हो गयीं.

मैंने जोर से उसके लंड को पकड़ लिया और मुझे महसूस हुआ कि उसके लंड में अब तनाव बढ़ता जा रहा है. चूंकि पूजा बुआ को पैसे की कोई कमी नहीं थी तो उन्होंने मुझसे चार बर्थ वाले पूरे एक कूपे को बुक करने के लिए कहा था.

जैसे ही मैं आगे बढ़ती, उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और मुझे अन्दर खींच कर दरवाज़ा बंद कर दिया. अविना बोली- मेरी भी है … आप प्रोग्राम बनाओ … किसी हिल स्टेशन चलते हैं. प्रियंका अनामिका की चूचियों को मसलते हुए बोली- रुको तो जीजू, आप अभी अपनी अनामिका साली के चूचे देख ही रहे हो … इसकी इच्छा है कि आप इसके साथ रोमांटिक सेक्स करना … प्यार ज्यादा … रोमांस ज्यादा … फोरप्ले ज्यादा … और दर्द थोड़ा कम … आप समझ रहे हो ना जीजू! इसे ब्वॉयफ्रेंड वाली चुदाई की फीलिंग चाहिए.

मेरी पब्लिक सेक्स स्टोरी में आपको मजा आया ना?[emailprotected]पब्लिक सेक्स स्टोरी का अगला भाग:पड़ोस के जवान लड़के से चुद गई मैं- 4. सलोनी फुदकने लगी तो मैंने कहा- मैं सौ तक गिनूंगा, तुम फुदकती रहना, रूकना मत. उधर मोहित ने क्रीम निकाली और भाभी को मेरे ऊपर पोज में करके उनकी गांड के छेद में उंगली से क्रीम लगाने लगे.

मैंने अपने जेठ के लड़के यानि अपने भतीजे के साथ पहली बार कैसे सेक्स किया, यही दास्तान आपको इस सेक्स कहानी में आगे पता चलेगी.

‘या तुम चाहो तो हम वाइन पी सकते हैं!’उसने मेरे पीछे से आकर मेरे कंधे पर अपना मुँह रखते हुए कहा- और प्लीज अब ये मत कहना कि खाना खा लिया है एंड आल देट बुलशिट. मैं किसी अजनबी के सामने पूर्ण नग्न थी और वो मेरे एक-एक अंग को अपना अधिकार समझकर अपने हाथ चला रहा था.

और बार बार जब सुमन उसकी गाँड की छेद को चाटती और जीभ से कुरेदती थी, तब अपनी गाँड को पूरा हवा में उठा कर वो चिहुंक सा जाता था।मैं ये सब देखकर बिल्कुल हैरान था कि आख़िर अब तक मेरी बीबी ने लंड और गाँड चाटने की अपनी कुशलता मुझे क्यूँ नहीं दिखाई भला?इस पल में आकर अब पहली बार मुझे पंकज से ईर्ष्या सी हुई।पंकज के लंड और गाँड को चाटती हुई सुमन अपने दोनों घुटनों और कुहनियों के बल पर स्थित थी. नौ दिन तक सलोनी की बुर चाटने के बाद जब दसवें दिन सलोनी आई तो बोली- सर, आज अनुष्ठान नहीं हो पायेगा क्योंकि मेरी माहवारी हो गई है. जब मौसी दूसरी बार झड़ गयी, तब और कोई रास्ता नहीं देख कर चुपचाप चुदाई करवाने में भलाई समझ लेती रही.

मैं बोली- तुम्हें सवाल करने का हक नहीं दिया है मैंने मेरे कुत्ते! जैसा मैं कह रही हूं बस वैसा करो. एक तो मेरी फ्लाइट कैंसल हो गयी है और आप मुझे ये सब सलाह दे रहे हो?इस दौरान वो हरामी मेरी क्लीवेज और मेरी जांघों की सुडौल शेप देख रहा था. वो- और वो क्या?मैं- दोस्त दिन में हंसी देगा और प्रेमी दिन रात खुशी देगा.

बीएफ हिंदी देहाती सेक्सी वीडियो कुछ देर बाद लंड ने हार मान ली और गांड के अन्दर ही मैंने अपना सारा माल छोड़ दिया. आनंद की वजह से मैंने बेड के तकिए को अपनी छाती से लगा लिया।मैं अपनी गांड उठाकर अपनी चूत और अपनी गांड के छेद को चटवाती रही।फिर उन्होंने मुझे सीधी करके लेटा लिया।अब उन्होंने अपना अंडवियर नीचे कर दिया और मुझे उनका कामरस में सराबोर लिंग पहली बार दिखा.

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अब तो वो कभी अपने हाथ उठा कर ऊपर की सफाई कर रही थी तो कभी झुक कर सफाई करने लगती थी. पांच मिनट बाद वो मेरा सर दबाने लगीं और मेरी जीभ के जादू से फिर से गर्म होने लगी थीं. फिर उनके पास चुदाई का लाइसेंस भी होता है, इसलिए उनके नखरे कम होते हैं.

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नेहा- छुटकी मैंने अपने मन में सोचा कि साली चाची आज तू मेरी मॉम बन कर चुदी है ना … एक दिन देखना तुझे मेरे भाई से ना चुदवाया … तो मैं भी मुकेश ठाकुर की औलाद नहीं. जैसे ही उसको आभास हुआ कि ये मर्द के हाथ हैं तो वो बोली- कौन है?इतना कहते ही मैंने उसके मुंह में लंड दे दिया और धक्के देने लगा.

फिर वो डॉली और अन्नू से मेरे बारे में पूछने लगीं कि मैं उनको कैसे और कहां मिला और कितने टाइम से इनके साथ हूं, वगैरह वगैरह. उसको चुप देख … और बात आगे बढ़ती न देखकर … मैंने बिन्नी से कहा- तुम्हें किसी स्ट्रॉन्ग लड़के से फ़्रेण्डशिप करनी चाहिए थी जो तुम्हारी जवानी की जरूरतों को पूरा करता?बिन्नी चुपचाप मेरी ओर देखती रही. वहां बाथरूम में जाकर मैंने उसकी चूत को खूब रगड़ा और उसने मेरे टट्टे सहलाये.

अभी तो सब ठीक है … लेकिन आगे चल कर इसी वजह से तुम दोनों में कभी दूरी आ सकती है, जिसको मैं पूरा करके बस मैं तुम दोनों के बीच की कड़ी बनना चाहती हूँ.

बाहर हो-हल्ला ज्यादा होता देख कर कमल उन सभी औरतों से बोला- एक बार सभी चुप हो जाओ, मेरे यहां हल्ला नहीं मचाओ, मेरे मेहमान को जो पसन्द आएगी वही काम आएगी. लंड बाहर आते ही मैंने सायरा से कहा- तो तुम्हारे पीछे की मालिश हो गयी. अस्मिता बोली- वो तो तुम्हें देख कर ही पता चलता है कि तुम कितने बड़े चोदू हो.

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कुछ देर बाद मुझे एक मार्शल ठीक लगी, उसमें मैं बीच वाली सीट पर ड्राइवर के विपरीत दिशा में खिड़की की तरफ बैठ गयी. वो रवि के साथ नाईट क्लब या कहीं भी चली तो जाती है, पर उन सबके लिए पागल नहीं है. न्यासा के ऐसा बोलने पर मैं और सन्नी जल्दी से अन्दर आ गए और दरवाजा बंद कर उसके कमरे के काउच पर बैठ गए.

उसने अपने पैर डेजी की गोद में रख लिए और बोली- ये जो भी सीन हो रहा है ये केवल हम तीनों के बीच में ही रहे तो ठीक है. मैंने पूछा- कौन सी दो बातें!वो बोली- एक तो मुझे गांड मरवाने में जो दर्द होगा, उससे डर लगता है और जानू फिर मैं आपका लंड कैसे चूस सकूंगी, वो तो मेरी गांड के अन्दर जाने से गन्दा हो जाएगा. तब तक आप मुझे मेल करके बताएं कि सेक्स कहानी में कितना मजा आ रहा है.

जबकि मुझे कोई नहीं देख सकता था बल्कि मेरे इस तरह से सीढ़ी पर बैठने का कोई सोच भी नहीं सकता था. मैं- सच कहूं … तुम ना दिन व दिन इतनी खूबसूरत होती जा रही हो कि मुँह खुलना वाजिब है. तभी अन्नू और डॉली मेरे आस पास आकर, खड़ी होकर मुझे देखने लगीं और मेरी नज़र उनसे मिली तो पहले अन्नू ने मेरे मुंह में पेग का सिप दिया और फिर किस किया.

उसके लंड से कई पिचकारी निकली और उसने अपना सारा माल मेरे पेट पर गिरा दिया. जीजा जी के जाने के बाद जब वो मेरे लिए नाश्ता लेकर आयी, तो उससे बात होने लगी.

जब से प्रिया आगरा आई थी, उसके बड़े भाई मनीष होली के पांच-छह दिन बाद ही कम्पनी के काम से सिंगापूर गए थे 10 दिन के लिए.

प्यारे दोस्तो, हर किसी की जिन्दगी में कुछ ऐसे पल होते हैं जो उनको हमेशा याद रहते हैं. बीएफ दिखाइए बढ़ियामैंने बड़ा सा बाईट काटा और उनको अपने मुँह से मुँह लगा कर खिलाने लगा. मॉडल सेक्सी बीएफउसके बाद उनको सीधा करके उनके होंठों पर अपने होंठ लगा दिए और हम दोनों एक दूसरे को किस करने लगे. फिर मैंने अपना लंड उसके मुँह में डाल दिया और वह मजे से पूरा वीर्य गटक गई.

मैं चाची के घर के बाहर गया और दीवार कूदकर अन्दर गया तो उनके कमरे का दरवाजा बंद नहीं था, हाथ लगाते ही खुल गया।चाची सो रही थी एक ओर करवट लेकर!मैं चुपके से उसके पीछे लेट गया और गांड पर लंड लगाकर गालों पर किस करने लगा.

अपर्णा की चूत चाटने के साथ साथ मैं उसके बूब्स को भी दबा रहा था जिस वजह से वो पूरी तरह से प्रेम और वासना के सागर में डूबी हुई थी।मैंने अपनी एक उंगली जैसे ही उसकी चूत में डाली तो उसको दर्द होने लगा. अगर सच कहूं कल का उसकी उंगलियों का मेरे जिस्म में उसका जो स्पर्श था, उस स्पर्श को मैं भुला नहीं पा रही थी. मैं भी पेशाब करके नंगी चाची के साथ में लेट गया।चाची बोली- आज तो छोरे … तने इतना मजा दिया … सोची ना थी इब कदै मिल जावगा.

मैं सुहानी चौधरी फिर से अपनी कुंवारी चुत की चुदाई की कहानी का अगला भाग लेकर आ गई हूँ. फिर चाचा जी ने बोला- अब पता है ना बेटा … क्या करना है तुम्हें?मैंने कहा- क्या करूं चाचा जी?चाचा बोले- ब्लू फिल्मों में नहीं देखा क्या! अब तुम्हें लंड मुँह में लेना है. दोस्तो, मैं एक महिला में सबसे पहले उसके चुचे देखता हूँ और सेक्स में वहीं से स्टार्ट करता हूँ.

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क्योंकि हम क्रॉसड्रेसर्स को ब्रा पहने हुए ही औरत होने का अहसास गर्म करता है. फिर चाचा जी अन्दर से आते हुए बोले- तो कोई बात नहीं बेटा, अगले राउंड में इससे भी चुदवा लेना, आखिर इसने भी कुछ तो सीखा ही होगा. उसको चुप देख … और बात आगे बढ़ती न देखकर … मैंने बिन्नी से कहा- तुम्हें किसी स्ट्रॉन्ग लड़के से फ़्रेण्डशिप करनी चाहिए थी जो तुम्हारी जवानी की जरूरतों को पूरा करता?बिन्नी चुपचाप मेरी ओर देखती रही.

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मैं- वैसे क्या मैं जान सकता हूँ कि तुमने इतनी जल्दी इरादा कैसे बदल दिया?वो- तुम कितने सच्चे हो ये समझ गयी.

मैंने सोचा कि अभी तक उसकी मम्मी ने शीतल के पापा को क्यों नहीं बताया. और मैं तुम्हें ऐसे देवदासी की तरह नहीं देख सकता इसलिए मैं तुमसे प्यार करता रहूंगा … और हमेशा तुम्हारे साथ रहूंगा. बीएफ चूत मेंसंजू एकाएक बोली- डार्लिंग एक बात बताओ कि क्या इतना लंबा लंड किसी इंडियन व्यक्ति का भी हो सकता है?मैंने कहा- तुम्हें क्या लगता है?वो बोली- मैंने नेट पर पढ़ा था कि इंडिया में लंड का औसत साईज 5.

फिर संध्या चाची को लिटा कर चाचा ऊपर चढ़ गए और एक चूची मुँह में भर कर चूसने लगे. उसे देख कर ऐसा लग रहा था कि वो किसी फंक्शन में जाने के लिए रेडी बैठी है. अब रवि अक्सर ही अनिल का नाम लेकर सेक्स को मजेदार बनाने लगा और पिंकी भी अनिल का नाम सुनकर उत्तेजित होने लगी.

किसी किसी के ही लंड में ऐसा दम होता है कि वो औरत की चूत को पहली बार में ही संतुष्ट कर दे. मैंने उसे अपनी बांहों में ले लिया और चूमते हुए कहा- क्या तुम्हें नहीं मालूम कि आज गर्मी कैसे बढ़ने वाली है!वो मेरी आंखों में आंखें डालकर बोली- हां, आज हम दोनों की कुश्ती से गर्मी बढ़ने वाली है.

बीच बीच में एक दो बार मैं नीचे भी झुक जाती थी ताकि उसको अपने बूब्स भी दिखा सकूं और उसको गर्म कर सकूं.

उसकी हालत देख मैंने उनके होंठों पर होंठ लगाए और उनके ऊपर लेटकर होंठों को पीने लगा. आपका राहुल[emailprotected]गाँव में चुदाई की कहानी का अगला भाग:देसी मामी की प्यासी चुत चुदाई- 2. क्या शादी के बाद किसी को प्यार करना गलत है? आप इस बारे में क्या सोचते हैं मुझे बताना जरूर क्योंकि पहला प्यार सभी को याद रहता है.

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हां … बदले में वो रवि का लंड इतनी बेहतरीन तरीके से चूसती कि रवि की आहें निकल जातीं. अब जब भी वो हाथ नीचे करता तो मेरी जांघ पर ही रख देता और सहलाने लगा. पिंकी भी अब ये सोचने लगी थी कि रवि के मुकाबले अनिल उसकी भावनाओं की ज्यादा क़द्र करता है.

मुझे अपने होंठों पर कंडोम के डॉट्स फील होने लगे और लौड़े ने अपने कपड़े पहन लिए. फिर मैंने धीरे से अपनी एक उंगली उसकी बुर के दाने पर फेरी तो वह पागल होने लगी.

सुबह मैं सोच रहा था कि शायरा आज मुझसे दूर रहे मगर अब शायरा को छोड़ने का मन नहीं हो रहा था.

मेरी इस बात पर भाभी हंस दीं और बोलीं- हां न तू छोटा है और न तेरा!इतना कह कर वो चुप हो गईं, मैं समझ गया कि भाभी मेरे लंड के लिए कह रही थीं. पता नहीं ये क्या हो रहा था … मुझे जो चारों‌ ओर शायरा ही शायरा दिखाई दे रही थी. मैं समझ गया कि आज भाभी जी मूड में हैं और इस लॉकडाउन में इनकी भी चुत में आग लगी होगी.

दूसरे फोटो में उनकी चूत का क्लोजअप फोटो था, जिसमें उनकी रसीली चूत अपनी खूबसूरती की छटा बिखेर रही थी. अगली रात भी मेरी भयानक चुदाई आप कामवासना कहानी के अगले भाग में जरूर पढ़ें कि किस तरह से मेरी गांड की वो चुदाई हुई थी कि मैं मरते दम तक उस चुदाई को नहीं भूल सकती।[emailprotected]कामवासना कहानी का अगला भाग:गेस्ट हाउस की मालकिन- 4. [emailprotected]सेक्सी इंडियन वाइफ स्टोरी का अगला भाग:पतिव्रता बीवी की चुदाई दोस्त के बड़े लंड से करायी- 3.

असलम भाई असल में समझ तो गए थे मगर वे गांड मारने में भी फिस्स हो गए थे … जल्दी झड़ गए थे.

बीएफ हिंदी देहाती सेक्सी वीडियो: अभी तो मैंने शायरा के होंठों से आरम्भ किया था … पर सफर बहुत लंबा तय करना था. हॉट लंड सेक्स स्टोरी में पढ़ें कि दोनों सहेलियां मेरे लंड के लिए कितनी बेताब हो रही थी.

सायरा को इस तरह अपनी चूत की आग को शांत करते देखने से मुझे खुद पर ही बहुत गुस्सा आ रहा था कि मेरी वजह से उसी सायरा को आज अपनी चूत की आग बुझाने के लिए उंगली का सहारा लेना पड़ा रहा है, जिसने मेरी इज्जत बचाने के लिए अपनी पूरी जिंदगी बिना सोचे समझे दांव पर लगा दी थी. ये शायद प्यार ही था, जो मैं शायरा से प्यार तो करना चाह रहा था … पर उसे दर्द होता नहीं देख पा रहा था. सुबह के समय वो मुझे किसी न किसी काम में व्यस्त रखती थी ताकि मेरा मन कामुक विचारों में न भटकने लगे.

इतना बोल कर मैंने उसका हाथ पकड़ कर उठाया और जाकर उसकी गोद में बैठ गई.

मैं समझ गया कि अब रोहिणी मेरे लिए एक परमानेंट छेद के रूप में फिट हो गई है. फिर प्रियंका धीरे धीरे अपने एक ही हाथ से उंगली और अंगूठे को चुत गांड में एक साथ अन्दर बाहर करने लगी. मेरे घरवाले भी इस बात के लिए आसानी से मान गये क्योंकि बहन ने उनको बोल दिया कि वह अपने करियर पर ध्यान देना चाहती है.