बीएफ दिल्ली

छवि स्रोत,भारत की ब्लू

तस्वीर का शीर्षक ,

ननंद और भाभी की चुदाई: बीएफ दिल्ली, जो मज़ा इन कहानियों को पढ़ने में है वो पोर्न फिल्म देखने में नहीं है.

मोनालिसा xxx video

अनु मेरे नीचे लेटी थी और उस वक्त वो अपनी चुत में मेरा मस्त लंड लिए हुए पड़ी थी. xxxxxxxxl आकार cxx कपड़ेप्रभु मतवाला हो गया उसकी चिपकी जांघों के बीच उसकी चूत की उभार देख कर… मैंने और कीकु ने उसकी टाँगें अलग की, उसकी फूली हुए चिकनी चूत हमारी आँखों के सामने थी.

शायद सारिका ने मेरी पेन्ट का तम्बू देख लिया था और मुस्कुराते हुए बोली- तुम भी कम नहीं हो. मुझे आपके साथ सेक्स करना हैचूँकि मैं अपनी हैसियत जानता हूँ, इसलिए सिर्फ़ अनु की शादी का वेट था.

मेरे सिर को पकड़ के मेरे मुँह में धक्के देने लगे और उसी धक्कों के साथ मेरे मुँह में झड़ गए.बीएफ दिल्ली: तो इत्मीनान से देखो लेकिन यह मत सोचना कि ऐसा भला कैसे हो सकता है, तुम्हें तो पता ही नहीं था। सब कुछ होता है और सब कुछ लोग करते हैं।”ओके।” मैंने भी ठान लिया कि किसी तरह रियेक्ट ही नहीं करूँगी।उसने फिल्म लगा दी और हम कंप्यूटर टेबल के पास ही तीन कुर्सियों पर बैठ गये।कहानी कैसी लगी, कृपया इस बारे में अपने विचारों से जरूर अवगत करायें। मेरी मेल आईडी है.

मुझे यही मौका सही लगा और मैंने दबे पांव जाकर उसे पीछे से कमर में हाथ डालकर अपनी बांहों में जकड़ लिया.मैंने कहा- ठीक है फिर तुम दोनों एक बार मेरे सामने फिर से चुदाई करो.

इंग्लिश मूवी चोदा चोदी - बीएफ दिल्ली

मैं- यार श्लोक, जलन तो अपनी प्रेमिका या पत्नी को किसी और के साथ कल्पना करके होनी चाहिए.स्कर्ट के नीचे वाले हिस्से… कहीं पर गुलाबी रंग तो कहीं सफ़ेद रंग की जांघों को देखते हुए बापू अपने लंड को एक हाथ में थामे कुछ कुछ उसको हिलाने लगा.

मैंने अपनी नज़र उस पर से हटा कर मोबाइल में लगा ली ताकि उसे यह ना लगे कि मैं अब भी उसे घूरता हूँ; वरना वो अब भाव खाने लगेगी!तो जब मैं मोबाइल चला रहा तो मैंने महसूस किया कि कोई मेरे बगल में आकर बैठा है. बीएफ दिल्ली मैं झिझक रही थी क्योंकि वह मेरे बाबा की उम्र के थे, बहुत ही बड़े थे.

मैंने कहा- मैं 2 मिनट में बाहर खींच लूँगा और अब और नहीं फाड़ूँगा!और धीरे से उन्हें सहलाने लगा और चूमने लगा और अपना लंड 2 इंच बाहर निकालकर फिर से एक ज़ोर का शॉट मारा तो मेरा लंड उसकी चूत को चीरता हुआ चूत की जड़ में समा गया.

बीएफ दिल्ली?

ऐसे ही कुछ दिन बीत जाने के बाद मैंने एक दिन उस बच्चे को कार से जाते हुए देखा, जिसमें एक बहुत ही खूबसूरत पर थोड़ी मोटी औरत अपने साथ ले कर जा रही थी. मैंने एक गीले कपड़े से पूरी चूत को साफ किया और पीछे गांड को भी अच्छे से साफ कर लिया. अंकित जी ने ये देखा कि मैं अब उनका साथ देने लगी हूँ तो उन्होंने मुझे अपनी गोद में उठा लिया और रूम में ले आए.

जैसे ही मैं घर पर पहुँची तो गाड़ी से उतरते हुए मैंने राहुल को अपनी तरफ खींचा और उसके होंठों पर एक जोरदार किस कर दी, मगर राहुल ने इस बीच मेरा कोई साथ नहीं दिया. बता!”मैं उनके पास बेड पैर जा के बैठ गया और उनके गालों को हाथ में लिया, उन्होंने अपनी आंखें बंद कर लीं. इतने में मैं बोला- आपकी फ्रेंड्स कहां हैं?मुस्कान ने कहा कि उनको कुछ काम था और उनको उसमें देर हो जाती, इसलिए मैं अकेले ही चली आई.

कुछ देर बाद मैंने उनका लंड बाहर निकाल कर अपने मुँह से चाट कर साफ किया. अब मुझे पता लग गया था कि तबस्सुम लड़कों को घर पर भी बुला कर अपनी चूत को चुदवाती है. हालांकि मैं लेस्बियन वीडियो खूब देखती थी और मुझे सब कुछ पटा था कि लेस्बियन लड़कियां क्या क्या और कैसे करती हैं.

फोन इसलिए किया था कि मैंने आपने जैसा बताया था मैंने वैसे ही किया है और मेरा काम हो जाएगा. प्रभु ने अपने दोनों हाथों से रूबी की दोनों टाँगों को पकड़ा और अपनी ज़ुबान रूबी की चूत में डाल दी.

वो चूत को नीचे से चूसता हुआ ऊपर की तरफ अपनी ज़ुबान ले जाता था और जब चूत का दाना आख़िर में मिलता था तो उसे बहुत प्यार से दबा कर चूसता था.

उनको देखते देखते मुझे काफी टाईम हो गया था लेकिन मुझे नींद न आनी थी और न ही आई.

मैं धीरे धीरे चूत में लंड को आगे पीछे कर रहा था तो थोड़ी देर बाद वो नॉर्मल होने लगी और आह्ह आःह्ह आआह्ह आआह्ह्ह की आवाज निकालने लगी तो मैं लन्ड को कुछ तेजी से अंदर-बाहर करना शुरू किया. सर अपना लंड लेकर मेरे मुँह के सामने होंठों पर टच कराने लगे और तभी मेरे दोनों बूब्स जोर से दबा दिए. अन्तर्वासना के प्यारे पाठको, आपको मेरी हिन्दी सेक्स कहानी कैसी लग रही है? मुझे मेल करके बतायें![emailprotected]कहानी का अगला भाग:ट्रेन में मिली महिला की सेक्स की प्यास-2.

मैंने उसको बोला- आप इतनी खूबसूरत हो और आपनी जिंदगी ऐसे ही जाया कर रही हो?वो हंसने लगी कि बस मुझे कोई शौक नहीं है, हमको तो कमीशन मिल जाता है, बस उतना ही हमारे लिए काफ़ी है. मगर बापू क्या उसके रोके रुकने वाला था, उसने चुची को छोड़ कर अपना मुँह पद्मिनी की जांघों पर फेरना शुरू कर दिया. मुझे पता नहीं था कि वहां ड्रेस कोड है, मैं मिनी पहन कर चली गयी, लेकिन ड्रेस कोड स्विमिंग कोस्टयूम था जो मेरे पास था नहीं.

ट्रेनिंग रायपुर के पास होने के कारण मैं घर में रुका और वो रूम लेकर रहने लगी.

हम दोनों इसके बाद भी एक दूसरे के कान्टेक्ट में रहे और मैंने उनके घर जाकर भी उन्हें कई मर्तबा चोदा है. कुछ ही पलों बाद मैंने टावल को हटा के दूर फेंक दिया और उसको अपनी गांड के एक से दर्शन करवा दिए. मैं यह तो नहीं कहूँगी कि मुझे मज़ा नहीं आता था मगर पहले कुछ दिनों तक मुझे यह सब खुले में करने में बहुत शरम आती थी.

इसके बाद हम एक दो बार और मिले, पर कभी समय नहीं मिल पाया कि उसके संग और चुदाई की जा सके. ’ उसकी चीख इसलिए निकली कि क्योंकि उसके लंड का धागा टूट गया था और मेरी तो सील टूटने से चीख निकला ही थी. तो आप सोच ही सकते हो कि वे कैसी होंगी और यह काफी हद तक पैसे की ही माया है.

हमने ऐसा तय किया है कि सारी कहानियां हम दोनों मिलकर लिखेंगे, ताकि पढ़ने वालों का मजा दुगना हो जाए और दोनों को अपनी बात रखने का मौका मिले.

यह कह कर बाबा ने वल्लिका की काली शिफोन की साड़ी को वल्लिका की गोरी देह से अलग कर दिया. मैंने आंटी से बोला- क्यों ना ये दो दिन तक हम बिना कपड़े के ही नंगे रहें.

बीएफ दिल्ली मैंने जूली की पैंटी में हाथ दिया और उसे नीचे तक खिसकाकर निकाल दिया. लेकिन भाभी किसी तरह पूरा लंड अन्दर ले गईं और मैं आराम से भाभी की चुदाई करने लगा.

बीएफ दिल्ली मधु का मखमली स्पर्श, उसकी गरम सांसें, सीने पर घूमते उसके हाथ, कानों में पड़ने वाली उसकी मादक आवाज, शरीर को छूकर जाने वाली उसके स्पर्श मुझे मदहोश किये जा रहे थे. मैंने मना नहीं किया और फिर हम लोग बिस्तर पर लेट गए और एक दूसरे की बाँहों में चिपक कर एक दूसरे को किस करने लगे.

तभी अचानक से उसकी नींद खुली और वो मुझे जागता देख कर पूछने लगी- अभी तक क्यों नहीं सोये?मैंने उससे कहा- तुम सो रही थी तो मैं तुम्हें देख रहा था.

ननंद भोजाई की सेक्सी पिक्चर

फिर मैंने कहा कि दिल से जवाब दोगी जो भी पूछूँगा?तो उसने हाँ बोल दिया. तब एक सुरीली सी आवाज़ मेरे कानों में पड़ी- रॉबी कहाँ जा रहे हो?मैं- दोस्त के घर. मुझे अकेले रहने में डर लगता है इसलिए मैं अपने बुआ के लड़के से बात कर रही थी.

मुझसे रहा नहीं गया तो मैंने उसे बैड पर फिर से घोड़ी बनाया और उसकी गांड में अपना लंड पेल दिया, उसकी गांड और मेरी कमर की टकराहट से जोरदार आवाजें आने लगी।थोड़ी देर बाद मैं बेसब्र हो गया और अपना लिंग निकाल कर उसकी चूत में पेल कर जोरदार चुदाई करने लगा. मैं उनके पास गया और पूछा- क्या हुआ?तो सारिका ने कहा- गाड़ी पंचर हो गई और मैं लेट भी बहुत हो गई हूँ. जब मैंने उनसे खुद को छुड़ा कर पूछा कि आप ये क्या कर रही हैं?अब भाभी ने मुझे गुस्से में कहा- ओये भोसड़ी के.

वैसे मुझे चोट तो नहीं लगी थी लेकिन घुटने के बल गिरने के कारण घुटने में दर्द जरूर हो रहा था.

रात को एहतियात के तौर पर उस कमरे में मयूरी और विक्रम के बीच कुछ नहीं हुआ क्यूँकि रजत वहीं पर सो रहा था. अब शादी ब्याह में तो ये सब चलता ही है और किसी की चुदाई भी हो जाय तो कोई बड़ी बात नहीं. मैंने मना किया तो बोली- एक बार की बात होती तो नहीं देती, पर तुम्हें तो मेरे पास बार बार आना है.

मैं चाचा की शर्ट के बटन खोलने लगी और कुछ ही पलों में शर्ट उतार दी, फिर उनकी बनियान भी उतार दी. चलो आज थोड़ा बात करते हैं, तुम चाय लोगे?उन्होंने इलेक्ट्रिक केतली में पानी गरम करते हुए चाय की डिप डालते हुए चाय बनाई और कप हाथ में लेकर वो बेड पे बैठ गईं. पर वो मुझसे बोलने लगी- इतनी मस्ती आ रही है, तो अपनी वाली के दबा ले ना.

फिर उन्होंने जम्हाई लेना चालू किया तो मैंने उन्हें सुझाव दिया कि आप एक तरफ सो जाइए, मैं इस तरफ सो जाता हूं. मैं वासना के शिखर पे था, वो हार मानने वालों में नहीं थी, मेरे मोटे लंड को मेरी बहन पूरा निचोड़ना चाहती थी.

मैं- ओह शबनम भाभी, लव यू भाभी, लव यू सो मच भाभी, आई वान्ट टू लव यू, आई वान्ट टू किस यू भाभी, आई वान्ट टू फक यू भाभी, वान्ट टू फक योर पिंक पुसी, वन्ना फक योर ऐसहोल. तभी उसने मुझसे पूछा- तुम कपड़े खुद पहन लोगी?मैंने कहा- मुझे अलमारी में से निकाल के दे दो. थोड़ी देर ऐसे ही खेलने के बाद विक्रम ने रजत से कहा- छोटे … तो तू तैयार है अपनी बड़ी बेहेन को चोदने के लिए?रजत- हाँ भैया… बिल्कुल…विक्रम- तो मैं इसकी चूत को थोड़ा गीला कर देता हूँ, जिससे तुम दोनों को परेशानी काम और मजा ज्यादा आये.

फिर मैं उनकी चूत तरफ बढ़ा और अपने हाथ से उसे मसलने लगा और अपनी उंगलियों से छूने लगा, आंटी जी एकदम मस्त हो गयी थी.

मेरा नाम वन्द्या है, मैं सतना से बीस किलोमीटर दूर रामपुर के पास तपा कस्बे की रहने वाली हूं, मेरे पापा मम्मी बहुत गरीब हैं. फिर मैं एक नीचे की तरफ झुको तो उसकी चूत पर किस करने लगा परंतु उसने मना कर दिया क्योंकि वह भी मेरा लंड अपनी चूत में लेने के लिए तड़प रही थी. मैंने दरवाज़ा खोला तो शॉक रह गयी क्योंकि सामने एक बैग लिए एक लड़का खड़ा था, उसने मुझे विश किया और अपना नाम विक्की बताया.

जंगल में उसको अधूरी तरह से चोदा तो था, लेकिन उसकी नंगी जवानी के दीदार नहीं किए थे. उसे पता था कि गीता आने वाली है इसलिए बिना किसी झिझक के उसने उन दोनों को अन्दर बुला लिया और अपनी चुदाई जारी रखी.

हम दोनों ने एक-दूसरे को हाय हैलो किया और फिर वो अपना सामान अपनी सीट पर रख कर मेरी सीट पर ही नीचे बैठ गई और बोली- आपका नाम क्या है डीयर?मैं निशा और आपका नाम?”मैं अनुप्रिया!”और फिर हम दोनों काफी देर बातें करती रही. पहले तो उसने मेरा हाथ चूत तक जाने से रोक लिया, पर फिर धीरे धीरे वो भी बेचैन होने लगी. वह तेज तेज बोलने लगी- चोद दो मुझे … जोर से चोदो, फाड़ दो मेरी चूत और गांड!अब हम दोनों ने अपनी साइड बदलने की सोची और हमने रितु कीसाइड बदल दी.

सेक्सी वीडियो एचडी लड़की

अब ना तो मुझसे रहा जा रहा था और ना तो निक्की से, तो मैंने उसे डॉगी स्टाइल में रख के एक झटके में अपना पूरा लंड निक्की की चुत में डाल दिया.

उस वक्त एक उसकी चाचा की लड़की निकिता है, उसके बारे में वह मुझे चुदाई के लिए बोलता है. फिर मैंने उसको दोनों हाथों से पेट पर पकड़ कर पूछा- जान आज कुछ खास हो जाये?वो मुस्कुराई और बोली- क्या खास?मैंने उसे कहा- आज हम दोनों राज को फील करके सेक्स करें?मंजू बोली- पागल हो तुम!लेकिन आज उसकी ना में मुस्कुराहट भी थी हामी भी थी… मैंने पेट से ऊपर को हाथ बढ़ाते हुए उसके स्तनों को दबाना शुरू कर दिया. उनके पति बिजनेसमैन हैं और काम पर सुबह जाते हैं और रात को घर देर से आते हैं.

तभी शीतल भाभी ने मेरे खड़े होते हुए लंड को देखा तो कहा- ये क्या है?मैंने कहा- आप पूछ तो ऐसे रही हो, जैसे कुछ जानती ही नहीं हो. भाभी कामवासना से पागल होने लगी थीं, मेरे बालों में उंगली फेरने लगीं. उर्मिला सेक्स वीडियोफिर जब मैं कॉलेज जाने लगा तो मुझे एक लड़की पसंद आई, मैंने सोचा कि अब इसे अपना साथी बनाया जाए.

उनके व्यवहार से मैं समझ गया कि मोहतरमा आज बहुत खुश हैं, तो मैंने खुशी का राज जानने के लिए उनसे कहा- ये आज आप कहां पे अपनी खूबसूरती का कहर ढाके आ रही हैं?भाभी ने खुश होते हुए कहा कि आज किसी रिलेटिव के यहां फंक्शन था तो वहीं पे गई थी. उसका बिस्तर नीचे ही था क्योंकि वो एक सस्ते से किराये के कमरे में पर रहता था, जिस वजह से उसको पलंग वगैरह नहीं मिला था.

शाम को उसे बुला कर गीता से मिलवा दिया और बोला कि तुम दोनों अब पति पत्नी बन कर उस डॉक्टर के पास जाओ. वो हँसी- हा हा !!! टेस्ट भी नहीं लेने दिया अच्छे से, सारे सड़का सीधे गले में उतार दिया. जब मुझे लगने लगा कि मेरे कपड़े फट जायेंगे तब मैंने कहा- अच्छा बाबा.

उसने मुझे ज़ोर से किस किया और मुझे कस कर पकड़ कर मेरी चुत में अपना लंड पेल दिया. उसे कुछ देर बाद एक उसी के नाम की एक प्रोफाइल दिखी, जिसमें उस औरत ने अपना खुद की इमेज को लगाया हुआ था. मैंने उसको हाय लिख कर सेंड किया और पूछा- क्या आपका कोई बॉयफ्रेंड है?उसका रिप्लाय ‘नहीं.

लेकिन मैंने लंड नहीं डाला बल्कि उसकी चूत की फांकों में लंड रख कर रगड़ देता और हटा लेता.

लड़की उम्र में छोटी थी, परन्तु उसकी गांड के उभार से उसका कोट ऊपर उठा हुआ था और स्कर्ट के नीचे उसकी मादक, मांसल टाँगें व पट गजब ढा रहे थे. प्रिय अंतर्वासना के पाठको, आपके मेल ही मुझे आगे की कहानी लिखने के लिए प्रेरित करेंगे। मेरी आपबीती पसंद आई? क्या आप मेरी कहानी आगे भी पढ़ना चाहते हैं? तो कृपया मेल करें[emailprotected]पर।कहानी का अगला भाग:याराना-4.

उन नियमों का पालन कल से ही शुरू कर देना और फिर तीन दिन के बाद यहाँ आना. मैंने उस दिन सलवार पहनी थी तो सर ने ये भी कहा कि जब मुझसे टयूशन पढ़ा करो तो हमेशा स्कर्ट पहन कर बैठा करो. फिर उसने अपने बापू को निराश न करने के लिए बहुत प्यार से उसके गालों पर फिर गले पर फिर मुँह पर चुम्बन दिए.

मैंने कहा- क्यों?बोली- दर्द होगा तो कैसे चुप रहूँगी?मैंने कहा- फिर कैसे होगा?बोली- तुम इस बार मेरी चिंता मत करना, वो तो एक बार दर्द होगा ही. मेरी टीचर ने मुझे पढ़ाई के बहाने से सेक्स कहानियों की किताब देकर पढ़वाई और फिर मुझे अपनी वासना का खिलौना बनाना चाहा, मेरे मुँह में अपना लन्ड चुसवाया, फिर मैंने खुद गुड्डे गुड़िया की शादी का खेल खेलने के बहाने से अपनी दीदी के बेटे, उसके दोस्त और अपनी मौसी के लड़के से अपनी कामुकता का इलाज करवाने का सोचा, पर मेरे पड़ोस के एक चाचा और उनके दो दोस्तों ने मुझे देख लिया था. तो उन्होंने मुझे मेसेज किया- विकी कॉल मी अर्जेंट…मैं तो डर गया कि क्या होगा?फिर मैंने कॉल किया और कहा- कॉल किया था आपने मिस्टर मेहता?उन्होने कहा- अरे विकी, कहाँ हो तुम?मैं बोला- अंकल में बाइक चला रहा था तो फोन नहीं पिक कर सका.

बीएफ दिल्ली क्या मजा आया? जो कितनी बार मैं सोचता रहा था वह आज सच में हो रहा था. मैं उसकी बातों का मतलब समझ गया, वो मुझे परोक्ष रूप से धमकी दे रही थी कि अगर मैंने उसके साथ सेक्स नहीं किया तो वो मेरी और प्रगति की बात दूसरे लोगों को बता देगी.

सुहागरात दुल्हन सेक्सी

पिंकी- दीदी एक बार उसके नीचे दब कर देखो, तो पता लगेगा कि क्या सच्चाई है. उसकी दोनों टाँगें उपर कर के उसकी गान्ड पे फिर से अपना लंड सेट किया. मैंने उसकी चूत पर जीभ लगाई तो उसने आहें भरना शुरू कर दीं और मचलने लगी.

अब मुझे रात में नींद नहीं आ रही थी, बार बार यही विचार आ रहे थे कि कल क्या होने वाला है. फिर से एक बार ससुर को बाहर जाना हुआ तो वे मेरी बीवी के साथ मुझे अकेले छोड़ कर चले गए. जबरदस्ती चोदने वाला वीडियोदूसरे का नाम चाचा ने दिनेश बोला, वह उन्हीं के परिवार का था, जो चाचा से उनका खेत खेती करने के लिए लिए हुए था.

मैंने कहा- अच्छा?वो बोलीं- हां यार मेरे पति कभी कभी सेक्स करते हैं, तब भी लिकिंग नहीं करते.

साथियो, उस रात को मेरी और निक्की की दमदार चुदाई के बाद दूसरे दिन वो काफ़ी खुश लग रही थी. पद्मिनी अब उसके लिए एक पत्नी से कम नहीं थी और वह सच में उसकी पत्नी की तरह दिख रही थी.

उनको देखकर मेरा भी कई बार लंड खड़ा हो जाता था, पर मैं हाथ से लंड दबा कर छुपा लिया करता था. वह तेज तेज बोलने लगी- चोद दो मुझे … जोर से चोदो, फाड़ दो मेरी चूत और गांड!अब हम दोनों ने अपनी साइड बदलने की सोची और हमने रितु कीसाइड बदल दी. कुछ देर बाद पिछले दरवाजे से 2 लड़के आए तो उन्होंने अपने खड़े हुए लंड पेंट से बाहर निकाले हुए थे.

फिर आखिर में मुझे वो दिख गयी और मैं उसके पास चला गया और उसको हेलो बोला.

घंटी बजते ही वो ग्रामीण बाला झट से उठी और हॉल के मेरी तरफ वाले कोने की ओर बढ़ने लगी; जरूर ये उसी का फोन बजा था. हरीश कहने लगा- मेरी मां तो बहुत ही घूमती रहती हैं, जब जो मन करता है, वह उस तरीके से रहती हैं. ये बात अभी नवम्बर 2016 पहले की है, जब 500 और 1000 के नोट बंद हुए थे.

ब्लू पिक्चर विदेशीमैंने कहा किसको क्या मिल जाएगी भाभी?तो वो मुस्कुराते हुए बोलीं- अब इतने भोले भी न बनो. वो अपने ऩाम के उलट बड़ी सख्त मिजाज थीं और दिखने में कामदेवी लगती थीं.

राशि खन्ना xxx

उसने मुझे कहा- पहले मुझे अपने कपड़े उतारने दो, बाद में देख लेना!मैंने कहा- प्रीति मेरी जान, मेरी पत्नी… आज तुम्हें कपड़े उतारने की कोई जरूरत नहीं है, आज मैं तुम्हारे कपड़े उतारूंगा इसलिए आज मैं तुम्हारा पति हूं, तुम्हारा भाई नहीं!तो उसने कहा- हां ठीक है!मैंने अपनी बहन प्रीति की सलवार का नाड़ा खोल दिया, उसने मिकी माउस वाले प्रिंट की कच्छी पहनी हुई थी. तब मैंने पूछा- अनु, उस लड़के ने भी खूब मज़े लिए होंगे?तो उसने कहा- हां. अब हम घर में अकेले थे, उसने मुझे गोद में उठाया और सोफे पर जाकर बैठ गया.

मैं बोला- आह, अब मैं छूटने वाला हूँ!रूबी ने धकेल के मुझे पीछे किया. उसने मुझे किस किया और बोली- आज जो हुआ, वो करने की हिम्मत तुमसे मिली है. थोड़ी देर में आंटी जी ने मेरे सर को पकड़ा और जोर जोर से पकड़ के मेरे मुंह को अपनी चूत पे लगाने लगी.

अभिलाषा ने कंप्यूटर देखा और उस लड़की से कहा- जूली! साहब को 210 नंबर कमरा दे दो और सामान कमरे के अंदर रखवा दो. जैसा कि रणविजय ने बाद में बताया:रीना और रणविजय ने दूसरे कमरे में जाते ही एक दूसरे को गले लगाया जैसे कि बिछड़े प्रेमी हों. उधर मैं उसके मम्मों को दबा रहा था, उसको कंट्रोल करना मुश्किल हो रहा था.

तबस्सुम बोल रही थी कि वो बेचारी चुदाई देख देख कर गरम होती है, उसका भी कोई इलाज तो करना है ना. मम्मी बोलीं- ठीक है ज्यादा तो नहीं लगी?मैं बोली- नहीं, पर अभी नॉर्मल नहीं हूं.

फिर अंकित मेरे ब्लाउज के बटन खोलने लगा और उसने मेरे ब्लाउज को उतार दिया.

वहां मुझे अन्य सीनियर लोगों के साथ एक बड़े से हाल में एडजस्ट होना पड़ा. ओपन बीपी शॉट मराठीतब सबने भैया से पूछा कि क्या सच में इसने चोद दिया?तब उन्होंने बताया- हां बे, और इसको बीच में डिस्टर्ब भी किया हमने, तब भी साला चुदाई में लगा रहा. सील बंद सेक्सी वीडियोपूरे रूम में हम दोनों की साँसों की आवाज गूँज रही थी, चुदाई पूरे जोरों पर थी. फिर भी दिनेश और ताकत लगा रहा था कि उसका पूरा लौड़ा मेरी गांड में घुस जाता.

दिनेश बोला- अभी तो इसको देखा भी नहीं कैसी है? कभी ध्यान भी नहीं दिया आपके घर आते थे और चले जाते थे जरा इधर घुमाइये, इसे देखें तो कैसी दिखती है यह छोकरी?चाचा मेरी तरफ आए और बोले- वन्द्या तुम बिल्कुल चिंता नहीं करो, ना इनसे शर्माओ.

वैसे तो मेरे जीवन में मैंने कई बार सेक्स का अनुभव लिया है, जैसे हर कोई लेता है. पूरे रूम में हम दोनों की साँसों की आवाज गूँज रही थी, चुदाई पूरे जोरों पर थी. मैंने उसका लंड पकड़ कर अपनी चूत के छेद पर लगा दिया और उसको इशारे में बोली कि अब मेरी चूत में लंड डालो.

’मैं भी लगातार चोदे जा रहा था और उसकी लड़खड़ाती ज़ुबान ने कह दिया था कि उसका निकलने वाला है. इसमें मैं नीचे लेटा और सीमा अपनी चूत मेरे लण्ड पर रखते हुए लंड निगलती हुई बैठ गई और मेरी ऊपर झुक गयी. अब मुझे क्या पता था कि रात को मेरे लिए सर्प्राइज़ मेरा इंतज़ार कर रहा है.

বিএফ বেঙ্গলি

कुछ देर लंड चूसने के बाद मुझे ऊपर आने को कहा, मैंने उसे नीचे लिटाया और उसकी टाँगें फैला दीं, वो भी मेरे लंड का इंतजार करने लगी. फिर उन्होंने मुझसे पूछा कि तुमने उसके साथ कुछ किया है?तो मैं अनजान बनने की एक्टिंग करते हुए बोला- क्या मतलब?इस बात पर भाभी ने अपनी जांघ खुजाने का बहाना करते हुए अपनी बेबी डॉल को और ऊपर तक चढ़ा लिया. ऐसे ही स्कूल के बारे में बातें करते करते उन्होंने मेरी गर्लफ्रेंड के बारे में पूछा तो मैंने कहा कि हां मेरी गर्लफ्रेंड है.

अब उस लड़की या यूं कहूँ कि आंटी ने मेरे लंड पे कंडोम चढ़ा दिया और एक बार फिर धक्कमपेल चालू हो गयी.

मैंने उससे पूछा कि तेरा दोस्त कौन सी कक्षा में है?वो बोला- हम दोनों एक ही कक्षा में पढ़ते हैं.

उसके बाद कई बार जब भी हमें मौका मिलता, हम चुदाई कर लेते हैं, वो रात मेरी जिंदगी की सबसे हसीन और सबसे खूबसूरत रात थी, मैं उस रात को में कभी भी नहीं भूल सकता।मेरी बहन की चूत चुदाई की कहानी कैसी लगी आपको? जरूर बताएं मुझे… आपके मेल्स का इंतजार रहेगा! आशा करता हूँ कि आप मुझे और कहानियां लिखने के लिए प्रेरित करेंगे. वैसे भी नींद पूरी ना होने की वजह से मुझे यह सब एक सपने जैसा लग रहा था. xxx प्रियंका चोपड़ामैं भी उसको देख देख उत्तेजना में बह गया और दीवाल की आड़ ले सुस्ताने लगा, राज भी अंतिम पड़ाव में था, उसने मंजू की टांगें खींच कर बेड से बाहर की और उसकी दोनों टांगों के बीच खड़ा हो गया.

लेकिन मुझे अब तक ये नहीं मालूम चल सका कि रवि के अलावा वो मुझसे क्यों चुदती है. वो पहले तो मना करने लगी, फिर मैंने कहा- मैं तुम्हारी चुत फिर से चाटूंगा. अब रूबी की आवाज़ मुझे सुनाई दे रही थी, वो फक मी हार्डर !!! फक मी हार्डर !!! चिल्ला रही थी.

तो उसने मेरे को जबरदस्ती टाइट पकड़ लिया और मेरे लिंग को पूरा अपनी योनि में डाल दिया. ”ओह्ह… तो ये बात है… मतलब आप का भी मन करने लगा है अब लंड से मजे लेने का?”हट पागल… अब इस उम्र में लंड लेकर मैं क्या करुँगी.

उसके शर्ट उतरते ही अब वो लोअर और सफेद ब्रा में बड़ी कामुक दिख रही थी, उसके लाल होंठ और उत्तेजना से भरे उसके चुचे उठे हुए थे जो मुझे बुला रहे थे.

मैं उसके पेट को सहला रहा था, उसकी नाभि में उंगली कर रहा था, उसकी गांड पर लौड़ा घिस रहा था. तभी उसके भाई का फ़ोन आया कि मैं एक घंटे में तेरे पास लेने आ सकता हूँ, सुबह बाइक में पानी घुस गया था, शायद सुबह की धुलाई के वक़्त ऐसा हुआ होगा. अब मेरी समझ में कुछ कुछ आने लगा था कि वे अपने किसी आशिक से बात कर रही थीं.

डाउनलोड फुल मूवी उसकी दरार को और चौड़ी करते हुये जीभ को नीचे से उपर तक ले गया, वह सुखद अनुभूति से कुहक बैठी. फिर मैं उनके शर्ट के अंदर हाथ डाल कर ब्रा के ऊपर से दूध दबाने लगा।फिर मैंने उनका कमीज उतार दिया, उनकी ब्रा भी खोल दी और उनके दूध के निप्पल को मुंह में लेकर चूसने लगा.

फिर मैंने एक बार और उसी समय उसके साथ सेक्स किया और अबकी बार उसने मेरे लन्ड को भी चूसा था. बापू उस वक़्त जब वो पेंट से अपना लंड निकाल रहा था, तब ऊपर पद्मिनी को चूमते और चाटते जा रहा था. जैसे ही वो अपना पूरा लंड मेरे मुँह में डालता, मुझे खांसी आ जाती, मेरे गले में उसका लौड़ा अटक जाता.

देहाती सेक्सी वीडियो राजस्थानी

”यह कहकर मैं आ गया, मैं जानता था कि जल्दी से कुछ नहीं मिलने वाला, बस थोड़ा टाइम और लगेगा. लेकिन एक दिन भांडा फूट ही गया और आगे क्या हुआ, उसके लिए अगली कहानी का इंतजार कीजिएगा. मैं तो वैसे ही बाहर आ गया तो देखा कि सुरेश जी ऑफिस के लिए तैयार हो रहे थे.

तो उसके चूतिया भाई ने जाकर सोनम को ही बता दिया कि मैंने मोबाइल लाने की लिए बोला है. अब समय था, जब मेरी फूल जैसी चूत को चोदने के लिए एक मूसल एकदम कड़क हो कर मेरे सामने तन्ना रहा था.

लेकिन अब रोज़ ऑफिस से आते हुए हॉस्पिटल होकर जाता था। मेरे सबसे अच्छे दोस्त को मेरी ज़रूरत थी। और मैं भी उसको इस हालत में अकेला नहीं छोड़ना चाहता था। उसके दस्त बंद हो गए और हालत में पहले से काफी सुधार होने लगा था।उसका बर्थडे भी आ गया लेकिन अभी हॉस्पिटल से छुट्टी नहीं मिली थी।सागर का फोन आया कि प्रवेश तू कब तक आएगा?मैंने कहा 6 बजे ऑफिस से छुट्टी होती है और 8 बजे तक मैं पहुंच जाऊंगा।मैं 8.

वो शायद मेरी मूक सहमति को समझ गया था, इसलिए वो मेरे होंठों को अपने होंठों से चिपका कर चूसने लगा. मुझे पहले से ही गठीले बदन वाली, शादीशुदा, उम्र में मुझसे बड़ी औरतें अच्छी लगती हैं. ये मेरे लिए अलग एहसास था क्योंकि मेरे पति कभी मेरी गांड नहीं चाटते थे.

मैंने कहा कि आपको एक्सपीरियेन्स करना है?वो बोली- हां लेकिन कौन कराएगा?मैंने कहा कि मैं किस काम आऊंगा. अचानक से सुरेश जी एकदम से अकड़ गए और मेरी सूखी गांड पर जो बरसों से लंडरस की प्यासी थी. मैं कभी कभी अपनी सहेलियों के साथ वर्कआउट करने के लिए एक फिटनेस ट्रेनर के पास जाती हूँ जो कि एक लेडी है.

मगर तुम्हारे भाई ने ऐसा क्या किया था, जो बात यहाँ तक पहुँच गई?उसने रोना शुरू कर दिया तो मैंने कहा- चलो छोड़ो.

बीएफ दिल्ली: वो भी मेरे पानी को को चूस चूस कर पी गयी और हम दोनों निढाल हो कर कुछ पल के लिए अलग हुए. सुरेश जी का वजन ज्यादा होने की वजह से अब मैं हिल भी नहीं पा रहा था.

बाबा ने उसे बैठने को कहा और अपने सारे शिष्यों को कमरे से बाहर जाने को कहा. और जो नहीं समझा है उन्हें मैं बता दूँ कि जवान लौंडों की सौ में नब्बे टाइम दारू की पार्टी ही होती है. मैं 6 महीने से तेरे घर पर हूं, मुझे मजे क्यों नहीं दे सकता? मैं तो जब भी तुम्हें देखती हूँ मेरा दिल करता है कि तुम्हें खा जाऊं.

एक दिन हम दोनों लोग शाम को ऑफिस से काम करने के बाद बाहर खाने गए थे, तो वो मुझे अपने बारे में बताने लगा.

धीरे धीरे मैं उनके ऊपर आ गया, उनकी टाँगें चौड़ी कर लीं और अपना मूसल उनकी कुँवारी चूत पे लगा दिया. मैंने फिर उसे किसी प्राइवेट स्कूल में भेजना शुरू किया और वो जल्दी ही ओपन स्कूल की दूर से पढ़ाई करने लगी तथा हाई स्कूल की प्राइवेट प्ररीक्षा में बैठ कर पास भी हो गई. कामुकता से भरपूर जवान लड़की की सेक्स स्टोरी आपको कैसी लगी, प्लीज़ मुझे मेल करें.