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आप लोग मुझे छक्का या हिजड़ा ना समझें क्यूँकि मेरे पास एक सम्पूर्ण कार्यशील 6 इंच का लंड है और 34-सी आकार के स्तन!मैं 6 महीने पहले लंदन से भारत वापस आई हूँ, वहाँ पर मेरे कई बॉयफ़्रेन्ड्स थे, पर मैं एक ऐसे साथी की तलाश में हूँ जिसे मेरी यौनदशा यानि सेक्सुएलिटी से कोई परेशानी ना हो. सेक्स बीएफ की चुदाईहेमन्त के साथ कुछ करने की लालसा इतनी प्रबल हो उठी कि मैं विरोध न कर सकी, मैंने हिम्मत कर उसी अंदाज में उसका पैर दबा दिया.

मैं खाने के लिए बाहर गया और उन दोनों के लिए भी भरपूर मात्रा में खाना पैक करवाया और दो बोतल बियर और एक पैकेट सिगरेट ले लिया. सेक्सी वीडियो फिल्म सेक्सी बीएफसच मानो दोस्तो, इस समय मुझे वो आनन्द मिल रहा था कि मानो बस यह सारी दुनिया यहीं रुक जाये!इन पलों के सामने स्वर्ग का आनन्द भी कम था.

लेकिन जैसे ही प्रफुल्ला फोन पर आती, मेरी सारी समझदारी धरी रह जाती और उसके साथ बातों में मुझे भी रस आता था.एक्स बीएफ देसी बीएफ: उसकी इस हरकत पर मेरी आँख खुली तो देखा कि वो अपनी चूचियों को दबवाने में मेरा पूरा साथ दे रही थी और अपना मुँह ऊपर कर के सिसकारियाँ ले रही थी.

मेरे चूसने से अमर अब बेकाबू से हो गए थे और मैं तो पहले से काफी गर्म थी, सो मुझे सीधा लिटा दिया और मेरे ऊपर चढ़ गए.!’ न ज़ाने मेरे मुँह से ऐसे शब्द निकल रहे थे।‘अरे मेरी रानी… तेरे जैसा माल मुझे भी पहली बार चोदने को मिला है… रानी तू भी मज़ा ले… आज तो तुझे जन्नत की सैर कराऊँगा रानी.

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अब अपने हाथ हटाओ और अपनी सुंदर चिकनी चूत तो दिखाओ।मेघा- तुम कैसी गन्दी भाषा बोल रहे हो?मैं- यार अब जो बोला जाता है वही बोलूँगा ना.ईमानदारी से कहूँ तो मैं उसे यों ही टरका देता था, वो जो पूछता था, मैं बता देता था लेकिन जिस दिन उसने प्रफुल्ला से मेरी बात कराई, उस दिन पहली बार मुझे कुछ कुछ होने लगा और बातों में रस आने लगा.

सच बताऊँ मेरा दिल तो रोज ही चुदवाने को करता है, पर आपको तो चोदने की फ़ुर्सत ही नहीं… क्या कोई अपनी जवान बीवी को महीने में सिर्फ़ दो-तीन बार ही चोद कर रह जाता है?’‘तो तुम मुझसे कह नहीं सकती थी?’‘कैसी बातें करते हैं? औरत जात हूँ. एक्स बीएफ देसी बीएफ एक बात तो इस रात से साफ हुई कि मर्द को जितना देर झड़ने में लगता है, वो झड़ने के समय उतनी ही ताकत लगा कर धक्के देता है.

माल है साली माल… अब इस माल को मैं कैसे गपागप कर जाता हूँ देखना… इतना चोदूँगा आज कि मेरे बिना किसी का नाम नहीं लेगी बाद में… और तू क्यों मुठ्ठ मार रहा है वहाँ नालायक… आ जा.

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फिर हेमन्त मेरा ब्लाउज़ खोल कर कर मेरे बूबे दबाने लगा, पीने लगा तो मेरी चूत की आग भड़क गई, मैं भूल गई कि पति रसोई में सोया है, और चुदने के लिए मतवाली हो गई. थोड़ी देर मेरी चूचियाँ चूसने के बाद रोहित खड़ा हुआ और मेरी साड़ी और पेटीकोट उतारने लगा जिसमें मैंने भी उसकी मदद की. मेरे पास इस सन्दर्भ में बहुत सारे इमेल भी आये, बहुत से लड़कों और मर्दों के भी मेल थे जो मेरी बीवी से दोस्ती करना चाहते थे, उसके फोटो देखना चाहते थे.

जब उसे कुछ ठीक महसूस होने लगा तब मैं उसके चुचूकों को अपनी उँगलियों से रगड़ने लगा जिससे उसकी उत्तेजना बढ़ गई और उसे दर्द भी काफी कम महसूस होने लगा था. ओह… मुझे तो लग रहा है यह फट गई है प्लीज बाहर निकाल लो नहीं तो मेरी जान निकल जायेगी आया… ईईईई…!’मैं उसे बातों में उलझाए रखना चाहता था ताकि उसका दर्द कुछ कम हो जाए और मेरा लण्ड अन्दर समायोजित हो जाए। कहीं ऐसा ना हो कि वो बीच में ही मेरा काम खराब कर दे और मैं फिर से कच्चा भुन्ना रह जाऊँ। इस बार मैं बिना शतक लगाए आउट नहीं होना चाहता था।‘माया तुम बहुत खूबसूरत हो. बाएं हाथ से मेरी चूची को मसलते हुए पूछा- अब कैसा लग रहा है? अगर तुम कहती हो तो मैं निकाल लेता हूँ नहीं तो जब कहोगी तभी आगे सजा दूंगा.

।मैंने उसकी चूत में अपना सारा का सारा माल उढ़ेल दिया।माल छोड़ने के बाद 5 मिनट तक मैं उसके ऊपर ही लेटा।फिर उसने कहा- चलो. उसके गालों की लाली ने मुझे उसकी भी ख़ुशी का एहसास करा दिया…माता-पिता जी के जाने के बाद इशानी घर के कामों में लग गई, मैंने एक नौकर को आवाज़ दी और कहा कि सारे काम वो कर ले, हम दोनों को पढ़ाई करनी है और इशानी को ऊपर कमरे में आने को बोल मैं उसके कमरे चला आया और उसकी चीज़ों को निहारने लगा।तभी मुझे उसके आने की आहट सुनाई दी और मैंने दौड़ कर उसको अपनी बाहों में भर लिया और उसे उठा कर उसके कमरे में ले आया. रोनू- आप कितने अच्छे हो…!रेहान उसके होंठों को पागलों के जैसे चूसने लगता है। उसके मम्मों को दबाने लगता है।जूही- आ…हह.

और कसी हुई भी लग रही थी।मैंने उसको ऊपर से नीचे तक चुम्बन किया और हम दोनों बिस्तर पर लेट गए और चुम्बन करने लगे।मैंने उसको उल्टा लिटाया और उसके कसे हुए चूतड़ों पर चुम्बन करने लगा।उसके कसे हुए और बड़े चूतड़ों को देख कर मेरा लंड और ज्यादा कड़क हो गया था।मैंने अपना अंडरवियर उतार दिया तो वो मेरा लण्ड देखने लगी।उसने कहा- यह तो काफी मोटा और बड़ा है. मैंने भी एक हल्का सा धक्का लगाया तो मेरे लंड के नीचे मुलायम तकिया होने के कारण मुझे कुछ मजा आया, तो मैं उस तकिये को लड़की मानकर धीरे-धीरे उसे चोदने लगा.

उसने मेरी आँखों में देखा और मुस्कुरा कर चली गई।वो जाकर अपनी जगह पर बैठ गई।फिर मैंने उसे ध्यान से देखा.

उसकी सफ़ेद, गोरी केले जैसी चिकनी जाँघों, चूत और चूतड़ सभी को अच्छी तरह छूकर, सहलाकर और रगड़कर पेटीकोट पहनाया, फिर उसका नाड़ा बाँधा.

हँसते हुए नीचे चला गया। शायद समझ भी गया हो। पर मुझे क्या अब प्यार किया तो डरना क्या।उसके बाद मैं हर वक़्त उसे देखने के चक्कर में लगा रहता… दो दिन बाद मुझे वो मौका मिल ही गया जिसका मैं इंतज़ार कर रहा था. इसी को आह…आह शौक चढ़ा था, ग्रुप-चुदाई का आह आहा…!साहिल भी अब दे दना-दन शॉट मार रहा था। उधर राहुल आरोही की चूत में लौड़ा पेले जा रहा था। वो भी एकदम मस्ती में था।राहुल- आ आ. वो साला रामदीन तुमको क्या बोला?मैं सोचने लगी कि अंकल को सब कुछ बता देना चाहिए या नहीं। फिर मुझे रामदीन पर गुस्सा आने लगा, उसी की वजह से मैं अभी से ही एक औरत बन गई थी।‘क्या होता?.

फच’ करता हुआ अन्दर-बाहर हो रहा था और पसीने से मेरी जाँघों और योनि के किनारे भीग गए थे।जब सुरेश अपना लिंग बाहर निकलता तो हवा से ठंडी लगती, पर जब वापस अन्दर धकेलता तो गर्म लगता। ये एहसास मुझे और भी मजेदार लग रहा था।मैं अब झड़ने को थी, सो बड़बड़ाने लगी- सुरेश चोदो. सदके जावां? मेरे भोले बलमा!’‘थैंक यू माया’ कहते हुए मैंने अपनी बाहें उसकी ओर बढ़ा दी।‘जीजू तुम सच कहते थे. मैं भी बड़े प्यार से उनके लिंग को चूमा, सुपाड़े को खोल कर बार-बार चूमा फिर जुबान फिरा कर उसे चाटा और अंत में मुँह में भर कर काफी देर चूसा.

अभी मैं इसी विषय पर सोच ही रहा था कि अन्नू ने कहा- क्यों जीजू, क्या देख रहे हो?मैंने कहा- देख रहा हूँ कि छोटी बच्ची अब जवान हो गई है.

पहले तो बड़ा नाटक कर रही थी, फिर बड़े मुश्किल से बताया हरामिन ने कि अपने बुआ के लड़के से फंसी थी।‘तो घर का आदमी ही मेरी मिठाई जूठी कर गया?’निभा ने ‘हाँ’ में सिर हिलाया।मैंने सोचा कि जब मादरचोदी. ऐसे घबराओगे तो सब को शक हो जाएगा। जैसा रेहान जी कह रहे हैं करो ओके…!साहिल- ये क्या काना-फूसी हो रही है?अन्ना- कुछ नहीं जी हम सब समझ गया हिरोइन चेंज होना जी. मेरी बुर बहुत प्यासी है इसकी आग ऐसे शान्त नहीं होगी।उन्होंने अपनी रफ्तार और बढ़ा दी और जोर-जोर से लौड़े को अन्दर-बाहर करने के साथ ही अपने लंड को मेरी प्यासी चूत में धकेलने लगे और मैं चिल्लाने लगी- हाँ.

बाएं हाथ से मेरी चूची को मसलते हुए पूछा- अब कैसा लग रहा है? अगर तुम कहती हो तो मैं निकाल लेता हूँ नहीं तो जब कहोगी तभी आगे सजा दूंगा. मेरी बहन के साथ के तो रोज देखती हो।मैं डर गई। राहुल ने मेरे वक्ष पकड़ लिए और दबाने लगा, मैं उसे मना ही नहीं कर पाई।फिर राहुल ने मेरी टी-शर्ट उतार दी और मेरे वक्ष दबाने लगा, मैं राहुल से लिपट गई।यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !फिर मैंने कहा- राहुल. वो उस कोने में ताला-चाभी रखी है, अगर मेरे आने से पहले तुम लोग निकलना चाहो तो वो जो कोचिंग के पास अमर की पान की दुकान है.

भगवान ने मुझे सब कुछ दिया नाम, पैसा, दौलत लेकिन अच्छा पति नहीं! मुझे बहुत तमन्ना है कि मुझे भी एक बच्चा होता!और वह रोने लगी.

तो दोस्तो, कैसी लगी मेरी और मेरी वैदेही की चुदाई कथा? मुझे तो खूब मजा आया अपनी गर्लफ्रेंड को चोद कर!आप अपने सुझाव मुझे अपने मेल में जरूर लिखें. मम्मी के पूछने पर आंटी ने बताया कि वो उनकी बेटी है…पूजा!हमारी कहानी की कट्टो!पूजा 18 साल की कमसिन जवान लड़की थी, वो ‘बी सी ए’ प्रथम वर्ष में थी.

एक्स बीएफ देसी बीएफ फच’ की आवाज आ रही थी और वो मुझे जोर-जोर से अपने मुँह में मुँह डाल कर चूस रही थी।मुझे तो अभी झड़ने में कुछ वक़्त था, तो मैंने अपनी स्पीड बढ़ाते हुए उसके पाँव अपने कंधे पर लेकर अपनी स्पीड बढ़ाते हुए फिर चोदने लगा।अब वो भी फिर से तैयार हो गई थी और उसे काफी मजा आ रहा था। शायद मेरी स्पीड के साथ वो भी अपनी गांड उठाने कर स्पीड बढ़ा रही थी और फिर मैं झड़ने ही वाला था।मैंने उससे पूछा- कहाँ. देखता हूँ मुझसे जो भी हो सकता है।मैडम तो कुछ ज्यादा ही तेज़ थीं, वो तो बाहर ही खड़ी थीं।मैंने खुद को और उसे दोनों को गाली देते हुए दरवाज़ा खोला।वो एक टी-शर्ट और जींस में दिखी। उसे देख कर तो नहीं लग रहा था कि कहीं दर्द होगा, पर उसे वाकयी दिक्कत थी।मैंने उसे अन्दर बुलाया और बिठाया, तो बोली- जल्दी से थोड़ी मालिश कर दो.

एक्स बीएफ देसी बीएफ मैं उसकी बुर को छोड़ फिर उसकी चूची को अपने सीने से दबाया और पूछा- अपनी चूत चुदवाओगी?मोनिका ने कहा- हाँ. बहुत जानदार है चाचाजी आपका… मैं जानती थी… यही एक लंड है जो मेरी चूत की अगन ठंडी कर सकता है… चोद डालिये चचाजी… चोदिये आपकी बहू को.

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मैंने सोचा।उसका नाम सुनील था। निभा ने उसे सब बता दिया था कि समर को सब पता चल गया है।दोनों आज साथ में उसे चोदेंगे, यह भी बता दिया था।‘हाय. अब तो मेरा भी दिमाग ख़राब हो रहा था, जब भाभी उससे चुद सकती है तो मुझसे क्यूँ नहीं? अब भाभी को दूसरी नजरों से देखने लगा और मेरा दोस्त साला रोज रात की कहानियाँ बताया करता था. पहली बार उनको हँसते हुए देख रहा था, बहुत अच्छा लगा। फिर वो मुझे अपने कमरे में ले गईं।कहानी जारी रहेगी।आपके विचारों को मुझे अवश्य मेल करें।[emailprotected].

मैंने वहीं पैन्ट की चैन खोली और चालू हो गया।आंटी मेरे लंड को देख रही थी और वो बोली- इसकी साइज़ क्या है?मैं बोला- खुद ही नाप लो. ह्ह्ह्ह्ह्म और अन्दर !करीब 30 मिनट के इस खेल के साथ विजय 10-12 जोरदार धक्कों के साथ शांत हो गया और उसके ऊपर ही हाँफता रहा, फ़िर अलगहुआ।जब उससे अलग हुआ तो उसकी योनि से विजय का वीर्य बह निकला, जिसे बाद में उसने साफ़ किया और पजामा पहन लिया। अब हम वापस आने लगे।कहानी जारी रहेगी।मुझे आप अपने विचार यहाँ मेल करें।[emailprotected]. आधे घंटे तक हम लोग एक-दूसरे को चोदते और चूमते रहे, मेरे लण्ड का पानी दूसरी बार फिर निकल गया और मैं भी थक कर नशे मेंचूर हो चुका था।मैंने चूमते-काटते उसका पूरा बदन लाल कर दिया था।उसके बाद हम लोगों ने कई बार चुदाई की.

नमस्कार मित्रो, आप सभी ने मेरी पहली कहानी पढ़ी होगी ‘पहला आनन्दमयी एहसास’ इसलिए अपना परिचय मुझे नहीं देना पड़ेगा.

उम्म’ मैं सिर्फ़ चुदाई के दर्द को बयान कर रही थी।ऐसा बड़ा लंड अपनी चूत में कोहराम मचा रहा था, मेरे आनन्द की कोई सीमा नहीं थी, मैं मस्त हो कर अब उसका साथ दे रही थी। करीब 5-6 मिनट ऐसा चलता रहा।फिर ‘आआअहह. मैंने कस कर उसकी चूत को मसल दिया तो ऋज़ू- अह्ह्हा…आआआ… मेरी चूत भी तेरे लौड़े को पूरा खा जाएगी।उसकी भाषा हर तरह की लगाम छोड़ती दिख रही थी. इसीलिए मुझे ऑटो से आना-जाना पड़ता था, लेकिन अब यह सही हो गई है तो अब बाइक पर ही आऊँगा।तो उन्होंने कहा- चलो मतलब.

!मैंने गति बढ़ा दी, लण्ड गाण्ड की पूरी गहराई तक जा रहा था, भाभी लम्बी लम्बी साँसें ले रही थीं, मैंने अपने होंठ भाभी के होंठों पर गड़ा दिए।करीब 20 मिनट की ताबड़तोड़ चुदाई के बाद मैंने भाभी की गाण्ड को फिर वीर्य से भर दिया। अब शरीर की हालत पतली हो चुकी थी, पता ही नहीं चला कि हमें कब नींद आ गई।जब सुबह मैं उठा तो भाभी मेरे लिए चाय लेकर आईं, कहने लगीं- रात की चुदाई से कमर और गाण्ड में बहुत दर्द है. पर उसने बताया कि बड़ा मजा आ रहा है और अब मैं लंड को कतई बाहर ना निकालूँ।अब मैंने फिर जोर देना शुरू किया और लंड आहिस्ता-आहिस्ता घुसने लगा, आधे से ज्यादा घुस चुका था।अचानक मुझे लगा कि अन्दर चूत में कोई दीवार सी है जो अब लंड को अन्दर घुसने से रोक रही है।‘ओहह्ह…कौमार्यझिल्ली…’ मैंने मन में कहा।‘रिंकी थोड़ा सा यह झटका सह लेना बस. आज तो रीटा किसी भी पहलवान के लौड़े को अपनी चूत की नींबू नीचौड़नी में निचौड़ कर लौड़े का रस्सा बना सकती थी.

हाँ लगभग चीकू या अमरुद जितने तो होंगे !’‘ठीक ही तो हैं !’‘नहीं सर, वो सुहाना है ना? उसके तो बहुत बड़े हैं !’‘कौन सुहाना?’‘वो मेरे साथ पढ़ती है !’‘हम्म. फर्स्ट-टाइम सबको पेन होता है, इट्स नॉर्मल, बट हमें इस पेन को पार करके ही आगे जाना है और ज़िंदगी के मज़े लेने हैं, सो दर्द को भूल जाओ और ट्राइ टू एंजाय.

ठीक है पर एक शर्त है और ये सिर्फ़ तुम पर निर्भर करता है अगर तुम मना करो तो कोई बात नहीं तुम घर जा सकती हो।सीमा कुछ कुछ इशारा तो समझ गई थी पर फिर भी उसने पूछा- जी सर बोलिए. इसको चूसेगी? सुना है बहुत मजा आता है?अनु ने कहा- किसने कहा?मोनिका- दीदी ने!मैंने कहा- तुम्हारी दीदी तुम्हें ये सब बातें बताती है?मोनिका ने मेरे लंड को मुँह में लिया और थोड़ा चूसते हुए कहा- और नहीं तो क्या? वो मुझे अपनी चुदाई की सब बातें बताती है. मैं- और कंट को?मैम- चूत…मैं- और लंड को?मैम- लंड को लंड ही कहते हैं।मैं- मैम वैसे एक बात बताऊँ?मैम- क्या?मैं- अगर आपको याद होगा.

मैं उसकी तरफ़ देख कर मुस्कराया और उसका हाथ पकड़ कर टब में खींचते हुये कहा- तो शरमा क्यों रही हो फ़िर?वो भी मेरे ऊपर लेटते हुये बोली- हमें किस की शर्म!वो मेरे ऊपर लेट गई, उसके लेटते ही बहुत सारा पानी टब के बाहर गिरा और हम दोनों आपस में फ़िर से चिपक गये.

मैंने नशे में बंद होती आँखों से देखा तो उनकी उंगलियाँ सलोनी की शर्ट के नीचे उसकी चूत के ऊपर थी।अंकल- बेटा ध्यान रखना अपनी इतनी चिकनी सड़क का. हम तीनों बिना कपड़ों के थे, मैंने दोनों को अपनी बाहों में लेकर लिटा लिया और बोला- लंड को सहलाओ यार अब. उसकी इस हरकत से मैं थोड़ा घबराई, लेकिन फिर हिम्मत बांध कर लण्ड महाराज को हाथ से पकड़ा, ऊपर का मांस पीछे सरका कर सुपारे को बाहर निकाला और उसे अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू किया.

चिकनी पारो चुच्चे पटवाती हुई अपनी जांघों में बहादुर के खडे लण्ड को रगड़ती और बहादुर के खम्बे से लम्बे लण्ड को हसरत भरी निगाहों से देख बोली- सीऽऽऽ! तुम्हारा बादशाह तो बहुत शरारती है, जरा जल्दी आना मेरे राजाऽऽऽ! तुम्हारे बादशाह ने तो मेरी बेगम का दिल मोह लिया है. लेकिन शादी के इतने साल बाद भी?आंटी दु:खी हो कर बोलीं- कुछ और बात करें लव?तो मैंने कहा- ठीक है अगर आप अपने दोस्त के साथ शेयर नहीं करना चाहती हैं तो हम कुछ और ही बात करते हैं।आंटी ने कहा- ऐसी कोई बात नहीं.

!पर मैं कहाँ मानने वाला था, मैंने उसके चुचूक को अपने मुँह में लेकर एक और धक्का लगा दिया और मेरा आधा लण्ड उसकी चूत में चला गया। उसकी आँखों से आँसू निकलने लगे और वो कहने लगी- मुझे छोड़ दो. यह सब करते हुए मेरा डर गायब हो चुका था और मुझे यकीन था कि अब सुपरिंटेंडेंट शायद पट जाएगा…फिर मैंने पैंटी ऊपर कर ली और सर को पर्चियाँ उनके हाथ में रखने लगी…मुझे यकीन था कि वो मुझे अब छोड़ देगा…लेकिन !सर- तुम यहाँ रूको, मैं यह चिट्स लेकर ऑफ़िस जा रहा हूँ, तुम्हारे ऊपर चीटिंग केस बनाएँगे…मैं- नहीं सर, प्लीज. मैंने करहाते हुए अन्नू से पूछा- माल पीना है या डाल दूँ चूत में ही?अन्नू ने भी दर्द भरे स्वर में कहा- मुझे पीना है.

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मैं उठा, उसे अपनी बाहों में भर लिया और उठा कर बैड के नीचे ले जाकर दीवार से चिपका दिया और उसके होंठों पर किस करने लगा.

सम्पादक – इमरानसुबह की हल्की रोशनी चारों और फैलनी शुरू हो गई थी, मुझे काफ़ी थकान महसूस होने लगी थी… सब कुछ बहुत अच्छा हुआ था मगर बस मुझे यह पुलिस वाला मामला बिल्कुल पसंद नहीं आया था।गाड़ी चलाते हुए मैं किसी तरह अपने कॉलोनी तक पहुंचा …थैंक गॉड, अब कुछ नया नहीं हुआ था, वहाँ भी कोई नहीं था।बाहर की ओर अमित की गाड़ी भी खड़ी थी, इसका मतलब अभी तक जनाब मेरे फ्लैट में ही थे. तभी दीदी बोली- अरे विकी, नमस्ते करो भाई साहब को !मैंने नमस्ते की और उस आदमी को शक भरी नज़र से देखने लगा. मेरी तरफ से अलग से…मैं उनकी बात मान कर बोली- आज तो आप भी मुझे खुश कर दिया है, इस लिए मैं ये पैसे नहीं लूँगी।फिर राज ने जबरन मुझे रूपए दे दिए और अगले दिन आने के लिए कहा फिर वे बाथरूम में चले गए।तब तक मैं कपड़े पहन तैयार हो गई।राज बाथरूम से निकले और तैयार हुए फिर उन्होंने सुनील को फ़ोन लगा कर बोला- यार कहाँ चले गए.

एक सुबह मैंने देखा कि भाभी जब दूध लेने दूध वाले के पास आईं, तो उसके सामने अपनी चूत को खुजलाईं, दूध वाला भी बड़ी गहरी नज़रों से भाभी को चूत खुजलाते देख रहा था, मुझे एक झटका सा लगा, मैं जान गया कि मुझे कुछ करना पड़ेगा, वरना घर की इज़्ज़त जाने वाली है. अब क्या करूँ?पर मैं मन ही मन उसको गाली दे रहा था और वो जाने का नाम नहीं ले रहा था।करीब 15 मिनट तक वो खड़ा रहा, पर मैंने दरवाजा नहीं खोला और आखिरकार वो चला गया।उसके जाने के बाद मैंने कुसुम को बोला- चलो कपड़े उतारो. खतरनाक बीएफ बीएफएकदम पागल है, कभी भी नहीं सोचते कि घर में एक जवान बेटी है, कुछ तो शर्म करनी चाहिए।उसने झकझोर कर रणजीत को उठाया, जैसे ही झकझोरा कि उसने उसे खींच लिया और एक चुम्बन दे दिया।ममता- यह क्या है.

प्लीज़ मुझे ऐसे क्यों बाँध रखा है… आपने जो कहा वो मैंने किया, प्लीज़… अब ये क्या कर रहे हैं आप? प्लीज़ मुझे छोड़ दीजिए…!मुझे रोना आ रहा था।ससुर जी- चल बहू, तू जल्दी कर रही है तो ठीक है, बस आधा घंटा और इस तरह रहना है तुझे!उन्होंने अपना बैग उठाया और 10 इंच लंबा वाला लाल रंग का बाईब्रेटर निकाला और उसमें सेल डालने लगे। मुझे तो पहले से इसी बात का शक था।मैं सोचने लगी- इसको अब वो मेरे अन्दर…! हाय अल्लाह. पर ऊपर से ही।मैंने कहा- जैसी आप की मर्ज़ी।मैंने मालिश शुरू कर दी, अब धीरे-धीरे उसका बदन अकड़ने लगा और उस पर मस्ती सी छाने लगी।मेरा भी बुरा हाल हो रहा था। अब वो पलट गई और बोली- अब पूरे बदन की अकड़न मिटा दो आज.

मैंने इतनी शर्म पहले कभी महसूस नहीं की, मैंने देखा कि अंकुर और दीपक टकटकी लगाए बड़े गौर से मुझे देख रहे थे. अनिल मुझे बहुत दर्द हो रहा है।मैं अपने मन में कह रही थी कि जो भी हो रहा है, सही हो रहा है क्योंकि उसने मुझे उल्लू बनाया था।दोनों ने करीब आधे घंटे तक ये सब किया।अब मैं भी खड़े-खड़े थक गई थी तो मैं भी अब निकलने की सोच कर वहाँ से चली आई।ठीक है जो भी हुआ उसमें मुझे क्या. मैंने अभी अपनी जीभ दो-चार बार ही अन्दर-बाहर की थी कि उसने अपने हाथों से मेरे सिर को पकड़ कर अपनी चूत पर दबाव बढ़ाया और अपने चूतड़ उठा-उठा कर अपनी चूत को मेरे मुँह पर रगड़ने लगी और इसी दौरान उसका शरीर बुरी तरह से अकड़ा जिसके कारण वो अपने सिर को इधर-उधर पटकने लगी, फ़िर एकदम से उसके अन्दर का ज्वालामुखी फ़ूट पड़ा.

पुच्च पुच की लम्बी लम्बी गीली गीली आवाजों से और गीली फुद्दी की रगड़ से लण्ड का ठरक बुलंदियों पर पहुंच गया. तो यहाँ क्या करोगे?वो बातें कर रही थी और मैं कमीना उनके वक्ष पर नज़र गड़ाए बैठा था !मैंने कहा- बस किसी कॉलेज मैं कुछ लेक्चरर बनने की सोच रहा हूँ. कितने बड़े हैं?’‘कैसे बताऊँ?’‘अपने मुँह से ही बता दो?’ मैं अपनी हंसी नहीं रोक पाया।‘मैं 28 नंबर की ब्रा पहनती हूँ पर वो भी ढीली रहती है।’‘ओह… ऐसे नहीं !’‘तो कैसे समझाऊं?’‘संतरे जितने हैं?’‘नहीं !’‘आम जितने?’‘नहीं !’‘तो क्या नीबू जितने हैं?’‘नहीं उससे तो थोड़े बड़े ही लगते हैं.

’ रूम सर्विस वेटर को डिस्टर्ब न करने की हिदायत मैंने दे दी।उसके तुरंत बाद मैंने उसे अपने आगोश में ले लिया।मैंने कहा- साल भर से तुम पर मेरी निगाह थी, अब बाँहों में आई हो। आज तो तुम्हारी बेदर्दी से चुदाई करूँगा।सुनन्दा बोली- मैं भी दो साल से प्यासी हूँ, क्योंकि दो साल पहले मेरा पति से तलाक हो गया था।मैंने कहा- ओह.

हो गए। इनका बॉस एक बहुत ही खूबसूरत 6 फुट का जवान था। उसकी उम्र करीब 26-27 ही होगी। मैं भी 28 की थी। सी. तब तक मैं अपने थोड़े काम कर लेती हूँ।उनका बेटा उनके कमरे में ही सो गया था, थोड़े समय बाद मौसी कमरे में आई, उन्होंने साड़ी उतार कर अपना वही वाला गाउन पहन लिया था और आकर वो मेरे पास बैठ गईं।मौसी- और सुना.

आई लव यू!और वो मेरे सीने पर हाथ रख कर सहलाने लगे। अब मेरे से भी बर्दाश्त नहीं हो रहा था।तो मैंने कहा- भैया… आई लव यू टू!तो भैया ने कहा- डर कैसा! जब हम किसी को कुछ बताएँगे ही नहीं, तो किसी को कुछ पता कैसे चलेगा?मैंने भाई से लिपट कर कहा- हाँ भाई. सब ठीक है, मेरी तबियत कुछ ठीक नहीं है, मैं आपसे बाद में बात करती हूँ!मुझसे बात नहीं हो पा रही थी, इसलिए ऐसा कह दिया।अताउल्ला- ठीक है. हम काफ़ी पास पास थे तो हमारी जांघें एक दूसरे को छू रही थी पर अनलाइक जॉय, राज के साथ ऐसे बैठने में मुझे अनकंफर्टबल नहीं लग रहा था।उस एक ही रात में मैं राज के काफ़ी करीब आ गई लेकिन उसके बारे में मैं तुमको बाद में बताऊंगी.

मैं कौन सा तेरे सामने कपड़े उतारने जा रही हूँ।तो मैंने कहा- चल ठीक है।उसे थोड़ा दूर करके उसकी पीठ के सारे पॉइंट्स पर धीरे-धीरे काम करना शुरू किया।उसे आराम मिलना तो तय था क्यूँकि इस काम में मेरा अनुभव अच्छा है. भाभी- और सुनाओ समीर, कोई मिली या नहीं?मैंने भाभी को अपने पेशे के बारे में कुछ भी नहीं बताया कि मैं एक जिगोलो बन गया हूँ, उनकी नज़रों में मैं अब भी एक सीधा-सादा इंजीनियरिंग का छात्र था. साली सब मोहल्ले की गाँव की औरतें तुझे सीधी समझती हैं और तू रंडी साली एक बहुत ही चुदासी औरत है। तू और तेरी चूत आह.

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!” उसने जल्दी से मैक्सी पहन ली और बैठ गई। वहाँ खड़े सब की नज़रें आरोही को घूर रही थीं, जैसे उसेअभी खा जाएँगे। सब की पैन्ट में तंबू बना हुआ था।आरोही- रेहान मैं जानती हूँ ये कोई फिल्म नहीं है। तुम सब मेरा इस्तेमाल कर रहे हो। अब बताओ ये सब क्या है मैं पहले ही समझ गई थी, पर इस कुत्ती जूही के कारण इस हरामी से चुदी हूँ। अब बताओ बात क्या है?बस दोस्तों आज यहीं तक अब आप सब को पता चल ही गया न. मुझे मजा आने लगा सहलाते सहलाते उसने अपनी अंमगुली मेरी चूत में डाल दी, मेरे मुँह से चीख निकली तो भाभी पास आई, बोली- बेटे थोड़ा आहिस्ता करो!फ़िर आदिल ने मेरी पेंटी निकाली ओर मेरी टांगों को फैलाया, मेरी चूत को जीभ से चाटने लगा. बीएफ सेक्सी मसालाफिर मैं उसे तेज तेज चोदने लगा और उसकी चूचियाँ चूसने लगा और 20 मिनट तक चोदते चोदते उसकी चूचियों को मुँह से नहीं निकाला और वो कुछ देर पहले झर गई, मैं कुछ देर बाद.

भाभी- और सुनाओ समीर, कोई मिली या नहीं?मैंने भाभी को अपने पेशे के बारे में कुछ भी नहीं बताया कि मैं एक जिगोलो बन गया हूँ, उनकी नज़रों में मैं अब भी एक सीधा-सादा इंजीनियरिंग का छात्र था.

!पर वो कहाँ मानने वाले थे? किसी गोली की तरह पहले ही झटके में उनका आधा लण्ड अन्दर जा चुका था, और फिर पूरा समा गया। वो किसी कुत्ते की तरह अपनी कमर जोर से हिलाते हुए मुझे चोद रहे थे।पसीने से तर हो चुके मनोज ने कहा- बस अब मैं झड़ जाऊँगा. कॉम पर पढ़ रहे हैं।उसके बाद मैं उन्हें बेडरूम में ले गया और दोनों ही नँगे हो गये। मैंने उनके सोये हुए बेटे को एक तरफ सरका कर उनकी खूब पेलाई की, उस टाईम तीन बार अलग-अलग तरीके से उनकी बुर मारी। उसके बाद हमे जब भी मौका मिलता, हम एक दूसरे पर हावी हो जाते।तो दोस्तो, कैसी लगी मेरी सच्ची कहानी, मुझे अपने विचार जरूर भेजें !.

ओ ओ…उसने घबरा कर मुझे छोड़ दिया और चला गया।यह घटना मैंने माला को बताई, उसने रोहित को फोन किया, रोहित ने फोन पर मुझसे और माला दोनों से माफी मांगी। उसके बाद मैंने माला से कहा- रोहित को समझा देना ! साला बड़ा कमीना है।वो बोली- भाभी, जाने दो न, अब वो ऐसा नहीं करेगा। यार भाभी तुम न… चलो छोड़ो !कहानी जारी रहेगी।. और इसे ही लंड और तेरे वाली को चूत कहते हैं।अंजलि ने कहा- अर्पित, तुम इसे मेरी चूत में डालोगे तो यह फट नहीं जाएगी?मैंने कहा- जान कुछ नहीं होगा. फिर थोड़ी देर बाद में थोड़ा नीचे सरक कर उसकी चूत तक अपना मुँह ले गया और उसकी चूत चाटने लगा। मैंने किसी लड़की की चूत पहली बार चाटी थी मुझे बहुत मजा आया…मेरा लंड एकदम कड़क हो गया था लोहे की तरह.

आज इतने उतावले क्यों हो रहे हो?’‘मेरी जान, कितने दिन से तुमने दी नहीं… इतना ज़ुल्म तो ना किया करो मेरी रानी…!’‘चलिए भी, मैंने कब रोका है, आप ही को फ़ुर्सत नहीं मिलती। राजू का कल इम्तिहान है, उसे पढ़ाना ज़रूरी था।’‘अब श्रीमती जी की इज़ाज़त हो तो आपकी बुर का उद्घाटन करूँ?’‘हाय राम.

बस’ कहती रही।हेमा ने फिर कहा- अब ऐसे ही धकेलते रहोगे या चोदोगे भी?कृपा ने उसके स्तनों को दबाते हुआ कहा- हाँ. !वाह यार इतना मज़ा आ रहा था दोस्तो, कि मैं इस अहसास को शब्दों के द्वारा बता नहीं सकता।खैर मैं उसके दूध चूसता रहा, फिर मैंने उसके दूध उसके कुर्ते से बाहर निकाले और उसकी चूचियों को दबा-दबा कर चूसने लगा।वो दर्द से चिल्लाने लगी तो मैंने डर के मारे छोड़ दिया तो बोली- अरे करो ना!तो मैंने कहा- तुम चिल्ला रही थी, मैंने सोचा दर्द हो रहा है!तो बोली- पागल… मुझे मज़ा आ रहा है. अब मैं उन सबके सामने केवल चोली में खड़ी थी, मेरी छोटी सी पारदर्शी ब्रा मेरी चूचियाँ भी ठीक से छुपा नहीं पा रहीं थी इसलिए मेरी चूचियाँ भी लगभग नंगी ही हो गई थी, मेरे गुलाबी निप्पल तो नंगे होकर साफ़ साफ़ दिखाई दे रहे थे.

लड़की कुत्ते की बीएफ वीडियोथोड़ी देर बाद उन्होंने मेरी योनि को फैला दिया और दोनों तरफ की पंखुड़ियों को सहलाते हुए कहा- ये किसी फूल की पत्ती की तरह फ़ैल गई हैं, काश इसकी झिल्ली तोड़ने का सुख मुझे मिला होता. क्या बात है?रानी मुस्कुराते हुए- रात में एक ब्लू-फिल्म देखी थी, तभी से आपका ख्याल आया और फिर आपका लंड.

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उसकी बीवी मायके में, मेरा पति शराबी, कभी घर आता, कभी नहीं, दोनों को खुली छूट मिल गई, मैं दिल ही दिल में हेमंत को चाहने लगी. रीटा ने अपने घुटनों को ऊपर उठ कर बेशर्मी से चौड़ा किया तो गजब की खूबसूरत चूत और चूत की पड़ौसन ने सारे कमरे में जैसे रौशनी सी फैला दी. पहले मैंने कुछ सावधानी बरतने की सोची, मैं कमरे से बाहर निकला और सीढ़ियों से नीचे की ओर देखा के कोई आ तो नहीं रहा, फिर मैंने सोचा के नीचे चल कर देखता हूँ कि पूजा क्या कर रही है और उसे कितना वक्त लगेगा आने में.

फिर मैंने उसको पीठ को चूमना शुरू किया और धीरे से अपने लंड का टोपा उसकी गाण्ड के छेद पर लगाया और उसके कान में कहा- तुम्हें बहुत मजा आएगा!और उसकी गाण्ड में धीरे से टोपा घुसा दिया. !अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था, मैंने उसकी चूत पर सुपारा रख कर रगड़ने लगा और वो जोर-जोर से चिल्लाने लगी और कहने लगी- अब बस. मैंने देखा भाभी का बदन अकड़ने लगा है… पैर सिकोड़ कर लंड को कस रही थी और मेरे कंधे पर दांतों से काटने लगी… नाख़ून मेरे पीठ को नोच रहे है…‘यह क्या किया.

अब आगे का काम बाकी थामैंने रात भर पूरे घर का जायज़ा लिया लेकिन मुझे ऐसे कोई जगह नहीं मिली जहाँ से मैं उन दोनों को देख सकूँ। यह सब मैंने कहानियों में पढ़ा था. ये मुझे बहुत परेशान करती है!मैं उसकी चूत को 20 मिनट तक चोदता रहा, तभी उसका बदन अकड़ने लगा और उसने तेजी की साथ अपना पानी छोड़ दिया। लेकिन मेरा अभी नहीं हुआ था इसलिए उसको डॉगी-स्टाइल में किया और उसकी गांड में अपने लण्ड को पेल दिया।स्नेहा मुझे मना करती रही- सर नहीं… दर्द हो रहा है.

हँसते हुए नीचे चला गया। शायद समझ भी गया हो। पर मुझे क्या अब प्यार किया तो डरना क्या।उसके बाद मैं हर वक़्त उसे देखने के चक्कर में लगा रहता… दो दिन बाद मुझे वो मौका मिल ही गया जिसका मैं इंतज़ार कर रहा था.

मेरी चूत में अपना मूसल डालो और इस चूत की आग को शान्त करो।मैंने देर न करते हुए अपना लंड उनकी चूत पर रख दिया, पर अन्दर नहीं जा रहा था। जबकि शादी हुए तीन साल हो गए थे और वो एक कच्ची कलीकी तरह थी। मैंने धीरे-धीरे लंड को चूत में पेल रहा था, पर उसकी आखें बंद हो गई थीं।मैंने एक धक्का लगाया तो आधा लंड चूत में चला गया, वो जोर से चिल्लाई ‘आ. छोटा छोटा लड़की का बीएफउत्तेजित होने के बाद रिया को बहुत ही जल्दी थी इसलिए वह बिना प्रतीक्षा करे मेरे ऊपर चढ़ कर बैठ गई और मेरा लंड अपनी चूत में डाल कर उछल उछल कर चुदना शुरू कर दिया. बीएफ सेक्सी एक्स एक्स एक्स वीडियो बीएफफिर भी मैंने खुद से कहा कि सोनिया मुझे जो भी कहेगी मैं उसे करूँगी क्योंकि मैं हार तो चुकी हूँ और अब यह नहीं चाहती कि सब मुझे डरपोक या वादा फ़रामोश कह कर बुलाएँ. वहीं जाकर मिल लो!मैं कमरे में गया तो भाभी को आवाज़ लगाई, भाभी नहा रही थीं, भाभी ने नहाते हुए अन्दर से कहा- आज सुबह-सुबह क्या काम आ पड़ा?मैंने कहा- भाभी चॉकलेट देने आया हूँ।फ़िर भाभी ने कहा- तुम शिव (भाभी का लड़का) के साथ खेलो, मैं अभी नहा कर आती हूँ।मैं शिव के साथ खेल रहा था, तभी वो रोने लगा। मैंने बहुत कोशिश कि लेकिन वो चुप नहीं हुआ तो भाभी ने कहा- उसे भूख लगी होगी इसलिए रो रहा होगा.

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मैं आप सब को अपना थोड़ा सा परिचय दे दूं। मैं 21 साल का एक ठीक ठाक दिखने वाला लड़का हूँ। मैं ऊपर वाले की कृपा से बी टेक आखरी साल का छात्र हूँ।मेरी यह जो कहानी है वो दिल्ली में मेरे साथ घटी, वैसे तो मैं यू. वो भी जोर जोर से चिल्लाने लगी- हाय… आआअह्ह्ह… ओह्ह माँ! ओह जीजू, हाय रे आःह्ह्ह…मैं उसकी नंगे बदन पर लेट कर उसकी चुदाई कर रहा था. वो मेरा लंड चूसने लगी और मैं उसकी चूत, साथ में उंगली में तेल लगा कर उसकी गांड में उंगली कर रहा था क्योंकि अब गाण्ड मारनी थी.

!तो बोली- पहले बहुत दर्द हुआ, लेकिन बाद में मजा आया।फिर कुछ देर बाद हमने एक-दूसरे को चूमना चालू किया और हम फिर से तैयार हो गए। वो मना कर रही थी, लेकिन गरम थी सो मान गई और उस रात हमने 6 बार चुदाई की। सुबह वो ठीक से चल भी नहीं पा रही थी और उसकी चूत सूज गई थी।तभी माँ का कॉल आया कि वो 10 दिन बाद आएंगी. नईई वहाँ नहीईईईइ…‘नहीं डार्लिंग! मैं सही जगह डालूँगा!’ और फ़िर से उन्हें झुकाया… चूतड़ और ऊपर किये ताकि चूत ऊपर हो जाए…और फ़िर. फाड़ दो मेरी चूत और समा जाओ मुझमें ! अ आह उफ़ आ आह अब आह और अ अ इंतज़ार न… नहीं हो रहा !”विनायक ने बिना देर किये मेरी दोनों टांगों को फैलाया और अपना मूसल सा लंड मेरी चूत के छेद पर टिका दिया।मैंने आने वाले पलों के एहसास को पूरी तरह महसूस करने के लिए अपनी आँखे बंद कर ली और साँसें रोक ली.

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मेरे साथ वही करना। मेरा दिल तो अब भी सेक्स करने को कर रहा है।रमेश बोला- बस कुछ दिन की बात है, मैं तुम्हारी चूत की आग को ठंडी कर दूँगा।रानी ने लम्बी आह भरी- अब तो एक-एक पल काटना मुश्किल हो रहा है।रमेश ने कहा- रानी, तुमने कभी लंड चूत में तो नहीं लिया?तो रानी ने कहा- नहीं. थोड़ी देर उसके होंठ पीने के बाद मैंने अपनी जीभ उसके मुँह में डाल दी, उसने भी स्वागत में अपने जीभ को मेरे जीभ से लगा दिया और हम एक दूसरे को और जोश से चूमने लगे।हमें अपने चूमने के आवेश का पता तब चला जब हमने अपने मुँह में रक्त का सा स्वाद महसूस किया. अमर भी झड़ने के समय मुझे पूरी ताकत लगा कर पकड़ रखा थे और धक्के इतनी जोर देता कि मुझे लगता कि कहीं मेरी योनि सच में न फट जाए.

सो वो आराम करने के लिए हॉस्टल में चली गई।हॉस्टल में उसके अलावा कोई नहीं था, उसने अपने सारे कपड़े उतार लिए और कमरे में बिल्कुल नंगी दर्पण के सामने खड़ी होकर अपने आपको देखा।क्या बला की खूबसूरत थी।फिर वो नीचे देखा.

साली।’मैं भी उनकी बातों से गर्म होकर उनके धक्कों का साथ देते हुए अपनी गाण्ड को ऊपर उठाए जा रही थी।फिर ‘रत्ना.

पूरी रात हम एक दूसरे को प्यार करते रहे…और अब जब भी हमें मौका मिलता है तो हम खूब एन्जॉय करते हैं…कभी कभी तो हम अब होटल में रूम लेकर एक दूसरे के साथ वक़्त बिताते हैं…आज हम दोनों के प्यार को 5 साल होने को हैं लेकिन न हम दोनों के बीच कभी लड़ाई हुई है न कोई कहासुनी !सच दोस्तो, बचपन का प्यार अगर साथ हो तो और क्या चाहिए. यह सुन कर बहन नाराज़ सी हो गई और बोली- तुम तो हर रोज यही बोलते हो और हफ्ते में 2-3 दिन ही मुझे खुश करते हो. नौकरानी की बीएफ पिक्चर!मैंने उसकी चूत के छेद पर लंड रखा और आराम से लंड डालने लगा। ‘अहह’ की आवाज़ के साथ मेरा मोटा टोपा अन्दर चला गया और वो चिल्लाने लगी- विक्की दर्द हो रहा है!मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और तेज़ का झटका मारा, मेरा पूरा लंड अन्दर चला गया वो चिल्ला भी नहीं पाई।सच में बहुत कसी हुई चूत थी।थोड़ी देर रुकने के बाद वो नीचे से ऊपर को होने लगी। मैंने उसकी टाँगे फैलाईं और झटके मारने लगा।‘अहह.

निखिल- तो बुआ कल की रात आपको कैसी लगी?रजनी इस पर शरमा गई और कोई जवाब नहीं दिया।निखिल- अब बस करो यार, अब इतना शर्माने की क्या जरूरत है प्लीज बताओ ना?रजनी- तू भी ना. ‘उफ्फ… बड़े वो हैं आप!’ रेणुका ने लजाते हुए कहा और फिर वापस मुझसे लिपट गई।‘हाय… वो मतलब… जरा हमें भी तो बताइए कि हम कैसे हैं. थोड़ी देर के बाद पूजा ने मुझे संभलने तक का मौका ना देते हुए अपनी चूत का सारा पानी मेरे मुँह पर झाड़ दिया.

?मैं बोला- तुम मुझे विकास नहीं, जानू बोलो और आप नहीं तुम कह कर बुलाओ…वो बहुत खुश हो गई और बोली- ठीक है मेरे जानू…तुम बहुत अच्छे हो, आई लव यू।फिर मैं बोला- अच्छी तो तुम हो…मेरा भी सब कुछ तुम्हारा है… आई लव यू टू !फिर मैंने भी अपने बाकी के सारे कपड़े उतार दिए…मेरा लिंग उसकी योनि को स्पर्श रहा था…उसने मेरा लिंग अपने कोमल हाथों में लिया और बोली- इसने आपको बहुत तड़पाया है ना. ऊपर से रीटा नेलपालिश की टचिंग करती हुई अश्लील गाना गाने लगी- हाय जागी बदन में ज्वाला, सईयाँ तूने ये क्या कर डाला!रीटा की चूत का चीरा एकदम चकुंदर सा सुर्ख और झिलमिला रहा था.

आज तुम मेरे बेबी हो, पी लो!और मैं उनका दूध पीने लगा। मेरा लिंग उनके हाथ में था और मेरा मुँह उनके मम्मे में था।वो बोली- अबे एक मम्मे से क्या दुश्मनी है दोनों को पियो.

चाची ने मेरी पैन्ट को नीचे कर दिया अब मैं सिर्फ अन्डरवीयर मैं चाची के सामने खड़ा था पर अब मेरी बारी थी चाची के कपड़े उतारने की!तो मैंने चाची के ऊपरी वस्त्र उतारने लगा तो मैं थोड़ा डर रहा था, मैंने धीरे से उसके स्तन पर हाथ रख दिया तो उसने मेरे दोनों हाथों को अपने हाथों से दबा दिया, मैंने उसका ऊपरी वस्त्र निकाल फेंका. इधर मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए थे और सिर्फ अंडरवियर में था। उसने अपनी पजामी भी उतार दी और अपने दोनों हाथों से अपने स्तनों को ढक कर मेरी तरफ मुड़ गई. मैं नहीं जानता मेरे लंड ने उसकी गांड के अन्दर कितना वीर्य छोड़ा पर उसकी पूरी गांड भर गई, जिसके साथ-साथ उसने भी अपनी चूत का पानी छोड़ दिया.

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भतीजे के लाड़ दुलार चल रहे हैं, उसे मलाई खिलाई जा रही है, चलो अच्छा हुआ, मैं भी कहूँ कि ये कहाँ का न्याय है कि बहू पे इतनी मुहब्बत जता रहे हो और बेचारे भतीजे को सूखा सूखा छोड़ दिया कल रात !’ चाची की आवाज आई।कहानी चलती रहेगी।2873. !कह कर मैं घर आ गई। देर रात तक मैं सो नहीं पाई, उसी के ख़यालों में थी। पति देव खर्राटे लेते सोते रहे।सुबह पति के ऑफिस जाते ही मैं सबसे पहले अमित के घर पहुँची, जाते ही मैंने उससे पूछा- बेबी, बुखार अब कितना है?‘ओह. उस समय मुझे ऐसा लगा मानो भैया स्वयं कामदेवता बन कर मेरी चूत को चाट रहा हो और वे मेरी नस-नस में कामसुधा-रस भर रहा था।मेरी चूत के होंठ चुदास की प्रबलता से कांपने लगे थे, मैं भैया से लगभग भीख माँगते हुए बोली- प्लीज़ भैया.

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मुझे खड़े हुए अभी कुछ ही देर हुई थी कि मुझे वो आती हुई दिखाई दी, उसने आज भी साड़ी पहनी थी और बिना बाहों का गहरे रंग का ब्लाऊज पहना था जिसमें मुझे उसकी चूचियों की गोलाई का साफ़ पता चल रहा था. फ़िर मैंने अपने हाथ उसकी कमर को लपेटे और उसे अपनी बाँहो में उठा लिया और बैड की तरफ़ बढ़ने लगा, पर हमने होंठों का रसपान जारी रखा, जो हमने तभी छोड़ा जब मैंने उसे बैड पर लेटाया. आंटी- तो इतनी सी बात के लिए झिझक क्यों रहे हो बेटा, इसे अपना ही घर समझो, जाओ रसोई में फ़्रिज रखा है वहाँ से पी लो.

फिर उसने मेरा लंड चूसना शुरु किया, वो मेरे लंड को गपागप चूस रही थी और मेरे मुँह से कामुक आवाज़ें निकल रही थीं… आअह्ह्ह ओह्ह्हा आह्ह और चूस मेरी जान मेरे लंड को पूरा मुँह में ले. मैंने उससे पूछा- नीलू, मेरा होने वाला है, कहाँ निकालू?वो बोली- मेरा यह पहला प्रेम है, मेरे अन्दर ही डालना.

मैंने उसे चूम कर ‘आई लव यू माय वाइफ’ कहा तो उसने भी ‘आई लव यू टू माय हसबंड’ कहा और उसके बाद में उसे उसके घर छोड़ने निकाल पड़ा.

वो हैरानी से मुझे देख कर बोली- प्लीज कर लो! मेरे लिए ही नहीं तो वो सब तो कह देगी, मैं बदनाम हो जाऊँगी. आह…’काशीरा ने लंड मुँह से निकाला तो मैंने उसे मुँह में ले लिया। फ़िर मुँह खोल कर पूरा लंड निगलने की कोशिश करने लगा।‘यह आपका भतीजा भी कम नहीं है चचाजी, देखिये कैसे लंड निगलने की कोशिश कर रहा है। इमरान मेरे सैंया, इतना बड़ा लंड चूसना तेरे बस की बात नहीं है।’ काशीरा ने ताना मारा।चचाजी कमर उचका रहे थे, मेरे मुँह में लंड पेलने की कोशिश कर रहे थे ‘अरे चूसने दे बहू, बहुत अच्छा चूसता है ये छोकरा. और क्या सोचेगा मेरे बारे में… और यहाँ सभी को जानता है वो… अगर उसको बुरा लग जाता तो?राम अंकल- ओह… अरे सॉरी यार.

मैंने सोचा कि इससे पूछ लेता हूँ कि फिर कब मिलोगी?लेकिन जो उसने बोला उसे सुनकर तो मुझे यकीन ही नहीं हुआ. कुछ भी तो नहीं…!तभी मैं और सोनू रसोई में गए।मैंने सोनू से मज़ाक में कहा- तुम्हारी ब्रा-पैन्टी से वो मज़े ले रहा था और तुम्हारे निप्पलों को भी देखे जा रहा था।वो शर्मा गई और मुस्कुरा दी, उसकी हँसी में एक सेक्सी अंदाज़ था, जिसे देख कर मेरे दिमाग़ में एक ख्याल आया ‘क्यों ना आज इसकी दूसरे लंड की चाहत को पूरा किया जाए. उसने कहा- नहीं, इतने सालों तक मैं तुम्हें याद करती रही, तुम हो ही इतने स्वीट! तुम्हारी इच्छा के लिए इतना दर्द तो सह लूँगी और दर्द तो थोड़ी देर ही होगा फिर तो मजा आएगा न.

घर जा नहा ले या बुलाऊँ तेरे पापा को!मेरा मुँह उतर गया और मैं तो चुपचाप चल दिया वहाँ से!फिर उसके बाद तो मैंने नज़रें भी नहीं मिलाईं उससे।तब से अब तक जून का महीना आ गया।मेरी जब छुट्टियाँ शुरू हुईं तो वो बोली- सैम, छुट्टियाँ शुरू हो गईं?मैंने बोला- हाँ जी!बोली- क्या करते हो सारा दिन घर पर?मैंने कहा- कुछ नहीं।तो बोली- अच्छा.

एक्स बीएफ देसी बीएफ: फिर मेरे नोट्स भी तो बनाने हैं।” प्रिया ने मुझसे अलग होते हुए कहा और मेरी तरफ देख कर हंसने लगी…मैं कुर्सी से खड़ा हुआ और उसे अपनी तरफ खींच कर गले से लगा लिया। वो कसमसा कर मुझसे छूटने लगी और इस खींचातानी में मेरे हाथों में फिर से उसकी चूचियाँ आ गई और मैं उन्हें दबाने लगा। उसने ब्रा पहन राखी थी इसलिए चूचियाँ सख्त लग रही थीं। मैं मज़े से दबा रहा था और वो मेरे हाथ हटा रही थी…. फिर थोड़ी देर बाद में थोड़ा नीचे सरक कर उसकी चूत तक अपना मुँह ले गया और उसकी चूत चाटने लगा। मैंने किसी लड़की की चूत पहली बार चाटी थी मुझे बहुत मजा आया…मेरा लंड एकदम कड़क हो गया था लोहे की तरह.

अब मैं नहीं छोडूँगी!फिर उसने मेरे लण्ड को अपने दुपट्टे से साफ़ किया और मुँह में लेने लगी।मैंने कहा- क्या कर रही हो?उसने कहा- चुप रहो. टीटूहैलो दोस्तो, आज मैं आपको एक सच्ची घटना बताने जा रहा हूँ, जो मेरे साथ कुछ महीने पहले हुई है।मेरा नाम…! अजी छोड़िए नाम में क्या रखा हैं. तुम्हारी सभी हो गई हैं।अमित- पुचच च च पुचच च च पुचच च च पुचच च च पुचच च च… जानेमन इच्छाओं का अंत कभी नहीं होता… और मेरी तो केवल 3-4 ही हैं।सलोनी- अह्हहाआआआ 3-4… अहा… कितनी सारी तो मैंने ही पूरी की… बस्स्स्स्स्स्स ना.

कमरे में चुदती पारो की घुटी घुटी चीखों, चूड़ियों और पाजेबों की खनखनाहट, सिसकारियों और किलकारियों की कामुक आवाजें आने लगी.

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