न्यू हॉट बीएफ

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2003 की बीएफ: न्यू हॉट बीएफ, कोई पांच मिनट तक लगातार चुत चोदने के बाद हम दोनों जीजा साले ने अपनी अपनी जगह बदल ली और अब हम दोनों ही अपनी-अपनी बहनों को घोड़ी बना कर चुत में लंड डालने लगे.

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हमने समय का पता ही नहीं चला।जल्दी से मैंने कपड़े पहने और आते समय मैंने मैम और नाज़िमा को किस किया. बंगाल वाला सेक्सी वीडियोवो कहने लगीं- बाबू तुम तो बहुत मजा देते हो … तुम मुझे पहले क्यों नहीं मिले.

उसने बालकनी में आकर इधर उधर देखा और कोई समस्या न पाते हुए अंकल फिर से अन्दर घुस गए. जानवरों की सेक्सी पिक्चरेंमैंने कहा- बाबू … एक बार मेरे लंड को मुंह में लेकर इसको अच्छे से टाइट और गीला तो कर दो.

एक दिन भगवान ने मेरी तड़पती हुई चूत की पुकार सुन ली और मुझे मौका मिल ही गया.न्यू हॉट बीएफ: मैंने यह दिखाया उसके सामने कि जैसे मैं अपने जीवन में जिस बड़ी चीज का हकदार था, उससे वंचित रह गया उसके कारण.

मैंने उसको समझाते हुए कहा- पागल हो गया है क्या, हम लोग शादी में आये हुए हैं.अपनी पहली सेक्स कहानीबॉडी मसाज और चूत की चुदासके बाद मैं आपके लिए अपनी नयी कहानी लेकर आया हूं.

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लेकिन मैं हॉस्टल में नहीं रहना चाहती थी … क्योंकि प्रीत मुझसे मिलने पुणे आता था.मैंने जरा मूड में आकर पूछा थ, तो मालकिन फिर से सीधी होकर लेट गईं और साड़ी को नीचे लाते हुए झट से उठ कर बैठ गईं.

मैं भी अब इतना अधिक जोश में आ गया था कि आंटी की छाती पर अबीर रगड़ते रगड़ते मैंने अचानक स्वीटी आंटी के एक बूब को दबा दिया … आंटी चिहुंक उठीं. न्यू हॉट बीएफ ”इतना कहते हुए उन्होंने मेरे निप्पल को मुँह में भर लिया और चूसने लगे.

दीदी की पकौड़े सी फूली चुत को देख कर ऐसा लग रहा था कि जैसे रात भर चुत का सत्यानाश किया गया हो.

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उनकी पैन्ट और निक्कर को नीचे करके मैं उनका लंड अपने मुंह में लेकर चूसने लगी. वो परमीत के दूध मसलते हुए बड़बड़ा रही थी- साली बड़ी गर्मी है तेरे अन्दर … रूक अभी तेरी गर्मी निकालती हूँ. संदीप खाना निकालने परोसने के लिए उठ गया, इस पर पहले तो मैंने संदीप को गिफ्ट पकड़ाया और उसके कानों के पास मुँह करके ‘आई लव यू’ कहती हुई खुद रसोई की ओर भाग गई.

पूरे रूम में बस भाभी की सेक्सी सिसकारियां ही गूंज रही थीं- आह … ऊऊओहह … यश … ऊऊह्ह … जान … और जोर से … ऊऊह्ह् चोदो मुझे … ऊऊओह … मजा आ गया. बाद में फोन पर जब मैंने उसने चुदाई के पहले एक्सपीरियंस के बारे में पूछा तो वो मुझे डांटते हुए बोली- तुम तो मुझे ऊपर ही पहुंचा देते. मैंने एक हाथ को स्नेहा भाभी के चूचों पर रखा और दूसरे हाथ से उनकी कमर को प्यार से सहलाने लगा.

वो बड़े मज़े से चूत चुदवा रही थीं और ज़ोर ज़ोर से अंट-शंट बकते हुए सिसकारियां भर रही थीं. फिर चाचा ने उनकी टांगों को चौड़ी किया और चाची की चूत में लंड डाल कर हिलने लगे. यहाँ से आगे आप सोनम के द्वारा बतायी गई एक एक बात उसके अनुसार पढ़ेंगे.

आज मैं आपको अपनी दीदी की चुदाई की एक ऐसी गंदी कहानी सुनाने जा रहा हूँ, जिसे पढ़ने के बाद आप जानेंगे कि किस तरह से एक आदमी अपने एक एहसान का बदला एक रात उसके साथ चुदाई करके चुकता करता है. मैंने कहा- कुत्ता और कुतिया वाली पोज कैसी रहेगी?इतना सुनते ही वो झट से कुतिया वाली पोज में आ गयी.

पैंटी तो सिर्फ नाम की थी, उसमें से चुत की फांकें साफ साफ नुमायां हो रही थीं.

फिर मैंने उसका सिर पीछे से पकड़ कर अपना लंड उसके मुँह में दे दिया और उसके गले तक पेल दिया, जिससे उसकी आंखें फट गईं.

अंकल ने स्वीटी आंटी को गले लगाते हुए कहा- सरप्राइज!मुझे तो उन्हें देख कर मानो बहुत गुस्सा आ रहा था कि इस साले को अभी ही टपकना था. मैं दिल्ली स्टेशन से बस के जरिए पीतमपुरा आया क्योंकि मेरे अंकल ने मेरी बुकिंग पीतमपुरा के होटल में कर दी थी. मेरा वादा है कि अगर ज्योति उसके साथ दोस्ती जारी नहीं रखना चाहेगी तो वो ज्योति को परेशान नहीं कर पायेगा, अगर करेगा तो जेल में सड़ेगा.

मैंने उसके अधरों का रस पीते हुए उसकी चूत में अपनी उंगली से चोदन शुरू कर दिया. मैंने उसके एक निप्पल को अपने होंठों में भरा और खींचते हुए चूसा, तो वो मस्ती से कराहने लगी और मुझे उत्तेजित करने लगी. घंटे भर पार्क में बैठ कर बातें करने के बाद हम अपने अपने रास्ते हो लिये.

हम लोगों ने उन लड़कों की बातों को सुन कर अनसुना कर दिया और हम लोग बिना कुछ बोले, आगे बढ़ गए.

उसकी चूत के इतने करीब होने की वजह से उसकी खुशबू हमें मदहोश कर रही थी. करीब 5 या 7 मिनट के बाद एक आदमी आया और हमको मंज़ूरी का कागज देते हुए बोला- अब आप अपनी शॉप खोल सकते हो, आपका काम हो गया. ऐसा लग रहा था जैसे कोई आसमान से परी उतर कर मेरे साथ उस कूपे में बैठ गई है।उसकी काली आंखें, तीखी नाक … मुस्कुराती थी तो ऐसा लग रहा था जैसे होंठों से फूल झड़ रहे हों.

पर नौकरी की मजबूरी … उन दोनों के बीच ये तय हुआ कि हर 15 दिनों में दो रात के लिए राजन लखनऊ आया करेगा. मेरी पिछली कहानी थी:अन्तर्वासना ने मिलाया भाभी सेआज मैं आपको अपनी एक ऐसी कहानी बारे में बता रहा हूं जो आज से लगभग 5-6 साल पहले मेरे साथ घटी थी।मैंने नई-नई बैंक जॉब ज्वाइन करी थी और ट्रेनिंग लेकर कोलकाता से वापस आ रहा था। शालीमार से चलकर कुर्ला तक जाने वाली ट्रेन थी. जैसे ही उसने मेरे मुंह से ये बात सुनी उसने मेरे चूचों को पकड़ लिया.

मैं उसके लंड को मुठ्ठी में भर के आगे पीछे करने लगी, उसके लंड के मोटे सुपारे को चाटने लगी और अपने मुँह में घुसा लिया। मैं लंड चूसने की खूब शौकीन हूँ। काफी देर तक उसके लंड को चूसती रही.

मैंने जैसे ही स्नेहा भाभी के कुरते को निकाला, तो देखा कि स्नेहा ने नीले रंग की ही ब्रा पहन रखी थी. मैं उनके स्तनों में इतना खो गया था कि मुझे पता ही नहीं चला कि आंटी मेरी तरफ देख रही थीं.

न्यू हॉट बीएफ उस दिन के बाद से हर लड़की मुझसे मेरे भाई विशाल के बारे में ही पूछती रहती थी. मैंने बाहर से उनके कमरे की कुंडी लगा दी और अपने कमरे में आकर संजय के गले लग गई।संजय ने मेरा मुंह ऊपर उठाया और मेरे होंठों को चूमने लगा.

न्यू हॉट बीएफ कुछ ही धक्कों के बाद स्नेहा भाभी भी जोर जोर से अपनी गांड को पीछे करने लगी थीं. मैंने भाभी की चूचियों को अपने हाथों में भर लिया और तेजी से उसकी चूत को फाड़ने लगा.

अंकल ने अपनी कमर को धीरे धीरे आगे किया और मैंने देखा कि दीदी की चुत में उनके लंड का सुपारा घुसता चला गया.

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तो सर ने अपने लन्ड के टोपे को मेरी चूत पर लगा कर अपनी पोजीशन ली और फिर एक ही झटके में सर ने अपना पूरा लन्ड मेरी चूत में उतार दिया. फिर उसने एकदम से मेरे लंड को पकड़ा और अपने होंठों में अंदर ले लिया. फिर मैं नहाने के लिए वॉशरूम में जाने लगी तो उन्होंने कहा- रूचि बेबी, मैं भी तुम्हारे साथ चलता हूं.

पूरी तरह साफ चूत पैंटी से ढकी हुई और उसकी मांसल गुन्दाज़ जाँघें … भरे हुए चौड़े कूल्हे … गोरा बदन!मैंने झुक कर उसकी जांघों को चाट लिया. इस बीच रेखा आ गई, उसने दरवाजा बंद देखकर आवाज लगाई लेकिन हम लोग अपनी मस्ती में डूबे हुए थे कि ध्यान ही नहीं दिया. दिनचर्या कुछ ऐसी थी कि सुबह उठना, फ्रेश होकर ऑफिस और वहां से आकर सो जाना!खैर सिल्क को देखने के बाद मेरे मन में सिल्क के साथ सेक्स की इच्छा हुई.

राजन ने ममता के मांसल मम्मों को अपने हाथ से दबाना शुरू किया और एक एक करके निप्पल को दाँतों से हल्के हल्के से दबाना शुरू किया तो ममता ने भी उसका तना हुआ लंड मसलना शुरू कर दिया था.

उसकी एक मीठी सी चीख निकल गई- उई माँ मर गई … लंड है या खीरा? उम्म्ह… अहह… हय… याह…मैंने ताबड़तोड़ चुदाई करना शुरू कर दी. मैं अपने चूतड़ उठा उठा कर उनका साथ दे रही थी और उनके मुंह में ही झड़ गई. जब एक जगह हम दोनों साथ साथ हाथों में हाथ डाले घूम रहे थे, तब एक जगह पर फूल वाले की दुकान थी.

इस बात को काफी दिन हो गए और मैं भूल भी गया था और तो और … मैंने उसका नाम भी नहीं पूछा था. उसका फिगर यही 30 इंच की चूचियां, 24 इंच की पतली सी कमर और 32 इंच की थोड़ी उठी हुई गांड है. वो आगे बोली- क्या तुमको मुझे देख कर मेरे फिगर का अंदाजा नहीं हुआ था?मैंने समझ तो लिया था कि प्रीति आज मुझे किस तरफ ले जाना चाह रही है, मगर मैंने उससे ज्यादा कुछ नहीं कहा.

कुछ देर बाद दोनों का पानी धीरे धीरे रिसने लगा और पूरा रूम गूंज रहा था फच फच फच की आवाज से! मैं लगातार जोर जोर से चोदने लगा. 10 मिनट बाद जब वो नार्मल हुई तो मैंने चुदाई चालू की और 15 मिनट बाद पूरा माल भाभी की चूत में डाल कर उसके ऊपर लेट गया।फिर वो मुझे हटने के लिए बोली.

आपने मेरी शैदाई बन चुकी गीत की कलम से इस सेक्स कहानी के पिछले भाग में पढ़ रहे थे. यह एक बढ़िया होटल था कनाट प्लेस के बहुत पास और उसकी बुकिंग मैंने अलग से करवा के रखी थी. मैं एक दिन फेसबुक पर कुछ देख रहा था कि तभी अचानक एक फ्रेंड रिक्वेस्ट आई.

तभी मेरे दोस्त ने मुझे हाथ पकड़ कर हिलाया और कहा- ओए किधर है?उसके झंझकोरने से मुझे जाकर कहीं होश आया.

प्रेम रोग बोलते हैं इसको, कौन वो लड़की जिसकी याद में रोज आज़ादी का जश्न मनाया जा रहा है?रोहित गुस्सा होते हुए- आप क्या समझोगी? आपको क्या पता?मैं- मेरी भी तेरे भैया से लव मैरिज हुई थी आज से 3 साल पहले!पाठको आप यह कहानीऑफिस की लड़की की जबरदस्त चुदाई के बादयहां पे पढ़ सकते हैं. वो झड़ने लगी और उसके कुछ अन्तराल पर ही मेरे लंड से भी वीर्य निकल पड़ा. साथ ही इस बात की खुशी भी थी कि उसकी तरफ से कोई विरोध नहीं हो रहा था.

ट्रेन कभी कभार ज्यादा लेट हो जाती है तो मैंने सोचा क्यों न एक दिन पहले ही दिल्ली पहुंचा जाए. वो ग्रुप सेक्स की कहानी किसी और दिन बताऊँगी क्योंकि उसे लिखने में मेरी चूत की हालत पूरी ख़राब हो जाती है.

जब पहली बार उसकी नर्म चूत की फांकों तक मेरी उंगली पहुंची तो उस अहसास ने सारे बंधन तोड़ने पर मजबूर कर दिया. मुझे मालूम पड़ा कि प्रीति का फोन बज रहा है लेकिन चुदाई में कोई इंटरफीयर करे … ये बर्दाश्त के बाहर था इसलिए मैंने फोन पर ध्यान नहीं दिया और चुदाई चालू रखी. मुझे अब पूरा विश्वास हो गया था कि अब भाभी की चूत मुझको ज़रूर मिलेगी.

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हम दोनों ने मुश्किल से दीदी से हम जीजा साली सेक्स की बात को छिपाया.

मुझे गुदगुदी और मजा दोनों आ रहे थे।उन्होंने उन दोनों को बिल्कुल गीली कर दिया ताकि उनका लंड आसानी से उनमें चला जाए. मैंने एक बार ही नजर उठा कर दीदी को देखा, वो मुझे बहुत ही ललचाई नजरों से घूर रही थीं. सिल्क के मुँह से जोर से सिसकारियां निकलने लगी- ईइ इशश्श शश … अआआह्ह … ईइशश्श शश … अआआहह …सिल्क के बेचैनी खुमारी बढ़ गई मैं धीरे धीरे अपनी जुबान को चूत के दरार में चलाने लगा चूत के होंठों को मुँह में भर कर चूस लेता.

मैंने दीदी की पैंटी में हाथ डाल दिया, उनकी चूत तो कामरस का तालाब बन चुकी थी. उससे कहने लगी कि वो मेरे भाई से मेरी शिकायत न करे और जैसा वो कहेगा वैसा ही मैं करने के लिए के तैयार हूं लेकिन मेरे भाई को मेरे यार और उसके प्लान के बारे में न बताये. सेक्सी नाइट पिक्चरदोस्तो, जैसा आप लोगों ने पिछली कहानी पढ़ी कि कैसे मैंने अपने नए ब्वॉयफ्रेंड विक्की से पहली बार गांड मरवाई थी.

इधर मेरी चूत का भी इतना बुरा हाल हो गया था कि मैं अपनी पूरी ताकत लगा कर अपनी बहन के मुंह में अपनी चूत को धकेल रही थी और साथ ही अपने हाथों से वक्षों को दबा दबा कर मजा ले रही थी. मेरे चूतड़ या गांड खुद ही उछलने लगी वो जिस अंदाज़ में में मेरा लण्ड चूस रही थी मैं ज्यादा देर नहीं रुक सकता था.

फिर मैंने सोचा कि शायद ये अकेली है और इसको किसी के सहारे की जरूरत होगी, इसलिए इसने मुझे कहा है. नमस्कार दोस्तो, मैं आरूष दुबे एक बार फिर से अपनी सेक्स कहानी का अगला भाग लेकर हाजिर हूँ. तब सीधे होकर ममता की टाँगें ऊपर पंखे की ओर करके चौड़ा दीं और अपना औज़ार घुसेड़ दिया उसकी गुलाब चिकनी चूत में!थोड़ी देर धक्का पेल के बाद राजन को लगा कि वो छूटने वाला है तो उसने ममता से कहा- कहाँ निकालूँ?पर ममता को मजा आ रहा था, उसकी आँखें बंद थीं और वो सीत्कारें ले रही थी- मजा आ गया मेनेजर साहब! आज आपने मेरे सारे अरमान पूरे कर दिए … मेरी भूख मिटा दी.

मैं- ये आपका बेटा उनकी औलाद है?भाभी- हां … इसके आने तक उनके पास मेरे लिए वक्त था, पर अब नहीं है. वो बोले- ठीक है जाओ … लेकिन चॉकलेट खा लेना और एक अपनी दीदी को दे देना. मुझे नहीं पता कि वो शायद जानबूझकर ही कार झाड़ियों में मार रही थी या फिर उसको सही से गाड़ी के बारे में पता ही नहीं चला था.

मैंने मनीषा को लिटा दिया और उसका गाउन कमर तक उठाकर उसकी बुर अपनी मुठ्ठी में दबोच ली.

वाह … क्या मस्त नज़ारा था … चुत के नीचे छोटा सा पिंक छेद अपने आप ऐसे खुल और बंद हो रहा था, जैसे कि तितली के दोनों पर खुलते और बंद होते हैं. यह बात तब की है जब मैं फर्स्ट ईयर में था। छुट्टियों में घर आया हुआ था.

हम दोनों ऐसे ही बातें कर रहे थे, तब उसने मुझे रसोई में कुतिया बना कर चोदा. फिर मोना ने मेरे लंड को पकड़ कर डोली की चुत पर रखा और सुपारा चुत की फांकों में फंसा दिया. तब कोलम को मैंने कोमल को बताया कि मेरी उं दोनों ने मुझे पूरी रात रौंदा, मेरी गांड भी मारी.

मैंने धक्का मारकर पूरा लण्ड मीना की चूत में पेल दिया और धकाधक चोदने लगा,जब डिस्चार्ज का समय आया तो मैंने पूछा- माल अन्दर ही गिरा दूं?गिरा दो, मेरे राजा. उस दिन हम दोनों ही गर्म हो गये और मैंने भाभी की चूत में उंगली करते हुए उसकी चूत को अपने मोटे लंड से रौंद डाला. आपको जवान लड़की की चुदाई की मेरी सेक्स कहानी कैसी लगी प्लीज़ मेल करके मुझे जरूर बताएं.

न्यू हॉट बीएफ फिर मैंने गुरूजी की मदद ली और उन्होंने बताया कि अन्तर्वासना पर कहानी कैसे शेयर की जा सकती है. फिर वो गांड उठाते हुए अपने मन से ही बोली- हां भैया, आपके लंड से बहुत मजा आ रहा है … और जोर से चोदिए मुझे.

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मैंने अपने रस भरे गुलाबी होंठ रोहित के बड़े काले होंठों पर रख दिए और अपनी हाथ उसकी गर्दन पर. जब उनको कुछ दर्द कम हुआ, तो वे अपना हाथ पीछे मेरी गांड पर लाईं और नीचे की तरफ दबाया. कुछ देर बाद मैं रुका और मैंने भाभी को घोड़ी बना कर पीछे से उनकी कमर पकड़ कर खड़ा हो गया.

क्योंकि यह बात मैं गांव में किसी को नहीं बता सकती।तो अब मैंने पड़ोस से ही दूध लेना शुरू कर दिया. इधर नीचे से मनोज ने अपनी साली श्वेता की नंगी चूत में उंगली करना शुरू कर दिया. ब्लू पिक्चर सेक्सी चुदाई वालाफिर उसने अपनी ब्रा भी उतार कर मेरी और फेंक दी- अब आप दोनों की महक लो!कहानी जारी रहेगी.

पांच मिनट बाद मेरा छूटने वाला था … तो मैंने पूछा- कहां निकालूं? तुम्हारी चूत में या मुँह में?ये सुन कर वो जल्दी से अपनी चूत से लंड निकाल कर नीचे बैठ कर मेरा लंड चुसकने लगी.

वो तेजी से मेरी चूत में अंगूठे को चलाने लगा और बोला- बंध्या तेरी बुर बहुत रसीली और गहरी है. उसकी आवाजें निकलने लगी थींमैं बोली- चुप रहो यार … मेरा भाई भी है घर पर ज्यादा आवाज़ मत करो.

मैं जब हाथ बाहर निकाल रहा था, तो उसने मेरे हाथ पकड़ लिए और कहने लगी- करते रहो … मजा आ रहा है. मैंने कहा- संदीप अरे ओ संदीप … कहां खो गए?उसने चौंकते हुए कहा- कुछ नहीं. मैं नीचे बैठ गया और संजू की नाईटी को उसकी कमर तक करके बीवी की गीली चूत में अपने होंठ सटा दिए.

वो क्या है ना कि आज मेरा बर्थ-डे है … और आज घर वाले भी नहीं है, तो परमीत और मैं अकेला महसूस कर रहे हैं.

अभय बोला- हाय क्या कमर है इसकी … इतनी चिकनी है और इसकी पीठ भी बहुत ही मस्त है. उनमें से हो सकता है कि मैं कुछ लोगों के मेल का जवाब ना दे पायी हूं, तो उसके लिये माफी चाहती हूं. मैंने उसको तीन-चार सॉरी बोला और दोबारा से उसको अपना लंड मुंह में लेने की रिक्वेस्ट की.

सेक्सी वीडियो सेक्सी वीडियो सेक्सी ब्लूमुझे बहुत दर्द हो रहा था।थोड़ी ही देर में मेरे दूध में जलन होने लगी और वो बिल्कुल लाल हो गए। मेरा दर्द उसे मजा दे रहा था वो और भी जालिम होकर दूध दबाने लगा।सच में मेरे तो आंसू आ गए. आरती बोली- भाई, कार चलाना सिखा दो न!मैं थोड़ा नखरा दिखाते हुए- यार दीदी, आपको तो पता ही है मेरा … हमेशा बिजी होता हूँ.

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मैं एकदम से खांसते हुए उसकी तरफ निकल कर आया तो एकदम से हड़बड़ा गयी. मैं अपने किसी दोस्त से ये बात नहीं बोल सकता था और आग मुझे भी बहुत परेशान कर रही थी. थोड़ी देर बाद वो उठी, कपड़े पहने और अपने घर जाने को हुई तो मैंने घड़ी की ओर देखा और कहा- अभी शैली को कॉलेज से आने में बहुत समय है.

उसके डिल्डो में दोनों ओर लंड का सुपारे जैसा आकार था लेकिन मोटाई दो इंच के लगभग रही होगी. इस घटना का मजा आपको भी मिलेगा कि एक भाई अपनी बहन के सामने कैसे गांड मराता है. लेकिन निधि इठला कर बोली- मेरे पति देव, मैं आपके दिल में ही हूँ और कहां रहूंगी.

ऐसा होने से मैं भी अपना होश खो बैठा और मैंने सीधे उनके होंठों पर अपने होंठ रख कर चूसने लगा. तभी मेरे दोस्त ने एक लड़की से पूछा- प्रीति कहां है?उस लड़की ने कहा- बस वो आ रही है. मैंने अपनी आँखें खोली तो देखा कि कोमल के बॉस और उनका दोस्त दोनों ही मेरे नंगे बदन से चिपके हुए हैं.

मुझे देख कर वो बोली- सर आप यहां?तो मैंने कहा- मैं यहां वन्दना से मिलने आया हूँ. जाड़े के दिन थे, मैंने संगीता से कहा- भैया भाभी मूवी देखने जायें तो मुझे कॉल कर देना और पीछे का दरवाजा खोल देना.

मैं पेट के बल लेटी हुई थी और उसने दोनों हाथों से मेरे चूतड़ों को फैलाया और मेरी गांड पर लंड लगाकर एक तेज धक्का दिया.

वो थोड़ी घबराई हुई लग रही थी लेकिन मैंने उसको सहज किया और पूछा कि किसी ने उसको यहां पर आते हुए देखा तो नहीं. ओंलीने सेक्सीकभी उसके होंठों पर अपने अंगूठे को फेर देता था तो कभी उसकी चूत पर हाथ रख देता था. नंगी सेक्सी पिक्चर चुदाईससुर जी ने अंदर आते ही मुझे आवाज़ लगाते हुए कहा- कोमल बेटा, चाय बाद में बनाना. अब मैं अकेले घर में क्या करता … तो पूरे घर को लॉक कर के, खड़की दरवाजे सब बंद किए और नंगा हो गया.

करीब 15 मिनट बाद मैंने अपना माल मामी की चूत में ही निकाल दिया और उनके ऊपर गिर कर किस करने लगा.

सच में मैं संदीप से मिलने के लिए इतनी बेचैन हो गई थी कि मैंने नौ बजे को दस बजे समझ लिया और दस बजे को ग्यारह, मतलब मैं नौ बजे से ही कॉलेज आ गई थी. इस सेक्स कहानी को शुरू करने से पहले मैं आपको अपने बारे में कुछ बताना चाहूंगा. 2-3 हफ्ते गुजर चुके थे, रोहित और मेरी अच्छी दोस्ती हो चली थी। मैं उसको जो काम बोलती वो कॉलेज से आके कर देता.

मेरी फुदी से मेरा लावा बह कर मेरी जांघों तक आ चुका था और मेरी फुदी से फ़च फ़च की आवाज़ें आ रही थी. ध्यान से देखा, पिंकी ने सिर्फ साड़ी पहन रखी थी, नीचे ब्रा एवम् ब्लाउज भी नहीं था. अगले दिन जब मैं नहा रहा था तो प्रीति भी अपने बाथरूम से मुझे नहाते हुए देखने लगी.

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शान को छोड़ कर ज़ेबा से जन्मे बच्चे मेरे बेटे भी थे और भांजे भी थे. … और साकेत भैया का हाथ दीदी के दोनों पैरों के बीच उनकी बुर पर आ गया था … वो धीरे धीरे अपनी उंगली दीदी की बुर पर रगड़ रहे … जैसे जैसे वो रगड़ रहे थे, दीदी का चेहरा वैसे वैसे लाल होते जा रहा था … पता नहीं क्यों ये सब देख कर मेरा लंड बिल्कुल टाईट हो गया था … मुझे बहुत मजा आ रहा था. फिर मैं चाची की चूत में उंगली डाल कर चुदाई करने लगा तो वो आवाज निकाल रही थी- आ … उम्म्ह… अहह… हय… याह… आहा!और मुझे बड़ा मजा आ रहा था.

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उन आंटी ने मुझे कहा- तुझे विभा खोज रही है।मैंने पूछा- क्या बात है?वो बोली- तेरे लिए नया जुगाड़ लगाया है।मैं भी खुश हो गया.

उन्होंने अपना पेटीकोट और ऊपर खींच लिया और बोली- बड़ा मस्त लग रहा है रे सुरेश … और तेल लगा. जब सुबह उठ कर देखा, तो मेरी सेक्सी चाची के चेहरे पर एक विजयी मुस्कान थी. सेक्सी पंजाबी पिक्चर सेक्सीएक दिन शाम के छह बजे थे, हल्की हल्की बूंदाबांदी हो रही थी, मेरा दिल बेताब हो रहा था.

मैंने भी मौका देखकर जेठजी को पलट कर नीचे कर दिया और एक बार फिर से उनके ऊपर आ गयी. मेरा साथ हुई इस घटना में जिस लड़की का जिक्र मैं करने जा रहा हूं, वो मेरे साथ ही मेरे ही कॉलेज में पढ़ती थी. उसने कहा- नहीं सर … ऐसा मत करो!मैंने कहा- क्यों? मजा नहीं आ रहा?तो उसने कहा- नहीं सर … ऐसी बात नहीं है … पर ये सब कुछ जल्दी नहीं है?मैंने कहा- प्यार करने के लिए कोई जल्दी नहीं होती है, आज नहीं तो कल होना ही है, तुम सोचो मत … बस मजा लो और मुझे भी मजा दो.

‘मैंने जब से आपका लैटर पढ़ा है, तब से अभी तक मैं बहुत परेशान हूं … मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा कि मैं आपके सवाल का क्या जवाब दूँ … हां बोलूं या ना … श्वेता मेरी बचपन की सहेली है … वो मुझे अच्छी तरह समझती और जानती हैं … मेरे हां बोलने से भी परेशानी है. मैंने कहा- उनकी चूचियों के निप्पलों को छेड़ते हुए मैंने उनसे कहा- परेशान तो आपके इस कयामती जिस्म ने मुझे कर रखा है भाभी.

मैंने फिर अपने हाथ से उसके पैर और हाथ को हटाया।लेकिन अब मुझे नींद नहीं आ रही थी और मेरे मन में गलत ख्याल चलने लगे थे। अब मैंने सोच लिया कि कुछ भी हो जाए अब इसे चोदना है।तो मैंने धीरे धीरे अपनी हरकत शुरू कर दी सबसे पहले मैंने अपना हाथ उसके पेट पर रख दिया और उससे सट कर सोने लगा.

नीरज ने अपनी बहन संजू से कहा- मैं तो न जाने कबसे तुझे चोदना चाह रहा था. अविनाश- तैयार हो न मेरी प्यारी बहना!आलिया- भाई इस समय में बहुत थकी हुई हूँ और मुझे नीचे बहुत दर्द हो रहा है. ख़ास तौर पर उस समय और भी ज्यादा खुजली होती है, जब पीरियडस आने होते हैं.

அண்டி செக்ஸ் उधर उसके जिस्म के सारे गैरज़रूरी बालों को रिमूव करवा के वैक्सिंग और मसाज करवा दिया. मैंने फिर से उनके लंड को मुंह में ले लिया और तेजी से अपने होंठों को उस पर चलाने लगी.

श्वेता दीदी- अरे बोलो … मुझसे क्यों छुपा रही हो … कोई दिक्कत है तो बताओ. वो लगभग कांपती आवाज में बोली- आंह … हां भैया … और जोर से … आह … आपकी बहन आ…. मैंने जैसे ही स्नेहा भाभी के कुरते को निकाला, तो देखा कि स्नेहा ने नीले रंग की ही ब्रा पहन रखी थी.

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वो रास्ते में मेरे हाथों को नीचे करवाते रहे और अपने खड़े लंड के पास ले गये। मैं आराम से पीछे बैठे बैठे यही सोच रहा था कि उनको मेरी कितनी चिंता है और वो बस मेरे गिर जाने के डर से ही बार बार मेरा हाथ टाइट करवा रहे हैं. मैंने देखा कि चाचा बेड पर आते और चाची की नाइटी उठा कर उनकी बुर में अपना लंड डाल कर तीन-चार धक्के लगाते और फिर झड़ जाते. मैंने कहा- मेरी परीक्षा शाम 5 बजे खत्म हो जाएगी और मैं वहीं से गांव के लिए ट्रेन ले लूंगा.

स्वीटी आंटी की पीठ मेरी तरफ थी, इसलिए मैं उनके लाजबाव मम्मे उछलते हुए नहीं देख पाया. वो बोली- देवर जी आपकी बात तो सही है … पर किसी को पता चलेगा, तो बहुत बदनामी हो जाएगी.

सपना ने मेरे सर को अपने हाथों से इतना दबा रखा था कि मुझको सांस तक नहीं आ रही थी.

उसके बाद वो मेरे लंड को सहलाने लगी और लंड को बड़ी नफासत और प्यार से किस किया. इतने में ही रेशमा मुझ पर भड़क गयी और बोली- बेडशीट देने की क्या जरूरत थी? वो क्या सोचेगी मेरे बारे में?मैंने कहा- अरे इतनी टेंशन क्यों ले रही हो? वो भी जवान है. इसी बीच मैंने स्नेहा भाभी की चूत में एक उंगली कर दी और अन्दर बाहर करने लगा.

अब विशाल के शब्दों में:मौसम आज सुबह से ही खराब था। सुबह से ही बारिश हो रही थी। रास्ता लम्बा था। मैं धीरे धीरे कार चला रहा था। ट्रेन और बस के चक्कर में हमने काफी लेट कर दिया था। अन्धेरा होने को आया था. मेरी हथेली से वसुंधरा के जिस्म के पसीने और डियो की मिलीजुली, सौंधी सी महक आ रही थी और मेरे हाथ के पोरों से वसुंधरा की योनि की वही जानी-पहचानी, होश उड़ा देने वाली, नशीली सी मादक खुशबू आ रही थी. फिर विश्वकर्मा पूजा के दिन छुट्टी थी लेकिन सारा स्टाफ पूजा करने के लिए बुलाया हुआ था मैंने.

ऐसे ही चुत चुदाई का मजा करते हुए रात के करीबन एक बजे तक हम चुदाई का खेल खेलते रहे.

न्यू हॉट बीएफ: इस बार भी भैया का जवाब हम नहीं सुन पाए, पर दीदी ने फोन रखने के पहले दो तीन बार थैंक्स … थैंक्स कहा. मैंने फिर से उसे गर्म किया- मोबाइल की चार इंच की स्क्रीन पर तुम्हारा फिगर कैसे चैक किया जा सकता है.

उनसे बात करते हुए मैंने नोटिस किया कि वो मेरी चूचियों की तरफ देख रहे थे. तो मैं अभी अपना तय नहीं कर पाई कि मुझे सच में तुमसे करना चाहिए या नहीं।अफ़ताब बोला- ठीक है, फिर जब तुम कहोगी, हम तब करेंगे. एक दिन की बात है, मैं और दीदी श्वेता दीदी, हम तीनों कॉलेज से घर आ रहे थे.

मालकिन- सुरेश … अरे बेवकूफ … ऐसा कामसुख मेरे घर में होते हुए भी … मैं अकारण ही तड़प रही थी … अब मैं तुम्हें कभी भी नहीं छोड़ूँगी … आह बड़ा मस्त लंड लग रहा है … आआह.

धीरे धीरे 10-12 झटके के बाद प्रीति की चूत में मेरा आधा लंड घुस चुका था. फिर अपने हाथों से मुझे एक बना कर देते हुए बोली- डार्लिंग, मैं नहा कर आती हूँ. उसकी बुर में वीर्यपात न हो इसलिये मैंने कॉण्डोम चढ़ा लिया और हनी को जमकर चोदा.