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कहीं तुम मज़ाक तो नहीं कर रहे ?” बड़ी मुश्किल से मेरे मुंह से आवाज निकली। मेरा गला तो जैसे सूख ही गया था।नहीं मैं सच बोल रहा हूँ !”ओह. बीएफ बीएफ फिल्म बीएफ बीएफ!”मैं दर्द के मारे कसमसाने लगी थी पर वो मेरी कमर पकड़े रहा और 2-3 धक्के और लगा दिए।मैं तो बिलबिलाती ही रह गई !आधा लण्ड अंदर चला गया था। उसने मुझे कस कर पकड़े रखा।ओह… जस्सी बहुत दर्द हो रहा है.

उस दिन पापा ने मुझसे कहा कि वो दिन में मम्मी के साथ शोपिंग पर जायेंगे और अभिषेक भी देर से आएगा इसलिए घर पर 2-3 घंटे मुझे अकेले रहना पड़ेगा. फिल्म के बीएफ वीडियोजिस तरह पहले उसने मेरा दिल तोड़ा था उसका भी टूटा… उस लड़की ने उसे साफ़ साफ़ कह दिया कि इस उम्र में भले ही एक आकर्षण मात्र.

राहुल ने आते ही पूछा – कामिनी चली गयी क्या… ”कामिनी की बड़ी चिंता है… कुछ गड़बड़ है क्या ?”नहीं है तो नही… पर तुम गड़बड़ करा दो न… ”तुम्ही डरते हो… वो तो बेचारी तुम पर मरती है… ”फिर उसे आने दो… इस बार तो पटा ही लूँगा उसे.एचडी हिंदी बीएफ बीएफ: मोना आंटी ने कहा- बहन जी, अगर हैरी को मेरे घर सोने के लिए कुछ दिनों के लिए भेज देती तो बहुत मेहरबानी होती.

अब चित्रा पूरे होश में थी और वो हमारा पूरा साथ दे रही थी शायद वो भी दो-दो लंड का मजा एक साथ लेना चाहती थी.बाजी ने लौड़े की चमड़ी को हटाया तो उनका सुपारा देख कर बाजी अपनी ज़बान से चाटने लगी.

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कहानी का पहला भाग:बेटा और देवर-1अब आगे-देवर ने मेरी चूत के दाने (भग्नासा) को मुँह में लेकर कुल्फ़ी की तरह चूसा…स्सीईईईई हाआआ देवर जी स्सीईईई ईईईई बस करो स्स्सीईईई देवर जी ब्ब्ब्स्स करो!” मैं बुदबुदाई.इस बार उस हाथ ने मेरी अंडरवियर खींचकर मेरे लंड को अपने हाथ में लिया। हाथ नाज़ुक सा था….

तभी मेरी मम्मी ने मधु को अर्धनग्न देख लिया …सुनील क्यूँ परेशान कर रहे हो बेचारी को …चलो दोनों टेबल पर रखे रसगुल्ले खा लो …मधु अपने कपड़े पहन कर जैसे जाने लगी, मैंने उसे कहा- आज रात को आना ! घर पर पापा नहीं रहेंगे …रात हो चली थी. एचडी हिंदी बीएफ बीएफ अब मैं भी जाग गया, मैंने कहा- आंटी, क्या कर रही हैं आप? मुझे नंगा क्यों किया?मैंने ऐसे ही झूठ का नखरा किया.

पर उत्तर नहीं मिल रहे थे …क्या वो जैसा मुझे दिख रहा था वैसा ही था… या फिर वो सर्फ मेरे साथ ही ऐसा था.

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मैं भी अपनी गाण्ड हिला-हिला कर उसका साथ देने लगी… साथ क्या अब तो मैं उसका लण्ड और अन्दर लेना चाहती थी. ‘चाची, आह , मैं तो गया, हाय रे…’उसके हाथ अब सधे हुये ताकत से भरे हुये लण्ड के सुपारे और डण्डे को मसलने लगे थे बल्कि कहो तो लण्ड में टूटन सी होने लगी थी. जितना सहलाती उतना ही विपिन का मोटा लण्ड मेरी चूत में घुसता सा लगता और मेरे मुख से एक सिसकारी सी निकल जाती.

मुझे कुछ भी समझ नहीं आया और जब मैंने सोनम की तरफ देखा तो वो भी हंसने लगी और बोली कि उसने बाकी सभी से शर्त लगाई थी कि वो मुझे शादी के लिए मना लेगी और मैं इतनी जल्दी मान गया. मैंने कहा कि क्या तुम भी उससे प्यार करती हो?निधि ने कहा- नही सर मैं उसे प्यार नही करती पर लैटर पढ़ कर अच्छा लगता है और मन में कुछ कुछ होने लगता है. वैसे मेरा घर बहुत बड़ा है, चाल में हमारा घर ही बड़ा है, एक बेडरुम, किचन और हॉल – ऐसे तीन कमरे थे, जिनमें हॉल सबसे बड़ा है।कविता बोली- राज कौन लेगा….

खैर मैंने सोचा कि जब अनीता दीदी अपने घर में चली जाएँगी तो मैं अपनी बहन से पूछूंगा. मैंने तान्या से इसका कारण जानना चाहा तो पता चला कि उसके बॉयफ़्रेंड ने उसको छोड़ दिया है. बाजी की इतनी बड़ी चूची थी कि राज अंकल के मुँह में नहीं आ रही थी, फिर भी राज अंकल बाजी की चूची को पी रहे थे.

मैं सारे कपड़े उतार कर नंगी रहूंगी, भाई का जांघिया लूंगी, उसे अपनी चूत पर मसलूँगी और जमकर मस्ती करुँगी. उसके बाद तान्या अपनी चूत में अपनी उंगली डालने लगी उसको ये करते देखकर तो मैं पागल हो गया और बिना कंडोम पहने ही उसके ऊपर लेट गया.

मैंने कहा- क्या?आंटी बोली- तुम्हारे अंकल तो महीने-महीने में आते हैं, क्या तुम मेरे साथ ऐसा हर रोज करोगे?तो मैंने कहा- क्यों नहीं मेरी जान! अब तुम मेरी हो.

मैंने तुरन्त मोबाईल जेब से निकाला और कहा- हेलो… कौन?’‘मैं राधा…!’मैंने राधा की ओर देखा और तीनों ही हंस पड़े.

मान जाओ ना ?” उसने मेरी ओर जिस तरीके से ललचाई नज़रों से देखा था मुझे हंसी आ गई। मैंने उसका नाक पकड़ते हुए कहा ठीक है पर कोई शैतानी नहीं ?”ओ. मेरा दिल कर रहा है कि कोई मेरे इस जिस्म को अपनी मज़बूत बाँहों में लेकर इसे खूब ज़ोर से दबाए इसी निचोड़ डाले और मैं अपनी जवानी का मजा उसके जिस्म को दूँ. उसका आकार तो मैं ऊपर बता चुकी हूँ, पर उनके टट्टे भी तो कमाल के थे, लगभग तीन इंच साइज़ के गेंदों के बराबर होंगे.

मैं उसके बालों से खेलते हुए उसके लंड को सहलाने लगी…………और सोच रही थी कि सोमा को गाली दूं या……. मैंने बोला- ऐसे नहीं ! इसको मुँह में लेकर लॉलीपोप की तरह चूसो, तब इसको अच्छा लगेगा. ’मुझे सु सु आने लगी थी। मैंने अपनी गांड ऊँची की और उसके मुंह में पेशाब की धार छोड़ दी । उसने अपना मुँह बंद कर लिया, आंखे भी बंद ली। मैं अब उसके पूरे शरीर पर पेशाब करने लगी। वो पूरा भीग गया। महिमा भी उत्तेजित हो चुकी थी.

लेकिन मैंने उसकी बात ना सुन कर अपना एक हाथ उसकी स्कर्ट में डाल दिया और पैंटी के ऊपर से ही उसकी चूत सहलाने लगा.

एक दिन किस्मत ने साथ दिया, मैं घर पर अकेला था, घर के लोग शादी में गए हुए थे जो कि रात में करीब 11 बजे से पहले वापस आने वाले नहीं थे. जीजू का लंड देखा तो मेरे होश उड़ गए, नौ इंच का फनफनाता लंड! मैं तो देखकर ही काँप गई कि यह मेरी इतनी सी चूत में जायेगा कैसे?मैंने जीजू से कहा- आप इस लंड का जो करने को कहोगे, वो मैं करूँगी लेकिन इसे मेरी चूत में मत घुसाना, नहीं तो वो फट जायेगी. शरारती रीटा ने बहादुर के कन्धे का सहारा लेते हुए अपनी सुडौल चिकनी टांग को सुकोड़ कर कच्छी से पांव बाहर खींच कर बहादुर को अपने गुलाबी गदराये यौवन को झलकी दिखा दी.

”चुप रह… वो तो हैं प्यारे से… ” कामिनी हंस कर बोलीक्यों मेरे जीजू प्यारे नहीं हैं क्या… ”तो तू भी लाइन मार ले ना… ”नहीं रे… अब लाइन नहीं… कुछ और ही… ”चुप… चुप… कुछ भी बोलने लगती है. फिर मैं धीरे-धीरे अंदर-बाहर करने लगा तो उन्हें भी मजा आने लगा और वो भी मेरा साथ देने लगी. अब मैं और तान्या ही उस कमरे में थे, मेरा पूरा ध्यान तान्या के होंठो की तरफ था, मैं अपनी कुर्सी से उठा और तान्या का चेहरा पकड़ कर तान्या के होंठों पर एक चुम्बन जड़ दिया.

दीदी कहने लगी- तुम मुझे ये सब सिखाओगे? अभी बताती हूँ तुम्हारे घर में !अब मेरे लण्ड का जोश ठंडा पड़ रहा था………….

उस दिन मेरे मन में अपार संतुष्टि थी…!!!कुछ पलों के लिए इस प्रेम कथा को द्वितीय विराम देते हैं !आपको क्या लगता है. उसका इतना कहना था कि मैंने लंड को उसकी चूत के छेद पर रखा और दो-तीन बार ऊपर नीचे रगड़ा और छोटे से लाल सुराख़ पर रखा.

एचडी हिंदी बीएफ बीएफ निकाल ले साले…निकाल ले…मैं कहाँ मानने वाला था…मैंने उसे जोर से जकड़ लिया और एक धक्का लगा दिया…लंड थोड़ा और आगे सरकते हुए उसकी तंग गांड में थोड़ा और अन्दर चला गया।उसकी आँखों से आँसू निकलने लगे और वो मेरी मिन्नत करने लगी- प्लीज़ निकाल लो विक्की! मैं तुम्हारे आगे हाथ जोडती हूँ… मारना है तो चूत मारो मेरी. 30 बजे अनारकली चुपचाप बिना कॉल बेल दबाये अन्दर आ गई और दरवाजा बंद कर दिया। मैं तो ड्राइंग रूम में उसका इन्तजार ही कर रहा था। एक भीनी सी कुंवारी खुशबू से सारा ड्राइंग रूम भर उठा।उसके आते ही मैं दौड़ कर उससे लिपट गया और दो तीन चुम्बन उसके गालों होंठो पर तड़ा तड़ ले लिए। वो घबराई सी मुझे बस देखती ही रह गई।‘ओह.

एचडी हिंदी बीएफ बीएफ मेरे दिमाग में ज्योति का वो ब्रा-पेंटी और आयशा का नाईटी वाला रूप घूमने लगा और मैंने सामने खड़ी आयशा को बाहों में ले लिया वो चिल्ला पड़ी, जिसे सुन कर ज्योति भागती हुई आ गई. एकदम से मुझे सुख मिला- मानो स्वर्ग मिला! होश खोये! दिल कर रहा था कि जीजू कभी बाहर न निकालें!जीजू मजा आ रहा है! और करो ना!”जीजू ने मेरे मम्मों को पीते हुए तेज़ धक्के मारे और फिर कुछ देर के तूफ़ान के बाद कमरे में सन्नाटा छ गया, सिर्फ सांसें थी, सिसकी की आवाजें थी.

इसे प्यार से चोदो”तो मैंने अपनी रफ्तार थोडी धीमी कर दी और उसको और गरम करने के लिए उसके चूचियों को जोर जोर से दबाने लगा और उसके लबों को चूसने लगा.

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कि कराहट से मेरा मुँह खुल गया है…तभी राजा मेरे ऊपर आया और मेरे होंठो को उसने अपने मुँह में भर लिया, काटने-खसोटने लगा…तभी पहलवान झड़ने लगा और उसने सारा रास मेरी गाण्ड में ही छोड़ दिया…उसका लण्ड छोटा होकर मेरी गाण्ड से बाहर आ गया. बेचारी को शायद यह पसंद नहीं था…फिर उसकी मचलती हुई बुर में अपना लौड़ा रखा और एक ही हचके में… फुस्स अन्दर घुस गया बिडू. अगले ही पल वो मेरे नीचे वाला होंठ चूस रहा था और मैं उसके ऊपर वाले होंठ को चूसने लगी.

राहुल ने आते ही पूछा – कामिनी चली गयी क्या… ”कामिनी की बड़ी चिंता है… कुछ गड़बड़ है क्या ?”नहीं है तो नही… पर तुम गड़बड़ करा दो न… ”तुम्ही डरते हो… वो तो बेचारी तुम पर मरती है… ”फिर उसे आने दो… इस बार तो पटा ही लूँगा उसे. सरसों का तेल और पानी की मल्लम से मैंने बबलू के सिर पर थोड़ी देर मालिश की और उसको ये बोल कर कि मैं थोड़ी देर के लिये पड़ोस में जा रही हूँ, तेरे चाचा यहीं हैं, लौट कर खाना बनाऊँगी…उसके कमरे दरवाजा खींच कर बाहर आई, किचन में जाकर तेल से सने हाथ को अपनी चूत पर साफ़ किया और हाथ साफ़ कर गेस्ट रूम गई. हम दोनों जोर जोर से आहें भर रहे थे- आआ ह्ह्ह ऊ म्मम्म आआ ह्ह्हह्ह सीईईईईए आआह्ह्ह और ऐसे ही हम दोनों अपने लंड और चूत को एक दूसरे से रगड़ते रहे। लगभग 5 मिनट के बाद उसका शरीर अकड़ने लगा और मैं भी अपनी चरम सीमा को पहुँचने वाला था, हम दोनों झड़ गए, अपनी अपनी चड्डियों में.

पर अन्त तो इसका होना ही था ना… एक दिन दीदी को पता चल ही गया… और दीदी ने कोशिश करके जीजू का स्थानान्तरण जयपुर करवा लिया.

मेरी उंगली उन की चूत में और उन के चुचूक मेरे मुँह में और मेरा लंड उनके हाथ में!उन की सिसकियाँ और तेज़ होती जा रही थी- अह्ह्ह् आह्ह्ह्ह ओह ऊऊफ्फिर मैंने माँ से कहा- मेरा लंड अपने मुँह में लेकर चख तो लो!और लंड उनके मुँह में रख दिया और वो बड़े प्यार से मेरे लंड को चूसने लगी. 5 इंच के लंड का प्रणाम … आशा करता हूँ कि सभी चूत और लौड़ों को मेरी यह कहानी भी पहले वाली कहानियों की तरह ही पसंद आएगी।आपने कुछ दिनों पहले मेरी और रक्षिता कीजयपुर में पतंगबाजीऔररक्षिता और उसकी भाभीपढ़ी होगी,आज मैं उसके आगे की कहानी वहाँ से शुरू करता हूँ जब रक्षिता की भाभी विशाखा ने कहा था कि रोहित तू कल आना में अपनी सहेलियों को बुला कर लाऊगी …. मैंने कहा- क्या कर रहे हो?उसने कहा- आज मैं तुझको हर तरीके से चोदूंगा!यह कह कर उसने मुझे बैठा लिया और खुद भी बैठ गया, अपनी जांघें मेरी जांघों के बीच फंसा ली और लौड़े को फिर चूत में घुसा दिया.

”थारी लुगाई कटे है?”ओह, मेरी शादी नहीं हुई है अभी!” मैं समझ गया गया था कि बिना परिवार के ये मकान नहीं देने वाली. प्रेषक : आयु राजाअन्तर्वासना के सभी पाठकों को आयु राजा का प्रेम भरा अभिनंदन !आप सबका शुक्रिया जो आप सबने मेरी पहली कहानीको इतना पसंद किया. तन और मन में आते बदलाव, कुछ कुछ होने जैसी अनुभूति होती थी चेहरे पे सदा रहने वाली मुस्कान.

जब दिखाने वाली को परहेज़ नहीं तो मैं क्यूँ बीच में बोलूँ?इस बीच ज़ाहिरा ने अपने सारे कपड़े उतार दिए थे यहाँ तक कि उसने अपनी पेंटी भी उतार दी थी. फिर उसका कांपता हुआ हाथ मेरे मम्मे की तरफ बढ़ा और एक ऊँगली से उसने आईसक्रीम उठाई और फिर मेरे मुँह में डाल दी। मैंने उसकी ऊँगली अपने दांतों के नीचे दबा ली और अपनी जुबान से चाटने लगी।उसने खींच कर अपनी ऊँगली बाहर निकल ली तो मैंने कहा- क्यों देवर जी दर्द तो नहीं हुआ.

बहादुर के दाँत रीटा की चूच्चे में धंसे तो मदहोश रीटा को लगा जैसे वह बिना चुदे ही झड़ जायेगी. थोड़ी देर में वो चाय बना कर ले आई और एक कप मेरी तरफ बढ़ा कर और एक कप खुद लेकर मेरे सामने वाले सोफे पर बैठ गई. मैंने दीवार की आड़ लेकर झाँका तो देखा हमारे स्कूल की एक मस्त मैडम जिसका नाम पिंकी था, बारहवीं क्लास की एक लड़की माया से अपने दूध चुसवा रही थी.

मेरा दिल जीजू के प्यार में रंगने लगा था, मुझे लगने लगा था कि जीजू के बिना अब मैं नहीं रह पाऊँगी.

ये खूबसूरत और बहुत ही उत्तेजक हैं।’कहते हुए मैं उसकी गांड और चूत चोदने लगा… करीब बीस मिनट से ज्यादा हो गया था।रागिनी कहने लगी- मेरे पैर दुःख रहे हैं. ‘शरमाओ मत… मुझसे कहो दीदी… तुम्हारा भैया है ना… एकदम कुंवारा…!’मैंने सोनू का हाथ धीरे से पकड़ लिया. तू कमाल की है… अगर राजा का चूचे काटने का फरमान नहीं होता तो शायद में तेरे चूचे चूसने, दबाने के लिए तुझे हमेशा के लिए अपने पास रख लेता…तभी साहूकार पिनियाते हुए आया और बोला- इसके होंठ मेरे हैं… तू क्यों चूम रहा है.

उसका एक हाथ मेरे सर पर था, वो मुझे ऐसे दबा रही थी कि मानो कह रही हो- मेरी चूत में घुस जाओ!इतनी कामुक लड़की मैंने अपनी जिंदगी में नहीं देखी!मैं कोमल के ऊपर आ गया. ”चुप रह… वो तो हैं प्यारे से… ” कामिनी हंस कर बोलीक्यों मेरे जीजू प्यारे नहीं हैं क्या… ”तो तू भी लाइन मार ले ना… ”नहीं रे… अब लाइन नहीं… कुछ और ही… ”चुप… चुप… कुछ भी बोलने लगती है.

अब चार हो गए हैं… अब जी भर कर चुदाई कर सकते हैं ना… ”कामिनी ने राहुल को प्यार किया… और रीता ने साहिल को चूम लिया. कि शायद यह सपना कभी सच हो जाये… गीले बालों को अपने गीले बदन पर झटक कर कामोत्तेजना में अकारण ही मैं अपनी गोलाइयाँ छूने लगी…मेरी तन्द्रा तो तब टूटी जब दरवाजे पर माँ जल्दी बाहर आने के लिए ख़टखटाने लगी. मोना मेरा लण्ड जोर जोर से चूस रही थी, उनके मुँह की गर्मी से अचानक मेरे लण्ड में मेरा माल आंटी के मुँह में गिर गया, मैं शांत हो गया.

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तुम निरे लोल हो कुछ समझते ही नहीं।प्लीज बताओ ना ?देखो ज्यादा गांड मरवाने से उसका रंग काला पड़ जाता है.

और मैं सो गई……यह मेरी पहले दिन की चुदाई थी। उसके बात दूसरे दिन भोला से, थोड़े दिन बाद पति के दोस्त से, कुछ दिन बाद भोला और उसके दोस्तों से, दूधवाले से, अपने पति से मतलब मेरी चुदाई ही चुदाई…. वो मछली की तरह छटपटा रही थी- आ आह ऊ उई ईई ईई म्म म्म म्मह की आवाजों से कमरा गूंज रहा था. रात को फिर वही छबीली की गालियों की आवाज आई… उसका पति निढाल पड़ा था… और खर्राटे ले रहा था.

मरर गई… जान मैं…मैंने भी अपनी पूरी ताकत से धक्के लगाने शुरू कर दिए और जोर जोर से हांफ़ने लगा…वो भी चिल्ला रही थी…हम दोनों को सर्दियों में पसीना आने लगा…करीब 20 मिनट के बाद मैं झड़ गया और उसके ऊपर से उठ गया…मैंने कहा- जान मज़ा ही आ गया !वो बोली- अब तो और आएगा. तो उसने कहा- नहीं। तुम अन्दर कर दोगे !मैंने कहा- नहीं, मैंने तुमसे वादा किया है ! जब तुम नहीं चाहोगी मै नहीं चोदूंगा…क्योंकि मै तो यह चाहता था कि वो मेरे लंड की आग से इतना जल जाए कि खुद ही बोले कि डाल दो इस लंड को मेरे अन्दर…. हिंदुस्तानी बीएफ चुदाईधूर्त बहादुर अपने खड़े लौड़े की टोटनी को अंगूठे और उंगली में रगड़ता हाथ को रीटा की नमकीन व चांदी सी चपडगंजी चूत को मुट्ठी में जोर से भींचता बोला- बेबी अब कुछ आराम आया?रीटा अब बोलने वाली हालत में नहीं थी- ओर जोर से बहादुर सीऽऽऽ ऊईऽऽऽ सीऽऽऽऽ.

लेकिन मेरा फ़िर जमीर सर उठा कर खड़ा हो गया और कहने लगा कि यह गलत होगा।और अब वक़्त आ गया है कि मैं आप सबको अपना तारुफ़ करवा दूँ. अनिल बोला- मेरी रानी! तू कब से दो लण्डों से चुदवाना चाहती थी, आज हम दोनों मिलकर तेरी चुदाई करेंगे.

हाय हाय करती रीटा अपनी प्यासी चूत से राजू के लौड़े को पूरा जोर लगा लगा कर चूस रही थी. अगले ही पल वो मेरे नीचे वाला होंठ चूस रहा था और मैं उसके ऊपर वाले होंठ को चूसने लगी. यह तब की बात है जब बुआ की बड़ी लड़की की शादी थी और मैं शादी के इंतजाम के लिए एक महीना पहले चला गया था.

फिर वो टी वी का रिमोट मुझे देकर बोली- तुम टी वी देखो, मैं तुम्हारे लिए चाय बना कर लाती हूँ. इतने में सुनीता कस्टमर से चुदवाकर बाहर आई। मैंने उसे मौसी ने जो कहा वो बताया तो बोली- बिल्कुल सच है, मुझे यह सब भाने लगा है। साले मूछ पे ताव देने वाले मर्द भी हमारे भोसड़े पे सब कुर्बान करने चले आते हैं. ऊपर से सहलाने के बाद मैंने उसकी चड्डी उतार दी तो देखा उसकी चूत पर बहुत ही हल्के हल्के बाल थे और गुलाबी सी चूत की दो फाकों को देख कर लग रहा था कि किसी ने अभी तक इन्हें छुआ भी नहीं होगा !मैंने आव देखा ना ताव ! और उस पर मुँह रख दिया.

जितना समय ज़रूरी था मैं धक्के मारता रहा और फिर अचानक मुझे लगा कि मेरा रस निकलने को है.

विपुल जीजू ने कुछ ऐसा ही मेरे साथ किया, वो जब भी अकेले में मेरे से मिलते तो कभी मेरी बोबे कस कर दबा देते, कभी गांड को सहलाने लगते, हौले-हौले सहलाते, फिर एकदम गांड की दरार में उंगली कर देते. अब मेरा मुँह और जीभ उनकी चूत चाट रही थी और वो मेरा लंड अपने मुँह में अन्दर-बाहर कर रही थी.

दोपहर को दो बजे जब आयशा घर पर वापिस आई तो मैं उससे बात नहीं कर पा रहा था और मैं खाना लगा कर योगी के कमरे में चला गया. मैंने उसे सामने वाली सीट पर बैठने का इशारा करते हुए कहा ‘नहीं नहीं!! आप बैठो ना, मैं अभी आप को टिकेट दिखाती हूँ. हेलो दोस्तो, आपको श्रेया का नमस्कार… फिर से आपके सामने पेश है एक लण्ड कठोरी फ़ुद्दी पिपासु कहानी!यह कथा है मेरी सहेली जूली की ….

स्तन चूसते चूसते ही मैंने उसकी स्कर्ट का हुक भी खोल दिया और उसकी स्कर्ट उसके जिस्म से अलग कर दी. की आवाजें निकाल रही थी। मैंने अब उसे अपने नीचे किया और उसकी बुर पर अपना लंड रखा, फिर उसकी चूची दबाने लगा।उसने कहा- अभी, प्लीज अब मत तड़पाओ……मैंने भी बिना देर किये जोर से धक्का दिया और आधे से ज्यादा लंड उसकी बुर में घुसेड़ दिया।वो बहुत तेज चिल्लाई…. नमस्कार मेरा नाम करन है, मैं देहरादून का रहने वाला हूँ, मेरी उम्र 19 साल है। लंड, चूत, गांड, चूचे जैसे शब्द सुन कर ही हमारे यौन-अंग उत्तेजित हो जाते हैं, कैसे चूत तरस जाती है लंड के लिए, कैसे लंड तड़प उठता है एक योनि के लिए।तो लीजिये पेश है एक ऐसा सच्चा वाकया जिसे सुन कर महिलाओं की चूत बह उठेगी और पुरुषो के लंड झड़ जायेंगे।मेरे पिताजी पी.

एचडी हिंदी बीएफ बीएफ प्रेषक : मनो प्रकाशयह मेरी पहली कहानी है, मेरा नाम रणजीत है, मैं 30 साल का हूँ और सीतापुर उ. सो मुझे ये पता चल गया था कि अब वो उत्तेजित हो जाती है और शायद गीलापन उसकी चुदने की चाहत की निशानी थी।यही सोच मेरे मस्तिष्क में थी। मेरी एक बार कोशिश करने की इच्छा प्रबल हो उठी। मैंने सर्वांग आसन के दौरान उसकी चूत जो गीली थी, उसे सहला दिया….

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मैं तो बस मजे से लेटे लेटे मजे ले रहा था, कि वो एकदम से बैठ गई और अपनी चूत को मेरे लन्ड पर कस लिया. मेरा दिल रोज़ उसके लौड़े को चूसने को करता लेकिन मौका और जगह सही ना होने की वजह से कभी आगे नहीं बढ़ पाए. फिर वो बोली- अगर हम दोनों ही इतने सेक्सी हैं तो क्या हम वो काम नहीं कर सकते जो ये लोग कर रहे हैं?और यह कह कर उसने अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिए.

और तिरछी आँख से उसे देखा!वो भी एक दम मस्त हो गई थी।मैंने कहा- फिर शुरू करें?उसने भी हाँ में हाँ मिला दी और मैं उसका हाथ पकड़ के उसे रेडरूम में ले गया।रेडरूम में घुसते ही मैंने रूम लाक कर दिया और अपनी जींस उतार दी. तब मम्मी जोर फुसकारी मार कर बोली- मेरी जान मुझे इस तरह मत जला! मुझे चोद दे!उसके बाद अंकल ने मम्मी की साड़ी पूरी तरह से उतार दी. बीएफ चोदा चोदी इंग्लिशलेकिन ऐसी मतवाली गांड देख कर मेरा लंड अपनी आदत बदलने के लिए तैयार हो गया।मैंने उसकी गांड में एक ऊँगली डालने की कोशिश की.

इतने में मेरी सांस फूल गई और मैं बाहर आ गया…नेहा से दूर…उसके चेहरे की तरफ़ देखा तो पाया कि वो बेचैन सी थी… शायद मैं अधूरा काम करके आ गया था….

उसके लंड का सुपाड़ा बहुत सुंदर था और लंड से निकलने वाला पानी भी बिल्कुल नारियल पानी के जैसा स्वादिष्ट था. वो टिकेट उसकी ऊँगली से टकरा कर बिल्कुल मेरे निप्पल के ऊपर आ गया जिसे अब ब्रा में हाथ डाल कर ही निकाला जा सकता था.

रात को 10 बजे जब मैं योगी के कमरे में जाने लगा तो देखा कि ज्योति के कमरे की बत्ती जल रही थी. उसने मुझे सीधा किया और अपने दोनों होठ मेरे होंठों पर रख दिए और उन्हें बेदर्दी से चूसने लगा. लेकिन ऐसी मतवाली गांड देख कर मेरा लंड अपनी आदत बदलने के लिए तैयार हो गया।मैंने उसकी गांड में एक ऊँगली डालने की कोशिश की.

इसके विपरीत बॉबी एक चुलबुला, शरारती युवक था, लड़कियों में दिलचस्पी रखने वाला लड़का था.

उसने मेरी गर्दन पर अपने दांत लगा दिए और काटने लगी। शायद वो भी गर्म हो गई थी, उसकी चूत भी गीली हो गई थी। मैंने एक ऊँगली अंदर दाल दी और फिराने लगा। उसने और तेज काटना शुरू कर दिया। मेरी हालत भी खराब हो गई थी!फिर उसने कहा- बस करो ! मुझे कुछ हो रहा है !शायद उसे लंड चाहिए था। तभी फिल्म ख़त्म होने लगी, हम ठीक होकर बैठ गए।शेष कहानी अन्तर्वासना डॉट कॉम पर अगले भाग में ![emailprotected]. अब गालियाँ देने की बारी मेरी थी- ओ भाडू की औलाद, तेरी बहन की चूत में इतने लौड़े घुसें कि उसकी चूत में पूरा आगरा समा जाये! तेरी माँ को पूरा देश चोदे! तेरी माँ की चूत में गधे का लंड! तेरी बहनों की चूत में कुत्ते का लौड़ा! गांडू की औलाद, गांडू चूस! चूस इस चूत के रस को!मुकेश ने अपनी जीभ चूत के पूरे अन्दर तक घुसा दी थी. लेकिन उस कहानी का नाम था ‘मेरी सुलगती बहन’ लेखक ना मालूम कौन था पर मुझे उसका नाम अच्छा लगा.

बीएफ सेक्स व्हिडिओ इंग्लिशअभी दस मिनट ही हुए थे, कि वो बोली- तेज और तेज!मैंने जोरदार धक्के लगाने शुरु कर दिये. क्यूँकि मेरी चूत की प्यास मेरे भाई ने बुझा दी थी…मैंने कहा- नहीं ! मुझे नहीं चुदवाना…उसने मुझे बेड पे पटक दिया और मेरे ऊपर लेट गया मेरे दोनों हाथों को अपने दोनों हाथों से कस के पकड़ लिया ताकि मैं हिल ना सकूँ और फ़िर मुझे किस करने लगा….

देहाती बीएफ जबरदस्ती

वो १८ साल का एक सुंदर लड़का था, लंबा भी था, और हमेशा मुझे देख कर मुस्कुराता था, बल्कि खुश होता था. ‘अरे ये तो नचुरल है, मर्द और औरत का तो मेल है… फिर तुम क्या करती हो?’‘अरे चुप रहो ना!’ वो शरमाती जा रही थी. पर रात भर मैं अपनी बहन की चुदाई के बारे में ही सोचता रहा कि वो कौन खुशनसीब होगा जिसे मेरी बहन की चूत को फाड़ने का मौका मिलेगा.

मैंने इसे उनकी हाँ समझ कर उनके होंठो पर चुम्बन जड़ दिया, अपना एक हाथ उनकी कमर में डाल कर चारों तरफ से उन्हें जकड़ लिया और उनके शरीर के हर भाग पर चुम्बनों की बारिश कर दी. दूध सा सफ़ेद गोरा स्तन और बीच में गुलाबी चुचूक देखते ही मेरी जीभ लपलपाने लगी और फिर मैं दोनों हाथों से उसकी चूची को मसलने लगा…वो मदहोश होने लगी, उसकी आँखें बंद हो गई. मैं चिहुंक उठी…‘ये क्या करते हो जीजू… दर्द होता है…! ‘ मैंने नखरे दिखाते हुये कहा.

आखिर वो दिन भी आ गया जब हमें जयपुर के लिए निकलना था, हमें सुबह 10 बजे मिलना था मगर सुबह 8 बजे ही सोनम का मेरे पास फोन आया, मुझे लगा शायद जयपुर के टूअर के बारे में कुछ बात होगी मगर हुआ बिल्कुल उल्टा, सोनम ने मुझसे पूछा- मैं आज क्या पहनूँ?मुझे लगा कि सोनम मजाक कर रही है इसलिए मैंने भी मजाक में ही कह दिया- तुम बुरका पहन लो उसमें ही अच्छी लगती हो. इस तरह रीटा और राजू का चौदम चुदाई का सिलसिला जारी रहा और रीटा को तो सही मायनों में चुदाई की लत लग गई थी. !”मैं दर्द के मारे कसमसाने लगी थी पर वो मेरी कमर पकड़े रहा और 2-3 धक्के और लगा दिए।मैं तो बिलबिलाती ही रह गई !आधा लण्ड अंदर चला गया था। उसने मुझे कस कर पकड़े रखा।ओह… जस्सी बहुत दर्द हो रहा है.

पर मैंने भी फूल हाथ से नहीं छोड़ा…जब मेरे इस कारनामे पर भी उसका ध्यान नहीं गया तो मैंने उन्हीं रक्त भरे हाथों से उसके सामने फूल कर दिया…यह काम कर गया…उसकी नज़र फूल से पहले मेरी हथेली पर गई…उसने झट से मेरे हाथ से फूल छुडा कर फेंक दिया… मेरे हाथ थाम कर हथेली को अपने हाथ पर रख दूसरे हाथ से कांटा निकालने लगा. लेकिन मुझे पता नहीं था कि मेरे द्वारा दी जाने वाली आज़ादी का जीजू गलत मतलब निकल रहे हैं और वो अब मुझे चोदने की योजना भी बना चुके हैं.

करीब १० मिनट के बाद वो बोली कि जल्दी जल्दी करो, मुझे कुछ हो रहा है, शायद मैं झड़ने वाली हूँ, जल्दी से चोद दो ना मुझे.

वो भी मेरा साथ दे रही थी पूरी तरह !उसकी साँसें बहुत तेज़ हो गई थी- अम्म म्मम्म उफ़्फ़ अम्फ़ जैसी आवाज़ें करने लगी. एक्स एक्स एक्स बीएफ सेक्सी देहातीमैंने नीची नजरे करते हुए रिंकी से कहा- सॉरी! रात को मैं नशे में था इसलिए मैं रिश्तों को भूल गया. इंग्लिश सेक्सी पिक्चर बीएफमैंने चिटकनी लगाई और उसे फुसफुसाते हुए सीढ़ियों से ऊपर जाने का इशारा किया…वो ऊपर चला गया. वो बोली- अगर कोई जाग गया तो?मैंने कहा- मैं अच्छे से चेक करके आया हूँ, डरने की कोई बात नहीं है, सब सो रहे हैं।इसके साथ ही मैंने उसे चूमना शुरू कर दिया। पहले तो थोड़ी देर वो हिचकिचाई, फिर वो भी अच्छा साथ देने लगी.

‘आप सो जाईये अब… बहुत हो गया!’‘अरे मेरी चिकनी भाभी, मेरा लण्ड तो देख, यह देख… तेरे साथ, तुझे नीचे दबा कर सो जाऊँ मेरी जान!’वो बेशर्म सा होकर, अपनी सुध-बुध खोकर अपना पजामा नीचे सरका कर लण्ड को अपने हाथ में ले कर हिलाने लगा.

हम दोनों की जुबान बाहर थी और एक दूसरे से रगड़ खा रही थी।मैं ऊपर था इसलिए मेरे खुले मुँह से लार टपकने लगी जो मेरी जीभ से होती हुई उसके जीभ और फिर उसके मुँह में जाने लगी. आपके मेल बताएँगे कि… मैं लिखूँ या नहीं!आपके मेल का इंतज़ार रहेगा!धन्यवाद![emailprotected]. लेकिन शायद आयशा कि चीख की वजह से ज्योति को यह याद नहीं रहा कि उसने ब्रा-पेंटी के अलावा और कुछ नहीं पहना है.

मेरा जिस्म जलता रहता कितना ही ठंडा पानी क्यों ना हो, मेरा जिस्म आग बरसाता रहता और आख़िर पानी भी हार मान लेता और मैं जलती-सुलगती अपना टूटता हुआ जिस्म लपेटे बाहर आ जाती, दुनिया-जहाँ की हसरतें मचल रही होतीं मेरे सीने में, लेकिन क्या कर सकती थी. दरवाजे की कुन्डी बन्दकर देवर से बोली- तुमने अपनी माँ का दूध पिया तो करके दिखाओ?देवर बेड पर लेटा था, वो उठकर बैठ गया और मेरी तरफ़ हैरानी से देखने लगा. मधु तुम्हारे चूचे कितने बड़े हो गए हैं … ?मधु ने हंसकर कहा- क्यूँ तुम्हारा भी बड़ा हो गया होगा ना?मधु चलो ना डॉक्टर-डॉक्टर खेलते है ? मैंने पूछा.

बीएफ रानी

उसकी उम्र 25 के आसपास थी और उसके दोनों अनार उसके ब्लाऊज में से तने हुए क़यामत दीखते थे. प्रेम गुरु और नीरू बेन को प्राप्त संदेशों पर आधारितप्रेषिका : स्लिम सीमामुझे आते देख कर वह जल्दी से खड़ा हो गया और मुझे बाहों में भर कर नीचे पटकने लगा।ओह. ५ इंच हो गई थी। मैंने कहा क्या करूँ मेरी जान?”ओह… जीजू… अब मत तरसाओ… कर लो अपने मन की। ओह आप मेरे मुँह से क्या सुनना चाहते हैं। मुझे शर्म आती है। प्लीज़…” कुछ ना कहते हुए भी उसने सबकुछ कह दिया था। मैंने अपने लंड को उसकी चूत पर लगा दिया।ऊईईईई… माँआआ.

‘क्या बात है… रास्ता तो साफ़ है… पहले भी चक्कू के वार झेले हैं क्या?’‘आपकी कसम जीजू, पहली बार किसी मर्द का लिया है… अब रास्ता तो पता नहीं!’जीजू मेरे लबों पर अंगुली रख दी.

वो मुझे मेर मुँह पर यहाँ-वहाँ चूमने की सफल/असफल कोशिश करने लगा… मेरे माथे पर, आँखों और नाक पर, मेरे गालों पर.

पर हमारी बातें सिर्फ हम तक ही रहती थी… कोई भी बात चाहे वो यौन क्रीड़ाओं से सम्बंधित हो या फिर, नंगी साइटों से, या नंगी फिल्में हों हम सब कुछ आपस में बाँटते थे. नये सेशन में जुलाई से उसने एडमिशन ले लिया… फिर चला एक खालीपन का दौर… सुमन कॉलेज जाती और आकर बस बच्चे में खो जाती. सेक्सी बीएफ हार्ड वीडियोकुछ देर में मैं भी उत्तेजित होने लगा था और मेरा लंड भी अब पजामे में खड़ा हुआ साफ दिखने लगा था।मैं अपने काम में लगा हुआ था कि मुझे अपने लंड पर कुछ महसूस हुआ। मैंने देखा भाभी मेरे लंड को पजामे के ऊपर से ही सहला रही थीं। मुझे कुछ समझ नहीं आया। मुझे लगा मेरे हाथों के अपने जाँघों पर घर्षण की वजह से गरम हो गई हैं।मैंने भी मौका न गँवाते हुए उनके ऊपर चढ़ गया और फ्रेंच किस करने लगा.

मैंने भी अपना सर झटका और तेजी से सीढ़ियां उतरता हुआ अपने घर आ गया।दिन भर इस घटना को याद करके मुझ में उत्तेजना भरती रही…. गले से क्या लगाया, सबने अपनी छाती से मेरे चूचों को दबाया…मैं समझ गई कि ये सभी ठरकी हैं, अगर किसी को भी लाइन दूँगी तो झट से मुझे चोद देगा।मैं खुश हो गई कि कहाँ एक लौड़ा मांग रही थी और कहाँ चार-चार लौड़े आ गये…पापा उनके साथ अन्दर बैठे थे और मैं चाय लेकर गई… जैसे ही मैं चाय रखने के लिए झुकी तो साथ ही बैठे राठौड़ अंकल ने मेरी पीठ पर हाथ फेरते हुए कहा- कोमल बेटी. रीटा की बल खाई नागिन सी पतली कमर के नीचे रीटा के सरसराता यौवन का रस रीटा की गाण्ड को गीला करके टिप टिप कर टपकने लगा और फर्श को गीला करने लगा.

पर आखिरकार वेदांत के पास एक कन्धा तो था जिस पर सर रख वो अपने दुःख बाँट सकता था … वो थी मैं. अब अक्सर यह संयोग होने लगा कि मेरे कॉलेज से निकलने के समय अमित अंकल उधर से गुजरते और मुझे साथ ले लेते.

मैंने भी हौले-हौले उनके एक-एक कपड़े को उनके बदन से अलग कर दिया।मखमली कमर और छोटी पर बहुत कम चुदी हुई गुलाबी बिना बाल की चूत… शायद किसी को पहली नजर में घायल कर दे…मैंने देर नहीं की, झपट करके उन्हें पकड़ा और निप्पल पर मुँह लगाया.

अन्दर का दृश्य और कोमल की हरकत ने मेरा लौड़ा खड़ा कर दिया… मेरा खड़ा लण्ड उसकी चूतड़ों की दरार में रगड़ खाने लगा. फिर भी कैसे ?दोनों टांगें को हाथों से पकड़ कर ऊपर तान दे और मोटा सा लंड गच्च से अन्दर ठोक दे या फिर …. ?’ (ओह… प्रेम… मुझे कुछ… हो रहा है… कुछ करो ना?)‘देखो मेरी सिमरन… मेरी सिमसिम अब हम उस मुकाम पर पहुँच गये हैं जिसे यौन संगम कहते हैं और… और…’‘ओह…हवे शायरों वाली वातो छोडो आने ए…आह.

मारवाड़ी हिंदी सेक्सी बीएफ इ।शायद उसका योनिपटल टूटा होगा। मैंने प्यार से उसके सर पर हाथ फ़िराया और हल्के से चूम लिया।अब मैं लण्ड को और अन्दर डालने लगा और धीरे धीरे स्पीड बढ़ाने लगा। वो दर्द की वजह से ज्यादा साथ नहीं दे रही थी पर मुझे पता था कि थोड़ी देर के बाद वो ठीक हो जाएगी। और फिर उसकी तरफ से उह्ह्ह अह्ह्ह की मीठी आवाज आने लगी, कहने लगी- राहुल…. अमिता की चूत चाटने के कारण उसकी चूत का दाना खड़ा हो गया और उसकी चूत पानी छोड़ने लगी.

हमने भले ही सब कुछ प्रेम में किया हो… और भले ही यह सब हमारे निस्वार्थ प्रेम में गलत ना हो. सुन्दर रीटा मस्ती में आकर सीऽऽ सीऽऽ सिस्कारें मारती और उसी अंगड़ाती पोज़ में अपनी कमर को आगे पीछे करने लगी, तो बहादुर का लण्ड के मुँह से लार टपक पड़ी. भाभी ने मुझे एक तरफ करते हुए कहा- क्या करते हो? सबके आने का समय हो गया है, किसी ने देख लिया तो?लेकिन मैंने भाभी की एक ना सुनी और उन्हें फिर चूमने लगा तो भाभी ने मेरे गालो पर एक थप्पड़ मार दिया और चली गई.

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कहानी का पिछला भाग:मेरे बस के सफ़र से आगे का सफ़र-2मैंने मामी को नीचे खींचा और फिर से उनके मम्मे दबाने लगा. कुछ देर बाद आंटी कह रही थी- और जोर से सागर! और जोर से!मैं भी पूरे जोर से आंटी को चोद रहा था. मैं कभी टी वी पर फ़िल्म देखता तो कभी मेरी नज़रें रसोई में काम करती उस लड़की की छोटी स्कर्ट के नीचे उसकी गोरी टांगों पर चली जाती.

पापा को ट्यूशन से बहुत नफरत थी इसलिए मैं वो भी नहीं लगवा सकता था तो भाभी से मदद मांगी तो उन्होंने मदद करने के लिए हाँ कह दी. फिर माँ ने मेरे लंड पर हाथ रखा और पैंट के ऊपर से ही सहलाने लगी, उन के स्पर्श से मेरे पूरे शरीर में मानो एक करन्ट सा लगा, किसी ने पहली बार मेरे लंड को छुआ था और मैंने उन के स्तनों को पूरे जोर से निचोड़ दिया जिस से उन की चीख निकल पड़ी- अ आअ आह.

प्रेषक : अजय कुमारदोस्तो, मेरा नाम अजय है मैं 29 वर्ष का हूँ, मैं भी आपकी तरह इस साईट का दीवाना हूँ और जब भी मुझे मौका मिलता है तो यहाँ कहानियाँ पढ़ता हूँ.

कमरे में फ़च फ़च की आवाजें गूंज रही थी।थोड़ी देर में वो बोली- मेरा तो निकलने वाला है!तो मैंने और गहराई में धक्के मारने शुरु कर दिये और वो झटके खाने लगी- मारर डाला!और मुझे बांहों में बड़े जोर से दबा लिया और शान्त पड़ने लगी. मुझे चुदाई में बहुत मज़ा आ रहा था इसलिए मैंने उनकी बातों पर दयाँ नहीं दिया और ट्रेन के हिलने की गति के साथ ही हिल हिल कर लंड लेने लगी. आह !इस बार लंड का सुपारा थोडा अन्दर गया तो उसके मुह से एक आःह्ह्ह निकली……फिर थोड़ा जोर लगाया तो दो इंच लंड घुस गया लेकिन उसको दर्द होने लगा…जैसे ही थोड़ा और धक्का लगाया तो वो पैर पटकने लगी, उसकी आँखों से आँसू बहने लगे और कहने लगी- प्लीज़ बाहर निकालो ! मैं मर जाउंगी….

मैंने उठना चाहा लेकिन उसने मुझे अपने ऊपर खीच लिया और मेरे होंठों को अपने होठों से दबा कर चूसने लगी। थोड़ी देर तक हम दोनों इस प्यार भरे चुम्बन में लगे रहे लेकिन तभी…. मेरे इस सवाल पर उसने मुझे टांगों से अपनी और खींचा और मेरी निक्कर उतार फेंकी… अपनी लंड हाथ में लिए वो वो मेरी चूत को और तड़पाने लगा…. एक अजीब सी ख़ामोशी छा गई, एक सवाल ने हम दोनों के बीच की तीन दिन की दूरियों को खाई में बदल दिया…दादी भले ही उसकी माँ के दूर होने के बाद.

अभी मुझे 2-3 दिन ही हुए थे कि भैया की साली आने वाली थी और भैया कोई काम की वजह से स्टेशन नहीं जा पा रहे थे तो उन्होंने मुझे स्टेशन जा कर मेघा (भैया की साली) को लाने के लिए कहा.

एचडी हिंदी बीएफ बीएफ: मेरा टोपा अंदर था और फिर मैंने लंड को बाहर निकाला और एक झटके में पूरा उसकी चूत में डाल दिया। शाजिया की हल्की चीख निकल गई, मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए।अब मेरा लंड और उसकी चूत आपस में एक दूसरे के साथ चुदाई का खेल खेल रहे थे। उसकी चूत कसी हुई थी क्योंकि उसने काफी दिनों या सालों से किसी के साथ कुछ किया नहीं था. तान्या ने मुझे कुछ देर इन्तजार करने के लिए कहा जो मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगा मगर और कोई रास्ता ना होने के कारण मैंने इन्तजार करना ही ठीक समझा, मैंने सोचा चलो एक दिन की ही बात है.

मैं सोनम के और करीब गया और उसे कस कर बाहों में जकड़ लिया क्योंकि हम दोनों ही एक-दूसरे से शादी के लिए राजी थे तो सोनम ने इसका कोई भी विरोध नहीं किया. जैसे ही उसने दरवाजा खोला मैंने पूछा- प्रिया कहाँ है?तो वो बोला- तुम कौन हो और प्रिया को कैसे जानते हो?तभी प्रिया भाभी एक काले रंग के चमकीले गाऊन में बाहर आई. अगले दिन क्योंकि हम सबको पिकनिक पर जाना था सो हम सभी सुबह जल्दी उठ गए लेकिन अचानक ऑफिस का जरूरी काम पड़ने के कारण भैया का आना कैंसल हो गया तो भैया ने मुझसे भाभी को घुमा लाने को कहा मगर भाभी ने मना कर दिया.

मैं समझ गई …घर में कोई नहीं था, मैंने अपने मम्में बाहर निकाल लिए टी शर्ट से ! क्यूंकि मैं हर वक़्त ब्रा नहीं पहनती.

समय बिताने के लिए मैंने अपना पीसी चालू किया और उसे अपने और मेरे घर वालो के फोटो दिखाने लगा. उसने अन्दर कुछ नहीं पहना हुआ था, जैसे ही उसने अपना टॉप उतारा, मैं झट से उस पर टूट पड़ा और वो मेरे सर को पीछे से धक्का दे रही थी जैसे वो मेरे सर को अपने छाती के अंदर घुसा लेगी. मैंने अपनी जिन्दगी में पहली बार चूत को इतनी पास से देखा था। चूत पर छोटी छोटी झांटें….