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फिर मैंने धीरे से आंटी की सलवार का नाड़ा खोल दिया और आंटी की चूत को पैंटी के ऊपर से ही सहलाने लग गया।मैंने देखा कि आंटी की चूत पानी-पानी हो गई थी. सेक्सी व्हिडिओ म्युझिकउसी में उन्होंने मुझे भी आमंत्रण दिया और मुझे भी नए साल को यादगार मनाने की जिज्ञासा थी तो मैंने हां कह दी थी.

मैंने मैडम की चूत पर अपनी जीभ लगायी, तो मैडम तो पागल सी हो गईं ‘उम्म्ह … अहह … हय … ओह …’मैंने काफी देर तक मैडम की चूत चूसी और मैडम झड़ गईं. गांव की गोरी सेक्सी फिल्ममैंने जल्दी से उसके सूट को उतरवा दिया तो अंदर से उसकी लाल ब्रा सामने आ गयी.

मैंने कहा- अम्मा तूने इतने सालों से सेक्स नहीं किया? सच बता और किसी से भी चुदवाया है?अम्मा ने कहा- नहीं बेटे मैंने किसी से चुदाई नहीं की … तेरे मोटे जवान लंड और मेरी प्यासी चुत की कसम खाकर कहती हूँ … मैंने कभी किसी से नहीं चुदवाया.बीएफ सेक्सी ब्लू फिल्म दिखाइए: मैं और कांतिलाल अब एक दूसरे के सीने से चिपक गए थे और वो मुझे हौले हौले से उत्तेजित करने का प्रयास करने लगा.

फिर मैंने डॉली की चूत के छेद पर अपना रखा हुआ लौड़ा खूब तेज धक्का दे मारा.अब रमा मान गई और बोली कि खाना खाने के बाद सब अपने अपने कमरे में चले जाएंगे और वो आज राजशेखर के साथ सोएगी.

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नमस्ते दोस्तो, मैं आपका दोस्त आज आपको अपनी ज़िंदगी की उस पहली लड़की के बारे में बताने जा रहा हूँ जिसे मैंने उसकी कमसिन जवानी के पहले दौर में मतलब 19 की कच्ची कली को फूल बनाया था.फिर मैंने एक पैन लिया और अपनी उसमें डालने लगी पर मेरी चाहत कम नहीं हो रही थी.

राजशेखर भी तो बस पास में ही था, वो भी जोरों से गुर्राया- गुर्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र … ले …उसने एक सांस में धक्के तेज़ी से मारना शुरू कर दिए. बीएफ सेक्सी ब्लू फिल्म दिखाइए इधर भाभी की गांड भी बल्लू के लंड पर उछलने के लिए बेताब हुई जा रही थी.

चूत में पूरा लौड़ा घुसते ही डॉली जोर से चिल्लाने लगी- आआअह्ह … मर गई … उईईई … मम्मी रे फट गई मेरी चुत … आह निकाल ले … मर गई रे मम्मी.

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तो बुआ का घर आ गया मैंने दरवाजा खटखटाया तो बुआ बाथरूम से बोली- कौन है?मैं नहीं बोला … मैं उनको सरप्राइज देना चाहता था।फिर कुछ देर बाद मैंने कहा- मैं हूँ अंकुर!तो बोली- तुम रुको, मैं नहा लूं।मैं वहीं खड़ा रहा. इधर जब तक मैंने 3 से 4 धक्के मारे थे, रवि भी मेरे चूतड़ और ज्यादा ताकत से पकड़ गुर्राने लगा और फिर एक तेज़ गर्म लावा सी मेरी योनि के बच्चेदानी से टकराया. पर यह हम सब साथ थे, संभवत: एक दूसरे में ध्यान केंद्रित करना संभव नहीं था.

इस पर रमा बोली- सबकी बातों को बराबर ध्यान दिया जाएगा, पर आज जिसने पहले न्यौता दिया, पहला हक़ उसका बनता है. एक दिन की बात है, मैं जब उसके घर पर उसे एक्सरसाइज करवाने के लिए गया … तो वो बहुत बिजी लग रही थी. चूंकि हम पांच लड़कियां हैं और पांचों ही लड़कियों ने कॉलेज के दिनों से अपनी चूत चुदवानी शुरू कर दी थी तो इन कहानियों का सफर काफी लम्बा चलने वाला है जिसमें आपको पूरा मजा आने वाला है.

मैंने तुरंत ही बाथरूम का लाईट को बंद किया और नंगा होकर अम्मा के बाजू में सो गया. फिर मैंने धीरे से एक उंगली चूत में डाल के अपने मुंह में ले ली और फिर वही उंगली आंटी के मुंह में दे दी. दीदी की चूचियों की मस्त और सेक्सी क्लीवेज और ब्लैक ब्रा में कसे हुए दूधिया रंगत वाले दीदी के मम्मे मुझे गरम करने लगे थे.

हम चार लोग ही स्वीमिंग पूल में पहुंचे … बाकी अभी भी सो रहे थे, जिससे साफ था कि उन्होंने रात में ट्रेन में ही चुदाई की होगी, जिससे वे लोग थकान महसूस कर रहे थे. 5 इंच लंबे और 3 इंच मोटे लंड से अपनी बुर की चुदाई का मज़ा ले रही थी.

पर इस चक्कर में उसके जोर लगाने से उसका खड़ा मस्त लंड मेरी गांड के छेद पर बार बार हल्के हल्के धक्के भी दे जाता था तो मुझे मजा आ जाता था.

किसी तरह बहुत विनती करने के बाद वो मुझे छोड़ा और बगल में लेट गया और मुझे अपनी ओर खींच कर सीने से लगा लिया.

क्यों अच्छे खासे हो, हैंडसम हो, फिर कोई गर्लफ्रैंड क्यों नही है?”उसका सवाल बिल्कुल सीधा सटीक था. तेरा चुतिया पति तेरी गांड का खुला छेद देखकर हैरान हो जाएगा कि कौन सी ट्रेन घुस गयी इसमें … वो ये जरूर बोलेगा. कभी मैं काव्या के होंठों को चूसता … और कभी वो मेरे होंठों को चूसती.

कई लंड लिये हैं, लेकिन तुम्हारे साथ चुदाई करवा कर मुझे अपनी जवानी के दिन याद आ गये. उसने एक ही बार में लिंग जोर से अन्दर को धकेला और रमा की योनि की गहराई में धंसा दिया. मैं आपको बताना चाहूंगा कि मेरी पत्नी बहुत ही खुले विचारों वाली है और वह मुझसे सेक्सी बातें खुलकर करती है.

उनका साड़ी बदलना और रात को उंगली चुत में डाल कर सोना … ये मैं हमेशा सोने की एक्टिंग करके देखने लगा.

फ़िर से उसी प्रकार पानी की धारा निकली और इस बार थोड़ी ज्यादा मात्रा में थी. उसके मादक छुवन से मेरे बदन में ऐसा लग रहा था, मानो हज़ारों चीटियां मेरे बदन में रेंग रही हों, मेरे जिस्म में एक मीठी सिहरन सी हो रही थी. क्या देखा था मैंने?दोस्तो, मेरा नाम अभि है और मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ.

निर्मला ने मुझे बताया कि वो एक तरह की शराब है, जो लोग खास तरह के मौकों पर पीते हैं. वो चार लड़के उसे छेड़ने लगे और उससे बोलने लगे- चल बोल … कितना लेगी?वो बोली- आप जैसा समझ रहे हो … मैं वैसी नहीं हूँ. फिर उसने खुद ही मेरे कच्छे में हाथ दे दिया और मेरे लंड को मुट्ठी में भर लिया.

फिर कहने लगी- साले बैठा ही रहेगा? तू भी तो चोद मुझे?मैं उठ गया और मैंने उसे बेड पर ले जाकर घोड़ी बना दिया.

करीब एक मिनट की इस स्खलन प्रक्रिया के बाद दोनों ही ढीले होकर एक दूसरे से लिपटे रहे. मेरे स्तन अब फ़िर से सख्त होने लगे और योनि में गुदगुदी के साथ हलचल होने लगी.

बीएफ सेक्सी ब्लू फिल्म दिखाइए फिर भाबी ने नीचे बैठकर मेरा लंड अपने मुंह में ले लिया और उसको जोर जोर से चूसने लगी. मैंने तीन-चार जबरदस्त झटके भाभी की गांड में देते हुए अपना माल उसकी गांड में छोड़ दिया.

बीएफ सेक्सी ब्लू फिल्म दिखाइए मैंने उससे कहा- नहीं ऐसा नहीं है, वास्तव में मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है।फिर मैंने उससे पूछा- तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड नहीं है?वो मेरे इस सवाल पर बोली- नहीं, मेरा कोई बॉयफ्रेंड नहीं है. उस दिन पूरे दिन मेरी फटती रही कि चुदाई स्टोरी तो बनी नहीं … आंटी मम्मी को ना बता दें और मेरी घर पर ठुकाई लग जाए.

पर मैं कुछ नहीं बोल सकती थी क्योंकि मेरे किरदार के हिसाब से मालिक कमलनाथ था और मुझे हर कष्ट बर्दाश्त करना था.

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उसने मेरी बांयी टांग को घुटने के नीचे से हाथ डाल उठा कर ऊपर कर दिया, इससे मेरी टांग मेरे सीने तक उठ गई. उसकी चूत ने कुछ देर बाद लंड को झेल लिया और उसके दर्द में कुछ आराम हो गया अब उसकी चीखें निकलना बंद हो गई थीं. सिर्फ उसने लंड को ही पकड़ा था और मेरी पूरी बॉडी उसके कंट्रोल में हो गई थी.

प्रीति से अच्छी पहचान के वजह से कई बार मैं उसके घर भी जाया करता था और वो भी मुझे छोटा भाई कहकर अपने घर बुलाती थी. उसने टांग मेरे कंधे पर रख ली और अब पूरी जीभ उसकी चूत में अंदर तक घुसने लगी. राजशेखर जितना जोर ऊपर से लगा रहा था, उतना ही जोर मैं भी नीचे से लगाने का प्रयास करने में लगी थी.

वो निर्मला के पीछे जाकर अपना लिंग उसकी योनि में प्रवेश करा के किसी दुश्मन की भांति उसे धक्के मारने लगा था.

पांच-सात मिनट तक उसकी चूत की चुदाई मैंने उसी तरह की और फिर मैंने उसको उठने के लिए कहा. बिल्डिंग बन जाने के बाद में हम लोग फिर से हमारे इसी घर में ही रहने वाले थे. जैसे जैसे संभोग की क्रिया अपने चरम की ओर अग्रसर होती जा रही थी, वैसे वैसे हम दोनों को अब आनन्द की अनुभूति होने लगी थी.

मैंने सोचा क़ि मौका बढ़िया है अभी जाकर इसको दबोच लेते हैं और अपनी इच्छा पूरी कर लेते हैं. मैंने फिर अपनी जीभ को मौसी की चूत से निकाल लिया और मौसी से कहा कि जैसे मैंने चूत में किया है आप भी मेरे लंड को चूस लो. जब 15-20 मिनट हो गए, अंतरा नहीं आई तो मैं समझ गया कि उन लड़कों के साथ पढ़ाई कर रही होगी.

दोस्तो, इसके बाद की अगली कहानियों में मैं आप लोगों को बताऊंगा कि कैसे मैंने एक साथ युक्ता और शोभा की चुदाई की. मेरा लंड तो उसकी बीवी की वजह से टाइट भी था और थोड़ा गीला भी हो गया था.

मैंने उससे किसी होटल में रुकने के लिए कहा तो उसने कहा कि नहीं उधर मेरा दोस्त रहता है. मैं उसके होंठों को चूसता रहा और उतने में ही मैंने दूसरा धक्का लगा कर अपना पूरा लंड चाची की चूत में ठोक दिया. जब पहली बार सोनू ने मुझसे पूछा कि राज क्या तुम मेरे घर पर आकर भी काम कर सकते हो क्या? काम बहुत ज्यादा है और ऑफिस टाइम में काम पूरा नहीं हो सकता है। तब पहली बार मुझे ऐसा लगा कि अब मेरा काम बन सकता है। काम ज्यादा होने के कारण कभी कभी सोनू मुझे अपने घर भी बुला लेती थी।एक शाम जब मैं सोनू के घर गया तो वह मुझे कुछ परेशान लगी.

लगभग 5 मिनट के बाद उसने मुझे एक बहुत ही जोर का धक्का मारा और मैं चीख पड़ी- ओह्ह … म म.

आंटी ने अपने हाथों से मेरा लंड अपनी चूत पर सैट किया और धक्का लगाने को बोला. अगले मैं उस कमरे में बीस मिनट पहले ही आ गया और उसके आने का इन्तजार करने लगा. रात को अक्सर इस तरह की आवाजें मुझे उनके कमरे से सुनाई दिया करती थीं.

वो झट से बोली- प्लीज आप लोग मुझे भाभी कहना बन्द कीजिये … केवल रमा कहिए … और किसे कहां चोदना है, मुझसे ना पूछें, मैं भी तो देखना चाहती हूँ कि आखिर ये कैसी सर्विस देती है. फिर वो मेरी बात सुन कर मुस्कराने लगी और अपने बैग से चिप्स का एक पैकेट निकाल कर उसे खोला और चिप्स खाने लगी.

मैं धीरे से अपने होंठों को भाभी के होंठों के पास ले गया और फिर मैंने उसके होंठों को चूम लिया. वो सिर्फ एक लाल रंग के शनील के गाउन में थी जिसकी पतली सी स्ट्रिप उसके कंधों पर पड़ी थी. मेरा लंड तो एकदम धीरे धीरे गर्म होने लग जाता और लोअर के अन्दर ही धीरे धीरे अकड़ने लगता.

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जहां इतनी देर जांघें फैलाये हुए अब मुझे मेरी जांघों में अकड़न होने लगी थी … वहीं कमलनाथ भी धक्के मारते हुए थकान महसूस करने लगा था.

तेरे ये मोटे चूतड़ वाली गांड वाली बड़ी बावड़ी में भी मैं मेरा पाइप पेलूंगा. उधर से मैं धीरे धीरे अपने हाथ, उसके मम्मों के और पास ले जाता और उन्हें दबा देता. कल तुमने इतना सहलाया कि वो काम से पहले ही झड़ गया।उसने कहा- कोई बात नहीं जान! घर में कोई है नहीं तो चुदाई कभी भी कर सकते हैं.

राजशेखर ने भी मेरे चूतड़ों को सहारा दिया और मुझे ऊपर नीचे होकर धक्के मारने में सहायता देने लगा. नीचे अपनी चूत में लंड लिए आंटी मेरे बदन पर हाथ फेरते हुए बड़बड़ा रही थीं- आह … और तेज जान … हां और तेज … फाड़ दे इसे … पूरा घुस जा इसमें … आह बहुत मजा आ रहा है … और तेज चोद राजा … आह आज से तू मेरा पति है … आह मुझे जम कर चोद दे. க்ஸ் விதேஒஸ் தமிழ்एक दिन मैं घर पर अकेला था तो पता नहीं मेरा मन भी किया कि एक बार तो हस्तमैथुन करके देखना चाहिए कि कितना मजा आता है.

आंटी पूछने लगी- तुम सोसायटी के व्हाट्स एप ग्रुप में हो क्या?मैंने कहा- नहीं. उधर मेरा खेल देख कर राकेश का लंड एक बार पानी छोड़ चुका था और काव्या की चूत भी पानी पानी हो रही थी.

मां ने पूछा- वो कहां मिलेगी?मैंने बताया- यहीं पर मार्केट में ही मिल जाती है. मैं उसके मम्मों को अपनी जीभ से चाटने लगा ‘सर्र सरर … सपप्प पप्प …’ मैं उसके एक दोनों मम्मों को अपने मुँह में लेकर बारी बारी से एक एक करके चूसने लगा. इससे डॉली की मादक सिसकारियां अब और तेज हो गई थीं ‘अहहह्ह्ह्ह … स्सीईईई … आहाहा.

फिर मैंने सोचा कि अब दिल्ली आया ही हुआ हूं तो थोड़ा घूम ही लेता हूं. एक दिन मैंने गलती से पोर्न वीडियो की लिंक उनको सेंड कर दी थी और मेम ने वो लिंक देख लिया था. नमस्कार पाठको, मुझे आप सबका प्यार मिला, बहुत ख़ुशी हुई कि मेरी कहानियां आपको रोचक लगीं.

जैसे जैसे मेरे धक्के तेज होते जा रहे थे मैं उसके चेहरे पर आनंद को साफ-साफ देख सकता था.

थोड़ी देर में ही हम सेक्स करते करते झड़ गए, हमारा पानी निकल गया था और हम दोनों थक कर बिस्तर पर लेट गए थे. जो शांत स्वभाव की थी और दिखने में किसी स्वर्ग की अप्सरा से कम नहीं थी.

मैं अपनी बेस्ट फ्रेंड सोना और अल्पना दोनों के बॉयफ्रेंड विवेक और सनी के साथ कैसे चुद चुकी हूँ. मम्मी बोलीं- बेटा बहुत दिन तक अगर चूत की चुदाई ना हो, तो चूत का मुँह चिपकने लगता है … इसलिए चूत टाईट हो गई है. मैंने हंस कर कहा- सिर्फ दोस्ती ही करोगी … या उससे भी कुछ आगे करने का इरादा है.

थोड़ी देर में कांतिलाल मेरे ऊपर से उठकर बिस्तर पर लेट गया और मैं वैसी ही पड़ी रही. उसके बाद जब मैं कांतिलाल को केक खिलाने गई, तो उसने मुझे मना कर दिया. मैंने उनसे पूछा- क्या आपको दर्द हो रहा है?उन्होंने मेरे सर को वापस अपने मम्मों पर दबाते हुए कहा- नहीं रे … तू अपने काम में लगा रह … मुझे मजा आ रहा है.

बीएफ सेक्सी ब्लू फिल्म दिखाइए राजशेखर ने पीछे आकर अपना लिंग एक बार में ही मेरी योनि की गहराई में उतार दिया. उस समय उन्होंने लाल रंग का गाउन पहन रखा था, जिसमें उनकी चुचियों की लाइन साफ दिख रही थी.

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मैंने इतना सुनते ही उसको अपनी तरफ खींचा और उसके चूचों पर हाथ रख कर उनको जोर-जोर से दबाने लगा. मुझे भाभी से अलग होने का मन नहीं था, पर होना पड़ा क्योंकि बच्चे परेशान करने लगे थे. वो मेरे शरीर को देख कर पागल हो गई और कहने लगी- मैंने आज तक ऐसा शरीर नहीं देखा … तुम कितने सेक्सी दिखते हो.

जब वो चीखती तो मैं अपने लंड को बाहर निकालता … और फिर कसके झटका मार देता. इतना बोल कर वो चली गयी और मैंने भी नीचे अपने रूम में जाकर अनु की गोल गोल चूचियों के बारे में सोच कर मुठ मारी और कल्पना में उसको चोदते हुए माल निकाल दिया. തെലുങ്ക് സെക്സ് വീഡിയോमैंने भी उसको प्यार से उसके गालों पर एक किस कर लिया, ये मेरे जीवन का पहला किस था.

फिर रास्ते में मैंने भाभी को फिर से अपना लंड चुसवाया और गाड़ी में ही उसकी चूत चोदी.

मेरे स्तनों से जैसे ही दूध की तेज पिचकारी छूटी, मुझे एक अनोखा अनुभव हुआ, जो इससे पहले कभी नहीं हुई थी. उसकी तड़प देख कर मैंने बिना देरी किये अपना लौड़ा उसकी चूत में घुसा दिया.

कुछ पल यूं ही रुके रहने के बाद मैंने आराम आराम से लंड को अन्दर बाहर करना चालू कर दिया. बल्कि वो तो हर धक्के पर अपने चूतड़ों को यूं हिला डुला रही थी, मानो पिछले धक्के का आकलन कर अगले धक्के को सही अंजाम देना चाहती हो. मैं तो किस करने लग गया लेकिन आंटी दिखावटी रूप से छुड़ाने की कोशिश करने लग गई।और जब मैंने नहीं छोड़ा तो आंटी भी मेरा साथ देने लग गई.

वे जब भी हमारे घर आतीं या मुझे कोई काम के लिए बुलातीं, तो वह मुझे बहुत प्यार से और हंस कर बात करती थीं.

तो उसने क्या किया?अब तक की मेरी इस मस्त सेक्स कहानी के पहले भागएक्सरसाइज करवाते वक़्त भाभी को चोदा-1में आपने पढ़ा था अपूर्वा नाम की एक भाभी को कसरत करवाने मैं उसके घर जाता था. उसको मैंने पूरी गहराई तक चोदा, मेरा पूरा 6 इंच का लंड उसके अंदर था. फ़िर उसने मेरे हाथ छोड़ दिए और सिर मेरे सिर के पास रख मुझे कंधों से पकड़ लिया.

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नमिता की बूर के लब खोलकर मैंने अपने लण्ड का सुपारा रखा और नमिता की कमर पकड़ कर धक्का मारा पहले धक्के में सुपारा और दूसरे में पूरा लण्ड नमिता की बूर में चला गया. मगर इसमें बहुत रिस्क भी था, हो सकता है, वो मेरे मुँह पर झापड़ मार दे कि पहले बेटी को बर्बाद किया अब मेरे पर भी गंदी निगाह रखता है. इसलिए उनकी सास ने मेरी माँ से कहा कि राकेश को कुछ दिनों के लिए रात को सोने को भेज देना क्योंकि घर में बहू अकेली रहेगी।रात को खाना खाने के बाद मैं उनके घर चला गया.

फिर मैंने उसे सोफे पर बैठाया और उसकी नाइटी ऊपर उठा कर उसके पैर को किस करने लगा. शायद दोनों के ही मन में ये डर था कि अगर चुम्बन की आवाजें बगल में सो रहे लोगों के कानों में पड़ गयीं तो लेने के देने न पड़ जायें इसलिए दोनों ही सावधानी के साथ एक दूसरे को भोगने की राह पर आगे बढ़ रहे थे. मैंने पूछा कि हम एक दूसरे को पहचानेंगे कैसे?उसने बोला कि मैं ब्लैक टी-शर्ट पहन कर आऊंगी.

मगर उसकी इज़्ज़त का ख्याल आते ही मन बदल गया और सोचा चलो थोड़ा इंतज़ार और सही. उसकी बाजू पकड़ कर मैंने अपनी ओर खींचा, तो वो नीचे को ही झुक गई और मेरे पैरों के पास ही बैठ गई. राजशेखर ने मेरे साथ कभी संभोग नहीं किया था, तो उसने सबसे पहले मुझसे ही पूछा.

उसने अगले ही पल लंड को झटका मारा तो उसका लंड मेरी फांकों को फैलाता हुआ अन्दर घुस गया. हालांकि मैं इस बात में विश्वास करने वाला हूं कि स्त्री केवल भोग की वस्तु नहीं है.

मुझे अब मुझे ऐसा लगने लगा कि जो चीटियां अभी तक मेरे बदन पर रेंग रही थीं, वो अब दौड़ने लगी हैं.

दोस्तो, मैं आपकी पीहू एक बार फिर अपने जीवन की एक सच्ची घटना, गोवा सेक्स की कहानी लेकर आई हूं. वीडियो में नंगी पिक्चर सेक्सीजब भाई मजे ले रहा है तो मैं क्यूं पीछे रहूं?मैंने कहा- तो मुझमें ऐसा क्या खास लगा तुमको?वो बोली- तुम काफी समझदार लगे मुझे. सेक्सी वीडियो रंडियों कीमुठ मार कर मैं हमेशा यही सोचता कि पता नहीं किस दिन मेरा ये लंड चाची की चूत में घुसेगा. अब विशाखा बोली- मेरे सोना … अपनी सलहज की जवान चूत में अपने लौड़े को जल्दी से पेल दो.

कुछ देर जुबैदा की गांड मारने के बाद मुझे लगा कि मेरा लंड पानी छोड़ने वाला है.

मेरे हाथ अब उसकी बगल से होकर उसकी चूचियों को हल्के से दबाने लगे थे जिसका वो कोई विरोध नहीं कर रही थी. कुँवारी बुर की चुदाई की कहानी में पढ़ें कि कैसे मेरे पड़ोस में रहने वाली लड़की ने अपनी कामवासना से मजबूर होकर अपने कमसिन जिस्म को मेरे हवाले कर दिया. वो मेरे लंड को अन्दर तक लेकर चूसने में मस्त होने लगी और एक हाथ से मेरे आंडों को भी सहलाने लगी.

इस हिंदी गे सेक्स स्टोरी में पढ़ें कि कैसे हॉस्टल मेस में मेरे रूममेट ने आधी रात मेस वाली की बेटी की चुदाई की. हमारी आंखें मिली हुई थीं, हमारे होंठ थरथरा रहे थे और हम दोनों एक दूसरे की गर्म सांसों को महसूस कर सकते थे. 20 साल की उम्र में मैं मेरे गाँव से दूर शहर में कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने आया था.

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मैंने देखा कि सुरेश इस वक्त केवल एक अंडरवियर में था और उसका लंड अंडरवियर में खड़ा था. जब भाभी को लंड से मजा मिलने लगा, तब उनकी गांड हिलने लगी और वो भी अपनी गांड उठाते हुए लंड का जवाब देने लगीं. और एक दिन सोनाली को नहाते हुए देख ही लिया। वो हमेशा बाथरूम में नहीं नहाती थी.

साँसों को थामते हुए धीरे धीरे जब वो अलग हुए, तो लगा कि दोनों में किसी प्रकार की शक्ति बाकी नहीं रही.

उस पर शारीरिक दबाव भी होता है और मानसिक भी … पहली डिलीवरी के समय तो मानसिक तनाव बहुत ज्यादा रहता है क्योंकि स्त्री प्रसव में होने वाले दर्द से भयभीत रहती है.

वैसे कांति तुम्हें बहुत पसंद करता है, इसलिए शायद कल ज्यादा ही आक्रामक हो गया होगा. मैंने कहा- अब और नहीं होगा … मुझे घर भी जाना है, रात हो जाएगी तो परेशानी होगी. ranidom वांराजशेखर को धक्के मारते हुए दस मिनट हो चले थे और अब तो निर्मला की आंखों में आंसू आने को थे.

उस शाम को तो मैम के दोनों बच्चे खाना खाने के बाद सो गए लेकिन हम दोनों पूरी रात सिर्फ बातें करते रहे. कॉलेज को खत्म हुए काफी वक्त हो चला है और अब मुझे ऐसी ही किसी गर्म बुर की तलाश है. उसमें एक टीचर अपनी स्टूडेंट को क्लासरूम के डेस्क पर लिटा कर उसकी चूत में जोर जोर से गचके मार रहा था.

अब मैंने उससे पूछ ही लिया- फरजाना तुम तो यहां अपनी बेटी को मुझसे बचाने आई थीं. 5 मिनट बाद वो भी मेरा पूरा साथ देने लगी, अचानक एक आवाज आई- उम्म्ह … अहह … हय … ओह … मैंने पलट कर देखा तो मेरा दोस्त शोभा की चूचियों को बाहर निकाल कर उसके निप्पल को जोर जोर से चूस रहा था.

चूचे बाहर आते ही वो दोनों उन पर टूट पड़े और उसको दबाने और चूसने लगे.

ये इशारा था कि रमा अब पूरी तरह गर्म हो गई है और वो संभोग के लिए पूरी तैयार हो चुकी है. वो सीधा मेरे पास आकर मेरे सामने बैठ गया और मेरी टांगें पकड़ अपने दोनों तरफ फैलाते हुए मेरे बीच में आ गया. मेरे पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि मेरे एक दूर वाले अंकल की तबीयत खराब है, तो उन्हीं को देखने और उनसे मिलने वे दोनों अस्पताल जा रहे हैं.

archestra सेक्सी उसने बाद में मुझे बताया कि ये तीन दिन उसकी लाइफ के सबसे अच्छे दिन थे. मैंने भी खुद को तैयार कर लिया कि उसके साथ मैं भी झड़ जाऊं … पर रवि तो पहले ही झटके खाने लगा था.

वो किचन से जब पानी लेकर आ रही थी तो मेरी नजर उनके ब्लाउज में दबे हुए चूचों पर ही टिकी हुई थी. मेरे यार ने मेरी टांगों से पेटीकोट को खींचा, तो मैंने उसको सहयोग करते हुए पेटीकोट निकल जाने दिया. हम जिस कमरे में खड़े थे, वहां काफी सामान होने की वजह से जगह बहुत कम थी.

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उसने बाद में मुझे बताया कि ये तीन दिन उसकी लाइफ के सबसे अच्छे दिन थे. उसके बाद निधि और कुणाल फिर से रूम में चले गए, कुणाल और निधि ने फिर से चुदाई की।चुदाई करने के बाद वे लोग चले गए।तब से निधि से मेरी सीधी बात होने लगी, अब जब भी हम लोगों को मन करता है, हम लोग मिलकर चुदाई करते हैं।अगली कहानी में आप लोगों को बताऊंगा कि कैसे मैंने और निधि ने अन्तर्वासना पर मिले एक जोड़े के साथ ग्रुप सेक्स किया।[emailprotected]. सभी लोग अपने अपने परिवार के साथ रह रहे हैं और मैं यहाँ अकेला पड़ा हूँ और बीवी और बेटे को प्यार भी नहीं कर सकता।यह सुनकर वो बहुत परेशान हो गई और रोने लगी, उसने बोला- इस सबकी वजह मैं हूँ, मेरी वजह से आप दोनों को परेशानी उठानी पड़ रही है।मैंने उसको समझाया- ऐसा नहीं है.

भाबी भी मेरे कूल्हे पकड़ कर अपनी गांड आगे पीछे कर रही थी मानो मुझसे कह रही थी कि बस उसे ऐसे ही चोदते जाओ. मेरी आंखें फटी की फटी रह गईं, इतने नुकीले चूचे मैंने जिंदगी में कभी नहीं देखे थे.

उसने पहले तो मुझे एक टी-शर्ट और स्कर्ट पहनने को कहा, पर वो मुझे जंच नहीं रहे थे.

इस बार विशाखा अपने पति के साथ रहने नहीं गई थी … क्योंकि उसका बेबी अभी छोटा था. फिर मैंने उससे कहा कि ऊपर ही ऊपर करो, जो करना है … और जल्दी करो, फिर हमें यहां से चलना भी है. उसने मुझसे पूछा- क्या पहली बार कर रहे हो?मैंने कहा- हां … मैंने कभी सेक्स नहीं किया है.

मेरा नाम सीमा साहू है और मैं अन्तर्वासना की फ्री सेक्स कहानियां नियमित रूप से पढ़ती हूं. तो भाबी बोली- निखिल, मैं इसके निचले हिस्से पर अभी पट्टी बांध देती हूं जिससे खून रुक जाएगा. और वैसे भी एक नंबर का चूतिया है, हर किसी से हर बार से डरता है।बीवी उसकी बहुत सुंदर है, देखने में भी अच्छी तगड़ी है। शादी के बाद आते ही उसने भाई को अपने कब्जे में कर लिया। भाई तो बस उसका गुलाम ही बन गया।जब मेरी शादी नहीं हुई थी, तब मेरा और भैया भाभी का कमरा बिल्कुल मेरे साथ वाला था.

मैंने भाभी को इशारा किया कि अब नहीं रहा जाता, बस जल्दी से चुदवा लो.

बीएफ सेक्सी ब्लू फिल्म दिखाइए: उस लड़की का नाम भी मैं यहां पर नहीं बता सकता क्योंकि यह किसी की गोपनीयता का मामला है. वो लंड देख कर डर गई और बोली- ये कितना बड़ा है … मैंने तो पहले कभी नहीं देखा.

मैंने उससे पूछा कि तुम सेक्स से क्या जानना चाहती हो?उसने कहा कि बिना सेक्स के मैं अपने आपको अधूरी महसूस करती हूं. एक बार जब वह जोर लगा रहा था तो उसका हथियार जो तना था, मेरी गांड के छेद पर अड़ा था, उसके जोर लगाने से एक दो बार तो मेरी गांड में पूरा सुपारा घुस गया. उस लड़की के पिता थोड़ा ग़रीब थे, इसलिए उन लोगों ने शादी करने के लिए हां भर दी.

फिर सबको जुगाड़ करके और सबको सुला देने के बाद मैंने सामान के पास जाने का सोचा और उधर की तरफ निकल पड़ा.

मेरी पैंटी को निकालने के बाद मेरे भाई ने मेरी चूत को अपने हाथ रगड़ना शुरू कर दिया. मेरा लंड खड़ा हो गया था और मैंने प्रिया की गांड पर अपना लंड लगा दिया था. कुछ देर बाद मैंने अपने होंठों को उसके होंठों पर रख कर उसको चूसना शुरू कर दिया.