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अचानक इसको क्या हो गया कि इसने इतने जोश में खड़ा हुआ लंड मुंह से वापस बाहर निकाल दिया. नोटी अमेरिकामैंने उसकी तरफ देखा कि ऐसा कौन सा नया खेल है, जिसके नियम बताना पड़ रहा है.

जब मैं स्कूल पहुँचा तब तक सुबह का स्कूल खत्म हो चुका था, काफी टीचर अपने घर चले गए थे. किश वीडियोजबकि मैं एक शर्मीला लड़का हूँ तथा महिलाओं या लड़कियों से बात करने में काफी असहज महसूस करता था.

इसके बाद जब अपने घर आई, तो मैं अपनेसगे भाई से खूब चुदी, वो कहानी मैं पहले ही लिख चुकी हूँ.हिंदी का बीएफ वीडियो: मैं बाथरूम गया, अपना लण्ड धोया, हाथ मुंह धोया और कमरे में आकर रिसेप्शन पर फोन किया कि मुझे कानपुर तक ड्राप करने के लिए एक ड्राइवर चाहिए.

वैसे तो वो गांड को ढीला करके काफी जगह बना चुका था, पर मैं डर के मारे अपनी गांड सिकोड़ रहा था … जिस कारण उसे लंड डालने में दिक्कत हो रही थी.मैंने राधिका की तरफ देखा तो उसने मुझे आंख मारते हुए अपने मम्मे को दबाते हुए एक इशारा दिया.

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उनकी बनियान में से उनकी बालों वाली छाती दिख रही थी। मां अंदर चली गई और रमेश अंकल ने दरवाजा बंद कर लिया।मां डरी हुई थी और सोच रही थी कि अब वह क्या करे.सी!उधर वसुन्धरा के दोनों हाथों की उँगलियों के नाख़ून मेरे सर में गड़े जा रहे थे और इधर मेरा बायां हाथ वसुन्धरा के पेट का पूरा जुग़राफ़िया नाप रहा था.

पहली बार किसी लड़की ने मेरे बदन को इस तरह से गर्मजोशी में चूसा था जिससे मैं पागल सा होने लगा था. हिंदी का बीएफ वीडियो उसमें गोरी विदेशी लड़कियां काले मोटे साउथ अफ्रीकन लौड़ों के साथ चुदाई करते हुए दिखाई गई थी.

आह … क्या बताऊं, चाची बिल्कुल बदल गयी थीं … उनके मम्मे और बड़े हो गए थे.

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एक कमसिन लड़की की पहली चुदाई की इस कहानी में अपने पढ़ा कि मेरी गर्लफ्रेंड एक कमरे में मेरे साथ थी. उसके बाद वो जब भी भाभी से मिलने घर आता था तो मेरी चूत को मौका देख कर चोद देता था. मॉल में जाकर भी मुझे काजल से अकेले में बात करने के कुछ लम्हे नसीब हो ही गये.

जब वो अंकल के घर की सीढ़ियों से नीचे गईं, तो अंकल को देखकर अम्मी की आंखें खुली रह गईं. वो मेरे लंड को पहले तो पकड़ नहीं रही थी लेकिन फिर उसने मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़ लिया. मैं झट से उनके पैर के पास घुटनों के बल बैठ गया और वो कुर्सी पर बैठी रही.

ज्योति की हल्के हल्के से मादक आवाजें निकल रही थीं- ओह राज … नहीं बस करो. फिर उसने एक-दो बार मेरे लंड पर अपने हाथ से दबाव बनाते हुए उसको नापने की कोशिश की तो मैं मदहोशी से भर गया. मैं बोली- तुम्हारे कमरे में कोई बैठा है, मुझे जाने दो, अच्छा नहीं लगेगा.

भाभी बोली- आज मन किया तुम्हारा … हम लोग कितने दिन से बातें कर रहे हैं. साथ ही उसने मुझे बसंती की निखरी जवानी और खूबसूरती को लेकर भी बताया कि तूने देखा नहीं कि तेरी बहन कितनी खूबसूरत बन कर गई.

फिर सौरव मेरी चूत में लंड डाल कर नीचे से धीरे-धीरे धक्के मारने लगा। अब मुझे भी चुदाई का असली मज़ा आने लगा.

जैसा कि आप लोगों को बता चुका हूँ कि मेरी बीवी और मैं अपने दांपत्य जीवन में सेक्स के अलावा बाकी सारे सुख भोग रहे हैं.

तुम बहुत अच्छे हो … कोई मतलब नहीं किसी से … अपने काम से काम रखते हो!इतनी बात में मैं समझ चुका था कि अब आगे क्या करना है. उसकी चूत का पानी चाटने के बहाने मैंने अपनी जीभ उसकी लाल चूत में घुसा दी. सी … मर गयी मैं … ओह … सी … सी … सी … ईं … ईं … ई!मैंने फ़ौरन सर उठा कर वसुन्धरा की आँखों में झाँका!इतनी सर्दी में भी माथे पर पसीने की बूंदें, आँखों में एक इल्तज़ा, थरथराते होंठ, आने वाले पलों वाले पहले अभिसार की परिकल्पना में रह रह कर सिहरता शरीर, जिंदगी भर ओढ़े शर्मो-हया के परदे अपने प्यार पर एक-एक कर के कुर्बान होते देखना.

परीशा- पापा बस भी करो; मुझे कुछ हो रहा है।मुकुल- क्या हो रहा हैं बता ना? क्या तेरी चूत गीली हो गयी है? हां शायद यही वजह है. इधर रेखा भी आज अच्छे मूड में दिख रही थी और गुनगुनाते हुए अपने काम को अंजाम दे रही थी. मैंने पूछा कि यहां क्या करती हो?उसने बताया कि हम दोनों जॉब करती हैं.

उनमे से एक आदमी हमारे देश का नहीं था, वो किसी अफ्रीकी देश का लग रहा था.

कोमल बोली- ताऊजी, आप मुझे नंगी क्यों कर रहे हो?लेकिन उसकी बात का असर ताऊ जी पर कुछ भी नहीं पड़ रहा था. मैंने मामी से पूछा कि ये जनाब कौन थे?मेरी मामी बोलीं- मेरे पहचान वाले थे. फिर एकाएक उसने पैंटी को नाक से हटाया और उसे उस किताब के ऊपर साइड में रख दिया.

शादी के क्या कारण रहे ये तो मैं यहां पर नहीं बता सकता हूं लेकिन मेरी कहानी जहां से शुरू हुई वो आपको जरूर बता देता हूँ।जब मैंने उसको पहली बार देखा तो वो देखने में कुछ खास नहीं लगी थी मुझे. उन दोनों को किस करते देखकर मुझे भी राधिका को किस करने का मन होने लगा था. ’मैंने कहा- ओके अब बताओ?रश्मि- राज बात ये है, तुम तो जानते हो मधु और मैं बचपन से साथ थे और उसके माँ बाप न होने की वजह से मेरे पापा ने ही उसकी शादी की है.

सोनू केवल काली ब्रा और पैंटी में थी जो उसके गोरे बदन पर ऐसी लग रही थी जैसे वह कोई इच्छाधारी नागिन हो.

मैंने जिंदगी में बहुत चूत चोदी हैं, हर चूत में चुदने की कुछ अलग अदा होती है. उसका पूरा शरीर पानी से हल्का हल्का भीगा सा था जिससे उसके शरीर की बनाबट अच्छे से देखी जा सकती थी.

हिंदी का बीएफ वीडियो उसने कहा- ओहो क्या बात है आज तो तारीफ पर तारीफ़ … और वो भी गजब अंदाज में … लगता है आज शायद शराफत बेच आए हो. चुत पर मेरे होंठ लगते ही वो मेरा सर अपनी चूत पर दबाने लगी- उम्म्ह… अहह… हय… याह… उंह … उमह!मैं चुत के दाने को चूसते हुए वोडका उसकी चूत में भरने लगा.

हिंदी का बीएफ वीडियो फिर मैंने गहरी सांस ली और फिर से सोने की कोशिश करने लगा।भाभी के मायके पहुंचने के बाद भाभी ने मेरी बहुत खातिरदारी की। दस दिन वहाँ पर रुकने के बाद हम वापस लौट आये. कुछ देर के बाद जन्नत का यह अहसास धीरे-धीरे कम होता गया और मैं और सुमन निढाल होकर कुछ देर उसी अवस्था में पड़े रहे।थोड़ी देर बाद मैं उठा … सुमन की बुर से निकला खून मेरे लंड पर लगा हुआ था.

इसके अलावा अपनी प्रतिक्रिया देने के लिए कमेंट बॉक्स का प्रयोग भी करें.

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अब मैंने उसके पूरे मम्मे को मसलते हुए मुँह से तेज तेज चूसना शुरू किया. क्यूं तड़पा रहे हो मुझे मेरे जानू … मगर भाभी की चूत में उंगली करके मैं भाभी को तड़पाने का आनंद लेता रहा. वो जोरदार झटके के साथ वो झड़ गया, उसने मेरे अन्दर ही अपना सारा वीर्य छोड़ दिया.

ट्रेन में जगह नहीं होने के कारण मुझे उनके बगल में छोटी सी जगह पर एडजस्ट होना पड़ा. अब जब भी हम दोनों घर में अकेले होते हैं तो हम पूरे नंगे होकर चुदाई करते हैं. मैं चाहता हूँ कि पहले मुझे और मधु को कुछ दिन एक साथ रहना चाहिए, जब मधु खुद अपने आप मेरे साथ चुदने के लिए राजी न हो, तब तक हमें सेक्स नहीं करना चाहिए.

कुछ देर उसकी छाती को सहलाने के बाद मैंने धीरे से अपना हाथ उसके पेट पर रख दिया.

अब मुझे हल्का-हल्का दर्द होने लगा था क्योंकि उसका लंड बहुत ही मोटा था और उसकी स्पीड बहुत ही तेज थी. बाद में मेरी सहेली ने मुझे बताया कि बहुत स्मार्ट है तुम्हारे पापा के दोस्त का बेटा!उसके बाद मेरे पापा के दोस्त का बेटा रोज मेरे घर आने लगा. ज्योति नीचे से चूतड़ उठा-उठा के मेरा साथ दे रही थी और बोल रही थी- इस चुदाई को तब तक मत रोकना जब तक मेरा पानी न निकल जाये.

अब मैंने उसे टाँगें खोलने को कहा और उसने खड़े खड़े टांगों के बीच जगह बना दी और मैंने बैठकर उसकी चुत पर से उसकी पैंटी थोड़ी नीचे सरका दी औरअपना मुँह लगा दिया. मैंने भी लंड को धक्का मारा, तो मेरा लंड दीदी की चूत में घुसता चला गया. मैं और नीचे होते हुए अब पैरों पर आ गया और लहंगा हल्का सा उठाकर पैरों पर किस किया.

मैंने अब्बू से कहा- अब्बू, मैं मुनव्वर के साथ बाहर जा रहा हूँ, आप खुद घर चले जाना, मैं थोड़ा देर से आ जाऊंगा।अब्बू कोई दूध पीते बच्चे तो थे नहीं, वो समझ गए कि हम क्या करने जा रहे हैं, उन्होंने कहा- ठीक है. वो रात को ब्रा नहीं पहनती थी, जिससे सुबह के समय उसके चुचे खुले ही आज़ाद हिलते हुए खेलते रहते थे.

दूसरे दिन भी जब मिशाली बैंक चली गयी, तब मुकुल राय परीशा को अपनी बांहों में भर लिया और दोनों चुदाई में वयस्त हो गए। उसके बाद परीशा कॉलेज चली गयी, मुकुल ऑफिस. वो कुछ देर चिल्लाता रहा, उसके मुँह से जोर जोर से आह आह की आवाजें निकल रही थीं. उसका शरीर जब मुझसे स्पर्श हुआ तो मन में उसकी चूत चुदाई के ख्याल भी पनपने लगे.

ज्यादा होशियारी न दिखाओ।अब भाभी दूसरी तरफ घूम कर पेटीकोट के अंदर हाथ डालकर साबुन लगाने लगी। अब मेरी तरफ उनकी गांड आ गयी। गीले कपड़े में भीगी हुई भाभी की मोटी गांड साफ-साफ दिख रही थी। क्या मस्त गांड थी उनकी.

अब मैंने पूनम से कहा- मैं अंदर ही डाल दूंगा।उसने कहा- ठीक है, आप अंदर डाल देना लेकिन कल मेरे लिए दवाई ले आना नहीं तो मैं प्रेग्नेंट हो जाऊंगी।मैंने कहा- ठीक है, मैं अंदर ही डाल रहा हूं और तुम्हारे लिए दवाई ले आऊंगा।मैंने अपने माल को उसकी योनि के अंदर ही डाल दिया।उसके बाद मैंने थोड़ा सा उससे सकिंग करवाई। उसने बहुत अच्छे से सकिंग की और अब मैं और वह घर के लिए निकल गए।[emailprotected]. हल्के रेशमी रोमों की एक रेखा वसुंधरा की नाभि से नीचे की ओर बढ़ती हुई लहंगे के नाड़े के नीचे जाकर अदृश्य हो गयी थी. उसके बाद जब भी दीदी का या मेरा मूड होता, तो मैं दीदी से मिलने उसकी ससुराल पहुंच जाता और अपनी बहन को जम कर चोदता.

मेरी पिछली कहानी थीबस में मिली अनजान लड़की का जवान जिस्मआज फिर मैं अपनी एक और कहानी लेकर आप लोगों के बीच आया हूँ. मैडम ने मुझे टॉवेल दे कर फ्रेश होने को बोल दिया और वह किचन में लग गईं.

करीब 15 मिनट तक की धकापेल चुदाई के बाद मैं उसकी चूत में ही झड़ गया. मैडम, आप गाड़ी किसी स्पीड में दौड़ाना पसंद करती हैं?”मैंने अपने टी-शर्ट को पीछे से हल्का सा थोड़ा ऊपर किया अब मेरे हिप्स पीछे से पूरे नंगे हो गए थे और उसके लंड को अपनी गांड की दरार में एडजेस्ट करते हुई बोली- जितनी तुम रेस कर दो कि मैं उतना दौड़ा दूंगी. मोबाईल किनारे रखकर नम्रता की ठुड्डी को हिलाते हुए बोला- ये सब तुम्हारा ही कमाल है.

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बिना सोचे-समझे मैंने आंटी की पेंटी को लंड के नीचे करके उसी पर अपना वीर्य गिरा दिया.

भाभी ने भी मेरा सारा माल पी लिया और बोलीं कि आज पहली बार मैंने किसी का माल पिया है और पहली बार इतना मज़ा आया है. सीमा ने राहुल के तौलिया में तम्बू से झांकते बम्बू को हवा लगाने के लिए राहुल का तौलिया खींच दिया और नीचे बैठ कर उसका खड़ा लंड अपने मुंह में ले लिया. तब मीना भाभी ने मेरी और संगीता भाभी की बातचीत उसी के कहने पर शुरू करवाई.

अबकी धक्का मारा तो कोकाकोला का ढक्कन खुलने जैसे आवाज आई और सुपारा उसकी चूत के अन्दर चला गया. रात के करीब दस बजे भाभी का मैसेज आया- क्या हो रहा है … खाना खा लिया कि नहीं?मैंने रिप्लाई किया- नहीं यार … अभी तो बियर पी रहा हूँ, खाना रखा हुआ है अभी खाऊंगा. वीडियो गाना सेक्सीक्यों?”क्यों का मतलब? वाशरूम क्यों जाते हैं?”अरे लक्ष्मी, ज़रा सुजाता को मज़े ले लेने दे … उसके बाद तू कामिनी की प्यास बुझा देना.

हालांकि पहले ऐसा नहीं था मगर जब से मैंने मानसी की गांड मारी थी, मैं गांड मारे बिना रह नहीं पाता था. फिर उसकी आंखों में देख कर उसे बताता रहा कि मैं तेरे जिस्म का रसपान कर रहा हूंवो भी खेल में घुस चुकी थी.

मानसी बोली- जल्दी करो दीदी, मैं राज के लंड के दर्शन करना चाहती हूं. मैंने दीदी की चूचियों को अपने हाथों से दबोच लिया और आटा जैसे गूँथते हुए दीदी की चुदाई का तूफ़ान चला दिया. मगर इस वक्त न तो मैं अपने हाथ से ही अपने लंड को सहला सकता था और काजल का हाथ मेरे लंड पर आने की तो दूर-दूर तक कोई उम्मीद नहीं थी.

लण्ड पेलकर मैं तो सीधा खड़ा रहा लेकिन उसने आगे पीछे होना शुरू कर दिया. बहुत मजा लेने लगी थी मैं उसकी चुदाई का और उससे और तेज चोदने के लिए कह रही थी. किसी भी क्षण होटल से कोई आ सकता था, सुधा या किसी और का फ़ोन आ सकता था.

उस वक्त मुझे लगा था कि कुछ बाजार का छोटा मोटा काम होगा, लेकिन मैं गलत था.

मैंने सोचा कि शायद हो सकता है कि अनजाने में काजल का हाथ मेरी जांघ पर आ गया हो इसलिए इतनी जल्दी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना ठीक नहीं था. जब मैं उसको देख कर स्माइल करता था तो वो भी मुझे देख कर स्माइल करने लगी थी.

परवीन मेरे लंड को अपने दांतों से एक बच्चे की तरह हल्का हल्का काटने लगी थी और मुझे जन्नत का मजा करा रही थी. जब वापिस उसे उसके फ्लैट पे छोड़ने आया, तो वो मुझे ज़बरदस्ती अपने फ्लैट में ले गयी. मैं वैसी कहानी तो आपको पेश नहीं कर पाऊंगा क्योंकि इस साइट पर उच्च कोटि के लेखक कहानी लिखते हैं.

चाची की हां सुनकर ताऊ जी को जोश आ गया और अब ताऊ जी का पूरा लंड चाची के चूत में अन्दर बाहर होने लगा था. जैसे ही मेरी नज़र वसुन्धरा की नज़र से टकराई तो मारे शर्म के, वसुन्धरा ने फ़ौरन अपने दोनों हाथ अपनी आँखों पर रख कर करवट ले कर मेरी ओर पीठ कर ली. वो बोली- पंकज मैं मर जाऊँगी क्योंकि तुम्हारा लंड बहुत बड़ा और मोटा है.

हिंदी का बीएफ वीडियो रश्मि की गीली चुत मेरे मुँह में अपना रस निकाल रही थी, जिसे मैं बड़े चाव से चाट रहा था. मैं आपको बता दूं कि वो अपनी सेहत और फीगर का बहुत ध्यान रखती है और अपने आप को फिट रखती है.

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फिर उन्होंने अपने कपड़े पहन लिये और वो बाहर आने की तैयारी करने लगे. आप लोगों ने मेरी कहानियों पर कमेंट करके मुझे ढेर सार प्यार दिया इसके लिए आप सभी पाठकों का बहुत-बहुत धन्यवाद. उसने मुझे फोन करके कहा कि जब भी मैं दिल्ली आऊं तो उससे मिल कर ही जाऊं.

नौकर बोला- चुपचाप खड़े रहो, अगर ज्यादा बकवास की तो बिना हाथ पैर के ही रह जाओगे. ज्योति भी ऐसी ही औरतों में से थी क्योंकि वो एक चुदासी रांड थी और उसका हस्बैंड कमजोर दुबला-पतला था जिसके कारण वो उसे ढंग से चोद नहीं पाता था. बालबीर बिडियोसीमा भाबी की शादी को 5 साल हो गए थे, उनकी एक 4 साल की छोटी लड़की भी थी.

उत्तेजना में आकर मैंने आंटी के नाम की मुट्ठ मार डाली। कुछ दिनों तक यही सिलसिला चलता रहा.

आह सुमन भाभी की संगमरमर सी चिकनी और गोरी जांघें देख कर मेरा कंद एकदम से आन्दोलन करने लगा था. मैंने कमल के लंड के बारे में सोच कर अपनी लुल्ली को सहलाना शुरू कर दिया.

उस दिन से उसके बाद वह जब-जब नहाता, मैं रोज उसे खिड़की से झांक कर देखता. डिब्बे से लंड निकालने के बाद ताऊ जी ने अपने लंड को कोमल की चूत पर घिसा और उससे पैर फ़ैलाने के लिए बोला. भाभी- अच्छा तो चलो … इजाजत है, अब दिखाओ तुम क्या कर सकते हो?फिर मैंने अपनी जगह से उठ कर उनको लिटा दिया.

एक बार क्लास के एक बन्दे का गवर्मेंट एग्जाम में पास होने पर हमारे टीचर ने एक बहुत अच्छे होटल में रात को डिनर की पार्टी दी, वो होटल शहर से थोड़ा बाहर था.

उसके हाथ का टच होते ही मेरे शरीर में सनसनी दौड़ गई उसकी आंखों में देखने लगी. कॉलेज में चलते वक्त या फिर क्लास में लड़कों की और कुछ प्रोफेसर की नजर मेरे छाती पर या फिर नितम्बों पर टिकी रहती थी. इसके बाद नताशा भाबी, राम भैया, माँ और दादा जी से आज्ञा लेकर प्रिया जी के घर रहने चली गईं.

होली सॉन्गफिर मैंने उससे पूछ ही लिया- तुम्हारी सेक्स लाइफ कैसी चल रही है?उसने बताया कि मेरे हस्बैंड को सेक्स में ज्यादा इंटरेस्ट नहीं है और वो सेक्स सिर्फ ड्यूटी के तौर पर करते हैं. मैंने देखा कि ऋतु की गांड से एक तरल पदार्थ बह कर बाहर निकल रहा था जो उसकी चूत की तरफ जा रहा था.

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उस दिन मैंने सोनू को कोचिंग की छुट्टी करके क्लास बंक करने के लिए मना लिया. तभी एकदम से विक्की के लंड से पिचकारी निकली और मेरी चूचियों पर उसका वीर्य गिर गया. उसने मेरी टीशर्ट पहले ही निकाल दी थी, अब मेरा अंडरवेयर भी नीचे कर दिया.

अब मैंने उससे बातचीत को आगे बढ़ाते हुए उसकी पर्सनल लाइफ के बारे में पूछा. तत्काल वसुन्धरा के मुंह से एक तीखी सिसकारी निकल गयी और वो लगी अपने जिस्म को आगे-पीछे झुलाने, जिसके कारण वसुन्धरा के जिस्म के साथ-साथ मेरे जिस्म में एक जुम्बिश सी पैदा हुई और दोनों जिस्म आपस में रगड़ खाने लगे. थोड़ी देर बाद उसने कहा- अब बस … कोई आ जाएगा!ऐसा कहकर उसने मेरा मुँह अपनी चुत से अलग करके अपनी साड़ी नीचे कर ली.

एक कमसिन लड़की की पहली चुदाई की इस कहानी में अपने पढ़ा कि मेरी गर्लफ्रेंड एक कमरे में मेरे साथ थी. सनी जी का एक इंच लम्बा कम भले ही था, पर बंटी जी के नौ इंच के लंड से कहीं ज्यादा मोटा था. उसके मुंह से भी कामुक सिसकारियाँ निकल रही थीं और पूरा माहौल कामुकता से भर गया था.

तब तक मेरी बीवी ने अपने कपड़े ठीक कर लिए थे और वो सोने की नौटंकी कर रही थी. तेरी उम्र में मेरा भी हाल कुछ ऐसा ही था मगर खुद पर थोड़ा काबू करना भी सीख.

मैंने कहा- खाना नहीं, मुझे प्यास लगी है … तुम्हारी चूत का पानी पीना है.

पर अचानक रजनी के हाथ से कॉफ़ी का कप लड़खड़ाया और उसके टॉप पर गर्म गर्म काफी गिर गयी. आगरा का सेक्स वीडियोमैंने उसकी पैंट को खोल दिया और फिर उसने मेरी मदद करते हुए अपनी पैंट को अपनी मोटी-मोटी टांगों में से निकाल दिया. बड़ी लड़कियों के कपड़ेमैंने देखा कि मेरे चूचों को देखते हुए उसका लंड तन गया है जो मुझे पैंट में साफ दिखाई दे रहा था. अपने हाथों को ऊपर करके फ्रॉक के अन्दर से मस्त होकर जवानी की बहार में डूबी मेरी दोनों नंगी चूचियों को पकड़ लिया.

” नितिन मेरे इस व्यवहार से थोड़ा चौंक गया, मुझे दूर धकेलते हुए उसने पूरा दरवाजा खोला।बाहर देखा तो और दो लोग खड़े थे और मुझे देख कर मुस्कुरा रहे थे, मुझे बहुत शर्मिंदगी महसूस हुई।वो दोनों नितिन के कलीग थे, नितिन ने उन दोनों की पहचान कराई वे वही पर नितिन से थोड़ा दूर खड़े थे।ये मेरे कलीग हैं, जहाँ पर मेरी ट्रेनिंग थी, ये वहीं पर काम करते हैं.

मैं दरवाजा खोल कर अन्दर गयी, तो मुझे आंटी हॉल और किचन में भी नहीं दिखीं. मेरी आप सभी से एक प्रार्थना है कि मुझसे किसी लड़की या औरत का पता या फोन नम्बर पूछने का कष्ट ना करें. मुझे ये बात तो पता थी कि मुस्कान के रहते, मैं शिशिर से नहीं चुद सकती थी.

वह हंसने लगा … और उसने झट से दरवाजा खोल कर मुझे हाथ पकड़ कर अन्दर खींच लिया. मेरी सेक्सी कहानी के पहले भागखूबसूरत पड़ोसन और उसकी बहू की चुदाई-1में आपने पढ़ा कि कैसे हमारी नयी पड़ोसन ने मेरी बीवी को अपनी वासना के बारे में बताया और मैंने मौक़ा ताड़ कर उसे पटा कर चोद दिया. रहने दो ये दिखावा, आपने जरा भी ख्याल नहीं किया कि इतनी जोर जोर से करोगे तो मेरा क्या हाल होगा, बस आपने तो जैसे कोई दुश्मनी निकाल ली मुझसे!”नहीं बेटा, ऐसे नहीं कहते.

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सबकी खुशी और मजे के लिए था। लेकिन मुझे डर था कि विक्रम मेरे और रीना के बारे में क्या सोचेगा? अगर विक्रम ने इसे सामान्य सामाजिक जीवन के नज़रिये से देखा तो उसका भाई और भाभी दोनों ही उसकी नजरों से गिर जाएंगे। किंतु मैं अब उसे क्या जवाब दूं. मैं पूरी तरह भीग चुकी थी, मैं धीरे धीरे अपने बालों को सुखा रही थी और साड़ी के पल्लू को भी सुखा रही थी. उसने अपनी चूत को मेरे होंठों पर रख दिया और खुद मेरा लौड़ा अपने मुंह में ले कर आइसक्रीम की तरह चूसने लगी.

मैंने अपना सिर उसके पैरों की तरफ कर लिया। मैंने उसकी कैपरी उतारी फिर पैंटी … फिर उसकी चूत पे किस करने लगा.

वह अपने मूसल जैसे लंड से मेरी चूत की चटनी बना रहा था और मैं दर्द में भी तृप्ति का अहसास कर रही थी.

माँ बोली- हां आशा, मैं तुझे फोन करके बताना ही भूल गई कि हम लोग मार्केट जा रहे हैं. माना कि दीदार-ऐ-हुस्न की रहमत तो तूने इस नाचीज़ पर दोनों हाथों से लुटाई है लेकिन दीद से तो प्यास जगती है, बुझती नहीं. लड़कियों की चूचीयात्रा बस संचालक के साथ मैं कई बार यात्रा कर चुका था इसलिए वो मुझसे आग्रह करने लगा.

रात को ही मैंने सपना से फोन पर बात की और उससे कहा- कल तुम जॉब पे मत जाना, मुझे तुमसे कुछ काम है. बात उस समय की है जब मैंने अपनी पहचान वाले एक आदमी से बात करके अपने लिए एक जॉब ढूंढ़ ली थी जो कि एक टीचर की जॉब थी। उस कंपनी में बाहर से भी लोग आते थे और वहां के वर्कर को सिखाना हमारा काम था। कुछ लड़कियां भी आती थीं सीखने के लिए और सिखाने के लिए भी आती थीं।मुझे वहां काम करते हुए 2 महीने बीत गए थे पर कुछ मज़ा नहीं आ रहा था। तभी वहाँ पर एक लड़की आई जिसका नाम सुचिता (बदला हुआ) था और वो मुम्बई से आई थी. मैं बहुत मजे से आइसक्रीम की तरह लंड चूस रही थी और वो मेरे सर के ऊपर से प्यार से हाथ फेर रहा था.

एक दिन मेरे चाची पर और मेरे परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा, जब एक हत्या के अपराध में मेरे चाचा और उसके दोस्तों को उम्र कैद की सजा सुनाई गई. साथ साथ उनके दोनों निप्पलों को बारी बारी उंगलियों में दबा कर जोर से मींज भी देता था, जिससे टीना आंटी की चीख निकल जाती थी.

मानसी यह सुनकर खुश हो गयी क्योंकि हेतल ने राज को बुलाने का भी वादा किया था.

आज वो तीनों मिल कर अपने दोस्त की बीवी की चुदाई करेंगे!मैंने कहा- ठीक है, तुम मजा करो. बाकी की डिटेल मैनेजर ने खुद ही हम दोनों को पति पत्नी मानते हुए भर ली. वो कपड़े चेंज करना चाहती थी लेकिन जल्दी के कारण उसने ऊपर का टॉप ही चेंज किया और नीचे जिम वाली ट्रैक पैंट ही पहने रही.

कैथी भाषा कैसे सीखें मैं उसके लंड का वीर्य अपनी चूत में निकलवाना चाहती थी लेकिन मुझे कभी इसका मौका नहीं मिल पाया. अगर इसको अभी से मैंने वासना के दलदल में धकेल दिया तो इसकी पढ़ाई पर बुरा असर पड़ेगा.

वह छोटी उम्र से मामा के घर चली गई थी और जब जवानी की दहलीज पर आ गई यानि 18 बरस की हो गई, तब वो जवान और खूबसूरत हो कर वापिस आ गई. कई बार काम करते हुए जब वह झुकती थी तो उसके बूब्स बाहर आ जाते थे जिनको चोरी छिपे मैं देखा करता था। उसके चूचों को देख कर मन करता था उनको अभी बाहर निकाल लूँ और अपने हाथों में लेकर जोर से दबाऊं और फिर उनको इतनी जोर से चूसूं कि उनमें से दूध निकल आये. वो बोला- जब तू उंगली नहीं ले पा रही तो लौड़ा कैसे लेगी? अभी मुझे तेरी गांड में थोड़ी सी जगह बनाने दे.

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आप मेरे भाई हो और मैं बहन हूं आपकी।मैंने उसके गाल पर एक किस किया और बोला- अगर तुम कहीं बाहर कुछ करती तो पता भी चल सकता था लेकिन मेरे साथ करने के बारे में किसी को पता भी नहीं चलेगा. मैंने उसकी टांगों को थोड़ी फैलाया और उसकी चूत पर अपने होंठ रख दिये. लेकिन उस वक्त मैंने खुद को संभाला और मम्मी ने खाना बना दिया था, तो हाथ मुँह धोकर खाना खाने बैठ गया.

उसके मुँह से उसके पति की चुदाई की बातें सुनकर मुझे बड़ा कामुक सा लगता था. मेरे से चलते नहीं बन रहा था, फिर भी मैं संभल कर गांड मटकाते हुए गई और टेबल से बोतल उठा लाई.

अक्सर छोटी वाली।एक दिन मैं ऊपर कमरे से बाहर निकल कर सो रहा था क्योंकि गर्मी कुछ ज्यादा हो गयी थी.

उसकी इस बात से मैंने उससे पूछा कि क्या आपने जीजा जी के अलावा और भी लंड लिए हैं. मन करता कि बस आँखें बंद करके लेट जाऊं और अपना क्लाईटोरिस या मोती सहला लूं और झड़ जाऊं. मैंने भाभी को अपनी बांहों में भर लिया और उनके होंठों को चूसना शुरू कर दिया.

अब रश्मि से कंट्रोल नहीं हो रहा था उसने मुझसे बोला- राज मेरी चुत को फाड़ दो, बना दो इसका भोसड़ा … डाल दो अपनी मूसल जैसा लंड … अहई … अहहह … अहजझह. मैं भोला बनने का नाटक करते हुए बोला- कौन से मुद्दे की बात मेरी जान?अब सोना भी चुप हो गई. जब मैंने अपना लंड उसके सामने निकाला, तो मधु उसे देख कर और पागल हो गयी.

जब भी वो पानी लेने या नहाने जाती थीं, मैं छुप कर देखने की कोशिश करता रहता था.

हिंदी का बीएफ वीडियो: खाली यहां एक मेरा ही लण्ड फड़क रहा है। क्यों न गांव घूम कर आया जाए? शायद कोई भाभी ही गांव में अपनी चूत की सैर करवा दे। यह सोच कर मैं पांच दिन की छुट्टी लेकर गांव के लिए निकल गया।मेरा पहला दिन तो आराम करने में ही बीता. ”हाँ बोलो?”आज राजेश मिला था, ये तो तुझे पता ही है कि अब वो मेरे से बहुत खुल गया है.

वह बोला- दम की बात मत कर, कुतिया आज तेरी चुत का भोसड़ा ना बना दिया तो, मेरा नाम बदल देना. इस साल बोर्ड के एग्जाम होने थे तो पढ़ाई का दबाव भी बढ़ने लगा था, मैं हमेशा ही फर्स्ट डिवीज़न पास होती आई थी तो मुझे अपना स्टेटस मेंटेन करने की भी फ़िक्र थी; पर इस निगोड़ी चूत का क्या करूं जो मुझे परेशान किये रहती थी, मेरी अटेंशन को बुक्स से हटा कर बुर की ओर धकेलती रहती थी. शायद अब वह भी मेरे शरीर की सुंदरता के दर्शन करना चाहता था।मैं अब उसके सामने ही तौलिए से अपने शरीर को पौंछने लगी और बालों को सुखाने लगी.

मैंने कहा कि अब क्या शर्माना, अब तो आपके बच्चे (वीर्य) मेरे अन्दर हैं.

जैसे-जैसे उसका लंड चूत में जगह बनाता हुआ अंदर जा रहा मेरे अंदर जैसे काम की देवी जागने लगी थी. मैंने कहा- भाभी, क्या आपको मेरे साथ अच्छा लग रहा है?भाभी ने मेरे गाल पर हाथ फेर दिया और कहा- मैं इसी प्यार की तो भूखी हूँ. इसलिए जब भी मेरा ऊपर जाने का चक्कर लगता था, मैं भाबी के कमरे में जरूर झाँक लेता था.