ब्लूटूथ मे बीएफ

छवि स्रोत,सेक्सी वीडियो गेम

तस्वीर का शीर्षक ,

मालिक की चुदाई: ब्लूटूथ मे बीएफ, मैंने अपना ईमेल नीचे दिया हुआ है जिस पर आप अपने मैसेज भेज सकते हैं.

ओपन डीपी बॉस

साड़ी ऊपर करते ही मैंने उसकी पैंटी देखी, जो ब्राउन कलर की थी और गीली हो चुकी थी. सेक्स सेक्स वीडियो फुल एचडीमैं किताब को खोलकर देखने लगा तो उसमें विदेशी लौड़े गोरी चूतों में घुसे हुए थे और साथ में सेक्सी कहानियां भी लिखी हुई थीं.

पता नहीं सोनी उसके बदन का भार कैसे सहन कर रही थी जबकि वो बहुत नाजुक कली की तरह थी।सुरेश ने अब अपनी बनियान भी उतार दी और सोनी की स्कर्ट भी। सुरेश का बदन सांवला था और काफी गठीला था. मराठी मराठी सेक्सी व्हिडिओनीता मेरा लंड अपनी गांड की दरार में लेकर रगड़ती हुई बोली- तुम बहुत बदमाश हो हर्षद ….

डॉक्टर ने उन्हें मेरे बारे में बताया है और वो सब भी मेरा मजा लेना चाहते हैं.ब्लूटूथ मे बीएफ: सफ़र सेक्स कहानी में पढ़ें कि मैं ट्रेन से जाते समय मुझे सीट नहीं मिली.

जैसा कि मैंने ऊपर बताया कि उससे मेरी कभी कभी कॉल पर भी, तब ही बात होती थी, जब वो करती थी.मैंने कहा- आपने भी चुदने का पूरा मूड पहले से बनाया हुआ था, इसी लिए चाय के लिए बुलाया था.

नूरपुर की रानी - ब्लूटूथ मे बीएफ

मैंने ये उसको सुनाने के लिए कहा था, मगर मेरे ऐसा कहने से ममता जल-भुन गई.इसलिए मैंने उनके पीछे जाना बंद कर दिया और पार्क में ही आंखें सेंकना चालू कर दिया.

उन्होंने मुझे फिर से गाल पर चुम्बन किया और मेरे होंठों से अपने होंठ चिपका दिए. ब्लूटूथ मे बीएफ देसी विलेज सेक्स में मुझे चरम सुख की प्राप्ति हो चुकी थी इधर विपिन भी अब झड़ने के करीब था.

उस दिन रचना का मेरे प्रति प्रेम देखकर मैं बहुत खुश हुआ और मैंने उसे वचन दिया कि तुम्हें हर वक्त हर पल खुश रखूंगा.

ब्लूटूथ मे बीएफ?

ये सच्चाई केवल या तो मुझे पता है या फिर मेरी बीवी को! या फिर उस आदमी को जिसकी वजह से ये सब कुछ हुआ था. मगर वो योनि की संतुष्टि चाहती थी। मेरे हर धक्के पर वो आह-आह और कामुक सीत्कार निकाल रही थी।उसे योनि के अंतिम पड़ाव पर लिंग का टकराना मदहोश कर रहा था. जैसे ही भाभी कुतिया बनी, मैंने उनकी गांड का छिद्र सूँघा, उसमें से इतनी मदहोश करने वाली महक आ रही थी कि मैं एक मिनट तक महक लेता रहा.

किसी दिन सर छुट्टी ले लेते, तो उस दिन वो मुझे अपने घर बुला कर मेरी चुदाई करते. मेरा लंड रूबी की चूत में तो अन्दर घुस गया … मगर वो ऐसे तड़प रही थी, जैसे बिना पानी के मछली हो. जैसे ही मेरा हाथ सरिता की कमर पर लगा, सरिता के सारे बदन में झनझनाहट हुई और उसने अपनी कमर को झटके से पेट की ओर अंदर किया.

चिकनाई कम लगी, तो मैंने अपने मुँह से ढेर सारा थूक उसकी वर्जिन पुसी पर लगा दिया. चाची ने मुझसे लंड बाहर निकालने को कहा, तो मैं समझ लिया कि वास्तव में इनको दर्द हो रहा होगा. हुआ कुछ ऐसा कि इधर शायरा के साथ तो मेरी बातचीत शुरू हो गयी थी मगर उधर ममता जी के साथ अभी तक भी मेरा काम नहीं बन रहा था.

फिर हमने बाथरूम में जाकर सफाई की और रागिनी ने भाभी को उनकी इच्छा के विरुद्ध उनके कमरे में भेज दिया. वो अभी कुछ समझ पाती कि मैंने एक तेज झटका दे दिया, जिससे मेरा आधा लंड चुत के अन्दर चला गया.

मैं अब अपनी आगे की पढ़ाई का सोच रहा था और फिलहाल घर में ही रह रहा था.

मुझसे रहा नहीं गया तो मैं सीधा उसकी दोनों चूचियों को पकड़ कर दबाने लगा.

मैंने तुरंत उसका हाथ अपने हाथ में लिया और उससे कहा- तुम पति पत्नी के रिश्ते के बारे में तो जानती होगी. मैं- अरे तू चिंता ना करना, में भी उस प्रोगाम में पूरी तरह से शामिल रहूंगी. दस मिनट चूसने और उंगली करने के बाद भाभी का बदन एकदम से अकड़ गया और उसकी चूत ने मेरे मुंह में पानी छोड़ दिया.

मेरा लंड उसकी गांड में घुसने को तैयार हो गया था, जिसको वो बहुत अच्छे से फील कर रही थी और पूरे मज़े भी ले रही थी. फिर रवि धीरे धीरे जोर लगाने लगा और पूरी ताकत लगाते हुए उसने आधा लंड मेरी गांड में फंसा दिया. आंटी देखने में गोल मोल सी माल किस्म की आइटम थीं, पर उनकी उम्र 35-40 के आस-पास की थी.

पता नहीं मुझे क्या हुआ कि मैंने भी चाचा का लंड पकड़ लिया और वैसे ही करने लगा जैसे वो मेरे लंड के साथ कर रहे थे.

मेरे कच्छे में हाथ घुसाकर जैसे ही उसने मेरा लौड़ा पकड़ा, तो ख़ुद ही उसकी सिसकारी निकल गयी. वो इतनी अधिक खूबसूरत और हॉट थी कि मैं उसके तने हुए चूचों और उठी हुई गांड को देख कर गर्म हो गया था. इस ड्रेस के छोटी होने के कारण मेरी गांड की लकीर साफ दिख रही थी और आगे से भी काफी मामला खुला था.

अपनी चूत की सफाई करने के बाद मॉम ने एक प्लास्टिक का लंड लिया और उसे चूस कर अपनी चूत में डालने निकालने लगीं. हां ये हो सकता है कि मेरी तरफ से गलती से आपके पास रॉन्ग नम्बर मिल गया हो. भाभी के चूचे काफी नर्म, गोल और किनारों पर सख्त थे, जिसकी वजह से अगर वो ब्रा न पहनें … तब भी उनके स्तनों में उभार रहता था.

मां बोली- अब मैं रात में तुम लोगों के पास तुम्हारे पापा के सोने के बाद आ जाऊंगी.

फिर मैंने एक दूसरा बर्फ का टुकड़ा लिया और उसकी सफ़ेद ब्रा के ऊपर से बर्फ रगड़ने लगा. उसकी बुर में पहली बार लंड गया तो उसे कैसा लगा और फिर मालिक के रहने तक उसके साथ क्या क्या हुआ.

ब्लूटूथ मे बीएफ मुझे लगा कि मेरे गीले बालों को देखकर कई लड़कों के लंड से पानी तो निकल ही गया होगा. उन मादक सिसकारियों के बीच में ही उसके खुले हुए सुर्ख लाल होंठों को चूमते हुए चुदाई का कुछ अलग ही मजा आ रहा था.

ब्लूटूथ मे बीएफ उस दिन मैंने एक स्लीवलेस ब्लाउज पहना था और काले रंग की साड़ी पहनी थी. स्नेहा- हैलो जीजू और आप कैसे हो?मनीष- हैलो स्नेहा, पर ये क्या साली जी, अपनी दीदी को हग किया और हमसे बस हैलो.

मगर वो घर में सभी के साथ रहती थीं तो मुझे उनको चोद पाने का मौका नहीं मिल पा रहा था.

18 वर्ष की लड़की की चुदाई

मैंने उससे कहा- अदिति, ये भी कोई पूछने वाली बात है क्या? अब ये लंड सिर्फ तुम्हारा ही है. एकदम गोल और उन पर मस्त से निप्पल देख कर मेरा लंड तो सलामी देने लगा और उसमें हल्का हल्का सा दर्द भी महसूस होने लगा. ऑफिस गर्ल Xxx स्टोरी पर अपनी राय देने के लिए आप मुझे नीचे दी गए ईमेल पते पर मैसेज करें.

बुआ भी उठ गईं और उन्होंने कमरे में जाकर बिस्तर पर लेटते हुए अपनी साड़ी और पेटीकोट को घुटनों के ऊपर तक चढ़ा दिया. तो मैंने उनसे कहा कि मेरी उसी सहेली की बहन का इधर कुछ काम है और वो हमारे यहां दो दिन ठहरना चाहती है … तो क्या मैं उसे तभी बुला लूं?पति ने उसके बारे में मुझसे पूछा. ब्रा में कैद उसके स्तन बाहर आने को बेताब हो रहे थे। मैंने पहले उसके चूचों पर ब्रा के ऊपर से चुम्बन किया.

मैं कशिश दीदी की एक टांग उठा कर उनकी चूत का भोसड़ा बनाने पर तुला था.

मैंने भी मजा लेते हुए कहा- हां, अभी तो बहुत कुछ करना बाकी है, अभी तो कुछ किया ही नहीं है. उसने अपने घुटने ऊपर उठा कर मोड़ लिए थे।सोनी की चूत का छेद करीब एक इंच खुला हुआ था. उसके बाद हम सब भी उनके साथ नाचे-गाए।सबसे बाद में हम खाना खाने बैठे.

उनका कुछ ऐसा था कि दोनों को ही दो तीन महीने से पहले देश वापस नहीं आना था. मैंने आँटी को बेड पर लिटाया और उनके दोनों घुटनों को मोड़कर उनकी चूत को देखा. मैं बहुत खुश हुआ और बहुत जल्द ही तैयार होकर चुदाई की परिकल्पना करते हुए उस पते पर चला गया.

झीनी सी साड़ी में लिपटी हुई दिल को धड़कनें बढ़ाने वाली इस नायिका से मैं पहली बार रूबरू हुआ था. उससे अब सहन नहीं हो रहा था, तो उसने हाथ डालकर मेरे लंड को पकड़ लिया और मस्ती में मेरे कान के पास बोली- भैयाय्य्या प्लीज मुझे चोद दो … अपना वो अन्दर डालो न अब.

उसकी गर्दन पर मैंने किस करना शुरू किया, तो वो कुछ और गर्म सी होने लगी. मैं मुस्कुरा दी और मैंने कहा- तू भी दे दिया कर … गाली के साथ चुदाई में ज्यादा मजा आता है. उसके जिस्म की कसावट इतनी मस्त थी कि मैं एकदम से वासना के वशीभूत हो गया था.

मैंने मौका देख कर बोल दिया- आपको चोट भी लगी है या सिर्फ लचक आई है?उन्होंने कहा- नहीं चोट नहीं है, बस पांव मुड़ गया है.

[emailprotected]जवान भाभी की कहानी का अगला भाग:चचेरे भाई की दिलकश बीवी- 2. फिर कई दिनों बाद मैंने डॉक्टर के यहां हॉस्पिटल ज्वाइन कर लिया क्योंकि हर महीना राकेश कि जॉब में कुछ ना कुछ प्राब्लम होती ही रहती थी. वो अपनी नाक को बार बार मेरी चूचियों की घाटी में रगड़ रहा था और मुझे इसमें बहुत मजा आ रहा था.

मैंने बुआ को देखा और ढेर सारा तेल लेकर उनकी चूत की दरार में डाल दिया और हाथ से बुआ की चुत को रगड़ना चालू कर दिया. फिर पता नहीं कैसे मेरे दिमाग में आया कि शायरा तो इस समय‌ बैंक में होगी … इसलिए क्यों ना उसके एसी वाले कमरे को ही इस्तेमाल कर‌ लिया जाए.

कुछ दिनों बाद किसी मीटिंग में मनोज को दो दिनों के लिए चेन्नई जाना पड़ा. लेकिन जिस दिन मैं वापस आया, मम्मी के चहरे पर उस दिन अलग ही ख़ुशी नजर आ रही थी. आगे यामिना बोली- साहब, मेरा सपना है कि मेरी बेटी भी अपनी कंपनी की सफेद शर्ट और लाल स्कर्ट पहने.

हनी सिंह सेक्स वीडियो

कशिश दीदी ने रुखसार भाभी का कुर्ता उतारा और उनकी सिल्की ब्रा खोल कर दूर फैंक दी.

सुरेश साला एक तगड़ा मर्द था और हर तरह से डील डौल में भी उसका कोई मुकाबला नहीं था. उन्होंने बस हल्की सी सिसकारी ली- आअह्ह्हा स्स्शह स्सह्ह आअह्ह!1 मिनट रुकने के बाद मैंने दूसरा जोर से झटका मारा और पूरा लंड भाभी की चूत के अंदर!अब की बार भाभी उछल कर पड़ी. मेरी इस हरकत पर भाभी तड़प गईं और बोलने लगीं- आह राजा जी आराम से … अपना ही माल है.

अनामिका के मुँह पर प्रियंका की रसीली चुत टिकी तो मानो उसको जैसे दो बूँद पानी मिल गया हो. मैं भाभी पुसी चाटने में लगा रहा और थोड़ी ही देर में भाभी ‘ऊंह अक्की ऊम्म्म … मर गई … आंह …’ बोलती हुई मेरे मुँह पर झड़ गईं. सेक्स डॉट कॉमइतने में नीता ने आवाज लगाई- सो गए क्या हर्षद?उसने मेरी तरफ देखकर कहा.

फिर अचानक आँख खुल गयी तो देखा कि रेनू मुँह में लिंग लिए चूस रही थी. [emailprotected]लेखक की पिछली कहानी थी:बीवी को फॉरेनर से रातभर चुदवाया.

जिस दिन बुआ के लड़के को आना था उसी दिन अशोक को 10 दिनों के लिए बाहर जाना था. मैंने ध्यान से देखा तो वो लग तो रहे थे बाबा, लेकिन थे एकदम ठीक ठाक!वो मुझे देख कर आवाज देने लगे. विजय बोल उठा- शालू, नहाने जा रही हो! पहले जब में नहाया तब नहा लेती तो साथ में नहा लेते!मैं विजय के पास गई अपने दोनों हाथ उसके गले में डाल कर ऐसे खड़ी हो गई जैसे मैं उसकी प्रेमिका हूँ.

आपको बताना चाहता हूं कि आज के मेरे आशिक मनोज का लंड 6 इंच लंबा और दो इंच मोटा था जो एकदम गोरा था. नीचे पतली सी गोरी कमर उसकी मोटी चिकनी जांघें और बीच में हल्के भूरे गुलाबी रंग की छोटी सी चूत मुझे मदमस्त किये दे रही थी. रचना ने एक अंगूर खाने के लिए उठाया लेकिन वो सीधे मम्मों के बीच के खाई में गिर गया.

मेरी बेटी ने सुरेश का कच्छा खींचना चाहा मगर उसके कच्छे के इलास्टिक के साथ ही उसका लण्ड भी खिंचता चला गया.

अनन्या- नहीं भाबी, ऐसी बात नहीं है, तुम मेरी बात का उल्टा मतलब निकाल रही हो. रात में मैं तुम्हें बस खुश देखना चाहती थी और इस लंड की भूख मिटाने के लिए मैंने तुम्हें कुछ नहीं बताया था.

इसलिए देर ना करते हुए मैंने भी अब जल्दी से अपने सारे कपड़े उतार फेंके और बिल्कुल नंगा होकर ममता‌ के ऊपर उल्टा 69 की पोजिशन में लेट गया. अगले कुछ ही पलों में शैली के मुँह से एकदम से निकला- आंह फास्टर अवि … आई एम कमिंग. सोनल की चूचियां मसलते हुए उसके होंठों को अपने होंठों से लॉक करके मैंने अपना लण्ड अन्दर धकेलना शुरू किया.

फिर थोड़ा लोशन उसकी चूचियों पर गिराया और उसकी एक चूची को हल्के हल्के मसलने सा लगा. फिर उसने मेरे लंड की चमड़ी के अंदर उंगली डाल दी और उसके टोपे के बीच वाले बिंदू पर सहलाने लगी. उन्होंने पापा से कहा- मैंने भी खाना खा लिया है और मैं भी सोने के लिए घर जा रहा हूं.

ब्लूटूथ मे बीएफ आज सही समय लग रहा है मुझे क्योंकि मुझे पता था आज तुम्हारी मम्मी तुम्हारी मौसी के घर जाएगी और तुम घर पर अकेले होंगे. दर्द तो मुझे भी हुआ, पर उस फुद्दी के रस की चाहत में मैं अपना दर्द भूल गया.

ठीक है सेक्स

क्या मुलायम गदरायी हुई गांड थी उसकी!मैंने रचना के दोनों कूल्हों को हाथ लगाया. जब मैंने जोर देकर पूछा, तब सोनी ने बताया कि रोहित के घर वालों ने शादी के लिए हां बोल दिया है. इस समय हम दोनों एक डीलक्स बस में थे और उसकी डबल स्लीपर में अच्छी जगह रहती है.

जैसा कि आप सब जानते हैं कि चुदाई का चस्का जिसको भी लग जाए, वो फिर मौके की तलाश में ही रहता है. अगले दिन किताबें लेकर आंटी आईं और बोलीं- हम दोनों एग्जाम के बाद मिलते हैं. सेक्सी पिक्चर सेक्सी पिक्चर हिंदीमेरी चूत में अपना लंड सैट करके मेरे पास अपने होंठ ले आया और मुझे चूमने लगा.

आपा- पागल बूब्स मत बोल, चूची बोल … बूब्स में वो फीलिंग्स नहीं है, जो चूची कहने में है.

कुछ देर की चूमा-चाटी के बाद वो नीचे लेट गयी- जान मेरे पेट पर आओ!मैं- क्या करना है?ज़ारा- मेरी चूचियों के बीच में लंड डालो!मैंने उसके क्लीवेज में लंड रखा तो उसने अपनी चूचियां पर दबा लीं. अभी मेरे पास टाइम था तो मैंने एक बार फिर से रोहण का लौड़ा चूस कर उसका मूड बना दिया.

इसलिए वो बोले- देख ले तू, अगर चुदना है तो जगह का इंतजाम भी करना पड़ेगा. फिर वो मुझे लेकर बिस्तर पर आ गए और मेरे ऊपर चढकर मुझे किस करने लगे. फिर रवि धीरे धीरे जोर लगाने लगा और पूरी ताकत लगाते हुए उसने आधा लंड मेरी गांड में फंसा दिया.

अंकल बोले- बेटा, अब मुझे बैठाओ मत … लाओ जल्दी से वो फ़ाइल मुझे दे दो.

मैंने भी उस खुले हुए हुस्न के दरवाज़े को अपने मुँह में भर कर चूसना चालू कर दिया. मेरे घर में मेरी चाची और मुझमें पिछले 4 महीने से दोस्ती हो गई थी, लेकिन वो कहानी फिर कभी, घर की बात है. मतलब गांड मराने का शौकीन हूँ … साधारण भाषा में मुझे आप गांडू कह लीजिए.

ધાયા મસળવાतो मैंने सोचा कि रेशमा मजाक के मूड में है और चुप रहकर मेरा बेवकूफ खींच रही है. दूसरे लड़के ने शायद मन बना लिया था कि इस बार वो अपने लंड को मुँह में ही झाड़ कर लंड बाहर निकालेगा.

श्रीदेवी सेक्सी मूवी

मैंने उसकी चूचियों को दबाया और उसकी चूत को सहलाया तो वो भी थोड़ी आक्रामक हुई और उसने भी मेरे कपडे़ उतार दिए. उन्होंने एक दिन मुझसे पूछा- तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है?मैंने कहा- अरे आंटी, मुझे कोई लड़की समझ में ही नहीं आती. वो सामने वाले सोफे पर बैठते हुए बोली- तेरे भैया को पता चल गया तो डेरी बंद करवा देंगे.

मैं इतना तो नहीं जानता था कि उसके मन में क्या बात चल रही थी … लेकिन इतना बता सकता हूं कि वंदना की मनोदशा देख कर मुझे लगने लगा था कि उन दोनों के बीच में आज तक कभी सेक्स नहीं हुआ होगा. मैं- आपकी तो हर एक अदा ही तारीफ करने का दिल‌ करता रहता है, पर डर भी लगता है. वह जब बिल्कुल शांत हो गई तो मैंने धीरे से अपनी कमर ऊपर उठाई ताकि लंड को अन्दर बाहर कर सकूं.

कुछ सिखाना नहीं पड़ता और मजा भी पूरा देती हैं जो नयी लड़की भी नहीं दे पाती. कुछ देर इसी तरह से रहने के बाद लंड महाराज अब ढीले होने लगे और चुत से बाहर आ गए. गुलजान की मोटी मोटी चुचियां मेरे सीने के नीचे दब रही थीं और मुझे एक मखमली गद्दे का अससास करा रही थीं.

इस देसी अंकल सेक्स स्टोरी के पिछले भागपड़ोसी अंकल से चुदाई का खेलमें आपने पढ़ा कि मेरे पड़ोस के अंकल मुझे छोड़ने मेरे घर आये हुए थे. उसको अपना अपमान भी महसूस हो रहा था लेकिन साथ ही साथ वो गर्म भी हो रहा था.

रूबी- क्या?मैं- मगर डर भी लग रहा है कि तू इस बात को किसी से बता ही न दे.

वो दोनों अपनी गांड हिला हिला कर मेरी उंगलियों से अपनी गांड कुरेदने का मजा ले रही थीं. चंडीगढ़ ना छोरे असर वैसे तेराहुआ यूं कि हमारी बैंक की ट्रेनिंग एक साथ आ गई थी और हम पहली बार ट्रेनिंग सेंटर पर मिले थे. फर्स्ट सेक्स मूवीमैंने हर तरह से उसके होंठों को किस किया, फिर मैंने बूब्स पर ध्यान केंद्रित किया और एक एक करके मैंने दोनों मम्मों को चूसना शुरू कर दिया. मैंने तुरंत ही उसे मुँह से निकाला, पर विपिन ने ‘आहह … दीदी आ … आहह … कहा और मेरा सिर पकड़ कर अपने लंड पर पूरा दबा दिया.

हम दोनों की नजरें मिलीं, तो वो वासना से मेरी आंखों में झांकने लगी और अचानक से उसने मेरे सर को पकड़ कर अपने मम्मों पर खींच लिया.

थोड़ी देर बाद उसने एक हाथ मेरी गांड पर रखा और तेजी से अपनी गांड आगे पीछे करके अपनी चूत मेरे लंड पर जोर जोर से रगड़ने लगी. मैंने वो पट्टा संजीव के गले में डाला और उसको पकड़ कर अपनी ओर खींचते हुए कहा- अपनी शर्ट और पैंट को उतारो. फिर …कुँवारी को न चोदिये जो चूत पर करे घमंड,चुदी चुदाई चोदिये जो लपक के लेवे लन्ड!हर बात कहने का एक अंदाज़ होता है.

काफी देर तक उन्होंने मेरी गांड मारी, फिर गांड के अन्दर पूरा लंड जड़ तक पेल दिया. अपनी चुत चुदाई के बाद जौहरा ने मुझसे अपनी एक सहेली की भी चुदाई करवाई. फिर राज बोला- भाभी अंदर ही निकाल दूं क्या?मैंने कहा- नहीं, हरगिज नहीं.

नंगा आर्केस्ट्रा डांस

मैंने धीरे धीरे अभी अपना लंड उसकी चूत में डालना शुरू ही किया था कि उसको दर्द होने लगा क्योंकि करीब छह महीने से उसने सेक्स नहीं किया था. फोन काट कर मैं पीछे के रास्ते से नीचे गया और भैंसों वाले कमरे की छत से होता हुआ ऊपर चढ़ा. हेलीमा अपनी बहन गुलजान की चुत चूसने में मस्त हुई तो उसकी गांड एक पल के लिए ढीली हुई.

और मैं अपनी गांड ऊपर उठाने लगी ताकि उसका लौड़ा मेरी चूत में उतर सके।लेकिन उसने भी शायद ठान रखा था कि जितना मैंने उसको तड़पाया है, वह भी मुझे तड़पाना चाह रहा था.

मुझे मालूम था कि ऐसी तंग चूत को खोलने के लिए एक जोरदार प्रहार की जरूरत है और उसकी चीख इस प्रहार से जरूर निकलेगी.

मैंने कहा- आपको एक छोटी सी विधि करनी पड़ेगी, जिसमें वो प्रेत आपके घर को छोड़ कर मेरे जिस्म में आ जाएगा और इधर मैं उसे अपने काबू में कर लूंगा. कहां मिला? आज तो मस्ती होगी।लौटने पर भूरा ने मुझे बताया- सर जी उन्होंने मेरी तीन बार रगड़ी. सेक्सी हद फिल्मलगभग सभी लड़कियों का यही हाल था जिससे सारे ऑफिस का माहौल सेक्सी बना रहता था.

हालाँकि वो शादीशुदा था मगर साला बहुत हरामी था और आज उसकी हवस की शिकार मेरी बेटी होने वाली थी. अनामिका आवाजें निकाल निकाल कर चुद रही थी- आह आह जीजू उम्हा … मुआह आह … जीजू बड़ा मजा आ रहा है … और तेज पेलो … और तेज पेलो … आह मेरा पानी निकाल दो. उन्होंने मुझे एक फ़ाइल के बारे में बताया और उसके रखे होने की जगह बताते हुए बोले- अभी राजेश अंकल घर आएंगे, उनको वो फ़ाइल दे देना.

मैंने उसके हाथों को अपने हाथों में लिये रखा और बोला- देख लो, तुमने वादा किया था. वाह क्या आनन्द था वो!फिर वो डॉक्टर झड़ कर मेरे ऊपर ही लेट गया और उसने मुझे कसके पकड़ लिया.

रूबी सुपारे की मोटाई से तड़फ उठी और बुरी तरह से कराहने लगी- आह उम्म आई … फट गई मेरी चूत … निकाल ले साले मुझे नहीं चुदवाना … आह बहुत दर्द हो रहा है.

विपिन थोड़ा चिढ़ते हुए सा बोला- अच्छा मज़ाक कर लेती हो दीदी, सेक्स तो हुआ ही नहीं. मैंने उससे कहा- यार, मैं अभी तुमको फोन लगाने वाला था क्योंकि आज मुझे भी देर होने वाली है. भाभी ने बताया- हां यार, वो बेबी ने मेरा ज्यादा दूध पिया ही नहीं तो सारा दूध मेरी छाती में भर गया है और दर्द भी हो रहा है, सो उसी वजह से ब्लाउज भी गीला हो गया है.

తెలుగు సెక్సీ వీడియో वो बोले- ला मैं तेरी मदद करता हूं इसको बड़ा और मोटा करने में।फिर वो मेरी लुल्ली को सहलाने लगे. वो- इतना भी टेस्टी नहीं है … और वैसे भी यहां होटलों में खाना अच्छा ही मिलता है.

मगर मैंने उनको जब ये बात बताई कि मैं उनकी पत्नी की तरह फील कर रही हूं; तो वे बोले कि मैं शादीशुदा हूं और इसलिए तुम मेरी रखैल हो।ये सुनकर मुझे थोड़ा झटका सा लगा।मैं रखैल नहीं पत्नी के सपने देख रही थी. हैलो, मेरा नाम अक्षिता है। आप अंतर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी साईट पर पर मेरी दो कहानियांहोटल रूम में मैं खुल कर चुदीलॉकडाउन खुलते ही मैं भी खुल गयीपढ़ चुके हैं।अंतर्वासना पर यह मेरी तीसरी कहानी है।मेरा जिस्म एकदम भरा हुआ है. भाभी- आह राजा जी ज़ोर से चोदो मुझे … आह आज मेरी चूत की तड़प मिटा दो … आह फाड़ दो चूत को … आज से इस चूत को मत तड़पाना … अब तो ये लंड के लिए हमेशा रेडी रहेगी.

प्रेग्नेंट की चुदाई

मैं उनको कहीं भी मिल जाऊँ तो बड़ी कातिलाना स्माइल करती हैं।उनका मेरे घर भी आना जाना ज्यादा हो गया था. फिर उस डॉक्टर की मुस्कान मेरे अन्दर एक अजीब सी बेचैनी पैदा करने लगी. मैंने मन में सोचा कि इसने तो कुछ घास ही नहीं डाली, मगर किया भी क्या जा सकता था.

शायरा के साथ मेरी ये मुलाकात तो इतनी खास नहीं थी, मगर उसके घर जाने से मुझे ममता जी की चुदाई करने का मौका सूझ गया. घर में उसके पति के साथ उसकी एक बड़ी सी फोटो थी जो‌ कि सामने ही‌ लगी हुई थी.

मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिये और लुंगी लपेटकर मामी के पीछे लेट गया.

हमारी मुलाकात बस कॉलेज में होती‌ थी और कॉलेज में तो हम‌ ऐसा कुछ कर नहीं सकते थे. मैं भाभी के मुँह से सांड जी सुनकर हंस दिया और उनके एक दूध को चूसते हुए उनकी चुत की धज्जियां उड़ाने लगा. उन्होंने अपनी चड्डी उतारी और अपने दोनों हाथों ने मुझे कस कर पकड़ लिया और मेरी गोद में बैठने का उपक्रम करने लगीं.

मैं भी हल्के हल्के स्वर में ‘आ … आहह … आहह … चोद हरामी भैनचोद स्सी … स्सी …’ करती हुई उसके धक्कों से ऊपर नीचे हिल रही थी. प्रियंका अपनी तीन उंगलियां अनामिका की चूत में डालने की कोशिश करने लगी थी. उधर वो दूसरी आंटी अगर वापस लौट आतीं तो फिर पारो की चुदाई शायद नहीं हो पाती इसलिए मैं जल्दी से उस नौकरानी की चूत के मजे लेना चाहता था.

उसने मेरी गांड पर जोर से थप्पड़ मारा और मेरे मुंह से निकला- हायल्ला!सच में दोस्तो, मैं बहुत रोमांचित हो गया था.

ब्लूटूथ मे बीएफ: आंखें मानो कह रही थीं कि राजा जी आज मत रूको, बरस जाओ मुझ पर … और मेरी प्यास शांत कर दो. फिर …कुँवारी को न चोदिये जो चूत पर करे घमंड,चुदी चुदाई चोदिये जो लपक के लेवे लन्ड!हर बात कहने का एक अंदाज़ होता है.

शिमला पहुंच कर हम दोनों मियां बीवी होटल में आ गए, रास्ते की थकान उतारने लगे. वो मुझसे रानी के लिए पूछने लगी कि तुझे रानी में ऐसा क्या पसंद आ गया जो उस पर मर मिटा. मैंने उसके छोटे छोटे स्तनों को ब्लाउज की ऊपर से ही जोर जोर से पकड़ कर दबाया और अपना लौड़ा अन्दर बाहर करता रहा.

फिर देखते ही देखते रात से सुबह भी हो गयी, मगर ना तो शायरा ने मुझसे ऊपर आकर बात की और ना ही मैंने खुद जाकर उससे बात की.

जब वो बैठ रही थी तो उसकी चिकनी गांड और चूत देख कर मेरा भी लंड अपनी औकात में आने लगा. इसी तरह वो कुछ देर में मेरे मुँह में ढेर हो गया, मैंने उसकी रबड़ी खा ली और लंड चाट कर साफ़ कर दिया. उसी बीच प्रियंका ने उसके पैर भी खोल दिए … और उसकी पैंटी को लोअर समेत खींच कर उतार कर दीवान के किनारे फेंक दिए.