देहाती जंगल की बीएफ

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मैंने अपने लंड को और तेजी से सड़का मारा और फोन को लंड के पास ले जाकर उसे मुठ मारने की आवाज़ सुनाई.अब वह धीरे धीरे मेरे लंड को अपने मुँह में पूरा लेने लगी … क्योंकि मेरे द्वारा उसकी चूत चूसे जाने से वह भी पूरे जोश में आ गई थी.

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खाने के बाद मैं बेड पर लेट कर सिगरेट के कश लगाने लगा खाने के बर्तन साइड में रख कर नीरू मेरी बगल में आकर लेट गयी और वन्दना हमारे पाओं की तरफ बैठ कर सिगरेट पीने लगी. उसके बाद मैं उसके गालों पर, गर्दन पर और उसके चेहरे को हर जगह चूमने और चाटने लगा.

” महेश ने अपनी बांहों को अपनी बहू के जिस्म पर कसते हुए कहा।पिता जी छोड़िये मुझे, यह सब ठीक नहीं है.

मेरे दस झटकों के बाद वो एकदम से अकड़ गयी और मेरी कमर पर अपने पैरों को फंसा कर सिसियाते हुए चुतरस छोड़ने लगी … वो झड़ गयी थी.

फिर मैंने अपनी जीभ के नीचे वाले हिस्से से उनके कानों के ऊपर वाली जगह को दबा दिया और रगड़ने लगा. मैंने पूछा- कितने?उसने कहा कि आप अपना नंबर दो, मैं आपको फ़ोन करके बताऊँगी कि कितने साल हुए हैं. हमने कुछ देर रेस्ट किया और फिर से यशिमा का हाथ मेरे लंड से खेलने लगा.

मैंने अपनी स्पीड को बढ़ा दिया और लंड का पूरा गर्म गर्म पानी उनकी चुत में छोड़ दिया. आमतौर पर औसत लम्बाई का लंड भी औरत को पूर्ण रूप से संतुष्ट कर सकता है. मैं तो प्यार के मारे मयूर से लिपट गई और उसको अपनी बांहों और टांगों में जकड़ लिया.

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नीले रंग की साड़ी में उसका गोरा बदन और उसके उठे हुए पहाड़ देख कर मेरे लंड का वहीं पर तंबू बन गया. कुछ ही देर के बाद मेरी चूत से पानी की धार फूट पड़ी और मेरी चूत के पानी से पापा का लंड भीगने लगा. मेरी चाची का यौवन इतना लाजवाब था कि बूढ़े का भी लंड खड़ा हो जाए, फिर मैं तो अभी अभी जवान हुआ था.

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मैंने कैसे हिना आंटी को अपने लंड का गुलाम बनाया, ये सब आप अगले भाग में पढ़ना भूलिए. मैं उन्हें अपने जिस्म से लिपटा कर प्यार करने लगा, किस करते हुए उनके मदमस्त मम्मों को दबाने लगा.

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देहाती जंगल की बीएफ वो मुझे उठाए हुए ही बहुत ही प्यार से मेरी चुम्मी का आनन्द लेने लगा. काफी सारी बड़ी-बड़ी चट्टाने हैं जो दूर तक फैली हुई दिखाई पड़ती हैं.

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मैंने उसके चूचों को मुंह में ले लिया और उनको दबाते हुए उसके चूचों को चूसने लगा. हम उनसे विनती करने लगे- सर हमें छोड़ दो! हम दोबारा ऐसी गलती नहीं करेंगे. उसकी चूत से पानी निकलने के कारण उस आंटी की चूत बिल्कुल गर्म और चिकनी लग रही थी.

मैं सर की पूरी प्लानिंग समझ रही थी और मैं अंदर से बहुत खुश थी कि आज मुझे नया लंड मिल ही जाए शायद!फिर भी मैं दिखावा करती हुई बोली- सर आप ये मुझे कहाँ ले जा रहे हैं? ये कॉलेज का रास्ता नहीं है. श्वेता दीदी- अरे मेरे सामने कपड़े बदली करने में क्या दिक्कत है?दीदी- नहीं … मुझे शर्म आ रही है. दोस्तो, इस सेक्स कहानी को लेकर आपको मुझसे क्या कहना है, प्लीज़ मुझे मेल करके जरूर बताएं.

उसका अभी भी अपने दोनों हाथ ऊपर उठा कर अपने मम्मों को सहलाना दबाना चालू ही था.

मैं बॉस के कान में धीरे से बोली- आज तो आपका विनय मेरी गांड मारकर ही मानेगा. तो दोस्तो, कैसी रही मेरी गंदी कहानी, मुझे जरूर बताएं, अगली स्टोरी में मैं आपको बताउंगी कि कैसे मेरे भाई ने मुझे विक्की के साथ गांड मरवाते हुए देख लिया था. वो चिल्ला उठी- प्लीज प्लीज स्लो … (धीरे-धीरे करो)उसके बाद मैंने उसकी गांड में लंड को और अंदर धकेल दिया.

वो मुझसे पार्क में बात करते करते मुझे छूने की कोशिश भी करता था, जिसे मैं खुद जानबूझ कर नजरअंदाज कर देती थी … या यूं कहो कि मुझे खुद भी उसका छूना अच्छा लगने लगा था. पर आज जब उसने कहा कि ड्रिंक कर लो, दर्द नहीं देगा, तो मैंने सोचा कि आज मौका अच्छा है … एक बार गांड में भी लंड ट्राई कर लेती हूँ. बांए हाथों ने मम्मों को थाम लिया था और संजय के कारनामों की तरह ही निप्पल को उमेठने लगे थे.

”जॉली ने रिया के गले लगते ही उसकी पीठ पर बांहें लपेट कर उसे अपने से कस कर गले से लगा लिया. उसने पांच-सात मिनट तक मेरी गांड की चुदाई अपने 6 इंच के लौड़े से की.

आशीष के बारे में मां को बताते हुए मैंने याद दिलाया- मां, आशीष वही कोटेदार की बहन का बेटा है. फिर उसने मेरा बुर्का उठा कर लेगी में हाथ डाला और मेरी कोमल गांड को जोर से दबाने लगा. मैंने उन्हें तुरंत ही दूसरे कमरे में जाने के लिए कहा और आवाज देकर बोली- कौन?बाहर से एक लड़की की आवाज आई- भाभी मैं हूँ पूजा!पूजा मेरे बगल वाली की बेटी है।मैंने तुरंत दरवाजा खोला और पूछा- क्या बात है पूजा?पूजा ने कहा- मेरे यहाँ पानी नहीं आ रहा है.

मैं उनकी चुत के दाने को अपने लंड से रगड़ देता, तो कभी उनकी चुत के पास सहलाने लगता.

अन्तर्वासना पढ़ने वाले प्रिय पाठक व पाठिकाओं की गांड, चूत और लौड़ों को मेरा बारम्बार नमस्कार. उसने मुझे टाइटली पकड़ लिया और अपने लंड को मेरी गांड पर रख कर धक्का मार दिया. उसने पिंकी को ही गोद में उठा लिया और बोला- चलो शावर लेते हैं, फिर लंच लेने भी जाना है.

अब मैंने खड़े हो कर उनकी पीठ को अपनी तरफ किया और एक पैर सोफे पर रख लिया. अगर अब हमने इसको अधूरे हाल में छोड़ा तो यह हम दोनों को ही मार डालेगी.

दोस्तो, मेरी ये चुदाई स्टोरी आपको कैसे लगी, आप अपनी प्रतिक्रिया देने के लिए मुझे मेल जरूर करें. उसने भी मेरी टांगें उठाईं और दो तीन झटकों में लंड चूत में उतार दिया. ये देख कर वन्दना बोली- वाह दीदी, आपके सन्तरे तो बड़े ही गए।नीरू- बड़े नहीं होंगे तो और क्या होंगे? तेरे ये जीजू इन्हें क्या कम मसलते और चूसते हैं।मैं- नीरू, अब तुम वन्दना को बिल्कुल नंगी कर दो और खुद भी नंगी हो जाओ।नीरू ने ऐसा ही किया.

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कुछ देर बाद मैं उनकी गांड पर हाथ फेरने लगा तो परी मैम ने अपनी पेंटी भी निकालने का कह दिया.

कभी वो मेरी चूचियों के निप्पलों को चूसते हुए मुझे तेज तेज धक्कों से चोदने लगता. जैसे जैसे उसका लंड मेरी गांड के छेद को खोलने लगा मेरा दर्द हर पल बढ़ने लगा. अमित ने उसकी गांड को पीछे से ही चाटना शुरू कर दिया और धीरे धीरे अमित उसकी चूत पर चाटने लगा!अब पूजा की चूत में मेरा मोटा लन्ड और अमित की जीभ थी.

थोड़ी देर और इंतजार करने के बाद मैं हॉल में आ गयी और वहां से भी जेठजी को आवाज लगाई. अमित जैसे ही पूजा के नजदीक आया, पूजा ने उसका लंड अपने हाथों से कस लिया और हिलाने लगी. सेक्सी हिंदी ब्लूउसी कहानी को आगे बढ़ाते हुए आज मैं एक और सच्ची घटना पर आधारित सेक्स कहानी लिख रहा हूं.

जब उस दीवार पर लंड जाकर लगता तो लेडी डॉक्टर के चेहरे पर अलग ही आनंद छलक पड़ता. जैसा कि मेरी पहली सेक्स कहानीकॉलेज टीचर को दिखाया जवानी का जलवासे आप सबको पता है कि मैंने अपने सर से कैसे अपनी चूत की सील खुलवा कर चुदाई का मजा लिया था.

मैं भी उसकी चूचियों को चूसते हुए उसे धक्के पर धक्के लगाए जा रहा था. हां जब आपने मुझे किस करते हुए देख लिया था, तो आपको बता दे रहा हूं … कि हां मुझे वह अच्छी लगती है. मगर एक बात का ध्यान रखना कि आशीष को इस बारे में कुछ पता नहीं चलना चाहिए.

तभी जॉली ने अपने हाथ से रिया के हाथ को दबोच लिया और एक सिसकारी भरते हुए उसने अपनी जिप खोल दी. हम दोनों झगड़ जरूर गए थे … मगर हम दोनों की मस्ती अभी भी कम नहीं हुई थी. मैंने फिर उन्हें अलग करके सुनीता की चूत में अपना लौड़ा डाल दिया और धक्के मारने लगा.

उसने धीरे से मेरे हाथ को अपने अंडरवियर पर टिकाते हुए कहा- इसको हाथ से छूकर देख लो.

मैंने पूछा- कौन?बाहर से आवाज आई- मैं हूँ अभिजीत।सुखविन्दर ने कहा- हाँ वहीं है!और मैंने दरवाजा खोला। सामने एक हट्टा कट्टा 45 से 50 साल का आदमी था। मैंने उसे अन्दर आने के लिए कहा और फिर दरवाजा बंद कर दिया।उसके हाथ में एक थैला था जिसमें कुछ खाने पाने का सामान था। उसने मुस्कुराते हुए वो थैला मुझे दिया और मैं उसे लेकर किचन में चली गई. अभी तक मेरी मामी की सेक्स कहानी के पहले भाग में आपने पढ़ा कि मैं मामी के पीछे लेटा हुआ टीवी देख रहा था और ममी के कामुक बदना का मजा ले रहा था.

मैंने उसके चेहरे की तरफ देखा, जिस पर इस वक्त इमोशंस और एक्साइटमेंट का तूफान था. मैंने जोर नजरों से उनको देखा, तो वो गुस्से में मेरी तरफ ही देखी जा रही थीं. सोनिया- हां आता तो है, लेकिन मैंने सोचा इस टाइम का फायदा उठाया जाए.

दोस्तों मेरे लिए भगवान से प्रार्थना कीजिएगा कि मेरा यह चुदाई का मिशन सफल हो जाए और मैं शिखा मामी को चोद सकूँ. मैं चाची के चूचों को पीने और काटने में लग गया, जिससे चाची गर्म होना शुरू हो गईं. नाश्ते में मनोज और सुनील बैठे, दीपा गर्म गर्म कटलेट सेक रही थी तो वो नहीं बैठी.

देहाती जंगल की बीएफ कुछ देर तक वैसे ही रहने के बाद जेठजी ने मुझे अपने सीने से अलग कर दिया और मेरे चेहरे को पकड़ कर मेरे होंठों को चूमना चाहा, पर मैं अपने हाथ की उंगलियां उनके होंठों पर रख कर उन्हें रोकते हुए बोली- भैया पहले खाना खा लें … मुझे बहुत जोर की भूख लगी है. उन्होंने पैसों की पेशकश की लेकिन मैंने मना कर दिया क्योंकि पैसा मेरे लिये सब कुछ नहीं है.

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मुझे गुस्सा आ गया और मैंने अपना पेशाब से भरा हुआ मुंह उसकी पकड़ छुड़ाया और फिर बाथरूम में जाकर थूक दिया. पर सच कहूं तो संदीप का साथ मुझे अच्छा लग रहा था और ऐसा ही कुछ मैंने संदीप की आंखों में भी देखा. मैंने जैसे ही काटा, भाभी जी जोर से चीख उठीं और बोलीं- आह धीमे करो …लेकिन तब तक मेरी भाभी उनकी चीख सुनकर अपनी साधना भाभी को देखने चली आईं.

और उनका लन्ड मेरी चूत पर रगड़ मार रहा था।आआआ … ईईईई … आआआ … हहह … नि…का…ल…आ. आखिर में मैंने उससे कहा कि ठीक है अगर तुझे यकीन नहीं है तो मैं पैसे दे दूंगा. रंडियों की चूतये हॉल बड़ा सा था, चारों ओर एंटीक पीस और मंहगी पेंटिंग्स से सजावट की गई थी.

मैंने उसके सभी कपड़ों को उसके जिस्म से अलग किया और उसने भी मेरे कपड़ों को अलग कर दिया.

उसने मेरे दोस्त से कह दिया कि अगर इसकी गांड नहीं दिलवाई तो मैं तुम दोनों के बारे में पूरे हॉस्टल में बता दूंगा. मैंने नीचे हाथ ले जाकर उसकी पेंटी के ऊपर से ही उसकी चूत को सहलाया, तो वो एकदम से गनगना गई.

लेकिन यह भी कहा कि तेल लगा कर गांड मारना जिससे मुझे दर्द कम हो।मुरली ने खुश होकर मुझे बांयी करवट में लेटा दिया और मेरी गांड के छेद में और अपने लंड को तेल से चिकना कर दिया। अब बहुत प्यार से उसने अपने लंड को मेरी गांड में धीरे से घुसा दिया।दो दिनों की चुदाई के कारण मेरी गांड का छेद थोड़ा फैल चुका था और मुरली ने अपने लंड पर तेल भी लगा लिया था. इसके बाद बॉस ने मेरी गर्दन को पकड़ के झुका दिया और मैं बॉस के लंड को फ्रेंची से बाहर निकाल कर चूसने लगी. फिर पापा कहने लगे- बेटी, अगले हफ्ते में तेरा जन्मदिन है तो मुझे कुछ गिफ्ट देना चाहता हूं.

हम दोनों ने सुबह उठ कर साथ चाय-नाश्ता किया और वो काफी खुश लग रही थी.

जब उसने मेरे लंड पर अपनी जीभ को फेरा, तो ये मेरे लिए चरमोत्कर्ष वाला आनन्द था. पर कॉलेज का माहौल देख कर मेरी कभी हिम्मत ही नहीं हुई कि किसी लड़की को पटा सकूँ. जब उनका सब चेंज हो गया, तो मैं वहां से निकल कर हॉल में आकर बैठ गया.

कामसूत्र का वीडियो” महेश ने इस बार अपना हाथ अपनी बेटी की जाँघ पर उसके कपड़ों के ऊपर से ही रखते हुए कहा।अपने पिता की बात सुनकर ज्योति का सिर शर्म से झुक गया और वह बगैर कुछ बोले चुप होकर बैठी रही।क्या हुआ बेटी? बोलो न … तुमने तो अपने भाई के साथ ही प्रोग्राम सेट कर लिया?” महेश ने ज्योति की जाँघ पर अपने हाथ को फेरते हुए कहा।पिता जी मुझसे गलती हो गई. मैं उसकी बांहों में ऐसे जकड़ी हुई थी जैसे किसी ने बच्चे को गोद में भर कर उठा रखा हो और कस कर दबा रहा हो.

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मैंने जाकर देखा, तो मेरे सामने मेरे सपनों की रानी मेरी मासी खड़ी थीं. सुखविन्दर ने वो बोतलें फ्रिज में रख दी। उस थैले में एक शर्ट भी था मगर मैंने उस पर ध्यान नहीं दिया और हम दोनों बाहर आकर अभिजीत के पास बैठ गए और बात करने लगे।हम तीनों ही काफी हंसी मजाक की बातें कर रहे थे. जैसा हम सब के साथ होता है, ऐसे शहर में रहना जहाँ आप नए हों, हमेशा मुश्किल होता है.

चुत पर मेरे हाथ से चॉकलेट लगते ही सबा पागलों की तरह कांपने लगी और अपनी टांग से उसने मेरे सर को कब्जे में कर लिया. मैंने जीजा से उनकी शर्त के बारे में पूछा तो वो कहने लगे कि तुमको मेरे सेठ दोस्तों से चूत चुदवानी होगी. ” इतना कह कर ज्योति ने जल्दी से अपने बाप के लंड को चूम लिया और फिर कुतिया बन गयी.

जॉली मुस्कुराया और रिया को अपनी गोद में लेकर अपने बेडरूम में घुस गया. मैंने ओके कहा और उससे चिपक गया मेरे लंड ने अंगड़ाई लेना शुरू कर दिया था. अब उससे रहा नहीं गया और उसकी चूत से एक तेज धार फूट पड़ी जिसका गीलापन मैंने अपनी उंगली पर लगाया और उसको चटा दिया.

मैंने उसे सिगरेट उठाने का कहा, तो उसने खुद मुझे एक सिगरेट जला कर दी. मामी मेरा लंड दबाते हुए बोलेंगी- तो ठीक है, किचन में मेरी चूचियों को और ज्यादा चूसने आ जाना.

वहां एक कैफे में बैठ कर खाने का ऑर्डर देने के लिए मैंने अमृता की तरफ मेन्यू कार्ड बढ़ाया.

बीवी की अदला बदली की मेरी सेक्स कहानी के पहले भागबीवी की बड़े लंड की चाहत-1में अब तब आपने पढ़ा कि कैसे मेरी बीवी होटल के कमरे में मेरे दोस्त के लंबे लन्ड से चुदी और अपनी मन की इच्छा पूर्ति की। यह तब सम्भव हुआ था जब मेरी पत्नी को प्राइवेसी देने के लिए मैं निक्कू (रॉकी की वाईफ) को लेकर घूमने निकल गया था. হিন্দি বিএফ হিন্দি বিএফपापा लंड पूरा भीग गया और पानी बहकर नीचे की तरफ मेरी नाभि से होकर मेरी चूचियों तक आ रहा था. सेक्सी कुंवारी लड़कियों कीअब यह तय हुआ कि शाम की चाय तो अपनी अपनी कॉटेज में ली जाए और शाम को सात बजे स्वीमिंग पूल पर इकट्ठे होंगे … डिनर तो सुइट में ही लेंगे. हमारा ये चुदाई का खेल चार घंटे तक चला था, जिसमे वो 5 बार झड़ गई थीं.

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मैं- उसे तो बुलाओ, वो अपनी गलती है ऐसा सोच कर वहीं का वहीं हॉल में खड़ा है. तब तक के लिए आप लोग मेरी नाम की मुठ मारें और अबकी बार सारा वीर्य मेरी गान्ड में डालें।आप लोग कमेंट्स कर सकते हैं।. हराम की ज़नी रांड बड़े मज़े से मेरे लण्ड से प्यार भरी अठखेलियां कर रही थी … बहन चोद चुदक्कड़ !!! उसके नाज़ुक हाथों के खिलवाड़ से लौड़ा दुबारा अकड़ गया था.

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प्रतीक- साफ़ साफ़ बताओ, तुम क्या चाहती हो?मैं- यही कि मैं मयूर से शादी कर लूं ताकि वो भी लाइफ का मजा ले और जिंदगी भर कुंवारा ना रहे. परमीत के मुँह में जितना समा सका, उसने मुँह में रखा और बाकी का रस उसके चेहरे और शरीर पर बिखर गया. चार साल इंजीनियरिंग लाइफ की तमाम कहानियां आप सबसे शेयर करने का मन कर रहा है.

आह्ह … आह्ह … श्शस्स्स … उम्म्ह… अहह… हय… याह… निकाल हरामी मेरी गर्मी को. मेरी इन हरकतों को देखते हुए माँ ने मेरे लिए लड़का ढूंढना शुरू कर दिया और एक दिन मेरा रिश्ता तय हो गया.

मैं क्या देखूँगा?भाबी ने अचानक से उन्होंने भैया के पेंट की जिप खोली और उनका लंड हाथ से बाहर निकाल कर बोलीं- साले बहनचोद … तू ये देखता है न!मैं हैरानी से उनको देखने लगा कि वो ये क्या कर रही हैं.

हम तीनों के मुंह से आह्ह … ओह्ह … इस्श्स आह्ह … करके कामुक आवाजें आने लगीं. ऐसा तो कोई सोच भी नहीं सकता था कि हिना आंटी इतनी अधिक कामुक निकलेंगी. वहां पर ऐसी सिचुएशन हो गई कि उसके साथ ही वहां के नौकर ने भी अपना लंड मेरे मुंह में दे दिया था.

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उसकी मुलायम त्वचा और उसकी बड़ी बड़ी आँखें किसी का भी मन मोहने के लिए काफी थी. मेरी गोरी चिकनी जांघें देखकर वो बौखला गया और मेरी जांघें चाटने लगा. अब वह धीरे धीरे मेरे लंड को अपने मुँह में पूरा लेने लगी … क्योंकि मेरे द्वारा उसकी चूत चूसे जाने से वह भी पूरे जोश में आ गई थी.

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ससशसस धीरे मसलिये सर … बहुत बड़े हो जायेंगे नहीं तो!”सर मेरी कमर को चाट रहे थे और काट भी रहे थे.

देहाती जंगल की बीएफ: इस बात पर संजय ने हरामीपन वाली स्माईल दी, बाकी किसी को कोई खास फर्क नहीं पड़ा, लेकिन मेरे दिमाग में एक बिजली सी कौंध गई. वो जवान आंटी गर्म होने लगीं और मज़े लेने लगीं … सिसकारियां लेने लगीं ‘आह … आह …’मैंने उनके कानों के अन्दर अपनी जीभ नुकीली करके डाल दी.

ज्योति पीठ के बल लेट गयी और अपनी गांड से निकला हुआ अपने पापा का लंड अपने मुँह में ले लिया. मैंने उस आंटी रीता के साथ सेक्स भरी बातें करके उसको गर्म करने की सोची. अब चाची भी मस्ती से बोले जा रही थीं- आंह … चोद दे मुझे … उंहह ह्ह … हां चोद देईई ऊऊह ओह्ह्ह यस यस … दीपू तुमने आज मेरी गांड का भी उद्घाटन कर दिया … मुझे खुशी इस बात की है कि ये काम तूने किया है.

मैंने बस बटन खोला और थोड़ा सा नीचे किया तो उसके जिस्म से उसके शॉर्ट्स अलग हो गए थे.

वो बोले- तो फिर ठीक है मेरी रानी, अब मेरा मूसल लेने के लिए तैयार हो जाओ. मगर अपनी किस्मत और व्यवहार के कारण कुछ लड़कियों के साथ सेक्स करने में कामयाब हो चुका था. मैंने उस वक्त संदीप से नजरें जरूर हटा लीं, लेकिन मैं कोमल की इस बात के बाद अपना दिल संदीप पर पूरी तरह हार गई.