बीएफ बीएफ जबरदस्त

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प्रीति ने गेस्ट से अंग्रेजी में पूछा- मेम आपका रूम बनाना है?उसने कहा- हां. फुल एचडी में सेक्सी पिक्चरमैंने कहा- क्या करूं मामी, कोई ऐसी मिली ही नहीं जो मेरे मन की बात समझ सके.

इस शकरकंदी के स्वाद के लिए दस बारह दिन से अनिल को पटा रहा था पर साला तैयार नहीं हो रहा था, बहाने बाजी कर रहा था. ओपन सेक्स वीडियो हिंदीकुछ ही देर में ज़रीना का पानी निकलने लगा और मैंने वहां से मुँह हटा कर सीधा उसके मुँह से लगा दिया.

अब उसने मेरी पैंटी को उतारकर मेरे मुँह में डाल दिया और उसने मेरी गांड में अपना मुँह डाल कर पूरी जीभ गांड के अंदर डाल कर वो चाटने लगा.बीएफ बीएफ जबरदस्त: मैं बहू के पीछे ही खड़ा हुआ था लेकिन जब मेरा ध्यान भीड़ से हट कर मेरे शरीर पर गया तो मैंने पाया कि मेरा लंड बहू की गांड पर नीचे सट गया था.

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मैडम गांड उठाते हुए मादक सिसकारियां भरने लगीं- आआह … ऐसे ही मजा आ रहा है.मेरे हाथ उसके स्तनों को दबाते हुए उनका दूध निचोड़ने की कोशिश कर रहे थे.

मौसी ने मेरे हाथ में एक लाख का पैकेट थमा दिया और कहा- अब तुम्हारी बीवी हमारी रंडी है. बीएफ बीएफ जबरदस्त मैंने लगभग दस मिनट तक सोनम की चुत चोद कर उसकी चूत का रायता निकाल दिया था.

मैंने कच्ची नींद में आंख खोल कर देखा कि सोनू मेरी बगल में बैठी हुई थी.

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अब बताओ दोस्तो … मैं क्या करूँ जिससे उसको ज्यादा तकलीफ भी न हो और सेक्स हो जाये।कृपया अपना सुझाव अवश्य दे क्योंकि मैं वर्जिन हूँ … मैंने आज तक कभी किसी के साथ कोई सेक्स नहीं किया है।सुझाव देने के लिए ईमेल करें-[emailprotected]पर!आगे की कहानी:दोस्त की बहन मुझे लव करती है-3. मुझे तो उसकी नाज़ुक सी छोटे से छेद वाली चुत को मुँह में भरके चूसने का बहुत मन कर रहा था. कुंवारी चूत चुदाई की कहानी में पढ़ें कि मैंने कोचिंग ज्वाइन की तो रूम किराए पर लिया.

[emailprotected]भतीजी की जवानी की कहानी का अगला भाग:भतीजी और उसकी सहेली की चुदाई-2. सब उत्तेजना के मारे सिसकारियां भर रही थी और जैसा कि मैंने बताया था इस ग्रुप में एकता सबसे कम उम्र की और सबसे ज्यादा सेक्सी नेचर की थी. आप लोग मेरी गर्लफ्रेंड की चुदाई कहानी पर अपने कमेंट्स मुझे मेरे ईमेल पर भेज सकते हैं.

वो मेरा टनटनाता लंड देख कर डर गई और बोली- जान आपका ये तो बहुत मोटा है … इतना मोटा मेरे अन्दर कैसे जाएगा. तेरा पति तो खुश रखता है ना तुझे!सरस्वती- हां, इस बुढ़ापे में भी मेरी जान निकाल देता है. उसने पलट कर पीछे मेरी तरफ देखा और कहा- पूरी रात पड़ी है … अभी पहले नहा कर फ्रेश हो जाओ.

चूँकि वो पहले भी बहुत बार चुद चुकी थी, तो लंड आराम से अन्दर चला गया. मैं बोला- अगर मैं जबरदस्ती करने लगा तो?वो बोली- अच्छा जी, सीनाजोरी करोगे अपनी मामी के साथ?मैंने कहा- जी बिल्कुल, आपने पूरा हक दिया हुआ है मुझे.

उन्होंने मेरी चूत के मुंह पर भी क्रीम लगा दी और फिर लंड को मेरी कुंवारी चूत पर फिराने लगे.

उसमें आगे का लेसन ये था कि लड़की को सिड्यूस कैसे करते हैं और लड़की की चूत कैसे गर्म की जाती है.

उस सेक्सी टीचर ने मेरी अन्तर्वासना, कामुकता जगायी, मुझे चुदाई, ज़िन्दगी जीना सिखाया. कुछ ही मिनट बाद हम दोनों झड़ने लगे और हम दोनों का पानी एक साथ ही निकल गया. राजशेखर उसकी थुलथुली बड़े गांड को दोनों हाथों से मसलने लगा और निर्मला उसे चूमती हुई एक हाथ से उसका लिंग पकड़ कर अपनी योनि से सीध बना कर बैठ गई.

उसने कहा- तुम्हें नहीं पता?मैंने कहा- पता है … ये खून है … लेकिन कैसे आया?उसने पंजाबी में कुछ कहा, मैं समझ नहीं पाया. इससे मुझे भी पता चल गया था कि मामी की चूत में खुजली होना शुरू हो गई है. फिर उन्होंने बात को घुमाते हुए कहा- अच्छा, ये नम्बर किसका है?मैंने कहा- मेरा ही है.

फिर मेरी टांगें फैलाईं और झुक कर मेरी योनि के इर्द गिर्द चूमने लगा.

फिर अचानक रात को उन्हें दर्द होने लगा, तो मैंने उठकर फिर से हाथ से प्यार से सहलाने लगा और उन्हें सुलाने लगा. मगर मैं आपको बता दूं कि मेरी पहली चुदाई मैंने अपने दोस्त की माँ के साथ ही की थी. यह कहते हुए उन्होंने नीचे बैठ कर मेरा लंड मुँह में ले लिया और लंड चूसने लगीं.

उसको भी शायद मेरे मुंह से गालियां सुनते हुए मेरा लंड चूसने में मजा आ रहा था. दो मिनट के बाद ही उसके मुंह से मादक सिसकारियां उम्म्ह … अहह … हय … ओह … निकलनी शुरू हो गईं. भगदड़ सी मची हुई थी जो हम दोनों को आगे की तरफ धकेल कर ले जाने का आमादा थी.

मैंने कहा- सॉरी यार … तुम बहुत चेंज हो गयी हो, इसलिए नहीं पहचान पा रहा था.

उसके बाद मैडम ने मेरी तरफ देखा तो मैंने भी इशारे में उनको बता दिया कि यह साड़ी उन पर बहुत अच्छी लग रही है. मैं चूतड़ों को उठा उठा कर सुरेश को मजा देती रही, झड़ती रही और सुरेश ऊपर से ठोकर मारता हुआ अपने रस की पिचकारी मेरी योनि के भीतर छोड़ने लगा.

बीएफ बीएफ जबरदस्त आंटी ने बताया कि शायद आज वो पहली बार झड़ी हैं, मुझे चुदाई में इतना आनन्द कभी नहीं मिला. और फोन रख दिया।अब तो मैं भी बेताब हो गया था, अब एक पल भी दोस्तों के साथ मन नहीं लग रहा था.

बीएफ बीएफ जबरदस्त मैंने अपने घर का काम किया और शाम होते ही संजय के आने का इन्तजार करने लगी. पहले मुझे ऐसा अहसास कभी नहीं हुआ था … शायद मुझे अब मैम के मम्मों को देखने में मजा आने लगा था, इसीलिए मैं उनके मम्मों को चोरी से देख लेता.

रागिनी- देखो … ये मत समझना कि मैं बहुत ग़लत लड़की हूँ … पर सेक्स की ज़रूरत हर इंसान को होती है.

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करीब 10 मिनट तक उसकी बुर चूसता रहा मैं और वो अपने हाथों से मेरा सिर उसकी बुर पर दबाये जा रही थी।थोड़ी देर में उसकी बुर ने रस छोड़ दिया जो मैं सारा का सारा पी गया. मैंने दूसरे दिन मोनिषा आंटी से कहा- मैंने आपसे कहा था न कि मोहल्ले के बहुत से मर्द आपके जिस्म को निचोड़ कर चोदना चाहते हैं. वो मुझे धकेल रही थी और हंसते हुए बोल रही थी- ये क्या कर रहे हो … छोड़ो मुझे.

साला वो मेरे बारे में अच्छी तरह से जानता था कि इसके सामने अकेली लौंडिया छोड़ना खतरनाक खेल हो सकता है. मैंने सुशी से पूछा- किस रूम में जाना है?सुशी बोली- तुम मेरे रूम में चले जाओ, मैं अपने मम्मी पापा को देख के आती हूँ।इतने में मैं सुशी के रूम में चला गया. मैंने अपना लंड उसकी चुत में से निकाला और कंडोम निकाल कर साइड में रख दिया.

मैंने उसके जिस्म को चूमा और फिर उसके पेट को चूमते हुए उसकी टांगों के बीच में बैठने लगी.

मैं जैसे ही वहां से निकलने के लिए वापस घूमा, तो अन्दर से आवाज आई- रुकिए आती हूँ. मोनिषा आंटी के जिस्म की कामुकता इतनी ज्यादा है कि कोई भी मर्द उनको एक बार देख ले, तो वो अपना आपा खो दे और उसे अपने ही हाथों से अपने लंड की मुठ मारनी पड़ जाए. ऊपर को नजर दौड़ाई, तो भाभी के गोरे रंग के घुटने थे, उन घुटनों पर भाभी हल्के हल्के से मालिश कर रही थी.

मैं भी उसकी जवानी का रस चूसने वाले उन फैन्स में से एक था जो उसकी प्यासी जवानी का रस पीना चाहते थे, उसकी गांड और बुर फाड़ना चाह रहे थे. अब अपने लंड को मेरी चूत में डाल कर मेरी इस भट्टी की आग को शांत कर दो. पहले तो मैं मना करने लगी लेकिन फिर साहब ने मेरी पीठ पर हाथ फेरते हुए कहा- मैं जानता हूं कि तुम्हारे पास इतने पैसे नहीं होंगे इसलिए दे रहा हूं.

गर्लफ्रेंड बना कर मजे करने का मन नहीं करता क्या तेरा?उसके चेहरे पर अजीब से भाव थे. आपको बुलाने के पीछे बात बस इतनी सी नहीं है … आपको बुलाने का मेरा मकसद कुछ और भी है.

और मेरी बहन की गांड उसमें अलग ही हमले करती है दिलों पर।मेरी कुँवारी रसीली बहन की चुदाई कहानी जारी रहेगी. उसकी चूत से लंड को निकाला तो लंड पर वीर्य और खून का मिश्रण लगा हुआ था. फिर उसने मुझे बताया कि मैंने पहले भी दो-तीन बार मेरेबॉयफ्रेंड के साथ सेक्सकिया हुआ है.

वो कमर उठा-उठा कर गर्म गर्म सासें ले रही थी।अब भाभी से बरदाश्त नहीं हुआ और वो उठकर मुझे किस करने लगीं.

मेरी सकपकाहट पर वो इतनी तेज हँसी थी कि उसका सीना और ज्यादा फूल कर उसकी मादकता में चार चांद लगाने लगा. उसके इस तरह से रिएक्ट करने से मुझे लगा कि अब मेरा सारा काम खत्म हो गया. अफगानी पठान होने के कारण अरमान एक बहुत ही गोरा और लंबे कद वाला लड़का था.

क्या कह रही हो तुम? क्या फूलने की बात कर रही हो?वो चहक कर बोली- अब यार सब बात यहीं समझ लेना चाहते हो क्या. वो शर्म से अपना मुख मेरे सीने में छुपा लेती और हल्के-हल्के काटती।पूर्ण समर्पण के साथ एक दौर सम्भोग का और चला।शाम गयी थी.

मैंने रसोई में जाकर पायल का हाथ पकड़ लिया तो एकदम से घबरा गई लेकिन मैंने उसको तभी कह दिया कि मैं तुमको पसंद करने लगा हूं. मैंने पूछा- रेनू, मैं लगा दूँ?भाभी ने बोला- नहीं जाने दो … मैं किसी तरह लगा लूंगी. उन्होंने कहा- फिर मैम … मैंने कहा न मुझे मैम नहीं, अपनी वंदना रंडी कहो.

अमूल क्रीम

फिर मैंने धीरे से अपने लंड को प्रमिला आंटी की चुत में डालना प्रारंभ किया। मेरा लंड मोटा होने के कारण आंटी की चुत में धीरे-धीरे जा रहा था.

उसने पतला सा टीशर्ट पहन रखा था और ब्रा भी नहीं पहनी थी, नीचे मिनी स्कर्ट।उसकी जाँघ और टाँगें एकदम गोरी और चिकनी थी जैसे वेक्स की हुई हो!पर वेक्स की हुई नहीं थी … वे प्राकृतिक रूप से ही चिकनी थी. कुछ देर बाद वो भी झड़ने वाला था। उसके चोदने की रफ़्तार का कुछ पता ही नहीं चल रहा था।मेरी चूत ने भी अपना माल निकाल दिया। उसने माल चूत में लगे लगे ही कुछ देर तक चोदा। उसके बाद मेरी चूत से अपना लंड निकाल कर वो भी मुठ मार कर मेरी चूचियों पर ही झड़ गया।और उसके बाद कभी भी उससे चुदाई का मौक़ा नहीं मिला मुझे! ना ही मैंने कोई कोशिश की उस लंड से चुदने की. मैंने अपने घुटने मोड़े, हाथ उसके सीने पर रखा और अपनी कमर से दबाव बनाते हुए आगे की ओर धक्का लगाना चालू कर दिया.

फिर मेरा भी मन चूत चाटने का हुआ तो मैंने कहा- मैं तुम्हारी चूत चाटना चाहता हूँ. उर्वशी ने चेन को पकड़ कर नीचे खींचा और मिहिर ने साथ ही साथ अपनी जांघों से अपनी पैंट को नीचे कर दिया. हिंदी सेक्स लाइव वीडियोअब मुझे अपनी चूत पर उसकी जीभ की जगह उसका पूरा मुँह महसूस हो रहा था.

पेटीकोट सरक कर नीचे गिरा तो मेरी बीवी की गोरी जांघों में फंसी उसकी गुलाबी पैंटी को देख कर मिहिर के होश फाख्ता हो गये. उसने मेरी मॉम के मुँह में लंड डाल दिया और मेरी मॉम एक रंडी की तरह अनिल का लंड चूसने लगीं.

जैसे ही गांठ खोली, मैंने देखा कि उन्होंने ब्लू कलर की ब्रा और पैंटी पहनी हुई थी. तो उसने मुझे भी बोला- तू भी यहीं सो जा! बेड वैसे भी बड़ा है!और मैं उसका भाई लगता था तो शक की कोई बात भी नहीं थी. उसे भी शायद अपने लिंग की चमड़ी में खिंचाव महसूस हुआ, तभी उसने लिंग वापस बाहर खींच लिया और हाथ में थूक लगा कर सुपाड़े से जड़ तक मल लिया.

एक मिनट तक बिना हिले मैं रुका रहा … फिर तेजी से लंड उसकी चुत में अन्दर बाहर करते हुए पेलने लगा. भाभी मेरा सर अपने मम्मों में दबाते हुए ये कहती जा रही थी- तुम मुझे गिरा ना दो … इसलिए मैंने तुम्हारे सिर को पकड़ कर रखा है. मुझसे ज्यादा देर बर्दाश्त नहीं हुआ, तो मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और बोला- मुँह में ले लो.

आप लोग मुझे मेल करके बताना कि आंटी की गांड और चूत की चुदाई की कहानी आपको कैसी लगी, आप अपनी राय जरूर देना.

मैंने उसकी कुवारी चूत में जीभ को अंदर तक डाल दिया तो वो तड़पने लगी. किसी तरह इतना संघर्ष करने के बाद एक बार के धक्के में उसका सुपारा योनि में घुस गया, पर मेरी चीख निकल गयी- आआ ईईई!अपने होंठों को भींचती हुई मैं कसमसाने लगी.

मुझे इस पोज में और मजा आने लगा और मैं उसके होंठों को चूसते हुए पूरा जोर लगा कर मामी की चुदाई करके उनकी चूत को फाड़ने लगा. संजय से संयम नहीं हो रहा था, इसलिए उसने जल्दी से अपना लंड मोनिषा आंटी के मुँह में दे दिया और कहा कि मोनिषा आंटी आज आप मेरे लंड को चूसोगी. मालिश करने के बहाने धीरे धीरे मैं चाची के कंधे पर अपने तने हुए लंड को टच कर देता था.

मम्मी की चूत अपना रस छोड़ चुकी थी, लेकिन कल्लू ने दस बारह धक्कों के बाद अपना रस मम्मी की चूत में ही निकाल दिया. कभी-कभी तो उसकी टाइट पजामी के ऊपर उसकी जांघों के बीच में उसकी चूत का उभार भी दिख जाता था. तो कभी मम्मी उसके ऊपर होती हैं, तो कभी कल्लू माँ के ऊपर चढ़ा हुआ होता है.

बीएफ बीएफ जबरदस्त कुछ देर तक तो हम लोग आपस में बातें करते रहे और उसके बाद हम मेरी बहन बोली कि मुझे ऐसे बीच में नींद नहीं आयेगी. मैंने जल्दी से पैकेट खोला, उसमें क्रॉस ड्रेसर का सामान था, एक लाल रंग का पटियाला सलवार सूट था.

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मैं रुक गया और उसको किस करने लगा।जब वह थोड़ी नार्मल हुई तो मैंने आराम आराम से अंदर बाहर करना शुरू किया, फिर अचानक से ज़ोर का झटका मारा और पूरा लण्ड अंदर घुसा दिया, वह फिर से तड़पने लगी।फिर मैं आराम से अंदर बाहर करने लगा।अब उसको भी थोड़ा सुकून मिल गया था, उसको भी मज़ा आने लगा. मैं इस बीच उसके ऊपर ही दो बार फिर से झड़ गयी और थक कर उसके सीने पर गिर पड़ी. इस पर अनिल ने कहा- साली रंडी … केवल चूची दबाने पर मुझे रोक रही हो और सुरेश से चुदवाने में कोई दिक्कत नहीं है.

पहले ज्योति और मैं सिर्फ़ अच्छे दोस्त थे, पर हम दोनों कुछ दूसरे और फ्रेंड्स के साथ वीकेंड में पार्टी करते थे. भाभी धीरे से बोली- तुम ये क्या कर रहे हो?मैं झट से बोला- रेनू भाभी, मूली अन्दर ही अन्दर सड़ जाएगी. सेक्सी हीरोइन कीकोई दस मिनट की चुदाई के बाद मैंने भी अपना वीर्य उसकी चूत में ही छोड़ दिया.

मैंने नम्बर दिया, तो उसने कहा कि मैं आपसे फोन पर सवालों के हल पूछ सकती हूँ न?मैंने हंस कर कहा- बेशक तुम मुझसे कुछ भी पूछ सकती हो.

और बोली- हां, मैं यह भी प्रॉमिस करती हूं कि यह बात हम सबके बीच ही रहेगी और बाहर नहीं जायेगी. किस करने के थोड़ी देर बाद मोनिषा आंटी ने कहा- ओह नवीन, क्या सच में तुम मुझे इतना चाहते हो?मैंने कहा- हां मोनिषा आंटी, मैंने जब से आपके नंगे जिस्म को देखा है … मेरे लंड को चैन नहीं मिल रहा है.

वो नहाकर आयी और एक हल्की सी कुर्ती पहनी जो काफी पतले कपड़े की थी, अंदर ब्रा भी आसानी से देखी जा सकती थी. रिश्तों में चुदाई की कहानी में पढ़ें कि कैसे एक भाई ने बहन की चुत मारी. करीब पांच मिनट के बाद वो संयत हुई और मेरी तरफ देखते हुए मेरे लंड की गति को अपनी कमर हिलाते हुए मिलाने लगी.

मैं अपने हाथों को रोक नहीं पाया और भाभी के गोरे चूचों को छू कर देखने लगा.

मगर जब भी कभी मामी जी घर पर नहीं होते तो मेरी मामी मुझे बुला लेती थी और हम चुदाई के जमकर मजे लेते थे. वैसे तो उस स्टेशन पर भीड़ कम ही रहती थी लेकिन उस दिन पता नहीं संयोगवश कुछ ज्यादा ही भीड़ थी. अब बताओ दोस्तो … मैं क्या करूँ जिससे उसको ज्यादा तकलीफ भी न हो और सेक्स हो जाये।कृपया अपना सुझाव अवश्य दे क्योंकि मैं वर्जिन हूँ … मैंने आज तक कभी किसी के साथ कोई सेक्स नहीं किया है।सुझाव देने के लिए ईमेल करें-[emailprotected]पर!आगे की कहानी:दोस्त की बहन मुझे लव करती है-3.

मुझे ऑनलाइन कपड़े चाहिएलेकिन तुम शाम को इसी ब्रांड का कंडोम लाकर मुझे दे देना, मैं वापस रख दूंगी। नहीं तो उन्हें शक हो जाएगा।उसने ला कर कंडोम मुझे दिया. उन्होंने कहा- ठीक है धीमे धीमे ही डालना, मैंने कभी गांड नहीं मरवाई है.

बफ्फ़ फुल फॉर्म

अभी हालात ही ऐसे हैं कि इन सब रिवाजों का भार अपने कंधे से कुछ समय के लिए उतार दो. सुरेश- खैर छोड़ो, कोई प्लान बनाओ कि हम तीन दोस्त साथ में कहीं मजे कर सकें. ऊपर से शावर का पानी गिर रहा था और नीचे से वो अपनी गर्म जीभ मेरी चूत में चला रहा था.

उसे मेरे लंड और मेरे से इतना प्यार हो गया था कि उसने अपने पति को नपंसुक बता कर उससे तलाक भी ले लिया. मैं उसे नशीली निगाहों से घूर रहा था और मेरा मोटा लंड खड़ा हो चुका था. फिर मेरी तरफ़ देख कर बोली- ओह भाईजान आप!तो मैंने कहा- हां … और चलो मुझे दिखाओ कहां लगी है?वो बोली- अभी अम्मी हैं.

उन्होंने मुझे किस किया और मेरे लंड की तरफ देखते हुए कहा- तेरा लंड तो तेरे बाप पर गया है. मैंने अपना सारा माल उसकी चूत में गिरा दिया और मोसी की चूत में लण्ड डालकर उसके ऊपर लेट के दूध पीने लगा. मगर बाथरूम से पहले ही मैंने देखा कि दीदी मम्मी के कमरे में कुछ देख रही है और अपने हाथ से वो अपनी सलवार के अन्दर कुछ हिला भी रही है.

मैंने उसे रात को कॉल करके बोला कि तुम लाल रंग की ब्रा पैंटी पहन कर आना. पूजा- हां … मेरे समाज के एक लड़के ने भी मुझे बहला फुसला कर एक बार पूरी तरह से नंगी कर दिया था.

उधर वो आउट ऑफ कंट्रोल होने लगी … इधर मेरा लंड लोअर में से ही उसकी बुर में घुसने को मरा जा रहा था.

फिर मैंने अपने फोन से पास के होटल में रूम बुक किया और कार लेकर हम दोनों उस होटल में आ पहुंचे. चिरकुट बाबा जोक्समेरी उंगली जैसे ही उसकी चूत को छुई, वो काफी टाइट और गर्म हल्की गीली थी. अनाथ आश्रम जोधपुरमैंने कहा- मामी बना तो लूं, लेकिन!वो पूछने लगी- लेकिन क्या?मैंने कहा- कुछ नहीं, जाने दो. मैं उसके कहे अनुसार हल्के हल्के से अपनी कमर हिला हिला कर लिंग को अपनी योनि से घर्षण देने लगी.

क्योंकि दीदी की गांड उस छोटे से हॉट पेंट में से साफ़ साफ़ दिख रही थी.

एक पल बाद दरवाजा खुला तो मैंने देखा कि एक बहुत ही सुंदर औरत खड़ी थी. प्रमोद और मेरी बात हो रही थी, तो वो भी बीच में बोलने लगी, उससे भी थोड़ी बात हुई. मैं उसके ऊपर लिंग की तरफ मुँह करके चढ़ गई और अपनी योनि उसके मुँह की तरफ कर दी.

तो मैंने क्या किया?दोस्तो, आज मैं आपको अपने परिवार की, मेरी माँ की अन्तर्वासना सच्ची कहानी बताने जा रहा हूँ. लेकिन उसकी चुत की दीवारों को मेरे मोटे लंड से बड़ा दर्द होने लगा था. भाभी बोलीं- कहां जा रहा है … ऊपर नहीं आ रहा क्या?मैंने बाइक स्टैंड पर लगाई और उनके साथ ऊपर आ गया.

मा कि चुत

जब वो मेरे लंड को अपने मुँह से चाट रही थी, उस समय मुझे जन्नत का मजा आ रहा था. अब तो मैंने लगातार उसे ऐसे चोदा कि वो मदहोश हो गयी और उसके मुख से तरह तरह की आवाजें आने लगी थी. चुदाई के अंतिम बिंदु पर आकर मिहिर ने उर्वशी की चूत में चार धक्के इतने दमदार मारे कि उर्वशी चीखते हुए अपना पानी मिहिर के लंड की तरफ फेंकने लगी.

फिर भाभी की रेशम जैसे होंठों को भी चूसा और अपना लंड बहन के मुँह में पेल दिया.

मैंने कहा कि मैं उतर कर देखता हूं कि गाड़ी में क्या खराबी हो गई है.

प्रमिला आंटी कहने लगी- कितने साल बाद आज मुझे इतना प्यार मिला … इसलिए थोड़ा भावुक हो गयी।मैंने भी उनके गालों को दोनों हाथों से पकड़ा और कहा- अब मैं आपको कभी निराश नहीं करूंगा।तो दोस्तो, यह थी मेरी पहली सच्ची मोहब्बत के साथ पहली चुदाई।हम दोनों दो साल तक ऐसे ही मौके मौके पर चुदाई करते रहे। अब अंकल का ट्रांसफर हमारे शहर में हो गया है. उसके बाद मैंने अपने कपड़े निकाल कर एक तरफ डाल दिये और नंगा होकर भाभी के बूब्स को पीने लगा. गावरान सेक्स वीडियोजिस स्पर्श को याद करके मैं अपनी चूत को सहलाती थी … आज वो स्पर्श मेरी जांघों पर और गांड पर हो रहा था.

ठीक वैसे ही आकार का लम्बा और मस्त मोटा मलंग किस्म का मेरा लंड फुंफकार मारने लगा था. रास्ते में कुछ सामान लेने के लिए वो उतरी तो मैंने अपने लंड को एडजस्ट किया और उसको पटाने के बारे में सोचने लगा. मैं भाभी के रूम में गया और तुंरत ही उनकी साड़ी उठाकर पेंटी को नीचे करके उनको बेड पर पटक दिया और उनकी चुत को दनादन पेलने लगा.

उन्होंने मुझे फिर से प्यार से कहा- नवीन प्लीज़ ये सब गलत है … ऐसा मत करो. उसके गोरे गोरे स्तनों के ऊपर वो छोटे से काले निप्पल क्या मस्त लग रहे थे.

मैं जितनी बार धक्का मारता, उतनी बार वो चिल्ला देती- हाय दैय्या … उह … मम्मी … मर गई रे … आह मम्मी रे … आह और तेज … आह मम्मी.

फिर उन्होंने मुझे बुला कर कहा- तुम क्लास के अपने सभी जूनियर साथियों की शंकाओं का निवारण करो, जिस सवाल में तुम मदद नहीं कर सकोगे, उनको मैं बाद में समझा दूंगा. मैं ब्रा के ऊपर से ही जोर जोर से उनके मम्मों को दबा दबा कर निप्पलों को चूसने लगा. मैं उसको बोल देती थी कि जिस दिन मौका मिलेगा, उस दिन ब्रा और पेंटी पहन कर दिखा दूंगी.

भाभी की सेक्सी पिक्चर हिंदी मैं ये सोच कर बहुत खुश होता हूँ कि मैंने कोई काम अच्छा किया हो या नहीं, पर इस वजह से कई परिवारों की किस्मत बदल गयी. मेरे भाई ने मेरी एक चूची के निप्पल को अपने होंठों में दबा कर चूसा और दूसरी को मसलने लगा.

मैं बोली- तो निकाल दो अपना सारा गुस्सा मेरी चूत में … फट क्यों रही है?उसने कहा- ठीक है … देखता हूँ कि किसी फटती है. इसी वजह से अगर कोई लड़की किसी से प्यार करती भी थी, तो संभोग से दूर रहती थी. उर्वशी बिस्तर पर लेट गई और मिहिर के बारे में सोचने लगी कि तभी मिहिर का मैसेज आ गया.

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शिवानी बहुत खुश लग रही थी।मैंने उससे बात की तो उसने बताया कि उसे बहुत मजा आया और वो मेरे झड़ने से पहले ही झड़ चुकी थी. सोमेश भी लंड पेलता हुआ कभी नेहा दीदी के दोनों मम्मों को पकड़ लेता, कभी कसकर हाथ से मम्मे पर थप्पड़ मार देता. दोस्तो, मैं बस इतना कहना चाहूंगा कि आप अपने भाई या बहन से शर्माओ मत … उन्हें खुलकर बोलो.

चूत से बह रहा पानी, लंड के लिए लुब्रीकेंट का काम करने लगा था और मेरा दर्द गायब हो गया था. दोपहर सुरेश ने फ़ोन किया और मुझसे माफी मांगी, मैंने भी पुरानी बात कह कर और अपना दोस्त समझ माफ कर दिया.

वो जब लंड बाहर कर लेता था, तो मेरी चूत चाटने लगता और उसके बाद वो अपना लंड मेरी चूत में डाल कर मेरी चूत को चोदने लगता.

इतने से ही हिलाने में उसके लिंग से एक तरल बूंद उसके मूत्रद्वार पर आ गयी. उसने पतला सा टीशर्ट पहन रखा था और ब्रा भी नहीं पहनी थी, नीचे मिनी स्कर्ट।उसकी जाँघ और टाँगें एकदम गोरी और चिकनी थी जैसे वेक्स की हुई हो!पर वेक्स की हुई नहीं थी … वे प्राकृतिक रूप से ही चिकनी थी. फिर से एक और ज़ोर के धक्के के साथ मैंने अपना पूरा लंड उसकी चूत में अन्दर तक डाल दिया और रुक गया.

मैंने इतनी लड़कियों की चुत देखी है, पर इसकी चुत मोटी सी और हल्की सी फूली हुई सी थी. मैंने फिर शरारती अंदाज़ में बोला- मेरे पास एक तरकीब है, जिससे दोनों की समस्या हल हो सकती है. हमारे कस्बे के स्टेशन पर प्लेटफॉर्म भी उसी तरफ आना था इसलिए हम सीधे ही सामने वाले दरवाजे के पास जाकर खड़े हो गये.

सौम्या ने मुझे बड़ी प्यार से देखा और मुझसे लिपट कर कहा- तुम आज बहुत मस्त लग रहे हो.

बीएफ बीएफ जबरदस्त: जब मॉम की गांड को थप्पड़ से बजा रहा था, तो मेरी रंडी मॉम अपने मुँह से बहुत ही मनमोहक आवाजें निकाल रही थीं. मैंने अपने एक हाथ से उसकी पीठ पर दबाव बनाया और दूसरे हाथ से उसके चूतड़ों को दबाने लगा.

मेरा एक बेस्ट फ्रेंड था संजय, जो मुझसे हर एक बात शेयर करता था और मैं भी उससे हर एक बात शेयर किया करता था. सुरेश के लिंग के धक्कों की वजह से कमरा थप … थप … की आवाजों से गूंज रहा था और मेरी योनि से तरल रिस रिस कर मेरी दोनों जांघों के सहारे बहने लगा था. उसकी पैंटी के ऊपर से ही जब बुर पर हाथ रखा, तो मुझे उसकी चड्डी एकदम से भीगी हुई महसूस हुई.

फिर जब मैडम को होश आया कि वो मुझसे चिपकी हुई है तो वो शरमाते हुए मुझसे अलग हुई.

मेरे लिए अब वह मम्मी नहीं, बल्कि एक ऐसी औरत थीं … जो सेक्स समागम के लिए प्यासी थीं. एक साथ बोलने की वजह से हम दोनों हंस दिए … क्योंकि उसकी चुत पर एक भी बाल नहीं था और मैं तो खुद मेरे लंड की शेव करते रहता हूं. उसने पूछा- क्या मैं कपड़ों में खूबसूरत नहीं लगती हूँ?मैं हंस दिया और अपनी बात को पलटते हुए बोला- यदि तुम कपड़ों में खूबसूरत नहीं दिखतीं तो हम दोनों में प्यार कैसे हो सकता था.