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आप ही सोचिये कोई बीस साल की कुंवारी लड़की जो 4-5 इंच का लंड अपनी बुर में लेने के लिए मानसिक रूप से तैयार हो, उसे आठ इंच लम्बा अच्छा खासा मोटा लंड दिख जाए तो वो घबरायेगी या नहीं?मुझे ख्यालों में खोया देखकर अमित बोले- क्या हुआ जान?मैं कुछ नहीं कह सकी, मैंने कहा कुछ नहीं. तभी दीदी और उसके बॉस श्यामलाल कपड़े पहन कर दीदी के कैबिन में आ गए और फिर दोनों मिल कर तरह-तरह के कारण देने लगे. ? एक काम करो… उसको टॉर्चर-रूम में लेकर जाओ… मैं वहीं आती हूँ … और टॉर्चर-रूम का दरवाजा बाहर से बंद करके जाना… मेरे कमरे से वहाँ का जो गुप्त रास्ता है.

!शब्बो- कुछ मत बोलो, चलो, कमरे ले लेते हैं।हमने एक साधारण सा कमरा ले लिया, उसमें एक पलंग और मेज और पंखा और लाईट थी।कमरे में जाते ही……. मैंने इस पर ध्यान ना देते हुए एक और जोर का झटका दिया जिससे मेरा तीन चोथाई लंड उसकी चूत में समा गया. पर खिड़की और दरवाजे तो बंद हैं ?इसका मतलब मैं ठीक सोच और बोल रही हूँ न ? तुम वाकई मुट्ठ ही मार रहे थे ना ?आप हद पार कर रही हैं !तुम हद पार कहाँ करने दे रहे हो ?मतलब ?अच्छा चलो एक बात बताओ !क्या ?ये मैना कहाँ गई हुई है ?मैना….

‘अरे वो… ओह क्या करूँ?’‘कुछ नहीं, मरद का लण्ड है, वो तो जोर मारेगा ही…’मैं बुरी तरह उसकी बातों से झेंप गया.

तभी मेरी नज़र उसकी छोटी स्कर्ट के अंदर उसकी दोनों टांगों के बीच में उसकी काले रंग की पेंटी पर पड़ी जो उसकी दोनों टांगो के बीच से दिख रही थी पर शायद उसको पता नहीं था. प्रेषक : कुलभूषण सिंगलाअन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार !मैं तीस साल का हूँ और पंजाब में रहता हूँ। जैसे कि पंजाबी होते हैं अच्छे स्मार्ट, वैसा ही हूँ मैं ! अच्छे खाते-पीते घर का हूँ और मेरा कद 5’7″ और मेरे लंड का आकार 7″ और मोटाई 2. फट गई ! वो चिल्लाई- हाय मोरी अम्मा …मैं मर जाऊंगी …प्लीज़ मत करो…वही बातें जो सभी लौंडिया शुरुआती चुदाई में कहती हैं …पर शायद उसे पता नहीं था कि मर्द का लंड जब तनता…है तब लावा उगल कर ही शहीद होता है.

वो चिल्लाती, उससे पहले मैंने अपना मुँह उसके मुँह पर रख दिया और उसके होटों को चूसने लगा. मैंने सिर को कस के पकड़ा और दबाया- बहुत दिनों से तड़पा रही हो अपनी चूची और चूतड़ दिखा-दिखा कर. धक्के लगाना जारी था, मैं साथ साथ उसके बोबे भी चूसता जा रहा था और वो मेरी गर्दन को दोनों हाथों से अपनी छाती पर दबाती हुई बडबडा रही थी- आ.

मैंने हिम्मत करके अपने सीने पर ब्लाऊज का ऊपर का बटन खोल दिया था, ताकि उसे अपना हुस्न दिखा सकूं. दोस्तो, कहानी के अगले भाग में मैं आपको बताऊँगा कि पकड़े जाने से पहले और बाद में नीना ने प्रशांत के कितनी और कैसे मस्ती की थी.

प्रेम गुरु और नीरू बेन को प्राप्त संदेशों पर आधारितप्रेषिका : स्लिम सीमामुझे आते देख कर वह जल्दी से खड़ा हो गया और मुझे बाहों में भर कर नीचे पटकने लगा।ओह. मैंने मुकेश से कहा- जल्दी करो, आज घर पर कोई नहीं है और मुझे 2-3 घंटे घर पर अकेले रहना है, मुझे जल्दी से घर भिजवाने की व्यवस्था करो. ‘फिर आप साबुन लगाकर नहाई, नहाकर जैसे ही चुकी, आपके घर की घण्टी बजी, आपने जल्दी से कपड़े पहने और दरवाजा खोला तो सामने मैं खड़ा था!’इस समय मेरे होंठ उसके गालों पर रेंग रहे थे और हाथ वक्ष पर!मैंने पूछा- यह सच है या नहीं?अबकी बार उसने पूरी ताकत लगाकर अपने को छुड़ा लिया और…कहानी जारी रहेगी।[emailprotected].

हाथ अन्दर डालते ही उसको टिकेट तो मिल गया लेकिन साथ में वो भी मिल गया जिसके लिए नौजवान पागल हो जाया करते हैं.

जूली ने एक आँख मारी और उसके पास जाकर खड़ी हो गई।उसने डरते हुए जूली को कहा- मैं पहले कभी नहीं आया ! दोस्तों ने बोला कि मज़े करने हैं तो इस गली में चले जाना।जूली- सच है ! यहाँ बहुत मज़े करवाने वाली हैं। तुझे किसके पास जाना है?जूली ने उसको पास खींच कर चूम लिया और उसके लौड़े को दबा दिया। वो शर्म और डर से पानी पानी हो गया. मैंने बीस मिनट तक उनकी गांड मारी फिर मैंने पानी छोड़ दिया और निढाल होकर बिस्तर पर लेट गया. वो जल्दी ही समझ गई कि अब्बास अब क्या चाहता है… जो अब्बास ने उससे थोड़ी देर पहले कहा था, वो उनको सच करने जा रहा था.

जैसे ही मैंने अपना लण्ड हटाया, अनिल ने अपना लण्ड उसके मुँह में घुसा दिया और मैं उसके दूध मसलने लगा. । और जोर से चोदो मुझे मैं बरसों की प्यासी हूँ। वो रमेश का बच्चा तो एक दम ढिल्लु प्रसाद है। आह … ऊईई … शाबाश और जोर से प्रेम आह … याया आ….

वाऽऽऽ ! अब भाई मेरे दोनों स्तनों को बारी बारी चूसने लगा। वो मेरे चूचकों को जोर से काटने लगा. उसके बाद कुछ बीयर और पी और उसने स्कूल टाइम तक मुझे खूब चोदा और मुझे कच्ची कलि से फूल बना दिया, वो भी तीन बार चोद कर!मुझे चलने में मुश्किल हो रही थी. आजकल सोशल साईट का जमाना है … मेरी प्रोफाइल पिक्चर देख कर सब लोग मेरे फ्रेंड बनना चाहते थे।मैं नाम से सेक्सी श्रेया आहूजा और फिगर तो पंजाबन वाली लम्बे बाल गोरा चिट्टा रंग …पीले रंग की टॉप में गोल गोल मम्मे और वक्ष-रेखा पर तिल! नीचे शॉर्ट-स्कर्ट.

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जोर से… और जोर से… आईईई…फाड़ दे बहन चोद……”मैं बिना कुछ बोले अब धक्कों की गति पर ध्यान दे रहा था।सोनिया अब मस्त गांड उठा उठा कर मेरा लण्ड ले रही थी अपनी चूत में।करीब दस मिनट के बाद सोनिया का शरीर अकड़ने लगा और वो चिल्ला उठी- मैं तो गईईई.

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फिर आंटी ने कहा- बेटा, मैं अब झुक जाती हूँ, तू पीछे डाल!मैंने कहा- ठीक है!मैं पीछे से आंटी की गाण्ड में लण्ड डालने लगा तो आंटी बोली- यह क्या कर रहा है? चूत में डाल!और मोना ने मेरा लण्ड पकड़ पर चूत में डलवा लिया. जैसे ही मैंने दरवाजा बजाया तो योगी की छोटी बहन आयशा ने दरवाजा खोला, सुबह का वक्त होने की वजह से बाकी सारे सोये हुए थे तो मैं आयशा से बात करने लगा. एनिमल सेक्सी डॉगतभी राहुल अंकल ने कहा- क्या मस्त चूत और गांड है तेरी! एकदम चिकनी! एक भी बाल नहीं है! पेलने में बड़ा मजा आएगा!राहुल अंकल ने बाजी की गांड को फैला कर अंदर देखा तो बोले- एकदम कसी गांड है! राम कसम, आज तो इस लौंडिया की गांड फाड़ने में बड़ा मजा आएगा!राहुल अंकल ने बाजी की गांड पर तीन चार चपत लगाई.

आज हमें एक तन होने का मौका मिला था… मन तो कर रहा था कि रोज ही जीजू मुझे चोद चोद कर निहाल करते रहें, मेरे तन की आग को शांत करते रहें. हम टॉयलेट में गए, मुकेश ने कहा- मेरे सामने खड़े होकर पेशाब कर!मैंने अपनी चूत से खड़े खड़े ही पेशाब की धार छोड़ी, मुकेश मेरे सामने खड़ा रह कर मेरी जांघों से बह कर मेरे पेशाब की धार को देख रहा था.

देखो ऑफ़िस के बाद जरूर आना, मैं इन्तज़ार करूंगी!” राधा ने अपनी विशिष्ठ शैली से इतरा कर कहा. धीरे धीरे मेरे हिम्मत भी बढ़ गई और मैं थोड़ा नीचे को सरक गया और पूरा जोर लगा कर अपने पैरों से उसके स्तन मलने लगा. कहानी का पहला भाग : समझदार बहू-1मैंने उसका पजामा जो पहले ही चूतड़ों तक था उसे पूरा उतार दिया और टॉप ऊपर से उतार दिया.

एक घंटे के बाद मैंने उनको कॉल किया और कहा- मैं अभी भी ऍफ़ सी रोड पर ही हूँ, अगर घर चलना हो तो बता दो. प्रेषक : संदीप शर्मामैंने जवाब दिया- चाची, आपको मैं आठ साल से प्यार करता हूँ, बस आपको भोगने का मन नहीं था, पर मैंने आपको प्यार किया है, वही निभा रहा हूँ।चाची ने खाया और उठ कर बाल सुखाने लगी…क्या गजब लग रही थी यार वो…. प्रेम गुरु की कलम से …मैं जानता हूँ कोई भी लड़की हो या फिर औरत पहली बार गांड मरवाने में बड़े नखरे करती है और कभी भी आसानी से गांड मरवाने के लिए इतनी जल्दी तैयार नहीं होती। और फिर बुंदेलखंड की औरतें तो गांड मरवाने के लिए बड़ी मुश्किल से राज़ी होती हैं। खैर….

‘अब समझे राजू, बस जो कुछ करना है, बाहर ही बाहर से करो, मुझे चोदने की कोशिश नहीं करना!’‘चाची ऐसा क्या है जो मुझे कुछ भी नहीं करने देती हो?’‘मेरा तन-मन सब कुछ राजेश का है, तेरे चाचू का भी नहीं है, बस जवानी कटती नहीं है, सो तुझ पर मन आ गया.

उसका गुस्सा शांत हुआ तो उसने भाषण देना शुरू कर दिया,”क्या कर रही थी? कैसे गिर गई?”मैं : तू सुन ही नहीं रहा था !!!वेदांत : हाँ कभी पीछे से आवाज़ दोगी और अगर कभी गलती से नहीं सुना. क्या स्वाद था।बुआ मस्ती के मारे सीत्कारने लगी। उसकी आहें कमरे में गूंजने लगी- आह्हह्ह आह्ह्ह राज मैं मर जाउंगी राज आह्हह्ह….

जब बहादुर अन्दर आया तो ताज़ी ताज़ी नहाई रीटा ड्रेसिंग टेबल के सामने बैठी अपने बालों को संवार रही थी. प्रेषक : राज मेहताहाय दोस्तो, मुझे यकीन नहीं होता कि आठ महीने बाद मेरी कहानी को गुरूजी का आशीर्वाद मिलेगा। आप अब आगे की कहानी का मजा लीजिये …. फिर मैंने उसे बिस्तर पर बिठाया और उसकी साड़ी का पल्लू हटा कर उसके ब्लाऊज के ऊपर चुम्मा लिया.

तभी बाजी ने कहा- ओह्ह्ह मेरे चोदू राज! मेरा पानी निकलने वाला है! हाय ऊह्ह्ह अऔह्ह्ह्ह! और जोर से चूस मेरी बुर को!बाजी अपनी बुर को राज अंकल के मुँह रख कर अपनी गांड को जोर जोर से हिलाने लगी- ओहह्ह औऊउ हाय औऊउ ले साले मेरी बुर का पानी!और बाजी ने अपनी बुर का पूरा पानी राज अंकल के मुँह में गिरा दिया. तो योगी ने मुझसे पूछा- कैसे आना हुआ?तो मैंने उसे अपने और अपनी भाभी के सेक्स के बारे में सारी बात बता दी और कहा- मैं प्रिया भाभी को दोबारा चोदना चाहता हूँ इसलिए तुम्हारी मदद की जरूरत है. निर्लज्ज नंगी रीटा ने बहादुर की गदर्न में बाहों का हार डाल कर बहादुर को जबर्दस्ती अपने ऊपर खींच कर बहादुर की कमर अपनी सुडौल व गुदाज़ टांगों का ताला लगा दिया.

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‘हाय रे मेरे राजा… मेरा तो निकाला रे… मैं तो गई… आह्ह्ह्ह्ह्ह’ और सोनू की चूत ने पानी छोड़ दिया. अन्तर्वासना के पाठकों को एक बार फिर से मेरा प्यार और नमस्कार! काफी सारे मित्रों के ढेरों मेल मिले, आप लोगों को मेरी जीवन की कहानी इतनी अच्छी लगेगी, मैंने सोचा भी नहीं था. वो पहली बार किसी मर्द के सामने नंगी होने की वजह से शरमा गई थी तो मैंने कहा- देख मैं भी तो नंगा हूँ और हम दोनों के अलावा कोई और नहीं यहाँ!और मैंने उसको आईने में दिखाया- देख हम दोनों नंगे कितने सुंदर दिख रहे हैं!और मैंने उसको अपना लौड़ा पकड़ा दिया, उसके होंठ चूसने लगा.

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उसने पूछा- कहाँ जाना है आपको?…बोदला!उसने अंदर आने का इशारा किया और मैं चुम्बक की तरह आगे वाली सीट पर बैठ गया. यूँ तो मैं अब तक चार पाँच बार झड़ चुकी थी लेकिन चूत में लंड डलवाने से होने वाली तृप्ति अभी तक नहीं हुई थी इसलिए मैं जल्दी ही अपने चरम पर पहुँच गई और नीचे लेटे लेटे ही अपने चूतड़ उछाल उछाल कर लंड अन्दर लेने लगी.

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वोह………कुछ देर वैसे ही रहने के बाद मैं धीरे धीरे अपने लंड आगे पीछे कर उसे चोदने लगा, थोड़ी देर बाद उसे भी आनंद आने लगा. हाय मैं मुक्ता! गत कहानीजीजू के साथ मस्त सालीमें मैंने आपको अपने जीजू विपुल से अपनी धमाकेदार चुदाई के बारे में बताया था. अपनी गांड को हिला-हिला कर चुदाई को और मस्त कर रही थी …मैं बीच बीच में उसके स्तनों को दबा देता, मुँह में ले लेता….

फिर मैंने धीरे से उसकी पेंटी उतार दी और उसे बिस्तर पर लिटा दिया और फिर मैंने जैसे ही उसकी चूत पर अपना मुँह रखा वो सिसकारियाँ लेने लगी और रुकने के लिए बोलने लगी. मैं- जा जा! तुझ में इतनी हिम्मत नहीं कि किसी औरत का सतीत्व बिना उसकी मर्जी के तोड़ सके! इतनी हिम्मत होती तो क्या औरतों पर जुल्म करता? उन्हें मजबूर करके अपनी रखैल बनाता? अपने फरमान से प्रजा को दुखी करता? नहीं, तू तो एक नपुंसक है, जब तेरी कोई भी पत्नी माँ नहीं बन सकी तो तूने बाहरी औरतों का शोषण किया, तेरे जैसा बुज़दिल और बेगैरत इन्सान मैंने आज तक नहीं देखा. जी आपके चूतड़ बहुत गोल-मटोल और कातिलाना हैं !’‘अच्छा? और?’‘आपके चूचे भी बहुत खूबसूरत हैं !’‘तुम्हें पसंद हैं?’‘हाँ जी… मैं तो आपको रोज़ देखता रहता हूँ?’‘ओह.

मैंने उसको दोपहर के खाने के बारे में पूछा तो उसने बताया कि कुछ भी बना लो पर दो बजे से पहले उसको डिस्टर्ब ना करूं. मछली फंसते देख मै सोचने का नाटक करते हुए बोला – अच्छा ठीक है, मैं प्रिसिपल को कुछ नही बताऊंगा, यह बात तुम्हारे और मेरे बीच रहेगी, लेकिन तुम बताओ कि यह चक्कर कब से चल रहा है?उसने कहा- सर ४-५ दिन से वो लड़का मेरा पीछा कर रहा है और यह दूसरा ही लैटर है जो उसने मुझे दिया है. बाद में मोना ने पूछा- क्या हुआ था?तो मैंने उसको चूम कर कहा- तुम चिंता मत करो! अब हमको कोई चिंता नहीं!और मोना को बिस्तर पर पटक कर उस पर चढ़ गया.

इसी बीच मैंने एक और जोर से धक्का लगाया और लंड अंदर चला गया, फिर मैं रुका रहा और उसे चूमता रहा और उसकी चूचियाँ मसलता रहा. मैं बहुत खुश था- आखिर दो चूतों का स्वाद जो मिला था मेरे लौड़े को!उसके बाद जब भी जिस भी बहन के साथ मौका मिलता, मैं सेक्स के मज़े लेता.

क्या मस्त कूल्हे थे…फिर मैंने उसको बिस्तर पर लेटा दिया… उसके सारे कपड़े उतारे और मैं भी नंगा हो गया… मैं उसके चूचे चाटने लगा… उसके चुचूक एकदम कड़क हो चुके थे.

कि कराहट से मेरा मुँह खुल गया है…तभी राजा मेरे ऊपर आया और मेरे होंठो को उसने अपने मुँह में भर लिया, काटने-खसोटने लगा…तभी पहलवान झड़ने लगा और उसने सारा रास मेरी गाण्ड में ही छोड़ दिया…उसका लण्ड छोटा होकर मेरी गाण्ड से बाहर आ गया. मराठीतून बीपी सेक्सीकाफ़ी देर की उठा पटकी के बाद आखिरकार मैं थक गई थी, मुझ में बचाव करने की हिम्मत नहीं रही और मुझे चित्त कर वो मेरे ऊपर मेरी टांगों के बीच में आ गया. सेक्सी वीडियो इंग्लिश में चाहिएइस बात से तुम्हें कुछ फर्क नहीं पड़ता… तुम मेरे पहले और आखिरी दोस्त हो ! – वृंदा ”उसके जवाब के इंतज़ार में मैं कब रोते रोते सो गई मुझे पता ही नहीं चला…रात के बारह बजे, तकिये के नीचे पड़े फोन से घू घू घू घू की आवाज़ आई. वो इतना बड़ा था कि मेरे मुँह में पूरा आ ही नहीं रहा था।मैं उसे जोर जोर से चाटने लगी, खूब हिलाती, खूब चाटती.

‘भाभी को ऊपर ले ले, मुझे भी तो गाण्ड मारना है!’उसका दोस्त नीचे लेट गया और मुझे उसके ऊपर लेट कर चूत में लण्ड घुसाने को कहा.

सुबह तो ट्रेन से उतर कर चले ही जाना है फ़िर ये लोग कौन सा कभी दुबारा मिलने वाले हैं. कि अचानक दरवाजे की घण्टी बजी।मैंने दरवाजा खोला तो सामने चार आदमी खड़े थे, एकदम तंदरुस्त और चौड़ी छातियाँ !फिर पीछे से पापा की आवाज आई- ओये मेरे जिगरी यारो, आज कैसे रास्ता भूल गये?वो भी हंसते हुए अन्दर आ गये और पापा को मिलने लगे…पापा ने बताया कि हम सब आर्मी में इकट्ठे ही थे. मैंने कहा- जब किया तब मुझे जम कर पेला भी तुमने… मुझे याद है तू हर दूसरे दिन मुझे चोदता था… कभी कभी तो मेरे मासिक के बावजूद….

लोग गले तक जितने पानी में तैरने का मज़ा इस तरह उठाते हैं जैसे सागर तट उठाया जाता है।मैं भी बह चला…. मैंने एक बार जोर से चूत को रगड़ लगाई और मुझे लगा कि मेरी चूत से कोई द्रव निकला और मैं शांत हो गई. आप कानून के रखवाले” कहानी के ग्यारह भाग पढ़ चुके हैं !अन्तिम प्रकाशित भागकानून के रखवाले-11में आपने पढ़ा कि :सोनिया बहुत हैरान थी कि उसने मुस्तफा को इतनी बुरी तरह पीटा उसके बाद बेहोशी के बाद भी वो वहाँ से निकलने में कामयाब हो गया.

कल्पना पटवारी

फिर मैं अपने कमरे से एक पतला वाला बैंगन उठा लाई और बाहर जहाँ मेरी पड़ोसियों की बाइक खड़ी थी, वहाँ चली गई. वी देखने चला जाता था। दिन में अकसर वो अकेली ही रहती थी। मुझे पूरा मन रहता कि उसे चोदूँ पर मैं उसे बोल नहीं पाता था, डर लगता था।एक दिन की बात है, मैं दोपहर में उसके कमरे में गया तो दरवाजा से आवाज दी तो कोई नहीं बोला। तो मैंने दरवाजा खोलने की कोशिश की तो देखा कि दरवाजा नहीं लगा हुआ है।मैं अन्दर घुस गया और सीधे भाभी के टी. उसका गुस्सा ठंडा ही नहीं हो रहा था…!!!उसकी माँ चोदूँगा न तब साले को पता चलेगा गाण्ड में डंडा कैसे किया जाता है…बहुत स्याना बनता है.

और ककड़ी खींचने लगी… पिंकी ने ककड़ी नहीं, मेरा लंड पकड़ लिया था पर उसे कुछ नहीं पता था। इधर दोनों ने मुझे कस कर पकड़ लिया था।रेशमा बोली- पिंकी ककड़ी निकालो…पिंकी बोली- नहीं निकल रही है…कविता बोली- अरे शायद सुहास ने अंदर में ककड़ी रखी होगी….

मैं नीचे गया तो मम्मी ने एक फ़ाइल मुझे देते हुए मुझे कहा- स्वाति यह फ़ाइल भूल गई है, उसका फोन आया है, तू जाकर यह फ़ाइल उसे उसके ऑफिस में दे आ.

भाई का जांघिया सूंघने से मेरी उत्तेजना इतनी बढ़ गई कि मुझे लगने लगा कि अगर मेरी चूत को जल्दी ही कोई लौड़ा नहीं मिला तो मैं जाने क्या कर बैठूंगी. सरसों का तेल और पानी की मल्लम से मैंने बबलू के सिर पर थोड़ी देर मालिश की और उसको ये बोल कर कि मैं थोड़ी देर के लिये पड़ोस में जा रही हूँ, तेरे चाचा यहीं हैं, लौट कर खाना बनाऊँगी…उसके कमरे दरवाजा खींच कर बाहर आई, किचन में जाकर तेल से सने हाथ को अपनी चूत पर साफ़ किया और हाथ साफ़ कर गेस्ट रूम गई. नया वीडियो सेक्सी हिंदीमगर मेरी इस हरकत से तान्या के चेहरे पर एक अजीब सी मुस्कान आ गई, मैं समझ गया कि रास्ता साफ़ है और मैं फिर तान्या की तरफ बढ़ा और फिर तान्या के होंठों को एक बार फ़िर से चूम लिया.

उसके बाद हमने अपने कपड़े पहने और मैंने उससे विदा ली, लेकिन उसे छोड़ कर जाने का दिल नहीं कर रहा था शायद मुझे उससे दिल से प्यार हो गया था, लेकिन जाना ज़रूरी था पर उस दिन मुझे रात को नींद नहीं आई और सारी रात हमने फ़ोन पर बातें की,अब जब भी हमें समय मिलता तो हम मिलते हैं और एक दूसरे से बहुत प्यार करते हैं।. वो समझ गया!ऐसे ही वो दोनों सहेलियाँ तो महान थीं, जहाँ दोस्त ठहरे हुए थे, वहीं पहुँच गईं. मेरी मस्त साली शिखा 19 साल की है पर चूची 34, कमर 30 और गांड 36 तो कुल मिलाकर चोदने के लिये मस्त चूत थी.

क्या??अरे मैं मैदान के लिए… पर मेरा लोटे का पानी गिर गया है…प्लीज मेरी मदद करो, …कहीं से पानी ला दो…‘अब यहाँ पानी कहाँ है ? कुछ और मदद करूँ क्या…’ थोड़ा और पास आकर मैं बोला।क्या??? वो परेशान थी।मेरा रूमाल ले लो, इसी से काम चला लो… अँधेरे में मैं रूमाल हाथ में लिए उसके पास पहुँच गया।छी…. ‘उफ़्फ़्फ़ जीजू, बहुत मजा आ रहा है, क्या मस्त लण्ड है… और जोर से मेरे जीजू!’‘ये ले… मेरी जान… तेरी चूत तो आज फ़ाड़ कर रख दूंगा.

”जी, थैन्क्स!”रुको, कांई काम करो हो?”वो पीछे बड़ा ऑफ़िस है ना, उसी में काम करता हूँ.

फिर मैंने दीदी से कहा- मुझे तुम्हारी गांड मारनी है!तो दीदी ने कहा- अभी नहीं! सुबह हो चुकी है, कोई भी आ सकता है. मैंने तुरन्त भांप लिया कि दीदी की शंकित नजरें हमारा एक्स-रे कर रही थी… पर मुझे उससे क्या… चुद तो मैं चुकी थी… मैं भी तो आधी घर वाली हूँ ना… भले ही वो जलती रहे. रीटा भी नम्बर एक की मां की लौड़ी थी, अपनी शर्ट के ऊपर से, अपने चुच्चे की चौंच पे उंगली लगाती बोली- बहादुर बिल्कुल यहाँ लगाना है, टिप पे, जरा जल्दी करो.

होली का सेक्सी वीडियो हिंदी मामी बस करो ना! अब मेरे लंड में दर्द हो रहा है!”नयन, यह दर्द बस थोड़ी देर सहन करो! फिर देखो!”थोड़ी देर बाद मेरी लंड में जान आने लगी और वो वापिस पहले की तरह तैयार हो गया. प्रथम भाग :राधा और गौरी-1से आगे-‘कुछ नहीं अंकल, चोद डालो, मम्मी तो बस यूं ही शोर मचाती है.

उन की इस हरकत को देख मैंने उन्हें अपने ऊपर खींच लिया, अपनी बाहों में समेट लिया और उन की चूचियाँ दबाता, चूमता तो कभी उन की ग़ाण्ड पर हाथ फेर उसे दबाता. हो चुका था, मैंने गाँव में स्कूल ज्वाइन कर लिया, टीचर बन गई वहाँ भी और टीचर मुझ पर लाईन मारते, पर मैंने किसी को घास नहीं डाली।फिर मेरे पति को वापिस चेन्नई बुला लिया तो चले गए तो मैंने भी स्कूल छोड़ दिया और पीहर आ गई !पर मेरी असली कहानी तो बाकी है।[emailprotected]. मम्मी प्लीज… एक बार चाचा की तरह करने दो ना… सिर्फ़ एक बार!”कर तो लिया था तूने शादी वाली रात… बस अब नहीं…” मैंने कहा.

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०० बजे :हेल्लो !हाय मैं बोल रही हूँ !हेल्लो मधु ?बिल्ली को तो ख़्वाबों में भी बस छिछडे ही नज़र आते हैं ?क… कौन ??ओह लोल… भूल गए क्या ? मैं तुम्हारी नई मैना बोल रही हूँ !ओह. एक तो देवर के लण्ड पर टांके की वजह से दो भागों में बंटा होने के कारण हर बार लगता था जैसे एक के बाद एक दो लण्ड बारी बारी से अन्दर बाहर हो रहे हों, दूसरा पूरा लण्ड अन्दर जाते गर्भाशय से टकराता और बाहर दाने पर दबाव पड़ते ही मुँह से स्स्सीईईई हाआआ निकल जाता. मुझे वो बार बार बुला कर पीने के कहता था- भाभी, भैया तो हैं नहीं, चुपके से एक पेग मार लो!’ मस्ती में वो मुझे कहता ही रहा.

मैंने तुरन्त भांप लिया कि दीदी की शंकित नजरें हमारा एक्स-रे कर रही थी… पर मुझे उससे क्या… चुद तो मैं चुकी थी… मैं भी तो आधी घर वाली हूँ ना… भले ही वो जलती रहे. अब उसके गदराये नितम्बों में हाथ लगाते हुए मैंने उसे और ऊपर उठाया और धक्कों की गति बढ़ाने लगा.

उसने मुझे कसम दे दी कि उस घर में जा रहा हूँ, वहाँ कोई नहीं है, तुझे आना होगा!पहले वो धीरे से निकला, फिर मैं!मैंने ऊपर जाकर सब अपनी सहेलियों को बताया.

उसकी सिसकारियाँ सुन-सुन कर मेरा जोश बढ़ जाता और मै उनको ज्यादा जोर से दबा-दबा कर चूसने लगता. जब पति ही अपनी पत्नी को चुदवाना चाहे तो कोई पराया मर्द छोड़ेगा क्या!ये बोले- मैं बाथरूम होकर आता हूँ! जब तक तुम लोग बातें करो!मनोज और मैं अकेले कमरे में, मनोज के हाथ में मेरी चूचियाँ! वो आराम से दबा रहा था. अब चार हो गए हैं… अब जी भर कर चुदाई कर सकते हैं ना… ”कामिनी ने राहुल को प्यार किया… और रीता ने साहिल को चूम लिया.

श् श् श् करके सिसकारियाँ लेने लगी। मुझे पहली बार चुदाई का आनन्द हो रहा था।मैंने पूरी रात चाची की चुदाई की।उस दिन के बाद हर रोज मेरा नंबर लगने लगा।. तेरा बाप फिर तेरी माँ नै उठा उठा कर चोदे सबेरे तैं …मैं : चलो मौसी यहाँ से …हम दोनों वहाँ से वापिस चलने लगे …मध्य रात थी …मैं : मौसी … मौसा जी भी तो हट्टे कट्टे है वो भी तो …मौसी : बस देक्खण मां ही …कुछ ना होत्ता उसतै ! फिस्सड्डी साला ! … ब्याह की पैल्ली रात नै मैं बूझ गी ती … मन्नै मज़ा देणा इसके बसकी बात नी …मैं : क्या ? सच में ?मौसी : हाँ … है के उसकै धोत्ती मै? जरा सा डण्डी सा. थोड़ी देर हम दोनों चुप रहे, फिर वो बोली- क्या तुम मुझसे कुछ कहना चाहते हो?मैंने शरमा कर ना कह दिया.

प्रेम गुरु और नीरू बेन को प्राप्त संदेशों पर आधारितप्रेषिका : स्लिम सीमामुझे लगा जैसे कोई मूसल मेरी फूलकुमारी के अंदर चला गया है, मुझे लगा ज़रूर मेरी फूलकुमारी का छेद बुरी तरह छिल गया है और उसमें जलन और चुनमुनाहट सी भी महसूस होने लगी थी। मुझे तो लगा कि यह फट ही गई है। मैं उसे परे हटाना चाहती थी पर उसने एक ज़ोर का धक्का और लगा दिया।मेरी जान….

बीएफ पिक्चर हिंदी में देखना है: प्रेषक : कुलभूषण सिंगलाअन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार !मैं तीस साल का हूँ और पंजाब में रहता हूँ। जैसे कि पंजाबी होते हैं अच्छे स्मार्ट, वैसा ही हूँ मैं ! अच्छे खाते-पीते घर का हूँ और मेरा कद 5’7″ और मेरे लंड का आकार 7″ और मोटाई 2. मुझे अंदर घुसता देखकर मनीषा इधर-उधर देखने लगी और बिल्कुल चुप हो गई, मनीषा के इस रूप को देख कर मेरा भी लण्ड खड़ा हो चुका था.

लेकिन मैंने उसकी बात ना सुन कर अपना एक हाथ उसकी स्कर्ट में डाल दिया और पैंटी के ऊपर से ही उसकी चूत सहलाने लगा. और ककड़ी खींचने लगी… पिंकी ने ककड़ी नहीं, मेरा लंड पकड़ लिया था पर उसे कुछ नहीं पता था। इधर दोनों ने मुझे कस कर पकड़ लिया था।रेशमा बोली- पिंकी ककड़ी निकालो…पिंकी बोली- नहीं निकल रही है…कविता बोली- अरे शायद सुहास ने अंदर में ककड़ी रखी होगी…. अब अंकल की आँखों में मुझे एक अजीब सी चमक नज़र आ रही थी और मम्मी की आँखों में एक नशा सा दिखाई दे रहा था.

पर रुक गया जहाँ गर्म फिल्म आ रही थी।अब तो मेरी नींद भी जाती रही, एक तो बीवी से डेढ़ साल में पहली बार रात में अलग सोना, उस पर से रैन टी.

वो : दबाओ दूसरे को… उम्म्म्म इसको भी चूस लो…काफ़ी देर हम ऐसे ही मज़ा लेते रहे, मुझे उसकी वासना भरी आवाज़ मस्त कर रही थी तो उसे उसे मेरी किस और लिक करने की आवाज़ गरम कर रही थी…. दीदी कुछ और बोलती इससे पहले मैंने उसका मुंह बंद करने के लिए अपने होंठ उनके होंठो पर रख दिये और टी-शर्ट के ऊपर से ही उनके चूचे मसलने लगा तो दीदी मचल उठी. बाथरूम में गया। रागिनी ने ड्रेसिंग टेबल पर मेरी बीवी के मेकअप के समान से अपना हुलिया ठीक किया.