इंग्लिश मूवी बीएफ

छवि स्रोत,रतलाम सेक्सी फिल्म

तस्वीर का शीर्षक ,

ब्लू वीडियो हॉट: इंग्लिश मूवी बीएफ, साँसों को थामते हुए धीरे धीरे जब वो अलग हुए, तो लगा कि दोनों में किसी प्रकार की शक्ति बाकी नहीं रही.

सेक्सी अंग्रेजी सेक्सी अंग्रेजी वीडियो

थोड़ी देर मुझे चूमने के बाद वो निर्मला के स्तन दबाते हुए उसके होंठों को चूमने लगा. सेक्सी पिक्चर दिखा दो वीडियो मेंफिर एक दिन मैंने उनसे कहा कि आपने बच्चों के बारे में डॉक्टर से सलाह ली है क्या?मेरी बात को वो टाल गई.

मैंने उसके दोनों हाथों को पीछे किया और पीठ पर सटा कर पीछे की तरफ दुपट्टे से बांध दिया. सेक्सी इंग्लिश इंग्लिश सेक्सीआपके प्यार का इन्तजार करूँगा और जल्द ही एक नई सेक्स कहानी लेकर आऊंगा.

मगर उसकी दर्द भरी कराह से पता चल रहा था कि धक्कों में बहुत ताकत थी.इंग्लिश मूवी बीएफ: मैंने तो जीवन में कभी स्कूल जाते हुए ऐसे कपड़े नहीं पहने थे, सो मुझे और अधिक अटपटा लग रहा था.

मेरी ये नंगी गर्ल की चुदाई कहानी आपको कैसी लगी, अपने कमेंट्स मुझे मेल जरूर करें दोस्तो.साँसों को थामते हुए धीरे धीरे जब वो अलग हुए, तो लगा कि दोनों में किसी प्रकार की शक्ति बाकी नहीं रही.

सेक्सी bp video - इंग्लिश मूवी बीएफ

एक बच्चा बोला- आंटी आप मिल गईं … आपने कितनी देर में दरवाजा खोला … वो भैया कहां हैं?तभी मैंने पीछे से आकर भाभी की गांड पर दांत से काट लिया.उसने भी मेरे सिर के पीछे हाथ लगा कर मेरे बालों को सहलाते हुए मेरा साथ देना शुरू कर दिया.

अब मेरे अंदर कामुकता जागने लगी, मैंने इस देसी कमसिन जवान लड़की के बुर चोदन का मौक़ा देखा तो मैं धीरे-धीरे बहाने से उसके बूब्स को जानबूझ कर छूने और दबाने की कोशिश करने लगा. इंग्लिश मूवी बीएफ दोपहर को खाना खाने के बाद थोड़ा आराम किया, बाद में हम सब लोग घूमने निकले.

उसकी बात सुन कर मैं हंसने लगा और बोला- अच्छा, सच में?मेरी हंसी का कारण पूछने के लिए उसने कहा- लेकिन आप हंस क्यों रहे हो सर?मैंने कहा- चुदाई के समय तो पूरा माहौल गर्म होता है और शरीर को कुछ पता नहीं लगता.

इंग्लिश मूवी बीएफ?

एक बार फिर से मैंने चाची की चूत मारी और उसकी चूत में ही माल छोड़ दिया. और चालीस दिन बाद वो मायके जाती है तो इस रिवाज से नारी डिलीवरी के बाद सम्भोग से स्वतः दूर रहती है. वीर्य निकलने के बाद उसने मेरी पैंटी को उठाया और अपने लंड को उससे साफ किया.

मेरा लंड ज़ोर ज़ोर से उसके मुँह में झटके ले रहा था और थोड़ी देर बाद जब मेरा पूरा माल निकल गया, तो मैं काव्या के ऊपर गिर गया. इधर जैसे ही मेरे हाथ आज़ाद हुए, मैंने पहले तो उनको उसके पेट पर रखा, उसकी नाभि में उंगली डाली, उसकी कमर को सहलाया और फिर मेरे हाथ धीरे धीरे ऊपर आने लगे. ऊपर बिस्तर पर कमलनाथ राजेश्वरी को रौंद रहा था और नीचे रमा और रवि अपनी वासना का खेल शुरू कर रहे थे.

वो अब निढाल हो गई थीं, उन्होंने जैसे ही अपनी गांड के छल्ले को थोड़ा ढीला छोड़ा, मैंने जोर मार कर अपने लंड को चाची की गांड में घुसा दिया. अंडरवियर निकाल कर एक तरफ फेंक दिया और मेरा लंड उसके सामने फनफनाता हुआ लहराने लगा. मैंने उससे संपर्क करने की बहुत कोशिश की लेकिन फिर कभी उससे न तो मुलाकात हो पाई और न ही बात हो पाई.

मैंने मन में सोचा कि क्या खूबसूरत आंखें हैं इसकी … दिल तो कर रहा था कि पट्ठी को यहीं चूम लूँ. स्तन और गांड के सुडौल होने के कारण उसका स्लिम फिगर कहर बन कर टूटता है.

उस समय मैं अपने सेमेस्टर एग्जाम ब्रेक में घर आया हुआ था।मैं अपनी बुआ के साथ बात करने में बहुत फ्रैंक था, मैं उनसे कोई भी बात करने में संकोच नहीं करता था। मैं बुआ को बहुत पसंद करता था और मैं उनके साथ सेक्स करना चाहता था.

उषा- ये बात तो तूने सही कही … इसकी गांड और चूत चुदेगी, तो ये एक नंबर की माल बनेगी, ये कमाई भी बहुत करेगी.

उसका दो इंच लंड प्रिया की चूत में घुसता चला गया, जिससे प्रिया बहुत ऊंचे स्वर में चिल्ला उठी- उई मां मर गई … मुझे बचाओ उम्म्ह … अहह … हय … ओह …उसकी आंखों में आंसू आ गए थे. कविता की योनि की दरार को कांतिलाल ने हाथों से फैला कर जहां तक संभव था, अपनी जीभ को उसमें घुसाने का प्रयास किया. उसके बाद मैंने दूसरे निप्पल को मुंह में लिया और पहले वाले को चुटकी में लेकर भींचने लगा.

फिर तीन-चार दिन के बाद जीजा को कंपनी के काम से बाहर जाना था तो मैंने अपने ऑफिस एक दिन के लिए छुट्टी ले ली. कई मिनट तक मेरी चूत को रगड़ने के बाद उसने मुझे उल्टा कर दिया और फिर मेरी गांड ने नीचे तकिया लगा दिया. उसने पहले तो मुझे एक टी-शर्ट और स्कर्ट पहनने को कहा, पर वो मुझे जंच नहीं रहे थे.

अचानक से उसने मेरे लंड का सुपारा पीछे कर दिया, इससे मुझे थोड़ा दर्द भी हुआ.

लेकिन मैंने अपनी उंगली नहीं डाली।मैंने उससे कहा- एक बात बताओ कि उस दिन मैं जब स्कूल आया था, तुम्हें कुछ याद है?उस हॉस्टल गर्ल ने कहा- याद नहीं बल्कि मैं सब देख रही थी कि कैसे तुम मेरे चुचे देख रहे थे और मेरी चूतड़ों को देख कर तुम्हारा नाग कैसे उफान मार रहा था. ओह्ह जान … चोद दे … आह्ह।मैं उसकी कामुकता देखकर जोश में आ गया और मजा लेते हुए उसकी चूत को पेलने लगा. यह सुन कर मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा और मैंने साराह के साथ फोन सेक्स चैट शुरू कर दिया.

अब वैसे भी सुबह के 4 बजने वाले थे, अम्मा ने कहा- चल अब सुबह का मीठा वाला सेक्स करते हैं, चल बाथरूम में करेंगे. पिछले तीन साल से आपका ये आठ इंची हथियार अपनी चूत में लेना चाह रही थी. मैं अब ऐसा अय्याश बन गया था कि कॉलेज के बचे हुए दिनों में मैंने केवल तफरी ही मारी.

सन 2009 में मेरी एक गर्ल फ़्रेड थी दूसरे धर्म की… और उसकी शादी जून में उसके भाइयों ने कर दी क्योंकि उनको मेरे और उनकी बहन के संबंधों के बारे में पता लग गया था.

कांतिलाल ने भी उसके चूतड़ों में 3-4 जोरदार चांटे मारे और पहले से कहीं ज्यादा जोर से धक्के मारने लगा. गाड़ी में बैठने के बाद मैंने भाभी के हाथ पर हाथ रखा और बोला- भाभी, अगर बुरा न मानो तो मैं कुछ कहना चाहता हूं.

इंग्लिश मूवी बीएफ आज रोशनी ने पिंक कलर की साड़ी पहनी थी और बड़े गले का ब्लाउज पहन रखा था … सच में क्या लग रही थी … मैं बता नहीं सकती. कुछ देर रुकने के बाद मैंने उसके मुँह से लंड बाहर निकाला और फिर से एक झटके से लंड अन्दर डाल दिया और उसके बालों को कसके पकड़ कर मुँह को चोदना चालू कर दिया.

इंग्लिश मूवी बीएफ राज मेरे नीचे से बोल रहा था- पारुल जोर से कूद!वो जितना तेज करने को बोलता, मैं उतना ही जोर से उछलने लगती और जोर जोर से मेरी सिसकारियां निकल रही थीं. इसी बीच मैंने उस कमरे से दूसरे कमरे में खुलने वाली खिड़की को हल्का सा खोल दिया ताकि मेरी पत्नी भी हमारी चुदाई का आनन्द ले सके.

उसने मादकता भरे स्वर में कहा- तुमने कितनी देर लगा दी … ये खेल खेलने में!मैं- देर आया … दुरुस्त आया.

देसी टीचर की चुदाई

दोनों तरफ से ही बराबर चिकनाई हो गई थी और चुदाई मक्खन के माफिक चल रही थी. उसकी वो आवाजें सुन कर मैंने एक धक्का और मारा जिससे मेरा पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया. वो भीतर से 5 प्लास्टिक के छोटे छोटे गमले लाया, जिनमें रेत भरी हुई थी.

तो हमने भी अपनी अपनी चारपाई बाहर निकाल ली और सभी सोने लग गए।चूँकि उसकी और मेरी चारपाई एकदम ही पास-पास थी. मैंने पूछा- तो तुम नहीं गयी?वो बोली- नहीं, मुझे वो कल वाला सेक्स नॉलेज टॉपिक कवर करना था. लेकिन आंटी से फोन नहीं लगा तो उन्होंने मेरे को फोन लगाने के लिए बोला.

उधर कविता खुद कांतिलाल के पास गई और उसे राजेश्वरी से अलग होने को कहा.

मैंने उसे गुस्से में बोला- हटो मेरे ऊपर से … आप बहुत बेरहम इंसान हो. अब हम एक दूसरे को उत्तेजित कामुक नजरों से देखते हुए हस्तमैथुन करने लगे थे. बाज़ार से वापस आने के बाद वो अपने काम में लग गई और मैं कमरे से बाहर निकल कर पोर्च में बैठ गया.

मैं खुद को रोकने का प्रयास करती रही कि शायद मेरे ठंडे और नकारात्मक व्यवहार से उसकी उत्तेजना कम हो जाए, पर वो रुक नहीं रहा था बल्कि और अधिक उत्तेजना से मेरे होंठों को चूसते चूमते हुए मेरे स्तनों को दबाने सहलाने लगा था. जब मेरा मन सेक्स करने का होता था, तब मैं छिप छिप कर पोर्न फिल्में देखा करता था. ऐसे ही 10 मिनट तक लंड सहलाने के बाद मैंने उसको इशारा किया कि टॉयलेट में चलो.

मैंने अपनी उंगली सीधी उसकी बुर में डाल दी उसने अपनी आंखें बंद कर लीं. मैंने उनको एक नजर भरके देखा, उनको देखा क्या, बस ये समझ लो कि ब्लाउज के ऊपर से उनके बोबे खा जाने वाली नजरों से देखा.

लेकिन आज वो थोड़ी बदली हुई लग रही थी क्योंकि आज उसने थोड़े खुल्ले गले के कपड़े पहने हुए थे जिनमें से उसके चुच्चे थोड़े बाहर निकले हुए थे जो मेरी नियत को खराब करने का काम कर रहे थे. और गुड नाईट कह कर सो गई।थोड़ी देर बाद मुझे भी नींद आ गई और मैं भी भाबी के मखमली जिस्म के बारे में सोचते हुए और उनकी ओर करवट लेकर सो गया। अब आगे की भाबी सेक्स स्टोरी:रात को करीब 2 घंटे बाद मुझे अपनी नंगी जांघों पर कुछ गर्म गर्म सा महसूस हुआ. कल तुमने इतना सहलाया कि वो काम से पहले ही झड़ गया।उसने कहा- कोई बात नहीं जान! घर में कोई है नहीं तो चुदाई कभी भी कर सकते हैं.

उसने यहां पर छिपे होने का कारण पूछा तो मैंने बहाना बना दिया कि मैं अपने भाई से झगड़ा करके यहां पर छिपा हुआ था.

मैं झड़कर उसकी गोद में ढीली होने लगी और कमलनाथ भी अपने हाथ छोड़ सोफे पे हांफता रहा. मैं बोला- मम्मी वो तो मैं आज चोद ही दूंगा … लेकिन आप पहले मेरी लॉलीपॉप तो चूस लो. कल तुमने इतना सहलाया कि वो काम से पहले ही झड़ गया।उसने कहा- कोई बात नहीं जान! घर में कोई है नहीं तो चुदाई कभी भी कर सकते हैं.

और मैं ये भी जानती हूं कि तुम उस दिन टॉयलेट में मुठ मार रहे थे मेरे नाम की! सच कहूँ तो मैं भी उस दिन चुदना चाहती थी लेकिन मौका नहीं मिला. फिर मैंने मॉम की चुत को चुदाई के लिए खोला और निशाना लगाते हुए एक ही झटके में अपना आधा लौड़ा मॉम की चूत में घुसा दिया.

मैं एक पल के लिए सोचने लग गया कि ऐसा कौन है, जो मुझे कॉल कर रहा है. भाभी ने मेरे सीने पर सर रखा, तो मैंने लेटते हुए उनको अपने साथ लिटा लिया. सलमा की अम्मी- क्यों क्या करना है?मैं- तेरी चुदाई करनी है रंडी साली … तैयार हो जा, ज्यादा सवाल मत किया कर और तैयार होकर मुझे मैसेज कर?वो हंसने लगी और लिखा- आय हाय मेरा ठोकू छेद के लिए तड़फ रहा है.

ಸೆಕ್ಸಿ ಬ್ಲೂ ಫಿಲಂ

अगर उसकी मां वहां पर न होती तो मैं भाभी की चूत को फाड़ कर रख देता लेकिन हम दोनों ही मजबूर थे.

मुझे यूं घूरता हुआ देख कर भाभी बोलीं- क्या हुआ … ऐसे क्या देख रहे हो … मुझमें कोई कमी दिख रही है क्या?मैंने पलट कर जवाब दिया- भाभी आप में कोई कमी ही तो नहीं दिख रही है, यही तो समस्या है. फिर मैंने अपनी स्पीड तेज कर दी और आंटी की चूत को दस मिनट तक लगातार चोदने के बाद मेरा माल निकलने को हो गया. उधर मेरी बीवी की गांड में थूक लगाने बाद सुरेश ने कहा- रानी, मैं आज तक अपनी बीवी की गांड का मजा नहीं कर सका, पर आज तुझे मैं जन्नत दिखा दूंगा.

फिर भाभी खड़ी हुईं और मुझे बेड पर धक्का दे कर खुद घुटनों पर बैठ गईं. एक तो उसके बोबे मेरे सीने से चिपके थे और दूसरे, उसका एक हाथ मेरे नीचे हरक़त कर रहा था. सेक्सी राजस्थानी चोदा चोदीरंडी बनने का बहुत शौक है ना तुझे, अब ले मेरा लंड और चुद कुतिया की तरह.

मेरे लेटते ही डॉली मेरा लौड़ा पकड़ कर कर उस पर अपनी चूत को फंसाकर बैठ गई और लंड पर जोर जोर से उछल उछल कर चुदवाने लगी. मुझे पता ही नहीं चला कि कब उसने मेरे ब्लाउज के बटन खोल दिए और मेरी ब्लैक कलर की ब्रा का हुक भी खोल दिया.

उसका नाम नीलू था और वो भी दिल्ली में अपने परिवार के साथ ही रहती थी. मैंने सोचा कि यह मेरी पत्नी के पैर हैं, लेकिन कुछ टाइम बाद मुझे मालूम हुआ मेरा पैर तो मेरी भांजी की टांगों से टकरा रहा था और वो मेरी इस बात का कोई विरोध नहीं कर रही थी. रवि अब केवल धक्के ही नहीं मार रहा था बल्कि धक्कों के साथ साथ मेरे शरीर के अंगों को सहलाकर, दबा और मसल कर उनका आनन्द ले रहा था.

मेरा दिल जोर जोर से धड़क रहा था, पर मुझे खुद को काबू में रखना था और उसके सामने ऐसे दिखावा करना था, जैसे मैं सच में कोई वेश्या हूँ और संभोग करना मेरा रोज का काम है. उसमें समय समय पर अनाज उगाए जाते थे।मैं मकान के सबसे नीचे वाले फ्लोर पर रहता था और मकान मालिक ऊपर के फ्लोर पर रहता था. मेरी सेक्स कहानी के पहले भागबीवी की सहेली पे दिल आ गया-1में आपने पढ़ा कि मेरा दिल मेरी बीवी की सहेली पर आ गया.

दिन भर की चुदाई से उसकी चुत में सूजन आ गयी थी और मेरे लंड में भी काफी दर्द होने लगा था.

तभी मैंने 69 की पोज़िशन बना ली और उसको अपना लंड चूसने को बोला और मैं उसकी चूत को चाटने लगा. मुझे पीछे से उसकी ब्रा का स्ट्रेप दिख रहा था, तो मुझसे नहीं रहा गया.

कभी मैं उनके घर जाकर चुदवा लेती थी तो कभी अंकल मेरे घर आकर मौका पाकर मुझे चोद देते थे और चले जाते थे. तभी मुझे ध्यान आया कि आज शनिवार है और शनिवार को हॉस्पिटल एक बजे तक ही खुलता है. हम दोनों पति-पत्नी के बीच में कुछ होता ही नहीं तो आवाज कहां से आयेंगी.

फिर मैंने देखा कि अम्मा भी मेरे सामने लेटे लेटे अपने मम्मे हिलाने लगीं … कमर हिलाने लगीं. वो सच में बहुत अच्छे लोग थे। अब तो मैं यही सोचता हूं कि वो जहां भी हों खुश ही होंगे। उसकी वाइफ अभी भी शायद उतनी ही मस्ती से चुदाई करवाती होगी. इस पर राजशेखर ने पहले हां किया और सामने मेरे आकर घुटनों के बल बैठ गया.

इंग्लिश मूवी बीएफ मैं दीदी के पास गया और दीदी से सीधा ही बोल दिया- दीदी, अगर आप लोगों को मेरे यहां पर रहने से कोई परेशानी हो रही है तो मैं बाहर किराये पर कमरा ले लेता हूं. तभी वो पीछे से आ गया और मेरे चूतडो़ं पर अपना लंड टच करते हुए मुझे अपनी बांहों में लेने की कोशिश करने लगा.

चुड़ै वीडियो

मेरे शैतान मन में घंटी बजी और मैं सोचने लगा कि काश आज इसे ठोकने का मौका मिल जाए … तो मेरे लंड को भी शांति मिल जाएगी. वही दूसरी महिला राजेश्वरी, राजशेखर की पत्नी थी और वो भी लगभग निर्मला से मिलती जुलती ही थी. लेकिन मैंने अपनी उंगली नहीं डाली।मैंने उससे कहा- एक बात बताओ कि उस दिन मैं जब स्कूल आया था, तुम्हें कुछ याद है?उस हॉस्टल गर्ल ने कहा- याद नहीं बल्कि मैं सब देख रही थी कि कैसे तुम मेरे चुचे देख रहे थे और मेरी चूतड़ों को देख कर तुम्हारा नाग कैसे उफान मार रहा था.

वो मंद-मंद सिसकारने लगी ‘उम्म्ह … अहह … हय … ओह …’एक मिनट तक मैं उसकी चूत पर लंड को रगड़ते हुए उसके चेहरे के हाव-भाव को देख कर मजे लेता रहा. उनसे बातचीत में पता चला कि वो घर पर अपनी बहु और बेटे के साथ रहती हैं. सेक्सी बीपी नंगी पिक्चर वीडियोकमलनाथ जैसे जानता था कि अब क्या होने वाला है, इसलिए बिना किसी बात के, वो पीठ के बल चित लेट गया.

राजशेखर भी अब अन्तिम क्षण के लिए पूरे जोश में दिख रहा था और मेरी जांघों को पकड़े हुए पूरी ताकत से मुझे धक्के मार रहा था.

मेरे दिल में बस चरम सुख की एक ही चाहत जग रही थी और मैं मन ही मन में हर धक्के पर बोलने लगी थी कि राज और जोर से … और अन्दर तक … और जोर से … और अन्दर. मेरे लंड को प्यार करते हुए वो मजे से मेरे लंड को मुंह में लेकर चूसने लगी.

तो मैंने देखा उसका अंडरवीयर भी खराब था, उसने उतार दिया व धोकर सूखने डाल दिया. कुछ समय बाद मैंने उनके मम्मों पर हाथ रखा और धीरे-धीरे उन्हें दबाने लगा. वो चिल्ला पड़ी- अभी नहीं।मैं भी पीछे हट गया और उनके फ्री होने का इंतजार करने लगा.

मैंने उसकी गर्दन को अपनी तरफ घुमाया और उसके होंठों को जोर से चूसने लगा.

क्या तुम उसका अनुभव करना चाहोगी?वो बोली- हां सर, लेकिन मैंने कभी अपनी चूत में लंड नहीं लिया है. तो ये तय हुआ कि हर कोई थोड़ी थोड़ी देर संभोग करेगा, फिर साथियों की बदली होगी. मैं बोला- कोई बात नहीं तुम अपना काम खत्म कर लो, मैं बैठा हूं, इन्तजार कर लेता हूं.

इंडियन सेक्सी videosमेरी तीनों सहेलियां अल्पना, सोना और रुचि कमाल की शारीरिक फ़िगर वाली थीं. फिर मैंने ही पहल करते हुए उसके बालों के पीछे हाथ ले जाकर अपने लबों को उसके रसीले होंठों पर रख दिया और उसको किस कर दिया.

देशी सेक्स व्हिडिओस

तब से आज तक खीरा, ककड़ी, गाजर ही मेरे साथी रहे हैं लेकिन आज तुम्हारे लण्ड ने मुझे यह अहसास करा दिया कि लण्ड का कोई विकल्प नहीं. मेरे उस्ताद ने उसकी चूत को मेरी अनुमति के बिना ही चोदना शुरू कर दिया. मैंने भी उसे उत्तर दिया- रमा ने ही मेरा सब कायाकल्प किया है … वरना मैं तो पहले की ही तरह हूँ.

कभी कभी मज़ाक में वो मुझसे पूछ लेती है- क्यों फुफू आज कैसा मज़ा आया?मैं भी कह देता हूँ- बाकी सब तो ठीक है यार. कांतिलाल के निर्देशानुसार मैं लिंग पर सीधी बैठ थी और आगे की तरफ अपने चूतड़ों को धकेल धकेल कर संभोग करने लगी थी. सुरेश ने भी बहुत दिन से सेक्स नहीं किया था और वो बहुत जोर लगाकर मुझे चोद रहा था.

मैं एक प्रतिष्ठित चॉकलेट कंपनी में सेल्स मैंनेजर के पद पर पिछले दस वर्षों से काम कर रहा हूं. मुझे उसका पता नहीं चला कि वो झड़ी या नहीं लेकिन मैंने तो अपना माल छोड़ दिया था. वहीं दूसरी तरफ राजेश्वरी लंबे समय तक टांगें फैलाने की वजह से असहज दिखने लगी थी.

हम तीनों एक ही बिस्तर पर बैठे हुए थे और अपनी टांगों पर कम्बल डाला हुआ था. कुछ दूरी पर झाड़ी में से ‘उह … अहह आराम से करो … दर्द हो रहा है!’ आवाज़ आ रही थी।काजल वहां से जाने को बोलने लगी।तो हमें जाना पड़ा।फिर हम 1 ऐसी जगह गए जहां कोई नहीं था.

मैंने झट से आंटी को पूरी नंगी कर दिया और उसको मेरे तने हुए लंड पर बैठने के लिए कहा.

बीच बीच में वह मेरे लंड को दबा भी रही थी अपने हाथों की मुट्ठी में भर कर वह मेरे लंड को भींच देती थी। लेकिन लंड से अभी भी थोड़ा थोड़ा खून निकल रहा था. सुंदर लडकी सेक्सी व्हिडिओमेरे वस्त्र निकाल कर उसने मेरी टांगें पकड़ उन्हें फैला दिया और बहुत चाव से मेरी योनि देखते हुए एक हाथ फेरने लगा. भोजपुरी में सेक्सी विचैट का अंतराल जब काफी लंबा चलने लगा, तो हम दोनों एक दूसरे से खुलने लगे और हम दोनों के फोन नम्बर आपस में एक्सचेंज हुए. मैंने सोचा ‘भाभी आप तो आज रेडी हो, मगर मैं तो कबसे आपको चोदने के लिए रेडी हूँ.

मैंने उसको नीचे बैठने को कहा और उसके बाल को कसके पकड़ कर उसके मुँह में अपना लंड डाल दिया.

इधर मेरा भी लन्ड अपने उफान पर आ गया और मैंने भी एक जोर की पिचकारी छोड़ दी. इतने में उन्होंने कहा- मुझे ये भी पता है तुम्हें मुझमें क्या पसन्द है. इसलिये हमारी कोशिश है कि यहां पर हमारी कहानियों के जरिये सभी पाठकों का भरपूर मनोरंजन हो जाये और उनको अपनी जिन्दगी में किसी तरह का खालीपन महसूस न हो.

फिर मैंने सोचा कि छोड़ो यार अपनी गर्लफ्रेंड है … अपन इसको रहने देते हैं. एक दिन मेरे बॉयफ्रेंड जगेश ने मुझे किस करते हुए बोला कि वो मेरे साथ सेक्स करना चाहता है. इस तेज झटके से मेरे लौड़े का सुपारा अन्दर डॉली की चूत में घुस गया था.

देसी सेक्स दिखाएं

मैंने तुरंत ही उसको चित लिटा दिया और उसके ऊपर चढ़ कर उसके मम्मों को फिर से मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया. फिर वो कहने लगी कि चूत में लंड डालो तो मैंने कहा कि अगर तुम सफाई करने दोगी तो ही मैं डालूंगा. मैंने उससे उसके पति के बारे में पूछा, तो उसने बताया कि वो शाम को आएंगे, किसी मीटिंग में गए हैं.

अगले मैं उस कमरे में बीस मिनट पहले ही आ गया और उसके आने का इन्तजार करने लगा.

मैंने मैडम के होंठ खूब चूसे, उनकी गर्दन चाटी, उनकी चूचियों के निप्पल्स को खूब खींचा और चूसा … और खूब चूचियां दबाईं.

उसके लिंग में उतना कड़कपन नहीं था, जैसे आम मर्दों में होता है और न ही उसके धक्के में इतनी ताकत थी. वो मेरे सामने जब चाय का कप रखने के लिए झुकी तो मैंने आंटी की चूचियों को देख लिया. सेक्सी फोटो बढ़िया बढ़ियाफिर चार पांच महीने बाद ही मेरा कम्पनी के एम डी से मेरे कमीशन को लेकर पंगा हो गया और मैंने जॉब छोड़ दी, लेकिन साराह मैम से मेरी बात होती रही.

जब मैंने उससे कहा कि अगर वो लोग मेरे साथ संभोग करने चाहेंगे, तब क्या होगा?उसने बोला- कोई बात नहीं वैसे भी हम सब यहां मजे करने आए हैं और संभोग हम सबके बीच सामान्य बात है. उस समय मैं अपने सेमेस्टर एग्जाम ब्रेक में घर आया हुआ था।मैं अपनी बुआ के साथ बात करने में बहुत फ्रैंक था, मैं उनसे कोई भी बात करने में संकोच नहीं करता था। मैं बुआ को बहुत पसंद करता था और मैं उनके साथ सेक्स करना चाहता था. कुछ दिन बीत जाने के बाद नानी ने मेरी मां के पास फोन किया और मेरे आने के बारे में पूछा क्योंकि मामा जी कुछ दिन के बाहर जा रहे थे और नानी ने मां को कह दिया कि वो मुझे यहां मामा के घर जल्दी ही भेज दें क्योंकि वहां पर घर की देखभाल करने वाला कोई नहीं था.

रवि ने निर्मला के विशाल चूतड़ों को दोनों हाथों से थपथपाया और अपना मुँह निर्मला की योनि से चिपका कर उसे चाटने लगा. फिर मैंने उनसे इसका कारण पूछा।राजेश ने बताया कि उसकी पत्नी भले ही पैसे लेकर सेक्स करती है लेकिन वो खुद सेक्स के काबिल ही नहीं है.

उस पर निर्मला ने पूछा- वो कैसे?तो उसने बताया कि जिसकी योनि की नसें और मांसपेशियां अधिक ताकतवर होती हैं, वो ज्यादा दबाव से पेशाब कर सकती है और रेत में ज्यादा गहरी छाप बना सकती है.

वो कॉलेज गर्ल हरिद्वार से थी और वो रुड़की के किसी इंजिनियरिंग कॉलेज से अपनी पढ़ाई कर रही थी. कई लंड लिये हैं, लेकिन तुम्हारे साथ चुदाई करवा कर मुझे अपनी जवानी के दिन याद आ गये. रिक्शे में उसने मेरे लंड पर अपना हाथ रख कर लंड के खड़े होने का अहसास किया.

सेक्सी पिक्चर कुंवारी लड़कियां मगर दीदी के लिए एक प्यास हमेशा ही मन में उठी रहती थी इसलिए बार-बार बहाना करके मामा के घर पहुंच जाता था. बातों बातों में बात हुई कि अल्पना और सोना तो अपने बॉयफ्रेंड के साथ मजे कर रही होंगी.

थोड़ी ही देर में वो मुझे बहुत तेज किस करने लगी और मुझसे एकदम से चिपक गयी. अगर आंटी ने मेरी यह हरकत इमरान को बता दी तो शायद मैं इमरान के घर पर भी नहीं आ पाऊँगा उसके बाद। इसलिए मैं आंटी को सॉरी बोलने के लिए चला गया. फिर मैंने खींच कर एक धक्का मारा और उसकी चूत में पूरा लंड उतार दिया.

ब्ल्यू फिल्म व्हिडिओ में

मेरी सीधी सपाट शब्दों में मेरी ये चुदाई की कहानी आपको कैसी लगी, प्लीज़ मेल जरूर करें. श्रुति बोली- आह बना दे मुझे अपने बच्चे की मां … तेरे तगड़े लंड जैसा तगड़ा बच्चा होगा … मेरे चुतिया पति जैसा लुल्ला नहीं चाहिए मुझे. वो भी समझ गया कि मैं उसके लंड को बाहर निकाल कर हाथ में लेना चाह रही हूं.

आंट सेक्स स्टोरी हिंदी में पढ़ें कि जिस मेच्योर भाभी को चोदा था मैंने … उन्होंने मुझे एक मोटी आंटी से मिलवाया. फिर हम चारों ने मिल कर एक प्लान बनाया कि हम सब कहीं बाहर घूमने चलते हैं.

मगर अनु ने मेरे माल को मुंह में ही रखा और फिर उठ कर उसको थूक कर आ गयी.

अब वो लाइन अभी मुझे याद नहीं हैं इसलिए आपको नहीं बता सकता हूँ।फिर तभी मेरे को थोड़ी शरारत सूझी और मैं उससे यह पूछने लग गया कि क्या कभी उसने किसी के साथ चुम्बन किया है?तो उसने कहा- नहीं. क्या खूबसूरत था वो पल … दिल तो किया आज सबको देखने दो, बस मुझे किस कर लेने दो. और उसके होते मैं उसकी बेटी को कैसे चोद सकता था।तड़प मैं पूरा रहा था कि कब मौका मिले और कब मैं इस कुँवारी कन्या के कोमल तन का भोग लगाऊँ। मगर अब रूपा को गले लगाना और चूमना तो मैं दिव्या के सामने भी कर लेता.

लेकिन अब चूंकि लंड खड़ा होने लगा था, तो मेरी सोच और नज़रिया दोनों बदलने लगे. मैं गौर से उनकी चूत और गांड देखकर उत्तेजना से हांफ रहा था और मेरा लंड ऊपर नीचे हो रहा था. इन दिनों मैं फेसबुक का काफी ज्यादा इस्तेमाल करता था और गर्लफ्रेंड बनाने के लिए तड़फ रहा था.

मेरा दिल तो खुशी के मारे पागल हो रहा था क्योंकि मैं दोबारा सुहागरात मानने जा रहा था … वो भी एक कुँवारी कली के साथ।मैंने बिस्तर पर पहुँच कर उसका घूँघट उठाया तो उसको देखता ही रह गया.

इंग्लिश मूवी बीएफ: थोड़ी ही देर में वो एक ट्राली में बड़ा सा केक और एक बड़ी सी हरे रंग की बोतल लाया. उसके घर जाते हुए मुझे एक महीना हो चुका था, तो जाहिर सी बात है कि हम दोनों में अच्छी जान पहचान हो चुकी थी.

वो बोलीं- हां अन्दर आ जा, प्रीति अन्दर है, वो तेरे आने की ही कह रही थी. मुझे एक हद तक उनकी बातें सही लगीं, क्योंकि यहां कोई किसी के साथ जोर जबरदस्ती नहीं कर रहा था. ऐसे ही एक दो दिन भाभी से बात करते हुए हो गया तो हम दोनों में काफी कुछ बातें होने लगीं.

मैं एक हाथ से उनकी मोटी कलाई को और दूसरे हाथ से उनके कंधे और गले को सहला रहा था.

जब 457 तक मेरी गिनती पहुंची, तो रवि अपना लिंग रमा की योनि में धंसा कर रुक गया और रमा की पीठ पर लेट गया. तो उस दिन मैंने देखा कि वो एक बस स्टैंड पर खड़ी हुई शायद बस का इंतजार कर रही थी. मैं उसको फोन पर ही नंगी करवा देता था और खुद भी नंगा होकर मुठ मारा करता था.