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अचानक हम दोनों को पता नहीं क्या हुआ, हमने बातों में ही फोन सेक्स शुरु कर दिया।जो इस प्रकार था…शशांक : मैं तुम्हें हग करना चाहता हूँ….रात ज्यादा होने के कारण मैंने अनिल को रात वहीं पर रुकने के लिए कहा तो वो मान गया और मैं और अनिल योगी के कमरे में आकर सो गए.

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मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं ऐसा कभी करुँगी… मैं सच कह रही हूँ।’‘लेकिन अच्छा लगा ना?’‘हाँ, बहुत अच्छा.‘छैला, बस ये मस्त मुस्टण्डा मन्ने एक दाण… बस एक बार…’मैं कुछ कहता उसके पहले वो उछल कर मेरे ऊपर चढ़ गई.

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राहुल अंकल जोर जोर से सिस्कार रहे थे- ओह! आह्ह्ह्ह्! बड़ा मजा आ रहा है! क्या मस्त चूसती है तू! आज तूने पागल कर दिया है! आज तो तेरी ऐसी गांड मारूँगा कि तू लौड़ा लेने के नाम से डरेगी. और उसने बताया कि उसके पति भारत में नहीं हैं वो अमेरिका गए हुए हैं, उसको गए हुए दो महीने हो गए हैं और शायद अगले छ: महीने तक नहीं आ सकते हैं. राहुल अंकल अपने लौड़े से बाजी के गालों पर मार रहे थे जिससे बाजी जोर जोर से सिसक रही थी- ऊह्ह्हह आह औऊ ऊऊ! मेरे चोदू राजा! क्या मस्त लौड़ा है तेरा! कसम से, मैं तो मस्त हो गई हूँ तेरा लौड़ा चूस कर!उधर राज अंकल तेज़ी से बाजी की बुर को चूस रहे थे.

सभी को यह लगता है कि सब कुछ सामान्य है।इस बार जब भैया गए तो कह गए कि अब उनका आना बहुत कम या नहीं के बराबर रहेगा, उन्हें कनाडा के नागरिकता मिल चुकी है।सयाली और भाभी दोनों ही अब मां बनने वाली है. जीजू के जाने के बाद मैं हर मर्द को उसी नजरिये से देखने लगी, 18 साल का लोंडा हो या 50 साल का बुढ्ढा, मेरी निगाहें हमेशा उसकी कमर के नीचे होती, निगाहें तलाशती रहती कि इसका लौड़ा कैसा होगा, कितना लम्बा या मोटा होगा और अगर यह मेरी चूत में होता तो कैसा लगता. अब मैं उसको कैसे समझाती कि उस वक्त तो मजा आ रहा था… मेरे मुँह से अपने आप आवाज निकल रही थी और इस वक्त एक तो ना चाहते हुये मजबूरी में बेटे से चुदवाने की ग्लानि और पतले से लण्ड से कैसे मज़े की आवाज निकल सकती है.

यही तो कमाल है जवान लौंडों का। अगर झड़ते जल्दी हैं तो तैयार भी कितनी जल्दी हो जाते हैं। मैं उसे हाथ में लेकर मसलने लगी तो मिट्ठू ने मेरी निप्पल को दांतों से काट लिया। आईई ……” मेरे मुंह से हलकी सी किलकारी निकल गई।हटो परे. एक राठौड़ अंकल, दूसरे शर्मा अंकल, तीसरे सिंह अंकल और चौथे राणा अंकल ! सभी एक्स आर्मी मैन हैं।वो सभी मुझे मिले और सभी ने मुझे गले से लगाया. तुम पहले मर्द हो जिसने मेरे पीछे वाले में अपना ये मोटा वाला पूरा अन्दर डाला।’‘मेरी रानी रागिनी, मैं खुश ही नहीं खुशकिस्मत हूँ जो तुम्हारी लाजवाब चूत और मस्त गांड में मेरे लंड को जगह मिली।’उसके बाद करीब एक घंटा हम दोनों वैसे ही नंगे पड़े रहे.

”थारी लुगाई कटे है?”ओह, मेरी शादी नहीं हुई है अभी!” मैं समझ गया गया था कि बिना परिवार के ये मकान नहीं देने वाली. अब मेरा मुँह और जीभ उनकी चूत चाट रही थी और वो मेरा लंड अपने मुँह में अन्दर-बाहर कर रही थी.

की आवाज़ के साथ वो तो फिसल कर बाहर आ गया। मेरी गांड के छेद से सफ़ेद मलाई निकालने लगी जिसे उसने अपनी अँगुलियों से लगा कर मेरे नितम्बों पर चुपड़ दिया। ओह ….

फिर अगले दिन उसके आने से पहले मैंने घर को अच्छे से साफ़ किया, रूम फ्रेशनर का स्प्रे किया !बाज़ार से जाकर उसके लिये ज़ेर्बेरा के फुल और उनके बीच में एक लाल गुलाब वाला गुलदस्ता लाकर फ्रिज में रख दिया। एक बात मैं आप सभी को बताना चाहूँगा कि लड़कियों को ब्लू फिल्मों से ज्यादा एक तन्हाई वाला रोमांटिक माहौल, फूल और हल्का-हल्का संगीत ज्यादा उत्तेजित करता है.

अब उसने अपनी जींस उतारी। मैं पूरे ध्यान से देखने की कोशिश कर रहा था कि मुझे उस टेंट के दूसरे हिस्से में हलचल दिखाई दी। मैंने देखा की लड़कों का एक झुण्ड भी मेरी तरह परदे के पीछे से इस नज़ारे का मज़ा ले रहा है। मैंने सोचा कि जाकर लड़कों को डांट पिलाई जाये लेकिन फिर यह सोच कर रुक गया कि क्या फर्क पड़ता है. चित्रा पहली बार गांड मरवा रही थी इसलिए मैंने पहले उसकी गांड पर क्रीम की मालिश की और फिर उसकी गांड में हल्का सा धक्का दिया तो वो चिल्लाने की कोशिश करने लगी मगर योगी का लंड उसके मुंह में था इसलिए वो चिल्ला भी नहीं सकी. आप ही सोचिये कोई बीस साल की कुंवारी लड़की जो 4-5 इंच का लंड अपनी बुर में लेने के लिए मानसिक रूप से तैयार हो, उसे आठ इंच लम्बा अच्छा खासा मोटा लंड दिख जाए तो वो घबरायेगी या नहीं?मुझे ख्यालों में खोया देखकर अमित बोले- क्या हुआ जान?मैं कुछ नहीं कह सकी, मैंने कहा कुछ नहीं.

वैसे भी मेरी साली को आये चार दिन हो गये थे और मैं अपनी बीवी को भी नहीं चोद सका था. क्या लग रही थी साली! क्या चूत थी कुतिया की!फिर मैं ऊपर हुआ और अपना लौड़ा जबरदस्ती उसके मुंह में दे दिया और उसकी हलक में उतार दिया और 5 सेकिंड तक लौड़ा उसके हलक में ही रखा. मैं तान्या के बारे में ज्यादा नहीं जानता था मगर उसकी हरकतों को देखकर लग रहा था कि उसे पहले भी यह सब करने का अनुभव था.

फ़िर मेरे पीछे खड़ा होकर उसने मेरी चूत में आधा लण्ड घुसेड़ कर मेरी दोनों चूचियों को पकड़ते हुये बाकी का आधा लण्ड अन्दर किया और इसी तरह पांच सात मिनट तक चोदने के बाद वो मुझे और झुका कर मेरी कमर पकड़ कर सटासट सटासट चोदने लगा.

मैं सेंटर टेबल पर इस तरह झुकी थी कि वो मेरी चुंचियां अच्छी तरह देख सके… ऐसा ही हुआ… उसकी नजरें मेरी चुन्चियों पर गड़ गयी. उसकी ब्रा को नीचे किया तो उसके उरोजों को गुलाबी रंग के चूचुक काफी सुंदर लग रहे थे. तभी मुझे एक आईडिया आया, और मैं गिरने की एक्टिंग करने लगा, तो उसी बहाने मैंने उसकी कमर पकड़ ली और फिर ठीक से खड़ा हो गया.

प्रिया फटाफट से खोल ! अब रहा नही जा रहा है।क्या खोलूँ राजा?मैंने कहा- फिलहाल तो सिर्फ़ बोतल खोल, बाकी तो मैं संभाल लूँगा…उसने बड़े ज़ोर से मुझे कोहनी मारी और कहा- बदमाश कहीं के !उसने बीयर की बोतल खोली, एक ग्लास भरा और दूसरा ग्लास लेने के लिए बोतल अपने टाँगों के बीच में रखी. थोड़ी देर बाद हमने एक बार और सेक्स का मजा किया और मैंने उनकी गांड भी मारी ज़िस कारण थोड़ी देर तक तो वो ठीक से चल भी नहीं पाई. ’और उसने एक हाथ से अपनी चूची पकड़ी और मेरे मुँह में डालने लगी… उसके पैर उसी तरह हिल रहे थे.

मेरी आँखें तब भी बंद ही थी… हल्की हल्की चलती ठंडी हवाओं से मेरे खुले बाल मेरे गालों को छू कर होंठो से लिपटते जा रहे थे.

डी बदल दी। उसमें एक लड़का चार औरतो को चोदता है …मैं समझ गया कि ये तीनों भी इसी की तरह चुदवाएँगी।वो तीनों मेरे पास आई और तीनों मिलकर ऊपर से नीचे तक मुझे चाटने लगी. अनिल जब भी अपनी जीभ मेरी चूत में घुसता तो मैं मचल उठती और आगे होने से सुनील का लौड़ा मेरे गले तक उतर जाता.

बीएफ खुला सेक्स वीडियो ज्योंही मम्मी की बुर पर अंकल ने अपना लंड रखा, मम्मी जोर से फुसकारी मारते हुए बोली- अब मुझे न तरसाओ यार! अब चोद दो!अंकल ने भी फुर्ती से अपने लंड को जोरदार धक्का लगाया और उनका लंड मम्मी की चूत में जा घुसा. जैसे ही हम अलग आये तो सोनम ने मुझे एक लाल गुलाब पकड़ाया और मुझे ‘आई लव यू ‘ बोलकर मेरे गले लग गई.

बीएफ खुला सेक्स वीडियो मैं वहाँ प्यार करना चाहता हूँ।’‘मुझे पूरी नंगी कर के सब कुछ तो देख लिया तुमने!’‘रागिनी तुम्हारे चूतड़ सच में किसी भी मर्द का लंड खड़ा कर देंगे। शायद तुम्हारे पीछे चलने वाले मर्द तो अपने पैंट में ही झड़ जाते होंगे!’ मैंने उसका हाथ पकड़ कर पास खींचा और उसका मुँह घुमा दिया और उसके चूतड़ पर हाथ फेरते हुए कहा।‘अच्छा. साला…वो अभी भी इधर से उधर, उधर से इधर टहले जा रहा था… और मुझे ये समझ नहीं आ रहा था कि ये लड़के लोग इतनी गालियाँ सीखते कहाँ से हैं… हमें तो कोई नहीं सिखाता…!!!मैं : एक बात बता तू ! क्यों इतना भड़क रहा है.

”लगभग 20 मिनट तक ताबड़तोड़ चुदाई चली उसके बाद मुझे लगा कि शायद मेरे लण्ड से पानी बाहर आ जायेगा…मैंने आंटी को बताया,”आंटी, अब मैं झड़ जाऊंगा…”नहीं….

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अपनी जांघ सिकोड़ने लगी।अब मैंने उसका पेटीकोट निकलने का निश्चय किया और उसकी डोरी पर हाथ रखा। उसने मेरा हाथ पकड़ लिया- नहीं संजय. मम्मी ने अंकल से कहा- डार्लिंग, जल्दी से इसे मेरे हवाले कर दो!और अंकल मम्मी की टांगों को फैला कर उनके ऊपर चढ़ गए. और अचानक से उसने मुझे नीचे से झटका दिया… और और उसने धक्के लगाने शुरू कर दिए…उसने मेरे दर्द की तनिक भी परवाह नहीं की…बल्कि वो मेरा दर्द भरा चेहरा देख और कामोत्तेजित हो उठ रहा था.

उन की जीभ मेरे मुँह में घूमने लगी और उन के हाथ मेरे बालों में!मैंने उन की नाईटी निकलनी शुरु की, सारे बटन खोल दिये और नाईटी निकाल फेंकी. मैं अब आपके सामने आगे की कहानी प्रस्तुत कर रहा हूँ, आशा करता हूँ यह भी आपको बहुत पसंद आएगी।मेरी घरेलू नौकरानी सोनी ने मुझसे चुद कर संतुष्ट होकर कहा- साहब, अपने मुझे वो सब दिया है जो आज तक मेरे पति ने नहीं दिया है, मैं इसका अहसान कैसे चुकाऊँगी?मैंने भी तपाक से बोल दिया- तू मुझे रोज खुश कर दिया कर. मैं किसी को इस बात की खबर नहीं लगने दूंगी।आरती- भाभी, अगर यह बात किसी को भी पता चली तो मेरी शादी टूट जाएगी।मोना- तू फिकर मत कर.

उसकी बात सुन कर मुझे भी हंसी आ गई और फिर उसका विचार भी सही था इसलिए मैंने तुरंत हाँ कर दी।मैं भी इस फिराक में था कि लड़कियों के साथ रात में शायद कोई नज़ारा देखने को मिल जाए या फिर कोई जुगाड़ ही हो जाये.

दुकानवाला माफ़ी मांगते हुए बोला- अरे, मैं तो मजाक कर रहा था! ही…ही…ही…स्कूल का कार्यक्रम ख़त्म होने के बाद मैं स्कूल के गेट के बाहर खड़ा हो गया. फिर मैंने अपने कपड़े पहने और हस्पताल चली गई,रात को मैं अकेली ही घर होती थी इस लिए वो अनिल और सुनील दोनों रात को मुझे हस्पताल से घर ले जाते और सारी रात मेरी चुदाई करते, सुबह होते ही वो दोनों लोगों के जागने से पहले निकल जाते और मैं बाद में हस्पताल आ जाती. मेरे नाखून उसे गड़ रहे थे। मेरा लंड पूरा उसकी गहराई तक जा रहा था। रागिनी अब मस्त हो चुकी थी.

‘नहीं मैम… नहीं… मुझे छोड़ दो मैम… ‘‘ रोहित… चुप चाप मेरी बात मानो… ‘ मैंने अपनी गीली चूत उसके होटों पर घिसनी चालू कर दी…वो इधर उधर होने लगा… उसके मुंह पर मेरी चूत की चिकनाई फ़ैल गई थी. मैं श्रेया आहूजा, आपकी कमसिन लेखिकाआपको पिछले सप्ताह मेरे साथ बीते हुए उन लम्हों के बारे लिखे दे रही हूँ जिससे आप भी सुनकर कहेंगे- पेल दे पर बेल दे !मैं और मेरा बॉय फ्रेंड विक्की रात दस बजे पार्टी के बाद घर लौट रहे थे ! हम दोनों ज़रा सा शराब पिए हुए थे … दोनों में सुरूर था. ”लगभग 20 मिनट तक ताबड़तोड़ चुदाई चली उसके बाद मुझे लगा कि शायद मेरे लण्ड से पानी बाहर आ जायेगा…मैंने आंटी को बताया,”आंटी, अब मैं झड़ जाऊंगा…”नहीं….

तभी मेरी मम्मी ने मधु को अर्धनग्न देख लिया …सुनील क्यूँ परेशान कर रहे हो बेचारी को …चलो दोनों टेबल पर रखे रसगुल्ले खा लो …मधु अपने कपड़े पहन कर जैसे जाने लगी, मैंने उसे कहा- आज रात को आना ! घर पर पापा नहीं रहेंगे …रात हो चली थी. इसके चुदाई के बाद मैं मौका देख कर रोज़ भाभी की चुदाई करता हूँ और हम दोनों बहुत खुश हैं.

वहाँ मैंने जींस और टीशर्ट पहनी ब्रा और पेंटी के ऊपर ही, और तुरन्त बाहर निकल कर घर के लिए बस पकड़ ली. तुम तो लड़कियों की तरह शर्मा रहे हो ?” वो खिलखिला कर हंस पड़ी।अब तक गोली ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया था। अब मुझे भी जोश आ गया मैंने कहा, हाँ की है 3-4 को चोद चुका हूँ ?”जीयो मेरे राजा … फिर तो मज़ा इच आ जाएगा आज ?”क्या मतलब ?” मैंने हैरानी से उसकी और देखा तो बोली अच्छा बताओ तुम्हें किस आसन में सबसे ज्यादा मज़ा आता है ?”वो. दोस्तो, यह तो है मेरी पहली चुदाई अपनी जिंदगी की और मस्त चुदाई जल्दी लेकर आऊँगी, तब तक के लिए अलविदा।[emailprotected].

मगर मेरी मर्दानगी के आगे कहाँ टिक पाती, मैंने फिर से उसके पलंग पर पटक दिया और उसके लहंगे को ऊपर कर, उसकी चड्डी उतार फेंकी.

उन की सिसकियाँ और बढ़ गई- आआह्ह्ह ओह्ह्ह् ओफ्फ्फ उम्म्म अह्ह्ह्हअउन की चूत इतनी गीली थी कि मेरा लंड हर धक्के के साथ अंदर समाता जा रहा था, थोड़ी ही देर में मेरा पूरा लंड अंदर समा गया. बस मन कर रहा था कि कोई लड़का आये और मेरी कुंवारी गाण्ड में अपना लंड डाल दे! पर डर लगता था क्यूंकि मैं कुंवारी थी और मैंने सुना था कि गाण्ड मरवाने में बहुत दर्द होता है. ”सच चाची? तब तो मैं आपकी मदद जरूर करूंगा, पर एक बात बताओ चाची, तुम्हारे संग ऐसा काम करना पाप तो नहीं होगा?”मैंने कहा,”अरे पगले, पाप तो जब है कि हम किसी को कोई कष्ट पहुंचाएं। मुझे तो तुझसे करवाने में मज़ा मिलेगा। देख, अगर तू मुझे खुश रखेगा तो बात घर की घर में ही रहेगी और जरा सोच यही काम मैं बाहर करवाती फिरूँ तो तेरे चाचा की कितनी बदनामी होगी।”ठीक है चाची, मैं तैयार हूँ….

काले हाई हील वाले सेन्डिल और लम्बी मरमरी टांगें और मलाई सी गाण्ड देख बहादुर के मुँह से लार टपकाता सोचने लगा- क्या गज़ब की गाण्ड है, अगर इसकी गाण्ड पटाका है, तो चूत तो धमाका होगी. अब मैं सोचने लगी कि यदि अब कोई आकर दरवाजा खटखटाए तो हम दोनों को इस तरह अकेले देखकर क्या सोचेगा.

दोनों का पानी निकल गया, मेरा पूरा पानी उसकी चूत में समां गया और उसके पानी से मेरा पूरा लण्ड भीग गया।5 मिनट तक हम आँखें बंद करके एक-दूसरे के ऊपर लेटे रहे, उसके बाद अलग हुए और हमने दो बार और चुदाई की।आगे आपको बताऊँगा कि कैसे कॉलेज के बाथरूम में मैंने रंजना को चोदा।2194. फिर मैंने चित्रा को अपनी बाहों में समेटा और उसे बिस्तर पर लिटा दिया और जीभ से उसकी चूत चाटने लगा वो तो जैसे पागल हो उठी. अब वो मेरे पास आ गया और बोला- भाभी, कैसा लग रहा है? मुझे तो बहुत मजा आ रहा है भाभी!और वो जोर-जोर से दबाने लगा.

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मेरा दिल-दिमाग एक दूसरे से संतुलन ही नहीं बना पा रहा था।तभी पलक बोली- चल यार, भूख लग रही है, खाना खाते हैं।और तब मैंने ध्यान दिया कि उसकी आँखें गीली हो चुकी थी।हम दोनों वहाँ से उठे, मैंने अपनी चप्पल हाथों में ही ले ली और और खाना खाने के लिए चल दिए।कहानी अभी बाकी है।.

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फिर काफी देर तक बाहर कोई हलचल नहीं हुई तो लगा कि वो चला गया।फिर हमने फटाफट कपडे पहने। अनु से मैंने उसकी पैंटी ले ली और कहा- इसे मैं ही रखूंगा, यह तुम्हारी मेरे पास निशानी के तौर पर रहेगी. मैं नाइटी तो उतार दूँ ?”मैंने अपनी नाइटी निकाल फैंकी। वह तो पहले से ही नंग-धड़ंग था, उसने झट से मुझे अपनी बाहों में भर लिया। वो मेरे मम्मों को चूसने लगा और अपना एक हाथ मेरी लाडो पर फिराने लगा। मैं अभी उसका लण्ड अपनी लाडो में लेने के मूड में नहीं थी।आप हैरान हो रहे हैं ना ?कहानी अगले भागों में जारी रहेगी।आपकी नीरू बेन (प्रेम गुरु की मैना). देवी देवताओं की सेक्सी वीडियोआगे मेरी ज़िंदगी में कैसे-कैसे मोड़ आए यह मैं अगली कहानी में बताऊँगा और आप मुझे मेल करके बताइये आपको यहाँ तक की मेरी कहानी कैसी लगी.

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फिर मैं अपने पैरों को धीरे धीरे ऊपर करने लगा, उसके पजामे के ऊपर से ही मैंने अपने पैरों से उसके घुटने सहलाने लगा. शायद एक साथ !इंस्पेक्टर अपनी पैंट उतारने लगा … एक जवान ने मेरी टॉप उतारी … दूसरे ने स्कर्ट !अब सिर्फ ब्रा-पैंटी रह गई थी. इस आसन में रीटा का दाना बहादुर के लण्ड के साथ अंदर-बाहर होने लगा तो रीटा की चूत तितली सी फड़फड़ा उठी और रीटा फट से झड़ती चली गई- बूम बूमम बूमममम!मिनमीनाती रीटा ने बहादुर के चूतड़ों में अपने नाखून घोंप दिये.

फिर उसका कांपता हुआ हाथ मेरे मम्मे की तरफ बढ़ा और एक ऊँगली से उसने आईसक्रीम उठाई और फिर मेरे मुँह में डाल दी। मैंने उसकी ऊँगली अपने दांतों के नीचे दबा ली और अपनी जुबान से चाटने लगी।उसने खींच कर अपनी ऊँगली बाहर निकल ली तो मैंने कहा- क्यों देवर जी दर्द तो नहीं हुआ. मुझे वो दृश्य बार बार याद आ रहा था और मैं समझ गया था कि अंकल और मम्मी अभी और मिलेंगे, इस कारण मैं घर पर ही पढ़ाई करते बैठा हुआ था. यह कह कर वो मेरे लौड़े को ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी और अपने हाथों से मेरा मुठ मारने लगी.

वो मेरी जीभ को चूसता जा रहा था…फ़िर थोड़ी देर बाद कहा- साली क्यूँ नहीं चुदवाएगी अब मुझसे…मैंने नाटक करते हुए कहा- आज कल आप मेरे वेतन बढ़ाने पे ध्यान नहीं दे रहे हैं….

मैं आज आपको अपनी जिन्दगी की दो साल पुरानी एक घटना बताने वाला हूँ जो मेरे साथ हुई थी. वो इशारा कर रही थी कि चुदवा लो… आह, पर कैसे… बॉबी क्या सोचेगा… तभी बॉबी ने मेरा हाथ पकड़ कर अपने लौड़े पर रख दिया.

तब बहादुर ने रीटा की फड़कती फुदकती और उछलती चूत में एक झटके से अपना लण्ड ठोक दिया तो बेचारी रीटा की अपनी सुधबुध खो बैठी. मैंने उसे धीरे से आंख मारी।महिमा हंस पड़ी और पूछने लगी- मैम ! मैं भी कल पढ़ने आऊं?’0451. यह थी मेरी पहली चुदाई!आपके जवाबों का इंतज़ार है और बाद में अपनी चूत में घुसे दूसरे लौड़े के बारे में बताऊँगी.

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चुदाई का स्वाद नहीं चखी ना तू … जाकै देख तेरी माँ क्या कर री … चुदरी होगी … तेरा बाप बांका मर्द है … घोड़े की तरह …. कहानी शुरू करने से पहले बता दूँ कि यह अन्तर्वासना पर मेरी पहली और सच्ची कहानी हैं. इसी बीच मैंने एक और जोर से धक्का लगाया और लंड अंदर चला गया, फिर मैं रुका रहा और उसे चूमता रहा और उसकी चूचियाँ मसलता रहा.

ज़ब हम गेट के पास पहुँचे तो उसने फिर से मुझे पकड़ लिया और एक प्यारी सी पप्पी दी और बोली- अगली बार और मजे करेंगे. वो बोली- नहीं यार…तो मैंने कहा- शर्माओ मत फिर!हम लोग बात कर रहे थे पर उसकी नज़र मेरे लण्ड पर थी और मेरी नज़र उसकी उभरी हुई चूचियों पर…मन में चल रहा था कि कूद जाओ उस पर… पर मन काबू में किया हुआ था. चोदने वाली सेक्सी फुल एचडी वीडियोओह सुन ले…!! चल छोड़ तू अपनी कॉपी दे…काफी देर उसके सामने हाथ बढ़ाये रखने के बाद भी जब उसने मुझे कॉपी नहीं दी तो…मैं झल्लाते हुए : दे ना.

प्रेषक : जोर्डनसोनिया ने चार गुंडों को घायल किया था और शायद उनमें से दो मरने की हालत में थे… अब करीब 6-7 गुंडे और बचे थे जो फायरिंग कर रहे थे जिसकी वजह से दो हवलदार भी घायल थे। सोनिया ने पीछे छोड़े चार पुलिस वाले भी वायरलेस पर मेसेज देकर अंदर बुला लिए। उन्होंने भी आते ही फायरिंग शुरू कर दी और बेचारे गुंडों के सारे आशाएँ खत्म हो गई….

सप…”राहुल ने निखिल का सर पकड़ लिया और हल्की-हल्की आह भर के अपना लंड चुसवा रहा था। उसकी आँखें नशीली हो गई थी।करीब दस मिनट तक निखिल राहुल की जांघों से लिपटा उसके लंड को ऊपर से नीचे तक चाट-चाट कर चूसता रहा। अब राहुल से रहा नहीं जा रहा था।उठ. उसमें से एक मुझे काफी सुन्दर लड़की की प्रोफाइल में उसका फोटो दिखा, शायद शादी के पहले का फोटो था.

बात उस समय की है जब मैं बारहवीं की परीक्षा पास करके अपने गाँव वापस आया।शहर में रहकर मैं बहुत बिगड़ गया था और चूत का आशिक बन गया था क्योंकि मैंने सुना था कि सांप और चूत जहाँ दिखे वहीं मार देनी चाहिए. मनोज बोला- भैया, अब आप ऊपर आ जायें! मैं थोड़ा देखूँ कि चूत में डालने का क्या मजा होता है! पहली बार चूत में डालूँगा ना!अरे क्यों नहीं भाई! आओ, तुम्हारे लिए तो यह बहुत प्यासी है! मेरे छोटे से लिंग को यह बहुत मजेदार समझती है. इतनी सी देर में जाने क्या से क्या हो गया। आभा को चोदने की ललक मुझमें बढ़ने लगी। इतना कुछ होने के बाद चुदाई में देरी क्यूं करूं….

तभी मुझे उस रात की याद आई जब घर पर मेरे और भाभी के अलावा कोई नहीं फिर भी मुझे भाभी के कमरे से भाभी और उनके साथ किसी मर्द की आवाज आई थी.

अचानक देखा कि कोई मेरे बेडरूम की खिड़की में चढ़ गया है, थोड़ी देर तक तो मैंने ध्यान नहीं दिया फिर कुछ हलचल हुई तो परदा हटा के देखा तो चाँदनी थी. मैं अपने आप को उनसे छुड़ाने का स्वांग करने लगी… क्या करूँ! करना पड़ता है ना… लोकलाज़ भी तो कोई चीज़ है ना! अह्ह्ह्ह वास्तव में नहीं… वास्तव में तो मैं चाह रही थी कि वो मेरा अंग अंग मसल डालें… मेरे ऊपर चढ़ जायें और मुझे चोद दें… पर हाय रे… इतनी हिम्मत कहाँ से लाऊँ… कि जीजू को ये सब कह सकूँ. ऐसा न हो कि प्रेम की राहों में मैं अपने सबसे प्यारे दोस्त को भी न खो दूँ… साथ ही साथ मेरे मन में एक और बात थी जिसका जवाब मुझे ढूंढे नहीं मिल रहा था… वो था उसका उसकी उम्र में इतनी बड़ी सोच रखना.

सेक्सी वीडियो चुदाई हिंदी वालीरात को अमित का फ़ोन आया- कल का क्या प्रोग्राम है?मैंने कहा- कुछ नहीं! आप बताएँ!तो बोले- कल कॉलेज बंक करो, मैं भी ऑफिस नहीं जाता! मेरे घर आ जाना, दोनों मिलकर अच्छा सा खाना पकायेंगे, खायेंगे. यह दूसरी रात की बात है, जब सब सो रहे थे कि अचानक मुझे अपने पैर पर किसी का हाथ महसूस हुआ.

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कुछ देर मैं हल्की सी नींद में था, तभी मुझे लगा कि मेरे बगल में कोई है जिसका पैर मेरे पैर से लग रहा था. सोनिया की मम्मी-2से आगे की कहानीप्रेषक : राज कार्तिकदोस्तो,आपने मेरी कहानीबुआ हो तो ऐसी-1औरसोनिया की मम्मी-1पढ़ी और पसंद की, धन्यवाद. फिर कब मिलोगे?मैंने कहा- तुमने मुझे पहला सेक्स अनुभव कराया है! तुम जब बोलोगी, मैं हाजिर हो जाऊँगा.

कुछ अंकल के अहसान, कुछ नई उमंग और कुछ अनजानी सी चाहत ने मेरे मुँह से हाँ निकलवा दी. उस वक्त उनको देख कर मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया और जब चाची बाल सुखा कर आई वो भी मेरे लंड को देख कर मेरे पास आकर मेरे गले लग गई और बड़े प्यार से बोली- बताओ ना ? क्या करूँ मैं तुम्हारे लिए ?मैंने कहा- ठीक है, बताता हूँ !आगे क्या हुआ जानने के लिए अगली कड़ी का इन्तजार करिये और आपने मेल मुझे भेजते रहिये।अभी आप मुझे मेल करिये आप को मेरी कहानी कैसी लगी …. सुनील- अच्छा बाबा, जैसे तुम ठीक समझो … कम से कम मेरे फ्लॅट में जाने में तो तुमको कोई दिक्कत नहीं है … या वहाँ के लिए भी कोई बहाना सोच कर रखा हुआ है?सोनिया- तुम्हारा फ्लॅट!सुनील- हाँ मेरा फ्लॅट, अब ज्यादा आना-कानी मत करो … चुपचाप चलो अगर नहीं डरती इन चीज़ों से तो ! और अगर डरती हो तो तुम यहीं रहो … पर काम के सिलसिले में जिंदगी में किसी भी तरह की आगे कोई मेरे से मदद की उम्मीद मत करना.

पिछला भाग:जीजू के साथ मस्त साली-1जीजू मेरी गांड मारने लगे, मैं बोली- जीजू, रहम करो! आप मेरी गांड को बख्श दो, मेरी फ़ुद्दी चोद लो!मुझ बावली को क्या पता कि मेरा जीजा तो चाहता ही यह था. मैंने कहा – मुझे क्या बेवकूफ समझ रखा है, मैंने तुम्हे इसे अपने बैग से निकालते हुए देखा है और इस पर तुम्हारा नाम भी लिखा है. तुमने तो ए सी और डी सी दोनो ही सही कर दिए… पर हवा-पानी बदलने के लिए कल फिर आना पड़ेगा !”कोई गल नई जी, मैं कल फेर आ के ठीक कर जावाँगा जी !”जस्सी अगले दिन फ़िर आने का वादा करके चला गया और मैं एक बार फिर से बाथरूम में चली गई।आपको मेरी यह गाण्ड चुदाई कैसी लगी?मुझे और प्रेम गुरु को ज़रूर बताना !आपकी नीरू बेन (प्रेम गुरु की मैना).

मैं 21 साल का हूँ और अभी तक मेरा लण्ड जो बहुत दमदार है अपनी पहली चूत का इंतजार कर रहा है।. कुछ ही देर में हम दोनों सामान्य हो चुके थे… और एक दूसरे को प्यार भरी नजरों से देख रहे थे… हम दो बार झड़ चुके थे…पर तरोताजा थे… थोड़ी देर के बाद हमने कपड़े पहने और फिर मैं अपने कमरे में आ गया.

हेल्लो दोस्तो, पहले तो अन्तर्वासना को मेरी कहानी अन्तर्वासना में प्रकशित करने के लिए धन्यवाद और आप सभी दोस्तों को प्यार जिन्होंने मुझे मेल किया.

मैं हूँ विक्की! हरियाणवी हूँ, पर उड़ीसा में पला-बड़ा हुआ और मुंबई में जॉब करता था… आज मैं दिल्ली में जॉब करता हूँ।उम्र 24 साल,. सेक्सी दवा बताइएमैंने उसके नर्म-नर्म होंठों को चूमना शुरू किया। यह मेरे ज़िन्दगी का सबसे यादगार चुम्बन था……. अब सेक्सी वीडियोएक दूसरे के होंठों पर चुम्बन लिए, फिर कपड़े पहन लिए।ये सिलसिला अब रोज़ की तरह चल पड़ा। मैं रोज़ उसे चोदता और वो रोज़ चुदती। इसी प्रकार हमें एक-दूसरे से प्यार हो गया और हम अब गर्लफ्रेंड और ब्वॉयफ्रेण्ड हैं।आपको मेरी ये कहानी कैसी लगी? आप मुझे ज़रूर ईमेल करें. बात यह है कि…’‘अरे बोल ना! शरमा क्यों रहा है?’‘चाची… बात यह है कि जब से मैंने तुम्हारे होंठों का रस चखा है मेरी रातों की नींद उड़ गई है.

मानो कह रहे हो- आओ मेरा रस चूस लो!इस पहली मुलाकात में ही रागिनी ने मेरे लंड को मानो चोदने की दावत दे दी थी। यह सोच मुझे परेशान करने लगी कि इसे कैसे चोदा जाए! एक तरफ़ मैं सोच रहा था कि ये मेरी बीवी की ख़ास सहेली है.

जीजू मज़ा आआ रहाआआ रहाआ है… जीजू तुम चुदाई के भी मास्टर हो। (मेरे जीजाजी सरकारी स्कूल में अध्यापक हैं) क्या चोदते हो यार ! वास्तव तुम किसी को आनन्द दिला सकते हो। एक साथ दो को संतुष्ट कर सकते हो ऊऊउ …. ।”मैं थोड़ा रुक गया और फिर एक बार अपनी सांसों को खींचा और पूरी ताकत से जोर का धक्का मारा…… आंटी बुरी तरह से चीख उठी।गनीमत थी कि आंटी ऊपरी मंजिल पर रहती थी और वहाँ कोई नहीं होता था ! नहीं तो आंटी की इस चीख से सबको पता चल जाता।उनकी आँखों में आंसू आ गए। मैंने उन्हें सॉरी बोला। मेरा लण्ड उनकी चूत में पूरा समां गया था। पर आंटी लगातार कराह रही थी, उनके मुँह से ओह्ह्ह…. और तो और वो समझेंगे भी नहीं कि यह सिर्फ दोस्ती है… और इससे ज्यादा कुछ नहीं…मैं इस बात से परेशान नहीं थी की घरवालों को पता चला तो क्या होगा.

अभी तो हमने अच्छे से बातें भी नहीं की!‘अब तो मैंने तुम्हें अपना फोन नम्बर दे दिया है, रात को जब जी चाहे फोन कर लेना. वो मेरे पापा के सामने कम आते थे पर पापा के चले जाने के बाद अंकल एक न एक बार जरूर आते थे. वहाँ मैंने जींस और टीशर्ट पहनी ब्रा और पेंटी के ऊपर ही, और तुरन्त बाहर निकल कर घर के लिए बस पकड़ ली.

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मैं बहुत थक गई थी… हम सभी ने एक एक पैग और लगाया। मेरी गाण्ड अभी भी दर्द कर रही थी… मगर पैग के बाद मुझे फिर से सरूर होने लगा था. वो अपनी टी-शर्ट उतारने को नहीं मान रहा था, तो मैंने उसकी टी-शर्ट अपने दोनों हाथों से ऊपर उठा दी।वो टी-शर्ट को नीचे खींच रहा था और मैं ऊपर. वो फिर रुक गया और धीरे-धीरे लण्ड अन्दर बाहर करने लगा…थोड़ी देर के बाद जब मुझे दर्द कम होने लगा तो मैंने अपनी टाँगें उसकी कमर के साथ लपेट ली और अपनी गाण्ड को हिलाने लगी…वो समझ गया… मैं उसका पूरा लण्ड लेने के लिए तैयार थी…तभी उसने एक जोर का झटका दिया और पूरा लण्ड मेरी चूत के अन्दर घुसेड़ दिया… अह्ह्ह्ह.

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मतलब वो भी चुदाई का मज़ा लेने लगी थीं।तो मैंने भी एक बार में पूरा लंड बाहर खींच कर वापस एक ही झटके मे पूरा ठोक दिया।30 मिनट की ज़ोरदार चुदाई में भाभी 4 बार झड़ीं।अब जब मैं झड़ने वाला था तो मैंने भाभी से कहा- भाभी मैं झड़ने वाला हूँ.

मेरी दीदी की शादी हो गई है लेकिन अब भी जब हमें मौका मिलता है, दीदी मुझसे चुदवा ही डालती हैं।अब आप सब बताये कि इसमें मेरा कुसूर कहाँ है? अगर मैं नहीं चोदता तो दीदी कहीं और चुदाने जाती. ”रंजू कहते हैं ! है ना?”हाँ ! आपने सही अंदाजा लगाया।” कहते हुए वह मुस्कुराई।उदास चेहरे पर क्षणिक मुस्कान भी अच्छी लगी। मैंने उस मुस्कान में मिठास घोलते हुए पूछा,”क्या मैं आपको रंजू कह सकता हूँ?”ओ श्योर. सेक्सी फिल्म निकालमैं यह सुन थोड़ा हैरान रह गया क्योंकि वैसे तो मैं और योगी एक दूसरे से कुछ नहीं छुपाते थे मगर योगी ने मुझे यह बात नहीं बताई थी.

साथ ही मैंने नीना से कहा- तुम प्रशांत को मेरी जानकारी में इस खुलासे की कहानी मत बताना. मेरी मम्मी मेरी दादी का चूस रही थी।तभी मेरी साड़ी में हलचल हुई और मैंने देखा मेरी साड़ी, साया उठा कर मेरी पैंटी नीचे करने वाली मेरी मामी है। मामी मेरा लिंग चूसने लगी और दादी मामी का. देवर ने बेड पर रखा मेरा पैर नीचे किया, दोनों पैरों को थोड़ा फ़ासले पर किया और मेरी कमर पकड़ कर पहले तो आहिस्ता आहिस्ता चोदा फ़िर जैसे ही स्पीड में चोदने लगा.

मेरा सारा शरीर जैसे कांप उठा- देखा कैसा तन्ना रहा है… बहू!”बहू घुस गई गाण्ड में पापा… रसीली चूत का आनन्द लो पापा…!” कोमल पूरी तरह से वासना में डूब चुकी थी. औइ कामिनी!और जैसे ही उसकी ज़बान मेरी चूत पर आई, मैं नशे में उसकी चूत पर गिर पड़ी और उसकी चूत पर प्यार करने लगी और चूसने लगी।हम दोनों की चीखें निकल पड़ी, दोनों के चूतड़ उछल रहे थे।कामिनी मेरे चूतड़ दबा रही थी और अचानक उसकी ज़बान मेरी चूत के छेद में घुस पड़ी तो ऐसा लगा जैसे गरम पिघलता हुआ लोहा मेरी चूत में घुस गया हो, मैं चिल्ला पड़ी उसकी चूत से झूम कर- आ.

हे भगवान्! मेरे मुँह से तो सिसकारी ही निकल गई, आज से पहले मैंने अनीता दीदी को इतना खूबसूरत नहीं समझा था.

सुबह उठते ही कोमल ने चाय बनाई… मैंने उसे समझाया- कोमल देखो, आपस में चोदा-चादी करने से घर की बात घर में ही रहती है… प्लीज किसी सहेली से भी इस बात का जिक्र नहीं करना. वो उठा और बोला- ये लो नेहा जी, जैसी आपकी मर्ज़ी !और इतना कहते ही उसने अपना काला मोटा 8 इंच का लौड़ा मेरी चूत में घुसेड़ दिया। मेरी चूत चरमरा उठी…। मैं कराह उठी. दोपहर को दो बजे मेरे पति और विपिन दोनों आ चुके थे, फिर मेरे पति दिन की गाड़ी से तीन दिनों के लिये दिल्ली चले गये.

चाइनीस सेक्सी गर्ल्स sandeep13जिन लोगो ने मुझे पहले जोड़ा था, कृपया वो फिर से जोड़ लें, पुराना अकाऊँट फेसबुक ने बंद कर दिया है।. मैं कभी टी वी पर फ़िल्म देखता तो कभी मेरी नज़रें रसोई में काम करती उस लड़की की छोटी स्कर्ट के नीचे उसकी गोरी टांगों पर चली जाती.

सेक्सी आंटी की चुदाई का मौक़ा मुझे तब मिला जब शहर में दंगों के कारण कर्फ्यू लगा हुआ था. उसकी सिसकारियाँ मुझे और पागल कर रही थी और कभी कभी मैं उसके निप्पल चबा देता तो उससे उसके शरीर में सिहरन दौड़ जाती थी. अचानक राजू ने मेरी गांड में से अपना लंड बाहर निकाल लिया और मेरे मुंह में लंड डाल कर खड़े आदमी से बोला ‘चल अब तू आ जा बे तू डाल अब गांड में मैं तो झड़ने वाला हूँ.

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मैं खुश हो गया और हम दोनों ने कमरे में आकर यह बात सबको बताई, यह बात सुनकर सभी ने हम दोनों को बधाइयाँ दी और उसके बाद सभी सोनम और मुझको उस कमरे में अकेला छोड़ कर चले गए. इसलिये मुझे लगा कि कोमल को नाराज नहीं करना चाहिये, वर्ना मेरा लण्ड फिर से लटका ही रह जायेगा. मैंने अपना कंडोम निक्कल दिया लेकिन उसकी चूत अभी तक झरी नहीं थी, वो मुझसे कहने लगी- अपने लण्ड को डाले रखो अभी मेरा मन नहीं भरा…मैंने कहा- कंडोम तो अब नहीं है?तो उसने कहा- वैसे ही डाल दो…तब वो सेक्स के चक्कर में अन्धी हो चुकी थी…वो मुझे जोश में लाने के लिए तुरंत लण्ड मुँह में लेकर चूसने लगी… मेरा लण्ड फिर खड़ा हो गया… फिर उसकी चूत ने लण्ड का स्वागत किया.

पर रीटा ने जल्दी ही होश सम्हाल लिया और मस्ती में आकर अपनी गोरी गोरी चिकनी टांगों को हवा में ऊपर उठा दिया तो बहादुर का लौड़ा चूत की कुंवारी गहराइयों में विचरण करने लगा. खैर, अनीता दीदी ने नेहा के गलों पर एक चुम्बन लिया और कहा- मैं जानती हूँ नेहा, तुम दोनों कभी भी ऐसी हरकत नहीं करोगे.

चूत मरवाने के कारण आयशा को काफी दर्द हो रहा था इसलिए आयशा रात को जल्दी से 9 बजे ही सो गई और मैं ज्योति के आने का इन्तजार करने लगा.

स्वाति दीदी बोली कि उन्होंने उनके पुराने बॉस श्यामलाल से मेरी नौकरी की बात कर ली है. अभी उसका लंड पूरा टाइट नहीं हुआ था इसलिए मेरे मुंह आराम से आ गया और मैं फिर से उसका लंड चूसने लगी. मैंने देखा तो गौरी भी अपने कपड़े उतार कर अपनी चूचियाँ मल रही थी, एक अंगुली अपनी चूत में डाल रखी थी और आहें भर रही थी.

मैं अपने हाथ से चिंकी की चूत का छेद तलाशने लगा कि इतने में चिंकी चिहुंक कर उठ बैठी. नहीं तो आदमी को लोल समझ लेती है !ठीक है मास्टरनीजी !मैं तो चाहती हूँ इसी तरह कोई मेरी कमर पकड़ कर एक ही झटके में अपना पूरा लंड मेरी गांड में भी ठोक दे और आधे घंटे पेलने के बाद 8-१० पिचकारी अन्दर ही छोड़ दे…. ”मैंने देखा कि इतनी गर्म चूत तो दोनों बहनों की भी नहीं थी !छोटी छोटी झांटें हाथ में चुभ रही थी और एक मोटा सा दाना भी स्पर्श हो रहा था, मैंने कहा, पारुल जान, यह क्या है?”वो बोली,”यही तो सबसे बड़ी क़यामत है ….

ओ मां… कितना मजा आ रहा था मैं यहाँ बयान नहीं कर सकती…जैसे ही उसका लण्ड मेरी चूत से बाहर आता.

बीएफ खुला सेक्स वीडियो: ”ठन्डे को दुल्हन का इस तरह तड़पना बड़ा अच्छा लगा। वह और जोरों से ऊँगली अन्दर-बाहर करने लगा। दुल्हन पर तो जैसे नशा सा छाने लगा था। उसकी आँखें मुंद गई और वह अपनी कमर व नितम्बों को जोरों से उछालने लगी।ठन्डे ने पूछा,” सच बताओ, मज़ा आ रहा है या नहीं?”दुल्हन ने अपनी दोनों बाँहें ठन्डे के गले में डाल दीं और अपना मुँह उसके सीने में छुपा लिया,” छोड़ो कोई देख लेगा तो…. क्या हुआ सर ?कुछ नहीं चलता हूँ श्रेया …मैंने कहा- कुछ पियेंगे ??उसने कहा- हाँ दूध.

अब हम दोनों एकदम नंगे थे, मैंने अपना मुँह उसकी चूत पर लगाया और अपनी जीभ से उसकी चूत को चाटने लगा. डालना…’राजू ने गांड के छेद पर निशाना लगाया और एक ज़ोरदार धक्का लगा दिया लेकिन उसका लंड मेरी चूत के पानी से चिकना हो रहा था इसलिए फिसल गया और नीचे चला गया. सारे नजारे एक एक कर मेरी आँखों के सामने घूमकर खत्म होते ही मेरी नजर बबलू पर पड़ी उसकी निगाह मेरे ब्लाउज के ऊपर अटकी थी.

!!! हा ह़ा हा हा!!मंत्री मेरी तरफ बढ़ चला, तो भीड़ से आवाज़ आई- मंत्री जी छुइएगा नहीं! कहीं पानी न छोड़ दे राण्ड.

और इधर माँ का बुरा हाल था- आआह्ह्ह ओह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह मह्ह्ह्ह अहाआअफिर मैंने उन की दोनों टांगें फैलाई और बीच में आ गया. उसने मुझ से पूछा कि मेरी कोई गर्ल-फ़्रेन्ड है क्या?मैंने कहा- नहीं!उसने पूछा- कोई मिली क्यों नहीं अभी तक?मैंने कहा- जो मिली, उसकी शादी हो चुकी है. ओ मां… कितना मजा आ रहा था मैं यहाँ बयान नहीं कर सकती…जैसे ही उसका लण्ड मेरी चूत से बाहर आता.