हिंदी बीएफ 2005 के

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अब मैंने भी उसके चेहरे से अपना हाथ फेरते हुये धीरे से उसके गालों से होते हुये उसके होंठों पर अंगूठा टिका दिया. సెక్స్ డబ్ల్యూ డబ్ల్యూमैंने उसे कई बार चोदा और भी कई लड़कियों को चोदा, पर उसे कभी इस बारे में नहीं बताया.

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मैंने कहा- क्या आप आज मेरी बीवी बनोगी … मैं आपको जी भरके प्यार करना चाहता हूँ.हिंदी बीएफ 2005 के: सुलेखा भाभी का तो एक बार रस स्खलित हो गया था, मगर मैं अपने आप पर बहुत देर से संयम किये हुए था.

ट्रेन प्लटफार्म पर लगी और मैं अपनी सीट वाले कम्पार्टमेंट में चला गया.मैंने अपना लंड भी बाहर निकाल लिया था, तो एकता अपने हाथों से उसे भी ऊपर नीचे कर रही थी.

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उसने बताया कि उसके पिता पहले यहीं काम करते थे और इसी क्वार्टर में रहते थे.हम दोनों की लम्बी लम्बी सांसें, एक साथ कराहते सिसकते हुए कमर से कमर टकराने लगीं.

फिर मैंने उनका एक दूध को अपने मुँह से चूसना शुरू किया जिसकी वजह से वो जोश में आकर बहुत खुश हो गई और मेरा साथ देने लगी. हिंदी बीएफ 2005 के वह सब बताने लगी कि मैं अपने बॉयफ्रेंड से फोन सेक्स कर रही थी इसीलिये नंगी थी.

मेरी फैली बाँहों पर सिर रख दिया और मेरे पेट पर हाथ रख कर लिपट सी गई.

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एकदम लंड खींच मुँह में घुसा दिया और सारा का सारा माल मेरे मुंह में गिरा दिया. वो बोली- यह मत करो यार …मैंने बोला- करने दो न …वो बोली- नहीं जानू …मैंने हाथ हटा लिया और उसको अपनी तरफ खींच कर उससे चिपक कर बैठ गया. अचानक सर मेरी तरफ लपके तो मेरे मुँह से घबराहट में निकल ही गया- पिंकी … प्लीज़!पिंकी ने मेरी तरफ घूर कर घृणा से देखा और फिर अपना चेहरा दीवार की तरफ कर लिया.

चाची ने उस समय सलवार सूट पहना हुआ था और उस पर उस समय उनकी चुन्नी भी नहीं थी जिसकी वजह से उसके दोनों बूब्स इतने बड़े गोरे नजर आ रहे थे कि वो मुझे साफ साफ बाहर निकले हुए दिख रहे थे इसलिए कुछ देर तो मैं उसको अपनी चकित नजर से देखता रहा!मैंने उनसे दही माँगा तब चाची ने मुझे बैठने के लिए कहा और वो दोबारा पौंछा लगाने लगी. मैं चौंक गयी और कहा- यहां तो कोई भी आ सकता है और अगर किसी ने देख लिया तो मुसीबत हो जाएगी. उसके बाद मैं उसके पेट पर किस करते हुए नीचे की तरफ आ गया और उसकी चूत पर चूम लिया.

उसके होंठ चूसने के बाद मैं उसकी गर्दन चाटने लगा … अब वो पूरी तरह से तैयार थी. ”मैं प्रेरणा की बात सुनकर स्तब्ध रह गया। सच में मेरे लिए ये सरप्राइज से कम नहीं था। मैंने तो कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि प्रेरणा अपनी मौसी को चुदवाने के लिए मुझे लेकर जायेगी। प्रेरणा की बातें सुन प्रेरणा की मौसी शर्मा कर अन्दर चली गई।यार, ये सब क्या है … मैं तुम्हारी मौसी के साथ कैसे?”तुम शर्मा क्यों रहे हो? कोई ऐसा काम तो मैंने कहा नहीं जो तुम्हें करना नहीं आता. मैंने थोड़ा-थोड़ा करके लंड डाल दिया और धीरे-धीरे अंदर-बाहर करने लगा.

रात को जब मैं पानी पीने के लिए उठा तो मैंने उनके कमरे में जाकर देखा कि उनकी मेक्सी उस समय उनकी गोरी जांघों से ऊपर आ गई थी और मैं उनकी गोरी गोरी जांघें वहां पर खड़ा होकर देखने लगा. मेरे पापा आप जैसे नहीं हैं, उन्होंने कभी मुझसे ठीक से प्यार नहीं किया, इसलिए शायद मैं आप जैसे लोगों से अपनी कमी पूरी करना चाहता हूँ.

अब तो कभी कभी वो मेरे बेडरूम में आकर मुझसे बहुत देर तक बात भी करने लगा है.

वो मेक्सी इतनी जालीदार थी कि उसमें से उनकी छोटी सी ब्रा से उनके 38 साइज़ बूब्स बड़े मस्त कमाल के लग रहे थे!चाची सोने के लिए अपने रूम में चली गई और मैं वहीं उसी हॉल में सो गया.

एक पल मेरे मम्मों को घूर के देखने के बाद वो मेरी गोदी में इस तरह लेट गयी कि उसका मुँह बिल्कुल मेरे मम्मों के पास था. किस करते करते फिर से मैंने एक जोरदार शॉट और मारा, जिससे मेरा आधे से ज्यादा लंड वंदना की चुत में चला गया. जब मैंने रिप्लाइ किया तो पता लगा वह मैसेज किसी 33 साल की तलाकशुदा भाभी का था.

मैं धीरे से उठ कर उसके पास गया और एकदम उसके पीछे सट कर खड़ा हो गया. मेरे लंड का बुरा हाल हो चुका था और वह अब बाहर आने के लिए मुझसे मिन्नतें करता हुआ दर्द करने लगा था. इसके बाद मैंने अपना लंड उसकी चुत के मुँह पर लगाया और ज़ोर का धक्का मारा, तो सिर्फ़ सुपारा ही अन्दर गया.

जब मैं उसके सीने पे किस कर रहा था तो नैंना मेरे बालों में हाथ फिराने लगी.

हर 6-7 हल्के शॉट के बाद एक जोर का शॉट मार देता, ताकि लंड का ख़ौफ़ बना रहे. तेरे चाचा का तो पतला सा है!यह कहते ही वो जमीन पर बैठ कर मेरे लंड को लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी. मैंने बताया था कि अंकल मेरे होते हुए ही घर पर आते हैं, तो शायद उनको मैं आते हुए दिख गया था.

महेश ने अब अपनी गोदी से मेरा सिर हटा दिया और सीट में ही सर रखकर अपना पैंट खोलने लगे. मेरे देवर ने काफी देर इस तरह से चोदने और चूत चूसने के बाद अन्ततः अपना लंड मेरी चूत में डाल कर मुझे धकापेल चोदना चालू कर दिया. लेकिन उनका लुक एक गांव के जवान देसी चोदू ग्वाले जैसा लग रहा था, जो नग्न अवस्था में पशुओं को खाना पानी दे रहा था.

उसने एक बार तो उसने इतनी जोर से चूसा कि मैंने उसे अपने ऊपर से हटा दिया.

मैंने उससे पूछा पर वो इठलाती हुई वहां से अपने कपड़े ले कर दूसरे कमरे में भाग गयी. फिर खुद की ही टॉप अपने जिस्म से अलग कर दिया और अपने कबूतरों को टॉप से आज़ाद कर दिया.

हिंदी बीएफ 2005 के अनु ने सिर्फ इतना कहा- ऐसे मत किया करो यार!मुझे उसकी बात से बहुत गुस्सा आया क्योंकि जब मैं ये करता, तो वह मुझे मारने को हो जाती. काश, तुम मेरी बीबी होती, तो मैं रोज रात को तुम्हें मेरे साथ नंगी सुलाता.

हिंदी बीएफ 2005 के बारहवीं के पेपर भी दे दिए और पेपरों के बाद एक दिन मेरे और शुभम के रिश्ते का घर पर पता चल गया और मेरी खूब पिटाई हुई और मुझे घर पर बिठा दिया गया. चूंकि अब मैं चूत के बिना रह नहीं सकता था और चाची की चूत के अलावा मेरे पास लंड को शांत करने का और कोई उपाय नहीं था.

दोस्तो, मैं अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज की लेखिका निशा … आप सब पाठक मेरी कामवासना से भरपूर कहानियों को पढ़ कर काफी मजा लेते हैं और सराहते हैं.

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उन्होंने मुझसे बोला- ले … मेरे लंड को अपने हाथ से पकड़ और थोड़ा पहले दो चार मिनट अपने मुँह से चूस ले. उधर ऊपर से महेश ने मेरे टॉप और समीज को ऊपर समेट कर गर्दन तक ला दिया. अगर आपको इस कहानी के बारे में अपने विचार रखने हैं तो आप मुझे नीचे दी गई मेल आई-डी पर मैसेज कर सकते हैं.

दीदी के खराटे लेने ई आवाज आने लगी थी, तो हम दोनों ने तय किया कि ट्रेन के टॉयलेट में चल कर चुदाई की जाए. वीर्य को पीने के बाद फिर भी लंड उसने अपने मुंह से बाहर नहीं निकाला और पूरा वीर्य पीकर मेरे लंड को चूसकर साफ़ करने लगी. बस मैं पूरा मस्त होकर उसकी चुत ऐसे झड़ा जैसे कि अपनी पूरी जान उसकी चुत के जरिये ट्रान्स्फर कर रहा हूँ.

मैंने उससे पूछा- आपका नाम सोनू है?उसने हाँ में उत्तर दिया और पूछने लगी- आपको मेरा नाम कैसे पता?मैंने कहा- मालती भाभी आपकी बहुत तारीफ करती रहती हैं.

जब मैं उसकी चूत को किस करता था तो उसके मुंह से कामुक सिसकारी निकल जाती थी। उसको तड़पती हुई देखकर मेरे अंदर का सेक्स और बढ़ता जा रहा था. मैं मन ही मन बहुत डर गया, मुझे लगा, अब वो मेरी शिकायत भैया से न कर दे और वो मुझे रूम से न निकाल दे. गुड़िया ‘आ … आह … ईई … आउ …’ करने लगी, कुछ ही पलों में मैं भी ‘ईसस … येहह … उम्म …’ करते हुए झड़ने लगा.

लिहाजा बगल में रखे हुए थर्मस से गरम पानी निकालकर उसने पहले अपनी चूचियों से लेकर पेट से होते हुए चूत तक की सफाई की. नेहा ने अपनी चूत के होंठों को एक हाथ से पूरा खोल लिया और धीरे से खड़े लंड पर बैठ गई. मैंने उसका हाथ पकड़ कर अपनी पैंट पर रखवा लिया और उसने खुद ही मेरे तने हुए लंड को ढूंढ लिया.

वह दूध लेने की बात कर रहा था और मैं कुछ और ही लेने की फिराक में थी. नेहा के होंठों और गालों पर अब भी मेरा वीर्य लगा हुआ था और उसके मुँह से भी मेरे वीर्य की महक आ रही थी.

मैं बस उसके मन को टटोलने में लगा हुआ था और मुझे पता चल गया था कि मन तो इसका भी कर रहा है लेकिन यह बदनामी के डर से कुछ नहीं कर पा रही है. मैंने मजबूरी वश पिंकी के चेहरे की ओर देखा तो उसकी नज़रें मेरी नज़रों से मिली मगर उसके हाव-भाव से मुझे लगा कि वह नहीं कर पाएगी. अब मुझे कुछ सुनाई नहीं पड़ रहा था सिवाए इसके कि इस डिल्डो को अन्दर बाहर किया जाए.

मेरी सहेली के भाई ने मेरे मम्मों को चूसने के बाद मेरी पेंटी को भी निकाल दिया और मैं उसके सामने एकदम नंगी हो गयी.

मेरे हाथ उसके मम्मों पर चल रहे थे, मैंने उसकी कुर्ती में हाथ डालकर उसके मम्मों को दबाना शुरू किया. फिर नाइट में जब मैं उठा तो देखा कि भाभी का गाउन घुटनों तक हो गया था और ऊपर से उनके थोड़े थोड़े चूचे दिख रहे थे. उनके हाथों में इतनी ताकत थी कि मैं बिल्कुल खिलौने जैसे उनके दबाव में आ गई.

थोड़ी देर मेरे नंगे बदन को आंखें फाड़ कर देखने के बाद मेरे जेठ मेरे पैरों की ओर बढ़े, उन्होंने मेरे पैरों की उंगलियों को अपने मुँह में लेकर के चूसना शुरू कर दिया. अब हवा में उठाए हुए ही पूजा की एक चूत में दो लंड की चुदाई चालू हो गई.

मतलब मैं एक जबरदस्त माल की तरह तैयार होकर अजय को लेने रेलवे स्टेशन पहुंच गयी. मेरी पिछली कहानीमेरी प्यासी चूत में जीजू का लंडकी तारीफ़ बहुत सारे पाठकों ने की. मैं उससे और भी बात करना चाहता था लेकिन वहाँ पर बातें करना ठीक नहीं था क्योंकि मेरा काम खत्म हो गया था और मुझे वहाँ से वापस आना था.

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मन तो मेरा भी बहुत करता था कि किसी दिन उसको पकड़ कर चोद दूँ लेकिन अभी जल्दबाज़ी ठीक नहीं थी.

और मुझे अपनी कहानियों में क्या बदलाव की आवश्यकता है? मुझे नीचे दिए गए ईमेल पर ज़रूर बताएं. इतने दिन मैं उनका तिरस्कार कर रही थी, इतने दिन मैं उनके बड़े मूसल का फायदा नहीं उठा सकी, इसलिए मैं खुद को कोस रही थी. मेरे बॉयफ्रेंड्स आज भी मुझसे सेक्स करने के लिए बोलते हैं, लेकिन मैं अपने पति की वजह से अपने बॉयफ्रेंड्स से नहीं चुदवाती हूँ.

सभी से मुलाकात के बाद मैं मेरे दोस्त के साथ घर में काम करने लगा कि तभी सामने से आ रही एक सुंदर गोरी औरत पर मेरी नजर पड़ी. मैं- अब तुम आनन्द लो …यह बोल कर उसके काँधे से हाथ हटा कर उसकी जांघ के बीच रख दिया।मानसी- कोई देख लेगा।मैं- देखने दो … कौन पहचानता है यहाँ हमें!और दो उंगली उसकी चूत पर भिड़ा दी. माल कैसे पटाते हैंमैं चुदासी सी बोल उठी- जेठ जी … यार अब मत तड़पाओ, मेरी चुत कब से आप के लंड के लिए तरस रही है.

जिससे हम दोनों एक दूसरे से गंदी चैट भी करते और फोटो और ब्लू फिल्मों के क्लिप भी देखते. भाभी बोल रही थीं- आराम से राजा … आज मैं पूरी रात तुम्हारी हूँ … जो जी चाहे कर लो … मुझे रात भर खूब चोदो … गांड मारो, मेरी चुत को खा जाओ.

दस मिनट में उसने मुझे 2 बार कस कस के पकड़ा था मतलब वो 2 बार झड़ चुकी थी. मैंने अपने चपरासी को आवाज़ लगाई- ये ऑफिस रूम में क्या खुसुर फुसुर चल रही है, ज़रा मुझे भी तो बताओ?मेरे चपरासी शिवा ने मुस्कुराते हुए कहा- सर, वो आज अपने स्कूल में एक नयी टीचर आई हैं, सभी उनके ही बारे में बातें कर रहे हैं. सोनू भी रोमांच से भर गई और कहने लगी- राज बात तो तुम ठीक कह रहे हो, मम्मी के चूतड़ तो मेरे चूतड़ों से कहीं ज्यादा भारी हैं.

मगर जब मैंने स्टेशन पर उसको देखा तो वो एकदम किसी फिल्मी एक्ट्रेस की तरह लग रही थी. मेरी उम्र 22 साल है और मेरी लम्बाई लगभग 6 फुट है, मैं 19 साल की उम्र में ही एयरफोर्स में जॉब लग गया था इसलिए मेरी बॉडी हमेशा से शानदार रही है. तुम मेरी छोड़ो … अपनी बताओ कितनी गर्ल फ्रेंड हैं तुम्हारी?मदन ने कहा- सर मुझे लड़कियों में कुछ खास इंटरेस्ट नहीं है, पता नहीं क्यों पर मुझे परिपक्व आदमियों से बात करना अच्छा लगता है … जैसे आप! मैं एक होमोसेक्सुअल हूँ.

फिर मैंने उसके टॉप को ऊपर करवा दिया और उसकी ब्रा के ऊपर से ही उसके बड़े-बड़े सॉफ्ट बोबों को दबाने लगा.

और फिर शाम को मैं एक बोतल व्हिस्की लेकर आया और हमने साथ साथ पी, रात भर मज़े किए. नेहा ने मेरे हाथ को पकड़ कर खींचने की कोशिश भी की, मगर कामयाब नहीं हो पायी.

लंड पर साबुन लगाकर मैं स्टूल पर खड़ा होकर सुनीता को देखकर मुठ मारने लगा. अब मुझमें इतनी भी हिम्मत नहीं बची थी कि मैं उठ कर बाथरूम में जाकर अपनी चूत को साफ़ करके अपने कपड़े पहन सकूं. मैंने भाभी के गोरे बदन को हर जगह चूमा और उनके हुस्न की मुक्त कंठ से तारीफ की.

फिर दिन भर अपनी उसी व्यस्क साइट पर लगी रही और शाम 7 बजे माइक और मुनीर का कैमरा मेरे सामने था. दो मिनट लिपटे रहने के बाद मियां उठ गया और अपने कपड़े पहन कर अनवर से बोला कि अब तू भी जल्दी से निपटा दे. वे बोले- मेरा नाम पूरा विक्रम प्रताप सिंह है, सब लोग मुझे दादा साहब कहते हैं, पर तुम्हारे लिए सिर्फ तुम्हारा राजा, तुम्हारा डार्लिंग, तुम्हारा ब्वॉयफ्रेंड हूं.

हिंदी बीएफ 2005 के नूपुर बोली- आप मेरा मजे ले रहे हो?मैंने कहा- ऐसे मौके बार बार भी तो नहीं आते हैं. एक दिन मैंने छत पे बैठे हुए अरुणा से पूछा- तुम्हें किस प्रकार के मर्द पसंद हैं?इस पर उसका जवाब हैरानी भरा था कि उसे थोड़े सांवले और कद में औरत से करीब एक फीट लम्बे मर्द पसंद हैं और उसके शरीर पर घने बाल होने चाहिए.

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थोड़ी देर चूसने के बाद वो अपने घुटने मेरी कमर के अगल बगल बेड पर टिका कर बैठ गयी. इससे भाबी और ज्यादा उत्तेजित हो कर मुझे गालियां देने लगी- मुदित भोसड़ी के … उम्म्ह… अहह… हय… याह… मादरचोद चोद डाल मुझे … बुझा इस कुतिया की प्यास आह कुत्ते बहनचोद … आ न आह!उसकी गालियों ने मुझे और उत्तेजित कर दिया. जैसे ही मालती का मुँह मेरी चूत पर पड़ा, तो मैंने उसके सर को बहुत जोर से दबा दिया और मैं तो अब मानो असके सर को चूत से हटाना ही नहीं चाहती थी.

तभी जो बुड्ढे मियां ने अनवर को बोला- अबे यह लड़की पागलपन की हद से ज्यादा सेक्सी है. मैंने आंटी से पूछा- क्या हुआ?तो आंटी जी बोलीं- लगता है आते ही पहला राउंड ले लिया तुमने मालिनी के साथ, कम से कम आज तो आराम करने देते. सेक्सी पिक्चर खेलने वालीमैंने पॉंड्स क्रीम निकाली और सन्नी की गांड के गुलाबी छेद पर धीरे धीरे मलने लगा.

मैंने भी कुछ खास मना नहीं किया।फिर वे मेरे होंठ चूसने लगे, कभी मेरे निप्पल दबाते, कभी मेरी चूत पर हाथ फेरते। मैं खूब गर्म हो चुकी थी मैंने उनसे कहा- अब चोद ही डालो ना मुझे।तब हम दोनों चुदाई में मगन हो गए.

10 मिनट के बाद मैं मामी के रूम में जाने लगी यह सोचकर कि उनको कुछ काम होगा. तीसरी बोली- साले से कल कहा था कि अपने पेरेंट्स से बात करो तो बोला नहीं अभी बड़े भाई की शादी होनी है, फिर बहन की होगी … तब मेरा नंबर आएगा.

ये सोच तू कितनी गरम और चुदासी है कि इतने बड़े मोटे विदेशी नीग्रो के लंड तेरी गांड और तेरी चूत में डले हैं. अब और ज्यादा बर्दाश्त करना मुश्किल था, मैंने प्रिया की चूचियों को छोड़ कर उसे खुद से थोड़ा सा अलग किया और अपने हाथों से उसकी टी-शर्ट को निकालने लगा, मगर अचानक से प्रिया ने मेरे हाथों को रोक दिया और बिस्तर से उठकर खड़ी हो गयी. मैंने उसके चेहरे की तरफ देखा, तो वो आंखें बंद करके मेरे लंड की रगड़ को महसूस कर रही थी.

मेरी तन्द्रा भंग हुई, वह नीचे झुका और अपनी अंडरवियर ऊपर खिसकाने लगा.

नमस्कार दोस्तो, मैं नरसिंह प्रधान, अपनी एक कहानी लेकर प्रस्तुत हूँ. वहां का माहौल बिल्कुल किसी पोर्न फ़िल्म के दृश्य जैसा था, जिसमें चुदाई के चक्कर में दो जिस्मों ने किसी सुनसान रात में कोई अस्त व्यस्त सा फार्म हाउस ढूंढ लिया हो और हल्की रोशनी में मानो भारी चुदाई होने की तैयारी हो. ”मैंने भी नशे के झोंक में कौशल्या को पीछे से कमर के बल उठा लिया और कहा- अब तो हाथ पहुँच जाएगा ना.

सेक्स मूवी एचडी फुलउनको काम से फुरसत ही नहीं है, कभी फ़ोन कर लो तो बस झिड़क कर फ़ोन काट देते हैं. थोड़ी देर बाद मैंने महसूस किया कि वो धीरे धीरे मादक सिसकारियां ले रही है.

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दो दिन के बाद मैंने उसे संदेश भेज दिया कि बुधवार को दिन भर के लिए अकेली रहूंगी. मैंने कहा- अभी तुम्हारी चूत में पूरी जगह नहीं बनी है और मेरा लंड बड़ा है, इसलिए तुम्हें अंदर लग रहा है, यदि यही शॉट मैंने तुम्हारी मम्मी की चूत में मारा होता तो वह झूम उठती. मैंने जैसे ही उसको किस किया, तो वो थोड़ी डरी कि कहीं कुछ होगा तो नहीं ना.

नानाजी चारों तरफ टॉर्च की रोशनी से देखने लगे, लेकिन वे हमें नहीं देख पाए. वो बोली- मैं तो सुबह से प्लान कर रही थीं, जब से मेमसाब का फोन आया था. रवि मुझसे बोले- क्या हुआ, तुम क्यों उछल पड़ी?मैं कुछ नहीं बोली, तभी उन्होंने अपनी उंगली को चूत में अन्दर चलाना शुरू कर दिया और बोले कि तुम तो बहुत सेक्सी और पागलपन की हद तक गर्म हो यार.

उसके बाद कोलकाता आने तक मैंने उसे 5 बार और चोदा, एक बार उसकी गांड भी मारी. तो मैं अपने आप ही बोली- यार तड़पाओ नहीं … सीधे डाल दो, अब मुझसे नहीं रहा जा रहा है. मैंने सब उत्तर देने के बाद फ़ोन रखने की बात कही, पर उसने और बातें बनानी शुरू कर दीं.

दोस्तो, यकीन करना … वो मेरा पहला अनुभव था, मैं मुश्किल से 2 मिनट में आंटी के मुँह में ही झड़ गया. मैंने फिर से गांड में उंगली कर दी और अपनी बाहें उसकी कमर में लेट कर उसको भींच लिया- हांआ.

बातों बातों में उन्होंने बताया कि अब उन्होंने काम देखने के लिए एक आदमी रख लिया, इस वजह से वे घर पर ज्यादा समय रहने लगे.

मैं उसकी बड़ी-बड़ी और गोल-गोल गांड को जब सहलाने लगा तब मुझे अहसास हुआ कि ये तो मखमली गांड वाली माल है. पुराने कपड़े दान करेंलंड चूसते हुए लगभग दस मिनट हो चुके थे और मैं थक चुका था, लेकिन उनकी चुदाई की गति कम होने की जगह और भी बढ़ती ही जा रही थी. कम कीमत की साड़ियांजब उसने मुझे कमरे में लाकर चोदना चालू किया था, तब कंडोम लगा लिया था. बिल्कुल चिकना बदन … एक रोयां तक नहीं था उसके बदन पर … तभी मेरा ध्यान उसकी चिकनी चुत ने खींच लिया, जिसको देखने के लिये तो मैं मरा जा रहा था.

पुनीत ने भी आँख दबाकर कहा- वन्द्या तू मुझसे शादी कर ले, मेरी बीवी बन जा तुझे रानी बनाकर रखूंगा.

मैंने भी एक पीछे की तरफ गांड का जोर का धक्का दिया तो पुनीत का पूरा लंड सट से मेरी गांड में अन्दर तक घुस गया. पहले तो मैंने अपने देवर को मना कर दिया, लेकिन बाद में मैं अपने देवर के मनाने पर मान गयी. वो एक कुर्सी लेकर मेरे पास बैठ गयी और मैं उसे गेम सिखाने लगा। बीच बीच में मौका पाकर मैं अपनी कोहनी से उसके चूचे हल्के से दबा देता था.

मैंने अंकल की तरफ जोर से घूरा कि बगल से दो अनजान व्यक्ति हैं … और आगे मम्मी हैं … तो वो इस तरह की हरकत न करें. नेहा को इस बात का अहसास तब हुआ, जब उसका सार मुँह मेरे वीर्य से भर गया और उसको सांस लेने में दिक्कत होने लगी. उसको शादी में जाने तो नहीं मिला, लेकिन उसी वजह से शादी वाले दिन खाली घर में उसी के बिस्तर पर उसकी धुआंधार चुदाई का मजा हम दोनों ने दो बार उठाया.

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तभी चाची का फोन आया, उन्होंने बोला- तू श्वेता के यहाँ खाना खा लेना, मैं सुबह आऊँगी. अब पायल की चूत को देख मुझसे रुका ना गया और मैंने उसकी टांगें चौड़ी कर उसकी बुर पर अपनी जीभ सटा दी. अजय देखने में भी काफी स्मार्ट था और उसका लंड भी जबरदस्त साइज़ का था.

उन्हें शायद यकीन नहीं आ रहा था कि मैं उनके दरवाजे पर उनके सामने खड़ा हूँ.

मैंने अपनी कमर को झुकाया और अपनी जांघें खोलते हुए अपने नितम्बों को पीछे धकेल सा दिया, मेरी योनि अब लगभग बाहर की ओर निकल चुकी थी.

मैंने उसी पोजीशन में सोनू को उठाकर बैड पर लिटा लिया और उसकी शर्ट के ऊपर के दो बटन खोल कर उसके मम्मे बाहर निकाले और एक मम्मा चूसते हुए उसकी ताबड़तोड़ चुदाई करने लगा. मैंने धीरे से अपने दोनों घुटने पास लाने शुरू कर दिये, उससे उनके स्तन मेरे घुटनों में दब गए. न्यू कैमराप्रशांत के लिए यह अद्भुत था, क्योंकि नीना पहली बार उसके लौड़े को मुख-मैथुन का सुख दे रही थी.

तभी मुझे खिड़की पर किसी के होने का आभास सा हुआ, जिससे मेरी नजर खिड़की पर चली गयी, जो कि हल्की सी खुली हुई थी. इतनी देर में नुपूर दो बार पानी छोड़ चुकी थी, लेकिन मेरा पानी निकलने का नाम नहीं ले रहा था. ये सोच तू कितनी गरम और चुदासी है कि इतने बड़े मोटे विदेशी नीग्रो के लंड तेरी गांड और तेरी चूत में डले हैं.

पहले तो मैंने अपने देवर को मना कर दिया, लेकिन बाद में मैं अपने देवर के मनाने पर मान गयी. फिर मैं नहाया और कॉलेज जाना कैंसिल कर दिया … क्योंकि ऐसा मौका पता नहीं फिर कब आता.

अब ज्यादा समय बर्बाद न करते हुए हम अपनी मनोरंजक कहानी शुरू करते हैं.

पर मैं कहां रुकने वाला था, मैंने उसे करीब 10 से 15 मिनट तक यूं ही बांहों में जकड़े रखा. मैं सोचने लगा कि देखो तो साले अनिल को क्या मस्त सुन्दर सी चूत चोदने को मिली है. जो ये सब कह रही थी, उसका ब्वॉय फ्रेंड अभी यहाँ नहीं था, वरना कसम से मुझे मार ही डालता.

सेक्सी वीडियो ब्रदर बुर साफ करने के बाद वो मेरे पास आई और मेरे लंड को अच्छे से साफ किया. थोड़ी देर बाद वह लड़की फिर पीछे आंगन में आई और मालती भाभी के घर की तरफ इशारा करके बोली कि मैं वहां जा रही हूँ.

कुछ देर किस करने के बाद उसने मेरी टी-शर्ट के ऊपर से ही मेरे बूब्स को दबाना शुरू कर दिया लेकिन अबकी बार मैंने उसे नहीं रोका क्योंकि मुझे भी मज़ा आने लगा था. प्रिया काफी समझदार निकली, वो मेरे होंठों को छोड़कर मुझसे थोड़ा अलग हो गयी और उसने खुद ही अपनी टी-शर्ट को पूरा बाहर निकाल दिया. ”अब क्या करें, आदत से मजबूर हूँ, मेरी चिन्ता करने वाली तो कब का मुझे छोड़ कर चली गयी.

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वो भी मुझे करीब देख कर चौंक सा गया, पर उसकी आंखों में ख़ुशी झलक रही थी. इसी दर्द के वजह से मैं जाग गया था लेकिन पल्लवी अपनी आँखें बन्द किये हुये मुझे लगातार चोदे जा रही थी। अब उसके इस तरह नोचने से मीठे दर्द के जगह दर्द ने ले ली और जिसको अब बर्दाश्त करना मुश्किल लग रहा था. कौशल्या दर्द से चीख उठी- आहह्ह्ह … मर गई …वो मुझे धक्का देकर फट से थोड़ा पीछे हो गयी.

मेरी सहेली का पति मेरी चूत को बड़ी मस्ती से चाट रहा था तो मैं भी अपनी गांड उठाते हुए उसकी पीठ को अपने नाख़ून से नोंचे जा रही थी. मैंने कुछ देर तक चाची के मम्मों को दबाया और ब्रा के ऊपर से ही चूसा.

उसके बाद मैंने राहुल की शर्ट को उतार दिया और उसकी बनियान भी निकाल दी.

उन्होंने कहा- लेकिन तुम तो इतने बड़े हो गए हो और अच्छे भी लगते हो … फिर क्यों नहीं है?मैंने सहज भाव से कहा कि आज तक मैंने कभी भी ऐसा सोचा भी नहीं था. बोलो न चाची रोज रोज चुदवाओगी न मुझसे?चाची- हाँ रे … अब तो रोज चुदवाऊंगी तुम से … तुमको जब भी मुझे चोदने का मन करे … आ कर चोद लेना. परन्तु उस बुड्ढे ड्राइवर ने बोला कि मालिक दो मिनट इसकी गांड मार लेने दो.

फिर फोन बंद करके अमीषा ने मां से बात की और उसको भी मना लिया। इसी से घर की बात घर में रहेगी और किसी को कोई प्राब्लम नहीं होगी।अगले दिन वो आया तो अमीषा ने देखा कि वो माँ से कुछ बात करने लगा. मैं- मैं अकेला क्या करूँगा, करने को तो बहुत तरीके हैं, लेकिन अकेला कुछ नहीं कर पाउँगा. वो ज़ोर से सीत्कारें भर रही थीं- आह ये तूने क्या कर दिया … अब मुझसे रहा नहीं जा रहा है … मेरी जान जल्दी से चोद दो … मेरी चूत में आग लग रही है.

इसके बाद से वो मेरे घर आने लगा और उसने मेरी मॉम से काफी नजदीकी बना ली.

हिंदी बीएफ 2005 के: मैंने कहा- बच्चा रुक गया तो?वो बोली- नहीं रुकेगा … मैं गोली ले लूंगी. उसने थोड़ी मायूसी से जवाब दिया- क्या करूँ सर … वो फौज में है, साल में कुछ दिन या एकाध महीने के लिए ही आते हैं.

मैंने अपने आस पास की बहुत सी भाभी और अपनी गर्लफ्रेंड को चोद कर खुश किया है. मैं सोनू के मम्मों को दबाने लगा और जैसे ही मैंने उसके मम्मों के निप्पल को अपनी उंगली और अंगूठे के बीच में लेकर धीरे-धीरे मसला तो उत्तेजित होकर सोनू एकदम चुदास से भर गई और उसने अपना सिर मेरी छाती से लगा लिया. उन्होंने तो दरवाजा खोला नहीं, तो मेरे को आने में थोड़ा टाइम लग गया.

जैसे ही आंटी के गेट पर मैंने डोर बेल बजाई और सबीना आंटी गेट खोलने आईं, मैं उन्हें देखता ही रह गया.

मेरे पास ऊपर वाले का दिया हुआ सब है, एक तेरे जैसी खूबसूरत आइटम को चोदने की कमी थी, वह भी ऊपर वाले ने दे दिया. थोड़ी देर बाद एक बंदे ने अपना लंड मेरी चुत पर रखा और जोर से धक्का दे दिया. फिर उसने अपने एक हाथ से अपना लंड पकड़ा और मेरे को बोला- वन्द्या तू ऐसे ही खड़े हुए में बता दे.