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क्या तुम्हारे काम में हाथ बंटाने में मेरी कोई जरूरत है?आंटी बोलीं- नहीं बेटा.उसके बाद से वो जब कॉलेज आती तो मैं उसे देखता रहता, उसने भी ये नोटिस किया। कॉलेज में अब मैं उससे थोड़ी बात भी करने लगा था। फिर मुझे लगा वो भी मुझे कुछ देखने लगी है.

मैंने कहा- लाओ दो, क्या घर में कोई नहीं है?अवी ने मुझे कोल्ड ड्रिंक दी और वो खुद खड़ा रहा और मुझे घूरता हुआ पीने लगा. सेक्सी सेक्सी ब्लू फिल्म बीएफ उसने बोला- क्या मेरी साथ दुकान में जाने में शर्म आती है?मैंने कहा- ऐसी कोई बात नहीं.

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अब मैंने उससे कहा कि मैं तेरी गांड मारना चाहता हूँ, उसने साफ मना कर दिया कि बहुत दर्द होगा. मैं उसको दूसरे कमरे में सुला आया और आकर प्रिया भाभी से बात करने लगा. अब उसकी इतनी पॉजिटिव रिस्पांस पाकर मैंने टीवी को चालू किया और उसे पकड़ कर अपने गोद में बैठा लिया और बोला कि अब बोल भी दो ममता भाभी.

कुछ देर बाद हम डॉक्टर को चिंटू को दिखा कर मार्केटिंग के लिए चले गए. एक दिन मैं ऑफिस में काम कर रही थी और चाचा का मेसेज आया कि वो मुझे होटल में खाना खिलाना चाहते थे. तो उसने कहा- मेरा एक लड़के के साथ चक्कर है और हमारा सब कुछ हो गया है.

दीदी आराम से गाड़ी पर घूमने का मजा लेती हुईं उन पर चाबुक चला रही थीं. ओमार भी नजदीक आ गया और अपने लंड के टोपे से मेरी पत्नी के किड का लंड चूसते मुंह को टहोकना शुरू कर दिया. मैं बता नहीं सकता कि मुझे कैसा लग रहा था, मैं मानो सपना देख रहा था.

मैंने देखा कि ये क्या हुआ? मैंने उसका मुँह खोल दिया उसका मुँह फटा पड़ा था मैंने उसकी सांसें चैक की, धीमी चल रही थीं. अभी तक मेरी सेक्सी स्टोरी में आपने पढ़ा कि विक्रांत ने अकीरा से वादा किया था कि वो अपनी नई सेक्रेट्री को अपना लंड दिखाएगा.

फिर भाभी खुद ही मेरे पास बैठ कर मेरे पैर पे दवाई लगाने लगीं, उन्होंने जैसे ही पैर को छुआ, मैंने पैर पीछे खींच लिया.

मैं सीधा उसके घर गया जाते ही उसे दीवार के सहारे लगा कर उसपर टूट पड़ा.

कुछ देर धक्के देने के बाद ही जोया के मुँह से हाँफने की आवाजें आने लगीं. मैंने पूरे घर का चक्कर लगाया लेकिन मुझे खुद सोने के लिए कोई जगह नहीं मिल रही थी. मैंने जल्दी से दरवाजा बंद किया और तेजी से मधु की नंगी गाण्ड को याद करके मुठ्ठ मारने लगा। जल्द ही मेरा माल निकल गया और मैं नहाने घुस गया।मित्रों ये मेरे जीवन की एकदम सच्ची घटना है जिसमें मैंने सिर्फ वो लिखा है जो वास्तव में मेरे साथ हुआ था।मेरी एडल्ट कहानी आपको कैसी लगी, आप सभी पाठकों की प्रतिक्रियाएं आमंत्रित हैं।[emailprotected].

मैं- तो ठीक है, मैं कॉलेज ही जाता हूँ और सारे कॉलेज में इस वीडियो को बाँट देता हूँ क्योंकि आपने तो अमित का ही लंड चूसना है, मेरा नहीं!मैं जाने के लिए मुड़ा और अपनी पैन्ट को ऊपर करने लगा; तभी दीदी उठ कर मेरे सामने आ गई; मेरे देखते ही देखते ज़मीन पर बैठ गई और मेरी पैन्ट को वापिस नीचे करके लंड को हाथ में पकड़ा और लंड की टोपी को किस करने लगी. मैंने नीचे आकर दरवाजा खोला, तब तक देवर जी अपनी दुकान जाने के लिए तैयार हो गए थे. पायल भाभी बोलीं- कैसा लगा मेरा सरप्राइज़ मेरे राजा?मैंने कहा- जान, तुमने तो मुझे झटका ही दे दिया… मैं तो पागल हो गया हूँ खुशी के मारे.

मैंने थोड़ा सा जोर लगाया तो जैसे ही मेरा सुपारा अन्दर गया, उसकी चीख निकलने को हुई, पर मेरे होंठों में ही दबी रह गई.

क्योंकि जब मुझे खाने के बुलाने आई थीं, तब सलवार-कमीज में थीं और अब एक पतली सी नाईटी में गजब ढा रही थीं. उसके ऐसा करते ही मैंने अपने लंड को एक जोरदार धक्का दिया और मेरा लंड ममता की चूत को चीरता हुआ उसके अन्दर चला गया. अगले दिन उसके घर वाले आ गए लेकिन अब हमें जब भी मौका मिलता है हम सेक्स का मजा कर लेते हैं.

तभी उसका रूम पार्ट्नर आया और उसने अपने रूम पार्ट्नर को भी बोला कि मैं चीकू को बोल रहा हूँ कि मेरे से शादी कर ले. दीदी के आने से मैं खुश तो था लेकिन मम्मी के लिए दुखी था क्योंकि अब मम्मी का चलना मुश्किल था दो महीने के लिए. सुमित समझ चुका था कि लोहा गर्म है, लेकिन वो माया के साथ ज़बरदस्ती करके मज़ा ख़राब भी नहीं करना चाहता था.

परन्तु यश पर कोई असर नहीं पड़ा। मुझे बहुत गुस्सा और रोना आ रहा था। मैंने यश को अपने ऊपर से धकेला.

मैंने रूम को लॉक किया और कहा- अरे पूजा ये चुन्नी सलवार कमीज मत पहना करो. वो जोर जोर से लंड अन्दर बाहर, अन्दर बाहर करते हुए धक्कम पेल, धक्कम पेल मचाने लगा.

सेक्सी सेक्सी ब्लू फिल्म बीएफ कुछ देर बाद उसने मुझे उल्टा लिटाया और मेरी गांड को चाटने लगा और कहीं कहीं पर काटने भी लगा. मुझे उसके हाथों के बगल वाले काले काले घने बाल दिख रहे थे, जो उसने कभी साफ़ नहीं किए थे.

सेक्सी सेक्सी ब्लू फिल्म बीएफ जैसे ही हम बेडरूम में पहुँचे, उन्होंने मेरा लंड छोड़ कर मुझे बेड पर पटक दिया और मुझे किस करने लगीं. फिर मेरा लंड जो एक बार ले लेती, उसे दुबारा पाने की उसकी लालसा बनी रहती.

मैं ऐसे ही रुका रहा और उसे किस करता रहा, अपना हाथ उसके मम्मों पर फिराता रहा.

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मैंने उन्हें गले से लगाते हुए कहा- आओ, आज की रात को यादगार बना दें. तभी मेरी नजर उनकी चूचियों पर चली गई और मैंने पहली बार अपनी भाभी के मम्मे देखे. जिसमें से उनके जवान जिस्म बहुत उत्तेजित करने वाले थे। हँसते हुए जब वे एक-दूसरे पर पानी उछालती थीं.

अपने दोनों हाथों को उसकी पैंटी के अन्दर पीछे से डालकर उसके चूतड़ों को सहलाना चालू कर दिया. फिर धीरे से दीदी की एक चूची दबाई और फिर दोनों हाथ से दोनों चूचियों को दबाने लगा. [emailprotected]कहानी का अगला भाग:देवर भाभी की कामवासना और चुत चुदाई-2.

दीदी ने मेरे चूतड़ों पर एक हंटर मारा तो मुझे उसकी चोट से दर्द की जगह मजा आया.

तो मैं धीरे धीरे अपने माँ के कमरे के पास जाने लगा और वहां पहुँच कर देखा कि मेरी माँ किसी से फ़ोन से बात कर रही है. अब शाकिर ने खुद ही शीशी का ढक्कन खोला, फिर उंगलियों में लेकर अपनी गांड में लगा कर दोनों उंगलियां डाल लीं. मैंने भी हंस कर धीरे से उसके लंड पर किस किया और लंड मुँह में लेकर चूसने लगा.

मैं भाग कर गया तो देखा वहां पर एक छिपकली थी और चाची उसी को देख कर डर गई थीं. ‘मैं भी तुम्हें ऐसा ही मजा दूंगा, अभी मेरी गांड मारनी हो तो बोलो?’मुझे शाकिर की लेनी थी तो मना कर दिया. करीब 5 मिनट बाद ही भाभी ज़ोर से चीखती हुई झड़ गईं- आह… आआह… गई… आआह… जान… आह… रूको… आह…भाभी मेरे ऊपर गिर गईं… पर मेरा तो अभी बाकी था, तो मैंने उन्हें तुरंत नीचे लेटाया और टांगें फैला कर अपना मूसल लंड एक ही झटके से पूरा पेल दिया.

वो मुँह ऊपर करके जोर से हंसने लगीं और फिर जब मुँह नीचे करके मेरे लंड को देखा तो कुछ बोली नहीं. मैंने पूछा- क्या हुआ?उसने कहा- मुझे नहीं पसंद…मैंने कहा- कुछ भी करना था लेकिन सनी का इगो हर्ट नहीं करना था.

लंड के रास्ते इतना ज़्यादा मजा मुझे कभी नहीं आया था इतना उस समय दूसरे धक्के में आया क्योंकि पहले धक्के में मुझे भी बहुत दर्द हुआ था. मैंने समय ना गंवाते हुए उनकी टांगें फैला दीं औऱ फिर से धीरे धीरे आधा लंड चूत के अन्दर पेल कर दीदी को चोदने लगा. बहूरानी मेरी छाती को सहलाने लगी, उसका हाथ मेरे सीने पर पेट पर सब जगह फिरने लगा, फिर उसने मेरी छाती चूमना शुरू कर दी.

अब मैंने अपनी बहू की की ब्रा का हुक खोल दिया; हुक खुलते ही ब्रा के स्ट्रेप्स स्प्रिंग की तरह उछल गये और मैंने ब्रा को उतार कर बर्थ पर डाल दिया और बहूरानी को अपने सीने से लगा लिया.

एक तो वो इस घर की बेटी नहीं थी, वो इस फैमिली से बाहर की लड़की थी, जबकि बाकियों के बीच में खून का रिश्ता था. उसने कहा- पुणे जा रही हूँ।मेरा मुंह उतर गया था, मैंने उसे कहा- ठीक है, जाओ. शाम को जब हम घर पर डिनर कर रहे थे, तब मेरी बहन मेरे सामने वाली चेयर पर बैठी थी.

वो मुझे बोलने लगीं- प्लीज़ अनिकेत अन्दर डाल दो… मैं 4 सालों से प्यासी हूँ. जैसे ही उसका 9 इंच का लंड पूरा अन्दर घुसा, उसे पूजा के गरम रस के छींटे लंड की टोपी पर लगे.

कुछ देर बाद जमाई जी उठे, मुझे बातें करने लगे।फिर मेरी बेटी भी आ गई। मैंने खाना बना कर खिलाया. मैंने कहा कि मैंने तो आपको नहाते हुए देखा है, फिर क्यों शर्मा रही हो?दीदी बोलीं- उस दिन मैंने पेंटी तो पहन रखी थी. वो बोली- तुम्हारे जैसे मुस्टंडे सांड से चुदने के बाद कोई औरत कहीं नहीं जा सकती मेरी जान.

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मैं अन्दर गई और एक एक करके सारी ड्रेस पहन कर देखीं, पर अवी को नहीं दिखाया और बाहर आकर बताया कि जो सबसे पहले अवी ने पसंद की थी, वो और जो मैंने पसंद की थी वो.

इससे पहले कि मैं कुछ समझ पाता या कर पाता, प्रिया बैठे-बैठे आगे को झुकी, अपना बायाँ हाथ मेरे दाएं कंधे पर रखा और झुक कर मेरे बायें स्तनाग्र पर अपनी जीभ लगा दी. इधर मेरे दोनों हाथ सुकुमारी भौजी की चूचियों पर, उधर सुकुमारी भौजी का एक हाथ उनकी चूत की रगड़ में और दूसरा हाथ मेरे बालों को खींचते हुए मचल रहे थे. मैं जब उसके ऊपर से हटा तो देखा कि उसकी बुर से खून के साथ साथ कामरस भी निकल रहा था.

ऊपर से ब्रायन का काला नीग्रो लंड इतना मोटा और बड़ा था कि चूत की खाज पूरी तरह मिटना तय था. मैंने उन्हें सीधा किया और उनकी ब्रा और पेंटी को पूरी तरह से हटाते हुए फेंक दिया, मैं बोला- डार्लिंग असली सरप्राइज़ तो तुम्हें मैं अब दूँगा. हिंदी में बात करते हुए बीएफ वीडियोखैर मैंने ढेर सारा थूक उसकी बुर पर लगाया और उसके मम्मों के ऊपर लंड लाकर कहा- मेरे लंड को अपने थूक से भर दो.

आज भी हम एक ही बैंक में काम करते हैं, आज मैं असिस्टेंट बैंक मैनेजर हूँ और वो उसी पद पर हैं. मैं उसकी प्रतिक्रिया देखने के लिए वहीं खड़ा रहा तो वो बड़े गुस्से से मुझे देख रही थी.

वर्षा नहा कर आई और मेरी तरफ देखा भी नहीं, तभी उसकी स्कूल की क्लासमेट तीन सहेलियां आईं. अब 8 बजे बाद पायल का मैसेज आता है कि अब तुम आ सकते हो… घर का दरवाजा खुला है. मेरे लंड का साइज 6 इंच है, छोटा है पर मैं किसी को भी संतुष्ट कर सकता हूँ.

बस उसके बाद मैंने अंजलि को एक बार चोदा और रात की चुदाई का कार्यक्रम भी पूरा सेट कर लिया. अब मेरी दोनों बहनों की शादी हो चुकी थी और मेरे बड़े भैया की भी छह महीने पहले शादी हो गई थी. मैं जब भी कॉलेज जाता था तो वो पीछे के दरवाजे से मुझे स्माइल देती थी और मैं उसे देख कर चला जाता.

निशा ही क्यों? कहानी सुना रहे हो कि खुद बना रहे हो?”सुनाऊं या बनाऊं, तू सुनने से मतलब रखना.

मेरे पास खिसक आने से बहूरानी की जांघें खुल गयीं थीं और उसकी पैंटी में से चूत की झलक दिखने लगी थी. भाभी के कहने पर कभी कभी उनके घर में चला जाता और सोनू के साथ खेल लेता.

उसके बाद एक दिन उसके घर वालों को कहीं बाहर जाना था, वो कोई बहाना बना कर रुक गई और उसने मुझे फ़ोन करके ये बात बताई तो मेरी तो खुशी का कोई ठिकाना ही नहीं रहा. दीक्षा तो मुझे गुस्से से देख रही थी क्योंकि मेरी बात सिर्फ वो ही समझी और कोई नहीं. मुझे मारना है क्या?मैं बोला- तुम एक बार डलवाओ तो सही, कुछ नहीं होगा.

मैंने उसे अच्छे से समझाया और फिर से लंड रखा और जोरदार झटका मार कर आधा घुसा दिया, वो फिर से रोने लगी और मैंने उसकी परवाह न करते हुए लगातार अपना पूरा लंड डाल कर रीना की गांड चोदने लगा. जैसे-तैसे खुद को संभाला मैंने… दुनियावी तौर पर प्रिया पर मेरा किसी किस्म का कोई हक़ ही नहीं बनता था और सब से बड़ी बात यह थी कि मुझे अपना परिवार, अपनी बीवी जान से ज्यादा प्यारे थे. मैंने मन ही मन सोचा कि साली ड्रामा कर रही होगी इसलिए मैं नहीं रुका और तेजी से धक्का लगा दिया, तो लंड पूरा अन्दर घुसता चला गया.

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अब मैं बॉस का लंड चूस रही थी और बॉस मेरे टॉप के अन्दर हाथ घुसा कर मेरी चुचियों को मसल रहे थे. मैंने कई बार आँखों में ही उनको स्माइल की, पर वो नज़र घुमा लेती थीं. दोनों लडको के लंड लोहा लाट हो, तोप की तरह सलामी देते हुए खड़े थे, जब ओमार ने अपना लंड बाहर निकाल नताशा के चूतड़ों को ऊपर उठाते हुए उसकी भक्काड़ा चूत और गांड का प्रदर्शन किया.

अब मैंने भी अपना लंड निकाल कर सीमा से चूस कर मुझे मजा देने को कहा तो उसने पहले अपनी कच्छी ऊपर कर ली और फिर मेरा लंड चूसने से मना करने लगी।मैंने कहा- अब ये खड़ा हो गया है, इसे शांत कर! मैंने भी तो तुझे मजा दिया है!तो उसने कहा कि वो चुदवायेगी नहीं… लेकिन अपने हाथ से मेरी मुठ मार देगी. अब वो दोनों हाथ को जमीन पर रख कर सिर्फ मुँह से मेरे लंड को चूस रही थीं. পাছা মোটা xxx bfमैंने अपना लंड उसकी चूत पर सैट किया और धीरे धीरे पूरा लंड उसकी चूत में चला गया.

हम सब रात को देर तक टीवी देखते रहे, फिर एक एक करके सब जाकर सो गए, अब मैं और अंजलि ही रह गए थे टीवी वाले कमरे में…अंजलि टीवी देखते देखते उस कमरे में ही सो गयी.

उसकी कोमल जीभ का स्पर्श मुझे अपने लंड पर मिलते ही मेरे मुँह से सिसकारियां निकलने लगीं. इसका लिंक भी भेज रहा हूँ, जिन्होंने नहीं पढ़ी हो, वे प्लीज़ एक बार इस कहानी का मजा जरूर लें.

मैंने उसका हाथ पकड़ कर उसे बेड पर गिरा लिया और उसे उसकी गर्दन के पीछे से पकड़ कर अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिए. दीदी ने मुझे उनकी चूत को घूरते देखा तो दोनों टाँगों से चूत को मेरे से छुपा लिया और अपने सर को भी शरमा कर दूसरी तरफ पलट लिया. दस मिनट तक चुत चुदाई का मजा लेने के बाद मैं उसकी चूत में ही झड़ गया.

मैं दीदी की तरफ ही देख रहा था, तभी दीदी ने अपने फेस को थोड़ा ऊपर करके आँखों ही आँखों में इशारा किया कि अब इस से ज़्यादा मुँह नहीं खोल सकती थी इसलिए मैं इतने लंड को ही मुँह में पेलने लगा था.

यह सुन कर मैंने पैंटी और ब्रा भी निकाल दी और जो नई थी उस पैंटी को पहन लिया. भाभी के पापा अपना लंड मेरे मुंह से निकाले और पीछे जाकर मेरी गांड में अपना लंड फिट कर दिया और मेरे कूल्हों का चुम्मा लेते हुए बोले- क्या मस्त उठी हुई तेरी गांड है आरती, आज तेरी गांड मारता हूं!और अपना पूरा लंड मेरी गांड में जोर से डाला एक ही झटके में पूरा भाभी के पापा का लंड मेरी गांड में घुस गया, तो भाभी के पापा बोले- कितनी मस्त चिकनी गांड है, आज तक मैंने नहीं देखी, एक ही झटके में पूरा लंड घुस गया. बेल बजाई तो अन्दर से किसी ने पूछा कि कौन?मैंने कहा- शालू!दरवाजा खुला तो मैंने देखा कि अन्दर एक लड़का था जिसकी उम्र 25-26 साल रही होगी.

हिंदी सेक्सी वीडियो बीएफ सेक्सीमैं शाम को काम से आया, अभी चाय पी ही रहा था कि पायल ने मुझे सब बात बताई औऱ मुझे छाया के घर की चाभी दी. मैंने अंकल के बारे में जानने की कोशिश की तो मालूम हुआ कि अंकल, उनके एक दूसरे मकान में रहने चले जाते हैं.

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ये सब देख कर मैंने पैसे कमाने के लिए अपनी गली में टयूशन देने की सोची. मैं सिर्फ सुबह जाकर काम करके घूमने निकलता और सैंडी के घर में जा बैठता. अपनी पत्नी की इस चाहत से रजामंद तो थे लेकिन वो चिंतित थे कि कहीं किसी को पता चल गया तो उनकी काफी बदनामी होगी और कोई गलत आदमी मिल गया तो हो सकता है कि ब्लैकमैल भी करे.

मैं कॉलेज बाइक लेकर जाता हूँ तो जैसे ही मैं घर से निकला तो वो लड़के उससे कुछ कह रहे थे. एक दिन मैं उसी के साथ अपने कमरे में बैठी थी कि मैंने उससे कहा- यार कहीं घुमाओगी नहीं. मैं वैसे बहुत मजाक करती हूँ अपने ऑफिस में और सब लोग मुझे पसंद भी करते हैं.

उसने मुझे बोला- घर वाले दो दिन तक शादी में जा रहे हैं तो तुम घर पर आ जाना. ”अंकल की बात से मैं रोमांचित हो उठी, मेरे जिस्म में स्टीव के सहलाये जाने के कारण सिरहन सी हो रही थी. तो जैसे ही मेरे पेपर खत्म हुए, हम दोस्त लोगों ने पार्टी की और मैंने उसे कॉल किया- मैं घर जा रहा हूँ, तेरे को मिलना है तो बता?वह बोली- हां मिलना है.

रविवारीय बैठक में निर्णय लिया गया कि उन सीडी को नष्ट कर दिया जाए, पर एक बार उन्हें देख लिया जाए. मुझे समझ में नहीं आया कि क्या कहूँ तो मैंने कहा- रुको, तौलिया रख दूँ और मोबाइल ले लूँ.

वो कॉलेज में हमेशा मेरे आगे ही बैठती थी, लेकिन उससे बात करने की मेरी कभी हिम्मत ही नहीं हुई.

मुझे पटा था कि कविता कहाँ सोयी हुई है, मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और किस करने लगा. बीएफ भेज दोइधर मेरे मुंह में अंगूर का दाना और सख्त, और बड़ा होता जा रहा था जिसे जब मैं बीच बीच में हल्के से अपने दाँतों से दबाता था तो न सिर्फ प्रिया के मुंह से आनन्द भरी सीत्कारें निकलती थी बल्कि मेरे लिंग पर प्रिया की उंगलियाँ और ज़्यादा कस जाती थी. अपना सेक्सी वीडियोमैंने उसकी पैंटी को सूंघा तो मुझसे रहा नहीं गया और सीधा उसकी चुत पर मुँह रख कर चाटने लगा. चूंकि मैं कुछ देर पहले ही झड़ चुका था, इसलिए मैंने दीदी को करीब बीस मिनट तक चोदा.

वो मेरी रजाई में आ गई और अपना हाथ मेरे पेट रखकर मेरा हाथ अपने पेट पे रख कर मेरे साथ सो गई.

भाभीजी आप हो ही इतनी खूबसूरत कि मैं आपको देखने के लिए मजबूर हो जाता हूँ और ना चाहते हुए भी मैंने ये पेंटिंग बना दी. ‘ओह, मेरी प्यारी मंजरी, आज मौका मिला है मुझे तुम्हें अपनी पत्नी बनाने का!’ कह कर पुलकित ने मंजरी को बांहों में जकड़ कर ऊपर को उठा लिया तो मंजरी ने अपनी आँखें बंद कर लीं. अब मैं भी किसी औरत के जिस्म को मिस कर रहा था, आखिर मेरे पास भी लंड है, कब तक मनाता या हाथ से काम चलाता.

सुबह करीब 11 बजे श्री होटल में आई और हम लोग अपने कमरे की तरफ चल दिए. अब तक इस हिंदी पोर्न स्टोरीसेक्सी माया की अन्तर्वासना-1में आपने पढ़ा कि माया को अपने पहले प्रेंजेटेशन में सफलता मिल गई थी इसी के साथ उसको अमित और उस्मान के लंड मिलने की उम्मीद हो चली थी. जब मैं उस कार के पास पहुँची तो उस आदमी ने फिर से कहा- मैडम आपको मैं आगे तक छोड़ देता हूँ.

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ये सोच कर मैंने अवी से कहा- देखो आस पास कोई बाहर तो नहीं और अपनी कार का दरवाजा खोल दो, जहाँ मुझे बैठना हो और ये लो ताला और मेरे निकलने पर बंद कर देना. हम देवर भाभी ने कुछ देर आराम किया और फिर मैंने उन्हें ज़ोर से पलट दिया. फिर उन्होंने मेरी शर्ट उतार कर पेंट उतारने के लिए हाथ बढ़ाया, जो मेरे तने हुए लंड में टच हुआ.

शाकिर मुस्कराते हुए मेरे पास आया, मेरे पैन्ट के बटन खोलने लगा, मेरे से बोला- भाई साहब तेरे पर मरते हैं, परसों तेरे को देखा तो बोले इसकी दिलवाओ तो मैं तेरे को ले आया.

मैं सोच कर गया था कि इस बार कैसे भी करके दीदी को पूरा नंगा देखना है.

यह सुन कर मैं खुश हो गया और रोशनी के गाल पर एक जोरदार पप्पी लेकर उसे आई लव यू कहा. फिर वापस आ जाना लेकिन पहले शालू को दिल्ली छोड़ आना, ये नहीं कि यहीं से बैठा दो और कहो अकेली चली जाओ. बिहारी लड़की का एक्स एक्स एक्सअवी से भी मैं सारी बातें करती थीं, लेकिन अब मेरी चूचियां कुछ बड़ी हो गई थीं.

मैंने कहा- पहले पूरा लंड निकालो, बाद चूत पे फिर से सैट करो, फिर जोर से धक्का मारो. इस वक्त मैंने जोया को छोड़ दिया था और मोना की चूचियों को दोनों हाथों से दबा रहा था. ज्यादातर पानी मैंने पी लिया, अजीब सा स्वाद था, पर उत्तेजना में मुझे इसका स्वाद पसंद आ गया.

मोना को भी मेरे लंड का पानी का स्वाद शायद बुरा नहीं लगा इसलिए उसने जोया के मुँह में जीभ डाल कर उसके मुँह को साफ करना शुरू कर दिया. पांच दस मिनट किस कर कर मैंने उसे कहा- अब तुम्हारी बारी, मुझे किस करो…वो भी मुझे किस करने लगी.

मैं तो 5 मिनट में ही भाभी के मुँह में झड़ गया और साथ में वो भी झड़ गईं.

”ये बात नहीं है राहुल उन्होंने तो मुझे छुआ तक नहीं, कल रात मेरी मम्मी आपके जाने के बाद फिर से रूम पर आई, दोनों ने मुझे बाथरूम में दो घन्टे बंद कर दिया और मेरी मम्मी और तुम्हारे भैया हंस हंस कर आपस में चुदाई करने लगे. लेकिन मैं नहीं चाहती थी कि यह बात किसी को पता चले कि मैं और चाचा हम दोनों लोग एक दूसरे से प्यार करते थे. सेक्स करने को कहां से ढूंढूंगा? क्या तुझे कभी किसी के साथ सेक्स करने की इच्छा हुई है?”नहीं रे, मैंने कभी सेक्स के बारे में सोचा ही नहीं.

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मैंने धड़कते दिल से भाभी के मम्मों पर हाथ रख दिया, क्या बूब्स थे एकदम नरम. इतनी देर में विनोद आ गए और उन्होंने मुझसे मेरी मर्जी पूछी तो मैंने उन्हें कहा कि इतनी खूबसूरत महिला को कौन मना कर सकता है, शायद कोई बेवकूफ ही होगा. तभी भाभी पीठ के बल लेट गई और गर्दन पर भी विक्स लगाने को बोल कर अपना पल्लू हटा दिया.

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उन्होंने फिर अपनी आँखें बंद कर लीं और मैं आगे बढ़ कर उनको किस करने लगा. मैं अपनी बहूरानी के इस आत्मीय और संतुलित व्यवहार से हमेशा ही अचंभित, अवाक्, खुश रहा हूँ. पिंकी पलंग पे चलकर अपनी गुब्बारों जैसे चूतड़ों को रोशनी के मुँह पे रख कर बैठ गई.

मैं सोचने लगी ‘अब कैसे समझाऊ वर्षा को?’मैं सोच कर बोली- वर्षा, वो कमीना है, खुद को कुछ समझता है, उसे लगता है कि हम दोनों उसके बिना रह नहीं सकती, अब वर्षा सो जाओ और उसे भूल जाओ और उसकी बात फिर से मत करना!वो चुपचाप सो गई. पहले तो मुझे चुदक्कड़ बना दिया गया, पर अब जब भी मेरी बुर को चुदाई की दरकार होती तो वो कोई न कोई बहाना बनाने लगते और दूसरी तरफ पलट कर सो जाते.

और फिर कुछ देर बाद माँ बोली- आज मैं यहीं सो जाती हूँ, यदि तेरे पापा का फ़ोन आया तो बात भी कर लूँगी.

कार शहर के बाहर निकल गई और करीब बीस मिनट के बाद एक सुनसान फार्म हाउस के सामने आकर रुकी. मीना जी दो गिलासों में ड्रिंक बनाकर लाईं और फिर पहले की तरह बैठ गईं. कुछ देर बाद मैं उसी रूम में पहुँच गई और डोरबेल बजाई तो उसी लड़के ने दरवाजा खोला और अन्दर आने को कहा.

उसे थोड़ा दर्द हुआ, मैंने नीचे से ज़ोर का धक्का दिया तो मेरा मोटा लंड स्वाति की चूत को चीरता हुआ अन्दर घुस गया. मीना जी दो गिलासों में ड्रिंक बनाकर लाईं और फिर पहले की तरह बैठ गईं. पुलकित के आने से आज नानी अपने आप ही ड्राइंग रूम में बिछे दीवान पर सो गई.

कुछ देर बाद बहन ने ठंडी का बहाना बना कर बैग में से शॉल निकलकर ओढ़ ली.

सेक्सी सेक्सी ब्लू फिल्म बीएफ: मैं अभी सलवार का नाड़ा खोल ही रही थी कि मेरी नज़र दरवाजे पर पड़ी, मैं देख कर शॉक हो गई कि श्याम वहाँ पर खड़ा मुझे देख रहा है. अभी तक इस हिंदी एडल्ट कहानी में आपने पढ़ा कि मैंने तनु और उसकी मम्मी को बता दिया था कि छोटी को ठीक करने के लिए, उसके दिल से सेक्स के प्रति दर्द और नफरत को निकालने के लिए उसके सामने आनन्द दायक सेक्स करना पड़ेगा, उसे दिखाना पड़ेगा कि सेक्स सही तरीके से सही साथी के साथ किया जाए तो बुरा नहीं होता, यह दर्द नहीं देता अपितु आनन्द देता है, मजा देता है.

मैं समझ गया कि इनकी चढ़ती जवानी, इनकी कामुकता के चलते इनका खुद पर कोई काबू नहीं है. मित्रो, अन्तर्वासना के जिन पाठक पाठिकाओं ने मेरी पूर्व की कहानियाँ नहीं पढ़ी हैं उनके मन ये जिज्ञासा जरूर होगी कि हम ससुर बहू के मध्य यौन सम्बन्ध कैसे स्थापित हो गये?इसके लिए मेरी लिखी सबसे पहली स्टोरीअनोखी चूत चुदाई की वो रातको पढ़ सकते हैंफिर भी अत्यंत संक्षेप में मैं यहाँ पूरा वाकया दोहराता हूँ कि मेरी बहूरानी अदिति और मेरे बीच अनैतिक चुदाई के सम्बन्ध कैसे स्थापित हुए. मैंने आँख खोल कर देखा तो पहले दोनों मुझे ही देखते हुए अपना लंड हिला रहे थे.

वहाँ पहले मैंने उस पर पानी डाला फिर उस पर साबुन लगा कर लंड को रगड़ने लगी और पानी से लंड धो दिया.

बॉस- क्या नेहा?मैं- मेरे फ्लैट पर मेरे मौसी का लड़का आया हुआ है, जो 2 या 3 दिन तक रहेगा. अबकी बार कमल अपने लंड को मेरी गांड में डालने में कामयाब रहा और मैं चिल्ला उठी. मेरा लंड अब अपनी पूरी तेजी से उसकी चूत को पेल रहा था, मेरी गोटियाँ उसकी चुत की फांकों से टकरा कर दोनों को मस्त कर रही थीं.