चिट्ठी बीएफ

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अब उसको भी थोड़ा मजा आया और वो बोलने लगी- बेबी थोड़ा और तेज बेबी और तेज.इधर मेरा लंड भी बहुत टाइट हो गया था और भाभी उसे सहला रही थी।फिर मैंने भाभी से अपना लंड चूसने को कहा तो उन्होंने मना कर दिया लेकिन मेरे थोड़ा फोर्स करने के बाद वो मान गयी और मेरा लंड चूसने लगी।दोस्तो मुझे उस टाइम ऐसा महसूस हुआ कि जैसे मैं जन्नत में हूँ क्योंकि यह मेरा पहली बार था कि कोई लड़की मेरा लंड चूस रही थी.

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पापा जी अब बस भी करो ना, चलो पहले खाना खा लो फिर ये सब बाद में कर लेना अब तो टाइम ही टाइम है अपने पास!”अरे बेटा, इतनी जल्दी नहीं अभी आठ बीस ही तो हुए हैं. दस मिनट तक रेस्ट करने के बाद उसने अपना हाथ मेरी छाती पर फेरना चालू कर दिया. इसलिये अंजलि की नंगी टाँगें और गोरी जांघें देख कर मेरे दिमाग में उसके साथ कुछ सेक्सी सा करने का मन करने लगा था.

जिससे मेरी चिंता और बढ़ गयी और दिल में बस यही उथल पुथल चल रही थी कि आज मुझे किसी मस्त जवान मर्द का फड़कता लंड मिल पायेगा या मुझे यहाँ से बिना कामरस का पान किये खाली ही लौटना पड़ेगा. फिर मुझे लगा कि अब मुझे नीचे की तरफ बढ़ना चाहिए, इसलिए मैं उनके पेट की तरफ बढ़ने लगा. मर जाता तो क्या होता? सबको जेल कराएगा क्या?मैंने तभी अपना हाथ धीरे से मॉम की मोटी चुचियों पर रख कर कहा- जो लंड को ले सकती है, वो मौका नहीं देती.

मैं- विनय तुमको क्या अच्छा लगा मुझमें?विनय- नेहा कुछ बातें ऐसी होती हैं, जिनको ऐसे वर्ड्स में नहीं बोल सकते. फिर कुछ देर के बाद मैंने मैंने खुद को थोड़ा सा नीचे को मोड़ा ताकि मेरी रानी के मम्मे मेरे मुंह के पास आ जाएं. कुछ देर बाद सैम आ गया मैं और वो नाइट क्लब गए, वहां सभी बियर पी रहे थे और डांस कर रहे थे.

इसलिए मैंने मदद करने का फैसला किया और वासना में लिप्त तिगड़ी के नजदीक आ गया. मैं मीषा की चूत के होंठों को अपनी उँगलियों से खोल कर उसमें जीभ घुसा कर चटाने लगा, जल्द ही मीषा की चूत ने नमकीन पानी छोड़ दिया.

ओके तुम पहले मेरी झांटों की डिजायन देखना चाहोगी?”उसने धीरे से हाँ कहा.

कमरे में आते ही उन्होंने अन्दर से दरवाजे को लॉक कर दिया और मुझसे बोलीं- टेंशन मत लेना, मेरा हज्बेंड सो गया है.

और कल गाड़ी में जब मैं आपके बूब्स को ऊपर से चूस रहा था, जो आपने नोटिस भी कर लिया था, तब भी आपने कुछ नहीं बोला तो आज मुझमें थोड़ी हिम्मत आ गई थी. उनके बड़े बड़े चुचे और बहुत मोटी गांड हैएक दिन मम्मी को किसी काम से मामा के घर जाना था. आज मैं अपनी गर्लफ्रेंड के साथ पहली बार सेक्स की सच्ची कहानी आपके सामने ला रहा हूँ.

पर मुझे अभी नींद नहीं आ रही थी और परीक्षित भी मेरी टी-शर्ट को ऊपर करके मेरी नंगी पीठ को सहला रहे थे. जैसे ही लंड मेरे होठों को रगड़ा, उसके टच करने से गरम गरम उसकी छुअन से मुझे बहुत मस्त अजीब सा लगा और मैंने अपने हाथ से उसका लन्ड पकड़ कर मुंह में भर लिया और चूसने लगी लन्ड!बालू का लन्ड बहुत बड़ा नहीं है इसलिए आराम से मुंह में पूरा घुसा दिया और मैं चूसने लगी, चाटने लगी. वहाँ पहले रीमा ने पानी दाल दाल कर अपनी गांड धोई, फिर मैंने उस कॉलेज गर्ल की गांड में उंगली डाल कर उसकी गांड अच्छे से साफ़ की.

वो दूसरे कमरे में जाकर अपना पजामा और कमीज़ डाल कर वापिस आया और बोला- गर्मी की वजह से मैं आराम से बैठा था.

कई लड़कियां तो पहले ठीक से चुदी हुई भी नहीं होती, उनको बस शक होता है क्योंकि वो किसी को कह तो पाती नहीं हैं, जिसका मैं फायदा उठाता हूँ और उनको झूठ बोल कर कि वो प्रेगनेन्ट हैं, महीने महीने तक चुदाई करता हूँ. तो वह थोड़ी घबरा सी गई थी और वह थोड़ी सहमकर चुपचाप खड़ी हो गई थी।फिर मैंने उसको कहा- अरे! तुम मुझसे डरो मत, तुम भी मेरे साथ बैठकर चाय पी लो. मैं आजकल एक कॉलगर्ल हूँ और मुझमें शर्म नाम की कोई चीज अब मेरी डिक्शनरी में नहीं है.

मैंने कहा- नमस्ते अंकल, आंटी नहीं है घर पर?वो कड़क आवाज में बोला- हाँ हैं. लेकिन इस बार मैं काम-क्रीड़ा से पहले अपनी उंगलियों से योनि के छेद को ख़ुला करने के मूड में हरगिज़ भी नहीं था. मैंने झट से अपना लंड बाहर निकाल दिया और उसके शरीर पर मेरा माल छोड़ दिया.

लेकिन जब उसने मुझे आश्वासन दिया कि वो मेरी गांड को देखेगा, उससे खेलेगा, उंगली से रागादेगा लेकिन मेरिउइ गांड में लंड नहीं घुसायेगा तो मैं मान गया और उसके कहे अनुसार लेट गया.

अभी थोड़े दिन पहले की इंडियन सेक्स कहानी लिखने जा रहा हूँ कि किस तरह मैंने एक अमीरज़ादी की चुत की प्यास मिटाई. मैंने उस चीज को हाथ से महसूस किया तो पता चला कि दीदी ने अपनी चुत में एक बैंगन घुसा रखा है जिसको वह अन्दर बाहर कर रही थीं.

चिट्ठी बीएफ जैसे कि हम बचपन से ही साथ में सोते हैं, वैसे ही आज भी हम साथ में लेट गए. अब जब भी साहब मेरे घर आते हैं, मैं खुद ही उनको कमरे में ले जाकर चुदवा लेती हूँ.

चिट्ठी बीएफ एक भाई अपनी सगी बहन को रक्षाबंधन के दिन चोद रहा था और वो बहन मजे से चुदवा रही थी. आपको और ख़ास तौर से लड़कियों को बताना चाहता हूँ कि मैं बचपन से ही थोड़ा कमीना किस्म का रहा हूँ और सेक्स में काफ़ी इंटरेस्ट लेता रहा हूँ.

मैंने लंड को खाली करने के लिए चुत का भोसड़ा बनाने को ही ठीक समझा और दीदी की चूत पर पिल पड़ा.

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वो बोले- चलो रचना… अब जल्दी से घोड़ी बन जाओ… इसी तरह मुझे औरतों को चोदना पसंद है. अब साहब ने मेरी चूत में पीछे से लंड डाल दिया और जल्दी जल्दी चोदने लगे. वो मुझे लगभग हर वक्त छेड़ने की कोशिश करती रहती ताकि मैं उसके साथ पहले जैसा हो जाऊं.

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अब मैं भी झड़ने वाला था तो मैंने पूछा- माल कहां निकालूँ?उन्होंने बोला- अन्दर ही निकाल दो.

थोड़ी देर बाद उनके गांड के छेद को थूक लगा कर चिकना कर दिया और अपने लंड का सुपारा छेद पे रख दिया. मेरी साली एकदम दूध जैसी गोरी है, कोई अगर उसकी गोरी गांड और बूब एक बार देख ले तो मेरा दावा है कि वो मुठ मारे बिना नहीं रह सकता. ये थी मेरी स्टोरी, उम्मीद है दोस्तो कि ये मेरी रियल सेक्स स्टोरी आपको काफ़ी पसंद आई होगी.

क्या गोरे थे उनके चूचे और काले रंग की ब्रा में आंटी बहुत सेक्सी लग रही थीं. दस मिनट बैठने के बाद मैंने उससे कहा- जल्दी चलो वरना मम्मी उठ गईं तो प्राब्लम हो जाएगी. लेकिन मुझे पता था ये मुझसे ही सैट होगी।दो साल मैंने तड़प कर गुजारे आखिर में जब मैं उसे भूलने लगा और उसके घर आना-जाना और बात करना बंद किया, तब उसने फिर खुद कॉल करके मुझसे अपने दिल की बात बताई।सारी लड़कियां ऐसी ही होती हैं। जब तक आप भाव दोगो.

तो मैं 69 की पोजीशन में हो गया, मतलब मिंकी के मुँह में अपना लंड डाल दिया और मैं मिंकी की चूत चाटने लगा तो कुछ समय बाद ही मिंकी कहने लगी- साहब, अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा है इसलिये अपना लंड मेरी चूत में डाल दो!तो मैंने भी देर करना मुनासिब नहीं समझा और झट से मिंकी के मुँह से अपना लंड निकल लिया और उसकी चूत पर अपना लंड घिसने लगा. अब मैं जोर जोर से सेजल भाभी की चूत चूसने लगा और जीभ को नुकीला करके उनकी चूत की फांकों में घुसाकर मुँह से उनकी चुत चोदने लगा.

साला जिन मम्मों को कल तक मैं ऊपर से देख कर लंड हिलाता था, वो आज खुद मेरे पास में खड़ी होकर मुझे दूध पिला रही थी. अब तो मुझे हरी झंडी मिल गयी, मैंने तुरंत उसके आठ खोले, उसकी शर्ट उतारी और उसे गले से लगाया. यह चपत वहशियाना नहीं था, इसलिए शायद प्रेरणा को भी पसंद आया और उसने लंड चूसने का अपना सारा अनुभव उस पल उड़ेल देना चाहा।पर इतने वाइल्ड फोरप्ले को मेरा लंड और बर्दाश्त ना कर सका, और लावा उगलने को आतुर होने लगा, मेरे शरीर में कंपकंपी और सिहरन होने लगी, मैंने प्रेरणा के बालों को पकड़ कर उसके सर को अपने लंड में जहाँ तक हो सके दबा लिया और पिचकारी उसके मुंह के अंदर मारने लगा.

हमारे जिस्मों की ताप पर ऐ सी की कूलिंग भी कोई असर नहीं डाल पा रही थी.

उसकी रसीली खुशबूदार चूत के बारे में तो पूछो ही मत… उसके बारे में कहानी में आगे आगे बताता जाऊंगा. मैंने भाभी को अपनी बांहों में लेकर किस किया और खूब प्यार करके वहां से निकल गया. मैं थोड़ा सा डर गया, पर न जाने क्यों मैंने दीदी के मम्मों से हाथ नहीं हटाया.

फिर मैं खाने पर टूट पड़ा क्योंकि ट्रेन के सफ़र में मुझे भूख नार्मल से कुछ ज्यादा ही लगती है. अब मैं चाहती थी कि जल्दी से लंच खत्म हो और हम घर चले आएं ताकि आगे का काम शुरू हो जाए, जिसका मुझे बेसब्री से इंतज़ार था.

वो इस तरह ही चिल्लाती रहीं और पूरे कमरे में फ़चफ़च की आवाज़ गूंजने लगीं. मैंने झट से अपना हाथ उसके मुँह पे रख दिया और मैं कुछ देर के लिए रुक गया. मैं बहुत ही उत्तेजित हो गया था और किसी भी हालात में अपने लंड को शांत करना चाहता था.

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लेकिन मुझे पता था ये मुझसे ही सैट होगी।दो साल मैंने तड़प कर गुजारे आखिर में जब मैं उसे भूलने लगा और उसके घर आना-जाना और बात करना बंद किया, तब उसने फिर खुद कॉल करके मुझसे अपने दिल की बात बताई।सारी लड़कियां ऐसी ही होती हैं। जब तक आप भाव दोगो.

जब भी कोई पूछे कि वन्द्या क्या हुआ तो मैं उसे बोलती कि बस से पांव फिसल गया और गिर गई तो थोड़ा चोट लग गई थी।और फिर 10 दिन बाद मेरा फिर अपने आप फिर से बहुत मन करने लगा और वही अंकल और जीजा ने जिस तरह से किया था बार-बार वही सब दिमाग में और ख्यालों में चलने लगा. मेरी चुदाई की स्पीड धीरे धीरे तेज होती गई और मैं अपने लंड को बहुत तेज तेज उसकी चुत में अन्दर बाहर कर रहा था. एकाएक मैंने बोला- साला आजकल की हिरोइन कितना गंदा गंदा रोल करती हैं.

दूसरे दिन सुबह मेरी बड़ी दीदी नेहा मुझे राखी बांधने के लिए सज धज कर तैयार थी. रात 9 बजे… बिज़ी नेशनल हाईवे पर खड़ी कार में प्रेम-आलाप… अव्वल दर्ज़े की मूर्खता के सिवा कुछ और हो ही नहीं सकता. सागर की बीएफबहुत माथा पच्ची करने के बाद ये हल निकाला कि एक रूम में मम्मी, सोनी मैं और मेरा छोटा भाई सो जाएँगे और दूसरे रूम में मामा मामी और उनके दोनों बच्चे सो जाएंगे.

मैं तुम्हारे पक्ष में बयान दे दूंगा मगर…!”इतना बोलकर कानूनगो साहब चुप हो गए. लेकिन मैं धीरे धीरे धक्के लगाता हुआ अपने लंड को अन्दर किए जा रहा था.

मैंने झट से खींच कर पेंटी उतार दी और अपनी जीभ आंटी की बुर पे रख कर चाटने लगा. मैंने भी देर ना करते हुए उसे सीढ़ियों पे लेटा दिया और उसके एक चूचे को मुँह में लेकर एक छोटे बच्चे की तरह चूसने लगा. फिर वो कैमरे के सामने नीचे को झुक गई तो मुझे उसकी नंगी चूचियाँ दिखाई दी.

उनके पति को दो महीने बाद आना था तो तक तक मैं देसी भाभी के साथ पूरी सुरक्षा के साथ यानि कन्डोम लगा कर सेक्स करता था. ‘ओके…’उसने कहा कि तुम होली के तीसरे दिन का आने का तय कर लो, मेरे पति छुट्टी पर आएंगे और होली के दूसरे दिन वापस चले जाएंगे. तो उसने मेरी तरफ देखा और हाय बोल nकर, जिस बेंच पर वो बैठी थी, उस पर एक तरफ खिसक गई और बोली- बैठो.

इस वक्त बहुत गर्मी हो रही थी तो वो बोली- चल बाथरूम में फुव्वारे के नीचे नहाते हुए‌ मजा करते हैं.

मैं और माँ जी इन्तजार कर रहे हैं।”मैं समझ गया कि उसकी सास पास में है और वो अपनी सास को सुनाने के लिए बोल रही है।मैं बोला- ठीक है दीदी. मेरी कामवासना भी कह रही थी कि लुटा दे अपनी जवानी अपने बॉस पर… मजा भी आयेगा और फ़ायदा भी होगा.

किसी पेज में कास्ट को लेकर कमेंट्स हो रहे थे, तो मैंने भी उसमें कमेंट्स करना शुरू कर दिए. अब अंजलि को दर्द होने लगा था, वो कहने लगी- आराम से करो!लेकिन अब मैं कहाँ मानने वाला था क्योंकि मैं अब पूरे चरम पर था, अब मेरा भी निकलने वाला था, मेरी स्पीड और बढ़ गयी, 5 या 7 धक्कों के बाद मैं भी अंजलि की चूत में झड़ गया. मुझे तो यकीन ही नहीं हो रहा था कि कविता में इतना दम किधर से आ गया है.

उसकी इस हरकत से न जाने क्यों मुझे नीला का स्पर्श अच्छा लगने लगा था. मेरा वीर्य कंडोम में निकल रहा था और इतना ज़्यादा माल आज पहली बार निकला था. जैसे ही अपने लिंग को मैं बाहर निकाल कर दोबारा योनि में धकेलने के लिए जोर लगाता था, प्रिया के मुंह से इक दर्द भरी आह निकल जाती थी.

चिट्ठी बीएफ इसी बीच वो बोले जा रही थी- आह जीजू इन्हें चूसो… नोंचो इन्हें… आह मज़ा आ रहा है… मेरा सारा दूध पी जाओ…मैं उसके मम्मों को पीता रहा. मैंने कहा- आंटी, आप बाल भी साफ नहीं करतीं क्या?आंटी ने कहा- कोई प्यार करने वाला नहीं था इसलिए बाल नहीं काटती थी.

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उस दिन मैं घर पर अकेला था, तो मैंने मीशा को फोन कर दिया कि वो मेरे घर आ जाए. मुझे 11वीं कक्षा से ही कसरत करने में बहुत रूचि थी, जिस वजह से आज 5 साल हो गए हैं. मैं इसी तरह चुसाई कर रहा था कि अचानक से अर्जुन पूरा हिला और अपना लंड खुजलाने लगा.

अगर ऐसा करने में तुम्हें कोई परेशानी है तो रहने दे प्रिया!”प्रिया ने तिरछी नज़र से मेरी ओर देखा और बोली- ठीक है! जैसा आप चाहो… पर समय सीमा कोई नहीं. उसके बाद जब भी मौका मिलता, हम दोनों चूमाचाटी कर लेते, पर मैंने हॉस्टल में कभी गांड नहीं मरवाई. बीएफ वीडियो सोंग स्टेटसतो तुम अब दूसरी जगह भी जाओ इंटरव्यू के लिए!”नहीं इन्होंने बोला है कि ये फोन करेंगे.

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उसके बाद जब भी मौका मिलता, हम दोनों चूमाचाटी कर लेते, पर मैंने हॉस्टल में कभी गांड नहीं मरवाई. रीमा- पागल, खुल कर नहीं बोल सकता था? मैंने बोला था ना मैं खुले विचारों वाली लड़की हूँ.

जब मेरा माल आने वाला था, तब मैंने लंड निकाल कर उसके मम्मों के ऊपर अपना पूरा जूस निकाल दिया. एक दिन मैं उनसे फोन पर बात कर रहा था तो मुझे लगा कुछ गड़बड़ है, मैंने पूछा- दीदी क्या हुआ?उन्होंने बताया कि मेरे भैया ने मुझे और मेरे ब्वॉयफ्रेंड को एक साथ में देख लिया. चूंकि उसके साथ मेरा खुल कर हँसी मजाक होता रहता था तो मुझे कभी कभी साली की जवानी को चखने का जी करने लगता था.

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दीदी के चारों तरफ पानी ही पानी हो गया था जो दीदी की चुत से ही निकला था. ओओओ ओओओ ओओ… आआ आआ आआ… चलो एरिक, और अन्दर तक घुसेड़ो… हाँ, ऐसे…” और नताशा अब बुलेट ट्रेन की रफ़्तार से आगे-पीछे होती हुई आर्थर और एरिक के लंडों को अपनी चूत के अन्दर ही रोके हुए उन पर अपनी ओवरी को घिसती जा रही थी… मुझे पता था कि ये उसका ट्रेड मार्क स्टाइल है… जब वो बहुत अधिक उत्तेजित हो जाती है तो इसी प्रकार अपनी ओवरी को लंड के ऊपर रगड़ती, घिस्से मारती हुई ही झड़ती है. मैं तो सच में चुदासी थी, मुझे कुछ होश नहीं था, आज एक बार फिर मेरे जिस्म को मेरे होने वाले पति बालू ने मसला और मेरे जिस्म के प्यास को इतना जगाया कि अब उसका पूरा फायदा दूसरे मर्द आशीष ने उठा लिया.

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मैंने आव देखा ना ताव और उस जवान मर्द को हाथ लगाते हुए रोका… साल रुका नहीं और चलते हुए ही बोला- हाँ क्या हुआ?मैं मन ही मन कह रहा था- साले रूक जा, आगे भीड़ है क्या भीड़ में जाकर रुकेगा… भीड़ में कैसे बात कर पाऊँगा. यह स्टोरी एक भाभी की है जिनका नाम रिया है जो मेरे घर के पास ही रहती है. जब ये सब आंटी बता रही थीं, तब वो थोड़ी सी झुकी हुई थीं, तो मैं पीछे से उनकी गांड देख रहा था.

मैं सोचता था कि मेरी मॉम तो पट नहीं रही हैं, इसी को पटा कर चोद लूँ.

मैं आप सभी की पसंदीदा वेबसाईट के लिए बहुत सारी सच्ची चुदाई की कहानी भेजना चाहता हूँ.

गरमा गरम लंड की तपिश का मेरी बुर ने गरमजोशी से स्वागत किया और बहुत दिनों की प्यासी बुर ने गीला होना शुरू कर दिया था. अभी आधा लंड ही दिखा था कि विनय के लंड के ऊपर की तरफ छोटा सा एक तिल था, जिसे देख कर मैं मुस्कुरा दी. एक्स एक्स एक्स एक्स देहाती बीएफअब मेरा लंड मुझे परेशान कर रहा था तो मैंने अपना लंड उससे मुँह में लेने को कहा.

मेरी आवाज ही बंद गई थी, मैं चिल्ला भी नहीं पा रही थी, पता नहीं क्या हो गया था. मेरी बीवी बोली- पहले खाना खा लीजिएगा जनाब!खाना खाने के बाद हम तीनों रेडी थे. विवेक ने अपने मोबाइल पर गाना चला दिया और दोनों एक दूसरे को बांहों में लिये डांस करने लगे.

मैं- मेरी प्ले लिस्ट है, सारे गाने मेरी पसन्द के हैं, जो आपको पसंद हैं, आप प्ले कर लो. उसने मेरे सर को अपने लंड की तरफ दबाया तो मैंने उसके लंड की महक को जज्ब करते हुए उसके सुपारे पर एक किस किया.

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मैंने माँ की सीधा बैठाया और उनको अपने लंड के नीचे लेते हुए उन्हें चित कर दिया. मैं तो मम्मों को देखते ही पागल हो उठा और उन्हें पागलों की तरह दबाने काटने और चूसने लगा. जब मैं बाथरूम से फ्रेश होकर आई तो मैंने सोचा देखूं कि अशोक क्या लिख रहा था.

” करके नवीन की ओर देख कर चिल्ला रही थीं- जल्दी जल्दी चोद न कमीने… दम नहीं बची है क्या भोसड़ी के तेरे अन्दर हरामी मादरचोद. ”और वो मेरा लिंग दबाना, सहलाना और पीठ पर चिकोटी काटना?”” दबाने का तो ऐसा है कि वो या तो सिर्फ आप को पता या मुझे और यही बात पीठ पर चिकोटी काटने पर लागू होती है लेकिन सहलाने वाली बात का तो मैं कहूँगी कि वो सिर्फ एक एक्सीडेंट था.

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उनके पीछे पीछे मैं भी चला गया और उन्हें बाथरूम में फिर से पकड़ लिया; वहाँ हम दोनों साथ में नहाए और फिर मैंने भाभी को बाथरूम में घोड़ी बना कर चोदा. वो चीखना चाहती थी पर मैं उसे किस कर रहा था और उसके मम्मों सहला रहा था. भाभी की सांसें एकदम बुलेट ट्रेन की तरह हो गई थीं, वो हिलने लगीं और चिल्लाने लगीं.