बीएफ ब्लू फिल्म गुजराती

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हसीन की बीएफ सेक्सी: बीएफ ब्लू फिल्म गुजराती, मैं फटाफट से अपने सारे कपड़े उतार दिए और लंड को रीना के मुँह के आगे कर दिया.

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गहरे काले रंग के बाल जिनको उसने स्ट्रेट कराया हुआ था उसकी पीठ पर फैले हुए चमकते रहते थे. बिना इमली के सांभर कैसे बनेगा गूगलउसकी मुस्कुराहट अंकित को थोड़ा आराम देती है लेकिन फिर भी बहुत विश्वास के साथ नहीं.

इससे पहले जो मेरी सत्य कहानीसास के साथ चरम सुख की प्राप्तिअंतर्वासना पर प्रकाशित हुई थी, उसको आप लोगों ने काफी पसंद किया था. आई लव यू टू छत्तीसगढ़ी पिक्चरवो मेरी तरफ देखने लगे तो मुझे शर्म आने लगी क्योंकि वो मेरे पापा जैसे थे.

फिर वो जाने लगी और कुछ कदम चलने के बाद बोली- यदि आपको सही लगे तो मैं आपके साथ ही चलूं क्या?मैंने कहा- आपकी मर्जी है.बीएफ ब्लू फिल्म गुजराती: ये मौका अच्छा था, इसलिए मैंने बिंदु को फ़ोन करके बोला- तुम अपना सामान पैक कर लो, मैं आ रहा हूँ.

राहुल तो सुबह से ही रजनी की चूचियों का दीवाना हो गया था और यह बात रजनी ने महसूस भी कर ली थी.फिर उन्होंने मेरा हाथ पकड़ कर अपनी पैंट के ऊपर से लंड पर रखवा दिया.

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जैसे कि मैंने बताया था कि कैसे विशाल सर ने मेरी मस्त रसीली कुंवारी चूत को फाड़ कर मुझेकच्ची कलीसे फूल बना दिया था.स्विमिंग पूल से बाहर निकल कर अपने अपने पतियों की गोदी में बैठ कर एक आध सिप मार देना उन सबकी आदत बन गयी थी.

मेरी हाइट तो ज्यादा नहीं है लेकिन मेरा शरीर भी ज्यादा मोटा नहीं है. बीएफ ब्लू फिल्म गुजराती पर बात यहाँ भी नहीं बनी क्योंकि कांची अकेले औरतों के जाने से डर रही थी या बहाना बना रही थी.

मेरी कहानी पर आप लोग अपनी राय जरूर देना और मुझे बताना कि आपको मेरी कहानी में कौन सी पोज सबसे ज्यादा अच्छी लगी.

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कुछ देर तक अपने नंगे शरीर को उसके नंगे बदन पर रगड़ने के बाद मैंने उसकी जांघों के पास हाथ कर लिया. बात करने से पता चल रहा था कि वह भी मुझे पसंद करती है … पर पूछने की हिम्मत कभी नहीं हुई. फिर उन्होंने मेरा हाथ पकड़ कर अपनी पैंट के ऊपर से लंड पर रखवा दिया.

मैं रोज़ अफीकन लंड की चुदाई के वीडियो देखती और अपने पति को बोलती कि मुझे इनकी तरह चोदो, पर उतना दम नहीं आ पाता था. मुझे लड़कियों की शक्ल सूरत से इतना मतलब नहीं रहता है, जितना उनके चूतड़ और मम्मों की साइज से मजा आता है. पर मेरे जैसे अनछुए के लिये तो उस समय वो किसी मोटे डंडे से कम न था।वो मेरे पास आया और मेरे निप्पल पर अंगूठे से काटा, मैं चीख उठा।उसने अपना लंड मेरे होंठों पर लगा दिया.

सामने रीना का चेहरा बता रहा था कि उसे हल्का और मीठा दर्द हो रहा है. मैंने कहा- यार तू टेंशन मत ले, कुछ करते हैं … तू घर जा … ठीक है और टेंशन बिल्कुल मत करना. हां मगर जब यह अन्दर जाकर बहुत मस्ती में पूरी तरह से डांस करता है, तो मुझे इतना अधिक मज़ा मिलता है कि क्या कहा जाए.

मैंने पूछा- आपने कितनों को किस किया?स्मायरा बोली- शादी से पहले मेरा एक ब्वॉयफ्रेंड था, उसको किया था. मैंने कहा- हां बिल्कुल!तो उसने कहा- ठीक है, तो आज शाम को सात बजे तुम एकदम छोटे और सेक्सी कपड़े पहनकर तैयार हो जाना.

स्विमिंग पूल से बाहर निकल कर अपने अपने पतियों की गोदी में बैठ कर एक आध सिप मार देना उन सबकी आदत बन गयी थी.

मैं चुदासी हो गई और अपनी गांड को पीछे करते हुए खुद ही अपने घरवाले के लौड़े पर रगड़ने लगी.

मैंने कहा- मेरी चूत को क्या होना था?वो बोली- देख मैं लंड लेने की पूरी खिलाड़ी हूँ. मेरे मुंह से सिसकारियां निकलने लगीं और मैं उसको चूसते हुए बिस्तर पर लेट गयी. करण- हैल्लो, कहां घूम रहे हो यार?राहुल- कहीं नहीं भैया, बस मूवी देखने आये थे.

उनको देखते ही जैसे मन करता था कि उनको अभी अपनी बांहों में लेकर भींच लूँ और चोद दूँ. मैंने एक दो कश लगाये और फिर संतोष जी ने मुझे अपने पास खींच लिया और मेरे होंठों को चूसने लगे. मैं बहन के सामने बीयर नहीं पीना चाहता था और न ही उसको पीने देना चाहता था लेकिन वो नहीं मानी.

फिर थोड़ी देर बाद भैया का लंड वापस से खड़ा हो गया और वे भाभी के पास जाकर लेट गए.

वैसे मैं बहुत चोदू किस्म का लौंडा हूँ, अब तक जिनको भी मैंने चोदा है, वे सब मेरे लंड से दोबारा चुदाई के लिए लालायित रहती हैं. वो मेरे लंड में नहीं बल्कि मेरी बहन सुमिना की चूत में ज्यादा रूचि ले रही थी. अपने कमरे में आकर ज्योति ने दरवाज़ा अंदर से बंद कर दिया।वो बेड पर बैठकर ज़ोर से हाँफने लगी.

आंटी की मस्त सिसकारियां निकल रही थीं- आहह … अहहा … अहह … अहह … उम्म्म्म … उफफ्फ़ … और चूस और चूस उम्म्म्म … आह आह. मैं थोड़ी और पीछे हुई तो जीजा ने मेरे कूल्हों को अपने नाखूनों से खरोंचते हुए पीछे की तरफ खींच लिया और मेरे कूल्हों को पीछे खींच कर उनको चाटने लगे. कुछ देर बाद मेरा फिर से हो गया और मेरी चुत में भी दर्द होने लगा था.

मैं गेम में आती और जब सहेलियां अंधेरे में अपने आशिकों से लिपट रही होतीं, तो मेरी चूत में खुजली मचने लगती.

मेरी हाइट तो ज्यादा नहीं है लेकिन मेरा शरीर भी ज्यादा मोटा नहीं है. मैंने उससे कहा- ये सब कैसे हो सकेगा?उसने बोला- आप वो सब मुझ पर छोड़ दो … बस आप शादी से एक दिन पहले आ जाना.

बीएफ ब्लू फिल्म गुजराती पूरा कमरा सुगंध से भरा था और कमरे में हल्की लाल रोशनी के साथ म्यूजिक चल रहा था. वह अपनी भावनाओं को रोक नहीं पा रही थी और लगातार भारी सांस ले रही थी।वह उसकी ओर अपने शरीर को धकेलता हुआ ले गया और कहा- हम्म आंटी!वो अभी भी घबराया था और शर्मा रहा था.

बीएफ ब्लू फिल्म गुजराती अपने कमरे की तरफ जा ही रहा था कि चलती निगाह सुमिना के साथ बैठी उस लड़की पर जा रुकी. ”अच्छा?” उसकी आँखों की चमक तो ऐसे थी जैसे किसी अंधे को आँखें मिलने वाली हो।तुमने आज नाश्ते में क्या खाया?”कुछ नहीं.

अब तो हस्तमैथुन ही एक मात्र जरिया था इस वासना के ज्वालामुखी का मुंह बंद करने के लिए.

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वो देखने में भी बहुत हैंडसम था और उसकी बॉडी भी बहुत अच्छी बनाई हुई थी उसने. नमस्कार साथियो … मैं आपका दोस्त नीलेश, अपनी पहली सेक्स कहानी लेकर आपके सामने उपस्थित हूँ. लेकिन पति को मेरी चूत चोदने की ललक थी इसलिए उन्होंने बाथरूम खुलने की आवाज नहीं सुनी.

शाम को बिना शर्म किए साइकिल स्टैंड की तरफ जाकर विशाल सर से मिलती और खूब चुम्मा चाटी करवाती. अब मुझे वियाग्रा का असर भी होने लगा था … जिससे मुझे अपना लंड फूलता सा लगने लगा था. मैंने उसे जोर से अपनी बांहों में भर लिया और उसे गोद में उठा कर अन्दर कमरे में ले आया.

अन्तर्वासना पर ये मेरी पहली कहानी है अगर मुझसे कोई गलती हो जाए, तो पहले ही माफी चाहता हूँ.

मैं उस दिन शिवानी के गले लग कर बहुत रोई, मगर यह सब आंसू खुशी के थे … ना कि दुख के. आंटी की मस्त सिसकारियां निकल रही थीं- आहह … अहहा … अहह … अहह … उम्म्म्म … उफफ्फ़ … और चूस और चूस उम्म्म्म … आह आह. वो मान गईं और ऊपर से उन्होंने फुद्दी पूरी टाइट करके लंड अन्दर धक्के की तरह मारना चालू किया.

नीलम के चूसने से उसका सुपारा एकदम लाल हो गया था। नीलम को ये मस्त लंड चूसने में मजा तो आ रहा था लेकिन साथ ही छत पर होने की वजह से डर भी लग रहा था. मैंने उसे टोकते हुए कहा- क्या बात है आज बड़ा प्यार आ रहा है मुझ पर?वो मुस्कुराई लेकिन कहा कुछ नहीं और उठ कर बैठ गयी।अब समय था रोमांच का … पहले मैंने वाइन से अपना पूरा मुंह भरा और और उसके होंठों की चूमते हुए उसे सारी वाइन पिला दी. अंदर मर्द की मलाई जायेगी तो रेट अगर कुछ अंदर हुई तो उसमें लिपट कर बाहर आ जायेगी.

बड़े घर कि लड़कियों के साथ घूमना उसका भी शौक था पर चूमा-चाटी के अलावा ज्यादा उसके बारे में कुछ अफवाह नहीं थी. उसका यह सब करना मेरी पत्नी को बहुत आनंद ले रहा था क्योंकि उसकी आहें और सिसकारियां निकलने लगी थी.

एक बार मैंने उसे अचानक पूछ लिया- तुमने कोई अपना बॉयफ्रेंड बनाया या नहीं?उसने धत कहा और शर्मा कर मेरे से दूर चली गई।चार दिन यूं ही बीत गए. पर इस चक्कर में उसके जोर लगाने से उसका खड़ा मस्त लंड मेरी गांड के छेद पर बार बार हल्के हल्के धक्के भी दे जाता था तो मुझे मजा आ जाता था. मुझे इस पोज में बहुत ज्यादा मजा आता था इसलिए अब मेरा झड़ना पक्का था.

मैंने उससे कहा- मैं झड़ने वाला हूँ … माल कहां निकालूँ?उसने कहा- मामा, अन्दर ही निकालो, भर दो मेरी चूत को अपने पानी से.

मैंने उठ कर अपनी नाइटी हटा कर संतोष जी के पैग में थोड़ा सा पेशाब कर दिया. रात बस होने ही वाली थी और सुमिना को लग रहा था कि इस समय काजल का अकेले जाना ठीक नहीं है।अब आगे:काजल मेरे साथ गाड़ी में बैठी हुई थी। पहले मैंने सुमिना के कपड़े ड्राइक्लीनर की दुकान पर दिये और फिर मैं काजल से उसके घर का पता पूछने लगा. मैंने उसके चूचों में मुंह दे दिया और उसके चूचों को दबाते हुए उनको पीने लगा.

मैंने इस बार लंड बाहर निकाल लिया और हाथ से हिलाते हुए सारा वीर्य उसकी पीठ पे डाल दिया. तू बहन मानता है मुझे और मेरे ही बारे में ऐसे बोल रहा है?वो गुस्सा हो गई और मैंने अपने हाथ खींच लिए और उसको सॉरी बोला।मैं उठा और उठ कर बाथरूम की तरफ चला गया लेकिन अपना मोबाइल छोड़ दिया वहीं। मैंने उसमें उसकी कुछ फोटो निकाली थी चुपके से।उसको इस बारे में पता नहीं था.

वीना आंटी को फिर से ज्यादा दर्द हुआ तो उन्होंने मुझे जकड़ कर रुकने को इशारा किया. विवान भैया मुझे किस करते थे तो वो मेरे होंठों को खूब चूसते थे जिससे मैं गर्म हो जाती थी और वो कभी कभी मुझे किस करते करते मेरी चूची को भी मसलते थे. फिर ऐसे ही कुछ दिन बीते थे कि एक दिन भाभी ने मम्मी से फोन पे कहा- आज मैं घर पर अकेली हूँ और मेरी तबीयत भी ठीक नहीं है.

जानेमन चुपके चुपके

मैं बोला- कंडोम लगा कर डालूं … या बिना कंडोम के?वो बोली- बिना कंडोम के ही डाल दो.

उसने मेरी छाती के दोनों तरफ अपने पैरों को रखा और अपनी चूत को मेरे मुंह के सामने रखती हुई मेरी छाती पर बैठ गई. दोस्तो, जब से हम आपस में मिले थे, हम दोनों के ही दिल में पत्नी की अदला बदली का ख्याल था. यार तुम इतनी जल्दी फ़ारिग हो जाती हो इसमें मेरा क्या क़सूर?” समीर ने अपनी बीवी से कहा।मैं तुम्हें अपने हाथों से फ़ारिग कर देती हूँ.

कहीं इसने मेरे दोस्त पवन को कुछ उल्टा सीधा बता दिया तो बचपन की दोस्ती टूट जायेगी. दिल्ली से आने के बाद जैसे ही मैं ऑफिस पहुंचा, तो उस वक़्त मेरे और उसके सिवा कोई नहीं था. खेत वाला सेक्सीहम लोग एक रेस्टोरेंट में गए, वहां लंच किया और शाम को 4 बजे तक वापस आ गए.

अनिल ने अब तक जिन चूचियों को कपड़ों के ऊपर से ही घूरा था आज वो उसकी आंखों के सामने बिल्कुल नंगे थे. मैंने मजाक में स्मायरा से कहा- आपको मेरे साथ डर तो नहीं लग रहा?वो बोली- मुझे आप मत बोला करो.

वह उठी और मेरे लंड पर थप्पड़ मारते हुए बोली- बस इतना ही दम था इसमें?मुझे बड़ी शर्म सी महसूस हुई, परन्तु बात सँभालते हुए बोला- इतनी भी क्या जल्दी है … रात अपनी है. स्वरा बोली- वाह जनाब … तूने तो लज्जत दिला दी … इससे पहले कहां था?मैं हंस दिया और हम दोनों ने फिर से एक बार चुदाई के अगले राउंड की तैयारी शुरू कर दी. मुझे दीवार के सहारे लगा कर वो मेरी नंगी चूत पर अपना लंड रगड़ने लगा.

अब क्या करें दोस्तो … हूँ तो मैं भी इंसान ही … जितना मन लड़कों का होता है सेक्स का … उतना ही लड़कियों का भी होता है, बल्कि ज्यादा ही होता है. सामने खड़ी हुई लड़की खुद किसी को कह कर अपनी भावनाएं बता रही थी।आंटी बोली- ये तुमको चाहती है, क्या तुम इस बात को जानते हो?मैं- नहीं आंटी, मैंने कभी ऐसा नहीं सोचा।आंटी बोली- जो तुम उस दिन कर रहे थे वो आज मेरे सामने करके दिखाओ. धीरे धीरे हम दोनों करीब आते गए, पर वो दूसरी लड़की कुछ नहीं करने देती थी.

ये देख कर कुछ पल बाद मैंने उनके पेट पर हाथ रख दिया और उनसे चिपक गई.

कभी कभी तो रमेश जो इन सबमें सीनियर था उसे रात को काफी देर हो जाती लौटने में तो इनमें से कोई न कोई उसके साथ प्रोजेक्ट पर रुक जाता. मैं तेजी से उसकी चूत को चोदने में लगा हुआ था और वो जल्दी ही अपने चरम पर पहुंच गई।मैंने अपनी स्पीड और बढ़ा दी। अब मैं उसके ऊपर चढ़ गया और उसके बूब्स दबाने लगा और बहुत जोर से उसके चूचों को खींचने लगा।अब मेरा भी होने ही वाला था.

मुझे इशिता के मम्मे तो नहीं दिखे … क्योंकि ये सब मैं पीछे से देख रही थी. मैं डिल्डो की तरह ही उसके असली लंड अपने मुंह में लेकर मजे ले रही थी. फिर मैंने थोड़ा सीरियस होकर कहा- आपको बुरा लगा क्या मेरी बात का?वो बोली- नहीं, बुरा तो नहीं लगा लेकिन थोड़ा अजीब लगा क्योंकि मेरे साथ किसी ने ऐसा मजाक किया नहीं था इससे पहले.

इससे पहले मैं कुछ शुरू करता आंटी ने मेरी लोअर के ऊपर से ही मेरे लंड को टच कर दिया. पर यह होड़ में आखिर में ही हार गई। मैं झड़ कर निढाल हो गयी।अगले ही पल रॉकी के लन्ड ने भी अपना काम पूर्ण किया और वीर्य का एक फव्वारा निकला और मेरी चूत को लबालब कर गया। रॉकी मेरी ऊपर ही पसर गया और हाँफने लगा।कुछ देर आराम करने के बाद जब घड़ी में समय देखा तो शाम के 5. कोई दो मिनट बाद ही वो अकड़ने लगी और मेरे बालों को पकड़ कर मेरा सर अपनी चूत में दबाने लगी.

बीएफ ब्लू फिल्म गुजराती प्रिय अन्तर्वासना पाठकोअप्रैल 2019 प्रकाशित हिंदी सेक्स स्टोरीज में से पाठकों की पसंद की पांच बेस्ट सेक्स कहानियाँ आपके समक्ष प्रस्तुत हैं…पूरी कहानी यहाँ पढ़ कर मजा लीजिये …पूरी कहानी यहाँ पढ़ कर मजा लीजिये …पूरी कहानी यहाँ पढ़ कर मजा लीजिये …पूरी कहानी यहाँ पढ़ कर मजा लीजिये …पूरी कहानी यहाँ पढ़ कर मजा लीजिये …. उनको देख कर मेरी चूत में गुदगुदी सी हो रही थी और पोर्न वीडियो देखते हुए पूरे बदन में झुरझुरी पैदा होने लगी थी.

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वो भी मुझसे इतनीगर्मागर्म बातेंकरने के बाद मिलने को बड़ी बेताब हो उठी थीं. उसके दोस्त ने कहा- कहा करती थी साले मार धक्के चूत को … यह काम क्या तेरा बाप करेगा?इसके बाद शिवानी पलट कर बोली- हरामी की औलाद … जब तुझे पता है तेरी मां अपनी चूत चुदवाते हुए क्या कहती थी, तो फिर किसलिए फालतू की बातें बोल रहा है. यह कह कर मैंने उसे बेडरूम और टॉयलेट वाले किस्से के बारे में सब बता दिया.

मैंने ख्यालों में काजल के चूचों को चूसना शुरू कर दिया और मेरे लंड पर मेरे हाथ की गति तेज होना चाहती थी. आपके क़रीब आते ही मैं अपना कण्ट्रोल खो देती हूँ इसीलिए मैंने फैसला किया है कि आज के बाद मैं आपके क़रीब नहीं आऊँगी. फुल सेक्सी फुल वीडियोहालांकि अभी म्यूजिक चल रहा था, पर दोनों की कामाग्नि अब उन्हें सिर्फ डांस तक चिपकने की इजाजत नहीं दे रही थी.

क्या हुआ?”कुछ ख़ास नहीं … वैसे ही जी ठीक नहीं है और सिर दर्द सा है।”माधवी कुछ रहस्यमयी ढंग से मुस्कुराने लगी थी। पता नहीं क्यूं?आप तो बड़े दिनों बाद आये हैं बताइये क्या लेंगे?”मन में तो चूत थी, पर मैंने पानी बोला। अब बताओ होगा कोई मेरे जैसा शरीफ आदमी?माधवी! आज गर्मी बहुत है, ठंडा ले आओ.

उसकी गोल गांड में मेरे लंड के झटके लग कर मेरा हाल बेहाल हुआ जा रहा था. प्रिय मित्रो, नमस्कार … मैं राकेश, ये अन्तर्वासना पर मेरी पहली सेक्स कहानी है.

बहुत संकरी चूत थी उसकी; इससे पता चल रहा था कि इससे पहले उसने कभी पहले ज्यादा बड़ा लंड नहीं लिया था. दस मिनट तक लंड चूसने के बाद राजनाथ ने मॉम को उठाया और बेड पे पटक दिया. आंटी ने धीरे धीरे मेरे सब कपड़े उतार दिए और मेरे लंड को पूरा मुँह में लेकर चूसने लगीं.

उसका दोस्त भी अपना लंड पेलता हुआ कह रहा था- हां ले मेरी रंडी … आज मैं तेरी चूत का सही में भोसड़ा बना कर ही जाउंगा … तू भी आज क्या याद करेगी कि किस लंड ने आज तुझको चोदा है.

फिर मैंने भी उसको छेड़ने के अंदाज में कहा- खूबसूरत तो आप हो ही लेकिन आज आपका चेहरा कुछ ज्यादा ही चमक रहा है. चूत पर मेरे होंठों का चुम्बन पाते ही वो पागल सी हो गई और अपनी चुत को मेरे मुँह पर पैर खोल कर रख दिया. उसकी जांघों के बीच में उसका लंड का उठाव भी दिख रहा था जिसको देख कर मेरी चूत गीली होने लगी.

सेक्सी पिक्चर हिंदी आवाज में” नीलम फिर से गर्म होते हुए अपने चूतड़ों को उछालते हुए बोली।सही कहा बेटी, यही बात तो मैं तुम्हें समझाना चाहता था” महेश ने अपनी बहू की तरफ देखा और उसकी चूत को बड़ी तेज़ी और ताक़त के साथ चोदने लगा। ससुर बहू की चुदाई का खेल अपने चरम पर था. वह यह साबित करने के लिए काफी थी कि अंदर दोनों भाई बहन के बीच क्या हो रहा है।ओह्ह्ह्ह भैया इतनी जल्दी भी क्या है, सारी रात पड़ी है … आह्ह्ह्ह एक ही धक्के में पूरा घुसा दिया.

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मैंने उससे पूछा- मजा आया?तो बोली- मजा तो बहुत आया लेकिन थोड़ा दर्द भी हो रहा है।मैंने कहा- थोड़ी देर होगा दर्द और फिर ठीक हो जाएगा।हमने आंटी जी के कमरे का दरवाजा खोल दिया और सोफे पर जाकर बैठ गए। उसे बैठने में थोड़ी तकलीफ़ हो रही थी।कुछ टाइम बाद आंटी जी आ गयी और सुलक्षणा फिर चाय बनाने रसोई में चली गयी. कल तक जिस लड़की के ख्यालों में जाकर मैं उसके नाम की मुट्ठ मार रहा था, आज उसका कोमल हाथ खुद ही मेरे लंड की मुट्ठ मार रहा था. और समीर का भी क्या क़सूर … तुम हो ही इतनी ख़ूबसूरत कि तुम्हें देखकर किसी भी आदमी का खड़ा हो जाए!” महेश ने इस बार अपने हाथ को अपनी बेटी की पेंटी तक लाकर उसे सहलाते हुए कहा।पिता जी आप यह क्या कह रहे हैं? मैं आपकी बेटी हूँ.

तो वो बोले- कोई बात नहीं बेटा, मैं हूँ ना, तुमको कोई परेशानी नहीं होगी. उसने मेरा मुंह अपनी चूत पर दबा लिया और अपने मुंह को किसी वाइब्रेटर के माफिक हिलाने लगी. मैंने उससे लंड छुड़ाते हुए कहा- ये क्या कर रही हो … मैं तुम्हारा मामा हूँ.

आपको मेरी भांजी अंजू की सील तोड़ चुदाई की कहानी कैसी लगी … प्लीज़ मुझे मेल करके जरूर बताएं. वहाँ पर हम बोर हो रहे थे तो हमने सोचा कि चलो घूम के आते हैं कहीं पर. कुछ देर लंड चुसवाने के बाद मैंने उसे खड़ा किया और किस करते हुए उसकी सलवार का नाड़ा खोल दिया.

सबने उस बोतल से शेम्पेन पी… सब बहुत खुश थे… एक नया तजुर्बा हुआ था और सबसे बड़ी बात कि कुछ भी एसा नहीं नहीं हुआ जिस पर वो सभी गिल्ट फील करते. ”मुकुल- शाबाश मेरी जान, ये हुई ना बात। हमें पता था कि हमारी प्यारी बिटिया हमें गांड ज़रूर देगी। अब अपने ये मोटे मोटे चूतड़ थोड़े से और ऊपर करो.

जहां तक बात मेरे लंड की है तो मेरे लंड का साइज करीब साढ़े छह इंच के लगभग है.

पंकज बहुत रिफाइंड टेस्ट वाला व्यक्ति था और सारिका ने भी अपना फ्लैट बहुत खूबसूरती से सजा रखा था. डॉग एंड गर्ल्स सेक्सहम दोनों खुले विचारों के थे इसलिए हम दोनों की आपस में बहुत अच्छी बनती भी थी और हम दोनों हमेशा एक दूसरे को किस करते रहते थे. தமிழ் செஸ் மொவயேआआह्ह … माँ … स्स्स … आदित्य … डाल दो प्लीज …” पूजा के मुंह से सीत्कार फूटा और मैंने लंड को हाथ से उसकी चूत पर सेट करके स्लैब की तरफ अपना सारा भारा धकेल दिया. जब उनको मुझे सताने का मन करता है तो वो इसी पोज में मेरी चुदाई करते हैं.

उस दिन भैया को किसी काम से बाहर जाना था, उनके साथ भैया के छोटे भाई को भी साथ जाना था.

तभी मैंने उसकी टी-शर्ट को ऊपर किया, जिसके नीचे उसने ब्रा नहीं पहनी हुई थी और यहां पहली बार मेरा सामना किसी नारी के नग्न ऊपरार्ध से हुआ था. रीतिका ने फोन रख दिया, तो चाची मुझसे बोली- अब क्या ख्याल है दामाद जी?मैंने लंड सहलाते हुए प्रीति से कहा- आपकी गांड को देख कर मुँह में पानी आ रहा है. तभी मेरे मन में आया कि यह बंदा तो शिकारी है, इसने तो मेरा शिकार कर लिया है.

मैंने सोचा कि मेरे रूम पर कौन आ सकता है क्योंकि मेरी तो किसी से ज्यादा बोलचाल भी नहीं है इस बिल्डिंग में. उसने शायद पहली बार लंड मुंह में लिया था इसलिए वो लंड को लेकर ज्यादा ही उत्तेजित हो रही थी. हां वो एक बार चोद कर घर वापिस आ सकता था मगर आख़िर लंड को जब चूत की खुश्बू मिल जाती है, तो उससे भी नहीं रहा जाता.

भूतों का गेम

मुझे तो ये बात पहले से ही पता थी कि विवान भैया मुझे वासना भरी नजरों से देखते थे इसलिए मैं भी उनको अपनी चूची दिखाती रहती थी. रात को मुझे यही सब सोच कर नींद नहीं आ रही थी … और मैं अपने रूम में बेड पर लेटी हुई थी. लगभग दस मिनट तक पति के मोटे लौड़े को चूसने के बाद उनके लंड में तनाव बहुत ज्यादा ही बढ़ गया मुझे लगने लगा था कि अब उनके लंड का वीर्य निकलने वाला है.

अब मैंने उसके मुँह में लंड दे दिया, तो वो बिना किसी नखरे के लंड चूसने लगी.

उसने झट से वो नाइटी भी उतार कर फैंक दी और पूरी तरह से नंगी हो कर वहीं बैठ गई … जैसे उससे उठा नहीं जा रहा हो.

जिस तरह से मेरी बीवी गैर मर्द के लंड से मजे लेती रहती है वैसे ही मैं भी किसी परायी चूत को चोद कर अपने लंड की प्यास बुझाना चाहता था. मैं दोबारा से जोर देकर पूछा- कुछ ऐसी-वैसी बात है क्या?वो कहने लगी- उनके पास मुझे देने के लिए वक्त ही कहां है. चाची सेक्स… आप सबने मेरी पिछली सेक्स कहानीगांव की देसी भाभी की मालिश और चुदाईएक बार फिर मैं अपनी सच्ची कहानी आप सब लोगों के सामने पर लेकर आया हूँ.

एक दिन मौका पाकर मैंने उससे कहा- क्या सेक्स करना चाहोगी मेरे साथ?तो उसने जवाब दिया- कैसे और कहां?मैंने कहा- अगर तुम तैयार हो तो स्कूल के बाथरूम में!लेकिन कैसे?”मैंने उससे सारी बात बताई तो वो उसके लिए तैयार हो गई।मैं उसे लड़कों के बाथरूम में ले गया, दरवाजा अंदर से बंद कर लिया. चाची ने मेरे हाथ को मुँह से हटा दिया- आह साले … तेरा लंड कितना बड़ा है … और इतना मोटा … मैं तो मर गई … तेरे चाचा का तो इसके सामने बेकार है … उई … फट गई रे मेरी चुत … चुद गयी रे मैं … आआह ऊऊह … कमीने धीरे धीरे चोद. मैंने भी देर ना करते हुए लंड एक ही धक्के में सीधा उसकी चूत में जड़ तक घुसा दिया.

मैंने चाची को मेरे हाथों में ऊपर उठा लिया और उनके पैरों से मुझे जकड़ने को कह दिया. फिर मैं उसकी चुत के पास नीचे बैठ गया और उसकी गीली हो चुकी चुत को चाटने लगा.

लेकिन सुबह ऑफिस के लिए देर हो रही थी तो मैं चुपचाप ऑफिस के लिए निकल गया.

इसके बाद फिर मैंने उन्हें डॉगी पोज में … और लंड के ऊपर बिठा कर भी ख़ूब मजा लिया. बैंगलोर जाकर हमने मंदिर में शादी कर ली और अब हम पति-पत्नी की तरह रहने लगे थे. जीजा बोले- अगले लॉज में तुमसे कोई पूछे तो बता देना कि तुम मेरी बेटी हो.

फुल एचडी सेक्स उसने मुझे उठा लिया और बेडरूम तक आते आते मेरे सारे कपड़े खोल दिए और अपने भी. मैं- थोड़ा सा दर्द होगा … बस फिर तुम्हें अच्छा लगेगानित्या- नहीं मत डालो … तुम्हारा लंड बहुत बड़ा है.

”क्यों?” मेरी झुंझलाहट बढ़ती जा रही थी।वो … वो मुझे घल पल ताम तलने ता पूछ लही थी. दोस्तों के साथ बाहर घूमने में तो इस तरह की संभावनाएं और भी ज्यादा हो जाती हैं. मैं नीचे से अपने खड़े हुए लंड को उसकी जांघों से सटाने की कोशिश कर रहा था.

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रूम पर रहने वाला कोई लड़का पूरे कपड़े पहने बैठा हो, ऐसा कभी हो नहीं सकता. अभी आंटी को मेरी जरूरत थी इसलिए मैं भी आंटी के पास ही रुकना चाह रहा था. अगले ही शनिवार को उसने मुझसे कहा- तुम दस बजे से पहले मेरे घर आ जाना.

फिर मैंने कुछ देर बाद कपड़े पहने और बाहर आ गया।दूसरा दोस्त दोस्त, जो कि बहुत ज्यादा उत्तेजित हो रहा था, उसने जल्दी-जल्दी किया और पाँच मिनट में वह बाहर आ गया।तीसरा दोस्त ने बहुत ज्यादा टाइम लगाया. ये तो हुई सुहागरात की लाइव फिल्म … पर दोस्तो, इस कहानी का सबसे बड़ा ट्विस्ट तो रह ही गया था, जो मुझे बाद में पता चला था.

मैं धक्के मारता हुआ कभी उसके होंठ चूसता तो कभी वो चूसती, कभी जुबान से जुबान लड़ाते तो कभी जुबान चूसते एक दूसरे की। बहुत मजा आ रहा था और अब तो उसकी चूत से चिपचिपा पानी रिस-रिस कर चूत के आस पास फैल गया था और पच-पच की आवाज निकलने लगी थी।इतनी मस्त और कसी हुई चूत थी शालिनी की कि अब तक तो मुझे झड़ जाना चाहिए था मगर पता नहीं क्यों मैं आज झड़ नहीं रह था। उसने अब पूरा साथ देना शुरू कर दिया था.

वह अपने ससुर की हरक़तों से बुहत ज्यादा गर्म हो चुकी थी।बेटी अपनी दोनों टांगों को खोलो, अब मैं नीचे बैठकर तुम्हारी अनमोल चीज़ को देखूँगा. तो माँ जब नहाने जाती थीं, तो मैं बाथरूम के दरवाजे की झिरी से माँ को नहाते हुए देखता था. अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज पढ़ने वाले मेरे प्रिय दोस्तो, मैं आपकी सखी सविता सिंह फिर से हाजिर हूँ.

जैसा कि आप सब लोगों ने मेरी एक कहानीवाइफ की गांड चुदाई इनकम टैक्स ऑफिसर सेमें आपने पढ़ा होगा कि मेरी वाइफ को की गांड इनकम टैक्स ऑफिसर ने मारी थी. 5-7 धक्कों के बाद ही महेश का पूरा लंड जड़ तक अपनी चूत में महसूस करके नीलम का पूरा जिस्म अकड़कर झटके खाने लगा क्योंकि वह झड़ने वाली थी। महेश ने अपनी बहू को झड़ने के क़रीब देख कर उसकी टांगों को छोड़कर उसके ऊपर झुकते हुए उसकी चूत में ज़ोरदार धक्के मारना शुरू कर दिया।आहहहहह पिता जी …” अचानक नीलम झड़ने लगी. वो बोली- हां प्रकाश अब ठीक है … जोर जोर से मार अभी … मेरी गांड में मुझे बहुत मजा आ रहा है.

मैंने स्मायरा से कहा- मेरा जोधपुर में दो दिन का ही काम है, मैं परसों जयपुर निकलूंगा, मैं परसों कॉल कर लूँगा और आपको लेने आ जाऊंगा.

बीएफ ब्लू फिल्म गुजराती: मेरे बॉस ने मुझे पिक किया और वो मुझे देखते ही बोला- वाह आज तुम बहुत सेक्सी लग रही हो. एक बार तो शबनम ने संकोच से मुश्ताक को ढूंढना चाहा पर वो बस इतना ही समझ पायी कि मुश्ताक और नायरा भी चिपटे हुए थिरक रहे हैं.

इस बार उसके गाल पर एक हल्के चुम्बन के बजाये, उसने अपने होंठों को उसके होंठों पर रख दिया कुछ सेकंड्स के लिए. ”पर … मेरे पास कहाँ समय होता है? सुबह तो ऑफिस जाना होता है और …” मैंने जानबूझ कर बहाना बनाया।मधुर मेरी बात को बीच में ही काटते हुए बोली- प्लीज रात को 9 के बाद पढ़ा दिया करो. बिंदु ने यह देख लिया और फिर से उस्ताद को हाथ में ले लिया और हम फिर से किस करने लगे.

आंटी ने मेरे लंड को फिर चूत पर सेट किया और बोली- अब ठोक दे साली को!उनके इशारे पर मैंने नेहा की चूत में लंड को पेल दिया और नेहा की चीख निकल गई, वो चिल्ला उठी- आआ … आंटी … बचा लो … मर गई …आंटी बोली- मर गई नहीं … चुदक्कड़ बोल कि चुद गई।नेहा की चूत ज्यादा खुली हुई नहीं थी जिससे मुझे पता लग रहा था कि उसने शायद अपनी चूत में लंड का स्वाद न के बराबर ही चखा है.

बीस मिनट की चुसाई के बाद मैंने भाभी को देखा तो उन्होंने इशारे से लौड़ा चूत में प्रवेश करने का आग्रह किया. फिर मैंने अपने हाथ की स्पीड को कम कर दिया और आहिस्ता से सुमन की चूत में डिल्डो को चलाने लगी. हम दोस्तों में एक आदत थी कि हम हुक्का पीने के बाद एक-दो घंटे के लिए सो जाते थे.