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अन्तर्वासना पर ये मेरी पहली सेक्स कहानी है, तो भूल चूक माफ कर देना. बच्चा गिराने की दवाईफिर मैंने अपने कपड़े उतार दिए और पति बोले- आज वो ट्रांसपेरेंट नाईटी पहन लो और ब्रा उतार दो, सिर्फ पेंटी पहने रहना.

उसकी बात सुनकर मुझे लगा कि हो सकता है कि ये सच बोल रही हो … लेकिन अब की स्थिति कुछ दूसरी बन गई थी. नंगा नाचोफिर मैं नीचे लेट गया और उसको खुद ही मेरे होंठों पर अपनी चूत को रगड़ने के लिए कहा.

इंस्पेक्टर ने पूछा- किसके साथ?मैंने कहा- भाई का एक फ्रेंड था, उसके साथ.नई नंगी बीएफ: एक ने मेरी चूत को चोदना शुरू कर दिया और दूसरे कोच ने मेरी गांड को चोदना शुरू कर दिया.

लेकिन जब शहर की लड़कियां और भाभियां चोदीं, तब मालूम हुआ कि मेरे देसी लंड की साइज़ औसत लंड से काफी बड़ी थी, जिस वजह से मेरा लंड बड़ा पापुलर हो गया था.आएशा- धन्यवाद … गाड़ी क्यों खुश है?ये कहते समय उसके चेहरे पर एक शरारत भरी मुस्कान थी.

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मैंने कहा- कल तो संडे है?यश ने आंख दबाते हुए कहा- तभी तो कहा है … तुम आना तो सही.उसकी बढ़ती हुई सांसों और बढ़ी हुई धड़कनों के साथ ही उसके ऊपर नीचे होते वक्ष इस बात के गवाह थे कि उसके अंदर मेरे शब्दों ने वासना की चिंगारी फूंक दी है.

मेरा नहीं हुआ था, तो मैंने टीचर को घोड़ी बनाया और पीछे से उनकी चूत में लंड घुसाने लगा. नई नंगी बीएफ अब मैं लंड तेजी से अन्दर डालता और दुगनी रफ़्तार से लंड को बाहर खींच लेता.

मैं उसकी बुर में लंड को धकेल रहा था तो लग रहा था कि लंड छिल रहा है.

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और उसके बाद …जब मेरी शादी हुई तो मेरी उम्र 26 साल थी और मेरी पत्नी की 19 साल. वो सब समझ गई थी कि मैंने उसकी फिंगरिंग करते समय की मादक आवाजें सुन ली हैं. मैंने सोचा कोई जल्दी नहीं है, आराम से काम करते हैं और मैं उसकी पीठ सहलाने लगा.

उसने मुझे नीचे गिरा लिया और मेरे लंड को हाथ में लेकर उसकी मुठ मारनी शुरू कर दी. वो कह रही थी- आह पियो राज … चूस लो … आ बहुत मज़ा आ रहा है … इसस्शह हुउऊउउ … और पियो … पी जाओ राज. मैंनेनंगी भाभीदेखा तो मुझे एकदम से वासना चढ़ गई और मैं उसके मदमस्त शरीर से खेलने लगा.

फिर वो कहने लगा- देखो, अगर किसी ने कुछ बोला है तो मुझे साफ साफ बता दो. उसने गुर्रा कर पूछा कि क्यों निकाला … कुत्ते?मैंने उसकी चूचियों को पकड़ते ही घुमाया और कहा- साली, अपने कुत्ते की कुतिया तो बन जा. प्रशांत अक्सर मेरे घर आता था, वो भी मेरी मां को अपनी मां जैसी ही मानता था और मम्मी ही बोलता था.

थोड़ी देर बाद मैंने उसे घोड़ी बनने के लिए कहा, तो वो झट से गांड हिलाते हुए कुतिया बन गई. करीबन 20 मिनट तक मस्त रोमांस करने के बाद मामी से रहा नहीं गया, वे बोली- भांजे, अब अपनी मामी को पेलो! नहीं तो मर जाऊंगी मैं!मैंने भी अपना लण्ड निकाला एक ही झटके पूरा 7 इंच मोटा लौड़ा मामी की चूत में घुसा दिया.

मेरे सीने से सटी चूचियां मुझे पल दर पल और ज्यादा उत्तेजित कर रही थीं.

अचानक लाईट चली गयी, कमरे में अंधेरा हो गया और मेरा पैर किसी चीज से लगा और मैं लड़खड़ा कर हिमानी के ऊपर गिर गया.

किसी तरह 1 घंटा बीता तो मैं इंतेज़ार करने लगा कि भैया कब बुलाएंगे।तभी उन्होंने आने का इशारा किया तो मैं शर्माते हुए उनके पास गया तो उन्होंने मुझे दूसरी किताब दिखायी. भाभी ने मेरी अंडरवियर को नीचे कर दिया और मेरा लंड उसके मुंह के सामने उछल कर आ गया. फिर प्रशांत ने गुस्से में अपने पापा को झापड़ मारा और मेरी मम्मी को बचाया.

शायद ये दवा गैंगबैंग के पहले अंजलि ने इसलिए खाई थी, ताकि वो एक साथ पांच के लंड झेल सके. जब उसने पूरा लंड चूत में ले लिया तो वो ऊपर नीचे होकर उस पर कूदने लगी. फिर उसने मेरी ओर देखा और एकदम से मेरे लंड को मुंह में लेकर चूसने लगी.

अब पति आगे हैं तो मैं कहाँ पीछे थी, मैंने भी कई नए लड़कों के लंड चूत और गांड में लिए.

यद्यपि अपने देश में ऐसे पतियों की संख्या बहुत कम हुआ करती थी परन्तु आज के सूचना संचारण के फलस्वरूप विचार प्रसारण संसाधनों की वृद्धि से इनकी संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है. दीदी का कुरता उसके मम्मों तक ऊपर लाने के बाद मैंने दीदी के हाथ को पकड़ कर अपने बरमूडे में डाल दिया. उसने कॉर्नर सीट बुक की हुई थी तो हम आकर अपनी सीटों पर बैठ गए।मूवी शुरू हुई और हम देखने लगे.

उस डिम लाइट में अजय अंकल का लंड किसी हीरे की तरह चमक रहा था जिस पर अभी अभी फिनिशिंग की हो।अब वो हीरा गुफा में डालने का वक्त आ गया था. यश ने मुझे उठाया और रूमाल से मेरी आंख भी बंद कर दीं और सोफे पर सीधा लिटा दिया. दो तीन घण्टे बाद मेरी नींद टूटी तो देखा कि उसका लण्ड मेरे गांड में घुसा हुआ था और वो धीरे धीरे मेरा गांड बजा रहा था.

गर्म गर्म चूत और उससे निकलने वाला रस, मुझे मेरे घुटने पर महसूस कर रहा था.

उसने अपने हाथों को नीचे ले जाकर मेरे चूतड़ों पर रख दिया और मेरे चूतड़ों को अच्छे से दबाने लगा. ब्रून इस समय एकदम टुन्न था उसने इन कराहों पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया बस लगा रहा.

नई नंगी बीएफ मेरे हम उम्र दोस्त भी इस बात का कई बार मजाक उड़ाते थे तो फिर घरवालों से क्या उम्मीद की जा सकती थी. कुछ दिनों बाद उसने आकर मुझसे पूछा- तुम मुझसे ज़्यादा बात क्यों नहीं कर रहे हो?मैंने कहा- तुमको खुद ही मुझसे बात करने की इच्छा नहीं थी, तो मैं क्या करता?वो बोली- ये तुम कैसे कह सकते हो?मैंने कहा- जब तुम्हारे पास मोबाइल था और तुमने मुझे नम्बर नहीं दिया, तो मुझे लगा कि तुम्हें दोस्ती करने में कोई दिलचस्पी नहीं है.

नई नंगी बीएफ मैंने थोड़ा आराम से झटका दिया, तो लंड चुत से फिसल कर नीचे की और चला गया. दोस्तो, आपको मेरी ये गर्लफ्रेंड की चूत चुदाई सेक्स कहानी कैसी लगी … प्लीज़ मेल करके जरूर बताना.

मैंने अपने सारे कपड़े निकाल फेंके और बहन की जवानी पर चुदाई की हवस में चढ़ाई कर दी.

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भैया बोले- और ब्वॉयफ्रेंड?मैंने कहा- अरे ये आप क्या बात कर रहे भैया?वो बोले- क्यों नहीं रहे क्या?मैंने कहा- नहीं. सब मेहमान मम्मी को घूर रहे थे और मम्मी को देख कर मेरे सभी दोस्तों का तो लंड टाइट हो गया था. मैं पति को रोज शर्त के बारे में पूछती थी तो एक रात पति ने मुझे एक वीडियो दिखाई जिसे देखकर मुझे अपनी आँखों पर यकीन नहीं हुआ.

ये सेक्स कहानी तब शुरू होती है, जब मेरे पिताजी मेरी मां को छोड़ कर किसी ओर औरत के साथ चले गए थे. मैंने उससे पूछा- निकल जाऊं?उसने कहा- कंडोम हटा कर मेरे मुँह में निकलो. मैंने उससे मजाक करते हुए पूछा- क्या दिखा?वो बोली- वो!मैंने कहा- क्या वो?उसने मेरे लंड की तरफ इशारा किया- ये …मैंने पूछा- इसका कोई नाम भी होता है.

वो गांड मटकाते हुए कमरे में चली गयी और उसने जाते हुए कहा- जब मैं आवाज दूँ, तो बेडरूम में आ जाना.

मैंने भाभी को उठाया और बोला- चलो भाभी, मैं आपको कमरे में सुला देता हूं. उधर कोई नहीं दिखा तो वे वापस आकर मेरे लंड के तांगें में आगे घोड़ी सी जुत गईं. माँ- अहह सोनू … इस आसन को बस मैंने मूवीज में देखा है। कभी किया नहीं था.

हम दोनों साथ में ही पले बढ़े थे लेकिन अब जवानी की हवाओं ने भावनाओं का रुख बदल दिया था. उसके कहने पर मैंने अपने हाथ की मुट्ठी बना ली और उसकी चूत में देने लगा. बस फिर तो मैंने अपनी टांग उठाकर उसकी जांघों पर रख दी और मेरे हाथ उसकी चूचियों पर पहुंच गये.

हम सबने नाश्ता किया और वहाँ भी पापाजी कुछ नहीं बोले, नाश्ता करके वो अपने कमरे में चले गए. क्या करता घर में शादी होने के कारण कोई जगह ही खाली नहीं मिल रही थी.

मैं उस जवान कॉलेज गर्ल की चूत का रस पी चुका था और उसकी चूत चुदाई के लिए मचल रहा था. जब एकदम से वीर्य निकलने को हुआ तो मैंने आंखें खोल दीं और शीशी को लंड के टोपे के सामने मूत्र द्वार के सामने लगा दिया. हम दोनों साथ में ही पले बढ़े थे लेकिन अब जवानी की हवाओं ने भावनाओं का रुख बदल दिया था.

करीब 15 मिनट की धकापेल के दौरान भाभी 2 बार झड़ चुकी थीं … और अब मैं भी झड़ने की कगार पर आ गया.

उसने अपनी साड़ी का पल्लू हटाते हुए अपने मम्मों को उठा दिया और बोली- मेरे पास तो ये आम हैं … लो चूस लो. वैसे यह कहानी आपको कैसे लगी?आप अपनी मेल मुझे कर सकते हैं, मेरी ईमेल आईडी नीचे दी गयी है. जब वो गाड़ी में बैठ कर चला गया तो गेट बंद करने के बाद चित्रा ने ऊपर की ओर देखा.

जैसे मैंने राजश्री के मुंह से चौकीदार का नाम सुना मुझे अपने कानों पर यकीन नहीं हुआ. मेरी बात सुनते ही वो मेरी नाभि में अपनी जीभ घुसाने लगीं, मुझे गुदगुदी सी होने लगी.

मैं उसके बर्थडे वाले दिन उसके लिए केक और एक प्यारा सा गिफ्ट लेकर चला गया. जैसे ही मेरी उत्तेजना कम हुई, मेरा शरीर ढीला पड़ गया और अंकल मेरे पैरों की कैद से आजाद हो गए. मैंने उसकी आंखों को पढ़ते हुए कहा- ठीक है … मैं थोड़ी देर में आता हूं.

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शायद अब वो मेरी मंशा जान चुकी थी … मगर उसने कुछ भी प्रतिक्रिया नहीं दी.

मैंने धीरे से उसकी सलवार को नीचे किया, सलवार के नीचे गुलाबी रंग की पेंटी थी. दो तीन घण्टे बाद मेरी नींद टूटी तो देखा कि उसका लण्ड मेरे गांड में घुसा हुआ था और वो धीरे धीरे मेरा गांड बजा रहा था. तब अजय अंकल ने मेरी मां के मुंह में आंड दे दिए और चाटने को बोला।माँ वैसे तो कुछ गुस्से में थी लेकिन तब भी उन्होंने आंड को बहुत अच्छे से चांटा और अंकल के लंड से अपना गला गीला किया.

मैंने सोच रखा था कि उस दिन मैं कम से कम उससे एक किस के लिए तो पूछूंगा ही, क्यूंकि अगर वो मना करती, तो मैं उसके बाद उसमें कोई समय बर्बाद नहीं करने वाला था. कोई दस मिनट आराम करने के बाद मैं उठा, तो देखा कि बेड की चादर खून से लाल हो गयी थी. फिगर कैसे बढ़ते हैंउमेश बोला- ठीक है … तो फिर मैं कल आपको लेने कितने बजे आऊं?मैं बोली- 8 बजे ठीक रहेगा … क्योंकि दूर जाना है.

करीब एक मिनट तक यूं ही मेरी गांड मारने के बाद उन्होंने मुझे अपनी बांहों में उठा लिया. अंजलि एक रंडी की तरह बीच में बैठ गई और सब उसके चारों ओर खड़े होकर उसकी तरफ लंड लहराने लगे.

चूत में लंड जाते ही उसके चेहरे के आनंद को देखकर मुझे समझते देर न लगी कि बहुत दिन से यह चुदासी है. यहां तक कि कानून व्यवस्था और सरकार में जब इस तरह के मामले आते हैं तो आमजन को यही लगता है कि अपराधी केवल और केवल पुरूष ही होगा. उसकी जीभ मुझे अपने निप्पलों पर फिरती हुई इतनी गर्म लग रही थी कि मैं बस कसमसा कर रह गई.

मैं उसकी चूत में धक्के लगा रहा था और चुदक्कड़ भाभी नीचे से अपनी गांड उठा कर मेरे लंड की तरफ चूत को धकेल रही थी. जब मैंने सिगरेट जलाने के लिए लाइटर निकालना चाहा तो जेब में लाइटर भी नहीं था. फिर एक दिन वो मुझसे प्रभावित हो ही गई और उसने भी मुझे आई लव यू टू कह दिया.

मैंने पूछा- गुस्सा क्यों हो रही हो?वो बोली- बियर के लिए आपने मुझसे क्यों कहा … वहां पर लाइन में सब लोफर लोग थे.

वो बाइक से कपड़ा निकालने चला गया और तब तक मैंने अपनी साड़ी हटा दी ब्लाउज के बटन खोल दिए … और पेटीकोट भी ढीला कर दिया. मुझे लगा यह भी शुभम की तरह मेरा हाथ अपने लौड़े पर रखवाएगा … लेकिन वह मेरे हाथ को प्यार से सहलाने लगा.

जबकि मैं पूरी कोशिश कर रही थी कि जल्दी से जल्दी घर में एक बच्चे की किलकारी गूंजे. पक …” की आवाज के साथ उनका लंड मेरी चुत से बाहर निकला और हम दोनों का काम रस मेरी चुत से चादर तक बहने लगा. उसके बाद फिर मैंने उसकी टीशर्ट को निकाल दिया और उसकी चूचियों को पीने लगा.

उसने बताया कि अगर वो किसी से पूछ लेगी, तो फिर उन्हें मना नहीं कर पाएगी. मेरी स्कर्ट भी इतनी छोटी थी कि मुश्किल से मेरी पैन्टी को ढक रही थी. इतने में मैंने शोभा की चूत अपने रस से भर दी तो शोभा ने मुझे ध्क्का दिया और गुस्से में बोली- प्रेग्नेंट करोगे क्या?मैंने उन्हें पकड़ कर अपनी तरफ खींचा और चूमने लगा।वह कहने लगी- हटो … यहाँ से जाओ अपने कमरे में!मैंने कहा- रिलैक्स … कल दवाई ले आऊंगा.

नई नंगी बीएफ सुबह 5 बजे भूख लगने से नींद टूटी, तो देखा कि फोन में अमीषा के 8 मैसेज आए हुए थे. मैं चाहता तो था कि नीलोफर से जाकर उसके घर पर मिल लूं और उसका काम कर दूं क्योंकि मुझे खुद ही उसके पास जाने का मौका चाहिए था.

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तेज नशे वाली दो बियर पीने के कारण रानी ठीक से चल भी नहीं पा रही थी. कुछ देर तक मेरी जांघें चूमने चाटने के बाद अंकल और नीचे आ गए और अपनी नाक मेरी चुत पर पैंटी के उपर से ही रगड़ने लगे. इस वजह से हम दोनों इतना करीब आ गए थे कि मुझको कुछ समझ ही नहीं आया कि ये क्या हुआ.

सेक्स करने में हम दोनों नए थे, इसलिए जैसे जैसे हम आगे बढ़े … हमको और ज़्यादा मजा आने लगा. फिर वो मेरी छाती पर झुकी और मेरे सीने पर अपने मम्मों को रगड़ते हुए मेरे लंड को चोदने में लगी रही. गुजराती विडियो गीतफिर मेरे शौहर ने कहा- हम अपने सामान को लग्गेज कम्पार्टमेंट में रख देते हैं.

मैं अपने मामा के घर गया तो मामा की जवान बेटी की गांड को देख मेरे लंड में हलचल होने लगी.

[emailprotected]कहानी का अगला भाग:अनजान चालू भाभी की चुत की चुदाई का मजा-2. मैं अपना मुँह उनकी बुर के फांकों पर लगा कर पैंटी के ऊपर से ही चाटने लगा उम्म्म् … मुच मुच मुच …मामी के मुँह से सिसकारियां निकलने लगीं- अह्ह … उह्ह्ह्ह … उह … मेरे राजा चूसो मेरी चूत को … अह्हह … मज़ा आ रहा है.

क्लास में आने के बाद उन्होंने अपना परिचय देना शुरू किया- मेरा नाम तन्वी है और एक एक करके आप सब अपना परिचय दीजिये. ब्रून वाहन चलाने की वजह से बीच में था और रानी ब्रून की तरफ अपनी एक टांग गियर के हैंडल को अपनी चुत के सामने लेकर बैठी हुई थी. पहले मैं बाथरूम में गया और मुझे जाते ही मन में लगने लगा कि आज का दिन मेरे लिए कितना लकी होने वाला है.

मैंने भी वहीं से कमर को ऊपर नीचे करना शुरू किया और उसके मुँह को चोदना शुरू कर दिया.

वो भी मादक सिसकारियां लेते हुए इस बात का इशारा कर रही थी उसके अंदर अब वासना की आग को हवा दी जा रही है जो हर पल भड़कती ही जा रही है. चौकीदार ने राजश्री को उसकी सहेली की चूत दिलवाने के लिए राजी कर लिया था. उसका फिगर भी 32-30-34 के लगभग का था। बाइक पर चलते हुए मैं जब भी ब्रेक लगाता तो उसके चूचे मेरी पीठ पर रगड़ खाते और दब जाते थे.

कोटी वाली फ्रॉकमैं इस काम में इतना मास्टर हूँ कि किसी भी लड़की या भाभी के मम्मों को ही चूस कर उसको गर्म करके उसकी चूत से पानी निकाल सकता हूँ. तेल से मम्मों और चूत को घिसने के बाद मॉम ने एक नई फैंसी सी ब्रा और पेंटी निकाली.

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मैंने तुरन्त कोल्ड ड्रिंक का गिलास टेबल पर रखा और उनसे हाथ जोड़कर माफी मांगने लगा- प्लीज मैम मुझे माफ़ कर दीजिये. करीब साल भर बाद पुणे की किसी कम्पनी से अच्छा ऑफर मिला तो उसने पुणे जाकर ज्वाइन कर लिया. अब मैंने उसकी भगनासा को सहलाना शुरू किया तो उसे जैसे आग सी ही लग गई.

अंकल ने मेरी आंखों में झांक कर देखा, तो मुझे शर्म सी महसूस हुई और मैं नीचे देखने लगी. मैंने मालती की छोटी बहन को कैसे चोदा, वो मैं अगली सेक्स कहानी में लिखूंगा. काफी देर की चुदाई के बाद बाद हम दोनों झड़ गए और कुछ देर बाद तैयार होकर ब्रेकफास्ट के लिए आ गए.

उसके हाथ अब भी मेरे सर पर लगे थे और मैं उसकी चुत की मलाई को बड़े मजे से चाट कर मजा ले रहा था. 7-8 मिनट के बाद मां झड़ गई और उनका सारा माल अभिनव की उंगली पर लग गया जिसे अभिनव ने चाट लिया और बाकी बचे माल पर अभिनव ने जीभ लगाकर मां की चूत को साफ कर दिया. मगर मुझे बाद में पता चला कि इस तरह से बैठने के पीछे भाभी का मकसद कुछ और ही था.

हालांकि मेरी मुराद पूरी होने का और कोई तरीका भी नहीं था, इसलिए मैंने हां कर दी. फिर भी पूरे मजे के साथ हमने दूसरा राउंड भी पूरा किया।चुदाई के दूसरे राउंड के बाद जब मैंने सुमन की चूत से लण्ड को बाहर निकाला तो देखा कि सुमन की चूत का खूनखराबा होकर बिस्तर पर बह रहा था और चूत पर सूजन भी आ चुकी थी।मैंने उसको सहारा देकर और गोद में उठाकर बाथरूम तक पहुँचाया.

पापाजी का लंड अभी पूरी तरह से खड़ा नहीं था मगर फिर भी बहुत मोटा और बड़ा लग रहा था.

वो मुझे लगातार प्यार करता रहा और कुछ देर बाद बिना झटके लगाए उसका लंड झड़ने को हुआ तो उसने मुझे लंड मुंह में लेने को कहा. चुदाई की सेक्सी स्टोरीचुदाई में तो बस लंड और चूत का खेल होता है जो कुछ ही मिनटों का काम है. खान का सेक्स वीडियोभाभी ने एक दो बार तो मेरे हाथ को खींचने की कोशिश की लेकिन फिर वो कसमसाने लगी. मॉम ने मेरी आंखों में वासना से देखा, तो मैं दोनों हाथों से उनके दोनों आमों को 2-3 बार दबा दिया.

साल भर के बाद एक दिन मेरी सास ने मुझसे कहा- अब हमें वंश को आगे बढ़ाने के बारे में सोचना चाहिए.

रानी ने अपनी चूचियों को सहलाते हुए मेरा मूत अपनी चूत में गिरवाना जारी रखा. उस समय मां के बड़े बड़े स्तन हमारे सामने खुले रहते थे और मां की गहरी नाभि का क्या मस्त नजारा होता था. पच-पच … गच… गच … की आवाज के साथ पट-पट करते हुए मैं उसकी चूत में लंड से चोदने लगा.

हम दोनों ससुर बहू को चुदाई करते हुए 10 मिनट हो चुके थे और फिर मेरा पानी एक बार फिर निकल गया था. मैंने चुत में उंगली करते हुए बोला- जी मेम … आपको पसंद आया?वो ‘हां … बहुत मस्त है. मगर अभी भी मुझे उसके साथ किया गया वो पहला सेक्स अक्सर याद आ जाता है.

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मेरी माँ रो कर बोली- मुझे पता नहीं क्या समझा है जो तुम अपने दोस्त को ले आये, क्या इज़्ज़त रह गयी मेरी?अब सोनू ने मां को अपनी आगोश में लिया और मां की गर्दन पर चूमने लगा.

बहन की चूत चुदाई में बड़ा मजा आ रहा था … मजा तो चूत में आता ही है … मगर जब लंड अपनी बहन की चुत में घुसा हो, तो मजा दुगना हो जाता है.

आंटी बोली- हां मादरचोद, तुझे तो बहनों की चूत चाटने में ही मजा आयेगा. कभी पूल के अंदर तो कभी ऑफिस के अंदर उन्होंने मेरी चूत को बहुत चोदा. अनपढ़ बहुशाम को वो आयी और पूछने लगी- कचौरी कैसी लगी आदित्य जी?मैंने कहा- बहुत अच्छी थी मैडम.

दोस्तो, मैं डॉक्टर सुनील, जबलपुर से एक बार फिर से हाजिर हूं अपनी एक नयी कहानी के साथ. अजय अंकल बोले- अगर किसी और औरत से भी मेरे बारे में पूछोगी तो वह भी बता देगी।माँ बोली- कितनों को बर्बाद किया है आपने?उन्होंने बोला- तुम्हें नहीं चोदा था अब तक, और नया कपल जो आया है उनको नहीं चोदा।तो मम्मी ने हंस के उनसे कहा- अरे वे तो नए आए हैं, उनको तो छोड़ दो।अंकल ने कहा- हम किसी को छोड़ने के लिए नहीं करते हैं बल्कि सब पर अपना अधिकार जमाते हैं. उसने एक मिनी स्कर्ट और बिना बांहों वाला टॉप पहना हुआ था, जिसका गला काफी गहरा था.

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जब मैं और प्रशांत 12वीं क्लास में आए, तो हमने पहली बार पोर्न देखी और अब हमारे अन्दर का मर्द जागने लगा था. फिर बोले- बहू क्या हुआ?मैंने कहा- पापाजी, अभिजीत ने मुझे रूम से बाहर निकल दिया है. फिर मैंने आंटी से पूछा- आंटी, रमेश की जांच हो गयी है क्या?आंटी बोली- ये लोग तो मेरी सुनते ही नहीं है.

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कृति ने कहा कि अगर मैं अपनी सास से कह दूं कि आपका लड़का कुछ करेगा तब तो पोता आयेगा तो हमारे घर में बवाल हो जायेगा.

मैंने उनसे कहा- मुबारक हो, आप दोनों को मां बनने का सुख मिला, पर एक बात मुझे समझ में नहीं आई कि ये लॉकेट आपकी सासु मां ने क्यों दिया? क्या उनको ये सब पता था?मेरे मुँह पर उंगली रखते हुए बड़ी बोली- पूरी रात अपनी है … सब बताऊंगी. ये तोहफा हमारे सासु मां की तरफ से आपके लिए अपने कलेजे से लगा कर रखियेगा. मोटी मोटी जांघें, गोल मटोल गांड और हमेशा पटियाला सलवार और कुर्ते में रहने वाली एकदम सेक्सी पुड़िया लगती थी वो मुझे।अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज में यह मेरी पहली आपबीती कहानी है.