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यू एस में मेरी कंपनी में एक नई अमेरिकन सेक्सी गर्ल ट्रेनिंग के लिए आई. हिंदी सेक्सी वस्नान करने के दौरान मंजू मेरे लण्ड को अपने मुंह में लेकर चूसने लगी.

हालांकि नम्रता की चूत भी लसलसी हो चुकी थी, फिर भी माल अभी बाहर नहीं निकला था. हिंदी में सेक्सी फिल्म एचडी वीडियोइधर जीजा ने रियल में ही मेरी चूत पर लंड लगाया और एक जोर का धक्का मारा तो मैं चिल्ला पड़ी- साले हरामी, आराम से लंड डाल, बहुत दर्द हो रहा है.

वह मुज़फ़्फ़रपुर अपने पति के साथ चल रहे तलाक़ वाले मुक़दमे के सिलसिले में अक्सर आती जाती रहती है.बीएफ पिक्चर आ जाए: फिर उसने कहा- अगले हफ्ते मेरे पति मेरी सासू माँ को दिल्ली के हॉस्पिटल में लेकर जाना है, तुम मेरे घर पे मिल लो.

वो मेरे ऊपर चढ़ गया था और मेरी चूचियों को दबाते हुए मेरे होंठों को चूसने लगा.मैंने उसके ब्लाउज के हुक लगा दिए और पेटीकोट के डोरी को भी अच्छे से बांध दिया, जैसे कि पहले थी.

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अब मैं रोजाना माँ के सोने के बाद माँ की चुत भी चाटता हूँ और लंड भी डाल देता हूँ.उसकी बात से मुझे मालूम हुआ कि उसके पापा एक बड़े पहलवान जैसे शरीर के आदमी हैं … और उसकी मम्मी अपने मर्द को झेल नहीं पाती थीं.

कुछ नहीं अंकल जी, ऐसी कोई बात नहीं!” मैंने बात टालने के लिए कह दिया. बीएफ पिक्चर आ जाए मैंने कहा- तुम्हें अभी मज़ाक सूझ रहा है … इधर अंधेरे के कारण मेरी जान जा रही है.

हीना अपनी चुत चूसने से जितनी बेचैन होती, वो लंड को मुँह के उतने ही ज्यादा अन्दर डाल कर चूसने लगती थी.

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ये बात उसने मुझे खुद बताई थी कि उसका गुजरात में 4 लड़कों के साथ चक्कर था जिन्होंने उसे खूब चोदा था. बार बार रानी ने जो जो किया या कहा था वो सब एक फिल्म की तरह मेरे मन में चल रहा था. कुछ ही देर के इस मदमस्त युद्ध में हीना अब मदहोशी के शिखर पर पहुंच चुकी थी.

अरे शालिनी जी, शर्मा क्यों रही हो?” मेरी पीठ को सहलाते हुए उसने पूछा।प्लीज, मुझे शालिनी जी मत कहो!” मैंने उनके सीने के बालों को सहलाते हुए कहा- मुझे केवल शालू कहो, सब मुझे प्यार से शालू ही बुलाते हैं. फिर वो इसको आगे से आगे अपने दोस्तों से मिलवाएगा, इसकी फ़ोटो भी ले सकते हैं, ब्लैकमेल भी कर सकते हैं और सबसे बुरी बात यह प्रेग्नेंट भी हो सकती है, आप चिंता मत करें, कुछ दिन बाद जब इसकी शादी होगी तो यह से अपने आप छोड़ देगी. फिर भैया किचन से चॉकलेट लेकर आये और मेरी चूची पर चॉकलेट लगा कर मेरी चूची को चूसने लगे.

मैंने सोचा कि मानसी आज कुछ ज्यादा ही चुदासी हो गई है इसलिए इसकी आवाज भी अलग रही है. कुछ ही देर बाद मेरा बदन अकड़ने लगा, मैं अपने पैर छटपटाते हुए झड़ने लगी. मेरे घर वाले कहीं जाते हैं तो वो लोग एक नौकरानी को मेरे साथ घर पर छोड़ देते है.

मेरे लण्ड में दर्द हो रहा था, मैंने सारा से कहा- दिलिया का निचला होंठ चूसो!इससे दिलिया की चूत ढीली हो गयी और अगले धक्के में लण्ड पूरा अंदर चला गया. हम दोनों ही सुध बुध खो कर पूरी तल्लीनता से चुदाई का मजा लेने में लगे थे.

मुझे थोड़ा आराम मिला, तो मैंने इशारे से मुँह पर से हाथ हटाने को बोला.

अब मेरी सास रोज़ ताने मारती कि मेरे पापा ने कोई दहेज़ नहीं दिया और सिर्फ थोड़े से पैसे लगाए शादी में.

रिया- मगर गांड में तो आपने खीर भर रखी है डैडी।रमेश- लण्ड अपनी जगह बना लेगा साली रंडी। तू कुतिया बन जा।रिया फिर चौपाया हो गयी और रमेश के सामने अपनी भूरी छेद वाली गाँड परोस दी।रमेश ने उसके भारी भरकम चूतड़ों पर पहले थूका और तीन चार करारे थप्पड़ मारे। रिया थप्पड़ से उठे दर्द से ज्यादा आनंद महसूस कर रही थी। उसने खुद ही अपने चूतड़ पर तमाचे मारे- सटाक … सटाक … और मारो. रितेश छत के रास्ते मीरा से मिलने निकल पड़ा, उसने इस वक्त सिर्फ़ लुंगी पहनी हुई थी और ऊपर टी-शर्ट को डाला था. गहरे नीले रंग की इस पैंटी और ब्रा में अदिति काम की देवी लग रही थी, जिसको देख के कोई भी अपने आप पर से कंट्रोल खो देगा.

अब तक उसके दोनों हाथ में पाना पकड़ा हुआ था अब उसने एक हाथ का पाना रख दिया और मेरी कमर पर ले आया और धीरे-धीरे कमर और मेरे नंगे हिप्स पर घुमाने लगा. अब उसने मुझे घोड़ी बनाया और मेरी गांड को चाट कर पूरा गीला किया और अपने लंड पर खूब सारा थूक लगा लिया. कुछ देर और उसने रिया की गांड चोदी और फिर कटोरी रिया के हाथ से ले ली.

देखो बेटा, हम लोग मेरे घर पर ही अच्छी तरह से मिल सकते हैं और कहीं मिलना तो सम्भव है नहीं!”हां अंकल वो तो है.

उन्होंने मेरे दूधों को जोर से चूसना शुरू कर दिया और मैं तड़पने लगी. मैं उसको पागलों की तरह किस कर रहा था और वो मेरे बालों को पकड़ कर नोंच रही थी. डॉक्टर मुस्करायी और बोली- आमिर, अंडरवियर भी उतारिये, मैंने आपको बचपन में कई बार नंगा देखा है और फिर डॉक्टर से कैसी शर्म?मैंने धीरे धीरे अंडरवियर नीचे कर दिया और लण्ड सरसराता हुए तन कर बाहर आ गया.

उसने दोनों टांगों को कंधों पर सैट किया और अपना लंड मेरी चुत की फांकों पर सैट कर दिया. दूसरे हाथ से मैं अपने चूचों को दबा रही थी ताकि मेरी वासना शांत हो सके. हम लगातार किस किये जा रहे थे, तभी मैंने हल्का सा धक्का उसकी चुत पे लगा दिया.

रानी ने मेरे लंड और गांड के बीच में जो मुलायम सा भाग होता है, उसे ज़ोर से दबा दिया.

अंकल जी मेरी पीठ पर हाथ से सहलाने लगे; मेरी चिकनी पीठ पर उनके हाथ निर्विघ्न फिसल रहे थे क्योंकि ब्रा तो मैंने पहनी ही नहीं थी. उसका सबसे उत्तेजक करने वाला सेक्सी शरीर देखकर एक बार फिर से मुझे राजवीर की किस्मत पर नाज हुआ।रणविजय- क्या हुआ जानेमन? मुझे पहचाना नहीं? ऐसे क्यों देख रही हो, जैसे मैं कोई अनजान हूं।रीना- यार, तुम्हारा यहां एकदम से ऐसे आ जाना मेरी कल्पना से बाहर है.

बीएफ पिक्चर आ जाए शुभ्रा भी मुझे इस तरह से गिरता हुए देखकर अपनी तरफ से मुझे सम्भालने की कोशिश करने लगी।मैं वापस पलंग पर आ गया और शुभ्रा के बगल में लेटते हुए बोला- यार, मूवी में तो लंड बुर के अन्दर बड़ी आसानी से चला जाता है और यहां पर तो बार-बार लंड फिसल जा रहा है। चल कोई बात नहीं, हम लोग पहली बार कर रहे हैं शायद इसीलिए नहीं जा रहा. नम्रता ने बात छेड़ते हुए कहा- अच्छा ये बताओ, तुम्हें कैसे शौक हुआ कि तुम अपनी बीवी को सेक्सी कपड़े पहनाओ?मैं- अरे ये कोई शौक नहीं है, बस मेरी कल्पना थी.

बीएफ पिक्चर आ जाए मैं अभी नहीं झड़ा था सो एक दो पल रुकने के बाद मैं नीचे लेट गया और उसको अपने लंड के ऊपर सैट कर लिया. अगले ही पल अर्जुन ने अपने मजबूत हाथों से मुझे उठाकर उल्टा कर दिया जिससे मेरी चूत अब उसके मुँह के ऊपर सेट हो गयी.

पहली बार होने की वजह से और चुत के मसल्स संभोग के लिए पूरी तरह से तैयार नहीं होने की वजह से दर्द तो हो रहा था, पर वह दर्द भी मीठा लग रहा था.

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मैं- क्यों क्या हुआ … वो कुछ करता नहीं कर दिया … या रोमांटिक नहीं है वो!मीता- नहीं … वैसी बात नहीं है. मैं सब कुछ समझ रही थी मगर फिर भी पूछ लिया- क्या करना होगा मुझे सर?तो वो बिना किसी शर्म के बोले- तुमको मेरे साथ सेक्स करना होगा. मैंने भी बिना समय गंवाए उस लपलापाती हुई जीभ को अपने होंठों के बीच दबा लिया.

बन्दी जब तक मेरे मुँह से नहीं हटी, जब तक कि उसकी चूत की अच्छे से चटाई नहीं हो गयी. मैंने उसको थोड़ी देर इंतज़ार करने को कहा क्योंकि भैया बिल्कुल साइड में थे. मैंने साबुन लिया और भाभी के बोबों और चूत पर साबुन लगा कर साबुन किनारे रख दिया.

मेरे पेट को चूमते हुए उसने कहा- आह्ह… तुम्हारे सिक्स पैक एब्स तो अभी तक मेंटेन्ड हैं.

पलंग की साइड में पड़े हुए हम दोनों एक दूसरे के होंठों को जोर से चूसने लगे. मैं थॉमस के सीने को इधर उधर किस करने लगी और उसकी मजबूत बाजुओं को दबाने लगी. एक दिन मैंने देखा कि रात को करीब 11 बजे उसके कमरे से आवाज़ आ रही है.

मैंने दीदी को बड़ी हैरानी से सुन रही थी और दीदी बोले जा रही थी- फिर मैं अपनी पूरी ताकत लगा कर पीछे मुड़ी और देखते ही बिल्कुल अवाक रह गयी … और शर्म से पानी पानी हो गयी. पर जैसे ही भाई आता है, सीढ़ियों का गेट लगाता है और मुझको मेरे रूम से अपनी गोद में उठा कर अपने रूम में ले आता है. अभी सिर्फ मेरे लंड का टोपा ही अन्दर गया था कि उसके मुख से निकला- उम्म्ह… अहह… हय… याह… और उसकी आंख से आंसू आ गए.

नम्रता ने अपनी बात खत्म की, तो मैं नम्रता से बोला- यार तुमने जो कहानी सुनाई है, उसको सुनते हुए मैं अपने लंड को भींच रहा था, मेरा रस निकलने वाला है, पीने का इरादा है क्या?पर यह क्या, तभी घंटी बज गयी और हम दोनों को वापिस अपने अपने क्लास में जाना पड़ा. तभी मुझे याद आया कि मेरे दोस्त ने जो मुझे वीडियो दिखाया था, उसमें एक आदमी अपना बड़ा सा लंड चुत में फंसाता है.

पर वो अपनी गांड मटका-मटका कर मुझे चूत और गांड चाटने के लिए इशारा कर रही थी. जैसे ही वसुन्धरा अपना बैग लेकर कार से उतरी तो मैंने कहा- अच्छा … वसुन्धरा जी!क्या मतलब?”मैं चलता हूँ वसुन्धरा जी! मैंने बहुत दूर जाना है. उसके निप्पल को दांत से मींज देता, तो वो जोश में आकर वो अपनी चूची मेरे मुँह और अन्दर धकेल देती.

ह …आह्ह… होफ… ओ… हह्ह … की आवाजों के साथ मेरा बदन अकड़ने लगा और मेरे लंड ने वीर्य की पिचकारियां दोनों के मुंह पर बरसानी शुरू कर दीं.

इस तरह हम लोगों ने जाने का प्रोग्राम बना लिया और यह तय हुआ कि वो मुझे नियत दिन स्टेशन पर मिलेंगे, आरक्षण भी उन्होंने ही करवाया था. मेरे दिमाग में बस एक ही बात आई कि खुशी को भी तो ये बात पता नहीं चल गई. ऊपर से तुम्हारा वो लम्बा तगड़ा हथियार, जो किसी तलवार से कम से नहीं है.

मैंने चाची की गीली हो चुकी पैंटी को खींच दिया और उनकी गीली चूत पर अपने तपते हुए होंठ रख दिये. उसने अपनी जाँघों को फैला सा दिया था, जिससे मुझे उसकी चूत पर हाथ फेरने में आसानी हो रही थी.

कुछ ही देर में कमरे की लाइट बंद हो गई और वह लड़की नीचे आकर बाहर खड़ी हो गई और बार-बार मेरी बालकोनी की तरफ देखने लगी. आपको हमारी यह भाई-बहन की चुदाई वाली कहानी पसंद आई होगी ना? तो आप जरूर कमेंट करें. उन्होंने वहीं मुझे फिर से घोड़ी बना दिया और मेरी गांड की छेद में देखने लगे.

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चांदनी भाभी वैसे देखने में इतनी सुंदर नहीं है मगर मैंने कभी किसी की चूत की चुदाई नहीं की थी इसलिए मुझे तो चांदनी भाभी भी सुंदर लगती थी.

जैसे ही वो अन्दर आई, मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और उसके बिल्कुल पास आकर उससे बोला- आपने तो मुझे कल सोने ही नहीं दिया और मेरे दिलो दिमाग में छा गई हो. वह बात करके तो आ गया मगर उसने आकर मुझे कुछ भी नहीं बताया कि आखिर डॉक्टर से उसकी क्या बात हुई. फिर वो मेरे पास आ गई और कहा- अरे आप कहां थे, आप यहां बोर तो नहीं हो रहे हैं ना! भई आपसे हमारा समधी समधन का रिश्ता है, आप लड़के वाले हैं.

फिर मैंने कहा- और अगर वैभव ने बता दिया तो?प्रतिभा ने कहा- मैंने पहले ही वैभव से ये बात किसी को ना बताने के लिए कह दिया है. थोड़ी ही देर बाद एक-दूसरे के जिस्म की गर्मी ने एक हल्की लौ जलने लगी, जो हाथ अभी तक मेरी पीठ को अहिस्ता-अहिस्ता सहला रहे थे, वो ही हाथ अब मेरी पीठ को भींचने लगे थे. लिंग इमेजउसमें आपके कपड़ों को सूँघा तो मैं मदहोश हो गई थी और जब भी मुझे मौका मिला तो मैं आपके बेड पर लेट जाती थी और मेरे अन्दर सेक्स जाग जाता था.

मैंने देखा कि उन्होंने शर्ट का एक बटन खुला रखा हुआ है ताकि वो जब भी झुकें तब मैं उनके बूब्स देख सकूँ. मेरे कंठ से लगातार आहें निकल रही थीं- उऊफ्फ्फ … आउच … आअह्ह्ह!मैं वासना से मदहोश होने लगी.

अच्छा मैं अपने हस्बैंड से बात करती हूं, अगर वो तैयार हो जाते हैं, तो मेरे घर वालों का भी तुम ही रिजर्वेशन करा दो. वो मेरे लिंग को ऐसे चूस रही थी जैसे किसी एग्जाम में अपना शत-प्रतिशत देने की कोशिश कर रही हो. आह्ह … उम्म … ओ … आमिर … आह्ह … मजा आ रहा है बहुत!कुछ ही पल के बाद जूली की चूत से एक बार फिर उसकी मलाई मेरे लंड पर फैलकर उसको चिकना कर गई.

बस चुदाई की मस्त आवाजें आ रही थीं- चप … चप … चप …तब मैंने उसको नीचे लिटा दिया और उसकी टांगें उठाकर चोदने लगा. मनोज और जागृति पूरा दिन घर पर खेलते रहते थे जबकि मनीषा घर का छोटा-मोटा काम कर लेती थी. तभी मुझे कुछ सूझा, तो मैंने अपने एक दोस्त से पूछा कि औरतों की टांगों के बीच में क्या होता है.

अब वो मुझसे खुद को आज़ाद करने की नाकाम कोशिश करते हुए बोली- यहां ज़्यादा देर रुकना ठीक नहीं है.

उनको पता लग गया था कि मैं बहुत ज्यादा गर्म हो गयी हूं और जल्दी ही झड़ने वाली हूं. एक बार इशारा कर, तेरे लिये वो खुद तेरे सामने नंगी होने के लिये तैयार हैं।मैं उसे देखता ही रह गया लेकिन कुछ बोला नहीं। फिर कुछ देर तक वो अपनी नजर मुझ पर गड़ाये रही.

मेरे सर को पकड़ा और अपने संतरे जैसी चूची पर ले जाकर टिका दिया। चिरौंजी जैसे निप्पल के दाने पर मैं अपनी जीभ चलाने लगा और अपने होंठों के बीच फंसाकर उसको पीने लगा. मेरी चूची पर अपना माल छोड़ने के बाद वो मेरी चूत को चाटने लगे और मैं उनके माल को साफ़ करने लगी. वो जब मेरी तरफ घूमी, तो मेरे लंड को देख कर उसने आंखें बड़ी कर लीं और उसका ‘आ.

फिर उसके रस भरे होंठों पर अपने होंठ रखकर उसे चूमते हुए उसके एक हाथ को अपने लंड पर रख दिया मैंने। पहले तो वो अपने हाथ को मेरे लंड से हटाने लगी. मैं- हां हां देख लेना, लेकिन मुझे नहीं लगता कि अब तुम्हें इसकी कोई जरूरत पड़ेगी. पर एक दिन मेरी किस्मत बदल गई, एक शाम को 8 बजे मैं घर जाने के लिए बस स्टॉप पर खड़ी थी, पर कुछ साधन मिल नहीं रहा था.

बीएफ पिक्चर आ जाए उसने मुझे एक बहुत ही सेक्सी सैट दिया और बोला- अगर चाहो तो यहीं पहन कर चैक कर सकती हो. ऐसा कहना मेरी सभी सीमाओं को लांघना था, लेकिन नम्रता मुझसे दो कदम आगे थी.

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फिर मैंने घूमने का या फिर यूं कहिए कि अनिता को भोग करने का प्लान बनाया।उसके बाद आया वो दिन जिसका मैं कितने दिन से इन्तजार कर रहा था. अब सब सो चुके थे, पर मेरी आंखों में नींद कहां थी … बस गुड़िया को चोदने की तरकीब सोच रहा था. मेरी सेक्सी कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा कि कैसे मैंने अपनी तीसरी दुल्हन दिलिया की चूत चुदाई करके सुहागरात मनायी.

शर्मा सर थोड़ा आगे आ गए, उनकी गर्म सांसें मेरी जांघों पर गुदगुदी कर रही थीं. ” कहते हुए वह फिर हंसने लगी।थैंक यू ! वैसे आप भी 25-26 की ही लगती हैं। आपने तो अपनी फिगर बहुत अच्छे से मेन्टेन किया हुआ है। ऐसा लगता है जैसे कॉलेज गर्ल हों. मैं चुदासी होमेरा लंड एकदम टाइट हो रहा था और कॉटन के पजामे में साफ नजर आ रहा था.

मैंने फोन पर आशीष को संबोधित करते हुए जीजा से लंड बाहर निकालने का इशारा किया.

मैं सारा से बोला- जब मैं रूई कहूँ तो सिर्फ दायाँ चूतड़ ऊपर को उठाना, मैं उसी और धक्का मारूंगा, जब मैं कपड़ा कहूँ तो गांड ऊपर उठाना और जब फूल कहूँ तो सिर्फ बायाँ चूतड़ ऊपर उठाना. उस दिन मुझे लगा था कि शायद ये दोनों ही मुझे इसी होटल के किसी कमरे में ले जाकर चोदने का प्लान बना रहे हैं.

दो चार मिनट ऐसा ही चलता रहा, फिर मैंने ही अंकल को जोर से पीछे धकेला और खांसने लगी. उस स्टोर रूम में सिर्फ अम्मी एवं अन्य घर के सदस्य को छोड़कर कोई नहीं जाता है. आज मैंने भाभी की वो ख्वाहिश पूरी कर दी थी और उसके चेहरे पर एक खुशी का भाव आ गया था.

दूसरे दिन मैं स्कूल चला गया और ये सब मैंने अपने खास दोस्त को बताया.

8 इंच का लंड एकदम नुकीला होकर तंबू बनाकर मनीषा की चूत में घुसने के लिए बेताब हो चुका था. इसलिए अब मैं भी जल्दी करने में मूड में आ गया और तुरंत अपना पैंट और चड्डी नीचे करके लंड बाहर निकाल लिया. घुटनों पर बैठ कर वो मेरी दोनों टांगों को चौड़ी करके मेरी बालों वाली चूत को ध्यान से देखने लगा.

मराठी ओपन सेक्स वीडियोअभी प्रतिभा के आने का समय हो चुका था, तो मैंने जानबूझ कर आंखें मूंद लीं. काफ़ी सारा अमृत मुंह में गया और काफ़ी सारा नीचे गुड्डी रानी पर, मेरी छाती पर और बेबी रानी की टांगों पर छलक गया.

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लिटा कर मैं पूरी तरह से उसके बूब्स पर टूट पड़ा और उन्हें जोर जोर से सक करने लगा. भाभी ने अन्दर ले जाकर मुझे पूरा नंगा कर दिया और शावर चला कर हम दोनों नहाने लगे. मैंने अपने लंड पर ऊपर तक तेल चुपड़ लिया और उसकी बुर में भी जहां तक तेल जा सकता था, उतना तेल से तर कर लिया.

ये सुन कर सहेली के पापा ने धक्कों की स्पीड बढ़ा दी और मैं मादक सिसकारियां भरने लगी. सारा को समझ आ गया था कि दिलिया की चूत की चाबी उसके ओंठ और जीभ है और उसे इस तरह से किस करने लगी. आप लोगों को तो पता ही है कि गांव में लोग अक्सर जल्दी खाना खा पीकर सो जाते हैं.

[emailprotected]कहानी का अगला भाग:पड़ोस की भाभी की गर्म चूत में मेरा लंड-2. मैंने देर नहीं की और पोजीशन बना कर उसकी चूत में लंड डालना शुरू कर दिया. अब रानी ने दोनों हाथों से लंड को जड़ से पकड़ लिया और लंड के नीचे की तरफ वाली मोटी नस को उंगली से ऐसे टंकारने लगी जैसे सितार बजाने वाले सितार के तारों को टंकारते हैं.

मैं उसकी चूत को चाटने लगा तो वो पागल हो गयी और जोर जोर से सिसकारने लगी- आह्ह … फक मी … आआ … कमॉन डिअर … फक मी हार्ड।उसकी चूत चाटने में बहुत मस्त रस मिल रहा था. तब भी चाची जोर से चिल्लाई और कहा- धीरे कमबख्त … मेरी गांड फाड़ेगा क्या?मैं भी कहाँ सुनने वाला था, मैंने वैसे ही गांड चुदाई चालू रखी.

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देस बदलेंगे … काल बदलेंगे, जिस्म बदलेंगे … नाम बदलेंगे लेकिन आदम और हव्वा की एक-दूसरे के लिए प्यास का ये खेल यूं ही अनवरत चलता रहेगा … शायद सृष्टि के अंत तक. मैंने झट से अपने दोनों हाथों से उनके पैंटी में घुस रहे हाथ को पकड़ लिया. मैं बहुत जोरों से चिल्ला उठी ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’वो रुक गए और बोले- अबे साली, अभी तो सिर्फ सुपारा ही अन्दर गया है … अभी तो पूरा लंड बाहर है.

उसके मुँह में पेंटी डाली होने के कारण गूं गूं की ही आवाज बाहर आ रही थी. अब पूरा कमरा, मीना की आनन्दमयी सीत्कारें और मेरे शॉट की आवाजों से गूँज़ रहा था. फिर उसकी कुर्ती को पेट की तरफ उठाते हुए मैंने उसकी सलवार का नाड़ा खोल दिया.

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रात के 10-11 बजे के करीब मुझे नींद आने ही लगी थी कि जीजा जी मेरे बिस्तर आकर मेरे ऊपर लेटते हुए मुझे अपनी बांहों में भरने लगे. हम दोनों बेडरूम में आ गए और फिर से हम लोगों ने किस करना शुरू कर दिया. रानी ने कहा- राजे, तू बेड पर चढ़ जा और सिरहाने से पीठ टिका के लेट जा.

मैंने वसुन्धरा के कान से अपनी जीभ छुवाई और कान के साथ साथ अपने होंठ और जीभ नीचे की ओर खिसकाता चला गया.

मेरी बात सुनकर तुषार ने मेरी गांड में ही अपना लंड हिलाना शुरू कर दिया.

उसकी सीत्कारों की वजह से पंद्रह-बीस मिनट में ही मेरे लंड ने उसकी गांड में थूक दिया. उसके बाद आखिरी चुदाई बेड पर हुई जब भैया ने मेरी गांड के नीचे तकिया लगा कर मुझे चोदा. राजस्थान विलेज सेक्सजैसे ही वसुन्धरा अपना बैग लेकर कार से उतरी तो मैंने कहा- अच्छा … वसुन्धरा जी!क्या मतलब?”मैं चलता हूँ वसुन्धरा जी! मैंने बहुत दूर जाना है.

बस फिर क्या था, उसने गिलास उठाया और उसी तरह से धीरे-धीरे दूध की धार बनाकर अपनी चूत के ऊपर गिरा रही थी और मैं उसको पीने का मजा ले रहा था. उसका लन्ड कुछ इस तरह मेरी चूत में कड़क हो रहा था मानो उसके लन्ड में भी हड्डी निकल आयी हो. मैं खुद को रोक नहीं पाई और जोर जोर से चीखने लगी- प्लीज पवन मुझे जोर जोर से चोदो … और जोर से चोदो … ओह्ह फ़क … या ओह्ह गॉड मार डाला रे… हाये हरामी ये क्या कर डाला… आज तो में एक गेरेज वाले से चुद गई अहह.

मैं अपने एक हाथ से दिशा के मम्मे दबा रहा था और एक हाथ से उसके बालों को पकड़ कर लंड पेल रहा था. इतना बोलने के बाद पैकेट खुलने की आवाज़ आई और थोड़ी देर कुछ सुनाई नहीं दिया.

तन्वी एकदम से सीईई… की आवाज के साथ मचल गयी और स्सस्स स्सस्सस्स करके सिसकारियाँ लेने लगी.

जैसे ही मैंने अपनी किस पूरी की, संजना फिर से मेरा पूरा लंड अपने गले तक ले जाकर उसकी चुसाई करने लगी. तभी मुझे राजीव की बात याद आयी कि वो बोला था कि आप ये चुदाई कभी नहीं भूल पाओगी. तो मंजू बोली- भड़वे … जब तक पियेगा नहीं तो चोदेगा क्या?मैं पेग लेकर सोफा पर बैठ गया.

प्यारा पाठ्यक्रम उसकी चुत पर हाथ लगते ही वो सिटपिटा गयी और मुझे धक्का देकर खुद को मुझसे आज़ाद कर लिया. मैंने भार्गव से कहा- यार भार्गव … मैं बहुत थक गयी हूँ … मुझे नींद आ रही है.

मेरी किस्मत मेरा साथ दे रही थी तो मुझे इंटरव्यू के लिए भी कॉल लैटर आ गया. उन्होंने वहीं मुझे फिर से घोड़ी बना दिया और मेरी गांड की छेद में देखने लगे. वो अब नितिन से विनती करने लगी- अब अपना लंड निकाल लो, अन्दर जलन मच रही है.

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उसके बाद मैं नहाने गया और नहाने के बाद मैं एक घंटे के लिए बाहर गया. मैं कविता दुबे … मुझे आप सभी के बहुत सारे संदेश आये, धन्यवाद सभी पाठकों को. उस रॉंग नम्बर वाली लौंडिया की देहाती सेक्स की कहानी को मैं अगली बार पूरी चुदाई के साथ लिखूंगा.

हम दोनों बुरी तरह चिल्ला रहे थे- आअह्ह ह्ह ओह ह्हह उफ ममम आअह्ह्ह मर गय्ययीईइ राजजा!सारा दिलिया के ओंठ लगातार चूस रही थी और चूची दबा रही थी. और बड़ी बात तो यह थी कि मुझे भी चूत चुदाई की जरूरत थी तो कहीं ना कहीं मैं भी प्रिंसिपल के लंड का मजा लेना चाह रही थी.

मैंने उसकी चूत पर एक किस किया और एक झटके में अपना लंड उसकी चूत में पेल दिया.

उसकी चूत ने अपना रस बहा दिया और ठीक उसी समय मेरे लण्ड ने भी अपने गर्म वीर्य की पिचकारियों से दीपिका की चूत को गहराईयों तक भर दिया. उसने पूछा कि मैंने पहले भी किसी लेडी को डेट किया है?मैंने ना में सिर हिलाया और कहा- लड़कियां तो बहुत चोद चुका हूँ, पर आप जैसी लेडी आज तक नहीं मिली. मेरे कपड़ों की फिटिंग काफी टाइट थी जिसमें से मेरे शरीर का हर एक अंग उभर कर आ रहा था.

वो मेरी एक चूची को अपने मुंह में लेकर पी रहे थे और दूसरी को अपने हाथ से दबा रहे थे. और मेरी कलाई के बराबर मोटा होगा, लण्ड नहीं पूरा मूसल लग रहा था।मैं सोचने लगी कि इसके मारे तो मेरी चीख निकल जायेगी. मैंने सोचा कि एक बार जीजू और हेतल सो गये तो मैं मानसी के रूम में जाकर ही उसको चोद कर आ जाऊंगा.

फिर मैंने उसकी पैंटी के ऊपर से ही उसकी चूत पे किस किया, तो वो एकदम से मचल गयी.

बीएफ पिक्चर आ जाए: हां बेटा, एकदम सच्ची में!” अंकल जी बोले और मेरा हाथ पकड़ कर मुझे अपनी ओर खींच लिया. फिर उसने मेरे शॉर्ट्स को भी उतार दिया और मेरे लौड़े को नंगा कर दिया.

फिर हम फ्रेश हुए और खाना पीना खाकर सब लोग सोफे पर बैठकर बातें करने लगे. मैंने उसकी पैंटी को उसके मुँह के अन्दर डाला और उसका मुँह हाथ से दबा लिया. फिर थोडा़ सा नाटक करते हुए मैं बोला- यार मैं अभी निप्पल्स नहीं दिखा सकता हूं.

तीनों माँ बेटियों की चुचियाँ और चूतड़ अर्थात गांड अन्य लेडीज के मुकाबले काफी उभार लिए हुए थे.

अनिल भैया ने अपने लंड को जब तक रगड़ा, जब तक उनके सुपारे को मेरी गांड पर लैंडिंग के लिए सही पोजीशन न मिल गयी. जब थकान कुछ कम हुई तो उसके चूतड़ के नीचे दोनों हाथों से ऊपर लाता और वापिस छोड़ देता. मजे की बात तो ये थी कि शादी के सिर्फ एक महीने बाद ही मैं बड़ोदा शिफ्ट हो गया और वहां पर सिर्फ हम दोनों अकेले रहेते थे.