थ्री एक्स बीएफ दिखाइए

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भोजपुरी में चुदाई बीएफ: थ्री एक्स बीएफ दिखाइए, गाँव की औरतें : रंडी को सबके सामने चोदो… गंदगी फैला रखी है बाप-बेटी नेमुखिया : हाँ यही होगा ! बांध दो भुवा को और बुलाओ उस रांड को …लोगों ने पापा को पेड़ से बांध दिया पर उनकी आँख खोले रखा ताकि वो मेरी इज्ज़त लुटते हुए देख सकेंमुखिया जी ने धीरे धीरे मेरे सारे कपड़े उतार दिए … मेरी जांघे कंपकंपा रही थी, वो उन्हें छू रहा था ….

अन्तर्वासना गे

” बॉस परेशानी की हालत में बोल रहे थे- अब अगर हमारा माल रिजेक्ट कर दिया तो बड़ा नुकसान होगा कम्पनी को!हाँ। लेकिन ऑफिसर को पटा क्यों नहीं लेते हैं सर! आप तो उन लोगों को पटाने में माहिर भी हैं!” मैंने हँसते हुए कहा।नहीं सानिया, ये ऑफिसर बड़ा रंगीन मिज़ाज़ है। और लोगों को तो बाज़ार की रेडीमेड चीज़ों से पटा लेता हूँ। लेकिन ये ऑफिसर … मालूम नहीं … क्यों घरेलू चीज़ें ही पसंद करता है. एक्स एक्स एक्स हिंदी में फिल्म!मैंने कहा- मुझे नहीं पहनना !तो वो हंस पड़ी और बोली- मत पहनो ! ऐसे ही अच्छे लगते हो !मैं भी हंस पड़ा !फिर हमने एक-दूसरे को पकड़ कर प्यार किया और उसने मेरी गोलियों को थोड़ा सा सहला दिया.

इससे पहले कि वो धक्का मारकर अन्दर करता… मदहोशी में मैं ही पीछे को धक्के मारकर स्स्सीईईईई हा आ आ करते हुये अन्दर लेने लगी. मोटे लंड का सेक्समैंने पूछा- कैसे?देवर ने याद दिलाई कि बाथरूम के साइड वाले गेस्ट रूम में जाकर कर सकते हैं.

वो बोली- कोई देख लेगा!तो मैं बोला- घर पूरा बंद है, अगर हम-तुम किसी को नहीं बोलेंगे तो किसी को पता नहीं चलेगा!तो बोली- शीला कहती है कि बच्चा हो जाता है!तो मैं समझ गया कि इसको पूरा पता नहीं है…मैं बोला- अगर तुम मुझ पर भरोसा रखो और मैं जैसा बोलूँ तुम वैसा करो तो ना किसी को पता चलेगा, न ही बच्चा होगा, उल्टे तुमको बहुत मजा आएगा.थ्री एक्स बीएफ दिखाइए: हम्म्म आआअ…जो मुझ में और जोश जगाने लगी, मेरी स्पीड बढ़ने लगी और मैं जोर जोर से उसकी चूत में धक्के लगाने लगा।फिर उसने मुझे थोड़ा धक्का दिया और मुझे बेड पर सीधा लेटा कर मेरे ऊपर बैठ गई…तो मैंने अपने दोनों हाथ उसके चूतड़ों पर रखे और नीचे से धक्के मारने लगा.

‘अब आँखें चोदेगी क्या…?’दोनों मुस्करा दी और फिर धीरे से आँखें बन्द करके सपनों की दुनिया खो चली.”मैंने आंखें बंद कर ली और कह डाला,”आई लव यू !”और उसने बहुत ही सहजता से जवाब दिया,”मैं भी !”और इस बार मैंने पहला कदम उठाया.

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वो बोली- सिर्फ देखते ही रहोगे या मुझे भी कुछ दिखाओगे?फिर मैंने कहा- आज तो सब कुछ तुम्हारा है….‘आराम से बैठ कर देख मैं क्या करती हूँ!’यह कह कर भाभी ने मेरे तने हुये लण्ड को जोर से मुठ मारना चालू कर दिया.

मुकेश अब नीचे झुका और उसने मेरी चूत के होंठों पर अपने होंठ लगा दिए, वो मेरी चूत को चाटने लगा, उसने अपनी जीभ मेरी चूत के अन्दर घुसा दी. थ्री एक्स बीएफ दिखाइए कमसिन है… यह मेरा रेशम जैसा बदन जो दिखने में रेशम जैसा चमकदार लेकिन छूने में मखमल जैसा नर्म और मुलायम…कल ही मेरी डेट्स खत्म हुई हैं, मैं अपने अंदर एक नई ताज़गी और सेक्स के लिए एक नई उमंग महसूस कर रही हूँ.

तेरी फ़ुद्दी नहीं फड़क रही क्या………सोमा ने मुझे देखा और कमल से बोली- पकड़ इसको………कमल ने तेजी से लपक के मुझे पकड़ा और घसीट के वहीं पटक दिया……मैं कराह उठी….

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धीरे धीरे इसी तरह हम बड़े होने लगे समय बीतने लगा… समय के साथ उसका कद 4 फुट से 5 फुट हो गया. ’संजय, मुझे लगता है कि मैंने जरुरत से ज्यादा वक्त यहाँ बिता दिया है, अब मैं चलूंगी!’‘काश तुम और रुक सकती. फिर मैं अपने आपको नहीं संभाल पाई और जीजू को जकड़ते हुये अपना काम-रस चूत से उगल दिया.

मौका देख बहादुर ने रीटा की बगल में हाथ डाल कर रीटा के चूचों को सरेआम अपनी मुट्ठियों में भींच कर रीटा को साईकल से नीचे उतारा तो रीटा के मुंह से मदभरी सिसकारी निकल गई. इतनी सी देर में जाने क्या से क्या हो गया। आभा को चोदने की ललक मुझमें बढ़ने लगी। इतना कुछ होने के बाद चुदाई में देरी क्यूं करूं…. फिर उन्होंने मेरी ब्रा को भी खोल दिया और मेरे दोनों स्तन आजाद हो गये। उन्होंने अपना लण्ड दोनों स्तनों के बीच में नीचे से घुसा दिया। उनका लण्ड शायद सबसे लम्बा लग रहा था मुझे.

थोड़ी देर में किसी ने मुझे पीछे से आवाज लगाई, मैंने मुड़ कर देखा तो वो चित्रा थी, वो बोली- मैं कैसी लग रही हूँ?चित्रा सिर्फ ब्रा-पेंटी पहने थे और वो किसी परी से कम नहीं लग रही थी. उस वक़्त मेरी चूत कुंवारी थी लेकिन उसकी नहीं क्यूंकि उसने तो नौंवी कक्षा में ही लौड़े का स्वाद चख लिया था. मामी पूरा लो! खा जाओ! मैं तो झड़ने वाला हूँ ऽऽ!!और एक जोरदार धक्का लगाकर मैं उनके मुँह में झड़ गया.

उसकी चूचियाँ गोल कटोरी जैसे सीधे तनी हुई… जिनमें झुकाव जरा भी नहीं था, मेरे मन को बींध गई, मेरी सांस फ़ूल सी गई. वेदांत का चेहरा फिर से उतर गया था…वो फिर उसी उदासी की खाई में जा गिरा था, जहाँ से मैं उसे निकलना चाहती थी.

मैंने उनकी ब्रा का हुक खोल कर उनको चूमना शुरू कर दिया और फिर उनके चुचूक को मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया.

उसने अपनी एक टांग मेरी कमर पर डाल दी और आंखे बन्द किये हुये बोली- सखि रे, सारा कस बल निकाल दिया.

फिर शालू ने कहा- मेरी चूत क्या तेरा बाप मारेगा?फिर एक बार शालू की चूत मार कर हम तीनों नंगे ही सो गए. जब उसने अपना लण्ड बाहर खींचा तो चूत से पर र र र र्र र्र र्र की आवाज के साथ साथ ढेर सारा वीर्य निकल कर फ़र्श पर गिर गया. पहली बार किसी मर्द के सामने पूरी नंगी हुई थी मैं उस दिन!मेरी रोयेंदार सी सील बंद गुलाबी चूत देख वो मचल उठा, पागल हो गया और मेरे उभरती हुईं छातियों को देख वो रुक नहीं पाया और मेरे चुचूक पहली बार उसने रोशनी में देखे, पहले हर बार अँधेरे वाली जगह में देखे थे.

मेरी पहले की कहानियों के लिए कई लोगों ने मुझको मेल करके प्रोत्साहित किया, उसके लिए मैं आपका धन्यवाद देता हूँ. फिर प्यार से देखो… और अपने होंठ लगा कर इसे मदहोश कर दो…यह तुमको प्यार करने के लिए है…तुमको तकलीफ देने के लिए नहीं…मुझे भी इतना बड़ा लौड़ा देखने की इच्छा हो रही थी… मैंने उसके कच्छे को उतार दिया… उसका फनफनाता हुआ काले सांप जैसे लौड़ा मेरे मुँह के सामने खड़ा हो गया…ऐसे लौडा मैंने कभी नहीं देखा था. करके चिल्लाने लगी। 10-12 धक्कों के बाद वो भी अपनी गांड ऊपर कर कर के चुदवाने लगी। मैंने भी अपने धक्कों की रफ़्तार बढ़ा दी।वो तो बस चिल्लाये ही जा रही थी उफ़….

इससे मैं उत्तेजित हो गई और मैंने मुकेश का लौड़ा पकड़ लिया और उसे हिला हिला कर पेशाब करवाने लगी.

”सच…तो पहले क्यों नहीं बताया…”शरम और धरम के मारे… आज तो बस सब कुछ अपने आप ही हो गया और मैं आपसे चुद बैठी. धीरे धीरे मेरे हिम्मत भी बढ़ गई और मैं थोड़ा नीचे को सरक गया और पूरा जोर लगा कर अपने पैरों से उसके स्तन मलने लगा. वो : पूरी निकाल दो ना आआ…शशांक : पूरी निकाल दी… अब मैं ज़ीभ की टिप से तुम्हारी चूत को सहला रहा हूँ, और लिप्स को ज़ीभ से खोलने की कोशिश कर रहा हूँ…… कैसा लग रहा है….

इतनी सी देर में जाने क्या से क्या हो गया। आभा को चोदने की ललक मुझमें बढ़ने लगी। इतना कुछ होने के बाद चुदाई में देरी क्यूं करूं…. मेरी बात मानो, अभी के लिए इसको भूल जाओ, कहीं ऐसा न हो कि यह यहीं आपको मार डाले, इसका कोई भरोसा नहीं है।अब्बास- बस कर साले…. मेरा शरमाना उनको सब कुछ करने की इजाजत दे रहा था।अनिल ने मौके को समझा और अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिए…मैंने आँखे बंद कर ली और सोफे पर ही लेट गई.

इस बात से तुम्हें कुछ फर्क नहीं पड़ता… तुम मेरे पहले और आखिरी दोस्त हो ! – वृंदा ”उसके जवाब के इंतज़ार में मैं कब रोते रोते सो गई मुझे पता ही नहीं चला…रात के बारह बजे, तकिये के नीचे पड़े फोन से घू घू घू घू की आवाज़ आई.

मैं तो पहले ही झड़ने के करीब थी इसलिए उसका लंड आराम से झेल गई और चिल्लाते हुए झड़ने लगी,’ हाँ. अगले दिन यानि 16 जनवरी, 2010 को मैं भाभी के घर गया। वहाँ पहले से उनकी दो सहेलियाँ बैठी थी जो मेरा ही इंतजार कर रही थी ….

थ्री एक्स बीएफ दिखाइए की आवाज गूंजने लगी। एक हाथ से मैं उसके स्तन भी मसल रहा था। उसको तो तिहरा मज़ा मिल रहा था वो कितनी देर ठहर पाती। ऊईई … माँ आ. की आवाज़ के साथ वो तो फिसल कर बाहर आ गया। मेरी गांड के छेद से सफ़ेद मलाई निकालने लगी जिसे उसने अपनी अँगुलियों से लगा कर मेरे नितम्बों पर चुपड़ दिया। ओह ….

थ्री एक्स बीएफ दिखाइए !!!”हम दोनों ही यौवन की काम क्रीड़ाओं में सारे संसार को भूल चुके थे…मैं धीरे धीरे उसका लण्ड सहलाने लगी… और अब वो जोर जोर से मेरी अमरुद जैसी चूचियों को अपने हथेलियों के भीतर कुचल रहा था… साथ ही साथ उसके होंठ मेरी सीत्कारों को बंद करने के लिए मेरे होंठो को बार बार चूमते, उसकी जुबान मेरी जुबान से टकराती और फिर दौर शुरू हो जाता एक लम्बे चुम्बन का…. ”ठन्डे को दुल्हन का इस तरह तड़पना बड़ा अच्छा लगा। वह और जोरों से ऊँगली अन्दर-बाहर करने लगा। दुल्हन पर तो जैसे नशा सा छाने लगा था। उसकी आँखें मुंद गई और वह अपनी कमर व नितम्बों को जोरों से उछालने लगी।ठन्डे ने पूछा,” सच बताओ, मज़ा आ रहा है या नहीं?”दुल्हन ने अपनी दोनों बाँहें ठन्डे के गले में डाल दीं और अपना मुँह उसके सीने में छुपा लिया,” छोड़ो कोई देख लेगा तो….

यह क्या हो रहा है अखिल ??उसने मुझे ऊपर से नीचे देखा …मेरी पतली टाँगें और भरी हुई जाँघें … मेरी चिकनी फुद्दी और गोरी चिकनी बुंड देखकर चुप हो गया.

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आशा करता हूँ सभी चूतों और लौड़ों को मेरी यह कहानी भी पहले वाली कहानियों की तरह ही पसंद आएगी. वाह क्या मस्त गांड है! बहुत दिनों के बाद पर्दा करने वाली लड़की की गांड मारूँगा!मुझे बड़ा मजा आ रहा था. ”कोमल के और मेरे होंठ आपस में मिल गये… उमर का तकाजा था… मुझे थकान चढ़ गई और मैं सो गया.

इतना ही काफी था मुझे घुमाने के लिए!मैं भी उसके लंड से खेलने लगी, लण्ड दोबारा खड़ा होने लगा तो मैंने चूस कर उसको पूरा खड़ा कर दिया. मैंने बाते करते हुए उसके हाथ में मोबाइल देखा और बोला- मोबाइल भी ले लिया और नंबर भी नहीं दिया…?बोली- सॉरी यार …अब तो दो नंबर…बोली नोट करो- 98********अब तो हम रोज़ मोबाइल पर भी बात किया करेंगे …. मैं तड़प रही थी, उस का लौड़ा पूरी तरह से कस चुका था, उस को भी दर्द हो रही थी लेकिन उसने निकाल कर फिर से डाल दिया.

मैं दर्द से तड़प उठी, मैंने कहा- मादरचोद, क्या गांड फाड़ेगा? पहले लौड़े को चिकना तो कर!लेकिन उसने मेरी एक भी नहीं सुनी और वो अपना लौड़ा मेरी गांड में पेलता रहा.

जैसा कि मैंने आपसे कहा था, मैं पलक और अंकित की अधूरी कहानी लेकर आप के सामने हाजिर हूँ. पर मैंने अपनी बात कहनी जारी रखी : तरकीब यह है कि हम दोनों एक ही कॉपी पर दो कवर चढ़ाएंगे एक पर तेरा नाम होगा और दूसरे पर मेरा. जब उसने अपना लण्ड बाहर खींचा तो चूत से पर र र र र्र र्र र्र की आवाज के साथ साथ ढेर सारा वीर्य निकल कर फ़र्श पर गिर गया.

वो तो अभी तक नंगी ही थी, सीधे ही वो बिस्तर पर चढ़ गई और अपने चूतड़ ऊपर करके घोड़ी बन गई. जीजू कहने लगे- मेरी जान! कब से इस मौके का इंतजार कर रहा हूँ, आज मैंने तुम्हारी दीदी को नींद की गोलियाँ दे दी हैं और वो सुबह तक नहीं उठेगी. रीटा की बल खाई नागिन सी पतली कमर के नीचे रीटा के सरसराता यौवन का रस रीटा की गाण्ड को गीला करके टिप टिप कर टपकने लगा और फर्श को गीला करने लगा.

बस मज़ा आ जाए !क्या चुसवाती भी हो ?अब तो यही करना पड़ता है वो साला तो २ मिनिट में ही टीं हो जाता है।कमर कितनी होगी ?कमर है ३२ इंच !और स्तन ?वो तो बड़े मस्त हैं ३६ साइज़ के गोल मटोल बिलकुल ठां लगती हूँ !ठां बोले तो ?ओह …. राजू अपनी खुरदरी जीभ से मेरी चिकनी चूत चाट रहा था और मैंने अपने मुंह में दीपू का लंड ले रखा था.

फिर हमने कपड़े पहने, उसने बिस्तर की चादर बदली, मैंने उसे चूमा और बाहर आकर अपने कमरे में सो गया. मैंने देखा कि उसकी आँखें बंद हैं तो मैंने अपने लंड को उसकी चूत के मुँह पर रखा और अपने होंठों को उसके होंठ पर और जोर से धक्का दिया, लंड थोड़ा सा ही अन्दर गया, वो तड़प उठी और मुझे धक्का देने लगी मगर मैंने उसको पकड़ कर रखा था. क्या इन्हें दबाने में तुम्हें मज़ा आएगा?मैंने भी बिना कोई मौका गंवाते हुए उसमें अपना मुँह घुसा दिया और अपनी जीभ से उसके मम्मे चाट लिए.

अब तो सुधीर और मेरी प्यार की कहानी आगे बढ़ने लगी… और फिर प्यार के अन्तरंग माहौल में हम दोनों उतरने लगे… मेरी फिर से चुदाई चालू हो गई… मेरे जिस्म को फिर से एक तन मिल गया था भोगने के लिये…[emailprotected].

बिस्तर पर… जांघों पर… मैं बुरी तरह प्यासी थी… मेरी अन्तर्वासना पूर्ण जागृत हो चुकी थी… और मर्दाने जिस्म की चाहत… जो सिर्फ एक लण्ड से बुझ सकती थी…. और जोर से !मैंने भी मामी को कहा- लो मेरी प्यारी मामी ! यह जोर का झटका और लो और लो आआआआआ. मैंने दातों के बीच इसे फंसा कर कंधे से नीचे उतार दिया पर सिर्फ़ एक तरफ़ का… फिर अपने लिप्स को तुम्हारे बूब्स के ऊपर ला रहा हूँ लिक करते हुएवो : उफ्ह्ह्ह ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह्हशशांक : मैंने बूब निकाल लिया है दूसरे को ब्रा के अंदर ही हाथ से पकड़ लिया है अब जीभ से तुम्हारे चुचूक को खोज रहा हूँ, उधर उंगली से….

उसकी आँखों में फिर से वही ज्वालामुखी सा गुस्सा उबाल मारने लगा…मैं : तू टेंशन मत ले ! शांत हो जा. वो मेरे घर से काफ़ी दूर था।अगर तुम्हें आना हो तो ४ बजे शाम को आ जाना… मेरा पता ये है.

करीब दो मिनट बैठने के बाद मेरी अन्तर्वासना ने मुझे एक नया निर्णय लेने के लिए विवश कर दिया. ए (म्यूजिक) कर रही हूँ, कॉलेज के कार्यक्रमों में मेरी प्रस्तुति होती ही होती है पर मैं एक बहुत गरीब घर की लड़की थी, पिता का साया नहीं था, जब मैं आठ साल की थी, तब वो काम के लिए आबूधाबी गए लेकिन वापस नहीं आये। शुरु के दस महीनों के बाद ना कोई फ़ोन आता, ना चिट्ठी, ना पैसा।हम तीन बहनें थी, हमारा भाई नहीं है, मेरा नंबर दूसरा है, बड़ी दीदी ने बी. प्रेषक : संदीप शर्मामैं चाची को धक्के लगा लगा कर जोर जोर से चोद रहा था और चाची हर धक्के पर वाह मेरे राजा ….

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मैंने बिना कुछ सोचे समझे दीदी का तौलिया खोलने के लिए हाथ बढ़ाया। मैंने तौलिये की गांठ को धीरे से खोला और तौलिये को शरीर से अलग किया……इतनी गोरी चूचियाँ मैंने अपने सपने में भी नहीं देखी थी। उन गोरी चूचियों पर उसके हरी-हरी नसें साफ़ दिखाई पड़ रही थी।मैंने अपनी नज़रें नीचे झुकाई तो नीचे का नज़ारा और भी सुन्दर था……….

उसने मेरे शरीर को नोचना और दबाना चालू कर दिया और और अपने होंठों को मेरे चेहरे पर बुरी तरह रगड़ने लगी. खतरनाक तरह से चुदने के बाद जब रीटा खड़ी हुई तो लड़खड़ा कर धड़ाम से वापिस जमीन पर गिर पड़ी. ’मेरी बात सुनकर राजू ने अपने कपड़े खोलना चालू कर दिया लेकिन दीपू मेरी चूत का दीवाना हो गया था और चूत छोड़ने के लिए राजी नहीं था.

क्यूँकि मेरी चूत की प्यास मेरे भाई ने बुझा दी थी…मैंने कहा- नहीं ! मुझे नहीं चुदवाना…उसने मुझे बेड पे पटक दिया और मेरे ऊपर लेट गया मेरे दोनों हाथों को अपने दोनों हाथों से कस के पकड़ लिया ताकि मैं हिल ना सकूँ और फ़िर मुझे किस करने लगा…. बातचीत करते करते देवर ने अभी मेरी मैक्सी ऊपर सरका कर मेरी चूत पर हाथ फ़ेरना शुरू किया ही था कि दरवाजे की घन्टी बज गई. देहाती बीएफ सेक्सफिर जैसे जैसे नग्नता मेरे लिए आम हुई तो मुझे मर्द और औरत के तालुक़ात के बारे में मुकमिल आगाही होने लगी। मर्द का लंड पहली बार जब देखा तो यक़ीन करें कि मेरे जिस्म के बाल खड़े हो गये और मेरा जिस्म एक दम गर्म हो गया। सांसें जैसे धुंआ छोड़ने लगीं और धड़कनें बेक़ाबू होने लगीं.

तब मम्मी जोर फुसकारी मार कर बोली- मेरी जान मुझे इस तरह मत जला! मुझे चोद दे!उसके बाद अंकल ने मम्मी की साड़ी पूरी तरह से उतार दी. ‘वहाँ क्यों मुँह लगा रहे हो? वो गन्दी जगह है।’‘भाभी, अभी आप कुछ मत कहो।’मेरी जीभ चूत के अंदर दाखिल हो गई और अंदर गोल गोल नचाने लगा…‘आह्ह अम मैं पागल हो रही हूँ, ऊ ये मत कर!’लेकिन मुझे अब उनकी गुलाबी चूत और उनके अंदर का नमकीन पानी ही भा रहा था.

वो हाल में आगबबूला हो मेरा इन्तजार कर रहा था… उसकी अधीरता उसके एक दिशा से दूसरी दिशा तक चलने से पता लग रही थी…. जीजू ने भी अपनी पैन्ट उतार दी और अपना बेहतरीन लम्बा सा सिलेन्डर नुमा लण्ड मेरे सामने कर दिया. चूचियों से नीचे उनका सपाट पेट और उसके थोड़ा सा नीचे गहरी नाभि, ऐसा लग रहा था जैसे कोई गहरा कुँआ हो.

अगले दिन जब मैं, वो उसकी बेटी सब एक साथ बैठे थे, तो उसने सेब निकाले और सब को काट कर खिलाने लगी. शर्तिया किसी लड़की का था। ऊपर आकर फिर वही शोर-शराबा और इतने चेहरे कि समझ में न आये कि ये हरकत है किसकी। मैं बहुत अच्छा तैराक या गोताखोर नहीं हूँ इसलिये ज़्यादा देर तक साँस रोक नहीं सकता फिर भी मैंने सोचा इस बार तो जान कर ही रहूँगा कि उस्ताद के साथ उस्तादी कर कौन रहा है।मैंने फेफ़ड़ों में हवा भरा…गोता लगाया…और आँखे पानी के अंदर भी खोल के रखा…एक लहराते बालों वाला साया मेरे पास आया…. मैंने फ़िर कहा- एक बार मुँह में लो!तब उसने कंडोम के ऊपर से लिया… मैं उत्तेजित हो रहा था… 12-15 मिनट में मैं कंडोम में ही झर गया, फिर भी वो उसी तरह मुँह में लिए हुए थी.

मैंने आव देखा न ताव, अपना लंड दीदी के मुँह में रख दिया और फिर दीदी उसे लोलीपॉप की तरह चूसने लगी और हम 69 की अवस्था में आ गए.

अन्तर्वासना के पाठकों को मेरा नमस्कार और ढेर सारा प्यार! कहानी के बारे में जानने के लिए कहानी के पिछले भाग जरूर पढ़िए, मैं उम्मीद करता हूँ कि आप मित्रों और लड़कियों को मेरी कहानी जरूर पसंद आएगी. मुझे तो डॉगी वाला स्टाइल पसंद है !”हाई मैं मर जावां !” और उसने मेरे गालों को चूम लिया।गुड … मेरा भी पसंदीदा आसन यही है !”क्या तुम पहले से ही … मेरा मतलब.

रास्ते में बहादुर ने इशारा करके बताया कि वो उस का घर है, तो रीटा के दिमाग में बिजली सा विचार आया. मम्मी उनका लंड देख कर चौंक गई और बोली- बाप रे! इतना मोटा लौड़ा मेरे लिए?अंकल का लंड आठ इंच लम्बा और चार इंच मोटा था. चूँकि सभी सदस्य घर पर थे इसलिए उस दिन प्रिया भाभी से अकेले में बात ही नहीं हो पाई.

पर कभी भी ऐसा नहीं हुआ कि उसकी तरफ से मुझे लगा हो कि यह दोस्ती से कुछ बढ़कर है… जो भी था केवल एक तरफा था. वो शायद मेरे लौड़े को देखने को बेताब हो रही थी और जब मैंने लौड़ा छुपाए रखा तो उसने इशारे से हाथ हटाने का आग्रह किया. कुछ समय बाद अंकल ने कहा- आज की चुदाई पसंद आई या नहीं?तो मम्मी ने कहा- अब मुझे हमेशा चोदना!और फिर अंकल ने अपना लंड बाहर निकाल लिया.

थ्री एक्स बीएफ दिखाइए ओह्ह उसकी गांड भी एकदम गुलाबी थी और चूतडों के बहुत अन्दर की तरफ़ यानि गहराई में थी। एकदम नाज़ुक सी गुलाबी गांड! मैं गांड का शौकीन नहीं हूँ. मैं समझ गई …घर में कोई नहीं था, मैंने अपने मम्में बाहर निकाल लिए टी शर्ट से ! क्यूंकि मैं हर वक़्त ब्रा नहीं पहनती.

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रागिनी के कुछ समझने के पहले मैंने उसकी पतली कमर को पूरी ताकत से जकड़ कर एक धक्का लगा दिया. ? स्कूल नहीं गया क्या…?बबलू झुंझला कर बोला- अन्दर भी आने दोगी कि नहीं मम्मी, मेरे सिर में जोर का दर्द हो रहा है!बोलते हुये वो अपने कमरे में जाकर बिस्तर पर लेट गया. उसने पूछा- कहाँ जाना है आपको?…बोदला!उसने अंदर आने का इशारा किया और मैं चुम्बक की तरह आगे वाली सीट पर बैठ गया.

कोई भी परेशानी हो तो आप मुझे आवाज़ लगाइएगा, मैं तुरंत आ जाऊँगा।ज़ाहिरा हँसते हुए बोली- हैं. अब राजू की धक्को की स्पीड बढ़ने लगी थी और ट्रेन के हिलने की वजह से मुझे भी दोगुना मज़ा आ रहा था. देसी लौंडियामैंने ब्रा-पेंटी को छोड़कर उसके सारे कपड़े उतार दिए और अपने भी कपड़े उतार कर फेंक दिए और अंडरवीयर में हो गया, और फिर उसकी ब्रा के ऊपर ही अपना मुँह रख दिया और उसकी ब्रा चाटने लगा ताकि उसको अच्छा लगे और फिर अपने दोनों हाथो से उसके दोनों चूचे पकड़ लिए.

? जो परेंट्स हम पे इतना भरोसा करते हैं… वो हमें एक दूसरे से बात भी नहीं करने देंगे.

आंटी पूरी नंगी क़यामत लग रही थी, बुर पर बड़े बड़े बाल थे आंटी के, आंटी ने कहा- हैरी, चल मेरे मोमे दबा और चूस! तुझे मजा आएगा. बस फिर क्या था, मैं चूमता गया उसकी आँखों, माथे और फिर नीचे की ओर गले में, सब जगह! बस उसने आँखें बंद कर ली.

अगर कोई एम एम एस ‘वाट दा फ़क’ के नाम से मिले समझना कि वो आपकी श्रेया की है …मैंने फिर जोजो का फ़ोन नहीं उठाया … आपका फोन ज़रूर रिसीव करुँगी पर आप तो ऐसा धोखा नहीं दोगे ना?. वो बोली- संजय, यह सब क्या चल रहा है?मैं कुछ नहीं बोला तो वो बोली- अब नज़रे नीचे करके क्या बैठा है, जवाब दे? मुझको मोना ने सब कुछ बता दिया है, मैं तो सोच भी नहीं सकती थी कि तू ऐसा है. उनके हाथ मेरे सर पर थे और वो मेरे सर को दबा कर मेरा मुँह अपनी चूत के और पास ले जाने की कोशिश कर रही थी.

मुझे दर्द हुआ मगर मैंने फिर भी उसका पूरा लौड़ा अपनी चूत में घुसा लिया।मैं ऊपर-नीचे होकर उसके लौड़े से चुदाई करवा रही थी, सुनील मेरे मम्मों को अपने हाथों से मसल रहा था।अनिल भी नीचे से जोर जोर से मेरी चूत में अपना लौड़ा घुसेड़ रहा था। इसी दौरान मैं फ़िर झड़ गई और अनिल के ऊपर से उठ गई मगर अनिल अभी नहीं झड़ा था तो उसने मुझे घोड़ी बना लिया और अपना लौड़ा मेरी गाण्ड में ठूंस दिया.

अन्तर्वासना के सभी दोस्तों का ढेर सारा प्यार मिला उनके ई-मेल के ज़रिये ! काफी अच्छा लगा इतने सारे ईमेल देख कर. ”क्या?” उसकी बेहद सकुचाती फुसफुसाहट भी कमरे में रात की नीरवता में साफ सुनाई दी।चलो बोली तो। डर रहा था कहीं चुप न रह जाए।होंठों पर शब्द लाने में बेहद हिचक हो रही थी। फिर भी थोड़ा जी कड़ा करके कहा,”वो क्या कहते हैं पीरियड वगैरह…. और जब मैंने लौड़ा बाहर निकाला तो बोली- ऐसा क्यों कर रहे हो मेरे साथ? मैं कौन सा मना कर रही हूँ? पर आप आराम से कीजिये!मैंने कहा- मैं तुझे एक रंडी की तरह चोदना चाहता हूँ, मेरी रांड बहन!और मैंने फिर उसे अच्छी तरह से लौड़ा चुसवाया और फिर उसकी मुलायम चूत चाटी.

नंगी नहाने की वीडियोमैं उसको देखता ही रहा, उसने टोका- अन्दर नहीं आने दोगे क्या?मैं शरमा कर पीछे हो गया और वो अन्दर आ गई. मैंने कहा- बहुत अच्छा लगेगा!वो नहीं मान रही थी…फिर उसने कंडोम के पैक के ऊपर लिखी विधि को पढ़ कर मेरे लण्ड पर लगाया.

बेटी की चूत

फिर सोमा मेरे दूध चूसने लगी और कमल कभी मेरी चूत में लंड डालता और कभी सोमा की चूत में डालता… मैंने भी सोमा को नंगा कर दिया था……. वो चीखी पर आवाज़ दब गई, दर्द हुआ तो टाँगें उठा ली और मैंने उसकी आँखो से अचानक हुए दर्द से निकले आँसुओं को चाटते हुए उसको पूछा- कैसी हो…तो वो बोली- आपने तो कसाई की तरह चाकू चला दिया, मैं तो बस मरते मरते बच गई…मैंने बोला- तो चलो निकल लेता हूँ!तो वो बोली- नहीं, थोड़ा रूको!तो मैंने जितना घुसा था, उतने में ही लौड़े को आगे पीछे करना चालू कर दिया. मेरी पत्नी रुचि वैसे तो अपनी बहन से बहुत प्यार करती है पर जब भी मैं उसके पास अकेले रहने की कोशिश करता तो मेरी पत्नी उसे कोई बहाना कर अपने साथ ले जाती, शायद वो मेरी नीयत पहचान गई थी.

आप लोग सोच रहे होंगे कि यह क्या बेवकूफी है ? चूत और लंड दोनों हैं फिर भी नहीं डाला. उसके होंठों का रस पीकर मेरे जिंदगी की प्यास चली गई। मैं उसे पूरे दस मिनट तक चूमता रहा था। फिर मैंने उसे बिस्तर पर लिटा दिया और आखिरकार जिस पल के लिए मैं तरस रहा था, जिस पल को सपनों में देख कर पचास बार अपना लंड हिलाया था वो पल आ गया।मैंने उसके स्तनों को कस के दबाया और चूसने लगा।शीतल- उफ्फ्फ ! हाए ! ओह ओह ओह…क्या बात है केदार ! तुम बड़े प्यासे लग रहे हो. ‘हाय मनु जी… स्स्स्स… हाय अब करो न… प्लीज़… हाय मनु… अब आ जाओ न ऊपर…!! हाय लंड दे दो… मनु… मैं तो मर गई!!’मैं भी अब गरमा चुका था… मैंने अपना लंड उसको दिया उसने अधखुली आँखों से मेरे लंड को निहारा और शर्म-हया भूलकर उसके मुहँ से अपना मुँह मिला दिया, उसके होंठ मेरे लंड के छेद को रगड़ रहे थे.

चूँकि सभी सदस्य घर पर थे इसलिए उस दिन प्रिया भाभी से अकेले में बात ही नहीं हो पाई. तेरी फ़ुद्दी नहीं फड़क रही क्या………सोमा ने मुझे देखा और कमल से बोली- पकड़ इसको………कमल ने तेजी से लपक के मुझे पकड़ा और घसीट के वहीं पटक दिया……मैं कराह उठी…. अब राजू की धक्को की स्पीड बढ़ने लगी थी और ट्रेन के हिलने की वजह से मुझे भी दोगुना मज़ा आ रहा था.

वो दोनों मुझे थोड़ी दूर खड़े होकर कुछ बातें करने लगे। मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मुझे चोदने की बातें कर रहे हों. मेरी बुआ के घर में एक किराएदार रहते थे उनकी एक लड़की थी नाम था अमिता! वो बहुत सुन्दर थी, मैं उसे चोदना चाहता था.

खुश इसलिए क्योंकि भाभी मान गई थी और भाभी सभी को मना सकती थी और दुःखी इसलिए क्योंकि अभी शादी में कम से कम एक महीना और लगना था.

एक दिन मेरे कार में बैठते ही अमित अंकल ने पूछा- दस पन्द्रह मिनट देर हो जाए तो कोई परेशानी तो नहीं है ना?मैंने कहा- नहीं अंकल, कोई परेशानी नहीं है!अमित अंकल ने कार एक रेस्तरां के बाहर रोकते हुए कहा- इसका डोसा बहुत टेस्टी है!पापा के साथ इस रेस्तरां में आने के बारे तो मैं सोच भी नहीं सकती थी, वो एक नंबर के कंजूस आदमी हैं. बीएफ मोटीमुकेश मेरे फ़ूले गालों पर थपकियाँ देता रहा और कहने लगा- तेरी चिकनी जांघों पर मेरी कब से नजर थी बहन की लौड़ी! मैं तो कब से सोच रहा था कि तेरी चूत देखने को मिलेगी, कब अपना लंड उसमें घुसाने का मौका मिलेगा, मेरी छप्पन-छूरी! आज तो तेरी चूत, तेरी गांड, तेरे बोबों के इतने मज़े लूँगा और दूंगा कि तू तो क्या, तेरी अम्मा भी मुकेश को याद करेगी. सेक्सी गांव की चुदाईआखिर उसने मुझसे वो पूछा जिसके बारे में मैंने नहीं सोचा था, उसने कहा- तुम मुझसे और बाकी मुसलमानों से नफरत क्यों करते हो?मैंने कहा- मैं नफरत नहीं करता. जीजाजी ने हम लोगों को सम्हाला और कहा कि चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है सब ठीक हो जायेगा.

मैंने पूछा-कहाँ गया?तो आयशा बोली- भैया तो अभी कुछ देर पहले ही मम्मी-पापा के साथ खाटू श्याम जी के दर्शन के लिए चले गए.

मेरा पूरा मुँह उसके माल से भर गया… मुँह में माल लेने का मेरा यह पहला अनुभव था, बहुत गर्म था उसका माल ! उस्का स्वाद भी बहुत अच्छा था। उसने मुझे पूरा नहलाया और उठा कर बिस्तर में लिटा दिया…. हमारी साँसें काफी गरम हो चुकी थी। अब मैं अपने दोनों हाथों से उसकी चूचियाँ दबाने लगा। चूचियाँ फूलने लगी थी और दबाते दबाते काफी कड़ी हो गई।फिर मैंने उसकी टी-शर्ट उतार दी. धूमधाम से चुदी हुई खस्ता हालत में रीटा के बदन में रह रह कर दर्द की टीसने उठ रही थी.

उसने डरते डरते मेरे लंड को पजामे के ऊपर हाथ में लिया तो मैं समझ गया कि वो पहली बार कर रही है और डर भी रही है…तो मैंने पजामा उतार के उसके हाथ को अपने से पकड़ के लौड़े को कस कस के मसलने लगा तो वो डर के बोली- इतनी ज़ोर से?तो मैंने कहा- मजा तो आ रहा है ना…?मैंने उसको बोला- चाँदनी, देख मैं तेरे सामने बिना कपड़ों के नंगा पड़ा हूँ तो तू भी तो कपड़े उतार के दिखा. मैं तान्या के बारे में ज्यादा नहीं जानता था मगर उसकी हरकतों को देखकर लग रहा था कि उसे पहले भी यह सब करने का अनुभव था. कई कई बार तो रीटा सुबह सुबह स्कूल की बस चढ़ने से पहले लोगों की नजर बचा कर राजू के कमरे में घुस कर जिद्द करके खड़े खड़े एक टांग उठा कर चुपचाप चुदवा लेती थी.

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आंटी ने कहा- जोर जोर से चोदो मुझे! आज मेरी प्यास बुझा दो! अह्ह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह्ह सीईईईईई!मैंने अपनी गति बढ़ा दी और आंटी को जोर जोर से चोदने लगा. खैर, अनीता दीदी ने नेहा के गलों पर एक चुम्बन लिया और कहा- मैं जानती हूँ नेहा, तुम दोनों कभी भी ऐसी हरकत नहीं करोगे. लण्ड व चूत से पच्च पच्चर फच्च फच्चर की गुन्डी आवाजें, मस्ताई हुई रीटा की सुरीली ईसऽऽऽ ईसऽऽऽ सिसकारियाँ और किलकारियाँ, पलंग की चरमराहट राजू के दिल दहला देने वाले ठप्पों की थाप की आवाज और दोनों की बहकी बहकी साँसों ने वातावरण को और भी गर्म और रंगीला बना दिया.

अगले दिन से भाभी हमें पढ़ाने लगी क्योंकि भाभी ऑफिस जाती थी इसलिए वो हमें हफ्ते में दो दिन यानि शनिवार व रविवार को ही पढ़ाती थी.

क्या मस्त पप्पू है ?तुम्हारी उम्र कितनी है ?औरतों की एज नहीं पूछी जाती ?तो फिर क्या पूछा जाता है ?उनकी तो साइज़ पूछी जाती हैअच्छा साइज़ ही बता दो ?किसकी ?चूत की और किसकी ?धत् ….

कॉलेज में ज्यादातर लड़कियाँ अपनी स्कूटर या कार से आती जाती थीं, मैं और तीन चार अन्य लड़कियाँ ही सिटी बस से कॉलेज आती जाती थीं. मैंने फिर अपने घर पर फोन मिलाया और बोल दिया कि मैं 3-4 दिन तक योगी के घर पर रहूँगा. ससुर बहू की बीएफ फिल्म हिंदीप्रेषक : राज कार्तिकसोनिया अब मस्त गांड उठा उठा कर मेरा लण्ड ले रही थी अपनी चूत में।करीब दस मिनट के बाद सोनिया का शरीर अकड़ने लगा और वो चिल्ला उठी- मैं तो गईईई.

आज भी शाम को मम्मी के होस्पिटल जाते ही जीजू झील के किनारे घूमने के लिये निकल पड़े थे, मुझे भी उन्होंने साथ ले लिया था. मैंने पहले ही जालीदार कपड़े पहने थे जिसमे से मेरा पूरा बदन दिखाई पड़ रहा था और फिर मैंने अपना टिकेट भी अपने बड़े बड़े बूब्स के अन्दर ब्रा के बीच मैं डाल लिया. वो इतनी प्यारी फीलिंग थी कि मुझसे रहा नहीं गया, मैंने थोड़ा सा दरवाजा खोल कर देखा तो पूरा बाथरूम खाली था.

क्या मुलायम मस्त गुदगुदी चूत थी मेरी बहन की!अब मैंने अपनी जीभ चिंकी की चूत की पर ले गया और उसे चाटने लगा. उसने मेरी कमीज़ उतार दी और अपनी भी! उस ने मेरी स्कर्ट उतार फेंक दी मुझे ब्रा पेंटी में देख उसका लौड़ा हिलने लगा.

जैसे ही वो कमरे में आई मैंने उसको अपनी बाहों में भर लिया और बोला- कब से तुम्हरे लिए तड़प रहा था !उसने भी मुझे अपनी बाहों में ले लिया और चूमने लगी….

सुबह जब मैंने शालू को बताया कि मैंने तेरी पेंटी पर हाथ फिराया था तो उसे विश्वास ही नहीं हुआ कि मैंने ऐसा किया होगा. मेरे दोस्त के बगल वाले घर में एक लड़की रहती थी, उसका नाम कविता था, 18 साल की उम्र होगी, छोटे-छोटे चूचे, मस्त गांड और गोरा बदन!जब से मैं गया था वो मुझे देखती रहती थी. उसकी साड़ी का आँचल अब ज़मीन पर पड़ा था।‘संजय अभी अगर कोई आ जाए और हमें इस तरह देख ले तो? क्या होगा? बोलो!‘फिकर मत करो इतनी सुबह कोई नहीं आयेगा! और फ़िर मैंने बाहर का दरवाज़ा अच्छे से बंद कर दिया है इसलिए अगर कोई आयेगा तो उसे वैसे ही दरवाजे से वापस जाना होगा।’ कहते हुए अब मैंने उसे अपनी बांहों में भर लिया और उसके होंठों पर एक लंबा चुम्बन लिया.

सेक्सी ब्लू बीपी फिल्म ट्रेन का सफर था और मुझे अकेले ही जाना था इसलिए मेरे पति ने प्रथम श्रेणी एसी में मेरे लिए रिज़र्वेशन करवा दिया था. वो भी धीरे धीरे गर्म हो गई, मैंने मौके का फ़ायदा उठाया और उसके चूचे अंदर हाथ डालकर पकड़ लिए और प्यार से हाथ फिराने लगा.

फिर मुझ से रहा नहीं गया, मैंने तुरन्त अपने कपड़े पहने और मैं वापस जाकर और दो पैक क्रीम के और ले लिए. मुझे चुदाई में बहुत मज़ा आ रहा था इसलिए मैंने उनकी बातों पर दयाँ नहीं दिया और ट्रेन के हिलने की गति के साथ ही हिल हिल कर लंड लेने लगी. अपनी स्पीड मैंने बढ़ा दी थी … उससे बहुत मज़ा आ रहा था … बीस मिनट के बाद वो झड़ी और उसके बाद मैं भी झड़ गया.

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मैंने उसे मस्ती दिलाई।अब देर मत करो… प्लीज़ जल्दी डाल दो… चाट चाट कर गांड में खुजली कर दी है तुमने … प्लीज़ डालो ना. तभी मैंने दीदी को बताया- दीदी, मैंने साधना मौसी और मौसा जी की चुदाई देखी है…तो दीदी ने कहा- हमारी मौसी बहुत चुदक्कड़ है…. मैंने कहा- कोर्स की पढ़ाई तो हर रोज़ करते हैं, आज कोर्स से बाहर की पढ़ाई करेंगे, इससे व्यक्तित्व का विकास होगा.

रास्ते में बहादुर ने रीटा को बताया कि छोटी उमर में ही उसने गाँव में खूब चौदे मारे हैं इसीलिये बहादुर के लण्ड में बला की तपिश और ताकत आ गई थी. कैसे हो आप? मैंने अन्तर्वासना की हर कहानी पढ़ रखी है! आज मैं भी अपना एक ख़ुद का अनुभव लिख रहा हूँ, यह जो मैं कहानी सुनाने जा रहा हूँ वो मेरी चाची और मेरी है।मेरा नाम सुशान्त है, कानपुर का रहने वाला हूँ, अभी पढ़ाई कर रहा हूँ। कॉलेज में मैं बहुत लड़कियों को चोद चुका हूँ। मेरी उम्र 23 साल है, कद 5 फीट 9 इंच है, अच्छा खासा व्यक्तित्व है, मेरा लंड 7.

अब वो मेरे पैर की तरफ सर करके लेट गई और मेरा लंड मुँह में लेकर चूसने लगी और मैं उसकी चूत चाटने लगा, मतलब हम अब 69 तरीके में थे.

तभी मेरी मम्मी ने मधु को अर्धनग्न देख लिया …सुनील क्यूँ परेशान कर रहे हो बेचारी को …चलो दोनों टेबल पर रखे रसगुल्ले खा लो …मधु अपने कपड़े पहन कर जैसे जाने लगी, मैंने उसे कहा- आज रात को आना ! घर पर पापा नहीं रहेंगे …रात हो चली थी. एक तो वैसे ही मेरा जॉब घूमने वाला है और मैं भारत में घूमता रहता हूँ और हफ्ते में केवल दो तीन दिन के लिए ही घर जा पाता हूँ इसलिए जब घर जाता हूँ तो मेरी बीबी तो थक ही जाती है. वो इतनी प्यारी फीलिंग थी कि मुझसे रहा नहीं गया, मैंने थोड़ा सा दरवाजा खोल कर देखा तो पूरा बाथरूम खाली था.

भाई का जांघिया सूंघने से मेरी उत्तेजना इतनी बढ़ गई कि मुझे लगने लगा कि अगर मेरी चूत को जल्दी ही कोई लौड़ा नहीं मिला तो मैं जाने क्या कर बैठूंगी. मैंने अपने बाएँ हाथ की तरफ उसे लिटा लिया और उसके गाउन की डोरी खोल कर उसके गुम्बदों को बाहर निकाल लिया. मैं भी भाभी को घुमाने के लिए मेट्रो वाक मॉल ले गया लेकिन भाभी के दिल की बात जानने के लिए मैंने कार जापानी पार्क की तरफ ले ली.

इसी तरह हम करीब दस मिनट रहे, फ़िरउन्होंने मुझे धकेला और मेरी तरफ देखा- कर दिया ना भाभी को खराब.

थ्री एक्स बीएफ दिखाइए: फिर मैं अपने पैरों को धीरे धीरे ऊपर करने लगा, उसके पजामे के ऊपर से ही मैंने अपने पैरों से उसके घुटने सहलाने लगा. अब अंकल की आँखों में मुझे एक अजीब सी चमक नज़र आ रही थी और मम्मी की आँखों में एक नशा सा दिखाई दे रहा था.

राजू का लण्ड अब रीटा की चूत की झिल्ली पर दबाव डाल रहा था पल भर के लिये दोनों ठहर से गये और राजू ने रीटा की झील सी आँखों में झाँख कर पूछा- चोदूँ?‘चौदिये नाऽऽऽ!’ चुदास की ठरक भाव विभोर हुई रीटा शहद से मीठे स्वर में बोली. उसे ऐसे देख कर मैं हैरान रह गया क्योंकि उस साड़ी वो एक युवती की बजाय बिल्कुल औरत लग रही थी और मेरा तो दिल कर रहा था कि अभी उसके साथ सुहागरात मना लूँ. उस रात में 3 बार मरवाई चाची ने 2 बार चूत और एक बार गांड। आजकल भी मौका मिलते ही हम हाथ मार लेते हैं।शायद कुछ लोग मुझे गलत कहेंगे पर कन्यायें और भाभियाँ बताएँ कि मैं क्या करता? जब वो तीनों मुझे खुद ही ऑफर कर रही हैं तो… क्या मैं गलत था ? अपनी राय अवश्य भेज़ें। मैं आपके मेल का इंतज़ार करूँगा।[emailprotected].

और…थोड़ी देर गांड दबाने के बाद मैंने उसके अन्दर अपना लंड डाल दिया और उसके मम्मे दबाने लगा…वो भी पूरा लंड ले रही थी.

इतनी सी देर में जाने क्या से क्या हो गया। आभा को चोदने की ललक मुझमें बढ़ने लगी। इतना कुछ होने के बाद चुदाई में देरी क्यूं करूं…. वो बोली- सिर्फ देखते ही रहोगे या मुझे भी कुछ दिखाओगे?फिर मैंने कहा- आज तो सब कुछ तुम्हारा है…. चूसी और चुदी हुई रीटा बुरी तरह शरमा कर अपना चेहरा अपने हाथों में ढांप कर राजू की छाती में छिपने की कोशिश करने लगी.