2003 का बीएफ

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” कहकर मधुर कुछ पलों के लिए चुप हो गई।मुझे मधुर की इस बात पर कई बार बहुत गुस्सा आता है वह एक बार में कभी पूरी बात नहीं बताती।बाद में उसने बताया कि जब वह और गौरी बाज़ार से आये तो वह पहले तो दौड़ कर पानी लाई और फिर चाय का बनाने का पूछा। मैंने कहा कि चाय थोड़ी देर रुक कर पियेंगे। मैं थक गई हूँ पहले थोड़ा सुस्ता लेती हूँ। तो वह बोली आप थके हैं तो मैं आपके पैर दबा देती हूँ. ભોજપુરી સેક્સशान ने पलट कहा- हां मुझे आपकी चुदक्कड़ लौंडिया ने ही चोदने के लिए बुलाया था.

जैसे ही उसके लंड का सुपारे ने गांड के फूल को फाड़ा, मेरी तो समझो जान ही निकल गयी. एक्स एक्स एक्स चुदाई वीडियो हिंदीउसके बाद मैंने किसी के साथ कुछ नहीं किया और मैं अपनी ग्रेजुएशन के लिए दिल्ली आ गयी.

उसने लंड को चूत में लिये हुए ही फोन उठाया तो पता चला कि उसके पति का फोन था.2003 का बीएफ: मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ, मैं हमेशा यहां पर सेक्स कहानियां पढ़ता हूँ.

मैंने उसको बताया कि अगर आप उससे बात करना चाहती हैं तो मैं आपकी बात उस लड़के से करवा सकती हूँ.लंड के फंसते ही मैंने पहले धक्के में उसकी चूत में आधा लंड अन्दर कर दिया था.

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उसने तो पीले रंग का टॉप लिया, वो चाह तो रही थी थोड़ा लम्बा मतलब पूरे पेट को ढकने वाला … पर शबनम जिससे उसकी ज्यादा ही पटती थी, ने उसे छोटा ही टॉप दिलवाया.घर का चिराग एक साल का हो जाने की खुशी में सब लोग फूले नहीं समा रहे थे.

तो उसने कहा कि अगर आपको कोई ऐतराज नहीं हो, तो मैं विंडो सीट पर बैठ जाऊं. 2003 का बीएफ आअअहह … जिस लंड को फोटो में देख इतने दिनों से मेरी चूत गीली हो रही थी, वो लंड आज मेरे सामने था.

संजू रोहित के लंड को पागलों की तरह चूस रही थी, शायद उसने किसी भी कीमत पर उसे खड़ा करने की ठान ली थी.

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” मैंने एक बार फिर से मनुहार की।अब बेचारी गौरी कैसे मना कर सकती थी।आप मुझे फिर से गंदा कर देंगे तो मुझे फिर नहाना पड़ेगा?”अरे… मेरी जान … प्रेम करने से कुछ गंदा नहीं होता. सोनिया- ओह गॉड रोहन … आह्ह्ह आह्ह … मैं झड़ रही हूँ … मैं झड़ रही हूँ … आह्ह आह्ह्ह्ह. फिर चुदाई के बाद मेरे सर के बाल को सहलाते हुए भाभी बोलीं- मेरा विद्यार्थी कुछ ज्यादा ही तेज है … सभी पाठ तुरंत याद कर लेता है.

मैं ट्रेन में बैठा और मैंने सारिका को फोन किया- मैं ट्रेन में बैठ गया हूँ. मैंने चाची को भाभी के लंड देखने वाली बात बताई और कहा- वो जाते जाते मुस्कुरा कर गई थीं. जाते जाते मम्मी ने चाची को बोल दिया था कि दीपू घर पर ही है, जब तुम फ्री हो जाओ, तब उसके लिए खाना बना आना और देख लेना कि वो ठीक से पढ़ रहा है या नहीं.

आइये जानते हैं कि कैसे मैंने पहली बार शालिनी भाभी को अपने लंड पर नचाया और उनकी प्यासी चूत में लंड डालकर कोहराम मचा दिया. मैं चढ़ के लेट गयी, मैंने बुर्का पहना था। वैसे भी जब भी बाहर जाती हूँ तब बुर्का होता ही है।बैग को सर के नीचे रख के मैं सोने लगी. जॉली ने किसी भी तरह से उसके इस आवेशपूर्ण आलिंगन का कोई जवाब नहीं दिया और कटोरे में डाले अंडे में नमक मिर्च डालने लगा.

” समीर ने अपने पिता के जाने के बाद बेड पर अपना माथा पकड़ते हुए कहा।डार्लिंग, ज्यादा मत सोचो, वरना सर में दर्द हो जायेगा। सच्ची में मुझे तो आज पता चला है कि चुदाई का असल मजा क्या होता है और बापू के साथ तो मुझे इतना मजा आया कि पूछो मत। मैं तो अपने ससुर की दीवानी हो गई। असली मर्द है वह. श्वेता दीदी- अरे मेरे सामने कपड़े बदली करने में क्या दिक्कत है?दीदी- नहीं … मुझे शर्म आ रही है.

मैं अपने पति मनोज के साथ ठीक एक हफ्ता पहले ही श्वेता के ससुराल पहुंच गई.

क्योंकि उसने रिकॉर्डिंग बटन ऑन कर दिया था।अब आपको तो पता ही है आगे क्या होना था, मुझे थप्पड़ पड़े … पर घर की बात घर में दबा दी इज्ज़त के खातिर।मेरा फोन हमेशा के लिए बंद करवा दिया इसलिए काफी दिन तक किसी से कोई रिश्ता नहीं रहा। विकी और शरद भी अब सिर्फ दिखाई देते हैं, घर के पड़ोस में है इसलिए; पर बात नहीं होती.

कि तभी लास्ट और फाइनल धार निकली और साथ ही साथ उनकी सिसकारी।मैं अब वैसे ही लेट गया. अपने ही बाप से गांड मरवाने की बात सोच सोच कर ज्योति बहुत उत्तेजित हो गयी थी और उसकी चूत तो इतनी गीली थी कि रस बह कर उसकी टाँगों पर बह रहा था. मैं अगली सेक्स स्टोरी भी बहुत जल्द भेजूंगा, जिसमें मेम की एक सहेली को मैं अपने लंड के लिए कैसे तैयार किया और उनकी चूत की चुदाई की.

इस पर वो और भड़क गईं, बोलीं- डरपोक है क्या तू?मैंने कहा- जो भी समझो. फिर एकदम ट्रेंड कॉलब्वॉय की तरह मैंने उसकी साड़ी को उतारा, वो अब पेटीकोट और ब्लाउज में मेरे सामने थी. मैं रात को देर तक रुक कर अपना कार्य पूरा करता ताकि दिन में उसको समय दे सकूँ.

मगर अब मुझे अच्छा लगने लगा था क्योंकि मेरी चूचियों के निप्पल भी अब खड़े हो गये थे.

पर जो मिल रहा था मैं उसी में खुश थी क्योंकि काफी दिनों के बाद ऐसे झटके लग रहे थे मेरे दोनों टाँगों के बीच में. मैं अन्दर से तो विराट से चुदाई करवाने का मन बना रही थी, पर थोड़ा झिझक रही थी. वह आह करते हुए बोली- ये क्या कर रहे हैं?मैं बोला- अब तो तुम मेरी हो गई हो … बस बयाना दे रहा था.

मित्रो, मैं इस साईट का सबसे पुराने पाठकों में से एक हूँ, प्रथम कहानी से सभी कहानियों का नियमित स्वाद लेता हूँ. खुले आसमान के नीचे जांटी (खेजड़ी के पेड़) के नीचे बालू मिट्टी में उन दोनों भाभियों की चूत मार कर मुझे मजा आ गया था. मैंने उसको धत्त बोला और कहा- मैं सिर्फ तुम्हारी हूँ, मेरे जिस्म पर सिर्फ तुम्हारा हक़ है.

अब आते हैं चाची जी के मुद्दे पर …जब धीरे धीरे मेरा चाची को भी देखने का नजरिया बदलने लगा था, तो मुझे बस ये हो गया था कि किसी भी तरह चुत और गांड मारनी है.

मैं उसकी चूत को अपनी जीभ से पूरा ऊपर से नीचे तक फेरते हुए चाट रहा था. इससे हमारे घर वाले भी हम दोनों के बारे में जानने लगे थे कि हम दोनों एक साथ काम करते हैं … इसलिए मिलना जुलना स्वाभाविक है.

2003 का बीएफ दीपा ने अभी दो दिन पहले ही वेक्सिंग और पेडीक्योर कराया था तो सब कुछ शेप में था. जब हम बांस के पेड़ों के झुरमुट से बाहर निकले, तो हमने देखा वहां कुछ लोग खड़े थे.

2003 का बीएफ कुछ ही देर बाद पूजा ने अमित के लन्ड को छोड़ मुझे दोनों हाथों से कस लिया. चूंकि अभी वो बच्चे को दूध पिला रही थी तो उसके चूचे और अधिक रसीले हो चले थे.

मैं भी उनको चूमने के साथ ही अपने एक हाथ से मैम के 36 इंच के मम्मों को व दूसरे हाथ से उनकी चूत को सहलाए जा रहा था.

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मैंने नीचे बैठ कर उसके लंड को चूसने के लिए मुंह खोला तो उसके लंड अजीब सी गंध आ रही थी. कुमार- हां मेरी जान … बोलो क्या हुआ?मैं- अरे यार विक्की ने कॉल किया था, वो इंडिया आ गया है और मुझे कल मिलने के लिए बोल रहा है. वो दोनों मेरी चूत और गांड को पेलते हुए मुझे गंदी गंदी गालियां दे रहे थे.

बॉस को कुछ जरूरी काम था, तो वे जाने लगे और विनय ने भी अपना काम कर लिया था. उसने मुझे छेड़ा- क्या किया जाता है?मैंने उसकी छाती पर एक मुक्का मारते हुए कहा- सताओ मत यार … मुझे बड़ी आग लग रही है … तुम जल्दी से करो. और मेरे? मेरे नितम्ब नहीं अच्छे लगे आपको?” ज्योति बोली।तुम्हारे नितम्ब तो बिल्कुल जानलेवा हैं बेटी.

मेरे मन में तरह तरह के ख्याल आ रहे थे, लेकिन आखिरकार 12:30 बजे मेरे फोन की घंटी बजी.

मैंने धीरे से पूजा के लोअर में हाथ डाल दिया और उसकी चूत को पेंटी के ऊपर से मसलने लगा. तभी उसने पीछे से आवाज दी- जा रहे हो क्या?मैंने बिना उसकी तरफ मुड़े ही दरवाजा खोला और बाहर निकल गया. ”मी ओर माई बॉडी?” (मुझे या मेरे जिस्म को) मैंने नाराजगी में लिख दिया.

नित्या- चाटो … ह्म्म्म्म मम्म … जोर जोर से!उधर निधि मेरा लंड जोर जोर से चूसने लगी थी।थोड़ी देर में नित्या जोर से हांफती हुई झड़ गई- आह्ह … आहह्ह्ह … आहह्ह्ह!कुछ देर बाद मैं भी झड़ गया। निधि मेरा लंड का पानी पी गई और लंड चूस कर साफ़ कर रही थी. उसकी टांग को उठा कर मैंने उसकी चूत में वहीं बाथरूम के अंदर ही अपना लंड डाल दिया. मेरी इन हरकतों को देखते हुए माँ ने मेरे लिए लड़का ढूंढना शुरू कर दिया और एक दिन मेरा रिश्ता तय हो गया.

मुझे मेरे कानों पर विश्वास नहीं हो रहा था कि ये वही चाची हैं क्या?इतना सुनते ही मेरी उत्तेजना और ज्यादा बढ़ गई और मैं चाची की सलवार को खोलने लगा और जब मैंने सलवार नीचे की … और चुत की तरफ देखा, तो मैं देखता ही रह गया. मैंने भाभी को दस बजे से एक बजे के बीच का टाइम दिया था मिलने के लिए.

उसकी तरफ़ से कोई प्रतिक्रिया नहीं हो रही थी, तो मैंने धीरे से अपने पैरों को उसके पैरों पर टच किया और अपने पैर को उसके पैर पर रख कर धीरे धीरे सहलाने लगा. क्योंकि एक तो इस होली में मैंने स्वीटी आंटी के साथ मस्त होली खेली और होली खेलने के दौरान हीं हम दोनों ने संभोग किया. पापा ने अपनी गांड को ऊपर नीचे करते हुए मेरी चूत में लंड के धक्के देना शुरू कर दिया.

हां जी रंगीन दुनिया से मेरा मतलब ब्लू फिल्म के साथ साथ सोशल मीडिया आदि से है.

उफ़ क्या हसीं चेहरा, उसको देखते ही लगा कि ‘हाँ यही तो है वो जिसे मेरा दिल ढूंढ रहा है. चूंकि मोसी ने एक मैक्सी पहनी हुई थी, उस वजह लंड एकदम से उनके छेद पर टिका हुआ था. श्वेता दीदी- अरे मेरे सामने कपड़े बदली करने में क्या दिक्कत है?दीदी- नहीं … मुझे शर्म आ रही है.

उसका 34-30-36 का लाजवाब फिगर, भारी कूल्हे, भारी उरोज, गोरी मखमली त्वचा, थिरकते गुलाबी होंठ, मांसल पिंडलियां, कमर तक लटकते सुंदर संवरे लहराते से बाल, मासूम चेहरे पर चमकती पसीने की बूंदें, सामान्य सा सलवार सूट, जिसे मनु सलीके से पहनी होती थी, फिर भी ब्रा की पट्टी जो जिस्म पर धंसी हुई सी रहती थी, उसे महसूस किया जा सकता था. काफी देर तक मैंने भाई का लंड चूसा और फिर भाई ने अपनी निक्कर को उतार दिया और नीचे से पूरा नंगा हो गया.

इस तरह मैंने अपनी शरीफ दिखने वाली चाची को अपना लंड दिखा कर और चोद कर अपना बना लिया. चूंकि मेरी गांड भी मारी गई थी, इसलिए मेरी गांड भी छिल कर खून से सनी हुई थी. मैंने जबरदस्ती उसकी पैंटी पर हाथ टिका दिया जो पूरी तरह से गीली हो चुकी थी.

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अब वह मेरे और उस लड़की के बीच में होने वाली जुगलबंदी को समझने लगी थीं.

मैंने कहा- जान, ये क्या कर रही हो?तो उन्होंने कहा- मुझे एक बार घर जा कर आना पड़ेगा, मैं जल्दी ही आ जाऊंगी. अन्तर्वासना पर मेरी यह पहली कहानी है अगर कोई गलती हो तो दिल पर मत लेना. हालांकि कॉलेज में बहुत सारे लड़कों ने मुझे पटाने की कोशिश की क्योंकि कॉलेज में आते आते मेरा फिगर किसी की भी गांड फाड़ने के लिए बहुत था.

मुझसे फ़ोन में यही बात कर रहे थे!”वो बोली- ओके यार … चल मजा ले ही लूंगी मैं भी! वैसे भी मुझे कब से सेक्स नहीं मिला. कहानी पर अपनी राय देने के लिए नीचे दिये गये मेलआईडी का प्रयोग करें. एक्स एक्स जबरदस्तउसके बाद मैंने थोड़ी सी चॉकलेट उसकी चुचियों पर जोर से रगड़ दी, तो वह चिहुंक उठी.

जब उनका सब चेंज हो गया, तो मैं वहां से निकल कर हॉल में आकर बैठ गया. फिर बॉस और विनय दोनों ने खड़े होकर मुझे अपने हाथों में उठा लिया और मुझे उछाल उछाल कर मेरी चूत गांड को फाड़ना शुरू कर दिया.

कुछ देर पहले ही पापा ने मेरे बूब्स को मसला था और अब मेरे हाथ भी मेरी चूचियों को जोर से दबा रहे थे. पर सुनील ने माल इतना निकाला था कि उसकी चूत से लावा जैसा निकल रहा था. उनके ससुर भी अपनी बहू के दूध पी रहे थे और होंठों पर किस भी करते जा रहे थे.

पूजा भी अभी उसी जोश को महसूस कर रही थी, आतुर पूजा ने मेरे लन्ड को एक बार फिर से पकड़ लिया और हिलाने लगी लन्ड परायी स्त्री की छुअन कड़क होना लाजमी था. अगर वो मुझसे ही ये पूछ लेती, तो शायद मैं उसे अपने प्यार के लिए कुछ कह देता. एक दिन की बात है मेरे घर पर कोई नहीं था, किसी की शादी में गए हुए थे और मेरे परीक्षा का समय था तो मुझे नहीं ले गए.

” ज्योति ने भी अपने पिता के मूसल लंड की चुनौती को स्वीकार करते हुए कहा.

अमित- मैं कुछ करूँ अगर तुम बुरा न मानो तो?मैं स्खलन के अंतिम पड़ाव पर था तो न बोलने का सवाल ही नहीं था. चुदक्कड़ बुआ की सेक्स कहानी को शेयर करने से पहले मैंने कई बार सोचा.

बाथरूम में जाकर उसने फव्वारा चालू कर दिया और पानी का तापमान सैट किया. दोस्तो … आप विश्वास नहीं करोगे मुझे इतना मजा आ रहा था कि चाची जी मुझे मुट्ठी मारते हुए देख रही थीं और साथ के साथ अपने चूचों को भी रगड़ रही थीं. इसके बाद मेरे ब्वॉयफ्रेंड मेरी टांगें फैला दीं और मेरी गांड के नीचे के तकिया रख दिया.

अब मुझसे रहा न गया और मैंने उसको अपनी तरफ खींच कर उसके होंठों को चूसना शुरू कर दिया. अअअ हअअ आअअ स्स्सशह उम्मम्म! धीरे सर … अअअ अअअअ सर धीरे!”सर मुझे बेड के कोने पे लिटा के अंदर करने लगे. चुदाई की लय इस कदर बनी हुई थी कि लंड चूत का मिलन एक दूसरे के साथ बड़ी मस्ती से हो रहा था.

2003 का बीएफ सोनिया- आज तक इतना अच्छा ऑर्गेज्म मुझे कभी नहीं हुआ जानू … कभी इतना मजा नहीं आया, जितना आज झड़ने में मजा आया. कोमल की बातों पर मुझे बहुत गुस्सा आया, पर संदीप वाली बात पर मैं जोरों से मुस्कुरा बैठी और मैंने संदीप से नजरें हटा लीं.

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इसलिए जो दूसरे मर्द हमारे आस-पास मौजूद थे, अपने पार्टनर के साथ वो भी हमारी बीवियों के जिस्म को निहारने से कोई परहेज नहीं कर रहे थे. अब डॉक्टर ने कुछ सोचा और बोली कि हम तीनों ही साथ मिल कर पीयेंगे और खायेंगे. तब वो मैक्सी पहन रही थीं, तो उस वजह से उन्होंने अपना पेटीकोट और ब्लाउज दोनों निकाले हुए थे और सिर्फ ब्रा औऱ पैंटी में खड़ी थीं.

इससे चुदाई का मजा दुगना हो जाता है। अभी तो शुरुआत है, आज रात भर में तुम भी खुल जाओगी. तब मैंने कहा- आप मेरी जगह पर होतीं तो क्या करतीं?भाभी ने भी कुछ नहीं कहा. காலேஜ் ஸ்டூடண்ட் செக்ஸ் வீடியோआज जो मैं कहानी आप लोगों को बताने जा रहा हूं वो हमारे पड़ोस में रहने वाली एक औरत की है.

मेरे अंदर आशीष को पाने के लिए ऐसा जुनून था कि मैं उसके लिए कुछ भी करने के लिए तैयार थी.

उन्हें लगा कि अब मैं अपना लंड सीधे ही उनकी चुत में पेल कर उनको चोद दूंगा. अभय ने चोदते हुए ही अपने हाथों की उंगली में डली हुई एक सोने की अंगूठी उतारकर मेरे हाथ में रख दी और बोला- बंध्या ले, यह तेरी सील टूटने का इनाम है।मैंने देखी तो वह अंगूठी काफी मोटी थी.

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जॉली का आधा सोया लंड रिया के मुँह में जाते ही अपना असली आकार लेने लगा.

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ब्लू फिल्म सेक्सी हिंदी ब्लू फिल्म15 दिन में तो हम प्रेमियों की तरह बातें करने लगे और तीन हफ्ते में हम दोनों ने एक दूसरे से अपने प्यार का इज़हार कर दिया. मेरे गुल्ले भी नीचे से उसकी जांघों से टकराते हुए आवाजें निकाल रहे थे.

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उस दिन शाम को घर वालों का फोन आया कि वो लोग रात को नहीं आएंगे और मैं घर पर चौकसी के साथ रहूं. मैंने कहा- मैं विश्वास दिलाता हूं कि ये बात मैं किसी से नहीं कहूंगा. कई बार जब मैं सामने से आ रहा होता तो वो मुझे आंख मार देता था और अपने लंड को मुझे दिखाते हुए सहलाने लगता था.

पर ज़ायरा बोली- यार प्लान कैंसिल हो गया है … अब हम लोग नहीं जा रहे हैं. दोस्तों मेरे लिए भगवान से प्रार्थना कीजिएगा कि मेरा यह चुदाई का मिशन सफल हो जाए और मैं शिखा मामी को चोद सकूँ. गांड चुदाई के बाद हम दोनों ने एक दूसरे को मुस्कुराते हुए हैप्पी गांड ओपनिंग की बधाई दी और एक दूसरे को गले लगा कर चूमाचाटी की.

फिर मैं उनके गदराए हुए यौवन पर ऐसे ही हाथ लगाता जाऊंगा और एक हाथ से उनके मम्मे मसल लूंगा. अचानक से भाबी ने मुझसे पूछा- आरव तुम्हारी कोई जीएफ नहीं है?मैंने बोला- भाबी अभी तो इस शहर में मैं खुद नया हूँ … इसलिए अभी तक कोई नहीं बन सकी है. अब जब उसके बाप का हथौड़े जैसा लंड उसकी कुंवारी गांड में घुसा तो उसे मालूम हुआ कि गांड की चुदाई करवाना बच्चों का खेल नहीं है.

”उसके बाद …अंशु ने उपिन्दर का लौड़ा पकड़ा और बोली- मालिनी और कामिनी देखो, मेरे प्रेमी का लण्ड कैसे मचल रहा है। इसके भोग के लिए नई दुल्हन को तैयार करो. आशीष ने पूछा- क्यों, ऐसा कैसे हुआ?मैं बोली- किस्मत से उसी वक्त मवेशियों को चारा डालने के लिए चरवाहा वहां पर आ गया था.

कुछ पल बाद कौसर मेम बोलीं- शकील यार क्या कर रहे हो … अब डाल भी दो ना … अपने इस मूसल को … मेरे राजा जी जल्दी से चोद दो … मुझसे रहा नहीं जा रहा है.

फिर चुदाई के बाद मेरे सर के बाल को सहलाते हुए भाभी बोलीं- मेरा विद्यार्थी कुछ ज्यादा ही तेज है … सभी पाठ तुरंत याद कर लेता है. बड़े लंड वाली सेक्सीइतना सा हमला करके मैंने लंड को फिर से उसकी गांड पर रगड़ना शुरू कर दिया. सेक्सी वीडियो videoबॉस सोनम की गोरी गोरी कमर को हाथ से सहला रहे थे और दोनों एक दूसरे की आँखों में देखे जा रहे थे और मस्ती में झूम रहे थे. अगर मामी मेरे से चुदवाना चाहती हैं, तो जरूर अपने कमरे के पास आएंगी और मैं भी उनके पीछे पीछे लग जाऊंगा.

अब तो मेरा खुद ही मन करने लगा था कि उनके लंड को अपने हाथ में लेकर अच्छी तरह से उसको प्यार करूं.

उसने दीपा को खींच कर सोफे पर लिटाया और उसकी टाँगें फैला कर घुस गया उसकी चूत में. फिर कुछ पल हॉट भाभी मादक अंगड़ाई लेते हुए उठ बैठीं और मेरा सर अपनी चूत में जबरदस्ती डालने लगीं. मैंने सर झुका कर माँ से कहा- मम्मी शान को जाने दीजिए प्लीज़ … उसकी कोई गलती नहीं थी.

राज की बहन जब आती थी तो उससे बहुत बात करती थी, दोनों साथ ही टाईम बिताती थी. दर्द के मारे मेरा तो बुरा हाल हो चुका था। मेरी आँखों में अन्धेरा छा गया। ऐसा लग रहा था कि मैं होश में ही नहीं हूँ।काफी देर तक वो मेरे ऊपर ही लेटे रहे, बीच बीच में थोड़ी थोड़ी लंड अन्दर बाहर कर लेते. जैसा मैंने बताया कि ये बस मेरी प्लानिंग है कि मैं ऐसा करूंगा, वैसा करूंगा.

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मैंने पूछा- क्यों नहीं हो सकती?वो बोला- मैंने मां से तुम्हारी और मेरी शादी के बारे में बात की थी लेकिन उसने साफ मना कर दिया. जो जो सामान मैंने पहले बोला था, वो सब ले लेना … और इसके अलावा आपको और जो भी चाहिए हो, ले लेना. लेकिन परेशानियों का अंत केवल खुद के विरोधाभास पर नहीं बल्कि इस काम के लिए किसको चुना जाए उस पर भी था.

होटल के इस सन्नाटे भरे माहौल में हमारी सिसकारियां शायद कुछ शोर मचा सकती थीं, इसलिए उसने मुझे संयम रखने को कहा.

लेकिन उन्होंने मेरी नाक को बंद कर दिया और मुँह में लंड पेले रहे, जिससे मुझे न चाहते हुए भी उनका सारा माल पीना पड़ा.

कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा कि मैंने अपनी साली राखी की चूत चुदाई कर डाली थी. अब मैंने उसका एक टांग अपने कंधे पैर रखा और एक टांग नीचे ही रहने दिया. सेक्स वीडियो चुदाई वालीवॉयलेट एकदम से तड़फ गई … उसने मेरे होंठ काट लिए … मुझे दर्द होने लगा.

आज तुम भी ये जान लो की परमीत पक्की सरदारनी है और सरदारनी किसी चैलेंज से पीछे नहीं हटती. मैं ज्यादा कुछ बात नहीं कर पाई मामी से … बस जल्दी जल्दी खाना खाकर कमरे में चली आयी. तभी उसने मेरे लन्ड को ऐसे मुँह में लिया मानो खा जाने को आतुर हो!‘आह …’ मेरे मुँह से सिसकारियाँ सुन उसने मेरी जाँघों को सहलाना शुरू कर दिया और गपागप लन्ड मुँह में लेने लगा.

उसके मुंह से ये शब्द सुन कर मैं समझ गया था कि उसकी चेतावनी में गम्भीरता थी. दीपा मनोज अपने कमरे में गए और सुनील को बोल दिया- ड्रिंक करेंगे, तुम भी रूम में आ जाना कपड़े बदलकर!मनोज ने रूम में पहुंचकर दीपा पर चुम्बनों की बरसात कर दी.

जैसा कि आपको पता है कि मैं राजस्थान से हूँ और आप मेरे से वाकिफ हैं तो ज्यादा टाईम न लेते हुए आपको अपनी कहानी बताने की कोशिश कर रही हूं और सोचती हूँ कि आपको मेरी ये कहानी भी पसंद आएगी.

हाय पिताजी, अब तो ये चूत और पेंटी दोनों आपकी हैं, जब मन करे ले लीजिए. अब मुझे समझ में आ गया था कि इसको आगे से चुदाई करवाने की बजाय पीछे से गांड को चुदवाना पसंद है. ऊपर से बियर का नशा था जो उनको किसी तरह की शर्म महसूस करने से रोक रहा था.

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मन तो किसी चीज में लग नहीं रहा था, बस आज दिनभर की घटना सोच-सोच कर चूत परेशान किए जा रही थी. पूजा बेचारी कामवासना की मारी उसकी बातें ऐसी मान रही थी कि अभी अमित उसे चार लन्ड भी लेने को बोलता तो ले लेती!ऊपर आते ही पूजा ने जोर जोर से कूदना चालू कर दिया मेरा लन्ड उसके झटको से और कड़क होता जा रहा था. तो वो बोली- बना तो लूं … मगर अगर मेरे घर पता चल गया तो परेशानी हो जाएगी।फिर वो बोली- मुझे मोहित जैसा लड़का चाहिए जो बुर की ऐसी चुदाई करे कि बुर में दर्द हो जाये.

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सोनिया- आज तक इतना अच्छा ऑर्गेज्म मुझे कभी नहीं हुआ जानू … कभी इतना मजा नहीं आया, जितना आज झड़ने में मजा आया. उसने तो एक बार हंस कर कह भी दिया- मैं तो रात भर तुम्हारा इंतज़ार करती रही. मेरी बात सुन कर तो वो चौंक गयी कि अभी तक मुझे इन सबके बारे में कैसे नहीं पता था?मैंने इकरा से पूछा- तू भी करती है क्या?तो वो बोली- यार, मुझे तो बिना बुर में उंगली करे नींद ही नहीं आती.

अब दो मिनट का विराम देकर वो मेरी कमर को फिर से अपनी चूत की तरफ खींचने लगी. ”ओह… फिर?”उन्होंने डॉक्टर से पूछकर मुझे पीने के दवाई और टेबलेट्स लाकर दी हैं.

धीरे धीरे मैं भी मस्त होने लगी, बोलने लगी- अअअह आअह …सशसस बहुत मजा आ रहा है सर!सर ने मेरे निप्पलपकड़ के उमेठने शुरू कर दिए.

इन्तजार कीजिये जिस्म की आग की कहानी के अगले भाग का![emailprotected]. वैसे तो मैं हमेशा से ही गांड मरवाना चाहती थी, पर कभी मौका नहीं मिला था. मैंने ससुर को इशारे से दूसरे रूम में बुलाया और हम दोनों ने एक एक ड्रिंक लिया.

लंड के अन्दर जाते ही वो हल्की हल्की आवाजों में चीखने चिल्लाने लगी- आ आआ आ आहहह … राज भर दो मुझे … मिटा दो मेरी प्यास … बरसों तड़पी है ये मेरी चुत … शांत कर दो इसे!वो उचकती रही और मेरे लंड को अपनी चुत में लेती रही. मैंने उसके लम्बे लंड को पकड़ कर अपनी तरफ खींचा, तो उसने अपना लंड मेरी तरफ कर दिया. साथ में एक कुंवारी लड़की की मसाज व उसकी सीलपैक चुत कैसे चोदी … इसको भी लिखूँगा.

मैंने कहा- तो अपनी दीदी को दिखाएगी नहीं क्या अपनी चूत?वो बोली- तुमने गर्म ही इतनी कर दी है कि वो खुद तुम्हारे सामने आ चाह रही है.

2003 का बीएफ: अब प्रिन्स ने खुल के नीता की हिप्स कमर और कंधों की मसाज करना चालू की. रोहित हांफने लगा और संजू की आंखों में देख कर आंखों से ही बोला कि इसे पी जाइए.

उसने जॉली के गले में हाथ डाल दिया और कहा- जनाब अब क्या आप अपने लंड के साथ साथ मेरी चूत को भी इसी तरह शांत होने का मौका देंगे?इसी के साथ उसने जॉली का हाथ अपने सुलगती चूत पर रख लिया. तब साकेत भैया ने अपने पैर फैला कर बीच में दीदी को बिठा लिया और दीदी का सर को पकड़ कर अपने लंड के तरफ झुकाया. यह कहानी असली है क्योंकि मैं भाभी को बहुत समय से जानती हूं और यह कहानी उनकी ही कहानी है.

मैंने कुछ देर तक उसके लंड को सहलाया और फिर अपने हाथ को चुपके से सूंघ कर देखा.

उसके बाद मुझे ध्यान आया कि आशीष ने कई बार विजय के बारे में बताया था. अगर वह होश में रही तो उसको पति की मौत की खबर शायद बर्दाश्त नहीं हो पायेगी. मैं सर की पूरी प्लानिंग समझ रही थी और मैं अंदर से बहुत खुश थी कि आज मुझे नया लंड मिल ही जाए शायद!फिर भी मैं दिखावा करती हुई बोली- सर आप ये मुझे कहाँ ले जा रहे हैं? ये कॉलेज का रास्ता नहीं है.